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मोहम्मद शमी को हर महीने को बीवी देने होंगे ₹50000, कोर्ट का आदेश: बेटी के लिए ₹3 लाख और आपने लिए ₹7 लाख माँग रही थी हसीन जहाँ

क्रिकेटर मोहम्मद शमी और उनकी बीवी हसीन जहाँ के बीच चल रही कानूनी लड़ाई में हसीन जहाँ की बड़ी जीत हुई है। कोलकाता की अलीपुर जिला अदालत ने मोहम्मद शमी को आदेश दिया है कि वो हर महीने अपनी बीवी हसीन जहाँ को 50 हजार रुपए गुजारा भत्ता के तौर पर दें। यह पैसा हर महीने की 10 तारीख को देना होगा। अदालत ने सोमवार (23 जनवरी 2023) को अपने निर्णय में यह भी कहा कि शमी पर यह आदेश मार्च 2018 से लागू होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह निर्णय न्यायाधीश आनन्दिता गांगुली की कोर्ट ने सुनाया है। कोर्ट के मुताबिक, मोहम्मद शमी को भविष्य में हसीन जहाँ को उनके गुजारे के लिए हर महीने की 10 तारीख तक 50 हजार रुपए अदा करने होंगे। इसके साथ शमी को मार्च 2018 के बाद से अब तक के बकाए का भी भुगतान हसीन जहाँ को 50 हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब करना होगा। तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी फिलहाल भारतीय क्रिकेट टीम के साथ न्यूजीलैंड के दौरे पर हैं।

बताया जा रहा है कि इस राशि से हसीन जहाँ संतुष्ट नहीं हैं। साल 2018 में उन्होंने शमी से रिश्ते खराब होने के बाद 10 लाख रुपए प्रतिमाह की याचिका कोर्ट में दाखिल की थी। याचिका में हसीन जहाँ ने बेटी के लिए प्रतिमाह 3 लाख और अपने निजी कामों के लिए 7 लाख रुपए मासिक का ख़र्च बताया था। माना जा रहा है कि जिला अदालत के इस आदेश को हसीन जहाँ हाईकोर्ट में चुनौती दे सकती हैं। अदालत पहले ही हसीन जहाँ की बेटी के लिए शमी को 80 हजार रुपए प्रतिमाह देने का आदेश दे चुकी है।

गौरतलब है कि साल 2018 में मोहम्मद शमी की बीवी हसीन जहाँ खुल कर मीडिया के सामने आ गई थीं। तब उन्होंने शमी पर न सिर्फ अपनी प्रताड़ना बल्कि मैच फिक्सिंग का भी आरोप लगाया था। हालाँकि आरोपों पर सफाई देते हुए शमी ने कहा था कि उन्हें नहीं पता कि उनकी बीवी को कौन भड़का रहा है। मैच फिक्सिंग के आरोपों पर शमी ने कहा था कि वो देश से गद्दारी के बजाय मरना पसंद करेंगे। बाद में शमी और हसीन जहाँ अलग-अलग हो गए थे।

कुरान के बाद अब स्वीडन का झंडा जला: तुर्की, यमन, इराक में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन, स्वीडिश ब्रांडो के बहिष्कार का आह्वान

स्वीडन में कथित तौर पर कुरान की एक प्रति जलाए जाने के विरोध में यमन, इराक, जॉर्डन और तुर्की सहित कई मिडिल ईस्ट देशों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की खबर है। तुर्की और यमन में स्वीडिश दूतावास के बाहर प्रदर्शनकारियों ने स्वीडन के राष्ट्रीय ध्वज को जलाया और कुरान जलाने की घटना की कड़ी निंदा की।

यमन और तुर्की की सड़कों पर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए और स्वीडन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने सभी स्वीडिश ब्रांडों जैसे कपड़ों के ब्रांड H&M, फर्नीचर ब्रांड IKEA, Skype, Volvo, Ericsson, Nordea और अन्य का बहिष्कार करने का भी आह्वान किया है। सोशल मीडिया पर विरोध-प्रदर्शन के कई वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं। इसमें प्रदर्शनकारियों को स्वीडन के खिलाफ नारेबाजी करते और स्वीडिश ब्रांडों के बहिष्कार की माँग करते हुए देखा जा सकता है।

इसके साथ ही कुछ वीडियो में लोगों को स्वीडिश राष्ट्रीय ध्वज को जलाते हुए देखा जा सकता है। ट्विटर पर जावेरिया शेख ने विरोध का वीडियो साझा करते हुए कहा है, “अल्लाह उनको खत्म कर दे, क्योंकि कुरान को जला दिया गया है, इसलिए उन्हें इस दुनिया में रहने का हक नहीं है आमीन।”

उल्लेखनीय है कि NATO में स्वीडन को शामिल करने के बीच तुर्की बाधा बना हुआ है। इस बीच दोनों देशों के रिश्ते में कुरान जलाने की घटना के बाद से और कड़वाहट आ गई है। 21 जनवरी 2023 को स्टॉहोम में तुर्की के दूतावास के सामने स्वीडन की धुर दक्षिणपंथी पार्टी ‘हार्ड लाइन’ के नेता रासमस पलुदान (Hard Line Leader Rasmus Paludan) ने मुस्लिमों की दीनी किताब कुरान को सार्वजनिक तौर पर जलाया था। इतना ही नहीं, इस दौरान पलुदान ने इस्लाम और आव्रजन को लेकर एक घंटे तक भाषण भी दिया। लगभग 100 लोगों की भीड़ को संबोधित करते हुए पलुदान ने कहा था, “अगर आपको (मुस्लिमों को) लगता है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं होनी चाहिए तो आप रहने के लिए कोई और जगह देखिए।”

इसको लेकर तुर्की के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह घटना बार-बार चेतावनी देने के बाद हुई। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किए बयान में कहा गया है, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में मुस्लिमों को निशाना बनाने और पवित्र किताब का अपमान करने वाले इस इस्लाम विरोधी कृत्य की अनुमति देना अस्वीकार्य है।”

तुर्की के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किया बयान

इस घटना के बाद प्रदर्शनकारियों ने अगले दिन (22 जनवरी 2023) इस्तांबुल में स्वीडिश महा वाणिज्यदूतावास के सामने धुर दक्षिणपंथी पार्टी ‘हार्ड लाइन’ के नेता रासमस पलुदान (Hard Line Leader Rasmus Paludan) की तस्वीर जलाई। अंकारा और इस्तांबुल में विरोध कर रहे लोगों ने स्वीडन की निंदा की। प्रदर्शनकारियों के पास जो बैनर थे, उसमें लिखा गया था, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ की आड़ में ‘इस्लामोफोबिया’ का समर्थन किया गया। हम स्वीडन समर्थित इस्लामोफोबिया की निंदा करते हैं।”

प्रदर्शनकारी कुरान जलाने वाले पलुदान की तस्वीर जलाते हुए (फोटो साभार:HT)

गौरलतब है कि स्वीडन अमेरिका और पश्चिमी देशों के सैन्य संगठन NATO में शामिल होना चाहता है, लेकिन तुर्की बार-बार इसमें बाधा डाल देता है। NATO का नियम है कि इसमें कोई भी नया सदस्य तभी शामिल किया जा सकता है, जब उसमें सभी सदस्य देशों की सहमति हो।

‘हमें इसके बारे में पता नहीं’: BBC डॉक्यूमेंट्री पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पत्रकार की कर दी बोलती बंद, कहा – USA-भारत में गहरे संबंध

2002 में हुए गुजरात दंगो पर बनी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस (Ned Price) ने पाकिस्तानी पत्रकार की बोलती बंद कर दी। नेड प्राइस ने कहा कि उन्हें बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री के बारे में तो जानकारी नहीं है लेकिन अमेरिका और भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के ऐसे साझा मूल्यों के बारे में जानकारी है जो दोनों देशों के बीच संबंध को मजबूत बनाते हैं।

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक नेड प्राइस सोमवार (23 जनवरी, 2023) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार ने उनसे गुजरात दंगो पर आधारित बीबीसी की विवादित डॉक्यूमेंट्री पर सवाल पूछा। इस पर प्राइस ने जवाब दिया कि जिस डॉक्यूमेंट्री की बात आप कर रहे हैं मुझे उसके बारे में जानकारी नहीं है। प्राइस ने कहा कि कई ऐसे तत्व हैं जो भारत के साथ हमारे वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाते हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच अच्छे राजनीतिक और आर्थिक संबंध हैं। इसके अतिरिक्त अमेरिका और भारत के लोगों के बीच भी गहरे संबंध हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा और जीवंत लोकतांत्रिक देश है। भारत और अमेरिकी लोकतंत्र में कई समानताएँ हैं जो हमें एक साथ जोड़ती है। प्राइस ने कहा कि हम उन सभी तत्वों को और मजबूत बनाना चाहते हैं जो दोनों देशों को जोड़ता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए प्राइस ने इसे दो देशों के बीच का मामला करार दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका हमेशा से दक्षिण एशिया में स्थिरता चाहता है। बता दें कि पाकिस्तन के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Pakistan PM Shehbaz Sharif) ने ‘अल अरेबिया न्यूज’ चैनल को दिए इंटरव्यू में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था कि भारत के साथ तीन युद्ध लड़कर पाकिस्तान ने सबक सीख लिया है।

बता दें कि अमेरिका से पहले बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री पर ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक भी भारत का साथ दे चुके हैं। ब्रिटिश संसद में पाकिस्तान मूल के ब्रिटिश सांसद इमरान हुसैन ने गुजरात दंगो का मुद्दा उठाया था। इस पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा था कि इस डॉक्यूमेंट्री में अपने भारतीय समकक्ष के चरित्र चित्रण से वह सहमत नहीं हैं।

क्या इस साल इंटरनेशनल क्रिकेट के ‘सिक्सर किंग’ बन जाएँगे रोहित शर्मा, जानिए वे 3 मुकाम जो भारतीय कप्तान कर सकते हैं हासिल

टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा विश्व क्रिकेट के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं। कुछ समय पहले वह फॉर्म से जूझ रहे थे। लेकिन, अब अच्छी लय में नजर आ रहे हैं। पहले श्रीलंका और अब न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी सीरीज में उन्होंने अपने क्लास का प्रदर्शन किया है।

चूँकि, वह टीम इंडिया के तीनों फॉर्मेट के कप्तान हैं। साथ ही इस साल एकदिवसीय विश्व कप भी होना है। ऐसे में साल 2023 उनके लिए कई मायनों में खास रहने वाला है। ऐसे रिकॉर्ड्स पर एक नजर डालते हैं जिन्हें रोहित शर्मा 2023 में ही तोड़ सकते हैं।

1.) टी20 क्रिकेट में सबसे अधिक रन

टी20 क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम पर है। उन्होंने T20 क्रिकेट में 4008 रन बनाए हैं। चूँकि, रोहित शर्मा पहले भी टी20 क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रह चुके हैं। ऐसे में उनके फैंस यह उम्मीद कर रहे होंगे कि रोहित एक बार फिर यह रिकॉर्ड अपने नाम करेंगे।

टी20 क्रिकेट में रोहित शर्मा अब तक 3853 रन बना चुके हैं। यानी वह विराट कोहली के इस रिकॉर्ड से महज 155 रन दूर हैं। ऐसे में, यह कहना गलत नहीं होगा कि रोहित शर्मा विराट के इस रिकॉर्ड को एक-दो पारियों में तोड़ सकते हैं। हालाँकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में रोहित और विराट दोनों को ही आराम दिया गया है। इसलिए, यह बैटल देखने के लिए क्रिकेट फैंस को थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है।

2.) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक छक्के

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट यानी T20, वनडे और टेस्ट के रिकॉर्ड को देखें तो सबसे अधिक छक्के मारने का रिकॉर्ड कैरिबियाई दिग्गज क्रिस गेल के नाम है। गेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 553 छक्के लगाए हैं। वे अब संन्यास ले चुके हैं। इसलिए, यह रिकॉर्ड इसी आँकड़े पर रुका हुआ है।

हालाँकि, रोहित शर्मा की नजरें निश्चित तौर पर इस रिकॉर्ड पर होंगीं। फिलहाल, रोहित शर्मा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 513 छक्के जुड़ चुके हैं। यानी वह गेल के रिकॉर्ड से 41 छक्के दूर हैं। यह रिकॉर्ड तोड़ना कठिन हो सकता है। लेकिन, रोहित को इस साल अभी पूरा क्रिकेट खेलना बाकी है। ऐसे में, तीनों फॉर्मेट में छक्कों की बरसात कर वह खुद को अगला ‘सिक्सर किंग’ साबित कर सकते हैं।

3.) बतौर कप्तान वनडे का सबसे बड़ा स्कोर

टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज ईशान किशन और शुभमन गिल ने हाल ही में शानदार दोहरे शतक जड़े हैं। चूँकि, रोहित शर्मा एक बार फिर फॉर्म में आ चुके हैं। इसलिए, उनसे दोहरे शतक की उम्मीद की जा रही है। यह हर कोई जानता है कि वनडे क्रिकेट में सबसे अधिक दोहरे शतक और व्यक्तिगत स्कोर बनाने का रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम है। उन्होंने साल 2014 में श्रीलंका के खिलाफ 264 रनों की पारी खेली थी।

हालाँकि, वनडे क्रिकेट के किसी मैच में बतौर कप्तान वनडे क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड वीरेंद्र सहवाग के नाम है। सहवाग ने कप्तान के रूप में 219 रन बनाए थे। चूँकि, रोहित शर्मा के बल्ले से आखिरी दोहरा शतक साल 2017 में निकला था। इसलिए अब, फैंस उनके एक और दोहरे शतक का इंतजार कर रहे हैं। देखना होगा कि क्या साल 2023 में ही रोहित शर्मा ये रिकॉर्ड तोड़ पाते हैं या नहीं।

‘कुछ लोगों के लिए आज भी गोरे ही मालिक’: बोले केंद्रीय कानून मंत्री – इन लोगों के लिए सुप्रीम कोर्ट और भारत की जनता से भी ऊपर है BBC

केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने मंगलवार (24 जनवरी, 2023) BBC की डॉक्यूमेंट्री ‘इंडिया- द मोदी क्वेश्चन (India- The Modi Question)’ को सपोर्ट करने वालों पर निशाना साधा है। इस डॉक्यूमेंट्री में गुजरात दंगों का सारा दोष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) पर मढ़ने की कोशिश की गई है। रिजिजू ने कहा है कि कुछ लोगों के लिए आज भी गोरे शासक ही उनके मालिक हैं।   

उन्होंने ट्वीट कर कहा, “कुछ लोगों के लिए गोरे शासक आज भी उनके मालिक हैं जिनका भारत को लेकर लिया गया फैसला अंतिम है। न कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय का फैसला या भारत के लोगों की इच्छा।” केंद्रीय मंत्री ने यह ट्वीट देश के अल्पसंख्यक समुदाय के बारे में किए गए अपने पहले ट्वीट को टैग करते हुए किया है। तब उन्होंने एक अखबार के ऑपेनियन को शेयर करते हुए कहा था, “अल्पसंख्यक, या यूँ कहें कि भारत में हर समुदाय सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रहा है। भारत के अंदर या बाहर चलाए गए दुर्भावनापूर्ण अभियानों से भारत की छवि खराब नहीं हो सकती है। नरेंद्र मोदी जी की आवाज 140 करोड़ भारतीयों की आवाज है।”

वहीं इससे पहले 22 जनवरी 2023 को किए गए ट्वीट में उन्होंने कहा था, “भारत में कुछ लोग अभी भी औपनिवेशिक नशा से दूर नहीं हुए हैं। वे लोग बीबीसी को भारत का उच्चतम न्यायालय से ऊपर मानते हैं और अपने आकाओं को खुश करने के लिए  देश की गरिमा और छवि को किसी भी हद तक गिरा देते हैं।”

उल्लेखनीय है कि डाक्यूमेंट्री में BBC ने दंगों का दोष वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर डालने की कोशिश की है और गोधरा कांड के बारे में झूठ फैलाया है। यही नहीं, उनकी छवि इस्लाम विरोधी भी दिखाने की कोशिश की है। दो पार्ट में बनाई गई BBC की इस सीरीज में प्रधानमंत्री मोदी और भारत के मुस्लिमों के बीच तनाव की बात कही गई है। बीबीसी ने मोदी सरकार के देश के मुस्लिमों के प्रति रवैये, कथित विवादित नीतियाँ, कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने और नागरिकता कानून को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

हालाँकि BBC की डॉक्यूमेंट्री को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार के आदेश के बाद ट्विटर और YouTube से डॉक्यूमेंट्री से संबंधित लिंक हटाए गए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूट्यूब वीडियो के लिंक वाले 50 से ज्यादा ट्वीट्स को ब्लॉक किया गया है। आईटी नियम, 2021 के तहत इमरजेंसी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए सरकार ने यह कार्रवाई की है। विदेश मंत्रालय भी इसे भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने की कोशिश करार दे चुका है।

आपको बता दें कि जिस ब्रिटेन में BBC का मुख्यालय है, वहाँ के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक (Rishi Sunak) ने ब्रिटिश संसद में स्पष्ट रूप से कहा है कि वह इस डॉक्यूमेंट्री में अपने भारतीय समकक्ष के चरित्र चित्रण से वह सहमत नहीं हैं। इसके अलावा देश के भी कई तबकों ने भी BBC की इस प्रोपेगंडा डॉक्यूमेंट्री का विराेध किया है और पीएम मोदी के प्रति समर्थन समर्थन जताया है।

हालाँकि, देश में कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें इस डॉक्यूमेंट्री पर सरकार की सख्ती रास नहीं आई है। TMC की सांसद महुआ मोइत्रा ने इसपर आपत्ति जताई थी। उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है कि भारत में कोई भी बीबीसी का शो न देख सके। शर्म की बात है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के सम्राट और दरबारी इतने असुरक्षित हैं। वहीं जदयू के केसी त्यागी ने भी इस मामले में देश-विरोधी ताकतों का साथ दिया था।

अँधेरा इतना घना दुनिया के नक्शे से ‘गायब’ हो गया पाकिस्तान… भारत में भी बिजली संकट: महिला पत्रकार ने दिखाया फोटो, ​जानिए सच

गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में सरकार ने बिजली कारखानों की ईंधन आपूर्ति में कमी कर दी है। इसके कारण सोमवार (23 जनवरी 2023) को पाकिस्तान के ज्यादातर हिस्सों में बिजली गुल रही। पूरे देश में ब्लैक आउट जैसी स्थिति रही। करीब 22 करोड़ लोग इस संकट से प्रभावित हुए।

बिजली संकट के बीच ब्रिटिश-पाकिस्तानी पत्रकार गुल बुखारी का एक ट्वीट सोशल मीडिया में वायरल हो गया। एक तस्वीर शेयर करते हुए उन्होंने दावा कि बिजली संकट के कारण पाकिस्तान दुनिया के नक्शे से ‘गायब’ दिख रहा। हालाँकि उनका ‘खेल’ यूजर्स को जल्द ही समझ में आ गया। कई ने इसे फोटोशॉप करार दिया।

पाकिस्तान की ट्विटर यूजर नमिरा ने व्यंग्य करते हुए कहा, “लानत है कि हमने अपने साथ भारत का एक हिस्सा और महासागर के कुछ हिस्से को भी मिटा दिया।”

पाकिस्तान के पत्रकार सैयद साजिद हसन ने गर्व से कहा कि देश ठीक है और ब्लैक आउट सिर्फ ईंधन बचाने के लिए है। उन्होंने कहा, “आप जो सोचे लेकिन हम दुरुस्त हैं। पाकिस्तान की हालत ​ठीक है और ईंधन बचाने के लिए ब्लैक आउट हो रहा है। हम समाधान की तलाश कर रहे हैं। ज्यादा रोमांचित न हो।”

वहीं, वर्णिका राजा चौहान ने कहा, “मैं इस बात की पुष्टि कर सकती हूँ कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में बिजली है। यह एक एडिट की हुई फोटो है।”

ऑपइंडिया ने पाया कि पत्रकार गुल बखारी ने पाकिस्तान के नक्शे से ‘गायब’ होने का दावा करते हुए जो फोटो शेयर की उसमें भारत के भी करीब 1/6 हिस्से और अरब सागर में ‘ब्लैक आउट’ दिख रहा है। जबकि भारत में ऐसा कोई संकट नहीं था। स्पष्ट तौर पर समझा जा सकता है कि एडिटेड फोटो महिला पत्रकार ने शेयर की थी। इसे देखकर ऐसा भी लग रहा है कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के ज्ञान के बिना किसी ने पाकिस्तान पर काला पेंट करने के लिए विंडोज पेंट ब्रश टूल का इस्तेमाल किया है। फोटोशॉप का उपयोग करते हुए, जब हमने फोटो की लेयर को चेंज किया तो यह साफ हो गया था कि किस हिस्से पर पेंट किया गया है।

इसके बाद, हमने इस फोटो को रिवर्स इमेज पर सर्च किया। जहाँ, हमने पाया कि यह फोटो विकिपीडिया से लेने के बाद एडिट की गई थी।

पाकिस्तान में रात के समय बिजली की स्थिति को देखने के लिए ऑपइंडिया ने लाइव सैटेलाइट फोटो भी देखी। इसकी पुरानी फोटो से तुलना की। हमने पाया कि पाकिस्तान में रात में बिजली गुल थी। सोमवार (23 जनवरी 2023) की रात 10:30 बजे, पाकिस्तान के अधिकांश हिस्सों में अँधेरा था। यह पाकिस्तान तक ही सीमित था। लेकिन एडिट करने वाले ने भारत के कुछ हिस्सों में भी बिजली गुल कर दी थी।

सोर्स: Zoom.Earth

हमने कुछ और दिन पुराना डेटा चेक करने की कोशिश की। जहाँ हमने पाया कि रविवार (22 जनवरी 2023) की रात 10:30 बजे पाकिस्तान के अधिकांश हिस्सों में अँधेरा था।

सोर्स: Zoom.Earth

यही हालत शनिवार (21 जनवरी) की रात 10:30 बजे की भी थी। शनिवार को भी पाकिस्तान के अधिकांश हिस्सों में अँधेरा था।

20 जनवरी की रात को भी 10:30 बजे पाकिस्तान के अधिकांश हिस्सों में अँधेरा था।

सोर्स: Zoom.Earth

साफ़ है कि गुल बुखारी ने जो फोटो शेयर की, वह एडिट की हुई थी। फैक्टचेक के दौरान हमने पाया कि ज्यादातर समय पाकिस्तान में रात को अँधेरा ही रहता है। इसका कारण पाकिस्तान का आर्थिक संकट है। इससे वहाँ बिजली कटौती की जा रही है।

‘नोरा फतेही ने मोरक्को में घर खरीदने के लिए मुझसे लिए रुपए, वो जैकलीन और मेरे रिश्ते से जलती हैं’: महाठग का खुलासा – सारे स्क्रीनशॉट्स मेरे पास हैं

ठगी के आरोप में जेल काट रहे सुकेश चंद्रशेखर ने नया खुलासा किया है। सुकेश ने आरोप लगाया है कि बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही ने मोरक्को में घर खरीदने के लिए उनसे बड़ी रकम ली थी। उन्होंने कहा कि इस घर में नोरा अपने परिवार के साथ रहना चाहती थी। सुकेश ने खुद पर लगाए गए नोरा के खुद पर अदालत में लगाए गए आरोपों को भी बेबुनियाद बताते हुए उसे जैकलीन फर्नांडिस से जलन रखने वाली बताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोरा फतेही ने कोर्ट में बयान देते हुए कहा है कि सुकेश ने उन्हें एक लक्जरी घर और बेहतरीन लाइफस्टाइल देने का वादा किया था। इसी बयान में नोरा ने यह भी कहा था कि उन्हें कार की जरूरत नहीं थी। नोरा के इस आरोप को सुकेश ने सिरे से नकारते हुए बताया कि भले ही आज नोरा मुझे घर का वादा करने वाला बता रहीं हों लेकिन वो काफी पहले ही मुझ से एक बड़ी रकम मोरक्को में घर खरीदने के नाम पर ले चुकी हैं। मुकेश के अनुसार, नोरा द्वारा यह घर मोरक्को के कैसाब्लांका में लेने का प्लान था।

वहीं नोरा द्वारा अपने लिए कार की जरूरत न होने के बयान को भी सुकेश ने कोरा झूठ करार दिया है। सुकेश का दावा है कि नोरा फ़तेही एक महँगी कार खरीदने के लिए उनकी जान के पीछे पड़ी थी, क्योंकि मर्सिडीज बेंज की CLA कार नोरा को अपने लिए काफी सस्ती लग रही थी। सुकेश के मुताबिक, वो नोरा को रेज रोवर कार देना चाहते थे लेकिन वो स्टॉक में नहीं थी। अपने दावों की पुष्टि के लिए सुकेश ने इन तमाम बातचीत के स्क्रीनशॉट मौजूद होने की जानकारी दी।

नोरा द्वारा जैकलीन के खिलाफ लगाए गए तमाम आरोपों पर सुकेश का कहना है कि वह ऐसा जलन के चलते कर रही है। जलन की वजह सुकेश ने जैकलीन के साथ अपने गंभीर रिश्तों को बताया है। नोरा और जैकलीन में पहले ही कानूनी लड़ाई चल रही है। नोरा ने जैकलीन पर मानहानि का केस भी दर्ज कर रखा है। इस बीच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने सुकेश के खिलाफ तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है। चार्जशीट में बताया गया है कि सुकेश ने जेल को ही ठगी का ऑफिस बना डाला था। पुलिस ने चार्जशीट में बताया है कि जेल का सारा निजाम सुकेश के इशारे पर चलता था।

आर्थिक अपराध शाखा की चार्जशीट में इस बात का भी जिक्र है कि सुकेश ने पूरे 1 साल जेल में मोबाइल फोन चलाया था। यह मोबाइल आई फोन सीरीज के थे। अनुमान है कि सुकेश जेल में अपनी VIP सुविधाओं के लिए हर महीने लगभग 1 करोड़ रुपए खर्च करता था। दिल्ली पुलिस की यह चार्जशीट 134 पेज की है।

‘धीरेंद्र शास्त्री की तेरहवीं की तैयारी कर लेना’: इधर बागेश्वर धाम सरकार को जान से मारने की धमकी, उधर नागपुर वाले श्याम मानव की सुरक्षा बढ़ी

मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों चर्चा में है। उनको जान से मारने की धमकी दी गई है। धमकी उनके चचेरे भाई लोकेश के मोबाइल पर रविवार (22 जनवरी 2023) की रात कॉल कर दी गई है। धमकी देने वाले ने अपना नामा अमर सिंह बताते हुए धीरेंद्र शस्त्री की तेरहवीं की तैयारी करने को कहा। लोकेश की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

मध्य प्रदेश स्थित छत्तरपुर के एसपी सचिन शर्मा ने कहा है कि संदिग्ध का नाम अमर सिंह है। सिम धारक की जाँच की जा रही है। पुलिस ने IPC की धारा 506 और 507 लगाई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह व्यक्ति अपनी समस्या से ग्रस्त है और महाराज जी मिलना चाहता है। पुलिस ने ये भी कहा कि इस व्यक्ति की लंबे समय से बात नहीं हो पा रही है इस कारण इसने ऐसा काम किया है।

यह मामला छतरपुर के थाना बमीठा क्षेत्र का है। धीरेंद्र शास्त्री के चचेरे भाई लोकेश ने तहरीर दे कर बताया है कि उनके मोबाइल नंबर पर रविवार को एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। जब उन्होंने फोन उठाया तो कॉल करने वाले ने धीरेंद्र से बात करवाने को कहा। जब लोकेश ने पूछा कि वह किस धीरेंद्र की बात कर रहा है तो कॉलर ने बागेश्वर धाम के महंत का नाम लिया। जवाब में लोकेश ने बात करवाने में असमर्थता जताई।

लोकेश के अनुसार यह सुनने के बाद कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को अमर सिंह बताते हुए कहा कि धीरेंद्र की तेरहवीं की तैयारी कर लेना। इसके बाद उसने फोन काट दिया। लोकेश ने पुलिस को दी गई तहरीर में कॉलर का नंबर बताते हुए उस पर अनर्गल बातें करने का आरोप लगाते हुए वैधानिक कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने इस तहरीर पर 23 जनवरी 2023 को अज्ञात व्यक्ति अमर सिंह के खिलाफ IPC की धारा 504 और 507 के तहत FIR दर्ज कर ली है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

जब ऑपइंडिया ने कॉल करने वाले आरोपित के नंबर पर कॉल किया तब वह बंद आया। ट्रू कॉलर पर यह नंबर मुंबई का और ‘बच्चा’ नाम से दिख रहा है। इसे 31 लोगों ने स्पैम भी कर रखा है। गौरतलब है कि कुछ समय पहले महाराष्ट्र के नागपुर में ‘अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति’ के राष्ट्रीय संयोजक श्याम मानव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया था। इस पूरे विवाद पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मीडिया के सामने कहा था कि उनकी प्रेरणा से लोग सनातन धर्म में वापसी कर रहे हैं, जिसकी वजह से उनके विरुद्ध साजिशें रची जा रहीं हैं।

श्याम मानव की बढ़ी सुरक्षा

उधर धीरेन्द्र शास्त्री पर केस दर्ज करवाने वाले श्याम मानव की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। श्याम मानव की सुरक्षा में पहले महाराष्ट्र प्रोटेक्शन यूनिट के 2 सशस्त्र जवान तैनात रहा करते थे .लेकिन अब उनकी सुरक्षा में 2 अन्य गनमैन और महाराष्ट्र के 3 अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। कुल मिला कर अब श्याम मानव 4 गनमैन और 3 अन्य पुलिसकर्मियों की सुरक्षा में रहेंगे। हाल ही में नागपुर में सुरेश भट सभागृह में श्याम मानव के कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने हंगामा किया था। इसके अलावा उन्हें जान से मारने की भी धमकी मिलने की भी खबर है।

बैन होने के बाद भी हैदराबाद यूनिवर्सिटी में BBC डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग, इस्लामी छात्र संगठनों का हाथ: JNU ने रद्द करने का दिया था आदेश

बीबीसी की प्रोपेगेंडा डॉक्यूमेंट्री को केंद्र सरकार बैन कर चुकी है। बावजूद हैदराबाद यूनिवर्सिटी (University of Hyderabad) में इसकी स्क्रीनिंग की गई है। इसके पीछे इस्लामिक छात्र संगठनों का हाथ बताया जा रहा है। जेएनयू में भी इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की प्लानिंग की गई थी। लेकिन, विश्विद्यालय प्रबंधन ने इस पर रोक लगा दी थी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, हैदराबाद यूनिवर्सिटी में विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग स्टूडेंट इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन और मुस्लिम स्टूडेंट फेडरेशन ने की है। इस स्क्रीनिंग में दोनों इस्लामिक छात्र संगठनों के 50 से अधिक छात्र मौजूद रहे। इसको लेकर एबीवीपी के छात्र नेता महेश ने कहा है, “हमने इस मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन से शिकायत की है। स्क्रीनिंग का आयोजन करने वाले लोगों पर कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। दोनों संगठनों ने यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर बिना बिना अनुमति के स्क्रीनिंग की है।”

वहीं, पुलिस का कहना है, “हमें जानकारी मिली है कि कुछ छात्रों ने यूनिवर्सिटी कैंपस में डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की है। अब तक लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर मामले की जाँच की जाएगी।” गौरतलब है कि दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में भी मंगलवार (24 जनवरी 2023) को इस प्रोपेगेंडा डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग की तैयारी की गई थी। लेकिन, इसकी जानकारी मिलने के बाद जेएनयू प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की। इस एडवाइजरी में कहा गया था कि इस तरह की गतिविधि से विश्वविद्यालय में शांति और सद्भाव भंग हो सकती है।

जेएनयू प्रबंधन ने कहा था, “विश्वविद्यालय प्रशासन के यह संज्ञान में आया है कि जेएनयूएसयू (JNUSU) के नाम पर छात्रों के एक समूह ने पैम्पलेट जारी किया है कि टेफ्लास के पास 24 जनवरी, 2023 को  ‘इंडिया- द मोदी क्वेश्चन’ डॉक्यूमेंट्री को रात 9 बजे दिखाई जाएगी। जेएनयू प्रशासन से इस संबंध में कोई भी अनुमति नहीं ली गई है। इस तरह की गतिविधि से विश्वविद्यालय में शांति और सद्भाव भंग हो सकती है। इसलिए संबंधित छात्रों या इससे जुड़े व्यक्ति को यह सलाह दिया जाता है कि प्रस्तावित कार्यक्रम को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दें। ऐसा न करने पर विश्वविद्यालय के नियम के हिसाब से सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

दरअसल, इस डॉक्यूमेंट्री में BBC ने दंगों का दोष वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर डालने की कोशिश की है। यही नहीं, उनकी छवि इस्लाम विरोधी भी दिखाने की कोशिश की है। दो पार्ट में बनाई गई BBC की इस सीरीज में प्रधानमंत्री मोदी और भारत के मुस्लिमों के बीच तनाव की बात कही गई है। बीबीसी ने मोदी सरकार के देश के मुस्लिमों के प्रति रवैये, कथित विवादित नीतियाँ, कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने और नागरिकता कानून को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

BBC की डॉक्यूमेंट्री पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार के आदेश के बाद ट्विटर और यूट्यूब से डॉक्यूमेंट्री से संबंधित लिंक हटाए जा रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूट्यूब वीडियो के लिंक वाले 50 से ज्यादा ट्वीट्स को ब्लॉक किया गया है। आईटी नियम, 2021 के तहत इमरजेंसी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए सरकार ने यह कार्रवाई की है।

नाम- जितेंद्र पासवान, सगाई के बाद रखी शर्त- लड़की बने ईसाई, प्रार्थना में हो शामिल: इनकार करने पर रिश्ता तोड़ा, फतेहपुर में 5 पर FIR

उत्तर प्रदेश का फतेहपुर इन दिनों ईसाई धर्मांतरण की खबरों को लेकर चर्चा में है। ताजा मामले में एक दलित लड़की की शादी इसलिए टूट गई, क्योंकि उसने ईसाई बनने से इनकार कर दिया। लड़की के मंगेतर सहित 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपित का नाम जितेंद्र पासवान है। घटना शुक्रवार (20 जनवरी 2023) की है।

थाने में दी गई तहरीर के मुताबिक मामला हुसैनगंज थाना क्षेत्र के गाँव रहिमापुर का है। शिकायत पीड़ित लड़की के पिता राम नरेश ने दर्ज कराई है। रामनरेश ने बताया है कि वे सरकंडी गाँव के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी बेटी की शादी जितेंद्र पासवान से तय की थी। 25 फरवरी 2022 को सगाई हुई थी। इस​ दिन उन्होंने लड़के वालों को 51 हजार रुपए दिए थे। बाकी 1 लाख रुपए 29 जनवरी 2023 को देने की बात थी। इसी दिन जितेंद्र का तिलक होना था। लेकिन उससे पहले ही उसने शादी से इनकार कर दिया।

राम नरेश ने शिकायत में बताया है कि 20 जनवरी 2023 को जितेंद्र पासवान के पिता मैयादीन, माँ केशकली और मामा कामता ने शादी से मना कर दिया। आरोप है कि वे शादी के लिए लड़की के ईसाई धर्मांतरण की शर्त रख रहे थे। इससे इनकार करने पर रिश्ता तोड़ दिया। आरोपितों ने लड़की पक्ष से मिले पैसे भी वापस करने से इनकार कर दिया। गालियाँ और जान से मारने की धमकी देकर लड़की वालों को भगा दिया।

ऑपइंडिया के पास शिकायत की कॉपी मौजूद है। पुलिस ने इस मामले में जितेंद्र, कामता, मैयादीन, केशकली और जितेंद्र के एक मौसा को नामजद आरोपित बनाया है। सभी पर IPC की धारा 504, 506, 406 के साथ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धारा 3, 5 (1) के तहत FIR दर्ज कर ली है। थाना प्रभारी के राजेंद्र सिंह के मुताबिक मामले की जाँच की जा रही है।

ऑपइंडिया ने लड़की के चाचा चेतराम से बात की। चेतराम ने बताया कि जितेंद्र के घर वालों ने उनसे कहा कि शादी में पंडित नहीं आएँगे, क्योंकि वे लोग ईसाई हैं। लड़के के घर वालों ने यह भी बताया कि उनके घर हर शनिवार को प्रार्थना होती है जिसमें उनकी बेटी को भी शामिल होना पड़ेगा। साथ ही लड़की को बाहर भी प्रार्थना में साथ जाना होगा। चेतराम के अनुसार उनलोगों ने खुद को हिंदू बताते हुए इन शर्तों को मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद लड़के वालों ने शादी तोड़ दी लेकिन पैसे नहीं लौटाए।

गौरतलब है कि पिछले दिनों फतेहपुर से ईसाई बनने के लिए तरह-तरह के लालच दिए जाने का मामला सामने आया ​था। पीड़ित ने फतेहपुर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि ईसाई बनने पर 15 हजार रुपया देने का प्रलोभन दिया गया था। सुंदर लड़की से शादी का वादा किया गया। इतना ही नहीं दूसरे हिंदू को साथ लाने पर 20 हजार रुपए देने की भी बात कही गई थी।