Sunday, July 21, 2024
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‘यहाँ भाई-बहन की आपस में शादी नहीं होती’: बागेश्वर धाम के मंच पर सुल्ताना बेगम ने अपनाया हिन्दू धर्म, कहा – यहाँ औरतों की ज़िंदगी नहीं होती बर्बाद

इस संबंध में बागेश्वर धाम सरकार के फेसबुक पेज से भी पोस्ट किया गया है। पोस्ट के कैप्शन में लिख है, ''आज (21 जनवरी, 2023) दिव्य दरबार में बागेश्वर धाम सरकार के मंच पर मुस्लिम महिला ने हिन्दू धर्म स्वीकार किया।"

बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेन्द्र शास्त्री (Mahant Pandit Dhirendra Shastri) के मँच पर शुक्रवार (21 जनवरी 2023) को एक मुस्लिम महिला सुल्ताना बेगम (Sultana Begum) ने सनातन धर्म अपना लिया। धीरेन्द्र शास्त्री ने इनदिनों छत्तीसगढ़ में अपना दरबार लगाया हुआ है। वहीं पर सुल्ताना बेगम ने अपनी इच्छा से हिंदू धर्म अपना लिया। उल्लेखनीय है कि पंडित धीरेन्द्र शास्त्री पर कुछ लोग अंधविश्वास फैलाने के आरोप लग रहे थे।

इस संबंध में ‘रिपब्लिक टीवी’ ने एक ट्वीट किया है, जिसमे मुस्लिम महिला सनातन धर्म को स्वेच्छा से अपनाती हुई देखी जा सकती है। वीडियो में 26 सेकेंड के बाद पंडित धीरेन्द्र शास्त्री कहते हैं कि आज यह बहन ने अपनी इच्छा से बालेश्वर बालाजी का चमत्कार देखकर और सनातन हिंदू धर्म को सर्वोपरि मानकर हिंदू धर्म में आना चाह रही हैं। इसके बाद मुस्लिम महिला कहती हैं, “मेरा नाम सुल्ताना है। मैं छतीसगढ़ बिलासपुर से हूँ। मेरे पिता का नाम आमिर खान है और माता का नाम सरवरी बेगम है। मैं मूर्ति पूजा करती हूँ, इसलिए मेरे घर वालों ने मुझे त्याग दिया है। मुझे ये लोग कहते हैं कि मैं मुस्लिम के नाम पर कलंक हूँ। मरूँगी तो जहन्नुम जाऊँगी।”

महिला आगे कहती हैं, “मेरा मन बोलता है कि हिन्दू धर्म से अच्छा कोई धर्म हो ही नहीं सकता है। क्योंकि यह धर्म सभ्यता वाला धर्म है, संस्कारों वाला धर्म है। इसमें भाई-बहन में शादियाँ नहीं होती। इसमें औरतों की जिंदगी बर्बाद नहीं होती। इसमें तीन तलाक नहीं होता। इसमें एक बार शादी होती है सात फेरों की, जिसमें सिंदूर का महत्व होता है, मंगलसूत्र का महत्व होता है। पूरे सोलह श्रृंगार का महत्व होता है। मैं लड्डू गोपाल की भी पूजा करती हूँ।”

इस संबंध में बागेश्वर धाम सरकार के फेसबुक पेज से भी पोस्ट किया गया है। पोस्ट के कैप्शन में लिख है, “आज (21 जनवरी, 2023) दिव्य दरबार में बागेश्वर धाम सरकार के मंच पर मुस्लिम महिला ने हिन्दू धर्म स्वीकार किया।”

कुछ दिन पहले जब महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री महाराष्ट्र गए थे तो वहाँ कथा के समापन के बाद ‘महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति’ के राष्ट्रीय संयोजक श्याम मानव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया था। साथ ही, उन्होंने कहा था कि उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को चुनौती थी। इसलिए वे दो दिन पहले ही नागपुर से भाग गए। वहीं पूरे विवाद पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा था। उन्होंने कहा था कि उनकी प्रेरणा से लोग सनातन धर्म में वापसी कर रहे हैं।

इसलिए, मिशनरी के लोग करोड़ों खर्च कर उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। वहीं अब धीरे-धीरे महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को मिल रहा समर्थन बढ़ता जा रहा है। बाबा रामदेव भी अब उनके समर्थन में आगे आ गए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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