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‘उधर कंगाल हो रहा पाकिस्तान, इधर ‘पठान’ के गाने पर लड़कियों की तरह नाच रहे विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो’: वीडियो हुआ वायरल, लोग ले रहे मजे

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसके साथ दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी कमर थिरकाते दिख रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि वीडियो में बिलावल भुट्टो ‘लड़कियों की तरह’ एक महिला के साथ डांस कर रहे हैं। दोनों के डांस मूव्स किसी प्रोफेशनल डांसर की तरह लगते हैं और ऐसा लगता है कि एक-एक स्टेप पर उन्होंने काफी मेहनत की है। मजेदार बात यह है कि दोनों शाहरुख खान की फिल्म ‘पठान’ के विवादास्पद गाने ‘बेशर्म रंग’ पर डांस करते नजर आते हैं। 

वहीं एक सोशल मीडिया यूजर ने इस वीडियो को ट्वीट किया। उन्होंने वीडियो के कैप्शन में लिखा, ”बॉलीदाउद को इसपर एक फिल्म बनानी चाहिए और इसे ‘बिल्लू बलैया’ कहना चाहिए।” वह ट्वीट में बिलावल भुट्टो को हैशटैग भी करते हैं। 

वहीं एक यूजर कथित तौर पर ‘बिलावल भुट्टो’ के शानदार मुव्स और देश में आटे की तंगी को लेकर एक ट्वीट करता है। वह ट्वीट के कैप्शन में लिखता है, “पाकिस्तान में आज रात के आटे का इंतजाम हो गया।” इसके साथ ही वह बिलावल भुट्टो का नाम लिखकर हँसने वाली इमोजी भी बनाता है। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति इन दिनों काफी खराब है और वहाँ आटे की भारी कमी है। हाल ही में सोशल मीडिया पर आटे के लिए मारा-मारी करने का वीडियो वायरल हुआ था।

इस वीडियो को लेकर लोग जिस तरह के ट्वीट कर रहे हैं, उससे साफ़ लगता है कि लोग डांस करने वाले शख्स को बिलावल भुट्टो जरदारी समझ रहे हैं। हालाँकि, सच्चाई कुछ और है। वीडियो में डांस कर रहा शख्स बिलावल भुट्टो जरदारी नहीं है। हमने इस संबंध में पड़ताल की और जब वीडियो को बार-बार रोककर देखा तो पता चला या शख्स भले जरदारी की तरह दिखता है लेकिन यह जरदारी नहीं है। दरअसल डांस करने वाले व्यक्ति का नाम महरोज बेग है, जोकि एक पाकिस्तानी मॉडल व अभिनेता है।

वहीं फैक्ट चेक करने वाली वेबसाइट D-Intent Data ने ट्वीट कर बताया कि यह वीडियो बिलावल भुट्टो का नहीं है। वेबसाइट ने ट्वीट कर कहा, ”इस वीडियो का बिलावल भुट्टों से कोई कनेक्शन नहीं है। वीडियो में पाकिस्तानी मॉडल मेहरोज बेग डांस कर रहे हैं। उनके साथ डांस कर रही महिला का नाम इनाया खान है।

फैक्ट चेक करने पर हम इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी नहीं हैं।

‘यहाँ भाई-बहन की आपस में शादी नहीं होती’: बागेश्वर धाम के मंच पर सुल्ताना बेगम ने अपनाया हिन्दू धर्म, कहा – यहाँ औरतों की ज़िंदगी नहीं होती बर्बाद

बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेन्द्र शास्त्री (Mahant Pandit Dhirendra Shastri) के मँच पर शुक्रवार (21 जनवरी 2023) को एक मुस्लिम महिला सुल्ताना बेगम (Sultana Begum) ने सनातन धर्म अपना लिया। धीरेन्द्र शास्त्री ने इनदिनों छत्तीसगढ़ में अपना दरबार लगाया हुआ है। वहीं पर सुल्ताना बेगम ने अपनी इच्छा से हिंदू धर्म अपना लिया। उल्लेखनीय है कि पंडित धीरेन्द्र शास्त्री पर कुछ लोग अंधविश्वास फैलाने के आरोप लग रहे थे।

इस संबंध में ‘रिपब्लिक टीवी’ ने एक ट्वीट किया है, जिसमे मुस्लिम महिला सनातन धर्म को स्वेच्छा से अपनाती हुई देखी जा सकती है। वीडियो में 26 सेकेंड के बाद पंडित धीरेन्द्र शास्त्री कहते हैं कि आज यह बहन ने अपनी इच्छा से बालेश्वर बालाजी का चमत्कार देखकर और सनातन हिंदू धर्म को सर्वोपरि मानकर हिंदू धर्म में आना चाह रही हैं। इसके बाद मुस्लिम महिला कहती हैं, “मेरा नाम सुल्ताना है। मैं छतीसगढ़ बिलासपुर से हूँ। मेरे पिता का नाम आमिर खान है और माता का नाम सरवरी बेगम है। मैं मूर्ति पूजा करती हूँ, इसलिए मेरे घर वालों ने मुझे त्याग दिया है। मुझे ये लोग कहते हैं कि मैं मुस्लिम के नाम पर कलंक हूँ। मरूँगी तो जहन्नुम जाऊँगी।”

महिला आगे कहती हैं, “मेरा मन बोलता है कि हिन्दू धर्म से अच्छा कोई धर्म हो ही नहीं सकता है। क्योंकि यह धर्म सभ्यता वाला धर्म है, संस्कारों वाला धर्म है। इसमें भाई-बहन में शादियाँ नहीं होती। इसमें औरतों की जिंदगी बर्बाद नहीं होती। इसमें तीन तलाक नहीं होता। इसमें एक बार शादी होती है सात फेरों की, जिसमें सिंदूर का महत्व होता है, मंगलसूत्र का महत्व होता है। पूरे सोलह श्रृंगार का महत्व होता है। मैं लड्डू गोपाल की भी पूजा करती हूँ।”

इस संबंध में बागेश्वर धाम सरकार के फेसबुक पेज से भी पोस्ट किया गया है। पोस्ट के कैप्शन में लिख है, “आज (21 जनवरी, 2023) दिव्य दरबार में बागेश्वर धाम सरकार के मंच पर मुस्लिम महिला ने हिन्दू धर्म स्वीकार किया।”

कुछ दिन पहले जब महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री महाराष्ट्र गए थे तो वहाँ कथा के समापन के बाद ‘महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति’ के राष्ट्रीय संयोजक श्याम मानव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया था। साथ ही, उन्होंने कहा था कि उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को चुनौती थी। इसलिए वे दो दिन पहले ही नागपुर से भाग गए। वहीं पूरे विवाद पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा था। उन्होंने कहा था कि उनकी प्रेरणा से लोग सनातन धर्म में वापसी कर रहे हैं।

इसलिए, मिशनरी के लोग करोड़ों खर्च कर उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। वहीं अब धीरे-धीरे महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को मिल रहा समर्थन बढ़ता जा रहा है। बाबा रामदेव भी अब उनके समर्थन में आगे आ गए हैं।

विदेशी फंडिंग वाली इन संस्थाओं का विरोध कीजिए, वरना कल को बड़ों के पाँव छूना भी कहलाएगा ‘अंधविश्वास’: बागेश्वर धाम से इसीलिए भड़के हैं मिशनरी

प्रतिदिन सूर्योदय होना भी चमत्कार है। फिर सूर्य का अस्ताचलगामी हो जाना भी चमत्कार है। बुद्ध ग्रह पर 243 दिनों का तक सूर्य का अस्त न होना भी चमत्कार है और बृहस्पति पर 10 घंटे में ही दिन-रात का बीत जाना भी चमत्कार है। आप कहेंगे कि ये ग्रह तो स्पिन हो रहे हैं अपने ही अक्ष पर, तो मैं कहूँगा कि ये भी चमत्कार है। आप इसके पीछे ज्यादा से ज्यादा इनर्शिया, मोशन और ग्रेविटी समझा देंगे, मैं इसे भी चमत्कार बता दूँगा।

इसीलिए, समस्या ये नहीं है कि कोई चमत्कार करता है, बल्कि मुद्दा ये है कि आपकी नज़र में चमत्कार क्या है। एक अँधे को आँख आ जाने पर उसे जो दुनिया दिखाई देती है, वो चमत्कार ही चमत्कार है। हमने टीवी शोज में कई ऐसे मनोवैज्ञानिक देखे हैं, मन को पढ़ने वाले देखे हैं जो सामने वाले के भावों को तुरंत बता देते हैं। ये एक अध्ययन है, अभ्यास है, कला है। कभी शत-प्रतिशत सही भी हो सकता है तो कभी ऐसा भी हो सकता है कि कोई अनुमान ही न लग पाए।

ऐसे व्यक्ति को सारा सेटअप अपने हिसाब से चाहिए होता है, माहौल अनुकूल चाहिए होता है। जैसे Astrology विज्ञान है, वैसे ही मनोविज्ञान भी है। अगर कोई किसी के मन को पढ़ कर भगवान से उनके लिए प्रार्थना कर रहा है, अब ये चमत्कार है तो है। ये वही ‘महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति’ है, जिसने मदर टेरेसा की तारीफ़ की थी और कहा था कि वो अनाथों, बुजुर्गों और रोगियों की काफी मदद करती हैं। ये वही समिति है, जिसने जल में प्रतिमा विसर्जन के विरुद्ध अभियान चलाया था।

ये वही संस्था है, जिसे विदेश से फंडिंग प्राप्त होती है और इसे छिपाने के लिए उसे केंद्र सरकार से नोटिस भी जारी हुआ था। विदेश से इस संस्था को फंडिंग किसलिए आ रही है, सोचने वाली बात है। आज अगर हमने इनका विरोध नहीं किया तो कल को ऐसी संस्थाएँ बहुतायत में खड़ी हो जाएँगी और कहेंगी कि मंदिरों का अस्तित्व ही अंधविश्वास है और बड़ों के पाँव छूना भी अंधविश्वास है। आप उसके पीछे का विज्ञान साबित करते रह जाएँगे और ये एक कानून पारित करवा कर ऐसी चीजों को प्रतिबंधित भी करवा दें तो कोई आश्चर्य वाली बात नहीं है।

हाँ, पादरियों के सामने पागल बन कर नाच करना और दरगाहों पर चादर चढ़ाना इसकी श्रेणी में नहीं आएगा। असली समस्या ये है कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के गरीब व जनजातीय इलाकों में ईसाई मिशनरियों के प्रभाव को वहाँ के एकाध लोग कम कर रहे हैं। एक राजपरिवार से है, एक संत है। घर-वापसी के इन अभियानों ने उस खेमे की बेचैनी बढ़ा दी है, जिसे सबसे ज्यादा विदेशी फंडिंग प्राप्त होती है। उनके ‘चमत्कार’ से अवाक होकर जो लोग उधर जाते हैं, उन्हें इधर रोकने के लिए भी थोड़ा ‘चमत्कार’ आवश्यक है।

एक वर्ग के मन में ये भाव रहना चाहिए कि साधु-संतों के सामने ये पादरी कुछ भी नहीं हैं। जिस इलाके से पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री आते हैं और जैसे लोगों को उन्हें सनातन में रोक कर रखना है, ‘चमत्कार’ उनकी मजबूरी भी है और कलाकारी भी। अब समस्या तो यहाँ ये रह भी नहीं गई है कि वो जो करते हैं उसे चमत्कार कहा जाए या नहीं। समस्या ये है कि आप किसकी तरफ हैं – ईसाई मिशनरियों के या फिर बागेश्वर धाम सरकार के? एक 27 वर्ष का युवक इतना बड़ा कार्य कर रहा है तो उसका समर्थन तो बनता है।

कम से कम व्यास पीठ से अली मौला करने वालों और ‘दम-दम अली अली’ पर नाचने वालों से तो वो बेहतर है (हालाँकि, विरोध मैं ऐसे कथावाचकों या संतों का भी नहीं करता, क्योंकि अगर वो कुछ बहुत अच्छा वृहद् स्तर पर कर रहे हैं तो हल्का-फुल्का विरोध कर के इन चीजों को नज़रअंदाज़ किया जा सकता है)। अक्सर जो नास्तिक होते हैं वो ये चुनौती देते हैं कि ईश्वर का अस्तित्व साबित कर के दिखाओ। असली चुनौती उन्हें दी जानी चाहिए कि वो ईश्वर के अस्तित्व को नकारने का सबूत दें, साबित करें।

इससे पूरा मुद्दा ही बदल जाता है। ऐसे ही धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री पर आरोप लगाने वालों को उन्होंने भी चुनौती दी है कि ‘दरबार’ में आएँ और उन्हें गलत साबित करें। जो समर्थन कर रहे हैं उन्हें साबित करने की ज़रूरत ही नहीं है कि वो चमत्कार करते भी हैं नहीं। असल में चमत्कार कुछ नहीं है, ये तो अध्यात्म है या फिर विज्ञान। तुलसीदास के घर रामचरितमानस की चोरी करने गए लोगों को वहाँ तीर-धनुष लिए 2 लोग कुटिया की रक्षा करते दिखे थे।

इसी आसपास के जमाने में एक योगी ऐसे थे जो महीनों तक नदी में तैरते रहते थे। शंकराचार्य से लेकर महावतार बाबाजी तक, चमत्कार और रहस्य तो भरे परे हैं। पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की पीढ़ियाँ वहाँ पर सिद्धि करती आई हैं और छत्तरपुर की उस धरती पर हनुमानजी विराजमान हैं। वहाँ जाकर उनकी बातें सुनना, भगवान का दर्शन करना और पीठाधीश्वर द्वारा अपने लिए प्रार्थना करवाने में गलत कुछ भी नहीं है।ताज़ा घटनाक्रम से उनका फायदा ही हुआ है, न सिर्फ उनके भक्तों/समर्थकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि धाम पर पहुँचने वालों की तादाद में भी वृद्धि होगी।

जो उन्हें न मानते हों ये पोंगा-पंडित ही समझते हों, घर-वापसी के अभियान के लिए उनका समर्थन तो कर ही सकते हैं। जो ये भी नहीं कर सकते, वो बागेश्वर बालाजी के दर्शन तो कर ही सकते हैं। जिनकी हनुमानजी में भी आस्था नहीं, अब उनके बारे में क्या ही कहना! तुलसीदास ने भी कहा है – “कलयुग केवल नाम अधारा, सुमिर सुमिर नर उतरहिं पारा।” अर्थात, कलियुग में ईश्वर का नाम लेने भर से काम हो जाएगा, वेद-वेदाङ्ग का अध्ययन करने का समय न तो।

अगर बागेश्वर धाम के महंत के कहने पर कुछ लोग हनुमान और राम का नाम ही ले रहे हैं तो ये बहुत बड़ी बात है। जनजातीय और गरीब वर्ग को ये एहसास दिलाना है कि सनातन ही श्रेष्ठ है। एक तरफ पादरियों का ‘हल्लिलूय्याह’ है, एक तरफ बालाजी का नाम। एक तरफ भक्ति है, एक तरफ लालच। एक तरफ घर-वापसी है, एक तरफ धर्मांतरण। एक तरफ राष्ट्रभक्ति है, एक तरफ विदेशी फंडिंग। एक तरफ एक निर्दोष और सरल साधु है, एक तरफ चालबाज मिशनरी।

PM मोदी पर BBC की प्रोपेगंडा डॉक्यूमेंट्री को ब्लॉक करने का आदेश: ट्विटर और YouTube ने हटाया, गुजरात दंगों को लेकर जम कर फैलाया है झूठ

भारत सरकार ने YouTube को आदेश दिया है कि वो BBC की गुजरात दंगों पर बनी दोषपूर्ण डॉक्यूमेंट्री को ब्लॉक कर दे। यूट्यूब के साथ ट्विटर के उन लिंक को भी ब्लॉक करने को कहा गया है जिसमें इस डॉक्यूमेंट्री का लिंक शेयर किया गया है। यह निर्णय केंद्रीय गृह, विदेश और सूचना प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों ने सामूहिक तौर पर डॉक्यूमेंट्री की जाँच के बाद लिया है। जाँच में बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को राष्ट्र की सम्प्रभुता और अखंडता पर गलत असर डालने वाला पाया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत सरकार ने BBC द्वारा बनाई गई डॉक्यूमेंट्री की गहनता से जाँच की। जाँच के निष्कर्ष के तौर पर पाया गया कि डॉक्यूमेंट्री न सिर्फ देश के अंदर की सार्वजानिक व्यवस्था पर बुरा असर डालेगी, बल्कि इस से विदेश में भी कई देशों के साथ भारत के दोस्ताना रिश्तों पर बुरा असर पड़ सकता है। निष्कर्ष पर पहुँचने के बाद सूचना प्रसारण मंत्रालय ने IT अधिनियम 2021 के तहत YouTube और ट्विटर को आदेश जारी करते हुए इस डॉक्यूमेंट्री को हटाने का आदेश दिया। बताया जा रहा है कि आदेश का पालन भी ट्विटर और YouTube द्वारा किया गया है और डॉक्यूमेंट्री को हटा दिया गया है।

दरअसल ब्रिटिश ब्रॉडकॉस्टिंग कार्पोरेशन (BBC) ने अपनी विवादित डॉक्यूमेंट्री को 2 सीरीज के तौर पर बनाया था। इस सीरीज में साल 2002 के गुजरात दंगों को फिर से उभारते हुए वर्तमान प्रधानमंत्री और तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की नकारात्मक छवि पेश की गई थी। गुरुवार (19 जनवरी, 2023) को भारत सरकार द्वारा आधिकारिक तौर पर इस डॉक्यूमेंट्री की निंदा की गई और इसे एक प्रोपोगेंडा बताते हुए एक ख़ास मकसद बनाई गई डॉक्यूमेंट्री करार दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि इस डॉक्यूमेंट्री को बनाने वाले की सोच और मानसिकता साफ झलक रही है।

खास बात यह भी है कि BBC से यह डॉक्यूमेंट्री उपलब्ध न होने के बाद भी कई अन्य यूट्यूब चैनल से पब्लिश कर के देश विरोधी एजेंडा चलाने में जुट गए हैं। अब यूट्यूब और ट्विटर को स्पष्ट निर्देश दिए गए है कि वह BBC की इस डॉक्यूमेंट्री या उसके कंटेंट को प्रकाशित करने वाले हैंडलों को बैन करे।

‘जो आँखों से दिख रहा, वो तो बस 1% है’: स्वामी रामभद्राचार्य के मंच से बाबा रामदेव का पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री को समर्थन, कहा – सब जगह पाखंड मत देखो

बाबा रामदेव ने बागेश्वर धाम के महंत धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि कुछ पाखंडी लोग टूट के उनके पीछे पड़ गए हैं। ऐसे लोग पूछ रहे हैं कि ये भगवान की कृपा क्या होती है? बालाजी की कृपा क्या होती है?

दरअसल बाबा रामदेव धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के गुरु रामभद्राचार्य जी के पास पहुँचे थे और वहीं मंच से उन्होंने धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “ये सब अगर बिना आँखों की देखनी हो तो आप पूज्य भद्राचार्य जी में देख लो। अगर आपको बाहर की आँखों से देखना हो तो यह आप धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री में देख लो। भगवान के अनुग्रह से व्यक्ति को सूक्ष्म जगत की अनुभूति होती है। लेकिन यह गुरु की कृपा और भगवत की कृपा से होता है। गुरु की कृपा, भगवत कृपा से बालाजी महाराज की कृपा होती है।”

उन्होंने आगे कहा, ”जब गुरु और भगवान की शरण में रहने वाला और दैवीय कृपा संपन्न जब कोई महापुरुष आशीर्वाद दे देता है तो व्यक्ति संकटों से मुक्त हो जाता है। यही काम धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी कर रहे हैं।” बाबा रामदेव ने कहा कि जहाँ तक बात रही तर्क-वितर्क की जिनको तर्क करना है तो वह महाराज जी (रामभद्राचार्य जी) के पास आ जाएँ। जिनको चमत्कार देखना हे वह महाराज जी के चेले (महंत धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री) के पास चले जाएँ।

बाबा ने आगे कहा, “मैं तो ज्यादा मीडिया के लोगों को फोन नहीं करता हूँ। लेकिन, मैंने कुछ को बोला है कि सब जगह पाखंड मत देखो। कुछ यह भी देख लो कि जो सच है, जो दिख रहा है आँखों से – वह केवल एक प्रतिशत है। अदृष्ट 99 प्रतिशत है।” उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले जब महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री महाराष्ट्र गए थे तो वहाँ कथा के समापन के बाद ‘महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति’ के राष्ट्रीय संयोजक श्याम मानव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया था।

साथ ही, उन्होंने कहा था कि उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को चुनौती थी। इसलिए वे दो दिन पहले ही नागपुर से भाग गए। वहीं पूरे विवाद पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा था। उन्होंने कहा था कि उनकी प्रेरणा से लोग सनातन धर्म में वापसी कर रहे हैं। इसलिए मिशनरी के लोग करोड़ों खर्च कर उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। वे इन साजिशों से नहीं डरते हैं। उन्होंने कहा था कि अब जनजातीय इलाकों में दरबार लगाए जा रहे हैं। इसकी वजह से उनके खिलाफ हमले बढ़ गए हैं और वामपंथी पीछे पड़ गए हैं।

NSG कमांडो की फर्जी ID लेकर PM मोदी के कार्यक्रम में घुसा संदिग्ध, VIP एरिया में जाते टाइम सुरक्षाकर्मियों ने धरा: जाँच एजेंसियाँ कर रहीं पूछताछ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महाराष्ट्र दौरे के दौरान कार्यक्रम में एक व्यक्ति के फर्जी पहचान पत्र के साथ घुसने की साजिश का मामला सामने आया है। बताया जा रहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने मुंबई में एक ऐसे संदिग्ध को गिरफ्तार किया है जिसने NSG कमांडो की फर्जी पहचान से मोदी के कार्यक्रम में शामिल होने की कोशिश की थी। आरोपित फिलहाल हिरासत में बताया जा रहा है जिस से पुलिस के साथ केंद्रीय एजेंसियाँ भी पूछताछ कर रहीं हैं। मामला गुरुवार (19 जनवरी 2023) का बताया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी मुंबई में थे। यहाँ पर वो 38,800 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन कर रहे थे। कार्यक्रम स्थल बांद्रा-कुर्लाकॉम्प्लेक्स था। इस कार्यक्रम में सुरक्षा चाक-चौबंद थी। अन्य बलों के अलावा लगभग 4500 पुलिस के जवान सुरक्षा में तैनात थे। इस दौरान एक व्यक्ति NSG कमांडो के पहचान पत्र पर VIP दीर्घा में जाने का प्रयास कर रहा था। शक के आधार पर जवानों ने उसे रोका तो उसका नाम रामेश्वर मिश्रा पाया गया। रामेश्वर की उम्र लगभग 35 साल है।

रामेश्वर VIP दीर्घा में जाने के लिए NSG कमांडों का पास सुरक्षाकर्मियों को दिखा रहा था। बताया जा रहा है कि वो पहचान पत्र फर्जी है। वहीं हिरासत में होने के बावजूद नवी मुंबई का रहने वाला रामेश्वर खुद के भारतीय सेना की गार्डस रेजिमेंट से होने का दावा कर रहा है। मामले की जाँच के लिए सैन्य अधिकारी भी पहुँच गए हैं। सुरक्षा एजेंसियाँ की बात की पड़ताल कर रहीं हैं कि रामेश्वर VIP लॉबी की तरफ ही क्यों जाना चाह रहा था।

जिस समय रामेश्वर VIP दीर्था में घुसने की कोशिश कर रहा था उसके डेढ़ घंटे बाद मोदी कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे थे। आख़िरकार रामेश्वर को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित पर IPC की धारा 171, 465, 468 और 471 के तहत FIR दर्ज हुई है। रामेश्वर को बांद्रा कोर्ट में पेश किया गया जहाँ से 24 जनवरी तक उसे पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। रामेश्वर मिश्रा ने BSC तक पढ़ाई की है।

कुत्ते को कहा ‘कुत्ता’ इसलिए पड़ोसी की ले ली जान: पुलिस ने निर्मला फातिमा और उसके बेटों को पकड़ा, मारने के बाद हुए थे फरार

तमिलनाडु के दिंदिगुल जिले में गुरुवार (19 जनवरी 2023) को रयाप्पन नाम के एक 62 साल के व्यक्ति की हत्या का मामला प्रकाश में आया। व्यक्ति की गलती केवल इतनी थी कि उन्होंने अपने पड़ोसियों के पालतू कुत्ते (नाम-कैनिन) को कुत्ता कह दिया था जिसके कारण उनके पड़ोसी उनसे भिड़े और धक्का-मुक्की में उनकी जान चली गई।

पूरी घटना उलागमपट्टियारकोट्टम के थाड़ीकोंबू थाने की है। यहाँ निर्मला फातिमा रानी व उसके दो बेटे डेनियल और विंसेंट ने अपने पड़ोसियों और परिजनों को बार बार समझाया था कि उनके पालतू कुत्ते को कुत्ता न कहा जाए। हालाँकि फिर रयाप्पन उसे कुत्ता ही कहते थे।

स्थिति भयावह जब हुई जब गुरुवार (19 जनवरी 2023) को रयाप्पन ने अपने पोते से कहा कि वो खेत में जा रहे पानी को बंद कर दें और अपने साथ एक छड़ी ले आएँ क्योंकि पड़ोसियों का कुत्ता वहाँ घूम रहा है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, डेनियल ने यह बात सुनी और गुस्से में जाकर रयाप्पन की छाती पर मारा। धक्का लगने के बाद रयाप्पन वहीं गिर गए और मौके पर उनकी मौत हो गई। इसके बाद डेनियल और उनका परिवार वहाँ से फरार हो गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने निर्मला फातिमा को उसके बेटों सहित गिरफ्तार किया।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले कुत्ते के चलते एक डिलीवरी मैन की मौत हुई थी। कई ऐसी घटनाएँ सामने आईं थीं जब डॉग प्रेमियों के प्रेम का शिकार छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को होना पड़ा। इसके अलावा कुछ ऐसी घटनाएँ भी सामने आई थी जब कुत्तों से परेशान होने के चलते लोगों ने कुत्तों को ही मार दिया गया।

‘माँ सीता के साथ बैठ भगवान राम पीते थे शराब, दोपहर में होता था ये काम…’ : कर्नाटक में लेखक केएस भगवान ने उगला जहर, बचाव करते हुए कहा- सब रामायण में लिखा है

कर्नाटक के लेखक और तथाकथित तर्कवादी केएस भगवान (KS Bhagwan) ने एक बार फिर भगवान राम के बारे में जहर उगला है। एक कार्यक्रम में उन्होंने भगवान राम के बारे में बोलते हुए कहा कि वह माँ सीता के साथ हर दोपहर बैठकर शराब पीते थे। उन्होंने साथ ही कहा कि वाल्मीकि रामायण में ऐसा कहा गया है। अपना बचाव करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि ये सब वो नहीं कह रहे हैं बल्कि दस्तावेज कह रहे हैं।

उन्होंने 20 जनवरी 2023 को कर्नाटक के मांड्या में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा, ”भगवान राम की दोपहर में मुख्य गतिविधि माँ सीता के साथ बैठकर शराब पीने की होती थी।” उन्होंने साथ ही अपनी बातों को सही ठहराने के लिए वाल्मीकि रामायण और दस्तावेजों का उदाहरण दिया।

ऐसा नहीं है कि इस लेखक ने पहली बार भगवान राम का अपमान किया। लेखक ने अपनी पुस्तक ‘राम मंदिर येके बेड़ा (Rama Mandira Yake Beda)’ में भगवान राम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि भगवान राम नशा करते थे और माँ सीता को नशा करवाते थे। उस समय कुछ हिंदू संगठनों ने भगवान की इस टिप्पणी का व्यापक विरोध किया था और उनके घर के बाहर पूजा करने की कोशिश की थी। 

हालाँकि तब राज्य सरकार ने उनके आवास के बाहर सुरक्षा काफी कड़ी कर दी थी। वहीं भगवान राम के अस्तित्व पर बार-बार सवाल उठाने के विरोध में फरवरी 2021 में बेंगलुरू की एक अदालत में एक महिला वकील ने उनके चेहरे पर कालिख पोत दी थी।

बिहार के शिक्षा मंत्री ने किया रामचरितमानस का अपमान

इनके अलावा कुछ दिन पहले बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने रामचरितमानस को नफरत फैलाने वाला ग्रंथ करार दिया था। ‘नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी’ के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए RJD नेता रामचरितमानस को समाज को बाँटने वाला ग्रंथ बता दिया था। उन्होंने कहा था कि रामचरितमानस दलितों-पिछड़ों को शिक्षा ग्रहण करने से रोकता है। संबोधन के बाद मीडिया के सामने भी बिहार के शिक्षा मंत्री अपने बयान पर कायम नजर आए थे।

पटना ज्ञान भवन में नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में चंद्रशेखर ने छात्र छात्राओं को संबोधित किया था। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने रामचरितमानस के एक दोहे “अधम जाति में विद्या पाए, भयहु यथा अहि दूध पिलाए” का जिक्र करते हुए कहा था कि यह समाज में नफरत फैलानेवाला ग्रंथ है। उन्होंने कहा था कि दोहे में अधम का अर्थ नीच होता है जिसे उन्होंने जाति से जोड़ते हुए कहा कि इस दोहे के अनुसार नीच जाति अर्थात दलितों-पिछड़ों और महिलाओं को शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार नहीं था।

मायके से नहीं लौट रही थी पत्नी तो पति ने काट डाला अपना प्राइवेट पार्ट: बिहार के मधेपुरा की घटना, अस्पताल में चल रहा इलाज

बिहार के मधेपुरा से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। पत्नी के मायके जाने से नाराज पति ने अपना प्राइवेट पार्ट काट लिया। जिसके बाद उसकी हालत खराब हो गई। शख्स फिलहाल अस्पताल में भर्ती है और अब खतरे से बाहर है।

खबरों के मुताबिक, मकर संक्रांति के अवसर पर कृष्णा बासुकी नाम के शख्स की पत्नी अपने मायके चली गई थी। पति चाहता था कि वह मायके से लौट आए, लेकिन पत्नी नहीं मानी और मायके से वापस नहीं आ रही थी। इस बात से नाराज हो कर शख्स ने धारदार हथियार से अपना प्राइवेट पार्ट काट डाला। परिजनों ने खून से लथपथ शख्स को अस्पताल पहुँचाया। जहाँ उसका इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज का इलाज जारी है और अब वह खतरे से बाहर है।

इलाके में जनजातीय समुदाय के लोग मकर संक्रांति से अगले एक महीने तक उत्सव मनाते हैं। कृष्णा बासुकी के पिता गाँव के जनजातीय समुदाय के मुखिया हैं। समुदाय के कुल देवता भी उनके घर पर ही स्थापित हैं। उत्सव को लेकर लोग उनके घर पहुँच रहे थे। लोगों को कुलदेवता के पास खून नजर आया। जब लोग घर के अंदर पहुँचे तो वहाँ लहुलुहान कृष्णा कराह रहा था। जिसके बाद आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया।

रिपोर्टों के मुताबिक मधेपुरा के रजनी नयानगर के निवासी कृष्णा की शादी ग्वालपाड़ा थाना इलाके के मलोध वार्ड की लड़की से हुई थी। उसकी तीन बेटियाँ और 1 बेटा है। बताया जा रहा है कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। 2 महीने पहले तक वह पंजाब की एक मंडी में काम करता था। बेटे के जन्म के बाद वह गाँव लौटा था।

तिहाड़ जेल में आई हीरोइन, सजधज कर इंतजार में बैठा था कैदी: कोर्ट को बताया आते ही बाँहों में जकड़ लिया

200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग केस के मुख्य आरोपित सुकेश चंद्रशेखर को लेकर दिल्ली पुलिस ने कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। पुलिस ने जानकारी दी है कि जेल में रहते हुए भी सुकेश एक लग्जरियस लाइफ़स्टाइल मेंटेन कर रहा था। पुलिस ने जानकारी दी है कि 3 मॉडल उनसे मिलने के लिए जेल पहुँचती थीं। उनमें से एक एक्ट्रेस को बाद में ब्लैकमेल भी किया गया। दायर किए गए चार्जशीट में पुलिस ने दावा किया है कि पूछताछ के दौरान बॉलीवुड अभिनेत्रियों ने खुद ही कई राज खोले हैं।

दिल्ली पुलिस की मानें तो पिंकी ईरानी उर्फ एंजेल सुकेश के लिए मॉडल और अभिनेत्रियों को दिल्ली की जेल तक पहुँचाने का काम देखती थी। जैकलीन से लेकर नोरा फतेही और तीसरी मॉडल तक से बातचीत की मध्यस्थता पिंकी ईरानी ही करती थी। पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट से पता चलता है कि सुकेश ने तिहाड़ जेल के अधिकारियों को रिश्वत खिलाई थी। जेल अधिकारी सुकेश के लिए जेल में जरूरी इंतजाम करते थे। इतना ही नहीं, जब एक्ट्रेस सुकेश से मिलने पहुँचती थी तो उनके मिलने के लिए अलग कमरे का इंतजाम था। कमरे में टीवी, फ्रिज और एसी तक की व्यवस्था थी।

तीसरी एक्ट्रेस ने क्या बताया?

एक अभिनेत्री ने कोर्ट को जानकारी दी कि वह मई 2018 में सुकेश से जेल में मिली थी। अभिनेत्री ने कहा कि सुकेश की सहयोगी पिंकी इरानी उसे एयरपोर्ट से जेल तक ले कर गई थीं। चार्जशीट में दर्ज हीरोइन के बयान में के मुताबिक, तिहाड़ जेल में सुकेश सर से पाँव तक सजा रहता था। ब्रांडेड कपड़े महंगी घड़ी और परफ्यूम लगाए हुए था। वहाँ अदाकारा को फँसाने के लिए सुकेश ने अपनी गलत पहचान भी बताई थी।

जब एक्ट्रेस ने सुकेश से जेल में बुलाने का कारण जानना चाहा तो सुकेश ने कहा, “तुम पर दिल आ गया है।” एक्ट्रेस ने आगे बताया कि मैंने सुकेश से अपने शादीशुदा और बाल बच्चेदार होने की बात कही। उसने जवाब दिया कि मेरे पति पहले ही सौदा कर चुके हैं, इसलिए सुकेश अभिनेत्री को बचाना चाहता है।

बॉलीवुड अदाकारा की मानें तो सुकेश ने उसकी निजी जिंदगी से जुड़ी बातें भी बताई। उसके बाद सुकेश ने अभिनेत्री को बाँहों में जकड़ लिया। बकौल अभिनेत्री, वह कमरे से निकल आई। अभिनेत्री ने बताया कि मैं जैसे ही तिहाड़ से निकलकर बीएमडब्ल्यू कार में बैठी, पिंकी इरानी ने 2000 रुपये के नोटों का बंडल मेरी तरफ फेंकते हुए कहा “ये रख तेरी मुँह दिखाई…” पिंकी ने एक महँगी घड़ी भी उसे दे दी।

अभिनेत्री ने यह भी बताया कि जब वह सुकेश से मिलकर मुंबई लौटी तो दो लोग उसे ब्लैकमेल करने लगे। उन दोनों ने अभिनेत्री से कहा कि उन्हें जानकारी है कि अभिनेत्री तिहाड़ में सुकेश से मिली थी। उन्होंने सुकेश के साथ अभिनेत्री के वीडियो होने का भी दावा किया। दोनों ने वीडियो वायरल न करने के बदले 8 लाख रुपए माँगे। बाद में तीन लाख रुपए में सौदा तय हुआ। अदाकारा ने जब पिंकी इरानी से संपर्क किया तो उसने कहा कि ऐसे मामले खुद निपट लिया करे।

दिल्ली पुलिस का दावा है कि 2018 के अप्रैल-मई महीने में तीन अभिनेत्रियाँ या मॉडल सुकेश से मिलने तिहाड़ जेल पहुँची थी। एक बीएमडब्ल्यू कार उन्हें लेने आती थी, जो गेट नंबर तीन से जेल में दाखिल होती थी।