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हरिद्वार में 7 मस्जिदों पर लगा 35000 रुपए का जुर्माना, 2 को हिदायत: चेतावनी के बाद भी तेज वॉल्यूम में दी जा रही थी अजान

ध्वनि प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को लागू कराने के लिए उत्तराखंड के हरिद्वार जिला प्रशासन ने धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला प्रशासन की अनुमति के बिना मंदिर या मस्जिदों पर लाउडस्पीकर लगाने पर जुर्माना देना होगा। इसके तहत जिला प्रशासन ने 7 मस्जिदों पर जुर्माना लगाया है।

जिला प्रशासन का कहना है कि किसी भी मंदिर या मस्जिद पर लाउडस्पीकर लगाने के लिए अनुमति लेनी होगी। जिला प्रशासन का कहना है कि अनुमति लेने के बाद ही तय मानकों के अनुसार ही लाउडस्पीकर बजाए जाने चाहिए। इकट्ठा किए गए जुर्माने के 35,000 रुपए को जिला प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अकाउंट में जमा करा दिया जाएगा।

जिला प्रशासन का आदेशों का पालन नहीं करने पर जिले के सात मस्जिदों पर 5-5 हजार रुपए के जुर्माने लगाए गए हैं। एसडीएम पूरन सिंह राणा ने कटारपुर, पथरी, धनपुरा, पदार्था, नसीरपुर कलां आदि क्षेत्रों के सात मस्जिदों पर प्रति मस्जिद 5000 रुपए का जुर्माना लगाया है। वहीं, दो मस्जिदों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।

इन मस्जिदों पर दिन में पाँच बार दिए जाने वाले अजान का वॉल्यूम तय मानकों से अधिक था। इन्हें चेतावनी दी गई थी। हालाँकि, चेतावनी के बाद भी मस्जिद इंतजामिया कमिटी ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। इसके बाद जिला प्रशासन ने इन मस्जिदों पर जुर्माना लगाया है।

पिछले दिनों क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुशंसा पर एसडीएम ने नोटिस जारी किए थे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में ध्वनि मापने वाले यंत्र को स्थापित ना होने और धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों के वॉल्यूम ज्यादा होने की बातों का उल्लेख किया था।

उप-जिलाधकारी पूरण सिंह राणा ने कहा था कि था कि मंदिर, मस्जिद या गुरुद्वारा में लाउडस्पीकर लगाने से पहले जिला प्रशासन की अनुमति आवश्यक है। अगर इस आदेश की कोई अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ 5,000 से 25,000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

एसडीएम राणा ने यह भी कहा था कि अगर कोई बार-बार चेतावनी की अवहेलना करता है तो लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति कैंसिल करके उसके खिलाफ FIR भी दर्ज की जाएगी। आदेश में कहा गया है कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का उपयोग करने की मनाही है। इसकी अनुमति सिर्फ नवरात्रि या अन्य त्योहारों पर दी जा सकती है।

बुजुर्ग अली मोहम्मद ने 13 साल की दलित किशोरी से किया रेप: पोर्न वीडियो देखने और अश्लील किताबें पढ़ने का निकला शौकीन, शाहजहाँपुर में गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में एक मुस्लिम बुजुर्ग द्वारा पोर्न वीडियो देखकर किशोरी के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। इस घटना की जानकारी हिंदू संगठनों को मिली तो इलाके में बवाल हो गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपित अली मोहम्मद उर्फ पहाड़ी को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना जिले के पुवायां क्षेत्र के एक गाँव का है। यहाँ अनुसूचित जाति की एक किशोरी अपने खेत में चारा काटने के लिए गई थी। वहाँ अली मोहम्मद पहले से ही मौजूद था। उसने 13 साल की किशोरी को अकेला पकड़ लिया और गन्ने के खेत में ले जाकर रेप किया।

घटना के बाद में लड़की घर पहुँची और इसके बारे में अपने परिजनों को जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने 18 जनवरी 2023 को थाने में जाकर अली मोहम्मद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। उसके बाद पुलिस उसकी तलाश करने लगी। इसके बाद शुक्रवार (20 जनवरी 2023) को पुलिस ने उसे मोहम्मदी मार्ग से गिरफ्तार कर लिया।

अली मोहम्मद ने पुलिस को बताया कि वह काफी समय से अश्लील वीडियो देख रहा था। इतना ही नहीं, उसे अश्लील किताबें पढ़ने की भी आदत थी। उसने जब किशोरी को देखा तो उसकी नीयत खराब हो गई और मौके की तलाश में रहने लगा। उसने बताया कि जब किशोरी अकेली चारा लेने गई तो उसने मौके का फायदा उठा लिया।

आरोपित के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(3) और पॉक्स एक्ट की धारा 3/4 (2) तथा SC-ST ऐक्ट की धारा 3(2)5 के तहत दर्ज किया गया है। अली मोहम्मद के अब्बू का नाम कुदरतुल्लाह है और वह गाँव खिरिया पाठक का रहने वाला है।

ऊँगली तोड़ी-धक्का मारा… ब्रेकअप हुआ, फिर भेजे 1000 मैसेज- करती रही कॉल: कोर्ट ने कहा- 18 महीने लड़के से रहो दूर

इंगलैंड में एक महिला को कोर्ट ने इसलिए सजा सुनाई क्योंकि उसने अपने ब्वॉयफ्रेंड को मैसेज भेजकर तंग कर डाला। महिला का नाम मिशैल फेल्टन (28) है। उस पर आरोप है कि वो एक दिन में करीबन 150 मैसेज करके अपने ब्वॉयफ्रेंड रियान हार्ले को तंग करती थी। ऐसा कर-करके उसने रियान को 1000 मैसेज भेज दिए थे। लड़का मिशैल की हरकत से इतना तंग आ गया था कि उसने कोर्ट का रुख किया और कोर्ट ने केस की गंभीरता को देखते हुए उसे सजा सुनाई।

मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, रियान से वह पूछती थी – “तुम मुझसे बात क्यों नहीं कर रहे, मैं तुमसे प्यार करती हूँ, क्या हम आज मिलने वाले हैं, क्या हम बाहर जाएँगे…आदि-आदि।” इन्हीं संदेशों से तंग आकर रियान ने कोर्ट में कहा कि मिशैल उसे इतना परेशान करती है कि अब उसे आत्महत्या के ख्याल आने लगे हैं।

रियान ने बताया कि फेल्टन उसे कंट्रोल करती थी और हमेशा लड़ती थी। रिपोर्ट बताती हैं कि एक बार लड़ाई इतनी बढ़ गई थी कि रियान ने मिशैल की उंगलियाँ तक तोड़ दी थीं। वहीं मिशैल ने भी रियान को धक्का मारा था।

रियान के अनुसार, इन्हीं हरकतों के कारण दोनों एक दूसरे से अलग हुए। मगर कुछ ही दिन में मिशैल ने उसे 1000 के करीब मैसेज और कॉल कर दिए। इसके अलावा वह उसके घर तोहफे पहुँचाने लगी। उसकी इन्हीं हरकतों ने रियान को परेशान कर दिया।

वह जब मामला लेकर कोर्ट पहुँचा तो मिशैल ने अपना जुर्म कबूला। उसने कहा कि वह रियान को प्यार करती है और ब्रेकअप नहीं चाहती इसलिए उसने रियान के दूर होने के बाद लगातार मैसेज किए। वहीं रियान ने कहा कि मिशैल की हरकतों से वो बहुत असहज है। वह अब उसके कॉन्टैक्ट में नहीं रहना चाहता।

हालातों को देखते हुए कोर्ट ने मिशैल को रियान से 18 महीने एकदम दूर रहने को कहा। इसके अलावा उसके ऊपर करीबन 5000 रुपए का फाइन और 39000 रुपए विक्टिम सरचार्ज के रूप में देने के लिए भी कहा गया। कोर्ट ने मिशैल को 1 हफ्ते के लिए रिहैब में भेजने का भी आदेश दिया।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले ऐसा मामला चीन से आया था जहाँ महिला ने ब्रेकअप के बाद 1000 किलो प्याज BF को भिजवाया था। लड़की का कहना था ब्रेकअप के बाद वो रोई है इसलिए उसके ब्वॉयफ्रेंड को भी रोना चाहिए।

नूपुर शर्मा ने किताब का दिया हवाला, लीना ने माँ काली को सिगरेट पीते दिखाया: एक को सुप्रीम कोर्ट ने फटकारा, दूसरे की गिरफ्तारी से रोका

हिंदुओं की आराध्य माता काली (Kaali) को आपत्तिजनक स्थिति में दिखाने वाली फिल्ममेकर लीना मणिमेकलाई (Leena Manimekalai) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से राहत मिल गई है। देश के मुख्य न्यायाधीश डीवी चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने लीला के खिलाफ दर्ज सभी मामलों में गिरफ्तारी पर भी रोक लगा दी है।

लीला ने अपनी डॉक्यूमेंट्री में माँ काली को LGBTQ वाला झंडा लिए और सिगरेट पीते हुए दिखाया था। इसको लेकर देश भर में हंगामा मच गया था। उसके बाद लीला के खिलाफ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली में कई मामले दर्ज किए गए थे।

इस मामले में सुनवाई करते हुए जस्टिस चंद्रचूड ने इन सभी राज्यों को नोटिस भी जारी किया है। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि फिल्म निर्माता के खिलाफ पहले से दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर या किसी भी प्राथमिकी के आधार पर कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाएगा।

लीना की ओर से कोर्ट में पेश वकील कामिनी जायसवाल ने कहा कि उनके मुवक्किल का इरादा किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुँचाना नहीं था। उन्होंने कहा कि वह देवी की एक समावेशी छवि दिखाना चाहती थीं। वकील ने दावा किया कि उनकी फिल्म देवी के व्यापक विचारों को दर्शाती है।

इस पर CJI ने आदेश में कहा, “सुश्री जायसवाल ने प्रस्तुत किया कि याचिकाकर्ता कनाडा में यॉर्क विश्वविद्यालय में स्नातक की छात्रा है। उन्होंने देवी को चित्रित करते हुए एक लघु फिल्म काली का निर्माण किया है। इसमें किसी की धार्मिक भावनाएँ आहत करने का कोई इरादा नहीं है। फिल्म का उद्देश्य देवी को एक समावेशी अर्थ में चित्रित करना था।”

कामिनी जायसवाल ने कहा कि लीना एक प्रसिद्ध फिल्ममेकर और उनके खिलाफ 6 मुकदमे दर्ज हैं। इसके साथ ही लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया है। लीना के वकील ने कोर्ट को यह भी बताया कि कहना था कि इस फिल्म के पोस्टर को ट्वीट करने के बाद उन्हें जाने से मारने की धमकी दी गई थी।

वकील ने कोर्ट से आग्रह किया कि उनके खिलाफ अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामलों को रद्द कर दिया जाए या उन्हें एक कर दिया जाए। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की इस माँग राज्यों से जवाब माँगा है। इस मामले में अगली सुनवाई 20 फरवरी 2023 को होगी।

नूपुर शर्मा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने की थी तीखी टिप्पणी

याद रहे, लीना पर भी लगभग वही आरोप है, जो भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) पर था। हालाँकि, नूपुर ने जो कहा था कि वह इस्लाम के दीनी किताब हदीस में उसका वर्णन किया गया था, लेकिन लीना के मामले में ऐसा नहीं है। मोहम्मद जुोबैर के मामले में भी कोर्ट उदार रहा।

दोनों महिलाओं पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप लगा और कई राज्यों में FIR दर्ज की गई। दोनों ही सुप्रीम कोर्ट भी पहुँचीं लेकिन दोनों मामले में देश के सर्वोच्च न्यायालय का नजरिया अलग-अलग दिखा।

जहाँ लीना के मामले में सुप्रीम कोर्ट बेहद उदार नजर आया, वहीं नूपुर के मामले में सु्प्रीम कोर्ट ने उन्हें देश भर में बवाल के लिए जिम्मेदार ठहराया। नूपुर शर्मा के खिलाफ सभी मामलों को क्लब करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उन पर बेहद तीखी टिप्पणी की थी।

उस समय सु्प्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह सारे देश में आग लगाने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में राहत के लिए आ रही हैं। कोर्ट ने देश में उस वक्त जो हुआ, उसके लिए नूपुर शर्मा को अकेला जिम्मेदार थीं। यहाँ तक कि कोर्ट ने उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा तक बता दिया।

कोर्ट ने नूपुर शर्मा को बदजुबान, अड़ियल और अहंकारी बताते हुए उन्हें अपनी टिप्पणी के लिए पूरे देश से माफी माँगने के लिए कहा था। हालाँकि, लीना के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिना किसी टिप्पणी के उन्हें राहत दे दी।

जुबैर के मामले में भी कोर्ट था उदार

लीना ही नहीं, मोहम्मद जुबैर क मामले में भी सुप्रीम कोर्ट ने उदार रूख अपनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर के मामले कहा था कि उन्हें टिप्पणी करने की जरूरत क्या थी। वहीं, जुबैर के मामले में उसी सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जुबैर को ट्वीट करने से रोका नहीं जा सकता। यहाँ जानना जरूरी है कि नूपुर शर्मा ने जो हदीस में बातें लिखी गई हैं, उसे टीवी में बहस के दौरान बताया था, जिसे ईशनिंदा करार दिया गया था। वहीं, जुबैर पर हिंदू धर्म के लोगों की भावनाएँ आहत करने का आरोप है।

नूपुर शर्मा के मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उनका बयान लोगों (मुस्लिमों) को भड़काने के लिए दिया गया था। वहीं, जुबैर के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अप्रत्याशित रूप से रोक नहीं लगाई जा सकती।

उसी सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नूपुर शर्मा की याचिका में अहंकार की बू आ रही है, जबकि जुबैर मामले में यह पुलिस द्वारा उचित एवं निष्पक्ष जाँच का विषय है। सुप्रीम कोर्ट ने यहाँ तक कह दिया था कि देश में जो कुछ भी हो रहा है, उसके लिए सिर्फ और सिर्फ नूपुर शर्मा जिम्मेदार हैं। वहीं, जुबैर मामले में उसी कोर्ट ने कहा कि उसे लगातार हिरासत में रखना उचित नहीं है।

शिव अरूर ने अपने शो में आगे बताया था कि सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल की गला काटकर हत्या के लिए नूपुर शर्मा को जिम्मेदार बताया था, जबकि जुबैर के मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे स्वतंत्रता से वंचित रहने का कोई कारण नहीं है।

‘भटक गए थे, इसलिए हिंदू धर्म छोड़ दिया था’: छत्तीसगढ़ में 1100 ईसाइयों ने की घर वापसी, प्रबल प्रताप जूदेव ने गंगाजल से पखारे चरण

छत्तीसगढ़ में करीब 1100 ईसाइयों ने एक साथ घर वापसी की है। महासमुंद जिले के बसना में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन गुरुवार (19 जनवरी 2023) को ये लोग मूल धर्म में लौटे। बीजेपी नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने गंगाजल से चरण पखारकर सबकी हिंदू धर्म में वापसी करवाई।

रिपोर्ट के अनुसार घर वापसी करने वाले लोगों ने बताया कि वे भटक कर धर्मांतरण का शिकार हो गए और अपना धर्म छोड़ दिया था। अपनी भूल का एहसास होने के बाद वे हिंदू धर्म में लौट आए हैं। कथावाचक पंडित हिमांशु कृष्ण महाराज ने इनलोगों को शपथ दिलाई। जूदेव ने बताया कि करीब 325 परिवारों के 1100 लोग सनातन धर्म में फिर से लौटे हैं।

गौरतलब है कि महासमुंद के कटांगपाली गाँव में मार्च 2022 में भी इसी तरह का एक आयोजन हुआ था। उस समय विश्व कल्याण महायज्ञ के दौरान करीब 1250 लोगों ने घर वापसी की थी। बीजेपी के छत्तीसगढ़ प्रदेश मंत्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव धर्मांतरित लोगों की घर वापसी के लिए अभियान चलाते रहते हैं। इससे पहले क्रिसमस पर पत्थलगाँव के किलकिला में 50 ईसाई परिवारों को वे मूल धर्म में लौटाकर लाए थे।

वाजपेयी की सरकार में मंत्री रहे दिलीप सिंह जूदेव भी इसी तरह चरण पखारकर जनजातीय समाज के उन लोगों की मूल धर्म में वापसी करवाते थे जो ईसाई मिशनरियों के झाँसे में आ धर्म परिवर्तन कर चुके थे। दिलीप सिंह जूदेव का अगस्त 2013 में निधन हो गया था। उसके बाद से इस सिलसिले को उनके बेटे प्रबल प्रताप सिंह जूदेव आगे बढ़ा रहे हैं।

ऑपइंडिया से बातचीत में एक बार प्रबल प्रताप जूदेव ने बताया था, “पिता जी के दिवंगत होने के बाद से मैं इस कार्य को आगे बढ़ा रहा हूँ। छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों में हमलोग 10 हजार से अधिक लोगों की इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए घर वापसी करवा चुके हैं। कोरोना महामारी के कारण बीच में करीब दो साल हमारा यह अभियान रुक गया था। अब फिर से हम इसे गति दे रहे हैं।” उन्होंने यह भी बताया था कि छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेस की सरकार आने के बाद से धर्मांतरण की साजिशें लगातार बढ़ी हैं।

कुश्ती का विवाद भारतीय ओलंपिक संघ तक पहुँचा, पीटी उषा को पत्र लिख रखे 4 डिमांड: बृजभूषण शरण सिंह का इस्तीफे से इनकार

दिल्ली के जंतर-मंतर पर विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक समेत लगभग 30 पहलवानों के धरने का आज तीसरा दिन है। पहलवानों और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के बीच एक बार फिर से बैठक होगी। इसके पहले गुरुवार (20 जनवरी, 2023) रात पहलवानों ने उनके साथ डिनर किया था और मामले को लेकर चर्चा की थी। पहलवानों ने आज भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा को पत्र लिखा है। पत्र में कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह पर कई आरोप लगाए गए हैं। बृजभूषण सिंह ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है।

धरने के तीसरे दिन पहलवान बजरंग पुनिया ने मीडिया से कहा कि उन्होंने सरकार के सामने अपनी माँगे रख दी हैं और उम्मीद जताई की मामले का निपटारा जल्द ही कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने हमेशा खिलाड़ियों का सम्मान किया है। हम प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और खेल मंत्री से निवेदन करेंगे कि इस मामले में जल्द से जल्द हमारी माँगों को सुना जाए।”

जानकारी के मुताबिक खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और धरना दे रहे पहलवानों के बीच दोबारा बातचीत होगी। इसके पहले गुरुवार देर रात खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और पहलवानों के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रही थी। धरना दे रहे पहलवानों ने भारतीय ओलंपिक संघ को पत्र लिखा है। संघ की अध्यक्ष पीटी उषा के नाम इस पत्र में ब्रज भूषण शरण को हटाने समेत चार मुख्य माँगें रखी गई हैं। जो इस प्रकार हैं-

1- यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जाँच के लिए कमेटी गठित की जाए।
2- WFI के अध्यक्ष से इस्तीफा लिया जाए।
3- WFI को भंग किया जाए।
4- कुश्ती महासंघ को चलाने के लिए पहलवानों की देख-रेख में एक नई कमेटी बनाई जाए।

खबरों के मुताबिक मामले को लेकर ओलंपिक संघ की बैठक होगी जिसमें पहलवानों की शिकायत पर चर्चा की जाएगी।

इसके पहले पहलवान विनेश फोगाट ने भाजपा नेता और पहलवान योगेश्वर दत्त पर फेडरेशन की गोद में बैठने का इल्ज़ाम लगाया था। योगेश्वर दत्त ने इस पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कहने को तो कोई भी कुछ भी बोल सकता है। 2017 में रेसलिंग छोड़ने के बाद आज तक सिर्फ एक बार फेडरेशन में गया हूँ। फेडरेशन के अध्यक्ष बृजभूषण से भी 1 या 2 बार ही मुलाकात हुई है। उन्होंने कहा कि यदि किसी बहन के साथ गलत हुआ है तो जाँच और कार्रवाई होनी चाहिए। कौन गोद में बैठता है और कौन नहीं, यह सभी जानते हैं।

यौन शोषण समेत कई गंभीर आरोप झेल रहे कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने साफ कर दिया है कि वे इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा, “मैं किसी की कृपा से अध्यक्ष नहीं बना हूँ। यदि मैंने मुँह खोला तो सुनामी आ जाएगी।” रिपोर्टों के मुताबिक पहलवानों के आरोपों पर आज कुश्ती महासंघ भी जवाब दाखिल कर सकता है।

अंबानी के बेटे को बधाई देने पहुँचे सितारे, पर महफिल लूट ले गया कुत्ता: अनंत-राधिका मर्चेंट की सगाई का ये Video देखा आपने

मशहूर उद्योगपति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के छोटे बेटे अनंत अंबानी (Anant Ambani) और राधिका मर्चेंट (Radhika Merchant) की गुजराती रस्मों-रिवाजों के साथ गुरुवार (19 जनवरी 2023) को सगाई सम्पन्न हुई। सगाई का कार्यक्रम मुंबई में मुकेश अंबानी के निवास एंटीलिया पर हुआ। राधिका बिजनेसमैन वीरेन मर्चेंट की बेटी हैं। सगाई समारोह में अंबानी परिवार, उनके दोस्तों के अलावा कई बॉलीवुड सितारे भी पहुँचे। इनके अतिरिक्त अंबानी परिवार का डॉग भी इस कार्यक्रम के बाद काफी चर्चा में है।

गुजराती में सगाई की रस्म को गोल धना की रस्म भी कहते हैं। गोल धना समारोह गुजरातियों में शादी से पहले की रस्म होती है। गोल का मतलब गुड़ होता है और धना का मतलब होता है धनिया के बीज। रस्म के दौरान दुल्हन का परिवार दूल्हे के घर गुड़, धनिया, उपहार और मिठाई लेकर आता है, जिसके बाद दुल्हे और दुल्हन की अँगूठी का आदान-प्रदान किया जाता है। फिर सभी के सामने वर वधु एक-दूसरे को अँगूठी पहनाते हैं और वहाँ उपस्थित दोनों पक्ष की पाँच सुहागन स्त्रियों का आशीर्वाद लेते हैं।

सोशल मीडिया पर अनंत और राधिका की सगाई की तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हो रही हैं। वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि वधू पक्ष के लोग जब अंबानी आवास पर पहुँचे, तो नीता अंबानी और उनके परिवार ने आरती-मंत्रोच्चारण के साथ राधिका मर्चेंट व उनके परिजनों का स्वागत किया। फिर सभी लोग भगवान कृष्ण का आशीर्वाद लेने मंदिर गए। इसके बाद समारोह स्थल पर भगवान गणेश की पूजा हुई और पारंपरिक रूप से लगन पत्रिका का पाठ किया गया। बाद में गोल धना और चुनरी विधि की शुरुआत हुई, जिसमें दोनों परिवारों ने एक दूसरे को उपहार दिए। गुजराती रस्में निभाने के बाद घर की बेटी ईशा अंबानी ने रिंग सेरेमनी शुरू करने की घोषणा की, जिसके बाद अनंत और राधिका ने एक-दूसरे को अँगूठी पहनाई और परिवार के लोगों का आशीर्वाद लिया।

अंबानी परिवार ने नए जोड़े के लिए स्पेशल डांस भी किया। इस दौरान अनंत और राधिका के पालतू कुत्ते ने भी सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। उनके डॉगी के आने के बाद ही दोनों ने एक दूसरे को सगाई की अँगूठी पहनाई। अनंत और राधिका की सगाई में शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय बच्चन, सलमान खान, रणवीर सिंह, अक्षय कुमार, वरुण धवन और दीपिका पादुकोण के अलावा कई बॉलीवुड सेलेब्स ने शिरकत की।

बता दें कि अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट का ‘रोका’ समारोह राजस्थान के श्रीनाथजी मंदिर में 29 दिसंबर 2022 को हुआ था। इस मौके पर श्रीनाथजी मंदिर को शानदार तरीके से सजाया गया था। रोका समारोह में मुकेश अंबानी, कोकिला बेन अंबानी, नीता अंबानी, आकाश अंबानी, आनंद पीरामल सहित परिवार के अन्य लोग शामिल थे।

बेटियों का विवाह, अन्नपूर्णा… महाशिवरात्रि पर 121 कन्याओं की गृहस्थी बसाने की तैयारियों में लगा है धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बागेश्वर धाम

वे बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के महंत हैं। नाम है- धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri)। भक्तों के लिए वे बागेश्वर धाम सरकार, बागेश्वर महाराज हैं। पर वे खुद को हनुमान जी का सेवक मानते हैं। वे तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्यस्वामी के शिष्य हैं। विरोधी उन पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाते हैं। वे अपनी शक्तियों को ध्यान विधि का परिणाम बताते हैं, जो उन्हें दादा गुरु से प्राप्त हुई है।

कहाँ है बागेश्वर धाम?

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के राजनगर तहसील में गढ़ा नाम का एक छोटा सा गाँव है। यही पर अवस्थित है- बागेश्वर धाम। करीब 1500 की आबादी वाले इस गाँव में एक छोटी पहाड़ी पर बागेश्वर धाम सरकार (Bageshwar Dham Sarkar) का मंदिर है। यहाँ, रामभक्त हनुमान, अपने बाल्य स्वरूप बालाजी के रूप में विराजमान हैं। इस जगह पर बागेश्वर भोलेनाथ और संन्यासी बाबा की कृपा भी बताई जाती है।

बागेश्वर धाम की महिमा

दावे किए जाते हैं कि बागेश्वर धाम में बालाजी के दर्शन करने से कई असाध्य रोग दूर हो जाते हैं। लोग यहाँ नौकरी, शादी से लेकर व्यापार और राजनीतिक भविष्य को लेकर अर्जी बाँधने आते हैं। अर्जी वस्त्रों में लिपटा एक नारियल होता है, जिसे मंदिर प्रांगण में बाँध दिया जाता है। ऐसी मान्यता है कि बालाजी की कृपा से अर्जी स्वीकार होती है और लोगों की मन्नतें पूरी हो जाती हैं।

विवादों के बीच बागेश्वर धाम

इस समय बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक खास वर्ग के निशाने पर हैं। उनके आरोपों को लेकर महंत का कहना है कि घर वापसी का अभियान चलाए जाने के कारण वे निशाने पर हैं। भले मीडिया में इस विवाद की इन दिनों खूब चर्चा हो, भले बागेश्वर सरकार इस समय रायपुर में हैं, लेकिन बागेश्वर धाम अपनी ही गति से चल रहा है।

बागेश्वर धाम के सेवादार मनोज त्रिवेदी ने ऑपइंडिया को बताया कि यहाँ हर साल कन्याओं का सामूहिक विवाह होता है। इस साल महा शिवरात्रि (18 फरवरी 2023) पर 121 कन्याओं का विवाह होना है। ये कन्या आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से होती हैं या फिर अनाथ। इस समय धाम में इस आयोजन को लेकर तैयारियाँ चल रही है।

मनोज त्रिवेदी ने बताया, “बागेश्वर धाम में गुरुजी (धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री) हर साल गरीब कन्याओं का विवाह कराते हैं। इस साल भी महा शिवरात्रि पर 121 कन्याओं का विवाह होना है। गुरुजी अपनी बहन और बेटी मानकर कन्याओं को विदा करते हैं। गुरुजी उनको वो सब देते हैं जो एक पिता अपनी बेटी को देने की कोशिश करता है। साल 2021 में 108 कन्याओं का विवाह हुआ था। इस साल फिर हो रहा है।”

गरीब कन्याओं का विवाह कराने के बाद आरती उतारते, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

मनोज त्रिवेदी के अनुसार सामूहिक विवाह का यह आयोजन चार साल से हो रहा है। उनके अनुसार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बचपन में ही इसके लिए संकल्प लिया था। अब उसको हर साल निभा रहे हैं। वे बताते हैं, “गुरुजी का जीवन अभावों से भरा हुआ था। वे बहुत गरीब थे। उनकी बहन की शादी के समय उनके पैसा पैसा नहीं था। तब उन्होंने संकल्प लिया था कि यदि कभी बालाजी की उन पर कृपा होगी और वे जो भी कमाएँगे उससे वह गरीब कन्याओं की शादी कराएँगे। गुरुजी चाहते हैं कि जैसे वो अपनी बहन की शादी के लिए परेशान और दुखी हुए थे ऐसा किसी भाई को न होना पड़े। इसलिए, वह कन्याओं का विवाह कराते हैं।”

विवाह के रजिस्ट्रेशन के लिए बागेश्वर धाम में बकायदा एक कार्यालय बना हुआ है। धाम से मिली जानकारी के अनुसार 2019 में 17 कन्याओं, 2020 और 2021 में 21 कन्याओं का और 2022 में 108 कन्याओं का विवाह कराया था। 2022 में जिन कन्याओं का विवाह हुआ था, उनमें 12 ऐसी थीं जिनके पिता नहीं थे। वहीं, एक कन्या ऐसी थी जिसके माता-पिता दोनों नहीं थे। विवाहित जोड़ों को धाम की तरफ से ही रामचरितमानस के साथ-साथ वो हरेक वस्तु प्रदान की जाती है जो एक गृहस्थी को शुरू करने के लिए आवश्यक है।

बागेश्वर धाम में भंडारा लगातार तीन साल से चल रहा है। इसे अन्नपूर्णा कहते हैं। मनोज त्रिवेदी ने बताया, “गुरुजी नहीं चाहते कि धाम में आने वाला कोई भी व्यक्ति खाली पेट लौटे। इसलिए अन्नपूर्णा शुरू किया गया। यह 3 साल से चल रहा है। यहाँ हर रोज हजारों लोग प्रसाद पाते हैं।”

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर लग रहे आरोपों को लेकर जब मनोज त्रिवेदी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “जो लोग गुरुदेव पर आरोप लगा रहे हैं उन्हें दरबार में जाना चाहिए। दरबार में बैठेंगे तो गुरुदेव उनकी सारी पोल खोल देंगे। यहाँ एक से बढ़कर एक लोग आए और चले गए। मीडिया वाले नहीं टिके। नेता लोग आते हैं और प्रणाम कर चले जाते हैं। गुरुजी पर बालाजी का आशीर्वाद है। वह जो कह देते हैं वही होता है।”

बागेश्वर धाम और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री में जो आस्था मनोज की है, वैसी ही आस्था यहाँ आने वाले हर व्यक्ति के भीतर दिखती है। यही आस्था उन्हें यहाँ तक खींच कर लाती है और यही 26 साल के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को अपने मनमोहक मुस्कान के साथ यह कहने की ताकत भी देती है कि टोपी वालों से भी सीता-राम बुलवा देंगे। चिंता न करो।

जिसने गाया ‘यूपी में बाबा’, उनके घरेलू सहायक को घर में घुसकर मारा: मुस्लिम लड़की से शादी बताई जा रही वजह

उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut, Uttar Pradesh) में मुस्लिम लड़की से शादी करने वाले एक जोड़े के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद दंपति ने जान का खतरा बताते हुए थाने में शिकायत दी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने लड़की के घरवालों को हिरासत में ले लिया है।

इस जोड़े ने कुछ ही दिन पहले प्रेम विवाह किया था। उनका कहना है कि हिंदू होने के कारण मुस्लिम लड़की के घरवाले उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। मुस्लिम लड़की से शादी करने वाले लड़के का नाम साजन है। वह प्रसिद्ध कवयित्री अनामिका जैन अंबर (Anamika Jain Amber) के घर में सहायक का काम करता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, साजन अतवाल उर्फ संजू मेरठ के रेलवे रोड इलाके का रहने वाला है। उसका सदर बाजार की रहने वाली मुस्लिम युवती शाहीन के साथ प्रेम संबंध है। दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन साजन के हिंदू होने की वजह से मुस्लिम युवती के घरवालों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था।

जब लड़की के घरवालों को पता चला तो वे साजन को जान से मारने की धमकी देने लगे। घरवालों के व्यवहार को देखते हुए शाहीन 8 जनवरी 2023 को साजन के साथ शादी के इरादे से मेरठ से निकल गई। इसके बाद दोनों ने 11 जनवरी 2023 को बदायूँ में हिंदू रीति रिवाज से विवाह कर लिया।

शाहीन के घर से चले जाने के बाद उसके घरवालों ने साजन के घर पहुँचकर हंगामा किया और उसके परिजनों को धमकी दी। शादी के बाद जब साजन और शाहीन घर पहुँचे तो उन्हें धमकी की जानकारी दी गई। इसके बाद उन्होंने मेरठ सदर बाजार थाने पहुँचकर सुरक्षा की गुहार लगाई।

शाहीन ने अपने घर वालों पर अपने पति और उसके घरवालों को परेशान करने का आरोप लगाया है। वहीं, कवयित्री अनामिका जैन अंबर के पति सौरभ जैन सुमन भी इस जोड़े के साथ थाने में नजर आए। उन्होंने भी उत्तर प्रदेश पुलिस से नवविवाहित जोड़े की सुरक्षा के लिए गुहार लगाई।

सौरभ जैन ने ट्वीटर पर जानकारी दी कि रात 10:30 बजे लड़की के परिजन दोबारा साजन के घर पहुँचे। उन्होंने साजन के साथ मारपीट की। सूचना प्राप्त होते ही मौके पर पहुँची पुलिस ने लड़की के परिजनों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस की तरफ से जानकारी दी गई है कि रेलवे रोड थाने में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

नान घोटाले पर BJP ने भूपेश बघेल को घेरा, पूछा- घोटालेबाज इतने प्यारे क्यों: ऑपइंडिया ने छत्तीसगढ़ CM की ‘हिटलिस्ट’ का किया था पर्दाफाश

छत्तीसगढ़ में भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, उनकी पत्नी और तत्कालीन प्रमुख सचिव अमन सिंह को झूठे मामले में फँसाने के लिए कॉन्ग्रेस ने साजिश रची थी। ऑपइंडिया ने इस खबर का खुलासा किया था कि उस समय के प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा ने भूपेश बघेल के इशारे पर इस पूरे खेल को रचा था। इसको लेकर भाजपा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से इस्तीफा माँगा है। इसके साथ ही दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई करने की माँग की है।

दरअसल, वर्ष 2015 में भाजपा की सरकार में रमन सिंह मुख्यमंत्री थे। उस वक्त कॉन्ग्रेस ने आरोप लगाया था कि पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के तहत खराब गुणवत्ता वाले अनाज का वितरण किया जा रहा है। कॉन्ग्रेस ने अधिकारियों पर राइस मिल मालिकों से रिश्वत लेकर घटिया क्वालिटी के चावल खरीदकर बाँटने का आरोप लगाया था।

छत्तीसगढ़ में नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत खाद्यान्न खरीदकर लोगों को राशन बाँटने का काम करती रही है। तात्कालिक भाजपा सरकार ने नागरिक आपूर्ति निगम घोटाले की जाँच शुरू की। मुख्य आरोपित आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा समेत 27 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। हालाँकि, उसी दौरान चुनाव में भाजपा हार गई और कॉन्ग्रेस सत्ता में आ गई।

कॉन्ग्रेस की सरकार आते ही जो मुख्य आरोपित थे वे महत्वपूर्ण पदों पर पहुँच गए। आलोक शुक्ला शिक्षा और अन्य विभागों का प्रभारी प्रधान सचिव बनाए गए, जबकि अनिल टुटेजा को उद्योग विभाग का संयुक्त सचिव बनाया गया।

छत्तीसगढ़ भाजपा के नेता और पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि कॉन्ग्रेस छल-कपट की राजनीति के आधार पर अपने विरोधियों को फँसाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाती रही है। उन्होंने कहा कि NAN घोटाले में जो दोनों अभियुक्त थे, वे आज राज्य सरकार के नाक के बाल यानी सबसे प्यारे हैं। वे सरकार चलाने के औजार भी बन गए हैं।

राजेश मूणत ने कहा कि NAN घोटाले का आरोप लगाते हुए उस समय के छत्तीसगढ़ कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा को भ्रष्टतम अधिकारी बताया था। इसके बाद राज्य में कॉन्ग्रेस की सरकार आई, भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बने और एसआईटी का गठन हुआ। एसआईटी ने क्या कहा ये बात आज तक जनता के सामने नहीं पहुँच पाई।

राजेश मूणत ने आगे कहा कि भूपेश बघेल की सरकार ने SIT के प्रमुख GP सिंह को कहा था कि भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, उनकी पत्नी और तत्कालीन प्रमुख सचिव अमन सिंह को फँसाना है। जब जीपी सिंह ने ऐसा करने से मना कर दिया तो उन्हें साजिश रचने का अभियुक्त बनाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को फँसाने के लिए अधिकारी चैट करते थे। इसमें आलोक शुक्ला निर्देश देते थे और अनिल टुटेजा इसे इसका संचालन करते थे। मूणत ने कहा कि आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा से कॉन्ग्रेस के क्या रिश्ते हैं, ये पार्टी को बताना चाहिए।

ऑपइंडिया को मिले ह्वाट्सएप चैट से हुआ खुलासा

फरवरी 2020 में आयकर विभाग द्वारा छापेमारी के दौरान IPS अनिल टुटेजा और उनके बेटे यश टुटेजा के फोन जब्त कर लिए गए थे। व्हाट्सएप पर टुटेजा के दूसरे अधिकारियों के साथ चैट में विभाग को कई अहम जानकारियाँ मिली हैं। ऑपइंडिया के पास भी यह एक्सक्लूसिव व्हाट्सएप उपलब्ध है। चैट में टुटेजा के एसआरपी कल्लूरी, इंदिरा कल्याण एलेसेला, जीपी सिंह और आरिफ शेख जैसे अधिकारियों के साथ की गई बातचीत उपलब्ध है।

चैट में उपलब्ध बातचीत से यह साफ हो गया है कि अनिल टुटेजा और उनके बेटे यश टुटेजा के इशारे पर राज्य में आपराधिक न्याय प्रणाली का जमकर दुरुपयोग किया गया। व्हाट्सएप चैट से यह भी स्पष्ट होता है कि कैसे राज्य के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी NAN घोटाले के मुख्य अभियुक्तों के सहायक बनकर रह गए हैं। चैट से पता चलता है कि राज्य के प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला आरोपित टुटेजा के साथ मिलकर उनके केस को कमजोर करने और उनके विरोधियों पर मुकदमा दर्ज कराने की साजिश रच रहे थे।

राज्य के एक प्रमुख आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह द्वारा दिए गए शपथ पत्र और अनिल टुटेजा के साथ हुई व्हाट्सएप चैट से भी मामले में कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। जानकारी के मुताबिक आलोक शुक्ला के निर्देशन में अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा, अन्य बड़े पुलिस अधिकारियों और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मिलकर राजनीतिक विरोधियों की एक हिटलिस्ट तैयार की थी।

मुख्यमंत्री बघेल न सिर्फ टुटेजा की मदद कर रहे थे बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, उनके परिवार के लोगों, पूर्व प्रमुख सचिव अमन सिंह उनकी पत्नी यास्मीन सिंह, पूर्व डीजी (पुलिस) मुकेश गुप्ता, अशोक चतुर्वेदी और चिंतामणि चंद्राकर जैसे अधिकारियों को भी फँसाने की कोशिश कर रहे थे।

19 अक्टूबर 2022 को छत्तीसगढ़ के NAN घोटाला मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में ईडी ने दावा किया कि मुख्य आरोपितों अनिल टुटेजा और आलोक शुक्ला की राज्य सरकार के बड़े अधिकारियों के साथ मिली भगत है। जो उन्हें बचाने की कोशिश में लगे हैं। ईडी ने मामले को राज्य से बाहर ट्रांसफर करने की अपील की थी।