Home Blog Page 2159

हरियाणा में अब नहीं हो सकेगा शादी के लिए धर्मांतरण, 10 साल तक की सज़ा और ₹5 लाख तक जुर्माने का प्रावधान: राज्यपाल ने नए कानून को दी मंजूरी

देश में जबरन धर्मांतरण की बढ़ती घटनाओं के बीच हरियाणा (Haryana) में शादी के लिए धर्म-परिवर्तन पर रोक लग गई है। मंगलवार (20 दिसंबर, 2022) को राज्यपाल ने इससे जुड़े विधेयक को मंजूरी दे दी। यानी, अब हरियाणा में शादी के लिए कोई भी धर्म-परिवर्तन नहीं कर सकता। कानून का उल्लंघन करने पर 10 साल तक की सज़ा होगी।

दरअसल, बीते 4 सालों में हरियाणा में जबरन धर्मांतरण (Forced Conversion) के 127 मामले सामने आए थे। धर्म-परिवर्तन की इन घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) की अगुवाई वाली राज्य की भाजपा सरकार ने इसी साल मार्च में ‘हरियाणा विधि विरूद्ध धर्म परिवर्तन निवारण अधिनियम, 2022’ विधानसभा में पारित किया था। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अब यह कानून बन गया है। सरकार ने इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।

इस कानून के अनुसार, यदि कोई भी स्त्री या पुरुष शादी के लिए धर्म परिवर्तन करता है तो उसे 3-10 साल तक की सज़ा और 5 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। यही नहीं, इस कानून के लागू होने के बाद अब जबरन धर्मांतरण का शिकार होने पर पीड़ित कोर्ट की शरण भी ले सकेंगे। साथ ही, कोर्ट पीड़ित और आरोपित की देखते हुए भरण-पोषण और कार्रवाई का खर्चा देने का आदेश जारी करेगा।

इसके अलावा इस कानून में यह प्रावधान भी किया गया है कि जबरन धर्मांतरण होने के बाद यदि बच्चा हो गया है और महिला या पुरुष शादी से संतुष्ट नहीं हैं तब भी वह कोर्ट की शरण ले सकते हैं। कोर्ट दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद आदेश देगा कि बच्चे के बेहतर भविष्य के लिए भी भरण पोषण राशि दोनों को ही देनी होगी। साथ ही, कानून की धारा 6 के अंतर्गत विवाह को अमान्य घोषित करने का भी प्रावधान है।

सीधे शब्दों में समझें तो राज्य के मौजूदा कानून के अनुसार, जबरन धर्मांतरण में 1 से 5 साल तक की सजा व न्यूनतम 1 लाख रुपए का जुर्माना। शादी के लिए धर्म छिपाने या जबरन धर्मांतरण करने पर 3-10 साल तक की सजा व न्यूनतम 3 लाख व अधिकतम 5 जुर्माना। वहीं, सामूहिक धर्मांतरण में 10 साल तक की होगी सजा होगी।

स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन की भी देनी होगी जानकारी

हरियाणा सरकार के नए कानून के अनुसार यदि राज्य में कोई अपनी इच्छा से धर्मांतरण करना चाहता है तो उसे जिले के DC को इसकी जानकारी देनी होगी। DC कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर उस व्यक्ति के धर्म-परिवर्तन की जानकारी चस्पा की जाएगी। धर्म-परिवर्तन के बाद यदि कोई खुश नहीं है तो 30 दिनों के अंदर उसे लिखित शिकायत दर्ज करानी होगी। इसके बाद, DC जाँच करेंगे। धर्मांतरण नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सज़ा होगी।

आपत्ति होने पर 30 दिनों के भीतर लिखित में शिकायत की जा सकती है। DC जाँच कर तय करेंगे कि धर्म-परिवर्तन में नियमों का उल्लंघन किया गया है या नहीं। उल्लंघन होने पर धर्मांतरण की स्वीकृति रद्द कर दी जाएगी। हालाँकि, DC के आदेश के विरुद्ध भी मण्डलायुक्त कार्यालय में शिकायत की जा सकती है।

संसद सत्र छोड़ा, पर क्रिसमस-नए साल पर नहीं जुड़ेगा भारत: 9 दिन का ब्रेक, लोग बोले- विदेश जा रहे राहुल गाँधी

राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ 9 दिनों के लिए रोकी जा रही है। कॉन्ग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट कर जानकारी दी कि 24 दिसंबर, 2022 से लेकर 2 जनवरी, 2023 तक भारत जोड़ो यात्रा रोकी जा रही है। हालाँकि, उन्होंने अपने ट्वीट में क्रिसमस और नए साल का जिक्र नहीं किया, जो कि इन्हीं 9 दिनों के भीतर मनाए जाएँगे।

कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश ने अपने ट्वीट में लिखा, “भारत जोड़ो यात्रा 24 दिसंबर की शाम को दिल्ली पहुँचेगी। उसके बाद नौ दिनों का ब्रेक होगा, ताकि कंटेनरों को मरम्मत करके उत्तर (उत्तरी भारत) में पड़ने वाले कठोर सर्दी के लिए तैयार किया जा सके। साथ ही इस ब्रेक में कई भारत यात्री लगभग चार महीने के बाद अपने परिवार से मिल पाएँगे और उनके साथ समय बिता पाएँगे। यात्रा 3 जनवरी, 2023 को फिर से शुरू होगी।”

दिल्ली में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता यात्रा की स्वागत के लिए तैयारियाँ भी करने लगे हैं, जहाँ भव्य स्वागत के बाद यात्रा रोक दी जाएगी। 9 दिनों के विराम के बाद यात्रा दिल्ली से ही शुरू होगी। इन सब के बीच यह स्पष्ट नहीं है कि कि राहुल गाँधी अपनी छुट्टियाँ कहाँ बिताने वाले हैं।

‘भारत जोड़ो यात्रा’ रोके जाने की खबर फैलने के साथ ही नेटिजन्स इस बात का अंदाजा लगाने लगे कि छुट्टियों के दौरान राहुल गाँधी कहाँ रहेंगे। ट्विटर यूजर ऋषि बागरी ने कमेंट किया, ” 24 दिसंबर से 2 जनवरी तक भारत जोड़ो यात्रा बंद रहेगा क्योंकि भारत जोड़ने वाले मिस्त्री अपने परिवार के साथ रहने के लिए बाहर जा रहे हैं। इस रुकावटके लिए खेद है।”

‘लुटियंस वॉच’ नाम के यूजर ने लिखा कि राहुल गाँधी ने भारत जोड़ो यात्रा के लिए संसद के शीतकालीन सत्र को छोड़ दिया और अब उन्होंने क्रिसमस की छुट्टियों के लिए यात्रा को छोड़ दिया।

तरुणभ नाम के यूजर ने लिखा कि यात्रा रोके जाने का कारण आप भले ही कुछ और दिखा रहे हैं लेकिन यह संदेश जा चुका है कि ‘यात्रा का नायक’ अपने लिए छुट्टी चाहता है।

ट्विटर यूजर जयन ने राहुल गाँधी का एक पुराना ट्वीट शेयर किया, जिसमें उन्होंने दिसंबर 2016 में नए साल को लेकर अपनी यात्रा के बारे में जानकारी दी थी।

सुधीर सिंह नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, “दरअसल संदेश यह है कि राहुल गाँधी अपने परिवार के साथ क्रिसमस और नया साल मनाने के लिए बाहर जा रहे हैं इसलिए यात्रा कुछ दिनों के लिए रोकी जा रही है। उनके वापस आने के बाद यह फिर से शुरू हो जाएगा।”

आपको बता दें कि राहुल गाँधी ने भारत जोड़ो यात्रा के लिए संसद का शीतकालीन सत्र छोड़ दिया था। इसकी जानकारी 4 दिसंबर, 2022 को कान्ग्रेस नेता औरर सांसद केसी वेणुगोपाल ने दी थी। उन्होंने मीडिया से कहा था कि भारत जोड़ो यात्रा के बीच राहुल गाँधी का सत्र में शामिल हो पाना मुमकिन नहीं होगा।

छुट्टियों को लेकर राहुल गाँधी के पिछले रिकॉर्ड पर नज़र डालें तो कई बार उनके विदेश में छुट्टियाँ मनाने की बातें सामने आई हैं। अहम मौकों और पार्टी कार्यक्रमों के बीच भी उनके विदेश जाने की सूचना प्राप्त होती रही हैं। जनवरी 2021 में ख़बरें सामने आई थीं कि राहुल गाँधी नए साल के जश्न में शामिल होने के लिए विदेश में थे। यह तो साफ नहीं है कि वे कहाँ गए थे लेकिन माना जा रहा था कि वे इटली के मिलान में थे।

साल 2016 में तो उन्होंने खुद अपने यात्रा के बारे में जानकारी दी थी। जुलाई, 2022 में गोवा संकट के बीच भी वे पार्टी के नेताओं के साथ न होकर विदेश यात्रा पर थे। मई, 2022 में उन्हें नेपाल के एक नाइट क्लब में देखा गया था। अप्रैल, 2022 में भी राहुल गाँधी दस दिनों के लिए अचनाक गायब हो गए थे। साल 2021 में दीपावाली की छुट्टियों से पहले उनके लंदन में होने की खबरें आई थीं। सितंबर 2021 में पंजाब में सियासी ड्रामे के बीच राहुल अपने परिवार के साथ शिमला में छुट्टियाँ बिता रहे थे।

नवंबर, 2019 में कॉन्ग्रेस को भारत भर में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का सुझाव देने के बाद वे अचानक गायब हो गए थे। मई, 2019 में भी आम चुनाव संपन्न होने के बाद वोटों की गिनती से पहले राहुल गायब हो गए थे।

सरकारी पैसे से राजनीतिक प्रचार: दिल्ली के LG ने AAP से ₹97 करोड़ वसूलने का दिया आदेश, भुगतान के लिए 15 दिन का समय

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने आम आदमी पार्टी (AAP) से 97 करोड़ रुपए वसूलने के आदेश दिए हैं। मुख्य सचिव को दिए गए आदेश में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी को भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। सरकारी पैसे से राजनीतिक प्रचार करने के मामले में यह आदेश दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अपने आदेश में कहा है कि राजनीतिक विज्ञापनों को सरकारी विज्ञापनों के तौर पर प्रकाशित करने के लिए आम आदमी पार्टी से 97 करोड़ रुपए की रिकवरी की जाए। यह भी कहा है कि ऐसा करके केजरीवाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों का भी उल्लंघन किया है।

वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वह सितंबर, 2016 के बाद के सभी विज्ञापनों को कमेटी ऑन कंटेंट रेग्युलेशन इन गर्वनमेंट एडवरटाइजिंग (CCRGA) के पास जाँच के लिए भेजें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सभी विज्ञापन सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप हैं या नहीं। 

आदेश में कहा गया है कि सूचना और प्रचार निदेशालय ने जाँच कर बताया था कि 97,14,69,137 रुपए अनुचित विज्ञापनों में खर्च किए गए थे। हालाँकि, इसमें से 42.26 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सूचना और प्रसारण निदेशालय द्वारा पहले ही ली जा चुकी है। लेकिन, 54.87 करोड़ रुपए अब भी बाकी है।

सूचना और प्रचार निदेशालय ने 2017 में आम आदमी पार्टी को 42.26 करोड़ रुपए सरकारी खजाने को तुरंत जमा करने और 54.87 करोड़ रुपए की बकाया राशि विज्ञापन एजेंसियों या संबंधित प्रकाशनों को 30 दिनों के भीतर सीधे भुगतान करने का निर्देश दिया था। लेकिन, पाँच साल और आठ महीने बीत जाने के बाद भी AAP ने आदेशों का पालन नहीं किया।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की अनिवार्य के दिशा निर्देशों के बाद CCRGA का गठन हुआ था। उसने आम आदमी पार्टी को 97 करोड़ 14 लाख रुपए ब्याज के साथ सरकारी खजाने में जमा करने का आदेश दिया था। कमिटी ने अपने आदेश में कहा कि राजनीतिक विज्ञापनों को सरकारी विज्ञापन के तौर पर प्रकाशित किया गया, जिससे एक राजनीतिक दल को लाभ मिला। यह सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों की अवमानना है।

एक चट्टान, सौ शैतान, इस कलियुग में आ रहा है भोला… माथे पर भस्म लगाए अजय देवगन का लुक, टीजर में पढ़ते दिखे थे भगवद्गीता

बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन (Ajay Devgn) के सितारे इन दिनों बुलंदी पर हैं। ‘दृश्यम 2’ की सफलता के बाद वह अपनी फिल्म ‘भोला’ (Bhola) को लेकर खासे चर्चा में हैं। मंगलवार (20 दिसंबर, 2022) को अजय देवगन की फिल्म का मोशन पोस्टर जारी किया गया। इस पोस्टर में अजय देवगन दमदार लुक में नजर आ रहे हैं। फर्स्ट पोस्टर लुक में माथे पर भस्म और आँखों में एग्रेशन उनके फैंस को बेहद पसंद आ रहा है। इसके साथ ही इसका बैकग्राउंड म्यूजिक भी जबरदस्त है।

‘तानाजी: द अनसंग वॉरियर’ फिल्म के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले अभिनेता ने अपने इंस्टाग्राम और ट्विटर पर इस मोशन पोस्टर को शेयर किया है। इसके साथ ही उन्होंने लिखा, “एक चट्टान, सौ शैतान। इस कलयुग में 30 मार्च, 2023 को आ रहा है भोला।”

फिल्म के मोशन पोस्टर पर सबसे पहले स्क्रीन पर ‘एक चट्टान, सौ शैतान’ लिखा हुआ दिखाई देता है। इसके बाद बैकग्राउंड से आवाज आती है- बड़ा बवाल काटे हो, अरे का नाम है तुम्हारा मरदवा? पहले कभी दिखे नहीं। इसके बाद अजय देवगन की आवाज आती है – “दिखे होते हो तू नहीं दिखता।” इसके बाद अजय देवगन का दमदार लुक नजर आता है।

सोशल मीडिया पर यूजर्स उनके लुक के कायल हो गए हैं। वे अभी से ‘भोला’ को सुपरहिट बता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “बाकी सब एक तरफ, अजय देवगन एक तरफ।”

(फोटो साभार: अजय देवगन का इंस्टाग्राम)

एक और यूजर लिखता है- ट्रेलर दे दो भाई जल्दी से। सतीश पवार नाम के यूजर ने लिखा, “तीन बार नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले सुपरस्टार अजय देवगन का एक्स्ट्राऑर्डिनरी लुक। भोला सुपरहिट।”

(फोटो साभार: अजय देवगन का इंस्टाग्राम)

विजय प्रकाश कुवाल ने लिखा कि वह 30 मार्च को भोला का फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखेंगे।

यह फिल्म सिनेमाघरों में 30 मार्च, 2023 को रिलीज होगी। दर्शक अजय का धाँसू लुक देखने के बाद इस फिल्म के ट्रेलर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह फिल्म 3डी में रिलीज होगी। ‘भोला’ में अजय देवगन को एक निडर पिता के रूप में दिखाया गया है, जो अपनी बेटी से मिलने के लिए उसके रास्ते में आने वाले किसी भी व्यक्ति से लड़ सकता है। इसमें अजय देवगन के साथ एक्ट्रेस तब्बू भी अहम किरदार में हैं।

‘भोला’ साउथ इंडियन फिल्म ‘कैदी’ का हिंदी रीमेक है। यह फिल्म 25 अक्टूबर 2019 को रिलीज हुई थी। फिल्म में अभिनेता कार्ति ने लीड रोल निभाया है। ये फिल्म सुपरहिट रही थी। फिल्म का मुख्य किरदार एक जेल का कैदी होता है। निर्देशक मणिरत्नम की फिल्म ‘पोन्नियिन सेलवन: 1’ में भी कार्ति के किरदार को काफी पसंद किया गया था।

बता दें कि अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम 2’ रिलीज के 1 महीने बाद भी सिनेमाघरों में धमाल मचा रही है। अब तक, ‘दृश्यम 2’ ने भारत में 222.10 करोड़ नेट रुपए कमा लिए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इस वीकेंड पर यह फिल्म 225 करोड़ का आँकड़ा पार कर जाएगी। दुनिया भर में इसकी कुल कमाई 316 करोड़ रुपए के आँकड़े को पार कर चुकी है।

PFI के उपद्रव से केरल को नुकसान, ₹5.20 करोड़ जुर्माना वसूली को लेकर गंभीर नहीं वामपंथी सरकार: अब HC ने फटकारा, 31 जनवरी तक का दिया समय

केरल हाई कोर्ट (Kerala High Court) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उसके सदस्यों से 5.20 करोड़ रुपए के नुकसान की भरपाई में देरी को लेकर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई। जस्टिस एक. जयशंकरन नांबियार और जस्टिस मोहम्मद नियास सीपी की खंडपीठ ने सोमवार (19 दिसंबर, 2022) को कहा कि पीएफआई और इसके सदस्यों की संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किए जाने के बावजूद राज्य ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया। अदालत ने कहा कि संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के मामले को छोटा मामला नहीं माना जा सकता। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने राज्य के गृह सचिव को 23 दिसंबर 2022 को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले महीने सरकार ने अदालत को बताया था कि राजस्व विभाग को कार्रवाई आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने अदालत को भरोसा दिलाया था कि एक महीने के भीतर कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। लेकिन, सोमवार को गृह विभाग ने अदालत को बताया कि राजस्व विभाग ने कहा है कि एक महीने के भीतर प्रक्रिया को पूरा करना अव्यावहारिक है। इस पर केरल उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पूर्व में निर्देशों के अनुपालन के लिए दिया गया समय 31 जनवरी को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

मालूम हो कि अदालत ने इस साल सितंबर में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) को विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुए सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई करने के लिए 2 सप्ताह में 5 करोड़ 20 लाख रुपए जुर्माने के तौर पर भरने के लिए कहा था। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि अवैध हड़ताल के संबंध में राज्य भर में दर्ज मामलों में प्रतिबंधित PFI के राज्य सचिव अब्दुल सत्तार को आरोपित बनाया जाए, क्योंकि इस तरह से आम लोगों का जीवन खतरे में नहीं डाला जा सकता है।

साथ ही जिला स्तर के अदालतों को भी ये आदेश दिया गया कि तोड़फोड़ में शामिल PFI कार्यकर्ता जहाँ भी जमानत की अर्जी दाखिल करें, वहाँ उनकी जमानत की शर्तों में नुकसान की उन्हीं से भरपाई शामिल हो। गौरतलब है कि PFI के ठिकानों पर केंद्रीय एजेंसियों द्वारा 22 सिंतबर 2022 को हुई राष्ट्रव्यापी छापेमारी के बाद अगले दिन 23 सितंबर को PFI ने केरल में हड़ताल बुलाई थी। इस हड़ताल में बड़े पैमाने पर हिंसक हरकतें हुई थीं। आरोप है कि PFI के कार्यकर्ताओं ने सरकारी बसों को भी नुकसान पहुँचाया था।

ये धरती मेरी माँ है… असली भैरों सिंह राठौड़ का निधन, 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के छुड़ाए थे छक्के: ‘बॉर्डर’ में सुनील शेट्टी ने निभाया था किरदार

‘ये धरती मेरी माँ है’ – 1997 में आई जेपी दत्ता की ‘ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर’ फिल्म ‘बॉर्डर’ का ये डायलॉग तो आपको याद ही होगा। इस डायलॉग को बोलने वाला किरदार भी आपके जेहन में होगा ही, जिसे सुनील शेट्टी ने निभाया था। उनका किरदार BSF के नाइक (रिटायर्ड) भैरों सिंह राठौड़ से प्रेरित था। सोमवार (19 दिसंबर, 2022) को 1971 में पाकिस्तान के छक्के छुड़ाने वाले लोंगेवाला युद्ध के नायक भैरों सिंह राठौड़ का 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।

भैरों सिंह राठौड़ का जन्म जोधपुर में शेरगढ़ के सोलंकियातला गाँव में हुआ था। वह 1971 में जैसलमेर के लोंगेवाला पोस्ट पर बीएसएफ (BSF) की 14 बटालियन में तैनात थे। भैरो सिंह ने युद्ध के समय अपने असाधारण शौर्य का परिचय दिया था और पाकिस्तानी सेना को पीछे जाने पर मजबूर कर दिया था। दरअसल, भारतीय सेना के मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी के नेतृत्व में पंजाब रेजिमेंट की कंपनी को लोंगेवला पोस्ट की रक्षा की जिम्मेदारी मिली थी। उनके साथ 120 जवान थे। इन्हीं जवानों में से एक भैरों सिंह राठौड़ भी थे। वह अपनी छोटी सी टुकड़ी के कमांडर थे। इन जवानों ने पाकिस्तान के टैंकों को ध्वस्त करते हुए कई दुश्मन सैनिकों को मार गिराया था।

5 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान की ब्रिगेड ने टैंकों के साथ भारतीय पोस्ट पर हमला बोला दिया था। हालाँकि भारतीय सेना और बीएसएफ की जॉइंट टीम ने अदम्य साहस दिखाया और बिना भारी तोपों के ही पाकिस्तानी ब्रिगेड और टैंक रेजिमेंट को धूल चटा दी। इस दौरान भैरो सिंह के रेजिमेंट के एक जवान बलिदान हो गए थे, लेकिन भैरों सिंह ने हिम्मत नहीं हारी और हल्की मशीनगन लेकर ही आगे बढ़ गए और पाकिस्तानी सेना को काफी नुकसान पहुँचाया।

भैरों सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बगैर दुश्मनों के छक्के छुड़ाए। यहाँ ये ध्यान दिलाना ज़रूरी है कि ‘बॉर्डर’ फिल्म में उन्हें बलिदानी दिखाया गया था, लेकिन वो युद्ध के बाद भी 51 वर्षों तक जीवित रहे। भैरो सिंह राठौड़ 1963 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे और साल 1987 में रिटायर्ड हुए थे। दरअसल वह बीते कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे और उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था, जहाँ उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्हें सेना मेडल से भी सम्मानित किया गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भैरों सिंह राठौड़ के निधन के बाद उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वो देशसेवा के लिए हमेशा याद रखे जाएँगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण समय में अदम्य साहस दिखाया। पीएम मोदी ने उनके निधन पर दुःख जताते हुए कहा कि वो इस कठिन क्षण में दिवंगत नाइक (रिटायर्ड) के परिवार के साथ हैं। वहीं सुनील शेट्टी ने भी ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पिछले कई वर्षों से भैरों सिंह राठौड़ स्थानीय युवकों को भारतीय सेना के लिए प्रशिक्षण देते हुए समय व्यतीत कर रहे थे।

उमेश कोल्हे का गला रेतने के पीछे तबलीगी जमात के कट्टरपंथी, NIA ने बताया- आतंक पैदा करने के लिए हुई हत्या: चार्जशीट में 11 नाम

महाराष्ट्र के अमरावती में 22 जून 2022 को उमेश कोल्हे की हत्या कर दी गई थी। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने चार्जशीट में बताया है कि इससे जुड़े लोग इस्लामी कट्टरपंथी हैं। उनका तबलीगी जमात से कनेक्शन है। 16 दिसंबर 2022 को NIA ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें 11 नाम हैं। मुख्य आरोपितों में से एक इरफान खान जमात का कट्टर समर्थक बताया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक NIA की चार्जशीट में बताया गया है कि कट्टरपंथियों का मकसद हत्या कर आतंक पैदा करना था। नूपुर शर्मा के समर्थन में व्हाट्सएप मैसेज फॉरवर्ड करने की वजह से कोल्हे उनके टारगेट पर थे। चार्जशीट में बताया गया है कि इरफान खान रहबर हेल्पलाइन नाम की एक NGO का मेंबर था। इस NGO ने कोरोना लॉकडाउन में फ्री एम्बुलेंस सुविधा शुरू की थी। बाद में तबलीगी जमात के अपने फॉलोवर्स की मदद से इरफान इस NGO का अध्यक्ष बन गया।

बचाव पक्ष की एक सामान्य हत्या की दलील को नकारते हुए NIA ने चार्जशीट में इसे सोची समझी साजिश के साथ पूरी तैयारी से आतंकी गतिविधि वाला कत्ल करार दिया है। NIA ने चार्जशीट में बताया है कि इस कत्ल के पीछे वही आतंकी सोच जिम्मेदार है जो देश के विभिन्न हिस्सों में युवाओं को कट्टरपंथ की तरफ धकेल रही है। कोल्हे का कत्ल लोगों में खौफ पैदा करने और देश के विभिन्न हिस्सों में दंगे करवाने की नीयत से किया गया था।

NIA ने चार्जशीट में बताया है कि इस कत्ल के पीछे वही आतंकी सोच जिम्मेदार है जो देश के विभिन्न हिस्सों में युवाओं को कट्टरपंथ की तरफ धकेल रही है। कोल्हे का कत्ल लोगों में खौफ पैदा करने और देश के विभिन्न हिस्सों में दंगे करवाने की नीयत से किया गया था।

गौरतलब है कि उमेश की हत्या मामले में मुख्य साजिशकर्ता यूसुफ नाम का एक डॉक्टर है, जो उमेश और उनके परिवार का दशकों पुराना जानकार है। जिनके खिलाफ चार्जशीट फाइल की है उनमें मुबशिर अहमद, शाहरुख खान, अब्दुल तौसीफ शेख, मोहम्मद शोएब, आतिब राशिद, यूसुफ खान, इरफान खान, अब्दुल अरबाज, मुस्फीक अहमद, शेख शकील और शाहिम अहमद के नाम शामिल हैं।

हिंदुओं के कातिल लतीफ और उमर नाजिर सहित 3 आतंकी ढेर: कश्मीर में 2014 के बाद हिंसक घटनाएँ 80% कम, 6000 ने डाले हथियार

जम्मू कश्मीर के शोपियां में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ की खबर है। मिल रही जानकारी के मुताबिक अब तक 3 आतंकी ढेर किए जा चुके हैं। मारे गए आतंकियों का संबंध लश्कर ए तैय्यबा से बताया जा रहा है जो कश्मीरी पंडित कृष्णा भट्ट के साथ एक नेपाली नागरिक की हत्या में शामिल बताए जा रहे हैं। जवानों ने इलाके को घेर कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। यह मुठभेड़ मंगलवार (20 दिसंबर, 2022) की सुबह हुई है।

इस मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए कश्मीर पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए तीनों आतंकियों की पहचान हो गई है। इसमें से पहला आतंकी शोपियाँ का लतीफ़ लोन है। लतीफ़ कश्मीरी हिन्दू कृष्ण भट्ट की हत्या में शामिल रहा था। यह हत्या अक्टूबर 2022 में हुई थी। वहीं दूसरे आतंकी की पहचान उमर नाज़िर के तौर पर हुई है। अनंतनाग का रहने वाला नाज़िर नेपाली नागरिक तिल बहादुर थापा की हत्या में शामिल रहा था। तिल बहादुर थापा की हत्या नवम्बर 2022 में हुई थी।

तीसरे आतंकी की शिनाख्त की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कश्मीर के एक स्थानीय न्यूज़ पोर्टल के अनुसार, तीसरे आतंकी का नाम दानिश हुसैन काकरू है। वह कश्मीर के बारामुला का रहने वाला बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि आतंकी उमर का कोड अबू सूफियान था, जबकि दानिश काकरू को हैदर मुआविया कोड दिया गया था। हालाँकि इस दावे के आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा है।

यह मुठभेड़ मुंझ मार्ग क्षेत्र में हुई है। पुलिस ने मारे गए आतंकियों के पास से 2 पिस्टल और 1 AK-47 रायफल बरामद की है। किसी और आतंकी के छिपे होने की आशंका के चलते सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है और सघन तलाशी अभियान जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा बलों को आतंकियों की गुप्त जानकारी मिली थी। इसी सूचना के बाद जवानों ने इलाके में पहुँच कर आतंकियों को सरेंडर करने के लिए कहा था। जवाब में आतंकियों ने गोलियाँ चलानी शुरू की। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में 3 आतंकी ढेर हो गए।

आतंकी घटनाएँ कम होने का दावा

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने मोदी सरकार बनने के बाद कश्मीर में आतंकी घटनाओं में तेजी से गिरावट आने का दावा किया है। अनुराग ठाकुर ने अपने दावे के समर्थन में कुछ आँकड़े भी पेश किए। उनका दावा है कि साल 2014 के बाद कश्मीर में हिंसक घटनाओं में 80% और आम नागरिकों की मौत में 89% की गिरावट आई है। इसी के साथ ठाकुर ने कहा कि 2014 के बाद से अब तक लगभग 6000 आतंकियों ने खुद को कानून के हवाले कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अपने बयान में अनुराग ठाकुर ने सर्जिकल स्ट्राइक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि साल 2015 के बाद वामपंथी उन्माद भी 265% कम हो गया है। पूर्वोत्तर के राज्यों का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मेघालय और त्रिपुरा से अफ्स्पा (AFSPA) पूरी तरह से हटा लिया गया है जबकि असम में इसे 60% कम किया गया है।

PM मोदी का इस्तीफा, सुप्रीम कोर्ट ने EVM बैन किया… 32 करोड़ व्यूज और 10 लाख सब्सक्राइबर वाला यूट्यूब चैनल चला रहा फेक न्यूज़, फैक्ट-चेक वाली जमात चुप

एक यूट्यूब चैनल है ‘News Headlines’ नाम का, जो लगातार फेक न्यूज़ फैलाने में लगा हुआ है। ये कोई छोटा-मोटा यूट्यूब चैनल नहीं है, बल्कि इसके 9.67 लाख सब्सक्राइबर्स हैं, यानी एक मिलियन के करीब। इसके 3 वीडियो ऐसे हैं, जिन पर 50 लाख से भी अधिक व्यूज आ चुके हैं। अब तक 32 करोड़ व्यूज इस यूट्यूब चैनल के वीडियोज को मिल चुके हैं। खास बात ये है कि YouTube ने फर्जी खबरें फैलाने वाले ‘News Headlines’ चैनल को वेरिफाइड का टिक दिया हुआ है।

इस चैनल के वीडियोज के शीर्षकों पर एक नज़र डालिए – ‘मोदी ने सौंपी राष्ट्रपति को कमान, देश में राष्ट्रपति शासन लागू’, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस्तीफा, नितिन गडकरी को मिलेगी कमान’, ‘नहीं रहे संघ प्रचारक भागवत, अचानक हार्ट अटैक से हुआ निधन, देश भर में छाई शोक की लहर’, ‘भाजपा के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का इस्तीफा’, ‘कॉन्ग्रेस के साथ आए अमिताभ बच्चन’, ‘कॉन्ग्रेस को नितिन गडकरी का समर्थन’, ‘सुप्रीम कोर्ट में नरेंद्र मोदी दोषी करार’, ’16 लाख वोट गुजरात में अवैध घोषित’, ‘हार्दिक पटेल ने कॉन्ग्रेस में की घर वापसी’ इत्यादि।

खास बात ये है कि ये यूट्यूब चैनल अपने थंबनेल्स ऐसे डिजाइन करता है, जैसे ये किसी मेनस्ट्रीम न्यूज़ चैनल की खबर लगे। साथ ही एक तरफ किसी मशहूर महिला एंकर की तस्वीर लगा दी जाती है। फ़ॉन्ट भी टीवी न्यूज़ चैनलों जैसा रख कर कोई सम्बंधित तस्वीर गलत सूचना के साथ लगा दी जाती है। ‘अभी-अभी की बड़ी खबर’ कैप्शन में लिख दिया जाता है, ताकि लोग ब्रेकिंग न्यूज़ समझ कर इसे देखें। अंजना ओम कश्यप और रवीश कुमार जैसे एंकरों की तस्वीरों का इसमें इस्तेमाल किया गया है।

जब हमने ‘Boom Live’ और ‘Alt News’ जैसे तथाकथित फैक्ट-चेक पोर्टलों पर इससे जुड़ी खबरें शेयर की तो हमें कुछ नहीं मिला। मोहम्मद जुबैर-प्रतीक सिन्हा की जोड़ी ने कभी ट्वीट कर के भी नहीं बताया कि ‘न्यूज़ हेडलाइंस’ की फलाँ खबर फर्जी है। इस चैनल को 32 करोड़ बार देखा जा चुका है, लेकिन फैक्ट-चेक के तथाकथित झंडाबरदारों ने इसकी एक खबर का भी फैक्ट-चेक करना सही नहीं समझा। जबकि, इसकी एक भी खबर ऐसी नहीं है जो सच हो।

इस यूट्यूब चैनल पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश (CJI) और चुनाव आयोग (ECI) को लेकर भी फर्जी खबरें फैलाई गई हैं। एक खबर में दावा कर दिया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने EVM को बैन करते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने का आदेश दिया है, जो एकदम फर्जी है। एक खबर में तो इसने CJI के हवाले से पीएम मोदी को राजद्रोह का दोषी तक करार दिया। हालाँकि, अब फेक न्यूज़ फैलाने वाले इस यूट्यूब चैनल को केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित किया जा सकता है।

‘न्यूज़ हेडलाइंस’ पर झूठी खबरों का लगा है अंबार, कोई फैक्ट-चेक नहीं

ख़ुफ़िया इनपुट्स के आधार पर सितंबर 2022 में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने यूट्यूब को 10 यूट्यूब चैनल्स के 45 वीडियोज को बैन किया था। इन वीडियोज में फेक कंटेंट के माध्यम से भारतीय सेना, राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र व कश्मीर के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा था। इससे पहले अगस्त 2022 में भी केंद्र सरकार द्वारा कुल 8 चैनलों को बैन किया गया था। ‘न्यूज़ हेडलाइंस’ इस तरह की झूठी खबरों के जरिए लोगों को बरगला रहा है और फैक्ट-चेकरों की जमात प्रोपेगंडा फैलाने में व्यस्त है।

बिहार के नबील ने इंदौर में नवीन बन हिंदू महिला को फँसाया, रिलेशन बना इस्लाम कबूलने का डालने लगा दबाव: उज्जैन में भी लव जिहाद

मध्य प्रदेश के इंदौर और उज्जैन से लव जिहाद के मामले सामने आए हैं। इंदौर के एक मुस्लिम युवक पर हिन्दू नाम रख कर महिला से रेप करने और धर्मान्तरण का दबाव बनाने का आरोप लगा है। आरोपित फरार है। उज्जैन से सामने आए इसी तरह के केस में आरोपित की गिरफ्तारी हो चुकी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उज्जैन के निलगंगा इलाके की 26 वर्षीया एक महिला ने शादाब के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है। शिकायत में बताया है कि साल 2021 में शादाब से उसका परिचय सोशल मीडिया के माध्यम से हुआ था। शादाब का एक नाम राजा भी है। उसने सोशल मीडिया पर खुद को हिन्दू बताया था।

शिकायत में आगे बताया गया है कि कुछ दिनों की बातचीत के बाद शादाब 13 दिसंबर 2022 को महिला को अजमेर घुमाने ले गया। यहाँ उसने इस्लामी वेशभूषा में लड़की को खुद से निकाह करने के लिए कहा। बताया जा रहा है कि उस समय शादाब ने कुर्ता पहन रखा था और उसके सिर पर टोपी थी। यहाँ पीड़िता को पहली बार शादाब के मुस्लिम होने की जानकारी हुई। लड़की का कहना है कि इस दौरान शादाब ने कई बार उसके साथ रेप भी किया।

अपनी शिकायत में पीड़िता ने शादाब पर खुद को मानसिक प्रताड़ना देने और धर्म बदल कर खुद से निकाह करने का दबाव डालने का आरोप लगाया है। महिला ने बताया कि शादाब उसके श्रद्धा की तरह टुकड़े कर देने की धमकी देता था जिसके चलते वो चलते वो एक बार आत्महत्या का भी मन बना चुकी थी। मामले की जानकारी हिन्दू संगठनों को हुई तब वो लड़की से मिले। बताया जा रहा है कि लड़की पहले काफी डरी हुई थी लेकिन हिन्दू संगठनों द्वारा सहारा पाने के बाद वो शादाब के खिलाफ केस दर्ज करवा पाई। पुलिस ने आरोपित शादाब को गिरफ्तार कर लिया है।

तलाकशुदा महिला भी लव जिहाद का शिकार

दूसरा मामला मध्य प्रदेश के ही इंदौर का है। यहाँ एक तलाकशुदा व 1 बच्चे की माँ लव जिहाद का शिकार हुई है। बताया जा रहा है कि बिहार के नबील शेख ने खुद को नवीन बता कर महिला से दोस्ती की और बाद में उस पर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाने लगा। घटना हीरानगर क्षेत्र की है, जहाँ पीड़िता ने नबील से अपना परिचय एक ही ऑफिस में काम करने के दौरान होना बताया। इस दौरान नबील ने खुद को हिन्दू बताते हुए महिला से कई बार शारीरिक संबंध बनाए और शादी का झाँसा देता रहा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला का आरोप है कि बाद में नबील ने खुद को मुस्लिम बताते हुए उसके आगे इस्लाम कबूलने की शर्त रखी। जब महिला ने ऐसा करने से इनकार कर दिया तब उसे और उसके बच्चे को जान से मारने की धमकियाँ मिलने लगीं। आखिरकार पीड़िता ने बजरंग दल से सम्पर्क किया। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने महिला के साथ थाने पहुँच कर FIR दर्ज करवाई। केस दर्ज होते ही नबील अंसार शेख फरार हो गया है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।