Homeराजनीतिदेश विरोधी कंटेंट पर मोदी सरकार की स्ट्राइक, 10 YouTube चैनलों के 45 वीडियो...

देश विरोधी कंटेंट पर मोदी सरकार की स्ट्राइक, 10 YouTube चैनलों के 45 वीडियो किए गए बैन: सेना के खिलाफ भी कर रहे थे दुष्प्रचार

"खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर, सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने यूट्यूब (Youtube) को 10 यूट्यूब चैनलों से 45 वीडियो को बैन करने का निर्देश दिया है।"

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) आईटी नियमों नियमों के अंतर्गत काफी सख्त नजर आ रही है। सरकार समय-समय पर सोशल साइट्स पर चल रही देश विरोधी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करती रहती है। इसी सिलसिले में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने यूट्यूब को 10 यूट्यूब चैनल्स के 45 वीडियोज को बैन (YouTube Channels Ban) करने का आदेश दिया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने यह कार्रवाई खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर की है।

मंत्रालय ने जिन वीडियोज को बैन किया है, उन्हें 1 करोड़ 30 लाख से अधिक बार देखा जा चुका था। इन वीडियोज में फेक कंटेंट के माध्यम से भारतीय सेना, राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र व कश्मीर के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा था। यही नहीं, इनमें भारत के नक्शे को भी गलत तरीके से दिखाया जा रहा था।

इन वीडियोज को बैन करने के संबंध में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है, “खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर, सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने यूट्यूब (Youtube) को 10 यूट्यूब चैनलों से 45 वीडियो को बैन करने का निर्देश दिया है। वीडियो को बैन करने के आदेश 23 सितंबर, 2022 को सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 के तहत जारी किए गए थे। बैन किए गए वीडियो को 1 करोड़ 30 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है।”

इस विज्ञप्ति में आगे कहा गया है इन यूट्यूब चैनल्स में धार्मिक समुदायों के बीच नफरत फैलाने के इरादे से फैलाई गई फर्जी खबरें और मॉर्फ्ड वीडियो शामिल थे। यही नहीं, वीडियो में झूठे दावे जैसे कि सरकार ने कुछ समुदायों के धार्मिक अधिकारों को छीन लिया है, धार्मिक समुदायों के खिलाफ हिंसक धमकियाँ, भारत में गृह युद्ध की घोषणा जैसी फेक खबरें थीं। इन वीडियो से देश में सांप्रदायिक वैमनस्य और सार्वजनिक अव्यवस्था हो सकती थी, इसलिए इन्हें बैन किया गया है।

मंत्रालय ने यह भी कहा है कि बैन किए गए वीडियोज द्वारा अग्निपथ योजना, भारतीय सशस्त्र बलों, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र, कश्मीर इत्यादि से संबंधित मुद्दों पर दुष्प्रचार फैलाया जा रहा था। साथ ही कुछ वीडियो में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों को भारतीय सीमा से बाहर गलत तरीके से दिखाया गया है। इस तरह के वीडियो/कंटेट भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए हानिकारक हैं।

बता दें, इससे पहले भारत सरकार ने गत 18 अगस्त 2022 को भी भारत विरोधी प्रोपगेंडा चलाने वाले यूट्यूब चैनल्स पर बड़ी कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई में सरकार द्वारा कुल 8 चैनलों को बैन किया गया था। जिन यूट्यूब चैनलों को बैन किया गया था उनके नाम- लोकतंत्र टीवी, यू एंड वी टीवी, एएम रजवी, गौरवशाली पवन मिथिलांचल, SeeTop5TH, सरकारी अपडेट, सब कुछ देखो। इसके अलावा ‘न्यूज़ की दुनिया’ नामक पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल को भी बैन किया गया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -