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4 बार सुसाइड की कोशिश, सुशांत की मौत के बाद बॉलीवुड छोड़ना चाहते थे अमित साध: बताया- स्मृति ईरानी ने 6 घंटे बात कर समझाया

अभिनेता अमित साध (Amit Sadh) चार बार सुसाइड की कोशिश कर चुके हैं। यह खुलासा उन्होंने लेखक चेतन भगत के पॉडकास्ट (Chetan Bhagat Podcast) में बातचीत के दौरान की। उन्होंने बताया कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद वे इतने टूट गए थे कि वे बॉलीवुड छोड़ना चाहते थे। डिप्रेशन की स्थिति से उबरने में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने भी उनकी मदद की थी। करीब 6 घंटे बात कर उनका माइंडसेट बदला था।

सुसाइडल थॉट पर बात करते हुए साध ने कहा कि उन्होंने चार बार इसकी कोशिश की थी। तब उनकी उम्र 16 से 18 के बीच थी। सुशांत सिंह राजपूत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके 2 साल से अधिक हो गए हैं। लेकिन यह बात मेरे लिए कभी पुरानी नहीं होगी। इससे मुझे ऐसा झटका लगा कि मैंने इंडस्ट्री (बॉलीवुड) छोड़ने का मन बना लिया। मैंने खुद को सीमित कर लिया था।

अमित साध ने कहा, “पहले मैं भी खुदकुशी की कोशिश कर चुका हूँ। इसलिए मुझे उस मानसिकता का अंदाजा है। मैं इस शख्स (सुशांत) की मानसिकता को बहुत अच्छी तरह से जानता था। जब कोई आत्महत्या करने की सोचता है तो उसकी जिंदगी में पूरी तरह से अँधेरा हो चुका होता है।” उन्होंने कहा कि जब ऐसा होता है तो इसमें समाज की गलती होती है। उन लोगों की गलती होती है जो आपके आसपास होते हैं।

साध ने बताया कि सुशांत की मौत से पहले उन्होंने उनसे मिलने की कोशिश की थी। मौत से करीब 3-4 महीने पहले उन्होंने सुशांत के एक करीबी से उनका नंबर माँगा था। उस शख्स ने बताया कि सुशांत ने खुद को पूरी तरह से अलग कर लिया है। उनका नंबर भी बदल गया और संपर्क नहीं हो सका। साध ने बताया कि वे सुशांत के घर जाना चाहता था। लेकिन उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया गया। सुशांत से नहीं मिल पाने का उन्हें बेहद अफसोस है।

बता दें कि अमित साध और सुशांत सिंह राजपूत ने ‘काई पो चे’ फिल्म के साथ अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। इसके अलावा अमित ने गोल्ड, बरोत हाउस, ऑपरेशन परिंदे जैसी फिल्मों में भी काम किया है। उन्होंने ब्रीद, जीत और जिद व अवरोध जैसे वेब सीरीज में भी काम किया है। सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को बांद्रा में अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे।

फिल्म ‘काई पो चे’ का दृश्य

चेतन भगत ने जब साध से बॉलीवुड छोड़ने को लेकर पूछा तो उन्होंने कहा, “मैं चिढ़ गया था। बड़ी मुश्किल है ये इंडस्ट्री। मैं हताश भी था और कुछ कोरोना का भी असर था।” उन्होंने बताया कि इस डिप्रेशन से निकलने में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी उनकी मदद की थी। साध के मुताबिक उन्हें नहीं पता कि स्मृति ईरानी को उनकी स्थिति के बारे में कैसे पता चला। लेकिन उन्होंने फोन कर उन्हें समझाया। करीब 6 घंटे बात की। साध के अनुसार आज भी ईरानी अक्सर फोन कर उनका हाल लेती रहती हैं।

‘उस समय लगा उसका (साजिद खान) मर्डर कर दूँ’: हीरोइन ने बताया काम देने के नाम पर गंदी बात की, पैंट में हाथ डालने का प्रयास

बॉलीवुड डायरेक्टर साजिद खान (Sajid Khan) पर कई महिलाएँ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा चुकी हैं। बिग बॉस सीजन 16 में उसकी एंट्री के बाद फिर से ये आरोप चर्चा में हैं। कई महिलाओं ने उसे टीवी पर मंच देने का विरोध किया है। अब मराठी अभिनेत्री जयश्री गायकवाड़ ने साजिद खान ने पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

इंडिया सब्सक्राइबस नामक Youtube चैनल ने जयश्री का एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो में वह कहती हैं, “आठ साल पहले एक कास्टिंग डायरेक्टर मुझे एक पार्टी में ले गए थे। वहाँ पर मुझे साजिद खान से मिलाया गया। मैं साजिद खान से मिलकर बहुत खुश हुई। साजिद खान ने मुझे अगले दिन अपने ऑफिस बुलाया। उसने कहा कि वह कोई फिल्म बना रहे हैं और शायद उसमें मेरे लिए कोई रोल निकले। मैं जैसे ही उसके ऑफिस गई, वह मुझे यहाँ-वहाँ टच करने लगा और अश्लील कमेंट करने लगा।”

अभिनेत्री ने कहा है, “साजिद ने मुझसे कहा कि तुम तो बहुत खूबसूरत हो लेकिन मैं तुम्हें काम क्यों दूँ। फिर मैंने उससे कहा कि आपको क्या चाहिए सर। मैं अच्छी एक्टिंग कर सकती हूँ। फिर उसने कहा कि एक्टिंग से काम नहीं चलता है। जो मैं बोलूँगा, जो मैं कहूँगा, वो तुम्हें करना होगा। मुझे बहुत गुस्सा आया। उस समय लगा कि मैं उसका मर्डर कर दूँ या कुछ और कर दूँ। फिर मैं वहाँ से निकल आई।”

आईटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक जयश्री ने आरोप लगाया है कि साजिद खान ने उन्हें अनुचित तरीके से छूने की कोशिश की थी। उनके स्तनों को दबाया था। नितंबों को सहलाया था। पैंट में हाथ डालने और ब्लाउज टॉप उतारने की कोशिश की। कथित तौर पर साजिद खान ने कहा कि सेक्सुअल डिमांड पूरा करने पर वह उसे एक फिल्म में सेकेंड लीड रोल देगा। जयश्री ने कहा है कि उन्हें बोल्ड सीन से परहेज नहीं है। लेकिन काम के लिए वह किसी निर्माता या निर्देशक के साथ समझौता नहीं कर सकती। उनके साथ नहीं सो सकती।

इससे पहले भोजपुरी अभिनेत्री रानी चटर्जी ने बताया था कि फिल्म में कास्ट करने के बहाने साजिद खान ने अपने घर पर बुलाकर उनका यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की थी। रानी ने बताया था, “साजिद ने कहा कि अपनी ब्रेस्ट की साइज बताओ। तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है या नहीं? कितनी बार सेक्स करती है?”

कन्हैया लाल का गला काटने में 2 पाकिस्तानी भी शामिल: NIA की चार्जशीट में 11 नाम, बताया- आतंकी मॉड्यूल की तरह कर रहे थे काम

कन्हैया लाल की हत्या में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। जयपुर की स्पेशल कोर्ट में दायर चार्जशीट में 11 नाम हैं। इनमें दो पाकिस्तानी भी हैं। नुपूर शर्मा का समर्थन करने के कारण उदयपुर में 28 जून 2022 को मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने दुकान में घुसकर कन्हैया लाल का गला रेत दिया था।

चार्जशीट में रियाज और गौस मोहम्मद के अलावा मोहसिन खान, आसिफ हुसैन, मोहम्मद मोहसिन, वसीम अली, फरहाद मोहम्मद शेख, मोहम्मद जावेद, मुस्लिम खान के नाम हैं। पाकिस्तान के सलमान और अबू इब्राहिम को भी आरोपित बनाया गया है। दोनों कराची के रहने वाले हैं। NIA ने बताया है कि आरोपित आतंकी मॉड्यूल की तरह काम कर रहे थे। देश भर में आतंक फैलाना चाहते थे। इसलिए वीडियो बनाया गया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक चार्जशीट के मुताबिक सोशल मीडिया पर कन्हैया लाल के पोस्ट शेयर करने की वजह से उसकी हत्या की साजिश रची गई। हत्यारे कट्टर और भड़काऊ ऑडियो, वीडियो और मैसेज से प्रेरणा ले रहे थे। सुनियोजित तरीके से कन्हैया लाल की हत्या के लिए चाकू और हथियारों की व्यवस्था की गई। हत्या के बाद धमकी भरा वीडियो जारी किया गया था।

हाल ही में आई एक रिपोर्ट से पता चला था कि उदयपुर की जिस गली में कन्हैया लाल का गला काटा गया था, वो अब भी सुनसान है। घरवाले न्याय की आस लिए बैठे हैं। उनके बेटे ने कसम खा रखी है कि जब तक हत्यारों को फाँसी नहीं होगी वह जूते-चप्पल नहीं पहनेगा। हत्यारों के दावत-ए-इस्लामी से कनेक्शन भी सामने आए थे। यह बात भी सामने आई थी कि गौस मोहम्मद और मोहम्मद रियाज अजमेर दरगाह के गौहर चिश्ती के संपर्क में भी था।

गौरतलब है कि इससे पहले एनआईए ने उमेश कोल्हे की हत्या मामले में चार्जशीट दायर की थी। महाराष्ट्र के अमरावती में उनकी भी हत्या कन्हैया लाल की तरह नुपूर शर्मा का समर्थन करने के कारण की गई थी। 16 दिसंबर को दाखिल इस चार्जशीट में 11 आरोपित बनाए गए हैं। इनका कनेक्शन कट्टरपंथी तबलीगी जमात से बताया गया है। यह बात भी सामने आई है कि कोल्हे के 16 साल पुराने दोस्त युसूफ ने ही उनकी मौत का फरमान जारी किया था। हत्या से पहले गला काटने की प्रैक्टिस भी की गई थी।

महाराष्ट्र: सोलापुर में 50 कुँवारों की ‘बारात’ बैंड, बाजा लेकर पहुँची कलेक्टर के पास, शिकायत में कहा- ‘हमें दुल्हन नहीं मिल रही’

महाराष्ट्र के पुणे के सोलापुर में 50 कुँवारे लड़के दूल्हे की पोशाक में घोड़ी पर चढ़कर और बैंड, बाजा, बारात के साथ बुधवार (21 दिसंबर 2022) को कलेक्टर ऑफिस पहुँच गए। इस पूरे जुलूस को स्थानीय संगठन ‘दुल्हन मोर्चा’ द्वारा आयोजित किया गया। जुलूस में शामिल लोगों का उद्देश्य शादी करना नहीं बल्कि स्त्री-पुरुष के बिगड़ते अनुपात के बारे में अधिकारियों को जागरूक करना था।

इन दुल्हों ने अपनी माँग को लेकर एक ज्ञापन कलेक्टर कार्यालय में सौंपा। यह ज्ञापन दरअसल राज्य में स्त्री-पुरुष अनुपात में सुधार के लिए प्री-कंसेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (PCPNDT) एक्ट को सख्ती से लागू करने की माँग को लेकर था। दरअसल महाराष्ट्र में स्त्री पुरुष अनुपात की हालत अच्छी नहीं है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (2019-21) के अनुसार, महाराष्ट्र का लिंगानुपात प्रति 1,000 पुरुषों पर 920 महिलाओं का है।

यही वजह है कि यहाँ रहने वाले कई अविवाहितों ने ज्ञापन में अपनी शादी कराने और दुल्हन खोजने की गुहार कलेक्टर से लगाई।सोलापुर और उसके आसपास के जिलों के ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में कुँवारे हैं। इन लोगों को दुल्हन नहीं मिल रही और और शादी के लिए इनकी उम्र निकली जा रही है। इन लोगों का मानना है कि इस क्षेत्र में लड़कियों की संख्या कम होने के चलते ऐसा हो रहा है। इसी के चलते ये लोग एक स्थानीय संगठन के बैनर तले कलेक्टर ऑफिस पहुँच गए।

यहाँ शादी की माँग को लेकर पहुँचे कई दुल्हों ने शेरवानी तो कइयों ने कुर्ता-पायजामा पहना था। इन लोगों ने अपने अपने गले में तख्तियाँ भी लटकाई हुई थी। कार्यक्रम का आयोजन करने वाले रमेश बारस्कर का कहना है कि हो सकता है लोग इस आयोजन का मजाक उड़ाएँ लेकिन वास्तविकता यह है कि विवाह योग्य युवाओं को दुल्हन नहीं मिल रही है। बकौल बारस्कर इसकी वजह राज्य में लैंगिक अनुपात का सही नहीं होना है।

बारस्कर ने कहा कि आजकल लडकियाँ नौकरी वाले या फिर शहरों में रहने वाले युवाओं को शादी के लिए तरजीह देते हैं। वक्त पर शादी नहीं होने से युवा बुराईयों की तरफ मुड़ जाते हैं या शराब पीने लगते हैं। उन्होंने कहा कि अभिभावक भी अपने अविवाहित बेटों को इस तरह से देखकर चिंतित रहने लगते हैं और बीमार हो जाते हैं।

‘कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ’: PM मोदी ने 2 घंटे की हाई-लेवल मीटिंग में दी सलाह, राज्यों को कहा- ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर की सुविधाएँ तैयार रखें

दुनियाभर में कोरोना के मामले फिर से बढ़ रहे हैं। चीन में कोरोना से हाहाकार मचा हुआ है। चीन में लाशों का ढेर लगा देने वाले बीएफ.7 की भारत में एंट्री हो चुकी है। इसी को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (22 दिसंबर 2022) को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी। बैठक में पीएम मोदी ने कोरोना को लेकर सतर्कता पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक में भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने, टेस्टिंग बढ़ाने और जीनोमिक सीक्वेंसिंग का आग्रह किया। उन्होंने साथ ही कहा कि से कमजोर और बुजुर्ग समूहों के लिए ‘प्रिकॉशन डोज’ को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

पीएम मोदी ने इसके साथ ही राज्यों को ऑक्सीजन सिलेंडर, पीएसए प्लांट, वेंटिलेटर और मानव संसाधन सहित अस्पताल के बुनियादी ढाँचे की परिचालन तत्परता सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने कोविड विशिष्ट सुविधाओं का ऑडिट करने की सलाह दी। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया, स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण, आईसीएमआर के अधिकारी, सिविल एविएशन के अधिकारी, नीति आयोग के वीके पॉल समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

कोविड-19 पर उच्च स्तरीय बैठक के दौरान पीएम मोदी को बताया गया कि दवाओं, टीकों और अस्पताल के बेड पर्याप्त रूप से मौजूद हैं। इसके बाद उन्होंने आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और कीमतों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले बुधवार (21 दिसंबर, 2022) को स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से भी हाई लेवल मीटिंग भी बुलाई गई थी। मीटिंग के दौरान देश में कोरोना की स्थिति की समीक्षा की गई। इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ भारती पवार समेत स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में कोविड को लेकर हर हफ्ते समीक्षा बैठक आयोजित करने की बात कही गई।

वहीं चीन की बात करें तो वहाँ ‘जीरो कोविड पॉलिसी’ के खत्म होते ही कोरोना विस्फोट हुआ है। कुछ ही दिनों में लाखों लोग कोरोना की चपेट में आ गए हैं। कहा यह भी जा रहा है कि कोरोना से बड़े पैमाने पर लोगों की जान गई है, लेकिन चीन इन आँकड़ों को छिपा रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि अस्पतालों के बेड भरे हुए हैं। मरीजों का इलाज फर्श पर किया जा रहा है। कब्रिस्तानों और अंतिम संस्कार वाले दूसरे स्थल भरे हुए हैं।

300 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा पंजाब की AAP सरकार को पड़ा महंगा: चुकाने पड़ सकते हैं ₹23000 करोड़, पिछले साल का ₹7117 करोड़ बकाया भी शामिल

आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब में सत्ता हासिल करने के लिए कई लुभावने वादे किए थे। इनमें से एक वादा राज्य के लोगों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का था। सत्ता में आने के बाद भगवंत मान की अगुवाई वाली AA सरकार ने इस वादे को लागू कर दिया। हालाँकि सरकार अब खुद इस वादे के बोझ तले दबती जा रही है। पहले से ही कर्ज में डूबे पंजाब के लिए यह अब एक नई मुसीबत है। दरअसल एक रिपोर्ट के मुताबिक राज्य सरकार को बिजली सब्सिडी के रूप में 20,000 करोड़ रुपए से अधिक चुकाने हैं, जो संभवतः चालू वित्त वर्ष के अंत में बढ़कर 23,000 करोड़ रुपए तक हो जाएगा।

विभिन्न क्षेत्रों को भुगतान की गई कुल सब्सिडी, 1997-1998 वित्तीय वर्ष में, जब राज्य में पहली बार फ्री बिजली की घोषणा हुई थी तब 604.57 करोड़ रुपए थी। राज्य में पहली बार पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्टल ने 1997 में कृषि क्षेत्र को मुफ्त बिजली आपूर्ति की घोषणा की थी। तब से वित्तीय रूप से अस्थिर इस राज्य ने पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड को 1.18 लाख करोड़ रुपए का भुगतान अकेले बिजली सब्सिडी के रूप में किया है। यह आँकड़ा बीते वित्तीय वर्ष तक का है। बीते 25 वर्षों में सब्सिडी का लाभ यहाँ के किसानों, अनुसूचित जाति (एससी) समुदायों और उद्योग क्षेत्र को हुआ है।

हालाँकि सीएम भगवंत मान के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार के तहत यह स्थिति बिगड़ती दिख रही है क्योंकि राज्य को बिजली कंपनी को विभिन्न श्रेणियों के लिए बिजली सब्सिडी के रूप में 22,962 करोड़ रुपए का भुगतान करना है, जो कि काफी बड़ी राशि है और यह किसी भी सरकार द्वारा बिजली प्रदाता को किया गया एक रिकॉर्ड भुगतान होगा। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार चालू वित्त वर्ष में बिजली सब्सिडी के लिए 15,846 करोड़ रुपए का भुगतान करने का इरादा रखती है। इसमें बीते का 7,117.86 करोड़ रुपए का बकाया भी शामिल है। सरकार 6,947 करोड़ रुपए कृषि क्षेत्र को मुफ्त बिजली देने और 2,503 करोड़ रुपए उद्योगों को मुफ्त बिजली देने पर खर्च करेगी। रिपोर्टों के अनुसार, 22,962 करोड़ रुपए की भारी राशि में पंजाब के नागरिकों के लिए 300 मुफ्त यूनिट बिजली भी शामिल है।

उल्लेखनीय है की राज्य में सरकार 1997 के बाद से ही बिजली सब्सिडी देती रही है, लेकिन आम आदमी पार्टी ने हर किसी को 300 यूनिट बिजली मुफ्त में देने का वादा कर राज्य के खजाने पर दबाव बढ़ा लिया। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के मुताबिक नॉन-पीक डिमांड के दौरान भी बिजली की खपत 14,000 मेगावाट पर स्थिर बनी हुई है। इससे साफ़ तौर पर अनुमान लगाया जा सकता है कि बिजली की सब्सिडी में बढ़ोतरी होगी और राज्य के खजाने में और कमी आएगी। बढ़ती बिजली सब्सिडी की वजह से राज्य के करदाता कथित तौर पर PSPCL को प्रतिघंटे 2 करोड़ रुपए से अधिक की राशि चुका रहे हैं।

दिलचस्प बात यह है कि जब पूर्व सरकार ने पिछले साल 7 किलोवाट लोड तक 3 रुपए प्रति यूनिट रिफंड की घोषणा की थी, तो कई ग्राहकों ने राहत पाने के लिए अपनी खपत कम कर दी थी। लेकिन आप सरकार को सब्सिडी की एवज में इस वित्तीय वर्ष 2,300 करोड़ रुपए चुकाने हैं। पंजाब राज्य के 74 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से 87% को नवंबर में ‘शून्य बिल’ मिला है। साथ ही, PSPCL को पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा किए गए वादे की वजह से 1,880 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हो रहा है। वहीं बीते वर्ष PSPCL को 1,069 करोड़ रुपए का लाभ हुआ था।

‘…अंबे माँ, बालक को माफ कर दे’ : शिव मंदिर में बैठ अश्लील हरकत करने वाले वसीम का रोता Video वायरल, पीपल के पत्तों से पुलिस को मिला था सुराग

मध्य प्रदेश के इंदौर के शिव मंदिर में बैठकर अश्लील हरकत करने वाले आरोपित वसीम का एक और वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में आरोपित वसीम माफी माँगता नजर आ रहा है। वसीम इस वक्त पुलिस हिरासत में है। प्रकाश नगर स्थित विश्वेश्वर महादेव मंदिर में अश्लील हरकत करते वीडियो सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे नए वीडियो में हथकड़ी से बंधा हुआ वसीम देवी माँ से माफी माँग रहा है। वह अच्छा बनने की बात कर रहा है। वसीम का यह वीडियो कैसे और कब बना पुलिस यह पता करने की कोशिश कर रही है। इसमें वह कहता है, “अंबे माँ अपने बालक को माफ कर दे। अब नहीं करूँगा भगवान।”

उधर पुलिस ने वसीम की गिरफ्तारी को लेकर दिलचस्प खुलासा किया है। वीडियो वायरल होने के बाद वसीम की तलाश कर रही पुलिस को मंदिर के पास एक बुजुर्ग ने पुलिस को वसीम का सुराग दिया। बुजुर्ग ने पुलिस को जानकारी दी कि वह पीपल के पत्ते तोड़कर ले जाता था। तब जाकर पुलिस को अश्लील हरकत करने वाले शख्स के मुस्लिम होने का शक हुआ। पुलिस ने मुस्लिम इलाकों में जाकर उसकी तलाश शुरू की। जहाँ कुछ नौजवानों ने उसे पहचान लिया। इतना ही नहीं नौजवानों ने उसका नाम वसीम उर्फ अब्दुल ताहिर बताया। इसके बाद पुलिस ने नौजवानों की निशानदेही पर उसे पकड़ लिया।

मामले की जाँच कर रही पुलिस की टीम को मंदिर के पुजारी ने जानकारी दी कि वह पिछले 6 महीनों से मंदिर आ रहा है। इस दौरान यह भी पता चला कि शिव मंदिर के अलावा वसीम पास के दुर्गा मंदिर में भी जाकर बैठा रहता था। यहाँ भी उसे गंदी हरकत करते देखा गया है। पुलिस अब पता कर रही है कि उसने किसी और मंदिर में भी कोई अश्लील हरकत तो नहीं की।

आपको बता दें कि वसीम उर्फ अब्दुल ताहिर इंदौर के प्रकाश नगर स्थित विश्वेश्वर महादेव मंदिर के गर्भगृह में बैठकर अश्लील हरकत करता पाया गया था। साथ ही, महिलाओं पर भद्दे कमेंट्स भी करता था। आरोपित वसीम की हरकत से परेशान होकर महिलाओं ने उसका वीडियो बना लिया था। वीडियो के साथ उन्होंने क्षेत्रीय पार्षद मनीष मामा से संपर्क किया था। युवक के अश्लील हरकत करने का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपित वसीम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मामला दर्ज किया है।

‘मेरे अल्लाह बुराई से बचाना…’: बरेली के स्कूल में छात्रों को इस्लामी प्रार्थना करवाते थे टीचर नाहिद और वजरूद्दीन, Video वायरल होने के बाद केस दर्ज

उत्तर प्रदेश के बरेली में सरकारी स्कूल में इस्लामी प्रार्थना करवाए जाने का मामला प्रकाश में आने के बाद दो शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। टीचरों ने ‘मेरे अल्लाह बुराई से बचाना’ प्रार्थना स्कूल में करवाई थी। इसी की वीडियो सोशल मीडिया पर जब वायरल हुई तो हिंदू संगठन यह देख भड़क गए। उन्होंने केस को दर्ज कराते हुए कहा कि ये सब हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए किया गया है।

पूरा मामला फरीदपुर थाना के कमला नेहरू स्कूल का बताया जा रहा है। हिंदू संगठनों ने कहा कि यहाँ के अध्यापक नाहिद सिद्दीकी और शिक्षामित्र वजरूद्दीन ने हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए यह सब किया। ये लोग जानबूझकर इस्लामी विधि से स्कूल के छात्रों को प्रार्थना करवाते थे। साथ ही बच्चों द्वारा ये प्रार्थना न करने पर उन्हें धमकाते भी थे।

हिंदू संगठनों का इस घटना पर कहना है कि ये सब इसलिए करवाया जा रहा था ताकि छात्रों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा सके। प्रार्थना के बारे में पता चलने के बाद विहिप के नगर अध्यक्ष सोमपाल राठौर आदि ने बुधवार (21 दिसंबर 2022) को थाने में इस संबंध में शिकायत दी। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि टीचर नाहिद सिद्दीकी के कहने पर शिक्षामित्र वजरुद्दीन काफी समय से ऐसा करा रहे थे।

जानकारी के अनुसार, विवाद उठने और मामला थाने पहुँचने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी विनय कुमार ने स्कूल के टीचर को निलंबित करते हुए शिक्षामित्र के विरुद्ध जाँच बैठा दी है। प्रार्थना का वीडियो भी वायरल है। इसमें तीन दर्जन से ज्यादा बच्चे प्रार्थना करते देखे जा सकते हैं।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राजकुमार अग्रवाल ने कहा कि स्कूल में प्रार्थना का वीडियो वायरल होने के बाद टीचरों के खिलाफ मिली शिकायत पर एफआईआर दर्ज करके जाँच शुरू कर दी गई है। जाँच के बाद जो भी तथ्य निकलकर सामने आएँगे उसके हिसाब से आगे कार्रवाई होगी।

जो थे कोरोना+ उनके घरों में गईं, खुद को जान-बूझकर किया संक्रमित… चीनी सिंगर की इस हरकत को जानकर रह जाएँगे हैरान

चीन इस समय कोरोना की सबसे घातक लहर का सामना कर रहा है। 90 प्रतिशत आबादी के संक्रमित होने की आशंका जताई जा रही है। अस्पतालों में बेड नहीं है। कब्रिस्तानों में शवों की लाइन लगी है। इससे पूरी दुनिया चिंतित है। लेकिन चीन की एक सिंगर ने खुद को जान-बूझकर संक्रमित किया ताकि वह नए साल पर कन्सर्ट मिस न करे। इस सिंगर का नाम है जेन झांग।

झांग ने चीन की सोशल मीडिया साइट पर खुद इसका खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि वह नए साल के दौरान संक्रमण का खतरा मोल नहीं लेना चाहती थी। इस खुलासे के बाद से वे चर्चा में हैं। उनकी तीखी आलोचना हो रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, झांग ने बताया है कि वह कोरोना पॉजिटिव होना चाहती थी ताकि नए साल के मौके पर होने वाले कार्यक्रम में वह संक्रमण की चिंता किए बगैर परफॉर्मेंस कर सके। इसके लिए वह ‘शीप’ के घरों में गईं। चीन में कोरोना संक्रमितों को शीप कहते हैं। उन्होंने कहा, “मैं ऐसे लोगों के घर गई, जो पहले से कोरोना पॉजिटिव थे। मेरे पास नए साल से पहले कोरोना से उबरने का पर्याप्त समय था।”

सिंगर ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव लोगों से मिलने के बाद उन्हें बुखार, गले में खराश और शरीर में दर्द जैसे लक्षण महसूस हुए। इसके बाद वह एक दिन और रात सोई और लक्षण गायब हो गए। बकौल झांग, “उन्होंने जमकर पानी पिया, विटामिन सी लिया और वह ठीक हो गईं।” उन्होंने कहा कि उनके लक्षण एक कोविड रोगी के समान थे, लेकिन केवल एक दिन तक ही रहे।

एक ट्वीटर यूजर ने झांग को लेकर 17 दिसंबर 2022 को एक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने लिखा, “गायिका जेन झांग का कहना है कि वह इस बात को लेकर चिंतित हैं कि वह नए साल के संगीत कार्यक्रम के समय संक्रमित हो सकती हैं, इसलिए उन्होंने इससे उबरने के लिए कुछ कोविड+ लोगों से मिलने का फैसला किया। अब उसकी आलोचना हो रही है क्योंकि उसने कहा कि वह 1 दिन में ठीक हो गई, वजन कम किया और अब उसकी त्वचा अच्छी हो गई।”

झांग की इस हरकत के बाद चीनी सोशल मीडिया साइट पर उनकी काफी आलोचना हो रही है। चौतरफा आलोचना से घिरी झांग ने लोगों से माफी माँगते हुए अपना पोस्ट हटा लिया है। उन्होंने कहा कि पोस्ट को शेयर करने से पहले मैंने गंभीरतापूर्वक नहीं सोचा था। वह लोगों से इसके लिए माफी माँगती हैं। इसके आलावा उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहती थीं कि कन्सर्ट के दौरान वह संक्रमित हों और उनकी वजह से दूसरे लोग। इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया।

दोस्ती, ड्रग्स, मर्डर: चार्ल्स शोभराज को मिली ‘सीनियर सिटीजन’ वाली आजादी, जानिए क्यों कहते हैं बिकिनी किलर और द सर्पेंट

नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने ‘बिकिनी किलर’ के नाम से मशहूर फ्रेंच सीरियल किलर चार्ल्स (Charles Sobhraj) शोभराज की उम्र को देखते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया है। दो अमेरिकी टूरिस्टों की हत्या के जुर्म में चार्ल्स शोभराज साल 2003 से नेपाल की जेल में बंद में है। अभी वह 78 साल का है। नेपाल में 70 साल से अधिक उम्र के कैदियों की रिहाई का प्रावधान है। इस फैसले को लेकर चार्ल्स शोभराज की सास शकुंतला थापा ने खुशी जताई है।

20 से अधिक हत्या का आरोप

शोभराज पर 20 से अधिक हत्या करने का आरोप है। वह अपनी पहचान बदलने और जेल से भागने में माहिर है। 2003 में काठमांडू के एक कैसिनो में शोभराज को देखे जाने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद उस पर मुकदमा चला था। हत्या का दोषी पाए जाने के बाद उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। कई सालों तक जेल में बंद रहने के बाद उसने नेपाल की जेल से रिहा होने के लिए याचिका दायर की थी। शोभराज ने अपनी याचिका में दावा किया था कि वह नेपाल के वरिष्ठ कैदियों को दी जाने वाली ‘छूट’ के अनुरूप अपनी सजा काट चुका है। उसने यह भी दावा किया कि वह 20 में से 17 साल की सजा पूरी कर चुका है और उसे उसके अच्छे आचरण के आधार पर रिहा करने का आदेश दिया जाए।

कौन है चार्ल्स शोभराज

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चार्ल्स शोभराज का जन्म अप्रैल 1944 में वियतनाम में हुआ था। उसका असली नाम हतचंद भाओनानी गुरुमुख चार्ल्स शोभराज है। उसकी माँ वियतनाम की और प‍िता भारतीय मूल के थे। बताया जाता है कि उसके ​माता-पिता ने शादी नहीं की थी। उसके पिता ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद चार्ल्स की माँ वियतनाम में तैनात फ्रांस के एक फौजी लेफ्टिनेंट से मिली। फौजी ने उन दोनों को अपनाया। इस तरह चार्ल्स को फ्रांस की नागरिकता मिली। उस वक्त शोभराज 4 साल का था।

शोभराज पर वर्ष 1972 से 1982 के बीच 5 देशों भारत, थाईलैंड, नेपाल, तुर्की और ईरान में हत्या करने के 20 से ज्यादा आरोप लगे। 1976 में भारत में उसे पकड़ा गया। उसे यहाँ 12 साल की सजा सुनाई गई। तिहाड़ जेल में सजा काटने के दौरान उसने यहाँ से भागने का प्लान बनाया। 1986 में उसने जेल में अपने जन्मदिन की पार्टी दी। इसमें कैदियों के साथ जेल के गार्ड भी आए। पार्टी में दिए गए बिस्किट-फल में उसने नींद की दवा मिला दी थी। उसे खाते ही गार्ड और बाकी कैदी सो गए और वह 4 कैदियों के साथ जेल से भाग गया। लेकिन जब वह फिर पकड़ा गया तो अपनीद सजा पूरी करके फ्रांस चला गया।

बिकिनी किलर नाम कैसे पड़ा

शोभराज कई भाषाएँ बोलने और वेश बदलने में माहिर था। वह टूरिस्ट और युवतियों को अपना निशाना बनाता था। वह पहले उनसे दोस्ती करता। फिर ड्रग्स देकर उन्हें सुनसान इलाके में ले जाता और उनकी हत्या कर देता। इसके बाद वह उनके सामान के साथ उनकी आईडी चुरा लेता था। उसने जिन महिलाओं की हत्या की थी, उनमें से ज्यादातर ने बिकिनी पहनी हुई थी, इसलिए उसे ‘बिकिनी किलर’ के नाम से जाना जाता है। साल 1975 में उसने पहली बार बिकिनी पहनी महिला को मौत के घाट उतारा था। बताया जाता है कि शोभराज अनजान लोगों को धोखा देने, यूरोप और एशिया में पुलिस से बचने में माहिर था। इसीलिए उसे ‘द सर्पेंट’ भी कहा जाता था।

‘मैं और चार्ल्स’ फिल्म

शोभराज की जिंदगी पर साल 2015 में ‘मैं और चार्ल्स‘ फिल्म रिलीज हुई थी। इस फिल्म में रणदीप हुड्डा ने चार्ल्स का किरदार निभाया था। एक इंटरव्यू में रणदीप हुड्डा ने बताया था कि अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘डॉन’ का मशहूर डायलॉग- डॉन का इंतजार तो 11 मुल्कों की पुलिस कर रही है, उसे पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। शोभराज की जिंदगी से लिया गया था।

शोभराज की जिंदगी पर ”द सर्पेंट’ वेब सीरीज और ‘मैं और चार्ल्स’ फिल्म भी बनाई गई है।

इसके अलावा नेटफिलिक्स पर दिखाई जाने वाली ‘द सर्पेंट’ वेब सीरीज चार्ल्स शोभराज की जिंदगी और उसके जुर्म की कहानी बताती है। इसमें फ्रैंच-अल्जीरियन एक्टर ताहर रहीम ने चार्ल्स का रोल निभाया है।