Tuesday, July 23, 2024
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‘मेरी माँ की तस्वीर लगी थी… वो कैसे बैठे’ : दिल्ली MCD चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस नेता पर भड़के शीला दीक्षित के बेटे, BJP बोली- ‘राहुल जी पहले अपने नेताओं को जोड़ लो’

वर्ष 2019 में अजय माकन के इस्तीफे के बाद शीला दीक्षित दिल्ली कॉन्ग्रेस की प्रमुख बनी थीं। उस वक्त देवेंद्र यादव कार्यकारी अध्यक्ष पद पर थे। कहा जाता है कि शीला दीक्षित और देवेंद्र यादव के बीच अनबन रहती थी।

दिल्ली में एमसीडी चुनाव से ठीक पहले कॉन्ग्रेस में नया कलह शुरू हो गया है। कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पुत्र संदीप दीक्षित ने एक ट्वीट के जरिए अपनी ही पार्टी के नेता देवेंद्र यादव पर निशाना साधा। उनको इस बात से ऐतराज हो गया कि देवेंद्र यादव कॉन्ग्रेस के उस कार्यक्रम में कैसे शामिल हुए जहाँ उनकी माँ शीला दीक्षित की तस्वीर लगी हुई है।

दरअसल, जिस कार्यक्रम में कॉन्ग्रेस पार्टी की तरफ से दिल्ली एमसीडी चुनाव के लिए घोषणापत्र जारी किया जा रहा था उस कार्यक्रम के एक बैनर पर शीला दीक्षित की भी तस्वीर लगी हुई थी। कार्यक्रम की तस्वीरें कॉन्ग्रेस नेता मुदित अग्रवाल ने ट्विटर पर शेयर कीं। इन तस्वीरों पर प्रतिक्रिया देते हुए संदीप दीक्षित ने लिखा,

“मुझे यह पूरी तरह से निंदनीय लगता है कि देवेंद्र यादव उस मंच पर बैठे हैं जहाँ मेरी माँ की तस्वीर लगी हुई है। एक समय में उन्होंने मेरी माँ को अपमानित करने की पूरी कोशिश की थी।”

वर्ष 2019 में अजय माकन के इस्तीफे के बाद शीला दीक्षित दिल्ली कॉन्ग्रेस की प्रमुख बनी थीं। उस वक्त देवेंद्र यादव कार्यकारी अध्यक्ष पद पर थे। कहा जाता है कि शीला दीक्षित और देवेंद्र यादव के बीच अनबन रहती थी।

भाजपा ने इस मामले को लेकर कॉन्ग्रेस पर तंज किया है। भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट किया,

“राजस्थान में पायलट बनाम गहलोत विवाद के बाद अब दिल्ली में भी कॉन्ग्रेस बनाम कॉन्ग्रेस विवाद!एक बार फिर से ‘टुकड़े-टुकड़े कॉन्ग्रेस’! दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री (शीला दीक्षित) के बेटे ने अपने ही पार्टी के नेताओं पर निशाना साधा!पहले राहुल जी कॉन्ग्रेस जोड़ो- भारत तो जुड़ा हुआ है। सरदार पटेल जी को धन्यवाद।”

आपको बता दें कि राजस्थान में दो सालों से अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच सीमए की कुर्सी को लेकर घमासान मचा हुआ है। करीब दो महीने पहले 25 सितंबर को एक बार फिर राजस्थान में सियासी भूचाल आया था जब कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर पर्चा भरने से पहले अशोक गहलोत से इस्तीफा देने के लिए कहा गया था। इसके बाद अगले सीएम को लेकर पार्टी के अंदर मचा घमासान पूरी तरह से सड़क पर आ गया था। इस घमासान के बाद हुई बयानबाजियों में दोनों खेमों के मंत्रियों ने एक दूसरे पर तीखे प्रहार भी किए। गहलोत तो अब तक सचिन को गद्दार बताते फिरते हैं।

हाल ही में एक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए गहलोत ने सचिन पायलट को फिर से गद्दार कह दिया। जिसके बाद दोनों खेमों में एक बार फिर टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस बीच 04 दिसंबर, 2022 को राहुल गाँधी की यात्रा राजस्थान में प्रवेश करने वाली है। ऐसे में पार्टी लीडरशीप नहीं चाहेगी कि दोनों खेमों के बीच अनबन का असर यात्रा पर पड़े। यही कारण है कि पिछले दिनों राहुल गाँधी ने गहलोत और पायलट दोनों को पार्टी का असेट बताया था।

कुल मिलाकर जिस तरह की घटनाएँ पार्टी के अंदर से सामने आ रही हैं इससे यह तो स्पष्ट है कि कॉन्ग्रेस टुकड़े-टुकड़े होती जा रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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