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स्कूल में साथ पढ़ती थी अराधना, शादी कर ली तो टुकड़े-टुकड़े कर कुएँ में फेंका: शारजाह से लौट प्रिंस यादव ने की हत्या, UP पुलिस ने एनकाउंटर कर पकड़ा

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में 16 नवम्बर 2022 को एक कुएँ से कई हिस्सों में कटा शव मिला था। सिर गायब था। यह शव अराधना प्रजापति का था। पुलिस ने इस मामले में प्रिंस यादव को रविवार (20 नवम्बर 2022) को गिरफ्तार किया। इस दौरान हुई मुठभेड़ में उसके पैर में गोली भी लगी है। बताया जा रहा है कि अराधना के शादी कर लेने से प्रिंस नाराज था। शारजाह से लौट उसने इस घटना को अंजाम दिया। इसमें उसके परिवार और रिश्तेदारी के भी कुछ लोगों ने सहयोग किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शव अहरौला थाना क्षेत्र के पश्चिमी गाँव में बरामद हुआ। शव के कई टुकड़े कर दिए गए थे। पुलिस जाँच में पता चला कि मृतका और आरोपित एक दूसरे को जानते थे। दोनों स्कूल में साथ ही पढ़े थे। अराधना पर प्रिंस शादी तोड़ने का दबाव बना रहा था। इनकार करने पर उसने हत्या कर दी। फिर पहचान छिपाने के इरादे से शव के टुकड़े कर दिए।

पुलिस ने बताया है कि प्रिंस ने 10 नवम्बर 2022 को अराधना को मंदिर में दर्शन करवाने का बहाना अपने साथ ले गया। उसने एक एक रेस्टोरेंट में उसे खाना खिलाया। यहाँ से अपनी बाइक पर बिठा कर एक गन्ने के खेत में ले गया। यह खेत उसके मामा के गाँव के पास था। यहाँ उसने अपने मामा के बेटे सर्वेश की मदद से आराधना का गला घोंट कर मार डाला। फिर शव के 6 टुकड़े किए।

पूछताछ के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि इस घटना को अंजाम देने में आरोपित के माता-पिता, बहन, मामा-मामी, ममेरा भाई और उसकी पत्नी शामिल थे। पुलिस ने कुल 8 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। कटा हुआ सिर तालाब में फेंक दिया गया था, जिसे बरामद कर लिया गया है। गन्ने के खेत में मृतका का मास्क मिला है और शव को काटते हुए खून लगी पत्तियों को भी पुलिस ने कब्जे में लिया है। घटना में प्रयोग हुआ बाँका (धारदार हथियार) और लकड़ी का बोटा बरामद कर लिया गया है। मुठभेड़ के दौरान आरोपित प्रिंस के पास से तमंचा और कारतूस भी बरामद हुआ है।

शराबबंदी वाले बिहार में नशे में धुत ट्रक ड्राइवर ने पूजा कर रहे लोगों को रौंदा, 6 बच्चों समेत 15 मरे: पुणे-बेंगलुरु हाइवे पर भी 48 गाड़ियाँ भिड़ी

बिहार के वैशाली जिले में हुई एक सड़क दुर्घटना में 15 लोगों की मौत की खबर है। यह घटना रविवार (20 नवम्बर 2022) को तब हुई है जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने कई लोगों को कुचल दिया। घटना में घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुःख जताया है। उन्होंने घायलों और मृतकों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। वहीं इसी दिन पुणे में हुए एक अन्य एक्सीडेंट में एक टैंकर ने कई वाहनों में टक्कर मार दी। इस घटना में भी कई लोगों के घायल होने की सूचना है।

पहली घटना बिहार के वैशाली में देसरी थानाक्षेत्र की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहाँ हाजीपुर-महनार हाईवे पर नयागाँव टोला के पास स्थित एक धर्म स्थल भुइयाँ बाबा पर कई श्रद्धालु पूजा के लिए जमा हुए थे। इन भक्तों में बच्चे और महिलाएँ भी शामिल बताए जा रहे हैं। इसी दौरान एक तेज रफ़्तार ट्रक उन्हें रौंदते हुए पेड़ से जा टकराया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने ट्रक चालक के नशे में होने का आरोप लगाया है। इस दौरान वहाँ भगदड़ मच गई। जानकारी के मुताबिक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हैं। मृतकों में 6 बच्चे भी शामिल हैं।

घटना के बाद ट्रक चालक फरार हो गया घटना की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया और फरार ट्रक चालक की तलाश में जुट गई। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक चालन अब पकड़ा जा चुका है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुःख जताया। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की और घायलों के इलाज के निर्देश दिए। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर शोक जताते हुए प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए के साथ घायलों को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।

पुणे में टैंकर ने 48 वाहनों में मारी टक्कर

वहीं दूसरी घटना महाराष्ट्र के पुणे की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहाँ पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर नवाले पुल के पास एक बेकाबू टैंकर ने 48 वाहनों को टक्कर मारी। घटना में कई लोगों के घायल होने की सूचना है जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। बताया जा रहा है कि नवाले पुल के पास काफी ढलान वाला क्षेत्र है इसके चलते यहाँ अक्सर दुर्घटनाएँ होती रहती हैं।

घटना के बाद वायरल हो रही तस्वीरों में कई वाहनों को क्षतिग्रस्त हालत में देखा जा सकता है। सड़क को चालू रखने के लिए अधिकारियों ने कुछ देर बाद डैमेज वाहनों को हटा दिया है।

’35 क्या 36 टुकड़े भी कर देता… बस चाकू बजाते जाओ’: श्रद्धा मर्डर पर बुलंदशहर के राशिद खान को सुनिए, आफताब के किए को ठहरा रहा ‘जायज’

श्रद्धा वाकर की निर्मम हत्या को अंजाम देने वाले आफताब पूनावाला से जहाँ पूरा देश नफरत कर रहा है। वहीं उसके समर्थन में भी कुछ लोग देखने को मिल रहे हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे ही एक शख्स का वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में कट्टरपंथी व्यक्ति पत्रकार से बता रहा है कि अगर गुस्सा आ जाए तो इंसान 35 क्या, 36 टुकड़े भी कर देता है। उसकी भी अगर किसी से लड़ाई हो तो वो भी ऐसा कर सकता है।

वीडियो में सुन सकते हैं कि युवक इस बात को दोहराता है कि अगर आदमी का दिमाग खराब हो तो वो 35 क्या 36 टुकड़े भी कर देता है। जब पत्रकार उससे पूछती है कि ये ट्रेनिंग कहाँ से मिलती है तो वो युवक कहता है कि इसमें ट्रेनिंग की क्या जरूरत। चाकू लो और यूँ ही बजाते चले जाओ।

पत्रकार युवक से कहती है कि लगता है आपको एक्सपीरियंस है। इस पर वो कहता है, “हाँ मुझे एक्सपीरियंस है। अगर मेरी किसी से लड़ाई हो तो मैं गाड़ दूँगा। यारी-दोस्ती में थोड़ी करूँगा पर ऐसा…जिससे लड़ाई होगी उससे ही।”

आफताब के घिनौने अपराध को जायज बताने वाले इस युवक का नाम राशिद खान है। सोशल मीडिया पर इसकी क्लिप शेयर की जा रही है। इसमें वो आफताब की गलती मानने की जगह सामान्य होकर कह रहा है, “गलत किया या सही पर उसने कर दिए होंगे 35 टुकड़े। ज्यादा नहीं किए होंगे तो 35 कर दिए होंगे। दोनों की गलती रही होगी। एक चली गई। दूसरा भी चला जाएगा।” 

बता दें कि आफताब के समर्थन में उतरे राशिद खान की यह वीडियो सामने आने के बाद लोग उसकी गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। लेकिन राशिद खान अकेला शख्स नहीं है जिसने खुलकर आफताब के अपराध को जायज ठहराकर श्रद्धा की हत्या का मजाक बनाया हो।

श्रद्धा हत्याकांड का खुलासा होने के बाद सोशल मीडिया पर कई ऐसे मीम देखे गए थे जिसमें फ्रिज और आफताब की तस्वीर के साथ श्रद्धा की मौत का मखौल उड़ाया गया था। श्रद्धा की तस्वीर के साथ बीफ बर्गर को दिखाया गया था। वहीं हिंदू लड़कियों की तस्वीर के साथ फ्रिज दिखाकर कहा गया था कि ऐसे फ्रिज में कुछ भी आ सकता है कुछ भी।

(अपडेट: वीडियो में दिखने वाले युवक को बुलंदशहर पुलिस ने पकड़ लिया है। उसकी पहचान विकास के तौर पर हुई है। इस संबंध में लिंक पर क्लिक कर आप विस्तार से पढ़ सकते हैं)

150 फ़िल्में, 40 वर्ष का करियर… साल 2022 के ‘फिल्म पर्सनालिटी ऑफ द ईयर’ बने मेगास्टार चिरंजीवी, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दिया अवॉर्ड

गोवा में चल रहे 53वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल (IFFI) में मेगा स्टार चिरंजीवी को साल 2022 के लिए भारतीय फिल्म का ‘पर्सनालिटी ऑफ दी ईयर’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। चिरंजीवी अपने फिल्म करियर में 150 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके हैं। चिरंजीवी को यह अवार्ड मिलने पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने उन्हें बधाई दी है।

गोवा की राजधानी पणजी में रविवार (20 नवंबर, 2022) से शुरू हुए 53वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने चिरंजीवी को भारतीय मनोरंजन इंडस्ट्री में ‘फिल्म पर्सनालिटी ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया।

चिरंजीवी को यह अवॉर्ड मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने ट्वीट कर उन्हें बधाई दी है। अनुराग ठाकुर ने ट्वीट कर कहा, “एक अभिनेता, डांसर और निर्माता के रूप में 150 से अधिक फिल्मों के साथ चिरंजीवी का चार दशकों का करियर बेहतरीन रहा है। वह तेलुगू सिनेमा में बेहद लोकप्रिय हैं और दिल छू लेने वाले प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं। बधाई चिरंजीवी।”

गौरतलब है, साल 1978 में आई फिल्म पुनाधिरल्लू से अपना करियर शुरू करने वाले चिरंजीवी ने चार दशकों से अधिक के अपने सफर में 150 से अधिक फीचर फिल्मों के माध्यम से सिने प्रेमियों के दिल में अपनी जगह बनाई है।

सिनेमा जगत में बेहतरीन योगदान के चिरंजीवी को भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण, आंध्र प्रदेश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान रघुपति वेंकैया पुरस्कार, 10 फिल्मफेयर, 4 नंदी पुरस्कार समेत कई अन्य पुरुष्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। चिरंजीवी जल्द ही चिरंजीवी की जल्द फिल्म वॉल्टर बिलैया और भोला शंकर में दिखने वाले हैं। सिल्वर स्क्रीन पर वह आखिरी बार सलमान खान स्टारर गॉड फादर में दिखे थे। 

बता दें, 53वां भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल 20 नवंबर से 28 नवंबर तक चलेगा। ओपनिंग सेरेमनी में शामिल हुए दौरान अनुराग ठाकुर ने कहा कि सरकार का लक्ष्य आईएफएफआई को कंटेंट क्रिएशन, फिल्म निर्माण और शूटिंग के लिए वन-स्टॉप डेस्टिनेशन बनाने का है।

माँ जानकी की जन्मभूमि पर बनेगी उनकी सबसे ऊँची प्रतिमा, भव्य होगा बिहार का ‘भगवती सीता तीर्थ क्षेत्र’: महंत ने दान में दी 14 एकड़ जमीन, PM मोदी भी आ सकते हैं

बिहार के सीतामढ़ी में माँ सीता की 251 फ़ीट की प्रतिमा का निर्माण करने का निर्णय लिया है। ये विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा होगी। सीतामढ़ी के स्थानीय परिसदन में शनिवार (19 नवंबर, 2022) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ‘श्रीभगवती सीता तीर्थ क्षेत्र समिति’ के अध्यक्ष और सीतामढ़ी से जदयू सांसद सुनील कुमार पिंटू ने पत्रकारों को इसकी जानकारी दी। राघोपुर बखरी के महंत रामलाल दास ने माता सीता की प्रतिमा के निर्माण के लिए 14 एकड़ जमीन दान में दी है।

अब तक 24.40 एकड़ जमीन के लिए करार हो चुका है। 5 एकड़ और जमीन के लिए किसानों से बातचीत चल रही है। अनुमान लगाया गया है कि प्रतिमा के लिए 50 एकड़ जमीन की आवश्यकता होने वाली है, जिसमें 30 लाख रुपए का निबंधन खर्च आ सकता है। हालाँकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस निबंधन शुल्क को माफ़ करने का निर्णय लिया है, जिससे बड़ी राहत मिली है। 31 दिसंबर, 2022 तक रजिस्ट्री पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रोजेक्ट लिए तीन आर्किटेक्ट से नक्शा बनवाया जा रहा है और समीक्षा के बाद सबसे बेहतर नक़्शे पर ही निर्माण कार्य होगा। माँ सीता की ये प्रतिमा विश्व में सबसे ऊँची होगी। सांसद ने बताया कि इस संबंध में प्रधानमंत्री से भी बात हो चुकी है और पीएम मोदी ने शुरुआती प्रक्रिया पूरी करने के बाद भूमिपूजन को लेकर जानकारी देने को कहा था। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री भूमिपूजन में शिरकत करते हैं तो सीतामढ़ी का नाम पूरे विश्व पटल पर चमकेगा।

BPSC की परीक्षा में इस पर सवाल भी आया था कि माता सीता की सबसे ऊँची प्रतिमा कहाँ बन रही है। दिल्ली मेट्रो में भी सीतामढ़ी के संबंध में प्रचार-प्रसार किया जाता है। ‘रामायण रिसर्च काउंसिल’ के मुख्य मार्गदर्शक परमहंस स्वामी सांदीपेंद्र महाराज की इस प्रोजेक्ट में मुख्य रुचि है। 51 शक्तिपीठों के आलावा इंडोनेशिया, बाली और अशोक वाटिका से मिट्टी व जल एवं एमपी के नलखेड़ा स्थित माता बगलामुखी की ज्योति लाकर स्थापित किया जाएगा।

सीतामढ़ी से 14 जनवरी, 2023 को सीता रथ (सीता ज्योति) निकलेगी, जो एक महीने तक पूरे देश भर में भ्रमण करेगी। माँ सीता की प्रतिमा निर्माण में होने वाले खर्च के लिए देश में स्थापित एक किन्नर अखाड़ा समेत 14 अखाड़ा को निर्देशित किया जा चुका है। ‘भगवती सीता तीर्थ क्षेत्र’ में प्रतिमाओं के दर्शन के लिए ‘नौका विहार’ भी विकसित किया जाएगा। नारी शिक्षा के लिए देश-विदेश में विद्यालय भी खोले जाने की योजना है।

अमेरिका के LGBTQ क्लब में जबरदस्त गोलीबारी, 5 की हो गई मौत और 18 घायल: ‘ट्रांसजेंडर डे ऑफ रिमेम्बरेंस’ के दिन

अमेरिका के कोलोराडो स्प्रिंग्स शहर के LGBTQ नाइट क्लब में रविवार (20 नवंबर, 2022) को हुई अंधाधुंध फायरिंग में 5 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 18 लोग घायल हुए हैं। क्लब में मौजूद लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए संदिग्ध हमलावर को पकड़ते हुए पुलिस को सौंप दिया है। फिलहाल, हमले के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस, मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला अमेरिका के कोलोराडो स्प्रिंग्स शहर में स्थित LGBTQ नाइट क्लब ‘क्यू’ में हुआ है। अपनी गूगल लिस्टिंग में, क्लब ‘क्यू’ ने खुद को ‘गे एंड लेस्बियन नाइट क्लब’ बताया है।

(फोटो: गूगल लिस्टिंग का स्क्रीनशॉट)

इस घटना को लेकर कोलोराडो स्प्रिंग्स की लेफ्टिनेंट पामेला कास्त्रो का कहना है कि यह हमला ‘ट्रांसजेंडर डे ऑफ रिमेंबरेंस (TDOR)’ के दिन हुआ है। आरोपित ने रात करीब 11:30 बजे क्लब में घुसकर अंधाधुंध गोलीबारी की जिससे वहाँ मौजूद 23 लोगों को गोली। इसमें, 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 घायल हैं।

पामेला कास्त्रो ने यह भी कहा है कि हमले के बाद क्लब में मौजूद लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए संदिग्ध आरोपित को पकड़ लिया। इसके बाद, पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपित को हिरासत में लिया है। संदिग्ध आरोपित को भी गोली लगी है, पुलिस सुरक्षा में उसका इलाज चल रहा है। इलाज के बाद उससे पूछताछ की जाएगी, तब हमले का कारण सामने आ सकेगा। हालाँकि, कोलोराडो स्प्रिंग्स की लेफ्टिनेंट पामेला कास्त्रो ने हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।

हमले के बाद LGBTQ नाइट क्लब ‘क्यू’ ने फेसबुक पर एक पोस्ट करते हुए संदिग्ध हमलावर को पकड़ने के लिए क्लब में मौजूद लोगों का धन्यवाद किया है। क्लब ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा, “हमारे समुदाय पर मूर्खतापूर्ण हमले से क्लब क्यू तबाह हो गया है। हमारी प्रार्थना और संवेदनाएँ सभी पीड़ितों और उनके परिवार और दोस्तों के साथ हैं। हम क्लब में मौजूद उन लोगों को धन्यवाद देते हैं जिन्होंने बहादुरी दिखाते हुए हमलावर को पकड़ लिया।”

बता दें, अमेरिका में गोलीबारी की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। इससे पहले गत बुधवार (16 नवंबर, 2022) को कोलंबिया के रोज गोल्ड क्लब में फायरिंग की घटना सामने हुई थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इससे पहले, 5 नवंबर को फिलाडेल्फिया के बार में गोलीबारी की खबर सामने आई थी। इस हमले में 9 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। वहीं, गत 20 अक्टूबर को सिएटल से लगभग 450 किलोमीटर पूर्व केलर में भी गोलीबारी हुई थी। इस गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया था।

शूट किए पोर्न वीडियोज, ‘बनाना प्राइम OTT’ को बेचा: राज कुंद्रा के खिलाफ दायर हुई चार्जशीट, पूनम पांडे और शर्लिन चोपड़ा का नाम

बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति कारोबारी राज कुंद्रा और कुछ अन्य पर पोर्नोग्राफी फ़िल्में बनाने के मामले में मुंबई पुलिस ने चार्जशीट दायर कर दी है। पुलिस ने बताया है कि OTT के माध्यम से पोर्न कंटेंट्स का वितरण किया गया। साइबर पुलिस ने ये भी जानकारी दी है कि कुंद्रा ने मॉडल शर्लिन चोपड़ा और पूनम पांडे, एक फिल्म निर्माता मीता झुनझुनवाला और एक कैमरामैन राजू दुबे के साथ फाइव स्टार होटलों में अश्लील वीडियो शूट किया था।

इससे पहले अप्रैल 2021 में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने भी चार्जशीट दायर की थी। इसके बाद फिर से सितंबर में इस मामले की सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की गई। फरवरी 2021 में मध आइलैंड पर एक बंगले पर छापेमारी के बाद ये मामला सामने आया है। साइबर पुलिस इस संबंध में 2019 में ही मामला दर्ज कर चुकी है। राज कुंद्रा की ‘आर्म्सप्राइम मीडिया लिमिटेड’ अश्लील कंटेंट्स बनाने और इसका वितरण करने में शामिल थी।

450 पन्नों की चार्जशीट में ‘बनाना प्राइम ओटीटी’ के मालिक सुवाजित चौधरी और राज कुंद्रा के करीबी उमेश कामत के विरुद्ध ‘प्रेम पगलानी’ नामक अश्लील वीडियो शूट करने का आरोप लगाया गया है। ये भी आरोप है कि ‘द पूनम पांडे’ एप के माध्यम से उन्होंने राज कुंद्रा की मदद से अश्लील वीडियो शूट किया। साथ ही ये लोग ऐसे मॉडलों की तलाश में थे, जो गुमनाम हो गई हों और अश्लील वीडियोज में काम कर चुकी हों।

याद हो कि राज कुंद्रा को गिरफ्तार कर के पुलिस ने 2 महीने तक हिरासत में रखा था। राज कुंद्रा ने अश्लील वीडियोज को OTT प्लेटफॉर्म्स पर बेच कर मोटी कमाई भी की है। आर्थर रोड जेल में रहने के बाद राज कुंद्रा सितंबर 2021 में रिहा हुए थे। इसमें एक कैमरामैन राजू दुबे का नाम भी सामने आया है, जिसने शर्लिन चोपड़ा के वीडियो शूट किए। राज कुंद्रा ने पोर्न इंडस्ट्री में 8 से 10 करोड़ रुपए तक का निवेश किया था।

रामकथा करने पर कुमार विश्वास को केजरीवाल समर्थक ने दी हत्या की धमकी, भगवान राम को गंदी-गंदी गालियाँ: बोले कवि – रावण का वंश नहीं बचा, तुम कौन से लवणासुर हो?

भगवान राम पर अपमानजनक टिप्पणी करते हुए कवि कुमार विश्वास को जान से मारने की धमकी देने वाले व्यक्ति को मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपित की पहचान लोकेश शुक्ला के रूप में हुई है। वह आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल का समर्थक है।

दरअसल, कुमार विश्वास के मैनेजर प्रवीण पाण्डेय ने गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि बीते कुछ दिनों से कवि को जान से मरने की धमकी दी जा रही है। उन्हें यह धमकी ईमेल के माध्यम से दी जा रही थी।

मैनेजर ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा था कि धमकी देने वाला व्यक्ति मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम को बेहद अपमानजनक गंदी एवं अश्लील गालियाँ देते हुए कहा था कि कुमार भगवान राम का महिमामंडन न करें। यही नहीं, आरोपित ने धमकी भरे ईमेल में अरविंद केजरीवाल की भी तारीफ की थी। साथ ही, उसने कहा था, “मैं शहीद ऊधम सिंह की शपथ लेता हूँ कि मैं तुझे मारूँगा।”

पुलिस को दिए शिकायत पत्र के साथ कुमार विश्वास ने ट्वीट कर इस बारे में पूरी जानकारी दी थी। कुमार विश्वास ने ट्वीट कर कहा था, “अब उन्हें और उनके चिंटुओं को मेरे द्वारा मेरे राघवेंद्र सरकार राम का महिमामंडन करना पसंद नहीं। कह रहे हैं कि मार देंगे, ये सब ठीक है पर अपने चिंटुओं को बोलो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम को गाली न बकें। अपना काम करो, नहीं तो याद रखो रावण तक का वंश नहीं बचा, तुम ऐसे कौन लवणासुर हो?”

इंदौर से गिरफ्तार हुआ आरोपि

पुलिस अधीक्षक द्वितीय ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने कहा है कि भगवान राम को गाली और कुमार विश्वास को धमकी देने वाले व्यक्ति को इंदौर के सुदामा नगर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपित की पहचान लोकेश शुक्ला के रूप में हुई है। पुलिस की पूछताछ में आरोपित ने बताया है कि वह अरविंद केजरीवाल से प्रभावित है। इसलिए, कुमार विश्वास द्वारा भगवान राम पर कविता सुनाने या केजरीवाल को लेकर कोई भी बात कहने से वह नाराज होता था।

इस मामले में, इंदिरापुरम थाना प्रभारी देवपाल सिंह पुंडीर ने कहा है कि गिरफ्तार आरोपित लोकेश शुक्ला ने कुमार विश्वास को धमकी भरा पहला मेल 23 अक्टूबर को भेजा था। इसके बाद उसने अगले चार-पाँच दिनों तक कुमार विश्वास को धमकी भरे मेल किए। इन मेल में भगवान राम को गाली दी गई थी। साथ ही, उसने शहीद उधम सिंह की कसम खाते हुए जान से मारने की भी धमकी दी थी। लगातार धमकी भरे मेल मिलने के बाद कुमार विश्वास के कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेता हुए गृह मंत्रालय को इसकी सूचना दी थी।

पड़ोस की हिन्दू युवती को भगा ले गए गुल मोहम्मद और अजर हसन, घर पर लटका है ताला: मजदूर पिता ने लगाई न्याय की गुहार: तलाश में जुटी पुलिस

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से ‘लव जिहाद’ का नया मामला सामने आया है। यहाँ गुल मोहम्मद पर एक हिन्दू लड़की को अपने साथ बहला-फुसला कर भगा ले जाने का आरोप लगा है। पीड़ित परिवार ने अपनी शिकायत में गुल मोहम्मद के साथ अजर हसन को भी नामजद किया है। पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। घटना शनिवार (19 नवम्बर 2022) की है।

घटना नारखी थाना क्षेत्र की है। पीड़िता के पिता ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया गया है कि शनिवार को सुबह लगभग 4 बजे उनकी बेटी को उसी गाँव के गुल मोहम्मद और अजर हसन बाइक से भगा ले गए। गुल मोहम्मद के अब्बा का नाम इसराज अली जबकि अजर हसन के अब्बा का नाम अफसर अली है। शिकायत में पीड़िता के पिता ने अपनी बेटी को दोनों आरोपितों के साथ गाँव के ही एक चश्मदीद द्वारा देखे जाने का दावा किया है।

अपहृत युवती की उम्र 22 वर्ष बताई गई है। पीड़ित पिता ने शिकायत में आगे लिखा है कि उन्होंने अपनी बेटी को अपने स्तर से खोजने की बहुत कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल पाई। लड़की के पिता ने अपनी शिकायत में खुद को मजदूर बताते हुए आरोपितों पर कठोर कार्रवाई की माँग की है। इस शिकायत पर पुलिस ने IPC की धारा 363 के तहत FIR दर्ज कर के आरोपितों और अपहृत लड़की की तलाश शुरू कर दी है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, DSP टूंडला हरिमोहन सिंह ने अपहर्ता को जल्द से जल्द बरामद कर के आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। ऑपइंडिया ने इस मामले में पीड़िता के पिता से बात की। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपित बालिग हैं और उनके पड़ोसी हैं। अपने गाँव को हिन्दू बहुल बताते हुए पीड़ित पिता ने बताया कि वहाँ मुस्लिम समुदाय के लगभग 15 घर हैं। अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी न होने की जानकारी देते हुए लड़की के पिता ने हमें बताया कि घटना के बाद से आरोपित गुल मोहम्मद के घर वाले भी मकान पर ताला लगा कर कहीं चले गए हैं।

श्रद्धा को जबरन माँस खिलाता था आफताब, मना करने पर करता था पिटाई: अम्मी-अब्बू अब भी फरार, तलाश कर रही पुलिस

श्रद्धा वॉकर की हत्या (Shraddha Walker) के आरोपित आफताब पूनावाला (Aftab Poonawala) को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। दरअसल, श्रद्धा नॉनवेज खाना पसंद नहीं करती थी। जब श्रद्धा नॉनवेज नहीं खाती थी तो आफताब उसे बुरी तरह मारता था। वहीं, दिल्ली पुलिस को आशंका है तो उसने श्रद्धा की हत्या करने के बाद उसका सिर काटकर पास के ही तालाब में फेंक दिया था। पुलिस उस तालाब को अब खंगाल रही है।

पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली है कि श्रद्धा की हत्या करने के बाद आफताब ने उसका सिर छतरपुर एनक्लेव स्थित तालाब में फेंक दिया था। पुलिस उस सिर को खोजने के लिए अब उस तालाब को खाली कराने की योजना बना रही है। इसके लिए वह आस-पड़ोस के लोगों की भी मदद ले रही है।

पुलिस को जानकारी मिली है कि जब आफताब और श्रद्धा हिमाचल दौरे पर गए थे तो वहाँ आफताब को बद्री नाम का एक शख्स भी मिला था। इस बद्री ने दिल्ली के मेहरौली में रूकने में दोनों की मदद की थी। अब बद्री भी पुलिस के रडार पर आ गया है।

इस मामले की जाँच का दायरा पाँच राज्यों तक फैला हुआ है। दिल्ली पुलिस मुंबई, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली में इस मामले से जुड़े सबूत को तलाश रही है। इस मामले में आरोपित आफताब हत्या में इस्तेमाल हथियार और सिर को कहाँ-कहाँ फेंका इसका जवाब नहीं दे रहा है। बता दें कि कोर्ट ने पुलिस को सख्त हिदायत दी है कि उस थर्ड डिग्री का इस्तेमाल ना किया जाए।

उधर श्रद्धा की एक दोस्त ने बताया कि मुंबई में रहने के दौरान आफताब जिस दिन श्रद्धा की पिटाई करता था, उस रात वह घर नहीं लौटता था। वह अपने अम्मी-अब्बू के घर चला जाता था। उसके बाद आफताब के अम्मी-अब्बू श्रद्धा को मनाते थे और उनकी मीठी-मीठी बातों में आकर वह फिर से आफताब के पास चली जाती थी।

पूनम बिड़ला नाम की उसकी दोस्त ने बताया कि एक दिन श्रद्धा उसके पास आई तो उसके गले, माथे और गाल पर चोट के निशान थे। उसने पूछा तो श्रद्धा ने बताया कि आफताब ने उसे बुरी तरह मारा और गला दबाकर मारने की कोशिश की, लेकिन वो किसी तरह भाग गई।

श्रद्धा ने अपनी दोस्त को बताया था कि आफताब उसे नॉनवेज खाने के लिए मजबूर करता था। जब वह खाने से मना करती थी तो आफताब गुस्सा हो जाता था और उसे बुरी तरह पीटता था। पूनम ने बताया कि श्रद्धा उससे तीन बार मदद माँगने आई थी। एक बार वह श्रद्धा को लेकर पुलिस स्टेशन भी पहुँची थी।

अगले दिन FIR कराने की तैयारी थी, लेकिन आफताब के अम्मी-अब्बू आए और उसे बहलाकर उसे फिर से वापस ले गए। उधर आफताब के अम्मी-अब्बू और भाई घटना के बाद से फरार हैं और अभी तक उन्हें ढूँढा नहीं जा सका है। उनके फोन भी बंद आ रहे हैं।

बता देें कि आफताब ने अपने लिव-इन पार्टनर श्रद्धा के 35 टुकड़े कर के जंगल में फेंक दिए थे। उसने पुलिस के सामने हत्या करने की बात कबूल कर ली है, लेकिन सबूतों के बारे में जानकारी नहीं दे रहा है। पुलिस श्रद्धा के शरीर के टुकड़ों को खोजने में लगी हुई है। पुलिस की लगातार जंगल में सर्च ऑपरेशन जारी है।