तमिलनाडु के कैकेटर नारायण जगदीशन ने चिन्नस्वामी स्टेडियम में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेलते हुए इतिहास रच दिया है। उन्होंने पुरुषों के ‘लिस्ट ए’ क्रिकेट का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया है। ये इस फॉर्मेट में दुनिया का सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। उन्होंने 15 छक्कों और 25 चौकों की मदद से ये स्कोर बनाया। वो ‘लिस्ट ए’ क्रिकेट में लगातार 5 शतक जड़ने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले 2002 में एलिस्टर ब्राउन ने ग्लॅमॉर्गन के खिलाफ 268 रन बनाए थे।
इससे पहले 4 बल्लेबाज ऐसे हैं, जिन्होंने लगातार 4 मैचों में शतक अपने नाम किया था। 2014-15 में कुमार संगकारा, 2015-16 में एल्विरो पीटरसन और 2020-21 में देवदत्त पडिकल ने ये कारनामा किया था। तमिलनाडु ने इस स्कोर की बदौलत 500 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया, जो ‘लिस्ट ए’ का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। उन्होंने मात्र 114 गेंदों पर दोहरा शतक बना दिया। ट्राविस हेड ने इससे पहले क्वींसलैंड के विरुद्ध इतने ही गेंदों में ये कारनामा किया था।
दोहरा शतक पूरा करने में एन जगदीशन का स्ट्राइक रेट 196.45 रहा, जबकि पिछले रिकॉर्ड ट्राविस हेड का 181.1 था। इस मैच में जगदीशन के अलावा बी साई सुदर्शन ने भी अच्छा खेला। उन्होंने 154 रन बनाए। दोनों के बीच 416 रनों की पार्टनरशिप हुई, जो ‘लिस्ट ए’ क्रिकेट में अब तक की सर्व श्रेष्ठ पार्टनरशिप है। विजय हजारे ट्रॉफी के इस एडिशन में 5 शतक भी उनके सबसे ज्यादा हैं। 4 शतक विराट कोहली (2008-09), देवदत्त पडिकल (2020-21), पृथ्वी शॉ (2020-21) और ऋतुराज गायकवाड़ (2021-22) जड़ चुके हैं।
277 रनों की इस पारी में नारायण जगदीशन ने 15 छक्के जड़े, जो विजय हजारे ट्रॉफी में अब तक के हाइएस्ट हैं। इससे पहले 2019-20 में यशस्वी जायसवाल ने झारखंड के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। इस टूर्नामेंट में नारायण जगदीशन के अब तक 799 रन हो गए हैं, जो एक एडिशन में दूसरा सर्वश्रेष्ठ है। इससे पहले 2020-21 में पृथ्वी शॉ ने 827 रन जड़े थे। IPL में एन जगदीशन ‘चेन्नई सुपर किंग्स (CSK)’ की तरफ से खेलते हैं, जिसके कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हैं।
श्रद्धा हत्याकांड के बाद पूरा देश गुस्से में है। ‘लव जिहाद’ और निर्मम हत्या के इस मामले में जहाँ एक ओर हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं और हत्या के आरोपित आफताब का नार्को टेस्ट भी होना है, वहीं दूसरी ओर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने श्रद्धा की हत्या को ‘सामान्य घटना’ बताते हुए, इसमें लव जिहाद के एंगल इनकार किया है।
न्यूज एजेंसी ANI से हुई बातचीत में अशोक गहलोत ने कहा है, “यह एक दुर्घटना है। ये तो नाम दे दिए गए हैं, जुमले गढ़ दिए गए हैं। आप इसे किसी भी रूप में ले लीजिए। ये कोई नई बात नहीं है, सदियों से अंतरजातीय-अंतरधार्मिक विवाह होते रहे हैं।”
#WATCH यह(श्रद्धा हत्याकांड) एक दुर्घटना है, इसे नाम दे दिया गया है, जुमले कस दिए गए हैं। सदियों से अंतर धर्म में शादियां होती हैं यह नई बात तो नहीं है। लेकिन आपने एक कौम को एक धर्म को टारगेट बना दिया है, उसके आधार पर राजनीति हो रही है: राजस्थान CM अशोक गहलोत pic.twitter.com/OfT8aoKTmC
अशोक गहलोत ने आगे कहा, “एक कौम को टारगेट बना दिया गया है। उसके आधार पर देश के अंदर राजनीति चल रही है, जिसका फायदा आपको मिल रहा है। धर्म के नाम पर जाति के नाम पर इकट्ठा करना हो या संगठित करना हो या फिर भीड़ इकट्ठा करना हो तो बड़ा आसान काम है। आग लगाना बड़ा आसान काम है। बिल्डिंग बनाने में टाइम लगता है, गिराना हो तो गिरा दीजिए आराम से गिर जाएगी।”
बता दें कि इस मामले में पुलिस हत्यारोपित आफताब अमीन पूनावाला से लगातार पूछताछ कर रही है। यही नहीं, सोमवार (11 नवंबर, 2022) को उसका नार्को टेस्ट भी होना था। हालाँकि, कुछ परीक्षणों में खामी मिलने के कारण ये नहीं हो पाया है। पुलिस आफताब को महरौली के जंगल से लेकर उस तालाब तक लेकर गई थी, जहाँ आफताब ने श्रद्धा के शरीर के टुकड़े फेंके थे।
जानिए श्रद्धा वाकर हत्याकांड के बारे में
गौरतलब है कि आफताब से पूछताछ को लेकर पुलिस ने बताया था कि वह हर सवाल का जवाब अंग्रेजी में देता है। उसने हत्या की बात कबूल करते हुए ‘यस, आई किल्ड हर (Yes i killed her) कहा था। पुलिस की जाँच में हत्याकांड से जुड़ी कई बड़ी बातें सामने आई हैं। जानते हैं अब तक इस मामले से जुड़े बड़े खुलासे क्या हैं::
1. हत्या के बाद दूसरी महिला को कमरे पर लाया था आफताब: मिली जानकारी के मुताबिक, श्रद्धा वाकर की हत्या के बाद आफताब ने अपनी एक अन्य गर्लफ्रेंड को कमरे पर लेकर आया था। हैरत की बात यह है कि इसी कमरे में आफताब ने श्रद्धा वाकर के शवों के टुकड़ों को फ्रिज में छिपाकर रखा था।
2. हत्या के बाद रोज देखता था श्रद्धा का चेहरा: श्रद्धा हत्याकांड में एक चौंकाने वाली जानकारी यह भी मिली है कि आफताब उसी कमरे में सोता था, जहाँ उसने श्रद्धा की हत्या कर शव को टुकड़ों में काटा था। फ्रीज में रखने के बाद वह उसका चेहरा रोज देखता था। हर रात वह उसके एक-एक अंग को ठिकाने लगाता था।
3. 18 दिनों तक फ्रिज में रखे थे शरीर के टुकड़े: आफताब ने शरीर के अंगों को ठिकाने लगाने के बाद फ्रिज की सफाई भी की थी। वह लगभग 18 दिनों तक इन टुकड़ों के साथ रहा। हैरान करने वाली बात यह है कि आफताब उसी फ्रिज से ही खाने-पीने का सामान भी निकालता और रखता था, जिसमें श्रद्धा की लाश के टुकड़े थे।
4. दिल्ली पहुँचने के 10 दिन बाद ही क़त्ल: आफताब और श्रद्धा मुंबई से दिल्ली 8 मई 2022 को आए थे। उन्होंने महरौली के जंगल के पास फ्लैट लिया था। दिल्ली पहुँचने के 10 दिन बाद यानी 18 मई को आफताब ने श्रद्धा का मर्डर कर दिया।
5. फ्लैट दिलाने वाला गिरफ्तार: श्रद्धा हत्याकांड में बद्री नाम के शख्स की एंट्री हुई है। यही वो शख्स है, जिसने आफताब को महरौली इलाके में फ्लैट दिलाया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है।
6. ‘आफताब मुझे मार डालेगा’: महाराष्ट्र के पालघर की रहने वाले श्रद्धा के दोस्तों का कहना है कि शुरुआत में यह जोड़ा खुशी-खुशी रहता था। लेकिन कुछ ही दिनों में उनके बीच बातें बिगड़ गईं और श्रद्धा रिश्ता तोड़ना चाहती थी। एक बार हालात इतने बिगड़ गए थे कि श्रद्धा ने अपने एक दोस्त को फोन करके कहा था, “मुझे यहाँ से ले जाओ वरना आफताब मुझे मार डालेगा।”
7. श्रद्धा के साथ मारपीट करता था आफताब: एक और दोस्त के मुताबिक, आफताब उसे लगातार मारता था। वह उसे छोड़ना चाहती थी, लेकिन ऐसा नहीं कर सकी। आफताब उसे मारता था फिर भी उसे छोड़ नहीं पा रही थी।
8.) श्रद्धा को जबरन माँस खिलाता आफताब: श्रद्धा ने अपनी दोस्त को बताया था कि आफताब उसे नॉनवेज खाने के लिए मजबूर करता था। जब वह खाने से मना करती थी तो आफताब गुस्सा हो जाता था और उसे बुरी तरह पीटता था।
9.) श्रद्धा से नफरत करने लगा था आफताब, फोटो तक जला दी थी: आफताब ने 23 मई को अपने घर की तलाशी ली थी। वह श्रद्धा से जुड़ी हर चीज अपने घर से हटा देना चाहता था। इस दौरान उसे श्रद्धा की 3 तस्वीरें मिली थीं। ये तस्वीरें एक फ्रेम में लगी हुई थी, जो श्रद्धा के कमरे में पड़ी थीं। इसमें एक दोनों के उत्तराखंड टूर की तो दूसरी मुंबई के गेटवे ऑफ़ इंडिया की थी जो दोनों ने एक साथ साल 2020 में खिंचवाई थी। आफ़ताब ने पुलिस को बताया कि उसने पहले फ्रेम तोड़ कर तस्वीरों को निकला और बाद में किचन में ले जा कर उसमें आग लगा दी।
10.) 20 लड़कियों से थे आफताब के संबंध: रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि आफताब के 20 लड़कियों से संबंध रहे हैं। यही नहीं, वह गर्लफ्रेंड रहीं ज्यादातर लड़कियों को आफताब अपने घर ला चुका है। इनमें से कई को वह महरौली के उस फ्लैट पर भी ले गया, जहाँ श्रद्धा की हत्या कर उसके शव के 35 टुकड़े किए थे। ये लड़कियाँ दिल्ली और महाराष्ट्र की हैं। अब पुलिस इन सबसे भी पूछताछ की तैयारी कर रही है।
श्रद्धा मर्डर केस (shraddha murder case) में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की टीम भी लगातार पूछताछ कर रही है। मामले में ऐसी जानकारियाँ निकल कर सामने आ रही है, जो पुलिस के साथ-साथ आम जनता को भी हैरान कर रही है। नया खुलासा आफताब अमीन पूनावाला (Aftab Amin Poonawalla) के नशे की लत को लेकर है।
जी न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आफताब नशे का आदि है। उसने कथित तौर पर गांजे के नशे में ही श्रद्धा वाकर की गला दबाकर हत्या कर दी थी। यह भी बताया गया है कि जब वह निर्ममता से श्रद्धा के शव के 35 टुकड़े कर रहा था, तब भी वह नशा कर रहा था। इतना ही नहीं माँ की मौत के बाद बतौर नॉमिनी श्रद्धा को जो पैसा मिला था वह भी उसने हड़प लिया था।
रिपोर्ट के मुताबिक वह श्रद्धा से पैसे भी उधार भी लेता रहता था। दिन-रात श्रद्धा के साथ झगड़ा करने के बावजूद वह उधार के पैसे वापस नहीं करता था। आफताब अमूमन ड्रग्स के लिए पैसे उधार लेता था। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि आफताब के संंबंध ऐसे लोगों से थे, जो नशे के आदी थे। वह श्रद्धा को लेकर हिमाचल प्रदेश के तोशगांव भी गया था। बताया जाता है कि तोशगांव ड्रग्स वितरण का बड़ा अड्डा बन चुका है। पुलिस इसी कड़ी को खँगालने की कोशिश कर रही है। आफताब के चैट से यह भी खुलासा हुआ है कि उसके साथ कॉल सेंटर में काम करने वाले कुछ लोग ड्रग्स लेते थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, वह भले ही श्रद्धा के साथ लिव इन में रहता था, लेकिन उसके संबंध कई अन्य लड़कियों से भी थे। पुलिस को शक है कि वह लड़कियों को प्यार के जाल में फँसाकर उनसे ड्रग्स की तस्करी करवाना चाहता था। संभवतः वह श्रद्धा को भी ड्रग्स पैडलर बनाना चाहता था।
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार आफताब हत्या के बाद दिल्ली से मुंबई गया था और वहाँ से कूरियर कंपनी के जरिए अपना सामान दिल्ली भेजा था। दिल्ली पुलिस की एक जाँच टीम ने रविवार (20 नवंबर 2022) को मुंबई में इस संबंध में एक कूरियर कंपनी के मालिक गोविंद यादव से पूछताछ की। इसी कूरियरर कंपनी ने श्रद्धा और आफताब का कुछ घरेलू सामान मुंबई से दिल्ली पहुँचाया था।
पूछताछ में कंपनी के मालिक ने कहा कि आफताब ने इस साल जून में उसकी कंपनी के माध्यम से दिल्ली के एक पते पर सामान पहुँचाया था। सामान में घरेलू चीजें, फ्रिज, बर्तन और कपड़े शामिल थे। आफताब ने इसके लिए बकायदा 20 हजार रुपए भी चुकाए थे।
दूसरी ओर दिल्ली पुलिस इस केस के सिलसिले में लगातार अपना काम कर रही है। इसी क्रम में दिल्ली पुलिस की टीम मुंबई के उस फाइव स्टार होटल स्टाफ से पूछताछ करेगी, जहाँ आफताब ट्रेनी शेफ के तौर पर काम करता था।
Shraddha murder case: Delhi Police to question Mumbai’s five-star hotel staff where Aftab worked as chef
दिल्ली पुलिस के दो अधिकारी होटल के कर्मचारियों से आफताब के बारे पूछताछ करेंगे। आफताब मुंबई में अपने परिवार के साथ जिस सोसायटी में रहता था, पुलिस ने वहाँ के सेक्रेटरी अब्दुल्ला खान से भी पूछताछ की थी।
कर्नाटक के मंगलुरु में शनिवार (19 नवंबर, 2022) को ऑटो में हुए बम धमाके को लेकर जाँच तेज हो गई है। कहा जा रहा है घटना की स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) मामले की जाँच कर सकती है। फिलहाल, इस मामले में गिरफ्तार आरोपित मोहम्मद शरीक से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, कुछ संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मोहम्मद शरीक इस्लामी आतंकी संगठन ISIS के हैंडलर्स के संपर्क में था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलुरु में चलते ऑटो में हुए बम धमाके के आरोपित मोहम्मद शरीक के घर से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, एक मोबाइल फोन, दो फर्जी आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, डेबिट कार्ड बरामद हुए हैं। विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों में जिलेटिन पाउडर, सर्किट बोर्ड, छोटे बोल्ट, बैटरी, वुड पावर, एल्युमीनियम मल्टी मीटर, तार, मिक्सचर जार, प्रेशर कुकर आदि बरामद हुए हैं। पुलिस ने शरीक के जिस घर में छापेमारी की है, वह घर किराए पर लिया हुआ था।
Mangaluru auto blast | Premises were searched and a lot of explosives material, matchboxes, nut bolts, circuits were found. We’ve come to know sources of it because some purchases were made online & some others offline. We’re working on it: ADGP, Law & Order
शुरुआती जाँच के बाद पुलिस ने कहा है कि आरोपित मोहम्मद शरीक मंगलुरु की दीवारों पर आपत्तिजनक पेंटिंग करने के मामले में पहले भी जेल चुका है। शरीक को यूएपीए की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल, वह जमानत पर बाहर था।
‘न्यूज 18′ ने एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि आरोपित मोहम्मद शरीक आत्मघाती हमलावर नहीं था, बल्कि वह किसी अन्य जगह बम लगाकर बड़ा विस्फोट करने की फिराक में जा रहा था। इसी दौरान, विस्फोट हुआ है। यही नहीं, शरीक के घर से विस्फोटक सामग्री बरामद होने के बाद कहा जा रहा है कि उसने कई और बम ब्लास्ट की योजना बनाई थी। इसके लिए उसने सामग्री तैयार कर ली थी। हालाँकि, पुलिस ने अब तक ऐसी पुष्टि नहीं की है।
मोहम्मद शरीक से संबंधों को लेकर तमिलनाडु पुलिस ने नीलगिरि जिले के उधगमंडलम निवासी सुरेंद्रन से पूछताछ कर रही है। ‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट के अनुसार, संदिग्ध आरोपित ने शरीक के साथ संबंध की बात को स्वीकार किया है। दरअसल, पुलिस शरीक के पास से दो आधार कार्ड मिले थे, जिसमें से एक संदिग्ध आरोपित सुरेंद्रन के नाम पर था।
यही नहीं, बम ब्लास्ट मामले की जाँच कर रही पुलिस का कहना है कि आरोपित मोहम्मद शरीक तमिलनाडु गया था। इस दौरान वह, सिंगनल्लूर में स्थित एक हॉस्टल में संदिग्ध आरोपित सुरेंद्र के साथ रुका था। पुलिस इस बात की भी जाँच कर रही है कि कहीं मोहम्मद शरीक का संबंध इसी साल 23 अक्टूबर को कोयंबटूर बम ब्लास्ट में मारे गए मोहम्मद जोशेमा मुबीन से भी तो नहीं था।
एक रिपोर्ट के अनुसार, शरीक इस्लामिक स्टेट (ISIS) के हैंडलर अराफात अली के संपर्क में था। अराफात पहले ही दो मामलों में आरोपित है और अल-हिंद मॉड्यूल मामले के आरोपी मुस्सविर हुसैन के संपर्क में था। यही नहीं, शरीक दो तीन अन्य संदिग्धों के भी संपर्क में था। इन सभी की पहचान की जा रही है।
भारत में मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद को बढ़ावा देने, अवैध धर्मांतरण सहित कई मामलों का वांछित भगोड़ा जाकिर नाइक FIFA वर्ल्ड कप के बीच कतर पहुँचा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि पिछले सप्ताह कतर में एक कार्यक्रम के दौरान जाकिर नाइक ने अन्य धर्मों से संबंधित चार लोगों को इस्लाम मजहब में कन्वर्ट करवाया है। इस दावे के साथ वीडियो भी शेयर किए जा रहे हैं। वीडियो में इस्लामी तकरीर करने वाला ज़ाकिर नाइक चार अन्य लोगों के साथ मंच पर खड़ा दिखाई दे रहा है।
इनमें से एक मंच पर नाइक की बात दोहरा रहा है। इसमें वो कहता दिख रहा है कि अल्लाह के अलावा कोई ईश्वर नहीं है और पैगंबर मुहम्मद उनके मसीहा हैं। भारत में भगोड़ा घोषित किए गए जाकिर नाइक को फीफा विश्व कप 2022 से पहले कतर में इस्लाम का प्रचार करने वाले भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था। हालाँकि, ये वीडियो पुराना है, जो अब वायरल हो रहा। उक्त वीडियो 27 मई, 2016 को शेयर किया गया था।
हालाँकि, वीडियो पुराना होने से ये फैक्ट नहीं बदल जाता कि FIFA वर्ल्ड कप के बीच ज़ाकिर नाइक क़तर पहुँचा हुआ है और धर्मांतरण कराने के लिए वो जाना जाता रहा है। अपनी तकरीरों के माध्यम से ब्रेनवॉश करने में वो एक्सपर्ट है और कई आतंकियों के गैजेट्स में उसके वीडियोज मिलते हैं।
This video is from May 2016 and is not a recent development.
Having said that, it doesn't change the fact that Zakir Naik has been coercing non-Muslims to convert at events for answering their questions 'correctly.'https://t.co/u2C6k0jJsF
फीफा वर्ल्ड कप का मैच देखने के लिए अलग-अलग देशों से कतर पहुँच रहे प्रशंसकों पर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं। ऐसे में उन प्रतिबंधों को लेकर लगातार विवाद हो रहा है। विश्व कप के मैचों के आयोजन के दौरान स्टेडियम में शराब की बिक्री को जो अनुमति मिली थी, उस पर भी प्रतिबंध लग सकता है। बीयर कंपनी बडवाइजर के बीच करोड़ों डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। शराब बनाने वाली दिग्गज कंपनी Anheuser-Busch InBev ने कहा कि परिस्थितियाँ हमारे नियंत्रण से परे है। इस कारण कुछ बिक्री आगे नहीं बढ़ सकती है।
दरअसल, फीफा वर्ल्ड कप के लिए कतर की सरकार ने शराब के लिए कुछ नियम तय किए हैं। इसमें फैंस मैच शुरू होने से तीन घंटे पहले और खत्म होने के एक घंटे बाद ही बीयर खरीद सकेंगे। कतर में महिला और पुरुष दोनों के कपड़ों को लेकर कुछ पाबंदियाँ लागू की गई हैं। यहाँ महिलाएँ ऐसे कपड़े नहीं पहन सकती हैं, जो बॉडी को एक्सपोज करते हो। ऐसे में उन्हें जेल भेजने तक का नियम है। इसके अलावा अब मैच के दौरान इस्लाम का प्रचार करने को लेकर विवाद हो रहा है।
एक रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि कतर इतने बड़े आयोजन का इस्तेमाल इस्लाम के प्रचार-प्रसार के लिए भी करना चाहता है। इस काम के लिए कट्टरपंथी जाकिर नाइक को चुना गया है। भले ही ये वीडियो पुराना हो, लेकिन उसके क़तर पहुँचने का उद्देश्य तो यही है।
गौरतलब है कि कि जाकिर नाइक अपने महजबी तकरीरों के जरिए समाज में ना सिर्फ नफरत फैलाता है, बल्कि मुस्लिम युवाओं को जिहाद और आतंकवाद के लिए भी उकसाता है। हाल ही में कई गिरफ्तार आतंकियों ने बताया था कि वे जाकिर नाइक का वीडियो देखकर आतंकवाद की ओर बढ़े थे। जाकिर नाइक पर भारत में मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद को बढ़ावा देने, धर्मांतरण से जुड़ाव, समाज में नफरत फैलाने, हेट स्पीच सहित कई गतिविधियों में लिप्त होने के कारण उस पर मामला दर्ज किया गया है।
वह भारत का भगोड़ा और वांछित है। भारत सरकार उसे देश में लाने का लगातार प्रयास कर रही है। साल 2016 के अंत में भारत ने नाइक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार की कार्रवाई की भनक लगते ही जाकिर नाइक भागकर मलेशिया चला गया। उसके बाद साल 2017 में जाकिर नाइक को भगोड़े घोषित कर दिया गया।
मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस विधायक उमंग सिंघार पर रेप और अप्राकृतिक कुकर्म का आरोप लगा है। आरोप 38 वर्षीया एक महिला ने लगाया है, जो विधायक की पत्नी होने का दावा कर रही है। महिला के मुताबिक विधायक ने उन्हें शारीरिक और मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर रहे थे। पुलिस ने FIR दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। यह केस धार जिले के नौगाँव थाने में दर्ज हुआ है।
आरोपित उमंग सिंघार गंधवानी से विधायक है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोप लगाने वाली महिला मूल रूप से मध्य प्रदेश के ही जबलपुर की रहने वाली है। पुलिस को दी गई शिकायत में महिला ने कॉन्ग्रेस विधायक से अपना परिचय एक सार्वजानिक कार्यक्रम में होना बताया है। पीड़िता के मुताबिक जान-पहचान के कुछ समय बाद दोनों में फोन पर बातचीत भी होने लगी। आरोप है कि कॉन्ग्रेस विधायक ने पीड़िता से शादी कर अपने साथ रखने का भरोसा दिया था।
शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि भरोसे में लेकर विधायक उसे अपने साथ दिल्ली, गुरुग्राम, धार और भोपाल ले गए थे। इस दौरान उन्होंने पीड़िता से न सिर्फ शारीरिक संबंध बनाए बल्कि उसके साथ अप्राकृतिक कुकर्म भी किया। महिला के मुतबिक कुछ समय बाद जब उसने विधायक से शादी करने के लिए कहा तो वो टालमटोल करने लगे। जब महिला ने दबाव बनाया तो कथित तौर पर विधायक ने उसे बालकनी से फेंक कर मार डालने का प्रयास किया। उसकी अश्लील वीडियो बना कर वायरल करने की धमकी दी।
पीड़िता के अनुसार इस दौरान कॉन्ग्रेस विधायक ने 16 अप्रैल 2022 को उससे अपने भोपाल स्थित आवास पर शादी कर ली। बाद में उन्होंने पीड़िता को फिर से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इस दौरान पीड़िता की मर्जी के खिलाफ उससे लगातार शारीरिक संबंध बनाए गए। मना करने पर बेरहमी से मारपीट करते थे। पीड़िता का ये भी आरोप है कि कॉन्ग्रेस विधायक उसे अपने दोस्तों के आगे ही प्रताड़ित करते हैं। वो पहले भी पुलिस से इस हरकत की शिकायत कर चुकी है। FIR के मुताबिक 26 अक्टूबर को शराब के नशे में आरोपित ने जमीन में गड़े कट्टे (तमंचे) से पीड़िता का खेल खत्म करने की भी धमकी दी थी।
पीड़िता के मुताबिक वो अपने परिवार की इज्जत को देखते हुए लम्बे समय तक चुप रही पर अब सीमा पार होने पर उसे केस दर्ज करवाने पर मजबूर होना पड़ा है।
कॉन्ग्रेस ने किया विधायक का बचाव
शिकायत दर्ज होने के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी ने विधायक का बचाव किया है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने इसे भाजपा द्वारा की जा रही दबाव की राजनीति बताया है। उच्च स्तरीय जाँच की माँग करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा से डर कर भाजपा ऐसे हथकंडे अपना रही है।
विवादित रहा है इतिहास
करीब 2 साल पहले कॉन्ग्रेस विधायक उमंग के कमरे पर उनकी महिला मित्र सोनिया भरद्वाज ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में मृतका के बेटे ने उमंग सिंघार के खिलाफ शाहपुरा थाने में आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का केस दर्ज करवाया था। पुलिस ने इस केस में उमंग के नौकरों के बयान दर्ज किए थे, जिसमें उन्होंने दोनों के बीच झगड़ा होना स्वीकार किया था। सोनिया के पास से सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें उन्होंने गुस्से की बात लिखी थी।
आम आदमी पार्टी में टिकट की खरीद-बिक्री को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने आज (21 नवंबर 2022) फिर से नया खुलासा किया है। इस बार ये खुलासा स्टिंग के साथ हुआ है। इस स्टिंग के मुताबिक आप नेताओं ने अपनी पार्टी की कार्यकर्ता बिंदू श्रीराम को एमसीडी चुनावों में रोहिणी के वार्ड से टिकट देने के बदले 80 लाख रुपए की माँग की, जिसके बाद कार्यकर्ता ने इन नेताओं के साथ हुई डील की बातचीत पर स्टिंग किया और भाजपा नेताओं के साथ मिलकर दो वीडियो जारी की।
इन वीडियोज में दिखाया गया कि कैसे रोहिणी विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 54 में टिकट देने के लिए एक महिला नेता से 80 रुपए की माँग की गई और जब उन्होंने कहा कि वो धीरे-धीरे इन रुपयों को दे देंगी तो उन्हें समझाया गया कि और लोगों के पैसे भी पार्टी के पास आ गए हैं। ऐसे में अगर वो पूरी रकम नहीं देंगी तो उनकी सिफारिश नहीं लग पाएगी।
एक वीडियो में महिला पुनीत गोयल नाम के आप पार्टी के कार्यकर्ता से बात करती नजर आ रही हैं। इसमें उन्हें समझाया जा रहा है कि पैसे मिलने के बाद पार्टी की कोर कमेटी में उनकी सुनवाई होगी। पैसे मिलने के बाद उनकी सीट 99.9% पक्की हो जाएगी।
वीडियो में महिला कार्यकर्ता बार-बार कहती हैं कि क्या ऐसा नहीं हो सकता वो आधे पैसे दें तो काम चल जाए, बाकी बाद में दे देंगी। इस पर आप कार्यकर्ता कहते हैं कि पैसे तो एक ही बार में दिए जाएँ तब ठीक है। इसलिए उनके पास समय है तो वो बाकी अमाउंट भी मँगा लें।
दूसरी वीडियो में उनकी बातचीत AAP नेता पठानिया से कार में हो रही है। सुन सकते हैं कि वीडियो में बिंदू बार-बार पठानिया का नाम लेती हैं। उन्हें कहते सुना जा सकता है,”पुनीत से मेरी बात हो रही है। आप मुझे ग्रीन सिग्नल दो। सीधी बात ये है कि जो फाइल है वो मोटी फाइल है। अगर आप मुझसे कहो कि बिंदू तुम पुनीत को पैसे दे दो तो मैं उसे पैसे दे दूँगी। आपका ग्रीन सिग्नल चाहिए।”
इसके बाद पठानिया बात को इधर-उधर घुमाते हुए कहते हैं, “हाँ, वो (पुनीत) मेरे साथ रहता है, जहाँ जाता हूँ, वहाँ जाता है। पार्टी में लोग उसको जानने लगे हैं और उसका फोन भी उठाने लगे हैं। वह अपने आप यह काम कर रहा है।” इसके बाद बिंदू बोलती हैं, “रकम छोटी-मोटी नहीं है। मैंने कहा कि अभी 10 है ले लो। उसने कहा 3-4 दिन में कर देना। पहली रकम 21 लाख की थी।”
इन वीडियोज को शेयर करते हुए भाजपा ने आप पर इल्जाम लगाया कि टिकट के बदले पार्टी अवैध वसूली कर रही है। पार्टी ने पुनीत गोयल और बिंदू श्रीराम के बीच हुई बातचीत का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि ये सब केजरीवाल की शह पर हो रहा है। पूरी पार्टी टिकट के नाम पर उघाई करने में लगी हुई है। वीडियोज में गोपाल राय, सौरभ भारद्वाज और राखी बिड़ला का भी नाम आ रहा है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भाजपा ने आम आदमी पार्टी के नेता मुकेश गोयल का स्टिंग वीडियो जारी किया था। आरोप था कि उन्होंने जूनियर इंजीनियर से 1 करोड़ रुपए की रिश्वत ली। उस वीडियो को जारी करते हुए संबित पात्रा ने कहा था कि मुकेश एमसीडी का घाघ नेता है और सीएम केजरीवाल का राइट हैंड है। इसके अलावा भाजपा ने सत्येंद्र जैन का भी जेल में मसाज लेते वीडियो पिछले दिनों शेयर किया था जिसमें वो बेड पर लेटे थे और एक शख्स उनके पैर-हाथ दबा रहा था।
गुजरात विधानसभा चुनावों में अब तक लड़ाई हमेशा दो मुख्य दलों भाजपा और कॉन्ग्रेस के बीच रही है। लेकिन, पहली बार AAP तीसरा विकल्प बनने के लिए इस चुनावी मैदान में पूरे दमखम के साथ उतर रही है। हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की एआईएमआईएम (AIMIM) पार्टी ने भी इस बार कई सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने विधानसभा चुनाव में 14 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
इनमें से 12 उम्मीदवार मुस्लिम हैं। चूँकि दो सीटें अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं, इसलिए पार्टी ने वहाँ हिंदू अनुसूचित जाति का उम्मीदवार खड़ा किया है।
All India Majlis-e- Ittehadul Muslimeen party will contest with 14 candidates in gujarat assembly election 2022. Inshaallah they will win with a good margin.@asadowaisipic.twitter.com/VUyu2KfocJ
सांसद असदुद्दीन ओवैसी और उनकी पार्टी अपनी सांप्रदायिक राजनीति और विवादित बयानों के लिए देश भर में बदनाम हैं। हमने उपरोक्त कुछ सीटों पर खड़े स्थानीय मुस्लिम मतदाताओं से बात करके गुजराती मुस्लिमों में उनकी सांप्रदायिक राजनीति को लेकर क्या चल रहा है, यह जानने की कोशिश की।
दानिलिमदा में ओवैसी की सभा रद्द
AIMIM ने कौशिका बहन परमार नाम की एक महिला को दानिलिमदा सीट से चुनावी मैदान में उतारा है। इसे अहमदाबाद में मुस्लिम बहुल इलाका माना जाता है, लेकिन अनुसूचित जाति (SC) के लिए यह सीट आरक्षित है। गुजरात के बड़े राजनीतिक चेहरों में से एक कॉन्ग्रेस के शैलेश परमार ने इस सीट पर साल 2017 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। इस बार भी कॉन्ग्रेस ने अपने मौजूदा विधायक को मैदान में उतारा है।
वहीं, एआईएमआईएम ने इस सीट से कौशिका परमार को हिंदू अनुसूचित जाति का उम्मीदवार बनाया है। गौरतलब है कि दानिलिमदा स्थित शाह-ए-आलम दरवाजा में रहने वाले एक दबंग मुस्लिम परिवार का शैलेश परमार को समर्थन मिला हुआ है। इसलिए, वह लगातार मुस्लिम वोट पाकर यहाँ से जीत हासिल कर रहे हैं। यह वही इलाका है, जहाँ मुस्लिमों ने सीएए विरोधी प्रदर्शनों के नाम पर सुरक्षाकर्मियों और पुलिस पर जानलेवा हमला किया था। इसके आरोप में स्थानीय पार्षद शहजाद समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया था।
मुस्लिम बहुल इस सीट पर कॉन्ग्रेस पिछले 20 सालों से मुस्लिमों के समर्थन से जीतती आ रही है। यह पहली बार है जब कोई मुस्लिम पार्टी एआईएमआईएम उसे यहाँ से चुनौती दे रही है। इस सिलसिले में ऑपइंडिया ने दानिलिमदा जाकर स्थानीय मुस्लिमों की राय जानने की कोशिश की। शुक्रवार (18 नवंबर, 2022) को हमारी टीम दानिलिमदा में पीर कमल मस्जिद के पास फकीरा नाम की चाय की दुकान पर पहुँची। यहाँ हमेशा 100-150 लोग बैठे रहते हैं, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम होते हैं।
दानिलिमदा में पीर कमल मस्जिद के पास चाय की दुकान
ऑपइंडिया से बात करते हुए इलेक्ट्रीशियन का काम करने वाले सोहेल नाम के स्थानीय शख्स ने कहा, “दानिलिमदा में चीजें वैसी होती हैं, जैसा शहजाद बाबा कहते हैं। ओवैसी का यहाँ कुछ नहीं होने वाला।” सोहेल ने आगे कहा, “कुछ दिन पहले दानिलिमदा में ओवैसी की सभा थी, लेकिन उन्हें अपनी सभा रद्द करके यहाँ से जाना पड़ा, क्योंकि सभा में कोई पहुँचा नहीं। अब जिनकी सभा में लोग नहीं आ रहे हैं, उन्हें वोट कौन देगा?” फरीद मोहम्मद अटारी नाम के एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “मुस्लिम यह बात अच्छे से जानते हैं कि ओवैसी उनका नेता नहीं हैं। वह बीजेपी-आरएसएस का एजेंट है। इसलिए कोई मुस्लिम उन्हें वोट नहीं देगा।”
इसके अलावा, हमारी टीम ने कई और लोगों से भी बात की। उनमें से ज्यादातर के जवाब उपरोक्त लोगों से मिलते-जुलते थे। ध्यान दें, यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी, इसलिए यहाँ एआईएमआईएम ने एक हिंदू महिला को मैदान में उतारा। यदि यह सीट सामान्य होती और एआईएमआईएम से कोई मुस्लिम पुरुष उम्मीदवार होता तो शायद लोगों की प्रतिक्रिया और चुनाव के परिणाम में अंतर होता।
जमालपुर में छीपा मुस्लिम बनाम छीपा मुस्लिम की लड़ाई
अहमदाबाद की जमालपुर सीट भी मुस्लिम बहुल है, जहाँ से कॉन्ग्रेस के इमरान खेड़ावाला विधायक हैं। वे इस बार भी यहाँ से कॉन्ग्रेस के उम्मीदवार हैं। यहाँ भी एआईएमआईएम ने अपना उम्मीदवार उतारा है। ओवैसी की पार्टी ने गुजरात AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष साबिर काबुलीवाला को यहाँ से उम्मीदवार बनाया है। अहमदाबाद की जमालपुर सीट पर छीपा मुस्लिमों का दबदबा है। यह मुस्लिमों की एक जाति है। अब तक का इतिहास ऐसा है कि छीपा मुस्लिमों ने अपने वोट से यहाँ की राजनीति को दिशा दी है।
2012 में कॉन्ग्रेस ने यहाँ के छीपा मुस्लिम की जगह अन्य समुदाय के मुस्लिम समीर खान सिपाही को मैदान में उतारा, जो पठान थे। छीपा समाज से ताल्लुक रखने वाले साबिर काबुलीवाला ने यहाँ निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया था। ऐसे में पूरे छीपा समुदाय ने उन्हें 30,000 से अधिक वोट दिए और कॉन्ग्रेस उम्मीदवार हार गया। भाजपा उम्मीदवार भूषण भट्ट को 6000 वोटों से हार का सामना करना पड़ा।
जमालपुर की मशहूर लकी टी स्टॉल पर भी ऑपइंडिया की टीम पहुँची। यहाँ हमने स्थानीय मुस्लिमों के बारे में पता लगाने की कोशिश की। प्राइवेट नौकरी करने वाले एजाज अख्तर शेख ने ऑपइंडिया से बातचीत में कहा, “इस बार जमालपुर में छीपा बनाम छीपा की लड़ाई है। कॉन्ग्रेस के इमरान खेड़ावाला और AIMIM के साबिर काबुलीवाला – दोनों छीपा समुदाय से आते हैं।”
जमालपुर में लकी टी स्टॉल
उन्होंने आगे कहा, “इन दोनों नेताओं का अपनी जाति के लोगों पर अच्छा प्रभाव है और यह पता लगाना असंभव है कि उनकी जाति के लोग दोनों में से किसे वोट देंगे। लेकिन, एक बात तय है कि काबुलीवाला को जो भी वोट मिलेगा वो उनके नाम पर होगा न कि AIMIM के नाम पर। क्योंकि, इससे पहले उन्हें निर्दलीय चुनाव लड़कर 30 हजार से ज्यादा वोट मिले हैं।”
एक अन्य व्यक्ति, जो अपना नाम नहीं बताना चाहता था, उसने कहा कि हर चुनाव में मतदान से पहले छीपा समुदाय द्वारा फतवा जारी किया जाता है कि वे किसे वोट देंगे। फतवे में जिस उम्मीदवार का नाम होगा, उसे पूरे समुदाय का वोट मिलना लगभग तय है। अब देखना यह होगा कि दो छीपा उम्मीदवारों की इस लड़ाई में उनकी जाति के लोग किसका साथ देते हैं।
अनस पाटनी नाम के एक शख्स ने ऑपइंडिया को बताया, “एआईएमआईएम गुजरात में कहीं भी अच्छा नहीं करेगी। यह केवल कॉन्ग्रेस के कुछ वोट काटने का काम करेगी। इससे बीजेपी को ही फायदा होगा।” हमने कई अन्य मुस्लिम लोगों से भी बात करने की कोशिश की, लेकिन उनमें से अधिकतर हमसे बात करने और अपनी राय व्यक्त करने से बच रहे थे।
सूरत में ओवैसी इफेक्ट क्या है?
AIMIM ने अहमदाबाद के अलावा सूरत की दो सीटों पर भी उम्मीदवार उतारे हैं। ये दो सीटें सूरत ईस्ट और लिंबायत हैं। इन दोनों सीटों पर अच्छी खासी मुस्लिम आबादी है। हाल ही में ऑपइंडिया ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इसमें ओवैसी को सूरत पूर्वी सीट पर एक जनसभा के दौरान मुस्लिमों के विरोध का सामना करना पड़ा था। जब ओवैसी मंच पर बोलने आए तो कुछ मुस्लिम युवकों ने ‘मोदी-मोदी‘ का नारा लगाकर और काले झंडे दिखाकर उनका विरोध किया था।
यह पहली बार नहीं है जब ओवैसी का गुजरात में मुस्लिम समुदाय ने विरोध किया हो। इससे पहले इसी साल मई में चुनावी दौरे पर आए AIMIM नेता के विरोध में मुस्लिम समुदाय के सदस्य सूरत के लिंबायत में इकट्ठा हुए थे।
विरोध के दौरान लोगों ने ओवैसी को बीजेपी-आरएसएस का एजेंट बताया। सिर्फ सूरत ही नहीं बल्कि पूरे गुजरात के मुस्लिमों का एक बड़ा तबका मानता है कि ओवैसी बीजेपी के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं। ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट में भी यह बात सामने आ रही है।
बीजेपी की बी-टीम है AIMIM
मुस्लिम समुदाय में चर्चा है कि ओवैसी बीजेपी और आरएसएस के एजेंट हैं और उनकी पार्टी बीजेपी की बी-टीम है। मुस्लिमों में यह भी प्रचलित है कि एआईएमआईएम गुजरात में कॉन्ग्रेस का वोट काटकर बीजेपी की मदद करने आई है। उधर, अहमदाबाद की बापूनगर सीट से एआईएमआईएम के उम्मीदवार शाहनवाज पठान ने कॉन्ग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने के लिए अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। अब मुस्लिम समुदाय के लिए यह तय करना और मुश्किल होगा कि ओवैसी और AIMIM की बी-टीम असल में किसकी है।
इसके अलावा स्थानीय लोगों को विश्वास नहीं है कि एआईएमआईएम ने जिन सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, वहाँ भी ओवैसी कोई बड़ा प्रभाव नहीं डाल पाएँगे। तो अब यह देखना है कि क्या गुजरात का मुस्लिम समुदाय वास्तव में ओवैसी की साम्प्रदायिक राजनीति को नकारता है या अंतिम समय में ‘अपना वाला है’ नियम का पालन करता है।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में हिंदुओं का ईसाई धर्मांतरण करने के आरोप में 6 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। बताया जा रहा है कि धर्मांतरण का गिरोह इस इलाके में करीब 20 साल से सक्रिय है। हिंदू संगठनों ने रविवार (20 नवम्बर 2022) को इस मामले की शिकायत पुलिस से की थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना सुभाष नगर थाना क्षेत्र की है। यहाँ के मोहल्ला बंशी नगला के एक घर में रविवार को लोगों को जुटा कर धर्मान्तरण करवाने की कोशिश का आरोप भगवान दास पर लगा है। सभा में अच्छी-खासी तादाद में महिलाएँ भी मौजूद थीं। हिन्दू संगठनों का आरोप है कि जब उन्होंने इस प्रयास का विरोध किया तो सभा में मौजूद लोगों ने उनके साथ मारपीट की। बताया जा रहा है कि सभा में हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान करने के साथ ईसा मसीह की प्रार्थना करवाई जा रही थी।
सभा के विरोध में पहुँचे लोगों का आरोप है कि सनातन धर्म के बारे में सवाल करने पर सभा में मौजूद महिलाएँ भड़क गईं। महिलाओं ने भगवान दास द्वारा कपड़े और खाना दिए जाने की जानकारी दी। मामले की सूचना पर पहुँची पुलिस ने भगवान दास को हिरासत में ले लिया। भगवान दास ने अपने घर पर नियमित प्रार्थना करवाने की बात कबूल की। हालाँकि उसने किसी का भी धर्मान्तरण करवाने के आरोपों से इनकार किया है। उसने अपनी सभा का विरोध करने पहुँचे लोगों पर महिलाओं से अभद्रता का आरोप लगाया है। भगवान दास को छुड़वाने के लिए उसके कई समर्थकों ने थाने पर हंगामा भी किया।
डायल 112 थाना सुभाषनगर पर एक सूचना प्राप्त हुई कि वंशीनगला मोहल्ला स्थित एक प्राइवेट आवास में 60-70 व्यक्ति है और एक व्यक्ति द्वारा ईसाई धर्म के धर्मान्तरण का कार्यक्रम किया जा रहा है। प्रकरण में पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक नगर जनपद बरेली की बाइट। pic.twitter.com/O0iE1QY8If
इस मामले में थाने पर तहरीर हिन्दू संगठन के सदस्य हिमांशु पटेल ने दी है। अपनी शिकायत में उन्होंने पास्टर भगवान दास के अलावा जानकी प्रसाद, पवन, प्रेरणा, सुनीता और सीता को नामजद किया है। पुलिस ने इन सभी पर IPC की धारा 147, 323, 504, 506 और 295- A के तहत FIR दर्ज कर ली है। FIR में नामजद महिलाओं पर अन्य घरों की महिलाओं को सभा में बहला-फुसलाकर लाने का आरोप है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। बरेली के SP सिटी के मुताबिक केस दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि इसी साल जुलाई में बरेली के ही सेंट फ्रांसिस नाम के एक ईसाई मिशनरी के स्कूल में सिख छात्र को कृपाण और कड़ा पहनने से रोके जाने का आरोप लगा था। तब पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई थी। इस घटना के बाद सिखों ने विरोध दर्ज करवाते हुए प्रिंसिपल लिमसिन को हटाने की माँग भी की थी।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज (21 नवंबर 2022) मुस्लिमों के सबसे बड़े मजहबी आयोजनों में से एक इज्तिमा का आखिरी दिन था। इस दौरान यहाँ 5 हजार जमातें शामिल हुईं, वहीं 10 लाख से ज्यादा लोगों ने इसमें शिरकत की। पूरा कार्यक्रम 300 एकड़ एरिया में बने पंडाल में 18 नवंबर से 21 नवंबर तक आयोजित किया गया। इसके चलते चार दिन तक नगर निगम की टीमें अलर्ट मोड पर रहीं। आखिरी दिन 29 मिनट की दुआ के बाद इसका समापन हुआ। सबने मौलाना साद के साथ आमीन बोला और भीड़ धीरे-धीरे निकलना शुरू हुई।
3 देशों में होता है इज्तिमा का आयोजन
बता दें कि दुनिया में सिर्फ 3 देश ही इज्तिमा का आयोजन कराते हैं। इनमें पहला भारत, दूसरा पाकिस्तान और तीसरा बांग्लादेश है। कोरोना के कारण इस कार्यक्रम का आयोजन पिछले 2 साल से नहीं हो रहा था। यही वजह है कि जब इस साल इसका आयोजन हुआ तो पहले दिन इस कार्यक्रम में 1 हजार जमातें ही शामिल हुईं लेकिन आखिरी दिन तक यह संख्या 5 हजार तक पहुँच गई।
15 टन चावल, 100 क्विंटल सब्जी, 12 लाख पानी की बोतल
कार्यक्रम के दौरान इतनी भीड़ लगेगी इसका अंदाजा पहले ही लग चुका था, जिसे देखते हुए खाने के सारे इंतजाम किए गए थे। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट बताती है कि इस इज्तिमा कार्यक्रम के दौरान 2 दिन में 15 टन चावल का पुलाव बना, वहीं 100 क्विंटल आलू-गोभी, टमाटर मिर्च, बैंगन की सब्जी भी इस्तेमाल हुई।
इतना ही नहीं भीड़ का अंदाजा इस बात से भी लगता है कि कार्यक्रम के शुरुआती 2 दिन में ही 12 लाख पानी की बोतलें और 10 लाख कप चाय बिक गई थीं। इसके अलावा सूजी, पाव, दाल, दूध का भी धड़ल्ले से प्रयोग हुआ था। खाने पीने के लिए 40 जोन बनाए गए थे। इनमें 6 से 7 जोन नाश्ते के थे। हर जोन में करीबन एक क्विंटल चावल, दाल बिक रहा था। केवल पाव की बात करें तो अनुमान के मुताबिक उसकी बिक्री भी 7 से 8 हजार से ज्यादा हुई। 50 रुपए में भरपेट खाना देने के लिए इस कार्यक्रम में हजारों लोगों की टीम जुटी थी। 200 लोग सुबह शाम लोगों को खिलाने में जुटे थे।
14 लोगों से हुई थी इज्तिमा की शुरुआत
उल्लेखनीय है कि भारत में इज्तिमा की शुरुआत 1947 में हुई थी। सबसे पहले इसका आयोजन मस्जिद शकूल खाँ में हुआ था। उस समय केवल 12 से 14 लोग ही थे जो इस कार्यक्रम में शामिल हुए। बाद में इसका आयोजन 1971 में बड़े स्तर पर ताजुल मसाजिद में होने लगा। धीरे-धीरे इसमें आने वालों की संख्या भी बढ़ने लगी।
2015 में इसे बैरसिया रोड स्थित ईंटखेड़ी के पास घासीपुरा में शिफ्ट किया गया। उसके बाद से ये यहीं लग रहा है। इस आयोजन के लिए भोपाल में 2 माह पहले से तैयारियाँ होती हैं। कार्यक्रम में शामिल होने वाली जमातों की बुनियादी जरूरत पूरा करने के लिए हर इंतजाम किए जाते हैं।