Home Blog Page 2246

लापरवाही तमिलनाडु के सरकारी हॉस्पिटल की, मर गई 17 साल की फुटबॉलर: कराने गई थी घुटने की सर्जरी, हो गए ऑर्गेन फेल

चेन्नई में डॉक्टरों की लापरवाही के कारण 18 साल की फुटबॉल खिलाड़ी प्रिया आर की मृत्यु हो गई। प्रिया ने पेरियार नगर स्थित सरकारी परिधीय अस्पताल में अपने घुटने का ऑपरेशन कराया था, जिसके बाद उसके घुटने की हालत और खराब हो गई। प्रिया को लिगामेंट इंजरी थी। इसकी वजह से उसे चेन्नई के पेरियार नगर के सरकारी पेरिफेरल अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसके घुटनों की सर्जरी की, जिसके बाद उसके पैर ठीक होने की बजाए और सूजने लगे।

बाद में जब हालत बिगड़ने लगी तो प्रिया को राजीव गाँधी सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। जहां प्रिया को पहले हार्ट और किडनी संबंधित दिक्कतें आईं और फिर मल्टी ऑर्गेन फेल होने के बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर निलंबित

प्रिया की मौत के बाद उसके परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। मामले को बढ़ता देख आनन-फानन में पेरियार नगर स्थित सरकारी परिधीय अस्पताल के दो डॉक्टरों को निलंबित कर दिया गया है। तमिलनाडु के चिकित्सा एवं परिवार कल्याण मंत्री एमए सुब्रमण्यन ने प्रिया के परिजनों को कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मंत्री एमए सुब्रमण्यन ने किशोरी की मौत को लेकर दुख जताया और कहा कि ऑपरेशन में शामिल दोनों डॉक्टरों को निलंबन के साथ साथ विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

मंत्री एमए सुब्रमण्यन ने राज्य सरकार की तरफ से परिवार को 10 लाख रुपए का मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है।

भाजपा प्रमुख ने सरकार पर उठाए सवाल

तमिलनाडु भाजपा के प्रमुख के अन्नामलाई ने डीएमके सरकार से पीडि़त परिवार के सदस्य के लिए सरकारी नौकरी और दो करोड़ रुपए का मुआवजा देने की माँग की। उन्होंने ट्वीट किया,

“चेन्नई के राजीव गाँधी सरकारी अस्पताल में कॉलेज छात्रा, फुटबॉल खिलाड़ी बहन प्रिया की सर्जरी के दौरान सरकारी डॉक्टरों द्वारा गलत इलाज की वजह से मौत की खबर चौंकाने वाली है। उन्होंने कहा, डीएमके शासन में हर विभाग बदहाल है अब चिकित्सा विभाग भी उसमें शामिल हो गया।”

के अन्नामलाई का ट्वीट

के अन्नामलाई ने अपने एक बयान में तमिलनाडु के अस्पतालों की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, “क्या अस्पताल में सर्जरी की सभी सुविधाएँ हैं? क्या अस्पताल में आवश्यक दवाएँ हैं? यदि मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र के अस्पतालों की स्थिति ऐसी है, तो तमिलनाडु के अन्य गाँवों में चिकित्सिय सुविधाओं का क्या हाल है? इन सभी सवालों का जवाब तमिलनाडु सरकार को देना होगा।” बता दें कि प्रिया स्टेट वेल की फुटबॉलर खिलाड़ी थी और चेन्नई के क्वीन मैरी कॉलेज से फिजिकल एजुकेशन की पढ़ाई कर रही थी।

हिजाब के बाद अब कर्नाटक के स्कूल में अजान घुसा: उडुपी में छात्रों से दिलवाई, विरोध के बाद निजी स्कूल ने माँगी माफी

कर्नाटक (Karnataka) में हिजाब विवाद के बाद एक बार फिर माहौल को गर्माता दिख रहा है। यहाँ के एक निजी स्कूल के एक कार्यक्रम के दौरान ‘अजान’ में गाए जाने वाले गीत को गाने का मामला सामने आया है। इसके बाद हिंदू संगठनों ने विरोध किया तो स्कूल प्रशासन ने माफी माँग ली।

मामला कर्नाटक के उडुपी जिले के एक निजी स्कूल मदर टेरेसा मेमोरियल स्कूल का है। स्कूल में वार्षिक खेल दिवस समारोह का आयोजन किया गया था। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में छात्र स्वागत गीत प्रस्तुत कर रहे थे। छात्रों ने तीनों धर्मों के गीतों की प्रस्तुति दी।

इस दौरान मुस्लिम छात्रों ने अजान वाली गीत को गया। मामला जैसे ही हिंदूवादी संगठनों को पता चला तो उन्होंने इसका विरोध किया और स्कूल प्रशासन से माफी की माँग की। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने लिखित में माफी माँग ली और कहा कि वह इस मुद्दे को भड़काना नहीं चाहता है।

बता दें कि कर्नाटक में पिछले कुछ महीनों में मुस्लिम लड़कियों द्वारा हिजाब पहनकर स्कूल जाने पर बवाल हो गया था। मामला स्थानीय प्रशासन से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया। इतना ही नहीं, यह राष्ट्रीय स्तर पर भी बहस का कारण बन गया और कई बार देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने का माध्यम भी।

हालाँकि, राज्य की कठोर निर्णय के तहत राज्य के सभी सरकारी और अनुदानित स्कूल कॉलेजों में हिजाब पहनकर जाने पर रोक लगा दी गई। इस्लामी संगठनों ने इसे अपना मौलिक अधिकार बताते हुए इसका विरोध किया, लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट के दायरे में चला गया।

दरअसल, कर्नाटक में हिजाब विवाद की शुरुआत इस साल के जनवरी महीने में उडुपी जिले से हुई थी। यहाँ सरकारी पीयू कॉलेज में 6 मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनकर कक्षा में प्रवेश नहीं दिया गया था। स्कूल प्रशासन का कहना था कि छात्राएँ पहले हिजाब पहनकर नहीं आती थी, स्कूल में समान ड्रेस के कारण के कारण यह कदम लिया गया था।

इसके बाद छात्राओं ने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। धीरे-धीरे यह विवाद पूरे राज्य में फैल गया था और इस कारण कई दिनों तक स्कूलों को भी बंद करना पड़ा था। हिजाब के पक्ष में कई मुस्लिम संगठन आ गए थे।

जहाँ दुनिया में सबसे ज्यादा मुस्लिम, उसने गरुड़ आरूढ़ विष्णु को बना दिया G-20 की पहचान: इंडोनेशिया को सनातन पर गर्व, यहाँ कॉन्ग्रेस को कमल के फूल से नफरत

इंडोनेशिया के बाली में एक मंदिर है – जहाँ स्थित हैं ‘गरुड़ विष्णु कंचन’ (GWK) की प्रतिमा। 122 मीटर लंबी ये मूर्ति इसी के नाम पर स्थापित एक संस्कृति पार्क का हिस्सा है। सितंबर 2018 में इसका उद्घाटन हुआ था। 400 फ़ीट की ये मूर्ति इंडोनेशिया में सबसे लंबी है। गरुड़ कैसे अमृत की खोज के लिए निकले थे, इसमें ये दर्शाया गया है। राष्ट्रपति जोको विडोडो ने इस कल्चरल पार्क का उद्घाटन किया था। साथ ही अब G-20 से भी इसका रिश्ता जुड़ गया है।

GWK के ही ‘Lotus Pond Area (कमल के तालाब वाला क्षेत्र)’ को G-20 देशों के नेताओं के रात के भोजन के लिए स्थान के रूप में चुना गया था। इससे इस पार्क की परंपरागत सुंदरता को दुनिया तक पहुँचाने में इंडोनेशिया को मदद मिली। इसके लिए पिछले कुछ महीनों में पार्क की रूपरेखा बदल कर इसे और भव्य बनाने के प्रयास जारी थे। लोटस पॉन्ड एरिया 7500 लोगों की मजहबी की क्षमता रखता है। 400 मुख्य अतिथियों के अलावा अन्य प्रतिनिधियों के लिए जेंडेला बाली रेस्टॉरेंट में डिनर की व्यवस्था की गई थी।

गरुड़, भगवान विष्णु, कमल… मोदी सरकार ने नहीं, इंडोनेशिया ने G-20 को दी सनातन पहचान

इस क्षेत्र में छूने के पत्थर से कलाकारी की गई है। इसके अंत में पक्षीराज गरुड़ की प्रतिमा है, जिसमें वो भगवान विष्णु को अपनी पीठ पर बिठाए दिख रहे हैं। ‘तीर्थ अगुंग’ के पवित्र तालाब भी यहीं पर हैं। भगवान विष्णु के हाथ में कमल का फूल भी है, जिसे सौंदर्य, समृद्धि और उर्वरता का प्रतीक माना जाता है। कमल के फूल कीचड़ में खिलते हैं। जहाँ इसकी जड़ें अंदर रहती हैं, सुंदर फूल ऊपर आते हैं। ये मानवता के विकास का भी प्रतीक है।

पहले फ्लोर से लेकर 23वें तक, दुनिया भर से आए मेहमानों के स्वागत और उन्हें घुमाने-फिराने की पूरी व्यवस्था की गई थी। इंडोनेशिया, जहाँ मुस्लिमों की जनसंख्या दुनिया में किसी भी देश से ज्यादा है, वहाँ की सरकार को पता है कि उनकी संस्कृति सनातन धर्म में निहित है और इसलिए वो चाहते हैं कि ये स्थल दुनिया भर में पर्यटन और तीर्थाटन का बड़ा केंद्र बने। 80 के दशक में ही मूर्तिकार न्यूमैन नुआर्ता ने इस प्रतिमा को डिजाइन किया था।

1997 में 60 हेक्टेयर के इस पार्क का निर्माण शुरू हुआ। प्रतिमा को तांबा, स्टील और पीतल से बनाया गया है। इस प्रतिमा में इंडोनेशिया की संस्कृति की झलक भी देखी जा सकती है। ‘Badong’, जो बाली का परंपरागत गहना है, उसे प्रतिमा के मुकुट पर लगाया गया है। 12-15 नवंबर तक इस पार्क को बंद रखा गया, ताकि दुनिया भर से आए वीवीआईपी मेहमानों का स्वागत किया जा सके। ये संस्कृति पार्क, भगवान विष्णु-गरुड़-कमल वाली प्रतिमा और तीर्थ स्थल – ये सब इंडोनेशिया ने चुना है G-20 के प्रतिनिधित्व के लिए, भारत ने नहीं।

ये बताना इसीलिए भी आवश्यक है, क्योंकि भारत में भगवान श्रीराम का अस्तित्व नकारने वाली कॉन्ग्रेस ने G-20 के नए लोगो के रूप में कमल के फूल को चुने जाने का विरोध करने वाले कॉन्ग्रेस बैठी हुई है। ये वही कॉन्ग्रेस पार्टी है, जिसने भगवान श्रीराम के अस्तित्व को नकार दिया था, जो रामसेतु को नुकसान पहुँचाने की तैयारी में थी। कॉन्ग्रेस पार्टी ने कमल के फूल को चिह्न बनाए जाने का विरोध किया और कह दिया कि ये तो भाजपा का चुनाव चिह्न है।

इसका जवाब कुछ इस तरह से दिया जा सकता है कि क्या जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रैलियों में हाथ हिला कर जनता का अभिवादन करते हैं तो वो कॉन्ग्रेस का प्रचार कर रहे होते हैं? क्योंकि, कॉन्ग्रेस पार्टी का चुनाव चिह्न पंजा ही है। तो क्या सारे भाजपा वाले अपना हाथ काट लें? कमल का फूल तब भी पवित्र था, जब भाजपा-कॉन्ग्रेस नहीं थी। सनातन सतत है। कमल के फूल को भगवान विष्णु की नाभि से प्रकट हुआ माना जाता है, जिस पर ब्रह्मा जी विराजमान रहते हैं।

गरुड़ कैसे बने भगवान विष्णु के वाहन, पौराणिक कहानी संक्षेप में

कथा कुछ यूँ है कि ऋषि कश्यप की 2 पत्नियाँ थीं – कद्रू और विनता। कद्रू ने ऋषि से 100 पुत्र का वरदान माँगा था, जबकि विनता ने उन सभी से शक्तिशाली 2 पुत्रों का। एक बार आकाश में उच्चैः श्रवा घोड़े को देख कर दोनों सौतनों में बाजी लग गई कि उसकी पूँछ काली है व सफ़ेद। जिस हारती, उसे दूसरे की दासी बनना था। कद्रू ने अपने पुत्रों (जो कि सर्प थे) से पूँछ ढँक देने को कहा। उनमें सिर्फ एक ही तैयार हुआ, तो धर्म की दुहाई देकर धोखे का काम न करने वाले बाकियों को कद्रू ने सर्प यज्ञ में मारे जाने का श्राप दे दिया।

विकता की हार हुई और उन्हें दासी बनना पड़ा। ये अलग कथा है कि कैसे हस्तिनापुर के राजा जन्मेजय ने अपने पिता की मृत्यु का बदला लेने के लिए एक-एक कर सभी साँपों को मारने के लिए यज्ञ का आयोजन किया था। विनता ने हड़बड़ी में एक पुत्र को जन्म दिया, जो अरुण कहलाया। अर्ध विकसित पाँव होने के कारण वो भगवान सूर्य का सारथि बन गया, क्योंकि इस कार्य में चलने-फिरने की ज़रूरत नहीं थी। उसने अपनी माता से कहा कि वो रोज सुबह-शाम सूर्य की लाली के रूप में दिखेगा।

दूसरा पुत्र गरुड़ हुआ। शर्त थी कि कद्रू को अगर अमृत मिलेगा, तभी विनता दासता से मुक्त होगी। गरुड़ ने इंद्र से कलश माँगा और न मिलने पर युद्ध किया। वज्र प्रहार से उसका एक पंख जाता रहा। इंद्र भी युद्ध में नहीं टिके और कलश भगवान विष्णु को दे दिया। गरुड़ ने उन पर भी हमला बोल दिया। अंत में संधि हुई और कलश कद्रू के पास पहुँचा। इंद्र ने छल से उसे वापस भी ले लिया। विनता दस्ता से मुक्त हो गई। गरुड़, विष्णु के वाहन बने। गरुड़ के ऊपर लगे ध्वज में उनकी ही तस्वीर रहती है, जो श्रीहरि के आगमन का सूचक होता है।

सनातन संस्कृति से कॉन्ग्रेस के नफरत का कारण क्या?

इसे आप क्या कहेंगे कि जहाँ दुनिया की सबसे ज्यादा मुस्लिम जनसंख्या देश अपनी सनातन जड़ों को मजबूत कर रहा है और इसे दुनिया भर तक पहुँचा रहा है, वहीं सनातन की धर्मभूमि भारत की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी इसी संस्कृति को मिटाने पर तुली हुई है। पार्टी ने राम मंदिर के निर्माण में रोड़ा अटकाए रखा। मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री रहते देश की संपत्ति पर पहला हक़ मुस्लिमों का बताया। 26/11 मुंबई हमले को इस पार्टी ने RSS की साजिश करार दिया था, जबकि इसे पाकिस्तान ने अंजाम दिया था।

ये वही दल है, जिसके शासनकाल में केंद्रीय गृह मंत्री रहते शिवराज पाटिल ने ‘भगवा आतंकवाद’ की मनगढंत थ्योरी को आगे बढ़ाया। आज वही शिवराज पाटिल कहते हैं कि श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने जिहाद की शिक्षा दी है। कर्नाटक में पार्टी के कोई नेता हिन्दू शब्द को विदेशी बताता है तो दिल्ली में बैठे उसके ‘दलित नेता’ दिन-रात हिन्दू धर्म व ब्राह्मणों को अपशब्द कहते हैं। अतः, गरुड़-कमल-विष्णु – इन पार्टी को नफरत होना आश्चर्य की बात नहीं।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 2024 में फिर लड़ेंगे राष्ट्रपति चुनाव, कहा- प्रेसीडेंट होता तो रूस-यूक्रेन युद्ध कभी नहीं होता

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (USA Ex-President Donald Trump) ने साल 2024 में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर दी है। इसके लिए उन्होंने दस्तावेज भी दाखिल कर दिए हैं। ये दावेदारी उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी (Republican Party) की ओर से की है।

ट्रंप ने बुधवार (16 नवंबर 2022) को यह घोषणा अमेरिका में मध्यावधि चुनाव होने के बाद की है। ट्रंप मध्यावधि चुनाव में जीत के बाद अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करना चाहते थे। हालाँकि, चुनाव में ट्रंप समर्थित उम्मीदवारों की हार हुई है, इसके बावजूद उन्होंने चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है।

ट्रम्प ने जैसे ही 2024 के व्हाइट हाउस की दौड़ के लिए कागजी कार्रवाई पूरी की, वह आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की घोषणा करने वाले रिपब्लिकन या डेमोक्रेट पक्ष से पहले उम्मीदवार बन गए। ट्रंप ने कहा कि अगर वे राष्ट्रपति होते तो यूक्रेन-रूस का युद्ध नहीं होता। ये बात डेमोक्रेट्स भी मानते हैं।

पूर्व राष्ट्रपति ने अपने फ़्लोरिडा के मार-ए-लागो एस्टेट में समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, “अमेरिका की वापसी अभी से शुरू होती है।” अमेरिका के इतिहास में केवल एक ही ऐसे राष्ट्रपति ग्रोवर क्लीवलैंड थे, जिन्होंने राष्ट्रपति पद से हटने के बाद 1884 और 1892 में दोबारा राष्ट्रपति का पद ग्रहण किया था। 

ट्रंप ने अमेरिकी चुनाव प्राधिकरण के साथ 2024 के लिए अपने आधिकारिक कागजी कार्रवाई को पूरा करने से कुछ मिनट पहले कहा, ”अमेरिका को फिर से महान और गौरवशाली बनाने के लिए मैं आज रात संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर रहा हूँ।”

राष्ट्रपति पद की दौड़ के लिए ट्रम्प की शुरुआती घोषणा को पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले अन्य रिपब्लिकनों पर समर्थन हासिल करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। हाल के महीनों में ट्रंप राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी का संकेत दे रहे थे। आयोवा में एक रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा था, ”मैं बहुत, बहुत संभव है कि दोबारा ऐसा (राष्ट्रपति पद का चुनाव) करूँगा।”

दो रिपब्लिकन गवर्नर फ्लोरिडा के रॉन डेसांटिस और वर्जीनिया के ग्लेन यंगकिन निकट भविष्य में पार्टी उम्मीदवार के रूप में उनकी स्थिति को चुनौती दे सकते हैं। अन्य संभावित रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों में टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट, दक्षिण कैरोलिना के पूर्व गवर्नर निक्की हेली और पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ शामिल हैं।

बता दें कि ट्रंप 20 जनवरी 2017 से 20 जनवरी 2021 तक राष्ट्रपति थे। साल 2020 में उन्होंने राष्ट्रपति का चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें जो बाइडन के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। ट्रंप के लिए ये चुनाव बेहद मुश्किल साबित हो सकता है कि क्योंकि बतौर राष्ट्रपति उन पर दो बार महाभियोग चल चुका है।

टॉयलेट की फोटो शेयर कर अनुराग कश्यप ने लिखा- इसका इस्तेमाल खुशी की बात थी, नेटिजन्स ने पूछा- पॉट के पानी का टेस्ट कैसा था

बॉलीवुड डायरेक्टर अनुराग कश्यप (Anurag Kashyap) सोशल मीडिया पर टॉयलेट की तस्वीरें शेयर कर यूजर्स के निशाने पर आ गए हैं। ये तस्वीरें पेरिस के एक होटल की हैं। डायरेक्टर ने मंगलवार (15 नवंबर 2022) को अपने इंस्टाग्राम पर पेरिस के (Hotel Particulier Montmartre) के टॉयलेट की तीन तस्वीरें शेयर कीं। इसके साथ ही उन्होंने कैप्शन लिखा, “जिस टॉयलेट में ब्रैड पिट (अमेरिकन एक्टर), कैमरून डियाज (अमेरिकन एक्ट्रेस), जैक्स शिराक (फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति) ने पेशाब किया है। उसी टॉयलेट का इस्तेमाल करना मेरे लिए खुशी की बात है।”

डायरेक्टर का ये पोस्ट देखने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी मानसिकता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इंस्टाग्राम पर दिव्या नाम की एक यूजर ने लिखा, “आपके ऐसे दिन भी आएँगे सोचा ना था। वेस्टर्न वर्ल्ड का ऐसा ऑब्सेशन सिर्फ मानसिक रूप से गुलाम व्यक्ति ही कर सकता है।”

एक यूजर ने कहा कि भगवान का शुक्र है उन्होंने अपना पेशाब सुरक्षित नहीं रखा। एक ने कहा कि उम्र हो रही है इनकी, कहाँ ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ जैसी फिल्में और कहाँ ऐसे बकवास पोस्ट। एक यूजर ने डायरेक्टर से सवाल किया कि वो कैसे लेडीज रूम में गए?

फोटो साभार: अनुराग का इंस्टाग्राम

इसके बाद कई और यूजर्स ने भी अनुराग कश्यप पर इस पोस्ट के लिए तंज कसा। जिगर लिखते हैं, “फिरंगी को कॉपी करते-करते #@#@#… यहाँ भी और फिल्मों में भी।” इसके बाद एक ने पूछा कि पॉट के पानी का टेस्ट कैसा था? जुनैर ने लिखा कि इस पानी से मुँह भी धो ले। निकेत आर्य ने कहा, “आपके टैलेंट के लिए आपको फॉलो कर रहा था। अब नीच मानसिकता के लिए आपको अनफॉलो कर रहा हूँ।”

फोटो साभार: अनुराग का इंस्टाग्राम

इस पोस्ट को लेकर संदीप पांडे ने लिखा कि फोटो तो ढंग की खीच लेते चाचा। एक अन्य ने लिखा, “बड़ी उपलब्धि भारत को गर्व होगा।”

फोटो साभार: अनुराग का इंस्टाग्राम

बता दें कि अनुराग कश्यप की फिल्म ‘दोबारा’ का बॉक्स ऑफिस पर बहुत बुरा हश्र हुआ था। इस फिल्म की लीड एक्ट्रेस तापसी पन्नू थीं। अनुराग कश्यप ने कहा था, “मैं चाहता हूँ कि ट्विटर पर बायकॉट कश्यप (#BoycottKashyap) ट्रेंड हो।” वहीं तापसी ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लोगों से अपील की थी कि, “प्लीज सब लोग हमारी फिल्म ‘दोबारा’ को बायकॉट कीजिए।”

Cash for Ticket: एमसीडी चुनाव में टिकट के बदले AAP विधायक ने माँगे 90 लाख रुपए, ACB ने 3 करीबियों को दबोचा, 2 विधायकों पर गिरफ्तारी की तलवार

स्वयं को ‘कट्टर ईमानदार पार्टी’ घोषित करने वाली दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) की ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ के नेताओं का भ्रष्टाचारी चेहरा लोगों के सामने आने लगा है। रिश्वत लेने के इल्ज़ाम में AAP के 2 और विधायकों पर गिरफ़्तारी की तलवार लटक रही है।

एंटी करप्शन ब्रांच (Anti Corruption Branch -ACB) की टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में दिल्ली के मॉडल टाउन से AAP के विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी (Akhilesh Pati Tripathi) के पीए और साले के साथ कई लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि ACB अखिलेश और AAP के अन्य विधायक राजेश को भी जल्दी ही गिरफ्तार कर सकती है।

क्या है मामला ?

ACB की तरफ से साझा की गई जानकारी के अनुसार, दिल्ली एमसीडी चुनाव (Delhi MCD Election) में टिकट के बदले रिश्वत लिए जाने का है। आरोपों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी ने कमलानगर वार्ड नंबर 69 सीट के लिए गोपाल खारी नाम के शख्स से 90 लाख रुपए की माँग की थी। इसमें से 35 लाख रुपए त्रिपाठी और 20 लाख रुपए त्रिपाठी के कहने पर वजीरपुर से विधायक राजेश गुप्ता को दिए गए।

दिल्ली की एन्टी करप्शन ब्रांच ने पूरे मामले में आम आदमी पार्टी नेता अखिलेश पति त्रिपाठी के ओम सिंह, शंकर पांडे और प्रिंस रघुवंशी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी के इशारे पर ही तीनों ने गोपाल खारी की पत्नी शोभा खारी को एमसीडी चुनाव में टिकट दिलाने का वादा किया था। इनमें से एक त्रिपाठी का साला है। हालाँकि, AAP ने ओम सिंह को त्रिपाठी का रिश्तेदार होने से इनकार किया है।

रंगे हाथ पकड़े गए आप विधायक के साले

आरोपों के अनुसार, त्रिपाठी ने टिकट के लिए 90 लाख रुपए की माँग की थी। इसमें से उन्होंने 35 लाख रुपए त्रिपाठी ने और 20 लाख रुपए राजेश गुप्ता को दिए गए। बाकी के 35 लाख रुपए टिकट मिलने के बाद देने की बात तय हुई। उधर, 12 नवंबर को जब आम आदमी पार्टी की लिस्ट जारी हुई, तब शिकायतकर्ता कि पत्नी का नाम लिस्ट में नहीं था।

उम्मीदवारों की सूची में नाम न देखकर गोपाल खरी और उनकी पत्नी शोभा खारी ने मामले की शिकायत की। शिकायत मिलने पर ACB ने जाल बिछाया। 15-16 नवंबर की रात ओम सिंह अपने साथी शंकर पांडे और प्रिंस रघुवंशी के साथ शिकायतकर्ता के घर रिश्वत के 35 लाख में से 33 लाख रुपए लौटाने के लिए आया। इस दौरान ACB के अधिकारियों ने तीनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

आपको बता दें कि भ्रष्टाचार के इल्ज़ाम में आम आदमी पार्टी के विधायक एवं दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) पहले से ही जेल में हैं। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी शराब घोटाले का आरोप झेल रहे हैं। अब उनके 2 और विधायकों पर रिश्वत लेने के इल्ज़ाम में गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।

हिंदू नाम से प्लेन में हुए सवार, सोने के साथ पकड़े गए: जाँच में निकले सारे मुस्लिम, टेरर फंडिंग की आशंका

पिछले दिनों पटना एयरपोर्ट से सोने की तस्करी (Gold Smuggling on Patna Airport) का मामला सामने आया था। लगभग डेढ़ किलो सोने के साथ तीन तस्करों को पटना एयरपोर्ट पर गिरफ़्तार किया गया था। इस मामले में अब नया मोड़ आ गया है जो देश की सुरक्षा से जुड़ा है।

दरअसल सोने की तस्करी का यह मामला अब टेरर फंडिंग (Terror Funding) से जुड़ता नज़र आ रहा है। तस्करी के आरोप में जिन लोगों को गिरफ़्तार किया गया था, उनकी वास्तविक पहचान अब सामने आई है। कस्टम विभाग ने इस मामले में हितेश जैन, अरुण और मोहम्मद आरिफ को गिरफ़्तार किया था।

चौंकाने वाली बात यह है कि पूछताछ के दौरान हितेश जैन की सही पहचान मोहम्मद अफसर के रूप में आया है। वहीं, दूसरे आरोपित अरुण की सही पहचान मोहम्मद रिजवान के तौर पर हुई है, जबकि तीसरे आरोपित मोहम्मद आरिफ का नाम तो सही है, लेकिन उसका वास्तविक पता सामने आया है।

क्या है पूरा मामला ?

अब आपको पूरा मामला समझाते हैं। 10 नवंबर को अहमदाबाद से इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E 921 से तीन लोग पटना पहुँचते हैं। खुफिया जानकारी के आधार पर कस्टम विभाग की टीम फ्लाइट से बाहर आ रहे लोगों में से इन्हें अलग करती है और जाँच शुरु कर देती है।

तलाशी के दौरान तीनों के पास से दुबई के होलोग्राम वाला 1 किलोग्राम का एक और बाकी चार अन्य बिस्कुट मिले। सोने की कीमत लगभग 77 लाख रुपए आँकी गई। कस्टम विभाग ने सोना को जब्त करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम हितेश जैन, अरुण और मोहम्मद आरिफ के रुप में सामने आए।

इसके बाद के इंवेस्टिगेशन में जो जानकारी सामने आई वह बेहद चौंकाने वाली है। तीनों तस्कर फर्जी वोटर कार्ड पर यात्रा कर रहे थे और अपनी वास्तविक पहचान छिपा रखी थी। दैनिक भास्कर के रिपोर्ट के मुताबिक, तीन तस्करों में 2 दिल्ली में और तीसरा अहमदाबाद में रह रहा था।

हितेश जैन नाम के आरोपित का असली नाम मोहम्मद अफसर सामने आया और उसके पिता का असली नाम अताउल्लाह है। अरुण नाम का शख़्स ‘रिजवान’ निकला। अरुण ने पहले अपने पिता का नाम शिव कुमार और पता खेड़ा कॉलोनी, स्वरूप नगर, दिल्ली बताया था। सख्ती से पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम रिजवान और पिता का नाम खुर्शीद बताया। वह दिल्ली के सीलमपुर के घड़ी मंडी का रहने वाला है।

तीसरे ने अपना नाम आरिफ तो सही बताया था, लेकिन अपने पिता के नाम के साथ पता बदल दिया था। मोहम्मद आरिफ ने पहले अपना पता नैथला हसनपुर जूनियर हाई स्कूल, बुलंदशहर बताया था। बरामद किए गए फर्ज़ी वोटर आईडी कार्ड पर उसके पिता का नाम सुबराती लिखा है। जाँच में पता चला कि आरिफ बापू नगर अहमदाबाद का रहने वाला है।

चुनाव आयोग की साइट से छेड़छाड़

यदि आप इतना ही सोच रहे हैं कि मामला नाम बदलकर तस्करी करने का है तो ठहरिए अभी और भी चौंकाने वाली बातें सामने आने वाली हैं। अब तक की जाँच में पता चला है कि तीनों शातिर जिस वोटर आईकार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे, वह चुनाव आयोग (EC) की साइट से छेड़छाड़ कर बनाया गया था।

तस्करों का सरगना कौन?

तस्करों ने अब तक जो जानकारी दी है, उसमें यह साफ नहीं हो पाया है कि सोने का बिस्कुट आखिर है किसका और इस गिरोह का सरगना कौन है? उन्होंने जानकारी दी है कि ‘आका ने कहा था कि जिस फ्लाइट में वे पटना जाएँगे, उसमें सीट के नीचे सोने के बिस्कुट रखे होंगे’। यह आका कौन है, इसका पता लगाया जा रहा है।

पूछताछ के दौरान तीनों की भाषा और बोली से अधिकारियों को शक हुआ। ये कुछ वैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे, जो पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बोली जाती हैं। कड़ी पूछताछ में तीनों तस्कर टूट गए और अपनी वास्तविक पहचान जाहिर कर दी।

अब भी कई ऐसी बातें हैं, जिनका पता लगाया जाना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है। यह जानना जरूरी है कि अफसर और रिजवान ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हिंदू नामों को ही क्यों चुना? सोने का बिस्कुट हवाई जहाज में सीट के नीचे तक कैसे पहुँचा? दुबई का सोना अहमदाबाद तक कैसे पहुँचा? इसे पटना से कहाँ ले जाया जा रहा था? क्या सोने का टेरर फंडिंग से लेना-देना है?

कस्टम विभाग के प्रधान आयुक्त पीके कटियार का भी मानना है कि मामला बेहद संवेदनशील है। विभाग ने सोने के साथ पकड़े गए तीनों संदिग्धों के बारे में पूरी जानकारी पुलिस के साथ साझा की है, ताकि गहराई से जाँच हो सके।

‘श्रद्धा बर्गर’ से लेकर ‘आफताब फ्रिज फैक्ट्री’ तक, इस्लामी कट्टरपंथी ले रहे दलित लड़की की हत्या के मजे, कह रहे – जो अपने माँ-बाप की न हुई, वो…

आफताब अमीन पूनावाला ने अपनी दलित प्रेमिका श्रद्धा वाकर की हत्या कर के उसके शव को 35 टुकड़ों में काट डाला। दिल्ली के मेहरौली स्थित फ़्लैट में उसने फ्रिज में शव के टुकड़े रखे हुए थे और रोज एक टुकड़े को रात के समय जंगल में फेंक देता था। अब सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी मुस्लिम, खासकर पाकिस्तान के लोग श्रद्धा की मौत का मजाक बना रहे हैं। वो कह रहे हैं कि जो अपने माँ-बाप की नहीं हुई, वो मेरी क्या होगी।

सोशल मीडिया पर कुछ लोकप्रिय हैंडलों ने उन पोस्ट्स के स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं, जिनमें श्रद्धा की हत्या का मजाक बनाया जा रहा है। एक तरह से श्रद्धा की मौत का मजाक बनाने वाले इस हत्याकांड में आनंद ले रहे हैं। आमाद बट्ट नामक यूजर ने एक जोड़े की तस्वीर शेयर की, जिसमें लड़का मुस्लिम है और लड़की हिन्दू। साथ ही उसने कैप्शन में लिखा, “ये मोटी दिख रही है। बाद में इसे खा सकता हूँ।” फैज़ान चौधरी ने एक तस्वीर शेयर की, जिसमें आफताब को कुछ खाते हुए दिखाया गया है।

उसने श्रद्धा वाकर के चेहरे की तस्वीर एक तरफ लगा दी और उसका नाम ‘श्रद्धा बीफ बर्गर’ रख दिया। सैयदा फातिमा ने तो ‘आफताब पूनावाला फ्रिज पोस्टिंग’ नाम से एक फेसबुक ग्रुप ही बना डाला। उस ग्रुप में 400 से अधिक सदस्य भी हैं। ये लोग आफताब को ‘हीरो’ बताते हुए ‘लव जिहाद’ का हैशटैग भी लगा रहे हैं। एक तस्वीर में तो श्रद्धा को ‘कुतिया’ कह कर संबोधित किया। अब्दुल्ला सईद ने आफताब के हवाले “तुम उसके मैसेज में हो, वो मेरी फ्रिज में है। हम एक नहीं हैं भाई।”

एक मीम में आफताब को फ्रिज बेचते हुए दिखाया गया है और वो कह रहा है, “ये वाला ले लो सर। सर आप इसमें कुछ भी रख सकते हैं। कुछ भी, विश्वास कीजिए।” शयन खान द्वारा शेयर किए गए पोस्ट में आफताब एक हिन्दू लड़की से कह रहा है, “आ जा तुझे फ्रिज की ठण्ड में ले चलूँ। रेफ़्रिजेरेटर को उसकी औकात दिखानी है।” कहीं दहेज़ में फ्रिज माँगने की बात की जा रही है तो कहीं आफताब कहता दिख रहा है कि ‘मेरी गर्लफ्रेंड हमेशा चिल रहती है’।

कहीं कोई मुस्लिम लड़की सस्ते में फ्रिज बेचने का ऑफर दे रही है तो कहीं लड़की का सिर पड़ा हुआ दिखाया गया है और लिखा है कि अपने ‘बुल्ला’ बॉयफ्रेंड से शादी के लिए कहने पर यही होता है। एक मीम में लड़की सोच रही है कि लड़का किसी और लड़की के बारे में सोच रहा होगा, लेकिन वो सोच रहा होता है कि किस फ्रिज में बॉडी फिट हो जाएगी। हाज़िक अंसारी ने तो ‘आफताब पूनावाला फ्रिज फैक्ट्री’ का विज्ञापन तक दे डाला।

खुशनुमा ने पहले विनीत से ऐंठे लाखों, फिर बहन नरगिस और अम्मी मजहरी के साथ करने लगी ब्लैकमेल: नदी में कूद कारोबारी ने दी जान

मध्य प्रदेश के खंडवा (Khandwa, Madhya Pradesh) हनीट्रैप का मामला सामने आया है। यहाँ डांसर गुड़िया उर्फ बिट्टू उर्फ खुशनुमा पठान ने अपनी बहन नरगिस (19) और अम्मी मजहरी के साथ मिलकर हरसूद के नामी व्यापारी विनीत अग्रवाल को पहले अपने जाल फँसाया, फिर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

ब्लैकमेलिंग से तंग आकर व्यापारी विनीत अग्रवाल ने आत्महत्या कर ली। मंगलवार (15 नवंबर 2022) को तीनों के खिलाफ व्यापारी विनीत को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने गुड़िया और नरगिस को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं इसकी अम्मी मजहरी अभी भी फरार है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हनी ट्रैप की शुरुआत उज्जैन की आर्केस्ट्रा पार्टी से हुई थी। पार्टी में उज्जैन की रहने वाली गुड़िया उर्फ बिट्टू उर्फ खुशनुमा पठान का डांस देखकर व्यापारी विनीत अग्रवाल उस पर फिदा हो गया। वहीं, शौहर से तलाक ले चुकी गुड़िया भी व्यापारी की बेशुमार दौलत देखकर लालच में आ गई। इसके बाद उसने अपनी बहन नरगिस और अम्मी मजहरी के साथ मिलकर व्यापारी को फँसाने की योजना बनाई। विनीत अग्रवाल भी इनके जाल में पूरी तरह से फँस चुका था। उसने शुरुआत में इन पर खूब पैसे लुटाए।

विनीत ने कम समय में व्यापार से लेकर शहर में अपनी पहचान बना ली थी। उसके पास पैसों की कमी नहीं थी। गुड़िया उसे हनी ट्रैप में फँसाकर उस पर बीवी की तरह अधिकार जताने लगी थी। दोनों बहनें और उसकी अम्मी हर महीने लाखों की शॉपिंग करती थीं। जब विनीत ने उससे अपने खर्चे कम करने के लिए कहा तो वह उसे धमकाने लगी कि मैं हरसूद में जाकर हंगामा कर दूँगी। तुम्हारी पत्नी को सब कुछ बता दूँगी। इनकी ब्लैकमेलिंग से तंग आकर व्यापारी ने नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली।

खुशनुमा पठान अपनी बहन और अम्मी के साथ मिलकर उससे आए दिन रुपए माँगती रहती थी। इससे तंग आकर विनीत ने यह आत्मघाती कदम उठाया। हरसूद निवासी विनीत शुक्रवार (11 नवंबर 2022) शाम को करीब सात बजे घर से निकला था। इसके बाद उसका कहीं पता नहीं चला। शनिवार (12 नवंबर 2022) की शाम उसकी कार चारखेड़ा ओवरब्रिज पर खड़ी मिली। कार से दो मोबाइल बरामद किए गए थे। इसके बाद से पुलिस ब्रिज के नीचे इंदिरा सागर के बैकवाटर में विनीत की तलाश कर रही थी। सोमवार (14 नवंबर 2022) की सुबह उसका शव बैकवाटर में मिला था।

हरसूद थाना के टीआई अंतिम पंवार ने बताया कि आरोपित गुड़िया, बहन नरगिस और अम्मी मजहरी के खिलाफ धारा 306 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। तीनों पर आरोप है कि उन्होंने विनीत को आत्महत्या के लिए उकसाया है। आरोपित गुड़िया और नरगिस को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से दोनों को जेल भेज दिया गया। इस मामले में गुड़िया मुख्य आरोपित है।

पहले आदिपुरुष का रिलीज डेट बदला, अब बदलेगा रावण का लुक: सैफ अली खान के ‘खिलजी’ दिखने को लेकर था विवाद, साफ होगी दाढ़ी

अक्टूबर 2021 में फिल्म आदिपुरुष (Adipurush) का टीजर जारी हुआ था। इसके बाद फिल्म किरदारों के गलत चित्रण को लेकर विवादों में आ गया। इसे देखते हुए मेकर्स ने पहले फिल्म की रिलीज डेट बढ़ाकर 16 जून 2023 कर दी। अब खबर आ रही है कि किरदारों के लुक में भी बदलाव किया जाएगा। खासकर रावण के लुक में।

फिल्म में रावण का किरदार (Saif Ali Khan) ने निभाया है। उनके लुक को लेकर सबसे ज्यादा विवाद है। टीजर में सैफ को देखने के बाद लोगों ने कहा था कि वे रावण की बजाए खिलजी दिख रहे हैं। कुछ लोगों ने उनका लुक तैमूर, औरंगजेब जैसे इस्लामी आक्रांताओं की तरह भी बताया था।

रिपोर्ट के अनुसार फिल्म मेकर्स ने सैफ के लुक में बदलाव का फैसला लिया। VFX की मदद से उनकी दाढ़ी हटाई जाएगी। वैसे आधिकारिक तौर पर इसको लेकर कुछ नहीं कहा गया है। लेकिन रिपोर्ट के अनुसार इन बदलावों पर करीब 30 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।

टीजर जारी होने के बाद जब रावण के लुक पर विवाद उठा था तो मनोज मुंतशिर ने उसका बचाव किया था। ‘आदिपुरुष’ के साथ बतौर डायलॉग राइटर और गीतकार जुड़े मुंतशिर ने कहा था, “हर युग की बुराई का अपना चेहरा होता है। अलाउद्दीन खिलजी इस दौर की बुराई का चेहरा है। हमने ‘आदिपुरुष’ के रावण को जानबूझकर ऐसा नहीं बनाया है। लेकिन वो खिलजी जैसा दिखता भी है तो इसमें कोई बुराई नहीं है।”

मालूम हो कि प्रभास (Prabhas) और कृति सेनन (Kriti Sanon) स्टारर ‘आदिपुरुष’ का 1.46 मिनट का टीजर 2 अक्टूबर 2022 को अयोध्या में रिलीज किया गया था। राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने 5 अक्टूबर 2022 को कहा था कि भगवान राम, हनुमान और रावण का चित्रण महाकाव्य के अनुसार नहीं है। ये फिल्म उनकी गरिमा के खिलाफ है। फिल्म बनाना कोई अपराध नहीं है, लेकिन उन्हें सुर्खियों में लाने के लिए जानबूझकर विवाद पैदा करने के लिए नहीं बनाया जाना चाहिए।