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हमले सहे, गिरफ्तार हुए, रात भर की पहरेदारी: 1984 में सिखों पर जब टूट पड़े ‘कॉन्ग्रेसी’, तब हिंदू पड़ोसियों ने बचाई थी सैंकड़ों जान, खालिस्तानी पन्नू उन्हीं को कर रहा बदनाम

प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू (Gurpatwant Singh Pannu) ने एक बार फिर हिंदुओं के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाया है। सन 1984 के एक राजनीतिक दल द्वारा अंजाम दिए गए दंगों के लिए इस आतंकी ने हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश की है। इसी बीच पंजाब में एक हिंदू नेता सुधीर सूरी (Sudhir Suri) की हत्या कर दी गई है।

गुरपतवंत सिंह पन्नू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर गुरपतवंत सिंह पन्नू ने 30 अक्टूबर 2022 को लिखा था, “1984 के सिख नरसंहार में हिंदू भीड़ द्वारा 8 दिन के जुड़वाँ सिख शिशुओं को जिंदा जला दिया गया था।” इस प्रोपेगेंडा को लेकर पन्नू ने कनाडा में हुए एक रैली का भी एक वीडियो शेयर किया।

पन्नू के इस प्रोपेगेंडा का ट्विटर यूजर @Arya_Anviksha_ ने भंडाफोड़ किया है। पन्नू जिस तरह से पूरे समुदाय को बदनाम कर रहा है, उसको लेकर इस हैंडल ने एक ट्विटर थ्रेड जारी कहा कि दंगों के दौरान हिंदू ही थे, जिन्होंने पीड़ित सिखों को बचाने और उन्हें आश्रय देने का काम किया था।

Arya_Anviksha_ ने लिखा, “यह हिंदू ही थे जिन्होंने 1984 में अपनी जान जोखिम में डालकर सिख परिवारों को शरण दी, और सिखों की रक्षा के लिए कॉलोनियों में दस्ते बनाए। इस तरह 1984 में हिंदुओं ने सिखों को बचाया। यह परेशान करने वाला है कि कैसे इन लोगों ने हिंदुओं को ‘भीड़’ के रूप में चित्रित किया है, जो हमेशा उन्हें भाई मानते हैं।”

सिख दंगों के दौरान 1 नवंबर 1984 को अमेरिकी समाचार पत्र ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने लिखा था, “पश्चिम दिल्ली में 200 मध्यमवर्गीय हिंदू परिवारों ने सिख परिवारों को दंगाइयों से बचाया। उन्होंने हिंदुओं (दंगाइयों) को धमकी दी कि अगर सिखों को बाहर किया गया तो वे इमारत को आग लगा देंगे। हिंदुओं ने रक्षा दस्ते बनाए और इमारत में गश्त की और सिखों की रक्षा की।”

इसी तरह टाइम्स ऑफ इंडिया ने 3 नवंबर 1984 को लिखा था, “कॉलोनी दर कॉलोनी में हिंदुओं ने गिरोहों की लूट के खिलाफ अपनी सुरक्षा बनाने का फैसला किया। हिंदुओं ने सिखों को आश्वासन दिया कि उन्हें डरने की कोई बात नहीं है। वे रात भर इलाके में गश्त करेंगे।” इसके लिए तिलक नगर, शिव नगर और जनकपुरी में दल बनाया गया था।

अकेले दिल्ली के त्रिलोकपुरी में हिंदुओं ने 600 सिखों को बचाया था। यूसुफ सराय मार्केट में हिंदू दुकानदार सिखों के दुकानों के आगे लेट गए और भीड़ से कहा कि उन्हें किसी भी सिख के दुकान को छूने से पहले उन्हें (हिंदुओं को) के लाश से होकर गुजरना पड़ेगा।

इतना ही नहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने सिख परिवारों को राहत सामग्री वितरित करने के लिए पंजाब पीड़ित सहायता समिति बनाई। लगभग 300 घायलों को 109 बोतल रक्तदान किया गया। नवजोत सिंह सिद्धू, योगराज सिंह, राजिंदर घई को यशपाल शर्मा और चेतन चौहान जैसे हिंदुओं ने बचाया। इस दौरान एक सिख को बचाने के लिए एक हिंदू को गिरफ्तार भी किया गया।

दंगों के दौरान राजनीतिक नेता स्वर्गीय रामविलास पासवान ने सिखों को अपने घरों में शरण दी। इसके लिए उन पर भी हमला किया गया। दंगाइयों ने उनके घरों को आग लगा दी। एक सिख और राज्यसभा के पूर्व सांसद तरलोचन सिंह ने भी कहा था कि दंगों के दौरान हिंदुओं ने सिखों की रक्षा की।

साल 2017 में इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में एचएस फुल्का के हवाले से कहा था कि दंगे कॉन्ग्रेस और सिखों के बीच थे। इस दौरान हिंदुओं ने कई लोगों की जान बचाई थी। यहाँ तक कि प्रसिद्ध लेखक खुशवंत सिंह ने कहा था, “ये कॉन्ग्रेस (आई) के नेता थे, जिन्होंने 1984 में भीड़ को उकसाया और 3000 से अधिक लोगों को मार डाला। मुझे उन कठिन दिनों में साहस दिखाने और असहाय सिखों की रक्षा करने के लिए आरएसएस और भाजपा को उचित श्रेय देना चाहिए।”

ब्रिटिश अखबार ‘द गार्डियन’ ने 30 जनवरी 1985 की अपनी रिपोर्ट में कहा था, “नागरिक अधिकार समूह का कहना है कि सत्तारूढ़ कॉन्ग्रेस पार्टी के लोग विरोधी सिख दंगों के पीछे थे।” इस तरह तमाम रिपोर्ट के बाद पन्नू जैसे भारत को तोड़ने का ख्वाब देखने वाले आतंकी प्रोपेगेंडा फैलाकर हिंदुओं और सिखों के बीच नफरत की खाई पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

IPS अधिकारी के खिलाफ हाईकोर्ट पहुँचे महेंद्र सिंह धोनी, कोर्ट की अवमानना का आरोप: पहले माँग चुके हैं ₹100 करोड़ का हर्जाना

2013 के आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी केस में बयानबाजी करने आरोप में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने एक आईपीएस अधिकारी जी संपत कुमार के खिलाफ मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

धोनी ने अपनी याचिका में संपत कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले कुछ वरिष्ठ वकीलों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए। उनकी माँग है कि संपत कुमार पर अवमानना का मामला चलना चाहिए। पूरे केस पर मंगलवार (8 नवंबर 2022) को सुनवाई होगी।

उल्लेखनीय है कि धोनी ने इससे पहले 2014 में तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक संपत कुमार को मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग केस में उनसे जुड़ा कोई भी बयान देने से रोक लगाने पर याचिका डाली थी। उन्होंने अदालत से हर्जाने के तौर पर 100 करोड़ रुपए का भुगतान करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया था।

उस समय अदालत ने 18 मार्च 2014 को अंतरिम आदेश पारित करके संपत कुमार पर धोनी के खिलाफ किसी भी तरह का बयान देने से रोक लगा दी थी। इसके बावजूद संपत कुमार ने एक हलफनामा दायर किया और उसमें राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। इसके बाद धोनी ने कोर्ट का रुख किया और उनके खिलाफ अवमानना का केस चलाने की माँग की।

₹2 करोड़ नहीं, मरम्मत में सिर्फ ₹12 लाख किए खर्च: मोरबी पुल हादसे में ओरेवा कम्पनी का झूठ उजागर, रेनोवेशन के नाम पर सिर्फ पुताई और ग्रीसिंग करवाई

गुजरात के मोरबी में 30 अक्टूबर 2022 को हुए पुल हादसे में एक नया खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक ओरेवा नाम की कम्पनी ने पुल की मरम्मत के लिए मिले 2 करोड़ रुपए में से महज 12 लाख रुपए ही ख़र्च किए थे। दावा यह भी किया जा रहा है कि ओरेवा द्वारा नियुक्त ठेकेदार भी अयोग्य था और उसको कई तकनीकी जानकारियों का आभाव था। कहा जा रहा है कि पुल के नवीनीकरण के नाम पर महज ग्रीसिंग और पेंटिंग कर दी गई थी बाकी तमाम पुराने पुर्जों से ही काम चला दिया गया था।

टाइम्स ग्रुप के मुताबिक ओरेवा कम्पनी द्वारा पुल के मरम्मत के लिए मिले पैसे का सिर्फ 6% ही प्रयोग किया गया। दावा है कि ओरेवा कम्पनी ने पुल की मरम्मत के लिए देव प्रकाश सल्यूशन नाम के सहायक कम्पनी को ठेका दिया था। इस से मिले कागजातों से साबित होता है कि इस कम्पनी को पैसे दिए गए थे। बताया जा रहा है कि 24 अक्टूबर 2022 को ओरेवा कम्पनी के चेयरमैन जयसुख पटेल ने दावा किया था कि पुल पूरी तरह से सुरक्षित है और आम लोगों के लिए तैयार है। इसके लिए उन्होंने 6 माह तक पुल की मरम्मत करने का दावा किया था।

दावा किया जा रहा है कि पुल को आम लोगों के लिए खोले जाने से पहले ओरेवा कम्पनी द्वारा कोई तकनीकी परीक्षण नहीं करवाया गया था। कहा जा रहा है परीक्षण के नाम पर ओरेवा ग्रुप के चेयरमैन ने 24 अक्टूबर 2022 को बस एक बार अपने प्रतिनिधियों के साथ पुल को पैदल पार किया था। मोरबी नगर पालिका से ओरेवा कम्पनी का पुल के रखरखाव का 15 साल के लिए कॉन्ट्रक्ट साईन हुआ था।

गौरतलब है कि 28 अक्टूबर 2022 को मोरबी में पुल हादसे में लगबाह्ग 135 लोगों की जान चली गई थी। इस हादसे में कई अन्य घायल और लापता भी हो गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घायलों से अस्पताल में मुलाकात की थी। सरकार द्वारा मृतकों और घायलों के परिवार वालों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करवाई गई है। इस घटना में नगर पालिका के चीफ ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया गया है जबकि ओरेवा कम्पनी से जुड़े 9 लोग हिरासत में लिए गए हैं।

‘EX-BF’ एलन मस्क के ट्विटर खरीदते ही एंबर हर्ड ने डिलीट किया अकॉउंट, नेटीजन्स ने मजे लेते हुए कहा- ‘ब्लू टिक के पैसे नहीं होंगे’

सोशल मीडिया साइट ट्विटर (Twitter) के स्वामित्व में बदलाव होेने के बाद साथ कई तरह के परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। ट्विटर का स्वामित्व टेस्ला (Tesla) के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) के हाथों में जाते ही उनकी पूर्व प्रेमिका एवं हॉलीवुड की अभिनेत्री एम्बर हर्ड (Amber Heard) ने अपने अकाउंट को डिलीट कर दिया है।

‘That Umbrella Guy’ नाम के एक ट्विटर यूजर ने एम्बर के ट्विटर अकाउंट की एक तस्वीर साझा की है, जिसमें लिखा है ‘यह अकाउंट मौजूद नहीं है’। स्क्रीनशॉट में कैप्शन दिया गया है, ‘एम्बर हर्ड ने अपना ट्विटर डिलीट कर दिया है’।

कई लोगों ने उनके ट्विटर हैंडल को डिलीट करने के बारे में अपने कयास लगाए। यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने ट्विटर क्यों छोड़ा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर ने लिखा, “बहुत खुशी है कि वह अपना ख्याल रख रही है।” दूसरे व्यक्ति ने टिप्पणी की, “पूर्व प्रेमी एलोन ने उसे हटाने के लिए कहा।” तीसरे व्यक्ति ने लिखा, “वह अब अपना चेकमार्क रखने के लिए मासिक शुल्क नहीं ले सकती।”

बता दें कि एम्बर हर्ड हाल ही में अपने पूर्व पति जॉनी डेप (Johnny Depp) के खिलाफ मानहानि का मुकदमा हार गईं। इसके बाद उन्हें जॉनी को लगभग 10.35 मिलियन डॉलर (लगभग 84.82 करोड़ रुपए) का भुगतान करना था। जॉनी और एम्बर साल 2010 में ‘द रम डायरीज़’ की शूटिंग के दौरान मिले थे।

लगभग पाँच साल तक रिलेशन में रहने के बदा साल 2015 में इस जोड़े ने शादी कर ली। हालाँकि, यह शादी लंबी नहीं चली और दोनों अगले ही साल 2016 में अलग हो गए। इसके बाद उनके तलाक को साल 2017 में अंतिम रूप दिया गया था। जॉ

इसके पहले जॉनी यूके में एक मानहानि का मुकदमा हार चुके हैं। दरअसल, एक प्रकाशक ने उन्हें ‘वाइफ-बीटर’ बताया था, जिससे भड़ककर जॉनी ने प्रकाशक के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। हालाँकि, अदालत ने आरोपों को काफी हद तक सही पाया था।

जॉनी से अलग होने के बाद एम्बर ने साल 2016 से एलन मस्क को डेट करना शुरू कर दिया। हालाँकि, यह रिश्ता भी ज्यादा लंबा नहीं चला और एक साल की डेटिंग के बाद दोनों साल 2017 में अलग हो गए। साल 2018 में दोनों एक बार फिर दोनों एक-दूसरे के नजदीक आए, लेकिन अज्ञात कारणों से दोनों कुछ महीनों के बाद फिर अलग हो गए।

बता दें कि ट्विटर की कमान एलन मस्क के हाथ में जाते ही नहीं एक तरफ कंपनी के कर्मचारियों की छँटनी हो रही है तो दूसरी तरफ हॉलीवुड के सेलिब्रेटीज इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अलविदा कह रहे हैं। हाल ही में सारा बरेली, केन ओलिन, टोनी ब्रेक्सटन जैसी कई हॉलीवुड हस्तियों ने ट्विटर छोड़ दिया है। अब एलन की पूर्व प्रेमिका के ट्विटर छोड़ने की खबर है।

‘हरे रामा… हरे कृष्णा’ का जाप और बिकनी में नाचती लड़कियाँ: तेलुगू संगीतकार DSP के खिलाफ FIR, अभिनेत्री कल्याणी बोलीं- हिंदुओं के अपमान पर माफी माँगें

DSP के नाम से प्रसिद्ध तेलुगू फिल्मों के संगीतकार देवी श्री प्रसाद (Musician Devi Sri Prasad or DSP) के खिलाफ तेलंगाना की हैदराबाद पुलिस (Hyderabad Police) हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है उन्होंने अपनी गीत ‘ओ परि’ (O Pari) में हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाया है।

इस गाने को लेकर तेलुगू फिल्मों की जानी-मानी अभिनेत्री कराटे कल्याणी (Karate Kalyani) ने हैदराबाद के साइबर क्राइम स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है। अपनी शिकायत में कल्याणी ने आरोप लगाया है कि प्रसाद के गाने के बोल ‘बेहद आपत्तिजनक’ और ‘धार्मिक भावनाओं को आहत’ करने वाले हैं।

उन्होंने कहा कि गाने के वीडियो में कम कपड़े पहनी महिलाओं को धार्मिक मंत्र वाले संगीत पर नाचते हुए दिखाया गया है। गाने के बोल में ‘बोलो राम.. राम हरे… बोलो कृष्णा… कृष्णा हरे…’ शामिल है। इस गाने को YouTube पर 20 मिलियन (2 करोड़) से अधिक बार देखा जा चुका है। गाने के बोल रकीब आलम ने लिखे हैं।

कल्याणी ने कहा, “अगर कोई भगवदगीता या किसी अन्य पवित्र भजन के पूर्ण श्लोकों को नहीं कह सकता है तो हम उसे ‘हरे राम हरे कृष्ण‘ का जाप करने के लिए कहते हैं। यहाँ तक ​​कि ये श्लोक भी इतने ही शक्तिशाली हैं। ऐसी हिंदू धर्म की समृद्ध संस्कृति, हिंदू धर्मग्रंथ हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “वह व्यक्ति जो ‘ऊ अंतवा ऊ ऊ अंतवा’ जैसे आइटम गीत का संगीतकार है, अब एक ऐसी रिलीज़ के साथ आया है जिसमें बिकनी पहनी महिलाओं को इन छंदों का जाप कर हिंदू लोगों की भावनाओं को आहत करते हुए दिखाया गया है। ऐसे लोग एक बार भी सोचते हैं कि इस तरह के उत्तेजक चित्रण करने वाले गीत को प्रदर्शित करने से हम सभी को कितना दुख होगा?”

कल्याणी बोलीं, “यदि आप हिंदू धर्म के बचे हुए को बचाने में सक्षम नहीं हैं तो कम-से-कम इसे अपमानित न करें। यही हम अनुरोध कर रहे हैं। हम इसके लिए आपसे माफी की माँग कर रहे हैं। हम माँग करते हैं कि गीत को हटा दिया जाए। यदि आवश्यक हो तो हम उसे सुनने के लिए उनके स्टूडियो में भी जाएँगे।”

शिकायत मिलने के बाद हैदराबाद साइबर क्राइम ब्रांच के ACP प्रसाद ने कहा, “2 नवंबर को हमें ललित कुमार और अभिनेत्री कराटे कल्याणी से संगीत निर्देशक देवी श्री प्रसाद के गाने के बारे में शिकायत मिली थी। हम इस मामले की जाँच करेंगे, क्योंकि यह एक कानूनी मुद्दा है।” पुलिस ने शिकायत के आधार पर IPC की धारा 153 (ए) और 295 (ए) के तहत मामला दर्ज किया है।

उधर, आंध्र प्रदेश भाजपा के महासचिव एस विष्णुवर्धन रेड्डी ने कहा, “मैं माँग करता हूँ कि संगीत निर्देशक DSP हिंदुओं का अपमान करने और गाने में भगवान राम और कृष्ण का अपमान करने के लिए हिंदू समुदाय से माफी माँगें। हिंदू देवी-देवी और देवताओं का बार-बार अपमान करना फिल्म उद्योग में कुछ लोगों की आदत बन गई है।”

दिल्ली में MCD चुनाव की तारीखों का ऐलान: 250 सीटों में से आधी महिलाओं के लिए आरक्षित, प्रत्याशी खर्च कर सकेंगे 8-8 लाख रुपए

चुनाव आयोग ने शुक्रवार (4 नवंबर 2022) को दिल्ली नगर निगम चुनाव (MCD Election) की तारीखों का ऐलान किया है। एक ओर जहाँ दिल्ली में हुए परिसीमन के बाद वार्ड की संख्या कम हो गई है। वहीं दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने आधी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी हैं। इन चुनावों के लिए 7 नवंबर से 14 नवंबर तक नामांकन दाखिल किए जाएँगे। नामांकन दाखिल वापस करने की आखिरी तारीख 19 नवंबर है। वोटिंग 4 दिसंबर को होगी और नतीजे 7 दिसंबर को सामने आएँगे।

दिल्ली MCD चुनाव में 22 वार्ड कम हो गए हैं। यहाँ अब तक कुल 272 वार्ड थे लेकिन परिसीमन के बाद वार्ड की संख्या घट कर 250 रह गई है। परिसीमन के कारण कई वार्डों के क्षेत्र में भी बदलाव हुआ है। कई वार्डों का क्षेत्र बढ़ गया है जबकि कुछ के क्षेत्रों में कमी आई है। इसी प्रकार वोटर्स की संख्या में भी बदलाव हुआ है।

उल्लेखनीय है कि पहले दिल्ली नगर निगम को तीन भागों में विभाजित किया गया था। उत्तरी दिल्ली, दक्षिण दिल्ली और पूर्वी दिल्ली। बीते 15 सालों से तीनों ही जोन या नगर निगम में भाजपा का ही कब्जा रहा है। इसी साल मई में केंद्र सरकार ने तीनों नगर निगम क्षेत्रों (MCD) को मिलाकर एक कर दिया था। इसका मतलब यह है कि अब दिल्ली में तीन की जगह केवल एक ही महापौर (मेयर) होगा। यानी अब तीन की जगह एक ही मेयर पूरी दिल्ली को चलाएगा।

गौरतलब है, दिल्ली विधानसभा में 70 सीटें हैं लेकिन नगर निगम चुनाव सिर्फ 68 सीटों में ही होगा। दिल्ली केंट और दिल्ली विधानसभा को नगर निगम क्षेत्र से बाहर रखा गया है। नगर निगम की निर्धारित 250 सीटों में से आधी महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। वहीं, 42 सीटें अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व रखी गई हैं। चुनाव आयोग ने प्रत्येक प्रत्याशी द्वारा किए जाने वाले खर्च के दायरे में भी बढ़ोतरी की है। इससे पहले हुए चुनाव में प्रत्याशी 5.75 लाख रुपए तक खर्च कर सकते थे। हालाँकि, अब इसे बढ़ाकर 8 लाख रुपए किया गया है।

महाकाल लोक के बाद ओंकारेश्वर से लेकर चित्रकूट तक को सँवारने की तैयारी: 2 साल में 5 धर्मस्थलों पर ₹3000 करोड़ खर्च करेगी शिवराज सरकार

मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार प्रदेश में मंदिरों का कायाकल्प करने के लिए तैयार है। अभी हाल ही में भाजपा ने उज्जैन में बाबा महाकाल के दरबार में महाकाल लोक का निर्माण कराकर एक कीर्तिमान स्थापित किया है। वहीं मंदिर को भव्य बनाने के लिए दूसरे चरण का काम भी शुरू होने वाला है।

इसके साथ ही राज्य सरकार की अब प्रदेश के अन्य मंदिरो का कायकल्प करने की योजना है। शिवराज सरकार जल्द ही प्रदेश के पाँच और मंदिरों को सँवारने जा रही है।

शिवराज सरकार अगले 2 सालों में राज्य के पाँच प्रमुख मंदिरों को सँवारेगी। इसके लिए सरकार 3000 करोड़ रूपए खर्च होंगे। महाकाल लोक के बाद प्रदेश सरकार खंडवा जिले के ओंकारेश्वर मंदिर, सीहोर का सलकनपुर मंदिर, दतिया जिलें का पीताम्बरा मंदिर, चित्रकूट के शनिश्चरा मंदिर और सतना जिले के मैहर मंदिर का कायाकल्प करेगी।

मध्य प्रदेश सरकार राज्य के जिन मंदिरों का विस्तारीकरण करवाने जा रही है उसमें दूसरे ज्योर्तिलिंग ओंकारेश्वर मंदिर का काम सबसे पहले आ सकता है। यहाँ 108 फीट की शंकराचार्य की प्रतिमा भी बनेगी।

इसके अलावा महाकाल लोक की तरह अलग-अलग चरणों में 2141.85 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट के तहत यह काम होगा। बताया जा रहा है कि यहाँ आदि शंकराचार्य की जो प्रतिमा तैयार होगी, वह 500 साल तक सुरक्षित रहेगी। प्रदेश सरकार ने इन मंदिरों के विस्तारीकरण के लिए पर्यटन मंत्रालय को जिम्मा सौंपा है।

मंदिरों के विस्तारीकरण पर दैनिक भास्कर की रिपोर्ट

महाकाल : दूसरे चरण के कई इलाकों का विकास होगा

उज्जैन में महाकाल परिसर को विकसित करने पर 850 करोड़ खर्च होंगे। पहले चरण का काम हो गया है। दूसरा चरण 2023 में पूरा होगा। इसमें महाराज परिसर का विकास, रुद्रसागर जीर्णोद्धार, पार्किंग व पर्यटन सूचना केंद्र, महाकाल द्वार एवं प्राचीन मार्ग का विकास किया जाएगा।

सलकनपुर : 45 करोड़ का काम शुरू किया

अगस्त से पहले सलकनपुर का स्वरूप भी बदल जाएगा। दो हिस्सों में काम पूरा होगा। राज्य सरकार ने 45 करोड़ में काम शुरू कर दिया है। केंद्र के पास 55 करोड़ का प्रस्ताव भेजा है। यह दूसरे चरण में होगा।

ओंकारेश्वर- 108 फीट की शंकराचार्य प्रतिमा बनेगी

अलग-अलग चरण में 2141.85 करोड़ रुपए पूरे प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे। धातुओं के मिश्रण से तैयार हो रही आदि शंकराचार्य की 108 फीट की प्रतिमा 198.25 करोड़ में बनेगी। इसे बनाने में सुपर स्टेनलेस स्टील का उपयोग हो रहा है। 500 साल तक इसे नुकसान नहीं होगा।

वहीं मैहर 30 करोड़ रुपए के काम किए जाएँगे। माई के स्थान (पहाड़ी पर) के आसपास सुविधाओं के साथ पहुँचने का मार्ग और श्रद्धालुओं के लिए 30 करोड़ रुपए के काम होंगे।

दतिया: भक्तों को ज्यादा सुविधाएँ मिलेंगी

सिद्धपीठ पीतांबरा माई में अन्य सुविधाओं और कामों के लिए 25 करोड़ का प्रोजेक्ट है। केंद्र की प्रसाद योजना के तहत इसे सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। डीपीआर का काम शुरू हो गया है। आने-जाने के साथ श्रद्धालुओं के रुकने के साधन बनेंगे। शारदीय नवरात्र में बड़ी संख्या में लोग पहुँचते हैं। लिहाजा वहाँ पहुँचने का मार्ग भी ठीक होगा।

शनिश्चरा: सबसे बड़ा शनि धाम बनेगा

30 करोड़ रुपए में मंदिर का काम होगा। यह मप्र का सबसे बड़ा शनि धाम होगा। चूँकि यह प्राचीन मंदिर है, लिहाजा इसके मुख्य द्वार को भव्य बनाया जाएगा। ग्वालियर से 18 किमी दूर होने के कारण मंदिर के आसपास पहुँच मार्ग को बेहतर बनाया जाएगा।

चित्रकूट: स्वदेश और राम दर्शन की थीम

राम वनपथ गमन के साथ पूरे चित्रकूट का विकास 100 करोड़ में होगा। यह स्वदेश और राम दर्शन की थीम पर बनेगा। श्रेष्ठ स्थान बनाने के लिए डीपीआर पर काम शुरू हो चुका है। उत्तर प्रदेश के हिस्से का काफी काम हो गया है। सतना से इसका रास्ता है। चित्रकूट पहुँचने से पहले रास्ते में सुविधाएँ विकसित होंगी।

एलन मस्क ने Twitter इंडिया के लगभग सभी कर्मचारियों को निकाला: दुनिया भर में कहीं पूरी टीम, तो कहीं आधे स्टाफ की छुट्टी

टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स (SpaceX) के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) ने ट्विटर (Twitter) के अधिग्रहण के बाद इसमें बड़े पैमाने पर छँटनी की है। इसका सीधा प्रभाव भारतीय कर्मचारियों पर पड़ा है। मस्क ने ट्विटर के भारत के लगभग सभी कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया है।

इस सोशल मीडिया के अधिग्रहण के दौरान अप्रैल में कर्मचारियों ने जो आशंका व्यक्त की थी, उसे एलन मस्क सही साबित कर रहे हैं। भारतीय मूल के सीईओ पराग अग्रवाल को हटाने और पूरे बोर्ड के भंग करने के बाद कंपनी में कर्मचारियों की उन्होंने बड़े पैमाने पर छंटनी शुरू कर दी है।

CNBC-TV18 ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि ट्विटर के भारत में 200 से अधिक कर्मचारी हैं। इनमें से अधिकांश के निकाल दिया गया है। जिस टीम में सबसे अधिक छँटनी की गई है, उनमें इंजीनियरिंग टीम शामिल है। इनमें सबसे अधिक भारत से हैं।

भारत स्थित ट्विटर के कम्युनिकेशन टीम को हटा दिया गया है। ऐसी ही कुछ स्तिथि भारत में स्थित ट्विटर की मार्केटिंग टीम की है। हालाँकि, भारत के कितने कर्मचारियों को हटाया गया है, इसकी सही जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

शुक्रवार (4 अक्टूबर 2022) को जब ट्विटर के कर्मचारी सोकर उठे तो उनका दिन पहले की भाँति नहीं था। उन्हें कंपनी की ओर से एक भयावह मेल मिला। मेल का सारांश यही था कि अगर ट्विटर कर्मचारी ऑफिस आने की सोच रहे हैं तो पहले चेक कर लें कि आपकी नौकरी बची है या नहीं।

कंपनी के सूत्र के अनुसार, मस्क ने ट्विटर मोमेंट्स फीचर के लिए कंटेंट को क्यूरेट करने वाली क्यूरेशन टीम के लोगों को निकाल दिया है। इसके अलावा, इस छँटनी से प्रभावित टीमों में संचार, वैश्विक सामग्री भागीदारी, बिक्री एवं विज्ञापन राजस्व, इंजीनियरिंग और उत्पाद शामिल हैं। इनमें से किसी टीम के सभी और किसी-किसी टीम के 50% कर्मचारियों को हटा दिया गया है।

स्टेटिस्टा की जुलाई की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्विटर ने दिसंबर 2021 तक लगभग 7,500 लोगों को रोजगार दिया था, जो पिछले वर्ष में 5,500 लोगों से दिए गए रोजगार से अधिक है।ब्लूमबर्ग और रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्विटर के नए मालिक और सीईओ मस्क ने ट्विटर में कर्मचारियों की संख्या को आधा करने की योजना बनाई है।

पंजाब में सर्वे करने गए थे पटवारी, किसानों ने गुस्से में बंधक बनाया: कहा- ‘हमारे पास पराली जलाने के सिवा कोई विकल्प नहीं, सरकार ठीक से काम नहीं करती’

पंजाब के फरीदकोट जिले में पराली जलाए जाने की सूचना मिलने पर जाँच करने गए पटवारी को गाँव के किसानों ने बंधक बनाया है। एसडीएम से लेकर डीएसपी के पहुँचने के बाद भी पटवारी किसानों के कब्जे में हैं। किसानों ने पराली जलाने पर चालान न हो, इसका लिखित आश्वासन देने की माँग की है। साथ ही कहा है कि माँग पूरी होने के बाद ही पटवारी को छोड़ेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फरीदकोट के जीवन वाला गाँव में गुरुवार (3 नवंबर 2022) की सुबह 9 बजे नोडल अधिकारी की सूचना के बाद पटवारी सुखदीप सिंह सोढ़ी पराली जलाए जाने की घटनाओं का सर्वे करने के लिए पहुँचे थे। इसके बाद, उन्होंने सर्वे रिपोर्ट तैयार करनी शुरू की थी। जहाँ, किसानों ने उन्हें घेर लिया और फिर किसानों की संख्या बढ़ने लगी। यही नहीं, कुछ समय बाद किसान यूनियन के कुछ नेता भी वहाँ पहुँच गए जिसके बाद किसानों ने पटवारी को बंधक बना लिया।

पटवारी को बंधक बनाए जाने की सूचना मिलने पर ब्लाक खेतीबाड़ी अधिकारी डॉ. गुरप्रीत सिंह जीवन वाला गाँव पहुँचे और किसानों से बातचीत की। लेकिन किसानों का गुस्सा देखकर उन्होंने एसडीएम जय अमनदीप गोयल को सूचना दी जिसके बाद वह और डीएसपी कोटकपूरा भी वहाँ पहुँच गए।

तमाम अधिकारियों से बात होने के बाद भी किसानों ने पटवारी को छोड़ने से इनकार कर दिया। किसान नेताओं का कहना है कि वह अपनी माँगे पूरी होने तक पटवारी को नहीं छोड़ेंगे। मीडिया से बात करते हुए एक किसान ने कहा है, “एसडीएम ने वादा किया था कि मशीनें उपलब्ध कराई जाएँगी। लेकिन, कुछ भी नहीं किया गया। हम पराली जलाते हैं क्योंकि कोई दूसरा विकल्प नहीं है।”

वहीं, किसान नेताओं का कहना है कि सरकार द्वारा उचित प्रबंध न होने के कारण किसान पराली जलाने के लिए मजबूर हैं। सरकार अपना काम सही ढंग से करने की जगह किसानों की जमीनों को लाल लकीर में दर्ज करने की धमकी दे रही है। किसानों की माँग है कि गुरुवार को पटवारी द्वारा सर्वे कर दर्ज किए नामों व उससे पहले एक अन्य अधिकारी द्वारा किए गए सर्वे को रद्द किया जाए। साथ ही पराली जलाने पर चालान नहीं होगा इस बात का लिखित आश्वासन मिलने के बाद पटवारी को छोड़ दिया जाएगा।

इस मामले में फरीदकोट के तहसीलदार अनिल कुमार का कहना है “हमारे नोडल अधिकारी ने पराली जलाने की रिपोर्ट दी थी। इसका पता लगाने के लिए पटवारी यहाँ आए थे। इस बात की भनक ग्रामीणों को लग गई और उन्होंने उसे बंधक बना लिया। हम किसानों से उनकी रिहाई के लिए बात कर रहे हैं।”

सर्वे में गुजरात में खिला ‘रिकॉर्ड कमल’: मिशन 150 के करीब दिख रही BJP, कॉन्ग्रेस को तगड़ा नुकसान- AAP का खुल सकता है खाता

गुजरात विधानसभा चुनाव (Gujarat Assembly Election 2022) के लिए तारीखों का एलान हो चुका है। राज्य में एक और पाँच दिसंबर को मतदान होगा। ऐसे में सामने आए ओपिनियन पोल में सामने आए नतीजों में भाजपा (BJP) की सत्ता में वापसी तय मानी जा रही है। वहीं, कॉन्ग्रेस (Congress) को पछाड़कर आम आदमी पार्टी (AAP) मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में आ सकती है।

एबीपी न्यूज और सी-वोटर के सर्वे में गुजरात के 56 प्रतिशत लोगों ने सत्ताधारी भाजपा के पक्ष में मतदान किया। वहीं, 20 प्रतिशत लोगों का मानना है कि चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत होगी। सिर्फ 17 प्रतिशत लोगों का कहना है कि कॉन्ग्रेस की जीत होगी। सर्वे में 2 प्रतिशत लोगों का कहना है कि इन पार्टियों को छोड़कर अन्य की जीत हो सकती है। 

सर्वे के अनुसार, सर्वे में शामिल लोगों में से 1 प्रतिशत लोगों ने मानना है कि राज्य में त्रिशंकु सरकार बनेगी। इन सबसे अलग, 4 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि राज्य में किसकी सरकार बनेगी। अक्टूबर महीने में किए गए इस सर्वे में 22,807 लोगों ने हिस्सा लिया है।

ऑपइंडिया (हिंदी) के डिप्टी एडिटर अजीत झा पहले ही अपने चुनावी विश्लेषण में बता चुके हैं, गुजरात में अब जनता भाजपा को सबसे अधिक पसंद करती है और इस विधानसभा चुनाव में भी उसकी वापसी हो सकती है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस जमीनी स्तर पर नदारद दिख रही है, जबकि आम आदमी पार्टी को अभी भी जमीन की तलाश है।

गौरतलब है कि गुजरात में बीजेपी ने इस बार ‘मिशन 150’ का लक्ष्य तय कर रखा है। वैसे यही लक्ष्य पार्टी ने 2017 के विधानसभा चुनावों में भी तय कर रखा था, लेकिन इस लक्ष्य को इस बार हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के दिग्गज नेता जनता को साधने की कोशिश कर रहे हैं।

ऑपइंडिया (गुजराती) के संपादक सिद्धार्थ छाया का मानना है कि पिछले 5 सालों में काफी चीजें बदल गई हैं। इसलिए इस बार सीटों के लिहाज से बीजेपी विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड बना सकती हैं। इसके पीछे उन्होंने भाजपा और कॉन्ग्रेस के बीच मुकाबले में आम आदमी पार्टी की एंट्री बताया।

सिद्धार्थ छाया कहते हैं, “साल 2017 के चुनावों में पाटिदार आंदोलन के बाद कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने के लिए बीजेपी ने 150 सीटों का यह लक्ष्य रखा था। अब तक गुजरात में कॉन्ग्रेस और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला होता रहा है। इस बार उस तरह की स्थिति नहीं है। AAP की मौजूदगी से बीजेपी विरोधी वोटों के बँटने की भी संभावना है और इसका सीधा फायदा भाजपा को मिलेगा।”

सिद्धार्थ के अनुसार इस चुनाव में AAP की भूमिका ‘वोटकटवा’ की है। वे कहते हैं, “सवाल यह नहीं है कि गुजरात का चुनाव कौन जीतेगा। बीजेपी की जीत तय है। कॉन्ग्रेस का दूसरे नंबर पर रहना भी तय है। सवाल यह है कि कॉन्ग्रेस को AAP कितना नुकसान पहुँचाएगी। यदि नुकसान ज्यादा हुआ तो बीजेपी 150 तक के अपने निर्धारित लक्ष्य तक भी पहुँच सकती है।”