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पंजाब में सर्वे करने गए थे पटवारी, किसानों ने गुस्से में बंधक बनाया: कहा- ‘हमारे पास पराली जलाने के सिवा कोई विकल्प नहीं, सरकार ठीक से काम नहीं करती’

फरीदकोट में पटवारी सुखदीप सिंह सोढ़ी पराली जलाए जाने की घटनाओं का सर्वे करने के लिए पहुँचे थे। इसके बाद, उन्होंने सर्वे रिपोर्ट तैयार करनी शुरू की थी। जहाँ, किसानों ने उन्हें घेर लिया और फिर उन्हें बंधक बना लिया गया

पंजाब के फरीदकोट जिले में पराली जलाए जाने की सूचना मिलने पर जाँच करने गए पटवारी को गाँव के किसानों ने बंधक बनाया है। एसडीएम से लेकर डीएसपी के पहुँचने के बाद भी पटवारी किसानों के कब्जे में हैं। किसानों ने पराली जलाने पर चालान न हो, इसका लिखित आश्वासन देने की माँग की है। साथ ही कहा है कि माँग पूरी होने के बाद ही पटवारी को छोड़ेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फरीदकोट के जीवन वाला गाँव में गुरुवार (3 नवंबर 2022) की सुबह 9 बजे नोडल अधिकारी की सूचना के बाद पटवारी सुखदीप सिंह सोढ़ी पराली जलाए जाने की घटनाओं का सर्वे करने के लिए पहुँचे थे। इसके बाद, उन्होंने सर्वे रिपोर्ट तैयार करनी शुरू की थी। जहाँ, किसानों ने उन्हें घेर लिया और फिर किसानों की संख्या बढ़ने लगी। यही नहीं, कुछ समय बाद किसान यूनियन के कुछ नेता भी वहाँ पहुँच गए जिसके बाद किसानों ने पटवारी को बंधक बना लिया।

पटवारी को बंधक बनाए जाने की सूचना मिलने पर ब्लाक खेतीबाड़ी अधिकारी डॉ. गुरप्रीत सिंह जीवन वाला गाँव पहुँचे और किसानों से बातचीत की। लेकिन किसानों का गुस्सा देखकर उन्होंने एसडीएम जय अमनदीप गोयल को सूचना दी जिसके बाद वह और डीएसपी कोटकपूरा भी वहाँ पहुँच गए।

तमाम अधिकारियों से बात होने के बाद भी किसानों ने पटवारी को छोड़ने से इनकार कर दिया। किसान नेताओं का कहना है कि वह अपनी माँगे पूरी होने तक पटवारी को नहीं छोड़ेंगे। मीडिया से बात करते हुए एक किसान ने कहा है, “एसडीएम ने वादा किया था कि मशीनें उपलब्ध कराई जाएँगी। लेकिन, कुछ भी नहीं किया गया। हम पराली जलाते हैं क्योंकि कोई दूसरा विकल्प नहीं है।”

वहीं, किसान नेताओं का कहना है कि सरकार द्वारा उचित प्रबंध न होने के कारण किसान पराली जलाने के लिए मजबूर हैं। सरकार अपना काम सही ढंग से करने की जगह किसानों की जमीनों को लाल लकीर में दर्ज करने की धमकी दे रही है। किसानों की माँग है कि गुरुवार को पटवारी द्वारा सर्वे कर दर्ज किए नामों व उससे पहले एक अन्य अधिकारी द्वारा किए गए सर्वे को रद्द किया जाए। साथ ही पराली जलाने पर चालान नहीं होगा इस बात का लिखित आश्वासन मिलने के बाद पटवारी को छोड़ दिया जाएगा।

इस मामले में फरीदकोट के तहसीलदार अनिल कुमार का कहना है “हमारे नोडल अधिकारी ने पराली जलाने की रिपोर्ट दी थी। इसका पता लगाने के लिए पटवारी यहाँ आए थे। इस बात की भनक ग्रामीणों को लग गई और उन्होंने उसे बंधक बना लिया। हम किसानों से उनकी रिहाई के लिए बात कर रहे हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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