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पाकिस्तानी बल्लेबाज को पछाड़ कर ‘सूर्य’ शिखर पर, T20 के No.1 बैट्समैन बने सूर्यकुमार यादव: बांग्लादेश को मात देकर वर्ल्ड कप के टॉप-4 में पहुँचा भारत

भारत के धमाकेदार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत न सिर्फ भारत को मैच जिताए हैं, बल्कि अब वह T-20 के ‘बॉस’ भी बन गए हैं। अपनी शानदार फॉर्म की बदौलत बुधवार (2 नवंबर, 2022) को जारी हुई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की नवीनतम टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज बन गए हैं।

सूर्यकुमार ने पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान को पछाड़कर शीर्ष स्थान हासिल किया। वह सिर्फ दूसरे भारतीय बल्लेबाज हैं जो टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग के शीर्ष पर पहुँचे हैं। 32 वर्षीय बल्लेबाज ने मौजूदा वर्ल्ड कप में नीदरलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक के बाद एक अर्धशतक जमाया है। वहीं सूर्यकुमार यादव ने बुधवार को बांग्लादेश के खिलाफ सुस्त भारतीय पारी में 16 गेंद में 30 रन बनाया और टीम को गति प्रदान की। बारिश से प्रभावित मैच में बांग्लादेश को 5 रनों से हरा कर भारत अब अपने ग्रुप में टॉप पर पहुँच चुका है।

पिछले साल मार्च में अपने अंतरराष्ट्रीय टी20 में पदार्पण के बाद से भारत की मिडिल बैटिंग आर्डर में उन्होंने जान फूँक दी है और उनकी नवीनतम उपलब्धि उनके उत्कृष्ट हालिया बल्लेबाज़ी का एक प्रतिबिंब है। हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उनकी अर्धशतकीय पारी वर्षों तक याद रखी जाएगी। भारत हालाँकि वह मैच हार गया, लेकिन मुश्किल विकेट पर उनके झन्नाटेदार शॉट को आखिर कौन क्रिकेट प्रेमी भूल सकता है ।

जारी रेटिंग के मुताबिक, पाकिस्तान के मोहम्मद रिजवान 842 अंक लेकर दूसरे नंबर पर हैं। दोनों के बीच 21 रेटिंग पॉइंट का डिफरेंस हैं। यानी, सूर्या रिजवान से 21 पॉइंट्स ऊपर हैं। न्यूजीलैंड के डेवोन कॉन्वे 792 पॉइंट के साथ तीसरे, पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम 780 पॉइंट के साथ चौथे और साउथ अफ्रीका के एडेन मार्करम 767 रेटिंग पॉइंट के साथ 5वें स्थान पर हैं।

सूर्यकुमार से पहले कोहली रह चके हैं नंबर वन

टी-20 इंटरनेशनल रैंकिंग में नंबर-1 पर पहुँचने वाले सूर्यकुमार यादव ओवरऑल 23वें और भारत के दूसरे खिलाड़ी हैं। सूर्यकुमार के अलावा कोहली भी भारत से नंबर-1 पर रह चुके हैं। वे सितंबर 2014 से दिसंबर 2017 तक 1013 दिनों तक लगातार पहले स्थान पर थे।

सूर्यकुमार ने भारत के लिए 37 टी20 मुकाबले खेलते हुए एक शतक और 11 अर्धशतक जड़े हैं। उन्होंने 13 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है। सूर्यकुमार मैदान के चारो तरफ शॉट लगाने की काबिलियत रखते हैं इसलिए उन्हें 360 डिग्री प्लेयर भी कहा जाता है ।

शास्त्री ने आईसीसी टी20 विश्व कप में बांग्लादेश के खिलाफ भारत की भिड़ंत से पहले एडिलेड में सूर्यकुमार की जमकर तारीफ। उन्होंने कहा , “वह खेल के तीनों प्रारूपों में खेल सकता है। आपको ऐसे खिलाड़ी नहीं मिलते हैं जो हर स्पॉट पर हिट कर सकते हैं, जैसे वह करता है। वह सचमुच गेंदबाज के लिए एक चुनौती है।”

कोहरे और धुंध में फँसी दिल्ली वालों की साँसें: पंजाब के मात्र 3 जिलों में 1 सप्ताह में पराली जलाने की 3700 घटनाएँ, NASA ने जारी की तस्वीरें

पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के कारण दिल्ली में धुंध और कोहरा बढ़ने लगा है और यहाँ की हवा जहरीली होती जा रही है। अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी ‘नासा’ (NASA) ने उपग्रह से ली गई तस्वीरों को साझा किया है, जिनमें पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में पराली जलाए जाने के कारण उन इलाकों में लाल रंग के निशान बने हैं।

इन तस्वीरों में पूर्वी पाकिस्तान से पूर्वी उत्तर प्रदेश तक सिंधु-गंगा के मैदान के विशाल क्षेत्रों में धुंध की एक परत दिखाई दे रही है। धुंध की यह परत पराली जलाए जाने के कारण बनी है।इसके कारण दिल्ली की हवा जहरीली बन गई है और वायु की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब में खेत में आग लगाने की वजह से दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब हो गई है। पराली जलाने के कारण पीएम 2.5 का प्रदूषण में हिस्सेदारी बढ़कर 26 प्रतिशत हो गई है, जो इस साल का सबसे ज्यादा है। मंगलवार (1 अक्टूबर 2022) को राष्ट्रीय राजधानी में सुबह AQI का स्तर 429 था, जो कि गंभीर श्रेणी में आता है। हालाँकि, बाद में थोड़ा सुधार देखा गया।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के एक विश्लेषण के अनुसार, पंजाब और हरियाणा में 1 नवम्बर से 15 नवम्बर के बीच पराली  जलाए जाने की घटनाएँ चरम पर होती हैं। इस दौरान राजधानी दिल्ली की हवा में सांस लेना मुश्किल होता है। पिछले हफ्ते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने कहा कि इस साल पंजाब में पराली जलाने की बढ़ती घटनाएँ ‘गंभीर चिंता का विषय’ हैं।

पंजाब के तरनतारन, अमृतसर और गुरदासपुर में 15 सितंबर से 22 अक्टूबर के बीच रिपोर्ट की गई लगभग 3,700 घटनाओं में से 60 प्रतिशत पराली जलाने की घटनाएँ हुईं। लुधियाना स्थित पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर ने बताया कि तरनतारन में पराली जलाने की 1,034 घटनाएँ दर्ज की गईं। अमृतसर में पराली जलाने की 895, गुरदासपुर में 324, पटियाला में 246, कपूरथला में 214, फिरोजपुर में 187, जालंधर में 169 और लुधियाना एवं अन्य जिलों में 131 घटनाएँ हुईं।

स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने कहा कि हवा की धीमी गति और रात में कम तापमान के कारण प्रदूषकों का संचय हो रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण 4 नवंबर से नमी की मात्रा बढ़ने तथा हवा की गति और कम होने के कारण अगले दो-तीन दिनों के बीच दिल्ली की वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में बनी रहेगी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, वायु की खराब गुणवत्ता के कारण दिल्ली में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर घातक प्रभाव पड़ता है। इसके कारण लोगों के श्वसन तंत्र, फेफड़ों, आँख और मस्तिष्क आदि में संक्रमण होने का खतरा रहता है। शिकागो विश्वविद्यालय (ई.पी.आई.सी.) के ऊर्जा नीति संस्थान द्वारा जून में जारी वायु गुणवत्ता जीवन सूचकांक (AQLI) के अनुसार, प्रदूषण के कारण दिल्लीवासियों का जीवन अवधि 10 साल तक घट जाती है।

‘पुराने कोल्डड्रिंक के विज्ञापन जैसा लग रहा’: 57वें जन्मदिन पर ‘पठान’ का टीजर रिलीज कर ट्रॉल हुए SRK, बोले लोग – हीरो नहीं, हीरो का दादा लग रहा

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान (Shahrukh Khan) के 57वें जन्मदिन (2 नवंबर, 2022) के मौके पर उनकी अपकमिंग फिल्म ‘पठान’ (Pathan) का टीजर रिलीज किया गया है। फिल्म के टीजर की शुरुआत होती है, “क्या जानते हो पठान के बारे में… तीन साल से उसकी कोई खबर नहीं, अपने लास्ट मिशन में वह पकड़ा गया, सुना है बहुत टॉर्चर किया गया उसे, पता नहीं कि पठान मर गया है या… इसके बाद शाहरुख बोलते हैं, “पठान जिंदा है।”

टीजर में शाहरुख के अलावा दीपिका पादुकोण और जॉन अब्राहम भी नजर आ र​हे हैं। टीजर के अंत में शाहरुख कहते हैं, “अपनी कुर्सी की पेटी बाँध लो, मौसम बिगड़ने वाला है।” हालाँकि, फिल्म का टीजर दर्शकों के गले नहीं उतरा। सोशल मीडिया पर ‘पठान’ के बॉयकाट की माँग की जा रही है।

फिल्म का टीजर देखने के बाद ट्विटर पर ‘Eray Mridula Cathe’ नाम के यूजर ने लिखा, “पठान का टीजर पुराने कोल्ड ड्रिंक का विज्ञापन लगता है। बॉलीवुड का एक और घटिया डब। लेकिन ठीक है, आपके पास फेक प्रचार के लिए दुनिया का सबसे महँगा पीआर, रिटर्न फेवर और बूटलिकर्स हैं। हताश पीआर ऐसे लोगों से ज्यादा एंटरटेनिंग हैं।”

एक और यूजर ने लिखा, “57 साल का होकर अभी भी हीरो की भूमिका निभाना चाहता है। भाई हीरो का दादा है तू, अब कितना डिजिटल रीमिक्स कर लो… बुड्ढा हो गया अब ‘पठान’।”

‘बॉलीवुड रत्न’ नाम के ट्विटर हैंडल से लिखा गया, “यशराज फिल्म्स ने आखिरी बार हिंदू विरोधी ‘शमशेरा’ फिल्म को बड़ी ही बेशर्मी से रिलीज किया था। वह सुपर फ्लॉप थी। इसके बाद अब यह ‘पठान’ रिलीज कर रही है।”

बता दें कि ‘पठान’ को सिद्धार्थ आनंद ने डायरेक्ट किया है और आदित्य चोपड़ा ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म अगले साल जनवरी में हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषा में रिलीज होगी। इसमें शाहरुख और जॉन अब्राहम की जबरदस्त फाइटिंग दिखाई गई है।

आसिम ने 3 साथियों संग अपने ही जीजा का ‘सर तन से जुदा’ करने का किया प्रयास, धारदार हथियार से गर्दन पर वार: चारों फरार, मायके में रह रही बीवी ने भी दी थी धमकी

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक साले द्वारा अपने जीजा का सिर तन से जुदा किए जाने के प्रयास का मामला सामने आया है। हमले में इस्तिखार नाम का पीड़ित बुरी तरह से घायल हो गया है, जिसका गंभीर अवस्था में इलाज चल रहा है। इस घटना के मुख्य आरोपित का नाम आसिम है। हमले में आसिम के 3 अन्य साथी भी शामिल बताए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि आरोपित साला अपने जीजा से पारिवारिक कारणों से नाराज रहता था। घटना सोमवार (31 अक्टूबर 2022) की है।

मामला बहसूमा थानाक्षेत्र के गाँव शेखपुरा कलंदर कला का है। यहाँ पर पीड़ित इस्तिखार की माँ जरीना ने पुलिस ने शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत के मुताबिक, घटना के दिन उनका बेटा शौच के लिए रामराज नहर पर गया था। इस दौरान वहाँ आसिम, शाहबाज़, शाहरुख़ और निसार पहुँच गए। आरोपित असीम आसिफ, इस्तिखार का साला बताया गया है। जरीन ने आगे लिखा कि सभी हमलावरों ने उनके बेटे की गर्दन पर धारदार हथियार से वार किया जिस से इस्तिखार बुरी तरह से घायल हो गया।

अपनी शिकायत में जरीना ने बताया है कि बुरी तरह से घायल हालात में उनका बेटा घर पहुँचा। घर में उसने बताया कि आरोपितों ने जाते-जाते मार डालने की भी धमकी दी है। FIR में हमले की वजह को पुरानी रंजिश बताई गई है। जरीना ने सभी आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। पुलिस ने जरीना की शिकायत पर चारों आरोपितों के खिलाफ IPC की धारा 307 के तहत केस दर्ज कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ित इस्तिखार का 3 वर्षों से अपनी ससुराल से झगड़ा चल रहा है। उसकी पत्नी अपने मायके बिजनौर के अफजलगढ़ जिले में रहती है। आरोप है कि एक माह पहले पीड़ित की पत्नी रुबीना ने इस्तिखार को कभी चैन से न रहने देने की धमकी भी दी थी। बताया जा रहा है कि हमले में बुरी तरह से घायल इस्तिखार का इलाज मेरठ जिला अस्पताल में चल रहा है, जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि पुलिस कार्रवाई से डर कर सभी आरोपित घर से फरार चल रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

‘मंत्री सत्येंद्र जैन ने मुझसे वसूली ₹10 करोड़ प्रोटेक्शन मनी’: दिल्ली के LG ने कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव को भेजा सुकेश का पत्र, इसमें AAP को ₹50 Cr देने की बात भी

महाठग सुकेश चंद्रशेखर (Sukesh Chandrashekhar) ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल में बंद दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) को लेकर सनसनीखेज दावा किया था। उसने दिल्ली के उप-राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर बताया था कि जैन उससे मिलने तिहाड़ जेल में आते थे और ‘प्रोटेक्शन मनी’ के तौर पर उससे 10 करोड़ रुपए लिए थे। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पत्र को दिल्ली के उप-राज्यपाल वी के सक्सेना ने कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव को भेज दिया था।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उप-राज्यपाल ने पत्र का संज्ञान लिया है। अधिकारी ने बताया, “हमने उस पत्र को आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए 18 अक्टूबर को दिल्ली के मुख्य सचिव को भेज दिया था।” वर्तमान में दिल्ली की मंडोली जेल में बंद चंद्रशेखर ने 10 अक्टूबर को उप-राज्यपाल को लिखा था और दावा किया था कि उन्होंने न केवल जैन को, बल्कि आम आदमी पार्टी को भी 50 करोड़ रुपये का भुगतान किया क्योंकि उसे दक्षिण भारत में पार्टी में एक महत्वपूर्ण पद देने का वादा किया गया था। ।

महाठग के लिखा था, “2017 में मेरी गिरफ्तारी के बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल में कई बार सत्येंद्र जैन मुझसे मिलने आए थे।” सुकेश चंद्रशेखर ने पत्र में लिखा है कि 2019 में सत्येंद्र के पीए ने उसे जेल के अंदर सभी बुनियादी सुविधाएँ प्राप्त करने के लिए प्रोटेक्शन राशि के रूप में हर महीने 2 करोड़ रुपए देने को कहा था। उस वक्त जैन के पास जेल विभाग का जिम्मा था। बताया जा रहा है कि जेल में बैठकर लिखे गए इस पत्र को सुकेश ने अपने वकील अनंत मलिक के जरिए भेजा था।

बता दें कि जब सुकेश ने सत्येन्द्र जैन को कथित तौर पर 10 करोड़ रुपए प्रोटेक्शन मनी के तौर देने की बात कही है, वह उस वक्त तिहाड़ की रोहिणी जेल में बंद था। उसने वहाँ जमकर करोड़ों रुपये रिश्वत के तौर पर खर्च किए। इसी वजह से जेल के एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 82 अफसरों और कर्मचारियों पर गाज गिरी थी।

आरोप है कि सुकेश ने एक करोड़ रुपए महीना देकर जेल के अंदर मौजूद पूरे स्टाफ और जेलर को भी अपनी सेवा में लगा रखा था। वो 12 महीनों तक रोहिणी जेल में बंद था और और तब तक वो जेल को 12 करोड़ रुपए रिश्वत के तौर पर दे चुका था। इस पूरे खेल में रोहिणी जेल के 82 अफसर और कर्मचारी शामिल थे। सुकेश को इस साल अगस्त में तिहाड़ से दिल्ली की मंडोली जेल में स्थानांतरित किया गया था, क्योंकि उसने दावा किया था कि उसे तिहाड़ जेल के अंदर जान से मारने की धमकी मिली है।

अवैध खनन मामले में झारखंड के CM हेमंत सोरेन से पूछताछ करेगी ED, पेश होने के लिए भेजा नोटिस: अन्य आरोपितों के पास से मिल चुका है AK-47 और जलपोत

अवैध खनन मामले (Illegal Mining Case) में पूछताछ के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Jharkhand CM Hemant Soren) को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने समन जारी किया है। ED ने मुख्यमंत्री सोरेन को राजधानी राँची में गुरुवार (3 नवंबर 2022) को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है।

इसी मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने पहले हेमंत सोरेन के राजनीतिक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच झारखंड के साहिबगंज के बरहरवा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया है। इसमें पंकज मिश्रा और अन्य को नामजद किया गया है।

इस मामले में शंभू नंदन कुमार ने आरोप लगाया था कि 22 जून 2020 को मिश्रा ने बरहरवा टोल के एक निविदा प्रक्रिया में भाग लेने पर धमकी दी गई थी। शंभू ने आरोप लगाया था कि मिश्रा ने उन्हें फोन पर निविदा प्रक्रिया में ‘भाग नहीं लेने’ के लिए कहा था। जब उन्होंने इनकार किया तो मिश्रा के इशारे पर भीड़ ने उन पर हमला किया था।

ED के एक अधिकारी ने बताया, सीएम सोरेन के सहयोगी पंकज मिश्रा के खिलाफ जाँच के दौरान कुछ तथ्य सामने आए हैं, जिनकी पुष्टि किए जाने की जरूरत है। इसी को लेकर सीएम सोरेन को बुलाया गया है। सोरेन से जो सवाल पूछे जाएँगे, वह मिश्रा के कब्जे से मिले उनके हस्ताक्षरित चेक को लेकर होगा।

ED ने अपनी जाँच के तहत अब तक 47 तलाशी ली है। एजेंसी ने कहा कि इस मामले में अब तक 100 करोड़ रुपए से अधिक की अपराध की आय का पता लगा है। ED ने कई स्टोन क्रशर और ट्रकों के अलावा 5.34 करोड़ रुपए नकद, 50 बैंक खातों में पड़े 13.32 करोड़ रुपए और 30 करोड़ रुपए मूल्य के एक अंतर्देशीय पोत को जब्त किया है।

वहीं, मामले के एक अन्य आरोपित प्रेम प्रकाश के परिसरों की तलाशी के दौरान दो AK-47 राइफल, 60 राउंड गोला बारूद और पुलिस के कपड़े मिले थे। ED के मुताबिक, प्रेम प्रकाश के कर्मचारी अनिल झा ने 24 मई 2022 को एक बयान में कहा था कि वह प्रेम प्रकाश के लिए 10 लाख रुपए से लेकर 5 करोड़ रुपए तक की नकदी एक स्थान से दूसरे स्थान पर लेकर आता-जाता था और प्रेम प्रकाश को सौंप देता था।”

ED ने विकास दुबे की ₹10 करोड़ की संपत्ति जब्त की, यूपी पुलिस के साथ एनकाउंटर में मारा गया था खूँखार अपराधी: मनी लॉन्ड्रिंग के तहत 28 संपत्तियाँ कुर्क

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) के गैंग पर कड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने विकास दुबे और उसके साथियों की 10.12 करोड़ रुपए की 28 अचल संपत्तियाँ कुर्क की हैं। बताया जा रहा है कि यह संपत्ति विकास दुबे और उसके सहयोगियों द्वारा अपराधिक गतिविधियों के जरिए कमाई थी। इनकी संपत्ति धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत कुर्क की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईडी ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के चौबेपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर दुबे के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच शुरू की थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार (2 नवंबर 2022) को बताया कि कानपुर और लखनऊ में स्थित कुल 28 अचल संपत्तियों को कुर्क करने के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत एक अस्थायी आदेश जारी किया गया।

ईडी की जाँच में सामने आया है कि कुल 10.12 करोड़ रुपए की ये संपत्तियाँ विकास दुबे, उसके परिवार के सदस्यों और सहयोगी जयकांत बाजपेयी व उसके परिवार के सदस्यों के अलावा गैंगस्टर के अन्य सहयोगियों के नाम पर है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश के कानपुर एनकाउंटर में 8 पुलिसकर्मियों की बेरहमी से हत्या करने वाले विकास दुबे को जुलाई 2020 में उज्जैन से गिरफ्तार किया गया था। बाद में यूपी लाते समय कानपुर के नजदीक फरार होने की कोशिश में वह मारा गया था। विकास दुबे ने कई ऐसी खूँखार वारदातों को अंजाम दिया था, जिसको याद करके आज भी कानपुर के लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। कानपुर के लोग विकास दुबे को गुनाह और दरिंदगी का दूसरा चेहरा मानते हैं।

विकास दुबे ने स्कूल में पढ़ते समय ही वहाँ के प्रिंसिपल की बर्बरतापूर्ण हत्या कर दी थी। एक बार उसने कानपुर थाने के अंदर 5 सब इंस्पेक्टर और 25 सिपाही के सामने एक दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री को गोलियों से भून दिया था।

11 साल की हिन्दू बच्ची का 6 महीने से रेप कर रहा था 3 बच्चों का अब्बा साजिद, मूल रूप से मेवात का है रहने वाला: बोले हिन्दू संगठन – फाँसी दो

हरियाणा के फरीदाबाद में एक नाबालिग लड़की से रेप का मामला सामने आया है। पीड़िता की उम्र 11 साल है जो क्लास 4 की छात्रा है। आरोपित का नाम साजिद है, जो मूल रूप से मेवात का रहने वाला बताया जा रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक लगभग 32 साल का साजिद शादीशुदा होने के साथ 3 बच्चों का पिता भी है। पुलिस ने FIR दर्ज कर के साजिद को गिरफ्तार कर लिया है। घटना की FIR सोमवार (31 अक्टूबर 2022) को दर्ज हुई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला फरीदाबाद के सेक्टर 58 थाना क्षेत्र का है। यहाँ पर 11 वर्षीया पीड़िता अपने 5 भाई बहनों और पिता के साथ रहती है। बच्ची की माँ का पहले ही देहांत हो चुका है। आरोपित साजिद पीड़िता के पड़ोस में रहता है और वेल्डिंग का काम करता है। आरोप है कि वो लड़की से लगभग 6 माह से दुष्कर्म करता आ रहा था। शिकायत में साजिद पर आरोप है कि उसने पीड़िता को कुछ खाने का लालच दे कर अपने घर बुलाया था और रेप किया था। बाद में उसने लड़की को धमका कर लगातार 6 माह तक उसका यौन शोषण किया।

बताया जा रहा है कि साजिद के लगातार यौन शोषण से पीड़िता गर्भवती हो गई। लड़की की दादी को जब शरीर में हो रहे बदलाव से शक हुआ, तब उन्होंने पीड़िता से पूछताछ की। बाद में सारा राज खुल गया। पीड़िता के परिजनों ने इसके बारे में जब आरोपित साजिद से बात करनी चाही तब वो परिजनों को धक्का दे कर भाग निकला। बाद में इसकी शिकायत पुलिस में की गई। फरीदाबाद की सेक्टर 65 क्राइम ब्रान्च और महिला थाना पुलिस ने आरोपित साजिद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक साजिद पर IPC की धारा 506 और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

पीड़िता के परिजनों और पड़ोसियों ने मीडिया से बात करते हुए साजिद की करतूतों के बारे में बताया। हिन्दू संगठनों और पीड़िता के परिजनों ने आरोपित को फाँसी की सजा देने की माँग की है।

इस घटना पर फरीदाबाद के हिन्दू संगठनों ने आक्रोश जताया है। ऑपइंडिया से बात करते हुए फरीदाबाद निवासी ‘गौरक्षा बजरंग फ़ोर्स’ के बिट्टू बजरंगी ने बताया कि वो पीड़ित परिवार के साथ मिल कर आरोपित को गिरफ्तार करवाने के लिए लगातार संघर्ष करते रहे। बिट्टू बजरंगी ने ये भी कहा कि हालाँकि साजिद गिरफ्तार हो चुका है लेकिन उसको जल्द बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा, भले ही उसके खिलाफ हाईकोर्ट तक लड़ाई लड़नी पड़े।

‘मोरबी पुल का ढहना भगवान की इच्छा थी’ – ये कहने वाले ओरेवा मैनेजर समेत 9 कस्टडी में भेजे गए, वकीलों का फैसला – नहीं लड़ेंगे आरोपितों का केस

गुजरात के मोरबी पुल हादसे में गिरफ्तार किए गए 9 लोगों का कोई भी स्थानीय वकील केस नहीं लड़ेगा। ‘मोरबी बार एसोसिएशन’ और ‘राजकोट बार एसोसिएशन’ ने इन लोगों का मामला हाथ में नहीं लेने और अदालत में उनका प्रतिनिधित्व नहीं करने का फैसला लिया है। ‘मोरबी बार एसोसिएशन’ के सीनियर एडवोकेट एसी प्रजापति ने बताया कि ओरेवा कंपनी के 9 आरोपित मोरबी ब्रिज हादसे में गिरफ्तार किए गए हैं। दोनों बार एसोसिएशनों ने यह प्रस्ताव पारित किया है कि कोई भी वकील इनका मामला हाथ में नहीं लेगा।

गुजरात के मोरबी हादसे की जाँच कर रहे पुलिस उपाधीक्षक (DSP) पीए झाला ने पुल के ढहने का सबसे बड़ा कारण केबल में जंग का लगना बताया है। उन्होंने मंगलवार (1 नवंबर, 2022) को स्थानीय अदालत में आरोप लगाया कि खराब रखरखाव के कारण पुल टूट गया। पुल के केबलों में जंग लग गया था। उन्होंने कहा कि अगर केबलों की मरम्मत की जाती, तो यह घटना नहीं होती। वहीं, आईओ का कहना है कि केवल पुल का फर्श बदला गया था, केबल नहीं बदला गया।

मोरबी कोर्ट ने इस हादसे के जिम्मेदार 4 आरोपितों को 5 नवंबर 2022 तक पुलिस हिरासत में और अन्य 5 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। एडवोकेट एचएस पांचाल ने बताया कि जिन 4 लोगों को पुलिस हिरासत में भेजा गया था, उनमें से 2 ओरेवा कंपनी में मैनेजर हैं और 2 अन्य ने पुल के निर्माण का काम किया था। न्यायिक हिरासत में भेजे गए 5 अन्य सुरक्षाकर्मी और टिकट विक्रेता हैं।

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, डीएसपी झाला ने नौ में से चार आरोपितों की 10 दिन की रिमांड की माँग करते हुए अदालत में कहा था कि सरकार की मंजूरी के बिना 26 अक्टूबर, 2022 को पुल खोला गया था, वह भी बिना किसी सुरक्षा और लाइफगार्ड को तैनात किए। वहीं पुल का रखरखाव करने वाली ओरेवा कंपनी के मैनेजर ने अपना पल्ला झाड़ते हुए अदालत में कहा था कि इस हादसे के लिए कंपनी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।

उसका कहना है कि यह दुखद घटना भगवान की मर्जी से हुई थी। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट और एडिशनल सीनियर सिविल जज एमजे खान की अदालत के समक्ष दीपक पारेख ने कहा कि भगवान की इच्छा से इतना दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ है। पारेख उन नौ लोगों में से एक हैं, जिसे इस हादसे के बाद गिरफ्तार किया गया है।

झाला ने आईई के हवाले से कहा, “रखरखाव और मरम्मत के हिस्से के रूप में केवल प्लेटफॉर्म (डेक) को बदला गया था। गाँधीनगर से आई एक टीम द्वारा एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की रिपोर्ट में बताया गया है कि पुल में मरम्मत का कोई अन्य काम नहीं किया गया था।”

झाला ने अपनी बात को समझाते हुए कहा, “पुल एक केबल पर था, जिस पर कोई तेल या ग्रीसिंग नहीं नहीं लगाई गई थी। जहाँ से केबल टूटी उस जगह पर जंग लगा हुआ था। यदि केबल पर ध्यान दिया गया होता तो यह घटना नहीं होती। क्या काम और कैसे किया गया, इसका कोई दस्तावेज भी नहीं रखा गया है।” डीएसपी ने आगे बताया कि पुल बनाने के लिए इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता की जाँच की गई या नहीं, उसके बारे में पूछताछ की जानी बाकी है।

बता दें कि पुल के रखरखाव और मरम्मत का काम देखने वाली ओरेवा कंपनी का जनवरी, 2020 का एक पत्र सामने आया है। यह पत्र ओरेवा ग्रुप ने मोरबी के जिला कलेक्टर को जनवरी 2020 में लिखा था। पत्र में कहा गया है, “हम केवल अस्थायी मरम्मत करके पुल को फिर से खोल रहे हैं।” हालाँकि इस पत्र में ऐसी चीजें सामने आई हैं, जिनसे पता चलता है कि पुल के ठेके को लेकर कंपनी ने अपनी शर्तें रखी थीं। पत्र से पता चलता है कि ओरेवा ग्रुप पुल के रखरखाव के लिए एक स्थायी अनुबंध चाहता था।

भगवान विष्णु जा रहे थे ‘स्नान’ करने, 5 घंटे बंद रहा केरल का हवाई अड्डा: 5 घंटे तक रुकी रही फ्लाइट सेवाएँ, एयरपोर्ट बनने से पहले से चली आ रही है परंपरा

केरल को यूँ ही ‘गॉड्स ओन कंट्री’ नहीं कहा जाता है। यहाँ के प्राचीनतम मंदिर तो खैर इस बात की गवाही देते भी हैं, लेकिन राज्य के हिन्दू भी अपनी आस्था को लेकर काफी सजग हैं। सरकार किसी की भी हो, लेकिन परम्परा को हमेशा निभाया जाता है। इसी क्रम में तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ने ‘भगवान विष्णु को स्नान कराने’ के लिए रनवे से गुजरने वाले जुलूस के कारण मंगलवार (1 नवंबर, 2022) दोपहर को पाँच घंटे के लिए अपनी उड़ान सेवाओं को रोका।

हवाई अड्डा मशहूर पद्मनाभ स्वामी मंदिर की सदियों पुरानी इस परंपरा के लिए हर साल दो बार अपनी उड़ानों के कार्यक्रम में परिवर्तन करता है। मंदिर का यह जुलूस यहाँ रनवे के पास से गुजरता है। मंदिर के ‘अरट्टू’ जुलूस के साथ ही मंगलवार को अलपसी उत्सव संपन्न हो गया। हवाई अड्डा प्राधिकारियों ने बताया पहले बताया था कि उड़ान सेवाएँ शाम चार बजे से रात नौ बजे तक 5 घंटे के लिए निलंबित रहेंगी।

‘पंजाब केसरी’ की रिपोर्ट के अनुसार, हवाई अड्डे के सूत्रों ने बताया कि तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयर अरबिया सहित प्रमुख विमान वाहकों की कम से कम 10 उड़ानें रद्द कर दी गईं, क्योंकि सेवाएँ शाम चार बजे से रात नौ बजे तक ठप रहीं। इस परंपरा के लिए हवाई अड्डे को बंद करने की यह प्रथा दशकों से चली आ रही है और पिछले साल अडाणी समूह द्वारा इस हवाई अड्डे का प्रबंधन अपने हाथ में लेने के बावजूद भी यह रुकी नहीं है।

हवाई अड्डा प्रबंधन ने यहां एक बयान में कहा था, “अलपसी अरट्टू जुलूस के तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे से गुजरने के लिए श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर की सदियों पुरानी परंपरा के सुचारू संचालन के लिए उड़ान सेवाएं एक नवंबर 2022 को शाम चार बजे से रात नौ बजे तक स्थगित रहेंगी।”

रनवे के समीप अरट्टू मंडपम है, जहाँ मंदिर की प्रतिमाओं को जुलूस के दौरान एक रस्म के तौर पर कुछ देर के लिए रखा जाता है। मंदिर की परंपरा के अनुसार, मंदिर के देवताओं की प्रतिमाओं को साल में दो बार स्नान के लिए समुद्र में ले जाया जाता है जो हवाई अड्डे के पीछे है। 1992 में हवाईअड्डे के बनने से पहले से ही यह जुलूस इस मार्ग से गुजरता रहा है।