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‘छठ ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का उदाहरण, विदेशों में भी मनाया जा रहा पर्व’: बोले PM मोदी – सूर्य उपासना समझाता है उनके प्रकाश का महत्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (30 अक्टूबर, 2022) को ‘मन की बात’ के 94वें संस्करण को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज देश के कई हिस्सों में सूर्य उपासना का महापर्व छठ मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि छठ पर्व का हिस्सा बनने के लिए लाखों श्रद्धालु अपने गाँव, अपने घर, अपने परिवार के बीच पहुँचे हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि छठी मैया सबकी समृद्धि, सबके कल्याण का आशीर्वाद दें। बता दें कि रविवार को छठ के संध्या अर्घ्य का दिन है।

पीएम मोदी ने कहा कि सूर्य उपासना की परंपरा इस बात का प्रमाण है कि हमारी संस्कृति, हमारी आस्था का, प्रकृति से कितना गहरा जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि इस पूजा के जरिए हमारे जीवन में सूर्य के प्रकाश का महत्व समझाया गया है, और साथ ही ये सन्देश भी दिया गया है कि उतार-चढ़ाव, जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने ये भी कहा कि छठ का पर्व ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का भी उदाहरण है। पीएम मोदी ने ध्यान दिलाया कि कैसे आज बिहार और पूर्वांचल के लोग देश के जिस भी कोने में हैं, वहां धूमधाम से छठ का आयोजन हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली, मुंबई समेत महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों और गुजरात के कई हिस्सों में छठ का बड़े पैमाने पर आयोजन होने लगा है। बकौल पीएम मोदी, पहले गुजरात में उतनी छठ पूजा नहीं होती थी, लेकिन समय के साथ आज करीब-करीब पूरे गुजरात में छठ पूजा के रंग नजर आने लगे हैं। उन्होंने बताया कि ये देखकर उन्हें भी बहुत खुशी होती है। पीएम ने बताया कि कैसे आजकल हम देखते हैं, विदेशों से भी छठ पूजा की कितनी भव्य तस्वीरें आती हैं।

पीएम मोदी ने कहा, “सूर्य देव का ये वरदान है – ‘सौर ऊर्जा’। Solar Energy आज एक ऐसा विषय है, जिसमें पूरी दुनिया अपना भविष्य देख रही है और भारत के लिए तो सूर्य देव सदियों से उपासना ही नहीं, जीवन पद्धति के भी केंद्र में रह रहे हैं। भारत, आज अपने पारंपरिक अनुभवों को आधुनिक विज्ञान से जोड़ रहा है, तभी, आज हम, सौर ऊर्जा से बिजली बनाने वाले सबसे बड़े देशों में शामिल हो गए हैं। सौर ऊर्जा से कैसे हमारे देश के गरीब और मध्यम वर्ग के जीवन में बदलाव आ रहा है, वो भी अध्ययन का विषय है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा कि आपने कुछ दिन पहले, देश के पहले सूर्य ग्राम- गुजरात के मोढेरा की खूब चर्चा सुनी होगी। उन्होंने जानकारी दी कि मोढेरा सूर्य ग्राम के ज्यादातर घर, सोलर पावर से बिजली पैदा करने लगे हैं और अब वहाँ के कई घरों में महीने के आखिर में बिजली का बिल नहीं आ रहा, बल्कि, बिजली से कमाई का चेक आ रहा है। उन्होंने बताया कि हमारा देश, Solar Sector के साथ ही अंतरिक्ष सेक्टर में भी कमाल कर रहा है। पूरी दुनिया, आज भारत की उपलब्धियाँ देखकर हैरान है।”

पीएम मोदी ने कहा, “भारत ने एक साथ 36 Satellites को अंतरिक्ष में स्थापित किया है। दीपावली से ठीक एक दिन पहले मिली ये सफलता एक प्रकार से ये हमारे युवाओं की तरफ से देश को एक स्पेशल दिवाली गिफ्ट है। मुझे वो पुराना समय भी याद आ रहा है, जब भारत को Cryogenic Rocket Technology देने से मना कर दिया गया था। लेकिन भारत के वैज्ञानिकों ने ना सिर्फ स्वदेशी तकनीक विकसित की बल्कि आज इसकी मदद से एक साथ दर्जनों सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में भेज रहा है।”

जावेद-राशिद के निकाह में रसगुल्ले पर दंगा: आरिफ ने सनी के सीने में चमचा घोंपा, 1 की मौत, 35 घायल; Video

उत्तर प्रदेश के आगरा में एक निकाह के दौरान रसगुल्ले के लिए बारातियों और घरातियों के बीच हिंसा होने की खबर है। बताया जा रहा है कि इस हिंसा में एक व्यक्ति की हत्या हो गई है और 35 के करीब अन्य लोग घायल हो गए हैं। मृतक का नाम सनी है। पुलिस ने FIR दर्ज करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है और बाकियों की तलाश की जा रही है। हिंसा के बाद बारात बिना दुल्हन लौटी है। घटना 26-27 अक्टूबर 2022 रात की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला एत्मादपुर थानाक्षेत्र के मोहल्ला शेखान का है। यहाँ के उस्मान कुरैशी ने अपनी 2 बेटियों जैनब और शाज़िया का निकाह एक ही साथ विनायक भवन नाम के शादीघर में रखा था। यहाँ पर आगरा के ही खंदौली इलाके से बरात आई थी। दूल्हों के नाम जावेद और राशिद थे। निकाह की रस्म शुरू होने से पहले नाश्ते का दौर चला जिसमें एक बाराती ने घराती से रसगुल्ला माँगा। इस दौरान रसगुल्ला प्लेट के बजाए जमीन पर गिर पड़ा। बतया जा रहा है कि बाद में रसगुल्ला दे रहे व्यक्ति ने बारातियों से लाईन में लग कर एक-एक कर के आने को कहा। इसी बात पर बाराती शाहरुख़ घराती से भिड़ गया।

कुछ ही देर की बाताकानी के बाद दोनों पक्षों से लोग जमा हो गए। बाद में माहौल हिंसक हो उठा तब दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर हमला बोल दिया। हमले में लाठी-डंडों का प्रयोग किया गया। बारात में मौजूद कुर्सियाँ और मेज एक-दूसरे पर फेंकी गईं। खाना बनाने में प्रयोग होने वाले चम्मच और कलछी को भी हथियार के तौर पर प्रयोग किया गया। कुछ ही देर में दूल्हा पक्ष के रसगुल्ले की माँग करने वाले शाहरुख़ समेत सनी, सानू, नाजिम, शाहिद और लाला घायल हो गए। इसमें सबसे ज्यादा चोट सनी को आई थी जिसे अस्पताल भेजा गया जहाँ उसने दम तोड़ दिया।

जानकारी के मुताबिक मृतक सनी दूल्हों का भतीजा था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुँच कर उपद्रव को शांत किया। मृतक पक्ष से तहरीर ली गई जिसमें घराती पक्ष के 9 हमलावरों को नामजद करते हुए कई अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया।

पुलिस ने तत्काल FIR दर्ज करते हुए घटना के मुख्य आरोपित आरिफ़ उर्फ़ टिल्लू को गिरफ्तार कर लिया है। उसे सतोली पुलिया के पास तब पकड़ा गया जब वो भागने की फिराक में था। आरिफ ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि उसके बेटे को पाइप से पीटा गया था जिसका बदला उसने सनी को चमचा मार कर लिया। चमचे के वार से सनी के दिल में छेद हो गया जो उसकी मौत की वजह बना।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में लोगों को एक दूसरे से दूल्हा-दुल्हन के स्टेज के आगे भी मैदान में भिड़ते देखा जा सकता है।

बताया जा रहा है कि इस विवाद के बाद निकाह को रोक दिया गया। बारात भी खाली लौट गई। दोनों दुल्हनों के अब्बा बेटियों के निकाह के लिए दूसरे लड़कों की तलाश करना शुरू कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि दुल्हनों के दोनों दूल्हों पर दहेज़ में कार भी माँगने का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में एक गिरफ्तारी की पुष्टि के साथ वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपितों की पहचान करने की और उसी अनुसार कार्रवाई करने की जानकारी दी है।

इराक में नई सरकार बनने के 2 दिन बाद राजधानी में धमाका: 10 की मौत, 20 घायल, अफरा-तफरी मची

इराक के पूर्वी बगदाद इलाके में शनिवार (29 अक्टूबर 2022) रात को फुटबॉल स्टेडियम और कैफे के नजदीक ब्लास्ट हुआ। घटना में 10 लोगों की मौत होने की खबर हैं। वहीं 20 से ज्यादा लोगों के घायल बताए जा रहे हैं।

विस्फोट के बाद की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें लोगों को इधर-उधर भागते देखा जा सकता है। कथिततौर पर एक गाड़ी में विस्फोट फटने से ऐसा हुआ। इसके बाद फुटबॉल मैदान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं उसमें खेल रहे लोग भी घायल हो गए।

सेना ने अपने बयान में बताया है कि पूर्वी बगदाद के गैरेज में रखे गैस टैंकर के फटने से मौतें हुईं। बाकी आगे मामले की जाँच की जा रही है। ब्लास्ट में आवासीय भवनों और फुटबॉल मैदान को भी नुकसान पहुँचा है।

उल्लेखनीय है कि इराक में यह घटना नई सरकार के गठन के 2 दिन बाद घटी है। इराकी संसद ने गुरुवार (27 अक्टूबर 2022) को प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी की अध्यक्षता में 21 सदस्यीय नए मंत्रिमंडल को अपनी मंजूरी दी थी।

उससे पहले इराक में 2 माह पहले अराजकता का माहौल था। लोग एक प्रभावशाली मौलवी मुक्तदा अल-सदर (Al-Sadar) के इस्तीफे के बाद भड़क उठे थे। राजधानी बगदाद (Baghdad) में जमकर विरोध-प्रदर्शन किया गया था। देखते ही देखते भारी हिंसा भड़की थी। 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

पहले पिलाई चाय, फिर बेहोश करके प्राइवेट पार्ट काट दिया: शामली के टेलर शहजाद ने दर्द से कराहते हुए 2 किन्नरों पर लगाया आरोप, FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक युवक ने किन्नरों पर अपना प्राइवेट पार्ट काट देने का आरोप लगाया है। पीड़ित का नाम शहज़ाद है जो शादीशुदा और बाल-बच्चेदार है। शहज़ाद का आरोप है कि उसकी जान पहचान किन्नरों से थी जिनके घर वो आता-जाता था। पुलिस ने 2 नामजद किन्नरों सहित 4 अज्ञात आरोपितों पर केस दर्ज कर लिया है। घटना बुधवार (26 अक्टूबर 2022) की है।

शहज़ाद ने अगले दिन 27 अक्टूबर 2022 को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। वह थानाभवन पुलिस स्टेशन क्षेत्र के गाँव सोंटा रसूलपुर का रहने वाला है। अपनी शिकायत में उसने किन्नर पिंकी और रेशमा को नामजद किया है। पिंकी का असली नाम ज़ब्बार और रेशमा का असली नाम कालू बताया जा रहा है। 4 अन्य आरोपित अज्ञात है। अपनी शिकायत में शहज़ाद ने बताया कि वह टेलर (दर्जी) का काम कर के अपना परिवार चलाता था। पीड़ित के परिवार में पत्नी के अलावा 3 बच्चे भी हैं जिसमें 1 बेटा और 2 बेटियाँ शामिल हैं।

शिकायत में शहज़ाद ने बताया कि उसकी जान पहचान आरोपित किन्नरों से थी। वो उनके घर आया-जाया करता था। दी गई शिकायत के अनुसार घटना के दिन आरोपित किन्नरों ने शहज़ाद को शामली में कपड़े खरीदने के बहाने अपने साथ गाड़ी में बिठा लिया। आरोप है कि आरोपितों ने रास्ते में चाय के बहाने शहज़ाद को नशीला पदार्थ पिला दिया जिस से वो बेसुध हो गया। शहज़ाद का कहना है कि इसी हालत में उसका गुप्तांग काट दिया गया। बाद में उसे दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर मौजूद किसी जगह ले जाया गया।

पीड़ित के अनुसार प्राइवेट पार्ट काट कर आरोपितों ने उसे दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर कहीं फेंक दिया। बाद में होश आने पर उसने खुद को थानाभवन सुगर मिल के आस-पास पाया। शहज़ाद ने पुलिस में शिकायत देते हुए आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। इस शिकायत पर पुलिस ने IPC की धारा 328 व 326 के तहत FIR दर्ज कर ली है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। एक वीडियो जारी कर के भी शहज़ाद ने इंसाफ की माँग की है।

151 की मौत, 150 घायल: दक्षिण कोरिया की हैलोवीन पार्टी में जुटे थे 1 लाख लोग, अचानक भगदड़ मची, कइयों को हार्ट-अटैक आया

दक्षिण कोरिया (South Korea) में हैलोवीन (Halloween) पार्टी के दौरान मची भगदड़ में लगभग 151 लोगों के मौत की खबर आ रही है। यह घटना तब हुई जब भीड़ एक तंग गली से गुजर रही थी। इसी भगदड़ में लगभग डेढ़ सौ लोग घायल भी हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है। राहत व बचाव कार्यों में लगे कोरियाई प्रशासन को अभी मृतकों की संख्या बढ़ने का अंदेशा है। घटना शनिवार (29 अक्टूवर 2022) की बताई जा रही है। भारत के विदेश मंत्री ने इस हादसे पर दुःख जताया है।

घटना दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल (Seoul) के इटावन क्षेत्र की है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में गलियों में बेसुध पड़े लोग दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा वहाँ अफरातफरी के माहौल के साथ प्रशासनिक अधिकारियों को लोगों की जान बचाने का प्रयास करते हुए भी देखा जा सकता है। बैकग्राउंड में तेज आवाज में म्यूजिक चल रहा है जो सम्भवतः हैलोवीन कार्यक्रम के दौरान बजाया जा रहा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोरियाई समय के रात लगभग 10 बजकर 20 मिनट पर भीड़ बढ़ने के चलते यह भगदड़ मची। गलियाँ तंग होने के चलते पुलिस को बचाव कार्यों में समस्या आई। आगे भगदड़ होने के बाद भी पीछे से भीड़ बढ़ती आ रही थी जिसके चलते स्थिति और विकट हुई। भीड़ में कई लोगों ने हैलोवीन की पोशाक पहन रखी थी। मृतकों और घायलों की पहचान कराने के प्रयास चल रहे हैं। भीड़ में अधिकतर युवा शामिल थे जिनकी उम्र 20 वर्ष के आस-पास बताई जा रही है।

2 वर्षों के बाद कोविड के प्रतिबंध हटने के बाद यह दक्षिण कोरिया का पहला बड़ा सामूहिक कार्यक्रम था। मौत की वजहों में दम घुटना और हार्ट अटैक जैसी वजहें सामने आना बताई जा रहीं हैं। माना जा रहा है कि हादसे के दौरान भीड़ में लगभग 1 लाख लोग मौजूद थे।

राष्ट्रपति यूं सुक-योल ने एक एमरजेंसी मीटिंग बुलाई और राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा की। स्थानीय पुलिस का कहना है कि वह घटना के कारणों की जाँच कर रही है। देश भर से 400 एमरजेंसी वर्कसर बुलाए गए हैं। 140 वाहन की मदद से पीड़ितों को संभव इलाज के लिए अस्पताल पहुँचाया जा रहा हैं। हालात ऐसे हैं कि कुछ अस्पताल जा पा रहे हैं और कुछ बीच में ही दम तोड़ रहे हैं।

भारत ने हादसे पर जताया दुःख

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस हादसे पर दुःख जताया है। 30 अक्टूबर 2022 को किए गए ट्वीट में उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए संवेदना प्रकट की है। इसी के साथ उन्होंने दुःख की इस घड़ी में भारत के कोरिया के साथ मजबूती से खड़े रहने का आश्वासन दिया है।

लखनऊ स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की टिकट अब 50 रुपए? : मोहम्मद जुबैर का झूठ फिर आया सामने, सिर्फ त्योहारों पर भीड़ रोकने के लिए बढ़े हैं दाम

केंद्र की मोदी सरकार और यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार को बदनाम करने में प्रोपेगेंडा वेबसाइट ऑल्टन्यूज का फैक्टचेकर मोहम्मद जुबैर कभी पीछे नहीं रहता। हाल में उसने अपने ट्विटर पर एक लखनऊ प्लेटफॉर्म टिकट की फोटो शेयर की है और दिखाया है कि लखनऊ जंक्शन पर प्लेटफॉर्म टिकट के नाम पर आपसे 100-100 रुपए वसूला जा रहा है।

वैसे इस फोटो को गौतम त्रिवेदी नाम के व्यक्ति द्वारा साझा किया गया था। उनके ट्वीट में लिखा था- लखनऊ जंक्शन की प्लेटफॉर्म टिकट। इसी ट्वीट को रीट्वीट करते हुए जुबैर ने लिखा- मुस्कुराइए आप लखनऊ में है।

जाहिर है जुबैर का ये तंज केवल प्लेटफॉर्म टिकट को लेकर नहीं था। वह टिकट पर छपा प्राइज दिखाना चाह रहा था। जिसमें 26 अक्टूबर 2022 को 2 लोगों के लिए खरीदी गई प्लेटफॉर्म टिकट 100 रुपए ली गई थी।

मोहम्मद जुबैर के झूठ का असर

इस ट्वीट के बाद कुछ लोग जुबैर की बात को ये कहकर योगी समर्थकों पर निशाना साधने लगे। शादाब ने लिखा, “क्यों मुस्कुराएँगे, देशहित में दाम बढ़े हैं, युवाओं में तो खुशियों की लहर होनी चाहिए, क्योंकि अभी हाल के दिनों में उन्होंने एग्जाम देने के लिए रेल का बहुत आनंद लिया है।”

मोहम्मद शफीक ने लिखा, “मुस्कुराइए आप नए भारत में जी रहे हैं। जहाँ प्लेटफॉर्म टिकट 10 रुपए से तरक्की करके 50 रुपए मिलने लगा है। मोदी जी की अगुवाई में देश में विकास की नहरें बह रही हैं।”

जुबैर का झूठ आया सामने

दिलचस्प बात ये है कि जुबैर के हर ट्वीट पर जहाँ मोदी विरोधी उसे फैक्ट देखे बिना समर्थन देने लग जाते हैं, वहीं सामान्य जन अब ये बात जान चुका है कि जुबैर की बातों पर बिना तथ्य देखे भरोसा नहीं करना। यही वजह है कि लोग फौरन उसका झूठ पकड़ लेते हैं।

इस बार भी ऐसा ही हुआ। जुबैर कुछ लोगों को बरगलाने में सफल रहा। लेकिन कुछ लोग उन्हें तुरंत बताने लगे कि ये 50 रुपए टिकट कोई हमेशा के लिए नहीं की गई। ये अस्थाई है। द हॉक आई ने लिखा प्लेटफॉर्म टिकट के दाम 30 से 50 रुपए  सिर्फ 26 अक्टूबर से 6 नवंबर के बीच बढ़े हैं ताकि दीवाली और छठ पूजा के मौके पर भीड़-भाड़ को रोका जा सके।

इसी तरह एक यूजर ने जुबैर से पूछा- हमेशा प्लेटफॉर्म पर ही रहते हो क्या मियाँ? एक ने कहा, “अगर योगी आदित्यनाथ ने ये ट्वीट देखा तो तुम जिंदगी भर दूसरों से पूछोगे कि मुस्कुराहट क्या होती है।”

26 अक्टूबर से 6 नवंबर तक बढ़ाए गए प्राइज

उल्लेखनीय है कि इस संबंध में 26 अक्टूबर को मीडिया में खबरें भी प्रकाशित हुई थीं। इसमें बताया गया था कि लखनऊ डिविजन में आने वाले 14 स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट 30 से 50 रुपए कर दी गई है। ऐसा 6 नवंबर तक रहेगा ताकि यात्री बिन भीड़ भाड़ के स्टेशन पर पहुँच सकें। इससे पहले 2 अक्टूबर को प्लेटफॉर्म टिकट का प्राइज 20 से 30 रुपए किया गया था।

जेल पर बाहर है मोहम्मद जुबैर

बता दें कि मोहम्मद जुबैर इस वक्त बेल पर जेल से निकला हुआ है। इसी वर्ष जून में उसे उसके पुराने ट्वीट के कारण गिरफ्तार किया गया था। उसके ऊपर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप थ। इसके बाद जुलाई में उसकी बेल हुई। 20 जुलाई को 20 हजार रुपए के बेल बॉन्ड पर रिहा किया था। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने उसे जमानत देने का अपना फैसला सुनाया था।

‘टीवी नेटवर्क के बाद अब सोशल मीडिया पर कब्ज़ा करेगी मोदी सरकार’: नए IT नियमों पर कपिल सिब्बल का फर्जी दावा, हो गया फैक्ट-चेक

केंद्र सरकार की नोडल एजेंसी प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने कॉन्ग्रेस नेता कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) के संशोधित आईटी नियमों को लेकर किए गए दावों को ‘फर्जी’ करार दिया है। विवादित बयानों के लिए मशहूर कपिल सिब्बल ने शनिवार (29 अक्टूबर, 2022) को मीडिया से बात करते हुए कहा था कि नए आईटी नियमों के तहत सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा।

दरअसल, कॉन्ग्रेस सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्री रहे कपिल सिब्बल ने संशोधित आईटी नियमों के लिए केंद्र सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि पहले मोदी सरकार ने टीवी नेटवर्क पर कब्जा कर लिया और अब वो सोशल मीडिया पर कब्जा करने वाले हैं।

उन्होंने यह भी कहा था, “हम एक आचार संहिता, एक राजनीतिक दल, एक शासन प्रणाली और किसी के भी प्रति जवाबदेह नहीं होने की ओर बढ़ रहे हैं।” उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि सोशल मीडिया सरकार के लिए सुरक्षित और दूसरों के लिए असुरक्षित रहे, यही मोदी सरकार की नीति है। आम नागरिकों के लिए एकमात्र मंच सोशल मीडिया बचा था। लेकिन, अब यहाँ भी अपमान जनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ भी मुकदमा चलेगा।

कपिल सिब्बल के इस बयान पर पीआईबी ने कहा है कि पूर्व सूचना एवं प्रसारण मंत्री कपिल सिब्बल द्वारा किया गया यह दावा पूरी तरह से निराधार है। आईटी नियमों में अभी किसी भी प्रकार का ऐसा संशोधन नहीं किया गया है, जिसमें अपमानजनक टिप्पणी करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान हो।

नए आईटी नियमों की बात करें तो केंद्र सरकार ने कहा है कि अब सभी विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भारतीय नियमों का पालन करना होगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स अब एल्गोरिथ्म की आड़ में मनमानी नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा यूजर्स को शिकायत के लिए एक व्यवस्था प्रदान की जाएगी। अभी तक यह नियम था कि अगर किसी सोशल मीडिया यूजर का कंटेंट या अकाउंट ब्लॉक हुआ तो वह यूजर कहीं अपील नहीं कर सकता था। लेकिन अब इन कंपनियों को एक यूजर की शिकायत के लिए समिति बनानी होगी। इस समिति में सोशल मीडिया यूजर्स अपना पक्ष रख सकेंगे।

नए नियम के अनुसार, सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को 90 दिनों के अंदर शिकायत की अपील के लिए पैनल बनाना होगा। साथ ही संवेदनशील कंटेंट पर 24 घंटे में एक्शन लेना होगा और किसी अन्य शिकायत पर 15 दिनों के अंदर एक्शन लेना होगा, जिससे आपत्तिजनक कंटेंट वायरल नहीं हो सके।

बच्ची को गोद लेकर उसके साथ बलात्कार कर रहा था बिस्मिल्ला कॉलोनी का 55 वर्षीय पप्पू, यूपी पुलिस ने पॉक्सो के तहत दर्ज किया मामला: बहू ने रंगे हाथों पकड़ा

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक सौतेले पिता द्वारा 10 वर्षीय मासूम के साथ बीते दो साल से बलात्कार का मामला सामने आया है। कुछ दिनों पहले आरोपित की बहू ने उसे मासूम बच्ची के साथ गलत हरकत करते देखा था। इसके बाद उसने मामले की शिकायत पुलिस से की थी। हालाँकि, कोई कार्रवाई न होने के बाद भाजपा नेता की शिकायत के बाद पुलिस ने पाक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अलीगढ़ के क्वार्सी थाना क्षेत्र अंतर्गत रहने वाला पप्पू करीब सात साल पहले पीड़िता को एक भट्ठे से उठाकर घर ले आया था। पीड़िता का कहना है कि उसके वास्तविक माता-पिता उसी भट्टे में काम करते थे। आरोपित जब उसे उठाकर अपने घर ले आया था, तब से ही पीड़ित बच्ची उसे पिता बोलती थी। मासूम जब करीब 8 साल की हो गई तब पप्पू की नीयत बदल गई और वह मासूम का यौन शोषण करने लगा।

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपित उसका सौतेला पिता पप्पू उसके साथ हो रही घटना के बारे में किसी को बताने से मना करता था और बताने पर जान से मारने की धमकी देता था। रिपोर्ट के अनुसार, बीते दिनों आरोपित पप्पू मासूम बच्ची के साथ गलत हरकत कर रहा था। तभी, आरोपित के बेटे की पत्नी वहाँ पहुँच गई और उसने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी आसपास के लोगों को दी।

भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष धर्मवीर सिंह लोधी व उपाध्यक्ष सौरभ चौधरी का कहना है कि नगला पटवारी चौकी इंचार्ज को इस पूरे मामले की जानकारी थी। लेकिन, इसके बाद भी उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया है कि चौकी इंचार्ज ने महिला कांस्टेबल की उपस्थिति के बिना ही बच्ची को चौकी बुलाकर पूछताछ की थी।

धर्मवीर सिंह लोधी ने कहा है कि इसके बाद उन्होंने शुक्रवार (28 अक्टूबर 2023) को सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय से मुलाकात कर आरोपित पर कार्रवाई की माँग की। जिसके बाद उनके आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा पीड़िता और उसकी भाभी की सहमति से दर्ज हुआ है। इस मामले पर, इंस्पेक्टर पंकज कुमार मिश्रा का कहना है कि आरोपित पप्पू के खिलाफ पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़िता किशोरी का मेडिकल कराया गया है अब धारा 164 के तहत बयान कराए जाएँगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।

2024 में BJP के टिकट पर मंडी से ताल ठोकेंगी कंगना रनौत? कहा – लोगों की सेवा के लिए तैयार हूँ, पिता सुबह-शाम बोलते हैं जय मोदी-जय योगी

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने सिनेमा से सियासत में जाने की इच्छा व्यक्त की है। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की रहने वाली कंगना रनौत का कहना है कि वो लोगों की सेवा करना चाहती हैं और इसके लिए उन्हें मौका मिलता है तो वह राजनीति में जाने के लिए भी तैयार हैं। हिमाचल प्रदेश के शिमला में ‘पंचायत आज तक’ कार्यक्रम में पहुँची कंगना रनौत ने कहा कि अगर जनता चाहती है और भाजपा उन्हें उनके गृहनगर मंडी से टिकट देती है तो उन्हें चुनाव लड़ने में कोई आपत्ति नहीं है।

कार्यक्रम में जब कंगना रनौत से राजनीति में शामिल होने के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, “जिस तरह के हालात होंगे, सरकार चाहेगी कि मेरी भागीदारी हो, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है।” उन्होंने कहा, “अगर मुझे हिमाचल प्रदेश के लोगों की सेवा करने का मौका मिलता है तो यह निश्चित रूप से मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी। लेकिन मैं चाहती हूँ कि हमारे से अलग और लोग भी राजनीति में आगे आएँ, जो बहुत संघर्ष कर रहे हैं और बहुत काबिल हैं।”

‘आपका परिवार कॉन्ग्रेस को सपोर्ट करता था’ – इसके जवाब में बॉलीवुड की क्वीन ने कहा, “मैं राजनीतिक फैमिली से ताल्लुक रखती हूँ। मेरे पिता जी भी राजनीति से ताल्लुक रखते हैं। हमारा जो भी सिस्टम रहा है, मेरे पिता ने सारी चीजें कॉन्ग्रेस के माध्यम से ही कीं। लेकिन 2014 में जब मोदी जी आए तब अचानक ट्रांसफॉर्मेशन हुआ। मेरे पिता ने पहली बार मुझे मोदी जी के बारे में बताया और 2014 में हम ऑफिशियल कंवर्ट हो गए।”

कंगना ने आगे कहा कि अब उनके पिता सुबह उठते समय ‘जय मोदी जी’ और शाम को ‘जय योगी जी’ ही बोलते हैं। उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह कंवर्ट हो गए हैं। कंगना रनौत ने पीएम मोदी को महापुरुष बताते हुए कहा कि यह दुखद है कि वो और राहुल गाँधी दोनों प्रतिस्पर्धी हैं, लेकिन मोदी जी जानते हैं कि उनका कोई विरोधी नहीं है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को विधानसभा चुनाव होंगे और मतगणना 8 दिसंबर को होगी।

झूठे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स, बनावटी दस्तावेज, कपटपूर्ण इरादा… अमित मालवीय ने ‘The Wire’ के खिलाफ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच में दर्ज कराई शिकायत

भाजपा की आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने प्रोपेगंडा पोर्टल ‘The Wire’ के विरुद्ध दिल्ली पुलिस में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। ‘द वायर’ ने अमित मालवीय को निशाना बनाते हुए झूठी ख़बरें प्रकाशित की थीं, जिन्हें उसे वापस लेना पड़ा है। अमित मालवीय ने ये शिकायत दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस को भेजी है। जल्द ही इस शिकायत के आधार पर FIR भी दर्ज किया जा सकता है।

इस शिकायत में ‘The Wire’ के संस्थापक सिद्धार्थ वरदराजन, संपादक एमके वेणु और उप-संपादक जाह्नवी सेन का नाम लिखा है। साथ ही IPC (भारतीय दंड संहिता) की धारा-420 (धोखाधड़ी), 468 (झूठे दस्तावेजों का इस्तेमाल कर के साजिश), 469 (झूठे दस्तावेजों के सहारे किसी की मानहानि करना), 471 (जानबूझ कर झूठे इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों का इस्तेमाल करना) और 500 (मानहानि) के अलावा 134B (आपराधिक साजिश) और (समान इरादे से सामूहिक अपराध) के तहत मामला दर्ज करने की माँग की गई है।

अमित मालवीय ने खुद को भाजपा की ‘इन्फॉर्मेशन एवं टेक्नोलॉजी सेल’ का राष्ट्रीय संयोजक बताते ‘फाउंडेशन फॉर इंडिपेंडेंट जर्नलिज्म’ नामक संगठन का नाम भी अपनी शिकायत में लिया है, जो ‘The Wire’ को चलाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने के लिए ठगी और धोखाधड़ी का सहारा लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स और फेक दस्तावेजों के सहारे उनकी मानहानि की गई है।

बता दें कि वामपंथी वेबपोर्टल ने एक रिपोर्ट प्रकाशित किया, जिसमें दावा किया था कि अमित मालवीय इतने शक्तिशाली हैं कि फेसबुक या इंस्टाग्राम पर कोई पोस्ट अच्छा न लगने पर उसे तुरंत हटवा सकते हैं। हालाँक‍ि, ‘Meta’ के कम्युनिकेशंस हेड एंडी स्टोन ने इस पूरी खबर को बनावटी करार दिया था। उन्होंने कहा था कि बनावटी दस्तावेजों के आधार पर ‘The Wire’ ने इस रिपोर्ट को तैयार किया है। एक अज्ञात सूत्र के आधार पर ‘The Wire’ ने दावा किया था कि अमित मालवीय ने सोशल मीडिया से 705 पोस्ट्स हटवाएँ हैं।