Home Blog Page 2313

कर्नाटक में हिन्दू कार्यकर्ता पर हमला, सिर पर वार के बाद हालत गंभीर: ‘बजरंग दल’ के मारे गए कार्यकर्ता हर्ष के परिवार को भी धमकी, BJP-RSS विरोधी नारेबाजी

कर्नाटक के शिवमोगा में ‘बजरंग दल’ के एक कार्यकर्ता पर हमला किए जाने की खबर है। पीड़ित युवक का नाम प्रकाश है, जिसके सिर पर वार किया गया है। हमले में घायल प्रकाश का इलाज अस्पताल में चल रहा है। वहीं पूर्व में हत्या कर दिए गए एक अन्य हिन्दू कार्यकर्ता हर्ष के परिजनों को भी मौत की धमकी दी गई है। इस घटनाओं से जिले में तनाव फ़ैल गया है। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। दोनों घटनाएँ सोमवार (24 अक्टूबर, 2022) की हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहली घटना में प्रकाश नाम के एक हिन्दू युवक को निशाना बनाया गया। पीड़ित प्रकाश के मुताबिक, लगभग 9 की संख्या में हमलवारों ने अचानक ही उस पर हमला बोल दिया। इन सभी हमलावरों ने चेहरे पर मास्क पहन रखा था। बताया ये भी जा रहा है कि हमलावर भाजपा और संघ के खिलाफ नारे भी लगा रहे थे। हमले के दौरान शोरगुल सुन कर आसपास के लोग जमा होने लगे तो हमलावर भाग निकले। इस दौरान प्रकाश के सिर पर घातक वार किए गए, जिस से उसे चोटें आईं।

प्रकाश को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। घायल प्रकाश का अस्पताल से वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में बेड पर लेटे प्रकाश के सिर में पट्टियाँ बँधी हुई दिख रहीं हैं। हमलावरों के पास चाकू और तलवारें बताई जा रहीं हैं।

एक अन्य घटनाक्रम में अज्ञात लोगों द्वारा 20 फरवरी, 2022 को कत्ल किए गए बजरंग दल के कार्यकर्ता हर्ष के परिजनों को मौत की धमकी मिलने का आरोप है। बताया जा रहा है कि धमकी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

महसूस नहीं हो रही पहले जैसी मर्दाना ताकत… TMC नेता ने सील करवाई बिरयानी की दुकानें, कहा – इसे खाने से घट रही लोगों की सेक्स पॉवर

भाजपा लगातार आरोप लगा रही है कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व में चल रही सरकार मनमाने ढंग से काम कर रही है। वहाँ, कानून व्यवस्था से लेकर बाकी सारी व्यवस्थाएँ अव्यवस्था में बदल चुकी हैं। हाल ही में तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता और कूचबिहार नगरपालिका अध्यक्ष रवींद्र नाथ घोष का नया कारनामा सामने आया है। दरअसल, रवींद्र नाथ घोष ने बिरयानी की दो दुकानों को सील करवा दिया है। उन्होंने इन दुकानों को बंद करवाने के पीछे तर्क दिया है कि बिरयानी खाने से लोगों की मर्दाना ताकत कमजोर हो रही थी। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ममता बनर्जी सरकार में मंत्री रहे रवींद्र नाथ घोष ने इन दुकानों को सील करवाते हुए कहा है कि बीते कई दिनों से ऐसी शिकायतें मिल रहीं थीं कि इन दुकानों की बिरयानी खाने से लोगों की सेक्स ड्राइव में कमी आई है। उन्होंने यह भी कहा कि, लोग आरोप लगा रहे हैं कि बिरयानी बनाने में उपयोग किए जाने वाली सामग्री और मसालों के कारण वह पहले जैसी मर्दाना ताकत महसूस नहीं कर पा रहे हैं।

तृणमूल कॉन्ग्रेस नेता रवींद्र नाथ घोष ने कहा है कि इन तमाम शिकायतों के बाद वह यहाँ आए हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों के लोग यहाँ बिरयानी बेच रहे थे। उन्होंने दावा किया कि ये दुकानें बिना लाइसेंस के ही चल रहीं थीं, इसलिए उन्हें बंद करवाया गया है।

दुकानदारों ने नहीं दी सफाई

रिपोर्ट्स के अनुसार, कूचबिहार नगरपालिका अध्यक्ष घोष ने जिन दो दुकानों को सील करवाया है, उनके मालिकों ने इस कार्रवाई का विरोध नहीं किया है। साथ ही लोगों की ‘मर्दाना कमजोरी’ को लेकर लगाए गए आरोपों पर भी इन दुकानदारों ने कोई सफाई नहीं दी है।  हालाँकि, अब तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि बिरयानी खाने या उसमें पड़ने वाले मसालों से किसी प्रकार की मर्दाना कमजोरी हो रही थी या नहीं। साथ ही, दुकानों के मसालों की भी जाँच नहीं की गई है। 

‘धुआँ हुआ केजरीवाल’: दिल्ली की AAP सरकार के पटाखा प्रतिबंध की लोगों ने उड़ा दी धज्जियाँ, वीडियो शेयर कर कहा – पराली और वाहन प्रदूषण पर दो ज्ञान

देश भर में दिवाली का जश्न जारी है और हिंदुओं के इस प्रमुख त्‍योहार में पटाखा फोड़ने की परंपरा रही है। हालाँकि, गत कई वर्षों से पटाखों पर बैन है ओर इस संबंध में कई याचि‍काएं कोर्ट में यह कहकर खारिज की जाती रहीं हैं क‍ि इससे प्रदूषण में बढ़ोतरी होगी। लेक‍िन, आम जनमानस ने सरकार और कोर्ट का फैसला पूरी तरह मान ल‍िया, ऐसा होता तो बिल्‍कुल भी नहीं दिख रहा। सोशल मीडिया यूजर्स अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध की अवहेलना करते हुए दिल्ली में पटाखे जलाने के वीडियो और तस्वीरें अपलोड कर रहे हैं।

ट्विटर पर यूजर्स ने हैशटैग #DhuaHuaKejriwal का इस्तेमाल किया और तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। शेयर किए गए विजुअल दिल्ली के लग रहे हैं, लेक‍िन ऑपइंडिया समय की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं कर सका। एक यूजर श्रवण बिश्नोई ने लिखा, “कथित तौर पर दिल्ली आज धमाल मचा रही थी…हर हर महादेव।”

एक अन्य यूजर गौरव ने लिखा, “औरंगजेब के बेटे को अपना साहस दिखाने के लिए दिल्ली का धन्यवाद ।” इसके साथ ही गौरव ने आकाश में आतिशबाजी का एक वीडियो साझा किया।

ट्विटर यूजर मयंक सिंह ने लिखा, ”#CrackerBan my foot अरविंद केजरीवाल, एक दिन दिवाली सेलेब्रेशन के बदले पराली और दिल्ली वाहन प्रदूषण पर अपना ज्ञान दें।” मयंक ने #DhuaHuaKejriwal हैशटैग के साथ पटाखे फोड़ते हुए एक वीडियो ट्वीट किया।

एक यूजर अनुश्री ने पटाखा फोड़ते हुए वीडियो शेयर क‍िया और लिखा, “हैप्‍पी दिवाली। अरविंद केजरीवाल और दोस्तों को समर्पित!”

भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने भी ट्विटर पर केजरीवाल पर तंज कसते हुए लिखा, “अरविंद केजरीवाल कह रहे थे कि फुलझड़ियाँ जलाने पर हिंदुओं के बच्चों को 6 महीने के लिए जेल भेज दिया जाएगा, बच्चों ने धज्जियाँ उड़ा दी केजरीवाल की।”

उल्‍लेखनीय है क‍ि दिल्ली सरकार ने खराब वायु गुणवत्ता का हवाला देते हुए राज्य में सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने 19 अक्टूबर को कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में पटाखों का निर्माण, भंडारण और बिक्री एक दंडनीय अपराध है। उन्होंने आगे कहा कि इन गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को 5,000 रुपये का जुर्माना और छह महीने की जेल की सजा हो सकती है। यहां तक कि दिवाली पर पटाखे खरीदने और फोड़ने पर 200 रुपये का जुर्माना और छह महीने की जेल हो सकती है।

जहां तक पटाखों से वायु प्रदूषित होने की थ्‍योरी है, दिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता के लिए केवल एक दिन पटाखा फोड़े जाने को जिम्‍मेदार नहीं ठहराया जा सकता। पड़ोसी राज्यों, विशेषकर पंजाब में पराली जलाने की वजह से यह समस्‍या विकराल रूप लेती है। अक्टूबर के मध्य में होने वाली कटाई के बाद पराली जलाने से वायू प्रदूषक कण राष्ट्रीय राजधानी की ओर आ जाते हैं जिससे दिवाली के आसपास वायु की गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रदूषित हो जाती है।

‘अबे हिन्दू की नस्ल, ग्राउंड पर तो तेरे से कुछ होता नहीं है’: पाकिस्तानी क्रिकेटर ने दी दिवाली की बधाई तो भड़के इस्लामी कट्टरपंथी, पूछा – मुस्लिम ही हो न?

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को अपना हीरो बताने वाले शाहनवाज दहानी (Shahnawaz Dahani) को दिवाली की शुभकामनाएँ देने पर इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा ट्रोल किया जा रहा है। वे उनकी पोस्ट पर उन्हें गालियाँ दे रहे हैं। दहानी ने सोमवार (24 अक्टूबर, 2022) को जलते हुए दीयों के साथ सिंधी भाषा में पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “सभी जगह उजाला हो। दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएँ।

इसको लेकर एक कट्टरपंथी ने उनकी पोस्ट पर लिखा, “लानत है आप पर। क्या आपको अरशद शरीफ (केन्या में मारा गया पाकिस्तान का पत्रकार) के बारे में पता नहीं चला, जो आप दिवाली की खुशियाँ मना रहे हैं। अरशद शरीफ पर एक भी ट्वीट नहीं किया आपने।”

मुहम्मद उस्मान लिखता है, “मुस्लिम हो आप दहानी साहब।”

अफनान हैदर लिखता है, “शर्म आनी चाहिए। पाकिस्तान में इतना बड़ा नुकसान हुआ है तुम लोग दिवाली मना रहे हो। शर्म आती है तुम पर।”

अतीक अहमद नामक यूजर पाकिस्तान के क्रिकेटर के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए कहता है, “अबे हिंदू की नसल, ग्राउंड में तुझसे कुछ होता नहीं है यहाँ तू दिवाली मना रहा है।”

वहीं, भारतीय उनका समर्थन कर रहे हैं और उन्हें भी दिवाली की शुभकामनाएँ दे रहे हैं।

बता दें कि भारतीय टीम ने रविवार (23 अक्टूबर 2022) को हुए मुकाबले में मेलबर्न क्रिकेट स्टेडियम में विराट कोहली और हार्दिक पांड्या की दमदार पारी की बदौलत पाकिस्तान से मैच जीता था। दहानी ऑस्ट्रेलिया में चल रहे टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान टीम का हिस्सा हैं। वह सिंध में लरकाना के रहने वाले हैं, जहाँ बड़ी संख्या में हिंदू रहते हैं। इससे पहले भी दहानी और पाकिस्तान में हिंदू क्रिकेटर दानिश कनेरिया अक्सर हिंदुओं के त्यौहार पर सोशल मीडिया पर बधाई की पोस्ट करते आए हैं।

2021 में हुए टी-20 वर्ल्ड कप में दहानी ने इस बात का खुलासा किया था कि पूर्व भारतीय कप्तान उनके बचपन के हीरो हैं। इस मोमेंट की तस्वीरें और वीडियोज भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं।

दुनिया भर में Whatsapp हुआ ठप्प, एप से लेकर वेब तक पर नहीं चल रहा: नहीं जा रहे मैसेज्स तो ट्विटर पर हुई मीम्स की बौछाड़

इंस्टेंट मैसेजिंग एप Whatsapp के डाउन होने से दुनिया भर में लाखों यूजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में कंपनी ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। भारत में भी लगभग सभी राज्यों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पाकिस्तानी मीडिया में भी Whatsapp के डाउन होने की खबर है। दुबई में भी मंगलवार (25 अक्टूबर, 2022) को Whatsapp अरब में डाउन होने की खबर सामने आई।

इस दिन दोपहर के लगभग 12 बजे के बाद से ही कई लोगों का Whatsapp फोन में चलना बंद हो गया। इतना ही नहीं, व्हाट्सएप्प वेब भी लैपटॉप ब्राउज़र में नहीं चल रहा है। एप्स के आउटेज को ट्रैक करने वाले ‘Downdetector’ ने भी बताया है कि Whatsapp का इस्तेमाल करने वाले लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं। Android के अलावा iOS में भी व्हाट्सएप्प नहीं चल रहा है। ट्विटर पर ‘Whatsapp Down’ ट्रेंड भी हो रहा है।

वहीं ट्विटर पर मीम्स की बौछाड़ आ गई है, जहाँ लोग ‘व्हाट्सएप्प डाउन’ हैशटैग के साथ मजाकिया तस्वीरें साझा कर रहे हैं। यूजर्स मीम शेयर कर के बता रहे हैं कि कैसे व्हाट्सएप्प के डाउन होते ही इसे ट्रेंड कराने के लिए लोग सीधा ट्विटर की तरफ भागते हैं। एक यूजर ने तस्वीर के माध्यम से बताया कि जब आपका व्हाट्सएप्प न चल रहा हो और आप ट्विटर पर आकर देखते है कि सभी को यही समस्या है, तो राहत महसूस होता है।

एक यूजर ने तारों के एक कॉम्प्लेक्स सिस्टम के सामने खड़े एक व्यक्ति की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि व्हाट्सएप्प इंजीनियर्स की अभी यही हालत होगी, जबकि एक अन्य यूजर ने लिखा कि जब आप बार-बार अपने फोन को ऑन-ऑफ कर रहे हों, फ्लाइट मोड में डाल कर वापस नेटवर्क ऑन कर रहे हों, लेकिन जब ट्विटर पर ाको आकर पता चले कि सबके लिए व्हाट्सएप्प डाउन हो तो आप गुस्से में चिल्ला उठेंगे।

‘मुस्लिम मेडिकल सेंटर’ के पास से चले पेट्रोल बम, पास में स्वामीनारायण मंदिर: वड़ोदरा में दिवाली की रात हिंसा, पुलिस पर भी चले पत्थर

गुजरात के वडोदरा में हिंसा की खबर है। बताया जा रहा है कि दीवाली की रात मुस्लिमों द्वारा दूसरे पक्ष पर पत्थरबाजी की गई है। इस दौरान पेट्रोल बम भी फेंके जाने की सूचना है। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर हालात को काबू किया है। पुलिस को भी निशाना बनाए जाने की सूचना है। CCTV और गवाहों के बयानों के आधार पर हमलवारों की पहचान करवाई जा रही है। अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी की खबर है। घटना सोमवार (24 अक्टूबर 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना पानीगेट इलाके की है। बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत पटाखा फोड़ने की घटना को ले कर हुई। इस दौरान 2 पक्षों में नोक-झोंक हुई। बात बिगड़ी तो दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। कुछ ही देर में पत्थर चलने लगे और पेट्रोल बम फेंके जाने लगे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुँच कर हालात संभालने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस पर भी पत्थर फेंके जाने लगे।

इस घटना के वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि एक पेट्रोल बम पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे DCP यशपाल जगानिया के पैरों के पास गिरा। इस हमले में DCP बाल-बाल बचे। सबसे अधिक हिंसा ‘मुस्लिम मेडिकल सेंटर’ के पास होना बताया जा रहा है। इस इलाके में कई वाहनों में भी आगजनी की खबर है।

पुलिस के मुताबिक, हिंसा से पहले स्ट्रीट लाइट को साजिशन बंद कर दिया गया था। गिरफ्तार आरोपितों में पुलिस पर पेट्रोल बम फेंकने वाला भी शामिल बताया जा रहा है। उस पर तीसरी मंजिल से पुलिस पर पेट्रोल बम फेंकने का आरोप है। DCP यशपाल के मुताबिक, हिंसा में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। पानीगेट थाने के इंस्पेक्टर के के कमवाना के मुताबिक विवाद तब शुरू हुआ जब दीवाली को छोड़े गए एक रॉकेट से एक बाईक में आग लग गई थी। वडोदरा के पुलिस कमिश्नर ने इस हिंसा को गलतफहमी में हुआ विवाद बताया है।

‘काफिर, ये शिर्क है’: दिवाली मना कर अपनी ही कौम के कट्टरपंथियों के लिए ‘मुर्तद’ बनीं राना अय्यूब, कमेंट सेक्शन बंद करने के बावजूद बनीं निशाना

विवादों में रहने वाली ‘पत्रकार’ राना अय्यूब एक बार फ‍िर कट्टरपंथी इस्लामवादियों के निशाने पर हैं। दरअसल, उनके ही मजहब के लोग उन्हें हिन्दुओं के प्रमुख त्‍योहार दिवाली मनाने के लिए आड़े हाथों ले रहे हैं और इस्लाम विरोधी बता रहे हैं।

राना अय्यूब ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो अपलोड किया है, जिसमें एक साड़ी पहनी महिला उनके माथे पर तिलक लगाते हुए दिखाई दे रही हैं। उन्होंने लिखा, “घर से दूर शिकागो में एक खूबसूरत परिवार के साथ दिवाली मना रही हूँ, जिन्होंने मुझे अपना बना लिया है। हैप्पी दिवाली इंडिया, आइए हम उस बुराई से लड़ें जो हमें बाँटना चाहती है।”

कट्टरपंथी इस्लामवादियों के जहरीले कमेंट से बचने के लिए, उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के कमेंट सेक्‍शन को ही बंद कर दिया। इससे पहले उन्हें ‘गुस्ताक-ए-रसूल’ सलमान रुश्दी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करने के लिए अपने मजहब के लोगों के कोप का भाजन बनना पड़ा था। तब कट्टरपंथियों ने उन्हें जमकर कोसा था।

यह पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके हालिया पोस्ट के बिल्कुल विपरीत था। राना अय्यूब ने अनुमान लगा लिया था कि गैर-मुस्लिम त्योहारों का तिरस्कार करने वाले उनके मजहब के लोग कभी भी हिन्दू धर्म के त्यौहार में उनके भाग लेने के विचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे। वह अपने लिबरल मित्रों के सामने शर्मिंदा होने से बचने के लिए काफी ‘स्मार्ट’ तरकीब का सहारा लेती हैं।

उदाहरण के लिए, उन्होंने हाल ही में टेनिस की दिग्गज मार्टिना नवरातिलोवा के साथ एक तस्वीर क्लिक की थी, लेकिन कमेंट सेक्शन को खुला रखा। वह यह संकेत देना चाह रही थीं कि उन्हें केवल दक्षिणपंथी हैंडल द्वारा ट्रोल किया जा रहा है और आलोचना की जा रही थी, न कि उनके मजहब के लोग उनकी आलोचना करते हैं।

वहीं उम्मीद के मुताबिक इस्लामवादियों ने ट्विटर पर वीडियो दोबारा अपलोड कर राना अय्यूब की खिंचाई की। प्रोपेगंडा पत्रकार ने उन कट्टरपंथियों की छवि को बचाने की कोशिश की, जिन्हें वह सालों से पनाह दे रही थीं। हालाँकि, उनकी यह कोशिश बेकार साबित हुई क्योंकि इंस्टाग्राम वीडियो को ट्विटर पर फिर से कई लोगों ने शेयर किया। उन्हें ‘सच्चा मुसलमान’ नहीं होने और मूर्तिपूजा (शिर्क) का पाप करने के लिए फटकार लगाई गई।

एक यूजर मोहम्मद यूसुफ ने उन्हें काफिर और धर्मत्यागी (मुर्तद) करार दिया।

एक यूजर रईस मोहम्मद ने लिखा, “क्या हम उनके उदारवाद को उजागर करके उन्हें मुस्लिम आइकॉन नहीं बना रहे हैं, परोक्ष रूप से हम उन्हें बेंचमार्क बना रहे हैं। ऐसे लोगों की अनदेखी करना समुदाय के लिए फायदेमंद है।”

हाल ही में उन्होंने ‘द वाशिंगटन पोस्ट‘ में एक प्रोपेगेंडा प्रकाशित किया था जिसमें उन्होंने हिंदू समुदाय और भारत को कम करके आँकने की कोशिश की थी। यहाँ यह उल्लेख करना जरूरी है कि जहाँ राना यह दिखावा करने की कोशिश करती हैं कि ऑनलाइन ट्रोलिंग और ‘घृणा’ फैलाने जैसी चीजें हिंदू ‘दक्षिणपंथी’ करते हैं, लेकिन वास्तविकता काफी अलग है, जिसे आप इन कमेंट्स को देखकर समझ ही गए होंगे।

दीवाली पर भी जया बच्चन का पारा चढ़ा: घर से निकल सड़क पर पीछा किया और सुनाई खरी-खोटी, नेटिजन्स बोले- पागल हो गई है ये औरत

बॉलीवुड एक्ट्रेस और समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन (Jaya Bachchan) अक्सर अपने गुस्से को लेकर चर्चा में रहती हैं। दीवाली के खास मौके पर भी उन्होंने अपना ये रूप दिखाया। पैपराजी पर बिफरीं जया बच्चन का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

दरअसल, पैपराजी बच्चन परिवार के दीवाली सेलिब्रेशन की तस्वीरें कैमरों में कैद करने के लिए अमिताभ बच्चन के घर प्रतीक्षा के बाहर जमा थे। जया बच्चन को इनका घर के बाहर जमा होना अच्छा नहीं लगा। वह खुद घर से बाहर आईं और सड़क तक पैपराजी का पीछा किया। उन्हें काफी खरी-खोटी सुनाई। वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि वह कैसे उन पर चिल्ला रही हैं और उन्हें घुसपैठिया (Intruders) कह रही हैं।

जया बच्चन के इस रवैए पर नेटिजन्स ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि पैपराजी के साथ इस तरह जया बच्चन को बिहेव नहीं करना चाहिए। एक यूजर ने लिखा कि इसे इलाज की जरूरत है। एक अन्य ने लिखा, “पागल हो गई है ये औरत।”

फोटो साभार: voomla instagram

शीतल मोगले लिखती हैं, “और इसे आता ही क्या है?” वूमला के इंस्टाग्राम पेज पर शेयर की गई इस वीडियो को देखने के बाद एक अन्य यूजर ने लाफिंग इमोजी के साथ लिखा, “अपने घर में भी ऐसे ही रूड रहती है क्या?”

फोटो साभार: voomla instagram

सोमवार (24 अक्टूबर 2022) को अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अभिषेक, ऐश्वर्या राय और आराध्या सहित पूरा बच्चन परिवार प्रतीक्षा में दीवाली पूजा के लिए इकट्ठा था। एक अन्य वीडियो में अभिषेक और उनकी बहन श्वेता भी नजर आ रही हैं।

एक यूजर ने सपा सांसद को कहा, “मैडम ये लोग दीवाली पर भी अपना काम कर रहे हैं। ये भी आज के दिन अपने घर पर रहना चाहते हैं। इन्हें भी कोई इंटरेस्ट नहीं आपकी फोटो क्लिक करने में। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कौन हैं? केवल एक चीज मायने रखती है कि आप लोगों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं।”

फोटो साभार: voomla instagram

गौरलतब है कि मुंबई में चल रहे लैक्मे फैशन वीक (Lakme Fashion Week) के आखिरी दिन 16 अक्टूबर 2022 को भी जया बच्चन अपनी नातिन नव्या नवेली नंदा के सामने पैपराजी के साथ काफी रूडली पेश आई थीं। वह गुस्से में उनसे पूछती दिखीं, “आप लोग कौन हैं? आप लोग मीडिया से हैं? कौन से मीडिया से हैं?”

डूबते ब्रिटेन ने ‘ऋषि दर्शन’ में खोजा भविष्य, गीता की शपथ ले दिखाया था रास्ता: PM चुने गए नारायणमूर्ति के जमाई, कोहिनूर वापसी पर नेटिजन्स कर रहे चर्चा

आर्थिक संकटों में घिरे ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री ऋषि सुनक (Rishi Sunak) होंगे। सोमवार (24 अक्टूबर 2022) को सत्ताधारी कंजरवेटिव पार्टी ने उन्हें अपना नेता चुन लिया। सुनक हिंदू हैं। अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को लेकर वे बेहद मुखर रहते हैं। गीता में गहरी आस्था है। बतौर सांसद उन्होंने गीता की ही शपथ ली थी। उनके प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद सोशल मीडिया में कोहिनूर से लेकर भगोड़े कारोबारी विजय माल्या, नीरव मोदी तक की भारत वापसी पर नेटिजन्स चर्चा करते दिखे।

सुनक भारतीय मूल के पहले ब्रिटिश पीएम होंगे। कंजरवेटिव पार्टी में पीएम पद की उम्मीदवारी के लिए 100 सांसदों का समर्थन जरूरी था। लेकिन पेनी मोर्डेंट चुनाव में खड़े होने के लिए आवश्यक सांसदों का समर्थन जुटाने में नाकाम रही। वहीं, बोरिस जॉनसन पहले ही उम्मीदवारी की दौड़ से पीछे हट चुके थे। ऐसे में ऋषि सुनक के ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया।

सुनक के ब्रिटेन का पीएम चुने जाने की खबर आते होते ही सोशल मीडिया पर भारत का कोहिनूर हीरा वापस लौटाने की माँग तेज हो गई। ऋषभ नाम के एक यूजर ने लिखा, “द एम्पायर स्ट्राइक्स बैक! ऋषि सुनक होंगे ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री। कोहिनूर ​हीरा वापस भेजवा दें।”

एक अन्य यूजर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के साथ पूर्व भारतीय खिलाड़ी आशीष नेहरा की एक तस्वीर ट्वीट की है। इसमें आशीष नेहरा को सुनक की जगह दिखाते हुए यूजर ने लिखा, “पीएम मोदी और पीएम ऋषि सुनक चर्चा कर रहे हैं कि कोहिनूर को भारत कैसे वापस लाया जाए।”

शशांक कुमार लिखते हैं, “ब्रिटेन का पीएम बनने पर ऋषि सुनक को बधाई। ब्रिटेन को आर्थिक संकट से उबारने के बाद, उम्मीद है कि वह कोहिनूर, अमरावती स्तूप, विजय माल्या और नीरव मोदी को भारत वापस जरूर लौटाएँगे। इस तरह वह भारतीयों के लिए ब्रिटेन के महान पीएम बन जाएँगे।”

कौन हैं ऋषि सुनक

ऋषि सुनक का जन्म 12 मई 1980 को ब्रिटेन के साउथेम्प्टन, हेम्पशायर में हुआ था। उनकी माँ का नाम ऊषा सुनक और पिता का नाम यशवीर सुनक है। उनके पिता डॉक्टर थे और उनकी माँ एक फार्मेसी की मालिक हैं। उनके दादा-दादी पंजाब के रहने वाले थे। वे 1960 में अपने बच्चों के साथ पूर्वी अफ्रीका चले गए और वहाँ से उनका परिवार इंग्लैंड पहुँच गया। ऋषि अपने तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। उनके भाई संजय सुनक एक मनोवैज्ञानिक हैं और उनकी बहन राखी विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय में मानवीय, शांति निर्माण, संयुक्त राष्ट्र के फंड और कार्यक्रमों के प्रमुख के रूप में काम करती हैं।

42 वर्षीय ऋषि की स्कूली पढ़ाई ब्रिटेन के निजी विद्यालय विंचेस्टर कॉलेज में हुई। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। यहाँ उन्होंने दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की। इसके बाद साल 2006 में ऋषि ने अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए (MBA) की पढ़ाई की। उनकी शादी इन्फोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति की बेटी से हुई है।

MBA करने के बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इन्वेस्टमेंट कंपनी गोल्डमैन सैक्स से की। उसके बाद 2009 में उन्होंने नौकरी छोड़ अपना व्यवसाय शुरू किया और एक निवेश फर्म की स्थापना की। साल 2013 में नारायण मूर्ति की कंपनी ‘कैटामारन वेंचर्स यूके लिमिटेड’ में उन्हें और उनकी पत्नी को डायरेक्टर नियुक्त किया गया। हालाँकि, साल 2015 में उन्होंने इस फर्म से इस्तीफा दे दिया, लेकिन उनकी पत्नी इससे जुड़ी रहीं।

आत्मघाती हमला था कोयम्बटूर मंदिर के पास हुआ धमाका? अब तक 5 गिरफ्तार, श्रीलंका सीरियल ब्लास्ट वाले नेटवर्क से जुड़ा था मुबीन

तमिलनाडु के कोयम्बटूर में रविवार (23 अक्टूबर 2022) को कोट्टई ईश्वरम मंदिर के सामने एक कार में सिलिंडर ब्लास्ट हुआ था। रिपोर्टों के अनुसार यह एक आतंकी घटना थी। न्यूज 18 ने खुफिया सूत्रों के हवाले से इसके आत्मघाती हमला होने की आशंका जताई है। धमाके में मारा गया जमिज़ा मुबीन ISIS आतंकी बताया जा रहा। उसके लिंक श्रीलंका में हुए सीरियल ब्लास्ट वाले नेटवर्क से भी होने की बात कही जा रही है।

इस मामले में पुलिस ने अब तक कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। मुबीन के घर से बड़ी मात्रा में विस्फोटक भी बरामद हुआ है। आशंका इस बात की भी जताई जा रही कि घटना दीवाली के दौरान मंदिर को निशाना बनाने की साजिश भी हो सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संदिग्धों की पहचान एक CCTV फुटेज के आधार पर की गई है। इन सभी को घटना से एक दिन पहले रेकी करते हुए देखा गया था। रेकी करने वालों में मृतक मुबीन भी दिखाई दे रहा है। फुटेज में संदिग्धों के हाथ में बोरे का बैग भी दिखाई दे रहा है। संदिग्धों के पास मौजूद बोरे में क्या था, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आ पाई है। ये सभी मुबीन के घर के पास जमा हुए थे।

तमिलनाडु पुलिस के DGP के सी शैलेन्द्र बाबू के मुताबिक विस्फोट कम क्षमता का था। उन्होंने बताया कि इसमें पोटेशियम नाइट्रेट का प्रयोग किया गया था। तमिलनाडु में AIADMK के महासचिव और नेता प्रतिपक्ष के पलानीस्वामी ने घटना की निष्पक्ष जाँच की माँग की है। मुख्यमंत्री स्टालिन को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि जाँच पर किसी भी प्रकार का राजनैतिक दबाव न डाला जाए। तमिलनाडु भाजपा ने भी इसे आतंकी घटना बताया है। भाजपा ने 36 घंटे तक घटना पर मुख्यमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए हैं।

NIA को आशंका है कि मृतक मुबीन ज़हरान हाशिम नेटवर्क से जुड़ा था। जहरान हाशिम ईस्टर पर श्रीलंका में हुए सीरियल ब्लास्ट का मास्टरमाइंड है। बताया जा रहा है कि मुबीन जहरान हाशिम नेटवर्क के तमिलनाडु तौहीद जमात के अज़हरुद्दीन नाम के आतंकी के माध्यम से जुड़ा था। अज़हरुद्दीन को केरल और तमिलनाडु में युवाओं की भर्ती और उन्हें कट्टरपंथी प्रशिक्षण देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

गौरतलब है कि मुबीन से साल 2019 में तमिलनाडु पुलिस ISIS लिंक को लेकर पूछताछ कर चुकी है। मृतक मुबीन की उम्र 25 साल थी। हालाँकि पुलिस का दावा है कि जमिज़ा मुबीन का कोई पुराना आतंकी या आपराधिक रिकार्ड नहीं पाया गया है। शुरुआती जाँच में पुलिस को मुबीन की गाड़ी में लोहे की कीलें मिली थीं, जिसे गाड़ियों को पंचर करने में प्रयोग किया जाता है। उसकी गाड़ी से मार्बल भी बरामद हुए थे। विस्फोट में उसकी मारुति 800 कार के भी परखच्चे उड़ गए थे।