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ऋषि सुनक के दादा के बनवाए मंदिर में ख़ुशी की लहर, ‘वैदिक हिन्दू सोसाइटी’ ने बताया – वो यहाँ आते रहते हैं: बोले ब्रिटेन के नए PM – अब कठिन फैसलों का वक्त

भारतीय मूल के ऋषि सुनक सोमवार (24 अक्टूबर, 2022) को ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बन गए हैं। आगामी 28 अक्टूबर को वह अपने पद की शपथ लेंगे। ऋषि सुनक के ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनने के बाद उनके दादा द्वारा स्थापित किए गए मंदिर के अध्यक्ष संजय चंदराना ने खुशी जताते हुए कहा है कि यह ब्रिटेन के लिए ‘ओमाबा पल’ है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऋषि सुनक के दादा रामदास सुनक ने साल 1971 में साउथेम्प्टन में वैदिक हिंदू सोसाइटी मंदिर की स्थापना की थी।

इस मंदिर की स्थापना के समय ऋषि के पिता यश ने भी रामदास सुनक का सहयोग किया था। इसलिए, अपने दादा और पिता की यादों से जुड़े रहने के लिए ऋषि सुनक समय निकालकर इस मंदिर में जरूर जाते हैं। सोमवार (24 अक्टूबर, 2022) को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में ऋषि सुनक के नाम का ऐलान होने के बाद वैदिक हिंदू सोसायटी मंदिर के अध्यक्ष संजय चंदराना ने कहा है कि ऋषि सुनक अब भी मंदिर आते रहते हैं। आखिरी बार वह जुलाई में परिवार सहित आए थे और पूजा की थी।

उन्होंने यह भी कहा है, “मुझे यकीन है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद ऋषि सुनक निश्चित तौर पर मंदिर आएँगे। यह गौरवान्वित करने वाला क्षण है। मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ है और लोग उनके साथ ली गई अपनी तस्वीर दिखा रहे हैं। जब वह पिछली बार मंदिर आए थे उस समय करीब 300 लोग मंदिर में मौजूद थे। लेकिन, इसके बाद भी उन्होंने सभी के साथ तस्वीरें खिंचवाई थीं। ब्रिटेन के लिए यह बराक ओबामा पल की तरह है। जिस प्रकार अमेरिका में ओबामा पहले अश्वेत राष्ट्रपति थे, उसी प्रकार यहाँ पहली बार अश्वेत व्यक्ति प्रधानमंत्री बन रहा है। साथ ही वह भारतीय मूल के हैं और हिंदू हैं जोकि हमारे लिए गौरवान्वित होने का एक और कारण है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं निवेश बैंक में काम करता हूँ। मैं कैनरी व्हार्फ में मैनेजिंग डायरेक्टर हूँ। सभी पीढ़ी के लोग मानते हैं कि कुछ समस्याएँ हैं लेकिन मैं अब यह कह सकता हूँ ब्रिटेन में सभी लोग एकजुट हैं। ऋषि सुनक का प्रधानमंत्री बनना देश को एकजुट करेगा क्योंकि वह हिंदू धर्म का पूर्ण रूप से पालन करते हैं और इसका अहम मूल्य है कि पूरी दुनिया एक परिवार है और हम एकता में विश्वास करते हैं।”

उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के लिए सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता है जिससे उन्हें निपटना है। ‘वैदिक हिन्दू सोसाइटी’ मंदिर के अध्यक्ष ने आगे कहा कि पिछली बार वह राजनीति के कारण नहीं जीत पाए थे, हालाँकि इसका किसी और चीज से कोई लेना-देना नहीं था क्योंकि वह पहले ही चांसलर बन गए थे। उनका मानना है कि अगर जाति या रंग एक मुद्दा होता तो वह चांसलर नहीं बन पाते।

लिज ट्रस से कुछ गलतियाँ हुईं, अब सरकार कड़े फैसले लेगी: ऋषि सुनक

ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद ऋषि सुनक ने अपने पहले भाषण में देश में चल रहे आर्थिक संकट, पूर्व प्रधानमंत्री लिज ट्रस की गलतियों और रूस-यूक्रेन युद्ध पर बात की है।

उन्होंने कहा है, “इस समय हमारा देश एक गहरे आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। यूक्रेन में युद्ध ने दुनिया भर के बाजारों को अस्थिर कर दिया है। पूर्व प्रधान मंत्री लिज ट्रस ने इस देश के आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करने की, कोशिश की वह गलत नहीं थीं। मैं उनकी प्रशंसा करता हूँ। लेकिन उनके कार्यकाल में कुछ गलतियाँ हुईं हैं। हालाँकि, ये गलतियाँ गलत इरादे से नहीं की गईं लेकिन गलतियाँ तो गलतियाँ ही होती हैं।”

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने यह भी कहा, “मैं इस सरकार के एजेंडे के केंद्र में आर्थिक स्थिरता और विश्वास को रखूँगा। इसका मतलब होगा कि सरकार कठिन फैसले लेने वाली है। अपनी पार्टी और अपने देश को एक साथ लाना ही मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यही एक तरीका है जिसके जरिए हम सभी चुनौतियों का सामना करेंगे और अपने बच्चों के लिए एक बेहतर भविष्य तैयार करेंगे। मैं ईमानदारी के साथ दिन-रात काम करूँगा और ब्रिटेन के लोगों की सेवा करूँगा।”

‘देवर का सिर फाड़ दिया, बच्चों को भी नहीं छोड़ा’: राजस्थान में मुस्लिमों को नागवार गुजरा दलित परिवार का दिवाली मनाना, पुलिस ने बताया कोल्डड्रिंक का झगड़ा

राजस्‍थान के कैथवाड़ा में मुस्लिम समुदाय के लोगों को हिदुओं द्वारा दिवाली पर पटाखा फोड़ना इतना नागवार गुजरा क‍ि उन्होंने एक एक(हिन्दू) पर हमला कर दिया और उनके साथ मारपीट की। एक स्‍थानीय पोर्टल के मुताबिक, इस हमले में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका इलाज जिला हेडक्‍वार्टर पर क‍िया जा रहा है। वहीं पुलिस ने इस्‍लामवाद‍ियों द्वारा पटाखा फोड़ने से नाराज होकर हिंदू पर‍िवार पर हमले की बात को नकार दिया है। पुलिस ने कहा है कि व‍िवाद एक कोल्‍ड ड्रिंक की वजह से हुआ है।

एक पत्रकार सुजीत स्‍वामी ने वीडियो ट्वीट कर कहा, “राजस्‍थान में भरतपुर के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में मुस्लिम भीड़ ने दिवाली पर पटाखे चलाने पर दलित समुदाय के पूरे परिवार के साथ मारपीट की और जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया। यह नया राजस्थान है क्या? जय भीम और जय मीम ख़ेमे में फिर से चुप्पी।”

वीडियो में पीड़िता आपबीती सुनाते हुए कहती हैं, “देवर, बच्चा सब पर हमला बोला है। देवर का सिर फाड़ दिया है।” र‍िपोर्टर द्वारा यह पूछे जाने पर क‍ि हमला करने वाले लोग कौन-कौन थे, पीड़िता ने कहा, “उसका पूरा पर‍िवार था। घर पर आकर हमला बोला है।” वहीं एक अन्य पीड़ित ने बताया क‍ि हमले करने वाले करीब 50 लोग थे और उन्‍हें जात‍िसूचक शब्‍द कहे गए।

सुजीत के ट्वीट के जवाब में राजस्‍थान पुलिस हेल्‍प डेस्‍क (Rajasthan Police HelpDesk) ने भरतपुर पुलिस को जानकारी मुहैया कराने के लिए कहा। इसके जवाब में भरतपुर पुलिस ने पटाखे फोड़ने की वजह से मारपीट को साफ नकार दिया और कहा, “दुकान से खरीददारी के उधार के पैसों को लेकर हुए झगड़े की सूचना मिलते ही SHO कैथवाडा मौके पर पहुँचे। घायलों को अस्पताल भर्ती कराया गया। मौके से दोनों पक्षों के दो-दो व्यक्तियों के विरुद्ध 151 जाफो की कार्रवाई की गई है। गाँव में पुलिस तैनात है। मौके पर शांति है।”

वहीं एक अन्‍य ट्वीट में पुल‍िस ने कहा, अभी तक किसी पक्ष द्वारा थाना कैथवाड़ा पर प्रकरण दर्ज करने हेतु रिपोर्ट नहीं दी है। साथ ही बताया कि थानाधिकारी कैथवाड़ा को मामले में नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिए गए है।

एक ट्वीटर यूजर बंटी चौधरी ने एक वीडियो पोस्‍ट क‍िया और कहा, “भरतपुर के कुम्हेर थाना क्षेत्र में कल हुई घटना में पुलिस प्रशासन की अनुशासनहीनता साफ नजर आ रही है जिसके घर में हमला हुआ, उन्हीं महिलाओं को थाना में बैठा कर परेशान किया जा रहा है।”

हालाँकि हम इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं। ‘दैनिक भास्कर‘ की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित पक्ष के लोगों ने बताया कि गाँव में उनके समाज के करीब 30 मकान हैं। रात को उनके बच्चों ने गाँव में पटाखे फोड़े, रात को कोई विवाद नहीं हुआ। सुबह के समय कुछ विशेष समुदाय के लोग उनके घरों पर पहुँचे और आते ही उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। जब उनसे मारपीट का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि तुम लोग दीपावली नहीं मनाओगे।

घटना में एक कई लोगों के चोटें आईं हैं। आरोप है कि विशेष मुस्लिम समुदाय के लोगों ने महिलाओं से मारपीट कर उनके कपड़े भी फाड़ दिए। बच्चों को पीटा। झगड़े के बाद कई संगठन गाँव में पहुँच रहे हैं।

सिद्दीकी फाड़ता था कपड़े, अब्दुल करता था यौन शोषण: आलिमों के चक्कर में बहू को नग्न कर के सुलाती थी सास, केरल में इबादत के नाम पर विवाहिता से ज्यादती

केरल के कोल्लम में एक महिला ने अपने सास ससुर पर काला जादू करने का आरोप लगाया है। महिला ने शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि उसे नग्न सोने के लिए मजबूर किया गया था। इस शिकायत पर पुलिस ने पीड़िता की सास को गिरफ्तार कर लिया है। इसी केस में पुलिस को महिला के पति और उसकी बहन की भी तलाश है। शिकायत दर्ज होने के बाद काला जादू करने वाले सिद्दीकी और अब्दुल जब्बार भी फरार हो गए हैं। घटना 5 साल पुरानी बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला चादयमंगलम थाना क्षेत्र का है। यहाँ के नेट्टेथारा इलाके में रहने वाली शालू नाम की महिला ने आरोप लगाया है कि उसकी शादी दिसंबर 2016 में सत्य बाबू के साथ हुई थी। शादी के 2 माह बाद फरवरी 2017 में उसके घर कुछ अजनबियों का आना-जाना हुआ। जब शालू ने इस बाबत अपने घर वालों से पूछताछ की तब उसे बताया गया कि घर में एक इबादत करवाई गई है, जिसके लिए वो अजनबी लोग आए हुए हैं।

अपनी शिकायत में शालू ने उन अजनबियों में अब्दुल जब्बार का नाम बताया है। जब्बार कोल्लम के चेराट्टुकुझी क्षेत्र में पड़ने वाले नीलामेल का रहने वाला है। वह लगभग 43 साल का है। शालू के परिजनों ने उसे बताया कि जब्बार घर में ‘बुरी आत्माओं को भगाने की पूजा’ करवा रहा है। पीड़िता के मुताबिक, उसे नग्न होने के लिए कहा गया। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया तब उसे डराया गया और इबादत को बेहद जरूरी बताया गया।

पीड़िता का आरोप है कि घर में आयोजित इबादत के नाम पर अब्दुल जब्बार ने उसका लगातार यौन शोषण किया। पीड़िता ने जब्बार के एक अन्य सहयोगी सिद्दीकी आप अपने कपड़े फाड़ देने का भी आरोप लगाया। हालाँकि, शिकायत के मुताबिक, यह सब उसके परिजनों की सहमति से हो रहा था। पीड़िता ने बताया कि जब्बार और सिद्दीकी की हरकत को उसके घर वाले इबादत का हिस्सा बता कर समर्थन दे रहे थे।

बाद में इन्हीं हरकतों से तंग आ कर पीड़िता अपने मायके चली गई। पीड़िता ने आगे से अपनी ससुराल न जाने का मन बनाते हुए अदालत में तलाक की अर्जी डाली है। पुलिस ने पीड़िता की 60 वर्षीया सास लीशा को गिरफ्तार कर लिया है। जब्बार और सिद्दीकी के अलावा अभी पुलिस को पीड़िता के 36 वर्षीय पति सत्यबाबू के अलावा ननद श्रुति की भी तलाश है।

2 साल में 60% बढ़ गई न्यूड सेल्फी शेयर करने वाले नाबालिगों की संख्या, शोध में जताई गई चिंता: खुलासा – हर 5 में से 1 किशोर ने शेयर किए अपने न्यूड फोटोज

लॉस एंजिल्स में बच्चों को ऑनलाइन यौन शोषण से बचाने के लिए टूल और प्रोग्राम बनाने वाली प्रौद्योगिकी और गैर-लाभकारी संस्था ‘थॉर्न’ ने एक नया शोध प्रकाशित किया है। इस शोध में पाया गया है कि लगभग 5 में से 1 किशोर ने खुद अपनी न्यूड फोटो साझा की है। यह शोध, बच्चों द्वारा ‘स्व-निर्मित’ यौन सामग्री: 2021 में युवा दृष्टिकोण और अनुभव पर आधारित है। यह नाबालिगों के व्यवहार और स्व-निर्मित बाल यौन शोषण सामग्री (SG-CSAM) से संबंधित यह एकमात्र वार्षिक ट्रैकिंग सर्वेक्षण है।

इसे आमतौर पर शेयरिंग न्यूड या फिर सेक्सटिंग के रूप में जाना जाता है। SG-CSAM (नाबालिगों द्वारा खुद ही अपनी न्यूड तस्वीरें/वीडियो शेयर कर देना) एक जटिल चुनौती है और ये रिसर्च बच्चों के अनुभवों, जोखिमों और हानियों के बारे में पता लगाती है। कुछ तस्वीरें ऐसे बच्चों के बारे में बताती हैं, जिसे मजबूर किया जा रहा था अपनी न्यूड तस्वीरें शेयर करने के लिए। जबकि अन्य ऐसे किशोर के बारे में बताती हैं, जो अपने पार्टनर के साथ न्यूड फोटो शेयर कर रहे हैं, जिन्हें ये भी नहीं पता कि ये तस्वीरें कहाँ से आती हैं।

SG-CSAM के अध्ययन के तहत इसमें शामिल बच्चों के बारे में पता लगाया जाता है, जब उनकी इमेज को वयस्कों द्वारा जबरदस्ती या साथियों के बीच बिना उनकी सहमति के साझा किया जाता है। 2019 के बाद से थॉर्न (Thorn) ने अब यह वार्षिक अध्ययन किया है, जो एसजी-सीएसएएम की चुनौतियों से निपटने के लिए 9 से 17 साल के 1000 से अधिक नाबालिगों के सर्वेक्षण पर आधारित है। यह शोध नाबालिगों के व्यवहार से जुड़े तथ्यों के बारे में है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2019 के बाद से नाबालिगों द्वारा अपनी नग्न तस्वीरें शेयर करने की रिपोर्ट्स में लगातार वृद्धि हुई है। बड़ी संख्या में नाबालिगों ने अपनी नग्न तस्वीरें दूसरों के साथ साझा की हैं। 2021 में, लगभग 6 में से 1 नाबालिग ने खुद अपनी फोटो SG-CSAM को साझा करने की सूचना दी। 2019 के सर्वेक्षण से अब तक 60% से अधिक की वृद्धि हुई है। इसमें पता चला है कि 7 में से 1 बच्चे और 5 में से 1 किशोर ने अपन न्यूड तस्वीरें साझा की हैं।

‘सबके बीवी-बच्चों और घर को जानता हूँ’: Zomato के डिलीवरी एजेंट नदीम ने पुलिस चौकी में लगाई आग, महिला को घूरने से मना करने पर की पत्थरबाजी

देश की राजधानी दिल्ली में जोमैटो के एक डिलीवरी बॉय ने पुलिस पिकेट के आगे अपनी बाइक में आग लगा दी है। नदीम नाम के इस आरोपित ने पुलिस पर पत्थर भी फेंके है। बताया जा रहा है है कि नदीम एक दिन पहले एक महिला की शिकायत पर खुद को कथित तौर पर पुलिसकर्मी द्वारा मारे गए थप्पड़ का बदला लेने पहुँचा था। पुलिस ने नदीम को गिरफ्तार कर लिया है। घटना मंगलवार (25 अक्टूबर, 2022) की है। उसने इस दौरान पत्थरबाजी भी की।

नदीम की करतूत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है। इस वीडियो के पहले हिस्से में पुलिस पिकेट के आगे जलती एक बाइक है। वह बाइक नदीम की बताई जा रही है। दूसरे वीडियो में कई पुलिसकर्मी मिल कर नदीम को काबू करने का प्रयास कर रहे हैं। इसी वीडियो में आस-पास के लोग डरेसहमे से नदीम पर हो रही पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते सुनाई दे रहे हैं। उन्हीं लोगों के बीच से ही किसी ने इस वीडियो को बना कर वायरल कर दिया है।

इसी वीडियो के अंतिम हिस्से में पहले नदीम पुलिस वालों से उलझता है। बाद में वो मौके पर जमा लोगों को धमकी देते हुए सबके घर और उनके बीवी बच्चों के बारे में जानने की बात कह रहा है। पुलिस ने जैसे-तैसे नदीम को काबू किया। इस मौके पर पुलिस बैरिकेड गिरी हुई दिख रही है। इसी के साथ एक महिला को फायर ब्रिगेड को फोन करने की भी आवाज आ रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नईम का 33 वर्षीय बेटा मोहम्मद नदीम जोमैटो में खाना डिलीवरी करने का काम करता है। वह दिल्ली के हौजरानी इलाके में मालवीय नगर का रहने वाला बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि एक दिन पहले खान मार्किट में एक महिला ने उसके खिलाफ खुद को घूरने की शिकायत पुलिस पिकेट पर तैनात जवानों से की थी। चूँकि इस घटना की कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं हुई थी, इसलिए पुलिस ने नदीम को डाँट-डपट कर छोड़ दिया था। नदीम का आरोप है कि पुलिस वाले ने उसे थप्पड़ भी मारा था।

बताया जा रहा है कि अगले दिन नदीम पेट्रोल ले कर पुलिस पिकेट पर आया। आरोप है कि उसने पुलिस पिकेट पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क दिया और अपनी भी बाइक को आग लगा दी। इस घटना से आसपास के लोगों में अफरा-तफरी भी मच गई। पुलिस के जवानों ने नदीम को काबू करने का प्रयास किया पर वो उनसे भिड़ गया। उसकी हरकत को गलत बता रहे लोगों को भी नदीम ने देख लेने की धमकी दी। बताया जा रहा है कि नदीम की करतूत से पुलिस पिकेट के कुछ कागजात भी जल गए हैं। नदीम को गिरफ्तार कर लिया गया है।

सनातन संस्कृति में कुत्तों की भी पूजा, माना जाता है यमराज का दूत और स्वर्ग का द्वारपाल: नेपाल में मनाया जा रहा ‘कुकुर तिहार’, कुत्तों को दिया जाता है ‘उपहार’

कुत्तों को मनुष्यों का सबसे अच्छा और वफादार दोस्त माना जाता है। यही कारण है कि मनुष्यों की बस्तियों के आसपास कुत्ते जरूर पाए जाते हैं। यहाँ तक कि कुत्तों का पालना कई लोगों का शौक भी बन चुका है। हालाँकि, दुनिया में एक ऐसा भी देश है, जहाँ कुत्तों की पूजा होती है। यह देश है नेपाल, जहाँ हिंदू धनतेरस से लेकर भैया दूज तक 5 दिवसीय ‘तिहार’ नामक त्योहार मनाते हैं। इस त्योहार में ही कुत्तों की भी पूजा की जाती है।

दरअसल, नेपाल में पाँच दिवसीय ‘तिहार’ में ग्रहों की शांति और समृद्धि के लिए पाँच अलग-अलग देवताओं की पूजा की जाती है। इसमें काग (कौआ) तिहार, कुकुर तिहार, गाय तिहार, पर्वत तिहार और भाई टीका मनाया जाता है। इस त्योहार में ‘कुकुर तिहार’ को लेकर ऐसी मान्यता है कि कुत्ते मृत्यु के देवता यमराज के दूत होते हैं। साथ ही कुत्तों को स्वर्ग के द्वार का संरक्षक भी माना जाता है। इसलिए, यमराज को खुश रखने के लिए कुत्तों की पूजा की जाती है।

‘कुकुर तिहार’ की शुरुआत लोगों द्वारा कुत्तों के गले में फूलों की रंगीन मालाएँ डालकर व कुत्तों को सजाकर की जाती है। इसके बाद, कुत्तों के माथे पर तिलक लगाया जाता है जिसे स्थानीय भाषा में पुंड्रा कहते हैं। पुंड्रा, लाल अबीर में दही और चावल के साथ मिलाकर बनाया जाता है। इसे कुत्तों के माथे में लगाकर उनके प्रति सम्मान और धार्मिक आस्था को प्रदर्शित करने का प्रयास किया जाता है।

यह त्योहार मनाते हुए लोग खुशी के साथ कुत्तों को कई प्रकार का खाना खिलाते हैं। यह मांस, अंडे, मूंगफली इत्यादि से बनाया गया विशेष प्रकार का खाना होता है। इस खाने को कुत्तों को उपहार (गिफ्ट) के रूप में दिया जाता है।

वास्तव में, यह त्योहार दर्शाता है कि हिंदू, प्रकृति के प्रत्येक कण में अपनी आस्था रखते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि ‘कुकुर तिहार’ चीन के यूलिन प्रांत में होने वाले ‘डॉग मीट फेस्टिवल’ से पूरी तरह उलट होता है। जहाँ एक ओर चीन में डॉग मीट फेस्टिवल के नाम पर हर हाल करीब 10 हजार कुत्ते चीनियों के ‘स्वाद’ की भेंट चढ़ जाते हैं। वहीं, नेपाल के कुकुर तिहार में कुत्तों की पूजा होती है और उन्हें भोजन कराया जाता है।

डॉग मीट फेस्टिवल की बात करें तो इसमें कुत्तों को ‘मीट’ बनने से पहले कई प्रकार की यातनाएँ झेलनी पड़ती हैं। कुत्तों को पकाने के अलग-अलग तरीकों के अलावा एक तरीका यहाँ सबसे अधिक क्रूर है, इसे ‘प्रेस्ड डॉग’ रेसिपी कहते हैं। जिसमें कुत्तों की ऊपरी चमड़ी निकालकर उसे पीटकर फिर रात भर मैरिनेट (गलाते) करते हैं और फिर पकाते हैं। एक अन्य रेसिपी में कुत्तों को जिंदा ही भून दिया जाता है।

अगर भारत जीत गया तो… पाकिस्तानी अभिनेत्री ने T20 विश्व कप के मैच से पहले दी थी चुनौती, लोगों ने उसके ‘अब्बू’ पर उठाए सवाल

भारतीय खिलाड़ी विराट कोहली की नाबाद 82 रनों की पारी के बदौलत रविवार (23 अक्टूबर, 2022) को भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी। पाकिस्तान को हराने के बाद हर तरफ विराट कोहली के ही चर्चे हैं। इसी बीच पाकिस्तानी अभिनेत्री सेहर शिनवारी सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गई हैं। दरअसल, उन्होंने भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले भारतीय खिलाड़ियों को चुनौती देते हुए अपने ट्विटर अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया था।

उन्होंने 23 अक्टूबर, 2022 को लिखा था कि अगर भारत टी-20 वर्ल्ड कप के मुकाबले में पाकिस्तान को हरा देता है, तो वह हमेशा के लिए अपना ट्विटर अकाउंट डिलीट कर देंगी और कभी भी इस प्लेटफॉर्म पर नहीं आएँगी। खैर, पाकिस्तान का भारत पर जीत दर्ज करने का उनका सपना अधूरा ही रह गया। लेकिन उन्होंने दो दिन बाद भी अपना अकाउंट डिलीट नहीं किया है।

फोटो साभार: सेहर शिनवारी का ट्विटर

एक यूजर ने कहा, “आप अपने अकाउंट को डिलीट नहीं कर सकतीं, Fakistan Fake।”


​एक और यूजर ने लिखा, “अभी भी आपका अकाउंट ओपन है। इसे डिलीट करें और यहाँ से जाएँ।” दूसरे यूजर ने लिखा, “अभी तक तुमने अपना अकाउंट डिलीट नहीं किया।”

एक ने लिखा, “एक बार फिर साबित कर दिया कि क्यों आप लोगों पर किसी को भरोसा नहीं करना चाहिए। अभी भी एक्टिव हो।”

टीम इंडिया की जीत के बाद शिनवारी ने एक और ट्वीट किया, “पाकिस्तान ने अपनी बेटी इंडिया को आज दीवाली का तोहफा दिया है।”

यह ट्वीट टीम इंडिया के प्रशंसकों को अच्छा नहीं लगा। देवांश नाम के यूजर ने कहा, “कितने अब्बू हैं? अगर एक अब्बू की हो तो जैसा लिखा है वैसा ही करो।”

इसके बाद पाकिस्तान की हार से बौखलाई सेहर शिनवारी ने सोशल मीडिया पर जहर उगलना शुरू कर दिया। वह अगले दिन यानी सोमवार (24 अक्टूबर ,2022) को एक और ट्वीट करती हैं। इसमें वह लिखती हैं, “वर्तमान में #Delete शब्द भारत में केवल मुझे अपना ट्विटर अकाउंट डिलीट करने के लिए ट्रेंड कर रहा है। इससे पता चलता है कि वे मेरे ट्वीट से कितने डरे हुए हैं।”

बता दें कि सोशल पर टीम इंडिया के प्रशंसक लगातार अभिनेत्री को उनका वादा याद दिलाकर ट्विटर को हमेशा के लिए अलविदा कहने के लिए कह रहे हैं।

‘नाबालिग लड़की को अपनी ओर खींचना यौन अपराध नहीं’: बॉम्बे HC ने आरोपित को रिहा किया, उधर लड़की को ‘आइटम’ कहने पर 1.5 साल की सज़ा

मुंबई की एक पॉक्सो अदालत ने यह कहा है कि किसी लड़की के लिए ‘आइटम’ शब्द का उपयोग करना यौन उत्पीड़न के दायरे में आता है। दरअसल, एक युवक ने किशोरी के बाल खींचकर पूछा था, “क्या आइटम, किधर जा रही हो?” इस केस में हुई सुनवाई को लेकर अदालत ने युवक को यौन उत्पीड़न का दोषी मानते हुए डेढ़ साल की सजा सुनाई है। वहीं, एक अन्य मामले में, बॉम्बे हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़की को अपनी ओर खींचने वाले युवक को जमानत दे दी है।

लड़की को ‘आइटम’ कहने पर पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई सज़ा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2015 में 16 साल की एक लड़की जब स्कूल से अपने घर जा रही थी तब आरोपी 25 वर्षीय युवक ने लड़की को ‘आइटम’ कहा था। इस मामले में, पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया था कि आरोपित बीते 1 महीने से उसका पीछा कर रहा था।

इस मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने माना है कि आरोपी युवक ‘यौन उत्पीड़न’ के इरादे से पीड़िता का पीछा कर रहा था। सुनवाई में विशेष न्यायाधीश एसजे अंसारी ने कहा, “ऐसे अपराधों से सख्ती से निपटने की जरूरत है, क्योंकि महिलाओं को अनुचित व्यवहार से बचाने के लिए ऐसे सड़क छाप रोमियो को सबक सिखाने की जरूरत है।”

आरोपित को अदालत द्वारा यौन उत्पीड़न का दोषी और डेढ़ साल की सजा सुनाए जाने से पहले उसके वकील ने दावा किया था कि पीड़िता के माता-पिता उसके मुवक्किल और पीड़िता की दोस्ती के खिलाफ थे, इसलिए उसे मुवक्किल झूठे मामले में फँसाया जा रहा है। हालाँकि, कोर्ट ने पीड़िता के बयान के आधार पर इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि कोर्ट में ऐसा कोई सबूत पेश नहीं किया गया है जिससे यह साबित हो सके कि पीड़िता ने किसी कारण से आरोपित के खिलाफ झूठा बयान दिया है।

नाबालिग लड़की को अपनी ओर खींचना यौन उत्पीड़न नहीं: बॉम्बे HC

उधर बॉम्बे हाईकोर्ट ने पाक्सो एक्ट के एक मामले में सुनवाई करते हुए कहा है कि नाबालिग लड़की को अपनी ओर खींचना यौन अपराधों से बच्चों को संरक्षण (POCSO) एक्ट, 2012 के अंतर्गत यौन उत्पीड़न के दायरे में नहीं आता है। इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस भारती डांगरे ने आरोपित की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए उसे रिहा करने का निर्देश दिया। हडपसर पुलिस ने 22 सितंबर, 2021 को आरोपित के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC), आईटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।

न्यायमूर्ति डांगरे ने आरोपित युवक की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए कहा, “आवेदक को पीड़िता के यह कहने पर कि आरोपित ने उसे अपनी ओर खींचा, लेकिन उसने तुरंत उसे धक्का दे दिया, आरोप का सामना करना पड़ रहा है। हालाँकि, प्रथम दृष्टया यह नहीं कहा जा सकता कि आरोपित का ऐसा करना यौन उत्पीड़न के दायरे में आएगा।”

दरअसल, पीड़िता ने आरोप लगाते हुए कहा था कि उसके पुरुष मित्र ने उसे अपने दो दोस्तों से मिलवाया था, जिसके बाद वह 15 सितंबर 2021 को अपने दोस्त से मिलने गई थी। वहाँ उसके दो अन्य दोस्त भी मौजूद थे। इस दौरान वे चारों (पीड़िता, उसका दोस्त और दोनों लड़के) गणपति पंडाल देखने चले गए। आरोप है कि वहाँ आरोपित ने उसे अपनी ओर खींचा, लेकिन पीड़िता ने उसे तुरंत धक्का दे दिया। सुबह करीब 4 बजे जब वह घर लौटी तो उसे एक वीडियो मिला। जब उसकी माँ ने वीडियो देखा तो उसने शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने तीनों लड़कों को गिरफ्तार कर लिया था।

व्हाइट हाउस में हुआ अब तक का सबसे बड़ा दिवाली आयोजन, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा – अब ये अमेरिका की संस्कृति का भी हिस्सा

व्‍हाइट हाउस में अबतक के सबसे बड़े दिवाली समारोह की अमेर‍िका के राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने मेजबानी की। इस दौरान उनके साथ प्रथम महिला जिल बाइडन और भारतीय मूल की उपराष्‍ट्रपति कमला हैरिस भी मौजूद थीं। बाइडन समेत कमला हैरिस ने यहां भारतवंशियों से मुलाकात की और दिवाली की शुभकामनाएँ दी। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय मूल के ऋषि सुनक के ब्रिटेन का प्रधानमंत्री चुने जाने को अभूतपूर्व बताया।

200 से अधिक प्रख्यात भारतीय अमेरिकियों ने ईस्ट रूम में स्वागत समारोह में भाग लिया। ईस्ट रूम भारत-अमेरिका संबंधों से संबंधित कुछ ऐतिहासिक घटनाओं का गवाह रहा है, जिसमें परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर और नवंबर 2008 में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा संयुक्त संवाददाता सम्मेलन का आयोजन शामिल है।

जो बाइडन ने कहा, “हम आपकी मेजबानी कर सम्मानित महसूस कर रहे हैं। यह व्हाइट हाउस में अब तक का सबसे बड़ा दिवाली रिसेप्शन है। अब तक के इतिहास में हमारे प्रशासन में सबसे ज्यादा एशियाई अमेरिकी हैं और हम दिवाली को अमेरिका के कल्चर का खुशनुमा हिस्सा बनाने के लिए आपका धन्यवाद करते हैं।”

बाइडन ने भारतीय मूल के ऋषि सुनक के ब्रिटेन का प्रधानमंत्री चुने जाने को अभूतपूर्व बताया । उन्होंने कहा, “हमें खबर मिली है कि ऋषि सुनक अब यूके के पीएम होंगे। कल मैं किंग चार्ल्स III से मिलने जाने वाले हूँ । यह बहुत ही अच्छा है, एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और यह काफी मायने रखता है।”

वहीं अमेरिकी उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस ने अपने संबोधन के दौरान कहा, “आज रात हम दुनिया भर में एक अरब से अधिक लोगों के साथ मिलकर दीया जलाएँगे और बुराई पर अच्छाई, अज्ञान पर ज्ञान और अंधेरे पर प्रकाश की जीत का जश्न मनाएँगे ।दिवाली हमें याद दिलाती है कि हम दुनिया में एक दूसरे में और अपने आप में रोशनी देखें। यह हमें यह भी याद दिलाती है कि हमें शांति, न्याय के लिए लड़ना चाहिए।”

कमला हैरिस ने इसके साथ ही दिवाली मनाते हुए ट्वीट भी क‍िया। उन्‍होंने ल‍िखा, “संयुक्त राज्य अमेरिका और दुनिया भर में जहां भी रोशनी का यह त्योहार लोग मना रहे हैं, उन सभी लोगों को दीपावली की शुभकामनाएँ!”

अमेरिका की फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन ने एशियाई-अमेरिकी समुदाय के योगदान की तारीफ की और कहा कि इन्होंने आगे का रास्ता रोशन करने में मदद की। जिल बाइडेन ने कहा, “विश्वास, दृढ़ता और प्यार के साथ मैं आभारी हूँ कि आज इन दीयों ने आपको इस घर में मार्गदर्शन किया है। यह घर आप सभी का है। दिवाली बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन भगवान राम रावण पर जीत हासिल करने के बाद अयोध्या वापस लौटे थे।”

‘मुझे परेशान किया जा रहा’: मठ में फाँसी से फंदे से लटकता मिला लिंगायत संत का शव, पिछले महीने भी मिला था एक लिंगायत पुजारी का शव

कर्नाटक के रामनगर में एक लिंगायत संत अपने आश्रम में मृत मिले हैं। मृतक का नाम बसवलिंगा स्वामी है, जिनकी उम्र अभी 44 वर्ष थी। उनका शव फाँसी के फंदे से लटकता मिला है। शव के पास से सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें ब्लैकमेलिंग की बात कही जा रही है। पुलिस इसे अस्वाभाविक मौत मान कर आत्महत्या के तौर पर देख रही है। यह घटना सोमवार (24 अक्टूबर, 2022) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला श्री कंचुगल बंदेमठ का है। यहाँ के प्रधान पुजारी बसवलिंगा स्वामी रविवार रात अपने कमरे में सोने गए। जब अगले दिन उन्होंने काफी देर तक दरवाजा नहीं खोला तो उनके भक्तों को चिंता हुई। स्वामी को फोन भी मिलाया गया, पर उन्होंने उठाया नहीं। आखिरकार सबने मिल कर दरवाजा तोड़ने का फैसला किया। जब बसवलिंगा स्वामी के कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तब अंदर उनका शव फाँसी के फंदे पर लटक रहा था।

मठ द्वारा ही चलाए जा रहे स्कूल के टीचर रमेश ने आनन-फानन में स्थानीय कुदुर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर शव को अपने कब्ज़े में लिया। कमरे की तलाशी के दौरान 2 पन्ने का सुसाइड नोट मिला है। इस नोट में मृतक ने खुद को कुछ लोगों द्वारा मानहानि की धमकी दे कर परेशान करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। पुलिस उन कारणों का भी पता लगा रही है जिनका बहाना ले कर संत को बदनाम करने की धमकी दी जा रही थी।

बसवलिंगा स्वामी जिस मठ के प्रधान पुजारी थे, वो लगभग 400 साल पुराना है। मृतक बसवलिंगा लगभग 25 वर्षों से इस मठ में पुजारी के तौर पर थे। बताया ये भी जा रहा है कि कुछ लोग स्वामी को उनके पद से हटाना भी चाह रहे थे। उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्हें धमकी देने वालों के नामों का खुलासा पुलिस ने अभी नहीं किया है। गौरतलब है कि पिछले 2 माह में 2 लिंगायत संतों की संदेहास्पद मृत्यु हुई है।

इससे पहले सितम्बर माह में बेलगावी जिले के बैलाहोंगला तालुक के नेगीनाहला गाँव में श्री गुरु मदीवालेश्वर मठ के पुजारी बसवासिद्दालिंगा स्वामी मृत मिले थे।