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दलित युवक की पिटाई, ‘मौलाना’ ने थूक चटवाया… क्योंकि मुस्लिम लड़की से चल रहा था प्रेम-प्रसंग: Video वायरल, समस्तीपुर के SP को खबर तक नहीं

बिहार के समस्तीपुर जिले में एक युवक को थूक चाटने को मजबूर किया गया। उसकी पिटाई की गई। पीड़ित युवक दलित बताया जा रहा है। मुस्लिम लड़की के साथ प्रेम-प्रसंग की वजह से उसके साथ इस घटना को अंजाम दिया गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। लेकिन समस्तीपुर के एसपी को इसकी खबर तक नहीं है।

मामला बुधवार (19 अक्टूबर 2022) का है। कहा जा रहा है कि पीड़ित युवक की बाइक पर उसकी मुस्लिम प्रेमिका को देख स्थानीय लोगों ने इस हरकत को अंजाम दिया। वायरल वीडियो में मौलाना जैसा दिख रहा एक व्यक्ति युवक से 5 बार थूक चाटने के लिए कहता नजर आ रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़ित युवक उजियारपुर थानाक्षेत्र के गाँव महेसरी का है। बताया जा रहा है कि विभूतिपुर थाना क्षेत्र के गाँव चकहबीब की रहने वाली एक लड़की से उसका अफेयर चल रहा। घटना के दिन वह बाइक से अपनी गर्लफ्रेंड को उसके गाँव छोड़ने आया था। इसी दौरान भीड़ ने उसको पकड़ लिया। आरोप है कि पहले युवक की जमकर पिटाई की गई। इसके बाद ‘मौलाना’ के निर्देश पर उससे 5 बार थूक कर चटवाया गया।

पीड़ित युवक 22 वर्ष और उसकी कथित गर्लफ्रेंड 20 वर्ष की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में पीड़ित युवक सफेद रंग के कपड़े पहने मौलाना के पैरों में बैठा दिख रहा है। पीछे से भीड़ की आवाज थूक चाट-थूक चाट कह रही है। वीडियो में एक लंबी दाढ़ी वाला व्यक्ति पीड़ित युवक को फिर से गाँव में न दिखाई देने की धमकी दे रहा है। इस दौरान आसपास मौजूद भीड़ तमाशबीन बनी हुई है।

बताया जा रहा है कि थूक चटवाने के बाद पीड़ित युवक को छोड़ दिया गया। इस घटना का वीडियो रविवार (23 अक्टूबर 2022) से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक थाना प्रभारी संदीप पाल के मुताबिक उन्हें वीडियो मिल चुका है, जिसके आधार पर आरोपितों की पहचान करवाई की रही है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए ग्राम पंचायत राज चकहबीब के मुखिया राम सेवक शाह ने बताया कि जिस लड़के को थूक चटाया गया, वह पासवान (दलित) है। उन्होंने बताया कि जिस लड़की को वह छोड़ने उसके गाँव गया था, वह मुस्लिम है। मुखिया ने आरोपितों का नाम बताने से इनकार कर दिया। ऑपइंडिया ने इस मामले में कार्रवाई की जानकारी को लेकर थाना विभूतिपुर से सम्पर्क करने की कोशिश की। लेकिन फोन बंद मिला। वहीं समस्तीपुर के SP ने ऐसे वीडियो की जानकारी होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वीडियो देखने के बाद ही वे जानकारी दे पाएँगे।

‘तू मुसलमान… ये टीका क्यों लगाया’: जहीर खान की दीपावली वाली फोटो देख भड़के कट्टरपंथी, लिखा- मुस्लिम नहीं मना सकते यह त्योहार

टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान (Zaheer Khan) दीपावली के दिन कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गए। उन्होंने सोमवार (24 अक्टूबर 2022) को दीवाली की शुभकामनाएँ देते हुए बीवी अभिनेत्री सागरिका घाटगे (Sagarika Ghatge) के साथ सोशल मीडिया में तस्वीर शेयर की। तस्वीर में जहीर और सागरिका ट्रेडिशनल लुक में हैं। जहीर ने तिलक भी लगा रखा है।

जहीर खान ने इस तस्वीर को साझा करते हुए लिखा, “हमारी तरफ से आपको दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ।” इसके बाद सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी उन पर टूट पड़े। एम इसरार खान ने लिखा, “एक मुस्लिम होने के नाते आप यह त्योहार नहीं मना सकते हैं। अल्लाह आपको सही राह दिखाए।”

शहजाद नाम के यूजर को जहीर खान के माथे पर तिलक लगाने से आपत्ति है। वह लिखता है कि आप दिवाली विश कर सकते हैं, लेकिन माथे पर तिलक नहीं लगा सकते।

बाबर ने जहीर खान के लिए लिखा, “भाई तू मुसलमान था ना शायद… ये टीका क्यों लगाया है फिर।”

यह पहली बार नहीं है, जब जहीर खान और उनकी बीवी को दिवाली मनाने पर ट्रोल​ किया गया हो। इससे पहले भी कट्टरपंथी दोनों के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर चुके हैं।

फोटो साभार : जहीर खान का ट्विटर
फोटो साभार : जहीर खान का ट्विटर

साल 2019 में जहीर ने दिवाली की एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसको लेकर एक यूजर ने लिखा था, “धर्म परिवर्तन कर लिया क्या, भाईजान…।” वहीं एक अन्य यूजर ने कहा, “कुछ तो शर्म कर लो।” मुहम्मद फारूक असद ने जहीर के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा था कि इस तरह से दिवाली मनाने के बाद अल्लाह को क्या मुँह दिखाओगे। उमर ने लिखा था, “नहीं मिलेगा फ्लैट अब भी।”

नो-बॉल की रट लगा रहे शोएब अख्तर को भारतीय फैंस ने लताड़ा, अंपायरों को कर रहे थे बदनाम: लोगों ने ग्राफिक दिखा-दिखा कर समझाया

भारत-पाक‍िस्‍तान के बीच क्रिकेट मैच हो और कोई विवाद न हो, इसकी उम्‍मीद कम ही होती है। अगर वर्ल्‍ड कप जैसा बडा आयोजन हो तो, दोनों देशों की धडकनें थम सी जाती है। पाकिस्‍तान का वर्ल्‍ड कप में भारत से हारने का सिलसिला बहुत पुराना रहा है। रविवार को शानदार मैच में विराट कोहली ने कर‍िश्‍माई बैटिंग से टीम इंडिया को जीत दिला दी थी। पाक‍िस्‍तान हर बार हार के बाद नया बहाना बनाता है। इस बार यह कमान संभाली है पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्‍तर ने। अख्‍तर ने टवीट कर अंपायर के फैसले पर ही सवाल खड़ा कर दिया है।

दरअसल आखिरी ओवर में अंपायर ने मोहम्मद नवाज की गेंद को नो-बॉल करार दिया। गेंद विराट के कमर से ऊपर थी। उस गेंद पर कोहली ने छक्का लगाया और भारत को फिर फ्री हिट भी मिला। इस नो-बॉल की फोटो पोस्ट करते हुए अख्तर ने लिखा, “अंपायर भाइयों, आज रात सोच-विचार करने के लिए आपके लिए खाना।”

वहीं एक यूजर समीर ठकरान ने शोएब अख्तर को आईना दिखाते हुए कहा, ”गेंद का प्रभाव बिंदु कमर रेखा से ऊपर है। इसमें कोई संदेह नहीं है, लेकिन अगर थोड़ा भी संदेह था तो आपको पता होना चाहिए कि संदेह का लाभ बैटर को जाता है। लोगों को हार के लिए फॉल मैन खोजने के बजाय अंपायरों का सम्मान करना सीखना चाहिए!”

एक और यूजर ने शोएब को जवाब देते हुए ग्राफिक शेयर करते हुए कहा, सर, सर,सर यह स्‍पष्‍ट रूप से कमर के उपर है। क्‍यों इसपर इतनी बात हो रही है, यह समझ से परे है।

160 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। कप्तान रोहित शर्मा (4) समेत केएल राहुल (4), सूर्यकुमार यादव (15) और अक्षर पटेल (2) सस्ते में पवेलियन लौट गए थे। भारत ने एक समय पर 31 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे। फिर चला विराट और हार्दिक पटेल का जादू । दोनों बल्लेबाजों ने शतकीय साझेदारी कर टीम को जीत दिलाई। कोहली 53 गेंदों पर 6 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 82 रन बनाकर नाबाद रहे ।

‘The Wire’ ने फर्जी एप वाली स्टोरी तो हटा ली, लेकिन उसके सहारे दुनिया भर में भारत के खिलाफ माहौल बनाया गया उसका क्या? विकिपीडिया भी प्रपंच में शामिल

‘द वायर’ ने ‘Meta’ कंपनी को लेकर अपनी स्टोरीज वापस ले ली है और आतंरिक जाँच’ की बातें कही है। अब उसने ‘Tek Fog’ पर कुछ महीनों पहले की गई रिपोर्टिंग को भी वापस ले लिया है। उसने दावा किया था कि इस नाम के एप से भाजपा सोशल मीडिया को कंट्रोल कर रही है।

अगस्त 2020 के एक ट्वीट और फर्जी सूत्रों के आधार पर मीडिया संस्थान ने भाजपा नेता देवांग दवे को इस एप के पीछे का दिमाग बताया था और कहा था कि ये शक्तिशाली एप सोशल मीडिया में अपने हिसाब से ट्रेंड्स चलाता है और आलोचकों के लिए घृणा फैलाता है। देवांग दवे ने इससे इंकार किया, लेकिन फिर भी ‘The Wire’ ने बिना किसी सबूत इस स्टोरी को चलाया।

मीडिया संस्थान ने जनवरी 2022 में प्रकाशित किए गए खबर में दावा किया था कि इस एप के माध्यम से भाजपा कई व्हाट्सएप्प ग्रुप्स को मैनेज करती है और भाजपा विरोधी पत्रकारों को प्रताड़ित करने के अलावा ट्विटर ट्रेंड्स भी हाईजैक करती है। साथ ही दावा किया गया था कि ये एप सशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के सभी सिक्योरिटी फीचर्स की धज्जियाँ उड़ाता है। इसकी मानें तो इस ‘सुपरपॉवर’ एप के पास अमेरिका और नासा से भी ज्यादा शक्तियाँ हैं। उसने ये तक कह दिया कि व्हाट्सएप्प-ट्विटर एकाउंट्स को हैक करना इस एप के लिए बच्चों का खेल है।

ऑपइंडिया ने अपनी रिपोर्टिंग के जरिए कई बार बताया है कि इस तरह का कोई एप नहीं है और ये सब ‘द वायर’ के दिमाग की उपज है। हमने उसकी स्टोरीज में कई लूपहोल भी खोज निकाले। अब कई महीनों के बाद ‘Meta’ मामले में बेइज्जती के बाद प्रोपेगंडा पोर्टल ने ‘टेक फॉग’ वाली स्टोरीज भी वापस ले ली है। ध्यान देने वाली बात ये है कि देवेश कुमार नामक व्यक्ति ने इन दोनों मामलों में सह-लेखन किया था। 23 अक्टूबर, 2022 को ‘द वायर’ ने एक फ्लैश मैसेज के जरिए Tek Fog’ वाली स्टोरीज को हटाने का ऐलान किया।

‘द वायर’ ने ‘Meta’ वाली स्टोरीज हटाने का किया ऐलान

बस अपना चेहरा बचाने के लिए ‘The Wire’ ऐसा कर रहा है, ताकि वो दिखावा कर सके कि वो ‘पारदर्शिता’ का अनुसरण करता है और उसके यहाँ ‘आंतरिक जाँच’ भी होती है। हालाँकि, इन स्टोरीज के सहारे दुनिया भर में भारत की जो बदनामी हुई, उसकी भरपाई कौन करेगा?

‘फ्रीडम हाउस’ नामक संस्था ने भी इसी स्टोरी के आधार पर भारत को बदनाम किया था। उसने भारत में हिंसक प्रदर्शनों का समर्थन भी किया। कई अन्य संस्थाओं ने इस स्टोरी के सहारे भारत को बदनाम करने की साजिश रची थी।

ऐसे वाशिंगटन पोस्ट, ब्लूमबर्ग और विकिपेडिया ने ‘Tek Fog’ वाले दावे को आगे बढ़ाया, जो अब पूरा फर्जी साबित हो चुका है

भारत की नकारात्मक छवि बनाने के लिए कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने ‘The Wire’ की ‘Tek Fog’ वाली काल्पनिक कहानी का सहारा लिया। इनमें वाशिंगटन पोस्ट और ब्लूमबर्ग शामिल हैं। इन लोगों ने इस काल्पनिक दावे को आगे बढ़ाया कि भाजपा एक एप के जरिए सोशल मीडिया को नियंत्रित कर रही है। दावा किया गया कि अपने आलोचकों को भाजपा इस एप के सहारे घृणा का शिकार बनाती है और ट्रेंड्स भी अपने हिसाब से चलाती है।

ये दुनिया भर में वामपंथी मीडिया का एक गठजोड़ दिखाता है, जो झूठ के सहारे भारत को बदनाम करने में लगा हुआ है। इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद ये लोग माफ़ी तक नहीं माँगते, लेकिन तब तक देश की छवि को नुकसान पहुँचा चुके होते हैं। ब्लूमबर्ग के दो लेखकों कल्पन और एंडी मुखर्जी को ही ले लीजिए, जिन्होंने ‘द वायर’ की स्टोरी को आधार बना कर एक ओपिनियन लेख लिखा। कई मीडिया संस्थानों ने इसे प्रकाशित किया।

‘Freedom House’ संस्था ने इसके आधार पर भारत को किया था बदनाम

इस लेख में उस तथाकथित एप को लेकर ऐसे-ऐसे दावे किए गए, जैसे ‘द वायर’ ने भी नहीं किए थे। उन्होंने इसे एक ब्राउज़र पर आधारित एप्लिकेशन बता कर ‘सर्वशक्तिमान’ साबित करने की कोशिश की। जो एप अस्तित्व में ही नहीं है, उसके बारे में अजीबोगरीब दावे करते हुए इन दोनों ने लिखा कि ये एक मिलिट्री ग्रेड का PSYOP है, अर्थात साइकोलॉजिकल हथियार। एक रिसर्चर का बयान छापते हुए उन्होंने दावा किया कि ये सिर्फ कुछ ही सरकारों के पास है, जिसका इस्तेमाल ‘दुश्मन जनसंख्या’ पर किया जाता है।

विकिपीडिया के कई लेख में भारत को बदनाम करने के लिए ‘द वायर’ के ‘टेक फॉग’ वाले फर्जीवाड़े को उद्धृत किया गया। इसके लिंक्स लगा कर फर्जी दावे किए गए। इसके आधार पर एक लेख में भारत में लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी के गिरने का दावा किया गया और इसके लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया। “Freedom of the press in India” नामक एक विकिपीडिया आर्टिकल इस लेख को साइट करता है।

आज भी लोगों के बीच ये भ्रम है कि विकिपीडिया एक न्यूट्रल प्लेटफॉर्म है, जबकि सच्चाई ये है कि वामपंथी विचारधारा वाले लोगों ने इस पर कब्ज़ा कर लिया है और उनके प्रोपेगंडा को आगे बढ़ाने के लिए इसका जम कर इस्तेमाल किया जाता है। झूठ फैलाए जाते हैं। इस पर उपलब्ध अधिकतर सूचनाएँ पक्षपाती हैं और उनका आधार वामपंथी प्रकाशन होते हैं। इसके संस्थापक लैरी सेंगर अब इसके साथ नहीं हैं और वो इस मुद्दे के बारे में खुल कर बात कर चुके हैं।

विकिपीडिया पर इसी स्टोरी के सहारे चला भारत विरोधी प्रोपेगंडा

उनका कहना है कि विकिपीडिया का उद्देश्य था सूचनाओं को न्यूट्रल तरीके से पेश करना, लेकिन ये कब का इस नीति को भूल चुका है। अब ये सिर्फ लिबरल राजनीतिक एंगल से चीजें चलाता है। नाजी प्रोपेगंडा मंत्री गोएबेल्स का एक बयान यहाँ पर याद करने लायक है। उन्होंने कहा था कि जब क झूठ को सौ बार दोहराया जाता है तब वो सच लगने लगता है। ‘द वायर’ ने भले अपनी स्टोरीज हटा ली हों, लेकिन उसके आधार पर कई जगह जो झूठ और प्रोपेगंडा फैला हुआ है, वो चलता ही रहेगा।

‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ ने भी ‘द वायर’ के झूठ का प्रचार-प्रसार किया

भारत की छवि को भी ‘The Wire’ की फर्जी रिपोर्टिंग से नुकसान तो पहुँचा ही, साथ ही ‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ को भी इसमें उसका साथ देने के लिए याद किया जाना चाहिए। इस संस्था ने एक बयान जारी कर के ‘महिला पत्रकारों’ पर हमले का रोना रोया, जो इस स्टोरी के पक्ष में खड़े हुए थे। क्या अब यही संस्था अपने बयान को वापस लेकर माफ़ी माँगेगा और एक दूसरा बयान जारी कर ‘द वायर’ की निंदा करेगा?

अब जब ‘द वायर’ की पोल खुल गई है और इस फर्जीवाड़े को उसे भी मानना पड़ा है, एडिटर्स गिल्ड चुपचाप ही रहे शायद। हम भारतीय नागरिकों के लिए इस घटना में काफी सीख है। हमें सतर्क रहना होगा। एक प्रोपेगंडा आर्टिकल के कारण ये लोग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को इतना नुकसान पहुँचा सकते हैं और मोदी सरकार को लेकर नकारात्मक माहौल बना सकते हैं। इससे अनुमान लगा लीजिए कि वर्षों से चल रहे प्रोपेगंडा के तहत अनगिनत लेख और वीडियो के जरिए इन्होंने देश का कितना नुकसान किया है।

पिचाई ने Pak फैन की ऐसे कर दी ‘सुंदर पिटाई’: पाकिस्तान में अब हराम हो जाएगा Google? भारत की जीत पर झूमे दिग्गज कंपनी के CEO

दीवाली से एक दिन पहले पाकिस्तान के साथ मैच में भारत की जीत ने भारतीयों के उत्साह को दोगुना कर दिया है। यही खुशी जाहिर करने के लिए गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भी अपना ट्वीट किया। इसी दौरान एक पाकिस्तानी फैन उन्हें ट्रोल करने के इरादे से वहाँ आ गया। ऐसे में पिचाई ने उसे ऐसा जवाब दिया कि ट्रोलर तो चुप हो गया लेकिन पिचाई के जवाब की तारीफ करने वालों की संख्या बढ़ गई।

दीवाली की बधाई देते हुए सुंदर पिचाई ने ट्वीट किया था, “शुभ दीवाली! आशा है कि जश्न मनाने वाले सभी लोगों के पास आपके दोस्तों और परिवार के साथ अच्छा समय होगा। मैंने आज फिर आखिरी तीन ओवर देखकर जश्न मनाया, क्या खेल और प्रदर्शन था।”

इसी कमेंट पर मोहम्मद शाहजेब ने एंट्री मारते हुए कहा, “तुमको शुरुआत के तीन ओवर देखने चाहिए थे। ” इस पर सुंदर पिचाई ने जवाब दिया, “हाँ मैंने देखे थे। भुवी और अर्शदीप का क्या स्पेल था।”

इस ट्वीट को देखने के बाद लोग पिचाई की तारीफ करने लगे। एक यूजर ने लिखा सुंदर का सुंदर जवाब। दूसरे ने लिखा- सुंदर अन्ना आज फॉर्म में हैं। क्या रिप्लाई दिया है।

एक यूजर ने लिखा कि क्या इस जवाब के बूाद गूगल भी पाकिस्तान में ‘हराम’ घोषित हो जाएगा।

एक ने लिखा- सीईओ रॉक, पाकिस्तानी शॉक। नाइट राइडर नाम के यूजर ने लिखा- पाकिस्तानियों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। ये तो सर्जिकल स्ट्राइक है।

बता दें कि पाकिस्तानी यूजर सुंदर पिचाई को वो तीन ओवर याद दिलाने आया था जब कप्तान रोहित शर्मा और केएल राहुल का विकेट गिरा था। लेकिन उसने इस बात को कहीं लिखा नहीं था कि वो कौन से तीन ओवर की बात कर रहा है। ऐसे में पिचाई ने पूरे मैच के शुरुआती तीन ओवर्स का तंज पाकिस्तानी यूजर पर कसा जब अर्शदीप और भुवी शानदार गेंदबाजी कर रहे थे।

DGP को फर्जी चीफ जस्टिस का कॉल करने वाला ‘महाठग’ CM नीतीश कुमार का करीबी? भाजपा ने उठाए सवाल, मुख्यमंत्री ने पुलिस चीफ को दी क्लीन चिट

बीते दिनों बिहार के डीजीपी एसके सिंघल को अभिषेक अग्रवाल नामक व्यक्ति ने फोन कर खुद को हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बताते हुए आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार का केस खत्म करवाने की कोशिश की थी। आदित्य कुमार ने जिस अभिषेक अग्रवाल से फोन करवाकर अपने केस खत्म करवाए थे उसकी बिहार सीएम नीतीश कुमार के साथ फोटो सामने आई है। इसके बाद, भाजपा ने अभिषेक अग्रवाल को नीतीश का करीबी बताते हुए डीजीपी को क्लीन चिट देने की मंशा पर सवाल उठाए हैं।

दरअसल पत्रकार उत्कर्ष सिंह ने अभिषेक अग्रवाल की नीतीश कुमार व अन्य नेताओं के साथ फोटो शेयर करते हुए ट्वीट किया था। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा था, “चीफ जस्टिस के नाम पर डीजीपी को मूर्ख बनाकर आईपीएस अधिकारी को क्लीन चिट दिलाने का मामला अपने आप में बेहद दिलचस्प और अनोखा है। लेकिन, ये इतना सीधा नहीं, जितना दिखाया जा रहा। बिहार का महाठग अभिषेक अग्रवाल दर्जनों IPS-IAS अधिकारियों के साथ ही नेताओं का भी दुलारा था। ठग के साथ नीतीश कुमार।”

पत्रकार ने अपने एक अन्य ट्वीट में बिहार के कई अन्य नेताओं के साथ ट्वीट कर कहा था, “अभिषेक अग्रवाल पुराना ठग है, उस पर पहले से ही जालसाज़ी के कई मुकदमे चल रहे हैं। तिहाड़ तक में सजा काट चुका है। बावजूद इसके पिछले कई सालों से यह लगातार तमाम अधिकारियों और नेताओं के साथ उठता-बैठता रहा और अपना काम करवाता रहा। कुछ मंत्रियों और पूर्व मंत्रियों के साथ बिहार का महाठग।”

पत्रकार के इस ट्वीट को रीट्वीट करते हुए बिहार भाजपा के प्रवक्ता निखिल आंनद ने आरोप लगाते हुए कहा है कि अभिषेक अग्रवाल की आवाजाही सीएम हाउस में रही है और वह नीतीश कुमार का करीबी है।

निखिल आनंद ने ट्वीट कर कहा “अभिषेक अग्रवाल, नीतीश कुमार जी का नजदीकी है। तस्वीरें इस बात की साक्षी हैं कि अभिषेक की एंट्री सीएम आवास-दफ्तर में रही है। अब जो सीएम का नजदीकी हो पुलिस- प्रशासन के अधिकारी उसको भाव तो देंगे ही। सीएम द्वारा डीजीपी को क्लीन चिट देने के पीछे अभिषेक को बचाने की मंशा भी साफ है।”

बता दें, बीते सप्ताह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डीजीपी एसके सिंघल को क्लीन चिट दे दी थी। नीतीश कुमार ने कहा था कि इसमें डीजीपी ने थोड़ी सी गलती की है। लेकिन, जब उन्हें यह लगा कि कोई गलत आदमी उन्हें फोन कर रहा है, तो उन्होंने तुरंत इसकी जाँच करवाई। वह दो महीने में रिटायर होने वाले हैं। इसलिए, उनकी गलती पर ध्यान नहीं देना चाहिए।

क्या है मामला

दरअसल, गया के पूर्व एसपी और 2011 के बैच आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार पर शराब माफिया से साठ-गाँठ का आरोप लगा था। इस बारे में उनके खिलाफ डिपार्टमेंटल इन्क्वायरी चल रही थी। इससे बचने के लिए उन्होंने अभिषेक अग्रवाल नामक व्यक्ति का सहारा लिया। आरोप है कि अभिषेक ने खुद को हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बताकर डीजीपी एसके सिंघल को करीब 50 बार फोन करवाकर आईपीएस आदित्य कुमार के खिलाफ चल रहे केस खत्म करवा दिए थे।

इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार सहित उसके दोस्त अभिषेक भूपालका उर्फ अभिषेक अग्रवाल और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। आदित्य फरार बताया जा रहा है। जबकि, अभिषेक अग्रवाल, गौरव राज, शुभम कुमार और राहुल रंजन जायसवाल को गिरफ्तार किया गया है। इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 387, 419, 420, 467, 468, 120 B और आईटी एक्ट की 66 C और 66 D के तहत केस दर्ज किया गया है।

‘हमसे कहा अंडरवियर उतारो’: कतर एयरवेज के खिलाफ 5 औरतों ने किया केस, कहा- एयरपोर्ट पर जबरन हुआ ‘वजाइनल टेस्ट’

कतर एयरवेज के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की 5 औरतों ने केस किया है। उनका आरोप है कि दोहा एयरपोर्ट पर 2 साल पहले यात्रा के दौरान बंदूक दिखाकर उनका वजाइनल एग्जाम कराया गया। महिलाओं की माँग है कि अब उन्हें कतर एयरवेज और कतर नागरिक उड्डयन की ओर से आर्थिक मुआवजा मिले क्योंकि उनकी वजह से उन्हें मानसिक प्रताड़ना मिली, वो परेशान हुईं, गैर-कानूनी ढंग से उन्हें छुआ गया और वह डिप्रेशन में रहीं।

जानकारी के मुताबिक साल 2020 के अक्टूबर में कतर एयरवेज से कई महिलाएँ सिडनी जा रही थीं। इसमें ऑस्ट्रलियाई नागरिक थीं, न्यूजीलैंड की थीं और कुछ ब्रिटेन की थीं। इनमें से कुछ को हवाई जहाज से उतारा गया और इन्हें गाड़ी में बंद करके बंदूक दिखाकर गाइनी टेस्ट के लिए ले जाया गया।

ये सब इसलिए था क्योंकि उसी दिन एयरपोर्ट पर एक नवजात बाथरूम में मिला था। ऐसे में प्रशासन जाँच से ये पता लगाने का प्रयास कर रहा था कि आखिर वह बच्चा किसने छोड़ा है। अपनी जाँच के दौरान उन्होंने कई महिलाओं का टेस्ट कराया। लेकिन कुछ पर बंदूक तान दी और उनसे जाँच के लिए अंडरवियर उतारने को भी कहा गया।

महिलाओं के अनुसार उनके ऊपर जो सख्ती हुई, उनके साथ जैसा बर्ताव किया गया उससे वह काफी आहत हुईं। यही कारण है कि 2 साल बाद उन्होंने इस संबंध में शिकायत दी है।

एक 33 साल की महिला ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि इस घटना के बाद उसने दोबारा कभी कहीं के लिए उड़ान नहीं भरी। इस घटना ने उन्हें इंसान के तौर पर पूरा बदल कर रख दिया। वह कहती हैं, “ऐसा लगा जैसे ये सब करके उन्हें कोई अफसोस नहीं था और वो इन बातों से आगे बढ़ चुके थे। हम लोग उस दिन के बाद काफी डर गए और बदल गए।”

घटना के संबंध में कतर अधिकारियों ने माफी माँगी है। इसके अलावा जिस अधिकारी ने जाँच के लिए कहा था उसे भी प्रशासन द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही नौकरी से भी उसे सस्पेंड कर दिया गया है।

कतर ने वर्ल्ड कप से पहले फ्लाइटें की रद्द

उल्लेखनीय है कि कि कतर एयरवेज को लेकर ऐसी शिकायत तब सामने आई है जब फीफा वर्ल्ड कप से पहले कतर पहले ही 18 फ्लाइटें रद्द कने के कारण चर्चा में है। उन्होंने अपनी 18 फ्लाइटों को केवल इसलिए रद्द कर दिया क्योंकि उन्हें फीफा वर्ल्ड कप के लिए कतर आ रहे लोगों के लिए एयरपोर्ट पर खुली जगह चाहिए। कतर उम्मीद कर रहा है कि टूर्नामेंट के लिए उनके यहाँ रोजाना 500 शटल फ्लाइट के अलावा सैंकड़ों चार्टर विमान और प्राइवटे जेट भी आने वाले हैं।

4 हजार दीये, 5 टन रेत… सुदर्शन पटनायक ने दिवाली पर बनाई माँ काली की मूर्ति, जगन्नाथ पुरी के समुद्र तट से देश को कहा – शुभ दीपावली

सैंड आर्टिस्‍ट सुदर्शन पटनायक ने पुरी तट पर रेत से मॉ काली की शानदार कलाकृति बनाई है। पटनायक अक्‍सर खास अवसरों पर अपने सैंड आर्ट से देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट करते हैं। इस बार उन्होंने माँ काली की खूबसूरत मूर्ति बनाकर अपने खास अंदाज में देशवास‍ियों को दिवाली की शुभकामनाएँ दी हैं। खास बात यह है कि इस कलाकृति को बनाने में सुदर्शन ने 4 हजार दीयों और 5 टन रेत का इस्‍तेमाल किया है।

सुदर्शन पटनायक ने ट्विटर अकाउंट से माँ काली की तस्वीर ट्वीट की है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “हैप्पी दिवाली… ओडिशा के पुरी बीच पर 4045 दीयों से माँ काली की रेत से मूर्ति बनाई है।”

पटनायक ने इसके साथ एक अन्‍य टवीट में लोगों को दिवाली की शुभकामनाएँ भी दी और साथ ही माँ काली की मूर्ति की मोशन प‍िक्‍चर भी साझा की। इसमें उन्होंने खास तौर पर मूर्ति में इस्तेमाल किए गए दीयों को दिखाने की कोशिश की है। इस वीडियो को देख साफ़ पता चलता है कि उन्होंने काफी मेहनत से इसे बनाया है और साथ ही काफी बारीक काम किया है।

वहीं इससे पहले पटनायक ने भगवान श्रीराम की मूर्ति भी रेत से बनाई थी, जिसे उन्होंने ट्विटर पर भी शेयर किया था।

उल्‍लेखनीय है कि सैंड आर्टिस्‍ट सुदर्शन पटनायक रेत से बनाई जाने वाली मूर्तियों या कलाकृतियों के लिए काफी मशहूर हैं। सोशल मीडिया पर भी उनके काफी फैंस है और उनके काम की लोग काफी सराहना भी करते हैं। पटनायक की सबसे खास बात है कि वह हमेशा अपनी कला के जरिए ज्‍वलंत मुद्दों को पेश करते रहते हैं। रेत से अपनी कला को पेश करने की उनकी टाइम‍िंंग शानदार रही है। सरकार ने उनकी उत्कृष्ट कला के लिए पद्मश्री अवॉर्ड से भी सम्मानित किया है।

वनवासी हिन्दू संस्कृति पर बनी ‘कांतारा’ ने पार किया ₹200 करोड़ की कमाई का आँकड़ा, विवेक अग्निहोत्री भी हुए फिल्म के मुरीद: USA में 1 मिलियन डॉलर का कलेक्शन

एक के बाद कई बॉलीवुड फिल्मों के बॉयकॉट के बीच साउथ इंडियन फिल्में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहीं हैं। रिषभ शेट्टी स्टारर कन्नड़ फिल्म कांतारा (Kantara) न केवल भारत, बल्कि विदेशों में कमाई के मामले में कई फिल्मों को पछाड़ते हुए आगे बढ़ रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि फिल्म रिलीज के 24 दिन बाद भी ताबड़तोड़ कमाई कर रही है और अब 200 करोड़ रुपए के आँकड़े को भी पार कर चुकी है।

‘कांतारा’ ने रिलीज के बाद से लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है। फ़िल्म ने चौथे वीकेंड पर करीब 32 करोड़ रुपए की कमाई की है। यह कमाई तब है जब विक्रम वेधा, पोन्नियिन सेलवन-I , गॉडफादर और डॉक्टर जी जैसी बड़ी फिल्में रिलीज हुईं हैं। 16 करोड़ की लागत में बनी ‘कांतारा’ अब तक 200 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई कर चुकी है। यानी फिल्म अब अपने लागत से 12 गुना अधिक कमाई कर ली है।

हाल ही में, सामने आईं बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स के अनुसार ‘कांतारा’ ने अमेरिकी बॉक्स ऑफिस में 1 मिलियन डॉलर (8.27 करोड़ रुपए) की कमाई की है। इस कमाई के साथ यह फिल्म अमेरिका में KGF-2 के बाद सबसे अधिक कमाई करने वाली दूसरी कन्नड फिल्म बन गई है।

कांतारा की कमाई को लेकर एंटरटेनमेंट ट्रैकर रमेश बाला ने भी अपने ट्वीट कर बताया है कि केजीएफ चैप्टर-2 के बाद ‘कांतारा’ दूसरी ऐसी फिल्म बन गई है जिसने यूएसए में 1 मिलियन क्लब में प्रवेश किया है।

इसके अलावा फिल्म ने पूरी दुनिया के बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाते हुए ऑस्ट्रेलियन बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छी खासी कमाई की है। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘कांतारा’ ने ऑस्टेलियाई बॉक्स ऑफिस पर 2 लाख ऑस्ट्रेलियन डॉलर (1.04 करोड़ रुपए) की कमाई की है।

गौरतलब है कि ‘कांतारा’ सिर्फ कमाई के मामले में ही रिकॉर्ड नहीं तोड़ रही, बल्कि दिल जीतने के मामले में भी टॉप रही है। सिने प्रेमियों से लेकर दिग्गज बॉलीवुड स्टार्स ने भी फिल्म की तारीफ की है। बॉलीवुड की ‘क्वीन’ कही जाने वाली कंगना रनौत ने हाल ही में कहा था कि ‘कांतारा’ को ऑस्कर के लिए भेजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा था, “मुझे लगता है कि कांतारा को अगले साल ऑस्कर्स में एंट्री मिलनी चाहिए। मुझे पता है कि साल बाकी है और बेहतर फिल्में आ सकती हैं, लेकिन ऑस्कर से ज्यादा ये जरूरी है कि दुनिया भर में भारत का प्रतिनिधित्व सही तरीके से होना चाहिए।”

इसके अलावा कश्मीर फाइल्स जैसी बेहतरीन फिल्मों के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने भी ‘कांतारा’ की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था, “ऋषभ शेट्टी की मास्टरपीस फिल्म ‘कांतारा’ अभी देखी। बस एक शब्द है कहने के लिए ‘वाह’। कमाल का अनुभव। जितना जल्द हो इसे देखिए।”

सियाचिन और किन्नौर से लेकर राजौरी और कारगिल तक, जानिए PM मोदी ने 9 सालों में कहाँ-कहाँ मनाई दिवाली: सेना के जवानों के साथ रहे, बढ़ाया हौसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल सरहद पर हमारी रक्षा कर रहे जवानों के साथ दिवाली मनाते हैं। प्रधानमंत्री इस बात का ख्याल रखते हैं क‍ि सीमा पर तैनात जवानों की दिवाली सूनी न हो। इसी क्रम में वह इस बार दिवाली मनाने जम्‍मू-कश्‍मीर के कारगिल द्रास पहुँचे। उन्होंने वहाँ देश के बहादुर जवानों के साथ प्रकाश के त्योहार की खुशियाँ साझा की।

इस दौरान सैनिकों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सेना के जवान ही मेरा परिवार हैं और इससे बेहतर दिवाली और कहाँ हो सकती है। पीएम ने कहा कि असल में दिवाली का सार ही ये है कि आतंक का अंत हो और फिर उसका उत्सव मनाया जाए। करगिल युद्ध के दौरान भी हमारे जवानों ने दुश्मनों के फन को कुचल दिया था। पीएम ने अपने संबोधन में इस बात पर भी जोर दिया पिछले कुछ सालों में सेना में सुधार के लिए कई रीफॉर्म किए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने इस परंपरा की शुरुआत वर्ष 2014 में की थी, जब वह पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने थे। पीएम मोदी उस वर्ष (23 अक्टूबर 2014) सियाचिन जाकर जवानों के साथ दिवाली मनाई थी। सियाचिन में भारतीय जवान काफी मुश्किल हालातों में देश की सरहद की रक्षा करते हैं। वहां तापमान कई बार माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है।

2015 में पंजाब में मनाई दिवाली

प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम ने इस परंपरा की शुरुआत सियाचिन से की थी। दूसरी बार पीएम ने पंजाब ने 11 नवंबर 2015 वहाँ के जवानों के साथ दिवाली मनाई थी। वह 1965 युद्ध के वॉर मेमोरियल भी गए थे और वहाँ से पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया था।

2016 में दिवाली मनाने हिमाचल पहुँचे

पीएम मोदी 30 अक्टूबर 2016 में हिमाचल के किन्नौर में दिवाली मनाने पहुँचे थे। यहाँ उन्होंने भारत चीन बॉर्डर के पास जवानों के साथ दिवाली मनाई थी। यहाँ पीएम जवानों से दोस्त की तरह मिले। जवानों को हौसला बढ़ाया और फोटो भी खिंचवाई।

2017 को जम्मू कश्मीर में दिवाली

पीएम मोदी ने 18 अक्टूबर 2017 जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में बीएसएफ और सेना के जवानों के साथ दीवाली मनाई थी। यहां पर पीएम मोदी ने आतंकवाद को लेकर सीधे-सीधे पाक को चेतावनी दी थी।

2018 उत्तराखंड में दिवाली

पीएम मोदी ने साल 2018 में ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सेना और आईटीबीपी के जवानों के बीच दीवाली मनाई थी। इस मौके पर उन्होंने मिठाई खिलाकर जवानों का हौसला बढ़ाया था।

2019 में राजौरी सेक्टर में दिवाली मनाई

मोदी ने 27 अक्टूबर, 2019 को राजौरी में एलओसी के समीप जवानों के साथ दीवाली मनाई। पीएम सेना की वर्दी में जवानों के बीच पहुँचे थे। पीएम ने पहले बलिदानियों को नमन किया फिर जवानों को मिठाई खिलाकर दीवाली की खुशी बाँटी।

2020 में जैसलमेर पहुँचे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 नवम्बर, 2020 को दीपावली जैसलमेर के लोंगेवाला पोस्‍ट जाकर मनाया। इस दौरान उन्‍होंने टैंक की सवारी की और जवानों में मिठाइयाँ भी बाँटी।

2021 में जम्मू-कश्मीर के राजौरी में मनाई दिवाली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 नवंबर, 2021 में जवानों संग राजौरी के नौशेरा सेक्‍टर में दिवाली मनाई थी।