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इमरान खान पर नहीं चलेगा आतंकवाद का केस: पाकिस्तानी अदालत का फैसला, रैली में महिला जज को धमकाया था

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर अब आतंकवाद की धाराओं में केस नहीं चलेगा। ये आदेश वहाँ के हाईकोर्ट ने दिया है। पूर्व पीएम के ऊपर महिला जजों और पुलिसवालों को धमकी देने का आरोप लगने के बाद ये धाराएँ लगाई गई थीं।

इमरान खान के वकील फैजल चौधरी ने कोर्ट आदेशों के बारे में बताया, “कोर्ट ने कहा है कि इमरान खान के कथित अपराध आतंकवादी गतिविधि जैसे नहीं लगते।” इसके अलावा उनके वकील चौधरी बोले कि इमरान खान के खिलाफ पूरा केस चलता रहेगा लेकिन आतंकवाद रोधी अदालत के बजाय अब सुनवाई साधारण कोर्ट में होगी।

बता दें कि इमरान खान ने कुछ समय पहले अपने एक करीबी की गिरफ्तारी के बाद उसकी जमानत याचिका खारिज किए जाने पर अपना एक बयान दिया था। इसी बयान में उन्होंने महिला जजों और पुलिस अधिकारियों को मंच से धमकी दी थी। इस बयान के बाद उनके ऊपर एफआईआर हुई और कार्रवाई शुरू की गई।

पुलिस ने उनके विरुद्ध एंटी टेररिज्म एक्ट की धारा 7 के अंतर्गत केस दर्ज किया था। आतंकवाद से जुड़े केस में गिरफ्तारी न हो इसके लिए इमरान खान ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

याचिका में इमरान खान ने कहा था कि उनकी निडर आलोचना, भ्रष्टाचार और भ्रष्ट राजनेताओं के खिलाफ उठाई आवाज के कारण वो सत्ताधारी पार्टी के निशाने पर हैं। इसी दुर्भावनापूर्ण मकसद से उनके खिलाफ एक झूठी शिकायत को दर्ज किया गया। याचिका में ये भी बताया गया कि सरकार ने इमरान खान को फर्जी केस मे गिरफ्तार करवाने के लिए हर हद्द पार कर दी।

बेल याचिका में लिखा था कि इमरान के ऊपर सरकार अब तक 17 एफआईआर दायर करवा चुकी है। इनमें हालिया तो राजनीति से प्रेरित है जिसमें उनको गलत मंशा से और फर्जी ढंग से फँसाया गया है।

‘उसे ब्लैकमेल किया जा रहा था’: MMS कांड की आरोपित छात्रा के वकील का दावा, पुलिस ने तीनों आरोपितों को 7 दिन के रिमांड पर लिया

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (CU) में वायरल वीडियो विवाद के बाद हुए प्रदर्शन के 2 दिन बीत जाने के बाद आरोपित लड़की के मोबाइल से 2 वीडियो मिलने की सूचना है। बताया जा रहा है कि इसमें से एक वीडियो खुद गिरफ्तार लड़की का है, जबकि दूसरा किसी और लड़की का। पुलिस ने इन दोनों वीडियो को जाँच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा है। यह जानकारी आरोपित लड़की के वकील संदीप शर्मा ने ANI को सोमवार (19 सितम्बर, 2022) को दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपित लड़की के वकील का ये भी कहना है कि लड़की को एक लड़के द्वारा ब्लैकमेल किया जा रहा था। इस से पहले मोहाली पुलिस और चंडीगढ़ विश्वविद्यालय ने कहा था कि लड़की ने सिर्फ अपने वीडियो अपने दोस्त को भेजे थे न कि किसी और लड़की के। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जाँच में उन्हें आरोपित लड़की के मोबाइल फोन में किसी और का वीडियो नहीं मिला था। इस बीच पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपितों को खरार कोर्ट से 7 दिन की रिमांड पर लिया है। अब पुलिस इन तीनों से विस्तृत पूछताछ करेगी।

तीनों की पेशी के दौरान कोर्ट में मीडियाकर्मियों के साथ कई अन्य लोगों की भारी भीड़ थी। पुलिस ने तीनों आरोपितों की सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम भी किए थे। गिरफ्तार तीनों आरोपित (1 छात्रा और 2 छात्र) इसी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में ही पढ़ाई करते हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी कड़े कदम उठाते हुए गर्ल्स हॉस्टल की 2 वॉर्डन को सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड होने वाली कर्मचारियों में वो महिला वॉर्डन भी शामिल है, जिसे एक अन्य वायरल वीडियो में आरोपित छात्रा को डाँटते देखा गया था।

दरअसल चंडीगढ़ विश्वविद्यालय पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ से लगभग 20 किलोमीटर दूर मोहाली, पंजाब में स्थित एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी है। इस मामले के सामने आने के बाद कुछ लड़कियों द्वारा आत्महत्या के प्रयास के दावों का खंडन करते हुए पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लड़कियाँ बेहोश हो गईं थी, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

गौरतलब है कि 18 सितम्बर ,2022 को अचानक ही चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में एक छात्रा पर 60 लड़कियों का नग्न वीडियो बनाने का आरोप लगा कर हंगामा खड़ा हो गया। कई लड़कियों ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। चंडीगढ़ पुलिस ने हालात को सँभालने का प्रयास किया और आरोपित छात्रा सहित हिमाचल प्रदेश से 31 और 23 वर्षीय 2 छात्रों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में अभी जाँच की जा रही है।

‘कागजों पर चल रहे थे मदरसे, सर्वे शुरू होते ही 2500+ गायब’: UP के मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष का खुलासा, कहा- ओवैसी की बातों में न आएँ

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य के मदरसों का सर्वे करवा रही है। यह सर्वे बीते मंगलवार यानि 13 सितंबर से शुरू हो चुका है। मदरसों के इस सर्वे के लिए 5 अक्टूबर तक की समय सीमा निर्धारित की गई है। मदरसों के सर्वे को लेकर ‘उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद’ के अध्यक्ष डॉ इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा है कि सर्वे के शुरू होते ही राज्य से 2500 मदरसे गायब हो गए हैं।

अमर उजाला से हुई बातचीत में, डॉ इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा है, “कोई भी व्यक्ति जो गरीब मुसलमानों के बच्चों को आधुनिक बेहतर शिक्षा देने का पक्षधर होगा, वह मदरसों के सर्वे को गलत नहीं ठहरा सकता। हमें समझना चाहिए कि मदरसों के सर्वे का विरोध अब तक कौन और क्यों कर रहा था? जो असदुद्दीन ओवैसी मदरसों के सर्वे को दूसरा एनआरसी कह रहे थे, उन्हीं के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी का बेटा अमेरिका में एमबीबीएस कर रहा है और बेटी लंदन में लॉ पढ़ रही है।”

उन्होंने लोगों से अपील की कि लोग ओवैसी की बातों में न आएँ। उन्होंने बताया, “वे लोग अपने बच्चों को बड़े अंग्रेजी मिशनरी स्कूलों में पढ़ाकर उनके लिए तरक्की का रास्ता खोलना चाहते हैं। जबकि गरीब के बच्चों को धार्मिक शिक्षा तक सीमित रखना चाहते हैं, क्यों? इसके पीछे केवल राजनीति जिम्मेदार है, लेकिन मैं कहना चाहता हूँ कि मुसलमानों के गरीब बच्चे भी अब आधुनिक शिक्षा हासिल कर सकेंगे। उनके विकास का रास्ता खुल गया है।”

मदरसों के सर्वे का विरोध करने वाले लोगों पर आगे बोलते हुए उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के अध्यक्ष डॉ जावेद ने यह भी कहा कि जो लोग मदरसों के सर्वे का विरोध कर रहे थे वे इसे मुसलमानों के आंतरिक मामलों में सरकार का दखल बता रहे थे। लेकिन जब आप केंद्र सरकार से हर साल 3000 करोड़ रुपए की सहायता लेंगे। अनेकों मदरसों में 50 हजार से लेकर लाख रुपए से ज्यादा वेतन लेंगे और उन्हीं मदरसों में सरकार से मिलने वाली बिजली-पानी, सड़क की सुविधा का उपयोग करेंगे, तो यह आपका व्यक्तिगत मामला कैसे रह गया। सरकार को ऐसे संस्थानों के लिए नियम बनाने और इसके हितधारकों की चिंता करने का अधिकार है। इससे कोई बच नहीं सकता।

इसके अलावा, डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा कि यह सच है कि भारी संख्या में मदरसे केवल कागजों पर चल रहे थे। इनके नाम पर आने वाला चंदे-जकात का पैसा गलत लोगों की जेबों में जा रहा था। जब सर्वे की शुरुआत हुई थी, तब यूपी में 19 हजार से ज्यादा मदरसे होने की बात कही जा रही थी। लेकिन अब इनकी संख्या केवल 16,513 रह गई है। यानी ढाई हजार से ज्यादा मदरसे गायब हो गए हैं। इससे गलत हाथों में जाने वाला पैसा बचेगा और यह पैसा गरीब मुसलमानों के बच्चों की शिक्षा पर खर्च होगा।

‘सुरक्षा दे प्रशासन, हमलावरों पर तुरंत हो कार्रवाई’: इंग्लैंड हिन्दू विरोधी हिंसा की भारतीय उच्चायोग ने की कड़ी निंदा, UK सरकार के समक्ष उठाया मुद्दा

इंग्लैंड के लीसेस्टर शहर में हिन्दुओं के खिलाफ मुस्लिम भीड़ की हिंसा की भारतीय उच्चायोग ने कड़ी निंदा की है। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने अपने बयान में कहा, “हम लीसेस्टर में भारतीय समुदाय के खिलाफ हिंसा, हिन्दू परिसरों और प्रतीकों को नुकसान पहुँचाए जाने की कड़ी निंदा करते हैं। हमने इस मुद्दे को UK के प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखा है। साथ ही इस हमले में संलिप्त लोगों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की माँग की है।”

UK स्थित भारतीय दूतावास ने वहाँ की सरकार से ये माँग भी की है कि इस हिंसा में पीड़ित लोगों को तुरंत सुरक्षा प्रदान की जाए। पुलिस ने इस घटना में 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि दंगा न भड़के, इसीलिए ऐसा किया गया है। भारत-पाकिस्तान के बीच हुए एशिया कप के मैच के बाद यहाँ हिंसा भड़की थी, जो अब दोबारा बड़े रूप में सामने आई है। मुस्लिम भीड़ ने मंदिरों और ॐ लिखे भगवा ध्वज को नुकसान पहुँचाया है।

लीसेस्टर के मेयर ने सोशल मीडिया में चले दुष्प्रचार को इस पूरी हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया है। कट्टर मुस्लिमों ने मस्जिद पर हमला और मुस्लिम लड़की के अपहरण की झूठी अफवाह फैलाई थी। शहर के ‘Belgrave Road’ की तरफ बढ़ रही मुस्लिम भीड़ को पुलिस ने रोका है। मेयर का दावा है कि सोशल मीडिया में इस घटना की अलग तस्वीर बना कर पेश की जा रही है। उन्होंने दावा किया है कि ये शांतिपूर्ण शहर है, जहाँ बर्मिंघम तक से लोग अशांति फैलाने के लिए बुलाए जा रहे हैं।

ईस्ट मिडलैंड्स के के शहर में हुई हिंसा के बारे में स्थानीय लोग कह रहे हैं कि पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। अधिकारी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी मस्जिद पर कोई हमला नहीं हुआ। वहाँ का वामपंथी मीडिया ‘जय श्री राम’ के नारे को हिंसक बता कर मुस्लिम कट्टरवादियों को बचा रहा है। ‘The Guardian’ ने तो वहाँ की घटना की खबर प्रकाशित करते समय नरेंद्र मोदी और ध्रुवीकरण की बातें कर डाली। जबकि कई वीडियोज में हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा को साफ़ देखा जा सकता है।

‘मैं नहीं करती इन चीजों की परवाह’: ‘MMS लीक’ पर भोजपुरी एक्ट्रेस ने तोड़ी चुप्पी, पूछा- ‘आप जानना चाहते हैं मैं उस Video में हूँ या नहीं’

भोजपुरी इंडस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेस अक्षरा सिंह ने अपने MMS लीक होने की खबरों पर अपना चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने साफ कहा है कि उन्हें ऐसे MMS वायरल होने की खबरों से फर्क नहीं पड़ता।

ई-टाइम्स के साथ बातचीत में अक्षरा सिंह ने कहा, “मुझे नहीं पता कि ऐसी हरकत किसने की है। लेकिन, मैं इन सब चीजों की परवाह नहीं करती हूँ। कोई कुछ भी बोल रहा है। मैंने वो वीडियो देखा भी नहीं है। क्या आप जानना चाहते हैं कि वो मैं हूँ या नहीं? मैं वीडियो में दिख रही हूँ क्या? पता नहीं कौन ये सब कर रहा है। मैं ऐसी चीप हरकत पर रोने वाली नहीं हूँ। मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता।”

अक्षरा सिंह के नाम पर उड़ी अफवाह

पिछले दिनों ‘लॉक अप’ की अंजलि अरोड़ा (Anjali Arora) का प्राइवेट वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर खबर उड़ी थी कि भोजपुरी फिल्मों की अभिनेत्री अक्षरा सिंह (Akshara Singh) का कथित प्राइवेट वीडियो भी (MMS) लीक हो गया है।

इस वीडियो में लड़का और लड़की आपत्तिजनक स्थिति में थे। अफवाह सुनकर अक्षरा के फैंस यह बात मानने को तैयार नहीं थे कि वीडियो में दिखाई दे रही लड़की अक्षरा हो सकती हैं। कई लोगों का कहना था कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ हुई होगी।

हालाँकि, इन्हीं सबके बीच एक्ट्रेस का यूट्यूब पर रोते हुए एक वीडियो सामने आ गया। लोगों ने कहा कि वो MMS अक्षरा का है इसलिए उन्होंने अब ये रोता हुआ वीडियो जारी किया है। मगर सच ये था कि अक्षरा का कोई वीडियो नहीं वायरल हुआ था। जिस वीडियो को लोगों ने उनके रोने वाला वीडियो बताया वो दो साल पुराना था।

वायरल वीडियो में रोते हुए अक्षरा ने क्या कहा

उसमें वो कह रही थीं, “तंग करके रख दिया है। जो मुझे पसंद करते हैं वो मुझे हमेशा ही पसंद करेंगे। बेशक मैं कहीं भी जाऊँ और कहीं भी काम करूँ। आप मुझे नहीं रोक सकते। आप बहुत बड़ा नाम हैं तो आप अपना काम कीजिए। चेहरे पर नकली मुखौटा लगाकर क्यों घूम रहे हैं। रियल बनिए, फेक मत बनिए। सिर्फ भोजपुरी इंडस्ट्री में ही ये सब क्यों होता है। दूसरी इंडस्ट्री भी तो हैं।”

बता दें कि अक्षरा सिंह अपने सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो डालती रहती हैं। उन्होंने वहाँ भी ऐसी अफवाहों को लेकर कोई बात नहीं की है जबकि अपनी डांस वगैरह की वीडियो वो लगातार डालती रही हैं।

राजस्थान के सरकारी डॉक्टर ने कुत्ते को कार से बाँध कर 5 km घसीटा, पैर टूटा, फट गई चमड़ी: मामला दर्ज होने पर पत्नी पहुँच गई थाने

राजस्थान के जोधपुर से एक कुत्ते को गाड़ी से बाँधकर उसे 5 किलोमीटर तक घसीटने का मामला सामने आया है। इस दौरान वह कुत्ता कई बार सड़क पर गिर पड़ा। इस घटना में कुत्ता का पैर फ्रैक्चर हो गया है, गर्दन पर चोट आई है और उसकी स्किन तक फट गई है। डॉग होम में उसका उपचार कराया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे एक कुत्ते को कार से बाँधकर ड्राइवर उसे सड़क पर घसीटते हुए लेकर जा रहा है। ड्राइवर की पहचान राजस्थान के एक सरकारी अस्पताल के बड़े प्लास्टिक सर्जन के रूप में हुई है। वीडियो में डॉक्टर कार की स्पीड से स्ट्रीट डॉग को घसीटते हुए दिखाई दे रहा है। कार के पीछे आ रहे कुछ लोगों ने इस घटना का वीडियो बनाया और कार रोककर कुत्ते की जान भी बचाई।

इस घटना को लेकर ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा, “डॉक्टर होकर इतना निर्दयी कैसे हो सकता है, शर्मनाक।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सड़क पर कार के पीछे कुत्ते को बाँधकर दौड़ाते हुए देख कर लोगों ने कार रोकने का प्रयास किया। लेकिन डॉ रजनीश गालवा ने कार नहीं रोकी और लगातार कुत्ते को भगाता रहा। राहगीरों ने कार के पीछे बाइक दौड़ाई और कार को आगे से घेरा। तब जाकर डॉक्टर ने कार रोकी।

डॉक्टर गालवा ने उसे रोकने वाले लोगों से बहस भी की। इतने में एक राहगीर ने डॉग होम फाउंडेशन के वर्करों को सूचना दे दी। फाउंडेशन के सदस्य आए तो उनसे भी डॉक्टर उलझ गया। शास्त्री नगर एसएचओ जोगेंद्र सिंह ने कहा कि डॉ रजनीश गालवा के खिलाफ आईपीसी की धारा 428 (जानवर को मारना या अपंग करना) और पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 (जानवरों के साथ क्रूरता करना) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

जोधपुर के महात्मा गाँधी हॉस्पिटल में प्लास्टिक सर्जन डॉ रजनीश गालवा ने कहा, “कुत्ता घर में अक्सर घुस जाता है, घर के बाहर भौंकता है। इसने मेरी बेटी को भी काट लिया। इसलिए निगम के बाड़े में छोड़ने जा रहा था। अंदर बैठाता तो वो मुझे काट लेता।”

इस बीच, एसएन मेडिकल कॉलेज ने गालवा को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब माँगा है। वहीं, डॉग होम फाउंडेशन के कुलदीप खत्री ने कहा कि पुलिस ने डॉक्टर की रसूख के चलते एम्बुलेंस को भी रोका। उन्होंने आरोप लगाया कि मामला दर्ज कराया गया तो डॉक्टर की पत्नी ने थाने पहुँचकर कुछ पैसे देकर मामला दबाने की कोशिश की।

‘मैं इस फालतू रेस में नहीं हूँ’: मीडिया चला रहा ‘ब्रह्मास्त्र’ ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ को पछाड़ा, निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने दिया करारा जवाब – NOT BOLLYWOOD

रणवीर कपूर और आलिया भट्ट स्टारर ‘ब्रह्मास्त्र’ की कमाई को लेकर फिल्म की रिलीज से पहले ही विवाद शुरू हो चुका था। हालाँकि, अब जबकि रिलीज को 10 दिन से अधिक का समय हो चुका ,है तब कमाई के सामने आए आँकड़ों को सोशल मीडिया में गलत बताया जा रहा है। यही नहीं, ‘ब्रह्मास्त्र’ की तुलना ‘द कश्मीर फाइल्स’ से करने पर फिल्म के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि वो इन फालतू की रेस में नहीं हैं।

दरअसल, ब्रह्मास्त्र की रिलीज से पहले ही मीडिया रिपोर्ट्स में, एडवांस बुकिंग के जिस तरह से आँकड़े सामने आ रहे थे उस पर सोशल मीडिया में मजाक उड़ाया जा रहा था। इसके बाद, अब कई मीडिया रिपोर्ट्स में ‘ब्रह्मास्त्र’ की कमाई को ‘द कश्मीर फाइल्स’ से अधिक बताया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ब्रह्मास्त्र इस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म बन गई है। साथ ही कहा जा रहा है कि ब्रह्मास्त्र ने विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को पीछे छोड़ दिया है और दुनिया भर में 300 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है। मीडिया इस बात का दावा कर रहा है कि ‘ब्रह्मास्त्र’ भारत में 200 करोड़ रुपए की नेट कमाई के क्लब में शामिल गई है। कहा जा रहा है कि इस क्लब में शामिल होते ही फिल्म ने कश्मीर फाइल्स को पीछे छोड़ दिया है।

मीडिया के इन तमाम दावों पर ‘द कश्मीर फाइल्स’ के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने कई मीडिया रिपोर्टस का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए ट्वीट किया है। इन मीडिया रिपोर्ट्स में बॉक्स ऑफिस आँकड़ों को दिखाते हुए यह कहा गया है कि ‘ब्रह्मास्त्र’ ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ को पीछे छोड़ दिया है।

विवेक अग्निहोत्री ने मीडिया रिपोर्ट्स के इन स्क्रीनशॉट्स को शेयर करते हुए अपने लिखा, “हा हा, मुझे नहीं पता कि उन्होंने द कश्मीर फाइल्स को छड़ी, रॉड्स, हॉकी स्टिक या फिर AK-47 से, किस चीज से पछाड़ा है। या फिर Paid PR और इन्फुलेंसर्स के जरिए। बॉलीवुड फिल्मों को एक-दूसरे से लड़ने दें। हमें अकेला छोड़ दें। मैं ऐसी फालतू की रेस में नहीं हूँ। धन्यवाद।”

साथ ही उन्होंने इस ट्वीट में ‘#NotBollywood’ का भी प्रयोग किया है। इसका सीधा मतलब यह है कि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वो बॉलीवुड में नहीं हैं, या बॉलीवुड से अलग हैं। ध्यान दिला दें कि ‘ब्रह्मास्त्र’ का बजट 410 करोड़ रुपए बताया जा रहा है, जो कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ के बजट से 8 गुना से भी अधिक है।

‘तेरा भी Video है, वायरल कर देंगे’ : MMS लीक कांड में सामने आया इंटरनेशनल कनेक्शन, कनाडा से धमकी आने के बाद छात्राओं में भड़का गुस्सा

पंजाब की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से 60 छात्राओं के MMS लीक के मामले में जाँच जारी है। पुलिस ने विशेष जाँच टीम (SIT) का गठन किया है। प्रदर्शन कर रही छात्राओं को शांत करवा दिया गया है। केस में कार्रवाई करते हुए हॉस्टल की वॉर्डन हटाई गई हैं। आरोपित लड़की के अलावा उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया गया है। इन सबके बीच इस केस में एक इंटरनेशनल कनेक्शन भी निकलकर सामने आया है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में उन्हें छात्रा ने जानकारी मिली कि जब रविवार (18 सितंबर 2022) को वीडियो लीक का मामला मीडिया में आया तो यूनिवर्सिटी की एक लड़की को कनाडा के नंबर से कॉल आई थी। लड़की को इस कॉल पर धमकी मिली कि उसका वीडियो भी उन लोगों पर हैं। इसी कॉल के बाद छात्राओं में गुस्सा भड़का और उन्होंने पूरा आरोपित छात्रा की शिकायत करके प्रदर्शन करना शुरू किया।

कॉल करने वाले से छात्रा के बीच बातचीत लगभग 2 मिनट 8 सेकेंड हुई। कॉल पर उसने बोला, “तुम्हारी भी वीडियो बनी हुई है। वायरल कर दी जाएगी।” लड़की ने पूछा भी वीडियो कहाँ का है और वो खुद कौन है, उनका प्लॉन क्या है। लेकिन छात्रा की बात सुन फोन काट दिया गया।

दैनिक भास्कर में प्रकाशित कॉल के अंश का स्क्रीनशॉट

आरोपित लड़की की वायरल चैट आई सामने

इससे पहले दैनिक भास्कर ने इस पूरे मामले में आरोपित लड़की की और आरोपित लड़के की व्हॉट्सएप चैट का खुलासा किया था। खबर के साथ साझा की गई चैट की फोटो में लड़का उस लड़की से चैट और कॉल हिस्ट्री आदि डिलीट करने को कह रहा है।

पुलिस ने ये सब जानने के बाद ही शिमला से सन्नी मेहता और लड़की के कथित बॉयफ्रेंड रंकज वर्मा को हिरासत में लिया। पुलिस इनसे पूछताछ करके ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपितों द्वारा ये हरकत पैसे उगाही के लिए तो नहीं की गई थी।

वायरल चैट (तस्वीर साभार: दैनिक भास्कर)

MMS कांड में पुलिस ने खबरों को ‘निराधार’ कहा

बता दें कि पुलिस ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के हॉस्टल से 60 लड़कियों के MMS लीक मामले और आत्महत्या वाली बात पर भी बयान जारी किए हैं। पुलिस ने कहा कि ये सारी बातें निराधार हैं। उन्हें जाँच में एक ही वीडियो मिली है। आत्महत्या वाली बात भी गलत है। एंबुलेंस जिस लड़की को ले जा रहे थे उसे एंजायटी हुई थी। वहीं वार्डन की वायरल वीडियो को लेकर मोहाली के एसएसपी ने सफाई दी है कि उन लोगों ने गलती से कह दिया था कि ‘दूसरी लड़कियों की इज्जत का ख्याल रखना था।’ आरोपित लड़की ने किसी दूसरी लड़की का वीडियो नहीं बनाया है।

MMS कांड

गौरतलब है कि शनिवार (17 सितंबर, 2022) दोपहर कुछ लड़कियों ने हॉस्टल वार्डन राजविंदर कौर से शिकायत करते हुए कहा कि एक लड़की वॉशरूम में 6 लड़कियों का वीडियो बना रही थी। इसके बाद वार्डन राजविंदर कौर ने लड़की से पूछताछ की और फिर गर्ल्स हॉस्टल मैनेजर रीतू को इसकी जानकारी दी गई।

हॉस्टल मैनेजर के सामने आरोपित छात्रा ने फोटो या वीडियो बनाने से इनकार कर दिया। हालाँकि, हॉस्टल मैनेजर का कहना है कि जब उसने आरोपित छात्रा के मोबाइल की जाँच की थी तो उसमें से कई फोटो और वीडियो डिलीट किए हुए मिले। इस मामले में पंजाब महिला आयोग और पंजाब के मुख्यमंत्री ने भी पुलिस को कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। आरोपितों के फोन जब्त करके फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजे जा चुके हैं।

चंडीगढ़ विश्वविद्यालय की जो सैंकड़ों छात्र-छात्राएँ विरोध कर रहे थे, उन्हें भी सोमवार की सुबह समझाकर प्रदर्शन समाप्त करने को कहा गया। जिला प्रशासन ने उन्हें निष्पक्ष एवं पारदर्शी जाँच का वादा किया है। पूरे हंगामे के कारण 2 वार्डन निलंबित हुईं हैं और 24 सितंबर तक अवकाश की घोषणा की गई है। विश्वविद्यालय ने घटना के बाद बयान में कहा है कि वो हर हाल में अपनी छात्राओं के साथ हैं। वो चाहे अकादमिक महत्वकांक्षाओं की बात हो या फिर उनकी सुरक्षा की।

‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ के बीच सलमान खान ने साउथ में जाकर की मूवी, अब फिल्म को नहीं मिल रहे खरीददार: डिस्ट्रीब्यूटर्स ने नकारा

सलमान खान साउथ में अपनी किस्मत आजमाने पहुँचे और तेलुगु फिल्म ‘गॉडफादर’ में काम किया, लेकिन अब इस फिल्म को खरीददार ही नहीं मिल रहे हैं। ये फिल्म मोहनलाल की मलयालम मूवी ‘Lucifer (2019)’ की रीमेक है। इसमें तेलुगु सिनेमा के ‘मेगास्टार’ कहे जाने वाले चिरंजीवी मुख्य किरदार में हैं, वहीं सलमान खान ने एक्सटेंडेड कैमियो किया है। उनका किरदार वही है, जो ऑरिजिनल फिल्म में पृथ्वीराज सुकुमारन ने निभाया था।

अब मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि ये फिल्म बिक ही नहीं रही है और इसे डिस्ट्रीब्यूटर्स भी नहीं मिल रहे हैं। इसी साल आई चिरंजीवी की ‘आचार्य’ पहले ही सुपर फ्लॉप हो चुकी है, जिसमें उनके बेटे राम चरण तेजा भी महत्वपूर्ण किरदार में थे। ‘Godfather’ का टीजर भी रिलीज किया जा चुका है, जिसे निर्माता ‘मास एंटरटेनर’ बता कर प्रचारित कर रहे हैं। टीजर में सलमान खान और चिरंजीवी को साथ देखा गया था। ‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ ट्रेंड के बीच कई बॉलीवुड फ़िल्में और हस्तियाँ अपने प्रोजेक्ट्स में साउथ के साथ कनेक्शन बिठा रही हैं।

‘ब्रह्मास्त्र’ के प्रमोशन के लिए इसके साउथ के राइट्स ‘बाहुबली’ फेम निर्देशक एसएस राजामौली को दिया गया था। 70 के दशक के अंत में तेलुगु सिनेमा में डेब्यू करने वाले चिरंजीवी ने अगले एक दशक में एक सफल स्टार का तमगा हासिल कर लिया था और लगभग तीन दशक तक साउथ की इस फिल्म इंडस्ट्री पर राज किया। हालाँकि, उनकी कमबैक फ़िल्में अच्छा नहीं कर रही हैं। ‘आचार्य’ फिल्म के कारण निर्माताओं और डिस्ट्रीब्यूटर्स को बड़ा नुकसान हुआ है। समीक्षकों का कहना है कि वो आजकल सही स्क्रिप्ट भी नहीं चुन रहे हैं।

‘गॉडफादर’ फिल्म को बेचने के लिए निर्माताओं ने 85 करोड़ रुपए का दाम रखा है, लेकिन कोई भी इसे भाव नहीं दे रहा। ऐसा पहली बार हुआ है जब रिलीज में मात्र 3 सप्ताह हों और चिरंजीवी की कोई फिल्म न बिक पाई हो। अब निर्माता ही इसे सभी क्षेत्रों में रिलीज करने की योजना बना रहे हैं। जहाँ तक सलमान खान की बात है, वो फ़िलहाल ‘किसी का भाई, किसी की जान’ फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं और उनका लंबे बालों वाला लुक भी रिलीज किया गया है।

पाकिस्तान की फ्लाइट में नमाज पढ़ने लगा यात्री, रोका तो सीट पर मारे लात-घूँसे, कपड़े उतार कर तोड़ने लगा खिड़की का शीशा: वीडियो वायरल

‘पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA’) की पेशावर-दुबई फ्लाइट में एक यात्री के हंगामा करने का वीडियो वायरल हो रहा है। यह यात्री फ्लाइट में अजान पढ़ने के साथ ही फर्श पर सिर रख कर लेटने की कोशिश कर रहा था। इस व्यक्ति ने फ्लाइट के विंडो ग्लास तोड़ने की कोशिश भी की। इसके बाद उसे फ्लाइट में ही बाँध दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस की फ्लाइट पीके-283 के उड़ान भरने के साथ ही एक यात्री ने अचानक ही सीटों पर घूँसे मारना शुरू कर दिया। इसके बाद वह नीचे बैठ गया और सिर पर कपड़ा बाँध कर नमाज पढ़ने लगा। अजान पढ़ने से रोके जाने पर यह व्यक्ति और अधिक भड़क गया। इसके बाद वह फर्श पर ही सिर रखकर लेट गया।

उसका हंगामा यहीं नहीं रुका। बल्कि, इसके बाद वह खड़ा होकर सीटों पर जोर-जोर से लात मारने लगा। साथ ही उसने कपड़े भी उतार दिए और फिर फ्लाइट की खिड़की में लगे शीशे, यानी ग्लास विंडो को तोड़ने की कोशिश करने लगा। इस प्रयास में उसने ग्लास विंडो पर कई बार हाथ तो कई बार पैर भी मारा। हालाँकि, वह विंडों तोड़ने में असफल रहा। लेकिन, उसकी ऐसी हरकतें देख कर अन्य यात्री डर गए थे।

वायरल वीडियो में भी फ्लाइट अटेंडेंट यह कहता हुआ दिख रहा है कि फ्लाइट के उड़ान भरते ही इसने ये हरकतें शुरू कर दी हैं। उक्त एटेंडेंट ने कहा, “यहाँ मौजूद अन्य यात्री भी गवाह हैं। ये बाकी मुसाफिरों को तंग कर रहा है। ये सब लोग इसी को देख रहे हैं। कभी ये अजान पढ़ता है तो कभी नीचे लेट जाता है। इसने अपना सारा सामान निकालकर बाहर रख दिया है।”

यही नहीं, इसके बाद जब क्रू मेंबर्स ने उसे समझाने और मना करने की कोशिश की तो वह उन पर ही झपट पड़ा। इसके बाद परेशान क्रू मेंबर्स ने हालात पर काबू पाने के लिए विमानन कानून के अनुसार उस यात्री को उसकी ही सीट से बाँध दिया। साथ ही प्रोटोकॉल के अनुसार, फ्लाइट के कैप्टन ने दुबई के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर से संपर्क किया और सुरक्षा की माँग की। इसके बाद दुबई हवाई अड्डे पर उतरते ही सुरक्षा अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया। एयरलाइंस द्वारा उसे ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया है। यह व्यक्ति कौन है और ऐसी हरकतें क्यों कर रहा था, यह साफ नहीं हो पाया है।