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’20 साल में दोगुनी हो गई मुस्लिमों की जनसंख्या, संसद में उठी थी शरिया की माँग’: नेपाल के सांसद ने बताया – यहाँ के वामपंथी भी हिन्दू विरोधी, ISI भी सक्रिय – OpIndia Ground Report

हाल में कई रिपोर्टें आई हैं जो बताती हैं कि नेपाल से लगी भारत की सीमा पर तेजी से डेमोग्राफी में बदलाव हो रहा है। मस्जिद-मदरसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए 20 से 27 अगस्त 2022 तक ऑपइंडिया की टीम ने भारत से लगे नेपाल के इलाकों का दौरा किया। हमने नेपाल के दांग और कपिलवस्तु जिलों में जो कुछ देखा उस पर हमने नेपाल के कपिलवस्तु से सांसद अभिषेक प्रताप शाह से बात की। प्रस्तुत है इस इस कड़ी की 23वीं रिपोर्ट:

सांसद अभिषेक प्रताप शाह ने सीमा पर और नेपाल में बढ़ रही इस्लामी गतिविधियों की ख़बरों की पुष्टि की है। साथ ही उन्होंने भारत सरकार से इन मुद्दे पर विशेष ध्यान देने की अपील की। सांसद के मुताबिक, अंग्रेजों ने 1923 में भारत को नेपाल से अलग किया था और रातों-रात सीमा रेखा खींच दी गई थी। उन्होंने आगे बताया कि सीमा विभाजन के बाद भी जो जहाँ रह रहा था, वहीं अपने-अपने धर्म को मानते हुए रहना जारी रखा।

अभिषेक प्रताप के अनुसार, तब बॉर्डर पर हिन्दू-मुस्लिम आबादी संतुलित थी, लेकिन बाद में कुछ बाहरी और असामाजिक तत्वों ने इसे बदल डाला और अब असंतुलन साफ़ देखा जा सकता है।

यह रिपोर्ट एक सीरीज के तौर पर है। इस पूरी सीरीज को एक साथ पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

मुस्लिमों में जनसंख्या पर नहीं है कोई रोक, 90% तस्कर इसी समुदाय से

अभिषेक प्रताप शाह ने हमें आगे बताया कि मुस्लिमों में आबादी बढ़ाने पर कोई रोक नहीं है, इस कारण हिन्दू नेपाल में कम होते चले गए। उन्होंने कहा कि पहले किसी को इसका एहसास नहीं हुआ लेकिन अब जब सब कुछ सामने नजर आने लगा तब हम लोग चिंतित हैं।

सांसद शाह के मुताबिक नेपाल में मुस्लिमों के कुछ खुराफाती तत्व अधिक से अधिक पैसा कमाने के लिए अपराधों में शामिल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर नेपाल और भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों का आँकड़ा निकाला जाए तो 90% नशे के अवैध कारोबारी मुस्लिम समाज से निकलेंगे।

नेपाल में 20 साल में डबल हो गई मुस्लिम आबादी

अभिषेक प्रताप ने कहा कि पिछले 20 साल के अंदर नेपाल में मुस्लिम आबादी में दोगुना हो गई है। उन्होंने बताया कि 20 साल पहले 4.5% मुस्लिम आबादी वाले नेपाल में अब 9% से अधिक मुस्लिम आबादी है। इसी के साथ सांसद ने आने वाले 20 वर्षों में मुस्लिम आबादी कई गुना और बढ़ जाने की आशंका जताई।

अभिषेक प्रताप शाह ने कहा कि नेपाल में मुस्लिम जनसंख्या सिर्फ भारत से लगे सीमावर्ती और तराई इलाकों में ही नहीं बल्कि सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में बहुत तेजी से बढ़ रही है। सांसद के मुताबिक, पहाड़ी लोग काफी सीधे और सज्जन होते हैं और वो मुस्लिम समुदाय की मीठी और चिकनी-चुपड़ी बातों में आ जाते हैं। अभिषेक प्रताप ने जानकारी दी कि नेपाल में भी लव जिहाद जैसी घटनाएँ सामने आने लगी हैं।

अभिषेक प्रताप के मुताबिक, नेपाल के उत्तरी इलाकों में रोहिंग्याओं की काफी बड़ी तादाद में घुसपैठ हुई है। उन्होंने कहा कि ये घुसपैठ इसलिए हो गई क्योंकि रोहिंग्याओं की शक्ल-सूरत उत्तरी नेपाल के निवासियों से थोड़ी-बहुत मिलती जुलती है।

कभी 1 मस्जिद थी राजधानी काठमांडू में, आज हैं 12

अभिषेक प्रताप ने कहा कि नेपाल के हालत हमारे लिए सावधानी का अलार्म बजा रहे हैं। उनके मुताबिक, कभी नेपाल की राजधानी काठमांडू में सिर्फ 1 मस्जिद हुआ करती थी आज उसी शहर में 12 मस्जिदें हैं। सांसद के मुताबिक, ये तमाम मस्जिदें कभी सुन्नी तो कभी वहाबी के नाम पर बनाई जा रही हैं।

सांसद अभिषेक प्रताप ने आगे बताया कि भले ही नेपाल गरीब देश कहा जाता हो लेकिन यहाँ के मुस्लिम अपनी जकात का पैसा मस्जिद और मदरसों में लगाते है। इसी के साथ उन्होंने ये भी माना कि इबादतगाहों के लिए विदेश से भी धन आ रहा है। सांसद के माना कि नेपाल की चमकती मस्जिदें और मदरसे इसी पैसे की बदौलत हैं।

नेपाल के मुस्लिम सांसदों ने संसद में माँगा था शरिया क़ानून

अभिषेक प्रताप शाह के मुताबिक, लगभग 7 साल पहले जब उनकी मौजूदगी में नेपाल की संसद में संविधान बनाया जा रहा था तब तब नेपाल के मुस्लिम सांसदों ने सदन में अपने लिए शरिया कानून की माँग उठाई थी। उन्होंने आगे बताया कि इस माँग का नेपाल की हर पार्टी के मुस्लिम सांसद ने सदन में हाथ उठा कर समर्थन भी किया था और हाँ में हाँ मिलाई थी। शाह ने ये भी बताया कि कुल लगभग 260 सदस्यीय नेपाली सदन में फिलहाल लगभग 20 मुस्लिम सांसद हैं, जिसमें महिलाएँ भी शामिल हैं।

सांसद शाह ने आगे बताया कि अभी नेपाल के कई लोग मुस्लिमों से जुड़ी तमाम बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं लेकिन जब यहाँ भी फ़्रांस जैसे हालात बन जाएँगे तब सबकी समझ में आ जाएगा। उन्होंने कहा कि फ्रांसीसी लोग मौज मस्ती वाले लोग थे और उन्हें एहसास ही नहीं था कि कभी ये दिन भी आएगा। शाह के मुताबिक, उनके संसदीय क्षेत्र में लगभग हर साल हिन्दू मुस्लिम विवाद होता है जिसमें कई बार तो मुझे भी फँसाने की साजिश रची गई।

मुस्लिम अपराधी चंद पैसो में खरीद लेते हैं नेपाली प्रशासन को, नेपाल का भी वामपंथी हिन्दू विरोधी

सांसद अभिषेक शाह के मुताबिक, कपिलवस्तु में हर साल होने वाले दंगों को भले ही वामपंथी करवाते हैं लेकिन उसको अंजाम मुस्लिम वर्ग के लोग देते हैं। सांसद शाह ने कहा कि तस्करी आदि अपराधों से पैसे जमा रखने वाले मुस्लिम अपराधी अपराध कर के भी छूट जाते हैं क्योंकि वो नेपाली प्रशासन को कुछ पैसों में खरीद लेते हैं। सांसद ने ये भी कहा कि जो व्यक्ति दंगों के बाद आरोपितों पर कार्रवाई की माँग करता है, उसी पर केस दर्ज कर दिया जाता है।

अभिषेक शाह के अनुसार, दुनिया का हर वामपंथी हिन्दू धर्म का विरोधी है जिसमें नेपाल के कम्युनिस्ट भी शामिल हैं। उनका मानना है कि हिन्दू राष्ट्र का दर्जा और नेपाल के राजा को हटाने का एजेंडा नेपाली वामपंथियों का ही था। शाह का दावा है कि नेपाल से होने वाली लगभग हर भारत विरोधी साजिश में यहाँ के वामपंथियों का ही हाथ होता है। सांसद के अनुसार, पाकिस्तान से आया अवैध पैसे धर्मांतरण जैसे कामों में लग रहा है लेकिन भारत के विरोध में चीन और पाकिस्तान दोनों ने पहले से ही हाथ मिला रखा है।

नेपाली राजनीति में मुस्लिमों की अच्छी दखल

अभिषेक ने बताया कि वर्तमान समय में नेपाल की केंद्रीय और प्रादेशिक राजनीति में कई मुस्लिम सक्रिय है। उन्होंने जानकारी दी कि मुस्लिमों के लिए सरकार बजट भी पास करती है और इसी के साथ मदरसों के लिए अनुदान भी जारी होता है।

अभिषेक प्रताप ने बताया, “कालांतर में नेपाल के अंदर सीमा पर भारत में देवरिया जिले से आए मिर्जा दिलशाद बेग जैसे अपराधियों ने अपने ठिकाने बना डाले। शुरू में बाहरी लोगों ने आ कर यहाँ व्यापार आदि के बहाने पैर जमाए और बाद में और लोगों को बसा लिया। आज जो कुछ भी दिख रहा उसके पीछे ये एक बड़ी वजह रही। भारत सरकार को नेपाल पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है क्योकि शायद अब दिल्ली की प्राथमिकता में यूरोपीय और अमेरिका जैसे देश शामिल हो गए हैं।”

अभिषेक प्रताप शाह का कहना है कि भले ही यूरोपीय देश व्यापारिक नजरिए से भारत के लिए लाभप्रद हों पर नेपाल सुरक्षा की दृष्टि से भारत के लिए अहम है। सांसद ने माना कि नेपाल में भारत विरोधी सोची-समझी साजिश के तहत माहौल बनाया जा रहा है।

नेपाली शासकों ने खुद को समझा अंग्रेजों के बराबर और भारतीयों को गुलाम

सांसद शाह की मानें तो नेपाल की फ़ौज अंग्रेजों की तरफ से लड़ी थी, इस वजह से अंग्रेज उन्हें अतिरिक्त इज्जत देते थे। शाह के मुताबिक, इस वजह से नेपाल के पूर्व शासकों ने खुद को अंग्रेजो के बराबर मान लिया और उनके नजरिए में भारतीय उनके गुलाम ही रहे। सांसद का मानना है कि कहीं न कहीं उस सोच को यहाँ नेपाल में हवा दिलाई गई और इसी वजह से कइयों के मन में भारत विरोध भावनाएँ भड़कीं।

लिपुलेख सीमा विवाद का खुलासा करते हुए सांसद अभिषेक प्रताप शाह ने कहा कि वो विवाद नेपाली प्रधानमंत्री ओली द्वारा जानबूझ कर खड़ा किया गया था। अभिषेक शाह ने कहा कि विवाद खड़ा करने की टाइमिंग तब रखी गई थी, जब भारत में धारा 370 हटी थी। शाह ने बताया कि के पी ओली को भरोसा दिलाया गया था कि अगर भारत से हालत बिगड़े तो नेपाल की मदद के लिए चीनी फ़ौज भेज दी जाएगी। शाह के मुताबिक, धारा 370 आने से चीन की सीपैक परियोजना को झटका लगा है।

वामपंथ उठाता है गरीबी का फायदा, ISI भी सक्रिय

नेपाल में बढ़ते वामपंथी दखल पर वहाँ के सांसद अभिषेक शाह ने कहा कि नेपाल की गरीबी का फायदा वामपंथ उठा रहा है और यही कम्युनिस्टों की सोच भी होती है। भारत के शाहीन बाग़ के पीछे भी कम्युनिस्ट भी थे क्योकि कम्युनिस्टों को भारत से हमेशा विरोध रहा है। उन्होंने कहा कि जो वामपंथी भारत की छाती पर बैठ कर के भारत का गला दबा सकते है उनके लिए नेपाल कौन सी दूर की बात है।

अभिषेक प्रताप ने माना कि नेपाल में पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI एक लम्बे समय से सक्रिय है। उनके मुताबिक, ISI न सिर्फ सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देती है बल्कि वो नकली नोटों जैसे कारोबार को भी चला रही है।

दोनों देशों का बने साझा गश्ती दल

सांसद शाह ने सुरक्षा के लिए दोनों देशों की साझा पेट्रोलिंग टीम बनाने की माँग की और बताया कि इस माँग को वो दिल्ली में भी उठा चुके हैं। शाह के मुताबिक, सीमाएँ खुली होने के चलते कोई भी अपराधी आराम से दोनों देशों में कहीं भी अपराध कर के भाग सकता है और प्रत्यर्पण संधि न होने के चलते बाद में अपराधी को पकड़ने में बहुत दिक्कतें आती हैं। सांसद ने बताया कि ये फ़ोर्स सीमा के 20 किलोमीटर तक अधिकृत की जाएँ और यदि ऐसा हुआ तो सीमावर्ती इलाकों में बहुत कुछ सुधारा जा सकता है।

योगी आदित्यनाथ के CM बनने के बाद बहुत बदलाव

अभिषेक शाह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए उन्हें भारत की नेपाल हितों के प्रति सबसे गंभीर शख्सियत बताया। उन्होंने बताया कि UP में योगी सरकार बनने के बाद नेपाल से बॉर्डर पार करने वाले अपराधियों की UP पुलिस तुरंत धर-पकड़ करती है। शाह का मानना है कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद भारत और नेपाल के रिश्तों में काफी सुधार आया है क्योंकि नेपाल की ज्यादातर सीमा UP से ही लगी हुई है। सांसद के मुताबिक नेपाल के भारत समर्थक लोग मोदी के बाद योगी को प्रधानमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं और उसके बाद दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे।

अभिषेक शाह ने कहा कि नवम्बर 2022 में एक बार फिर से नेपाल में चुनाव होने जा रहे हैं और इस बार नेपाली जनता चुनावों में ओली की वामपंथी पार्टी को शिकस्त देगी। नेपाल के फिर से हिन्दू राष्ट्र बनने की संभावनाओं पर सांसद अभिषेक ने कहा, “आज भी हमारी राष्ट्रीय पशु गाय है और तमाम विरोधों के बाद भी कोई नहीं जानता कि क्या पता हम फिर से इस देश को हिन्दू राष्ट्र बनाने में सफल रहें। हम ये भी चाहते हैं कि भारत और नेपाल एक साथ ही हिन्दू राष्ट्र बनें।”

पढ़ें पहली रिपोर्ट : कभी था हिंदू बहुल गाँव, अब स्वस्तिक चिह्न वाले घर पर 786 का निशान: भारत के उस पार भी डेमोग्राफी चेंज, नेपाल में घुसते ही मस्जिद, मदरसा और इस्लाम – OpIndia Ground Report

पढ़ें दूसरी रिपोर्ट : घरों पर चाँद-तारे वाले हरे झंडे, मस्जिद-मदरसे, कारोबार में भी दखल: मुस्लिम आबादी बढ़ने के साथ ही नेपाल में कपिलवस्तु के ‘कृष्णा नगर’ पर गाढ़ा हुआ इस्लामी रंग – OpIndia Ground Report

पढ़ें तीसरी रिपोर्ट : नेपाल में लव जिहाद: बढ़ती मुस्लिम आबादी और नेपाली लड़कियों से निकाह के खेल में ‘दिल्ली कनेक्शन’, तस्कर-गिरोह भारतीय सीमा पर खतरा – OpIndia Ground Report

पढ़ें चौथी रिपोर्ट : बौद्ध आस्था के केंद्र हों या तालाब… हर जगह मजार: श्रावस्ती में घरों की छत पर लहरा रहे इस्लामी झंडे, OpIndia Ground Report

पढ़ें पाँचवीं रिपोर्ट : महाराणा प्रताप के साथ लड़ी थारू जनजाति बहुल गाँव में 3 मस्जिद, 1 मदरसा: भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी का ये है ‘पैटर्न’ – OpIndia Ground Report

पढ़ें छठी रिपोर्ट : बौद्ध-जैन मंदिरों के बीच दरगाह बनाई, जिस मजार को पुलिस ने किया ध्वस्त… वो फिर चकमकाई: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी – OpIndia Ground Report

पढ़ें सातवीं रिपोर्ट : हनुमान गढ़ी की जमीन पर कब्जा, झारखंडी मंदिर सरोवर में ताजिया: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी, असर UP के बलरामपुर में – OpIndia Ground Report

पढ़ें आठवीं रिपोर्ट : पुरातत्व विभाग से संरक्षित जो जगह, वहाँ वक्फ की दरगाह-मजार: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी, मुसीबत में बौद्ध धर्मस्थल – OpIndia Ground Report

पढ़ें नौवीं रिपोर्ट : 2 मीनारों वाली मस्जिदें लोकल, 1 मीनार वाली अरबी पैसे से… लगभग हर गाँव में मदरसे: नेपाल बॉर्डर के मौलाना ने बताया इसमें कमीशन का खेल – OpIndia Ground Report

पढ़ें दसवीं रिपोर्ट : SSB बेस कैंप हो या सड़क, गाँव हो या खेत-सुनसान… हर जगह मस्जिद-मदरसे-मजार: UP के बलरामपुर से नेपाल के जरवा बॉर्डर तक OpIndia Ground Report

पढ़ें 11वीं रिपोर्ट : हिंदू बच्चों का खतना, मंदिर में शादी के बाद लव जिहाद और आबादी असंतुलन के साथ बढ़ते पॉक्सो मामले: नेपाल बॉर्डर पर बलरामपुर जिले में OpIndia Ground Report

पढ़ें 12वीं रिपोर्ट : गाँवों में अरबी-उर्दू लिखे हुए नल, UAE के नाम की मुहर: ज्यादा दाम देकर जमीनें खरीद रहे नेपाली मुस्लिम – OpIndia Ground Report

पढ़ें 13वीं रिपोर्ट : नए बने ओवरब्रिज के नीचे मज़ार-कर्बला, सड़क किनारे मस्जिद-मदरसे-दरगाह: नेपाल के बढ़नी बॉर्डर हाइवे पर ‘हरा रंग’ हावी – OpIndia Ground Report

पढ़ें 14वीं रिपोर्ट : 4 और 14 वाली नीति से एकतरफा बढ़ रही आबादी… उस गाँव में मस्जिद बनाने की कोशिश, जहाँ नहीं एक भी मुस्लिम’ : UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

पढ़ें 15वीं रिपोर्ट: फ़ारसी में ‘गरीब नवाज स्कूल’ का बोर्ड, उस पर बने चाँद-तारे… घरों-दुकानों में लहरा रहे इस्लामी झंडे, सड़क से सटी हुई मजारें: UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

पढ़ें 16वीं रिपोर्ट: ’10 km में 20 गाँव मुस्लिम बहुल, हिन्दू दब कर मनाते हैं अपने त्योहार’: नेपाल सीमा के ग्राम प्रधान ने बताया – गरीब दिखने वाले मुस्लिमों के पास भी बहुत पैसे: UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

पढ़ें 17वीं रिपोर्ट: 150 मदरसे, 200 मस्जिदें… नेपाल सीमा से 15 km के दायरे का हाल, जानिए बॉर्डर के उन गाँवों की स्थिति जो बन गए हैं मुस्लिम बहुल: UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

पढ़ें 18वीं रिपोर्ट: ‘संयुक्त अरब अमीरात एसोसिएशन’ के नल से UP-नेपाल बॉर्डर पर पानी, सिद्धार्थनगर का मुस्लिम बहुल बाजार डुमरियागंज है सप्लायर: OpIndia Ground Report

पढ़ें 19वीं रिपोर्ट: ‘नेपाल से अपराधी को पकड़ कर लाना Pak से लाने के बराबर’: सीमा पर तैनात रहे DSP ने बताया – नेपाल पुलिस नहीं दिखाती हमारे जैसी सक्रियता – OpIndia Ground Report

पढ़ें 19वीं रिपोर्ट: रामजन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष का मंदिर लैंड जिहाद का शिकार: बॉर्डर UP-नेपाल का… लेकिन जमीन कब्जा के लिए फिलिस्तीनी मॉडल – OpIndia Ground Report

पढ़ें 20वीं रिपोर्ट: ‘मस्जिद-मदरसे-मजार हैं ठिकाने, बाहरी लोगों से भरे पड़े’ : भारत-नेपाल बॉर्डर के 5 Km दोनों तरफ साजिश की पट्टी – OpIndia Ground Report

पढ़ें 21वीं रिपोर्ट: ‘खाली जगह घेर कर बना देते हैं मजार, फिर कहते हैं ये सदियों पुरानी है’: नेपाल सीमा के विधायक ने माना बॉर्डर क्षेत्र में जमीनों के अधिकतर ख़रीददार मुस्लिम – OpIndia Ground Report

नसीमुद्दीन ने नाबालिग लड़के को छेड़ा, अब्दुल्ला ने छात्रा को पकड़ा: 1 महीने में केरल के अलग-अलग मदरसों से 2 मास्टर गिरफ्तार, यौन शोषण का आरोप

केरल में इस महीने दो जगह से दो मदरसा मास्टरों को गिरफ्तार किया गया है। इनके ऊपर आरोप है कि इन्होंने मदरसे में पढ़ने आए बच्चों का यौन शोषण किया। इनमें से एक को त्रिशूर से पकड़ा गया है और दूसरे को वायनाड से गिरफ्तार किया गया है।

मदरसे में छात्र से करता था नसीमुद्दीन छेड़छाड़

रिपोर्ट्स के मुताबिक, केरल के त्रिशूर जिले के कोडुंगल्लूर शहर में नसीमुद्दीन नाम के मदरसा टीचर को गिरफ्तार किया गया। वह मेथला कंदमकुलम स्थित मदरसे में पढ़ाता था और वहाँ आने वाले एक नाबालिग लड़के से छेड़छाड़ करता था।

मास्टर की हरकत का पता जब लड़के के अब्बा को चला तो उन्होंने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दी और पुलिस ने नसीमुद्दीन को पकड़ा। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया।

वायनाड में मदरसा टीचर अब्दुल्ला गिरफ्तार

इसी तरह वायनाड के मामले में 55 साल के ताइल अब्दुल्ला मुसलयार पर भी एक नाबालिग बच्चे के यौन शोषण का आरोप है। उसकी गिरफ्तारी पुलिस ने इसी महीने 4 सितंबर को हुई थी। उस पर आरोप था कि वह मदरसे में पढ़ने वाली छात्रा का हाथ पकड़कर उसके साथ अश्लील हरकतें करता था।

घटना की बाबत, पीड़िता ने इस संबंध में चाइल्डलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी जिसके बाद बथेरी पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत ये केस को दर्ज किया। इसके बाद अब्दुल्लाह की गिरफ्तारी हुई।

इस्लाम सिखाने के बहाने यौन शोषण

उल्लेखनीय है कि केरल के मदरसों में छात्रों के यौन शोषण की ये हालिया घटनाएँ हैं। इससे पहले केरल के कोझीकोड मुखदार तरबियाथुल इस्लामी सेंटर में इस्लाम कबूल करने वाली एक युवती ने मदरसा को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए थे। महिला ने सेंटर के प्रमुख पर महिलाओं और लड़कियों को इस्लाम ‘सिखाने’ के बहाने प्रताड़ित करने और उनका यौन शोषण करने का आरोप लगाया था।

जनम टीवी के साथ अपने इंटरव्यू में, महिला ने कहा था कि इस्लामी मदरसा का प्रमुख बड़ी संख्या में लड़कियों का यौन शोषण कर चुका है। महिला ने केंद्र की तुलना जेल से की थी और कहा था कि महिलाओं और लड़कियों को मजहबी मदरसा छोड़ने पर प्रतिबंध है।

हॉस्टल की दूसरी लड़कियों की न्यूड वीडियोज रिकॉर्ड करती थी छात्रा, अपने दोस्त को भेज देती थी: मोहाली-मुंबई के बाद अब मदुरै के हॉस्टल में घटना

पंजाब के मोहाली स्थित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी और महाराष्ट्र के आईआईटी बॉम्बे में लड़कियों के वीडियो बनाने का मामला अब तक शांत नहीं हुआ है। इसी बीच अब तमिलनाडु के मदुरै में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। वहाँ प्राइवेट कॉलेज के हॉस्टल में रहने वाली छात्रा लड़कियों के वीडियो रिकॉर्ड कर अपने दोस्त को भेजती थी। इस मामले में पुलिस ने छात्रा और उसके दोस्त को गिरफ्तार किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपित छात्रा मदुरै के एक प्राइवेट कॉलेज में बीएड की पढ़ाई कर रही है। इस कॉलेज का हॉस्टल यहाँ के अन्नानगर इलाके में है। हॉस्टल में रहने वाली अन्य लड़कियों ने आरोप लगाया है कि आरोपित छात्रा लड़कियों की न्यूड फोटो और वीडियो छिपकर रिकॉर्ड करती थी। इसके बाद वह इन वीडियो और फोटोज को अपने दोस्त को भेज देती थी।

आरोपित छात्रा की संदिग्ध गतिविधियों पर हॉस्टल में ही रहने वाली एक लड़की को शक हुआ। इसके बाद उसने इस बात की जानकारी हॉस्टल वार्डन को दी। इस शिकायत के आधार पर हॉस्टल वार्डन एक्टिव मोड में आ गई और उसने आरोपित छात्रा का फोन लेकर उसे चेक करना शुरू किया। वार्डन जब आरोपित छात्रा का फोन चेक कर रही थी तब उसे फोन में कई लड़कियों के न्यूड फोटो और वीडियो मिले।

इसके बाद, हॉस्टल वार्डन ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी तत्काल पुलिस को दी। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपित छात्रा से पूछताछ शुरू की। इस पूछताछ में उसने बताया कि वह लड़कियों के वीडियो और न्यूड फोटो अपने दोस्त अशोक को भेजी थी।

आरोपित छात्रा ने यह भी बताया कि अशोक कामुधी में क्लीनिक चलाता है। अशोक की तीन साल पहले ही शादी हो चुकी है। आरोपित छात्रा ने अशोक पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह उसे हॉस्टल की लड़कियों के नहाते और कपड़े बदलते समय का वीडियो और फोटो शूट कर भेजने का दबाव बनाता था। इसके बाद, पुलिस ने आरोपी छात्रा के साथ ही उसके दोस्त अशोक को भी गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस दोनों ही आरोपितों से पूछताछ कर रही है।

बता दें, इससे पहले ऐसा ही मामला पंजाब की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से सामने आया था, जहाँ छात्रा पर हॉस्टल के वॉशरूम में नहा रही लड़कियों के वीडियो बनाने का आरोप लगा था। यह भी कहा गया था कि आरोपित छात्रा वीडियो बनाकर अपने बॉयफ्रेंड को भेजती है। इस मामले में पुलिस ने आरोपित छात्रा समेत पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। यानी पुलिस ने, आरोपित एमबीए की छात्रा, उसका बॉयफ्रेंड सनी मेहता और उसका दोस्त रंकज वर्मा व सेना के जवान संजीव सिंह को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अभी कुछ और गिरफ्तारी होने की बात कही जा रही है।

इसके अलावा, आईआईटी बॉम्बे में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। यहाँ हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा ने हॉस्टल कैंटीन में काम करने वाले एक कर्मचारी पर वॉशरूम का वीडियो बनाने का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया था।

थूक मिलाकर पार्षदों-विधायकों को पानी पिलाता था तौफीक, मुबीन सब देखकर भी चुप रहा: 6 महीने बाद खुली पोल, कानपुर में हंगामा

उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर निगम के पार्षदों को लम्बे समय से जूठा पानी और खाने की चीजें थूक कर खिलाने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि आरोप तौफीक नाम के एक आउटसोर्स कर्मचारी पर लगा है जिसे अब नौकरी से निकाल दिया गया है। वहीं नगर निगम के ही एक अन्य कर्मचारी मुबीन पर इस पूरे मामले की जानकारी होने के बाद भी छिपाए रखने का आरोप लगा है।

19 सितम्बर 2022 को एक पार्षद ने इस घटना की जानकारी होने पर आरोपित तौफीक के खिलाफ FIR दर्ज करने की माँग की थी लेकिन फ़िलहाल अभी तक कोई पुलिस कार्रवाई नहीं हुई है।

कानपुर के वार्ड संख्या 91 के पार्षद राघवेंद्र मिश्रा द्वारा नगर आयुक्त को इस बाबत शिकायती पत्र प्रेषित किया गया। इस पत्र में उन्होंने लिखा था कि नगर निगम पार्षदों के कमरे में तौफीक, मुबीन, धर्मेंद्र कुमार और शिव कुमार नाम के कर्मचारियों की नियुक्ति है।

राघवेंद्र के मुताबिक इन सभी में तौफीक नाम का कर्मचारी पिछले 6 माह से पार्षदों के खाने और चाय-पानी में थूक रहा है। पार्षद राघवेंद्र मिश्रा ने आगे लिखा कि अन्य कर्मचायर्यों को इसकी सूचना होने के बाद भी उन्होंने इस घटना के बारे में नहीं बताया।

शिकायती पत्र

अपने इसी पत्र में पार्षद राघवेंद्र ने लिखा कि पार्षद कक्ष में विधायक जैसे कई अन्य गणमान्य लोग आते रहे हैं। शिकायती पत्र में आरोपित तौफीक पर कड़ी कार्रवाई की माँग की गई है। ऑपइंडिया से 25 सितम्बर 2022 (रविवार) को बात करते हुए पार्षद राघवेंद्र मिश्रा ने बताया, “हम पार्षद तौफीक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चाहते हैं लेकिन हमारे सिटी मजिस्ट्रेट का रवैया इस मामले में ढुलमुल है।”

राघवेंद्र ने कहा, “हमारे खाने-पीने की चीजों में तौफीक के थूकने की जानकारी एक अन्य कर्मचारी मुबीन को थी लेकिन उसने हमसे ये बात छिपा कर रखी।” पार्षद के मुताबिक एक अन्य व्यक्ति द्वारा पार्षदों को 6 माह से थूके जाने की जानकारी मिली तब पूछताछ में तौफीक ने अपनी हरकत कबूल की और मुबीन ने भी उसकी पुष्टि की। बताया जा रहा है कि सबसे पहले नगर निगम की ही एक महिला कर्मचारी ने तौफीक को ऐसी हरकत करते देखा। उसके बाद भाजपा से जुड़े पार्षदों ने हंगामा कर दिया।

राघवेंद्र के मुताबिक तौफीक आउटसोर्स पर था इसलिए उसे नौकरी से निकाल दिया गया लेकिन मुबीन परमानेंट स्टाफ है जिसे कमरे से हटाया गया है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुबीन ने माना कि तौफिक गिलास में मुँह लगाने के बाद ही पानी पिलाता था और ज्यादातर वो जूठा पानी ही पार्षदों और अन्य आने वाले लोगों को पानी पिलाता था। तौफीक और मुबीन के अलावा पहले से तैनात 2 अन्य कर्मचारियों को भी हटा दिया गया है। फ़िलहाल जिन 2 नए स्टाफ की पार्षदों के कमरे में हुई है उनके नाम राहुल और कपिल हैं।

₹500 करोड़ का बजट, 3D में ‘रामायण’ की कहानी: अयोध्या नगरी से रिलीज होगा ‘आदिपुरुष’ का टीजर, प्रभास भी मौजूद होंगे

हिंदू विरोधी बॉलीवुड (Bollywood) की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर लगातार धराशायी हो रही हैं। वहीं, दक्षिण भारतीयों फिल्मों के सुपरस्टार प्रभाष (Prabhas) की फिल्मों का लोगों का बेसब्री से इंतजार रहता है। प्रभाष की मुख्य किरदार वाली फिल्म ‘आदिपुरुष’ (Adipurush) का भी लोगों को इंतजार है। डायरेक्टर ओम राउत रामायण (Ramayan) पर आधारित इस फिल्म का टीजर अयोध्या से लॉन्च करेंगे।

लगभग 500 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली आदिपुरुष में रामायण की कहानी को भव्य तरीके से 3D में पेश किया जाएगा। फिल्म में ‘बाहुबली’ स्टार (Bahubali Star) प्रभास और कृति सेनोन (Kriti Sanon) मुख्य भूमिका में होंगे। फिल्म का टीजर 2 अक्टूबर 2022 को रिलीज किया जा सकता है। वहीं, फिल्म अगले साल 12 जनवरी को रिलीज होगी।

फिल्म का टीजर भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में रिलीज किया जाएगी और इस मौके पर फिल्म के प्रमुख किरदार उपस्थित रहेंगे। टीजर रिलीज के दौरान डायरेक्टर ओम राउत के अलावा प्रभास भी उपस्थित रहेंगे। हालाँकि, अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि प्रभास के अलावा आदिपुरुष के कलाकारों और क्रू में से कौन फर्स्ट लुक लॉन्च के दौरान मौजूद होगा।

सूत्रों के हवाले से बॉलीवुड हंगामा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, “टीजर को 2 अक्टूबर (रविवार) को किया जाएगा। प्रभास आदिपुरुष की टीम के साथ अयोध्या में उपस्थित होंगे। उत्तर प्रदेश का यह धार्मिक शहर भगवान राम का जन्मस्थान है, जिस पर आदिपुरुष आधारित है। इसलिए, निर्माताओं ने सोचा कि वहाँ प्रोमोशन करना उपयुक्त होगा।”

बता दें कि आदिपुरुष में प्रभास के अलावा कृति सनोन, सैफ अली खान, सनी सिंह और वत्सल सेठ भी प्रमुख भूमिका में हैं। इस फिल्म में प्रभास भगवान राम की भूमिका में हैं। वहीं, रावण का किरदार सैफ अली खान (Saif Ali Khan) ने निभाया है।

डायरेक्टर ओम राउत ने फिल्म में अपनी काबिलियत को फिर साबित करने की कोशिश की है। इसके पहले उन्होंने तन्हाजी: द अनसंग वॉरियर (2020) का निर्देशन कर चुके हैं। वहीं, बाहुबली के जरिए प्रभास ने देश के घर-घर तक अपनी पहचान बनाई है।

कॉन्ग्रेस की महिला नेता ने अवैध हथियार से चलाई खुले में गोली, Video इंस्टाग्राम पर अपलोड की: Reel देख पुलिस ने केस दर्ज किया

हरियाणा के पलवल में कॉन्ग्रेस की एक महिला नेता और एक महिला एडवोकेट पर अवैध हथियार से सरेआम हवाई फायरिंग करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। इन दोनों महिलाओं ने फायरिंग करते हुए रील बनाई थी और उसको इंस्टाग्राम पर अपलोड किया था। वीडियो देखने के बाद पुलिस ने मामले पर संज्ञान लिया। लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पलवल पुलिस में साइबर सेल प्रभारी विनोद कुमार सोशल मीडिया मॉनिटरिंग कर रहे थे। इस दौरान उन्हें इंस्टाग्राम पर अवैध हथियार लहराते हुए दो महिलाओं का वीडियो दिखा। इन वीडियो के बैकग्राउंड में पंजाबी गाने चल रहे थे। जिसके बाद, अवैध हथियारों के बारे में पुलिस लाइन से रिपोर्ट लेते हुए दोनों ही महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

साइबर सेल प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि वीडियो में दिख रही दोनों ही महिलाओं के बारे में जानकारी जुटाई गई थी। इसमें से एक महिला की पहचान वार्ड नंबर 14 निवासी चंचल गौतम उर्फ निशा गौतम (कॉन्ग्रेस नेता) व दूसरी महिला की पहचान वार्ड नंबर 26 निवासी पूनम राव (एडवोकेट) के रूप में हुई है।

इस पूरे मामले पर, सिटी थाने की ऑफिसर इन कमांड रेणु देवी का कहना है कि उन्हें इस मामले की जाँच करने का काम सौंपा गया है। वह पूरे मामले की गहनता से जाँच कर रहीं हैं। इस जाँच में जो भी तथ्य सामने आएँगे उसके आधार पर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

देवी-देवताओं की तस्वीरों पर थूका, फिर फाड़ कर जला डाला: यूपी में 2 नन हुईं गिरफ्तार, हिन्दू महिला पर बनाया जा रहा था ईसाई धर्मांतरण का दबाव

उत्तर प्रदेश के सम्भल जिले में हिन्दुओं पर धर्मांतरण का दबाव डालने के आरोप में 2 ईसाई ननों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों पर हिन्दू देवी-देवताओं की तस्वीरों को फाड़ कर जला देने का भी आरोप है। दोनों आरोपित महिलाओं का संबंध ईसाई मिशनरियों से बताया जा रहा है। दोनों ईसाई मिशनरियों द्वारा संचालित स्थानीय स्कूल सी डी एम हाईस्कूल में सिस्टर के पद पर कार्यरत हैं। इस ममले में हिन्दू संगठनों ने नाराजगी जताई है। घटना 21 सितम्बर, 2022 (बुधवार) की है।

घटना नखासा थाना क्षेत्र की है। यहाँ के गाँव सिरसानाल में 21 सितम्बर, 2022 को पुलिस को महिलाओं द्वारा धर्मांतरण की शिकायत की सूचना मिली थी। पुलिस को ये भी बताया गया था कि आरोपित महिलाओं ने हिन्दू देवी-देवताओं की तस्वीरों को जलाया है। घटना की सूचना पर क्षेत्र के SDM और DSP भारी फ़ोर्स के साथ गाँव में पहुँचे। पुलिस के पहुँचने पर पता चला कि क्रिश्चियन मिशनरियों से जुड़ीं रोस मेरी और जिसा नाम की 2 ईसाई महिलाएँ सुनीता नाम की एक महिला के घर जा कर धर्मांतरण का दबाव बना रहीं थीं।

संभल जिले के पुलिस अधीक्षक IPS चक्रेश मिश्रा के मुताबिक, शिकायत करने वाली महिला सुनीता के पति का नाम विलियम है जो वह ईसाई है लेकिन उनकी पत्नी हिन्दू है। SP संभल के अनुसार सुनीता ने इस हरकत का विरोध किया और उनकी ही शिकायत पर पुलिस ने दोनों महिलाओं को IPC की धारा 452/504/506 153- A के साथ उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 3/5(1) के तहत गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि मौके पर हालात सामान्य हैं और सुरक्षा के लिए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

इस मामले की जानकारी देते हुए खुद शिकायतकर्ता महिला सुनीता के ईसाई बन चुके पति विलियम ने कहा कि उनकी पत्नी हिन्दू है और उसने भगवान की 4 तस्वीरें लगा रखी हैं। विलियम ने ईसाई ननों पर आरोप लगाया है कि दोनों महिलाओं ने उनके घर में घुस कर देवी-देवताओं की तस्वीरों पर थूका और उनको फाड़ कर जला दिया। विलियम ने अपनी पत्नी को परेशान बताते हुए न्याय की माँग की।

वहीं शिकायतकर्ता महिला सुनीता ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मुझे दोनों सिस्टर ईसाई बनने के लिए कह रहीं थी लेकिन मैंने मना कर दिया और हिन्दू ही रहने की बात कही।” सुनीता ने ये भी कहा कि उसके 2 बेटे हैं और वो भी भविष्य में हिन्दू ही रहेंगे।

वहीं पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

‘अब्बा करने वाले थे 5वाँ निकाह…बेटी घर से भागी’ : मदरसे में पढ़ी रुखसार आर्य समाज मंदिर में बनी निशा, हिन्दू प्रेमी संग 7 फेरे लिए

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की रहने वाले रुखसार खातून नाम की लड़की ने हिन्दू धर्म स्वीकार करते हुए अपना नया नाम निशा रख लिया है। इसी के साथ रुखसार ने फरीदाबाद के आर्य समाज मंदिर में राम आशीष शर्मा के साथ 7 फेरे भी ले लिए। राम आशीष भी मूल रूप से गोरखपुर के ही रहने वाले हैं।

रुखसार के अब्बा ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवा रखी है जिसके चलते दोनों काफी समय से भारत के अलग-अलग हिस्से में छिप कर रह रहे थे। दोनों की शादी शादी शनिवार (24 सितम्बर 2022) को हुई है।

निशा बनी रुखसार की बचपन में पढ़ाई दारुल उलूम अहले सुन्नत अनवारुल उलूम नाम के मदरसे में हुई है। ऑपइंडिया के पास रुखसार और राम आशीष के शादी का प्रमाण पत्र मौजूद है। इस प्रमाण पत्र के मुताबिक दोनों ने फरीदाबाद के सेक्टर 11 स्थित आर्य समाज मंदिर ट्रस्ट में शादी की है। सर्टिफिकेट के मुताबिक दोनों बालिग हैं। सामने आए विवाह के विजुअल में दोनों ने वैदिक विधि-विधान से शादी करते हुए नजर आ रहे हैं। दोनों ने गायत्री मंत्र और ॐ लिखे बैनर के आगे अग्नि के 7 फेरे लिए हैं।

इस शादी को करवाने वाले फरीदाबाद में हिन्दू संगठन के पदाधिकारी बिट्टू बजरंगी ने दोनों की शादी का वीडियो अपने फेसबुक पर 24 सितम्बर को LIVE भी किया।

बिट्टू बजरंगी ने ऑपइंडिया से बात करते हुए हमें बताया कि दोनों गोरखपुर के रहने वाले हैं और एक लम्बे समय से दोनों में प्यार था। बिट्टू के मुताबिक दोनों के घर वाले इस रिश्ते से नाराज थे इसलिए दोनों कुछ माह पहले घर छोड़ कर गुजरात के सूरत भाग गए।

बिट्टू बजरंगी कहते हैं कि सूरत में रहने के दौरान लड़के राम अशीष को अपने परिजनों की गोरखपुर पुलिस द्वारा प्रताड़ना की जानकारी हुई क्योंकि लड़की के अब्बा कमालुद्दीन ने लड़के के खिलाफ पुलिस में शिकायत दे दी थी। कमालुद्दीन ऑटो रिक्शा चलाते हैं। रुखसार खातून की माँ का नाम गौसुन निशा है।

बिट्टू बजरंगी ने हमें बताया, सूरत में रह रहे राम आशीष को सोशल मीडिया से उनके बारे में जानकारी हुई तो उन्होंने बिट्टू से अपनी शादी करवाने का आग्रह किया। इसके बाद बिट्टू बजरंगी ने विवाह की पूरी तैयारी की और दोनों को फरीदाबाद बुलाया गया। यहाँ पहले इनकी कोर्ट मैरिज हुई। बाद में आर्य समाज मंदिर में लड़की की शादी और घर वापसी करवाई गई।

बिट्टू के मुताबिक लड़की और लड़का दोनों इस रिश्ते से काफी खुश हैं और वो आगे भी साथ ही रहना चाहते है। बिट्टू बजरंगी ने आशा और उम्मीद जताई है कि अब गोरखपुर पुलिस लड़के के घर वालों को प्रताड़ित नहीं करेगी।

इसी मदरसे की छात्रा रहीं रुखसार

हमसे बात करते हुए बिट्टू बजरंगी ने एक और अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लड़की रुखसार ने उन्हें (बिट्टू को) बताया था कि उसके अब्बू कमालुद्दीन पहले से ही 4 निकाह कर चुके हैं और अब 5वें निकाह की तैयारी में हैं। बिट्टू के अनुसार इसी बात का मदरसे में पढ़ी लड़की के जेहन पर काफी गलत असर हुआ और सम्भवतः इसी वजह से उसने हिन्दू लड़के को अपना जीवनसाथी चुना। बिट्टू बजरंगी के मुताबिक फरीदबाद में उनके साथियों और अन्य धर्मनिष्ठ लोगों ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया।

गौरतलब है कि इसी सप्ताह उत्तर प्रदेश के बरेली में रुबीना नामक मुस्लिम महिला ने घर-वापसी कर हिन्दू लड़के से शादी रचा ली थी। 3 बच्चों की माँ रुबीना का कहना था कि उसका पूर्व शौहर शराब के नशे में उसे मारपीट करता था। एक दिन उसने नशे में ही ‘तीन तलाक’ दे कर घर से निकाल दिया। इसके बाद उसने हिन्दू धर्म अपना कर अपने दोस्त प्रेमपाल से विवाह किया।

सोशल मीडिया में लिखा ‘खेला होई’, 15 साल के आदित्य तिवारी को चाकुओं से गोद कर मार डाला: नाबालिग हत्यारों में अधिकतर मुस्लिम, तलवार-कट्टे से केक काटते आए नजर

बिहार के सारण के जलालपुर में स्कूल के सामने दिन दहाड़े हत्या का मामला सामने आया है। यहाँ, हाई स्कूल के छात्र आदित्य तिवारी की प्रेम प्रसंग के चलते स्कूल के सामने ही हत्या की गई है। हत्या के मुख्य आरोपित का एक वीडियो सोशल में वायरल हो रहा है जिसमें ‘आज जलालपुर में खेला होई’ लिखा हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोचिंग में पढ़ने वाली लड़की के साथ 10वीं के छात्र आदित्य तिवारी का प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस लड़की को लेकर ही मृतक आदित्य तिवारी का कोचिंग सेंटर में कुछ युवकों के साथ झगड़ा हुआ था। इसके बाद जब वह परीक्षा देने के लिए अपने स्कूल पहुँचा तो कुछ लड़के वहाँ पर मारपीट के इरादे से पहले ही मौजूद थे। इन लड़कों ने स्कूल के सामने ही मारपीट कर चाकू से हमला कर दिया। 

आदित्य की हत्या उस वक्त हुई जब स्कूल में सेकेंड टर्म की परीक्षा चल रही थी और एग्जाम पेपर भी बाँटे जा चुके थे। तभी कुछ छात्रों ने आदित्य तिवारी को देखा और शिक्षकों को सूचना दी। इस सूचना के बाद शिक्षकों ने आनन-फानन में आदित्य को सामुदायिक अस्पताल ले गए जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया।

हत्या के इस मामले में, अब तक तीन आरोपितों की पहचान की गई है। ये तीनों ही आरोपित मुस्लिम हैं। दो आरोपितों की गिरफ्तारी और उनसे पूछताछ के बाद हत्या के कारणों का खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि दोनों गिरफ्तार आरोपित नाबालिग हैं। फिलहाल मुख्य साजिशकर्ता, जिसकी पहचान तैफ उर्फ ​​सोनू खान के रूप में हुई है वह फरार है। इस हत्या के संबंध में पुलिस कोचिंग सेंटर मालिकों से भी पूछताछ कर रही है। 

इस घटना के बाद से कोचिंग सेंटर और स्कूल दोनों ही बंद हैं। जलालपुर हाई स्कूल के सभी शिक्षक जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय गए थे। स्कूल खोलने के लिए शिक्षकों ने सुरक्षा की गारंटी मांगी है। शिक्षकों का कहना है कि बिना सुरक्षा के वे स्कूल नहीं चलाएंगे। प्रभारी हेडमास्टर प्रभातेश पांडेय ने कहा है कि स्कूल के बेंच-डेस्क तोड़ दिए गए हैं। एलईडी टीवी तोड़ दिया गया है और काफी तोड़-फोड़ की गई है। स्कूल खुलने पर सब कुछ पता चलेगा।

बता दें, जिस चाकू से आदित्य की हत्या की गई है उसे जलालपुर पुलिस ने ईनामीपुर गाँव से बरामद कर लिया है। इस बारे में, पहले तो दोनों ही गिरफ्तार आरोपित पुलिस को बरगलाते रहे लेकिन फिर कड़ी पूछताछ में हत्या को लेकर कई खुलासे किए हैं। आरोपितों ने पुलिस को बताया है कि हत्या के बाद उन लोगों चाकू को खेत किनारे फेंक दिया था।

इसके बाद वे ईनामीपुर गाँव होते हुए चाईपाली स्थित अपने घर पहुँचे थे। जलालपुर थानाध्यक्ष ने कहा है कि चाकू की एसएफएल से जाँच कराई जाएगी। फिलहाल कोपा थाने पर दोनों आरोपितों को रखा गया है। जबकि इस हत्या का मास्टर माइंड फरार है जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश के भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने आदित्य तिवारी के लिए न्याय की माँग करते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा, “महज 15 साल का था बिहार का आदित्य तिवारी। भाई की तरह ही सैनिक बनकर देश की सेवा करना चाहता था। लेकिन तैफ, साहिल और अरशद ने स्कूल में धारदार हथियारों से मौत के घाट उतार दिया। ये तीनों दरिंदे स्कूली बच्चियों को रोज छेड़ते थे, आदित्य ने हिम्मत जुटा कर इनका विरोध किया था।”

इस ट्वीट के साथ विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने एक अन्य ट्वीट को कोट किया है। इसमें एक वीडियो शेयर कर कहा गया है, “इस मामले से जुड़े दो वीडियो वायरल हैं जिसमें हत्या के कुछ आरोपित और उनका गिरोह है – एक वीडियो में लिखा है, ‘आज जलालपुर में खेला होई’ (हत्या के पहले ये वीडियो जारी किया गया) दूसरे वीडियो में तलवार और देसी कट्टे से केक काटते हुए आरोपित नजर आ रहा है।”

अब उत्तर प्रदेश के हर स्कूल में अनिवार्य होगी योग की शिक्षा, योगी सरकार ने तैयार किया ड्राफ्ट: खेल टूर्नामेंट्स के लिए बच्चों को किया जाएगा तैयार

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) की सरकार राज्य के सभी स्कूलों में योग को अनिवार्य करने जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने मसौदा भी तैयार कर लिया है। अब इसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया है। शासन की अनुमति मिलने के बाद उसे लागू कर दिया जाएगा।

राज्य के स्कूलों में इसे अनिवार्य करने के पीछे सरकार का मकसद प्रतिभा को उभारना है। सरकार राज्य के दूरदराज के हिस्सों में मजबूत खेल संस्कृति को विकसित, खेल के बुनियादी ढाँचे का विकास और खिलाड़ियों को बढ़ावा देना चाहती है। 

इसको लेकर अतिरिक्त मुख्य सचिव (खेल) नवनीत सहगल ने कहा, “इस नीति का उद्देश्य 5 से 14 वर्ष के आयु वर्ग में प्रतिभा की पहचान करके उनकी भागीदारी को बढ़ाना है। इसके साथ ही सार्वजनिक-निजी भागीदारी, सार्वजनिक-संघ भागीदारी और खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है।”

राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार 100 करोड़ रुपए के प्रारंभिक कोष के साथ ‘उत्तर प्रदेश खेल विकास कोष’ बनाएगी। इस नीति के तहत खिलाड़ियों और स्कूली छात्रों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी योग अनिवार्य होगा। इसके साथ ही सभी जिला मुख्यालयों के खेल स्टेडियमों में योग के प्रशिक्षण एवं अभ्यास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

नवनीत सहगल ने कहा कि केंद्र ने लखनऊ स्थित गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज को तीन खेलों के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE)’ के रूप में विकसित करने की सहमति दी है। इसमें युवाओं के लिए खेल प्रबंधन, खेल पत्रकारिता, खेल कानून, खेल डेटा विश्लेषण सहित अन्य पाठ्यक्रम संचालित किए जाएँगे।

इसके अलावा, उच्च कोटि के प्रदर्शन करने वाले 20 छात्र-छात्राओं को केंद्र राष्ट्रीय और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करेगी। सहगल ने आगे कहा कि युवा प्रतिभाओं को प्रशिक्षण देने के लिए हर जिले में एक जिला खेल केंद्र होगा। बुनियादी खेल और फिटनेस प्रशिक्षण के लिए डीएससी में एक जिला खेल कोचिंग केंद्र भी शामिल किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि नई नीति के तहत खेल संघों और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को अकादमियों की स्थापना के लिए पट्टे पर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही खेल का मैदान विकसित करने के लिए ग्राम सभा की भूमि ग्रामीण अकादमियों को लीज पर दी जाएगी। अकादमी में कम-से-कम 50 प्रतिशत खिलाड़ी उत्तर प्रदेश के होंगे।