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‘शराब के नशे में धुत थे पंजाब के CM भगवंत मान, जर्मनी में फ्लाइट से उतारा’: AAP ने आरोपों को नकारा, ‘स्वास्थ्य कारणों’ से देरी का दावा

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) जर्मनी दौरे से वापस आ गए हैं। वह पंजाब में निवेश की तलाश में 11 से 18 सितंबर तक जर्मनी में थे। हालाँकि, उनकी यह यात्रा विवादों में है। बीएमडब्ल्यू के पंजाब में प्लांट लगाने से इनकार करने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की जर्मनी यात्रा चर्चा में हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसा दावा किया जा रहा है कि भगवंत मान को शनिवार रात (17 सितंबर, 2022) को फ्रैंकफर्ट हवाई अड्डे पर शराब के नशे में होने के कारण विमान से उतारा गया था। इसकी वजह से वह दिल्ली में होने वाली बैठक में भी शामिल नहीं हो पाए थे। वहीं, उनकी पार्टी (AAP) ने इन दावों को झूठा और बेबुनियाद बताया है।

पार्टी के प्रवक्ता मलविंदर सिंह कांग ने कहा, “हमारे राजनीतिक विरोधी सीएम को बदनाम करने के लिए इन अफवाहों को फैला रहा है। वे यह पचा नहीं पा रहे हैं कि सीएम मान पंजाब में निवेश पाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। सीएम तय कार्यक्रम के अनुसार लौट रहे थे। उन्हें रविवार रात यहाँ उतरना था, वह पहले ही दिल्ली चले गए थे।” दिलचस्प बात यह है कि राज्य सरकार के अधिकारी भी दावा करते रहे हैं कि स्वास्थ्य कारणों से सीएम की जर्मनी से वापसी में देरी हुई।

एक यूजर ने ट्विटर पर लिखा, “लुफ्थांसा टीम ने पंजाब के सीएम भगवंत मान को फ्लाइट से बाहर उतार दिया, क्योंकि वह अत्यधिक नशे में थे और अपने पैरों पर खड़े भी नहीं हो पा रहे थे। उनकी हरकतों के कारण विमान 4 घंटे लेट हो गया, जिससे अन्य यात्रियों को असुविधा हुई।”

एक और यूजर ने लिखा, “लुफ्थांसा टीम ने पंजाब के भगवंत मान को फ्लाइट से बाहर फेंक दिया, क्योंकि वह अत्यधिक नशे में थे और अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो सकते थे। इस वजह से विमान 4 घंटे लेट हो गई। यह वीआईपी कल्चर की निंदा करने वाले और स्वयं को आम आदमी कहने वाले पार्टी से मुख्यमंत्री हैं।”

बता दें कि जर्मनी में भगवंत मान के साथ उनके दल में राज्य कैडर के चार आईएएस अधिकारी और एक सलाहकार शामिल थे। जर्मनी में निवेशकों के साथ उनकी कई बैठकें हुईं। सीएम भगवंत मान ने विश्व के उद्योगपतियों को 23-24 फरवरी, 2023 को होने वाले ‘प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन’ में शामिल होने के लिए न्योता दिया है।

गौरतलब है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी पार्टी ने बीते दिनों एक बार फिर से अपनी फजीहत करा ली थी। यह मामला BMW के पंजाब में प्लांट से जुड़ा हुआ है। दरअसल, पंजाब सरकार की ओर से यह दावा किया गया था कि BMW पंजाब में ऑटो पार्ट्स बनाने वाली है, लेकिन इस दावे की पोल बीएमडबल्यू ने अगले ही दिन खोल दी और इसे सिरे से नकार दिया था। ऑटो कंपनी बीएमडबल्यू ने 14 सितंबर, 2022 को एक प्रेस रिलीज किया गया था, जिसमें कंपनी ने स्पष्ट तौर पर बताया था कि कंपनी पंजाब में कोई यूनिट नहीं लगा रही है।

‘चीन में बम से उड़ा दिए जाते हैं मदरसे, भारत में भी ऐसा ही हो’: यति नरसिंहानंद के खिलाफ FIR, कहा था – AMU इस्लाम का गढ़, यहीं पड़ी भारत विभाजन की नींव

अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा है कि मदरसों और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) को बम से उड़ा देना चाहिए। इस बयान के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यति नरसिंहानंद सरस्वती उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए हुए थे। इस कार्यक्रम के समापन के दौरान उन्होंने कहा कि चीन की तरह सभी मदरसों को बारूद से उड़ा देना चाहिए और मदरसों के सभी छात्रों को डिटेंशन सेंटर में भेजना चाहिए, ताकि ‘कुरान नामक वायरस’ को उनके दिमाग से हटाया जा सके।

यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा, “अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) इस्लाम का गढ़ है। यहाँ भारत के विभाजन की नींव रखी गई थी। मदरसों की तरह एएमयू को भी उड़ा देना चाहिए। इसके छात्रों को डिटेंशन सेंटर कर उनके दिमाग का इलाज किया जाना चाहिए।”

इसके अलावा यति नरसिंहानंद ने ज्ञानवापी ढाँचे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद नहीं, मंदिर है। यति नरसिंहानंद ने कहा कि हिन्दू समाज जाग्रत हो गया है और जल्द ही ज्ञानवापी हिन्दुओं के पास होगा। उन्होंने कहा कि हमें ‘मक्केश्वर महादेव’ पर मेहनत करनी चाहिए, ताकि वो हमारे पास आएँ। नरसिंहानंद ने पूछा कि केवल ज्ञानवापी के आने से क्या होगा? उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में जहाँ भी मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाई गई है, वह सब स्थान वापस आने चाहिए।

लखीमपुर खीरी कांड को बताया इस्लामिक जिहाद

लखीमपुर खीरी में मुस्लिमों द्वारा दो किशोरियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में उन्होंने कहा है कि लखीमपुर खीरी में जो हुआ वह अपराध नहीं है, वह इस्लाम का जिहाद है, वो जिहादियों ने किया है। उन्होंने कहा कि ये जिहादी पिछले 14 सौ सालों से हमारी बहन-बेटियों को अपना शिकार बना रहे हैं और ये एक दिन हर हिन्दू बेटी के साथ होगा।

इस कार्यक्रम में उन्होंने राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर निशाना साधते हुए यात्रा को सीधे तौर पर ‘मजाक’ करार दिया। उन्होंने कहा, “राहुल गाँधी जिहादियों के साथ हैं। वह उत्तर प्रदेश में नहीं जीत सके और केरल गए और वायनाड से चुनाव लड़ा। अगर राहुल गाँधी भारत को एक करना चाहते हैं तो उन्हें पाकिस्तान और बांग्लादेश जाना चाहिए, जिसे महात्मा गाँधी ने बनवाया था। पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश को भारत से जोड़ो। ऐसा करने से बाकी सभी लोग उनके साथ जुड़ेंगे।”

जंगल में गाय काटने आया था ₹25000 का इनामी ताजू, सरेंडर करने को कहा गया तो करने लगा फायरिंग: पाँव में लगी यूपी पुलिस की गोली, दबोचा गया

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में नोएडा पुलिस और गोहत्यारों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में गौ तस्कर बताए जा रहे ताजू नाम के व्यक्ति के पैर में गोली लगी है। आरोपित ताजू पर पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। पुलिस को अभी ताजू के 2 साथियों की भी तलाश है। पुलिस द्वारा सभी आरोपितों पर गैंगस्टर लगाने की भी जानकारी दी गई है। मुठभेड़ रविवार (18 सितम्बर, 2022) की रात में हुई है।

जानकारी के मुताबिक, यह मुठभेड़ दनकौर थाना क्षेत्र में हुई है। ग्रेटर नोएडा पुलिस के ADCP विशाल पांडेय ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक रात पहले 4 गौ हत्यारों ने एक गाय को काटने का प्रयास किया था, जिन्हें रोकने के लिए पुलिस बल पहुँच गया था। इस दौरान पुलिस और गौ हत्यारों में मुठभेड़ हुई, जिसमें एक बदमाश घायल हुआ था। विशाल पांडे के मुताबिक, एक दिन पहले हुई घटना के चलते उस दिन पुलिस सतर्क थी और जंगलों में गश्त कर रही थी। पुलिस के मुताबिक, इसी गश्त के दौरान उन्हें ताजू नाम का व्यक्ति गौकशी के मकसद में दिखा।

ADCP विशाल ने बताया कि जब पुलिस ने ताजू को सरेंडर करने के लिए कहा तब वह गोली चलाने लगा, जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में अपनी आत्मरक्षा के लिए गोली चलाई। पुलिस का कहना है कि पुलिस की गोली आरोपित ताजू के पैर में गली और वो घायल हो गया। इस दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसकी तलाशी के बाद उसके पास से कट्टा और कारतूस भी बरामद हुआ है।

आगे की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ में घायल हुआ गौकश ताजू बेहद शातिर किस्म का अपराधी है। उस पर और उसके साथियों पर पुलिस द्वारा 25 हजार रुपए का इनाम भी रखा था। पुलिस ने यह भी बताया कि गायों को काटने वाले ताजू के गैंग पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई भी जा रही है। फ़िलहाल इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

बेगूसराय के बाद अब हाजीपुर में अंधाधुंध गोलीबारी, दहशत फैला कर निकल गए बदमाश: बिहार में अपराधियों के हौसले बुलंद

बिहार (Bihar) में नीतीश कुमार की गठबंधन सरकार बनने के बाद से अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। बेगूसराय गोलीकांड (Begusarai Shootout) के बाद अब वैशाली के जिला मुख्‍यालय हाजीपुर में बदमाशों ने हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाने का काम किया है। यह वारदात हाजीपुर शहर के बीचो-बीच मड़ई चौक की है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाजीपुर के मड़ई चौक पर रविवार (18 सितंबर, 2022) की रात बाइक सवार दो बदमाशों ने कई राउंड फायरिंग की और वहाँ से फरार हो गए। गनीमत रही कि इस दौरान कोई भी शख्स इनकी गोलियों का शिकार नहीं बना। सूचना मिलने के बाद पुलिस इस मामले की जाँच में जुट गई है। इस घटना को रात करीब साढ़े 8 बजे अंजाम दिया गया। बदमाश मड़ई चौक पहुँचे। वहाँ स्थित टीवीएस एजेंसी के निकट करीब चार राउंड फायरिंग की और पिस्‍टल लहराते हुए राजेंद्र चौक की ओर निकल गए। इस घटना के बाद लोग दहशत में आ गए। वे अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुँची पुलिस ने वहाँ से दो खाली खोखे बरामद किए हैं। इस घटना के बाद से पुलिस ने शहर में चौकसी बढ़ा दी है। वाहनों की जाँच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों को जल्‍द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

गौरतलब है कि इससे पहले बेगूसराय में 13 सितंबर ,2022 को बाइक सवार दो बदमाशों ने 40 किलोमीटर के दायरे में 11 लोगों को गोली मारी थी। इनमें से चंदन कुमार नाम के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि अन्य कई लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने इन दोनों बदमाशों को साइको बताया था। पुलिस ने चारों आरोपितों सुमित, युवराज, अर्जुन और केशव कुमार उर्फ नागा को गिरफ्तार करने के बाद खुलासा किया था कि ये लोग अपना दबदबा बनाने के लिए भय फैलाना चाहते थे।

एडीजी मुख्यालय जितेंद्र सिंह गंगवार (JS Gangwar) ने बताया था कि चारों आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए हैं। उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उनका कहना है कि वे क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने के लिए भय फैलाना चाहते थे, क्योंकि उनका प्रभाव कम हो रहा था। पुलिस ने इनके पास से वारदात को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की गई दो देसी पिस्तौल, बाइक और मोबाइल फोन भी बरामद किया था।

असम में 17 बांग्लादेशी मुस्लिम गिरफ्तार: टूरिस्ट वीजा लेकर चेलों के साथ भारत में घुसा अशरफुल आलम, घूम-घूमकर इस्लाम का प्रचार किया, 500 लोग जोड़े

असम पुलिस ने बीते कुछ दिनों में मदरसों से चल रहे कई जिहादी आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इसी बीच खबर है कि पुलिस ने राज्य में अवैध रूप से इस्लाम का प्रचार करने के आरोप में 17 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है। बांग्लादेशी नागरिकों पर पर्यटक वीजा मानदंडों का उल्लंघन कर इस्लाम का प्रचार करने का आरोप है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, असम के बिश्वनाथ जिले के बाघमारी से शनिवार (17 सितंबर 2022) को 17 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से 11 को स्थानीय अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि बांग्लादेशी इस्लामिक प्रचारक सैयद अशरफुल आलम (Syed Ashraful Alam) समेत बाकी 6 को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इन सभी पर बिश्वनाथ जिले में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बाघमारी के एक सुदूर इलाके में शिविर लगाकर इस्लाम का प्रचार करने का आरोप है।

इनके अलावा इस्लाम का प्रचार करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों को पनाह देने के आरोप में बाघमारी के दो स्थानीय व्यक्तियों जेहीरुल हक और समसुल अली को भी गिरफ्तार किया गया है। इस समूह का नेतृत्व इस्लामिक प्रचारक (मजहबी उलेमा) सैयद अशरफुल आलम ने किया था, जबकि अन्य उसके शागीर्द हैं।

गिरफ्तार किए गए लोगों में मसूद राणा, सबोज सरकार, सुल्तान ममूद, गुलाम आजम शेख, अजिबुर शेख, सुहाग चौधरी, अनवर हुसैन, मनन, अब्दुल हकीम, मकबूल हुसैन, शाह आलम सरकार, आलम तालुकदार जहाँगीर, बादशाह सरकार, फारूक मिकर, हाफिजुर रहमान और गुलाम रबानी शामिल हैं।

इनमें सैयद अशरफुल आलम, अनवर हुसैन, सुहाग चौधरी, अजिबुर शेख और मसूद राणा को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि बाकी 11 को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। वहीं उन्हें पनाह देने वाले जेहिरुल हक और समसुल अली को भी दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।

असम पुलिस के स्पेशल सेल के अधिकारी बिश्वनाथ पुलिस स्टेशन में हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रहे हैं। इन लोगों ने पर्यटक वीजा के जरिए भारत में प्रवेश किया था। असम में प्रवेश करने से पहले इन्होंने दिल्ली, अजमेर शरीफ के अलावा विभिन्न स्थानों का दौरा किया था।

ये समूह असम के कूचबिहार से एक बस में चढ़ा था और 13 सितंबर को बिश्वनाथ पहुँचा था। अशरफुल आलम ने उसके बाद बाघमरी में इस्लाम का प्रचार करना शुरू किया और गिरफ्तारी से पहले ही लगभग 500 लोगों को अपने शागीर्द बना लिया था।

बिश्वनाथ जिले के पुलिस अधीक्षक नवीन सिंह ने बताया कि सुदूर इलाके में इस समूह की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। सिंह ने कहा, “हमें एक सूचना मिली थी कि ये 17 लोग इस्लाम का प्रचार कर रहे हैं, जिसकी अनुमति विदेशियों को पर्यटक वीजा पर नहीं है। हमने इस सूचना की पुष्टि करने के बाद इन सभी को गिरफ्तार कर लिया है।”

जाँच में पता चला है कि सैयद अशरफुल आलम (Syed Ashraful Alam ) पिछले महीने भी बांग्लादेश सीमा से सटे दक्षिण सलमारा (South Salmara) जिले में इस्लाम का प्रचार करते हुए पाया गया था और 28 अगस्त को उसे पुलिस ने असम छोड़ने के लिए कहा था। इसके बाद इस समूह ने असम छोड़ दिया था और भारत में अन्य स्थानों का दौरा किया, लेकिन कुछ दिनों बाद वह फिर यहाँ लौटकर आया और 13 सितंबर को बाघमरी पहुँचा।

बता दें कि जहाँ यह समूह रह रहा था, वह मुस्लिम बहुल क्षेत्र है। हालाँकि, अभी तक इस बात का खुलासा नहीं किया गया है कि क्या इस्लामिक प्रचारक समूह गैर-मुस्लिमों के धर्मांतरण की कोशिश कर रहा था या फिर मुस्लिमों को अपने मजहब के बारे बता रहा था।

‘मुँह में गोमांस ठूँस देता था इरशाद, बंदूक की बट से मार-मार कर पढ़वाता था कलमा’: हिन्दू पीड़िता ने बताई आपबीती, रेप कर के बना लिया था वीडियो

देश की राजधानी दिल्ली में एक ‘लव जिहाद’ पीड़िता ने मीडिया के सामने आ कर अपनी आपबीती सुनाई है। पीड़िता के मुताबिक, इरशाद अली ने छद्म हिन्दू नाम गुड्डू चौधरी रख कर उससे मुलाकात की थी। पीड़िता ने बताया कि इरशाद उसे साथ साल 2015 से प्रताड़ित कर रहा है। बताया जा रहा है कि लड़की के पिता को इसी दुःख में हार्ट अटैक भी आ चुका है। फ़िलहाल इरशाद 8 सितम्बर, 2022 को गिरफ्तार हो चुका है।

इस घटना की रिपोर्टिंग करने वाली ‘हिंदी खबर’ की पत्रकार आँचल यादव ने हमें बताया कि मामला दिल्ली के कड़कड़ूमा क्षेत्र का है। पीड़िता के हवाले से आँचल ने ये भी बताया कि इरशाद जिस डिग्री पर वकालत करता है, वो फर्जी है और उसका नोटिस भी आया हुआ है। बताया जा रहा है कि इस नोटिस के जवाब में इरशाद ने अपने कागज़ात कहीं खो जाने का बहाना बनाया है। बताया जा रहा है कि लड़की उसी कोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस करने गई थी, जहाँ उसकी इरशाद से मुलाक़ात हुई थी।

धीरे-धीरे इरशाद ने उसे अपने झाँसे में लिया और 3 बच्चों का अब्बा होने के बाद भी खुद को कुँवारा बताया। पीड़िता ने पत्रकार से बात करते हुए ये भी दावा किया है कि इरशाद उसके अलावा पहले भी 3-4 हिन्दू लड़कियों को इसी तरह से अपना शिकार बना चुका है और उस पर दिल्ली में कहीं और रेप केस भी चल रहा है।

आँचल के अनुसार, पीड़िता ने उसे बताया कि वो इरशाद के झाँसे में आ गई और शादी बाद उसे न सिर्फ उसके मुस्लिम होने बल्कि पहले से शादीशुदा होने का पता चला। लड़की के मुताबिक, जब उसे घर ले जाया गया था तब इरशाद अपनी पहली बीवी और बच्चों को मायके छोड़ आया था। हालाँकि, पीड़िता का आरोप है कि पहली बार इरशाद ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया और वीडियो बना लिया, जिसका डर दिखा कर उसने शादी भी की और लगातार यौन शोषण भी किया।

आँचल यादव ने पीड़िता से बातचीत का वीडियो अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है। इस वीडियो में पीड़िता बता रही है कि इरशाद उस से नमाज़ पढ़वाता था और उसकी आपत्तिजनक वीडियो बनवा कर सबको दिखाता था। लड़की ने आगे बताया है कि उसे इरशाद के घर में गाय और भैंस का मांस जबरन खाने पर मजबूर किया जाता था और इनकार करने पर बुरी तरह से पिटाई कर के जबरन मुँह में गोश्त ठूँस दिया जाता था। लड़की ने ये भी बताया कि उसको बंदूक की बट से मार कर जबरन कलमा पढ़ाया गया और इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया गया।

वीडियो में लड़की ने आगे बताया कि उसे ऐसी प्रताड़ना मिली है जिसके बारे में वो बता भी नहीं सकती। लड़की ने रोते हुए कहा कि उसे जबरन मांस खिलाने की कोशिश के दौरान उलटी आ जाती थी और तब वो मदद के लिए चीखती थी, पर कोई भी उसका साथ नहीं देता था। पीड़िता ने यह भी बताया कि टॉर्चर के दौरान दरवाजा बंद कर दिया जाता था। लड़की ने बताया कि आरोपित इरशाद ने उसका प्राकृतिक और अप्राकृतिक, दोनों तरीके से यौन शोषण किया।

लड़की ने आगे यह भी बताया कि इरशाद पहले से शादीशुदा था और उसकी पहली बीवी से उसको बच्चे भी हैं। पीड़िता के अनुसार, जब उसका टॉर्चर होता था तब इरशाद की पहली बीवी बचाने के बजाए उसे ठोकर मार कर ये कहते हुए चली जाती थी कि तेरे कर्म ही इसी लायक हैं। लड़की के मुताबिक, आरोपित इरशाद वकील है और उसका भाई भी वकील है। लड़की का दावा है कि इरशाद के उसका पूरा परिवार न सिर्फ उसके टॉर्चर में बल्कि शादी से पहली रची गई साजिश में भी शामिल रहा है।

पीड़िता की सहायता कर रहीं आस्था माँ ने ऑपइंडिया को बताया कि 8 सितम्बर, 2022 को इरशाद जेल जा चुका है लेकिन लड़की उसके जमानत से छूट कर आने के बाद के हालात को याद कर के डरी हुई है।

‘मस्जिद पर हमला, मुस्लिम लड़की का किडनैप’ : हिंदुओं पर हमले के लिए इन 2 झूठ का कट्टरपंथियों ने लिया सहारा, इंग्लैंड के Leicester की घटना

इंग्लैंड के लीसेस्टर शहर में रविवार (18 सितंबर 2022) को हिंदुओं के समूह पर कट्टरपंथियों द्वारा हमला किया गया। इस दौरान ‘अल्लाहु-अकबर’ नारा लगाते हुए मंदिर पर भी अटैक हुआ और उसके ऊपर लगे भगवा ध्वज को भी तोड़कर नीचे गिरा दिया गया।

घटना के विरोध में हिंदुओं ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए। कट्टरपंथी भीड़ इतनी बेकाबू थी कि पुलिस ने जब उपद्रवियों को रोकने की कोशिश की, तो उन पर भी काँच की बोतलें फेंकी गई। लाठी- डंडों से लैस भीड़ ने संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुँचाया।

वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक धार्मिक स्थल के बाहर भगवा ध्वज फहराया गया है, जो हिंदुओं का मंदिर शिवालय है। कट्टरपंथी लोगों ने काले रंग का मास्क पहना हुआ था। उनका पूरा चेहरा ढका हुआ था। उन्होंने हुड लगा रखा था। इन सभी को शिवालय में घुसते और मंदिर के बाहर लगे झंडों को तोड़ते हुए देखा गया।

2 झूठ फैलाकर किया हिंदुओं पर हमला

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कट्टरपंथी मुस्लिमों ने हिंदुओं पर हमला करने के लिए दो झूठ का सहारा लिया। पहला ये कि उन्होंने (हिंदुओं) मस्जिद पर हमला किया और दूसरा हिदुओं द्वारा मुस्लिम लड़की का अपहरण किया गया।

स्थानीय लोगों ने टीओआई को बताया कि शनिवार (17 सितंबर 2022) को यह हिंसा तब शुरू हुई, जब बर्मिंघम में मुस्लिमों ने लीसेस्टर में ‘शांतिपूर्ण विरोध’ का आह्वान किया। इसके लिए उन्होंने एक पोस्टर बनाया, जिसमें उन्होंने कुछ मुद्दों का उल्लेख किया। पोस्टर में लिखा था, “हम लेस्टा में विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं। आरएसएस हिंदुत्व चरमपंथियों को हमारी मुस्लिम, सिख महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगे।”

दरअसल, इन कट्टरपंथी मुस्लिमों ने एक फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया था, जिसमें दावा किया गया था कि तीन हिंदू युवकों ने एक मुस्लिम लड़की के अपहरण की कोशिश और उन्होंने मस्जिद पर हमला किया। जबकि, लीसेस्टरशायर पुलिस (Leicestershire Police) के एक प्रवक्ता ने मस्जिद पर हमला होने की खबरें को फर्जी बताया है।

मालूम हो कि बेलग्रेव रोड पर हिंदुओं ने भी एक मार्च निकला था। जब दोनों पक्ष आमने सामने आए, तो यह विरोध प्रदर्शन हिंसा में बदल गया। एक तरफ जय श्री राम और वंदे मातरम और दूसरी तरफ ‘अल्लाहु अकबर’ का नारा लगा। मंदिर से भगवा झंडे को तोड़ा गया। एक वीडियो में कार को तोड़ते और उसे पलटाते हुए भी दिखाया गया है।

एक व्यक्ति बेवजह सब्जी वाले को पीटते हुए देखा जा सकता है। पुलिस ने रोड पर बैरिकेडिंग लगा रखी थी। वो भीड़ को पीछे ढकेलने की कोशिश कर रहे थे, जबकि भीड़ काँच की बोतलें और कई अन्य चीजें उन पर फेंक रही थी। स्थानीय सांसद क्लाउडिया वेब्बे ने कहा कि 28 अगस्त को एशिया कप मैच से पहले से ही तनाव बढ़ गया था, जिससे हिंसा की पहली बार शुरुआत हुई।

मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने की माँग

लीसेस्टरशायर ब्रह्म समाज शिवालय (Leicestershire Brahma Samaj Shivalaya) के ट्रस्टियों की अध्यक्ष मधु शास्त्री ने लीसेस्टरशायर पुलिस को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि झंडा तोड़ने वाले को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि तनाव कम होने तक मंदिर को बंद करना पड़ सकता है। शास्त्री ने पुलिस से मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने की भी माँग की। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं स्थानीय लोगों के अनुसार, इस घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

भारत-पाकिस्तान मैच के बाद भड़की थी हिंसा

गौरतलब है कि एशिया कप 2022 में हुए भारत-पाकिस्तान मैच के बाद पूर्वी इंग्लैंड के लीसेस्टर शहर में हिंसा भड़क गई थी। 28 अगस्त को भारत-पाक मैच के बाद यहाँ से हिंदुओं पर हिंसक हमले की खबर सामने आई थी। इसके विरोध में कार्रवाई की माँग लेकर प्रदर्शन कर रहे हिंदुओं के समूह पर कट्टरपंथियों ने हमला कर दिया था। इसके अलावा उन्होंने भगवा ध्वज का भी अपमान कर उसे नीचे गिरा दिया था। बताया जा रहा है कि सैकड़ों कट्टरपंथियों ने हिंदुओं और उनके आसपास के घरों पर हमला किया था। मामले को शांत करवाने के लिए पुलिस ने भी भारी बल प्रयोग किया।

हिंदुओं पर हमले की कई वीडियो

इससे पहले भी ब्रिटेन के लिसेस्टर शहर से हिंदुओं पर हमले की कई वीडियोज सामने आए थे। वीडियो में देखा जा सकता था कि इस्लामी कट्टरपंथी भीड़ इकट्ठा करके हिंदुओं के घरों को निशाना बना रहे थे। उनके हाथों में हथियार और मुँह पर हिंदुओं के लिए गालियाँ थीं। सड़कों से पुलिस नदारद दिखाई दे रही थी। कोई उन्हें नहीं रोक रहा था। उस दौरान सोशल मीडिया पर वामपंथी हिंदुओं को ही इन हमलों का दोषी बताया गया था।

सीनियर एडवोकेट अब्दुल रहमान ने दिनदहाड़े महिला वकील के मुँह पर मारा हँसिया: 20 साल की लॉ छात्रा के पीछे पड़ा था, जेल भिजवाए जाने से भड़का

तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले में एक महिला वकील पर कोर्ट परिसर में हमला होने की खबर सामने आई है। इस हमले में महिला वकील के साथ उनकी 20 साल की बेटी भी घायल हो गई है। आरोपित का नाम अब्दुल रहमान है जो खुद भी पेशे से वकील है।

आरोप है कि रहमान लम्बे समय से महिला वकील जमीला बानू की बेटी के पीछे पड़ा था। लेकिन जब उसकी शिकायत पुलिस में हुई और उसे गिरफ्तार किया गया तो वह भड़क गया। जेल से छूटने के बाद उसने रविवार (18 सितम्बर 2022) जमीला पर हमला कर दिया। हमले के बाद रहमान फरार है। अब पुलिस केस दर्ज करके उसे तलाश रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला वकील के साथ घायल हुई उनकी बेटी का नाम अमीर निशा है। अमीर निशा की उम्र 20 साल है। सालेम शहर में सीनियर एडवोकेट के तौर पर काम करने वाला अब्दुल रहमान काफी समय से अमीर निशा का पीछा कर रहा था। अमीर निशा सालेम शहर के ही लॉ कॉलेज में पढ़ाई करती थी।

अब्दुल रहमान की शिकायत अमीर निशा ने 22 अगस्त 2022 को सालेम पुलिस में की थी जिसके बाद वह गिरफ्तार हुआ था। बाद में रहमान को कोर्ट ने हर 16 दिन में पुलिस थाने में हाजिरी लगाने की शर्त पर जमानत दी।। लेकिन उसने सुधरने की बजाय माँ-बेटी पर हमला करने का मन बनाया।

वह रविवार को दोपहर में लगभग 2 बज कर 20 मिनट पर हँसिया (धारदार हथियार) लेकर तिरुप्पुर कोर्ट पहुँचा। वहाँ पर अमीर निशा अपनी माँ एडवोकेट जमीला के साथ कुछ मामलों की स्टडी कर रहीं थीं। इस दौरान आरोपित अब्दुल रहमान ने दोनों पर हमला कर दिया।

बताया जा रहा है कि रहमान ने धारदार हथियार का वार माँ-बेटी के गले, चेहरे और हाथों पर किया। हमले के बाद वो फरार हो गया। पीड़िता माँ और बेटी को अस्पताल पहुँचाया गया जहाँ दोनों का इलाज चल रहा है।

पीड़िता जमीला बानू कुमारन सलाई महिला कोर्ट में सरकारी वकील हैं। पुलिस ने रहमान के खिलाफ IPC की धारा 307, 294 (B) और 447 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपित अब्दुल रहमान की तलाश कर रही है।

‘स्क्रीनशॉट, कॉल डिलीट कर दे’: चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के MMS कांड में आरोपित लड़की की BF के साथ चैट वायरल, अब तक 3 गिरफ्तार

पंजाब के चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (Chandigarh University) के हॉस्टल में रहनी वाली छात्राओं के नहाने के वीडियोज वायरल होने की खबर के मामले में पुलिस ने आरोपित छात्रा सहित उसके 2 दोस्तों को हिरासत में लिया है। आरोपित लड़कों के नाम सन्नी मेहता और रंकज वर्मा हैं।

सन्नी मेहता का नंबर आरोपित लड़की के मोबाईल में मिला जिसे ट्रेस करने पर पुलिस को उसकी लोकेशन शिमला में मिली। अब वो पंजाब पुलिस की हिरासत में है। इसी तरह 31 साल का रंकज वर्मा भी देर रात पकड़ा जा चुका है। उसकी तस्वीर लड़की ने ज्यादा सवाल पूछे जाने पर अपने फोन पर दिखाई थी, अब यही तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है।

इस बीच दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में कुछ चैट की फोटो सामने आई जिसमें आरोपित लड़की का ये BF रंकज वर्मा आरोपित लड़की से स्क्रीनशॉट और कॉल हिस्ट्री डिलीट करने को बोल रहा है। ये सब देखने के बाद पुलिस इस बात की जानकारी जुटाने में लगी है कि आरोपितों द्वारा ये हरकत कहीं पैसे उगाही के लिए तो नहीं की गई थी।

तस्वीर साभार: दैनिक भास्कर

आत्महत्या की बात ‘निराधार’

बता दें कि इससे पहले मीडिया में लड़कियों के MMS वायरल होने के बाद आत्महत्या की बातें सामने आई थी। हालाँकि पुलिस के मुताबिक ये निराधार बातें हैं। महिला संबंधी मामलों की ADGP गुरप्रीत कौर देव के अनुसार लड़की का मोबाईल और लैपटॉप जब्त कर के उसको जाँच के लिए फॉरेंसिक टीम के पास भेजा गया है। उन्होंने यह भी बताया, “फ़िलहाल अभी तक हमें अन्य लड़कियों के बाथरूम में वीडियो बनाने के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं।”

पुलिस का कहना है कि अब तक हुई जाँच से पता चला है कि आरोपित लड़की ने अपना ही वीडियो बना कर उसे अपने दोस्त के पास भेजा है। हालाँकि हॉस्टल वार्डन की लड़की के साथ हो रही नोकझोंक के वायरल वीडियो पर पुलिस ने कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर आर एस बावा ने भी यूनिवर्सिटी में 60 आपत्तिजनक MMS बनने और कुछ लड़कियों की आत्महत्या के प्रयास जैसी खबरों को सरासर अफवाह बताया।

इस मामले में पुलिस ने IPC की धारा 354- C के साथ IT एक्ट की धारा 66 (E) के तहत सदर खरार थाने में दर्ज किया है। इस केस में आरोपित लड़की के साथ उसके शिमला में रहने वाले दोस्त को भी नामजद किया गया है। पुलिस के अनुसार इस मामले की जाँच करवाई जा रही है और आगे निकले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

MMS कांड

गौरतलब है कि शनिवार (17 सितंबर, 2022) दोपहर कुछ लड़कियों ने हॉस्टल वार्डन राजविंदर कौर से शिकायत करते हुए कहा कि एक लड़की वॉशरूम में 6 लड़कियों का वीडियो बना रही थी। इसके बाद वार्डन राजविंदर कौर ने लड़की से पूछताछ की और फिर गर्ल्स हॉस्टल मैनेजर रीतू को इसकी जानकारी दी गई।

हॉस्टल मैनेजर के सामने आरोपित छात्रा ने फोटो या वीडियो बनाने से इनकार कर दिया। हालाँकि, हॉस्टल मैनेजर का कहना है कि जब उसने आरोपित छात्रा के मोबाइल की जाँच की थी तो उसमें से कई फोटो और वीडियो डिलीट किए हुए मिले। इस मामले में पंजाब महिला आयोग और पंजाब के मुख्यमंत्री ने भी पुलिस को कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

खुली सड़कों पर हिजाब जलाए, बाल काट कर फेंके: ईरान में महसा अमिनी की हत्या के बाद औरतें भड़कीं, पुलिस की गोली चलने के बाद भी जारी रखा ‘कट्टरपंथ’ का विरोध

ईरान में सिर सही से न ढकने के कारण हुई महसा अमिनी की हत्या के बाद वहाँ महिलाओं में हिजाब को लेकर भारी गुस्सा है। सोशल मीडिया पर ऐसी वीडियोज सामने आई हैं जिसमें औरतें खुले बाल लेकर अपने हिजाब को जला रही हैं और कुछ अपने बालों को काट कर घटना का विरोध कर रही हैं।

ये सारी वीडियोज इकट्ठा करके ईरान की पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने अपने ट्विटर पर शेयर किया है। उन्होंने लिखा है, “ईरानी महिला अपने बाल काट कर और हिजाब जलाकर महसा अमिनी की हत्या पर अपना गुस्सा दिखा रही हैं।”

अलीनेजाद बताती हैं कि 7 की उम्र से अगर ईरान में लड़कियाँ अपने बाल को न ढकें तो उन्हें स्कूल नहीं जाने दिया जाता और कोई जॉब नहीं मिलती। ईरान में औरतें इस लैंगिक भेदभाव की व्यवस्था से तंग आ गई हैं।

वीडियो में देख सकते हैं कि औरतें कैंची लेकर अपनी पूरी चोटी काट रही हैं। वहीं कुछ औरतें खुली सड़क पर बाल खोलकर हिजाब को आग लगा रही हैं। सोशल मीडिया पर तमाम लोग इन औरतों का समर्थन कर रहे हैं। हालाँकि, ये सब देख कट्टरपंथी नेता कह रहे हैं कि इस तरह सिर खोल कर जो औरतें आ रही हैं, इसके कारण वो मुश्किल में पड़ सकती हैं, इन्हें जेल में डाला जा सकता है।

हिजाब उतारकर प्रदर्शन

बता दें कि इससे पहले महसा अमिनी के अंतिम संस्कार के दौरान सैंकड़ों औरतों ने हिजाब को उतारकर सड़कों पर ‘मोरल पुलिस’ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। इसमें कई पुरुष भी शामिल थे। विरोध इतना बढ़ गया था कि पुलिस ने इन्हें रोकने के लिए गोली चला दी थी, आँसू गैस छोड़ दिए थे। इन सबमें कई लोग बहुत घायल हुए थे। बावजूद इसके औरतों ने प्रदर्शन नहीं रोका। वह भीड़ में सड़क पर आईं और विरोध दर्ज कराने के लिए कहती रहीं, “डरना मत, हम सब एक साथ हैं।”

महसा अमिनी की हत्या

उल्लेखनीय है कि ईरान में कुछ दिन पहले 22 साल की महसा को निर्ममता से पीट पीटकर कोमा में पहुँचाया। कथिततौर पर महसा ने ईरान में रहकर सही से हिजाब नहीं पहना था इसलिए पुलिस ने उन पर हमला किया और उन्हें इतना मारा कि उनका पहले ब्रेन डेड हुआ, वो कोमा में गईं और उसके बाद उनकी मृत्यु हो गई।