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‘पति को मेरी माँ के साथ बिस्तर साझा करने देती हूँ, कभी-कभी छोटी बहन भी करती है जॉइन’: TikTok इन्फ्लुएंसर का खुलासा – हम सब ओपन रिलेशनशिप में

एक TikTok इन्फ्लुएंसर ने दावा किया है कि वो अपनी माँ के साथ अपने पति को सुलाती है और कभी-कभी तो पति से सेक्स के दौरान उनकी बहन भी बिस्तर पर होती हैं। उक्त TikTok इन्फ्लुएंसर का नाम माडी ब्रुक्स है, जो अमेरिका में रहती हैं। टिकटॉक इन्फ्लुएंसर ने बताया कि वो अपने पति को अपनी माँ और बहन के साथ शेयर करती हैं। हालाँकि, इस रिलेशनशिप का खुलासा होने के बाद उन्होंने अपना TikTok अकाउंट डिलीट कर लिया है।

हालाँकि, उनका वो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने इन चीजों के बारे में बात की है। असल में माडी ब्रूक्स का कहना है कि अपने पति को अपनी माँ-बहन के साथ बिस्तर पर शेयर करना उनके लिए फायदेमंद है, खासकर जब वो खुद सेक्स के मूड में नहीं रहती हैं तब। उनका कहना है कि वो और उनकी माँ, दोनों ही ‘Swinger (जीवन का आनंद लेने वाली)’ किस्म की व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा, “जब मैं मूड में नहीं रहती हूँ, अपनी माँ को अपने पति को सौंप देती हूँ।”

उन्होंने कहा कि वो इसी तरह की पत्नी हैं और अपनी माँ को अपने पति के साथ हर सप्ताह दो बार बिस्तर साझा करने देती हैं। उन्होंने बताया कि वो, उनकी माँ और उनके पति एक ‘ओपन रिलेशनशिप’ में हैं, कभी-कभी उनकी छोटी बहन भी इसमें शामिल होती हैं। उन्होंने कहा, “मुझे ये देख कर ख़ुशी होती है जब मैं अपने पति को अपनी छोटी बहन के साथ खेलने देती हूँ।” TikTok पर उनका ये खुलासा खासा वायरल हुआ था।

कुछ लोगों ने पूछा कि जब माडी ब्रूक्स के पारी मूड में नहीं रहते हैं, तब वो और उनकी माँ व बहन कहाँ जाती हैं? एक व्यक्ति ने कमेंट में लिखा कि उसके 1 साल के TikTok का कोटा पूरा हो गया है, ऐसे में अब वो कुछ महीनों के लिए इस एप का प्रयोग नहीं करेगा। माडी ब्रुक्स के इस वीडियो पर 70 लाख के करीब व्यूज आ गए थे। हालाँकि, कुछ लोगों ने ये कहते हुए उनका समर्थन भी किया कि चारों लोग एडल्ट्स हैं, ऐसे में वो कुछ भी कर सकते हैं।

कराटे के नाम पर आतंकी ट्रेनिंग कैंप: NIA ने PFI के 23 ठिकानों पर की छापेमारी, 150 युवकों को दंगों के लिए किया जा रहा था तैयार

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) टेरर फंडिंग और आतंकी गतिविधियों के विरुद्ध एक्शन में है। इसी से जुड़े मामले में एजेंसी ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के सदस्यों के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। एनआईए ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 23 ठिकानों पर छापेमारी की है। इन सभी जगहों पर एजेंसी की टीम जाँच में जुटी हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एनआईए ने ये छापेमारी कराटे प्रशिक्षण केंद्र के नाम पर संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) द्वारा ट्रेनिंग कैंप चलाए जाने के मामले में की है। एनआईए ने आंध्र प्रदेश के कुरनूल, नेल्लोर, कडपा, गुंटूर और तेलंगाना के निजामाबाद में संदिग्धों के घर व बिजनेस परिसरों की तलाशी भी ली है। जाँच एजेंसी को इन तमाम जगहों पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर ही छापेमारी की गई है।

एनआईए की टीम ने नेल्लोर जिले के बुची में इलियास नामक व्यक्ति के घर में छापेमारी की थी। बताया जा रहा है कि इलियास बीते तीन महीनों से लापता है। उस पर आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप है। वो यहाँ के खाजा नगर में टिफिन की दुकान चलाता था।

रिपोर्ट के अनुसार, इस छापेमारी के लिए एनआईए की एक टीम रविवार (18 सितंबर, 2022) सुबह ही इलियास के घर पहुँच गई थी। वहाँ उन्होंने उसके परिजनों से कड़ी पूछताछ की थी। इसके अलावा निजामाबाद के कराटे टीचर पर भी बड़ा एक्शन हुआ है।

बताया जा रहा है कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) कराटे ट्रेनिंग कैंप के नाम पर चल रहे आतंकी ट्रेनिंग कैम्प में बड़ी फंडिंग कर रहा है। इसके लिए विदेशी फंडिंग की जानकारी एनआईए को मिली थी। इसके बाद ही यह छापेमारी की है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि PFI द्वारा संचालित इन कराटे ट्रेनिंग सेंटर के नाम पर चल रहे आतंकी ट्रेनिंग कैंप में 150 से अधिक लोगों को हिंसक गतिविधियों के लिए ट्रेंड किया जा रहा था।

इस छापेमारी में एनआईए (NIA) ने कराटे टीचर अब्दुल कादिर पर शिकंजा कसा है। अब्दुल कादिर पर आरोप है कि वह पीएफआई से संबंध के चलते कराटे सिखाने की आड़ में मुस्लिम युवकों को दंगे की साजिश के लिए ट्रेंड कर रहा था।

बता दें, एनआईए ने इस छापेमारी में कुछ डिजिटल उपकरण, दस्तावेज, दो खंजर समेत 8,31,500 रुपए की नकद राशि व कुछ आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है। साथ ही चार लोगों हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

गौरतलब है, एनआईए ने पहले ही पीएफआई के जिला संयोजक शादुल्लाह, मोहम्मद इमरान और मोहम्मद अब्दुल मोबिन को गिरफ्तार किया था और अब इनसे पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार लोगों से एनआईए कराटे ट्रेनिंग सेंटर के बारे में अधिक से अधिक जानकारी जुटाने की कोशिश में पूछताछ कर रही है।

‘उसने मुझे गले लगाने और चूमने की कोशिश की’ : 54 साल के कॉन्ग्रेसी नेता पर 20 साल की लड़की ने लगाया यौन शोषण का आरोप, पुलिस ने गिरफ्तार किया

कर्नाटक में एक कॉन्ग्रेस नेता को यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। नेता का नाम मनोज करजागी (54) है। धारवाड़ जिले की हुबली पुलिस ने उसे एक 20 साल की लड़की का उत्पीड़न करने के इल्जाम में पकड़ा है। लड़की ने आरोप लगाया था कि मनोज ने अपने सैलून में उसके साथ बदसलूकी की।

जानकारी के मुताबिक जिस जगह लड़की के साथ बदसलूकी की गई उस सैलून में वह बतौर ब्यूटिशियन काम करती है। सैलून का नाम लेमॉर्ज यूनिसेक्स स्पा एंड सैलून है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया, “मनोज शनिवार को सैलून में आया और वहाँ उसने मुझे गले लगाने और चूमने की कोशिश की।” लड़की के मुताबिक इस घटना के बारे में उसने बॉयफ्रेंड को बताया जिसके बाद वो अपने दो साथियों के साथ आया और कॉन्ग्रेसी नेता को पीटकर गया।

इसके बाद पुलिस में शिकायत हुई और पुलिस ने कॉन्ग्रेस नेता के विरुद्ध केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार किया। बाद में उसे कोर्ट में भी पेश किया गया। लेकिन इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अऩुसार उसे गिरफ्तारी के बाद बेल मिल गई जबकि पहले कुछ रिपोर्ट कह रही थीं कि उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। जानकारी के मुताबिक कॉन्ग्रेस की सरकार में वह उत्तर-पश्चिमी परिवहन निगम का निदेशक बनाया गया था।

कॉन्ग्रेस का भी इस तरह उसकी गिरफ्तारी पर कहना है कि मनोज करजागी, सिद्धारमैया सरकार में मंत्री का करीबी था और कई पार्टी गतिविधियों में शामिल रहता था। उसकी सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ फोटो भी है जो गिरफ्तारी के बाद वायरल होने लगी हैं।

कॉन्ग्रेस निगम पार्षक पीवी कृष्णकुमार पर भी यौन शोषण का आरोप

इससे पहले केरल पुलिस ने यौन उत्पीड़न के मामले में कॉन्ग्रेस नेता और कन्नूर के निगम पार्षद पीवी कृष्णकुमार को गिरफ्तार किया था। उनके विरुद्ध कन्नूर के एक बैंक की महिला कर्मचारी ने एडक्कड़ थाने में शिकायत दी थी। मामला दर्ज होने के बाद वह काफी टाइम फरार थे। लेकि बाद में उन्हें बेगलुरु में पकड़ा गया था।

कमाई छोड़िए, दर्शकों का ही अता-पता नहीं: स्वरा भास्कर की नई फिल्म का कुछ ऐसा हुआ हाल, IMDb पर 1.1 रेटिंग

स्वरा भास्कर की फिल्म ‘जहाँ चार यार’ शुक्रवार (16 सितंबर, 2022) को रिलीज तो हो गई, लेकिन न तो थिएटर में दर्शकों का अता-पता है और न ही IMDb पर रेटिंग का। IMDb पर फिल्म को मात्र 1.1 रेटिंग मिली है, जिसके बाद ये अब तक की सबसे बेकार फिल्मों की सूची में शुमार हो गई है। इतना ही नहीं, फिल्म की बॉक्स ऑफिस कलेक्शंस का तो ये हाल है कि ट्रेड विशेषज्ञों ने इस सम्बन्ध में कोई जानकारी ही नहीं दी है।

इस फिल्म में स्वरा भास्कर के अलावा मैहर विज, शिखा तलसानिया और पूजा चोपड़ा भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशक और लेखन का कार्य कमल पांडेय ने किया है। स्वरा भास्कर ने फिल्म के प्रोमोशंस को लेकर काफी सक्रियता दिखाई थी, लेकिन इसके पहले दिन का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 15 लाख रुपए बताया जा रहा है। दूसरे दिन फिल्म के कलेक्शन में गिरावट दर्ज की गई है। इस तरह ये फिल्म लाइफटाइम में 50 लाख रुपए भी शायद ही कमा पाए।

वहीं समीक्षकों ने भी इस फिल्म को बड़ी तरह नकारते हुए कहा है कि ये भद्दे डायलॉग्स और पकाऊ कॉमेडी से भरी पड़ी है। इसमें दिखाया गया है कि चूल्हे-चौके से निकल कर 4 महिलाएँ साथ में मस्ती करती हैं। इसके स्क्रीनप्ले को भी समीक्षकों ने नकार दिया है और कहा है कि एक बढ़िया थीम को बर्बाद कर दिया गया। कई थिएटरों में तो इसके टिकट्स खरीदने वालों को ‘ब्रह्मास्त्र’ देखने के लिए भेज दिया गया। फिल्म की हालत काफी खराब है।

हाल ही में स्वरा भास्कर ने फिल्म का प्रमोशन करते हुए कहा था कि ‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ का ट्रेंड एक संगठित तरीके से चलाया जा रहा है, और सोशल मीडिया पर एक एजेंडे के तहत हंगामा मचाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि ‘ब्रह्मास्त्र’ की कमाई ने सबको चुप करा दिया है। बकौल स्वरा भास्कर, बॉलीवुड को सिर्फ इसीलिए एक खाद वर्ग निशाना बना रहा है क्योंकि ये सेक्युलरिज्म और भाईचारे का प्रतीक रहा है। उन्होंने दावा किया कि बॉलीवुड भारत की विविधता और बहुलता को सेलिब्रेट करता है।

‘बंदर और भालू को कोई उड़ा सकता है’: राजस्थान के अफसर ने रामायण-महाभारत को ‘मिथक’ बताया, हिंदू घृणा से सने कई पोस्ट किए

कॉन्ग्रेस शासित राज्य राजस्थान से हिंदू भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले एक मामले ने तूल पकड़ा है। बताया जा रहा है कि राज्य के एक आरपीएस अधिकारी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से हिंदू धर्म को लेकर विवादित पोस्ट किए हैं। इस दौरान उन्होंने रामायण और महाभारत जैसे पवित्र महाग्रंथों को भी मिथक यानि काल्पनिक बता दिया।

प्राप्त जानकारियों के मुताबिक आरपीएस अफसर हरि चारण मीणा (Hari Charan Meena) ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा, “अगर किसी को लगता है तो वो बिना पंख के बंदर और भालू को उड़ा सकता है तो आज भी कोई कोर्ट के सामने उड़ा कर दिखाए। पूरा देश देखने को तैयार है।” उसने अपनी एक पोस्ट में संत कबीर के दोहों का भी जिक्र किया।

राजस्थान पुलिस
राजस्थान पुलिस अधिकारी की विवादित पोस्ट (फोटो साभार: ETV भारत)

मीणा ने रामायण और महाभारत को लेकर लिखा, “रामायण और महाभारत केवल मिथकीय ग्रंथ हैं। इतिहास में उनकी प्रामाणिकता स्वीकार नहीं। ये मैं नहीं कहता, भारत के इतिहास में लिखा है।” अपनी पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि माफी नहीं कोर्ट में लड़कर जवाब दो।

राजस्थान पुलिस
राजस्थान पुलिस अधिकारी की विवादित पोस्ट (फोटो साभार: ETV भारत)

आरपीएस मीणा ने एक पोस्ट में महाराजा जयसिंह द्वितीय मुगलों का नौकर तक लिख दिया। उसने इस पोस्ट में लिखा, “अपने चारण, भाट, दरवारी, इतिहास लेखकों ने तो महाराजा जयसिंह द्वितीय ही बताया है। अब काबुल के शिलालेख मुगल बाबर के वंशजों का नौकर बताएँ तो हम क्या करें ? हम देश के साथ हैं।”

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राजस्थान पुलिस अधिकारी की विवादित पोस्ट (फोटो साभार: ETV भारत)

उन्होंने अपनी एक ओर पोस्ट में आर्य समाज को निशाना बनाया। इसमें आरपीएस ने लिखा, “जब आर्य संस्कृति का उत्तर भारत से दक्षिण में गमन हुआ तो वहाँ के आदिवासी राजाओं, योद्धाओं बाली, सुग्रीव, जावमंत, हनुमान जैसों को बंदर, भालू के समान दर्जा दिया गया था।”

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राजस्थान पुलिस अधिकारी की विवादित पोस्ट (फोटो साभार: ETV भारत)

एक अन्य पोस्ट में आरपीएस मीणा ने लिखा, “राजाराम मोहन राय, स्वामी विवेकानंद, स्वामी दयानंद सरस्वती, ज्योतिवा राव फुले, स्वात्री बाई, भगत सिंह और अंबेडकर जी का मैं खुला समर्थन करता हूँ।”

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राजस्थान पुलिस अधिकारी की अन्य पोस्ट (फोटो साभार: ETV भारत)

पहले पिंटू मीणा ने पुजारी को बताया नास्तिक

गौरतलब है कि आरपीएस अफसर हरि चारण मीणा से पहले AAO पिंटू मीणा ने एक विवादित पोस्ट की थी। उस पोस्ट में उन्होंने लिखा, “दुनिया का सबसे बड़ा नास्तिक पुजारी होता है, जो मंदिर में रखी दानपेटी को कभी भगवान के भरोसे नहीं छोड़ता है।” वहीं मंत्री मुरारीलाल मीणा के विशिष्ट सहायक लक्ष्मीकांत बालोत भी विवादित पोस्ट कर चुके हैं।

AAP विधायक अमानतुल्लाह खान की पत्नी मरियम के फोन से खुला बड़ा राज़! बिस्तर की तस्वीर से मिले अहम सुराग, पुलिस ने इसीलिए जब्त की चादर

चार दिनों की पुलिस रिमांड में भेजे गए आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान (Amanatullah Khan) की मुश्किलें अभी और बढ़ सकतीं हैं। शुक्रवार (16 सितंबर, 2022) को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने अमानतुल्लाह खान के घर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी में एसीबी ने कई आवश्यक दस्तावेज समेत अवैध हथियार और कैश बरामद किए थे। इस छापेमारी में अमानतुल्लाह की पत्नी मरियम का घर भी शामिल था। मरियम के फोन की तलाशी भी ली गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार को अमानतुल्लाह के घर समेत कई ठिकानों में हुई छापेमारी के बाद एसीबी को सूत्रों के हवाले से यह पता चला था कि विधायक की पत्नी मरियम के घर में भी कैश और अवैध हथियार रखे हुए हैं। इसके बाद एसीबी की टीम ने मरियम के घर में भी छापेमारी की थी।

इस छापेमारी में मरियम के घर से एसीबी को कुछ खास हासिल नहीं हुआ था। लेकिन, जब एसीबी की टीम ने मरियम के फोन की तलाशी ली तो फोन गैलरी में नोटों की गड्डी और एक पिस्टल की फोटो मिली। 

इसके बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने अपनी जाँच आगे बढ़ाते हुए पूछताछ की। साथ ही, जिस बेड पर रखकर नोटों की गड्डियों और पिस्टल की फोटो ली गई थी, उस चादर को भी रिकवर कर लिया है। हालाँकि, एसीबी की टीम को इस छापेमारी में मरियम के घर से पैसा और पिस्टल बरामद नहीं हुआ था।

बता दें कि अब तक सिर्फ वक्फ बोर्ड में नियुक्तियों को लेकर हुई अनियमितता और अन्य वित्तीय गड़बड़ी की बात ही सामने आ रही थी। लेकिन, शनिवार (17 सितंबर) को जब अमानतुल्लाह खान को कोर्ट में पेश किया गया था तब एसीबी ने कोर्ट से कहा था कि केवल वक्फ बोर्ड में भर्ती को लेकर अनियमितता ही नहीं हुई है, बल्कि वक्फ फंड में विधवा महिलाओं के लिए नियोजित रकम (विधवा पेंशन फंड) का भी दुरुपयोग किया गया।

एसीबी ने अदालत को बताया था कि वर्ष 2020 के दौरान अमानतुल्लाह खान ने वक्फ को मिली रकम को अपने खाते में स्थानांतरित कराया। वक्फ फंड के खाते की जगह अपने निजी खाते में करीब 80 लाख रुपये की रकम स्थानांतरित की थी।

गौरतलब है अमानतुल्लाह खान दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष हैं। उन पर वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष रहते हुए वित्तीय गड़बड़ी, वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में किरायेदारी का निर्माण, वाहनों की खरीदी में भ्रष्टाचार और दिल्ली वक्फ बोर्ड में सेवा नियमों में उल्लंघन करते हुए 33 लोगों की नियुक्ति के आरोप है। इन तमाम आरोपों को लेकर ही एंटी करप्शन ब्यूरो ने साल 2020 में अमानतुल्लाह खान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) के विभिन्न प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया था।

‘मुस्लिम बलात्कारियों को चौराहे पर जमीन में गाड़ दिया जाए, पत्थर मार-मार के दी जाए मौत’: लखीमपुर खीरी कांड पर सपा सांसद ST हसन ने माँगी शरिया वाली सज़ा

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी के सांसद सैयद तुफैल हसन (एसटी हसन) ने लखीमपुर खीरी में हुए बलात्कार को लेकर मुस्लिम बलात्कारियों के लिए सजा के रूप में शरिया कानून के तहत ‘पत्थरबाजी’ की वकालत की है। उन्होंने कहा है कि बलात्कार के आरोपियों को आधा गाड़ कर पत्थर मारना चाहिए। ताकि कोई भी व्यक्ति बलात्कार करने की कोशिश भी न करे।

एसटी हसन ने कहा है कि बलात्कार के आरोपियों को कानून के अनुसार दंडित किया जाना चाहिए, लेकिन अगर वे मुस्लिम हैं तो उन्हें चौराहे पर आधा गाड़ कर उन्हें पत्थर मारना चाहिए। उन्होंने कहा, “इससे पहले भी दो दलित युवतियों के साथ बलात्कार हुआ था और वह पेड़ पर लटकी हुई मिली थी। उनकी मौत हो गई थी। अब जिन लोगों ने यह अपराध किया है, जाहिर है उन्हें सख्त से सख्त सजा होनी चाहिए। कानून के मुताबिक और मुस्लिम है तो उन्हें चौराहों पर आधा शरीर जमीन में गाड़ दिया जाए और उन्हें पत्थरों से मार दिया जाए, ताकि कोई आगे से दुष्कर्म करने की कोशिश ना करे।”

बता दें कि बुधवार (14 सितंबर, 2022) को लखीमपुर खीरी जिले के निघासन थाना क्षेत्र में 2 सगी बहनों की लाशें पेड़ पर लटकी मिली थीं। दलित बहनों की हत्या की खबर मिलने के बाद पूरे इलाके में बवाल मचा हुआ है। लड़कियों का उनके घर के बाहर से अपहरण किया गया था और फिर कुछ देर बाद उनकी लाशें पास के ही गन्ने के खेत में लगे एक पेड़ से लटकी मिली थी। दोनों मृत बहनों की उम्र 15 और 17 साल थी।

इस मामले में मृतक किशोरियों की माँ ने कहा था, “मैं नहा रही थी, तभी 3 लोग मोटरसाइकिल पर आए। इन लोगों ने पीले, सफेद और नीले रंग की टी-शर्ट पहनी हुई थी। दो लोगों ने मेरी बेटियों को उठा लिया और उन्हें बाइक पर जबरन बैठाया और भाग गए।”

हालाँकि, पुलिस का कहना है कि दोनों लड़कियाँ अपनी मर्जी से गई थीं। आरोपित पहले से ही मृतक लड़कियों को जानते थे। पुलिस ने अब तक कुल 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपित छोटू ने ही दोनों लड़कियों की पहचान अन्य आरोपितों से करवाई थी। लेकिन, वह मौके पर मौजूद नहीं था। अन्य आरोपित सोहेल और जुनैद ने दोनों लड़कियों के साथ जबरन दुष्कर्म किया था।

सालासर बालाजी के मंदिर में फैशन शो, रैंप पर मॉडल्स: कार्यक्रम देख भड़का बजरंग दल, हिजाब वाली महिला ने हाथ जोड़े

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित एक फैशन शो विवाद का विषय बन गया है। आरोप है कि यह फैशन शो हिन्दुओं के एक मंदिर में आयोजित करवाया गया था। कहा जा रहा है कि इस आयोजन में कई मेकअप आर्टिस्टों के साथ पश्चिमी सभ्यता वाले कपड़े पहन कर कई मॉडल्स मंदिर परिसर में रैम्प बना कर वॉक कर रहीं थीं।

इस कार्यक्रम के आयोजकों में आरिफ नाम का व्यक्ति भी शामिल बताया जा रहा है। बजरंग दल ने इस आयोजन पर आपत्ति जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। फैशन शो का आयोजन शनिवार (17 सितम्बर 2022) को हुआ था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला तेलीबंधा थानाक्षेत्र के फुंडहर इलाके में स्थित सालासर बालाजी मंदिर का है। यहाँ FDCA नाम की कंपनी ने आरिफ और मनीष नाम के आयोजकों के नेतृत्व में फैशन शो का आयोजन किया था। आयोजन में कई लड़कियाँ मॉडल के रूप में मंदिर परिसर में भी रैम्प वॉक कर रहीं थी। अभी आयोजन शुरू हुए कुछ ही समय बीता था कि बजरंग दल के कार्यकर्ता ‘जय श्री राम’ का नारा लगाते हुए मंदिर परिसर में घुस गए और वहाँ अफरातफरी मच गई।

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इस आयोजन को अपनी भावनाओं का अपमान बता कर हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान मॉडलिंग कर रही लड़कियाँ मंदिर परिसर से बाहर चली गईं।।आरोप है कि आयोजकों और बजरंग दल कार्यकर्ताओं में बहस भी हुई।

हंगामे की सूचना पर पहुँची पुलिस ने मामले को शाँत करवाया। आखिरकार कार्यक्रम को बंद करवा दिया गया। इस दौरान मची अफरातफरी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसमें मौके पर पहुँची पुलिस दोनों पक्षों को समझने का प्रयास कर रही है।

वायरल वीडियो में आयोजन में शामिल बताई जा रही एक हिजाब पहनी महिला को हाथ जोड़ते भी देखा जा सकता है। वीडियो में ढेर सारी खाली कुर्सियाँ और मेकअप के सामान भी दिख रहे हैं। इस आयोजन को बंद करवाने वाले रायपुर के बजरंग दल पदाधिकारी रवि वाधवानी ने कहा कि ऐसी घटनाएँ बिलकुल स्वीकार्य नहीं हैं।

उन्होंने इस आयोजन को फूहड़ता बताते हुए एक न्यूज़ संस्थान के संबंधित खबर का स्क्रीनशॉट शेयर किया। इस खबर के मुताबिक रायपुर में सिविल लाइंस के CAP वीरेंद्र चतुर्वेदी ने घटना की जाँच करने और उसके बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का बयान दिया है।

‘छात्रा ने हॉस्टल में 60 लड़कियों के MMS बना कर युवक को भेजा, 8 ने की आत्महत्या की कोशिश’: पुलिस ने आरोपों को नकारा, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की घटना

पंजाब की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (CU) के हॉस्टल से ‘छात्राओं के नहाने का वीडियो वायरल’ होने का मामला सामने आया था। खबरों में कहा गया था कि हॉस्टल की ही एक छात्रा ने वीडियो बनाकर लीक किए, जिसके कारण कुछ लड़कियों ने आत्महत्या की कोशिश की। हालाँकि अब पुलिस का इन खबरों पर बयान आया है। पुलिस ने दोनों ही बातों को नकारा है।

पुलिस का कहना है कि हॉस्टल की किसी लड़की ने आत्महत्या की कोशिश नहीं की। एक लड़की को एंजायटी के कारण अस्पताल भेजा गया। वहीं मामले की जाँच पर उन्होंने बताया कि उन्हें एक ही वीडियो मिली, वो आरोपित लड़की है। उसने अपनी वीडियो बनाकर भेजी थी। इसके अलावा अभी कोई वीडियो सामने नहीं आई है।

आरोप है कि मैनेजमेंट ने शिकायत के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया, जिसके कारण स्टूडेंट्स का गुस्सा बढ़ता गया। बताया यह भी जा रहा है कि मैनेजमेंट ने उलटा छात्राओं को ये बात बाहर नहीं जाने देने दबाव भी बनाया। वहीं छात्र संगठनों को खबर लगने के बाद स्टूडेंट्स ने विश्वविद्यालय का घेराव किया और खूब नारेबाजी भी की।

आरोप – छात्राओं ने की आत्महत्या की कोशिश

आरोप है कि MMS बनाए जाने की बात से आहत होकर 8 छात्राओं ने आत्महत्या की कोशिश भी की। वहीं इनमें से एक छात्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है। ‘पंजाब महिला आयोग’ की अध्यक्ष मनीषा गुलाटी ने इस मामले में दखल देते हुए कहा कि ये सभी वीडियो इंटरनेट से हटाए जाएँगे। इसके साथ-साथ उन्होंने छात्राओं से धैर्य बनाए रखने की अपील की।

हालाँकि, पंजाब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष मनीषा गुलाटी ने मीडिया के सामने आत्महत्या वाली बात को अफवाह बताया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में झूठ फैलाया गया कि कुछ बच्चियों ने आत्महत्या कर ली है। ये सब अफवाह है, ना किसी बच्ची ने आत्महत्या किया है और ना ही कोई अस्पताल में है।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि छात्राओं के MMS वीडियो लंबे समय से बनाए जा रहे थे। आरोपित छात्रा अपनी सहपाठियों की वीडियो बनाकर शिमला के युवक को भेजा करती थी। इसके बाद वह उन्हें इंटरनेट पर अपलोड कर देता। छात्राओं को सोशल मीडिया के माध्यम से उनके ही वीडियो मिले तो वे हैरान हो गई।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि हॉस्टल की छात्राओं ने आरोपित छात्रा पर जब दबाव बनाया तो उसने खुलासा किया कि वो एक युवक को ये वीडियोज भेजती थी। आरोपित छात्रा ने कहा कि उसने नहाते वक्त लड़कियों के वीडियो रिकॉर्ड किए हैं। भड़के छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया है।

पुलिस ने वीडियो वायरल कि बात को झुकलाया

पुलिस ने इस मामले में आरोपित छात्रा को गिरफ्तार कर लिया है। SSP विवेक शील सोनी ने मीडिया को बताया कि जाँच मेंपता चला है कि एक छात्रा के अलावा किसी अन्य छात्रा का कोई वीडियो नहीं बनाया गया है। पुलिस के मुताबिक, जिस छात्रा को गिरफ्तार किया गया है, ये वीडियो केवल उसी की है। पुलिस का कहना है कि छात्रा ने बताया कि उसने किसी और की वीडियो नहीं बनाई है। SSP ने कहा कि छात्रा का फोन जब्त करके जाँच के लिए भेज दिया गया है।

‘कैमरे पर ढक्कन लगाकर PM ने खींची चीते की तस्वीर’ : प्रधानमंत्री मोदी का मजाक बनाने के लिए TMC सांसद ने शेयर की फर्जी तस्वीर, फजीहत के बाद ट्वीट डिलीट

तृणमूल कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद और पूर्व IAS जवाहर सरकार ने एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर झूठ फैलाने की कोशिश की है। जवाहर सरकार ने शनिवार (17 सितंबर, 2022) को मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में ‘प्रोजेक्ट चीता’ (Project Cheetah) के दौरान ली गई PM मोदी की फोटो का एडिटेड वर्जन ट्वीट किया। इस एडिटेड फोटो में प्रधानमंत्री मोदी के हाथ में पकड़े कैमरे का ढक्कन बंद दिखाया गया है जबकि असल फोटो में कैमरे पर कैप नहीं था।

सोशल मीडिया पर फजीहत होने के बाद जवाहर ने ट्वीट डिलीट कर लिया है लेकिन उसका स्क्रीनशॉट वायरल हो गया। दूरदर्शन के सीनियर जर्नलिस्ट अशोक श्रीवास्तव ने इस फोटो को शेयर करते हुए लिखा, “भारत के प्रधानमंत्री की ये दोनों तस्वीरें फेक हैं, मोदी को ट्रोल करने के लिए फोटोशॉप करके ट्वीट की गईं हैं। और ये फेक तस्वीर ट्वीट करने वाले वर्तमान में राज्यसभा के सांसद हैं जो पब्लिक ब्रॉडकास्टर प्रसार भारती के सीईओ और देश के पूर्व संस्कृति सचिव रह चुके हैं।”

सोशल मीडिया पर उठ रही कार्रवाई की माँग

भले ही जवाहर सरकार ने बाद में अपने ट्वीट को डिलीट कर लिया हो लेकिन अब उनके स्क्रीनशॉट वायरल हो के बाद उन पर कार्रवाई की माँग की जा रही है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दिल्ली पुलिस, UP पुलिस और PMO को टैग कर के जवाहर सरकार पर कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। वहीं कई नेटिजन्स जवाहर की अपने शब्दों में आलोचना कर रहे हैं।

साभार- ट्विटर

पहले भी ऐसी हरकतें कर चुके हैं जवाहर सरकार

गौरतलब है कि पूर्व IAS जवाहर सरकार ने ऐसी हरकत पहली बार नहीं की है। इस से पहले भी वो विभिन्न मौकों पर अफवाह फैलते पाए गए हैं। जवाहर ने 07 जून 2021 को पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए एक फोटोशॉप्ड तस्वीर शेयर की थी जिसमें पीएम मोदी को नीता अंबानी के सामने हाथ जोड़े हुए दिखाया गया। जवाहर ने तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था कि कैसे देश के पीएम अपने दोस्तों के साथ इतने विनम्र हो जाते हैं कि उनके आगे हाथ जोड़ लेते हैं।

इसके अलावा 2 मई 2014 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रसार भारती के सीईओ रहते हुए जवाहर ने 2014 लोकसभा चुनावों के दौरान दूरदर्शन पर प्रसारित बीजेपी के तत्कालीन प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के इंटरव्यू को ‘स्पष्ट रूप से एडिट’ करने की बात स्वीकार की थी। मोदी का ये इंटरव्यू 27 अप्रैल, 2014 को दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ था।

23 दिसंबर को जवाहर सरकार ने एक अन्य टीएमसी नेता रिजू दत्ता के साथ अपने ट्विटर पर एक एडिटेड वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में पीएम मोदी और सीएम योगी काशी परिक्रमा करते दिख रहे थे और उनके पीछे लोग ‘मोदी हाय-हाय, योगी चोर है’ के नारे लगा रहे थे। उनके साथ इस वीडियो को जवाहर सरकार ने भी शेयर किया था। इस मामले में रिजू दत्ता के ख़िलाफ़ वाराणसी के दशाश्वमेध थाना में एफआईआर दर्ज हुई थी।