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PFI ने तैयार की थी हिट लिस्ट, दूसरे धर्म के प्रभावशाली लोगों की हत्या की थी साजिश: NIA का खुलासा, केरल CM बोले – हिंसा करने वालों को नहीं छोड़ेंगे

PFI ने भारत में इस्लामी शासन स्थापित करने के लिए कुछ प्रभावशाली लोगों की एक ‘हिट लिस्ट’ बना रखी थी। लोगों को आतंकित करने के लिए एक खास साजिश रची गई थी। हालाँकि, NIA (राष्ट्रीय जाँच एजेंसी) अधिकारियों को ऊपर से निर्देश आया है कि इस ‘हिट लिस्ट’ को सार्वजनिक न किया जाए। हालाँकि, इसे बंद लिफाफे में अदालत के समक्ष पेश किया जा सकता है। अगर इसके विवरण सार्वजनिक किए जाते हैं तो इससे देश का सामाजिक माहौल बिगड़ने की आशंका है।

NIA ने केरल की अदालत को बताया है कि PFI ने किन-किन प्रभावशाली लोगों की हत्या की साजिश रची थी, इसकी तह में जाना आवश्यक है। इसके बाद कोर्ट ने 11 आरोपितों को NIA की रिमांड में भेज दिया है। कोच्चि में इन सभी 11 आरोपितों से पूछताछ की जाएगी। राज्य से बाहर कहाँ-कहाँ इन्होंने गुप्त बैठकों में हिस्सा लिया था, वहाँ ले जाकर भी इनसे पूछताछ होगी। सबूत जुटाने के लिए जाँच एजेंसी ऐसा करने वाली है।

NIA ने कोर्ट को बताया है कि जिनकी हत्याओं की PFI ने साजिश रची थी, वो सभी दूसरे धर्मों के हैं। कई ऐसे दस्तावेज जब्त हुए हैं, जिससे पता चलता है कि कट्टरपंथी इस्लामी संगठन ने देश के माहौल और समाजिक-राजनीतिक ताने-बाने को बिगाड़ने की पूरी तैयारी कर रखी थी। देश की संप्रभुता को नुकसान पहुँचाना भी उनकी मंशा थी। कई डिजिटल सबूत भी मिले हैं। अदालत परिसर में नारेबाजी को लेकर भी कोर्ट ने PFI कार्यकर्ताओं की क्लास लगाई।

वहीं केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा है कि PFI कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियों के बाद राज्य में हुई हिंसा के लिए पहले से साजिश रच ली गई थी और इसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संगठित उपद्रव से राज्य को काफी नुकसान पहुँचा है। उन्होंने पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि कड़ी कार्रवाई करते हुए कइयों को गिरफ्तार भी किया गया है। उन्होंने बताया कि हिंसा में संलिप्त लोगों की पहचान करने में पुलिस लगी हुई है।

‘…गालों की मोटाई B**$ के बराबर होती है’ : कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता ने महिला को भेजे गंदे मैसेज, स्क्रीनशॉट वायरल होने पर अकॉउंट बंद किया

तमिलनाडु में कॉन्ग्रेस के नेता लेफ्टिनेंट सीडीआर गोकुल चंद्रन ने कुछ समय पहले ट्विटर पर एक महिला को अश्लील मैसेज भेजने की बात कबूली। उनके द्वारा ये तब स्वीकार किया गया जब एक महिला ने उनके द्वारा भेजे गए आपत्तिजनक संदेशों को सार्वजानिक कर दिया।

इस कबूलनामे के बाद कॉन्ग्रेस नेता ने पहले अपने ट्विटर हैंडल को प्राइवेट करते हुए ट्वीट्स को प्रोटेक्ट किया। उसके बाद उन्होंने अपने अकाउंट को डिएक्टिवेट कर डाला। सीडीआर गोकुल चंद्रन ने ये सब करने से पहले अपने ट्विटर बायो से ये जानकारी हटा दी थी कि वो कॉन्ग्रेस से हैं।

बता दें कि गोकुल कॉन्ग्रेस के IT सेल के सदस्य हैं। उन्होंने अपनी नीच हरकत को किसी के साथ व्हाट्सएप पर चैट के दौरान स्वीकार किया। कॉन्ग्रेस नेता के उसी कबूलनामे का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है।

अंकुर सिंह नाम के एक ट्विटर यूजर ने भी उनके आपत्तिजनक संदेशों का स्क्रीनशॉट शेयर किया है। ये स्क्रीनशॉट दो लोगों की बीच की बातचीत के हैं जिसमें अंकुर का दावा है कि कॉन्ग्रेस नेता गोकुल ने एक महिला को प्रताड़ित किया।

कॉन्ग्रेस नेता के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए सोशल मीडिया पर महिला ने लिखा, “आप जानते हैं कि आप कौन हैं ? अगर दोबारा ऐसा किया तो आपके 13 हजार फॉलोअर्स को भी पता चल जाएगा। आपकी फौज की छवि और TV डिबेट में दिखना आपको हर चीज के लिए स्वतंत्र नहीं कर देता। मैंने प्राइवेट मैसेज को अनदेखा कर दिया था लेकिन इसके बावजूद आप बेशर्मी से मेरे मैसेज में स्वीकार कर रहे कि वो आपने भेजा था। आपकी ऐसी हिम्मत?”

दरअसल कॉन्ग्रेस नेता गोकुल ने महिला को भेजे संदेश में लिखा था, “मैं आपको देख कर इस निष्कर्ष पर पहुँचा हूँ कि गालों की मोटाई स्तन के बराबर होती है।” महिला यूजर ने कॉन्ग्रेस नेता के इस मैसेज को सार्वजानिक कर दिया जिसके बाद गोकुल ने माफ़ी माँग कर ट्विटर बंद कर दिया है।

अपना मैसेज वायरल होने के बाद कॉन्ग्रेस नेता ने लिखा, “मैं खुद को दोषी महसूस कर रहा हूँ। मेरी हरकत का कोई औचित्य या स्पष्टीकरण नहीं है। शायद आपको मेरी हरकत के बारे में पहले ही पता चल चुका होगा वरना थोड़ी देर बाद पता चल ही जाएगा। मैंने जो भी किया उसके लिए मैं अपमान का पात्र हूँ। मैं इस पर और अधिक बहस नहीं करना चाहता। मैं सबसे माफ़ी माँगता हूँ। साथ ही मुझे अपने अपने व्यवहार कर खेद है।”

तमिलनाडु में एक और RSS कार्यकर्ता के घर पर हमला, 3 पेट्रोल बम फेंककर लगाई आग: पूरी घटना Video में कैद

तमिलनाडु में फिर से एक आरएसएस कार्यकर्ता के घर पर तीन पेट्रोल बम फेंके गए। इस बार घटना मदुरई (मदुरै) की है। सामने आई वीडियो में दिख रहा है कि एक शख्स भागते हुए आया और उसने एक के बाद एक करके तीन पेट्रोल बम आरएसएस कार्यकर्ता के घर पर फेंके। इसके बाद वह अपने साथी के साथ बाइक पर बैठ फरार हो गया। वहीं आसपास खड़े लोग घटना देख सन्न रह गए।

जानकारी के मुताबिक, आरएसएस कार्यकर्ता का नाम कृष्णन हैं। उन्हीं के घर के अंदर पेट्रोल बम फेंककर आग लगाई गई। घटना में कोई घायल नहीं हुआ लेकिन आग लगने से कृष्णन की कार क्षतिग्रस्त हो गई।

असिस्टेंट कमिशनर शनमुगम ने इस संबंध में बताया, “तमिलनाडु के मदुरई में तीन पेट्रोल बम फेंके गए। हम इस मामले की जाँच कर रहे हैं। कोई भी इस घटना में घायल नहीं हुआ है।”

कृष्णन ने दावा किया है कि जिस तरह उनके ऊपर हमला हुआ वैसे ही 20 आरएसएस कार्यकर्ताओं पर तमिलनाडु में हमला हो चुका है। ये घटनाएँ बीते कुछ दिनों में ही घटी हैं। अपने साथ हुई घटना पर उन्होंने पुलिस को शिकायत दे दी है। उन्हों एएनआई को कहा,

“मैं आरएसएस से 45 साल से जुड़ा हूँ। 7 बजे के करीब मुझे आवाज सुनाई दी। देखा तो पेट्रोल बम फेंके गए थे, मेरी कार जल रही थी। 20 से ज्यादा आरएसएस कार्यकर्ता अब तक निशाना बनाए जा चुके हैं। हमने इस संबंध में शिकायत दी है।”

बता दें कि इससे पहले चेन्नई के पास तांबरम में चितलापक्कम में आरएसएस के डिस्ट्रिक्ट सेक्रेट्री सीतारमन के आवास पर पेट्रोल बम फेंका गया था। घटना सुबह 4 बजे अंजाम दी गई थी। वहाँ भी दो बाइक सवारों ने आकर आग लगाई थी।

इसके अलावा कोयंबटूर के कोवईपुदुर में इसी तरह की एक घटना हुई थी। वहाँ भी अज्ञात लोगों ने आरएसएस के एक पदाधिकारी के आवास पर पेट्रोल बम फेंका थे। घटना में कोई घायल नहीं हुआ था लेकिन फिर भी इलाके में सुरक्षा को बढ़ा दिया गया था।

‘अपना मजहब लेकर चले जाओ वरना…’ : पुणे में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ चिल्लाने वालों को राज ठाकरे ने दी चेतावनी, कहा- हिन्दू भड़के तो अंजाम सही नहीं होगा

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ हुई देशव्यापी कार्रवाई के बाद महाराष्ट्र के पुणे में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ के नारे लगाने वालों को मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने जवाब दिया है। उन्होंने नारेबाजों से कहा है कि ऐसी घटनाओं पर हिन्दू खामोश नहीं बैठने वाला। ठाकरे ने गृहमंत्री अमित शाह से देशहित में ऐसे देशविरोधी तत्वों को तत्काल खत्म करने की माँग की। उन्होंने कहा कि बेहतर होगा कि ऐसे लोग अपना मजहब ले कर पाकिस्तान ही चले जाएँ। राज ठाकरे ने यह बयान 24 सितम्बर 2022 (शनिवार) को दिया।

अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर राज ठाकरे ने पहले PFI के कट्टरपंथियों पर NIA की छापेमारी का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि चरमपंथी PFI से जुड़े कुछ लोगों ने पुणे में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के साथ ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगाए हैं। उन्होंने लिखा कि PFI के ही लोग गिरफ्तार होने की वजह उनको देशविरोधी कार्यों के लिए मिल रही फंडिग है। इन हरकतों को बेहद ही गंभीर मुद्दा बताते हुए राज ठाकरे ने आगे लिखा कि सरकार फ़ौरन सख्त कदम उठा कर ऐसी हरकतों को रोके।

राज ठाकरे ने आगे लिखा है कि देश विरोधियों की गिरफ्तारी के बाद कुछ लोग सड़कों पर उतर कर ‘अल्लाह-हू-अकबर और पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे हैं जो भारत के अंदर किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने लिखा कि अगर नारा लगाने वालों के दिमाग में पाकिस्तान ही है तो अपना मज़हब ले कर वहाँ चले भी जाएँ।

राज ठाकरे ने केंद्र और राज्य सरकार को सम्बोधित करते हुए लिखा है कि वो तत्काल ऐसे असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई करें अन्यथा हिन्दू समाज इसे सहन नहीं करेगा। आगे उन्होंने लिखा है, “इसका अंजाम क्या होगा इसे मुझे लिखने की जरूरत नहीं है।” ठाकरे ने अगली लाइन भगवा रंग से लिखते हुए कहा, “अगर मराठी हिन्दुओं ने इस मामले को अपने हाथों में ले लिया तो उसका अंजाम क्या होगा इसे मैं यहाँ नहीं लिख सकता।” उन्होंने लिखा कि त्योहारों का समय है और इस से अशांति फैल सकती है इसलिए सरकार तत्काल कार्रवाई करे जो देश के लिए सही भी होगा।

गौरतलब है कि पुणे में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में PFI सर्मथकों द्वारा कथित तौर पर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने के आरोपों के साथ वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो 24 सितम्बर 2022 का बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि नारेबाजी के तुरंत बाद महाराष्ट्र पुलिस ने तुरंत प्रभाव कार्रवाई करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। इसके साथ-साथ बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में 60-70 लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है।

265 छात्र, 13 मास्टर, ₹27 लाख चंदा: बहराइच में 30 साल से बिन मान्यता के चलता रहा मदरसा, नेपाली बच्चों को बगैर ID एडमिशन मिला

भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ती आबादी और इबादतगाहों पर ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट का एक और बड़ा असर देखने को मिला है। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में एक मदरसा 30 सालों से बिना मान्यता के चलता पाया गया। मदरसे के संचालक जाँच करने निकले जिला प्रशासन के अधिकारियों को कोई संतोषजनक कागज नहीं दिखा पाए। बताया जा रहा है कि इस मदरसे में नेपाल तक के छात्र पढ़ने आते हैं। फिलहाल आगे की कार्रवाई के लिए इस मदरसे की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

बहराइच जिले की सीमाएँ नेपाल से लगती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहाँ पाया गया मदरसा बहराइच शहर के बशीरगंज क्षेत्र में स्थित है। मदरसे का नाम मदरसा हिदायत उल इस्लाम है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड के अधिकारी संजय मिश्रा यहाँ जाँच करने पहुँचे थे। जब उन्होंने नेपाली छात्रों के एडमिशन की जानकारी माँगी तब मदरसा प्रबंधन उन्हें कोई ठोस जानकारी नहीं दे पाया। मदरसा संचालकों ने बताया कि नेपाली छात्रों के एडमिशन के दौरान उनसे कोई पहचान पत्र नहीं लिया गया था।

इसी के साथ छात्रों को मिलने वाली मार्कशीट आदि भी वैध नहीं पाई गई। कहा जा रहा है कि उस मदरसे में पढ़ने वाले छात्रों को मिलने वाली मार्कशीट किसी मान्यता प्राप्त स्थान पर मान्य नहीं थी। जानकारी के मुताबिक जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने इस पूरे मामले को छात्रों के भविष्य से लापरवाही के तौर पर देखा है। उन्होंने शासन को इस मदरसे के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी है।

बताया जा रहा है कि यह मदरसा साल 1992 से चलाया जा रहा था जिसमें फिलहाल लगभग 265 बच्चे तालीम हासिल कर रहे थे। इन बच्चों को पढ़ाने के लिए 13 टीचर भी नियुक्त पाए गए। सूचना ये भी मिली है कि मदरसे को चलाने के लिए सालाना 27 लाख रुपए भी मिल रहे थे। ये रुपए चंदा जमा कर के आ रहे थे।

गौरतलब है कि भारत नेपाल सीमा पर बढ़ रही मुस्लिम आबादी और इबादतगाहों की मीडिया रिपोर्ट्स की जमीनी हकीकत जानने के लिए ऑपइंडिया की टीम ने 20 से 27 अगस्त 2022 तक भारत नेपाल सीमा का दौरा किया था। अपने द्वारा जुटाई इन तमाम जानकारियों को हमने 3 सितम्बर 2022 से प्रत्येक दिन एक-एक कर के प्रकाशित करना शुरू किया। शनिवार (24 सितंबर, 2022) तक इस सीरीज की 22 कड़ियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं।

चंडीगढ़ MMS कांड: पुलिस ने अरुणाचल प्रदेश से पकड़ा सेना का जवान, Videos के लिए छात्रा को ब्लैकमेल करता था

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के एमएमएस लीक कांड में जाँच के बाद पंजाब पुलिस ने एक सेना के जवान संजीव सिंह को गिरफ्तार किया है। संजीव की गिरफ्तारी अरुणाचल प्रदेश के सेला पास से हुई। अब मोहाली लाकर उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। बताया जा रहा है कि संजीव सिंह ही लड़की को वीडियोज के लिए ब्लैकमेल करता था।

पंजाब पुलिस के डीजीपी ने इस संबंध में शनिवार (24 सितंबर 2022) को ट्वीट करके जानकारी दी। उन्होंने बताया- “सेना, असम और अरुणाचल पुलिस के सहयोग से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मामले में एक अहम सफलता मिली। पुलिस ने अरुणाचल प्रदेश के सेला पास से आरोपित सेना के जवान संजीव सिंह को गिरफ्तार किया। मोहाली कोर्ट में पेश करने के लिए सीजेएम बोमडिला से ट्रांजिट रिमांड मिली है।”

बता दें कि सेना के जवान की गिरफ्तारी इस मामले में चौथी गिरफ्तारी है। इससे पहले चंडीगढ़ एमएमएस लीक कांड में तीन गिरफ्तारियाँ हुईं हैं। इनमें एक आरोपित छात्रा है और दो उसके दोस्त हैं, जिनको पुलिस ने मामला खुलने के बाद शिमला से गिरफ्तार किया था।

कथिततौर पर पुलिस को रंकज वर्मा (31) और सन्नी मेहता (23) से पूछताछ में कई तथ्यों को पता चला। अब पुलिस उसी आधार पर आगे की जाँच में जुटी और इसी के बाद सेना के जवान को गिरफ्तार किया गया।

चंडीगढ़ MMS लीक कांड

उल्लेखनीय है कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का एमएमएस लीक कांड खुलने के बाद से इसमें लगातार नए-नए एंगल सामने आ रहे हैं। पहले कहा गया था कि आरोपित छात्रा ने अन्य 60 छात्राओं की नहाते में वीडियो बनाकर लीक की। इसके बाद पुलिस ने कहा कि उन्हें तो सिर्फ 1 ही वीडियो मिला जो खुद आरोपित लड़की का है। इसके अलावा पुलिस ने पीड़ित छात्राओं द्वारा किए गए आत्महत्या के प्रयास की खबरों को भी नकारा।

वहीं बाद में पता चला कि लड़की के मोबाइल से एक वीडियो और निकल आई है जो कि दूसरी लड़की का है। पुलिस ने फौरन इन वीडियोज की जाँच के लिए उन्हें फॉरेंसिंक लैब भेजा। साथ ही तीनों आरोपितों को अपनी रिमांड में ले लिया। इस बीच आरोपित लड़की की वकील ने कोर्ट में बताया कि उसे किसी और लड़के द्वारा ब्लैकमेल किया जा रहा था। मीडिया में भी खबरें आई कि लड़की को ब्लैकमेल करने वाले का नाम संजीव कुमार है जो आर्मी में जवान है। वही लड़की से बार-बार कॉल हिस्ट्री और स्क्रीनशॉट आदि डिलीट करने को कह रहा था।

CM धामी ने अंकिता भंडारी के पिता से की बात, आरोपित के भाई-पिता को BJP से निकाला: पीड़िता पर देह-व्यापार का था दबाव, लोगों ने रिजॉर्ट को जलाया

उत्तराखंड के ऋषिकेश में पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता के रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट का काम करने वाली अंकिता भंडारी की हत्या का मामला गरमाया हुआ है। इस मामले में, पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर कई खुलासे किए हैं। वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के पिता से फोन में बातचीत की है व आरोपितों को कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया है। साथ ही, भाजपा ने आरोपित पुलकित आर्य के भाई व पिता को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में गिरफ्तार तीनों आरोपितों से पूछताछ के आधार पर डीजीपी अशोक कुमार ने खुलासा करते हुए बताया है कि अंकिता पर रिजॉर्ट में ‘स्पेशल सर्विस’ देने के लिए दवाब बनाया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपितों में से एक सौरभ भास्कर ने पुलिस को बताया है कि अंकिता उन लोगों (आरोपितों को) अपने साथियों के बीच ‘बदनाम’ करती थी। उसने दावा किया कि पीड़िता रिजॉर्ट की बातें अपने साथियों को बताती थी कि यहाँ उसे कस्टमर से संबंध बनाने के लिए कहा जाता है।

आरोपितों ने खुलासा किया कि अंकिता कहती थी कि वह रिजॉर्ट की हकीकत सबको बता देगी, इसलिए उसके साथ हाथापाई हुई और फिर उसे नहर में धकेल दिया।

बता दें कि अंकिता गत 18 सितंबर से लापता थी। हालाँकि, उसका शव शनिवार (24 सितंबर, 2002) सुबह ऋषिकेश के चिल्ला पावर हाउस के पास से बरामद किया गया था। एक सप्ताह तक पानी में रहने के कारण उसका शव बुरी तरह गल चुका है। रविवार (25 सितंबर) को अंकिता का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कड़ी नजर बनाए हुए हैं। साथ ही उन्होंने शनिवार को अंकिता के पिता से बात कर उन्हें सांत्वना दी है। साथ ही अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री धामी ने ट्वीट कर बताया, “आज अंकिता भंडारी के पिताजी से दूरभाष के माध्यम से बात करते हुए अपनी शोक संवेदनाएँ प्रकट की। साथ ही उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस जघन्य अपराध की निष्पक्ष जाँच कर दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई करेगी, जो इस प्रकार के घृणित कार्य को करने वाले अपराधियों के लिए एक नजीर साबित होगी।”

वहीं, एक अन्य ट्वीट में पुष्कर सिंह धामी ने बताया है कि आरोपित पुलकित आर्य के भाई व पिता को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। उन्होंने लिखा, “अंकिता हत्याकांड मामले में हमने मुख्य आरोपित पुलकित आर्य के भाई अंकित आर्य को उत्तराखंड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के नामित उपाध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। साथ ही अंकित आर्य एवं उनके पिता विनोद आर्य को भाजपा से भी निष्कासित कर दिया गया है।”

भगवान श्रीराम की नगरी में लता मंगेशकर के नाम पर चौराहा, जयंती पर CM योगी करेंगे उद्घाटन: पद्मश्री कलाकार ने बनाया 14 टन का वीणा, वॉल आर्ट भी

सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर की जयंती बुधवार (28 सितंबर, 2022) को आ रहा है। इस अवसर पर भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या को विशेष रूप से सजाया-सँवारा गया है। अयोध्या का मुख्य प्रवेश द्वार नया घाट चौराहे को अब लता मंगेशकर चौराहे के नाम जाना जाएगा। इसका उद्घाटन करने के लिए खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुँच रहे हैं। साथ ही स्वर कोकिला के सम्मान में एक वॉल आर्ट भी बनाया गया है, जिसे उसी दिन दुनिया के सामने लाया जाएगा।

ये वॉल आर्ट 10 फीट ऊँचा है। ‘लता मंगेशकर चौराहा’ पर अब आपको 12 मीटर ऊँची वीणा की मूर्ति दिखेगी, जो 14 टन भारी है। इसे प्लेटफॉर्म पर स्थापित करने के लिए क्रेन का सहारा लेना पड़ा। इस प्रोजेक्ट के लिए 7.90 करोड़ रुपए का बजट पास किया गया था। पद्मश्री से सम्मानित मूर्ति कलाकार राम सुतार ने इसे बनाया है। अगस्त से ही इस पर काम शुरू कर दिया गया था। 2 महीने इस मूर्ति को बनाने में लगे।

‘अयोध्या विकास प्राधिकरण’ ने ‘मोजर्टो’ नामक कंपनी को इस चौराहे को तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। उद्घाटन समारोह को भव्य बनाने के लिए लता मंगेशकर का एक वॉल आर्ट बनाया गया है, जिसके इर्दगिर्द कई ऐसे आर्ट्स बनाए जाएँगे। लता दीदी के सम्मान में ये कार्यक्रम दोपहर के 12 बजे से शुरू होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी इसमें ऑनलाइन शामिल होने की संभावना है। अयोध्या के कई संत-धर्माचार्य और सांसद-विधायक इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

लता मंगेशकर के जीवन पर आयोजित एक शॉर्ट फिल्म को भी उस दिन दिखाया जाएगा। उनकी बहन उषा मंगेशकर भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम की तैयारियाँ अपने अंतिम चरण में है। 40 फ़ीट की वीणा पर खूबसूरत डिजाइंस भी बनाए गए हैं। लता मंगेशकर के निधन के बाद ही इस चौराहे को लेकर सीएम योगी ने घोषणा कर दी थी। अब यूपी सरकार स्वर साम्राज्ञी के निधन के बाद आ रही उनकी जयंती पर अपना वादा पूरा किया है।

‘रोहिंग्या मुस्लिमों ने बिगाड़ दी हमारी अर्थव्यवस्था, अपराध बढ़ने से माहौल भी हुआ खराब’: बांग्लादेश की PM ने UN में लगाई गुहार – जल्दी कुछ कीजिए

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने माना है कि म्यांमार से भागकर भारत और बांग्लादेश आए रोहिंग्या मुस्लिमों ने देश की सामाजिक ताने बाने और अर्थव्यवस्था को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुँचाया है। इसी मसले को लेकर शुक्रवार (23 सितंबर, 2022) को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने संयुक्त राष्ट्र से ‘प्रभावी भूमिका’ निभाने का अनुरोध किया है।

शेख हसीना ने कहा है कि बांग्लादेश में रोहिंग्याओं की लंबे समय तक मौजूदगी ने अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, सुरक्षा और सामाजिक-राजनीतिक स्थिरता पर गंभीर प्रभाव डाला है। रोहिंग्याओं की वजह से देश में व्यापक निराशा है। रोहिंग्याओं के कारण सीमा पार से ड्रग्स-मानव तस्करी समेत संगठित अपराधों के मामले बढ़ रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि रोहिंग्या मुसलमानों की यही स्थिति बनी रहती है तो इससे देश में कट्टरता को बढ़ावा मिल सकता है। अगर रोहिंग्या समस्या हल नहीं हुई तो ये क्षेत्र और उसके बाहर की सुरक्षा और स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने साल 2017 में शुरू हुए म्यांमार से रोहिंग्या मुसलमानों के पलायन को लेकर याद करते हुए कहा कि नाएप्यीडॉ (म्यांमार की राजधानी) और यूएन के साथ जुड़े होने के बाद भी अब तक एक भी रोहिंग्या मुस्लिम को म्यांमार में उनके पुश्तैनी घर वापस नहीं भेजा गया है। उन्होंने कहा कि देश में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल और हथियारों के संघर्ष ने रोहिंग्याओं की घर वापसी को और भी कठिन बना दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि संयुक्त राष्ट्र इस संबंध में प्रभावी भूमिका निभाएगा।

उन्होंने यह भी कहा, “हमें यह साबित करने की जरूरत है कि संकट के समय में संयुक्त राष्ट्र बहुपक्षीय व्यवस्था की आधारशिला है। इसलिए, सभी स्तरों पर लोगों का भरोसा और आत्मविश्वास हासिल करने के लिए, संयुक्त राष्ट्र को आगे आकर नेतृत्व करते हुए सभी की अपेक्षाओं को पूरा करना चाहिए। बांग्लादेश का मानना है कि युद्ध, आर्थिक प्रतिबंध या जवाबी प्रतिबंध जैसी दुश्मनी से कभी किसी देश का भला नहीं हुआ है। संकटों और विवादों को सुलझाने का सबसे अच्छा तरीका बातचीत ही है।”

‘खाली जगह घेर कर बना देते हैं मजार, फिर कहते हैं ये सदियों पुरानी है’: नेपाल सीमा के विधायक ने माना बॉर्डर क्षेत्र में जमीनों के अधिकतर ख़रीददार मुस्लिम – OpIndia Ground Report

हाल में कई रिपोर्टें आई हैं जो बताती हैं कि नेपाल से लगी भारत की सीमा पर तेजी से डेमोग्राफी में बदलाव हो रहा है। मस्जिद-मदरसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए 20 से 27 अगस्त 2022 तक ऑपइंडिया की टीम ने भारत और नेपाल के अलग-अलग इलाकों का दौरा किया। हमने जो कुछ देखा, वह सिलसिलेवार तरीके से आपको बता रहे हैं। पेश है इस कड़ी की 22वीं रिपोर्ट:

ऑपइंडिया की टीम ने नेपाल सीमा से सटे भारत के बलरामपुर जिले की तुलसीपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक कैलाशनाथ शुक्ला से मुलाकात की। हमसे बातचीत के दौरान भाजपा विधायक ने भी यह स्वीकार किया कि नेपाल सीमा पर न सिर्फ मुस्लिम आबादी बढ़ रही है बल्कि उनकी इबादतगाहों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भाजपा विधायक ने बेबाकी से इस मामले में अपने द्वारा भी पर्याप्त ध्यान न दिया जाना स्वीकार करते हुए इस मामले को शासन और प्रशासन के आगे उठाने का एलान किया।

यह रिपोर्ट एक सीरीज के तौर पर है। इस पूरी सीरीज को एक साथ पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

हाँ, बॉर्डर इलाकों में बढ़ी है मुस्लिम आबादी

विधायक कैलाशनाथ शुक्ला ने मीडिया में चल रही उन खबरों पर मुहर लगाई है, जिसमें भारत नेपाल सीमा पर एकतरफा मुस्लिम आबादी बढ़ना बताया गया है। उन्होंने कहा कि जंगली और पहाड़ी इलाके होने के चलते बॉर्डर पर हो रही गतिविधियों पर लगातार नजर रखना शासन और प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। विधायक ने ये भी कहा कि देशविरोधी ताकतें नेपाल के रास्ते से एक वर्ग विशेष को मजबूत कर रहीं हैं और ये चिंता का विषय है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ी हैं इस्लामी इबादतगाहें, जमीन बेचने वाले अधिकतर हिन्दू और खरीदने वाले ज्यादातर मुस्लिम

हमसे बात करते हुए भाजपा विधायक शुक्ला ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सिर्फ एकतरफा आबादी ही नहीं, बल्कि उसके साथ इबादतगाहें भी बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि इस बदलाव के फलस्वरूप भारत और नेपाल की सीमा पर तस्करी जैसे अपराधों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विधायक ने स्वीकार किया कि उनकी खुद की विधानसभा में इबादतगाहों की संख्या सामान्य से अधिक हो चुकी है।

एक सवाल के जवाब में विधायक कैलाशनाथ शुक्ला ने कहा कि ये सत्य है कि बॉर्डर इलाके के तुलसीपुर क्षेत्र में अपनी जमीनें बेचने वाले अधिकतर लोग हिन्दू हैं और उसे खरीदने वाले मुस्लिम समुदाय के। विधायक के मुताबिक इसके पीछे कई कारण हैं जिसमें मुख्य वजह आर्थिक कारण है। विधायक ने इसकी दूसरी वजह बताते हुए कहा कि मुस्लिम बहुल इलाकों में हिन्दुओं पर बड़ा दबाव बनाया जाता है और उस दबाव से टूट कर वो उस जगह को छोड़ देते हैं।

भाजपा विधायक ने इसे पलायन का नाम दिया और बताया कि एक वर्ग विशेष के लोग ऐसे पलायन कर रहे हिन्दुओं की जमीनें खरीद कर न सिर्फ अमीर बन रहे हैं, बल्कि कई अन्य गतिविधियों को भी संचालित कर रहे हैं।

वर्ग विशेष ने यहाँ आबादी के संतुलन को ध्वस्त किया

विधायक कैलाशनाथ शुक्ला ने हमें बताया कि उनका जन्म उसी सीमावर्ती क्षेत्र में हुआ है और उनके बचपन में हिन्दू-मुस्लिम आबादी संतुलन में हुआ करती थी। उन्होंने बताया कि एक वर्ग विशेष की जनसंख्या तेजी से बढ़ी है और अब नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में पुराना संतुलन ध्वस्त हो चुका है। विधायक के मुताबिक अब सीमा के इलाकों में लव जिहाद और धर्मांतरण जैसी घटनाएँ सामने आने लगी हैं।

प्रशासन भी इन हालातों का जिम्मेदार

सबसे पहले अपने खुद की भी अनदेखी और गलती मानते हुए भाजपा विधायक ने स्थानीय प्रशासन को भी नेपाल सीमा पर बने वर्तमान हालातों के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासनिक लोग चौकन्ने होते या उन्होंने अपनी जिम्मेदारी का सही से निर्वहन किया होता तो आज भारत-नेपाल सीमा पर ऐसे हालत न बने होते। भाजपा MLA ने कहा कि वो इस बाबत जिले के और प्रदेश के अधिकारियों से बात करेंगे और फिलहाल बन रहे हालातों के समाधान के बारे में अधिकतम प्रयास करेंगे।

हर नई बनी इबादतगाह को घोषित कर दिया जाता है पुराना, पहले जैसा भाईचारा और सौहार्द अब इलाके में नहीं

कैलाशनाथ शुक्ला ने कहा कि सीमाओं पर पहले तो पता ही नहीं चल पाता और जब नई मस्जिद या मदरसा बन कर तैयार हो जाता है तो उसे बहुत पुराना घोषित किया जाने लगता है। उन्होंने कहा कि अब वो जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से बात कर के इसकी मॉनिटरिंग भी करवाएँगे और ‘चेक एन्ड बैलेंस’ के भाव से काम करवाएँगे।

विधायक कैलाशनाथ शुक्ला ने कहा कि उनके बचपन में जो भाईचारा और सौहार्द समाज में हुआ करता था वो अब नहीं दिखाई देता है। विधायक के अनुसार, पहले हिन्दू भी मुस्लिमों के त्यौहार में चंदा देते थे और इस दिन मुस्लिम से ज्यादा हिन्दू ख़ुशी मनाते थे। कैलाशनाथ ने कहा कि अब एक वर्ग विशेष में संवेदनहीतना आ चुकी है और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का प्रयास उसी वर्ग विशेष द्वारा किया जा रहा है।

पूरी प्लानिंग से बनाई जाती हैं मज़ारें, नेपाल से जुडी हर हरकत का प्रभाव भारत में पड़ेगा

भाजपा विधायक ने बताया कि मजारों को बनाने के लिए पूरी प्लानिंग की जाती है। उन्होंने कहा कि पहले खाली पड़ी जमीन देखी जाती और बाद में उसको घेर कर वहाँ अगरबत्ती आदि जलाना शुरू कर दिया जाता है। भाजपा MLA ने आगे बताया कि बाद में उस जगह अवैधानिक जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है।

भाजपा विधायक कैलाशनाथ ने सीमा के उस पार नेपाल में बढ़ रही भारत विरोधी गतिविधियों पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि नेपाल में जो कुछ भी होगा। उसका असर भारत में जरूर पड़ेगा। विधायक शुक्ला के मुताबिक, नेपाल की भारत से लगती खुली सीमा को पाकिस्तानियों और बांग्लादेशियों के द्वारा दुरुपयोग की भी संभावना बनी रहती है।

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