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नेपाल में ISI एजेंट को दौड़ा-दौड़ा कर मारी गोली, वीडियो में देखें कैसे हुई लाल मोहम्मद की हत्या: भारत में फैला रहा था जाली नोटों का कारोबार, दाऊद से भी संबंध

नेपाल की राजधानी काठमांडू में सोमवार (19 सितंबर, 2022) को एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या को लेकर अब बड़ा खुलासा हुआ है। ख़ुफ़िया एजेंसियों ने अपने खुलासे में मारे गए शख्स का नाम लाल मोहम्मद बताया है। साथ ही उसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI (आईएसआई) का एजेंट, जाली नोटों (नकली नोट) का सप्लायर और दाऊद इब्राहिम की D कम्पनी का सदस्य भी बताया गया है।

दरअसल, जब सोमवार को हत्या हुई थी, तब इस व्यक्ति की पहचान कपड़ा व्यवसायी के रूप में हुई थी। लेकिन, अब यह सामने आया है कि मृतक लाल मोहम्मद उर्फ मोहम्मद दर्जी (उम्र 55 वर्ष) था, जो कि पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी के एजेंट के रूप में नेपाल से भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। यही नहीं, उसके अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के साथ भी कनेक्शन सामने आए हैं।

बता दें कि इससे पहले 2007 में काठमांडू के अनामनगर में जाली नोटों के कारोबारी पटुवा की हत्या के मामले में नेपाल पुलिस ने लाल मोहम्मद को गिरफ्तार किया था। इस मामले में लाल मोहम्मद के साथ ही दाऊद इब्राहिम की डी कम्पनी के शार्प शूटर इल्ताफ हुसैन अंसारी उर्फ मुन्ना खान को भी गिरफ्तार किया था। जाली नोटों के कारोबारी की हत्या के इस मामले में दोनों आरोपियों को 10 साल की सजा हुई थी। उसे साल 2017 में उसे जेल से रिहा किया कर दिया गया था।

जेल से रिहा होने के बाद लाल मोहम्मद ने कपड़े का व्यापार शुरू किया था। इस व्यापार की आड़ में ही वह आईएसआई और डी कम्पनी के इशारों पर काम करता था और उसने पूरा रैकेट बनाया हुआ था।

दौड़ा-दौड़ा कर मारी गई गोलियाँ

नेपाल के गोथार इलाके में दर्जी मोहम्मद के नाम से रहने वाले आईएसआई एजेंट लाल मोहम्मद की हत्या उस वक्त की गई, जब वह कार से उतर कर घर की ओर जाने वाला था। इसी दौरान घात लगाकर बैठे हुए बाइक सवार हमलावरों ने उस पर गोलियाँ चला दीं। गोलियाँ चलते ही वह भागने लगा लेकिन हमलावरों ने उस पर गोलियाँ चलाना बंद नहीं की। इस हमले में लाल मोहम्मद के सिर, पेट और पैर में गोलियाँ लगीं थीं।

आईएसआई एजेंट लाल मोहम्मद की हत्या करने वाले हमलावर अब भी फरार बताए जा रहे हैं। नेपाल पुलिस इन हमलावरों की तलाश में जुटी है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि लाल मोहम्मद की हत्या गैंगवार के चलते की गई है।

24 घंटे में RSS कार्यकर्ताओं पर 3 बार हमले: घर से लेकर कार्यालय पर ‘PFI आतंकियों’ ने फेंके पेट्रोल बम, CCTV में कैद हुए

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी द्वारा पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद अब पीएफआई के ‘आतंकी’ बौखलाए हुए हैं। तमिलनाडु से खबर है कि वहाँ एक और आरएसएस पदाधिकारी के घर बम फेंका गया। 24 घंटे में ये आरएसएस कार्यकर्ताओं पर पेट्रोल बम फेंके जाने की तीसरी घटना है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, चेन्नई के पास तांबरम में चितलापक्कम में आरएसएस के डिस्ट्रिक्ट सेक्रेट्री सीतारमन के आवास पर पेट्रोल बम फेंका गया। पुलिस अब ये पेट्रोल बम फेंकने वाले अज्ञात लोगों को ढूँढने का प्रयास कर रही है।

सीतारमन ने बताया, “सुबह के 4 बजे हमें एक तेज आवाज सुनाई दी और देखा तो बाहर आग लगी हुई थी। हमें लगा कोई शॉर्ट सर्किट हुआ है लेकिन ऐसा नहीं था। हमने आग को बुझाया और पुलिस को कॉल किया। पुलिस को आरोपितों की फुटेज दे दी गई है।”

इससे पहले कोयंबटूर के कोवईपुदुर में इसी तरह की एक घटना हुई थी। वहाँ भी अज्ञात लोगों ने आरएसएस के एक पदाधिकारी के आवास पर पेट्रोल बम फेंका थे। घटना में कोई घायल नहीं हुआ था लेकिन फिर भी इलाके में सुरक्षा को बढ़ा दिया गया था।

केरल के कन्नूर से भी आरएसएस के कार्यालय पर हमले की खबर आई थी। वहाँ ये घटना तब हुई, जब पीएफआई ने केरल बंद का आह्वान किया। इसके बाद दो लोग बाइक पर आए और आरएसएस कार्यालय पर बम फेंक गए। पुलिस मामले में अपनी जाँच कर रही है। आरोपित की फोटो सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई है।

उल्लेखनीय है कि NIA की पीएफआई ठिकानों पर रेड के बाद से ही देश के कई इलाकों में हिंसा हो रही है। केरल में तो कई जगह पत्थरबाजी करके लोगों को घायल किया गया, कई वाहन क्षतिग्रस्त किए गए व पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया। आज पुणे से भी खबर है कि वहाँ पीएफआई के बौखलाए सदस्यों ने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए हैं।”

PFI की रैली में ‘अल्लाहु अकबर’ और ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ के नारे, पुणे में जुटे थे उपद्रवी: वीडियो वायरल, पुलिस ने कट्टरपंथी रियाज़ सैय्यद को दबोचा

बीते कुछ दिनों से कट्टरपंथी संगठन PFI के खिलाफ प्रशासन द्वारा चल रहे राष्ट्रव्यापी एक्शन के बाद संगठन के समर्थकों में काफी विरोध देखने के मिल रहा है। इसी क्रम में पुणे में कुछ आपत्तिजनक नारे लगने की खबरें सामने आई हैं। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर संगठन के लोगों द्वारा ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाते हुए सुना जा सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगने के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने तुरंत प्रभाव कार्रवाई करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। इसके साथ-साथ बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में 60-70 लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है। नारों वाली घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो में ‘अल्लाह हु अकबर’ और ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे भी सुनाई दे रहे हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपित की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान रियाज सैय्यद के रूप में हुई है। ध्यान दिला दें कि ये सब प्रदर्शन पीएफआई पर हो रही कानून कार्रवाई के कारण किए जा रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों में कई वाहनों को फूँक दिया

कट्टरपंथी संगठन के लोगों की गिरफ़्तारी पर भड़की हिंसा के बाद कई जगहों पर वाहनों के साथ तोड़-फोड़ और आगजनी की खबरें सामने आने लगी। इसके अलावा कुछ इलाकों में तो पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया। खबर ये भी आ रही है कि भाजपा कार्यालय और आरएसएस के दफ्तर पर भी बम फेंके गए हैं।

सबसे ज्यादा हिंसा की घटनाएँ केरल राज्य से सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि इस हिंसा के दौरान तिरुवनंतपुरम और कोट्टयम में बंद का समर्थन कर रहे PFI के उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की और सरकारी बसों, ऑटो-रिक्शा और एक कार को क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं केरल के कोल्लम, पठानमथिट्टा, अलाप्पुझा, एर्नाकुलम, कोझीकोड और वायनाड जिलों में भी वाहनों पर पथराव किया गया।

गौरतलब है कि इन हिंसक प्रदर्शनों के क्रम में उपद्रवियों ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया। वहाँ कुछ लोगों ने ऑफिस में पेट्रोल बम भी फेंके। इनके अलावा कन्नूर के मट्टनूर में दो लोगों द्वारा आरएसएस के ऑफिस पर पेट्रोल बम फेंकने की खबर आई है।

आरएसएस पर क्यों नहीं होती कार्रवाई

PFI के खिलाफ जाँच एजेंसियों की कार्रवाई पर प्रदर्शनकारियों द्वारा RSS को बदनाम करने की कोशिश किए जाने पर संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “इतिहास में कई बार सरकारों के द्वारा RSS पर भी प्रतिबंध लगाया, लेकिन इसके बावजूद संघ ने कभी भी हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया।”

इंद्रेश कुमार ने कहा, “1948, 1975 या 1992 संघ ने हमेशा शांतिपूर्ण और संवैधानिक रूप से इसके खिलाफ विरोध किया।” उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा, “यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि राजनीतिक दल PFI जैसे संगठनों पर डेटा एकत्र नहीं करते हैं, भारत सरकार उन संगठनों की आपराधिक गतिविधियों पर डेटा एकत्र करती है, जिनका उद्देश्य देश की एकता को नुकसान पहुँचाना है।”

हिन्दू लड़की से बलात्कार किया, फिर अपने दोस्तों को सौंप दिया: फरार ‘लव जिहाद’ आरोपित के घर पर चला बुलडोजर, वायरल कर दिया था पीड़िता का अश्लील वीडियो

झारखंड के बोकारो स्थित आजादनगर क्षेत्र के सिवंडीह में ‘लव जिहाद’ और सामूहिक दुष्कर्म समेत कई मामलों में फरार आरोपित आरजू मल्लिक पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उसके घर को तोड़ दिया गया है। आरजू मल्लिक पर अपना असली मजहब और नाम छिपा कर हिन्दू महिला से जबरन शादी करने और अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करने का आरोप है। इस मामले में पीड़िता ने आरजू मल्लिक समेत उसके 4 साथियों खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद से आरोपित फरार है।

सामूहिक दुष्कर्म समेत कई मामलों में वांछित आरोपित आरजू मल्लिक का घर बोकारो में बीएसएल की जमीन पर अवैध तरीके से बना हुआ था। इस घर को तोड़ने के लिए बीएसएल मैनेजमेंट व एसडीओ कोर्ट ने बोकारो पुलिस की अनुशंसा पर माराफरी पुलिस को कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।

आरजू मल्लिक के घर को तोड़ने गई टीम के साथ एक मजिस्ट्रेट को भी पूरी कार्रवाई पर ध्यान रखने के लिए कहा गया था। इसके बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरजू मल्लिक के घर को तोड़ दिया है। बता दें कि न्यायालय के आदेश के बाद फरार आरोपित आरजू मल्लिक के घर की पहले ही कुर्की-जब्ती हो चुकी थी।

क्या है मामला

रिपोर्ट्स के अनुसार, आरजू ने साल 2021 में झारखंड के बोकारो में खुद को हिन्दू बताते हुए एक हिन्दू लड़की से दोस्ती की। इसके बाद, उसे जबरन स्वामी सहजानंद महाविद्यालय के गेट के पास से उठाकर कोऑपरेटिव कॉलोनी के एक मकान में ले गया था। जहाँ, पहले से ही पंडित बुलाया गया था और फिर उसने लड़की से जबरन शादी कर ली। इसके बाद उसने लड़की के साथ बलात्कार कर लड़की को अपने दोस्तों को सौंप दिया था। आरजू के दोस्तों ने भी लड़की के साथ बलात्कार किया था।

आरजू ने लड़की के साथ हुई इस पूरी घटना का अश्लील वीडियो भी बनाया था। इस वीडियो को उसने अपने दोस्तों को बाँट दिया। आरजू मल्लिक इस वीडियो के सहारे लड़की को लगातार ब्लैकमेल करता रहा। इस दौरान आरजू ने लड़की को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। जिससे तंग आकर लड़की ने बोकारो के चास थाने में आरोपित आरजू समेत कुल 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद से आरजू फरार बताया जा रहा है।

‘जिस लड़की ने चिल्लाया- पाकिस्तान जिंदाबाद, उसको राहुल गाँधी ने गले लगाया’: ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की वायरल तस्वीर, जानें क्या है सच

‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान राहुल गाँधी की वायरल होती तमाम तस्वीरों के बीच हाल में उनकी एक फोटो एक लड़की को गले लगाते हुए सामने आई। सोशल मीडिया पर लोगों ने उसे देख दावा किया कि ये तो वही लड़की (अमूल्या लियोना) है जिसने साल 2020 में असदुद्दीन ओवैसी के सामने सीएए के विरोध प्रदर्शनों में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए थे।

देख सकते हैं कि कैसे व्हॉट्सएप पर राहुल गाँधी की तस्वीर और अमूल्या की 2020 की तस्वीर को शेयर करके ये बताया जा रहा है कि राहुल गाँधी उस लड़की को गले लगा रहे हैं जो पाकिस्तान जिंदाबाद कह रही थी, जिसके खिलाफ देशद्रोह की धारा में मुकदमा दर्ज हुआ था।

दोनों तस्वीरों में लड़की का ‘हेयर स्टाइल’ एक जैसा होने की वजह से फोटो देख कर लड़की को अमूल्या ही मान लिया गया और देखते ही देखते ये तस्वीरें ट्विटर पर घूमने लगीं।

हालाँकि सच क्या है? इसे पता लगाने के लिए ऑपइंडिया ने तस्वीर की छानबीन की। पड़ताल में ऑपइंडिया ने पाया कि हकीकत में राहुल गाँधी अमूल्या से नहीं मिले। उन्होंने जिसे भारत जोड़ो यात्रा के दौरान गले लगाया वो केसीयू की नेता मीवा एंडरेलियो (Miva Andreleo) हैं।

मीवा ने अपनी यह तस्वीर दो दिन पहले इंस्टाग्राम पर डाली थी। उन्होंने लिखा था कि ये दिन उनकी जिंदगी का सबसे अच्छा दिन था क्योंकि उनकी मुलाकात राहुल गाँधी से हुई।

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने राहुल गाँधी के साथ वाली वीडियो भी साझा की। इसमें वे उनके साथ चलते, उन्हें गले लगाते, उन्हें चूमते दिख रही हैं।

इन वीडियोज और तस्वीरों से ये साफ होता है कि राहुल गाँधी की मुलाकात यात्रा के दौरान अमूल्या से नहीं हुई बल्कि मीवा से हुई। वह उस केरल स्टूडेंट यूनियन की छात्र नेता हैं जो कि कॉन्ग्रेस की छात्र ईकाई है। केसीयू की स्थापना 1957 में हुई थी।

हिंदूफोबिक पादरी से राहुल गाँधी की मुलाकात

बता दें कि राहुल गाँधी अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान इससे पहले हिंदूफोबिक पादरी जॉर्ज पोन्नैया से मिले थे। वहाँ उनके मुँह पर पादरी हिंदू धर्म को अपमानित करता रहा, लेकिन उन्होंने एक शब्द नहीं कहा। ऐसे में जब सोशल मीडिया पर फेक दावा होना शुरू हुआ कि ये लड़की अमूल्या है तो लोगों को ज्यादा हैरानी नहीं हुई। लोग मान बैठे कि जब हिंदूफोबिक पादरी से राहुल धर्म का ज्ञान ले सकते हैं तो फिर देशविरोधी नारेबाजी करने वाली लड़की को लगाना अचंभित करने वाला नहीं है।

PFI के निशाने पर थी PM मोदी की पटना रैली, हिंसा के लिए ट्रेनिंग कैंप भी बनाया था: देश भर में आतंक के लिए कट्टरपंथी संगठन ने जुटाए थे ₹120 करोड़

कट्टरपंथी संगठन PFI के निशाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे। बिहार की राजधानी पटना में उनकी रैली पर हमले की साजिश रची जा रही थी। ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ के गिरफ्तार सदस्यों से पूछताछ के दौरान ये खुलासा हुआ है। 12 जुलाई, 2022 (मंगलवार) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार विधानसभा के शताब्दी समरोह में पहुँचे थे। उस समय राज्य में नीतीश कुमार की जदयू और भाजपा के गठबंधन की सरकारी थी।

ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने PFI नेता सफीके पाएथ से पूछताछ के बाद ये खुलासा किया है। संगठन ने इसके लिए एक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया था, जिसमें ट्रेनिंग दी गई थी कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में कैसे हिंसा करनी है। साथ ही पोस्टरों-बैनरों के साथ कार्यक्रम को बाधित करने के लिए भी साजिश रची गई थी। आतंक की फंडिंग के लिए संगठन ने पिछले कुछ वर्षों में 120 करोड़ रुपए जुटाए थे, जिनमें से अधिकतर रकम कैश में थी।

इस रकम से देश भर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जाना था। कई राज्यों और यहाँ तक कि विदेश से भी इसके लिए धन आया था। 15 राज्यों के 93 ठिकानों पर छापेमारी के बाद पुलिस और जाँच एजेंसियाँ इस संगठन की कमर तोड़ने में लगी हुई है। ED के साथ-साथ ‘राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA)’ और कई राज्यों की पुलिस इसमें शामिल है। अब तक इसके 106 कार्यकर्ता गिरफ्तार किए जा चुके हैं। NIA ने आतंकी गतिविधियों को लेकर संगठन के खिलाफ 5 मामले दर्ज किए हैं।

अक्टूबर 2013 में भाजपा के तत्कालीन प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की पटना में हुई रैली के दौरान बिहार की राजधानी में हुए सिलसिलेवार बम ब्लास्ट की घटनाएँ आज भी लोगों के जेहन में ताज़ा हैं। ‘इंडियन मुजाहिद्दीन’ और सिमी के आतंकियों ने इसे अंजाम दिया था। सिमी के कई लोग आज PFI में शामिल हैं। दिल्ली से संगठन के नेताओं परवेज अहमद, मोहम्मद इलियास और अब्दुल मुकीत को गिरफ्तार किया गया है। कट्टरपंथी संगठन के खिलाफ 2018 से ही मनी लॉन्ड्रिंग का मामला चल रहा है।

‘हर अवैध रिजॉर्ट पर करो कार्रवाई’: अंकिता हत्याकांड के बाद CM धामी सख्त, बुलडोजर भेज आरोपित का रिजॉर्ट गिरवाया; Video

उत्तराखंड के ऋषिकेश की चिल्ला नहर से अंकिता भंडारी का शव बरामद हो गया है। पुलिस ने इस मामले में 3 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा पुलकित आर्य भी शामिल है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उनके कहने पर पुलकित आर्य के रिजॉर्ट पर कल रात बुलडोजर भी चला।

समाचार एजेंसी एएनआई ने देर रात रिजॉर्ट पर हुई कार्रवाई की वीडियो शेयर की है। वहीं सीएम पुष्कर सिंह धामी के विशेष प्रधान सचिव अभिनव कुमार के हवाले से बताया कि अंकिता भंडारी की कथित तौर पर हत्या करने वाले पुलकित आर्य के स्वामित्व वाले ऋषिकेश के वनतारा रिजॉर्ट को उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी के आदेश पर तोड़ा जा रहा है।

इस कार्रवाई के अलावा सीएम धामी ने उत्तराखंड के सभी रिजॉर्ट की जाँच करने के निर्देश दिए। उनके ट्विटर पर बताया गया कि मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जो रिजॉर्ट अवैध बने हैं या अवैधानिक रूप से संचालित हैं उनके विरुद्ध तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही प्रदेश में बने हर होटल, रिजॉर्ट, गेस्ट हाउस में काम करने वाले कर्मचारियों से उनकी स्थिति के बारे में पूछा जाए और शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए।

क्या है पूरा मामला

बता दें कि उत्तराखंड के ऋषिकेश की रहने वाली अंकिता भंडारी पिछले 5 दिनों से लापता थीं। वह पुलकित आर्य के रिजार्ट में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी करती थीं। कथिततौर पर यहाँ उन्हें एक्स्ट्रा सर्विस देने को कहा गया था लेकिन जब उन्होंने बात नहीं मानी तो उनकी हत्या कर दी गई। इस हत्या मामले में पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें रिजॉर्ट के संचालक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट कर कहा कि इस हृदय विदारक घटना से मन अत्यंत व्यथित है। उन्होंने आगे कहा, “दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने हेतु पुलिस उपमहानिरीक्षक पी रेणुका देवी जी के नेतृत्व में SIT का गठन कर इस गंभीर मामले की गहराई से जाँच के भी आदेश दे दिए हैं।”

महिलाओं पर जुल्म करने वालों को योगी सरकार नहीं करेगी बर्दाश्त, ‘अग्रिम जमानत’ रोकने के लिए UP विधानसभा में विधेयक पास

उत्तर प्रदेश में महिलाओं पर हो रहे गंभीर अपराधों पर रोक लगाने के लिए प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने यूपी विधानसभा में एक विधेयक पास किया है। इस विधेयक के तहत अब इस तरह के आरोपितों को अग्रिम जमानत नहीं दी जाएगी जो महिलाओं और बच्चों पर अत्याचार करते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल पर यूपी विधानसभा में पेश किए गए इस बिल में महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराध करने वाले आरोपितों की अग्रिम जमानत खत्म करने का प्रस्ताव है। विधेयक सीआरपीसी (दंड प्रक्रिया संहिता) के प्रावधानों में बदलाव व संशोधन करना चाहता है।

बता दें कि इस विधेयक को योगी सरकार ने गुरुवार (22 सितंबर 2022) को विधानसभा में पेश किया था। विधेयक के मुताबिक, संशोधन के बाद यह प्रावधान होगा कि महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराध जैसे बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, यौन दुराचार के आरोपितों को अग्रिम जमानत नहीं मिल सकेगी। पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज आरोपितों को भी अग्रिम जमानत नहीं दी जाएगी।

जानकारी के अनुसार संशोधन विधेयक दंड प्रक्रिया संहिता और पॉक्सो अधिनियम की धारा 438 में बदलाव करने का प्रयास है। यूपी सरकार ने संशोधन विधेयक का प्रस्ताव देते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होते अपराधों में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत यह कदम उठाया गया है।

विधेयक में कहा गया, “महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होते अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के अनुसरण में यौन अपराधों में सबूतों का त्वरित संग्रह सुनिश्चित करने के लिए, ऐसे सबूतों को नष्ट होने से रोकने के लिए, सबूतों के विनाश की संभावना को कम करने और आरोपित को पीड़ित/गवाहों में भय पैदा करने से रोकने के लिए,  दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 438 में संशोधन करने का निर्णय लिया गया है।”

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया, “महिलाओं से दुष्कर्म और बच्चों पर यौन हमलों वाले गंभीर अपराधों के प्रति वर्तमान कानून को और ज्यादा सख्त कठोर कर दिया गया है। दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के मकसद से इससे संबंधित अपराध की धाराओं में संशोधन किया गया है। अब ऐसे अपराधों में लिप्त अपराधियों की अग्रिम जमानत की व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है।”

24 घंटे से ज्यादा हैक रहा गुजरात कॉन्ग्रेस का ट्विटर अकॉउंट: अलग-अलग ट्वीट भी हुए, वापस लौटने पर सब डिलीट

गुजरात में विधानसभा चुनावों से पहले प्रदेश कॉन्ग्रेस का ट्विटर अकॉउंट हैक हो गया। इस बात की जानकारी पार्टी ने खुद अकॉउंट ठीक होने पर ट्वीट करके दी। गुजरात कॉन्ग्रेस के ट्विटर हैंडल से बताया गया कि किसी ने राजनैतिश मंशा से उनके अकॉउंट को हैक किया था। लेकिन तकनीकी टीम की मेहनत से अकॉउंट को दोबारा प्राप्त कर लिया गया है।

गुजरात कॉन्ग्रेस ने ट्विटर अकॉउंट सही होने के बाद लिखा- “We are back (हम वापस आ गए हैं)।” आगे बताया गया, “किसी ने राजनीतिक मंशा से गुजरात कॉन्ग्रेस का ट्विटर अकाउंट हैक कर लिया था। लेकिन हमारी तकनीकी टीम की मेहनत से गुजरात कॉन्ग्रेस का ट्विटर अकाउंट फिर से शुरू हो गया है। हम सड़कों पर, संसद में और सोशल मीडिया पर लोगों की आवाज उठाते रहे हैं और उठाते रहेंगे।”

कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, गुजरात कॉन्ग्रेस का ट्विटर हैक किए जाने के बाद अलग-अलग ट्वीट भी किए गए थे जिसे अकॉउंट ठीक होने के बाद हटा दिया गया। कथिततौर पर अकॉउंट 24 घंटों से ज्यादा के लिए हैक था। इस बीच पार्टी ने इस मसले को खूब भुनाया और शिकायत करने की धमकी भी दी।

कॉन्ग्रेस के सोशल मीडिया अध्यक्ष केयूर शाह ने इस प्रकार अकॉउंट हैक किए जाने को लेकर कहा कि गुजरात में कॉन्ग्रेस सोशल मीडिया के जरिए अच्छा प्रदर्शन कर रही है। इसलिए आवाज को रोकने के लिए ऐसा किया गया है। अगर जाँच में कोई राजनैतिक कोण निकल कर आया तो इसकी शिकायत की जाएगी।

7 साल की बच्ची को सोते में ही उठा ले गया सद्दाम, घर पर चाकुओं से गोदकर मारा, पुलिस को कहा- ‘मुझे अच्छी लगती थी वो’

मध्य प्रदेश के इंदौर में 7 साल की मासूम के साथ हैवानियत का मामला सामने आया है। वहाँ, सद्दाम नामक व्यक्ति ने मासूम बच्ची को चाकुओं से गोदकर मौत के घाट उतार दिया। स्थानीय लोगों ने आरोपित को पकड़कर पुलिस के हवाले किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, इंदौर के आजाद नगर में रहने वाली 7 साल की मासूम बच्ची अपनी माँ की मौत के बाद नाना के यहाँ रह रही थी। पड़ोस में रहने वाला सद्दाम शुक्रवार (23 सितंबर 2022) की सुबह उसको उठाकर अपने घर ले गया था। इस दौरान, जब वह काफी देर तक नहीं दिखी तब उसके घरवालों ने खोजना शुरू किया।

बच्ची की तलाश कर रहे परिजनों को मोहल्ले वालों ने बताया कि बच्ची को सद्दाम के साथ देखा था। इसके बाद, बच्ची के परिजन समेत कई लोग सद्दाम के घर पहुँच गए। काफी देर तक आवाज लगाने के बाद भी सद्दाम घर का गेट खोलने के लिए तैयार नहीं हुआ।

घरवाले चिल्लाते रहे- ‘सद्दाम बच्ची को छोड़ दो।’ लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी। आखिर में स्थानीय लोगों ने मिलकर सद्दाम के घर का गेट तोड़ा तो उन्होंने देखा कि बच्ची खून से लथपथ है। सद्दाम उसकी हत्या कर चुका है।

घटना के बाद जब शव को पोस्‍टमार्टम के बाद घर लाया जा रहा था तब गुस्साए लोगों ने आजाद नगर थाने के बाहर पथराव कर दिया। भारी भीड़ के चलते लोगों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा। लोग जाने को तैयार नहीं थे तब पुलिस के समझाने और कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद लोग शांत हुए।

मासूम बच्ची की हत्या के आरोपित सद्दाम की गिरफ्तारी के बाद नगर निगम भी सक्रिय नजर आया और 5 घण्टे के अंदर ही आरोपित का घर तोड़ दिया गया है।

इस मामले में एडीसीपी जोन-1 जयवीर सिंह भदौरिया का कहना है कि आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित के परिजनों का कहना है कि सद्दाम विक्षिप्त है। हालाँकि, अभी तक पुलिस को उसका मेडिकल प्रमाण पत्र नहीं मिला है। पुलिस की पूछताछ में आरोपित सद्दाम बहकी हुई बात कर रहा है। वो कभी कहता है कि 5 साल की वो छोटी बच्ची उसे अच्छी लगती थी, तो कभी कहता है कि उसको नहीं पता कि उसने बच्ची को क्यों मारा।