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‘गद्दार, गिरगिट, झूठा’ : गुलाम नबी आजाद के ‘आर्टिकल 370’ वाले बयान के बाद भड़का आतंकी संगठन TRF, पोस्टर जारी कर दी धमकी

जम्मू और कश्मीर की राजनीति के सबसे चर्चित चेहरों में से एक गुलाम नबी आजाद को एक आतंकवादी संगठन द्वारा कथित तौर पर धमकी देने की बात सामने आई है। यह धमकी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े समूह रेसिसटेंस फ्रंट टेरर (TRF) ने दी है। बताया जा रहा है कि इस धमकी में आतंकी समूह ने भारत के गृह मंत्री अमित शाह का भी जी जिक्र किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पूर्व कॉन्ग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद जम्मू और कश्मीर में नई पार्टी के गठन की तैयारी में लगे हुए हैं। वह मिशन कश्मीर के हिस्से के रूप में रैलियाँ निकालने वाले हैं, लेकिन इससे पहले ही उन्हें आतंकवादियों द्वारा धमकी दी जा रही है। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े समूह रेसिसटेंस फ्रंट टेरर ने सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर आजाद को धमकाया है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक इस धमकी भरे पोस्टर में लिखा गया है, “गद्दार के दिल में कोई वफादारी नहीं होती, केवल खुद को भरोसेमंद दिखाने का झूठा नाटक होता है।” वहीं इस पोस्टर के माध्यम से गुलाम नबी आजाद को ‘राजनीतिक गिरगिट’ भी बताया गया है। इसके अलावा पोस्टर में यह भी दावा किया गया है कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी।

अनुच्छेद 370 पर दिया था बयान

गौरलतब है की हाल ही में गुलाम नबी आजाद ने वर्ष 2019 में केंद्र सरकार द्वारा हटाए गए अनुच्छेद 370 पर एक बड़ा बयान जारी किया था। उन्होंने कहा, “मैं या कॉन्ग्रेस पार्टी या तीन क्षेत्रीय दल आपको अनुच्छेद 370 वापस नहीं दे सकते न ही ममता बनर्जी, न ही डीएमके और न ही शरद पवार।” उनके मुताबिक वे तो क्या कोई भी आर्टिकल 370 को वापस नहीं दिला सकता है।

बता दें उन्होंने यह बयान रविवार (11 सितंबर 2022) को उत्तरी कश्मीर के बारामूला में एक जनसभा को संबोधित करते हुए दिया था। गुलाम ने कहा, “कुछ लोग कह रहे हैं कि मैं अनुच्छेद 370 के बारे में बात नहीं करता हूँ। मैं उन्हें बताना चाहता हूँ कि आजाद चुनावी फायदे के लिए लोगों को बेवकूफ नहीं बनाते हैं। अनुच्छेद 370 को बहाल करने के लिए लोकसभा में लगभग 350 वोटों की आवश्यकता होगी, जबकि राज्यसभा में 175 वोटों की आवश्यकता होगी। यह एक संख्या है जो किसी भी राजनीतिक दल के पास नहीं है या कभी भी मिलने की संभावना नहीं है।”

‘₹10 करोड़ लगाए ₹150 करोड़ कमाए’: शराब घोटाले में बुरी फँसी AAP, 9वें आरोपित का दावा- धंधे के लिए केजरीवाल को भेजे गए पैसे

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की नेतृत्व वाली दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार पर लगे शराब घोटाले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। भाजपा ने इस घोटाले के आरोपित नंबर 9 अमित अरोड़ा का एक वीडियो जारी है। भाजपा इसे स्टिंग ऑपरेशन बता रही है, जिसमें आरोपित शराब घोटाले के बारे में लोगों को बता रहा है।

इस आरोपित सामने वाले शख्स को बता रहा है कि दिल्ली सरकार की शराब पॉलिसी से किन-किन लोगों को लाभ पहुँचाने की कोशिश की गई और यह कैसे-कैसे अंजाम दिया गया। इसमें शख्स ने विस्तार से बताया है। उसने बताया कि इसमें आम आदमी पार्टी के नेताओं को कई सौ करोड़ रुपए का लाभ पहुँचा है। शख्स ने कहा कि जिनको फायदा पहुँचा है, उन सभी ने अरविंद केजरीवाल को पैसे दिए हैं। किसी ने 100 करोड़ दिए, किसी ने 60 करोड़ दिए तो किसी ने 30 करोड़।

वीडियो मे अमित अरोड़ा बताया जा रहा शख्स कहता है, “देखो जी ऐसा है, इंडो स्पिरिट वाला तो 100 करोड़ रुपए एडवांस देकर बैठे थे। वो तो कहते थे कि 100 रुपए की ज्वॉइनिंग की है। वो सबको बोलते थे कि सबसे बड़ा धंधा उसी के पास था। अब 100 रुपए की ज्वॉइनिंग में भी एक ये भी ब्लैक एंड ह्वाइट करने का धंधा है। भाई आज आप 100 रुपया किसी को एडवांस में किसी को दे दो और जब वापस मिलेगा तो सब ह्वाइट में। जो कैश दे रहा है वो तो ब्लैक को ह्वाइट ही कर रहा है। मैंने कैश दे दिया और आपने फिक्स मार्जिन दे दिया। उसके बाद अमन डल जो 60-70 करोड़ मार्केट में है, वो उसने दिए। क्योंकि, हर आदमी बोलता था कि हमें भी धंधा दे दो। वो इतने में दे देंगे किसी को। इतने पैसे देने की किसी की हिम्मत नहीं है। अब हमारे पास कहाँ से आ जाएँगे इतने पैसे?”

वीडियो में दिख रहा शख्स आगे कहता है, “ऐसे ही ये महादेव लिक्वर है। महादेव लिक्वर ने भी इतने ही पैसे दिए, 50 करोड़ रुपए। इसके बिना धंधा नहीं मिल सकता। वैसे ही वो दिवांस स्पिरिट है। उसका धंधा इनसे थोड़ा सा था तो उसने 30 करोड़ रुपए दिए। अमन डल और अनंत वाइन्स, दो आदमियों को 10,000 करोड़ रुपए का धंधा दिया गया। ये दो आदमियों को ही क्यों दिए गए? कंप्टीशन तो कस्टमर के अच्छी बात है। आज की डेट में अमन डल, प्रिंटको और अनंत पंजाब में किसी का धंधा बंद करवा सकते हैं। जिसको ये माल ना दें, उसकी दुकान बंद हो जाएगी। वो बेचारा पैसे देकर मर जाएगा।”

शख्स आगे कहता है, “पंजाब के किसी भी रिटेलर से जो बताने की हिम्मत करेगा, उससे पूछ पूछ लो। इसमें मेरा नाम इसलिए क्योंकि मैं रिटेलर हूँ और मैं दिनेश अरोड़ा को जानता था। मेरे को लोग दिनेश अरोड़ा बोलते हैं, लेकिन मेरा नाम अमित अरोड़ा है। मुझे एक परसेंट का भी धंधा नहीं मिला। मेरे पास रिटेल का धंधा है, जो मुझे हाईकोर्ट से मिला है। अब मेरा नाम डाल दिया। जब मेरा नाम डाल दिया तो मैंने इन्क्वायरी ज्वॉइन कर ली। पॉलिसी बनाने में सारा काम विजय नायर का था, समीर महेंद्रू का था, अमन डल का था, मैडम चड्ढा का था और एक अरुण पिल्लई थे।”

इस घोटाले में शामिल लोगों के नाम लेते हुए वह शख्स आगे कहता है, “ये जो अमन डल है वो ब्रिंडको का है और जो समीर महेंद्रू है वो इंडो स्पिरिट है, मैडम चड्ढा महादेव लिक्वर है। अगर कोई बंदा ड्रग्स भी बेचे तो इतना धंधा ना कमा पाए। 10 करोड़ रुपए लगाए हैं और 150-150 करोड़ रुपए कमाए हैं अभी तक। ये सिर्फ पैसा कमाने का तरीका नहीं था, ये एक और तरीका था। क्या किया का 100 करोड़ रुपए एडवांस दे दिया कैश में। इन्होंने 100 करोड़ रुपए लगा दिए इलेक्शन में कहीं भी। अब वो पैसा जब वापस आ रहा है तो… पहली पॉलिसी ऐसी है जिसके अंदर लिखा है कि इस पैसे का आपको 12 परसेंट देना ही पड़ेगा। ऐसा धंधा तो मैंने जिंदगी में नहीं देखा।”

अमित अरोड़ा के अनुसार, “अगर ये चलता रहता तो ये हजारों करोड़ रुपए का फ्रॉड था। ये तो बीच में पता चल गया। ये इतना ओपन फ्रॉड था कि एक्साइज के चपरासी को भी पता था कि क्या हो रहा है। इन्होंने क्या कि दुनिया के सारे लोगों को मार दिया और कुछ लोगों को जिंदा कर दिया। सारे पुराने रिटेलर को मार दिए। पहले 10 लाख रुपए में होलसेल का लाइसेंस था। इन्होंने पाँच करोड़ का कर दिया। पूरे हिंदुस्तान में 5 करोड़ रुपए का लाइसेेंस कहीं भी नहीं है। क्यों कर दिया ऐसा, ताकि छोटा प्लेयर एक्जिस्ट ही ना करे। पूरा दिल्ली के लिक्वर का बिजनेस 15 हजार करोड़ रुपए का है और प्लान ये था कि सारा बिजनेस इन चारों के पास आ जाए।”

दिल्ली सरकार पर आरोप लगाते हुए वह शख्स कहता है, “इनको किसी रिटेलर से पैसे नहीं मिल रहे थे। इनको पैसे मिल रहे थे होलसेल से। ये चाहते थे बहुत सारे होलसेल। इन्होंने यहाँ फिक्स किया कि जितनी मर्जी दारू बेचो, कोई कोटा फिक्स नहीं। ये जो 12 परसेेंट का कमीशन था, इनमें इनको 6 परसेंट मिलता था। इन्होंने ओबेरॉय होटल में बैठ के, लोधी होटल में बैठ के इन सबने पॉलिसी बनाई। इसके बाद इन्होंने 6 परसेंट का गेम खेला। इसमें 4-5 सौ करोड़ रुपए तो बनाया ही गया होगा।”

भाजपा ने लगाया आरोप

वीडियो को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु द्विवेदी ने गुरुवार (15 सितंबर 2022) को कहा कि नई राजनीति शुरू करने वालों की शराब पुरानी होने के साथ उनका असली चेहरा सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि इसके पहले भी एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दिल्ली सरकार की पोल खोली गई थी।

वहीं, दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के प्रत्येक काम में भ्रष्टाचार और अपने लोगों को लाभ होता है। दिल्ली के राजस्व को हानि पहुँचाकर 15,000 करोड़ की शराब की बिक्री होती थी। 165 प्रतिशत राजस्व को घटाकर एक प्रतिशत कर दिया गया।

गुप्ता ने कहा कि इससे पहले स्टिंग में स्पष्ट था कि किस तरह से दो प्रतिशत से कमीशन बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया, ताकि 6 प्रतिशत आम आदमी पार्टी के नेताओं को मिले। उन्होंने कहा कि शराब के ठेके उन ठेकेदारों को दिए गए, जो काली सूची में शामिल हैं। दिल्ली के बाद पंजाब में भी यही मॉडल अपनाया गया। दो कंपनियों को पूरे राज्य का ठेका दिया गया।

भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूंजीपति मित्रों के लाभ के लिए होटल में बैठकर नई आबकारी नीति बनाई। ठेकेदारों से छह प्रतिशत कमीशन एडवांस ले लिया गया और उन्हें फायदा पहुँचाया गया। इतना ही नहीं, काले धंधे का पैसा सफेद किया गया।

आम आदमी पार्टी ने आरोपों को नकारा

भाजपा के आरोपों पर आम आदमी पार्टी ने प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर, दफ्तर और पुश्तैनी घर समेत 30 से अधिक जगहों पर ED और CBI छापेमारी कर चुकी है। इन एजेंसियों को यहाँ कुछ नहीं मिला। अगर सबूत मिलता तो वह मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार कर लेता।

आम आदमी पार्टी का कहना है कि गुजरात में पार्टी की लोकप्रियता से भाजपा घबरा गई है। इसलिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करके आम आदमी पार्टी के नेताओं अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को परेशान किया जा रहा है। 

‘मैंने अंडरवियर पहना था, तस्वीर से की गई छेड़छाड़’ : रणवीर सिंह ने ‘न्यूड फोटोशूट’ पर दी पुलिस को सफाई, अब ‘प्राइवेट पार्ट’ वाली फोटो की होगी जाँच

बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह ने अपने विवादित फोटोशूट को लेकर पुलिस में 29 अगस्त 2022 को बयान दिया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उनकी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ हुई है। एक्टर की मानें तो उन्होंने फोटो शूट के दौरान अंडरवियर पहना हुआ था, लेकिन लोगों ने उसके साथ छेड़छाड़ की।

बता दें कि अभिनेता के खिलाफ 26 जुलाई को मुंबई पुलिस में अश्लीलता फैलाने के आरोप में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसी संबंध में रणवीर सिंह ने मुंबई पुलिस को यह बताया कि जो तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, वह फोटो उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड की गई सात तस्वीरों का हिस्सा नहीं थी।

बताया जा रहा है की पुलिस ने अभिनेता के इस बयान के बाद उस तस्वीर को जाँच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब में भेज दिया है, जिसके आधार पर एक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि अपने बयान में रणवीर सिंह ने कहा है कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर जो सात फोटो पोस्ट की थीं, वो अश्लील नहीं थीं और उन्होंने अंडरवियर पहन रखा था। अभिनेता ने यह भी कहा कि जिस तस्वीर में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि एक्टर के ‘प्राइवेट पार्ट दिखाई दे रहे थे’, वो उस फोटोशूट का हिस्सा नहीं था। इस दौरान रणवीर ने पुलिस को फोटोशूट के दौरान ली गई सभी तस्वीरें भी सौंपी।

प्राप्त जानकारियों के मुताबिक रणवीर सिंह ने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीरों में से एक, न्यूयॉर्क स्थित पेपर मैगजीन के ‘न्यूड फोटोशूट’ का हिस्सा है। बताया यह भी जा रहा है कि अब जाँच के बाद यदि ये साबित होता है कि रणवीर की उस फोटो के साथ छेड़छाड़ की गई है, जिसमें कथित तौर पर उनका प्राइवेट पार्ट दिखाई दे रहा है। तो फिर एक्टर को क्लीन चिट मिल सकती है।

न्यूड फोटोशूट पर मचा बवाल

गौरतलब है कि जुलाई महीने में एक पेपर मैगज़ीन के लिए रणवीर सिंह ने एक फोटोशूट करवाया था। इसी फोटोशूट की तस्वीरें वायरल होने के बाद जगह-जगह बवाल हुआ था। मीडिया से लेकर सोशल मीडिया पर बहस होने लगी थी। भारतीय संस्कृति का हवाला देते हुए श्याम मंगाराम फाउंडेशन नामक गैर-सरकारी संस्था ने मुंबई के चेम्बूर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई थी और कई जगह एक्टर का विरोध हुआ था।

कानपुर: हाईवे चौड़ीकरण में बाधा बनी मजार पर चला प्रशासन का बुलडोजर, UP पुलिस मौके पर मौजूद, ग्रामीण भी शांत रहे

उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ से कानपुर तक जीटी रोड (GT Road from Aligarh to Kanpur) के चौड़ीकरण का काम चल रहा है। बुधवार (15 सितंबर 2022) को चौबेपुर और शिवराजपुर के बीच एक मजार पर कानपुर पुलिस और प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। बताया जा रहा है कि यह मजार हाईवे चौड़ीकरण में बाधा बन रही थी।

दरअसल, अलीगढ़ और कानपुर को जोड़ने वाले सिक्स लेन हाईवे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। एनएचएआई (NHAI) ने अक्टूबर 2023 तक इस काम को खत्म करने की योजना बनाई है। चौबेपुर और शिवराजपुर (Chaubepur and Shivrajpur) के बीच स्थित मरियानी गाँव में एक मजार (Mazaar) हाईवे निर्माण में बाधा बन रही थी। प्रशासन दो महीने से इसे हटाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन गाँव के लोग इसका विरोध कर रहे थे।

बिल्हौर एसडीएम अलका लांबा (Bilhaur SDM Alka Lamba) की अगुवाई में बुधवार (14 सितंबर 2022) को मजहबी स्थल के संरक्षक को बुलाया गया। उनकी मौजूदगी में मजार को शांतिपूर्वक तरीके से हटाया गया। इस दौरान भारी पुलिस बल मौजूद रहा। एसडीएम ने कहा कि मजार (Mazaar) को हटाने को लेकर किसी भी तरह से कानून-व्यवस्था नहीं बिगड़ी है।

बता दें कि दो महीने पहले मजार को गिराने का प्रयास किया गया था। संबंधित समुदाय के लोगों ने इसे हटाने को लेकर काफी विरोध किया था। वे नहीं चाहते थे कि हाईवे के चौड़ीकरण के लिए इस मजार (Mazaar) को गिराया जाए। इसके बाद कुछ समय तक के लिए जीटी रोड को चौड़ा करने का काम रोक दिया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि मजार का निर्माण पचास साल पहले किया गया था। लेकिन इस बार प्रशासन ने बैठक कर हाईवे निर्माण में बाधा बन रही मजार को हटाने की योजना बनाई थी। एएसपी आउटर विजेंद्र द्विवेदी (ASP Outer Vijendra Dwivedi) और एसडीएम अलका लांबा ने संरक्षक से मुलाकात कर उन्हें मजार गिराने की बात से अवगत कराया। इसके बाद उन्होंने बिना किसी आपत्ति के इसे गिराने की अनुमति दे दी।

उस पाकिस्तानी अंपायर का हार्ट अटैक, जिसने भारतीय मॉडल से किया था 15 बार सेक्स: मैच फिक्सिंग के बाद लाहौर में चलाते थे जूते-चप्पल की दुकान

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के एलिट पैनल में शामिल पाकिस्तान के अंपायर असद रऊफ (Asad Rauf) का दिल का दौरा पड़ने से 66 साल की उम्र में निधन हो गया। असद पर एक भारतीय मॉडल ने 15 बार सेक्स करने का आरोप लगाया था। मैच फिक्सिंग में दोषी पाए जाने के बाद असद लाहौर में कपड़े-जूते की दुकान चलाकर अपना गुजारा करते थे।

रऊफ के निधन की जानकारी उनके भाई ताहिर रऊफ ने दी। ताहिर ने बताया कि असद बुधवार (14 सितंबर 2022) को लाहौर के लांडा बाजार स्थित अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे। उसी दौरान उनके सीने में दर्द उठा और उनकी मौत हो गई।

मैच फिक्सिंग में दोषी

रऊफ ने 64 टेस्ट (ऑन-फील्ड अंपायर के रूप में 49 और टीवी अंपायर के रूप में 15), 139 एकदिवसीय और 28 T20 इंटरनेशनल मैचों में अंपायरिंग की थी। साल 2006 में उन्हें ICC के एलीट पैनल में पदोन्नत किया गया था और अगले सात वर्षों में वे विश्व प्रमुख अंपायरों में से एक बन गए थे।

हालाँकि, साल 2013 के IPL के दौरान सट्टेबाजों से महंगे उपहार लेने और मैच फिक्सिंग के आरोपों में दोषी पाए जाने के बाद रऊफ को साल 2016 में BCCI ने पाँच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था।

मॉडल का यौन शोषण

भारतीय मॉडल लीना कपूर ने असद रउफ पर यौन शोषण का आरोप लगाया था और कहा था कि रऊफ ने शादी का झाँसा देकर उनके साथ क्रिकेट दौरे के वक्त 15 बार सेक्स किया था। साल 2012 में मुंबई पुलिस में दी गई अपनी शिकायत में लीना कपूर ने कहा था कि एक दोस्त के जरिए श्रीलंका में दोनों की मुलाकात हुई थी। इसके बाद दोनों साथ रहने लगे थे।

लीना ने अपनी शिकायत में कहा था कि श्रीलंका में तीन दिन तक दोनों होटल के एक ही कमरे में ठहरे थे। इसके बाद मुंबई के लोखंडवाला अपार्टमेंट में सात दिन साथ-साथ रहे। इस दौरान रउफ ने उनके साथ 6 बार सेक्स किया। IPL मैच के दौरान दोनों दिल्ली और पुणे में भी चार दिन तक साथ रहे। इस दौरान रऊफ ने 6 बार शारीरिक संबंध बनाए थे।

मॉडल ने आरोप लगाया था कि रऊफ ने शादी का झाँसा देकर उन्हें भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल किया था। रऊफ ने ऐसा तब किया, जबकि पाकिस्तान में पहले से ही उनकी एक पत्नी और दो बच्चे थे। लीना ने यह भी आरोप लगाया था कि रऊफ ने उसे शादी के साथ ही घर और कार दिलाने का भी झाँसा दिया था। बाद में वे शादी से मुकर गए थे।

जूते-चप्पल और कपड़े की दुकान

कभी विश्व के प्रमुख अंपायर रहे असद रऊफ पर मॉडल का यौन शोषण के साथ-साथ IPL 2013 क्रिकेट मैच में फिक्सिंग का आरोप लगा था। इसके बाद BCCI की जाँच कमिटी ने उन्हें दोषी पाते हुए उन पर प्रतिबंध लगा दिया था।

पाँच साल के प्रतिबंध के बाद रऊफ का करियर खत्म हो गया। इसके बाद उन्होंने लाहौर के लांडा बाजार में एक दुकान चलाने लगे। यह दुकान जूते-चप्पल और कपड़े की थी। इसी से वे अपने परिवार और अपने स्टाफ के परिवार का गुजारा करते थे। उन्होंने कहा था कि वे अपने करियर के पीक पर गए और अब दुकानदारी के पीक पर जाना है।

तब उन्होंने कहा था कि अब वो क्रिकेट मैच नहीं देखते और ना ही उनकी अब इसमें रुचि रह गई है। उन्होंने कहा था, “जब सारी उम्र मैंने खुद ही खेला दिए तो अब देखना किसको है। मैंने 2013 के बाद क्रिकेट से बिलकुल ही तौबा कर ली है, क्योंकि जो काम छोड़ता हूँ उसको छोड़ ही देता हूँ।”

दुकान चलाने को लेकर उन्होंने कहा था वो दुकान अपने लिए नहीं, अपने स्टाफ के लोगों के लिए चला रहे हैं ताकि उनकी रोजी-रोटी चल सके। उन्होंने कहा कि अब वे और उनकी पत्नी पाँच वक्त की नमाज पढ़ते हैं। उनका एक बेटा दिव्यांग है और दूसरा अमेरिका से पढ़ाई पूरी कर लौटा है।

ईसाई लड़की से प्यार करता था हिंदू लड़का, 4 चर्च से भीड़ आई और मार डाला… क्योंकि धर्म परिवर्तन से कर दिया इनकार

असम के लखीमपुर जिले (Lakhimpur of Assam) से एक हिंदू लड़के की बेरहमी से हत्या करने का मामला सामने आया है। हत्या भी सिर्फ इसलिए क्योंकि वो एक ईसाई लड़की से प्यार करता था। यह घटना कोइलामारी बलिजन (Koilamari Balijan) इलाके की है। 23 वर्षीय युवक बिकी बिशाल (Biki Bishal) का शव 12 सितंबर 2022 को एक पेड़ से लटका हुआ मिला।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनजातीय युवक बिकी बिशाल (Biki Bishal) एक ईसाई लड़की से प्यार करता था और बिना धर्म परिवर्तन किए उससे शादी करना चाहता था। इसको लेकर कट्टरपंथी ईसाइयों की भीड़ ने लड़के को मौत के घाट उतार दिया और बाद में उसका शव एक पेड़ से लटका दिया।

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, असम के लखीमपुर जिले में स्थित चार चर्चों के ईसाई कार्यकर्ताओं ने इस पूरे घटना को अंजाम दिया। इन्हीं लोगों ने बिकी बिशाल को उसके घर से घसीटते हुए बाहर खींचा और पीट-पीट कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।

मानवाधिकार संस्था Legal Rights Observatory ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए पुलिस और स्थानीय अधिकारियों को घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा।

बिकी बिशाल और ईसाई समुदाय की लड़की एक-दूसरे से प्यार करते थे और शादी करना चाहते थे। लड़की भी बिकी बिशाल के घर पर रहने के लिए चली गई थी।

बताया जा रहा है कि जैसे ही स्थानीय चर्च के कार्यकर्ताओं को इसके बारे में पता चला, वह बिशाल के घर के बाहर जमा हो गए और उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। उन्होंने लड़की को उसके घर से बाहर निकाला और लड़के को ईसाई धर्म अपनाने या फिर युवती के साथ सभी संबंध तोड़ने का विकल्प दिया।

जब बिशाल ने ईसाई धर्म अपनाने इनकार कर दिया, तो गुस्साई भीड़ ने उसके घर में तोड़फोड़ की और बेरहमी से पीट-पीट कर उसकी हत्या कर दी। बाद में लड़के का शव पेड़ से लटका मिला। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है।

अरमान अंसारी ने नाबालिग को बनाया हवस का शिकार

बता दें कि झारखंड के दुमका जिले में 14 वर्षीय जनजातीय लड़की का शव पेड़ से लटकाने के कुछ दिनों बाद ही बिकी बिशाल की मॉब लिंचिंग हुई। अरमान अंसारी ने 14 साल की लड़की के साथ बलात्कार कर उसका शव पेड़ से लटका दिया था।

इस मामले पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट कर बताया था कि अरमान अंसारी ने 14 वर्षीय जनजातीय लड़की के साथ बलात्कार किया और फिर उसे पेड़ पर लटका दिया। मरांडी ने अपने इस ट्वीट में यह भी पूछा था कि झारखंड में और कितनी आदिवासी युवतियाँ ऐसे दरिंदों का शिकार बनेंगी।

खालिस्तानियों ने टोरंटो के स्वामीनारायण मंदिर पर किया हमला: अंदर घुसकर तोड़फोड़, दीवारों पर लिखा- ‘खालिस्तान जिंदाबाद, हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ ; Video वायरल

टोरंटो (Toronto) में बुधवार (14 सितंबर 2022) को खालिस्तानी आतंकवादियों ने भारत विरोधी नारे लिखकर बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर (BAPS Swaminarayan Temple) में तोड़फोड़ की। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। वीडियो में मंदिर की दीवारों पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद, हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ (Khalistan Zindabad, Hindustan Murdabad) के नारे लिखे हुए दिखाई दे रहे हैं।

भारत ने इस घटना को घृणित अपराध करार देते हुए कनाडाई अधिकारियों से आरोपितों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया है। ओटावा स्थित भारतीय उच्चायोग ने गुरुवार (15 सितंबर 2022) को ट्वीट किया, “हम टोरंटो के बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर में भारत विरोधी नारे लिखे जाने की घटना की कड़ी निंदा करते हैं। कनाडा के अधिकारियों से घटना की जाँच करने और आरोपितों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने का अनुरोध करते हैं।”

ब्रैम्पटन के मेयर पैट्रिक ब्राउन (Patrick Brown, Mayor of Brampton) ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट किया, “कनाडा के GTA में इस प्रकार की घृणा का कोई स्थान नहीं है। हम उम्मीद करते हैं कि इस घटना में शामिल आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

हिंदू मंदिरों को निशाना बनाने से कनाडाई चिंतित

वहीं, कनाडाई सांसद चंद्र आर्या ने कहा, “कनाडाई हिंदू मंदिरों को निशाना बनाने वाले इस घृणित अपराध को लेकर काफी चिंतित हैं। कनाडाई खालिस्तानी चरमपंथियों द्वारा टोरंटो में BAPS स्वामीनारायण मंदिर को तोड़े जाने की सभी को निंदा करनी चाहिए। यह सिर्फ एक घटना नहीं है। कनाडा के हिंदू मंदिरों को हाल के दिनों में इस तरह के कई घृणा अपराधों का सामना करना पड़ा है।”

बता दें कि यह पहला मामला नहीं है, जब कनाडा में हिंदू मंदिरों को चरमपंथियों ने निशाना बनाया है। इस साल फरवरी में भी टोरंटो में छह हिंदू मंदिरों पर हमला किया गया था। यहाँ तक कि उपद्रवी दान पेटियों से नकदी, भगवान की मूर्तियाँ और उन्हें चढ़ाए गए आभूषण भी चोरी करके ले गए थे। मंदिरों को निशाना बनाने वाली ये घटनाएँ 15 जनवरी को जीटीए शहर के ब्रैम्पटन में श्री हनुमान मंदिर में तोड़-फोड़ के साथ शुरू हुई थी। तभी से उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया हुआ है। यही नहीं, उन्होंने 25 जनवरी, 2022 को ब्रैम्पटन में माँ चिंतपूर्णी के मंदिर को भी तोड़ दिया था।

लखीमपुर खीरी में 2 दलित बहनों की रेप+हत्या: सोहैल, आरिफ, हाफिज, करीमुद्दीन, छोटे गिरफ्तार… जुनैद को लगी पुलिस की गोली

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले में 2 दलित बहनों की रेप के बाद हत्या के आरोप में पुलिस ने अब तक कुल 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम जुनैद, सोहैल, आरिफ, हाफ़िज़, छोटे और करीमुद्दीन हैं। पुलिस से हुई मुठभेड़ में जुनैद को गोली लगी है। आरोपितों पर पीड़िता को बहला-फुसला कर खेत में ले जाने और वहाँ रेप के बाद हत्या कर देने का आरोप है। घटना बुधवार (14 सितम्बर 2022) की है।

घटना की जानकारी देते हुए खीरी के पुलिस अधीक्षक IPS संजीव सुमन ने बताया कि सभी नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक छोटू नाम के व्यक्ति ने सबसे पहले आरोपितों को लड़की से परिचित करवाया था और सभी में दोस्ती हुई थी।

SP ने आगे कहा कि दोस्ती के बाद तीनों लड़के गाँव में आकर लड़कियों को बहला-फुसला कर खेत में ले गए। बताया गया कि खेत में लड़कियों के विरोध के बाद भी उनसे शारीरिक संबंध बनाए गए तो वहाँ लड़कियाँ आरोपितों से शादी की जिद करने लगीं।

पुलिस ने आगे बताया कि शादी की जिद से नाराज हो कर आरोपितों ने लड़कियों के ही दुपट्टे से गला दबा कर उनकी हत्या कर डाली। बाद में सभी आरोपितों ने सबूत मिटाने के लिए दोनों लड़कियों की लाशों को पेड़ पर टाँग दिया।

पुलिस ने कहा कि अभी तक इतनी जानकरी प्रकाश में आई है, जिस पर आगे की जाँच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक मृतकाओं के पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की जा रही है। जाँच से निकले तथ्यों से मीडिया को अवगत करवाया जाएगा।

पुलिस प्रेस नोट

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िताओं के पोस्टमॉर्टम में महिला डॉक्टर भी मौजूद रहेंगी और इसकी वीडियोग्राफ़ी भी करवाई जाएगी। वहीं मृतकाओं की माँ के मुताबिक उनकी लड़कियों को आरोपितों ने घसीट कर बाइक पर बिठाया था।

पहचान के तौर पर मृतका की माँ ने आरोपितों को लालपुर गाँव का निवासी बताया था, जिन्होंने पीली और सफ़ेद शर्ट पहन रखी थी। खुलासे से पहले इस मामले की तुलना समाजवादी पार्टी, बसपा ने और भीम आर्मी ने हाथरस काण्ड से करते हुए योगी सरकार पर सवाल खड़े किए।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने ‘तेजी से न्याय’ वाली बनाई व्यवस्था, 2 जजों के बेंच ने उठा दिए उसी पर सवाल

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस यूयू ललित द्वारा लागू की गई नई लिस्टिंग प्रणाली पर सुप्रीम कोर्ट की ही बेंच ने सवाल उठा दिए हैं। उच्चतम न्यायालय के जस्टिस संजय किशन कॉल की अध्यक्षता वाली बेंच ने CJI जस्टिस यूयू ललित द्वारा लागू किए नए सिस्टम की निंदा की है।

उच्चतम न्यायालय के जस्टिस संजय किशन कॉल वाली बेंच का मानना है कि नए लिस्टिंग सिस्टम से जजों को किसी मामले में फैसला लेने का पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है। यह टिप्पणी मंगलवार (13 सितम्बर 2022) को एक सुनवाई के दौरान की गई।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक यह टिप्पणी करने वाली बेंच में जस्टिस संजय किशन कॉल (Justice Sanjay Kishan Kaul) के साथ जस्टिस अभय एस ओका (Justices Abhay S Oka) भी शामिल थे। उन्होंने यह टिप्पणी नागेश चौधरी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के केस में की। अदालत ने इस केस की सुनवाई फिलहाल 15 नवम्बर तक के लिए स्थगित कर दी है।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय किशन कॉल और जस्टिस अभय एस ओका की बेंच का मानना है कि नए सिस्टम से दोपहर सत्र की अवधि में कई केसों का ढेर लग जाता है। इनके अनुसार सुप्रीम कोर्ट में लागू की गई नई लिस्टिंग प्रणाली से जजों को फैसला लेने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा।

गौरतलब है कि मुख्य न्यायाधीश जस्टिस यूयू ललित द्वारा लागू की गई लिस्टिंग प्रणाली में 30 जजों के लिए 2 अलग-अलग शिफ्ट लगा दी गई है। इन शिफ्टों में सोमवार और शुक्रवार को उन्हें नए दायर केसों के लिए 15 अलग-अलग पीठों में सुनवाई करनी होती है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में नए दायर इन केसों की संख्या रोजाना 60 से ज्यादा होती है। इसी नए लिस्टिंग सिस्टम के अनुसार मंगलववार, बुधवार और गुरुवार को यही जज सुबह 10:30 से दोपहर 1 बजे तक 3 जजों की पीठ के रूप में कानून के बेहद जरूरी पुराने मामलों को देखते हैं।

एक अन्य मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इन जजों की पीठ को दोपहर में 2 घंटे में 30 केसों की सुनवाई करनी होती है। इस प्रकार 1 मामले को निबटाने के लिए जजों को लगभग 4 मिनट का समय मिल रहा। यद्दपि बाद में मंगलवार (13 सितम्बर) को मुख्य न्यायाधीश ने इन केसों की संख्या 30 से कम कर के 20 कर दिया। इस प्रकार अब 2 घंटे में जजों को 20 केसों की सुनवाई करनी पड़ती है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इसी को लेकर आपत्ति जताई।

रिपोर्टर पर भड़कीं तापसी पन्नू, कहा – ‘चिल्लाओ मत… सवाल करने से पहले एक बार जाकर पूरा होमवर्क कर लेना’

बॉलीवुड अभिनेत्री तापसी पन्नू (Taapsee Pannu) का सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें रिपोर्टर उनकी फिल्म ‘दोबारा’ को लेकर सवाल पूछता है। इसको लेकर तापसी पन्नू उस पर आगबबूला हो जाती हैं और सबके सामने उस रिपोर्टर को खरी-खोटी सुना देती हैं। इस दौरान अभिनेत्री रिपोर्टर के सवालों का जवाब देने से बचती नजर आईं।

दरअसल, तापसी ने ओटीटी अवॉर्ड्स 2022 में शिरकत की। रेड कारपेट पर मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनकी फिल्म ‘दोबारा (Dobaaraa)’ को लेकर रिपोर्टर ने उनसे सवाल किया कि आपकी फिल्म को नकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। इस पर तापसी भड़क गईं। एक्ट्रेस ने रिपोर्टर पर चिल्लाते हुए कहा, “अगली बार सवाल पूछने से पहले पूरी रिसर्च करके आना। मैं सर नहीं हूँ पहली बात तो जेंडर ठीक कीजिए।”

जब उनसे ‘दोबारा’ के खिलाफ चलाए जा रहे नेगेटिव कैंपेन के बारे में पूछा, तो उन्होंने रिपोर्टर से काउंटर सवाल किया, “किस फिल्म के खिलाफ नेगेटिव कैंपेन नहीं चलाया गया।” जब पत्रकार ने उनसे और सवाल करने की कोशिश की, तो उन्होंने कहा, “आप मेरे सवाल का जवाब दो, मैं आपके सवालों का जवाब दूँगी। मुझे बताएँ कौन सी फिल्म के साथ नहीं चलाया गया कैंपेन।”

पत्रकार ने तब दावा किया कि क्रिटिक्स ने भी फिल्म के खिलाफ नेगेटिव कैंपेन चलाया। यह सुनकर तापसी ने जवाब दिया, “सवाल करने से पहले एक बार जाकर पूरा होमवर्क कर लेना भाई और क्रिटिक्स का रिव्यू भी देख लेना। चिल्लाओ मत। फिर कहोगे कि एक्ट्रेस को तमीज नहीं है।” बता दें कि ओटीटी अवॉर्ड्स 2022 में तापसी पन्नू को फिल्म ‘हसीन दिलरुबा’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस के खिताब से नवाजा गया।

‘हमारी फिल्म का बॉयकॉट करो‘

इससे पहले तापसी पन्नू ने सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में कहा था, “हमारी फिल्म ‘दोबारा’ (Dobaaraa) का बायकॉट होना चाहिए।” इस दौरान वो सभी से अपील करती हैं कि उनकी फिल्म का बहिष्कार करें।

इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया था कि जब आमिर खान और अक्षय कुमार का बायकॉट हो सकता है, तो वो भी उस लीग में शामिल होना चाहती हैं। तापसी ने यह भी कहा था, “यह सब क्या है? इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि नेटिज़न्स फिल्म देखते हैं, लेकिन उन्हें फिल्म का बहिष्कार करना चाहिए।”