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कभी था हिंदू बहुल गाँव, अब स्वस्तिक चिह्न वाले घर पर 786 का निशान: भारत के उस पार भी डेमोग्राफी चेंज, नेपाल में घुसते ही मस्जिद, मदरसा और इस्लाम – OpIndia Ground Report

हाल में कई रिपोर्टें आई हैं जो बताती हैं कि नेपाल से लगी भारत की सीमा पर तेजी से डेमोग्राफी में बदलाव हो रहा है। मस्जिद-मदरसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए 20 से 27 अगस्त 2022 तक ऑपइंडिया की टीम ने भारत से लगे नेपाल के इलाकों का दौरा किया। हमने जो कुछ देखा, वह सिलसिलेवार तरीके से आपको बता रहे हैं। इस कड़ी की पहली रिपोर्ट;

दांग नेपाल का एक जिला है। लुम्बिनी प्रदेश का हिस्सा है। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले की जरवा सीमा से हमने दांग में प्रवेश किया। गाड़ियों को सीमा पार करने की इजाजत नहीं थी। करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चल हम दांग की सीमा में पहुँचे।

यह रिपोर्ट एक सीरीज के तौर पर है। इस पूरी सीरीज को एक साथ पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

इस दौरान हमें सशस्त्र सीमा बल (SSB) और नेपाल पुलिस के सुरक्षा जाँच से होकर गुजरना पड़ा। यह बॉर्डर घने जंगलों से होकर जाता है। हमारा पहला पड़ाव दांग जिले का कोईलाबास गाँव था।

नेपाल के पहले ही गाँव का मुस्लिम प्रधान

कोईलाबास के ग्राम प्रधान अब्दुल खालिक हैं। स्थानीय लोगों ने हमें बताया कि चुनाव में कोई हिंदू प्रत्याशी खड़ा तक नहीं हुआ था। खालिक के अनुसार गाँव में लगभग 1100 वोटर हैं। वे कहते हैं, “पिछली बार सद्दाम चुनाव जीते थे। वे माओवादी पार्टी से हैं। यहाँ हिन्दुओं के बराबर मुस्लिमों की आबादी है।”

नेपाली गाँव कोईलाबास

मदरसों को सरकारी अनुदान

खालिक के मुताबिक नेपाल सरकार उनके गाँव में मौजूद मदरसे को अनुदान देती है। वे कहते हैं, “सामान्य कोर्स के अलावा मज़हबी तालीम भी जरूरी है आखिरियत को बनाने के लिए।” उन्होंने बताया की गाँव के मदरसे में टीचरों की नियुक्ति स्थानीय लोग करते हैं। उनका खर्च सरकार उठाती है।

मदरसों में भारतीय मौलवी

ग्राम प्रधान अब्दुल खालिक ने हमें बताया कि उनके गाँव के इस्लामिया मदरसे में बच्चों को पढ़ाने के लिए भारत के 2 मौलवी हैं। वे कहते हैं, “यहाँ से मजहबी तालीम हासिल कर कई मौलवी भारत में गए हैं। नेपाल में भी मौलवी हैं, लेकिन हमें भारतीय मौलवी सस्ते में मिल जाते हैं। उन्हें भी भारत से बेहतर सैलरी यहाँ मिलती है। दांग जिले के ही गढ़वा और लमही इलाके में तमाम मौलवी हैं। इन जगहों पर मदरसे और मस्जिदें भी हैं। नेपाल के अधिकतर मौलाना और मौलवी कई तरह के व्यापार में भी शामिल हैं।”

भारत से भी मदरसों में आते हैं बच्चे

कोईलाबास के प्रधान अब्दुल खालिक के मुताबिक नेपाली मदरसों में पढ़ने के लिए भारत से भी बच्चे आते हैं। खासकर, बिहार और पश्चिम बंगाल से। इनमें लड़कियाँ भी होती हैं। उनका रहना-खाना फ्री होता है।

कोईलाबास के प्रधान अब्दुल खालिक

खालिक के अनुसार सीमावर्ती इलाकों में ही नहीं, नेपाल के भीतरी हिस्सों में भी कई ग्राम प्रधान, विधायक मुस्लिम समुदाय से हैं। उदहारण के तौर पर उन्होंने लुम्बिनी प्रदेश के वर्तमान शिक्षा मंत्री नसरुद्दीन खान का नाम लिया। मोहम्मद लालबाबू राऊत गद्दी, फौजिया नसीम और मोहम्मद याकूब अंसारी लुम्बिनी प्रदेश के प्रमुख राजनैतिक चेहरे हैं।

योजनाओं का लाभ भी अधिकतर मुस्लिमों को

दांग जिले में सरकारी योजनाओं का लाभ पाने वालों का एक बोर्ड सरकार ने लगवाया है। उस बोर्ड के मुताबिक सरकार द्वारा चलाई गई ‘जलवायु उतथाशील योजना’ में गढ़वा क्षेत्र में कुल 839 लोगों को लाभान्वित किया गया है। इन 839 कुल लोगों में से लाभ पाने वाले मुस्लिमों की संख्या 602 है। इसके अलावा जनजाति वर्ग के 39 व अन्य की संख्या महज 198 है।

योजना के लाभार्थियों का विवरण वाला बोर्ड

100 साल पुरानी जामिया मस्जिद

दांग की सीमा शुरू होने के करीब 1 किलोमीटर बाद हमें एक बड़ी सी मस्जिद सड़क से सटी हुई दिखी। यह मस्जिद दांग के सबसे चर्चित पर्यटन स्थल झुलंगी पुल के ठीक बगल में है। स्थानीय निवासी अब्दुल अहद ने हमें बताया कि यह मस्जिद 100 साल से भी पुरानी है। अहद ने यह भी बताया कि कोईलाबास में कुछ और मस्जिद और मदरसा हाल ही में बने हैं।

कोईलाबास की जामिया मस्जिद

मस्जिद के बाहर अरबी में कुछ शब्द लिखे थे। अब्दुल अहद ने इसे मस्जिद में घुसने से पहले पढ़ी जाने वाली दुआ बताई। अब्दुल अहद के साथ उनके रिश्तेदार तौसीफ भी थे। इसी मस्जिद से कुछ आगे जाने के बाद हमें रात के अँधेरे में एक और इबादतगाह दिखी। वहाँ एक बल्ब जल रही थी। इबादतगाह मुख्य मार्ग से थोड़ी दूर स्थित थी। आसपास मुस्लिम बहुल बस्ती भी थी, जिसमें बकरियाँ और मुर्गियाँ घूमती दिखाई दे रहीं थी।

मज़ारनुमा इबादतगाह

अधिकतर दुकानदार मुस्लिम

कोईलाबास में अधिकतर दुकानें मुस्लिमों की है। झुलंगी पुल के ठीक बगल नियामत अली की चाय और कोल्ड ड्रिंक की दुकान है। अब्दुल अहद कपड़े का काम करते हैं। मुख्य हाइवे पर अब्दुल वकील की चिप्स और पान-मसाले की दुकान दिखी। दुकान चला रहीं अब्दुल वकील की बीवी ने बताया कि कोईलाबास की 2 मस्जिदों में एक अहले हदीस वालों की है। दूसरी सुन्नी मत वालों की।

कुछ आगे चलने पर मोहम्मद कमाल और मोहम्मद सद्दाम मिले। दोनों ने बताया कि वे मोबाइल का काम करते हैं। उनके अनुसार नेपाली टेलिकॉम कम्पनी ‘नमस्ते’ का सिम सबसे अधिक बिकता है।

वीरान पड़े शुभ-लाभ लिखे घर

दांग जिले में हमें कई वीरान और खंडहर हो चुके घर मिले। कभी यहीं रहने वाले बब्बू कसौधन ने बताया, “कभी कोईलाबास हिन्दू बहुल था। 1995 के बाद माओवादी हिंसा के कारण हमारे कारोबार को काफी नुकसान हुआ। जब व्यापार और काम-धंधे खत्म हो गए तो हम लोग भारत आ गए। हिंदू पूरे परिवार के साथ इलाका छोड़ कर भारत में बस गए। वहीं मुस्लिमों घरों के एकाध सदस्य ही परिवार को छोड़ बाहर कमाने गए। इसी वजह से अब वो क्षेत्र मुस्लिम बहुल हो चुका है। राम जानकी मंदिर की गली वाले क्षेत्र में एक लाइन से जितने भी खाली घर हैं, वे सब हिंदुओं के ही हैं।”

खाली पड़े घरों में अरबी के शब्द

हमें एक घर ऐसा भी दिखाई दिया जिस पर स्वस्तिक का चिन्ह बना था। शुभ-लाभ लिखा था। लेकिन उसी घर पर अरबी भाषा में कुछ लाइनें दीवाल को कुरेद कर भी लिख दी गईं थीं। दरवाजे पर लिखे हिन्दू नाम के ऊपर कालिख पोत दी गई थी। इसको लेकर बब्बू बताते हैं, “पिछले 3-4 बार से लगातार कोईलाबास का प्रधान मुस्लिम हो रहा है। अब जब वहाँ हिन्दू बचे ही नहीं तो उनके घरों पर कोई क्या लिख रहा किसे पता हो।”

NRC का डर

बब्बू कसौधन के मुताबिक हिन्दू समाज के कई लोगो को NRC का डर दिखाया गया और उन्हें बताया गया कि नेपाल में जमीन होने की वजह से उन्हें भारत में नहीं रहने दिया जाएगा। बब्बू के मुताबिक नेपाल से जमीनें बेच कर भारत आने वालों की एक बड़ी वजह ये भी रही।

माओवादी हिंसा के निशान

हमें एक पुलिस थाना खंडहर जैसी स्थिति में दिखा। वहाँ से गुजर रहे लोगों ने बताया कि 2002 में माओवादियों ने इस पुलिस पोस्ट पर बम फेंक दिया था। 6 पुलिसकर्मी मारे गए थे। तब से ये पोस्ट वीरान पड़ा है। हालाँकि खंडहर हो चुके पोस्ट पर नेपाल पुलिस के खुकरी का निशान अभी भी बना हुआ है।

माओवादी हमले के बाद वीरान पड़ा पुलिस पोस्ट

फोटो मत खींचो, हमारे इस्लाम में मना है

यात्रा के दौरान सड़क पर 2 युवक बैठे थे। वे हमसे कैमरा बंद करने को कहने लगे। उनमें से एक आसिफ सिद्दीकी ने कहा, “हम इस्लामिक स्टेट से हैं। हमारे यहाँ फोटो और वीडियो हराम है। आज तक मैंने एक भी फोटो या वीडियो नहीं खिंचवाई है। मैंने क्लास 8 तक मदरसे में पढ़ाई की है। नेपाल में सरकारी नौकरी मिलनी नहीं है, इसलिए मैं विदेश जाने की तैयारी में हूँ।”

कवरेज से हमें रोकने की कोशिश केवल कुछ स्थानीय मुस्लिमों ने ही नहीं की। नेपाल की पुलिस ने भी वीडियो और फोटोग्राफी से मना किया। ‘गौतम सर’ कहकर संबोधित किए जा रहे एक पुलिस अधिकारी ने हमसे किसी भी प्रकार की कवरेज न करने को कहा।

‘विपक्ष एकजुट हो जाओ, BJP को सबक सिखाओ’ : 5 विधायकों के पार्टी छोड़ने से CM नीतीश हुए परेशान, ताकत जुटाने दिल्ली जाएँगे

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी के 5 विधायकों को भारतीय जनता पार्टी के पास जाता देख परेशान हो गए हैं। उन्होंने बीजेपी पर उनकी पार्टी तोड़ने का इल्जाम लगाया है। साथ ही विपक्ष से कहा है कि वो लोग इकट्ठा हो जाएँ और भाजपा को सबक सिखाएँ।

बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “जब हम एनडीए से अलग हो रहे थे, तो मणिपुर के हमारे 6 विधायक हमसे मिले और सुनिश्चित किया कि वो जेडीयू के साथ हैं। हमें सोचना होगा कि ये सब क्या चल रहा है। भाजपा हमारी पार्टी तोड़ रही है। क्या ये संवैधानिक है? विपक्ष 2024 के लिए एकजुट हो जाए।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सीएम नीतीश कुमार ने ये भी कहा कि इस समय लोकतांत्रिक मूल्यों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। अगर 2024 में विपक्ष एकजुट होता है तो निर्णय बहुत अच्छा आएगा।

नीतीश ने विपक्ष को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि 2024 का चुनाव जीतने के बाद भाजपा को सबक सिखाएँगे। उन्होंने कहा कि वो विपक्षी दलों से मिलने के लिए जल्द दिल्ली जाएँगे।

बता दें कि मणिपुर से जिन 5 जेडीयू विधायकों का भाजपा में विलय हुआ है, उनके नाम-  केएच जॉयकिशन, एन सनाते, मोहम्मद अछबउद्दीन, पूर्व पुलिस महानिदेशक एएम खाउटे और थांगजाम अरूण कुमार हैं।

कहा जा रहा है कि ये विधायक एनडीए को छोड़े जाने के नीतीश कुमार के फैसले से नाराज थे। उन लोगों को एनडीए के साथ गठबंधन में रहना था। यही कारण है कि इन विधायकों ने भाजपा में विलय कर लिया। जेडीयू के कुल 6 में विधायकों में मोहम्मद अब्दुल नासिर को छोड़कर 5 ने भाजपा में विलय कर लिया है।

रईस ने विकास बनकर हिंदू लड़की को फँसाया, सच खुलने पर दी ‘सर तन से जुदा’ की धमकी: बागपत पुलिस ने गिरफ्तार किया, डर से घर में बंद थी पीड़िता

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से लव जिहाद का मामला सामने आया है। बागपत के खेकड़ा कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत रईस नामक मुस्लिम युवक पर आरोप लगा है कि उसने विकास बनकर हिंदू लड़की से दोस्ती की और सच्चाई खुलने पर उसे घर आकर ‘सर तन से जुदा’ की धमकी देकर गया। अब पीड़िता के घरवालों ने इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई है जिसके आधार पर बागपत पुलिस ने रईस को गिरफ्तार किया है।

इस मामले में, लड़की ने बताया है कि रईस ने उसे अपना नाम विकास बताकर दोस्ती की थी। इसके बाद, जब दोस्ती गहरी हो गई तो रईस उस पर शादी का और बुर्का पहनने का दवाब बनाने लगा। धीरे-धीरे पीड़िता को रईस की सच्चाई पता चली तो उसने उससे दूरी बना ली। मगर, रईस लगातार उसको परेशान करता रहा। कई बार उसका पीछा करने की भी कोशिश की।

हालात ऐसी हो गई कि लड़की डेढ़ महीने से अपने घर से बाहर नहीं निकली। उसका कहना है कि जब उसे रईस की सच्चाई नहीं पता थी तो वो उसके साथ रहने भी गई थी। लेकिन अब सबकुछ जानते हुए वो उसके साथ नहीं रह सकती। वो चाहती है कि रईस के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो।

पीड़िता के परिवार ने अपनी शिकायत में बताया कि रईस एक दिन उनके घर आया और उनकी बेटी के बारे में पूछने लगा। इस पर परिवार वालों ने विरोध किया तो वह उन्हें धमकी देकर चला गया। इसके कुछ दिन बाद पीड़िता के माता-पिता को रास्ते पर रोक लिया और बेटी के अश्लील फोटो, वीडियो वायरल करने की धमकी देने लगा। परिवारवालों ने घबरा कर पुलिस से इन सबकी शिकायत की और माँग की कि रईस के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

पीड़िता के परिवार वालों की इन शिकायतों के बाद पुलिस ने आरोपित रईस को गिरफ्तार किया। बागपत के एएसपी नीरज कुमार जादौन ने कहा कि आरोपित रईस को पहले भी पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर जेल भेज जा चुका है। लेकिन, तब पीड़िता ने कोर्ट में आरोपित के पक्ष में बयान दिए थे, जिसके बाद वह छूट गया था।

एसपी ने यह भी कहा कि फिलहाल परिजनों ने जो आरोप लगाए है, उसकी जाँच के निर्देश दिए गए हैं और आरोपित रईस को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 506, 354 डी और आईटी एक्ट 67 ए के तहत केस दर्ज हुआ है।

‘भाजपा में रहकर AAP के लिए काम करें, सरकार बनने पर आपका ख्याल रखा जाएगा’: दिल्ली के CM केजरीवाल ने गुजरात में BJP कार्यकर्ताओं को दिया लालच

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) विधानसभा चुनावों (Gujarat Assembly Election) को देखते हुए लगातार गुजरात के दौरे कर रहे हैं। केजरीवाल ने शनिवार को राजकोट में गुजरात भाजपा के कार्यकर्ता से AAP के लिए काम करने की अपील की।

राजकोट में बोलते हुए उन्होंने कहा कि इससे वे सत्ताधारी पार्टी से पेमेंट भी लेते रहेंगे और भीतरी तौर पर आम आदमी पार्टी के लिए काम करते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार आती है तो भाजपा कार्यकर्ताओं को वो सारी सहूलियतें एवं फायदे मिलेंगे, जो उनके वादा किया गया है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “हमें बड़े-बड़े भाजपा नेताओं की जरूरत नहीं है। भाजपा अपने नेताओं को अपने पास रखे। हमें तो उनके पन्ना प्रमुख और गाँवों, बूथ एवं तालुका के कार्यकर्ता की जरूरत है। ये लोग AAP में शामिल हो रहे हैं।”

केजरीवाल यहीं नहीं रूके। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं का ख्याल नहीं करती है। वह उनके बच्चों के मुफ्त एवं बढ़िया शिक्षा, मेडिकल फैसिलिटी और बिजली आदि नहीं देती है। आम आदमी अपने कार्यकर्ताओं को यह सब सुविधा देगी।

भाजपा कार्यकर्ताओं से उन्होंने कहा, “आप भाजपा में ही रहो, लेकिन आम आदमी पार्टी के लिए काम करो। उनमें से कई लोगों को पैसे मिलते हैं। उसे लेते रहिए, लेकिन हमारे लिए काम करते रहिए, क्योंकि हमारे पास पैसे नहीं हैं।”

उन्होंने राज्य में भाजपा को जिताने की अपील करते हुए कहा, “मैं एहसान फरामोश नहीं हूँ। आप सभी की सभी माँगों को एक महीने के अंदर पूरा करूँगा।” केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद 24 घंटे मुफ्त बिजली, बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा, परिवार के लिए मुफ्त चिकित्सा और महिलाओं को 1000 रुपए अलाउंस दिया जाएगा।

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “हमने एक सर्वे कराया है। इसमें सूरत की 12 में से 7 सीटें आम आदमी पार्टी जीतने जा रही है। वक्त कम है, इसलिए आप सभी अपने-अपने स्तर पर प्रचार करो।” उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि 27 साल तक भाजपा ने उन्हें कुछ नहीं दिया। इसलिए उस पार्टी में बने रहने का कोई अर्थ नहीं है।

6 घंटों में 50 सवाल: ₹200 करोड़ के ठगी केस में नोरा फतेही से पूछताछ, पुलिस ने कहा- ‘एक्ट्रेस ने नहीं दिए कुछ जवाब, फिर बुलाएँगे’

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने सुकेश चंद्रशेखर ठगी केस में एक्ट्रेस नोरा फतेही से 6 घंटे तक पूछताछ की। अभिनेत्री शुक्रवार (2 सितंबर 2022) को सुबह 11 से तकरीबन 6 बजे तक मंदिर मार्ग स्थित EOW (इकोनॉमिक ऑफेंस विंग) ऑफिस में मौजूद थीं। पूछताछ के दौरान नोरा से लगभग 50 सवाल किए गए और उन्होंने इस दौरान पुलिस का पूरा सहयोग दिया।

प्राप्त जानकारियों के मुताबिक ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही से दिल्ली पुलिस लंबी पूछताछ की। अभिनेत्री से पूछे गए 50 सवालों में- ‘सुकेश से आपने गिफ्ट कब लिए? आप उनसे कहाँ मिलीं?’ जैसे सवाल थे। बताया जा रहा है कि नोरा को जरूरत पड़ने पर फिर से बुलाया जाएगा।

दैनिक भास्कर के सूत्रों के अनुसार अभिनेत्री नोरा ने बताया, “मैं सुकेश की पत्नी से नेल आर्ट फंक्शन में मिली थी। यहीं उन्होंने मुझे एक BMW कार गिफ्ट की थी। मैं दोनों की क्रिमिनल हिस्ट्री के बारे में नहीं जानती थी।” इसके साथ-साथ एक्ट्रेस ने बताया कि अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस के साथ उनका कोई संबंध नहीं है। बता दें नोरा से इससे पहले भी इस मामले में ED ने 3 बार पूछताछ की है।

नोरा से हुई इस पूछताछ को लेकर दिल्ली पुलिस के अधिकारी रविंद्र यादव ने मीडिया को जानकारी दी कि नोरा ने कुछ ही सवाल के जवाब दिए हैं। पुलिस आगे भी नोरा को सवाल-जवाब के लिए बुला सकती है। इस मामले में अभी भी जाँच जारी है और पुलिस की टीम केस से जुड़े सभीं लिंक्स का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रहे हैं कि इस मामले के और कौन-कौन आरोपित हैं।

गौरलतब है कि इसी मनी लॉन्ड्रिंग केस में एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस को भी दिल्ली पुलिस ने 12 सितंबर को पूछताछ के लिए बुलाया है। इसके साथ-साथ ईडी ने भी इस मामले में अभिनेत्री को 26 सितंबर को पूछताछ के लिए हाजिर होने का समन भेजा है। बता दें कि जाँच एजेंसियों को दोनों अभिनेत्रियों के सुकेश के साथ कनेक्शन होने के कई सबूत भी मिले थे। इसके बाद से जाँच एजेंसियाँ इनके पूछताछ में लगी हैं।

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ से 22 साल का मौलवी गिरफ्तार: पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी और आतंकी संगठन को सेना से जुड़ी सूचनाएँ कराता था मुहैया

सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ से एक मस्जिद के मौलवी को गिरफ्तार किया है। यह मौलवी पाकिस्तान के एक आतंकी संगठन को गोपनीय सूचनाएँ भेजा करता था। मौलवी का नाम अब्दुल वाहिद है और उसकी उम्र 22 साल है।

अब्दुल वाहिद पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन कश्मीरी जांबाज फोर्स को भारतीय सेना की गोपनीय सूचनाएँ साझा कर रहा था। वाहिद की संदिग्ध गतिविधियों को मिलिट्री इंटेलिजेंस ने इंटरसेप्ट किया। इसके बाद पुलिस को इसकी जानकारी दी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौलवी अब्दुल वाहिद किश्तवाड़ में एक मदरसे में पढ़ाता है और स्थानीय मस्जिद में मौलवी का काम करता है। वह आतंकी संगठन को सेना के प्रतिष्ठानों, अधिकारियों और उनकी गतिविधियों की जानकारी भेज रहा था। किश्तवाड़ वही इलाका है, जहाँ से पाकिस्तानी इस्लामी आतंकी ज्यादातर राज्य में घुसपैठ करते हैं।

मिलिट्री इंटेलिजेंस और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मौलवी अब्दुल वाहिद को गिरफ्तार लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। उसके खिलाफ UAPA के तहत मामला दर्ज किया गया है। गोपनीय सूचनाएँ साझा करने की बात मौलवी ने कबूल किया है।

कहा जा रहा है कि पिछले महीने अब्दुल वाहिद को किश्तवार पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया था। वाहिद ने बताया था कि दिसंबर 2020 में वह फेसबुक पर तैयब फारूकी उर्फ उमर खताब से जुड़ा था। वह खुद को कश्मीर जांबाज फोर्स का कमांडर बताता है।

खताब से दोस्ती के बाद वाहिद आतंकी संगठन से संबंधित फोटो और कंटेंट सोशल मीडिया पर साझा करने लगा। वह ISI के संपर्क में भी आया। वाहिद को कुछ वर्चुअल मोबाइल नंबर मुहैया कराया गए और व्हाट्सऐप पर नया अकांउट बनाया गया था।

सुरक्षा बल यह भी जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं कि किश्तवाड़ में हाल ही में जो सांप्रदायिक तनाव की घटना सामने आई थी, उसमें भी अब्दुल वाहिद का हाथ तो नहीं। इसके साथ ही उसके और कौन-कौन सहयोगी हैं, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।

बता दें कि पाकिस्तान और आतंकी संगठनों के लिए जासूसी की घटनाएँ लगातार आती रहती हैं। पिछले साल अक्टूबर में गुजरात आतंक निरोधी दस्ता (ATS) ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले ‘सीमा सुरक्षा बल (BSF)’ के जवान मोहम्मद सज्जाद को गिरफ्तार किया था।

गुजरात के भुज बटालियन में तैनात मोहम्मद सज्जाद व्हाट्सएप्प के माध्यम से पाकिस्तान को गुप्त व संवेदनशील सूचनाएँ मुहैया करा रहा था। वो जम्मू कश्मीर के राजौरी जिला स्थित सारोला गाँव का रहने वाला है।

गुजरात के गृह मंत्री को ‘ड्रग्स संघवी’ कहने वाले AAP नेता पर FIR दर्ज: भाजपा को कहा था- गुंडों की पार्टी, सांसद को ‘बूटलेगर’ बोला था

गुजरात में आम आदमी पार्टी और भाजपा आमने-सामने हैं। दोनों ही राजनीतिक दल एक-दूसरे पर हमलावर हैं। इसी क्रम में AAP के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया (Gopal Italia) पर गृह मंत्री हर्ष संघवी (Harsh Sanghvi) और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीआर पाटिल (C.R. Patil) के खिलाफ गलत बयानबाजी करने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

गोपाल इटालिया पर यह मुकदमा भाजपा कार्यकर्ता और ज्वैलर कारोबारी प्रताप भाई जीरावाल ने दर्ज करवाया है। प्रताप भाई ने इस बारे में कहा है कि गुजरात बीजेपी अध्यक्ष सीआर पाटिल को पूर्व बूटलेगर कहने और बीजेपी को गुंडों की पार्टी कहने के साथ ही हर्ष संघवी को ‘ड्रग्स संघवी’ कहने को लेकर उमरा पुलिस थाने में धारा 469, 500 (मानहानि), 504, 505 (1) B के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले की जाँच सूरत की क्राइम ब्रांच टीम को सौंपी गई है।

बता दें, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल के गुजरात दौरे से पहले बुधवार (31 अगस्त) को भाजपा और आप कार्यकर्ताओं के बीच सूरत में हाथापाई की खबर सामने आई थी। इस घटना के बाद, गोपाल इटालिया ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर AAP के कार्यकर्ताओं को घायल करने का आरोप लगाया था।

इस दौरान, बयान देते हुए आप प्रदेशाध्यक्ष गोपाल इटालिया ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सी आर पाटिल (C. R. Patil) को बूटलेगर तथा गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी को ड्रग्स संघवी कहकर संबोधित किया था, जिसके बाद, भाजपा की ओर से बयानबाजी की गई थी और अब केस दर्ज करवाया गया है।

गौरतलब है कि गुजरात में इस वर्ष के अंत या 2023 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन चुनावों को मद्देनजर रखते हुए आम आदमी पार्टी के नेता लगातार एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। वहीं, केजरीवाल समेत अन्य नेता गुजरात का दौरा कर रहे हैं। गुजरात में साल 1995 से लेकर अब तक भाजपा की सरकार है।

‘ईदगाह में गणेश पूजा देख हम हो गए परेशान, दोबारा कभी ऐसा न हो’: अंजुमन-ए-इस्लाम ने दी कोर्ट जाने की धमकी, बोला- 999 साल तक जमीन हमारी

इस्लामी समूह अंजुमन-ए-इस्लाम कहना है कि वह कर्नाटक के हुबली जिले के ईदगाह मैदान में गणेश चतुर्थी उत्सव की अनुमति देने के लिए हुबली-धारवाड़ नगर निगम के आयुक्त के खिलाफ कर्नाटक उच्च न्यायालय में अवमानना ​​का मामला दर्ज करेगा। संस्था ने यह बात तब कही, जब कर्नाटक हाईकोर्ट ने उत्सव की अनुमति खुद दी थी।

अंजुमन-ए-इस्लाम के उपाध्यक्ष अल्ताफ नवाज ने कहा कि मुस्लिम समूह हुबली-धारवाड़ नगर निगम आयुक्त को अवमानना ​​के लिए अदालत में ले जाएगा। उन्होंने कहा, “हम ईदगाह मैदान में दूसरे समुदाय की धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्देश देने के लिए उच्च न्यायालय का रुख करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने हमारे संगठन को 999 साल की लीज के लिए ईदगाह मैदान दिया है।”

अल्ताफ नवाज ने कहा, “धार्मिक उद्देश्यों के लिए इस जमीन का उपयोग अगर कोई दूसरा समुदाय करता है तो वह अदालत की अवमानना ​​​​होगी। हम अन्य धार्मिक समुदायों के उत्सव के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन ईदगाह मैदान में तीन दिवसीय गणेश उत्सव ने हमें वास्तव में परेशान कर दिया है।”

हुबली के ईदगाह मैदान में हिंदुओं द्वारा गणेश प्रतिमा की स्थापना 31 अगस्त को कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा अनुमति मिलने के बाद की गई थी। उसके बाद ईदगाह मैदान में गणेश चतुर्थी का उत्सव मनाया गया था।

इसके पहले याचिका में अंजुमन-ए-इस्लाम ने धारवाड़ नगर निगम द्वारा गणेश पूजा के लिए साइट के उपयोग की मंजूरी के खिलाफ तर्क दिया था। हालाँकि, अदालत ने इस तर्क को खारिज कर दिया था। इसमें कहा गया था कि यह नगर निगम की जमीन है और मुस्लिम दूसरे समुदायों को इसके इस्तेमाल से मना नहीं कर सकते, क्योंकि उन्हें साल में दो बार वहाँ पूजा करने की अनुमति थी।

बता दें कि कर्नाटक के हुबली जिले के ईदगाह मैदान में तीन दिवसीय गणेश उत्सव का समापन शुक्रवार को हुआ। समापन के दिन मूर्ति को सदाशिव नगर में तय स्थान पर विसर्जित कर दिया गया। समापन जुलूस का आयोजन रानी चेन्नम्मा मैदान गजानन उत्सव महामंडली द्वारा किया गया था। आयोजकों ने जुलूस से पहले एक महामंगलार्थी (अनुष्ठान) आयोजित किया और गणेश की मूर्ति को अलंकृत करने के लिए उपयोग किए जाने वाले आभूषणों और कपड़ों की नीलामी की। उसके बाद देवता को सदाशिव नगर में बने एक कृत्रिम तालाब में विसर्जित कर दिया गया।

महामंडली प्रमुख और विश्व हिंदू परिषद के नेता संजय भादस्कर ने जुलूस की आगवानी की। इस अवसर पर भाजपा नेता महेश तेंगिंकाई के अलावा विश्व हिंदू परिषद, श्रीराम सेना, आरएसएस, सोमवंशी सहस्रार्जुन क्षत्रिय समा, हिंदू जागरण वेदिक और हिंदुस्तान जनता पार्टी के सदस्य भी उपस्थित रहे।

शामली के मंदिर में यज्ञ-हवन से ठीक पहले 11 जगह फेंका गया माँस, ग्रामीण बौखलाए, पुलिस जाँच में जुटी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज (अगस्त 3, 2022) पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। इस दौरे से पहले यहाँ के शामली जिले में दंगा कराने की साजिश सामने आई है। दरअसल, शामली जिले के सिक्का गाँव के भूमिया खेड़ा (ग्राम देवता) मंदिर में माँस के टुकड़े फेंके गए हैं, जिससे यहाँ का माहौल पूरी तरह से तनावपूर्ण हो गया है। स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस द्वारा फोर्स तैनात की गई है।

बताया जा रहा है कि शामली जिले के सिक्का गाँव के भूमिया खेड़ा मंदिर में शनिवार (3 सितंबर 2022) को वार्षिक हवन, यज्ञ व प्रसाद वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया जाना था। ये कार्यक्रम हर वर्ष होता है, इसी की तैयारियाँ धूमधाम से चारो ओर थीं। लेकिन, इससे पहले ही मंदिर प्रांगण में 11 जगह माँस के टुकड़े फेंककर दंगा कराने की साजिश रची गई। माँस देखने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है।

स्थानीय लोगों के पास से ऑपइंडिया को मिले वीडियो में ग्राम प्रधान ने कहा है, “यहाँ यज्ञ और पूजा होनी थी। इससे पहले ही किसी ने यहाँ पर माँस के टुकड़े फेंक दिए। पूर्व में गाँव में कभी भी ऐसी घटना सामने नहीं आई है। लेकिन आज भूमिया खेड़ा में 11 जगह पर माँस फेंका गया है। हम यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि किसने ये सब किया है।”

मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि माँस के कुछ टुकड़े भूमिया खेड़ा गाँव की मुख्य सड़क पर भी फेंके गए थे। हालाँकि, सूचना मिलने के तुरंत बाद ही पुलिस द्वारा ये सभी माँस के टुकड़े हटवाते हुए पशु चिकित्सकों को बुलाकर माँस का परीक्षण कराया गया।

बता दें, भूमिया खेड़ा मंदिर में माँस मिलने की खबर मिलते ही गाँव के लोग इस मंदिर के पास एकत्रित हो गए। इसके बाद, पुलिस के सामने हंगामे जैसी स्थिति निर्मित हो रही थी। लेकिन, पुलिस ने मामले पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की बात कहते हुए ग्रामीणों को समझाकर शांत करवाया।

इस मामले में, ऑपइंडिया को मिले वीडियो में शामली के एएसपी ओपी सिंह ने कहा “सिक्का गाँव में ग्राम देवता के (भूमिया खेड़ा) मंदिर परसिर में माँस के टुकड़े फेंके जाने की जानकारी मिली है। पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है। फिलहाल अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुझे लगता है कि शरारती तत्व शामली जनपद के साम्प्रदायिक सौहार्द का परीक्षण कर रहे हैं कि कितने लोग जिम्मेदार हैं और कितने संवेदनशील हैं।”

ब्रह्मास्त्र नहीं ‘ड्रैगन’ था फिल्म का नाम, रणबीर कपूर को ‘शिव’ नहीं ‘मोहम्मद रूमी’ बनना था: फिल्म डायरेक्टर के पुराने बयान से खुलासा

‘ब्रह्मास्त्र’ के रिलीज होने से पहले सोशल मीडिया पर बॉयकॉट की माँग तेज हो गई है। इसी बीच फिल्म निर्देशक अयान मुखर्जी का एक पुराना बयान वायरल है। इसमें वह बता रहे हैं कि इस फिल्म का नाम पहले ‘ड्रैगन’ था और रणबीर कपूर उसमें पहले ‘शिव’ का नहीं बल्कि ‘जलाल अल-दीन मुहम्मद रूमी’ का रोल निभाने वाले थे।

हालाँकि अब इस फिल्म में अभिनेता का नाम शिव है और वे अग्निअस्त्र को प्रेजेंट करने वाले हैं। पहले वाला नाम 13 वीं शताब्दी के एक फारसी कवि जलाल अल-दीन मुहम्मद रूमी के नाम पर था।

बता दें कि फिल्म का नाम ‘ड्रैगन’ से ‘ब्रह्मास्त्र’ कर दिए जाने की खबर अब से करीब 5 साल पहले ही सामने आ चुकी थी। लेकिन अब ये बात हर जगह सार्वजनिक है। फिल्म के निर्देशक अयान मुखर्जी की साल 2019 में की गई एक पोस्ट वायरल हो रही है। यह पोस्ट उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर की थी और बताया था, “ब्रह्मास्त्र को शुरू हुए एक लंबा समय बीत गया है। फिल्म को शुरुआती दिनों में ड्रैगन कहा जाता था। मुझे वीएफएक्स के बारे में ज्यादा पता नहीं था, लेकिन फिर भी एक फिल्म का सपना देखा था।”

इसके कुछ दिनों के बाद निर्देशक ने एक और तस्वीर साझा की, जिसमें अभिनेता रणबीर कपूर दिखाई दे रहे हैं और उनके बाल काफ़ी लंबे दिखाई दे रहे हैं। इसको शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि पहले रणबीर का रूमी लुक ऐसा था। लंबे बालों वाला एक रूमी। यह तस्वीर फिल्म के शुरुआती लुक टेस्ट की है।

इसी पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा, “कई तरह के विचार और विमर्श के बाद ड्रैगन को ब्रह्मास्त्र बनाया गया। हमने रणबीर के बाल कटवाए और रूमी बन गया शिव।” बताया यह भी जा रहा है कि पिछले साल दिसंबर में अयान मुखर्जी ने सूचित किया कि फिल्म का पहले वाला नाम सुविचारित नहीं था। उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म का ‘ड्रैगन’ टाइटल अस्थायी है।

अयान मुखर्जी ने यह भी कहा, “मैंने इस पर ज्यादा विचार नहीं किया क्योंकि फिल्म में शिव के पास आग की ताकत है, मैंने इसे स्क्रिप्ट पर ‘ड्रैगन’ कहा है।” उन्होंने कहा, “लेकिन फिल्म हमेशा भारतीय संस्कृति और इतिहास से प्रेरित थी। जब इसे एक मुख्य और अंतिम शीर्षक देने का समय आया, तो ब्रह्मास्त्र ही सही शीर्षक लगा। लेकिन ड्रैगन नाम इसलिए दिया गया था क्योंकि यह आग, शक्ति से संबंधित था।”