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झारखंड में सरकार बचाने के लिए MLA ‘कैद’: 3 बसों में भरकर लतरातू ले गए CM हेमंत सोरेन, छत्तीसगढ़ हो सकता है अगला पड़ाव

इधर भाजपा नेता रघुवर दास ने कहा, "हमने राज्यपाल का आवेदन दिया था। उसमें हेमंत सोरेन की विधानसभा की सदस्यता खत्म करने और उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत चुनाव लड़ने से रोकने का भी आवेदन किया था। हमने राज्यपाल को पुख्ता सबूत दिया है, जिससे उन्हें चुनाव लड़ने से भी रोका जा सके।" 

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Jharkhand CM Hemant Soren) की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश के बाद शनिवार (27 अगस्त 2022) को महागठबंधन के विधायकों हुई। बैठक के बाद सभी विधायकों को 3 बस में बैठाकर राँची के रिसॉर्ट में भेजा गया है। इसके साथ ही उनका मोबाइल भी स्वीच ऑफ करा दिया गया है।

इसके पहले खबर आई थी कि महागठबंधन के विधायकों को छत्तीसगढ़ भेजा जाएगा। हालाँकि, अंतिम समय में प्लान को बदल दिया गया और उन्हें तीन बसों में भरकर राँची के ही खूँटी स्थित लतरातू भेज दिया गया। बस में हेमंत सोरेन भी साथ थे। हालाँकि, बाद में वे अपनी कार में सवार होकर साथ चलने लगे।

कुछ मीडिया रिपोर्ट में किसी रिसोर्ट मेें भेजे जाने की बात कही जा रही है। वहीं, किसी रिपोर्ट में लतरातू के डुमारगड़ी गेस्ट हाउस में विधायकों के ठहरने की व्यवस्था करने की बात कही जा रही है। खूँटी के डीसी और एसपी गेस्ट हाउस पहुँचकर गद्दे और सोफा आदि की व्यवस्था कर रहे हैं।

वहीं, कॉन्ग्रेस के तीन विधायकों को राँची से बाहर छत्तीसगढ़ भेजने की बात कही जा रही थी। कॉन्ग्रेस विधायक शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि विधायकों से किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है। हालाँकि, ये विधायक भी उन्हीं बसों में साथ हैं।

दरअसल, ये सारी कवायद किसी भी तरह की हॉर्स ट्रेडिंग को रोकने के लिए है। अगर आगे किसी भी तरह स्थिति बनती है और फ्लोर टेस्ट की नौबत आती है तो विधायकों को व्हिप जारी किया जा सके। राँची में रहने के कारण उन्हें पहुँचने में देर नहीं लगेगी। वहीं, सबको साथ रखने से विधायकों की खरीद-फरोख्त की संभावना कम हो जाएगी।

इधर के झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता रघुवर दास ने कहा है कि हेमंत सोरेन को बीजेपी ने नहीं कहा था कि अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारो और न सिर्फ अपने लिए पत्थर का खनन का पट्टा ले लो बल्कि भाई और परिवार के लिए भी खनन का पट्टा ले लो।

उन्होंने कहा, “हमने राज्यपाल का आवेदन दिया था। उसमें हेमंत सोरेन की विधानसभा की सदस्यता खत्म करने और उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत चुनाव लड़ने से रोकने का भी आवेदन किया था। हमने राज्यपाल को पुख्ता सबूत दिया है, जिससे उन्हें चुनाव लड़ने से भी रोका जा सके।” 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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