Home Blog Page 2476

‘मैं आमिर खान की अम्मी नहीं हूँ, लाल सिंह चड्ढा की माँ बनी हूँ;’ 40 साल की मोना सिंह के ‘किरदार’ पर उठ रहे थे सवाल, अब आया जवाब

लाल सिंह चड्ढा फिल्म में आमिर खान की माँ का किरदार निभाने वाली मोना सिंह से बीते दिनों उनके कैरेक्टर को लेकर काफी सवाल हुए। पूछा गया कि आखिर उन्होंने आमिर की माँ का रोल क्यों निभाया। दोनों में तो 17 साल उम्र का फर्क है। अब इन्हीं सवालों पर मोना सिंह ने अपना जवाब दिया है।

40 वर्षीय अभिनेत्री ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि उन्होंने फिल्म में आमिर खान की अम्मी का रोल नहीं निभाया। वह लाल सिंह चड्ढा की माँ बनी हैं। उन्होंने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा,

“इस पर पूरी बहस चल रही थी। मैं इसके बारे में पहले बात नहीं कर रही थी। क्योंकि मैं चाहती थी कि लोग इस फिल्म को देखें। मैं एक एक्टर हूँ और मैं आमिर खान की अम्मी का रोल नहीं निभा रही। मैं लाल सिंह चड्ढा की माँ बनी हूँ। ये कोई आमिर खान कि बायोपिक नहीं है कि वो 57 के हैं और मैं 40 की हूँ, फिर भी उनकी माँ बन रही हूँ। ये गलत है। सच कहूँ तो ये सब मेरे दिमाग में आया तक नहीं। मैं बहुत ज्यादा कॉन्फिडेंट थी कि ज्यादातर लोग मेरी फिल्म देखने के बाद मेरी उम्र पर सवाल नहीं करेंगे।”

मोना सिंह ने बताया, “मेरे परिवार को मुझ पर गर्व है। मैं अपने माता-पिता और पति को स्क्रीनिंग पर लेकर गई थी तो वो रोना नहीं बंद कर रहे थे। ये इस फिल्म ने किया है। आप जब रोने वाले होते हैं तो आपको हँसाती हैं। ऐसा फिल्मों को देखने के समय बहुत कम होता है। मुझे लगता है आखिरी बार ऐसा थ्री इडियट्स के समय हुआ था।” मोना ने बताया कि वो अलग अलग प्रकार के रोल करना चाहती हैं और उम्मीद करती हैं कि उन्हें वैसे रोल मिलें।

लाल सिंह चड्ढा के बुरे हाल

बता दें कि लाल सिंह चड्ढा फिल्म अपनी रिलीज से पहले से ही बॉयकॉट के कारण काफी चर्चा में रही है। लोग इस फिल्म पर बात जरूर कर रहे हैं लेकिन इसे देखने नहीं जा रहे। शुक्रवार को फिल्म का व्यवसाय 6.50-7.00 करोड़ रुपए के बीच सिमट रह गया, जबकि पहले दिन लाल सिंह चड्ढा का व्यवसाय 12 करोड़ रुपए था। इस तरह पहले दिन की अपेक्षा दूसरे दिन के व्यवसाय में 40 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई।

थियेटर में लोगों की अनुपस्थिति को देखते हुए देश भर के कई सिनेमाघर के मालिकों ने शुक्रवार के लिए इसके 1300 शो को रद्द कर दिया था। वहीं, फिल्म रिलीज के दूसरे दिन यानी शुक्रवार को दोपहर से पहले वाले कई शो में दर्शक नहीं जुटे। पहले दिन कुछ ऐसे भी शो रहे जिन में सिर्फ 10-12 दर्शक ही फिल्म देखने पहुँचे।

‘लाल सिंह चड्ढा’ के प्रमोशन के लिए असम जाना चाहते थे आमिर खान, CM सरमा ने इसीलिए लगा दिया ब्रेक: फ्लॉप हो रही है फिल्म

आमिर खान अपनी फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ के प्रमोशन के लिए असम जाने वाले थे, लेकिन मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने उन्हें रोक दिया। ‘लाल सिंह चड्ढा’ ने 2 दिन में मात्र 18 करोड़ रुपए कमाए हैं, जिसके बाद इसका सुपर फ्लॉप होना तय माना जा रहा है। फिल्म का बजट 200 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। ऐसे में ये इसका एक तिहाई भी निकालने की स्थिति में नहीं दिख रही है। स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन जैसे त्योहार भी दर्शकों को आकर्षित नहीं कर पाए।

इसी बीच खबर आई कि आमिर खान अपनी फिल्म के उत्तर-पूर्वी भारत में प्रमोशन के लिए असम जाने वाले हैं। सीएम सरमा ने भी इसकी पुष्टि की है कि आमिर खान असम आने वाले थे, लेकिन ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के कारण उन्हें रोक दिया गया। आमिर खान ने 13 से 15 अगस्त के बीच असम दौरे की योजना बनाई थी, लेकिन इसी बीच ‘हर घर तिरंगा’ अभियान भी चल रहा है। भाजपा संगठन से लेकर सरकारी मशीनरी तक इसे सफल बनाने में लगी हुई है।

पहले आमिर खान की योजना थी कि 14 अगस्त को वो गुवाहाटी आएँ, लेकिन बताया जा रहा है कि अब उन्होंने 2 दिन के लिए अपने कार्यक्रम को टालते हुए 16 अगस्त को दौरे की योजना बनाई है। अब देखना ये है कि उस दिन आमिर खान अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए पहुँचते हैं या नहीं। सीएम सरमा ने बताया कि आमिर खान ने उनसे अपने दौरे के बाबत बात भी की थी, लेकिन उन्होंने किसी अन्य तारीख़ को ये दौरा रखने के लिए कहा

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का कहना है कि फ़िलहाल उनका सारा ध्यान स्वतंत्रता दिवस पर है और वो नहीं चाहते थे कि किसी और कार्य में ध्यान बँट जाए। इसीलिए, आमिर खान को दौरा आगे बढ़ाने की सलाह दी गई। आमिर खान ने निवेदन किया है कि सीएम सरमा भी अपने मंत्रियों के साथ ‘लाल सिंह चड्ढा’ फिल्म देखें। आमिर खान ने हाल ही में असम बाढ़ के दौरान दान दिया था। उन्होंने सीएम रिलीफ फंड में 25 लाख रुपए दिए थे।

उद्धव ठाकरे से रिश्ते तोड़ने की फिराक में कॉन्ग्रेसः बोले महाराष्ट्र अध्यक्ष- शिवसेना से गठबंधन स्थायी नहीं, विपक्षी नेता के चुनाव में नहीं ली सलाह

महाराष्ट्र (Maharashtra) में महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार के गिरते ही घटक दल शिवसेना (Shiv Sena) और कॉन्ग्रेस (Congress) के बीच खटास उभर आई है। प्रदेश कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले (Nana Patole) ने यहाँ तक कह दिया कि महाराष्ट्र में शिवसेना के गठबंधन ‘स्वाभाविक और स्थायी’ नहीं है।

दरअसल, कॉन्ग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पटोले राज्य विधान परिषद में विपक्ष के नेता के रूप में शिवसेना नेता अंबादास दानवे की नियुक्ति को लेकर नाराज हैं। शिवसेना के साथ गठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि यह अलग परिस्थिति में किया गया था। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस को साथ लिए बिना शिवसेना ने यह कदम उठाया है।

पटोले ने कहा कि यह पद कॉन्ग्रेस को मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा, “विधान परिषद में विपक्ष के नेता का पद राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) को दिया गया है, जबकि परिषद के उपाध्यक्ष का पद शिवसेना को दिया गया है। हमारा विचार है कि यह पद कॉन्ग्रेस को मिलना चाहिए था, लेकिन हमें ध्यान में रखे बिना यह निर्णय लिया गया है।”

पटोले ने कहा कि वे इस मुद्दे को उठाएँगे और इस पर कन्ग्रेस शिवसेना से बात करने को तैयार है। पटोले ने कहा, “हम बात करने और आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं। अगर वे बात नहीं करना चाहते हैं तो यह उनकी (शिवसेना) चिंता है। हमने उनके साथ एक अलग स्थिति में गठबंधन किया था। यह हमारा प्राकृतिक या स्थायी गठबंधन नहीं है।”

बता दें कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में महा विकास अघाड़ी सरकार थी। इस गठबंधन सरकार में शामिल प्रमुख दल शिवसेना, कॉन्ग्रेस और NCP थे। हालाँकि, शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट ने उद्धव ठाकरे से बगावत कर दिया और भाजपा के सहयोग से राज्य में सरकार का गठन कर लिया है।
 

कार्तिकेय 2: समुद्र में डूबी द्वारका के रहस्यों पर बनी फिल्म, निर्माता-अभिनेता ने जो कहा वो कर दिखाया!

राष्ट्र, धर्म और संस्कृति को समर्पित साउथ की धमाकेदार फिल्म ‘कार्तिकेय 2 (Karthikeya 2)’ शनिवार 13 अगस्त 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। वर्ष 2014 में आई फिल्म ‘कार्तिकेय 1’ सुपरनैचुरल मिस्ट्री थ्रिलर फिल्म थी और अब निर्माताओं ने उस फिल्म की सीक्वल ‘कार्तिकेय 2’ को बड़े पर्दे उतारा है।

‘कार्तिकेय 2’ थ्रिलर और मिस्ट्री के साथ-साथ इतिहास और संस्कृति से जुड़ी हुई फिल्म है। इसके ट्रेलर से ही ये स्पष्ट हो गया था कि ये फिल्म सालों से समुद्र में डूबी भगवान श्री कृष्ण की नगरी द्वारका के रहस्यों को आज के युग के सामने रखने वाली है।

‘कार्तिकेय 2’ फिल्म की खास बातें

एक ओर जहाँ बॉलीवुड में हिंदू पूजा-पाठ का मजाक उड़ाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर साउथ की फिल्मों में धर्म और संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका एक उदाहरण हाल ही में रिलीज हुई लाल सिंह चड्ढा से समझिए। फिल्म में हिंदुफोबिया के चलते एक सीन फिट किया गया। इस सीन में आमिर खान का पात्र कहता है, “पूजा-पाठ करने से मलेरिया होता है और इससे दंगे फैलते हैं।”

बॉलीवुड की फिल्मों से उलट ‘कार्तिकेय 2’ नाम की यह पूरी फिल्म ही आस्था व भगवान के प्रति विश्वास पर टिकी हुई है। इस फिल्म के कुछ दृश्य तो ऐसे हैं, जिन्हें देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएँगे।

अभिनय की बात करें तो अभिनेता निखिल सिद्धार्थ (Nikhil Siddhartha) और अभिनेत्री अनुपमा परमेश्वरन (Anupama Parameswaran) ने अपने-अपने किरदार को दर्शकों के सामने शार्प ढंग से पेश किया है। वहीं इस फिल्म में बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर (Anupam Kher) का कैमिओ भी कहानी में रंग भर देता है। सभी किरदारों की डायलॉग डिलीवरी भी जबरदस्त है और फिल्म का निर्देशन सही ढंग से किया गया है।

गौरतलब है कि इस फिल्म में निखिल और अनुपमा के अलावा श्रीनिवास रेड्डी, विवा हर्षा और आदित्य मेनन जैसे अभिनेताओं ने भी जान फूँकी है। ‘कार्तिकेय 2’ का निर्देशन मशहूर फिल्म डायरेक्टर चंदू मोंडेती (Chandu Mondeti) ने किया है। फिल्म का प्रॉडक्शन टीजी विश्व प्रसाद और अभिषेक अग्रवाल का है। बता दें कि अभिषेक अग्रवाल ने ही कश्मीरी पंडितों पर बनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल’ को भी प्रोड्यूस किया था।

रिलीज से पहले निर्माता और अभिनेता ने कही थीं ये बातें

कार्तिकेय 2 फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे अभिनेता निखिल सिद्धार्थ फिल्म रिलीज से पहले बॉलीवुड फिल्मों को लेकर अपने बयान में कहा था,

“पिछले कुछ समय में बॉलीवुड के निर्देशकों की कुछ फ़िल्में हमारी संस्कृति को नीचा दिखाने और राष्ट्र की भावनाओं को आहत करने की तरफ मुड़ गईं। ये एक सही रास्ता नहीं है और इसका अनुसरण करना ठीक नहीं है। लेकिन, मैं फिर भी मेनस्ट्रीम बॉलीवुड फ़िल्में देखना पसंद करता हूँ और हाल ही में मैंने ‘भूल भुलैया 2’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ को थिएटर में देखा।”

इसी क्रम में फिल्म निर्माता अभिषेक अग्रवाल ने भी खुद को एक प्रखर राष्ट्रवादी बताया और अपने बयान में बोला,

“एक निर्माता से भी अधिक, एक व्यक्ति के रूप में ‘द कश्मीर फाइल्स’ ने मुझे अत्यधिक संतुष्टि दी। हर रात में इसी ख़ुशी में बिस्तर पर जाता हूँ कि मैंने अपने कश्मीरी भाइयों की सच्चाई और व्यथा को दिखा कर इस देश और समाज के लिए कुछ किया है। अब पूरा भारत ही मेरा परिवार है। मैं हर उस चीज का समर्थन करूँगा, जो हमारे राष्ट्र के लिए अच्छा होगा। मैं अपने देश, धर्म और संस्कृति के लिए किसी भी हद तक जा सकता हूँ।”

जैश से मिला नूपुर शर्मा के कत्ल का फरमान, पाकिस्तानी सरगना सैफुल्लाह के संपर्क में था यूपी से गिरफ्तार नदीम: खड़ा करना चाहता था नया तालिबान

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से 12 अगस्त, 2022 (शुक्रवार) को गिरफ्तार जैश आतंकी नदीम के पाकिस्तानी कनेक्शन का पता चला है। बताया जा रहा है कि वो सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर सैफुल्लाह के संपर्क में था जहाँ से उसे नूपुर शर्मा को कत्ल करने का फरमान मिला था। सैफुल्लाह से सम्पर्क करने के लिए नदीम के द्वारा फर्जी ID बनाने का भी दावा किया जा रहा है। वह साल 2018 से ही ‘जैश ए मोहम्मद’ से जुड़ा बताया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के ADG (लॉ एन्ड आर्डर) IPS प्रशांत कुमार ने बताया, “नदीम सोशल मीडिया के तमाम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ा था। वह आतंकी घटना को अंजाम देने की फिराक में था। साल 2018 में नदीम का सोशल मीडिया के माध्यम से परिचय पाकिस्तानी आतंकी हकीमुल्लाह से हुआ था। बाद में हकीमुल्लाह ने नदीम का परिचय सैफुल्लाह से करवाया। इसके बाद सैफुल्लाह ने नदीम का परिचय पाकिस्तान, बांग्लादेश और अरब के कई कट्टरपंथी तत्वों से करवाया।”

13 अगस्त 2022 (शनिवार) को पुलिस अधिकारी प्रशांत के दिए बयान के मुताबिक, “नदीम ने न सिर्फ फर्जी सोशल मीडिया हैंडल बल्कि फेक जी मेल की ID, वर्चुअल ID और टेलीग्राम ID भी बनाई थी। ये सब उसने पाकिस्तान भेजा था। पाकिस्तान से नदीम को लोन वुल्फ अटैक (अकेले हमला करने) की ट्रेनिंग भी मिली थी। बाद में नदीम को उसके टारगेट भी दिए गए थे।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नदीम को पाकिस्तान से जिहादी साहित्य उपलब्ध करवाया गया था। इसे पढ़ कर नदीम आतंकी बन गया। नदीम ने जिहाद के लिए अफगानिस्तान जाने का भी मन बनाया था। पाकिस्तान से उसे 70 पेज की बुकलेट भी आई थी, जिसे पढ़ कर वो बम बनाना सीख गया था। यह बुकलेट PDF फॉर्मेट में थी। नदीम के टेलीग्राम में पुलिस को अफगानिस्तान, पाकिस्तान और सीरिया तक के लोग जुड़े मिले हैं। पाकिस्तानी आतंकी सैफुल्लाह से बात करने के लिए नदीम कोडवर्ड का प्रयोग करता था जिसे पुलिस द्वारा डिकोड करने के प्रयास भी चल रहे हैं।

सैफुल्लाह ने नदीम को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में ISI के एजेंट बनाने और ‘तहरीक ए तालिबान’ नाम का संगठन खड़ा करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। उसे पाकिस्तान के अवैध कब्ज़े वाले कश्मीर (POK) में हथियार चलाने की ट्रेनिंग लेने के भी निर्देश मिले थे। फेसबुक के मैसेंजर पर उसको ऐसी वीडियो क्लिप्स भेजी जाती थी, जिसमें युवाओं को जिहाद के लिए उकसाया जाता था।

हिरोइन को फिल्म में काम देने के बहाने बुलाया… रात में नींद खुली तो प्रोड्यूसर ऊपर था: इसी फिल्म का डायरेक्टर पहले से है रेप केस में

मलयालम सिनेमा पेदावेत्तू (Padavettu) के एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर बिपिन पॉल पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। तमिल और तेलगू फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाली एक एक्ट्रेस ने पॉल पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। एक्ट्रेस का आरोप है कि फेक ऑडिशन के लिए बुला कर बिपिन पॉल ने उनके साथ रेप की कोशिश की।

एक्ट्रेस का आरोप है कि बिपिन ने उनको एक फिल्म के ऑडिशन के लिए बुलाया। ऑडिशन के बाद बिपिन ने जानबूझकर उन्हें वहाँ से जाने नहीं दिया। किसी न किसी बहाने से उन्हें रोक लिया। इसके साथ ही होटल में एक रूम भी बुक कर लिया। इसके बाद उनके साथ रेप करने की कोशिश की। पीड़ित एक्ट्रेस का कहना है कि लीजू कृष्णा [पेदावेत्तू (Padavettu) के निर्देशक] ने जिस लड़की के साथ रेप किया था, उनकी एक ऑडियो क्लिप सुनने के बाद उन्होंने भी अपने साथ हुए उत्पीड़न के बारे में बोलने का फैसला लिया।

एक्ट्रेस ने अपनी आपबीती बताते हुए फेसबुक पोस्ट पर लिखा है कि बिपिन ने उनकी तस्वीरें देखने के बाद उन्हें फिल्म के ऑडिशन के लिए कन्नूर बुलाया। वो ऑडिशन के लिए कन्नूर गईं। ऑडिशन के लिए अरोमा रिसॉर्ट बुक किया गया था। रिसॉर्ट में बिपिन के साथ लीजू कृष्णा भी मौजूद थे।

एक्ट्रेस का कहना है कि फोन पर उनसे कहा गया था कि फिल्म के निर्माता सनी वेन भी वहाँ होंगे। जबकि वहाँ पहुँचने पर बताया गया कि वो किसी बर्थडे पार्टी के लिए निकल गए हैं। एक्ट्रेस ने ऑडिशन दिया, जिसके बाद लीजू कृष्णा वहाँ से चले गए। एक्ट्रेस ने बिपिन से काफी देर तक बातें की क्योंकि उनकी वापसी की बस रात 9.30 बजे की थी और तब केवल दिन के दो बज रहे थे। एक्ट्रेस के पास समय था तो उन्होंने बिपिन से बातें कर लीं।

रात 9 बजे एक्ट्रेस ने कई बार बिपिन से कहा कि उन्हें बस तक छोड़ आएँ, लेकिन उन्होंने बारिश का बहाना बना दिया और उन्हें वहीं होटल में रोक लिया। इसके बाद रात के 3-3:30 बजे उनके साथ रेप करने की कोशिश की। जब पीड़िता की नींद खुली तो बिपिन पॉल उनके ऊपर चढ़ा हुआ था, इससे उनका दम घुट रहा था। एक्ट्रेस चिल्लाते हुए बाहर की ओर भाग गईं और कहा कि अगर वो उनके साथ जबरदस्ती करेंगे तो वो शोर मचाएँगी। इसके बाद बिपिन उनसे माफी माँगने लगे।

इस घटना के करीब एक महीने बाद एक्ट्रेस को पता चला कि जिस फिल्म के ऑडिशन के लिए उन्हें बुलाया गया था, उसके लिए 6 महीने पहले ही किसी अन्य हिरोइन को साइन कर लिया गया था। एक्ट्रेस ने कहा कि तब उन्हें समझ आया कि बिपिन और लीजू ने मिलकर उन्हें फेक ऑडिशन के लिए बुलाया था, जिससे बिपिन मौके का फायदा उठा सके। एक्ट्रेस का कहना है, “ऐसे न जाने कितनी अन्य लड़कियों के साथ उन्होंने धोखा किया होगा। मेरी कहानी जानने के बाद अन्य पीड़ित लड़कियाँ भी आगे आकर अपनी बात रखने की हिम्मत कर सकेंगी।”

आपको बता दें कि पेदावेत्तू के निर्देशक लीजू कृष्णा पर पहले से ही रेप के आरोप हैं। वो बिपिन पॉल के साथ मिल कर लड़कियों को फेक ऑडिशन के लिए बुलाकर उनका यौन शोषण करते हैं। 5 महीने पहले निर्देशक के तौर पर अपनी पहली फिल्म कर रहे लिजू कृष्णा पर इस तरह से बलात्कार के आरोप लगे थे। फिल्म में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम करने वाली महिला ने उन पर रेप का आरोप लगाया था।

‘इस्लाम का अपमान नहीं कर सकते’ : जब सलमान रुश्दी को गलत बताना था तो ‘नास्तिक’ थे जावेद अख्तर, हमले के बाद मजहबी कट्टरपंथ का जिक्र भी भूले

न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम के दौरान लेखक सलमान रुश्दी पर चाकुओं से हुए हमले के बाद संगीतकार जावेद अख्तर ने बहुत बचते-बचाते इस हमले की निंदा की है। उन्होंने अपने ट्वीट में न तो उस इस्लामी कट्टरपंथी का नाम लिखा है जिसने भरे मंच पर रुश्दी की गर्दन में चाकू घोंपा और न ही उन धमकियों या फतवों का जिक्र किया है जो रुश्दी के खिलाफ पिछले 30 साल से जारी हो रहे हैं।

जावेद ने बस लिखा, “मैं सलमान रुश्दी पर हुए हमले की निंदा करता हूँ जो कि किसी चरमपंथी द्वारा किया गया। उम्मीद है कि न्यूयॉर्क पुलिस हमलावर के खिलाफ कड़ा एक्शन लेगी।”

2012 में रुश्दी की किताब की निंदा

जावेद का यह रवैया कोई हैरानी वाला नहीं है। साल 2012 में एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू के दौरान वह सलमान की किताब ‘द सैटैनिक वर्सेज’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लेखक को गलत कह चुके हैं।

उन्होंने कहा था, “रुश्दी ने जो किया वह अच्छा नहीं है। मैं नास्तिक हूँ लेकिन जीवन में कुछ मर्यादा और बुनियादी शऊर है। वह इस्लाम के बारे में अपमानजनक बात नहीं कह सकते। उन्होंने एक नोवेल लिखी। कल्पना आधारित। उसमें उन्होंने ऐसे ऐतिहासिक लोगों को लिया जिन्हें अरबों लोगों द्वारा सम्मान दिया जाता है। आपने उनके बारे में अपमानजनक बातें कहीं। आखिर इससे आपको क्या मिलेगा? आप ऐसा क्यों कर रहे हैं। इससे आप उन्हें अधिक मजहबी और कट्टरपंथी बना देंगे।”

जावेद ने कहा, “मैं किसी मजहब को नहीं मानता है फिर भी मुझे लगता है कि वो किताब बेहद अपमानजनक है। आप ऐसा नहीं कर सकते हैं।” ‘राइट टू ऑफेंड’ की बात आने पर वह बोले, “क्या मैं अपने पड़ोसियों के बारे में कुछ भी कह सकता हूँ? क्या मैं कह सकता हूँ वो दलाल है, उसका घर वेश्यालय?”

इस्लाम के खिलाफ बोलने वालों पर गुस्सा जाहिर करने के बाद अपनी सेकुलर व नास्तिक छवि को बनाए रखने के लिए अख्तर ने ये भी कहा था कि उन्हें उनके मजहब की आलोचना से दिक्कत नहीं है, लेकिन वो विद्वत्तापूर्ण किया जाना चाहिए।

बता दें कि सलमान रुश्दी पर हुए हमले के बाद जावेद अख्तर के आए अब के ट्वीट और उनकी पुरानी बयानबाजी जोड़कर देखें तो पता चलता है कि कैसे खुद को नास्तिक और वामपंथी कहने वाले लोग ऐसी घटनाओं के समय आरोपित का नाम छिपाने में आगे रहते हैं और सिर्फ मगरमच्छ के आँसू बहाकर ऐसा दिखाते हैं कि उन्हें हमले का दुख है। जबकि, हकीकत ये होती है कि वो उन घटनाओं को रोकने का कोई प्रयास नहीं करते, बल्कि उसे और बढ़ावा देते हैं।

बाबू कुरैशी ने हिंदू युवक की फोटो इंस्टाग्राम पर डाली, कन्हैया लाल की तरह ‘सर तन से जुदा’ करने की धमकी: पुलिस ने छुरे के साथ पकड़ा

राजस्थान के भीलवाड़ा में सूरज नाम के एक हिन्दू युवक को कन्हैया लाल की तरह ‘सर तन से जुदा’ करने की धमकी दी गई है। धमकी देने वाले का नाम सोहिद उर्फ बाबू कुरैशी है। कुरैशी ने धमकी के साथ हिंदू युवक का फोटो भी इन्स्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया था। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से मोबाइल के अलावा एक छुरा और उस पर धार लगाने वाला पत्थर भी मिला है। आरोपित ने 5 और 7 अगस्त को कॉल कर सूरज को धमकी दी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला भीलवाड़ा के आज़ाद नगर का है। यहाँ रहने वाले सूरज ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया है, “बाबू कुरैशी ने मुझे हिन्दू संगठन छोड़ देने की धमकी दी थी। ऐसा न करने पर उसने मेरा हाल उदयपुर के कन्हैया लाल जैसा करने की बात कही थी। यह धमकी उसने 2 अलग-अलग दिनों में फोन कर दी।” 5 अगस्त को रात 11 बजे की गई पहली कॉल में कुरैशी ने कहा, “तूने मेरी बात नहीं मानी। तूने हिन्दू संगठनों में जाना बंद नहीं किया। अब तू कहीं नजर मत आना। अगर तू सामने दिखा तो तेरा सर तन से जुदा कर दूँगा।” इसके बाद 7 अगस्त को एक बार फिर से बाबू कुरैशी ने सूरज को सुबह 11 बजे फोन कर कहा, “तू मुझसे नहीं बच सकता। तेरा सर कलम कर के रहेंगे। तू हमें जानता नहीं।”

सूरज की शिकायत पर पुलिस ने फोन करने वाला का पता निकाला तो वह भीलवाड़ा के ही जंगी चौक के गाँधीनगर का निवासी बाबू कुरैशी निकला। इस बीच कुरैशी ने सोशल मीडिया पर सूरज का फोटो डाल लिखा कि अब इसका नंबर है।

इस संबंध में शिव पटेल नाम के व्यक्ति ने भी एक रिपोर्ट दर्ज करवाई है। भीलवाड़ा के ही आज़ाद नगर निवासी शिव पटेल की शिकायत के मुताबिक, “10 अगस्त को मैं अपने दोस्तों के साथ प्रतापगनर के स्कूल ग्राउंड में खेल रहा था। तभी वहाँ 5-7 लोग पाइप और स्टिक लेकर आए। उसमें से एक बाबू कुरैशी का दोस्त समीर था। उन्होंने मुझसे सूरज के बारे में पूछा। जब मैंने नहीं बताया तब उन्होंने मुझे और मेरे दोस्तों की पिटाई की। आसपास के लोग जुटने लगे तो हमलावर भाग निकले।”

इस शिकायत के बाद पुलिस ने सोहिद उर्फ़ बाबू कुरैशी के खिलाफ FIR दर्ज करते हुए उसको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपित सोहिद उर्फ़ बाबू कुरैशी के खिलाफ IPC की धारा 153 (क), 505 (2) और 506 IPC के तहत कार्रवाई की है। गौरतलब है कि इसी साल जून में मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने कन्हैया लाल का गला उनके टेलर शॉप में घुसकर काट डाला था। कन्हैया लाल की हत्या बीजेपी की पूर्व नेता नूपुर शर्मा का समर्थन करने के कारण की गई थी।

प्रशांत भूषण को ‘बेहूदी टिप्पणी’ पर बार काउंसिल ने लताड़ा: बताया भारत विरोधी, कहा- रूस-चीन में ऐसे लोगों के अस्तित्व की कल्पना भी नहीं कर सकते

सुप्रीम कोर्ट और उसके जजों पर अधिवक्ता प्रशांत भूषण की ताज़ा टिप्पणी के बाद BCI (बार काउंसिल ऑफ इंडिया) ने उन्हें जम कर लताड़ लगाई है। बुधवार (10 अगस्त, 2022) को ‘इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (IAMC)’ द्वारा आयोजित एक वेबिनार में ज़ाकिया ज़ाफ़री, हिमांशु कुमार और मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) पर सुप्रीम कोर्ट के ताज़ा फैसलों का जिक्र करते हुए कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय ने नागरिक स्वतंत्रता और मूलभूत अधिकारों का संरक्षक होने का दायित्व त्याग दिया है।

उन्होंने इन तीनों की जजमेंट में अत्यंत दर्दनाक बताते हुए कहा कि ये सुप्रीम कोर्ट पर हमले को और उसके कर्तव्यों के त्याग को एक नए स्तर पर ले जाता है। उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट में याचिका डालने वाले को ही सिर्फ इसीलिए सज़ा दी रही है, क्योंकि उसने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया। उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने जो कुछ भी किया, वो बेतुका है और समझ से परे है। प्रशांत भूषण इतने पर ही नहीं रुके थे, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जजों पर भी टिप्पणियाँ की थीं।

उन्होंने अयोध्या राम मंदिर मामला और राफेल फाइटर एयरक्राफ्ट मामले में फैसला सुनाने वाले पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) रंजन गोगोई का नाम लेते हुए कहा था कि उन्हें रिटायरमेंट के बाद राज्यसभा सांसद बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि जस्टिस अरुण मिश्रा को रिटायरमेंट के तुरंत बाद ‘राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC)’ का अध्यक्ष बनाते हुए नियमों का उल्लंघन कर के 9 महीने तक उन्हें अपना आधिकारिक आवास अपने पास रखने की अनुमति दी गई।

अब BCI ने उनके बेतुके बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है, “प्रशांत भूषण जैसे लोग कभी भी नागरिक स्वतंत्रता के चैंपियन नहीं रहे हैं, बल्कि वो इस तरह के बेहूदी हरकतें कर के वो दुनिया को ये सन्देश देने में कामयाब रहते हैं कि वो लोग भारत विरोधी हैं। असल में ऐसे लोग अभिव्यक्ति एवं बोली की आज़ादी के मूलभूत अधिकारों का हनन कर रहे हैं। चीन और रूस जैसे देशों में प्रशांत भूषण जैसे लोगों की अस्तित्व की हम कल्पना भी नहीं कर सकते।”

BCI ने कहा कि रिटायरमेंट के बाद जजों को पद दिए जाने की इस तरह अशिष्ट ढंग से आलोचना नहीं की जा सकती, क्योंकि कई संस्थाओं में कुछ पद पूर्व जजों को ही दिए जाते रहे हैं। संगठन ने कहा कि वो इस मामले को सही मंच पर उठाता रहा है, लेकिन सम्मानपूर्वक। इसके लिए जजों को बदनाम किए जाने को BCI ने तर्कहीन और अनुचित करार दिया। संगठन ने याद दिलाया कि आप आलोचना कीजिए, लेकिन ‘लक्ष्मण रेखा’ पार मत कीजिए। साथ ही कहा कि आप वकील होने के बावजूद व्यवस्था का मजाक नहीं बना सकते, वरना आपको इसके परिणाम भुगतने होंगे।

‘जन्म से मुस्लिम नहीं हैं समीर वानखेड़े’: असली है जाति प्रमाण-पत्र, ड्रग्स केस में आर्यन खान की गिरफ्तारी के बाद नवाब मलिक ने खड़ा किया था विवाद

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान (Bollywood Actor Shah Rukh Khan) के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) से जुड़े ड्रग्स के मामले से चर्चा में आए नारकोटिक्स विभाग (NCB) के पूर्व जोनल अधिकारी समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) को बड़ी राहत मिली है। जाति प्रमाण पत्र जाँच पैनल ने उन्हें बरी कर दिया है।

जाँच पैनल ने 91 पन्नों की अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वानखेड़े जन्म से मुस्लिम नहीं हैं। यह भी साबित नहीं होता कि वानखेड़े और उनके पिता ने इस्लाम धर्म अपनाया है। जाँच में यह बात सामने आई कि वह महार-37 अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं। 

जाँच पैनल ने यह भी माना कि महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री और राकांपा (NCP) नेता नवाब मलिक और मनोज संसारे, अशोक कांबले और संजय कांबले जैसे अन्य शिकायतकर्ता अपनी शिकायत और दावों को साबित करने में नाकाम हुए। 

रिपब्लिक टीवी से बातचीत करते हुए समीर वानखेडे़ के पिता ज्ञानदेव वानखेड़े ने समर्थन देने के लिए लोगों को धन्यवाद दिया और अपने बेटे को फँसाने के प्रयास पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए थे और परिवार एक आघात गुजरा है।

वहीं, समीर वानखेड़े ने कहा, “मैं न्यायपालिका और व्यवस्था में पूरा विश्वास करता हूँ। मैं केवल यही कहूँगा ‘सत्यमेव जयते’। मैं जीवन भर यही कहता रहा हूँ और कहता रहूँगा। जब इस तरह के झूठे और तुच्छ आरोप लगाए जाते हैं राष्ट्रीय सेवा तो दर्द होता है। अगर परिवार इस तरह की यातना और आघात से गुजरता है तो कोई भी बेटा, भाई या पति इसका सामना नहीं करना चाहेगा।”

उनकी पत्नी क्रांति रेडकर वानखेड़े ने कहा, “मुझे लगता है कि आज का दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है। यह दशहरे की तरह है, यह रावण को मारने जैसा है, यह बुराई पर विजय प्राप्त कर रहा है। हमने मुकदमे का सामना करने के लिए और हम आज विजयी हुए हैं। मैं भारतीय न्यायिक प्रणाली और जाति जाँच समिति की आभारी हूँ।”

दरअसल, समीर वानखेड़े की जाति का मामला नवाब मलिक ने तब उठाया था, आर्यन खान ड्रग केस की जाँच में लगे हुए थे। उस समय नवाब मलिक ने वानखेड़े पर की आरोप लगाए थे। नवाब मलिक ने कहा था कि वानखेड़े मुस्लिम हैं और आरक्षण के जरिए नौकरी पाने के लिए फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाया है।

वानखेड़े ने कहा कि नवाब मलिक ने एक कैबिनेट मंत्री के रूप में जाति प्रमाण पत्र का मुद्दा इसलिए उठाया था, क्योंकि उनकी टीम ने मलिक के दामाद समीर खान को ड्रग मामले में गिरफ्तार किया था। समीर खान 2021 में जनवरी में गिरफ्तार हुए थे। उनकी रिहाई के बाद मलिक ने ये आरोप लगाए थे।