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जैश से मिला नूपुर शर्मा के कत्ल का फरमान, पाकिस्तानी सरगना सैफुल्लाह के संपर्क में था यूपी से गिरफ्तार नदीम: खड़ा करना चाहता था नया तालिबान

पाकिस्तान से उसे 70 पेज की बुकलेट भी आई थी, जिसे पढ़ कर वो बम बनाना सीख गया था। यह बुकलेट PDF फॉर्मेट में थी। नदीम के टेलीग्राम में पुलिस को अफगानिस्तान, पाकिस्तान और सीरिया तक के लोग जुड़े मिले हैं।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से 12 अगस्त, 2022 (शुक्रवार) को गिरफ्तार जैश आतंकी नदीम के पाकिस्तानी कनेक्शन का पता चला है। बताया जा रहा है कि वो सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर सैफुल्लाह के संपर्क में था जहाँ से उसे नूपुर शर्मा को कत्ल करने का फरमान मिला था। सैफुल्लाह से सम्पर्क करने के लिए नदीम के द्वारा फर्जी ID बनाने का भी दावा किया जा रहा है। वह साल 2018 से ही ‘जैश ए मोहम्मद’ से जुड़ा बताया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के ADG (लॉ एन्ड आर्डर) IPS प्रशांत कुमार ने बताया, “नदीम सोशल मीडिया के तमाम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ा था। वह आतंकी घटना को अंजाम देने की फिराक में था। साल 2018 में नदीम का सोशल मीडिया के माध्यम से परिचय पाकिस्तानी आतंकी हकीमुल्लाह से हुआ था। बाद में हकीमुल्लाह ने नदीम का परिचय सैफुल्लाह से करवाया। इसके बाद सैफुल्लाह ने नदीम का परिचय पाकिस्तान, बांग्लादेश और अरब के कई कट्टरपंथी तत्वों से करवाया।”

13 अगस्त 2022 (शनिवार) को पुलिस अधिकारी प्रशांत के दिए बयान के मुताबिक, “नदीम ने न सिर्फ फर्जी सोशल मीडिया हैंडल बल्कि फेक जी मेल की ID, वर्चुअल ID और टेलीग्राम ID भी बनाई थी। ये सब उसने पाकिस्तान भेजा था। पाकिस्तान से नदीम को लोन वुल्फ अटैक (अकेले हमला करने) की ट्रेनिंग भी मिली थी। बाद में नदीम को उसके टारगेट भी दिए गए थे।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नदीम को पाकिस्तान से जिहादी साहित्य उपलब्ध करवाया गया था। इसे पढ़ कर नदीम आतंकी बन गया। नदीम ने जिहाद के लिए अफगानिस्तान जाने का भी मन बनाया था। पाकिस्तान से उसे 70 पेज की बुकलेट भी आई थी, जिसे पढ़ कर वो बम बनाना सीख गया था। यह बुकलेट PDF फॉर्मेट में थी। नदीम के टेलीग्राम में पुलिस को अफगानिस्तान, पाकिस्तान और सीरिया तक के लोग जुड़े मिले हैं। पाकिस्तानी आतंकी सैफुल्लाह से बात करने के लिए नदीम कोडवर्ड का प्रयोग करता था जिसे पुलिस द्वारा डिकोड करने के प्रयास भी चल रहे हैं।

सैफुल्लाह ने नदीम को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में ISI के एजेंट बनाने और ‘तहरीक ए तालिबान’ नाम का संगठन खड़ा करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। उसे पाकिस्तान के अवैध कब्ज़े वाले कश्मीर (POK) में हथियार चलाने की ट्रेनिंग लेने के भी निर्देश मिले थे। फेसबुक के मैसेंजर पर उसको ऐसी वीडियो क्लिप्स भेजी जाती थी, जिसमें युवाओं को जिहाद के लिए उकसाया जाता था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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