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मंत्रियों के बचाव में आगे आए चाचा-भतीजा: नीतीश बोले- जहाँ जाना हो जाएँ बीमा भारती, तेजस्वी ने किडनैपिंग केस वाले कानून मंत्री को बताया ‘निर्दोष’

बिहार के नए मंत्रियों से जुड़ा विवाद थमता नहीं दिख रहा है। अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव मंत्रियों के बचाव में आगे आए हैं। लेसी सिंह पर सवाल उठाने वाली जेडीयू विधायक बीमा भारती को नीतीश ने फटकारा है। वहीं, किडनैपिंग केस में आरोपित बताए जा रहे कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह को तेजस्वी ने निर्दोष बताया है।

नीतीश कुमार ने गुरुवार (18 अगस्त 2022) को मीडिया से बात करते हुए कहा, “लेसी सिंह पर लगाए गए बीमा भारती के सारे आरोप बेबुनियाद हैं। बीमा भारती को भी दो बार मंत्री बनाया जा चुका है, क्या वह इस बात को भूल गई हैं। पार्टी उन्हें समझाएगी। यदि वह नहीं समझती हैं, तो जहाँ जाना चाहें वह जा सकती हैं।” बीमा भारती ने लेसी सिंह को मंत्रिमंडल से हटाने की माँग की थी।

मुख्यमंत्री ने बीमा भारती की माँग पर जवाब देते हुए कहा कि कैबिनेट में सीमित जगह होती है। सभी को मंत्री का पद नहीं दिया जा सकता है। गौरतलब है कि बीमा भारती ने कहा था कि लेसी सिंह का जो भी विरोध करता है, वह उसकी हत्या करवा देती हैं। चुनावों के समय पार्टी विरोधी काम करती हैं। इसके बावजूद उन्हें कैबिनेट में जगह दी गई है। लेसी सिंह को कैबिनेट से नहीं हटाए जाने पर उन्होंने जदयू से इस्तीफे की धमकी भी दी थी।

वहीं कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह के खिलाफ अरेस्ट वारंट के लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग इस मामले को देख रहे हैं। बुधवार को नीतीश कुमार ने इस मामले की जानकारी होने से अनभिज्ञता प्रकट थी। वहीं तेजस्वी यादव का कहना है कि इस मामले में कार्तिकेय सिंह को अदालत ने राहत दे रखी है। उन्होंने जंगलराज के आरोपों को लेकर कहा कि बीजेपी के पास कोई काम नहीं है।

दावा किया जा रहा है कि इस केस में कार्तिकेय सिंह को 16 अगस्त को कोर्ट में सरेंडर करना था, लेकिन वे उसी दिन मंत्री पद की शपथ ले रहे थे। वैसे नीतीश कुमार की नई कैबिनेट में कार्तिकेय सिंह अकेले दागी नहीं है। दागदार मंत्रियों की संख्या करीब 72 फीसदी हैं। कृषि मंत्री सुधाकर सिंह पर चावल गबन का आरोप है तो शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर एक बार कारतूस के साथ दिल्ली हवाई अड्डे पर पकड़े गए थे।

‘काफिर अब तेरी गर्दन उतारी जाएगी’: नूपुर शर्मा का समर्थन करने पर शिवसेना नेता को मिली जान से मारने की धमकी

पूर्व भाजपा नेता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) का समर्थन करने वालों को जिहादियों द्वारा धमकी दिए जाने का सिलसिला अब तक जारी है। इससे जुड़ा नया मामला, महाराष्ट्र से सामने आया है जहाँ नागपुर के शिवसेना नेता को जान से मारने की धमकी दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि नागपुर के मोहन नगर निवासी शिवसेना नेता लॉरेंस ग्रेगरी को जान से मारने की धमकी भरा पत्र मिला है। यह पत्र उनके घर के अंदर फेंका गया था।

शिवसेना नेता लॉरेंस ग्रेगरी की शिकायत के आधार पर नागपुर की सदर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धमकी भरे मैसेज भेजने का मामला दर्ज कर लिया है। ग्रेगरी ने अपनी शिकायत में कहा है कि एक सफेद कागज को पत्थर में लपेटकर उनके घर में फेंका गया है। इस कागज में धमकी भरे लहजे में ‘काफिर अब तेरी गर्दन उतारी जाएगी’ लिखा हुआ है।

बताया जा रहा है कि, शिवसेना नेता ग्रेगरी ने कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया ग्रुप पर नूपुर शर्मा के समर्थन में कुछ पोस्ट शेयर की थी। यह पोस्ट शेयर करने के बाद ही उन्हें यह धमकी मिली है।

धमकी मिलने के बाद डरा हुआ है शिवसेना नेता का पूरा परिवार

धमकी भरे पत्र के मिलने के बाद से लॉरेंस ग्रेगरी और उनका पूरा परिवार डर के साए में जी रहा है। इस घटना को लेकर शिवसेना के नगर अध्यक्ष नितिन तिवारी ने ग्रेगरी के परिवार के लिए पुलिस सुरक्षा की माँग की है।

गौरतलब है कि पूर्व भाजपा नेता नूपुर शर्मा ने एक टीवी डिबेट के दौरान भगवान शिव शंकर का अपमान किए जाने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी की थी। नूपुर शर्मा के इस टिप्पणी के बाद जब विवाद बढ़ा तो भाजपा द्वारा उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था।

बता दें, नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के बाद अमरावती के केमिस्ट उमेश कोल्हे को मौत के घाट उतार दिया गया था। वहीं, उदयपुर में टेलर कन्हैया की दुकान में घुसकर उनका गला रेत दिया गया था। इसके अलावा भी देश में कई जगह नूपुर शर्मा का समर्थन करने वालों पर जानलेवा हमला और जान से मारने की धमकी जैसी खबरें सामने आती रहीं हैं।

बिहार के एक गेस्ट हाउस में चल रहा था फर्जी थाना, होती थी वसूली: महिला बनी थी दारोगा, ₹500 की दिहाड़ी पर काम कर रहे थे नकली पुलिसवाले

फर्जी पुलिस अधिकारी से जुड़ी कई खबरें आपने सुनी होंगी। लेकिन बिहार में एक फर्जी थाना का पर्दाफाश हुआ है। यह नकली पुलिस स्टेशन बांका जिले के एक गेस्ट हाउस से चल रहा था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार थाने में चौकीदार से लेकर डीएसपी तक की तैनाती थी। दारोगा के किरदार में एक महिला थी। नकली पुलिसवाले 500 रुपए रोज पर काम कर रहे थे।

इस फर्जी थाने के पुलिसकर्मी भोले-भाले लोगों से अवैध उगाही करते थे। साथ ही पुलिस विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर भी लोगों से पैसे ऐंठे जाने की बात सामने आई है। असली पुलिस ने 2 महिलाओं सहित कुल 4 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने बुधवार (17 अगस्त 2022) को इस नकली थाने पर कार्रवाई की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फर्जी थाना बांका के अनुराग गेस्ट हाउस में लगभग 8 महीने से चल रहा था। इस नेटवर्क का सरगना भोला यादव बताया जा रहा है। पुलिस पूछताछ में आरोपित शुरुआत में दावा कर रहे थे कि उन्हें झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बहाल किया है।

बांका के SP डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि गश्त के दौरान पुलिस बल को वर्दी पहने एक महिला संदिग्ध दिखी। उसे पूछताछ के लिए रोका गया तो वह भागने लगी। उसके पकड़े जाने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। उन्होंने बताया कि आरोपितों ने ‘स्कॉट पुलिस टीम पटना’ नाम से एक ट्रस्ट बना रखा था। इसके जरिए पुलिस में भर्ती करवाने का फर्जी और जाली काम चल रहा था।

पुलिस के मुताबिक आरोपितों के पास से बिहार पुलिस की बैज लगी 2 वर्दी, 1 चौकीदार की बैज लगी वर्दी और एक कट्टा बरामद किया गया है। गिरफ्तार महिला आरोपितों के नाम अनीता कुमारी और जूली कुमारी हैं। कट्टा अनीता कुमारी के पास से मिला है। जूली कुमारी फर्जी थाने में क्लर्क के तौर पर नियुक्त थी। गिरफ्तार 2 अन्य आरोपितों के नाम रमेश कुमार और आकाश कुमार हैं। मुख्य आरोपित भोला यादव फरार है।

जिस अनुराग गेस्ट हाउस में फर्जी थाना चल रहा था उसके संचालक रोहित कुमार मंडल ने बताया कि 5 लोग करीब ढाई साल से यहाँ रह रहे थे। वे ढाई से तीन हजार के बीच भाड़ा देते थे। अनुराग के मुताबिक उन्होंने इनका पहचान पत्र भी जमा करवाया था। इनलोगों ने खुद को ठेकेदार बता ऑफिस का काम करने के नाम पर गेस्ट हाउस में कमरा ले रखा था।

सलमान रुश्दी के जीवित बचने से हैरान है हमलावर, बताया- इस्लाम का अपमान करने वाला: जिसने दिया था हत्या का फतवा उसे बताया ‘महान इंसान’

मशहूर ब्रिटिश लेखक सलमान रुश्दी (Salman Rushdie) पर चाकू से हमला करने के आरोपित हादी मतार (Hadi Matar) ने न्यूयॉर्क पोस्ट के साथ एक इंटरव्यू में कई बड़े खुलासे किए हैं। आरोपित ने इस इंटरव्यू में ईरान के पूर्व नेता अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी की तारीफ करते हुए उन्हें ‘महान इंसान’ बताया। साथ ही बुकर पुरस्कार से सम्मानित सलमान रुश्दी के जीवित बचने पर ‘हैरानी’ जताई। हादी मतार फिलहाल जेल में बंद है।

हादी मतार ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए साक्षात्कार के दौरान कहा कि वह सलमान रुश्दी के हमले में जिंदा बच जाने के समाचार को सुनकर हैरान है। उसने कहा कि जब उसे एक ट्वीट से पिछली सर्दियों में पता चला कि लेखक चौटाउक्वा इंस्टीट्यूट में आने वाले हैं, तो उसने वहाँ जाने का फैसला किया। मतार ने यह कबूल किया कि उसने लेखक को गंभीर रूप से चाकू मारा था, मगर उसे यह जानकर आश्चर्य हुआ कि रुश्दी अभी भी जीवित हैं।

उसने ईरान के पूर्व नेता अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी की तारीफ करते हुए कहा, “मैं अयातुल्ला का सम्मान करता हूँ। मुझे लगता है कि वह एक महान व्यक्ति हैं। मैं इनके बारे में इतना ही कहूँगा। मुझे सलमान रुश्दी पसंद नहीं है। मुझे नहीं लगता कि वह बहुत अच्छा व्यक्ति हैं। वह (रुश्दी) ऐसा व्यक्ति है, जिसने इस्लाम पर हमला किया। उसने उनकी आस्था पर हमला किया।”

वीडियो इंटरव्यू में, उसने यह भी कहा कि उसने पहले रुश्दी के वीडियो देखे थे और वह उसे कभी पसंद नहीं आया। उसने कहा, “मैंने बहुत सारे व्याख्यान देखे। मैं ऐसे लोगों को पसंद नहीं करता जो इस तरह के कपटी हैं।”

इंटरव्यू के दौरान उसने सलमान रुश्दी की किताब ‘द सैनेटिक वर्सेज’ का भी जिक्र किया। उसने कहा कि उसने किताब के ‘कुछेक पन्ने पढ़े’ हैं। मतार ने कहा कि वह हमले से एक दिन पहले बस से बफेलो पहुँचा था और इसके बाद वह टैक्सी से चौटाउक्वा पहुँचा। उसने कहा कि उसने चौटाउक्वा इंस्टीट्यूट मैदान का पास खरीदा और रुश्दी के लेक्चर से पहले वाली रात को घास पर सोया।

इससे पहले 15 अगस्त को ईरानी मीडिया ने इस हमले की व्यापक रूप से प्रशंसा की थी। मीडिया रिपोर्टों में कहा जा रहा था कि हमले में रुश्दी की एक आँख जा सकती है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के स्टेट ब्रॉडकास्टर जाम-ए जाम ने कहा था, “शैतान की एक आँख को अंधा कर दिया गया है।” इसके साथ ही, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनानी तेहरान ने हमले के लिए रुश्दी को दोषी ठहराया और कहा, “इस हमले में, हम सलमान रुश्दी और उनके समर्थकों के अलावा किसी और को दोष और निंदा के योग्य नहीं मानते हैं। इस्लाम के पवित्र बातों का अपमान करके और 1.5 अरब से अधिक मुस्लिमों और मजहबों के अनुयायियों की रेड लाइन को पार करके, सलमान रुश्दी ने लोगों के क्रोध और आक्रोश को उजागर किया।”

उल्लेखनीय है कि सलमान रुश्दी ने द सैटेनिक वर्सेज को 1988 में लिखा था। कथित तौर पर ये किताब पैगंबर मोहम्मद के बारे में थी। इसके बाजार में आने के बाद कट्टरपंथी भड़क गए थे। इस्लामवादियों का कहना था कि इस पुस्तक में इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद का अपमान किया गया है। इसके बाद उन्हें दुनिया भर में कई जगहों से हत्या की धमकी मिली। ईरान के सुप्रीम लीडर अयोतुल्लाह खुमैनी ने उनके खिलाफ फतवा जारी किया था और रुश्दी का सिर कलम करके लाने वाले को 3 मिलियन डॉलर ईनाम देने को कहा था। इसके बाद रुश्दी बच-बच कर विदेशों में ही रहे। लेकिन 33 साल बाद जब शुक्रवार (12 अगस्त 2022) को उन पर हमला हुआ तो कट्टरपंथी खूब जश्न मनाते दिखे। 

गौरतलब है कि भारतीय समयानुसार, शुक्रवार की रात को मतार ने सलमान रुश्दी को चाकू तब मारा, जब 75 वर्षीय लेखक चौटाउक्वा इंस्टीट्यूशन में मंच पर बैठे थे। काला कपड़ा पहना मतार पीछे से आया और लोगों के बीच बैठे रुश्दी पर चाकू से ताबड़-तोड़ हमला कर दिया।

MP के गृह मंत्री ने अर्जुन कपूर को बताया ‘फ्लॉप और फ्रस्ट्रेटेड’ एक्टर, कहा- टुकड़े-टुकड़े गैंग में दूसरे मजहब पर फिल्म बनाने की हिम्मत नहीं

बॉलीवुड फिल्मों के बायकॉट पर भड़ास निकालना अभिनेता अर्जुन कपूर को भारी पड़ रहा है। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने उन्हें फ्लॉप और फ्रस्ट्रेटेड एक्टर बताया है। साथ ही कहा है कि वे जनता को धमकी देने की जगह अपनी एक्टिंग पर ध्यान दें तो यह उनके लिए ज्यादा अच्छा होगा।

नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “अब कोई फ्लॉप और फस्ट्रेट एक्टर जनता को धमकाएगा। मैं इसे अच्छा नहीं मानता हूँ। अगर जनता को धमकाने की बजाय वे अपनी एक्टिंग पर ध्यान दें, तो ये उनके लिए ज्यादा अच्छा होगा।” बॉलीवुड के हिंदूफोबिक चरित्र पर सवाल उठाते हुए मंत्री ने कहा, “मैं उनसे सवाल करना चाहता हूँ कि क्या उनमें और टुकड़े-टुकड़े गैंग के हिमायती लोगों में इतनी हिम्मत है कि वह अन्य मजहब पर फिल्म बना सकें। उस मजहब के लिए अपमानित शब्द बोल सकें और उस मजहब के देवी-देवताओं को नीचा दिखा सकें। यह सब केवल हम सनातनी लोगों के साथ किया जाता है। ऐसा करने के बाद फिर बायकॉट को लेकर जनता को धमकाते हैं। इंतजार करो आप भी अर्जुन कपूर। अब जनता जागरूक हो गई है। फिल्म अभिनेता का जनता को धमकाना ठीक बात नहीं है। जनता को धमकाने की जगह आपको अपने अभिनय पर ध्यान देना चाहिए।”

दरअसल, बॉलीवुड फिल्मों के बॉयकॉट ट्रेंड को लेकर कई सितारे अपनी फिल्मों को लेकर डरे हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘लाल सिंह चड्ढा’ और ‘रक्षा बंधन’ के विरोध के बाद अब लोग ऋतिक रोशन की ‘विक्रम वेधा’, शाहरुख खान की ‘पठान’ और सलमान खान की ‘टाइगर 3’ को बायकॉट करने की माँग कर रहे हैं।

फिल्मों के बॉयकॉट पर आगबबूला होते हुए अर्जुन कपूर ने कहा था, “मुझे लगता है कि हमने बायकॉट के बारे में चुप रहकर गलती की और यह हमारी शालीनता थी, लेकिन लोगों ने इसका फायदा उठाना शुरू कर दिया है।” साथ ही कहा था, “अब इंडस्ट्री के लोगों को एक साथ आने और इसके बारे में खुलकर बात करने की जरूरत है। क्योंकि लोग उनके लिए जो लिखते हैं, वो सच्चाई से बहुत दूर होता है। यह अब बहुत ज्यादा हो रहा है और यह गलत है।”

जल्द ही लॉन्च होगी 5G सर्विस: दूरसंचार मंत्री ने स्पेक्ट्रम असाइनमेंट लेटर जारी कर दिया बड़ा संकेत, PM मोदी भी लाल किले से कर चुके हैं घोषणा

भारत सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को 5G सर्विस लॉन्च करने की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के इस निर्देश के बाद यह साफ हो गया है कि देश में 5जी सर्विस जल्द ही लॉन्च होने जा रही है।

दरअसल, केंद्रीय दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने आज ट्वीट कर कहा है कि 5जी स्पेक्ट्रम के असाइनमेंट लेटर जारी कर दिए गए हैं। इस ट्वीट में उन्होंने सर्विस प्रोवाइडर्स को 5जी लॉन्च करने की तैयारी करने के लिए भी कहा है।

इससे पहले, स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने कहा था कि 5G का इंतजार खत्म हो गया है और इसे जल्द ही लॉन्च किया जाएगा। लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था यह प्रौद्योगिकी दशक भारत का है और जल्द ही भारत का हर गाँव डिजिटल रूप से जुड़ जाएगा। इसके बाद कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह बताया गया था कि पीएम मोदी इस साल अक्टूबर में इंडिया मोबाइल कॉन्ग्रेस (IMC) के दौरान आधिकारिक तौर पर 5G सेवाओं की शुरुआत कर सकते हैं।

गौरतलब है कि जियो, एयरटेल, अडानी ग्रुप और वोडाफोन आइडिया ने 5जी स्पेक्ट्रम खरीदा है। इस बात की उम्मीद जताई जा रही है कि भारती एयरटेल इस महीने के अंत तक 5G स्पेक्ट्रम का रोलआउट शुरू कर देगी और मार्च 2024 तक सभी कस्बों और प्रमुख ग्रामीण क्षेत्रों को कवर कर लेगी। जियो भी, 5G उपकरणों की टेस्टिंग के बाद टॉप 1000 शहरों में 5G कवरेज की योजना बना रहा है।

देश की अब तक की सबसे बड़ी टेलीकॉम स्पेक्ट्रम की नीलामी जुलाई के आखिरी सप्ताह में शुरू हुई थी सात दिनों तक चली 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में कुल चार टेलीकॉम कंपनियों (जियो, एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया) ने 1,50,173 करोड़ रुपए के स्पेक्ट्रम के लिए बोली लगाई थी।

उल्लेखनीय है कि 5G स्पेक्ट्रम खरीदने वाली सभी टेलीकॉम कंपनियों ने सरकार को भुगतान करने के लिए 20 वर्षों की किस्त का ऑप्शन चुना है। हालाँकि, भारती एयरटेल ने चार साल की किस्तों का 8,312.4 करोड़ रुपए एडवांस पेमेंट कर दिया है। इसके अलावा, रिलायंस जियो ने 7,864.78 करोड़ रुपए तथा वोडाफोन आइडिया ने 1,679.98 करोड़ रुपए और अडाणी डेटा नेटवर्क्स ने 18.94 करोड़ रुपए का पेमेंट किया है।

‘द कश्मीर फाइल्स कचरा, ये ऑस्कर में गई तो शर्मिंदा होगा भारत’: कनाडा के फिल्मकार ने कहा- यह नफरत फैलाने वाली फिल्म है

बॉलीवुड डायरेक्टर अनुराग कश्यप के बाद अब कनाडा के एक फिल्मकार ने कहा है कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ को ऑस्कर के लिए नहीं भेजा जाना चाहिए। इस फिल्मकार का नाम है- डायलन मोहन ग्रे (Dylon Mohan Gray)। ग्रे ने इसे नफरत फैलाने वाली फिल्म बताते हुए कहा है कि इसे ऑस्कर में भेजने पर भारत को शर्मिंदगी झेलनी पड़ेगी। वैसे कश्मीरी हिंदुओं की पीड़ा को पर्दे पर उभारने वाली ‘The Kashmir Files’ के लिए गिरोह विशेष की ये नफरत नई नहीं है।

मार्च में रिलीज हुई विवेक अग्निहोत्री की ‘द कश्मीर फाइल्स’ ने रिकॉर्ड तोड़ कमाई की थी। देश-विदेश में चर्चा का विषय रही इस फिल्म को आम लोगों ने भी काफी सराहा था। लेकिन कनाडा के फिल्ममेकर डायलन ग्रे ने इस फिल्म को कचरा बताया है।

बुधवार (17 अगस्त 2022) को डायलन ग्रे ने ट्वीट कर कहा, “यह नफरत फैलाने वाली फिल्म है, जिसमें कलात्मक योग्यता के नाम पर कचरा है। अगर यह फिल्म ‘न्यूट्रल’ बोर्ड द्वारा ‘चयनित’ की जाती है, तो यह भारत के लिए एक और शर्मिंदगी होगी। अनुराग कश्यप तो बस उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं, जो देश के नाम पर कुछ अच्छा बचा है।” अपने इस ट्वीट में उन्होंने हैशटैग ‘यू आर वेलकम’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ का इस्तेमाल किया। 

डायलन ग्रे ने यह बात विवेक अग्निहोत्री के उस ट्वीट को रीट्वीट करते हुए कही जो उन्होंने अनुराग कश्यप के रिएक्शन के बाद जवाब देते हुए किया था। विवेक अग्निहोत्री ने इस ट्वीट में कहा था, “नरसंहार को नकारने वाले बॉलीवुड का दुष्ट गिरोह ने ‘दोबारा’ के निर्माता के नेतृत्व में ‘द कश्मीर फाइल्स’ को ऑस्कर में भेजे जाने के खिलाफ अपना अभियान शुरू कर दिया है।”

अनुराग कश्यप ने ‘दोबारा’ के प्रमोशन के दौरान कहा था कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ को ऑस्कर एंट्री के लिए नहीं भेजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि भारत अगर ‘RRR’ को ऑस्कर के लिए आधिकारिक एंट्री के रूप में भेजता है तो ‘बेस्ट इंटरनेशनल फीचर’ कैटेगरी में नॉमिनेशन सुरक्षित करने के चांसेज काफी ज्यादा हैं। साथ ही यह भी कहा था कि एसएस राजामौली द्वारा निर्देशित इस फिल्म के वो कोई बड़े फैन नहीं हैं। अनुराग कश्यप की ही लाइन पर बोलते हुए डायलन ग्रे ने ‘आरआरआर’ को निम्न स्तर का बताया। बता दें कि डायलन मोहन ग्रे ने बाद में अपना यह ट्वीट डिलीट कर दिया।

मौलवी ने झाड़-फूँक की आड़ में 15 साल की लड़की से किया रेप, किसी को कुछ नहीं बताने की दी धमकी: यूपी पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से नाबालिग लड़की से बलात्कार करने के मामले में एक मौलवी को गिरफ्तार किया गया है। मौलवी का नाम फखरे आलम (Phakhre Alam) बताया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि झाड़-फूँक के नाम पर बच्ची से रेप करने वाले मस्जिद के मौलवी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने लड़की को किसी को कुछ नहीं बताने की धमकी दी थी। फखरे आलम के खिलाफ पॉक्सो की सम्बंधित धाराओं और आईपीसी की धारा 406, 376 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मोहनलालगंज थाना अध्यक्ष कुलदीप दुबे ने बताया कि लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत कनकहा गाँव में मौलवी एक किराए के कमरे में झाड़-फूँक करता था। मौलाना फखरे आलम ने 15 वर्षीय लड़की के साथ झाड़-फूँक की आड़ में कथित तौर पर उसका रेप किया और उसे इस बारे में किसी को कुछ ना बताने की भी धमकी दी। हालाँकि, पुलिस ने आरोपित मौलवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लड़की मौलवी के धमकाने के बाद भी नहीं डरी। उसने घर पहुँचते ही अपनी माँ को घटना के बारे में बताया। लेकिन माँ ने बदनामी के डर से किसी को भी ये बात नहीं बताई। जब युवती के पिता स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुंबई से अपने घर आए थे, तब उसने उन्हें मौलाना की काली करतूततों के बारे में बताया। इसके बाद पिता ने मोहनलालगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मौलाना फखरे आलम के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 और पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

गौरतलब है कि पिछले महीने यानी 28 जुलाई को संभल जिले के एक मस्जिद में 6 साल की बच्ची से रेप करने का मामला सामने आया था। बच्ची से रेप करने के आरोप में पुलिस ने एक मौलाना को गिरफ्तार किया था। आरोपित ओवैस मस्जिद में मौलवी है और पीड़ित मौलवी के पास दीनी (इस्लामिक शिक्षा) शिक्षा लेने के लिए जाती थी। लेकिन उसकी नीयत खराब हुई और उसने बच्ची को ही हवस का शिकार बना लिया।

केजरीवाल और आप नेताओं के फेसबुक पेज कतर, अमेरिका और लिथुआनिया से हो रहे मैनेज: खुलासे के बाद चुपके से हटाए विदेशी एडमिन

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और ‘आप’ नेताओं का फेसबुक पेज मैनेज करने वालों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। मीडिया पोर्टल द इंडियन अफेयर्स ने 17 अगस्त को बताया कि कैसे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, आप नेता आतिशी मार्लेना, राज्य सभा सांसद राघव चड्ढा और अन्य नेताओं के फेसबुक पेजों को अमेरिका, कतर और लिथुआनिया (Lithuania) में रहने वाले लोग मैनेज का रहे हैं। एक्सपोज होने के तुरंत बाद विदेश में रहने वाले लोगों को हटा दिया गया है।

आप और उसके नेताओं के आधिकारिक फेसबुक पेजों की जाँच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे किए गए है। जाँच में पाया गया है कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) का फेसबुक पेज 28 लोग मैनेज करते हैं। इन 28 में से 26 लोग भारत के हैं। वहीं एक व्यक्ति इनमें से अमेरिका का और दूसरा कतर (Qatar) का है। ये वही अमेरिका और कतर हैं, जो सोशल मीडिया पर किसी भी नैरेटिव और प्रोपेगेंडा को हवा देने में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं। अभी, भारत से केवल 10 एडमिन ही पेज को मैनेज करते हैं। कतर और अमेरिका सहित बाकी सभी को भारत से 16 अगस्त को ही हटा दिया गया है।

फोटो साभार: फेसबुक

आम आदमी पार्टी के फेसबुक पेज को भारत के 34 और लिथुआनिया के शख्स द्वारा भी संचालित किया जा रहा है।

इस खुलासे के बाद अब भारत के केवल 13 लोग ही पार्टी के पेज को मैनेज कर रहे हैं।

ऑपइंडिया ने 17 अगस्त को शाम 6:30 बजे स्क्रीनशॉट लिया था। फोटो साभार: फेसबुक

राघव चड्ढा के फेसबुक पेज को भारत से चार और अमेरिका से एक व्यक्ति मैनेज करता था। दिलचस्प बात यह है कि इस मामले का खुलासा होने के बाद भारत से एक व्यक्ति को हटा दिया गया है।

फोटो साभार: फेसबुक

आतिशी के फेसबुक पेज के एडमिन सेक्शन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालाँकि, अमन अरोड़ा के मामले में कनाडा से एक एडमिन को हटा दिया गया है।

फोटो साभार: फेसबुक

इस खुलासे से यह बात स्पष्ट हो गई है कि ‘आप’ नेताओं के विदेशों में ऐसे लोगों को अपने एजेंडा के लिए अपॉइंट कर रखा हैं, जो उनके सोशल मीडिया अकाउंट को मैनेज कर रहे हैं। हालाँकि, जैसे ही पार्टी के नेताओं ने द इंडियन अफेयर्स की रिपोर्ट देखी, उन्होंने तुरंत बाद उन एडमिन को हटा दिया।

मोदी सरकार ने भारत के खिलाफ फेक न्यूज़ फैलाने वाले 8 यूट्यूब चैनलों को किया ब्लॉक, 114 करोड़ थे व्यूज और 85 लाख 73 हजार सब्सक्राइबर

मोदी सरकार ने भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने वाले यूट्यूब चैनलों पर कार्रवाई की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भारत की नेशनल सिक्योरिटी, विदेश संबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था संबंधी फेक न्यूज़ फैलाने वाले 8 यूट्यूब चैनलों को ब्लॉक कर दिया है। इन चैनलों पर आईटी नियम, 2021 के तहत एक्शन लिया गया है। इसमें 7 भारतीय और एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल शामिल हैं।

सूचना प्रसारण मंत्रालय ने बताया, “7 भारतीय और 1 पाकिस्तानी YouTube समाचार चैनल आईटी नियम, 2021 के तहत ब्लॉक किए गए हैं। इन YouTube चैनलों को 114 करोड़ से अधिक बार देखा गया था, और 85 लाख 73 हजार सब्सक्राइबर थे। ब्लॉक्ड YouTube चैनलों द्वारा भारत विरोधी कंटेंट के जरिए पैसे कमाए जा रहे थे।”

केंद्र सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि ये चैनल केंद्र द्वारा धार्मिक संरचनाओं को ध्वस्त करने, धार्मिक त्योहारों के उत्सव पर प्रतिबंध लगाने, भारत में धार्मिक युद्ध की घोषणा जैसे झूठे दावे कर रहे थे। बयान में आगे कहा गया कि इस तरह की सामग्री में सांप्रदायिक विद्वेष पैदा करने और देश में सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने जैसा कंटेंट पाया गया।

सरकार ने अपने बयान में कहा है कि इन यूट्यूब चैनलों पर भारत विरोधी फेक न्यूज चलाए जा रहे थे। ये यूट्यूब चैनल पर भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर को लेकर फेक न्यूज फैला रहे थे। राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी राज्यों के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों के दृष्टिकोण से इनके कंटेंट को पूरी तरह से गलत और संवेदनशील माना गया है।

गौरतलब है कि इससे पहले इसी साल अप्रैल महीने में भी कई यू ट्यूब चैनलों पर कार्रवाई की गई थी। केंद्र की मोदी सरकार ने तब 22 यूट्यूब चैनलों को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर दिया गया था। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के आदेश पर यह कार्रवाई की गई थी। इन 22 चैनलों में 18 भारतीय YouTube समाचार चैनल के अलावा 4 पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल थे। बता दें कि इससे पहले भी मोदी सरकार ने 78 यूट्यूब चैनल को ब्लाक किया था।

आईटी एक्ट 2000 की धारा 69A के उल्लंघन के आरोप में ये कार्रवाई की गई थी। इस मामले में सरकार का कहना था कि ये चैनल्स भारत में दहशत फैलाने, सांप्रदायिक विद्वेष भड़काने और सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने के लिए झूठी जानकारी फैला रहे थे।