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‘मेडल लाने पर बधाई देते हैं केजरीवाल, जरूरत पड़ने पर फोन भी नहीं उठाते’: कॉमनवेल्थ मेडल लाने वाली पहलवान का दर्द, बताया- आज तक दिल्ली CM से कुछ नहीं मिला

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में पहलवानी में देश को ब्रॉन्ज मेडल दिलाने वाली दिव्या काकरान को आज पूरा देश बधाई दे रहा है। इसी क्रम में दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी आगे आकर उन्हें सराहा है। दिव्या ने इस बधाई को पाने के बाद सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया।

दिव्या काकरान ने केजरीवाल को धन्यवाद देते हुए अपने ट्वीट में बताया कि कैसे मुख्यमंत्री कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल लाने के लिए सोशल मीडिया पर उनकी तारीफ कर रहे हैं, लेकिन हकीकत में उन्होंने दिव्या को आगे बढ़ाने के लिए कभी कोई मदद भी नहीं की।

उन्होंने एक ट्वीट में अरविंद केजरीवाल को कहा, “मेडल की बधाई देने पर दिल्ली के माननीय मुख्यमंत्री जी को तहे दिल से धन्यवाद। मेरा आपसे एक निवेदन है कि मैं पिछले 20 साल से दिल्ली मे रह रही हूँ। और यहीं अपने खेल कुश्ती का अभ्यास कर रही हूंँ। परंतु अब तक मुझे राज्य सरकार से किसी तरह की कोई इनाम राशि नही दी गई न कोई मदद दी गई।”

उन्होंने कहा, “मैं आपसे इतना निवेदन करती हूँ कि जिस तरह आप अन्य खिलाड़ियों को सम्मानित करते हैं जो दिल्ली के होकर किसी ओर स्टेट से भी खेलते है उसी तरह मुझे भी सम्मानित किया जाए।”

2018 में भी अरविंद केजरीवाल को दिव्या ने खरी-खरी सुनाई थी

ये पहली बार नहीं है जब दिव्या काकरान ने केजरीवाल से अपनी शिकायत की हो। साल 2018 में एशियन गेम्स में जब वह मेडल लेकर आई थीं तब भी उन्होंने सार्वजनिक तौर पर अपना दर्द जाहिर किया था। उन्होंने कहा था, “मैंने 19 साल की उम्र में देश को गोल्ड मेडल दिया। लगातार दिल्ली को 12 मेडल दिए। आपने कहा था कि मुझे भविष्य में मदद मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एशियन गेम्स में जब गोल्ड मेडल लाई थी तब भी मेरे लिए कुछ नहीं हुआ था। आज मैं यहाँ आई हूँ। तब तो आप कर रहे हो लेकिन जो गरीब बच्चे हैं आप उनके लिए भी कुछ सोचें। आज तो आपने हम सबको यहाँ पर इकट्ठा किया है, पर जिस समय पर हमें जरूरत होती है उस वक्त हमारी सहायता कोई नहीं करता है।”

उन्होंने अरविंद केजरीवाल को कहा था, “भले ही यहाँ पर आप हमारे लिए कम कर दीजिए, लेकिन जिस समय हमें जरूरत होती है न अगर उस समय वो पूरी हो तो हम गोल्ड भी लाकर दे सकते हैं। आप सोचो मेरे कोच ने मेरे लिए कितना किया। मैं लकी हूँ कि उन्होंने मुझसे मेरी अपनी जॉब छुड़ाकर अखाड़े में पहलवानी करवाई है। मेरे गुरुजी मुझे बादाम तक देते थे। अब क्या है। आपने तब बुलाया है जब मैं मेडल लाई हूँ। आपने कहा था कि आप हमारी मदद करेंगे। मैंने कहा था कि एशियन गेम्स की तैयारी के लिए मुझे कुछ चाहिए। लेकिन उसके लिए नहीं हो पाया। मैंने लिखकर भी दिया पर किसी ने मेरा फोन भी नहीं उठाया।”

उन्होंने कहा था, “हम बेशक गरीब हैं पर हमारे अंदर कुछ करने की इतनी ज्वाला है कि उसे आप सोच भी नहीं सकते। मैं आज पानी में भी पहलवानी कर रही हूँ। अगर आप सपोर्ट करेंगे तो ज्यादा अच्छा रहेगा। मैं आज यहाँ पहुँची हूँ तो सब साथ दे रहे हैं। लेकिन जिस समय जरूरत थी न उस समय किसी ने सपोर्ट नहीं किया था। दिल्ली में बहुत कम मेडल आए हैं। हरियाणा में जाकर देखिए वहाँ कितने मेडल आए हैं। वहाँ उनके साथ समर्थन है। 3 करोड़ रुपए का बजट बहुत होता है। यहाँ तो अब तक जाकर 1 करोड़ रुपए का बजट आया है। नहीं तो 20 लाख मिलते थे। 20 लाख रुपए कुछ भी नहीं होता। हरियाणा को लेकर कहते हैं कि वहाँ दूध-दही है। वहाँ कुछ नहीं है। करने की ज्वाला हम में भी है। यहाँ भी दूध-दही है। पर हमारे पास सपोर्ट नहीं है।”

जामिया का इंजीनियरिंग छात्र मोहसिन अहमद निकला ISIS आतंकी, फंड जुटा कर भेजता था सीरिया: NIA ने बाटला हाउस से दबोचा, परिवार बोला – कोर्ट जाएँगे

NIA (राष्ट्रीय जाँच एजेंसी) ने दिल्ली के बाटला हाउस के जोहाबाई एक्सटेंशन से मोहसिन अहमद नाम के छात्र को गिरफ्तार किया है, जो खूँखार आतंकी संगठन ISIS के लिए फंड्स इकट्ठे कर रहा था। वो इस आतंकी संगठन का सक्रिय सदस्य भी था। मूल रूप से बिहार की राजधानी पटना से ताल्लुक रखने वाले मोहसिन खान के बाटला हाउस स्थित ठिकाने की NIA ने तलाशी ली। साथ ही ISIS के लिए ऑन ग्राउंड और ऑनलाइन अभियान चलाने के लिए उसे गिरफ्त में ले लिया।

इस सम्बन्ध में एजेंसी ने जून 2022 में स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था। मोहसिन अहमद को संस्था ने एक कट्टरवादी बताया है। भारत के साथ-साथ वो विदेश से भी ISIS से सम्बन्ध रखने वालों से फंड्स इकट्ठे कर रहा था। इसके बाद इस फंड को आतंकी संगठन की गतिविधियों को अंजाम देने के लिए क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से सीरिया और अन्य देशों में भेजा जा रहा था। इस सम्बन्ध में आगे की जाँच फ़िलहाल जारी है। NIA पता लगा रही है कि वो कहाँ किस-किस के संपर्क में था और इसमें उसके साथ कौन-कौन है, कितने पैसे कहाँ-कहाँ भेजे जाते थे।

इससे पहले 31 जुलाई को भी NIA ने 6 राज्यों में 13 ठिकानों पर छापेमारी की थी। मोहसिन अहमद इंजीनियरिंग का छात्र है और प्रथम वर्ष में पढ़ता है। उसके परिवार का कहना है कि उस पर लगे आरोप झूठे हैं। परिवार ने अदालत में NIA के दावों को चुनौती देने की धमकी दी है। घर में मोहसिन अहमद की तीन बहनें हैं और उसके अब्बा भारतीय रेलवे में काम करते हैं। उसकी एक बहन ने कहा कि अगर वो खुद उससे कुछ दिन पहले 4000 रुपए माँग रहा था, इसीलिए उसके पाद इतने रुपए नहीं होंगे और वो फंड्स इकट्ठे नहीं कर रहा होगा।

उसका परिवार उसे एक मददगार के रूप में पेश करते हुए कह रहा है कि वो गरीबों को अनाज देता था। परिवार उसे ‘बच्चा’ बता रहा है, जिसे पता भी नहीं होगा कि वो क्या कर रहा था। वो जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में पढ़ता है। उसे रविवार (7 अगस्त, 2022) को गिरफ्तार किया गया। छापेमारी के दौरान उसके घर से कई आपत्तिजनक वस्तुएँ मिली हैं। उसके साथी छात्रों ने ही उसके सम्बन्ध में सूचना दी थी। वो सीरिया में मौजूद ISIS के 35 कमांडरों के संपर्क में था।

खुद को नहीं मानते हिन्दू, ना ही भारत को राष्ट्र: मिलिए ‘लाल सिंह चड्ढा’ के लेखक से, 14 दिनों में लिख डाली थी रीमेक की स्क्रिप्ट

आमिर खान की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ के लेखक हैं अतुल कुलकर्णी, जिनका कहना है कि उन्होंने मात्र 14 दिनों में ‘फॉरेस्ट गम्प’ के इस रीमेक की स्क्रिप्ट लिख डाली। दुनिया भर में शोहरत बटोरने वाली टॉम हैंक्स की फिल्म की कहानी कॉपी करने के बाद ‘पैरामाउंट पिक्चर्स’ से उसके राइट्स खरीदने में 10 साल लग गए। अतुल कुलकर्णी का कहना है कि आमिर खान ने 2 साल तक उनकी कहानी पढ़ी ही नहीं और बाद में कहा कि तुम लेखक नहीं हो।

अतुल कुलकर्णी के कुछ ट्वीट्स भी वायरल हो रहे हैं, जिसके बाद ‘लाल सिंह चड्ढा’ के बॉयकॉट की माँग और तेज़ हो गई है। दरअसल, अतुल कुलकर्णी भी भारत को लेकर वही सोच रखते हैं, जो कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी की है। अतुल कुलकर्णी ने 17 जुलाई, 2018 को किए अपने ट्वीट में लिखा था कि भारत राज्यों का एक संघ है और इसके गठन के समय ही इसकी राजनीतिक संरचना में इस चीज का ध्यान रखते हुए इसे लागू किया जाना चाहिए था।

याद कीजिए, यही बात राहुल गाँधी ने लंदन में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम में कही थी। अभिनेता अतुल कुलकर्णी खुद को हिन्दू भी नहीं मानते। विभिन्न भाषाओं की कई फिल्मों और वेब सीरीज में अभिनय कर चुके एक्टर का कहना है कि वो हिन्दू नहीं हैं। उन्होंने खुद को नास्तिक घोषित कर रखा है। एक बार उन्होंने तंज कसा था कि धार्मिक संगठन नास्तिकों के खिलाफ हैं, ऐसे में क्या इसे अपराध घोषित करने के लिए अदालत में याचिका डाली जाएगी?

साथ ही उन्होंने एक यूजर से पूछा था कि तुम्हें ऐसा क्यों लगता है कि मैं हिन्दू हूँ? उनका ये ट्वीट दिसंबर 2013 में किया था और साथ ही ये मानने से भी इनकार कर दिया था कि हिंदुस्तान में ‘हिन्दू’ शब्द का अर्थ हिन्दू धर्म को लेकर है। 1994 में रिलीज हुई ‘फॉरेस्ट गम्प’ की कहानी कॉपी कर लिखने वाले अतुल कुलकर्णी मेधा पाटकर के आंदोलन में भी आमिर खान के साथ सक्रिय रह चुके हैं। 2006 में ‘रंग दे बसंती’ फिल्म के समय आमिर खान और अतुल कुलकर्णी ‘नर्मदा बचाओ आंदोलन’ में धरना देने पहुँचे थे।

दिल्ली में पकड़ा गया सद्दाम हुसैन, मेवात से चला रहा था गैंग: अश्लील वीडियो बनाकर वकील को फँसाया, फरार होने पर कोर्ट से घोषित था ‘भगोड़ा’

हरियाणा के मेवात स्थित जबरन वसूली करने वाली एक गैंग के सरगना सद्दाम हुसैन को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा है। सद्दाम हुसैन पर आरोप है कि उसने कुछ समय पहले दिल्ली के एक वकील से 20 लाख रुपए रंगदारी माँगी थी। इसके बाद से दिल्ली पुलिस उसकी तलाश में थी। उसके ऊपर 20 हजार रुपए का ईनाम भी था। पुलिस को गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से एक सिंगल शॉट पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।

बता दें कि मेवात की सद्दाम हुसैन गैंग का काम सीधे लोगों को हनीट्रैप में फँसाने का होता था। इसके बाद वह लोगों की अश्लील वीडियो बनाकर उनसे पैसे माँगते थे और न मिलने पर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था। ये लोग धमकी देते थे कि अगर उन्हें उनकी मुँह माँगी कीमत नहीं दी गई तो वह यूट्यूब पर अश्लील वीडियो को पब्लिक कर देंगे।

कुछ समय पहले इन्होंने दिल्ली के बाराखंभा रोड के पास एक व्यक्ति को अपना निशाना बनाया था और उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। शिकायत पर पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चला। 22 मई को निचली अदालत ने सद्दाम को भगोड़ा घोषित किया, और उसके ऊपर 20 हजार रुपए का इनाम रखा गया।

इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह और इंस्पेक्टर सतविंदर के नेतृत्व में दिल्ली पुलिस ने सद्दाम को खोजना शुरू किया। अंतत: अब जाकर उसे गिरफ्तार करने में सफल हुए। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित सद्दाम हुसैन की उम्र 28 साल हैं। वह राजस्थान के दौसा जिले के ग्राम कोट, मंडावर का रहने वाला है। 6 अगस्त को पुलिस ने उसे ग्राम सतबारी छतरपुर मुख्य मार्ग के पास से गिरफ्तार किया। तलाशी लेने पर उसके पास दो जिंदा कारतूस और .315 की एक सिंगल शॉट पिस्तौल बरामद हुई।

गिरोह के सदस्यों ने बताया था सरगना का नाम

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मेवात के जबरन वसूली करे वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े दो फरार सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इनकी पहचान अरशद खान और मुश्ताक खान के तौर पर हुई थी। ये लोग भी पिछले 9 महीने से फरार थे। इनके ऊपर पुलिस ने 20-20 हजार रुपए का ईनाम रखा हुआ था।

पुलिस ने इनमें से अरशद को छतरपुर के फूल बाजार से पकड़ा था। वहीं मुश्ताक गाँव के सुनसान घर में छिपा था। इन्हीं दोनों ने बताया था कि वह एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट के सदस्य हैं जिसे सद्दाम हुसैन चलाता है। इन्हीं लोगों ने मिलकर दिल्ली के एक वकील की ऑनलाइन अश्लील वीडियो बनाकर उसे फँसा लिया था।

52% बढ़ गए तेल के दाम, चीन के चंगुल में फँसे बांग्लादेश की हालत खराब: माँग रहा अरबों डॉलर के कर्ज, श्रीलंका जैसी स्थिति का ख़तरा

भारत के पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में तेल की कीमतों में 51.7% की बढ़ोत्तरी हुई है। तेल के नए दाम शनिवार (6 अगस्त, 2022) से लागू कर दिए गए हैं। माना जा रहा है कि वहाँ की सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से देश में सब्सिडी का बोझ कम होगा। लेकिन इस से पहले ही उच्च स्तर पर चल रही मुद्रास्फीति पर और अधिक दबाव आएगा। कुल मिला कर इस बढ़ोत्तरी से पहले से ही महँगाई की मार झेल रहे बांग्लादेशियों पर बोझ और अधिक बढ़ेगा। इस कदम के बाद अब इस बात की भी चर्चाएँ होना शुरू हो गईं हैं कि कहीं बांग्लादेश का भी हाल श्रीलंका जैसे तो नहीं होने वाला।

माँग रहा भारी भरकम कर्ज

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आर्थिक संकट से जूझ रहे बांग्लादेश ने कुछ समय पहले ही विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक से दो अरब डॉलर कर्ज माँगा है। इसके अलावा बांग्लादेश द्वारा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से भी साढ़े 4 अरब डॉलर का कर्ज माँगने का दावा किया जा रहा है। कुछ समय पहले बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था 416 अरब डॉलर हो गई थी और तेजी से बढ़ भी रही थी, लेकिन अब उस उस पर आर्थिक संकट आ गया है।

ड्यूटी फीस बढ़ाने के मूड में चीन

वहीं चीन बांग्लादेश के प्रोडक्ट पर ड्यूटी फीस बढ़ाने पर विचार कर रहा है। वर्तमान में यह ड्यूटी फीस 98% है जिसे चीन 99% करना चाहता था। चीन के विदेश मंत्री वाँग यी ने ये घोषणा अपनी ढाका यात्रा के दौरान की। उनके मुताबिक यह बढ़ी हुई ड्यूटी फीस 1 सितम्बर से लागू हो जाएगी। हालाँकि, बांग्लादेश के मंत्री शहरयार आलम चीनी विदेश मंत्री की इस यात्रा को काफी सफल बता रह हैं और दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में मजबूती आना घोषित कर रहे हैं।

चीन के कर्ज के जाल में फँसा बांग्लादेश

एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन ने बांग्लादेश को अपने कर्ज के जाल में फँसा लिया है। चीन के मालिकाना हक वाली 4 कंपनियों ने हाल ही में बांग्लादेश के चटगाँव में एक जमीन पर स्मार्ट सिटी बनाने और मेट्रो रेल परियोजना लगाने का प्रपोजल दिया। इस पूरे प्रपोजल में अधिक फायदे का हिस्सा चीनी कंपनियों ने अपने पास रखा है। एक्सपर्ट के मुताबिक चीन की स्मार्ट सिटी परियोजना से पर्यावरण को नुकसान पहुँचेगा।

विशेष्ज्ञ ये भी बताते हैं कि चीनी कम्पनियाँ अपना मेट्रो रेल परियोजना कभी समय पर पूरी नहीं करेंगी और इसके चलते उस क्षेत्र में न सिर्फ ट्रैफिक की समस्या आएगी बल्कि पुलिस वालों के लिए भी परेशानी खड़ी होगी। इसी के साथ परियोजना पूरा होने के बाद भी चीनी अधिकारी बाँग्लादेश में मेंटिनेंस के नाम पर मौजूद रहेंगे।

पड़ोसी देश (श्रीलंका) से नहीं लिया सबक

एक रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश को भारत के एक अन्य पड़ोसी देश श्रीलंका के हालातों से सबक लेना चाहिए था। हाल के वर्षों में बांग्लादेश वैश्विक मुद्रास्फीति (Inflation) और सप्लाई चेन में विपरीत प्रभावों से भी जूझा है। इसी बीच यूक्रेन में युद्ध हुआ जिसका बांग्लादेश पर बुरा असर पड़ा। वहाँ तेल की बढ़ती कीमतें बढ़ीं। अब्दुल्लाह सिबली नाम के एक अमेरिका अर्थशास्त्री ने बांग्लादेश के असुरक्षित व डाँवाडोल आर्थिक भविष्य पर चिंता प्रकट की है।

गौरतलब है कि आर्थिक संकट से जूझ रहे बांग्लादेश के साथ चीन से 4 समझौतों पर दस्तखत किए हैं। ये समझौते ने द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने, आपदा प्रबंधन, सांस्कृतिक, समुद्री विज्ञान को लेकर हुए हैं। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने प्रधानमंत्री शेख हसीना से भी मुलाक़ात की।

स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर होंगे यूपी के 75 बस अड्डों के नाम, फहरेगा 4.76 लाख तिरंगा: योगी सरकार की बड़ी तैयारी, हर मंडी के 75 पल्लेदारों का सम्मान

स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगाँठ पर 15 अगस्त, 2022 को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 75 बस अड्डों के नाम बदलने की तैयारी की है। इसी के साथ प्रदेश के 4 करोड़ 76 लाख राष्ट्रध्वज फहराने की भी तैयारी की गई है। इस अवसर पर प्रदेश के व्यापारियों ने प्रभात फेरी निकालने की घोषणा की है। इस आयोजन को आजादी का अमृत महोत्सव नाम दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज़ादी के आगामी अमृत महोत्सव में योगी सरकार मंडी समितियों में काम करने वाले पल्लेदारों को भी सम्मानित करेगी। इसके लिए प्रत्येक मंडी समिति से 75-75 पल्लेदारों का चयन किया गया है। योगी सरकार ने हर ग्राम पंचायत में भी 75-75 पौधों को लगाने के निर्देश जारी किए हैं जो फलदार हों। इस अवसर पर हर जिले में मिनी मैराथन का भी आयोजन किया जाएगा।

इस अवसर पर प्रदेश के 75 बस अड्डे चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर नया नाम दिया जाएगा। इन सभी तैयारियों की समीक्षा खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार (5 अगस्त, 2022) को लखनऊ में की है। उन्होंने सभी बलिदानियों के स्मारकों पर पुलिस और PAC द्वारा बैंड बजाने के आदेश दिए हैं। इसी के साथ सभी जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने जिलों में स्वतंत्रता संग्राम \बलिदानियों के परिवार वालों, पद्म पुरस्कारों से सम्मानित विभूतियों को राष्ट्रीय ध्वज भेंट करने के निर्देश दिए हैं।

आज़ादी के इस आगामी अमृत महोत्सव में प्रदेश भर में 4 करोड़ 76 लाख राष्ट्रध्वज फहराने की तैयारी है। इसमें 7500 अमृत सरोवरों, प्रदेश भर के 58189 ग्राम पंचायतों के भवनों पर तिरंगा फहराना शामिल है। इस अवसर पर समाज के 75 अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े समूहों को चिह्नित किया गया है। ये सभी 15 अगस्त के दिन प्रभात फेरी निकालेंगे। इन समूहों में डॉक्टर, नर्स, व्यापारी, किसान, आशा बहू, वकील, टीचर अदि शामिल हैं। ये प्रभात फेरी इनकी वेशभूषा में निकलेंगी। इन प्रभात फेरियों में ‘हम सब एक हैं’ का नारा लगाया जाएगा।

कालाधन सफ़ेद करने और फर्जी कंपनियों का गढ़ बना बंगाल, ED खँगाल रही अर्पिता-पार्थ से जुड़े 50 बैंक खाते: 14 शेल कंपनियों से जुड़े तार

पश्चिम बंगाल में टीचर भर्ती घोटाले से जुड़े रोज नए तथ्य सामने आ रहे हैं। जाँच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) को इस मामले में गिरफ्तार पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी (Partha Chatterjee) और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी (Arpita Mukherjee) से जुड़े 50 बैंक खातों का पता चला है। इसके साथ ही 14 शेल कंपनियों का जानकारी सामने आई है।

ईडी ने जिन 50 बैंक खातों का पता लगाया है, वे दोनों के व्यक्तिगत और संयुक्त खाते हैं। इन खातों के विवरण मँगाने के लिए बैंक के अधिकारियों से संपर्क किया गया है। इसके बाद इन्हें फोरेंसिक ऑडिट के लिए भेजा जाएगा।

इसके साथ ही ED को हाल ही में एक और शेल कंपनी का पता चला है, जिसका नाम है अनंत टेक्सफैब प्राइवेट लिमिटेड। इसका कंपनी पंजीकृत कार्यालय अर्पिता मुखर्जी का फ्लैट है। मार्च 2012 में शुरू करने के बाद इस कंपनी में कई बार डायरेक्ट बदले गए।

जब यह कंपनी बनी थी तब इसमें पार्थ चटर्जी, उनकी मृतक पत्नी और बेटी और दामाद को निदेशक बनाया गया था। 2016 में निदेशक मंडल से बेटी और दामाद का नाम हटा दिया गया और अर्पिता मुखर्जी का नाम जोड़ दिया गया। ईडी को शक है कि इसका इस्तेमाल धन को डायवर्ट करने के लिए किया जाता होगा।

ED ने ऐसी 14 शेल कंपनियों का पता लगाया है, जिसमें अर्पिता मुखर्जी की भूमिका पाई गई है। अधिकारियों को यह भी पता चला है कि इनमें से कई कंपनियाँ अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट से संचालित होती थीं।

काले धन को सफेद करने के लिए शेल कंपनियों का इस्तेमाल लंबे समय से किया जा रहा है। ऐसी कंपनियाँ केवल कागज पर मौजूद हैं और उनका ना कोई कार्यालय नहीं है और ना कोई कर्मचारी।

ईडी के अधिकारियों को आशंका है कि इन कंपनियों के बैंक खाता भी हो सकते हैं या किसी तरह का निष्क्रिय निवेश हो सकता है। इसके अलावा, ये किसी तरह के बौद्धिक संपदा या जहाजों जैसी संपत्ति के पंजीकृत मालिक हो सकते हैं।

शेल कंपनियों हब और ब्लैक को ह्वाइट करने का गढ़ है कोलकाता

एक समय में कोलकाता शेल कंपनियाँ का हब हुआ करता था और इनके माध्यम से अरबों रुपए को सफेद करने का काम किया जाता था। कहा जाता है कि साल 2011 तक कोलकाता में 20 लाख से अधिक शेल कंपनियाँ थीं।

न्यूज 18 ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि इनकम टैक्स विभाग और सरकार द्वारा कानून को कड़ा करने के बाद इनकी संख्या में कमी आई है, लेकिन इनकी संख्या अभी भी करीब 5 लाख के आसपास हो सकती है।

‘नौकरी नहीं, तो ₹3000 बेरोजगारी भत्ता देंगे’ : दिल्ली में ‘छलावा’ कर अरविंद केजरीवाल ने गुजरात से किया वादा, ‘रेवड़ी’ कल्चर पर टिकी राजनीति

फ्री कल्चर के खिलाफ बार-बार चेतावनी मिलने के बावजूद अरविंद केजरीवाल अपनी राजनीति के तरीके में सुधार नहीं कर रहे। उन्होंने दिल्ली, पंजाब के बाद अब गुजरात में फ्री बिजली-पानी-नौकरी देने का वादा कर लिया है। सबसे हैरानी की बात ये है कि उन्होंने गुजरात में भी ‘बेरोजगारी भत्ता योजना’ की घोषणा की है।

‘बेरोजगारी भत्ता’ दिल्ली सरकार की वही ‘छलावा’ योजना है जिसके बारे में कुछ दिन पहले एक आरटीआई से पता चला था कि दिल्ली में ऐसी कोई योजना चल ही नहीं रहीं, जबकि मीडिया में देखें तो उसका प्रचार-प्रसार खूब हुआ था।

गुजरात में आम आदमी पार्टी के वादे

मुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने वडोदरा में कहा, “पंजाब में पिछले हफ्ते 25 लाख परिवारों के बिजली बिल ज़ीरो आए हैं। 1 सितंबर तक 26 लाख और परिवारों के बिल ज़ीरो आएँगे। दिल्ली में कई साल से बिल ज़ीरो आ रहे हैं। गुजरात में भी अगर हमें मौका मिलेगा तो यहाँ भी बिजली के बिल ज़ीरो आएँगे।”

उन्होंने आगे कहा, “जैसे दिल्ली में रोज़गार दिए वैसे ही गुजरात के हर बेरोज़गार युवा को रोज़गार देंगे, जब तक रोज़गार नहीं मिल जाता तब तक हर महीने 3,000 रुपए बेरोज़गारी भत्ता देंगे। 10 लाख सरकारी नौकरियाँ तैयार करेंगे। पेपर लीक के खिलाफ सख़्त क़ानून बनाएँगे।”

फ्री कल्चर से खतरा और बेरोजगारी भत्ता का झूठ

अब बता दें कि एक तरह जहाँ आम आदमी पार्टी हर राज्य में अपना विस्तार करने के साथ वहाँ के लोगों को हर चीज फ्री का लालच दे रही है, वहीं बीते दिनों श्रीलंका के हालात देखने के बाद कई बार फ्री कल्चर के खिलाफ लोगों को आगाह किया जा चुका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस ‘रेवड़ी कल्चर’ के विरुद्ध अपने सवाल किए थे और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी कहा था, “भारत स्वाभाविक रूप से श्रीलंका में ‘बहुत गंभीर संकट’ से चिंतित है और इसे बड़े सबक के तौर पर ले रहा है। हमें राजकोषीय विवेक, जिम्मेदार शासन और ‘मुफ्त के कल्चर’ के दुष्परिणामों से सबक लेना होगा।”

इसके अलावा बेरोजगारी भत्ता का जो ऐलान आम आदमी पार्टी ने किया है, उसकी दिल्ली में क्या हकीकत है, इसका खुलासा विवेक पांडे की आरटीआई से हुआ था। विवेक पांडे ने बेरोजगारी भत्ता को लेकर चंद सवाल एक आरटीआई में किए थे और इसे मुख्यमंत्री कार्यालय में देकर अपने प्रश्नों का जवाब माँगा था।

सीएम कार्यालय के बाद ये आरटीआई रोजगार निदेशालय गई थी और वहाँ से जवाब आया था कि ऐसी कोई योजना दिल्ली में चल ही नहीं रही हैं।

ताहिर के घर से आया था चारा, खाते ही गायों के मुँह से निकलने लगा झाग: 61+ की मौत, BDO मोहम्मद अनस सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में जहरीला चारा खाने से शुक्रवार (5 अगस्त 2022) की सुबह तक हुई 61 से अधिक गायों की मौत के मामले में फरार मुख्य आरोपित ताहिर पर प्रशासन ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। इसके अलावा ताहिर से चारा खरीदने की संस्तुति करने वाले ब्लॉक डेवलपमेंट अधिकारी मोहम्मद अनस को सस्पेंड कर दिया गया है। अब तक कुल 8 आरोपितों को हिरासत में लिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की उच्चस्तरीय जाँच के आदेश दिए है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ताहिर के यहाँ से खरीदे गए चारे को खाने के बाद गायों के मुँह से झाग आने लगा था। थोड़ी ही देर बाद गायों ने तड़प कर दम तोड़ना शुरू कर दिया। बाकी गायों को बचाने के लिए जरूरी साधन मौजूद न होने के चलते मौतों का आँकड़ा बढ़ गया। घटनास्थल का प्रशासन और पुलिस के तमाम बड़े अधिकारियों साथ पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने भी दौरा किया। इस दौरान मंत्री ने दोषियों को किसी भी हाल में न बख्शने की बात कही। BDO मोहम्मद अनस को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया।

अब तक हुई जाँच के मुताबिक, ताहिर ने गुरुवार को पहली बार गायों को चारा दिया था। उस से पहले कोई और चारा दिया करता था। पहले विक्रेता को बदल कर ताहिर से चारा खरीदने वाले लोग भी जाँच के दायरे में हैं। इसी के साथ सवाल इस बात पर भी उठ रहे हैं कि गौशाला की काफी बड़ी जमीन होने के बाद भी चारा उगाने के बजाए किसी और से क्यों खरीदा गया? पुलिस ने चारे के सैंपल उठाए हैं जिस से उसमें मौजूद जहर के प्रकार की पुष्टि हो सके।

ताहिर पर 25 हजार का इनाम

पुलिस के मुताबिक, इस घटना के बाद फरार चल रहे नवाब अली के बेटे ताहिर पर SP अमरोहा ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। ताहिर मूल रूप से सहारनपुर जिले के रहने वाला है जो फिलहाल अमरोहा में रहता था। पुलिस ने इस घटना के आरोपितों पर IPC की धारा 153-A, 153-B, 295-A, 429, 120-B, 34 के साथ 3/8 गौवध अधिनियम व पशु क्रूरता अधिनियम तहत FIR दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी से बचने के लिए ताहिर लगातार फरार चल रहा है।

फ़िलहाल मृत गायों की संख्या के बारे में अलग-अलग लोगों द्वारा अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।

जिस गौवंश को पाल रही थीं कृष्णा देवी, उसे आबिद, रईस, जिलेदार, मुन्ने खां ने काट कर खा लिया… धमकी भी: डर से पलायन का एलान

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में हिन्दू समाज की एक महिला ने पलायन की घोषणा की है। पीड़िता का आरोप है कि 4 माह पूर्व उनका बछड़ा आबिद, रईस, जिलेदार और मुन्ने खां ने चुरा कर खा लिया था। पीड़िता का नाम कृष्णा देवी है, जिन्होंने न्याय न मिलने पर 10 अगस्त 2022 को पलायन करने का पोस्टर लगाया है। पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज करके जाँच किए जाने की जानकारी दी है।

पीड़िता ने अपने घर के आगे बड़े-बड़े अक्षरों में लिखवाया, “चारों आरोपितों पर 11 अप्रैल 2022 को FIR दर्ज करवाने के बाद हमें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। अगर मुझे या मेरे परिवार को कुछ हुआ तो उसकी जिम्मेदारी चारों आरोपितों और पुलिस की होगी।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला पीलीभीत के बीसलपुर थानाक्षेत्र का है। यहाँ के गाँव रसिया खानपुर की रहने वाली कृष्णा देवी ने अपने घर के आगे पलायन का पोस्टर लगाया है। उनका कहना है कि उनका बछड़ा काट कर खाने की जानकारी उन्हें खुद आबिद के बेटे द्वारा मिली। पीड़िता के मुताबिक उन्हें पुलिस से अब तक न्याय नहीं मिला है और अगर जल्द से जल्द आरोपितों को सजा नहीं मिली तो वो 10 अगस्त को अपने घर से पलायन कर जाएँगी।

पुलिस इस मामले में सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है। बीसलपुर के डिप्टी SP प्रशांत सिंह के मुताबिक, “आरोप लगाने वाली महिला और आरोपितों के बीच मकान बेचने का काफी पुराना विवाद चल रहा है। मामले में FIR दर्ज करके जाँच शुरू कर दी गई है।”

कानपुर में भी युवक ने किया पलायन का एलान

“रावतपुर थानाक्षेत्र के रहमत नगर इलाके में मेरा घर मुस्लिम बाहुल्य इलाके में पड़ता है। मस्जिद के सामने मौजूद मेरे घर पर पथराव किया जाता है और मेरी गाड़ी के शीशे तोड़े गए हैं। पुलिस प्रशासन भी हमारी सुनवाई नहीं करता। इसलिए अगर हमें न्याय नहीं मिला तो हम कहीं और पलायन कर जाएँगे।”

ऊपर जो लिखा है, वो मनीष शुक्ला का दर्द है, उन्हीं की जुबानी है। मनीष शुक्ला उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के निवासी हैं। अपने दर्द को बयां करते हुए उन्होंने पालयन का एलान किया है। मनीष की शिकायत के बाद कानपुर पुलिस ने FIR दर्ज कर के आरोपित की तलाश शुरू कर दी है।