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बरेली में काँवड़ को मारी लात, पुलिस पर भी हमला: मुरादाबाद में फेंके पत्थर

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के हाफिजगंज में रविवार (7 अगस्त, 2022) की शाम को काँवड़ियों को टक्कर मारकर भाग रहे बाइक सवार युवकों को पकड़ने के दौरान जमकर हंगामा हुआ। जिसमें दो शिवभक्त घायल हो गए। एक्सीडेंट से गुस्साए काँवड़ियों ने सड़क पर काँवड़ रखकर तीन घंटे तक जाम लगा दिया। मामले की सूचना मिलने पर पहुँची पुलिस जब काँवड़ियों को समझा रही थी, इसी दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पथराव कर दिया। वहीं मुरादाबाद में भी छत से काँवड़ियों पर पत्थरबाजी की खबर है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधीक्षक (देहात) राजकुमार अग्रवाल ने सोमवार (8 अगस्त, 2022) को बताया कि रविवार देर शाम बकैनिया हरहरपुर मटकली, नवदिया, बमनपुरी, मटकुला, संतोषपुर, कमुआ प्रेमपुर समेत 8 गाँवों के 400 काँवड़ियों का जत्था हरहरपुर जाने वाले मार्ग से गुजर रहा था। तभी आगे बकैनिया गाँव में ग्राम प्रधान इकरार अहमद के घर के सामने मुस्लिम समुदाय के दो युवकों ने मोटरसाइकिल से कांवड़ियों को टक्कर मार दी, जिसके चलते प्रेमपुर गाँव के काँवड़ यात्री बुद्धसेन गंगवार और योगेंद्र गंगवार घायल हो गए। जिसके बाद मुस्लिम युवकों से कहासुनी हो गई। जब काँवड़ियों ने भाग रहे मोटरसाइकिल सवारों को पकड़ने का प्रयास किया तो मुस्लिमों के घरों से काँवड़ियों पर पथराव शुरू हो गया।

वहीं इस मामले में काँवड़ियों का कहना था कि हम लोगों का जत्था जल चढ़ाने जा रहा था, तभी एक बाइक वाले ने काँवड़ को टक्कर मार दी। विरोध करने पर उसने दूसरी काँवड़ को भी लात मारा। जिसके बाद बाइक सवार के समर्थकों ने काँवड़ियों पर पथराव भी किया। इस पर काँवड़िए भड़क गए। सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर हाफिजगंज अजीत प्रताप सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुँचकर स्थिति सँभालने की कोशिश की। रिपोर्ट के अनुसार, देर शाम तक विधायक और अधिकारी काँवड़ियों को समझाने में जुटे रहे। वहीं काँवड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग कर रहे थे।

गौरतलब है कि इस घटना में 2-3 पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें भी आई है। वहीं मुस्लिम उपद्रवियों पर इंस्पेक्टर हाफिजगंज की वर्दी फाड़ने का भी आरोप है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जाँच कर रही है। जिस व्यक्ति की बाइक काँवड़ से टकराई थी, वो बाइक छोड़कर फरार हो गया। यूपी पुलिस उस बाइक सवार को खोज रही है।

बता दें कि इस मामले में प्रेमपुर-मुरारपुर के निवासी सत्येंद्र कुमार की तहरीर पर इकरार अहमद समेत 13 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया। वहीं पुलिस की ओर से भी एक और मामला दर्ज किया गया है। जाँच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा मुरादाबाद के करनपुर में भी रामपुर की तरफ जा रहे काँवड़ियों पर कहा जा रहा है छत पर खेल रहे मुस्लिम समुदाय के बच्चों ने पत्थर फेंक दिया। इससे गुस्साए काँवड़िए ने दिल्ली हाईवे जाम कर दिया। हालाँकि, सूचना मिलने पर सीओ हाईवे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस अफसरों ने किसी तरह काँवड़ियों को समझा कर हाईवे से उठाया। इस दौरान करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। बता दें इस मामले में रामपुर जनपद के टांडा क्षेत्र के काँवड़ियों का जत्था बृजघाट से गंगाजल लेकर वापस लौट रहा था। वहीं इस मामले में जब पुलिस छत पर गई तो बताया गया कि बच्चों ने खेलते हुए पत्थर फेंक दिया था।

बांग्लादेश में हिंदू मंदिर पर फिर कट्टरपंथियों का हमला, तोड़ी गई माँ काली और भगवान गणेश की मूर्ति: 3 मदरसा छात्र गिरफ्तार, फुटबॉल खेलने से रोके जाने पर दे गए थे धमकी

बांग्लादेश में एक बार फिर से हिंदू देवी-देवताओं की मूर्ति तोड़ने की खबर सामने आई है। इस बार केनमारी मंदिर में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों के साथ तोड़-फोड़ की गई। मामले में बांग्लादेश की मोंगला पुलिस ने तीन आरोपितों को हिरासत में लिया है। ये तीनों आरोपित मदरसे के छात्र हैं।

घटना शनिवार (6 अगस्त 2022) रात की बताई जा रही है। रिपोर्टों में कहा गया है कि मंदिर प्रशासन मे मदरसे के कुछ छात्रों को मंदिर से सटे मैदान में फुटबॉल खेलने से रोक दिया। इससे बौखलाए छात्रों ने मंदिर पर हमला कर दिया। 

यह मंदिर चांदपई जिले के केनमारी क्षेत्र में स्थित है। एकुशी टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार (6 अगस्त 2022) शाम को केनमारी मंदिर में दर्शन करने के लिए कुछ लोग आए थे। तभी कुछ लोग मंदिर के मैदान पर फुटबॉल खेलने भी आ गए। इसी दौरान मंदिर में आए लोगों और फुटबॉल खेलने आए लोगों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।

इसके बाद मंदिर समिति ने लड़कों के मंदिर के मैदान में खेलने से रोक दिया। इसको लेकर विवाद हो गया। हालाँकि विवाद के बाद वह लड़के तो चले गए लेकिन जाते-जाते उन्होंने मंदिर के अधिकारियों को परिणाम भुगतने की धमकी दी।

इसके बाद शनिवार की रात अज्ञात बदमाशों ने आकर मंदिर में माँ काली और भगवान गणेश की मूर्तियों के साथ तोड़फोड़ की। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। मामले में उपजिला पूजा उत्सव परिषद के अध्यक्ष पीयूष मजूमदार ने कहा,

“मुझे मंदिर के अधिकारियों और फुटबॉल खेलने आए लड़कों के बीच तकरार के बारे में पता चला है। हालाँकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मारपीट की घटना उस विवाद के वजह से हुई थी या किसी अन्य कारण से। इलाके में इस तरह की यह पहली घटना है।”

मोंगला पुलिस स्टेशन ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि रविवार (7 अगस्त 2022) सुबह घटनास्थल का दौरा किया गया और मारपीट में शामिल तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। आगे की जाँच की जा रही है।

बांग्लादेश में मंदिर पर हमले

बांग्लादेश में मंदिरों पर हमले की कई घटनाएँ हो चुकी हैं। 16 जुलाई को बांग्लादेश (Bangladesh) में नरैल के लोहागारा के सहपारा इलाके में एक फेसबुक पोस्ट से गुस्साए कट्टरपंथी मुस्लिमों (Radical Islam) की भीड़ ने हिंदुओं के एक मंदिर, किराने की दुकान और कई घरों को तोड़ दिया। इतना ही नहीं उसमें आग भी लगा दी। 

इससे पहले मार्च 2022 में, बांग्लादेश के ढाका डिवीजन में वारी में लालमोहन साहा स्ट्रीट पर इस्कॉन मंदिर पर हमला किया गया था। हमलावरों की इस भीड़ का नेतृत्व 62 वर्षीय हाजी सफीउल्लाह कर रहा था। उसके नेतृत्व में 150-200 लोगों की इस्लामी भीड़ ने इस्कॉन मंदिर पर हमला किया था। ‘नारा-ए-तकबीर’ और ‘अल्लाह हु अकबर’ के नारे लगाती भीड़ ने मंदिर परिसर में तोड़फोड़ की और मंदिर में रखे पैसे और अन्य कीमती सामान को भी लूट लिया।

एक ही समुदाय ने हथिया ली ₹400 करोड़ की 2000 बीघा जमीन, मंदिर का बदल दिया नाम: गुजरात के खेड़ा में ‘लैंड जिहाद’ पर सरकार सख्त

गुजरात के खेड़ा जिले में स्थित नडियाद में ‘लैंड जिहाद’ का बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ के मतार तहसील में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जालसाजी कर के और हथकंडे अपना कर 400 करोड़ रुपए की 2000 बीघा जमीन को खरीद कर अपने नाम करा लिया। 2012 से अब तक इस जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े 628 मामले संदिग्ध पाए गए हैं। 500 से अधिक लोगों को नोटिस जारी कर सबूत पेश करने के लिए तलब किया गया है।

‘दैनिक भास्कर’ की पड़ताल के अनुसार, 250 ऐसे मामले भी हैं जिनमें भूमि से सम्बंधित कानून के तहत जमीन को जब्त करने की कार्रवाई भी प्रशासन द्वारा की गई है। गुजरात सरकार भी इस मामले को लेकर गंभीर है। राज्य के राजस्व मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी खुद मतार तहसील के कार्यालय में पहुँचे, जहाँ उन्होंने जानकारी दी कि 1930 मामलों की जाँच की गई है। 400 करोड़ रुपए की 2000 बीघा जमीन फर्जी किसानों के मिलते-जुलते नामों के साथ खरीद ली गई है।

मंत्री ने कई मामलों में अधिकारियों पर भी लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उन पर कार्रवाई भी होगी। उन्होंने सवाल किया कि एक विशेष कौम के लोग भला एक ही क्षेत्र में सामूहिक रूप से जमीन क्यों खरीद रहे हैं? इसकी जाँच की जाएगी कि इनकी मंशा क्या है। इसके लिए रुपए कहाँ से आए और किन लोगों ने दिए, इसे भी उन्होंने जाँच का विषय बताते हुए कहा कि पुलिस के साथ-साथ इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री भी हो सकती है।

260 ऐसे मामलों में भूमि को जब्त कर के सरकारी के अधीन करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि भूमिधारक के रिकॉर्ड में विधर्मियों के नाम जुड़ जाने से ये पूरा मामला ‘लैंड जिहाद’ का प्रतीत होता है। वणसर इलाके में तो प्राणनाथ महादेव मंदिर की जमीन बेचने के लिए मंदिर का नाम ही बदल दिया गया। 15 अप्रैल, 2013 को खेड़ा के डीएम ने इस सम्बन्ध में आदेश जारी किया था। इसी तरह साणंद तहसील में एक हिन्दू जमीन धारक की वसीयत में मुस्लिम का नाम जोड़ दिया गया।

खेड़ा में ‘लैंड जिहाद’ को लेकर ‘दैनिक भास्कर’ में प्रकाशित रिपोर्ट

इस तर्ज पर मतार में भी कई जमीनें खरीदी गईं। अहमदाबाद में कमलभाई उपनाम को कमालबाला कर दिया गया और विरासत सम्बन्धी प्रक्रिया के तहत पीढ़ीनामा इसी अनुसार तैयार कर दिया गया। कमाल में वाला उपनाम जोड़ कर सौदे किए गए। एक तो ऐसा नाम जोड़ा गया है, जिसमें बेटे की उम्र 51 साल और माँ की आयु 49 साल दिखाई गई है। ऐसे कई गड़बड़झाले हैं। मंत्री ने फर्जी किसानों की जाँच का निर्देश देते हुए कहा कि झूठे दस्तावेज के आधार पर एक समुदाय का दबदबा नहीं रहने दिया जाएगा। खरीददारों में से अधिकतर अहमदाबाद के रहने वाले हैं।

हथौड़े से फोड़ा सिर, गला काटा, चेहरा पत्थरों से कूचा: कर्नाटक में बहनों ने ही सुपारी दे भाई को मरवाया, 4 कातिलों को दिए थे ₹50000

कर्नाटक के कलबुर्गी में एक युवक की हत्या के आरोप में उसकी 2 बहनों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि दोनों बहनों ने भाई द्वारा अपनी निजी जिंदगी में दखल देने के कारण उसे सुपारी दे कर रास्ते से हटवा दिया। पुलिस ने सुपारी ले कर हत्या करने के आरोपित 4 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया है। मृतक का शव 29 जुलाई 2022 को अलंद रोड पर मिला था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतक का नाम नागराज था जिसकी उम्र 29 साल थी। आरोपित दोनों सगी बहनें मिनाक्षी और अनीता अपने पतियों से अलग हो कर नागराज और उसकी माँ के साथ रहती थीं। बताया जा रहा है कि मृतक नागराज शक था कि उसकी बहनें किसी और के साथ रिलेशनशिप में हैं। इसके चलते वह दोनों बहनों पर कड़ी नजर रखता था। वह लगातार अपनी बहनों से उनके पार्टनरों से शादी कर के उनके साथ रहने या उन्हें छोड़ देने का दबाव बनाता था। इसी बात पर आए दिन विवाद होता रहता था।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक आरोपित अविनाश से मृतक की बहन के अवैध संबंध थे। बताया जा रहा है कि आए दिन के झगड़े और टोका-टाकी से नाराज हो कर दोनों बहनों ने अपने भाई को रास्ते से हटाने का प्लान बना डाला। दोनों ने इस कत्ल के लिए अविनाश को 50 हजार रुपए भी दिए। अविनाश ने अपने साथ अपने साथियों आसिफ़, मोहसिन और रोहित को भी मिला लिया।”

बताया जा रहा है कि इन चारों आरोपितों ने पहले नागराज के सिर पर बीयर की बोतल से वार किया। इसके बाद सिर पर हथौड़े से चोट की। बाद में नागराज का गला काटा फिर उसकी पहचान बदलने के लिए उसके सिर पर भारी पत्थर से वार कर के चेहरे को कुचल डाला। पुलिस के मुताबिक बाद में भाड़े के चारों हत्यारों ने मृतक का शव ऑटोरिक्शा में डाल कर शहर से बाहर फेंक दिया और फरार हो गए थे।

पुलिस ने मृतक नागराज के कपड़ों से उसकी पहचान करवाई। बाद में बहनों की कॉल डिटेल निकलवाने पर पुलिस भाड़े के चारों हत्यारों तक पहुँची। आरोपित दोनों बहनों की कत्ल की सुपारी लेने वालों से लगातार बात हुई थी।

5 साल में पहली बार अक्षय कुमार की रक्षाबंधन को ‘U’, लाल सिंह चड्ढा को ‘U/A’: जानिए फिल्मों को कैसे मिलता है सेंसर सर्टिफिकेट

अक्षय कुमार की ‘रक्षाबंधन’ 11 अगस्त को रिलीज होने वाली है। इस फिल्म को सेंसर बोर्ड ने ‘U’ सर्टिफिकेट दिया है, वह भी बिना किसी कट के। सेंसर सर्टिफिकेट मेकर्स को 3 अगस्त को सौंपा गया। सेंसर सर्टिफिकेट में बताया गया कि रक्षाबंधन फिल्म की टाइमिंग सिर्फ 110 मिनट यानी 1 घंटा 50 मिनट है। इस तरह से यह फिल्म अक्षय के 30 साल से अधिक के करियर में अब तक की सबसे छोटी फिल्म बताई जा रही है।

कई बार U सर्टिफिकेट लेने के लिए फिल्मों के कई सीन्स हटा दिए जाते हैं। लेकिन बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक रक्षाबंधन को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने बिना किसी कट और संशोधन के ‘U’ सर्टिफिकेट के साथ पास किया है। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है, “अक्षय कुमार की रक्षाबंधन एक साफ-सुथरी फैमिली एंटरटेनर है। यह चीज प्रोमो में भी देखने को मिली। निर्देशक आनंद एल राय ने इसे संवेदनशील तरीके से बनाया है। इस तरह की फिल्म में गाली-गलौज या इंटीमेट सीन्स की कोई जरूरत नहीं थी। इसलिए, CBFC जाँच समिति को इसमें किसी तरह का कट लगाने की जरूरत महसूस नहीं हुई।”

2017 में मिला था बॉलीवुड फिल्म को U सर्टिफिकेट

बता दें कि पाँच साल बाद बॉलीवुड की किसी फिल्म को यह सर्टिफिकेट दिया गया है। इससे पहले साल 2017 में आई फिल्म ‘हिंदी मीडियम’ को सेंसर बोर्ड की तरफ से यू (U) सर्टिफिकेट मिला था। एजुकेशन सिस्टम की कमियों को उजागर करती इस फिल्म में दिवगंत अभिनेता इरफान खान और पाकिस्तानी एक्ट्रेस सबा खान मुख्य किरदार में नजर आए थे। इस फिल्म के पाँच साल बाद अब अक्षय की रक्षाबंधन यू (U) सर्टिफिकेट पाने वाली पहली फिल्म है। आमतौर पर बॉलीवुड फिल्मों को सेंसर से U/A सर्टिफिकेट मिलता है। अक्षय कुमार की फिल्म ‘रक्षाबंधन’ के साथ कंपीट करने वाली आमिर खान की ‘लाल सिंह चड्ढा’ को भी U/A सर्टिफिकेट ही मिला है।

बॉलीवुड में किसी भी फिल्म की रिलीज से पहले अक्सर इसे मिलने वाले सर्टिफिकेट से जुड़ी खबरें आती हैं। इस सर्टिफिकेट में कई तरह की जानकारियाँ होती हैं। फिल्म के नाम वगैरह से लेकर फिल्म की लंबाई तक। लेकिन यह सर्टिफिकेट होता क्या है? क्यों दिया जाता है? कौन प्रदान करता है और यह कितने प्रकार का होता है? आइए इस बारे में जानते हैं।

क्या है सेंसर का सर्टिफिकेट?

CBFC यानी “सेंसर बोर्ड फॉर फिल्म सर्टिफिकेशन” किसी फिल्म में दिखाए गए कंटेंट के आधार पर भारत में फिल्मों को रिलीज के लिए सर्टिफिकेट प्रदान करता है। इसका मतलब है कि फिल्म सर्टिफिकेट के मुताबिक तय किए गए दर्शक वर्ग को दिखाए जाने के लायक है। 

4 तरह के सर्टिफिकेट

U सर्टिफिकेट: यह सर्टिफिकेट ऐसी फिल्मों को दिया जाता है जो हर प्रकार की ऑडियंस को दिखाए जाने के लिए ठीक हैं। ऐसी फिल्मों का प्रसारण/स्क्रीनिंग हर प्रकार के दर्शक वर्गों के लिए किया जा सकता है। यह फिल्में आप अपने पूरे परिवार के साथ बिना किसी झिझक या दिक्कत के देख सकते हैं। जिस फिल्म में किसी तरह के कोई बोल्ड सीन या गाली-गलौज नहीं होते उन फिल्मों को सेंसर बोर्ड की तरफ से ‘U’ सर्टिफिकेट दिया जाता है।

A सर्टिफिकेट: इस तरह की फिल्में सिर्फ वयस्कों को दिखाई जा सकती हैं। आमतौर पर बोल्ड सीन्स या एडल्ट कॉमेडी वाली फिल्मों को इस तरह के सर्टिफिकेट दिए जाते हैं।

U/A सर्टिफिकेट: इस सर्टिफिकेट वाली फिल्में 12 साल से कम उम्र के बच्चों को उनके माता-पिता की देखरेख में दिखाया जा सकता है।

S सर्टिफिकेट: इस तरह का सर्टिफिकेट स्पेशल ऑडियंस के लिए दिया जाता है। यानी यदि किसी फिल्म को सिर्फ डॉक्टर्स या सेना के जवानों को दिखाया जा सकता है तो उसे यह सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

‘खनन माफियाओं ने की डंपर चढ़ाने की कोशिश, गाड़ी को पत्थरों से तोड़ा’ : BJP की महिला सांसद पर जानलेवा हमला, राजस्थान पुलिस पर लापरवाही का आरोप

राजस्थान के भरतपुर से भाजपा सांसद रंजीता कोली ने आरोप लगाया है कि खनन माफियाओं द्वारा उन्हें मारने की कोशिश की गई। आरोपों के मुताबिक खनन माफिया ने उनकी कार पर तब हमला करवाया जब वो दिल्ली से वापस आ रही थीं। हमले के विरोध में उन्होंने उसी स्थान पर धरना देना शुरू कर दिया। सांसद ने पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना 8 अगस्त 2022 (सोमवार) की है।

सांसद रंजीता ने इस घटना के बाद धरने और पुलिस से हो रही बहस का वीडियो अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटनास्थल कमा-कोसी के पास लेवला मोड़ है। सांसद रंजीता ने खुद पर हमले की जानकारी देते हुए बताया कि माफियाओं ने उनके ऊपर डंपर चढ़ाने का प्रयास किया और उनकी गाड़ी के शीशे तोड़े। वह बोलीं, “मैंने लगभग 100 की संख्या में ओवरलोड ट्रक देखे। इस दौरान मैंने उन्हें रोकने की कोशिश की तो वो भागने लगे। उन्होंने मेरी कार पर पथराव किया और मेरी कार तो क्षतिग्रस्त कर डाला। उस दौरान मेरी हत्या भी हो सकती थी। यह मेरे ऊपर हमला था लेकिन मैं इस से डरने वाली नहीं हूँ।”

घटनास्थल पर पहुँचे भरतपुर के DM अलोक रंजन ने कहा, “सांसद ने धरना खुद पर हुए पथराव का आरोप लगाते हुए दिया है। हम यहाँ आए और हमने उनसे शिकायत पत्र देने के लिए कहा। उनका आरोप है कि नजदीकी पुलिस चौकी ने उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। यह मामला पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है।”

वहीं घटनास्थल पर पहुँचे भरतपुर के एडिशनल SP ने बताया, “सांसद ने हमें बताया कि वो दिल्ली से वापस आ रहीं थीं और उन्होंने ओवरलोड ट्रक देखे। उन्होंने ट्रकों को रुकवाया तो 2-3 ट्रक तो रुक गए लेकिन कुछ भाग निकले। सांसद का कहना है कि भागते समय उन ट्रकों से पथराव किया गया था।” सामने आ रही तस्वीरों में सांसद रंजीता की कार के शीशे टूटे हुए थे और उनके साथ धरनास्थल पर कई लोग जमा थे।

इस मामले में भरतपुर पुलिस के मुताबिक, “घटना की सूचना मिलते ही तुरंत सीनियर अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस फ़ोर्स को मौके पर भेजा गया। DM व पुलिस के समझाने पर सांसद द्वारा धरना खत्म कर दिया गया है। सांसद ने हमला करने वाले लोगों के खिलाफ शिकायत दी है जिस पर थाना कामा में FIR दर्ज हुई है। आरोपितों को जल्द गिरफ्तार करने के आदेश दिए गए हैं।”

गौरतलब है कि 19 जुलाई 2022 को हरियाणा के मेवात क्षेत्र के नूंह में अवैध खनन रोकने गए DSP सुरेंद्र सिंह को खनन माफियाओं ने डम्पर से कुचल कर मार डाला था। इस मामले में पुलिस ने इकरार और शब्बीर को गिरफ्तार किया था।

जो मोहसिन ISIS के वीडियो दिखा देता था आतंकवाद का ट्यूशन, उसे ‘बेकसूर’ बता रहा AAP विधायक अमानतुल्लाह खान: कपिल मिश्रा ने पूछा- आतंकियों को क्यों बचा रहा केजरीवाल गैंग

दिल्ली में रहकर खूँखार आतंकी संगठन ISIS के लिए फंड जुटाने के आरोप में गिरफ्तार हुए मोहसिन खान को लेकर नया खुलासा हुआ है। जाँच में सामने आया है कि मोहसिन बच्चों को घर पर ट्यूशन देने के बहाने बुलाता था और फिर उन्हें ISIS की वीडियो दिखाता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान ने उसे समर्थन दिया है।

अमानतुल्लाह खान ने अपने ट्विटर पर मोहसिन खान की रिहाई की माँग उठाई है। खान का कहना है कि मोहसिन पर जो इल्जाम लगाए गए हैं वो बिलकुल गलत हैं। हकीकत में भाजपा और आरएसएस मुस्लिमों को आईएसआईएस के नाम पर बदनाम कर रही है।

अमानतुल्लाह ने मोहसिन के अरेस्ट होने के बाद ट्वीट किया, “NIA द्वारा जामिया के छात्र मोहसिन की गिरफ्तारी सरा-सर गलत और असंवैधानिक है। भाजपा और RSS वालों ने ISIS के नाम पर मुसलमानों को बदनाम और परेशान करने  का नया तरीका निकाला है। मोहसिन बेकसूर है और उसका किसी भी असामाजिक तत्व के साथ कोई सम्बंध नही रहा है। मोहसिन को जल्द रिहा किया जाए।”

भाजपा नेता ने उठाए सवाल

अमानतुल्लाह खान के ऐसे ट्वीट के बाद भारतीय जनता पार्टी के कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने याद दिलाया है कि पहले ये पार्टी ताहिर हुसैन को समर्थन दे रही थी और अब मोहसिन खान को। उन्होंने लिखा, “AAP कल तक ताहिर हुसैन को बेकसूर बता रही थी , आज ISIS के आतंकवादी को बेकसूर बता रही हैं। दिल्ली में बम ब्लास्ट करने, दिल्ली के लोगों को मारने के लिए आए आतंकवादियों को केजरीवाल का गैंग क्यों बचा रहा हैं? अमानतुल्ला खान केजरीवाल के इशारे पर ये सब बोल रहा हैं।”

बता दें कि एक ओर अमानतुल्लाह खान और कुछ अन्य लोग सोशल मीडिया पर मोहसिन को निर्दोष बताते हुए उसकी रिहाई माँग रहे हैं। वहीं खबरों में कहा गया है कि मोहसिन के संबंध आईएसआईएस से थे, इसका खुलासा  उसके साथियों ने ही किया है। ये भी पता चला है कि वो ISIS के 35 कमांडरों के साथ संपर्थ में था।

ट्यूशन पढ़ाने के बहाने बच्चों को पढ़ा रहा था ISIS का पाठ

एनआईए की जाँच में ये भी सामने आया कि मोहसिन वीडियोज दिखाकर अन्य छात्रों को प्रभावित करता था। वह अपने पास बच्चों को पढ़ाई करने के बहाने बुलाता था। उन्हें फ्री ट्यूशन का लालच देता था और उसके बाद उन्हें ऐसी वीडियोज दिखाता था। जब बच्चों ने अपने घरों में इन वीडियोज के बारे में परिजनों को बताया तो वो डर गए। उन्होंने घबराकर मोहसिन के बारे में शिकायत दी। एनआईए ने प्राप्त शिकायतों की जाँच की और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से सीरिया जाता था फंड

जामिया में मैकेनिकल इंजीनियरिंग का प्रथम वर्ष छात्र मोहसिन बाटला हाउस स्थित जापानी गली में फ्लैट लेकर रहता था। उसका काम ISIS के लिए फंड जुटाने का था। इसके अलावा वह छात्रों के भीतर ISIS की विचारधारा का प्रचार-प्रसार भी करता था। जाँच एजेंसी ने इस संबंध में मामला जून में दर्ज किया था। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने मोहसिन अहमद को एक कट्टरवादी बताया है। भारत के साथ-साथ वो विदेश से भी ISIS से सम्बन्ध रखने वालों से फंड्स इकट्ठे कर रहा था। इसके बाद इस फंड को आतंकी संगठन की गतिविधियों को अंजाम देने के लिए क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से सीरिया और अन्य देशों में भेजा जा रहा था। इस सम्बन्ध में आगे की जाँच फ़िलहाल जारी है। NIA पता लगा रही है कि वो कहाँ किस-किस के संपर्क में था और इसमें उसके साथ कौन-कौन है, कितने पैसे कहाँ-कहाँ भेजे जाते थे।

‘मेरी सेक्स लाइफ उतनी इंटरेस्टिंग नहीं’: तापसी पन्नू ने बताई ‘कॉफी विद करण’ में नजर नहीं आने की वजह, बॉलीवुड गैंग में घुसपैठ के लिए सालों से मार रही हाथ-पैर

बॉलीवुड गैंग में घुसपैठ के लिए तापसी पन्नू सालों से हाथ-पैर मार रही हैं। इसको लेकर उनका कंगना रनौत से विवाद भी हो चुका है। फिर भी फिल्में मिलने के बावजूद गैंग के लिए वे आउटसाइडर ही हैं। अब एक सवाल के जवाब में तापसी ने कहा है कि उनकी सेक्स लाइफ ‘कॉफी विद करण’ के लायक नहीं है।

पन्नू की फिल्म ‘दोबारा’ 19 अगस्त को रिलीज होने वाली है। पिछले दिनों जब इसका ट्रेलर आया था तो नेटिजन्स ने पूछा था कि इतनी फ्लॉप फिल्मों के बाद भी तापसी पन्नू को बॉलीवुड में काम कौन दे रहा है। स्पेनिश फिल्म ‘मिराज’ की कॉपी बताई जा रही इस फिल्म के लिए वह इन दिनों जमकर प्रचार कर रही हैं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक तापसी पन्नू और अनुराग कश्यप ‘दोबारा’ को प्रमोट कर रहे थे। उसी समय करण जौहर बगल के कमरे में अपने चैट शो का प्रचार कर रहे थे। इसको ध्यान में रखते हुए मीडिया ने तापसी से पूछा कि उन्हें करण के शो में क्यों नहीं बुलाया गया? इस सवाल का जवाब देते हुए अभिनेत्री ने मजाकिया लहजे में कहा, “मेरी सेक्स लाइफ उतनी इंटरेस्टिंग नहीं है कि मुझे ‘कॉफी विद करण’ में इनवाइट किया जा सके।” यह जवाब काफी वायरल हो रहा है।

गौरतलब है कि करण जौहर का शो इन दिनों सेक्स से जुड़े सवालों को लेकर चर्चा में है। करण ने हाल ही में करीना कपूर खान से शो पर बच्चे पैदा होने के बाद सेक्स लाइफ के बारे में सवाल किया था। विजय देवरकोंडा से भी उनकी सेक्स लाइफ के बारे में पूछा था। आलिया भट्ट से उनकी सुहागरात को लेकर सवाल किया था।

नोएडा में जिसने महिला से की गाली-गलौच, उसके अवैध निर्माण पर चला हथौड़ा: बुलडोजर देख लगे ‘योगी जिंदाबाद’ के नारे, SHO भी सस्पेंड

महिला से गाली-गलौच करने वाला श्रीकांत त्यागी नोएडा की जिस ग्रैंड ओमैक्स सोसायटी में रहता है, सोमवार (8 अगस्त 2022) को वहाँ बुलडोजर ने दस्तक दी। त्यागी के अवैध निर्माण को दस्ते ने तोड़ दिया। इस बीच त्यागी को सरकारी गनर दिए जाने की खबरों का पुलिस ने खंडन किया है। साथ ही फेज टू के एसचओ सुजीत उपाध्याय को पीड़ित महिला की सुरक्षा में चूक की वजह से सस्पेंड कर दिया गया है।

5 अगस्त 2022 को एक वीडियो सामने आया था। इसमें त्यागी एक महिला के साथ अभद्रता करता दिख रहा है। फिलहाल वह फरार है। उसके घर में तहखाना होने का भी दावा किया जा रहा था। लेकिन परिजनों ने इसका खंडन करते हुए उसे स्टोर रूम बताया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जब अवैध निर्माण पर कार्रवाई के लिए बुलडोजर सोसायटी में पहुँचा तो स्थानीय लोगों ने ताली बजाकर उसका स्वागत किया। साथ ही योगी जिंदाबाद के नारे लगाए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक श्रीकांत त्यागी के घर के आस-पास के अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया है। नोएडा के पुलिस कमिश्नर अलोक सिंह ने बताया कि घटना के बाद ओमेक्स सोसायटी में घुसे 7 आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए हैं।

बता दें कि रविवार (7 अगस्त 2022) को कुछ संदिग्ध लोग ओमेक्स सोसायटी में घुस गए थे। आरोप है कि उन्होंने श्रीकांत त्यागी पर छेड़छाड़ और अभद्रता का केस दर्ज करवाने वाली महिला के फ़्लैट पर जाकर उसे धमकाया। शोरगुल सुन कर आसपास के लोग जमा हुए और वहाँ अफरातफरी का माहौल खड़ा हो गया। इस दौरान मौके का फायदा उठा कर आरोपित फरार हो गए। इस घटनाक्रम के बाद जब गौतमबुद्ध नगर से भाजपा सांसद डॉ. महेश शर्मा घटनास्थल पर पहुँचे तो उन्हें लोगों का भारी विरोध झेलना पड़ा। उन्होने स्थानीय पुलिस पर अपनी नाराजगी जताई।

त्यागी के घर में तहखाने की बात का उनके परिजनों ने खंडन किया है। आज तक के मुताबिक श्रीकांत त्यागी की बहन ने बतया, “हमारे जिस स्टोर रूम को तहखाना बताया जा रहा है, वैसा स्टोर रूम सोसायटी के कई लोगों के फ़्लैट में बना है। इसके साथ सीढियाँ लगी हुई है, जिससे हम सामान ऊपर ले जाते हैं। भैया ने जो गलत किया उसका समर्थन हम परिवार वाले भी नहीं करते। लेकिन जिस प्रकार से सोसायटी वाले हमारे पीछे लगे हैं वो गलत है।”

वहीं नोएडा पुलिस के ADCP रणविजय सिंह ने नोएडा पुलिस द्वारा श्रीकांत त्यागी को गनर दिए जाने की बात का खंडन किया है। उन्होंने कहा, “नोएडा पुलिस द्वारा आरोपित श्रीकांत को कोई कभी कोई गनर नहीं मिला था। पुलिस टीमें आरोपित को पकड़ने का प्रयास कर रहीं हैं। जल्द ही उसकी गिरफ्तारी की जाएगी।”

मदरसे में काट रहे थे पशु, मौलाना समेत 4 गिरफ्तार: महिलाओं के शामिल होने की भी खबर, शाहजहाँपुर का मामला

उत्तर प्रदेश (UP) के शाहजहाँपुर जिले के एक सरकारी मदरसे में पशुओं की अवैध कटान का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने मदरसे में छापा मार कर लगभग एक क्विंटल मांस बरामद किया है। इस मामले में 4 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें एक मौलाना भी है। अवैध कटान में कुछ महिलाओं के भी शामिल होने की जानकारी सामने आ रही है। मामला रविवार (7 अगस्त 2022) का है।

शाहजहाँपुर पुलिस के मुताबिक कांट थानाक्षेत्र के मोहल्ला पट्टी में यह सरकारी मदरसा है। पुलिस को मुखबिर ने यहाँ अवैध पशु कटान की जानकारी दी थी। जानकारी पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर एक भैंस का निर्ममता से कत्ल करते हुए शादान कुरैशी, आमिर, बाबर और मौलाना वसीउद्दीन को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार हुए सभी आरोपित शाहजहाँपुर जिले के ही रहने वाले हैं।

पुलिस प्रेसनोट

पुलिस के मुताबिक जिस मदरसे में पशु काटे जा रहे थे, वहीं मौलाना बसीउद्दीन का घर भी है। वहाँ से पुलिस ने करीब एक क्विंटल भैंस का मांस, पशु काटने के औजार, पशु का कटा सिर और खाल बरामद किया है। पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 429 व धारा 3/11(ठ) पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अवैध कटान में कुछ महिलाएँ भी सहयोग कर रहीं थीं।

शाहजहाँपुर के डिप्टी SP सदर अखंड प्रताप सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।