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पाकिस्तान से आया ‘लंपी’ वायरस, राजस्थान-गुजरात में तड़प-तड़प कर मर रहे गोवंश: अब तक 3300 मौत, 27 जिलों में फैला; चपेट में 40000 पशु

राजस्थान और गुजरात में लंपी वायरस के कारण गोवंश की तड़प-तड़प कर मौत हो रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दोनों राज्य में अब तक 3000 हजार से ज्यादा गोवंश की मौत हो चुकी है। करीब 27 जिलों में यह फैला चुका है।

राजस्थान में 2100 गायों की लंपी से मौत

अकेले राजस्थान में लंपी बीमारी से 2100 से अधिक गायों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में इन दिनों जानवरों में त्वचा संबंधी संक्रमण पैदा करने वाली ‘लंपी’ बीमारी तेजी से फैल रही है। बीते तीन महीनों के दौरान राजस्थान के 10 जिलों में करीब 2100 से अधिक गायों की मौत हुई है। 40,000 से ज्यादा गौवंश इसकी चपेट में आ चुके हैं। इस बीमारी का कोई सटीक इलाज नहीं होने की वजह से पशुपालक खासकर गायों को पालने वाले किसान ज्यादा परेशान नजर आ रहे हैं।

पाकिस्तान के रास्ते आया वायरस

राजस्थान के अधिकारियों का कहना है कि लंपी नामक यह संक्रामक रोग इस साल अप्रैल में पाकिस्तान के रास्ते भारत आया। लंपी डिजीज पहले जैसलमेर और बाड़मेर जैसे सीमावर्ती जिलों में फैली। अब यह जोधपुर, जालौर, नागौर, बीकापुर, हनुमानगढ़ और अन्य जिलों में भी फैल रही है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्‍याण राज्‍य मंत्री कैलाश चौधरी ने लंपी रोग से बड़ी संख्‍या में गायों की मौत की बात स्‍वीकारते हुए कहा है कि सरकार केंद्रीय वैज्ञानिक दल की सिफारिशों के आधार पर इसके इलाज के लिए जरूरी कदम उठाएगी। एक केंद्रीय दल ने हाल ही में प्रभावित इलाके का दौरा किया था। पशुओं पर इस रोग के कहर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अकेले जोधपुर जिले में पिछले दो सप्ताह में 254 मवेशी इस बीमारी से अपनी जान गँवा चुके हैं। राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह सोलंकी ने पिछले दिनों विवशता जाहिर करते हुए कहा था कि इस बीमारी से बचने के लिए कोई टीका उपलब्ध नहीं है।

गुजरात में भी लंपी का कहर

गुजरात के कुल 33 जिलों में से 17 में अब तक 1200 से ज्यादा मवेशी ‘लंपी’ रोग के कारण मर चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सर्वेक्षण, उपचार और टीकाकरण की गति बढ़ा दी है और पशुओं के मेले के आयोजन पर भी रोक लगा दी है। राज्य के कृषि और पशुपालन मंत्री राघव जी पटेल ने कहा कि इस संक्रामक रोग की वजह से शनिवार (30 जुलाई 2022) तक 1240 मवेशियों की मौत हो चुकी है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य में इस वायरस का पहला केस सामने आने के साथ ही पशुपालन मेडिकल व अन्य विभागों की बैठक बुलाकर पशुओं के उपचार व टीकाकरण का कार्य युद्ध स्तर पर चलाने का निर्देश दिया था। बचाव के लिए 5.74 लाख पशुओं को टीका दिया जा चुका है।

गुजरात के 17 जिले प्रभावित

पटेल ने कहा कि प्रभावित जिलों में सौराष्ट्र, कच्छ, जामनगर, देवभूमि द्वारका, राजकोट, पोरबंदर, मोरबी, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, बनासकांठा, पाटण, सूरत, सुरेंद्रनगर, भावनगर अरवल्ली और पंचमहल शामिल है। राजकोट जिला प्रशासन के अनुसार, अन्य राज्यों, जिलों, तालुका और शहरों से मवेशियों के आवागमन पर 21 अगस्त तक पाबंदी लगा दी गई है। पशुओं को अलग-थलग रखने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने मरे हुए मवेशियों को खुले में फेंकने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। मंत्री ने कहा कि प्रभावित जिलों के 1746 गाँवों में 50328 मवेशियों का इलाज किया जा चुका है।

सबसे पहले अफ्रीका में फैला यह रोग

यह रोग सबसे पहले 1929 में अफ्रीका में फैला था। पिछले कुछ सालों में यह दुनिया के अन्य हिस्सों में भी फैला है। साल 2015 में तुर्की और ग्रीस और 2016 में रूस जैसे देश में इसने तबाही मचाई। जुलाई 2019 में इसे बांग्लादेश में देखा गया, जहाँ से ये कई एशियाई देशों में फैल रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, लंपी स्किन डिजीज साल 2019 से अब तक सात एशियाई देशों में फैल चुका है। अगस्त 2019 में भारत और चीन, जून 2020 में नेपाल, जुलाई 2020 में ताइवान, भूटान, अक्टूबर 2020 वियतनाम में और नंवबर 2020 में हांगकांग तक पहुँच गया।

‘झारखंड सरकार गिराने की साजिश, CM सरमा से मिलवाने का लालच’: असम के मंत्री ने बताई कॉन्ग्रेस MLA के आरोपों की सच्चाई, कैश के साथ धराए थे 3 विधायक

कॉन्ग्रेस के विधायक कुमार जयमंगल ने दावा किया था कि उनकी पार्टी के जिन 3 विधायकों को बड़ी मात्रा में कैश के साथ गिरफ्तार किया गया था, उन्होंने उन्हें असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मिलवाने का लालच दिया था। अब असम के मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता पीजूष हजारिका ने इन आरोपों की सच्चाई बताई है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कॉन्ग्रेस विधायक के आरोपों की पोल खोली है।

उन्होंने जानकारी दी, “मनगढंत FIR दायर करने से 5 दिन पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा उन्हें केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी के आवास पर लेकर गए थे। ये बात गुरुवार (26 जुलाई, 2022) को सुबह 9 बजे की है। ट्रेड यूनियन से जुड़े एक मुद्दे पर सहायता के लिए उन्होंने ये मुलाकात करवाई थी। कुमार जयमंगल नियमित रूप से सीएम सरमा से मिलते रहे हैं। असम सीएम और जनजातीय विधायकों के विरुद्ध झूठे आरोप लगाने के लिए उन्हें कानून का सामना करना चाहिए।”

बता दें कि बेरमो विधानसभा क्षेत्र से विधायक कुमार जयमंगल सिंह ने एक पत्र लिख कर आरोप लगाया था कि हावड़ा में कैश के साथ पकड़े गए तीनों विधायक झारखंड सरकार गिराने की साजिश में शामिल थे और सीएम सरमा भी इसका हिस्सा हैं। पत्र में उन्हें कोलकाता बुला कर गुवाहाटी ले जाकर सीएम सरमा के साथ बैठक कराने के लालच का आरोप लगाया गया था। जबकि हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा था कि वो 22 साल कॉन्ग्रेस में रहे हैं, ऐसे में वहाँ के शीर्ष नेतृत्व के लोग उनके संपर्क में तो रहते हैं लेकिन राजनीति की बातें नहीं होतीं।

शनिवार (31 जुलाई, 2022) की देर रात हावड़ा पुलिस को कैश से भरी गाड़ियों के जाने की सूचना मिली थी। हालाँकि, ये नहीं पता चला कि इनमें कौन लोग हैं। पुलिस ने तीनों विधायकों की गाड़ियों को रोका और उनकी तलाशी ली तो उसमें भारी मात्रा में कैश बरामद किया गया और पता चला कि ये तीनों विधायक हैं। इसके बाद पुलिस ने ड्राइवर सहित कार में सवार पाँच लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। विधायक इरफान अंसारी वही व्यक्ति हैं, जिन्होंने अग्निपथ योजना का विरोध करते हुए कहा था कि ‘देश खून से लथपथ हो जाए, लेकिन अग्निपथ लागू नहीं होने देंगे।’

‘लिंचिस्तान, कागज नहीं दिखाएँगे…”: अक्षय कुमार की ‘रक्षाबंधन’ वाली कनिका का जहर वायरल, फिल्म बायकॉट के डर से आधे घंटे में डिलीट किए 17 हिंदूफोबिक ट्वीट

अक्षय कुमार की ‘रक्षाबंधन’ के रिलीज से पहले फिल्म की लेखिका कनिका ढिल्लों ने ट्विटर पर सफाई अभियान शुरू किया है। कनिका ने अचानक से वे ट्वीट डिलीट करने शुरू किए हैं जिनसे उनकी हिंदू घृणा स्पष्ट झलक रही थी। एक यूजर के अनुसार उन्होंने सोमवार 1 अगस्त 2022 को करीब आधे घंटे के भीतर 17 ट्वीट हटाए। लेकिन उससे पहले इनमें से ज्यादातर के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके थे।

इन पुराने ट्वीट्स में देख सकते हैं कि कैसे कनिका ढिल्लों ने उस हर प्रदर्शन को समर्थन दिया जो मोदी सरकार के विरोध में था या फिर जहाँ हिंदुत्व को गाली दी गई अथवा देश को कोसा गया। सेलिब्रिटी होने के बावजूद एक से ज्यादा ट्वीट में कनिका ढिल्लों को भारत को लिंचिस्तान कहते देखा जा सकता है।

उन्होंने अकबर खान की हत्या मामले में भारत को लिंचिस्तान कहा था। उन्होंने लिखा था, “गौ-माता का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान!#लिंचिस्तान! गौमाता भी डरी हुई हैं और थक गई हैं! वह भी देश छोड़कर यूएस जाना चाहती हैं और तब तक ट्रंप को झेलने को तैयार हैं जब तक कि हिंदुस्तान में शांति, सामान्य बुद्धि और इंसानियत नहीं लौट आती।”

इसके अलावा जब 2018 में राजनाथ सिंह ने कहा था कि जरूरत पड़ने पर देश में लिंचिंग के विरुद्ध कानून लाया जाएगा तब भी कनिका ने इसे सवाल खड़े करते हुए पूछा था कि कौन से समय का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने अपने ट्वीट में केवल गौरक्षकों पर सवाल नहीं उठाए थे, बल्कि गौ माता पर भी प्रश्न खड़े किए थे।

इसके बाद जब साल 2019 में नागरिक संशोशन अधिनियम के विरुद्ध प्रदर्शन शुरू हुए तो कनिका ढिल्लों सक्रिय रूप से प्रदर्शनकारियों के समर्थन में ट्वीट करती दिखीं थी। एक ट्वीट में वह कागज नहीं दिखाएँगे कहती दिख रही हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में पुलिस को इस तरह पेश किया था कि प्रदर्शन के दौरान सिर्फ मुस्लिमों पर हमला नहीं किया, बल्कि साथ में उनके वाहनों में भी तोड़फोड़ की थी।

इसी तरह मध्य प्रदेश के खरगोन में जब हिंदुओं की शोभा यात्रा पर पत्थरबाजी हुई थी तो कनिका ढिल्लों ने सारा ठीकरा हिंदुओं पर फोड़ दिया था। उन्होंने कहा था, “मैं हिंदू हूँ और मुझे भारतीय मुस्लिमों की इज्जत करना सिखाया गया है। यही हिंदुओं के जीने का ढंग है। हम करम में विश्वास रखते हैं और इस तरह मस्जिदों पर पत्थरबाजी औप गरीब मुस्लिमों के घर उजाड़ना करम नहीं है। ये पागलपन है और हिंदुत्व के विरुद्ध है।”

बता दें कि कनिका ढिल्लों का मोदी विरोधी व्यवहार हमेशा से नहीं रहा। 2014 में उनके द्वारा किए गए ट्वीट देखें तो पता चलता है कि 2014 लोकसभा चुनावों के दौरान और उससे पहले वह मोदी समर्थक थीं। लेकिन अचानक उन्होंने ट्विटर पर भारत को नेगेटिव शेड में दिखाने के लिए हिंदुत्व को गाली देनी शुरू कर दी।

काम की बात करें तो कनिका ढिल्लों ने हसीन दिलरुबा, 2018 में आई मनमर्जियाँ, जजमेंटल है क्या, साइज जीरो जैसी फिल्मों में अपना योगदान दिया है।

हनुमान चालीसा पढ़ने पर अयोध्या के इंटर कॉलेज से 2 हिंदू छात्रों को निकाला: धार्मिक उन्माद फैलाने का आरोप, पीड़ित बोला- कुरान पढ़ने को कह रहे थे

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में एक इंटर कॉलेज है। नाम है- फैजे आम मुस्लिम कॉलेज। यह कॉलेज विवादों में आ गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दो हिंदू छात्रों को कॉलेज से इस निकाल दिया गया, क्योंकि उन्होंने हनुमान चालीसा पढ़ी। वहीं एक पीड़ित छात्र का कहना है कि उनसे कुरान पढ़ने को कहा जा रहा था। इसके बाद उन्होंने हनुमान चालीसा पढ़ी।

रिपोर्ट के अनुसार कॉलेज से बाहर किए गए हिंदू छात्रों पर धार्मिक उन्माद फैलाने का आरोप है। लेकिन एक पीड़ित छात्र का कहना है कि कुरान की जगह हनुमान चालीसा पढ़ने पर उसका कॉलेज से नाम काट दिया गया। वहीं दूसरे छात्र को तो इस बात की जानकारी भी नहीं है कि उसका नाम क्यों काटा गया।

11वीं कक्षा के छात्र सौरव यादव ने बताया कि वह मुस्लिम छात्र के साथ बैठकर रहीम के दोहे पढ़ रहा था। तभी मुस्लिम छात्र ने आपत्ति जताते हुए दोहे की जगह कुरान पढ़ने के लिए कहा। वह अकबर की तारीफ भी करने लगा। इसके बाद सौरव यादव रामायण और हनुमान चालीसा पढ़ने लगा। मुस्लिम छात्रों ने इसकी शिकायत कॉलेज प्रबंधन से कर दी। सौरव का कहना है कि प्रबंधन ने उसकी बात सुने ही नाम काट कर टीसी जारी कर दिया।

कॉलेज प्रबंधन ने छात्र सौरव के साथ एक अन्य छात्र माधवेंद्र प्रताप सिंह का नाम भी कॉलेज से काट दिया गया है। माधवेंद्र का कहना है कि उसे इस मामले की जानकारी भी नहीं थी। फिर भी उसका नाम कॉलेज से काट दिया गया। उसका कहना है कि वह क्लास में बैठकर साइंस की होमवर्क कर रहा था। इस बीच क्या हुआ, उसे कुछ भी मालूम नहीं। 

कॉलेज के प्रबंधक मोहम्मद अख्तर सिद्दीकी ने दोनों हिंदू छात्रों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे साजिश करार दिया है। प्रबंधक का कहना है कि कॉलेज की गरिमा को गिराने का काम किया जा रहा है। बदनाम किया जा रहा है।

विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने इस मामले में कॉलेज प्रिंसिपल और मैनेजर को गिरफ्तार करने की माँग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने इस मुद्दे को उठाा जाएगा। वहीं DM नीतीश कुमार ने मामले की जाँच करवाने की बात कही है।    

‘रात के तीन बजे भी हीरो घर बुलाता है तो आपको जाना पड़ेगा, नहीं तो फिल्म से बाहर’: बॉलीवुड में हिरोइन का हाल मल्लिका शेरावत ने बताया

बॉलीवुड में कास्टिंग काउच नई नहीं है। कई एक्ट्रेसेस इस बात का जिक्र कर चुकी हैं कि काम पाने के लिए उन्हें कई तरह के समझौते (Compromise) भी करने पड़े हैं। ‘मर्डर’ एक्ट्रेस मल्लिका शेरावत (Mallika Sherawat) ने एक बार फिर मनोरंजन जगत के इस स्याह सच से पर्दा उठाया है।

मल्लिका शेरावत ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत के दौरान कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में एक हीरोइन को अभिनेता कंट्रोल करते हैं। जो हिरोइन एक्टर्स की बातें मानती हैं, उन्हें वे पसंद करते हैं। मल्लिका ने कहा, “यहाँ यह बेहद साधारण चीज है। वे सिर्फ उन अदाकाराओं को पसंद करते हैं, जिन्हें वे कंट्रोल कर सकते हैं और जो उनके साथ समझौता करने को राजी होती हैं। मैं उनमें से नहीं हूँ। मेरा ऐसा व्यक्तित्व नहीं है। सभी ए-लिस्ट एक्‍टर ने मेरे साथ काम करने से इनकार कर दिया, क्योंकि मैं समझौता करने के लिए तैयार नहीं हुई।”

हाथ से निकल जाएगी फिल्म

बातचीत के दौरान जब मल्लिका से ‘समझौता’ का मतलब पूछा गया तो उन्होंने साफ-साफ कहा, “कुछ भी। वह कहेंगे बैठो, खड़ी हो जाओ। इतना ही नहीं, अगर हीरो आपको सुबह के तीन बजे कॉल करके घर बुलाता है तो आपको जाना होगा। अगर आप उस सर्कल में हैं और वे फिल्म कर रहे हैं। अगर आप नहीं जाते तो फिल्म से बाहर हो सकते हैं।”

अपने काम से काफी खुश हैं मल्लिका

मल्लिका शेरावत ने इंडस्ट्री में शुरू से ही अपनी पहचान एक बोल्ड एक्ट्रेस के रूप में बनाई। वह ‘द मिथ’, ‘हिस्स’, ‘पॉलिटिक्स ऑफ लव’ जैसी तमाम फिल्मों में नजर आईं। फिर अचानक वह फिल्म इंडस्ट्री से गायब हो गईं। मल्लिका अब एक बार फिर फिल्मी दुनिया में लौटी हैं। वह पिछले महीने रिलीज हुई फिल्म ‘आरके/आरके’ में नजर आईं। 

सिल्वर स्क्रीन से गायब होने का कारण बताते हुए उन्होंने कहा, “मैंने अपना बेस्ट करने की कोशिश की। मैंने अच्छे रोल्स खोजने की कोशिश की। मैंने कुछ गलतियाँ भी कीं, जैसे हम सब करते हैं। कुछ भूमिकाएँ अच्छी थीं, कुछ इतनी अच्छी नहीं थीं। यह एक एक्टर की जर्नी का हिस्सा है, लेकिन कुल मिलाकर यह शानदार रहा है।”

आगे उन्होंने कहा, “मैं हरियाणा से हूँ। मुझे मर्डर फिल्म करनी पड़ी, जो इतनी फेमस हो गई कि जैकी चैन ने मुझे अपनी फिल्म में कास्ट किया। मैंने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से दो बार मुलाकात की।” फिलहाल, मल्लिका अपने करियर में मिलने वाले ऑफर्स से बेहद खुश हैं। मल्लिका ने यह भी कहा कि उन्होंने इंडस्ट्री में अब तक जितना काम किया है, वह उससे खुश हैं और संतुष्ट हैं। बता दें कि मल्लिका इससे पहले भी कई बार कास्टिंग काउच पर बात कर चुकी हैं। 

काबुल में मारा गया अलकायदा सरगना जवाहिरी: भारतीय मुस्लिमों से कहा था- हथियार इकट्ठा कर छेड़ो जिहाद, बुर्के वाली की शान में पढ़ी थी कविता

अलकायदा का सरगना अयमान अल जवाहिरी काबुल में की गई एयर स्ट्राइक में मारा गया। ये जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन के हवाले से आई। उन्होंने जवाहिरी की मौत को इंसाफ कहा। वहीं अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि 2011 में लादेन के मारे जाने के बाद यह अलकायदा को सबसे बड़ा झटका है। जवाहिरी के ऊपर 25 मिलियन डॉलर का ईनाम भी था।

‘यूएस ढूँढकर मारेगा’: राष्ट्रपति जो बायडेन

राष्ट्रपति बायडेन ने अपने ट्विटर पर कहा, “शनिवार को मेरे निर्देशों पर अमेरिका ने अफगानिस्तान के काबुल में सफलतापूर्वक एयर स्ट्राइक की, जिसमें अलकायदा का अयमान अल जवाहिरी मारा गया। न्याय मिल गया है।”

उन्होंने कहा, “अमेरिका अपने नागरिकों की रक्षा करेगा और जो भी हमें नुकसान पहुँचाएगा उनके खिलाफ क्षमता का प्रदर्शन होता रहेगा। आज हमने साफ कर दिया है कि इससे मतलब नहीं है कि कितना समय लगा या तुम कहा छिपे, अगर तुम लोगों के लिए खतरा हो तो अमेरिका तुम्हें ढूँढ के मार डालेगा।”

बता दें कि मीडिया में नाम न देने की शर्त पर कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने ड्रोन से हमला किया था जिसमें जवाहिरी मारा गया। वहीं एक प्रशासन अधिकारी ने कहा- संयुक्त राज अमेरिका ने अफगानिस्तान में अलकायदा के खिलाफ आतंकवाद विरोधी अभियान चला रखा है। ये ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और कोई नागरिक इससे हताहत नहीं हुआ।

इस हमले को लेकर अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल नफी ताकोर ने कहा, “शेरपुर में एक घर को रॉकेट से निशाना बनाया गया। कोई हताहत नहीं है। घर खाली था।” लेकिन तालिबान सूत्र मीडिया को बता रहे हैं कि जिस घर पर शेरपुर में हमला हुआ वहाँ पर सुबह ड्रोन उड़ते देखे गए थे।

वीडियो आया सामने

सोशल मीडिया पर इस घटना के संबंध में एक वीडियो भी शेयर किया जा रहा है। ये वीडियो कथिततौर पर उस घर का है जिसमें जवाहिरी था और हर सुबह उसकी बालकनी में टहलने आता था। बताया जा रहा है कि अमेरिका के सर्विलांस ने अल जवाहिरी को यहीं पर देखा था। इसके बाद उन्होंने कन्फर्म करके प्लॉनिंग के साथ उसे मार डाला। अमेरिका ने ये सुनिश्चित किया कि जिस समय वह जवाहिरी पर हमला बोलें उस समय जवाहिरी के परिवार को कोई नुकसान न पहुँचे, इसलिए उन्होंने हेल फायर जैसी मिसाइल का प्रयोग किया, जिसने घर में सीधे जवाहिरी को टारगेट किया।

2001 में अमेरिका में हुए हमले में जवाहिरी का हाथ था

बता दें कि अफगानिस्तान में जवाहिरी के छिपे होने की बात सामने आने के बाद तालिबान पर सवाल उठे कि उन्होंने अल जवाहिरी को शरण दी हुई थी। लेकिन तालिबान ने जवाब की बजाय सबूत मिटाने शुरू कर दिए। उसने जवाहिरी के बीवी-बच्चों को घर से हटाया और इस मुद्दे पर पूरी तरह चुप्पी साध ली। बस कुछ कहा तो यही कि अमेरिका ने नियमों का उल्लंघन करके ड्रोन स्ट्राइक की है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। उन्होंने एक भी बार अल जवाहिरी का नाम नहीं लिया।

उल्लेखनीय है कि अलकायदा का सरगना अल जवाहिरी वही खूँखार आतंकी था जिसने 11 सितंबर 2001 के हमलों में 4 विमानों को हाइजैक करने में मदद की थी। इन्हीं चार जहाजों में 2 वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के दोनों टॉवर्स से टकराए थे और तीसरे को विमान अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन से टकराया गया था। चौथा जहाज शेंकविले के एक खेत में क्रैश हुआ था। इस घटना में लगभग 3 हजार से ज्यादा लोग मरे थे। इसके अलावा जवाहिरी ने समय-समय पर भारतीय मुस्लिमों को भी भड़काने का काम किया था। वह कहता था कि भारतीय मुस्लिम हथियार इकट्ठा करके देश के खिलाफ जिहाद छेड़ें। इतना ही नहीं भारत में हिजाब विवाद के समय उसने बुर्के वाली लड़की की शान में कविता भी पढ़ी थी।

अब आसिम रियाज ने डाली नंगी तस्वीर, हिमांशी खुराना के हैं बॉयफ्रेंड: लोग बोले – रणवीर सिंह ने सबको बिगाड़ दिया

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह (Ranveer Singh) अपने न्यूड फोटोशूट को लेकर खासा विवादों में हैं। इसी बीच ‘बिग बॉस’ के एक्स कंटेस्टेंट एक्टर आसिम रियाज (Asim Riaz) ने सोशल मीडिया पर अपनी न्यूड फोटोज शेयर की हैं।

इंस्टाग्राम पर शेयर की गई तस्वीरों में वो शर्टलेस नजर आ रहे हैं। उन्होंने अपनी डेनिम को काफी नीचे कर फोटोशूट करवाया है। इसके बाद से वह यूजर्स के निशाने पर आ गए हैं। उनकी फोटो पर कमेंट कर वह इसके लिए रणवीर सिंह को जिम्मेदार बता रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट किया, “रणवीर भैया ने सबको बिगाड़ दिया।”

फोटो साभार: आसिम रियाज का इन्स्टाग्राम

वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, “भाई ये कुछ ज्यादा हो गया।” एक ने लिखा “हाय गर्मी।” इसके अलावा कुछ यूजर्स ऐसे भी हैं जो उन्हें रणवीर सिंह से प्रभावित बता रहे हैं। आपको बता दें कि आसिम की ये फोटो अभी की नहीं हैं, बल्कि 2017 की है, जो उन्होंने 30 जुलाई 2022 को अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया था।

फोटो साभार: आसिम रियाज का इन्स्टाग्राम

मालूम हो कि आसिम रियाज और हिमांशी खुराना अक्सर अपने रिश्ते को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। ‘बिग बॉस 13’ (Bigg Boss 13) के दौरान आसिम रियाज और हिमांशी खुराना ने अपने प्यार का ऐलान किया था। शो खत्म होने के बाद भी दोनों का प्यार एक दूसरे के लिए कई मौकों पर नजर आता है। जब हिमांशी से आसिम के साथ उनकी शादी की योजना के बारे में पूछा गया था, तो अभिनेत्री ने शादी को एक बड़ी कमिटमेंट बताते हुए कहा था कि वे इसमें जल्दबाजी नहीं करना चाहती हैं।

गौरतलब है कि ईटाइम्स टीवी से बात करते हुए हिमांशी खुराना ने कहा था, “आसिम ने अभी पूरी तरह से काम करना शुरू कर दिया है और यह समय है कि वह आगे बढ़े। इसलिए अभी हम शादी के बारे में नहीं सोच रहे हैं। मैं भी चौबीसों घंटे काम कर रही हूँ और कुछ अद्भुत ऑफ़र हैं। शादीशुदा होने का मतलब है कि हमें एक-दूसरे को समय देना होगा। फिलहाल हम विभिन्न इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। हमारी परवरिश, धर्म सब कुछ अलग है। हम नहीं चाहते हैं कि जल्दी करो और चीजों को गड़बड़ करो। शादी एक बड़ी कमिटमेंट है। हम जल्दबाजी में शादी नहीं करना चाहते हैं, क्योंकि ऐसे में रिश्ता दूसरों के लिए मजाक बन जाता है। हम इसके लिए तैयार रहना चाहते हैं और चाहते हैं कि यह सही समय पर हो। यह एक परिपक्व निर्णय होगा।”

8000 साल पुराना मंदिर, विकसित शहर: सऊदी अरब में खुदाई के दौरान मिले मूर्तिपूजा के प्रमाण, विशेषज्ञ भी हैरान

सऊदी अरब में एक 8000 साल पुराने मंदिर और पुरातात्विक स्थल की खोज हुई है। राजधानी रियाद के दक्षिण-पश्चिम इलाके में स्थित तटीय शहर की खुदाई में इस ऐतिहासिक हिन्दू मंदिर के अवशेष और कई शिलालेख पाए गए हैं। सऊदी अरब की पुरातत्वविदों की टीम ने नई तकनीक वाली मशीनों के साथ इस मंदिर का पता अल-फॉ की साइट पर लगाया है। यहाँ पहले हुए शोध की रिपोर्ट के मुताबिक इस क्षेत्र में हजारों साल पहले से मंदिर और मूर्ति पूजा का कल्चर रहा है। वहीं इस शोध में मिले पुरातात्विक अवशेषों को एडवांस स्टडी के लिए भेजा गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस स्थल के सर्वेक्षण में हाई क्वालिटी की एरियल फोटोग्राफी, कंट्रोल प्वाइंट के साथ ड्रोन फुटेज, रिमोट सेंसिंग, लेजर सेंसिंग और कई अन्य सर्वे तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। वहीं इस प्राचीन मंदिर का नाम रॉक-कट मंदिर बताया जा रहा है जो माउंट तुवाईक के किनारे पर स्थित है, जिसे अब अल-फॉ के नाम से जाना जाता है। अबतक की जाँच के मुताबिक अल-फॉ के लोग बड़े धार्मिक थे। वहीं खुदाई में एक ऐसा शिलालेख भी मिला जिससे अल-फॉ के एक देवता कहल के होने की पुष्टि होती है।

रिपोर्ट के अनुसार, बताया जा रहा है पूरे स्थल पर 2,807 कब्र भी मिली हैं जो अलग-अलग समय की हैं, ऐसा अब तक के नतीजों में उभरा है। इन्हें छह ग्रुपों में बाँटा गया है। मंदिर और कब्रों के अलावा यह बात भी सामने आई है कि यहाँ एक सुनियोजित शहर बसा हुआ था। जिनके कोने पर चार टावर हैं। वहीं इस पुरातात्विक अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि एक समय में दुनिया की सबसे शुष्क भूमि और कठोर रेगिस्तानी वातावरण वाले इस क्षेत्र में नहरों, पानी के कुंड और सैंकड़ों गड्डों सहित एक उन्नत और जटिल सिंचाई प्रणाली भी थी।

सऊदी अरब की इस साइट पर 8000 साल पहले भव्य मंदिर था

ईस्ट कोस्ट डेली की रिपोर्ट के मुताबिक अल-फॉ का ये इलाका पुरातात्विक विभाग के लोगों के लिए बीते 40 सालों से हॉट स्पॉट बना हुआ है। सर्वे साइट पर सबसे अहम खोज इस मंदिर की है जिसके ध्वस्त परिसर से एक यज्ञ की वेदी के कुछ हिस्सों के अवशेष भी मिले हैं। इससे पता चलता है कि यहाँ उस समय ऐसे लोग रहते थे जिनके जीवन में पूजा-पाठ और यज्ञ जैसे अनुष्ठान होते रहे होंगे।

फाँसी के फंदे से लटकी मिली NTR की बेटी, पुलिस बता रही आत्महत्या: परिवार सहित पहुँचे पूर्व CM चंद्रबाबू नायडू

तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के संस्थापक और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एनटी रामा राव (NTR) की सबसे छोटी बेटी उमा माहेश्वरी (Uma Maheshwari) ने हैदराबाद के जुबली हिल्स स्थित अपने आवास पर सोमवार (1 अगस्त, 2022) को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।

जानकारी मिलने पर मौके पर पहुँची पुलिस को उमा अपने घर में फाँसी के फंदे पर लटकी हुई मिलीं। पुलिस ने बताया कि वह 57 वर्ष की थीं। उनके शव को स्थानीय अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामला दर्ज कर आगे की जाँच शुरू कर दी है।

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि उमा माहेश्वरी की बेटी, दामाद और घर के अन्य लोगों ने जवाब न मिलने पर अंदर से बंद बेडरूम का दरवाजा तोड़ा, जिसके बाद उन्होंने उन्हें फाँसी के फंदे पर लटका पाया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, उमा पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना कर रही थीं और उनका इलाज चल रहा था। बताया जा रहा है कि सोमवार को वह अपने घर में फाँसी के फंदे पर लटकी हुई मिलीं। पुलिस ने प्रारंभिक जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि आशंका है कि उन्होंने डिप्रेशन के चलते आत्महत्या की है। हालाँकि, अभी इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं कहा जा सकता। सीआरपीसी की धारा 174 (आत्महत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

वहीं, जुबली हिल्स के सीआई राजशेखर रेड्डी ने बताया कि यह आत्महत्या का मामला है और जाँच के बाद ही कारण का पता चलेगा। उमा तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के संस्थापक एनटीआर के 12 बच्चों में सबसे छोटी थीं, साथ ही चार बहनों में भी सबसे छोटी थीं। माहेश्वरी के निधन का समाचार सुनने के बाद चंद्रबाबू नायडू अपने परिवार के साथ उनके घर पहुँचे।

बता दें कि उमा माहेश्वरी के पार्थिव शरीर को दर्शन के लिए घर पर रखा गया है। इस मौके पर एनटीआर के परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और कई हस्तियाँ मौजूद हैं। विदेश में मौजूद अभिनेता जूनियर एनटीआर को भी उमा माहेश्वरी के निधन की जानकारी दी गई है।

जेल से बाहर आते ही PR इंटरव्यू, ट्वीट भी करने लगा जुबैर; लेकिन नहीं माँगी उस आग की माफी जिसमें जले उमेश, कन्हैया और प्रवीण

फैक्ट-चेक के नाम पर प्रोपेगंडा फैलाने वाला मोहम्मद जुबैर जमानत पर बाहर आ चुका है और वापस अपने पुराने काम की तरफ भी लौट गया है – इस्लामी एजेंडे के लिए झूठे एवं भ्रामक नैरेटिव गढ़ना। जगह-जगह इंटरव्यू देकर उसने फिर से हिन्दू विरोधी प्रोपेगंडा शुरू कर दिया है। जिस व्यक्ति के कारण देश में आग लगी, वो अब खुला घूम रहा है। वहीं नूपुर शर्मा और उनका परिवार अब भी छिप कर रहने को मजबूर है, कई FIR का सामना करना पड़ रहा है सो अलग।

वहीं मोहम्मद जुबैर का इंटरव्यू लेकर, उसके बयान प्रकाशित कर के और उसके तथाकथित ‘संघर्षों’ पर ओपिनियन लिख कर उसका महिमामंडन कर के द वायर, द हिन्दू, न्यूज़लॉन्ड्री और द न्यूज़ मिनट जैसे संस्थान जनता को बेवकूफ बना रहे हैं। उसे ‘मुस्लिमों के खिलाफ भारत में बढ़ी हिंसा’ पर आवाज़ उठाने वाले ‘मसीहा’ से लेकर ‘नरसंहार को बढ़ावा देने वाले हेट स्पीच’ विरोधी ‘पत्रकार’ तक साबित करने के लिए वामपंथी मीडिया में होड़ लगी है।

याद कीजिए, वो मोहम्मद जुबैर ही था जो Times Now’ चैनल पर आए नाविका कुमार की उस डिबेट का एडिट किया हुआ वीडियो इस्लामी संगठनों तक लेकर गया था, जिसमें नूपुर शर्मा ने इस्लामी साहित्य में लिखी किसी बात का उल्लेख किया। उससे पहले इस्लामी कट्टरपंथी तस्लीम रहमानी क्या कह रहा था, किस तरह शिवलिंग और हिन्दू देवी-देवताओं का मजाक बना रहा था – इस पर किसी का ध्यान नहीं गया। इसे एक साजिश के तहत छिपा लिया गया।

तभी ये वीडियो क़तर के मौलानाओं के पास पहुँचा और वहाँ इसके खिलाफ सोशल मीडिया ट्रेंड्स चले, जिसके दबाव में वहाँ की सरकार ने भारतीय राजदूत को तलब कर लिया। फिर भाजपा ने नूपुर शर्मा को निलंबित कर दिया। 7 इस्लामी मुल्कों में भारतीय राजदूतों को समन किया गया, जहाँ उन्हें सफाई देनी पड़ी। उन्हें ‘सिर तन से जुदा’ की धमकियाँ मिलने लगीं। जगह-जगह इस्लामी भीड़ ने उनके खिलाफ सड़क पर उतर कर हिंसा की।

उलटा नूपुर शर्मा पर ही कई FIR कई राज्यों में कर दिए गए। 7 राज्यों में उन पर 9 FIR दर्ज हो गए। जब वो राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुँचीं, तो वहाँ उन्हें जजों ने देश में हो रही सारी घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहरा दिया। सोचिए, एक अकेले व्यक्ति ने एक वीडियो में काट-छाँट कर के उसे इस तरह से पेश किया कि एक महिला और उसके परिवार को छिप कर रहना पड़ रहा है। मोहम्मद जुबैर इंटरव्यू पर इंटरव्यू दे रहा, लेकिन नूपुर शर्मा एक ट्वीट तक करने की सोच तक नहीं सकतीं।

सबसे बड़ी बात कि नूपुर शर्मा का समर्थन करने वालों का जो कत्लेआम शुरू हुआ, एक नरसंहार इस्लामी कट्टरवाद ने शुरू किया, उसकी जड़ मोहम्मद जुबैर ही है। राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैया लाल तेली का गला रेत दिया गया। महाराष्ट्र के अमरावती में केमिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या कर दी गई। कर्नाटक के बेल्लारे में प्रवीण नेट्टारू की हत्या कर दी गई। क्या मोहम्मद जुबैर द्वारा फैलाई गई आग इसके लिए जिम्मेदार नहीं?

कन्हैया लाल के मुस्लिम पड़ोसियों ने ही उनकी रेकी की, उमेश कोल्हे के करीबी दोस्त ने ही उनकी हत्या की साजिश रची जिसकी वो कई बार मदद कर चुके थे और प्रवीण नेट्टारू के हत्यारे का पिता उनकी दुकान में कर्मचारी हुआ करता था। मध्य प्रदेश के भोपाल में निशंक राठौर की हत्या हुई, जिसके बाद पिता को ‘सिर तन से जुदा’ वाला मैसेज आया। भले पुलिस अलग-अलग एंगल की बात कह रही हो, परिजनों को इस पर भरोसा नहीं।

इन सबके लिए जो जिम्मेदार है, उसे अदालत से जमानत भी मिल जाती है (उस पर जज लोग कोई कड़ी टिप्पणी नहीं करते), वो जेल से वापस आकर अपनी मुस्कुराती हुई तस्वीर अपलोड कर के रहत इंदौरी के शेर ‘जो आज साहिबे मसनद हैं कल नहीं होंगे’ कैप्शन डाल कर 1.15 लाख लाइक्स बटोर लेता है, पीएम मोदी के पुराने ट्वीट्स पर उनका मजाक बना रहा है और और निशंक राठौड़ की हत्या पर पुलिस के एंगल का वीडियो शेयर करते हुए पीड़ित परिजनों के बयान पर आधार पर खबर चलाने वालों को झूठा बता रहा।

सिर्फ ये 3 हत्याएँ ही नहीं, नूपुर शर्मा के खिलाफ फैलाए गए दुष्प्रचार के कारण हिंसा की कई घटनाएँ हुई हैं। इन सबके अलावा 4 ऐसी घटनाएँ हुई, जहाँ हत्या के प्रयास हुए। मध्य प्रदेश के रेवा में मुकेश तिवारी को पीटा गया। इसी राज्य के अगर में ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ता पर हमला हुआ। राजस्थान के उदयपुर और झुंझनू में कारोबारियों को धमकियाँ मिलीं। बिहार के सीतामढ़ी में युवक को चाकू घोंप दिया गया। गुजरात के कारोबारी से लेकर दिल्ली के एक वकील तक, हत्या की धमकियाँ मिलीं।

सोचिए, जिस नूपुर शर्मा के नाम पर आतंकियों ने इतना कुछ किया उन्हें अभी कैसी महसूस हो रहा होगा। उनके परिवार को कैसा महसूस हो रहा होगा। वहीं जिस तस्लीम रहमानी के भड़काने पर उन्होंने प्रतिक्रिया दी थी, वो फिर से डिबेट्स में वापस आ गया है और न्यूज़ चैनल उसका स्वागत कर रहे हैं। मोहम्मद ज़ुबैर वामपंथी मीडिया का हीरो बना हुआ है, तस्लीम रहमानी वापस आ गया डिबेट्स में, लेकिन नूपुर शर्मा और उनके परिवार को छिप रह रहना उनकी मजबूरी है।

यही सेक्युलरिम वाला माहौल है जहाँ एडिटेड वीडियो के सहारे देश को बदनाम करने वाला, एक महिला को दर-दर भटकने और प्रताड़ना सहने के लिए मजबूर करने वाला, कई हत्याओं का जिम्मेदार व्यक्ति हीरो की तरह पेश किया जाता है। जबकि वो महिला और उसका परिवार अपना चेहरा तक नहीं दिखा सकता। इस ‘सिर तन से जुदा’ के माहौल में आग में घी डालने के लिए मोहम्मद जुबैर वापस आ गया है, उसके हर एक ट्वीट से अब हिन्दू विरोधी एजेंडा चलना भी चालू हो गया है।

मोहम्मद जुबैर से उसके ‘संघर्ष’, उसके जीवन, बचपन और पढ़ाई से लेकर उसके परिवार तक के बारे में पूछ कर महिमामंडन किया जा रहा है। जिहादी हिंसा को व्हाइटवॉश करने के लिए फिर से उसे कमर कस ली है। मोहम्मद जुबैर को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है और वो गर्व से कह रहा है कि ‘मेरे पैगंबर’ पर सत्ताधारी पार्टी से कोई टिप्पणी करेगा तो इस पर आवाज़ उठाना ज़रूरी है। यानी, वो फिर से इसके नाम पर हिंसा भड़काने से नहीं हिचकिचाएगा।