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5 दिन से भूख हड़ताल का ड्रामा, तिहाड़ से अस्पताल में शिफ्ट किया गया आतंकी यासीन मलिक: UN से इमरान खान की गुहार- उसकी जान खतरे में

दिल्ली के तिहाड़ जेल में पिछले पाँच दिन से भूख हड़ताल कर रहे आतंकी संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के चीफ यासीन मलिक को ड्रिप के जरिए तरल पदार्थ दिए जा रहे हैं। यासीन मलिक ने शुक्रवार (23 जुलाई, 2022) की सुबह भूख हड़ताल शुरू की थी। उन्हें नाश्ता दिया गया था जिसे खाने से उन्होंने इनकार कर दिया था। वहीं अब तबियत बिगड़ने पर तिहाड़ जेल ने RML अस्पताल में भर्ती कराया है। वहीं इमरान खान ने मोदी सरकार पर यासीन मलिक को टॉर्चर करने का आरोप लगाया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यासीन मलिक की माँग है कि उसके खिलाफ चल रहे विचाराधीन मामले की सही तरीके से जाँच हो। वहीं इस मामले में जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने मंगलवार (26 जुलाई, 2022) को बताया, ”कड़ी सुरक्षा के बीच कारागार संख्या सात में एक अलग कोठरी में रखा गया यासीन मलिक शुक्रवार की सुबह से कुछ नहीं खा रहा है। वह अब भी भूख हड़ताल पर है और चिकित्सक उसके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रख रहे हैं। उसे रविवार से ड्रिप के जरिए तरल पदार्थ दिए जा रहे हैं।”

वहीं टेरर फंडिंग में सजा काट रहे आतंकी यासीन मलिक के समर्थन में बिलावल भुट्टो के बाद अब पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान भी आ गए हैं। कुख्यात आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को ‘शहीद’ बताने वाले इमरान खान ने अपने ट्वीट में मलिक की भूख हड़ताल का मुद्दा उठाते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

इमरान खान ने अपने ट्वीट में लिखा, “मैं मोदी सरकार की ओर से तिहाड़ जेल में कश्मीरी नेता यासीन मलिक के टॉर्चर और उसे भूख हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर करने की निंदा करता हूँ। उसकी जान खतरे में है। मैं UNSG, UNHCHR और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से भारत के खिलाफ कार्रवाई करने और यासीन मलिक की जान बचाने की अपील करता हूँ।”

बता दें कि पिछले महीने पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी मलिक को सजा सुनाए जाने को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस को पत्र लिखा था। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा था कि कश्मीर के हालात पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने के पाकिस्तान के प्रयासों के तहत बिलावल की ओर से 31 मई को संयुक्त राष्ट्र प्रमुख को यह पत्र भेजा गया। पत्र में संयुक्त राष्ट्र महासचिव को मलिक को सजा दिए जाने की परिस्थितियों से अवगत कराया गया था।

गौरतलब है कि तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद के आठ दिसंबर, 1989 को हुए अपहरण के मामले में यासीन मलिक आरोपित है। यासीन मलिक ने रुबैया सईद के अपहरण से जुड़े मामले में जम्मू की अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का अनुरोध किया था। मलिक ने कहा था कि 22 जुलाई तक अगर सरकार ने इस संबंध में अनुमति नहीं दी, तो वह भूख हड़ताल शुरू करेगा। कहा जा रहा है कि केंद्र से इस मामले पर कोई जवाब नहीं मिलने पर उसने भूख हड़ताल शुरू कर दी।

एनआईए द्वारा 2017 में दर्ज टेरर फंडिंग के मामले में यासीन मलिक को 2019 की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था। वहीं यासीन मलिक को एनआईए की विशेष अदालत ने मई में टेरर फंडिंग सहित अन्य मामलों में उम्रकैद और दस लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी।

जानकारी के लिए बता दें कि रुबैया सईद का जेकेएलएफ के आतंकवादियों द्वारा 1989 में अपहरण किया गया था। हालाँकि, रुबैया को 5 दिन बाद 13 दिसंबर को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ाया गया, लेकिन इसके बदले भाजपा द्वारा समर्थित तत्कालीन वीपी सिंह सरकार को जेकेएलएफ के 5 आतंकवादियों को रिहा करना पड़ा था।

‘मुझे जेल में न नींद आती है न चैन… मुझ पर एहसान कर दो’ : ‘हिंदू माँ-बेटी’ को मारकर घर में दफनाने वाला शमशाद जेल में बैचेन, गवाह से बोला- ‘मैं चाहता तो तुम्हारे साथ कुछ कर सकता था’

साल 2020 में घर के भीतर प्रिया और उसकी बेटी कशिश को बेरहमी से मारकर दफनाने वाला शमशाद अब जेल में है। वो और उसके परिजन लगातार कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह उसे छुड़ा लें। इसी क्रम में उन्होंने प्रिया की सहेली चंचल चौधरी पर दबाव बनाना शुरू किया है। शमशाद ने 15 जुलाई को चंचल को पत्र भेजा था। इस पत्र में उसने तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर चंचल को उलझाने की कोशिश की और उनसे केस वापस लेने को कहा।

प्रिया की सहेली चंचल पर बनाया जा रहा दबाव

जब ऑपइंडिया ने इस मामले पर चंचल से बात की तो उन्होंने बताया, “15 जुलाई को कुछ लड़के गली में हमारे घर का पता पूछते-पूछते आए थे और 8 पन्नों का पत्र देकर गए थे। इस पत्र में लिखा था कि मैं उसे 2007 से जानती हूँ जबकि सच ये है कि 2012-13 के आसपास तो मेरी मुलाकात प्रिया से हुई थी। फिर मैं उसे कैसे जान लूँगी।”

चंचल ने बताया कि उनके साथ-साथ उनका साथ देने वाले धर्म जागणर के प्रचारक मनीष लोइया पर भी दबाव बनाया जा रहा है। उन लोगों को धमकियाँ मिल रही है। अब इन्हीं कारणों से उन लोगों ने इस मामले में शिकायत देने की सोची है। जल्द ही वह इस पत्र के बारे में और पिछले कुछ समय में घटी घटनाओं को लेकर शिकायत देंगे।

जानकारी के मुताबिक प्रिया-कशिश मर्डर केस में इस समय शमशाद, उसी बीवी और उसका साला दिलावर तीनों जेल में हैं। वहीं कुछ अन्य लोग हैं जिनका नाम पड़ताल में सामने आने के बाद उनसे पूछताछ चलती है। ये सारे लोग इस केस से अपना नाम हटवाने के लिए चंचल की गवाही पर आस लगाए बैठे हैं। यही कारण है कि शमशाद ने इतना लंबा पत्र उन्हें भिजवाया और  तमाम तरह की इमोशनल बातें करके चंचल से केस वापस लेने को कहा।

क्या है शमशाद के पत्र में?

इस पत्र में शमशाद ने खुद के अपराध पर सफाई देते हुए कहा है कि वह प्रिया-कशिश को जान से ज्यादा चाहता था, लेकिन उसे शक था कि उसकी गैरमौजूदगी में प्रिया किसी को बुलाती है। वो डरता था कि कहीं प्रिया उससे दूर न चली जाए।

इतना ही नहीं शमशाद ये भी लिखता है, “जितना प्यार मैं प्रिया को करता था उतना गाँव वाली बीवी को भी नहीं करता था।” उसने पूरे पत्र में अपनी सफाई दी है और ये बताया है कि खून उसने नहीं किया। उसे तो जेल में रहने के दौरान पता चला था कि उसके घर से कंकाल मिले हैं। उसने पत्र में हत्याकांड का सारा ठीकरा किसी ‘सुधीर’ पर फोड़ा और खुद को और अपने परिवार को निर्दोष बताता रहा।

अपने पत्र में खुद को बेगुनाह दिखाने के लिए उसने चंचल को कहा, “तुम तो मेरी अच्छी दोस्त थी। मेरे साथ अकेले भी आई-गई हो। मैं चाहता तो तुम्हारे साथ कुछ भी कर सकता था। पर मैंने कुछ किया क्या… मैं ऐसा होता तो मैं तुम्हें भी क्यों छोड़ता, मुझे पता था प्रिया की हमदर्द तुम्ही हो।” आगे वह चंचल को समझाते हुए ये भी कहता है कि ये सब बजरंग दल वाले इन बातों का मुद्दा बनाते हैं। इनमें किसी की जान चली जाए इनका कुछ नहीं होता।

पत्र में वह चंचल के सामने गिड़गिड़ाते हुए कहता है, “जेल में न मुझे रात में नींद आती है और न ही दिन में चैन आता है… हम कभी न कभी तो बाहर आएँगे। जिसने मुझे मेरे परिवार से अलग किया है उसे मैं कभी भी माफ नहीं करूँगा। चंचल तुम्हें भड़काने वाले बहुत लोग मिलेंगे लेकिन जो तुम्हारा मन कहे तुम वही करना। प्रिया की तरह नहीं, जैसे वो किसी की बातों में आ जाती थी, तुम भी मत आ जाना।… तुम्हें किसी बात का लालच है तो मुझे बता दो… तुम चाहोगी तो हम जल्दी बाहर आ जाएँगे। मुझ पर एहसान कर दो। मेरे पीछे बहुत परिवार पल रहे हैं। सबकी दुआ लगेगी तुम्हें।”

2020 में हुए प्रिया-कशिश हत्याकांड में खुलासे

बता दें कि शमशाद के इस पत्र में कही गई हर बात उस तथ्य से उलट हैं जो साल 2020 में प्रिया-कशिश हत्याकांड का खुलासा होने के बाद सामने आई थीं। ऑपइंडिया ने चंचल चौधरी से बात करके इस केस पर विस्तृत रिपोर्ट की थी। चंचल ने बताया था कि कैसे शमशाद उन्हें पूरे लॉकडाउन झूठ बोलता रहा और जब सच्चाई खुली तो सारे इल्जाम प्रिया पर लगा दिए।

चंचल ने ये भी बताया था कि पहले उनकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही थी लेकिन धर्म जागरण के प्रचारक मनीष लोइया की मदद लेने के बाद उनकी शिकायत पर एक्शन लिए गए और शमशाद ने खुद इस बात को बताया कि उसने प्रिया-कशिश को मारकर बेड के नीचे दफना दिया था और उनके शरीर को गलाने के लिए 20 पैकेट नमक भी डाले थे।

इसके अलावा जैसा कि शमशाद ने पत्र में दावा किया है कि उसका नाम हमेशा से शमशाद था, इसके एकदम उलट चंचल ने शुरू से यही दावा है कि जब प्रिया शमशाद से मिली थीं तो उसकी आईडी अमित गुर्जर के नाम से थी और उसने इसी नाम के सहारे प्रिया को प्रेम जाल में फँसाया था। चंचल के अनुसार शमशाद ने झूठ बोलकर प्रिया से शादी की थी और माँ-बेटी के साथ रहने लगा था। इसके बाद सच्चाई खुलने पर उसने प्रिया के पूजा-पाठ आदि पर रोक लगवा दी थी। धीरे-धीरे प्रिया को पता चला था कि शमशाद को पहले से ही शादीशुदा था।

‘नूपुर शर्मा का समर्थन करने पर उमेश कोल्हे को मार डाला’: जेल में शेखी बघार रहा था हत्यारा शाहरुख़ पठान, कैदियों ने बुरी तरह पीटा

महाराष्ट्र के अमरावती में उमेश कोल्हे नाम के हिन्दू व्यक्ति की हत्या के आरोपित शाहरुख पठान को मुंबई की आर्थर रोड जेल में कुछ कैदियों ने बुरी तरह से पीट दिया। इस मामले में इन कैदियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शाहरुख पठान आर्थर रोड जेल की बैरक नंबर सात में रखा गया है। बताया जाता है कि जेल में कुछ कैदी आपस में ही कैदियों के जुर्म को लेकर बातें कर रहे थे। इसी दौरान शाहरुख पठान ने कहा कि नूपुर शर्मा का समर्थन करने के कारण उसने उमेश कोल्हे की हत्या कर दी थी।

बस फिर क्या था। उमेश कोल्हे की हत्या करने वाले इस्लामी कट्टरपंथी के बारे में जानकर कैदी भड़क गए और उन्होंने उसे जमकर पीटा। दावा किया गया है कि शाहरुख पठान को जिन कैदियों ने पीटा, उनमें कल्पेश पटेल, हेमंत मनेरिया, अरविंद यादव, श्रवण अवान और संदीप जाधव का नाम सामने आया है। बहरहाल पुलिस ने शाहरुख पठान को दूसरे बैरक में शिफ्ट किया गया है।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि 21 जून 2022 को अमरावती में रहने वाले एक केमिस्ट उमेश कोल्हे की 22 जून, 2022 को चार मुस्लिम हमलावरों ने हत्या कर दी थी। हत्या उस समय हुई थी जब वह उस रात अपनी फार्मेसी से लौट रहे थे। कहा जा रहा है कि कोल्हे ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा का समर्थन किया था।

दरअसल, नूपुर शर्मा पर कथित तौर पर ये आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने एक टीवी डिबेट के दौरान पैगंबर मुहम्मद को लेकर कमेंट किया था। उल्लेखनीय है कि उमेश कोल्हे (54) अमरावती में केमिस्ट की शॉप चलाते थे। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, कोल्हे ने कथित तौर पर नूपुर शर्मा से जुड़ा एक पोस्ट कई सारे व्हाट्सएप ग्रुपों में शेयर किया था।

इसके बाद से ही इस्लामी कट्टरपंथी उनके पीछे पड़े हुए हैं। इस मामले में एनआईए ने सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

चैनल को खड़ा करने के लिए NDTV ने दूरदर्शन के फुटेज को बेचा और उपकरणों को चुराया: वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने किया सनसनीखेज खुलासा

NDTV ने कॉन्ग्रेस सरकार के दौरान किस तरह सरकारी संपत्तियों का इस्तेमाल अपने हित के लिए किया, इसका खुलासा अशोक श्रीवास्तव ने किया है। अशोक श्रीवास्तव दूरदर्शन (Doordarshan) में कंसल्टिंग एडिटर और सीनियर एंकर हैं।

अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि NDTV ने लाभ कमाने के लिए और चैनल को खड़ा करने के लिए दूरदर्शन के टेप और उपकरण चुराए थे। उस दौरान भास्कर घोष ने ऐसा करने में NDTV की सक्रिय रूप से मदद की की थी।

अशोक श्रीवास्तव ने कहा, “NDTV ने दूरदर्शन के टेप चुराकर, फुटेज चुराकर, फुटेज बेचकर, दूरदर्शन के उपकरण बेचकर यह चैनल बना। उस समय भास्कर घोष दूरदर्शन के महानिदेशक होते थे और वे सागरिका घोष के पति हैं। उस समय सरकार ने देश का पैसा देकर-देकर उसे खड़ा किया।”

बता दें कि NDTV हिंदू और भाजपा विरोधी एजेंडे के लिए जाना जाता है। वहीं, एनडीटीवी पर भाजपा विरोधी पार्टियों का पक्ष लेने के आरोप लगते रहे हैं। पिछले साल जनवरी में एनडीटीवी के प्रमोटर्स प्रणय रॉय और राधिका रॉय को गैर कानूनी तरीके से कमाई गई रकम का 50 फीसदी जमा करने के निर्देश दिए गए थे। सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल SAT ने यह निर्देश जारी किया था।

गौरतबल है कि SEBI ने नवंबर 2020 में विवादास्पद मीडिया नेटवर्क NDTV के प्रवर्तकों प्रणय रॉय और राधिका रॉय को इनसाइडर ट्रेडिंग से अनुचित लाभ उठाने का दोषी पाया था। इसके बाद वित्तीय अपराध के लिए दंड के रूप में SEBI ने उन्हें प्रतिभूति बाजार में दो साल के लिए व्यापार करने से रोक दिया था। इसके साथ ही दोनों को 12 साल पहले की इनसाइडर ट्रेडिंग के जरिए अवैध तरीके से कमाए गए ₹16.97 करोड़ रुपए लौटाने के लिए भी कहा गया था।

सेबी ने पाया था कि नई दिल्ली टेलीविजन लिमिटेड (NDTV) में प्राइस को लेकर संवेदनशील जानकारियाँ रखने योग्य पदों पर रहते हुए प्रणय रॉय और राधिका रॉय ने कंपनी के शेयरों का कारोबार किया। प्रणय रॉय और राधिका रॉय के अलावा, एनडीटीवी के पूर्व सीईओ विक्रमादित्य चंद्रा, वरिष्ठ सलाहकार ईश्वरी प्रसाद बाजपेयी, ग्रुप सीएफओ सौरव बनर्जी को भी इनसाइडर ट्रेडिंग का दोषी पाया गया।

SEBI द्वारा की गई जाँच के अनुसार, उन्होंने इनसाइडर ट्रेडिंग (PIT) विनियमों का उल्लंघन किया। उन पर 2007-2008 के दौरान अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील जानकारी (UPSI) रखने का आरोप था, जो न्यू इंडिया टेलीविजन लिमिटेड के पुनर्गठन से संबंधित है। सेबी ने सितंबर, 2006 से जून, 2008 के दौरान कंपनी के शेयरों में कारोबार की जाँच करने के बाद यह कदम उठाया था। 

काँवड़ियों पर बरसते हर एक फूल से ओवैसी को लग रही मिर्ची, कहा – खुले में नमाज पर होता है बवाल, काँवड़ के रास्ते में गोश्त बैन

उत्तर प्रदेश में काँवड़ यात्रा के दौरान कुछ बेहतरीन तस्वीरें आईं। कई काँवड़ यात्रा पर फूलों की बारिश की गई। कई जगह काँवड़ यात्रियों के पैर की मालिश की गई। काँवड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किए जाने पर अब AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का बयान आया है। हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए पूछा है कि एक पक्ष के लिए मोहब्बत तो दूजे के लिए नफरत क्यों अपनाई जा रही है। टैक्स के पैसों से काँवड़ियों पर फूल बरसाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर काँवड़ियों पर फूल बरसाए जा रहे हैं, तब कम से कम उन लोगों (मुस्लिमों) के घर तो न तोड़े जाएँ।

ये सारी बातें उन्होंने इन्हीं मसलों से जुड़ी खबरें शेयर करते हुए टि्वटर के जरिए कहीं। ओवैसी ने ट्वीट किया, “पुलिस ने पंखुड़ियों की बौछार कीं। काँवड़ियों का झंडों से “इस्तक़बाल” किया। उनके पैरों पर लोशन लगाया और उनके साथ इंतेहाई शफकत से पेश आई। दिल्ली पुलिस ने लोहारों को हटाने की बात की, ताकि काँवड़िया नाराज न हो जाएँ। उत्तर प्रदेश हुकूमत ने यात्रा के रास्तों पर गोश्त पर पाबंदी लगा दी।” 

उन्होंने आगे लिखा, “यह ‘रेवड़ी कल्चर’ नहीं है? मुसलमान, खुली जगह पर चंद मिनट के लिए के नमाज़ भी अदा करे तो “बवाल” हो जाता है। मुसलमानों को सिर्फ मुसलमान होने की वजह से पुलिस की गोलियों, हिरासती तशद्दुद, NSA, UAPA, लिंचिंग, बुल्डोज़र और तोड़-फोड़ का सामना करना पड़ रहा है।”

ओवैसी ने अगले ट्वीट में लिखा, “काँवड़ियों के जज़्बात इतने मुतज़लज़ल हैं कि वे किसी मुसलमान पुलिस अहलकार का नाम भी बर्दाश्त नहीं कर सकते। यह भेद-भाव क्यों? यकसानियत नहीं होनी चाहिए? एक से नफ़रत और दूसरों से मोहब्बत क्यों? एक मज़हब के लिए ट्रैफिक डाइवर्ट और दूसरे के लिए बुलडोज़र क्यों? अगर इन पर फूल बरसा रहे हैं, तो कम से कम हमारे घर तो मत तोड़िए।”

उन्होंने कहा कि यदि काँवड़ियों के लिए ट्रैफिक को डायवर्ट किया जा सकता है तो फिर नमाज से ही क्या दिक्कत है। उन्होंने कहा कि ऐसा है तो फिर हमें भी नमाज पढ़ने दी जाए। आर्टिकल 25 के तहत सभी को धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार है। लुलु मॉल में नमाज पर ऐक्शन हुआ, जबकि 18 सेकेंड में यह खत्म हो जाती है। नमाज पढ़ने से किसी को क्या नुकसान हो जाता है। यह तो एक समुदाय से भेदभाव का मामला है।

उन्होंने इस बारे में मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमारा संविधान सेक्युलर है और वह किसी भी धर्म के प्रति नफरत या प्यार की बात नहीं करता। ओवैसी ने कहा कि इस तरह से भाजपा सरकार एक समुदाय से भेदभाव कर रही है, जो संविधान के खिलाफ है। इस पर भाजपा वाले आर्टिकल 25 का हवाला देंगे, लेकिन फिर यह भी बताएँ कि नमाज पढ़ने से किसे दिक्कत है और उन्हें क्या नुकसान हो रहा है। यदि आपका नारा सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास है तो इस तरह का काम उसके मुताबिक तो नहीं है।

केशव प्रसाद बोले- तीर्थयात्रियों की सेवा करना परंपरा है

असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणियों पर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी तो देशविरोधी बातें करते रहते हैं। वह हमेशा हिंदू-मुस्लिम करते रहते हैं। ओवैसी का बयान जहर फैलाने वाला है। उन्होंने काँवड़ियों के स्वागत को लेकर कहा कि यह तो भारत की प्रथा है। उन्होंने कहा, हम तीर्थयात्रियों की सेवा करते थे, करते हैं और आगे भी करते रहेंगे। 

मौर्य ने आगे कहा, “एक से मोहब्बत और एक से नफरत वाला बयान तो इस प्रकार के घटिया लोग ही दे सकते हैं। वोट बैंक की तलाश में भटक रहे ऐसे लोग इस प्रकार का जहर फैलाने की कोशिश करते हैं। हमारी सरकार सबका साथ सबका विकास करती है। उन्हें गरीब मुसलमान की चिंता नहीं है। गरीब मुसलमान AIMIM का वोट बैंक कैसे बन जाए, इसके लिए ऐसे जहरीले बयान देने की कोशिश की जाती है। हिंदू-मुसलमान के बीच भेदभाव किए बिना सरकार की योजना का लाभ हर किसी को मिल रहा है।” 

शलभमणि त्रिपाठी ने किया ओवैसी पर पलटवार

वहीं बीजेपी विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने भी ओवैसी पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा, “पूछ रहे कि काँवड़ियों पर पुष्पवर्षा का पैसा कहाँ से आ रहा, ये भी भला सवाल है, पैसा तो वहीं से आ रहा, जहाँ से हजयात्रियों और हजहाउसों के लिए आता था। पैसा वहीं से आ रहा जहाँ से मुफ़्त की रोज़ा इफ़्तारी के लिए आता था। पैसा वहीं से आ रहा जहाँ से मदरसों की इस्लामिक तालीम के लिए आता था।”

सुशांत सिंह राजपूत की तस्वीर को डिप्रेशन से जोड़ा, टीशर्ट बेच रहा Flipkart: लोगों ने की बॉयकॉट की अपील, कहा – हत्या हुई थी

ऑनलाइन वेबसाइट और शॉपिंग ऐप आमतौर पर अपने प्रोडक्ट की बिक्री के लिए नए-नए तरीके अपनाती रहती हैं। हालाँकि, इस बार उन्होंने जो तरीका अपनाया है उससे विवाद बढ़ गया है। ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट पर बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की मौत के 2 साल बाद एक टी-शर्ट की बिक्री की जा रही है। इसमें सुशांत सिंह राजपूत की तस्वीर को डिप्रेशन के साथ जोड़ा गया है। सोशल मीडिया पर इस टी-शर्ट को लेकर अभिनेता के फैन्स ने नाराजगी जताई है।

दरअसल, फ्लिपकार्ट पर राउंड नेक वाली एक टी-शर्ट सेल की जा रही है, जिसमें सुशांत सिंह राजपूत की प्रिंटेड तस्वीर के साथ लिखा हुआ है, “डिप्रेशन डूबने के जैसा है।” इस पर सुशांत के फैन्स नाराज हो गए हैं। सुशांत के फैन्स का कहना है कि उनके फेवरिट स्टार डिप्रेशन के मरीज नहीं, बल्कि ‘बॉलीवुड माफिया’ के शिकार थे। इसके बाद मंगलवार (26 जुलाई, 2022) शाम से ट्विटर पर ‘बॉयकॉट फ्लिपकार्ट’ ट्रेंड कर रहा है।

इस विज्ञापन के वायरल होने के बाद कई लोगों ने FlipKart के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। वहीं कुछ लोगों ने ई-कॉमर्स कंपनी को गलत मैसेज फैलाने के लिए नोटिस भेजा है। एक यूजर ने इस बारे में ट्वीट करते हुए लिखा, “एक आम और जिम्मेदार नागरिक होने के नाते मैं आज रात फ्लिपकार्ट को नोटिस भेजूँगा।”

कश्यप लिखते हैं, “देश अभी सुशांत की दर्दनाक मौत के सदमे से उबरा भी नहीं है। हम न्याय के लिए आवाज उठाते रहेंगे। फ्लिपकार्ट को इस कुकृत्य के लिए शर्म आनी चाहिए और माफी माँगते हुए वादा करना चाहिए कि ऐसा आगे कभी नहीं होगा।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “यह पूरी तरह से प्रोपेगेंडा है। हर कोई जानता है कि सुशांत सिंह राजपूत की ड्रगीवुड द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई थी और अब तक वे उनके फैंस के आक्रोश का सामना कर रहे हैं, इसलिए उन्होंने इससे बाहर आने के लिए ऐसा किया है। डिप्रेशन एक फैंसी शब्द नहीं है, जिसे आप सुशांत सिंह राजपूत के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। फ्लिपकार्ट का बहिष्कार करें।”

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत ने टीवी शो ‘पवित्र रिश्ता’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने अपने करियर में ‘धोनी अनटोल्ड स्टोरी’, ‘काई पो चे’, ‘छिछोरे’ के अलावा कई हिट फिल्में दी थीं। 14 जून 2020 को सुशांत की मौत की खबर सुनने के बाद उनके परिवार, दोस्त और फैंस पर गम का पहाड़ टूट पड़ा था। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में बिहार में मुजफ्फरपुर की अदालत ने करण जौहर और एकता कपूर समेत 7 फ़िल्मी हस्तियों को नोटिस जारी किया था।

कर्नाटक में कुल्हाड़ी से BJYM नेता की हत्या के पीछे PFI और SDPI: केंद्रीय मंत्री ने बताया क्या कहती है शुरुआती जाँच, हिन्दू संगठनों ने किया बंद का ऐलान

कर्नाटक के मंगलूरु में भाजपा युवा मोर्चा के जिला सचिव प्रवीण नेट्टारू की हत्या का मामला सामने आया है। यह घटना राज्य के दक्षिण कन्नड़ जिले की बेल्लारे इलाके में मंगलवार (26 जुलाई 2022) की रात करीब 9 बजे हुई, जब कुछ हमलावरों ने उनके ऊपर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। यह तब हुआ जब वह अपने पोल्ट्री फॉर्म से बाइक से घर जा रहे थे। हमलावरों ने उन्हें बाइक से खींचकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद शहर में तनाव बढ़ गया है और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने हत्या के विरोध में दक्षिण कन्नड़ जिले के बेल्लारे, पुत्तूर, सुल्या, कड़ाबा में बंद बुलाया गया है। वहीं घटना के बाद से ही भाजपा ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

प्रवीण की हत्या के मामले में PFI और SDPI पर संदेह जताया गया है। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि पुलिस को संदेह है कि हत्या बेल्लारी के मुस्लिम युवक मसूद की हत्या के बदले में की गई होगी। क्योंकि कुछ दिनों पहले एक युवक की हत्या हुई थी। कर्नाटक पुलिस ने भी मामले की जाँच के लिए 5 स्पेशल टीम का गठन किया है। इनमें से तीन टीमें केरल, मदिकेरी और हसन गईं हैं। बेल्लारे में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

वहीं इस मामले में केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता प्रह्लाद जोशी ने कहा, “प्रारंभिक रिपोर्ट और कुछ मीडिया रिपोर्ट एसडीपीआई और पीएफआई लिंक की तरफ इशारा करती हैं। उन्हें केरल में बढ़ावा दिया जा रहा है। कर्नाटक में कॉन्ग्रेस उन्हें प्रोत्साहित कर रही है। कर्नाटक में हमारी सरकार कार्रवाई करेगी और दोषियों को सजा देगी।”

बता दें कि दूसरी ओर इलाके में भारी तनाव के बीच प्रवीण नेट्टारू का शव दक्षिण कन्नड़ जिले के सुलिया स्थित उनके आवास पर ले जाया जा रहा है। इस दौरान इलाके में भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं विभिन्न हिन्दू संगठनों के सदस्य मौजूद रहे।

वहीं घटना के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने भाजपा नेता के परिवार के सदस्यों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अपने एक ट्ववीट में लिखा, “दक्षिण कन्नड़ जिले से हमारी पार्टी के कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू की बर्बर हत्या निंदनीय है। इस तरह के जघन्य कृत्य के अपराधियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा और कानून के तहत दंडित किया जाएगा। प्रवीण की आत्मा को शांति मिले।”

गौरतलब है कि बेल्लारे पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और जाँच शुरू कर दी है। भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू की हत्या के विरोध में बीजेपी कार्यकर्ता और हिन्दू संगठनों के लोग रात में ही सड़कों पर धरने पर बैठ गए हैं। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ‘हमें न्याय चाहिए’ के नारे लगाए।

वहीं दक्षिण कन्नड़ के एसपी सोनवणे ऋषिकेश ने बताया कि इस मामले में पड़ताल शुरू कर दी है। वारदात की जगह पर अगर कोई सीसीटीवी कैमरा है, तो उसकी फुटेज की मदद से हमलावरों की खोज की जाएगी। इसके अलावा कर्नाटक पुलिस बीजेपी के युवा नेता के करीबियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि हत्या की वजह अभी पता नहीं चल पाई है।

कर्नाटक में घटी ऐसी अन्य घटनाएँ

बता दें कि कर्नाटक में 23 जून, 2022 को बीजेपी नेता मोहम्मद अनवर की इसी तरह रात करीब साढ़े 9 बजे गौरी कलुवे इलाके में बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद अनवर चिकमंगलुर के अर्बन यूनिट के बीजेपी महासचिव के पद पर थे। इस मामले में भी बीजेपी के स्थानीय नेताओं ने अनवर की हत्या को साजिश करार दिया था। इस मामले में बीजेपी सांसद शोभा करंदलाजे ने हत्या के पीछे कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन PFI का हाथ होने का आरोप लगाया था।

इसी प्रकार बजरंग दल के 26 वर्षीय कार्यकर्ता हर्षा की इसी साल 20 फरवरी को चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस की जाँच में सामने आया था कि हर्षा ने हाल में अपने फेसबुक प्रोफाइल पर हिजाब के ख़िलाफ़ और भगवा शॉल के समर्थन में पोस्ट लिखी थी। घटना को 10 कट्टरपंथियों ने मिल कर अंजाम दिया था। कुछ दिन पहले हर्षा के दोस्त पर भी कट्टरपंथियों ने हमला किया था।

उधर तीसरे दिन सोनिया गाँधी से पूछताछ, इधर ट्रेनों को रोकने में जुटी कॉन्ग्रेस: दिल्ली में बढ़ाई गई ट्रैफिक पुलिस की संख्या

नेशनल हेराल्ड से जुड़े मामले में एक बार फिर से बुधवार (27 जुलाई, 2022) को कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी पूछताछ के लिए ई़डी के दफ्तर में हाजिर हुईं। सोनिया गाँधी के साथ उनकी बेटी प्रियंका गाँधी भी हैं। वहीं ईडी द्वारा सोनिया गाँधी से पूछताछ के विरोध में कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ता उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं। मुंबई में ट्रेनों को रोका जा रहा है, तो साथ में लोकतंत्र का रोना रोते हुए सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप भी लगाया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी बेटी प्रियंका गाँधी के साथ ईडी के दफ्तर पहुँच चुकी हैं। प्रवर्तन निदेशालय नेशनल हेराल्ड केस में उनसे इस बार तीसरे राउंड की पूछताछ कर रहा है।

पश्चिम रेलवे के पीआरओ के मुताबिक, मुंबई के बोरीवली में कुछ लोगों ने ट्रेन को रोकने की भी कोशिशे की थी, हालाँकि, वो इसमें नाकाम रहे। पुलिस ने सभी को ट्रैक से बाहर कर दिया।

इस बीच हालात को देखते हुए दिल्ली में पुलिस ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है, “कृपया मोतीलाल नेहरू मार्ग, अकबर रोड, जनपथ, मान सिंह रोड, गोल मेथी जंक्शन, तुगलक रोड जंक्शन, क्लेरिजेस जंक्शन, क्यू-पॉइंट जंक्शन, सुनहरी मस्जिद जंक्शन, मौलाना आज़ाद रोड जंक्शन और मान सिंह रोड जंक्शन की तरफ 27 जुलाई को 9 बजे से 2 बजे के बीच जाने से बचें।”

दिल्ली पुलिस और यातायात कर्मियों को बड़ी संख्या में यहाँ पर तैनात किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की हिंसा से बचा जा सके। इन सभी इलाकों में मंगलवार शाम को ही दिल्ली पुलिस ने धारा 144 लगा दी थी।

कॉन्ग्रेस को खतरे में दिखा लोकतंत्र

वहीं अब जब सोनिया गाँधी से ईडी ने पूछताछ शुरु कर दी है तो कॉन्ग्रेस को लोकतंत्र खतरे में दिखाई देने लगा है। कॉन्ग्रेस ने बीजेपी सरकार पर लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पार्टी के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह जडोऊ ने कहा कि इस समय केवल राहुल गाँधी ही हैं, जो कि सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे हैं और इससे ये सरकार डरी हुई है।

सेक्स करने से हो सकता है मंकीपॉक्स? WHO ने बताया किन पुरुषों पर हमला करता है ये वायरस, घोषित की वैश्विक इमरजेंसी

भारत की राजधानी दिल्ली में मंकीपॉक्स का बुधवार (27 जुलाई 2022) को एक और मरीज मिला। मरीज को लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल भर्ती कराया गया है। इसी अस्पताल में मंकीपॉक्स का एक अन्य शख्स भी भर्ती है। बता दें, इससे पहले केरल में इस वायरस से संक्रमित लोग मिले थे। इसके अलावा, तेलंगाना में एक संदिग्ध मरीज का इलाज चल रहा है। बता दें कि अभी तक देश में मंकीपॉक्स के कुल 5 मामले सामने आ चुके हैं।

मंकीपॉक्स के खतरे और दर्ज मामलों को देखते हुए उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार समेत कई राज्य अलर्ट पर हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों के बाद कई राज्यों में मंकीपॉक्स को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। उत्तर प्रदेश में मंकीपॉक्स का अभी एक मामला भी दर्ज नहीं है लेकिन योगी आदित्यनाथ सरकार ने खतरा भाँपते हुए इससे निपटने की तैयारी शुरू कर दी है।

अस्पताल में बेड आरक्षित

उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य महानिदेशालय के निर्देश के बाद कोविड अस्पतालों में मंकीपॉक्स मरीजों के लिए दस-दस बेड आरक्षित कर दिए हैं। वहीं, प्रशासन मंकीपॉक्स को लेकर हो रही तैयारियों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये नजर रखेगा। 

बिहार में दिए गए निर्देश

इसके अलावा बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने सभी जिलों के सिविल सर्जन व मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के साथ बैठक कर निर्देश दिए। निर्देशों में साफ कहा गया है कि, अगर किसी भी शख्स में लक्षण दिखते हैं तो उसका तुरंत इलाज शुरू कर दिया जाए।

क्या सेक्स से फैलता है मंकीपॉक्स?

अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या मंकीपॉक्स शारीरिक संबंध बनाने से भी फैल सकता है। लोगों के इस भ्रम को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख डॉ. टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने दूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह बीमारी केवल पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुषों में ही सामने आई है, खासकर उन लोगों में जिनके कई यौन साथी रहे हैं। 

उन्होंने आगे कहा, “इसलिए यह आवश्यक है कि सभी देश पुरुषों के समुदायों के साथ मिलकर काम करें, जो पुरुषों के साथ यौन संबंध रखते हैं। प्रभावी जानकारी और सेवाओं को वितरित करते रहें और ऐसे उपायों को अपनाएँ जो प्रभावित समुदायों के स्वास्थ्य, मानवाधिकारों और गरिमा की रक्षा करते हैं।” बता दें कि WHO प्रमुख ने मौजूदा मंकीपॉक्स महामारी को एक वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल यानी ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है।

गौरतलब है कि इससे पहले डब्ल्यूएचओ ने दावा किया था कि ये यौन संबंधों के जरिए भी फैल सकता है। इसमें कहा गया कि जब कोई स्वस्थ व्यक्ति, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आता है इस रोग के बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। वायरस त्वचा, रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट या आँख, नाक और मुँह के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकता है। मानव-से-मानव में ये आमतौर पर रेस्पिरेटरी ड्रॉपलेट्स के जरिए ही फैलता है।

WHO का कहना था कि पिछले दिनों यूरोप में हुई दो रेव पार्टी में सेक्सुअल एक्टीविटीज के कारण मंकीपॉक्स तेजी से फैला था। WHO के इमरजेंसी डिमार्टमेंट के हेड रहे डॉ डेविड हेमन ने कहा कि यौन संबंधों की वजह से इस बीमारी का फैलाव हुआ है।

WHO एक्सपर्ट ने कहा था कि स्पेन और बेल्जियम में आयोजित दो रेव पार्टी में समलैंगिकों और अन्य लोगों के बीच सेक्सुअल एक्टीविटीज की वजह से बीमारी का प्रसार हुआ। उन्होंने कहा कि मंकीपॉक्स तब फैल सकता है, जब संक्रमित के करीबी संपर्क में कोई आता है और यौन संबंधों की वजह से इस बीमारी का प्रसार और बढ़ जाता है। जर्मनी में भी मंकीपॉक्स के बढ़ने का कारण पार्टी को माना गया, जहाँ, सेक्सुअल एक्टीविटीज हुई थी।

मंकीपॉक्स के लक्षण

वायरस से संक्रमित व्यक्ति को बुखार, तेज सिरदर्द, पीठ दर्द, मांसपेशियों में दर्द, ऊर्जा की कमी और लिम्फैडेनोपैथी या लिम्फ नोड्स की सूजन का अनुभव हो सकता है। ये लक्षण पाँच दिनों तक रह सकते हैं। बुखार आने के एक से तीन दिन के बाद त्वचा फटने लगती है। चेहरे और शरीर के अंगों पर चकत्ते दिखाई देते हैं। मंकीपॉक्स के 95 प्रतिशत मामलों में चकत्ते चेहरे को प्रभावित करते हैं जबकि 75 प्रतिशत मामलों में यह हाथ की हथेलियों और पैरों के तलवों को प्रभावित करते हैं। 

मनी लॉन्ड्रिंग में ED को गिरफ़्तारी और जब्ती का पूरा अधिकार, आरोपित को FIR की कॉपी देना ज़रूरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट में सिब्बल-सिंघवी को लगा झटका

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार (27 जुलाई 2022) को एक महत्वपूर्ण फैसले में धन शोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money Laundering Act – PMLA) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा। पीएमएलए कानून के तहत छापेमारी, गिरफ्तारी, कुर्की और जब्ती को कानूनी दायरे में बताया।

कॉन्ग्रेस समेत कुल 241 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय की जस्टिस एएम खानविलकर, दिनेश माहेश्वरी और सीटी रवि की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को इस कानून की तहत दी गई शक्तियों को सही ठहराया।

सुप्रीम कोर्ट ने पीएमएलए कानून के तहत अपराध से बनाई गई आय, उसकी तलाशी और जब्ती, आरोपी की गिरफ्तारी की शक्ति जैसे PMLA के कड़े प्रावधानों को सही ठहराया। कोर्ट ने यह भी कहा कि FIR की तरह माने जाने वाले ECIR कॉपी को आरोपित को देना भी जरूरी नहीं है। ED द्वारा गिरफ्तारी के समय कारण बता देना ही इसके लिए काफी होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग एक स्वतंत्र अपराध है और इस कानून के सेक्शन 50 के तहत बयान लेने और आरोपी को बुलाने की शक्ति का अधिकार भी सही है। सुप्रीम कोर्ट में कहा कि इसके सेक्शन 5, सेक्शन 18, सेक्शन 19, सेक्शन 24 और सेक्शन 44 में जोड़ी गई उपधारा भी सही है। सुप्रीम कोर्ट ने इन 5 धाराओं को सही ठहराया है।

दरअसल, याचिकाकर्ताओं ने याचिका में कहा था कि जाँच एजेंसियाँ पुलिस शक्तियों का प्रयोग करती हैं, इसलिए उन्हें Cr.PC का पालन करने के लिए बाध्य होना चाहिए। इस मामले में कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी जैसे कई वरिष्ठ वकीलों ने अपना पक्ष रखा है।

बता दें कि भारत में मनी लॉन्ड्रिंग कानून-2002 में बना था। इसमें साल 2005, साल 2009 और साल 2012 में कुल तीन बार संशोधन किया जा चुका है। साल 2012 के आखिरी संशोधन 15 फरवरी 2013 से लागू हो गया था। पीएमएलए (संशोधन) अधिनियम, 2012 में अपराधों की सूची में धन को छुपाना, अपने पास रखना और धन का आपराधिक कामों में उपयोग इत्यादि को शामिल किया है।

केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया है कि पीएमएलए कानून 17 साल पहले लागू हुआ था। तब से अब तक इस कानून के तहत 5,422 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, इस मामले में अब तक सिर्फ 23 लोगों को ही दोषी ठहराया गया है। केंद्र सरकार के अनुसार, 31 मार्च 2022 तक ED ने इस कानून के तहत एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति जब्त की है और 992 मामलों में चार्जशीट दायर की है।