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नूँह की रोहिंग्या बस्तियों में पुलिस की छापेमारी, DSP पर डंपर चढ़ा कर मार डाला था: बिना दस्तावेज वाले 361 वाहन जब्त, 33 गाँवों में तलाशी अभियान

हरियाणा के मेवात जिले के नूँह में DSP सुरेंदर सिंह बिश्नोई की हत्या के बाद से जिलेभर में सर्च ऑपरेशन जारी है। इसी क्रम में हरियाणा पुलिस ने मंगलवार (26 जुलाई, 2022) को नूँह में रोहिंग्या मुस्लिमों की झुग्गियों में सर्च अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने 30 वाहन जब्त किए। इन वाहनों में 11 जुगाड़ से बनाई गई रेहड़ी रिक्शा और 17 बाइक भी शामिल हैं।

नूँह के पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने कहा, “हमारे पास रोहिंग्याओं का सारा डेटाबेस है और हमने उनके शिविरों में एक विशेष तलाशी अभियान चलाया। हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि इन शिविरों में कोई गलत तत्व तो पनाह नहीं ले रहा है। अपराधियों, खासकर जिले में अवैध खनन में शामिल तत्वों को पकड़ने के लिए हमारी छापेमारी जारी रहेगी।” सिंगला ने आगे कहा कि उन्होंने अब तक 33 गाँवों में तलाशी अभियान चलाया है और 361 संदिग्ध वाहनों को जब्त किया है।

रोहिंग्या मुस्लिमों के पास इन वाहनों के दस्तावेज नहीं थे। इसलिए, उन वाहनों को जब्त किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी वाहन का कोई रोहिंग्या दस्तावेज लेकर पुलिस विभाग के पास आया और दस्तावेज सही पाए गए, तो उसे छोड़ दिया जाएगा, नहीं तो इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, नूँह, शाहपुर नंगली, पुन्हाना, चंदेनी और फिरोजपुर में स्थित रोहिंग्या शिविरों में पिछले कई महीनों से कुल 1771 रोहिंग्या मुस्लिम रह रहे हैं। 26 जुलाई को इन जगहों पर विशेष तलाशी अभियान चलाया गया।

गौरतलब है कि हरियाणा के नूँह में 19 जुलाई, 2022 को DSP सुरेंदर सिंह बिश्नोई पर खनन माफियाओं ने पत्थर से लदा डम्पर चढ़ा दिया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। ये घटना उस वक्त हुई, जब पुलिस नूँह के पचगाँव की पहाड़ियों में अवैध खनन माफियाओं को पकड़ने गई थी। वह (DSP) इसी साल रिटायर होने वाले थे। खनन माफियाओं की हिस्ट्री में इसे जिले की अब तक कि सबसे बड़ी घटना माना जा रहा है।

सुरेंदर सिंह बिश्नोई की हत्या की खबर से पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। वारदात के बाद से पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इससे पहले सोनीपत में अवैध खनन करने वाले माफिया गिरोह ने स्पेशल इन्फोर्समेन्ट टीम पर हमला किया था। इस घटना में एक ASI की वर्दी फाड़ दी गई थी और एक सिपाही को पीटा गया था।

‘अल्लाह का पैगाम है – तेरा सिर भी तन से जुदा होगा’: जिस वकील ने अजमेर दरगाह के खादिम के खिलाफ की शिकायत, उसे कट्टरपंथियों की धमकी

मजहब के नाम पर हिंदुओं पर हमला बोलने वाले कट्टरपंथियों ने इस बार सुप्रीम कोर्ट के वकील को निशाना बनाया है। इन लोगों ने SC वकील विनीत जिंदल को घर पर पत्र भेजकर जान से मारने की धमकी दी है। पत्र में कहा गया है कि वो लोग जल्द ही विनीत जिंदल का सिर तन से जुदा करेंगे।

इस पत्र के मिलने के बाद विनीत ने इसकी सूचना ट्विटर के माध्यम से दी। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, “आज जिहादियों ने मेरा भी सिर तन से जुदा करने की धमकी दी है। मेरे व मेरे परिवार की जान को खतरा है। दिल्ली कमीश्नर और नॉर्थ वेस्ट दिल्ली के डीसीपी से आग्रह है कि वो इस पर कार्यवाही करें।”

देख सकते हैं कि जो पत्र विनीत को भेजा गया उसमें लिखा है, “अल्लाह का पैगाम है विनीत जिंदल, तेरा भी सिर तन से जुदा करेंगे जल्द ही।” 

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पत्र को मिलने के बाद जिंदल ने दिल्ली पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद उन्होंने इस केस को दर्ज कर लिया है। वकील ने बताया है कि उन्हें ये पत्र 26 जुलाई को रात के करीब 8 बजे मिला था। पत्र इतनी चालाकी से फेंका गया कि सीसीटीवी होने के बावजूद वह लोग सीसीटीवी में नहीं आए।

नवीन जिंदल ने अपने ट्वीट में इस मामले में हुई एफआईआर की कॉपी को शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने अजमेर दरगाह से जुड़े खादिम और अंजुमन कमेटी के सचिव आदिल चिश्ती के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दी थी। अपने आवेदन में वह कहते हैं, “इससे पहले भी इसी तरह मुझे अमेरिका, ताइवान और कनाडा से मैसेज और कॉल पर धमकियाँ आईं। जिसके बारे में मैंने दिल्ली पुलिस को बताया था। कृपया करके अब इस मामले में संज्ञान लिया जाए।” 

रिपोर्ट्स बताती हैं विनीत जिंदल की पुरानी शिकायतों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने उन्हें पहले ही प्रोटेक्शन दी हुई है। उनकी सुरक्षा में एक पीएसओ तैनात किया है। मगर अब वह इस नई धमकी के मद्देनजर सुरक्षा की गुहार लगा रहे है और कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

याद दिला दें इससे पहले बिहार के भागलपुर के बायपास थाना से एक मामला सामने आया था। वहाँ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विभाग-संयोजक कुणाल पांडे को गजवा-ए-हिन्द नामक ‘आतंकी संगठन’ ने जान से मारने की धमकी दी थी। पत्र में कहा गया था कि कुणाल ने कन्हैयालाल की हत्या के बाद जो विरोध किया उसका पता उन्हें चल गया है और अब वह लोग कुणाल को भी वैसे ही मारेंगे जैसे कन्हैया को मारा था।

रोती बहनों ने मरे हुए भाई की कलाई पर अंतिम बार बाँधी राखी, निशंक के अंतिम संस्कार से पहले का Video: मौत के बाद मैसेज आया था – सिर तन से जुदा

मध्य प्रदेश के भोपाल-नर्मदापुरम रेलवे ट्रैक पर मृत मिले B.tech के छात्र निशांक राठौर का सोमवार (25 जुलाई, 2022) को अंतिम संस्कार किया गया। इसके एक दिन बाद भाई-बहन के अंतिम मिलन का वीडियो सामने आने के बाद सभी की ऑंखें नम हो गई हैं। सोशल मीडिया पर राठौर की बहनों का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दोनों बहनों ने रोते हुए अपने मृत इकलौते भाई की कलाई पर राखी बाँधकर आखिरी बार रक्षाबंधन मनाया और उसे अंतिम विदाई दी। निशांक की बहन अंजली और दीक्षा दोनों ही भोपाल में रह कर सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही हैं।

उल्लेखनीय है कि छात्र निशांक राठौर के नाम से बनी इंस्टाग्राम ID से उसके पिता और दोस्तों के व्हाट्सएप पर घटना वाली रात ही एक स्क्रीनशॉट आया था। इसमें छात्र की फोटो के साथ लिखा था, “गुस्ताख-ए-नबी की एक ही सजा, सिर तन से जुदा।” इस पोस्ट ने मामले को और पेचीदा कर दिया। पहले तो पुलिस इसे आत्महत्या के रूप में देख रही थी, लेकिन अब इस पोस्ट ने मौत के राज को उलझा दिया है। बताया जा रहा है कि यह मैसेज छात्र की मौत के कुछ समय बाद ही मृतक के दोस्तों और पिता को मिला। उन्होंने तुरंत टीटी नगर थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। ठीक उसी समय रायसेन पुलिस को भी रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की सूचना मिली। मीडिया रिपोर्टों में दो वायरल मैसेज को लेकर बात की जा रही है। जिसमें से एक में निशांक राठौर नाम के स्टेटस पर धार्मिक पोस्ट होने की बात बताई जा रही है। हालाँकि इसकी पुष्टि होनी बाकी है।

मामले की जाँच जारी है। पुलिस निशांक राठौर हत्या मामले में हर एंगल से जाँच कर रही है। वहीं, कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि निशंक ने शेयर बाजार और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किया था और उसे नुकसान उठाना पड़ा था। इसके अलावा, उसने अपने कुछ दोस्तों से पैसे भी उधार लिए थे। लंबे समय से निशांक ने उधारी के पैसे वापस नहीं किए थे, जिसके चलते उसकी दोस्तों से बात भी नहीं हो रही थी। कुछ मीडिया हाउस उसकी (निशांक राठौर) हत्या पर पर्दा डालने के लिए ऐसी जानकारी साझा कर रहे हैं। छात्र के परिवार ने इन खबरों का विरोध किया है।

‘स्वराज्य‘ ने 20 वर्षीय निशांक राठौर के चचेरे भाई शिव राठौर को कोट करते हुए लिखा कि उनका भाई बहादुर था और उसे किसी बात का तनाव नहीं था। शिव राठौर ने कहा, “पुलिस मामले को घुमा रही है, सोची समझी साजिश के तहत उसकी हत्या गई।” शिव विश्व हिंदू परिषद (VHP) के विभाग मंत्री भी हैं। निशंक के परिवार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह आत्महत्या नहीं कर सकता था। यह एक सुनियोजित हत्या थी। साथ ही परिवार के सदस्यों ने किसी भी तरह की आर्थिक तंगी होने से इनकार किया है।

निशंक अपने धार्मिक विचारों को लेकर मुखर थे और अक्सर धार्मिक कार्यों में हिस्सा लेते थे। शिव ने आगे कहा कि उनके परिवार ने राठौड़ समुदाय की ओर से एक ज्ञापन तैयार किया है। उनका परिवार अधिकारियों और नेताओं को यह ज्ञापन सौंपने की योजना बना रहा है। वे अपने बेटे की मौत की गहन जाँच चाहते हैं और अधिकारियों से ‘ईशनिंदा के लिए हत्या‘ वाले एंगल को नहीं दबाने का अनुरोध करेंगे।

बता दें कि निशांक अपने माँ-बाप का इकलौता बेटा था। उसकी माँ का पहले ही देहांत हो गया था। उसकी दो बहने हैं। निशांक ओरियंटल कॉलेज में B.Tech 5th सेमेस्टर का स्टूडेंट था। वह दो साल तक इंद्रपुरी में हॉस्टल में रहा। हाल ही में हॉस्टल छोड़कर जवाहर चौक शास्त्री नगर में दोस्तों के साथ रह रहा था। निशांक ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल में खुद को नोएडा में सॉफ्टवेयर डेवलपर बताया था। छात्र दो बहनों का इकलौता भाई था। पुलिस पूछताछ में पता चला कि छात्र के मोबाइल, इंस्टाग्राम, फेसबुक ID की जानकारी उसके एक दोस्त प्रखर को ही थी। पुलिस प्रखर से पूछताछ कर रही है।

लालू यादव के ‘हनुमान’ भोला यादव गिरफ्तार, रेलवे भर्ती घोटाले में कई ठिकानों पर CBI की छापेमारी: नौकरी के बदले जमीन लेने से जुड़ा है मामला

केंद्रीय जाँच एजेंसी (CBI) ने बुधवार (27 जुलाई 2022) को बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के पूर्व OSD भोला यादव को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि ये गिरफ्तारी रेलवे भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में हुई। सीबीआई ने बिहार के पटना और दरभंगा में चार ठिकानों पर छापे भी मारे हैं। 

सीबीआई ने 4 दिन पहले भोला यादव को आईआरसीटीसी घोटाला मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था। लेकिन भोला यादव हाजिर नहीं हुए। इसके बाद बुधवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। भोला यादव 2004 से 2009 तक लालू यादव के ओएसडी रहे। लालू यादव उस वक्त केंद्रीय रेल मंत्री थे। उसी समय रेलवे भर्ती घोटाला हुआ था। आरोप है कि भोला यादव ही घोटाले का कथित सरगना है।

जमीन और प्लॉट के बदले दी गई नौकरी

मामला नौकरी के बदले जमीन लेने से जुड़ा का है। भोला यादव इस मामले में आरोपित है। आरोप है कि लालू यादव ने रेल मंत्री रहते हुए नौकरी लगवाने के बदले में जमीन और प्लॉट लिए थे। सीबीआई ने इसी मामले में जाँच के बाद पिछले दिनों लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी।

इससे पहले सीबीआई ने इस मामले में मई में लालू यादव से जुड़े 17 ठिकानों पर छापेमारी की थी। सीबीआई की यह कार्रवाई करीब 14 घंटे तक चली थी। ये छापेमारी लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती के पटना, गोपालगंज और दिल्ली स्थित जगहों पर की गई थी।

लालू यादव के हैं बेहद खास

भोला यादव राजद से विधायक और विधान पार्षद भी रहे हैं। वह लालू यादव के बेहद करीबी माने जाते हैं। कहा जाता है कि लालू प्रसाद का अधिकतर राज भोला यादव को पता है। वो लालू के साथ साए की तरह रहा करते हैं। लालू सबसे ज्यादा विश्वास भी भोला यादव पर ही करते हैं। भोला यादव को लालू यादव का ‘हनुमान’ कहा जाता है। वह चारा घोटाले समेत कई मामले में फँसे लालू यादव के साथ अदालत और अस्पताल हर जगह मौजूद रहते हैं। उन पर भी आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।

जिनके पूर्वज हिंदू उनकी घर वापसी के लिए VHP ने अभियान का किया ऐलान, लव जिहाद-धर्मांतरण के खिलाफ लड़ाई में 5 लाख लोग जोड़े जाएँगे

विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने ऐसे लोगों की घर वापसी के लिए अभियान चलाने का ऐलान किया है, जिनके पूर्वज हिंदू था। संगमनगरी प्रयागराज में पिछले दिनों हुए दो दिवसीय बैठक में इसका फैसला किया गया। बैठक में तय हुआ ऐसे लोग जो हिंदू धर्म छोड़कर गए हैं, उनसे संपर्क कर मूल धर्म के प्रति उनकी आस्था जागृत की जाएगी। उनकी घर वापसी के लिए अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में विश्व हिंदू परिषद ने धर्मांतरण को रोकने के लिए संगठन के कार्य घर-घर तक पहुँचाने का भी निर्णय लिया। विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि हिंदू आस्था पर कुठाराघात की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। इस वजह से अब काशी प्रांत के सभी 19 जिलों में हित चिंतक अभियान चलाकर पाँच लाख लोगों को संगठन से जोड़ा जाएगा। संगठन का यह अभियान 6 नवंबर से 20 नवंबर तक चलेगा।

बैठक में धर्मांतरण के साथ ही लव जिहाद पर भी चर्चा हुई। इस दौरान चंपत राय ने कहा कि विहिप हिंदुओं को जोड़ने का लगातार प्रयास कर रहा है। हिंदुओं पर लगातार हमले हो रहे हैं। लव जिहाद की घटनाएँ बढ़ी हैं और धर्मांतरण के लिए लगातार प्रलोभन दिया जा रहा है। चंपत राय ने कहा कि इसे रोकने के लिए हमें आगे आना होगा।

गौरतलब है कि विश्व हिंदू परिषद की ये दो दिवसीय बैठक प्रयागराज के सहसों के आरडी कॉलेज में 23 और 24 जुलाई को आयोजित की गई थी। इस बैठक में चंपत राय ने संगठन के अन्य कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संगठन के 60 वर्ष पूर्ण होने वाले हैं। इस उपलक्ष्य में विहिप की ओर से कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे।

उन्होंने बताया कि राष्ट्र को अखंड बनाने के लिए 12 से 16 अगस्त तक संगठन की स्थापना दिवस के कार्यक्रम होंगे। 17 से 24 अगस्त तक काशी प्रांत की प्रत्येक बस्ती खंड में तमाम होंगे। इसके अलावा दुर्गा अष्टमी, गीता जयंती आदि कार्यक्रम भी संगठन की ओर से आयोजित किए जाएँगे। 

अब संभल में हुआ काँवड़ियों पर पथराव, छतों से थूक फेंके गए: विरोध करने पर झड़प, पुलिस ने दर्ज की FIR

उत्तर प्रदेश के संभल जिले के खग्गूसराय में काँवड़ियों के साथ अभद्रता करने का मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार हरिद्वार से लौट रहे काँवड़ यात्रियों पर संभल में छतों से थूका गया, उनके ऊपर पत्थर फेंके गए और उनका रास्ता तक रोक दिया गया। जब काँवड़ियों ने इसका विरोध किया तो हंगामा शुरू हो गया। पुलिस के होने के बावजूद बवाल चला। दो पक्षों में झड़प हुई। काँवड़ियों ने आरोप लगाया कि समुदाय विशेष ने उनकी काँवड़ को खंडित किया।

आजतक की रिपोर्ट में देख सकते हैं कि कैसे काँवड़िए नाराज होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं पुलिस के आला अधिकारी उन्हें समझाने में लगे हैं। काँवड़िए बता रहे हैं कि वो लोग लौट रहे थे तो उनके ऊपर पत्थर फेंके गए। उन लोगों के मुताबिक उन्होंने अपने ऊपर हुए पथराव की वीडियो भी बनाई है।

भाजपा नेता राजेश सिंघल ने घटना को लेकर कहा, “कुछ अज्ञात सांप्रदायिक तत्वों द्वारा संभल के माहौल को बिगाड़ने की दृष्टि से काँवड़ के लोगों को रोका गया और उनके ऊपर पथराव किया गया।” 

सिंघल कहते हैं कि जब उन्हें इस बात का पता चला तो वह भी मौके पर पहुँचे और काँवड़ियों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद सभी काँवड़ियों को उनके गाँव तक प्रशासन द्वारा पहुँचाया गया। भाजपा नेता ने कहा कि काँवड़ियों ने आरोपितों की गिरफ्तारी की बात की है और वह भी चाहते हैं कि प्रशासन उन लोगों के विरुद्ध कदम उठाए जिन्होंने इस माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की है।

संभल एसपी चक्रेश मिश्रा ने इस मामले में कहा कि काँवड़ियों द्वारा आरोप लगाया गया कि उनको ऐसा लगा कि छत पर से किसी ने पानी फेंका या थूक फेंका है। चूँकि उस समय पुलिस मौके पर मौजूद थी तो सबको समझाकर आगे बढ़ाया गया। लेकिन उनकी शिकायत पर आईपीसी की धारा 153 ए, 295, 336 में एफआईआर पंजीकृत कर ली गई है।

काँवड़ियों पर हुए हमले की घटनाएँ

बता दें कि काँवड़ियों की काँवड़ खंडित करने का ये प्रयास पहला नहीं है। 19 जुलाई को मुस्लिम बहुल सीलमपुर इलाके में हरिद्वार से राजस्थान जा रहे काँवड़ यात्रा पर किसी ने मांस का टुकड़ा फेंक दिया था। घटना शाम के वक्त हुई, जिसके बाद काँवड़ यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं ने एक घंटे तक सड़क जाम कर दिया था। 

इसके बाद यूपी के मेरठ में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने के लिए मुस्लिम समुदायके युवकों ने काँवड़ियों पर थूक दिया। इससे काँवड़िए भड़क गए और युवक को जमकर कर पीट दिया। बाद में पुलिस ने मामले को शांत कराया। घटना 22 जुलाई को मेरठ में हुई। घटना के बाद काँवड़ियों ने सड़क जाम कर पुलिस से कार्रवाई की माँग की।

मुरादाबाद के इब्राहिमपुर गाँव में भी ऐसी ही घटना घटी जहाँ  मुस्लिम महिलाओं के एक समूह ने काँवड़ियों को इब्राहिमपुर में आगे बढ़ने से चारपाई लगाकर रोक दिया। उन्होंने सड़क पर खाट बिछा दी और माँग की कि काँवड़िए वापस जाएँ और निर्धारित मार्ग का पालन करें। यहाँ, महिलाओं ने जिन काँवड़ियों को रोका, वे उसी इब्राहिमपुर गाँव के ही थे।

मुस्लिमों का गैंग, नाम हिंदू: झारखंड से हिंदू लड़कियों की तस्करी करने वाला गिरोह अलीगढ़ में पकड़ा गया, खुद को राहुल बताता था सरगना सईद अंसारी

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में मंगलवार (26 जुलाई 2022) को हिंदू लड़कियों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का खुलासा हुआ। झारखंड से लड़कियों की तस्करी करने वाले इस गिरोह के 5 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला है। तीन हिंदू लड़कियों को बरामद भी किया गया है। सभी लड़कियाँ झारखंड की हैं। गिरोह को गाँधी पार्क थाने के बस स्टैंड से पकड़ा गया।

बताया जा रहा है कि यह गिरोह नौकरी का झाँसा देकर झारखंड से लड़कियाँ लाता था। इस गिरोह पर शादी के नाम पर लड़कियों को बेचने का भी आरोप है। फिलहाल, थाना गाँधी पार्क पुलिस मामले की जाँच-पड़ताल में जुट गई है। अभी तक की पूछताछ में पता चला है कि गिरोह में शामिल मुस्लिम युवक हिंदू नाम से आधार कार्ड बनाकर काम कर रहे था। गिरोह के सरगना सईद अंसारी के पास से दो आधार कार्ड बरामद मिले हैं। इनमें से एक पर उसका असली नाम है, जबकि दूसरे पर उसका नाम राहुल गुप्ता है। गिरोह के सारे सदस्य मुस्लिम हैं। लेकिन हरेक ने हिंदू नाम से भी आधार कार्ड बनवा रखा है। इनका इस्तेमाल वे जरूरत के हिसाब से करते थे।

गिरफ्तार आरोपितों में नफीसा बीबी (उम्र- 30 साल, शौहर-रहीम अंसारी), रहीम अंसारी (उम्र- 35 साल, अब्बा-जहमू), कलाम खान (उम्र- 38 साल, अब्बा- इरदीश खान), सईद अंसारी (उम्र- 43 साल, अब्बा- जमाल अंसारी) और लक्ष्मण लोहरा (उम्र-45 साल, पिता- उदी लोहरा) का नाम शामिल है।

जानकारी के मुताबिक ज्यादातर पीड़ित महिलाएँ हिंदू हैं, जिनको नौकरी के नाम पर बहला-फुसला कर अलीगढ़ के आसपास क्षेत्र में बेचा जाता था। बताया जा रहा है कि ट्रेन के जरिए यह गिरोह अलीगढ़ आया हुआ था। वहीं एक व्यक्ति की सूचना पर हिंदूवादी संगठनों की मदद से गाँधी पार्क बस स्टैंड पर इन सबको पुलिस ने गिरफ्तार किया।

कैसे हुआ मामले का खुलासा

अलीगढ़ के अतरौली के रहने वाले राजेश शादी के लिए इदरीश नाम के व्यक्ति के साथ झारखंड गया था। वहाँ गिरोह के सदस्यों ने राजेश से मारपीट कर 80 हजार रुपए छीन लिए और उसे पुलिस से पकड़वा दिया। राजेश किसी तरीके से झारखंड से बचकर अलीगढ़ पहुँचा। चार महीने बाद इदरीश ने एक बार फिर राजेश से शादी के लिए संपर्क किया और इस बार शादी के लिए ढाई लाख रुपए माँगे। इस बार राजेश सतर्क था और उसने झारखंड जाने की बजाय उन लोगों को ही अलीगढ़ बुला लिया।

इसके बाद इदरीश चार लड़कियों के साथ गाँधी पार्क बस स्टैंड पहुँचा। इदरीश ने राजेश को भरोसा दिलाया कि उसकी शादी करवा देगा। इसके बाद उसने राजेश से रुपए माँगे। राजेश ने रुपए देने से मना कर दिया। रुपए देने से इनकार करने पर इदरीश ने मारपीट की और पुलिस से फँसवा देने की धमकी दी। 

राजेश मुश्किल से जान बचाकर भागा और हिंदूवादी नेता सीटू चौधरी को इसकी जानकारी दी। इसके बाद हिंदू संगठन से जुड़े लोग पुलिस को लेकर गिरोह के पास पहुँचे। अलीगढ़ पुलिस ने फर्जी शादी कराने वाले गिरोह को गाँधी पार्क थाने के बस स्टैंड से धर दबोचा। राजेश ने बताया कि शादी के नाम पर यह गिरोह लोगों से रुपए लूटने का काम करता है। राजेश ने बताया कि हिंदू नाम रख कर यह लोग गिरोह चला रहे थे। फिलहाल पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है।

ISI ने फेंका हुस्न का जाल, देश से दगाबाजी करने लगा बंगाल का जवानः सेना के गोपनीय दस्तावेज और युद्धाभ्यास के Video भेजे

राजस्थान में तैनात सेना के एक जवान को गिरफ्तार किया गया है। पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई के हनीट्रैप (Honey Trap) में फँसकर वह सेना की गोपनीय जानकारी भेज रहा था। CID इंटेलिजेंस जयपुर की टीम ने उसे पकड़ा है। जवान की पहचान शांतिमोय राणा के तौर पर हुई है। वह पश्चिम बंगाल का रहने वाला है।

इंटेलीजेंस के डीजी उमेश मिश्रा ने बताया, “करीब एक महीने की निगरानी के बाद पाया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, वाट्सएप के जरिए सेना का जवान दो ISI एजेंट के संपर्क में है। यह जवान इन लड़कियों के हनीट्रैप में फँस चुका था। गोपनीय सूचनाएँ शेयर करने के बदले जवान के बैंक खाते में ऑनलाइन पेंमेंट भी किया जाता था। शांतिमोय को 25 जुलाई को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे आगे पूछताछ की जा रही है।”

मिश्रा के मुताबिक, शांतिमोय राणा पश्चिम बंगाल के बांकुडा जिले के कंचनपुर गाँव का रहने वाला है। मार्च 2018 में वह सेना में भर्ती हुआ था। वह पिछले काफी समय से दो लड़कियों से हर रोज चैटिंग और वीडियो कॉल करता था। इन लड़कियों के कहने पर शांतिमोय राणा ने सेना के गोपनीय दस्तावेज की फोटो और युद्धाभ्यास के वीडियो भेजे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों लड़कियों ने खुद को यूपी का निवासी बताते हुए राणा से दोस्ती की थी। एक लड़की ने उसे अपना नाम गुरनूर गौर उर्फ अंकिता बताया, जबकि दूसरी ने अपना नाम निशा बताया था। गुरनूर ने खुद को सेना की इंजीनियरिंग सर्विस में यूपी में तैनात होना बताया था। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से जुड़ी लड़कियाँ भारतीय जवानों को फेसबुक मैसेंजर के जरिए अपने जाल में फँसाती हैं। फिर उनसे देश से जुड़ी गोपनीय सूचनाएँ मँगवाती हैं।

ISI की महिला एजेंट जवानों को अपने जाल में फँसाने से पहले पूरा होमवर्क करती हैं। कैप्टन रैंक के अफसरों द्वारा इन्हें मारवाड़ी और पंजाबी में बातें करने और रहन-सहन की ट्रेनिंग दी जाती है। यही नहीं, इन युवतियों को रिया, पूजा, अवनी, अनिका, हरलीन, मुस्कान जैसे नाम देकर हिंदू पहचान दी जाती है ताकि आसानी से सेना का जवान इनके जाल में फँस सके। इसी साल मई में यह बात सामने आई थी कि जोधपुर में तैनात गनर प्रदीप कुमार को अपने जाल में फँसाने वाली एजेंट रिया ने खुद को मिलिट्री नर्सिंग सर्विस की नर्स बताया था। उसने 10 लोगों को हनीट्रैप में फँसाया था।

गौरतलब है कि कई वर्षों से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा खूबसूरत लड़कियों को भारतीय नागरिकों और जवानों के पीछे लगाया जाता रहा है। सोशल मीडिया के जरिए सेना के जवानों को अपने झाँसे में लेकर भारतीय सेना व सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई राज जुटाए जाते हैं और फिर उसे पाकिस्तान पहुँचाया जाता है। मुख्य तौर पर सेना के मूवमेंट और हथियारों के बारे में जानकारियाँ इकट्ठा करना इनकी मुख्य मंशा होती है।

कर्नाटक के बेल्लारे में घर लौट रहे BJP नेता को कुल्हाड़ी से काटा, केरल नंबर की बाइक से आए थे हमलावर: मस्जिद कनेक्शन की भी चर्चा

कर्नाटक के मंगलूरु के दक्षिण कन्नड़ जिले में मंगलवार (26 जुलाई 2022) रात भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के जिला सचिव प्रवीण नेत्तारू की हत्या कर दी गई। घटना बेल्लारे इलाके की है। वहाँ कुछ अज्ञात हमलावरों ने भाजपा नेता प्रवीण नेत्तारू पर धारदार हथियार से हमला किया जिसके बाद उनकी मौत हो गई। सामने आई तस्वीरों में नेत्तारू के शव को खून से लथपथ देखा जा सकता है।

बताया जा रहा है कि घटना के वक्त प्रवीण नेत्तारू बेल्लारे स्थित अपनी पोल्ट्री की दुकान पर थे। जब रात में उनके घर जाने का समय हुआ तो वहाँ 9 बजे के करीब कुछ बाइकसवार हमलावर आए और उनके ऊपर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया गया।

अभी तक मिली जानकारी के अनुसार बता दें कि प्रवीण भाजपा युवा मोर्चा के सदस्य थे और साथ ही सोशल व पॉलिटिकल सर्कल में काफी सक्रिय थे। उनकी हत्या के बाद दक्षिण कन्नड़ जिले की पुलिस ने केस को दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि अभी हत्या का मालूम नहीं चल सका है लेकिन जाँच चल रही है।

एक रिपोर्ट बताती है कि जिन लोगों ने प्रवीण पर हमला किया वह केरल के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली बाइक से आए थे। घटना भी केरल के बॉर्डर के नजदीक वाले इलाके की है। टाइम्स नाऊ नवभारत ने भी कहा है कि केरल के नंबर वाली बाइक पर हमलावर आए थे। अंदाजा लग रहा है कि शायद ये हत्या पिछले दिनों हुई एक मुस्लिम व्यक्ति की हत्या या फिर मस्जिद से जुड़े मामले को लेकर की गई है। पुलिस ने हालातों के मद्देनजर फोर्स इलाके में तैनात की हुई है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने भाजपा नेता की हत्या पर दुख जताया। साथ ही परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा, “दक्षिण कन्नड़ जिले से हमारी पार्टी के कार्यकर्ता प्रवीण नेत्तारू की बर्बर हत्या निंदनीय है। इस तरह का जघन्य अपराध करने वालों को जल्द ही अरेस्ट किया जाएगा और कानून के तहत सजा मिलेगी। प्रवीण की आत्मा को शांति मिले। ईश्वर उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दे।”

इस बीच भाजपा नेता की हत्या के विरोध में कई लोग रात से सड़कों पर आ गए हैं। पार्टी के अन्य कार्यकर्ता इंसाफ माँगते हुए ‘हमें न्याय चाहिए’ के नारे लगा रहे हैं। माहौल देखते हुए पुत्तूर के अस्पताल के बाहर पुलिस तैनात की गई है।

कर्नाटक में घटी ऐसी अन्य घटनाएँ

बता दें कि कर्नाटक में भाजपा नेताओं, आरएएस व बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर हमले के अब तक कई मामले सामने आ चुके हैं। 23 जून 2018 को भाजपा नेता मोहम्मद अनवर की रात करीब साढ़े 9 बजे गौरी कनुवे इलाके में बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने इसी तरह चाकू मार कर हत्या कर दी थी। वह चिकमंगलुर के अर्बन यूनिट के बीजेपी महासचिव पद थे।

इसी प्रकार बजरंग दल के 26 वर्षीय कार्यकर्ता हर्षा की इसी साल 20 फरवरी को चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस की जाँच में सामने आया था कि हर्षा ने हाल में अपने फेसबुक प्रोफाइल पर हिजाब के ख़िलाफ़ और भगवा शॉल के समर्थन में पोस्ट लिखी थी। घटना को 10 कट्टरपंथियों ने मिल कर अंजाम दिया था। कुछ दिन पहले हर्षा के दोस्त पर भी कट्टरपंथियों ने हमला किया था।

‘यहाँ कोई भेदभाव नहीं’: बोलीं काँवड़ यात्रा में शामिल महिलाएँ, काँवड़ियों ने कहा – कोई नहीं पूछता जाति, लंगर में ‘भोले’ मान कर सभी की सेवा

जो वामपंथी समाज हिन्दू धर्म में जातिवाद का ढोल पीट कर अपने तरह-तरह के स्वार्थ सिद्ध करता है उसको कहीं न कहीं काँवड़ यात्रा एक बड़ा और कड़ा संदेश देती है। पिछली रिपोर्टों में जमीनी तौर पर जुटाई जानकारी से हमने ये बताया कि शिव सबके हैं। इनके साथ इस यात्रा में यह साबित हुआ कि काँवड़ यात्रा न सिर्फ हिन्दुओं में जातिवाद का खंडन करती है बल्कि यह भी बताती है कि हिन्दू धर्म में लिंग भेद का कोई स्थान नहीं है।

मुजफ्फरनगर से हरिद्वार रोड पर बागोवाली चौराहे के पास आराम कर रहे काँवड़ यात्रियों से हमने सवाल किया कि क्या किसी ने उनकी जाति पूछी? इस पर उन्होंने बताया, “हरिद्वार से ले कर अब तक लगभग 100 किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं हम। हमसे किसी ने जाति का नाम भी नहीं लिया। हर कोई एक दूसरे को भोले कह कर ही बुला रहा है। इस यात्रा में लग ही नहीं रहा कि जाति होती भी है।”

एक साथ बैठ कर थकान मिटाते काँवड़िए

काँवड़ यात्रा में शामिल किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर भवानी माँ ने ऑपइंडिया को बताया, “मेरा खुद का जन्म दलित परिवार में हुआ था। आज मैं जूना अखाड़े के पवित्र आश्रम में सम्मान के साथ रुकी हूँ और किन्नर अखाड़े में महामंडलेश्वर की पदवी पर हूँ।”

किन्नर अखाड़ा महामंडलेश्वर भवानी माँ

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रविंद्र पुरी ने ऑपइंडिया को बताया, “जिसे हिन्दू धर्म जाति व्यवस्था में बँटा दिखाई देता है वो यहाँ आए। हम संतों को भी बेवजह जातिवाद के नाम पर बदनाम किया जाता है जबकि हमने सिर्फ समाज को जोड़ने का काम किया है। हरिद्वार में अनगिनत लंगर चल रहे हैं। न उसमें खाने वाले की कोई जाति पूछ रहा है और न ही खिलाने वाले की।”

श्री महंत रविंद्र पुरी

हरिद्वार के कथावाचक पवन शास्त्री ने ऑपइंडिया को बताया, “जातिवाद के नाम पर महज राजनीति करने वाले कुछ लोग ही हिन्दू धर्म को बदनाम करते हैं। मैंने अनगिनत काँवड़ वेदमंत्रों से अभिमंत्रित कर के उठवाई है। किसी से जाति तो दूर उसका धर्म भी नहीं पूछा। शिव पर सबका समान अधिकार है। ये काँवड़ तो छोड़िए, मेरी उम्र 40 साल से अधिक है और मैंने अपने अब तक के जीवन में एक भी केस ऐसा नहीं सुना जिसमें किसी भी काँवड़िए की किसी ने जाति पूछी हो।”

कथावाचक पवन शास्त्री

हरिद्वार के समाजसेवी अधीर कौशिक ने हमसे बात करते हुए कहा, “अफ़सोस की बात ये है कि मीडिया यहाँ दिख रही सामाजिक समानता को नहीं दिखाती। फर्जी खबरें फैलाने वालों को मेरी चुनौती है कि वो हिन्दुओं की आस्था के केंद्र पूरे हरिद्वार में एक भी स्थान या मंदिर ऐसा दिखा दें जिसमें किसी भी जाति विशेष के आने पर रोक हो। जातिवाद तो दूर, यहाँ क्षेत्रवाद भी नहीं है। किसी ने किसी भी काँवड़िए से ये नहीं पूछा कि कहाँ से आए हो। असल में वामपंथी हमारे तीर्थस्थलों और संतों को बस अफवाह उड़ा कर बदनाम करना चाहते हैं।”

समाजसेवी अधीर कौशिक

काँवड़ यात्रा में लिंगभेद भी नहीं

काँवड़ यात्रा में महिलाओं की भी अच्छी-खासी तादाद देखी गई। यात्रा में शामिल कुछ महिलाओं ने ऑपइंडिया से बताया, “पूरी काँवड़ यात्रा में हमें कहीं भी किसी भी भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा। हम पुरुष काँवड़ यात्रियों के साथ कंधे से कंधा मिला कर चल रहे हैं।”

जत्थे में सबसे आगे चल रही महिला काँवड़ यात्री

इसके अलावा महिलाएँ कई दुकानों पर सामान बेचने के साथ भंडारे आदि में काँवड़ियों की सेवा करते दिखाई दीं। उन सभी के चेहरे पर संतोष और सेवा के भाव दिखे।