केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने एक फैसले में कहा है कि मुस्लिमों की कोई भी जमात, किसी भी मस्जिद में नमाज पढ़ सकती है और किसी भी कब्रिस्तान में लाशों को दफना सकता है। ऐसा करने से कोई उन्हें रोक नहीं सकता।
न्यायमूर्ति एसवी भट्टी और न्यायमूर्ति बसंत बालाजी की खंडपीठ ने यह फैसला वक्फ ट्रिब्यूनल के एक मामले में सुनवाई के दौरान दी। अदालत एर्नाकुलम में वक्फ ट्रिब्यूनल द्वारा जारी एक आदेश के खिलाफ जमात द्वारा दायर एक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
ट्रिब्यूनल (तत्काल में प्रतिवादी) के समक्ष मूल मुकदमे में वादी उक्त जमात (जमा-आठ) के सदस्य थे, लेकिन केरल नदावुथुल मुजाहिदीन संप्रदाय द्वारा आयोजित एक धार्मिक प्रवचन में भाग लेने के कारण उन्हें बहिष्कृत कर दिया गया था।
इसके बाद ट्रिब्यूनल ने वादी के पक्ष में फैसला सुनाया और कहा कि वादी को समान रूप से प्रतिवादी की मस्जिद में नमाज पढ़ने और परिवार के सदस्यों के लाशों को कब्रिस्तान में दफनाने का अधिकार है। इसके बाद इस मामले को हाईकोर्ट में लाया गया।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, “मस्जिद इबादत की जगह होती है और हर मुस्लिम मस्जिद में नमाज अता करता है। पहले प्रतिवादी (जामा-आठ) को जमात के सदस्य या किसी अन्य मुस्लिम को नमाज़ पढ़ने से रोकने का कोई अधिकार नहीं है। लाशों को दफनाना भी एक नागरिक अधिकार है। वादी अनुसूची संपत्ति में स्थित कब्रिस्तान एक सार्वजनिक कब्रिस्तान है। प्रत्येक मुस्लिम नागरिक अधिकारों के अनुसार सभ्य तरीके से दफन होने का हकदार है।”
पुनरीक्षण याचिकाकर्ता की ओर से उच्च न्यायालय के समक्ष पेश हुए अधिवक्ता पी जयराम ने कहा कि जमात और मुजाहिदीन संप्रदाय की धार्मिक मान्यताएँ और प्रथाएँ कई मामलों में भिन्न हैं। उन्होंने कहा कि ट्रिब्यूनल के आदेश से सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ेगी। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 15 और 25 उल्लंघन भी बताया।
दूसरी ओर, वादी की ओर से पेश अधिवक्ता अब्दुल अज़ीज़ ने तर्क दिया कि वादी को नमाज़ अदा करने या अपने मृतकों को दफनाने से रोकना, केवल इसलिए कि वे मुजाहिदीन संप्रदाय के एक तकरीर में शामिल हुए थे, अवैध था।
करोड़ों की धोखाधड़ी की आरोपित राणा अयूब (Rana Ayyub) ने हाल ही में दिल्ली पुलिस द्वारा ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी को लेकर दुष्प्रचार किया। उन्होंने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के खिलाफ इस्लामवादियों को भड़काने वाले जुबैर को अपने कुतर्कों से सही ठहराने की कोशिश की।
उन्होंने कहा, “देश में व्यापक अशांति फैली और हिंसा की घटनाएँ हुईं, जिसके कारण कन्हैया लाल और उमेश कोल्हे की हत्या कर दी गई।” धोखाधड़ी मामले की आरोपित ने दावा किया, “मेरे एक दोस्त मोहम्मद जुबैर को दिल्ली पुलिस ने भारत की फेक खबरों का फैक्ट चेक करने पर गिरफ्तार कर लिया।”
अयूब ने Amanpour and Company को दिए इंटरव्यू में मोहम्मद जुबैर (Mohammed Zubair) की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा, “हम उस दौर में जी रहे हैं, जहाँ भारत में पत्रकारों को दुश्मन समझा जाता है, जबकि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र पुलिस स्टेट में बदल रहा है।” हालाँकि, अयूब चाहती हैं कि दुनिया उन पर विश्वास करे, लेकिन सच उनके कुतर्कों के उलट है।
क्यों झूठीं हुईं राणा अयूब?
दिल्ली पुलिस ने 27 जून को मोहम्मद जुबैर को धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने AltNews के सह-संस्थापक पर IPC (भारतीय दंड संहिता) की धारा-153 (ऐसे कृत्य जिससे दंगे और उपद्रव होने की आशंका हो) और धारा-295 (किसी समाज द्वारा पवित्र मानी जाने वाली वस्तु का अपमान करना) लगाई गई थी। मोहम्मद जुबैर फेक न्यूज फैलाने के लिए कुख्यात है और उनका मीडिया पोर्टल भी हिन्दू विरोधी खबरों के लिए ही जाना जाता है। खुद को फैक्ट-चेकर बताने वाले मोहम्मद जुबैर के समर्थन में कविता कृष्णन जैसों वामपंथी गिरोह के लोगों ने भी दिल्ली पुलिस को भला-बुरा कहा था।
मोहम्मद जुबैर की पुरानी हिंदूफोबिक पोस्ट
फैक्टचेक के नाम पर प्रोपेगेंडा वेबसाइट चला रहे ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने पिछले महीने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से दर्जनों ट्वीट डिलीट कर दिए थे। जुबैर ने अपने हैंडल पर ये बदलाव ठीक उसी समय किया जब उसके हिंदूफोबिक ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे थे। 13-14 जून को कई नेटीजन्स ने जुबैर के कुछ पोस्ट देखकर उसके ऊपर हिंदू देवी-देवताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया था।
उसके पुराने पोस्ट में भगवान श्रीराम से लेकर शिवलिंग तक का मजाक उड़ाया गया था। जुबैर के फेसबुक डिलीट की सूचना सबसे पहले द हॉक आई ट्विटर यूजर ने दी थी। उन्होंने जुबैर के कई पोस्ट के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा था, “दूसरों के भगवान, धर्म, संस्कृति और शास्त्रों का मजाक बनाना आसान है, क्योंकि इसका कोई अंजाम देखने को नहीं मिलता है।”
Its easy to make fun of other’s god, religion, culture & scriptures, because there is no consequences.
Ironically its coming from same person who triggered an event that took entire nation on ransom, and the violent mayhem is still on..
द हॉक आई द्वारा शेयर किए गए एक ट्वीट में, जुबैर शिवलिंग का मज़ाक उड़ाते हुए और वेटिकन सिटी के टॉप व्यू से इसकी तुलना करते हुए दिखाई दे रहा है। इसी तरह फेसबुक पेज ‘अनऑफिशियल मोहम्मद जुबैर’ पर एक पोस्ट में भगवान राम पर कटाक्ष करने के लिए अरुण गोविल का मजाक उड़ाया गया था। इसमें उसने कहा है कि ISRO को अरुण गोविल से परामर्श करना चाहिए, क्योंकि वह रॉकेटरी/विमान के बारे में अधिक जानते हैं।
‘अनऑफिशियल मोहम्मद जुबैर’ की एक अन्य पोस्ट में पानी के नीचे के हवाई जहाज को कैप्शन के साथ दिखाया गया है। जिसमें लिखा गया है, “ब्रेकिंग: रावण द्वारा 5000 साल पहले इस्तेमाल किया गया अंडरवाटर पुष्पक विमान हिंद महासागर में पाया गया।”
इसके अलावा हिंदू देवी देवताओं का मजाक उड़ाने के लिए जुबैर ने हिंदू मान्यताओं का भी मजाक उड़ाया है और संस्कृत पर कटाक्ष किया है। संस्कृत को हिंदू धर्म की सबसे महत्वपूर्ण भाषाओं में से एक माना जाता है और हिंदू देवताओं के बातचीत का माध्यम माना जाता है।
जुबैर ने अकॉउंट किया था डिएक्टिवेट?
गौरतलब है कि मोहम्मद जुबैर (Mohammed Zubair) ने हिंदू घृणा से सने अपने पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने के बाद 13 जून 2022 को अपना फेसबुक अकाउंट डिएक्टिवेट कर लिया था। कुछ दिनों बाद, दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने ‘हनीमून-हनुमान’ वाले ट्वीट मामले में मोहम्मद जुबैर को 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। हालाँकि इसके बाद भी ज़ुबैर की रिहाई नहीं हो पाई, क्योंकि उस पर यूपी में कई मामलों में केस दर्ज है। एक मामला सुदर्शन न्यूज के पत्रकार द्वारा दायर की गई शिकायत से संबंधित है। बता दें कि सितंबर 2021 में पत्रकार ने लखीमपुर खीरी में ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक के खिलाफ उसके चैनल को बदनाम करने के लिए शिकायत दर्ज कराई थी।
झारखंड के लोहदरगा का राजकीय उत्क्रमित उर्दू उच्च विद्यालय अब विवादों से घिर गया है। मामला जिले के किस्को प्रखंड के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का नाम बदल कर उर्दू उच्च विद्यालय कर देने का है। जिसपर विवाद बढ़ने से अब शिक्षा विभाग ने जाँच का आदेश दिया है।
दरअसल, वर्ष 1976 में इस विद्यालय से पढ़कर निकले धनेश्वर पांडे ने आरोप लगाया है कि जब उन्हें यहाँ से सर्टिफिकेट दिए गए थे तब उसपर उर्दू विद्यालय का कोई जिक्र नहीं था। लेकिन अब इस विद्यालय का नाम उर्दू उच्च विद्यालय हो गया है। उन्होंने षडयंत्र का आरोप लगते हुए इसकी जाँच के साथ विद्यालय को पहले की तरह संचालित करने की माँग की है।
Jharkhand | Education department orders inquiry after name of a govt school allegedly changed from primary school to Urdu high school in Lohardaga district
"Orders have been given to investigate the matter," says DC Dr Waghmare Prasad Krishna (19.07) pic.twitter.com/f98jIajUJQ
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस विवाद के सामने आने के बाद राज्य के शिक्षा विभाग ने मामले की जाँच के आदेश दिए हैं। इस बात की जानकारी देते हुए लोहदरगा के उपायुक्त डॉ. वाघमेरे प्रसाद कृष्णा ने बताया है कि मामले की जाँच के लिए आदेश जारी किए जा चुके हैं।
बता दें कि प्राथमिक विद्यालय का नाम बदलकर उर्दू उच्च विद्यालय करने के मामले पर बीजेपी सांसद सुदर्शन भगत ने शिक्षा विभाग से इसकी जाँच कराने की बात कही थी। उन्होंने ग्रामीणों और अभिभावकों के हवाले से बताया है कि यह सामान्य विद्यालय था। इसलिए शिक्षा विभाग को मामले की जाँच करानी चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल के पूर्व छात्र रहे धनेश्वर पांडेय ने सांसद को अपनी 31 दिसंबर 1976 में पांचवीं पास करने की मार्कशीट दिखाई थी। इसमें विद्यालय के नाम के साथ उर्दू शब्द का जिक्र नहीं था।
बीजेपी सांसद का कहना है कि यह सामान्य विद्यालय था, लेकिन अचानक कैसे यह स्कूल उर्दू उच्च विद्याालय में बदल गया। हमने शिक्षा विभाग को कहा है कि मामले की जाँच होनी चाहिए। जब सरकारी स्कूल राज्य सरकार का है तो निश्चित रूप से विभाग के संज्ञान में ये बात है कि नहीं सवाल यह भी है।
तेलुगु में एक फिल्म आ रही है, ‘कार्तिकेय 2’, जिसका हिंदी टीजर हाल ही में वृन्दावन के इस्कॉन मंदिर में रिलीज किया गया। बॉलीवुड में ऐसा नहीं होता, इसीलिए आप चौंक गए होंगे। किसी मंदिर में या तीर्थ स्थल पर फिल्म का टीजर लॉन्च? इसके पीछे कारण है। बॉलीवुड में हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासतों पर फ़िल्में भी तो नहीं बनतीं। ‘कार्तिकेय 2’ के लीड हीरो निखिल सिद्धार्थ हैं, जो तेलुगु सिनेमा के उभरते युवा कलाकारों में से एक हैं।
ये फिल्म द्वारका और भगवान श्रीकृष्ण के रहस्यों से पर्दा उठाती हैं। इसके निर्माता अभिषेक अग्रवाल हैं, जो ‘द कश्मीर फाइल्स’ के निर्माता भी थे। अब वो रवि तेजा की पैन-इंडिया फिल्म ‘टाइगर नागेश्वर राव’ को प्रोड्यूस कर रहे हैं। ‘कार्तिकेय 2‘ के निर्देशक चंदू मोंडेति हैं, वहीं फिल्म में मुख्य अभिनेत्री अनुपमा परमेश्वरन हैं। अनुपम खेर भी एक किरदार में दिखाई देंगे। हमने निखिल सिद्धार्थ से इस फिल्म और विभिन्न विषयों पर एक्सक्लूसिव बातचीत की, जिसे हम हूबहू आपके सामने नीचे पेश कर रहे हैं।
‘कार्तिकेय 2’ के हीरो निखिल सिद्धार्थ का इंटरव्यू: बॉलीवुड और हिंदी भाषा से लेकर PM मोदी और ‘द कश्मीर फाइल्स’ तक पर की बात
सवाल: आपकी आने वाली फिल्म ‘कार्तिकेय 2’ समुद्र में डूबी द्वारका नगरी के इर्दगिर्द घूमती है। इस थीम को चुनने का क्या कारण था? आपको इसमें रुचि कहाँ से आई?
जवाब: ये देख कर काफी हैरानी होती है कि हमारी कुछ सांस्कृतिक विरासतों को मिथक और कल्पना बता कर उन्हें नकार दिया गया, जबकि उन्हें लेकर हमारे पास वास्तविक सबूत हैं, वास्तुकला एवं स्थापत्य के रूप में। द्वारका और राम सेतु का अस्तित्व वास्तव में है, और हमें इस अस्तित्व का सम्मान करने की ज़रूरत है। मैंने इस थीम को इसीलिए चुना, क्योंकि इतिहास/माइथोलॉजी मुझे शुरू से उत्तेजित करता रहा है, जब मैं बच्चा था तभी से। श्रीराम, शिव और कृष्ण भगवान की कहानियों ने हमेशा मुझे मुग्ध किया है।
सवाल: असल जीवन में आप खुद को भगवान श्रीकृष्ण से कैसे जुड़ा हुआ पाते हैं? हाल ही में आपने इस्कॉन मंदिर का दौरा किया और इसके पदाधिकारी राधा रमण दास से मुलाकात की। इस सम्बन्ध में आप अपने अनुभव साझा करें।
जवाब: मैं यादव समुदाय से आता हूँ, ऐसे में मेरा परिवार हमेशा से कृष्णाष्टमी (श्रीकृष्ण जन्माष्टमी) एक बड़े स्तर और मनाता रहा है। ये हमेशा से हमारे परिवार का सबसे मुख्य उत्सव रहा है। वृन्दावन इस्कॉन मंदिर में राधा रमण दास जी से मिलना और मंदिर परिसर से आ रही सकारात्मक ऊर्जा ने मुझे ‘कृष्ण तत्व’ के साथ प्रेम में डाल दिया।
सवाल: ‘कार्तिकेय 2’ को लेकर उत्तर भारतीयों के लिए आपका कोई सन्देश है? वो इस फिल्म को देखें, इसके लिए आप उन्हें क्या कहना चाहेंगे? हाल ही में ‘RRR’, ‘KGF 2’ और ‘पुष्पा’ जैसी फ़िल्में हिंदी बेट में बड़ी हिट बन कर गई हैं।लेकिन, ये सभी एक्शन फ़िल्में थीं। जबकि, आपने जो जॉर्न चुना है वो अलग है।
जवाब: मैं ‘एक भारत और एक फिल्म इंडस्ट्री’ की धारणा में मजबूती से विश्वास रखता हूँ। उपर्युक्त तीनों ही फ़िल्में एक्शन से भरपूर थीं और यहाँ तक कि ‘कार्तिकेय 2’ में भी कुछ जोश भर देने वाले एक्शन दृश्य हैं और शानदार VFX हैं, जो फिल्म देखने के अनुभव को उच्च-स्तर पर लेकर जाएँगे। हम जिस जॉनर की बात कर रहे हैं, वो है – भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े रहस्य और राज़, और वो वास्तव में थे कौन – जिसे आज तक कवर नहीं किया गया।
सवाल: क्या आपको लगता है कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री, खासकर बॉलीवुड हमारी प्राचीन संस्कृति और आर्कियोलॉजी के बारे में दिखाने में पीछे रह गई? हमारे ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विषयों पर फ़िल्में नहीं बनीं, इसके पीछे आप क्या कारण मानते हैं?
जवाब: मैं खुद हिंदी फ़िल्में देखते हुए बड़ा हुआ हूँ। शाहरुख़ खान मेरे पसंदीदा अभिनेता हुआ करते थे और मैं स्कूल में या रोजाना के जीवन में बड़े होते हुए उनकी नक़ल उतारा करता था। हालाँकि, पिछले कुछ समय में बॉलीवुड के निर्देशकों की कुछ फ़िल्में हमारी संस्कृति को नीचा दिखाने और राष्ट्र की भावनाओं को आहत करने की तरफ मुड़ गईं। ये एक सही रास्ता नहीं है और इसका अनुसरण करना ठीक नहीं है। लेकिन, मैं फिर भी मेनस्ट्रीम बॉलीवुड फ़िल्में देखना पसंद करता हूँ और हाल ही में मैंने ‘भूल भुलैया 2’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ को थिएटर में देखा।
सवाल: हाल ही में महेश बाबू ने कहा कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री उन्हें अफॉर्ड नहीं कर सकती। वहीं अल्लू अर्जुन ने कहा कि अगर बॉलीवुड में काम करने की ज़रूरत आती है तो वो इसके लिए सब कुछ झोंक देंगे। आप इनमें से किनसे सहमत हैं? या फिर बॉलीवुड में काम करने को लेकर आप अलग राय रखते हैं?
जवाब: महेश बाबू एक डेमीगॉड की तरह हैं और उनके फैंस वस्तुतः उनकी पूजा करते हैं। उन्होंने मजाक में एक बात कही, जिसे सन्दर्भ से हट कर ले लिया गया। ये हर अभिनेता का सपना होता है कि वो ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुँचे। सही सन्देश देने वाली मेरी फ़िल्में अधिकतम दर्शकों तक पहुँचे, इसके लिए मैं अपना सब कुछ झोंक दूँगा। जैसे कि मैं चाहता हूँ कि अधिक से अधिक दर्शक ‘कार्तिकेय 2’ की कहानी का आनंद लें। ये हमारे सनातन धर्म और भगवान श्रीकृष्ण की कहानी है।
सवाल: ‘कार्तिकेय 2’ के निर्माता अभिषेक अग्रवाल हैं। ये वही शख्स हैं, जिन्होंने ‘द कश्मीर फाइल्स’ का निर्माण किया था। ये एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई। कश्मीरी पंडितों की दुर्दशा को लेकर आपके क्या विचार हैं?
जवाब: नरसंहार एक शर्मनाक चीज है। ‘द कश्मीर फाइल्स’ एक ऐसी फिल्म हैं, जो पूरे साहसपूर्वक उन डरावनी घटनाओं का चित्रण करती है, ताकि कश्मीरी पंडितों को अंततः न्याय मिले। साथ ही इसे लेकर जागरूकता फैले, ताकि इस तरह की भयानक चीजें दोबारा न हों। अभिषेक अग्रवाल जी के पास ‘द कश्मीर फाइल्स’ को बनाने के लिए वो हिम्मत और हृदय था। मैं खुश हूँ कि उन्होंने हमारी फिल्म ‘कार्तिकेय 2’ का बीड़ा उठाया, जो हमारे देवी-देवताओं, राष्ट्रीय विरासत एवं हिंदी वस्तु-कला चमत्कार सम्बंधित एक अन्य दबा दिए गए मुद्दे को उठाती है।
सवाल: तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी भाषा में आपके प्रिय अभिनेता कौन-कौन से हैं?
जवाब: इस सवाल का जवाब देना कठिन है, लेकिन तेलुगु में पवन कल्याण, तमिल में विजय सर, मलयालम में मोहनलाल सर, कन्नड़ में दिवंगत पुनीत राजकुमार और हिंदी में हमेशा के लिए शाहरुख़ खान।
सवाल: हाल ही में किच्चा सुदीप और अजय देवगन के बीच एक विवाद देखने को मिला। जहाँ एक ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा नहीं है तो दूसरे ने पूछ दिया कि फिर आप अपनी फ़िल्में हिंदी में डब ही क्यों करते हो? भाषा के इस संघर्ष में आपकी राय क्या है? आपके हिसाब से भारत को कौन सी भाषा एक कर सकती है?
जवाब: हमारे देश की सबसे खास सुंदरता विविधता में एकता और कई अलग-अलग भाषाएँ भी हैं। किसी भी एक भाषा को कभी राष्ट्रभाषा नहीं बनाया जा सकता। लेकिन, मैं इस तथ्य से सहमत हूँ कि मैंने अपनी पहली भाषा के रूप में हिंदी ही सीखी थी, ताकि बड़ी संख्या में लोगों से संवाद बनाए रखने में आसानी हो। ठीक इसी तरह, हर भाषा का सम्मान किया जाना चाहिए और हमारे भविष्य की पीढ़ियों के लिए इसे सहेज कर रखा जाना चाहिए।
सवाल: क्या हम आपके आने वाले प्रोजेक्ट्स के बारे में जान सकते हैं? वो फ़िल्में जो आप शूट कर रहे हैं या जिन्हें लेकर बातचीत कर रही हो।
जवाब: मैं प्रतिष्ठित प्रोडक्शन हाउस ‘गीता आर्ट्स’ के साथ ’18 Pages’ नामक फिल्म कर रहा हूँ। इसके अलावा एक एक्शन एक्सट्रावगांजा ‘SPY’ में भी मैं दिखाई दूँगा, जिसका निर्माण ‘ED Entertainments’ कर रही है। ये फिर से एक मल्टी-लैंग्वेज फिल्म होगी।
सवाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार हमारी राष्ट्रीय विरासतों को अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने का लगातार प्रयास किया है। जैसे कि उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को तमिलनाडु के मल्ल्पुरम में आमंत्रित किया, वहीं हाल ही में उन्होंने तेलंगाना के मुचिंतल में संत रामानुजाचार्य की ‘Statue Of Equality’ का उद्घाटन किया। आप उनके प्रयासों को किस तरह देखते हैं? पीएम मोदी को लेकर आप क्या सोचते हैं?
जवाब: नरेंद्र मोदी हर किसी के लिए प्रेरणा हैं। चाय बेचने वाला एक सीधा-सादा व्यक्ति भी विश्व के सबसे मजबूत शख्शियतों में से एक बन सकता है। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को लेकर उनके सभी प्रयास अद्भुत उपक्रम हैं। हालाँकि, मैं सबसे ज्यादा खुश तब होऊँगा जब सरकार राम सेतु और द्वारका को सहेज कर रखने के मुद्दों पर काम करेगी और इन्हें ताजमहल की तरह से ‘विश्व का सांस्कृतिक अचंभा’ वाला आकर्षण बनाएगी।
गुजरात के आणंद (Anand, Gujarat) जिले के बोरसाड में एक गश्त पर निकले एक पुलिसवाले को एक ट्रक ड्राइवर ने कुचल कर मार डाला। पिछले 24 घंटे में यह ऐसी तीसरी घटना है। मृतक पुलिसकर्मी की पहचान किरण राज के रूप में हुई है।
खबरों के मुताबिक, यह घटना बुधवार (20 जुलाई 2022) की रात लगभग 1 बजे हुई। कॉन्स्टेबल किरण राज ने गश्त के दौरान राजस्थान के नंबर प्लेट वाले एक संदिग्ध ट्रक को आते हुए देखा तो उसे रोकने की कोशिश की। चालक ने रूकने के बजाय ट्रक को पुलिसकर्मी पर चढ़ा दिया और घटनास्थल से भाग गया। किरण राज को तुरंत करमसाड अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
बोरसद में पुलिस कांस्टेबल पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया। राजस्थान के एक संदिग्ध ट्रक ने रात 1 बजे पुलिसकर्मी किरण राज को कुचल दिया। पुलिसकर्मी ट्रक को रोकने की कोशिश कर रहा था। ट्रक चालक फरार हो गया: आनंद DSP अजीत राय, गुजरात pic.twitter.com/bD28JgsruB
इस घटना में ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड जवान को भी हल्की चोटें आई हैं। आणंद के SP अजीत राजियन के अनुसार, ट्रक में इंडस्ट्रियल कंटेनर था, जो भरूच से हरियाणा माल ले जाने और ले आने का काम करता था। वहीं, कहा जा रहा है कि उसमें इंडस्ट्रियल पाउडर भरा हुआ था।
पुलिसकर्मी को कुचलने के बाद ट्रक ड्राइवर गाड़ी छोड़कर भागने छोड़कर भाग गया। पुलिस ने आरोपित की पहचान कर ली है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि आरोपित ने ड्राइवर ने पुलिसकर्मी पर जानबूझकर कुचला या फिर यह हादसा मात्र है। पुलिस ने गाड़ी जब्त कर ली है।
राँची में पशु तस्करों ने SI संध्या टोपनो को कुचलकर मारा
झारखंड के राँची में भी बुधवार की सुबह तीन बजे के आसपास पशु तस्करों ने संध्या टोपनो नाम की SI पर गाड़ी चढ़ाकर उनकी हत्या कर दी। दरअसल, संध्या को जानवरों की अवैध तस्करी की सूचना मिली थी, इसके बाद वह वाहनों की चेकिंग कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने एक वाहन को रूकने के लिए कहा, लेकिन तस्करों ने उन पर वैन चढ़ा दी।
राँची के एसएसपी किशोर कौसल ने कहा है कि जिस वक्त गाड़ी ने संध्या टोपनों को टक्कर मारी थी। उस दौरान उसमें निगार खान नाम का एक अन्य आरोपित भी सवार था। उसी ने सरकार काम में बाधा डालने की कोशिश की थी।
हरियाणा के नूँह में DSP सुरेंद्र सिंह की कुचलकर हत्या
हरियाणा के नूँह में पत्थर से भरे डंपर से कुचल अवैध खनन माफियाओं ने DSP सुरेंद्र सिंह की हत्या की कर दी है। इस मामले में पुलिस ने एनकाउंटर के बाद इकरार नामक आरोपित को गिरफ्तार किया है। इकरार के पाँव में गोली लगी है। नूँह इस्लामी कट्टरवाद और रोहिंग्या बस्तियों के लिए पहले से कुख्यात रहा है।
साउथ रेंज रेवाड़ी के ADGP डॉ एम रवि किरण ने बताया कि DSP गुप्त सूचना मिलने के बाद औचक निरीक्षण के लिए गए थे। उनके पास बैकअप फोर्स नहीं रही होगी या इसके लिए उन्हें समय नहीं मिला होगा। पुलिस ने अपनी 8 टीमों को आरोपितों की धर-पकड़ में लगाया था।
बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए आरोप लगाया है कि उन्हें बीते कुछ दिनों से टारगेट किया जा रहा है। अपने पोस्ट में उन्होंने कहा है कि न केवल उनके खाने पीने में बीते दिनो छेड़छाड़ हुई बल्कि घर से बाहर निकलने पर उनकी गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई।
अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा,
“मुझे बहुत बुरी तरह से परेशान किया जा रहा है और निशाना बनाया जा रहा है। पहले मेरा बॉलीवुड करियर एक साल से ठीक नहीं चल रहा था। फिर मेरी काम वाली के जरिए मेरे खाने-पीने में गड़बड़ी करके मुझे स्टेरॉयड देने की कोशिश की गई। इससे मुझे कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य दिक्कतें हुईं, इसके बाद जब मैं मई में उज्जैन गई थी तो मेरे कार के ब्रेक के साथ दो बार छेड़छाड़ की गई, जिसके कारण मैं दो बार दुर्घटना का शिकार हुई, लेकिन मरते-मरते बच गई और करीब 40 दिनों के बाद मुंबई लौटी हूँ। अब मेरे फ्लैट के बाहर मेरे घर में अजीबोगरीब घिनौना सामान मिला है।”
उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए उन लोगों को संदेश दिया जो उन्हें सताना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे परेशान करने वाले ये कान खोलकर सुन लें, मैं आत्महत्या नहीं करने जा रही हूँ और न ही मैं कहीं और जा रहीं हूँ, मैं यहाँ रहूँगी और अपने करियर को पहले से कहीं अधिक ऊँचाइयों तक लेकर जाऊँगी।”
उन्होंने खुद के साथ हो रही घटनाओं को लेकर बॉलीवुड माफियाओं पर निशाना साधा। वह बोलीं, “बॉलीवुड माफिया, महाराष्ट्र का पुराना राजनीतिक सर्किट (जो अभी भी यहाँ प्रभाव में है) और नापाक राष्ट्रविरोधी आपराधिक तत्व आम तौर पर लोगों को परेशान करने के लिए इस तरह काम करते हैं। मुझे पूरा यकीन है कि जिन #metoo अपराधियों और एनजीओ का मैंने खुलासा किया है, वे इस सब के पीछे हैं वरना मुझे इस तरह क्यों कोई निशाना बनाएगा या तंग करेगा?”
उन्होंने पूछा कि आखिर ये कौन सी जगह है जहाँ अन्याय के विरुद्ध खड़े होने पर लड़के-लड़कियाँ मारे जाएँ। उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा, “मैं चाहती हूँ कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगे और केंद्र सरकार पूररा कंट्रोल लेले। यहाँ चीजें हाथ से निकल रही हैं। मैं लगातार इन चीजों से गुजर रही हैं। अगर आज मेरे साथ कुछ गलत हुआ तो कल आपके साथ भी हो सकता है।”
उन्होंने अपने पोस्ट में ‘साधना’ के जरिए खुद को भीतर से अधिक मजबूत बनाकर अपने बिजनेस और काम में आगे बढ़ने की बात की। साथ ही मदद माँगते हुए ये भी कहा कि उस शहर में कोई कानून-व्यवस्था नहीं रह गई हैं जो कभी सिंगल महिलाओं और कलाकारों के लिए सुरक्षित होता था।
बता दें कि तनुश्री दत्ता साल 2005 में इमरान हाशमी के साथ ‘आशिक बनाया आपने’ फिल्म से चर्चा में आई थीं। फिर उन्होंने भागमभाग, ढोल, गुड ब्वॉय बैड ब्वॉय जैसी फिल्मों में काम किया। इसके बाद वह बॉलीवुड से गायब हो गईं। 2018 में जब मीटू अभियान चला तो उस समय तनुश्री ने भी एक इंटरव्यू में आरोप लगाया कि उनका हॉर्न ओके प्लीज के सेट पर यौन शोषण हुआ था, उन्हें मानसिक रूप से तंग किया गया था। तनु के इस आरोप के बाद बॉलीवुड को दो हिस्सों में बँटा देखा गया था। एक वो जो तनुश्री के पक्ष में आए थे और दूसरे वे जिन्होंने अभिनेता नाना पाटेकर, कोरियोग्राफर गणेश आचार्य आदि को समर्थन दिया था।
बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत की अपकमिंग फिल्म इमरजेंसी (Emergency) पर कॉन्ग्रेस ने आपत्ति जताई है। कॉन्ग्रेस ने फिल्म के निर्माता-निर्देशक से इमरजेंसी के रिलीज से पहले उन्हें दिखाने की माँग की है। कॉन्ग्रेस का मानना है कि इस फिल्म में पूर्व प्रधानमंत्री की छवि खराब करने की कोशिश की गई है। मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस मीडिया विभाग की उपाध्यक्ष संगीता शर्मा ने तो कंगना रनौत को बीजेपी का एजेंट तक कह डाला। इसको लेकर भाजपा ने कथित तौर पर कहा कि कॉन्ग्रेस ने फिल्म पर इसलिए आपत्ति जताई है, क्योंकि वे घबराए हुए हैं।
कंगना रनौत (Kangana Ranaut) इमरजेंसी फिल्म में इंदिरा गाँधी की भूमिका निभाते नजर आएँगी। यह फिल्म 1975 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी (Indira Gandhi) द्वारा देश में आपातकाल घोषित करने पर आधारित है। भारत में 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक यानी 21 महीने तक आपातकाल था।
हाल ही में कंगना ने फिल्म ‘इमरजेंसी’ (Emergency) का फर्स्ट लुक और टीजर जारी किया। फिल्म ‘इमरजेंसी’ (Emergency) के फर्स्ट लुक में कंगना रनौत हूबहू इंदिरा गाँधी जैसी दिख रही हैं। कंगना फिल्म में एक्टिंग के साथ इसको प्रोड्यूस भी कर रही हैं। इतना ही नहीं, फिल्म की डायरेक्टर भी वही हैं। यह फिल्म उनके प्रोडक्शन हाउस ‘मणिकर्णिका फिल्म्स’ के बैनर तले ही बन रही है। खास बात यह है कि फिल्म ‘इमरजेंसी’ को खुद कंगना ने लिखा भी है। कुल मिलकर इसे कंगना की फिल्म कहें तो गलत नहीं होगा।
गौरतलब है कि 25 जून, 1975 की रात को देशवासियों पर अचानक और अकारण ही आपातकाल थोप दिया गया था। निश्चय ही, इस दुर्घटना को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय कहा जा सकता है। आपातकाल के दौरान पूरे देश को एक बहुत बड़े जेलखाने में तब्दील कर दिया गया था। 25 जून, 1975 की सुबह ऑल इंडिया रेडियो पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की आवाज में जो संदेश प्रसारित हुआ, उसे पूरे देश ने सुना। इस संदेश में इंदिरा गाँधी ने कहा था “भाइयो और बहनो! राष्ट्रपति जी ने आपातकाल की घोषणा की है। लेकिन इससे सामान्य लोगों को डरने की जरूरत नहीं है।”
आर्थिक और राजनीतिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका में बुधवार (20 जुलाई, 2022) को सांसदों ने पीएम रानिल विक्रमसिंघे को अगला राष्ट्रपति चुन लिया। श्रीलंका की संसद में 44 वर्षों में पहली बार अस्थिरता के बीच हुए त्रिकोणीय राष्ट्रपति चुनाव में रानिल विक्रमसिंघे को 134 सांसदों का समर्थन मिला है। उनके प्रतिद्वंदी दुल्लास अल्हाप्पेरुमा को 82 वोट ही मिले। तीसरे उम्मीदवार अनुरा कुमारा दिसानायके को सिर्फ तीन वोट ही मिले। बताया जा रहा है कि रानिल अब नवंबर, 2024 तक पूर्णकालिक राष्ट्रपति रहेंगे और इसके बाद फिर से राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होंगे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, श्रीलंका की मुख्य विपक्षी पार्टी के नेता सजिथ प्रेमदासा ने मंगलवार को ही राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी से अपना नाम वापस ले लिया था। उन्होंने कहा कि वह इस पद के लिए प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार डलास का समर्थन कर रहे हैं। जो कि अब चुनाव हार चुके हैं। बता दें कि श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के देश छोड़कर भाग जाने के बाद यह चुनाव हुआ है। गोटाबाया देश छोड़कर पहले मालदीव और फिर सिंगापुर गए। सिंगापुर पहुँचने के बाद उन्होंने राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था।
वहीं अब विक्रमसिंघे के कंधों पर अब श्रीलंका को अपूतपूर्व राजनीतिक एवं आर्थिक संकट से बाहर निकालने की जिम्मेदारी होगी। हालाँकि, उनके राष्ट्रपति चुने जाने के बाद भी उनके खिलाफ लोग सड़क पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। पहले के प्रदर्शनों में भी लोगों में उनके खिलाफ गुस्सा देखने को मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति के रूप में रानिल उन्हें मंजूर नहीं हैं। उनके खिलाफ ‘गो रानिल गो’ के नारे लग रहे हैं।
#WATCH Colombo | Sloganeering and protest underway outside Presidential Secretariat after Ranil Wickremesinghe was elected as Sri Lanka President pic.twitter.com/FpTGziAF5M
बता दें कि रानिल विक्रमसिंघे को राजनीति का लंबा अनुभव है। वे श्रीलंका के पाँच बार प्रधानमंत्री रह चुके हैं। रानिल राजनीति में आने से पहले एक पत्रकार और वकील भी रह चुके हैं। वे 1977 में पहली बार आम चुनाव जीतकर संसद सदस्य बने थे। जबकि वह 1993 में पहली बार पीएम बने थे। इसके अलावा राजपक्षे के राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने और देश छोड़ कर भागने के बाद वह कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।
गौरतलब है कि आर्थिक हालात बिगड़ जाने पर श्रीलंका ने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया है। देश में महँगाई बहुत ज़्यादा बढ़ गई है। यहाँ तक कि खाने-पीने की चीजें, दवाएँ, पेट्रोल-डीजल आम आदमी की पहुँच से बाहर हैं। बता दें कि श्रीलंका में विरोध-प्रदर्शन शुरू होने के बाद इसी साल मई में रानिल विक्रमसिंघे को देश का पीएम चुना गया था। पीएम चुने जाने पर उन्होंने देश की संसद को संबोधित करते हुए कहा था कि श्रीलंका बहुत ही कठिन हालात का सामना कर रहा है और आगे अभी बहुत सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
पंजाबी गायब सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moosewala) की हत्या में शामिल गैंगस्टरों को पुलिस ने पाकिस्तान (Pakistan) सीमा के पास घेर कर एनकाउंटर किया है। इनमें से एक गैंगस्टर मारा गया, जबकि बाकियों के साथ एनकाउंटर जारी है। इस कार्रवाई में तीन पुलिस वाले भी घायल हुए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान सीमा से सटे अटारी बॉर्डर से महज 10 किलोमीटर दूर अमृतसर जिले में 3 घंटे से एनकाउंटर जारी है। चिचा भकना के गाँव होशियार नगर में जिन तीन गैंगस्टरों को पुलिस ने घेरा हैं, उनमें एक मनप्रीत मन्नू कुस्सा और दूसरा जगरूप रूपा है। तीसरे गैंगस्टर की पहचान अभी नहीं हो पाई है। वहीं, कौन गैंगस्टर मारा गया है, इसकी भी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
#WATCH | Encounter ensuing between police & gangsters at Cheecha Bhakna village of Amritsar district in Punjab pic.twitter.com/7UA0gEL23z
इस ऑपरेशन में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स, स्पेशल ऑपरेशन सेल, ऑर्गनाइज्ड क्राइम कंट्रोल यूनिट के अलावा अमृतसर पुलिस भी शामिल है। पुलिस के बेहतरीन शूटर और क्विक रिएक्शन टीम भी मौके पर मौजूद है। पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और लोगों से अपने घरों में रहने के लिए कहा है।
इन अपराधियों के पास एके-47 हैं। इन्हीं से ये पुलिस पर गोलियाँ चला रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मूसेवाला के कत्ल में इस्तेमाल हुए हथियार इन्हीं के पास हैं। बताया जा रहा है कि ये गैंगस्टर गाँव की पुरानी हवेली में छिपे हैं। दरअसल, पंजाब पुलिस को जानकारी मिली थी कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से जुड़े गैंगस्टर गाँव में छिपे हो सकते हैं। इसके बाद यह कार्रवाई की गई।
इससे पहले पुलिस ने बिश्नोई गैंग के एक शार्प शूटर अंकित सिरसा को गिरफ्तार किया गया था। अंकित सिरसा से पहले प्रियव्रत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। यह बात भी सामने आई थी कि सचिन भिवानी ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या से जुड़े चार शूटरों को पनाह दी थी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की की जाँच में इस मामले से जुड़े गिरफ्तार शूटर्स ने कई खुलासे किये थे। गोल्डी बराड़ और लॉरेश बिश्नोई का वफादार और सबसे खतरनाक शूटर मनप्रीत उर्फ मानू तरनतारन जिले के खुसा गाँव का रहने वाला है। मूसेवाला की हत्या के दौरान मनप्रीत ने ही ही एके-47 से पहली गोली चलाई थी। इसके बाद बाकी शूटर्स ने मूसेवाला पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी।
पुलिस जाँच में यह बात भी सामने आई थी कि मूसेवाला की हत्या करने वाले मनप्रीत मन्नू कुस्सा और जगरूप रूपा घटना को अंजाम देने के बाद पंजाब में ही घूमते रहे। कहा जा रहा है कि जून के अंत तक वे तरनतारन के एक गाँव में छिपे रहे। रूपा इसी इलाके का रहने वाला है। यहाँ तूफान नाम के एक गैंगस्टर ने उन्हें अपने फार्म हाउस में छिपा रखा था। इनके साथ गैंगस्टर रईया भी मौजूद था।
शार्पशूटर मनप्रीत और रूपा को 21 जून को मोगा के समालसर में चोरी की बाइक पर जाते हुए देखा गया था। CCTV कैमरे में इनकी तस्वीर देखी गई थी। बता दें कि मूसेवाला की हत्या 29 मई को हुई थी। हालाँकि, हत्या के बाद पंजाब में ही रहने के बावजूद पुलिस इन्हें नहीं पकड़ सकी थी।
कहा जाता है कि गोल्डी बराड़ ने पहली गोली चलाने का आदेश मनप्रीत को दिया था। मनप्रीत लकी पटियाला गैंग से बदला लेना चाहता था, इसलिए मुसेवाला की हत्या की साजिश में उसे सबसे पहले शामिल किया गया था। बता दें कि मनप्रीत की जेल में पिटाई का एक वीडियो वायरल किया गया था।
मनप्रीत को शक था कि बंबीहा गैंग ने उसे पिटवाकर बदनामी कराई। इस गैंग का सबसे खतरनाक गैंगस्टर सुखप्रीत सिंह बुड्डा को यूरोपीय देश रोमानिया से 12 अगस्त 2019 को गिरफ्तार किया था। सीबीआई की इनपुट पर इंटरपोल ने उसे गिरफ्तार किया था।
झारखंड पुलिस की महिला सब इंस्पेक्टर संध्या टोपनों को गाड़ी कुचलकर मारने के मामले में राँची पुलिस ने बयान जारी किया है। राँची के एसएसपी किशोर कौसल ने कहा है कि जिस वक्त गाड़ी ने संध्या टोपनों को टक्कर मारी थी। उस दौरान उसमें निगार खान नाम का एक अन्य आरोपित भी सवार था। उसी ने सरकार काम में बाधा डालने की कोशिश की थी।
One more person was present inside the vehicle, for whom a continuous search is on. Efforts will be to complete the investigation quickly & get the guilty punished with a speedy trial. Accused, namely Nigaar Khan tried to breach govt works as well: Ranchi SSP Kishore Kaushal pic.twitter.com/vwoDrB4EID
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक राँची एसएसपी ने कहा, “तुदुपना ओपी क्षेत्र से सूचना मिली थी कि गुमला से आ रही एक संदिग्ध गाड़ी राँची में घुसने वाली है। इसके बाद इलाके की सब इंस्पेक्टर संध्या टोपनो के नेतृत्व में पुलिस को चेकिंग के लिए तैनात किया गया था। लेकिन सिक्योरिटी चेकिंग के दौरान संदिग्ध गाड़ी ने महिला उप-निरीक्षक को कुचल दिया। दरअसल, जैसे ही गाड़ी वहाँ पहुँची तो एसआई टोपनो ने उसे रोकने की कोशिश की। हालाँकि, ड्रायवर गाड़ी रोकने की जगह उनपर चढ़ाकर आगे निकल गया। गंभीर रूप से घायल हालत में तत्काल उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। फिलहाल, ड्रायवर को गिरफ्तार कर गाड़ी को सीज कर दिया गया है।
एसएसपी कौशल ने कहा कि गाड़ी के अंदर एक और व्यक्ति मौजूद था, जिसकी तलाश जारी है। कोशिश होगी कि जल्द से जल्द जाँच पूरी कर दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलवाई जाए। आरोपी निगार खान ने भी सरकारी कामों में सेंध लगाने की कोशिश की है।
इस बीच मृतक एसआई संध्या टोपनो के मामा निमेश तिर्की ने संध्या को शहीद का दर्जा देने और मामले की सीबीआई जाँच की माँग की है। उन्होंने बताया कि अक्सर फोन पर बातचीत के दौरान उनकी भांजी काम के बोझ को लेकर बातें करती थी और बताती थीं कि बहुत दबाव में हूँ।
कब हुई ये घटना
गौरतलब है कि ये वारदात आज (20 जुलाई, 2022) तड़के 3 बजे के करीब की है। तुदुपना में पुलिस विभाग एंटी क्राइम चेकिंग अभियान चला रहा है। इसी के तहत एसआई संध्या टोपने को ड्यूटी पर लगाया गया था। संध्या टोपनो 2018 बैच की अधिकारी थीं। इससे पहले मंगलवार को हरियाणा के नूँह में पत्थर से भरे डंपर से डीएसपी सुरेंद्र सिंह बिश्नोई को कुचले जाने का मामला प्रकाश में आया था। पुलिस ने इस केस में इकरार नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया था।
Gujarat| A fatal attack on a police constable has come to light in Borsad; a suspicious truck from Rajasthan mowed policeman Kiran Raj at 1am, as he was trying to stop it. Truck driver fled away. Policeman died during treatment. Driver identified; probe underway: Anand DSP Ajit R pic.twitter.com/ym59OxltPp
ठीक इसी तरह की एक अन्य घटना गुजरात में भी घटी है। डीएसपी अजीत राय ने कहा कि बोरसाड में राजस्थान से आ रहे एक ट्रक को रोकने की कोशिश कर रहे एक पुलिस कॉन्स्टेबल किरण पर ट्रक चढ़ा दिया गया। इस हमले में घायल गंभीर रूप से घायल पुलिसकर्मी की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं ट्रक चालकर फरार हो गया।