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बेटी को 100000 रुपए में बेच रहा था जुल्फिकार, सौदा रोकने पर बीवी की गला घोंटकर हत्या: पीड़िता के भाई ने कहा- दो बेटियों को पहले भी बेचा गया

पाकिस्तान से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। वहाँ लकी शाह सद्दार इलाके में जुल्फिकार जिसकानी नाम के शख्स ने अपनी बीवी बबली जिसकानी का कत्ल सिर्फ इसलिए कर दिया है क्योंकि बबली ने उसे नाबालिग बेटी का सौदा नहीं करने दिया।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, पाकिस्तान के लकी शाह सद्दार से शुक्रवार को जुल्फिकार को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने अपनी बीवी को इसलिए मारा क्योंकि उसकी बीवी अपनी नाबालिग बेटी का सौदा करके उसका निकाह किए जाने के खिलाफ थी।

पीड़ित के भाई मुनव्वर जिसकानी ने पुलिस को बताया कि जुल्फिकार ने अपनी बीवी का गल घोंटा क्योंकि वो अपनी बेटी का निकाह के नाम पर सौदा होने से रोक रही थी जिसे जुल्फिकार 1 लाख रुपए में बेच चुका था। मुनव्वर ने बताया कि जुल्फिकार इससे पहले भी अपनी दो बेटियों का इसी तरह सौदा कर चुका था।

इस मामले में स्थानीय पुलिस ने बताया कि उन्होंने बबली जिसकानी के भाई मुनव्वर की शिकायत पर केस को दर्ज करके आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। शेहवान अस्पताल में बबली के शव का पोस्टमॉर्टम करवाके घरवालों को सौंपा जाएगा।

7 दिन की नवजात की हत्या

गौरतलब है कि बेटियों पर उनके ही अब्बा द्वारा किए जा रहे अत्याचार की पाकिस्तान से कुछ ही महीनों में ये दूसरी खबर है। इससे पहले 7 मार्च को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में शाहजेब खान नाम के शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया था क्योंकि उसने अपनी 7 दिन की नवजात को मौत के घाट उतारा था। शाहजेब बेटी पैदा होने से इतना नाराज था कि जब वो लड़की को मारने गया तो उसने बच्ची पर 5 गोली चलाई थी। इसके बाद नवजात ने दम तोड़ दिया।

स्पेनिश बहनों की हत्या

इसके अलावा बीते दिनों पाकिस्तान में दो स्पेनिश बहनों की हत्या को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने जाँच के बाद कहा था कि दोनों स्पेनिश बहने चचेरे भाइयों से हुए जबरन निकाह के खिलाफ थी इसी कारण उनके भाई और चारा ने उनकी हत्या कर दी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें मारने से पहले बहुत तड़पाया भी गया था। इस घटना में पाकिस्तान पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया था।

बिना हिंदी डब के ही महेश बाबू की SVP ने पार किया ₹200 करोड़ का आँकड़ा, रिव्यूज भी अच्छे नहीं मिले थे: अब करेंगे SS राजामौली की फिल्म

महेश बाबू (Mahesh Babu) की हालिया फिल्म ‘सरकारु वारी पाटा (SVP)’ ने नेगेटिव समीक्षाओं के बावजूद वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 200 करोड़ रुपए कलेक्शंस के आँकड़े को पार करने में सफलता पाई है। अपने तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर गई फिल्म (Sarkaru Vaari Paata) ने अब तक 204 करोड़ रुपए कमा लिए हैं। फिल्म ने 18 दिनों में इतनी कमाई की है। बॉक्स ऑफिस पर ये इसका अंतिम हफ्ता ही चल रहा है। फिल्म को हिंदी में डब नहीं किया गया था।

इधर ‘भूल भूलैया 2’ के साथ हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को भी राहत मिली है। फिल्म ने भारत में 100 करोड़ रुपए की नेट कमाई के आँकड़े को पार कर लिया है। अब सभी की नज़रें अक्षय कुमार की फिल्म ‘सम्राट पृथ्वीराज’ पर टिकी हैं। वहीं आयुष्मान खुराना की फिल्म ‘अनेक’ बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुँह गिरी है। इसी तरह कंगना रनौत की ‘धाकड़’ का भी काफी बुरा हाल हुआ है। फिल्म के अब गिने-चुने टिकट ही बिक रहे हैं और अधिकतर सिनेमाघरों ने इसे हटा दिया है।

वहीं महेश बाबू की SVP के अब डिजिटल रिलीज की तैयारी चल रही है। इसे जून महीने में ही ‘अमेज़न प्राइम’ पर रिलीज किया जा सकता है। फ़िलहाल 10 जून या 24 जून को इसे रिलीज करने की बात कही जा रही है। अब महेश बाबू अपनी 29वीं फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हो जाएँगे, जो कि एक जंगल एडवेंचर एक्शन थ्रिलर होगा। फिल्म के निर्देशक एसएस राजामौली हैं, ऐसे में ये एक पैन इंडिया मूवी होगी। हाल ही में उनकी ‘RRR’ ने 1100 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार किया है।

फ़िलहाल ‘KGF 2’ ने भी अपना बॉक्स ऑफिस रन लगभग पूरा कर लिया है और इसके कलेक्शंस 1230 करोड़ रुपए के पार पहुँच गए हैं। थलापति विजय की तमिल फिल्म ‘Beast’ भी फ्लॉप हो गई और इसके लिए 150 करोड़ रुपए का आँकड़ा भी पहाड़ बन गया था। हाल ही में महेश बाबू ने कहा था कि बॉलीवुड उन्हें अफॉर्ड नहीं कर सकता है। इसके बाद पान-मसाला का विज्ञापन करने के लिए उनकी आलोचना भी हुई थी।

‘केजरीवाल की घटिया राजनीति का शिकार बने गायक सिद्धू मूसेवाला’: बरसे सिरसा, 30 राउंड फायरिंग, खून से लथपथ गाड़ी का आया वीडियो

पंजाब के युवा गायक और कॉन्ग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। मामले में बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब सरकार और सीएम भगवंत मान पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सिद्धू मूसेवाला की मौत के जिम्मेदार भगवंत मान और अरविंदर केजरीवाल की घटिया राजनीति है।

उन्होंने एक वीडियो रिलीज कर कहा, “प्रसिद्ध सिंगर सिद्धू मूसेवाला ने पंजाब की शान बढ़ाई थी। अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की घटिया राजनीति के चलते आज उन पर 20 गोलियों के साथ कातिलाना हमला किया गया। एक राजनीतिक पार्टी ने घटिया काम करना शुरू किया। लोगों की पहले सुरक्षा हटाओ, फिर उनके नाम को अखबारों में छपवाओ। वो लिस्टें बाजार में बँटवाओ। मैंने कल ही ट्वीट कर कहा था कि तुम ये पाप कर रहे हो। पहले लोगों की सुरक्षा को हटाते हो और फिर उनके नामों की कॉन्फिडेंशियल लिस्ट को छापते हो। इससे किसी की जान जा सकती है।”

सिरसा के मुताबिक, लोगों को पता था कि सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा छीन ली गई है इसके बाद उस पर हमला हुआ, जिसमें उनकी मौत हो गई। इस मामले में भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ धारा 302 का केस दर्ज होना चाहिए।

पत्रकार आदित्यराज कौल ने कहा कि सिद्धू मूसेवाला ने पंजाब में गन कल्चर पर कभी गाने गाए थे और आज उसी गन ने उनकी जान ले ली।

रिपोर्ट के मुताबिक, सिद्धू मूसेवाला के वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि उनकी गाड़ी की खिड़कियाँ पूरी तरह से टूट चुकी हैं और सीटें खून से लथपथ हैं। इस हमले में गोलीबारी में चालक समेत दो और लोग घायल हो गए। दावा किया गया है कि उनकी गाड़ी पर कम से कम 30 से अधिक राउंड फायर किए गए। उनके दो सहयोगियों की हालत गंभीर है और उन्हें इलाज के लिए दूसरी जगह ट्रांसफर किया जा सकता है।

गौरतलब है कि रविवार (29 मई 2022) को पंजाब के मानसा गाँव में गोली चलाई गई थी। इसमें उनकी मौत हो गई है। बता दें कि ये घटना ठीक पंजाब में ठीक उस समय हुई है जब भगवंत सरकार के कहने पर पंजाब पुलिस ने पंजाब के 424 लोगों को दी गई सुरक्षा को हटाया था। इसमें एक सिद्धू मूसेवाला भी थे। घटना संबंधी एक वीडियो सामने आई है। इसमें मूसेवाला खून से लथपथ गाड़ी में बैठे हैं।

उल्लेखनीय है कि सिद्धू मूसे वाला इन पंजाब चुनावों में कॉन्ग्रेस की टिकट पर मानसा से चुनाव लड़े थे और आप के उम्मीदवार से हार का मुंह देखा था। इसके बाद वह पिछले माह अपने नए गाने बलि का बकरा में आप समर्थकों को निशाना बनाकर भी विवाद में आए थे। इस गाने में उन्होंने आम आदमी पार्टी के समर्थकों को गद्दार कहा था। इसके अलावा पिछले साल वह एके-47 के साथ दिखे थे तब भी उनके विरुद्ध एफआईआर हुई थी। मूसे वाला को लोग खालिस्तानी प्रशंसक के तौर पर भी जानते हैं।

गलत ढंग से छुआ, जबरदस्ती पीछे से पकड़ा: JNU छात्रा का यौन शोषण करने पर AISA के कॉमरेड के खिलाफ केस दर्ज, लगातार ऐसी हरकतें करने का है आरोप

दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की छात्रा से छेड़छाड़ (Sexual molestation) के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की है। छात्रा की शिकायत पर आरोपित के खिलाफ दिल्ली के वसंतकुंज नॉर्थ थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ इंडियन पीनल कोड की धारा 354 और 509 के तहत कार्रवाई की है।

मामले में दिल्ली पुलिस ने एक ट्वीट के जरिए कहा, “वसंतकुंज नॉर्थ में जेएनयू की तीसरे वर्ष की छात्रा से छेड़छाड़ की शिकायत के बाद U / S 354 A / 509 आईपीसी के तहत एक मामला दर्ज किया गया है। आरोपित पीड़िता का सहपाठी है, इसे जाँच में शामिल किया गया है। आगे की जाँच जारी है।”

रिपोर्ट के मुताबिक, छात्राओं के एक समूह ने दावा किया है कि छात्रा ने एक बयान में कहा था कि आरोपित ने उसे गलत तरीके से छुआ और बिना उसकी मर्जी के पीछे से जबरदस्ती पकड़ा। वो इस तरह की हरकतें लगातार कर रहा है। वहीं शिकायतकर्ता छात्रा का कहना है कि उसे पता चला है कि आरोपित ने उसे बदनाम करने की कोशिश की है। हालाँकि, ये जानकारी उसे उसके की क्लासमेट्स के जरिए पता चली।

गौरतलब है कि इससे पहले ABVP ने आरोपित का नाम प्रसन्ना राज बताया था। एक बयान जारी कर एबीवीपी ने कहा था कि इस घटना को लेकर पीड़िता ने आईशी घोष से मदद माँगी थी, लेकिन घोष ने बड़ी ही चालाकी के साथ पीड़िता को ICC से शिकायत करने से रोकते हुए उसे गैर-मौजूदा GSCASH से संपर्क करने को कहा।

छात्र संगठन ने दावा किया था कि आरोपित प्रसन्ना वामपंथियों के स्टूडेंट विंग ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिशन (AISA) का ही सदस्य है। जिसे सीनियर कॉमरेड बचाने में जुट गए हैं। इसी कारण से अब तक किसी भी वामपंथी ने इस पर कोई बयान नहीं दिया है। ABVP के मुताबिक, AISA के लोगों के खिलाफ सेक्सुअल असॉल्ट के इतने मामले सामने आ चुके हैं कि अगर इन्हें AISA का नाम बदलकर ‘ऑल इंडिया सेक्शुअल असॉल्टर्स’ भी कर दिया जाए तो किसी तरह की आतिश्योक्ति नहीं होनी चाहिए।

गाल काटे, छाती नोची, गंदा काम करके कूड़े में फेंक दिया: करौली में 4 साल की बच्ची का रेप करने वाला गिरफ्तार, राजस्थान पुलिस ने माँ-बाप को कहा था- ‘जाओ सो जाओ’

राजस्थान के करौली में एक 4 साल की नाबालिग बच्ची के साथ रेप की सूचना है। पीड़ित परिवार जादू और मदारी का खेल दिखा कर जीवन यापन करता है। बच्ची के आंतरिक अंगों को काफी नुकसान पहुँचा है। घटना 27-28 मई की रात की बताई जा रही है। वहीं बताया जा रहा है कि पुलिस ने आरोपित को 29 मई 2022 (रविवार) को गिरफ्तार कर लिया है। कुछ मीडिया चैनल आरोपित को मानसिक बीमार भी बता रहे हैं।

घटना की पुष्टि करते हुए करौली के SP शैलेन्द्र इंदौलिया ने कहा, “बच्ची की स्थिति ठीक है। डॉक्टरों से मेडिकल मुआयना करवाया गया है। आगे इसमें अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ मूल रूप से गंगापुर निवासी पीड़ित परिवार 3 महीने से हिंडौन सिटी के महवा रोड स्थित झुग्गी झोपडी में रह रहा था। वह मदारी का खेल दिखा कर पेट पालता था। घटना की रात 11 बजे इनकी 3 साल की छोटी लड़की ने अपनी माँ से पीने के लिए पानी माँगा। इसके बाद परिवार को अपनी 4 वर्षीया बच्ची के गुम होने की जानकारी हुई। परिजनों ने आस-पास तलाश किया पर वो नहीं मिली। सुबह लगभग 5 बजे कचरा बीनने वाली एक महिला से बच्ची के कचरे के ढेर में पड़ी होने की जानकारी मिली।

बच्ची बेहोश और लहूलुहान हालात में थी। उसे अस्पताल ले जाया गया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मेडिकल जाँच में डॉक्टरों ने बच्ची के साथ रेप होने की पुष्टि की। इसी के साथ 5 सदस्यों की मेडिकल टीम ने बच्ची की पीठ, गाल, सीने और आंतरिक अंगों में घाव होना बताया। बेहतर इलाज के लिए पीड़िता को जयपुर भेज दिया गया। बच्ची अपने डेरे से लगभग आधे किलोमीटर दूर मिली।

होश आने पर बच्ची ने अपने साथ हुई घटना को दर्द से कराहते हुए बताया। बच्ची ने कहा, “मम्मी-पापा के साथ सोते समय मुझे एक लड़का गोदी में उठा ले गया। डेरे से दूर जा कर उसने मेरे कपड़े उतार कर मेरे साथ गंदा काम किया। उसने मेरे गाल को काटा और सीने पर नाखून गड़ाए। मेरे रोने के बाद भी उसने मुझे नहीं छोड़ा और डंडे से पीटते हुए जमीन पर पटक दिया। बहुत देर बाद उसने मुझे कपड़े पहना कर पटरी के पास कचरे में फेंक दिया और भाग गया।”

पुलिस ने कहा, “जा कर सो जाओ’

इस घटना की शिकायत करौली के थाना नईमंडी में की गई है। पीड़ित परिवार के मुताबिक वो रात में 3 भी थी थाने गए थे लेकिन वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें लौटा दिया। भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस वालों ने कहा, “जा कर सो जाओ। सुबह बच्ची मिल जाएगी।” वहीं जब बच्ची सुबह पीड़ित परिवार को कूड़े के ढेर पर मिली तब पुलिस ने कहा, “अस्पताल ले जाओ और इलाज करवाओ।” वहीं अब पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कर के जाँच DSP किशोरीलाल को सौंपी है। रिपोर्ट के मुताबिक जल्द ही एक ASI समेत 4 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है।

भाजपा ने उठाए सवाल

भाजपा ने राजस्थान की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। राजसमंद से भाजपा सांसद दीया कुमार ने इसे राजस्थान की गहलोत सरकार की महिला सुरक्षा में नाकामी बताया है।

पंजाबी गायक सिद्धू मूसे वाला की पंजाब में गोली मारकर हत्या, भगवंत सरकार ने एक दिन पहले ही छीनी थी सुरक्षा

पंजाब के मानसा गाँव में पंजाबी गायक व कॉन्ग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला के ऊपर गोली चलाई गई। घटना में गायक बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया। कुछ खबरों में उनकी हालात गंभीर बताई गई लेकिन बाद में पता चला कि गोली लगने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।

बता दें कि ये घटना ठीक पंजाब में ठीक उस समय हुई है जब भगवंत सरकार के कहने पर पंजाब पुलिस ने पंजाब के 424 लोगों को दी गई सुरक्षा को हटाया था। इसमें एक सिद्धू मूसेवाला भी थे। घटना संबंधी एक वीडियो सामने आई है। इसमें मूसेवाला खून से लथपथ गाड़ी में बैठे हैं।

उल्लेखनीय है कि सिद्धू मूसे वाला इन पंजाब चुनावों में कॉन्ग्रेस की टिकट पर मानसा से चुनाव लड़े थे और आप के उम्मीदवार से हार का मुंह देखा था। इसके बाद वह पिछले माह अपने नए गाने बलि का बकरा में आप समर्थकों को निशाना बनाकर भी विवाद में आए थे। इस गाने में उन्होंने आम आदमी पार्टी के समर्थकों को गद्दार कहा था। इसके अलावा पिछले साल वह एके-47 के साथ दिखे थे तब भी उनके विरुद्ध एफआईआर हुई थी। मूसे वाला को लोग खालिस्तानी प्रशंसक के तौर पर भी जानते हैं।

सिद्धू मूसेवाला का असली नाम शुभदीप सिंह सिद्धू था और वह मानसा जिले के मूसा गाँव के रहने वाले थे। मूसेवाला पर अपने गानों में हिंसा और बंदूक संस्कृति को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे थे। कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री रहने के दौरान मूसेवाला पर आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। साथ ही कई अन्य मामलों में वह आरोपित पाए गए थे। पिछले साल कॉन्ग्रेस में शामिल होते हुए उन्होंने कहा था कि वह ‘पंजाबियों की आवाज उठाने’ के लिए राजनीति में आए हैं।

‘महाराष्ट्र से शनि को चले जाना चाहिए’: अमरावती में MP नवनीत राणा और पति पर फिर FIR, रोड जाम करने और लाउडस्पीकर बजाने का आरोप

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की घोषणा करने के बाद से अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा (Navneet Rana) और उनके पति रवि राणा (Ravi Rana) के खिलाफ राजनीतिक बदला लेने का सिलसिला जारी है। अब राणा दंपत्ति पर अमरावती में सड़क जाम करने को लेकर FIR दर्ज कराई गई है।

दरअसल, लगभग एक महीना बाद घर पहुँचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया था। पुलिस का आरोप है कि राणा दंपत्ति ने रोड पर मंच बनाकर रोड किया और रात तक लाउडस्पीकर बजाकर निर्धारित नियमों को तोड़ा है। इस सिलसिले में पुलिस ने पति-पत्नी और 14 समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

जेल से रिहा होने के बाद शनिवार (28 मई 2022) को सांसद नवनीत राणा ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा था कि शनि को अब महाराष्ट्र छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र को शनि लग गया है, इसलिए वह रामनगर में हनुमान चालीसा का पाठ करेंगी।

महाराष्ट्र में हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “राम और हनुमान का महाराष्ट्र में इतना अनादर क्यों हो रहा है? ये शनि जो हमारे महाराष्ट्र में आ गया है, इसे जाना ही चाहिए। इसके लिए मैं आरती और हनुमान चालीसा का पाठ करूंगी।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने दिल्ली में इतने शांतिपूर्ण तरीके से हनुमान चालीसा का पाठ किया। सुरक्षा भी थी और मुझे कोई समस्या नहीं हुई, लेकिन पता नहीं महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा का पाठ करने का मुद्दा क्यों है?” 

जब रामनगर के हनुमान मंदिर में राणा दंपत्ति हनुमान चालीसा का पाठ करने पहुँचे तो राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के कार्यकर्ताओं ने उनका जबरदस्त विरोध किया। NCP का आरोप था कि उनके हनुमान चालीसा के पाठ का बैनर उनके कार्यालय के सामने लगाया गया था।

बता दें कि शुक्रवार (27 मई 2022) को लोकसभा सांसद नवनीत राणा की गिरफ्तारी को लेकर संसद की विशेषाधिकार समिति (Parliament Privileges Committee) ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) और मुंबई पुलिस के आयुक्त को तलब किया है। उन्हें नवनीत राणा की गिरफ्तारी को लेकर 15 जून को मौखिक साक्ष्य के लिए पेश होने को होने को कहा है।

बता दें कि सीएम उद्धव ठाकरे के निजी आवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की घोषणा के बाद शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने इसको लेकर भारी उत्पात मचाया था। इसके बाद मुंबई पुलिस ने पति-पत्नी को 23 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया था। उन पर देशद्रोह सहित कई धाराओं में केस दर्ज किए गए थे। कोर्ट ने दोनों को 4 मई को जमानत दे दी थी।

कोर्ट से जमानत मिलते ही बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) की टीम सांसद नवनीत राणा के घर पर निरीक्षण करने के लिए पहुँच गई। BMC ने उनके घर के बाहर नोटिस चिपकाया था। इस नोटिस में कहा गया है कि BMC उनके फ्लैट का निरीक्षण कर यह जाँच करेगी कि उसमें कोई अवैध निर्माण तो नहीं हुआ है।

प्रोपेगंडा से आहत महंत ने रोते हुए छोड़ा पद, ‘The Lallantop’ ने चला दिया था शिवलिंग को फव्वारा बताने वाला बयान: कहा – 9 दिन से व्यथित हूँ

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे को लेकर ‘The Lallantop’ ने काशी करवट के महंत गणेश शंकर उपाध्याय (Ganesh Shankar Upadhyay) के हवाले से ‘शिवलिंग नहीं फव्वारा’ वाला बयान चला दिया था। अब उन्होंने महंत पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद उनके छोटे भाई दिनेश शंकर उपाध्याय (Dinesh Shankar Upadhyay) नए महंत बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि एजेंडे के तहत चलाई गई खबर से वो काफी आहत हुए हैं और अब वो खुद इस पद पर आसीन नहीं रहना चाहते हैं। साथ ही ये भी कहा कि इस तरह की हरकतें करने वालों को भगवान सजा देगा।

‘खबर इंडिया’ के केशव मालान के द्वारा शेयर किए गए वीडियो में गणेश शंकर उपाध्याय कहते हैं, “मैं आज, अभी, इसी सभा में महंत पद की गरिमा, मर्यादा और निर्बाध परंपरा की रक्षा के लिए अपने पद का त्याग करता हूँ। ‘असतो माँ सद्गमय, तमसो माँ ज्योतिर्गमय मृत्योर्मामृतम् गमय:’ हर-हर महादेव।”

उन्होंने आगे कहा, “इन 9 दिनों में मुझे बेहद कष्ट हुआ है। (रोते हुए) इन कष्टों के प्रायश्चित स्वरूप वर्तमान में मैं इस पद को साथ लेकर चलने में असमर्थ हूँ। इस घटनाक्रम के क्षोभ की अग्नि में मेरी स्वाभाविक सौम्यता आहूत हो गई है। इस मानसिक वेदना से मैं बहुत अधिक व्यथित हूँ।”

गौरतलब है कि इससे पहले हिन्दू संत ने दी ‘लल्लनटॉप’ नाम के वेब मीडिया पर एजेंडे के तहत खबर चलाने का आरोप लगाते हुए लताड़ लगाई थी। गणेश शंकर उपाध्याय ने कहा था कि क्या लोग अंधे हैं कि उन्हें दिखाई नहीं दे रहा है? पूरे ज्ञानवापी में हिन्दू मंदिर होने के प्रमाण मौजूद हैं, कैसे उसे मस्जिद मान लें? उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी के ऊपर-नीचे, अलग-बगल, चारों तरफ प्रमाण पड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘लल्लनटॉप’ ने उन्हें बरगला कर के कुछ कहवा लिया और घूमा-फिरा कर सिद्ध करने में लगे हुए हैं कि वो फव्वारा है।

‘The Lallantop’ पर महंत गणेश शंकर उपाध्याय का बयान तोड़-मरोड़ कर चलाने का आरोप

उन्होंने ये भी कहा था कि षणयंत्र के तहत उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, ताकि हिन्दुओं में विभेद पैदा किया जा सके। इससे वो एकजुट न हो सकें।उन्होंने ऐसा करने वालों को विधर्मी करार देते हुए कहा था कि ऐसे लोगों को पहचानने की जरूरत है, जो एक लॉबी षड्यंत्र के रूप में काम कर रही है। ये मीडिया से लेकर राजनीति तक में सक्रिय हैं।

नेपाल में तारा एयर का लापता विमान क्रैश: घटनास्थल पर धुआँ देखे जाने की खबर, 22 यात्रियों में एक ही परिवार के 4 भारतीय शामिल

नेपाल का तारा यात्री विमान लापता होने के छह घंटे बाद खोज लिया गया है और नेपाल सेना मुस्तांग के कोवांग के क्रैश वाली जगह पर पहुँचने का प्रयास कर रही है। इस विमान में 4 भारतीय सहित कुल 22 यात्री सवार थे। विमान की स्थिति क्या है, इसको लेकर अभी जानकारी सामने नहीं आई है। हालाँकि, स्थानीय लोगों द्वारा क्रैश वाली जगह पर आग और धुआँ देखे जाने की बात कही जा रही है।

अधिकारियों ने बताया था कि विमान ने रविवार (29 मई 2022) की सुबह 9.55 बजे पर्यटन स्थल पोखारा से जोमसोम पर्वतीय शहर के लिए उड़ान थी, जिसकी निर्धारित दूरी 15 मिनट की थी। लेकिन, उड़ान भरने के थोड़ी देर बाद इस विमान का एयरपोर्ट से संपर्क टूट गया।

सेना के प्रवक्ता नारायण सिलवाल के अनुसार, स्थानीय लोगों द्वारा नेपाल सेना को बताया गया कि तारा एयर का विमान मनापति हिमाल के भूस्खलन के तहत लामचे नदी के मुहाने पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। नेपाल सेना जमीन और हवाई मार्ग से घटनास्थल की ओर बढ़ रही है।

त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के महाप्रबंधक प्रेम नाथ ठाकुर ने कहा कि लापता विमान के कैप्टन प्रभाकर घिमिरे का सेल फोन नेपाल टेलीकॉम से कप्तान के फोन को ट्रैक करने के लिए कहा गया था। जीपीएस ट्रैकिंग में उनका फोन बज रहा है। नेपाल सेना का हेलीकॉप्टर संभावित दुर्घटना क्षेत्र में उतर गया है। उन्होंने कहा कि हमने नेपाल सेना और नेपाल पुलिस के जवानों को भी तलाशी के लिए पैदल भेजा है।

एयरलाइंस के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस विमान में मुंबई के रहने वाले एक ही परिवार के चार भारतीय, दो जर्मन और 13 नेपाली यात्री सवार थे। विमान को सुबह 10:15 बजे पश्चिमी पर्वतीय क्षेत्र के जोमसोम हवाईअड्डे पर उतरना था, लेकिन घोरेपानी के ऊपर आसमान से विमान का संपर्क टूट गया। जोमसोम हवाई अड्डे पर एक हवाई यातायात नियंत्रक के अनुसार, उनके पास जोमसोम के घासा में एक तेज आवाज के बारे में एक अपुष्ट रिपोर्ट आई है।

नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने इस संबंध में एक आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर +977-9851107021 भी जारी कर दिया है। वहीं, दूतावास ने ट्वीट कर बताया कि वह विमान में सवार यात्रियों के परिवार के संपर्क में है।

साल 2016 में भी तारा का एक विमान लापता होने के बाद क्रैश हो गया था। उत्तरी नेपाल के पहाड़ी इलाके में लापता हुए इस विमान में 23 यात्री थे। इस दुर्घटना में सभी यात्री मारे गए थे। उस वक्त उड़ान का कुल समय 19 मिनट था, लेकिन उड़ान भरने के आठ मिनट बाद विमान से संपर्क टूट गया था।

नूपुर शर्मा का सिर कलम करने वाले को ₹20 लाख इनाम का ऐलान, बताया ‘गुस्ताख़-ए-रसूल’: मुस्लिमों को उकसा रहा AltNews वाला जुबैर

‘ऑल्ट न्यूज़’ के कथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबेर द्वारा कट्टरपंथियों को उकसाए जाने के बाद भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा को लगातार मौत की धमकियाँ मिल रही हैं। अब पाकिस्तान के भी एक चरमपंथी संगठन ने नूपुर शर्मा का सिर काटने वाले को इनाम देने का एलान किया है। उसने नूपुर शर्मा को ‘गुस्ताख़ ए रसूल’ कह कर सम्बोधित किया है। यह घोषणा पाकिस्तान के एक ट्विटर हैंडल ‘लब्बैकियंस TV’ द्वारा 28 मई 2022 (शनिवार) को हुई है।

नूपुर शर्मा का सर काटने वाले को इनाम देने की घोषणा करने वाले ‘@LabbaikiansTv’ हैंडल से अक्सर पाकिस्तान के ‘तहरीक ए लब्बैक’ के भाषण शेयर किए जाते हैं। इस हैंडल द्वारा का कत्ल करने वाले को 5 मिलियन पाकिस्तान रुपए (लगभग 19.5 लाख भारतीय रुपए) देने का एलान किया गया है। यह ट्विटर हैंडल पाकिस्तान की चरमपंथी पार्टी तहरीक ए लब्बैक (TLP) के समर्थकों द्वारा चलाया जाता है। इस ट्वीट के बाद कई पाकिस्तानियों ने भी भी इस मुद्दे पर बोलना शुरू कर दिया। हारिश ने लिखा, “काश मैं भारत में होता तो इसका कत्ल कर देता।”

वहीं एक अन्य यूजर आफ़ताब हुसैन ने लिखा, “मार डालो #ली को।”

भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा का सिर काटने वालों को पाकिस्तान के हैंडल से लगभग 20 लाख रुपए इनाम देनी की घोषणा की गई है। बताया 'गुस्ताख़-ए-रसूल'।
साभार- ट्विटर

यहाँ ये ध्यान रखने योग्य है कि तहरीक-ए-लब्बैक (TLP) वही समूह है जिसने कुछ दिनों सियालकोट में पहले श्रीलंकाई नागरिक की हत्या कर दी थी। मृतक का नाम प्रियंथा कुमारा था जिनके ऊपर ईशनिंदा का आरोप लगा था। कुछ समय पहले TLP को पाकिस्तान में बैन कर दिया गया था लेकिन नवम्बर 2021 में इसने फिर से वापसी कर ली थी। इस चरमपंथी संगठन से बैन हटाने का आदेश पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने दिया था।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा को मौत की धमकियाँ 27 मई 2022 से मिलनी शुरू हुईं। तब उन्होंने कहा था कि हिन्दू धर्म की आस्थाओं का मजाक उड़ाने पर लोग इस्लामी मान्यताओं का भी मजाक उड़ा सकते हैं। इस पूरे बहस की एक क्लिप निकाल कर ऑल्ट न्यूज़ के कथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबेर ने वायरल कर दी। थोड़ी ही देर में नूपुर शर्मा को मौत की धमकियाँ मिलनी शुरू हो गई थी। इस मामले लोगों को नूपुर के खिलाफ भड़काने में मोहम्मद जुबेर का साथ राणा अयूब ने भी दिया।