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लेस्बियन कपल आदिला नसरीन और फातिमा नूरा को केरल हाईकोर्ट ने दी साथ रहने की मंजूरी: हम-बिस्तर होने से परिवार ने रोका था

केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार (31 मई 2022) को लेस्बियन कपल आदिला नसरीन (22) और फातिमा नूरा (23) को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए दोनों को साथ रहने की अनुमति दे दी। इस संबंध में आदिला नसरीन द्वारा हैबियस कॉपर्स याचिका दायर की गई थी। आदिला ने अपनी प्रेमिका को जबरन अलग किए जाने पर ये याचिका कोर्ट में डाली थी।

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और सी जयचंद्रन की बेंच ने लेस्बियन जोड़े से सीधे बात करते हुए उनसे पूछा कि क्या वे एक साथ रहना चाहते हैं। दोनों ने ‘हाँ’ में जवाब दिया जिसके बाद कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और उन्हें साथ रहने की अनुमति दी।

मीडिया से बातचीत के दौरान आदिला ने फातिमा के साथ अपने संबंधों पर खुल कर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे साथ रहने की इच्छा के कारण उनका बहिष्कार किया जा रहा था। आदिला ने बताया कि वो लेस्बियन कपल हैं और स्कूल के दिनों से साथ हैं। आदिला कहती हैं कि शुरुआत में उन लोगों के अम्मी-अब्बा को इन संबंधों का पता चला था। लेकिन बावजूद इसके उन्होंने अपना रिश्ता जारी रखा। डिग्री मिलने और नौकरी पाने के बाद दोनों ने जब घर छोड़ा तो चीजें उलटी होने लगीं और घरवालों द्वारा उन्हें मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया गया।

उल्लेखनीय है कि आदिला और फातिमा से जुड़ा ये मामला कुछ दिन पहले सोशल मीडिया के जरिए सामने आया था। आदिला नसरीन (Adhila Nassrin) ने वीडियो में अपनी लेस्बियन पार्टनर फातिमा नूरा (Fathima Noora) को उसके घर वालों द्वारा जबरन बंधक बनाने और मारपीट करने का आरोप लगाया था। इस अपील में लोगों से अपनी मदद और पुलिस से भी सहयोग की माँग की गई थी।

आदिला का दावा था कि फातिमा नूरा की माँ एक दिन अपने परिजनों के साथ उसके घर आई और वहाँ दोनों की पिटाई की गई और नूरा का अपहरण कर लिया गया। इसकी शिकायत बिनानीपुरम थाने में की गई। जब पुलिस आदिला के घर पहुँची तो वहाँ आदिला अकेली थी। पुलिस उसे लेकर थाने आ गई। बाद में उसकी ही माँग पर उसे एक अस्थाई घर में शिफ्ट कर दिया गया। आदिला ने पुलिस से अपनी और फातिमा की सुरक्षा भी माँगी थी।

सत्येंद्र जैन, सोमनाथ भारती, अमानतुल्लाह खान सहित केजरीवाल के खास ‘9 रत्न’, जिन पर चल रहे भ्रष्टाचार से दंगों तक के मामले

प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किए गए दिल्ली की केजरीवाल सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन को 9 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। ईडी ने सोमवार (29 मई, 2022) को करीब छह घंटे तक चली पूछताछ के बाद जैन को गिरफ्तार कर लिया था।

रिपोर्ट के अनुसार, विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने बड़ी साजिश का खुलासा करने के लिए सत्येंद्र जैन से हिरासत में लेकर पूछताछ की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें ईडी की हिरासत में भेज दिया है।

बता दें कि ईडी की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) के 2017 के एक मामले पर आधारित है, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि ‘आप’ नेता और उनकी पत्नी पूनम जैन ने फरवरी 2015 और मई 2017 के बीच ₹1.47 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की थी। यह उनकी आय के ज्ञात स्रोतों के दोगुने से भी अधिक थी।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता की एक कंपनी से जुड़े हवाला लेनदेन के मामले में जाँच में पाया गया था कि 2015-16 के दौरान सत्येंद्र जैन एक लोकसेवक थे, तो उनके द्वारा लाभकारी स्वामित्व वाली और नियंत्रित कंपनियों को हवाला के जरिए कोलकाता बेस्ड एंट्री ऑपरेटरों को नकद ट्रांसफर के बदले शेल कंपनियों से 4.81 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे।

हालाँकि, यह एकलौता मामला नहीं है जब केजरीवाल के आम आदमी पार्टी के किसी नेता पर ऐसे गंभीर आरोप लगे हों या जेल भेजा गया हो। सत्येंद्र जैन, अमानतुल्लाह खान, ताहिर हुसैन, सोमनाथ भारती से लेकर ऐसे 9 नेताओं का जिक्र हम यहाँ कर रहे हैं जो विभिन्न मामलों में या तो आरोपित हैं या जेल की हवा खा चुके हैं।

पंजाब के स्वास्थ मंत्री विजय सिंघला

हाल ही में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को राज्य मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया था। उनके ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप थे जिसे देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बर्खास्त करते हुए, पुलिस को उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश भी दिया था। वहीं बर्खास्तगी के बाद एंटी करप्शन ब्रांच ने उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया था।

बता दें कि सीएम भगवंत मान ने स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त करने की कार्रवाई भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद की थी। मामले में कहा जाता है कि स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंघला पर ठेके में कमीशन लेने का आरोप था। आरोप के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्री अधिकारियों से ठेके पर एक पर्सेंट कमीशन की माँग कर रहे थे। बता दें कि इस मामले में मान ने दावा किया कि सिंगला ने गलत काम करने की बात स्वीकार कर ली है।

पंजाब में AAP के विधायक जसवंत सिंह

पंजाब में आप के विधायक जसवंत सिंह गज्जनमाजरा भी हाल ही में बैंक कर्ज घोटाले में फँसे हैं। विधायक बनने के बाद एक रुपए वेतन लेने का दावा करने वाले जसवंत सिंह के मालेरकोटला स्थित पैतृक घर सहित तीन स्थानों पर केंद्रीय जाँच एजेंसी (सीबीआई) ने 40 करोड़ रुपए से अधिक के बैंक धोखाधड़ी मामले में छापे मारे थे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सीबीआई ने छापों के दौरान 94 खाली चेक जब्त की थी। इन पर अलग अलग लोगों के दस्तखत थे और आधार कार्ड भी संलग्न थे। सीबीआई प्रवक्ता आरसी जोशी ने बताया था कि अधिकारियों ने 16.57 लाख रुपए की नकदी जब्त की थी। इसके आवा 88 विदेशी मुद्रा के नोट, कुछ संपत्तियों के कागज, कई बैंक खाते और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए थे। बता दें कि सीबीआई ने आप विधायक जसवंत सिंह के खिलाफ बैंक ऑफ इंडिया की लुधियाना शाखा की शिकायत पर मलेरकोटला के गौंसपुरा स्थित तारा कॉरपोरेशन लिमिटेड व अन्य पर मामला दर्ज कर जाँच की शुरुआत की है।

पटियाला ग्रामीण से आप विधायक बलबीर सिंह

वहीं पंजाब की पटियाला ग्रामीण विधानसभा सीट से आप के विधायक डॉक्टर बलबीर सिंह को आपराधिक मामले में हाल ही में तीन साल की सजा सुनाई गई है। बलबीर सिंह के अलावा इसी मामले में उनकी पत्नी, बेटे और एक अन्य को भी तीन साल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा कोर्ट ने सभी दोषियों पर पाँच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टर बलबीर सिंह के खिलाफ 13 जून 2011 को अपनी पत्नी की बहन की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। रुपिंदर कौर और उनके पति मेवा सिंह ने बलबीर सिंह पर मारपीट के आरोप लगाए थे। इस मामले में मेवा सिंह का आरोप था कि बलबीर ने उन पर तब हमला किया जब वो चमकौर साहिब में अपने खेतों में फसल की बुआई कर रहे थे।

वहीं अब अब तीन साल की सजा होने के बाद डॉक्टर बलबीर सिंह पर पंजाब में विधायकी खोने का खतरा भी मंडरा रहा है। नियम के मुताबिक किसी भी जन प्रतिनिधि को आपराधिक मामलों में दो साल या उससे ज्यादा की सजा होती है तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ता है। ऐसे में अगर बलबीर सिंह को सदस्यता गँवानी पड़ती है तो यह भगवंत मान की सरकार के लिए भी झटका होगा।

अमानतुल्लाह खान

दिल्ली के ओखला से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान को भी हाल ही में सरकारी काम में दखल और लोगों को भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालाँकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। लेकिन गिरफ्तार करने के एक दिन बाद ही शुक्रवार (13 मई 2022) को दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें बैड केरेक्टर और आदतन अपराधी घोषित कर दिया है।

बता दें कि जमीनों पर कब्जे और मारपीट के 18 केसों में आरोपित आप विधायक के खिलाफ 28 मार्च को ही जामिया नगर थाने के एसएचओ बंच-A का बैड कैरेक्टर घोषित करने को लेकर प्रस्ताव डीसीपी को भेजा था।

रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने इसे स्वीकार भी कर लिया है। इसी के साथ अब से अमानतुल्लाह खान हिस्ट्रीशीटर अपराधी हो गए हैं। इससे पहले उन्हें गुरुवार को ही सरकारी काम में रुकावट डालने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस की इस कार्रवाई से पहले अमानतुल्लाह खान के ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया गया था। इसमें लिखा गया था कि भाजपा के बुलडोजरतंत्र का विरोध कर रही जनता के खिलाफ दिल्ली पुलिस का एक्शन असंवैधानिक है।

AAP की निगम पार्षद गीता रावत

फरवरी, 2022 के महीने में यह मामला आया था। जब मकान की छत बनाने देने के बदले ₹20000 की रिश्वत ले रही पूर्वी दिल्ली से आम आदमी पार्टी की निगम पार्षद गीता रावत को केंद्रीय जाँच ब्यूरो ने उसके एक सहयोगी के साथ गिरफ्तार किया था। सीबीआई के मुताबिक पूर्वी दिल्ली की वार्ड संख्या दस ई की निगम पार्षद गीता रावत का सहयोगी बिलाल उसके ऑफिस के पास ही मूँगफली बेचने का काम करता था।

सीबीआई के मुताबिक शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को शिकायत की थी कि उसे अपने मकान के ऊपर छत बनवानी थी। इस मामले में आरोप लगाया गया था कि इस छत को डालने देने के बदले निगम पार्षद गीता रावत ने 20000 रुपए की रिश्वत माँगी थी। आरोप यह भी था कि शिकायतकर्ता द्वारा रिश्वत की रकम न दिए जाने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी।

AAP की पूर्व पार्षद निशा सिंह

इसी साल अप्रैल के महीने में गुरुग्राम में आम आदमी पार्टी की एक पूर्व महिला पार्षद निशा सिंह को अदालत ने 7 साल कैद की सजा सुनाई थी। निशा पर 2015 में भीड़ को भड़काने का आरोप है, जिसने पुलिस और अतिक्रमण हटाने गई हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) की टीम पर हमला कर दिया था। इस मामले में निशा सिंह समेत 17 लोगों को सजा सुनाई गई थी।

गुरुग्राम की एक अदालत ने ‘आप’ की एक पूर्व महिला पार्षद सहित 17 लोगों को 2015 में अतिक्रमण हटाने गई एक टीम पर हमला और पथराव करने के लिए अदालत ने सात से 10 साल की कैद की सजा सुनाई थी। इस मामले में कुल 19 लोग आरोपित थे।

गौरतलब है कि 15 मई 2015 की घटना में, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) की टीम पर सेक्टर-47 झिमर बस्ती में हमला करने के अलावा पुलिस टीमों पर पेट्रोल बम और रसोई गैस सिलेंडर भी फेंके गए थे, जिसमें ड्यूटी पर मौजूद एक मजिस्ट्रेट और 15 पुलिस कर्मी घायल हो गए थे।

सोमनाथ भारती

केजरीवाल सरकार के पूर्व मंत्री नेता सोमनाथ भारती की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनके खिलाफ जनवरी 2021 में अमेठी में दर्ज मामले की रिपोर्ट पुलिस ने कोर्ट को भेंजी है, जिसमें पूर्व मंत्री के खिलाफ मानहानि और ठेस पहुँचाने की धारा लगाई गई है। जिसके बाद केस में सुलतानपुर के एमपी-एमएलए कोर्ट के मजिस्ट्रेट ने वारंट जारी किया है। वहीं अब इस केस की अगली सुनवाई 14 जून को होगी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2021 में पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती द्वारा दिया गया बयान अब उनके लिए मुश्किल खड़ा कर सकता है। जिसमें पूर्व मंत्री ने कहा था कि हम यूपी के स्कूलों और अस्पतालों को देख रहे हैं। अस्पताल में जो बच्चे पैदा हो रहे हैं वो कुत्ते के बच्चे हैं। जिसके बाद जगदीशपुर थाना में हरपालपुर के शोभनाथ साहू ने केस दर्ज कराया था।

वहीं पुलिस ने इस केस में धारा 505 /153ए के तहत एफआईआर दर्ज की थी। ये बयान देने के दूसरे दिन ही जब पूर्व मंत्री रायबरेली गए तब उन्हें रायबरेली के गेस्ट हाउस में ही बैठक से निकलने के बाद अमेठी पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था।

बता दें कि यह एकलौता मामला नहीं है। 2013 में आम आदमी पार्टी से दिल्ली के मालवीय नगर सीट से विधायक चुने गए सोमनाथ भारती पर पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं। जहाँ चुनाव जीतने के बाद सोमनाथ को कानून, पर्यटन, प्रशासनिक सुधार जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी मिली थी। वहीं, 2014 में विभिन्न विवादों के चलते भारती को इस्तीफा देना पड़ा था। उसी दौरान उनकी पत्नी ने भी सोमनाथ भारती पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। इसके अलावा एम्स में कर्मचारियों से मारपीट का भी आरोप लगा था। ये मामला अभी भी कोर्ट में लंबित है।

ताहिर हुसैन

दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए हिन्दू विरोधी दंगों के मामले में निचली अदालत ने आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और पाँच अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने और दंगा भड़काने की धाराओं समेत अन्य धाराओं में आरोप तय कर दिए हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दंगे के दो मामलों में मुख्य आरोपित एवं आप के पार्षद रहे ताहिर हुसैन समेत 13 आरोपितों पर दो समुदायों के बीच सांप्रदायिक शत्रुता और अफवाह फैलाने के आरोप को लेकर दायर पूरक आरोपपत्र पर कड़कड़डूमा कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है।

वहीं ताहिर हुसैन समेत अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय करते हुए कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा था कि शुरूआती तौर पर ऐसा लगता है कि ताहिर हुसैन ना सिर्फ दंगा भड़काने की साजिश रचने में शामिल थे बल्कि उसके साथ ही दंगा करवाने में भी उनकी अहम भूमिका रही थी। ताहिर हुसैन ने दूसरे समुदाय के लोगों पर हमला करने के लिए पूरी साजिश रची थी और इसके लिए ताहिर हुसैन के घर पर पत्थरों समेत अन्य हथियारों का इंतजाम किया गया था।

‘भिंडरावाला रखता था हथियार… अकाल तख्त के जत्थेदार भी रखें’ : ब्लू स्टार की बरसी से पहले ‘दल खालसा’ की भड़काऊ बयानबाजी

पंजाब के अमृतसर स्थित ‘श्री अकाल तख्त’ के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह द्वारा सिखों से आधुनिक हथियार रखने की अपील किए जाने के बाद दल खालसा का भी इस मुद्दे पर विवादित बयान आया है। ये बयान कट्टरपंथी संगठन दल खालसा द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया गया जिसमें वह 6 जून को स्वतंत्रता मार्च और श्री अकाल तख्त साहिब पर घल्लूघारा दिवस की बरसी मनाने की माँग कर रहे थे। इस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को खुद हथियार रखने की सलाह दी और कहा कि वह ऐसा करके उदाहरण सेट करें।

अकाल तख्त के ‘जत्थेदार’ हथियार लेकर सेट करें उदाहरण: दल खालसा

कट्टरपंथी संगठन दल खालसा के प्रवक्ता कवर पाल सिंह बिट्टू ने कहा कि ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने हर सिख को लाइसेंसी हथियार ऱखने की सलाह दी थी। 6 जून को घल्लूघारा दिवस के मौके पर उन्हें भी श्री अकाल तख्त साहिब पर  हथियार के साथ पहुँचना चाहिए। बिट्टू ने कहा कि श्री हरमिंदर साहिब में हथियार लेकर जाने पर कोई मनाही नहीं हैं। सिर्फ गुरुघर की ओर हथियार नहीं जा सकता।

अपनी बात रखते हुए बिट्टू ने खालिस्तानी आतंकी भिंडरावाला का उदाहरण दिया। बिट्टू ने कहा, “भिंडरावाले खुद भी हथियार को अपने पास रखते थे और श्री अकाल तख्त साहिब पर वह अपने साथ हथियार ही लेकर जाते थे।” दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार दल खालसा के प्रवक्ता ने कहा 6 जून को स्वर्ण मंदिर में खालिस्तान के लगने वाले नारे और लहराई जाने वाली तलवारें सिर्फ लोगों के जज्बात होते हैं। वहाँ वही जाता है जिसे अमृतसर से प्रेम हो।

घल्लूघारा दिवस

बता दें कि हर साल 6 जून को ब्लू स्टार की बरसी के मद्देनजर घल्लूघारा दिवस पंजाब में मनाया जाता है। इस बार इस दिवस के मद्देनजर पंजाब पुलिस ने कई जगहों पर सुरक्षा को बढ़ा दिया है। लगातार भड़काऊ बयानबाजी और धार्मिक स्थलों को उड़ाने की धमकियों के बीच पुलिस पूरी तरह अलर्ट हैं। लेकिन इसी बीच दल खालसा का ये विवादित बयान सामने आया है। 

अकाल तख्त के जत्थेदार ने हथियार रखने के लिए की थी अपील

इससे पहले पंजाब के अमृतसर स्थित ‘श्री अकाल तख़्त’ का जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने सिखों से आधुनिक हथियार रखने की अपील की थी, जिसे सुन मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उनके बयान पर आपत्ति जताई है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा था कि हर सिख आधुनिक हथियार का लाइसेंस रखने की कोशिश करे। उन्होंने मीरी-पीरी के संस्थापक गुरु हरगोबिंद साहिब के गुरुता गद्दी दिवस पर संगत के नाम जारी संदेश में इस तरह की अपील करके दावा किया था कि गुरु हरगोविंद ने चार युद्ध लड़े और चारों में ही उन्होंने जीत दर्ज की। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब सिख बाणी पढ़ कर बलवान बनें और हर सिख शस्त्रधारी भी बने।

कर्नाटक के ‘मिनी तिरुपति’ मंदिर की मूर्तियों को रॉड मार कर किया गया खंडित, इलाके में तनाव के बाद उपद्रवियों पर FIR दर्ज

कर्नाटक (Karnataka) के हासन जिले में अरासिकेरे (Arasikere) में सोमवार (30 मई 2022) को एक मंदिर में मूर्तियों को तोड़ने वाले अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। ये मूर्तियाँ निर्माणाधीन प्रक्रिया में थीं, जिन्हें प्रदर्शनी के लिए बनाया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार, यह घटना मालेकल्लू तिरुपति हिल (Malekallu Tirupathi Hill) के प्रदर्शनी केंद्र में हुई। इसके बाद से यहाँ तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। हालाँकि, मूर्तियों को किन लोगों ने तोड़ा, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन पुलिस के हाथ इस मामले में कई अहम सुराग लगे हैं।

पुलिस का कहना है कि हमने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उनके मुताबिक कम से कम चार बदमाशों ने मिलकर मंदिर में मूर्तियों को तोड़ दिया, जिनकी कुछ दिनों में स्थापना की जानी थी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, 300 साल पुराने इस पवित्र स्थान को ‘मिनी तिरुपति’ मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर एक पहाड़ी के ऊपर अरासिकेरे शहर से दो किमी दूर स्थित है। यहाँ रहने वाले लोग इस मंदिर में भगवान की पूजा अर्चना करने लिए जाते हैं।

पुलिस ने यह भी बताया कि सोमवार को मंदिर परिसर में आए बदमाशों ने पहले कल्याणी (मंदिर का पवित्र जल निकाय) में स्नान किया। उसके बाद उन्होंने आपत्ति के बावजूद वहाँ धूम्रपान किया और परिसर में काम कर रहे मजदूरों को धमकाकर भगा दिया। बाद में, वे प्रदर्शनी केंद्र (Exhibition Centre) गए और उन मूर्तियों को तोड़ दिया। बदमाशों ने मूर्तियों को तोड़ने के लिए रॉड और अन्य ​हथियारों का इस्तेमाल किया था।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हासन जिले के एसपी आर श्रीनिवास गौड़ा (पुलिस अधीक्षक) और जिले के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे। डॉग स्क्वायड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट ने बदमाशों के खिलाफ सबूत जुटाए हैं। पुलिस का कहना है कि हम इस मामले में गहनता से जाँच कर रहे हैं।

पाद बेच-बेच कर थकी हिरोइन, अब बूब्स का पसीना बेच रही: हर महीने कमाती हैं करोड़ों, 1 दिन की कमाई ₹4 लाख

अपनी पाद को डिब्बे में बंद करके लाखों-करोड़ों कमाने वाली अभिनेत्री ने नया बिजनेस शुरू किया है। स्टेफनी माटो नाम की विदेशी एक्ट्रेस ने हाल में खुलासा किया कि अब वो अपने बूब्स का पसीना जार या बोतल में भरके व्यापार करती हैं और इस तरह वो एक माह में 5000 डॉलर यानी ₹3,88,250 कमाती हैं। उनकी एक दिन की इनकम को यदि महीने के 30-31 दिन के हिसाब से जोड़ें तो ये कमाई लगभग ₹11647500 से ज्यादा बनेगी।

जानकारी के लिए बता दें कि 3-4 माह पहले तक स्टेफनी पाद का बिजनेस करती थी और उससे करोड़ों कमाती थीं। 31 साल की अभिनेत्री को अपना ये अजीबोगरीब बिजनेस हार्ट अटैक के डर से छोड़ना पड़ा। उनकी हालत इतनी बिगड़ गई थी कि उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। हालाँकि अब वह जैम प्रेस को दिए अपने इंटरव्यू में बताती हैं, “गर्मी आ रही हैं और मेरे बूब्स पसीने में भीगते हैं, तो क्यों न इन्हें बोतल में भरकर बेचा जाए।”

माटो बताती हैं कि उन्हें एक बोतल में अपने बूब्स से पसीना निकालकर भरने में 15 मिनट लगते हैं। अगर मौसम ज्यादा गर्म हो तो वो एक दिन अपने पसीने की 10 बोतने भी भर देती हैं और अपने एक्स रेटेड अनफिल्टर्ड साइट से 500 डॉलर के करीब में बेचती हैं। माटो इस काम को मेहनत का काम बताती हैं और कहती हैं- ‘मेरे पास अच्छे बूब्स  हैं। फैन्स इन्हें सूँघकर और चाटकर और करीब आ सकते हैं।”

माटो की मानें तो इस बिजनेस को चलाने के लिए वो अपने आपको हमेशा हाइड्रेट रखती हैं ताकि वो पर्याप्त मात्रा में अपने ग्राहकों के लिए पसीना निकाल सकें। माटो के अनुसार वह खुद को मेपल का पेड़ मानती हैं और अपने बूब्स के पसीने को उसका रस। इसीलिए वह पसीने को ऐसे इकट्ठा करती हैं जैसे पेड़ करता है। माटो को ये भी मालूम है कि पसीना इकट्ठा करने के लिए हमेशा धूप में पूल के पास बैठा रहना उनके लिए खतरनाक हो सकता है लेकिन उनके मुताबिक वो खुद को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त सावधानियाँ बरतती हैं।

बता दें कि माटो ने अपने नए बिजनेस की सूचना टिकटॉक और इंस्टाग्राम पेज के जरिए दी थी। इसके बाद यूजर्स का मिक्सड रिएक्शन देखने को मिला। कुछ यूजर्स इसे सुनकर घिन्नाए और कुछ ने कहा कि वो हैरान कि ये लड़की अपने शरीर के अंग नहीं बेच रही।

क्यों बंद किया पाद का कारोबार?

गौरतलब है कि स्टेफनी ने अपने पिछले बिजनेस को अलविदा कहने से पहले जानकारी दी थी कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी और हर बार जब वो सांस लेने की कोशिश करती थीं तो दिल के पास ऐसा महसूस होता था जैसे किसी ने चुटकी काटी हो। इसके अलावा घबराहट होना, परेशानी होना भी सामान्य हो गया था। बाद में उन्होंने एक दिन अपने दोस्त को बुलाया और अस्पताल की ओर दौड़ीं। उन्हें लग रहा था कि उन्हें दिल का दौरा आने वाला है। अस्पताल में जाकर उन्होंने डॉक्टर से अपना चेकअप कराया। लेकिन अपने अजीबोगरीब करियर के बारे में नहीं बताया। वहाँ पता चला कि उन्हें शरीर में जो असहजता लग रही थी वो कोई स्ट्रोक या हार्ट अटैक नहीं था बल्कि गैस का दर्द था। डॉक्टर ने एक्ट्रेस को उनका डाइट प्लान बदलने की सलाह दी जिसके बाद उन्होंने अपने बिजनेस पर ताला लगा दिया।

जाकिर ने जॉनी का रूप धारण करके नाबालिग हिंदू लड़की से किया रेप, धर्मांतरण का दबाव भी बनाया: शिकायत के बाद UP पुलिस ने धरा

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से जबरन धर्मांतरण (Religious Conversion) और दुष्कर्म का मामला सामने आया है। जाकिर नाम के युवक पर आरोप है कि उसने जॉनी बनकर 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा को पहले अपने प्रेमजाल में फँसाया, फिर उसे एक होटल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। मामला प्रकाश में आते ही पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

इस मामले में हापुड़ के एडिशनल एसपी सर्वेश कुमार मिश्रा का कहना है कि थाना हापुड़ नगर में पीड़िता के पिता द्वारा दुष्कर्म की शिकायत दर्ज की है। उसके आधार पर सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपित को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं पीड़िता का मेडिकल टेस्ट कराया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला नगर कोतवाली क्षेत्र का है। बच्ची के परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी की सहेली किसी जाकिर नाम के युवक से बात करती थी और उससे मिलने जाया करती थी। आठ माह पहले अच्छेजा गाँव के रहने वाला जाकिर धर्म छिपाकर उनकी बेटी से बात करने लगा और उसे झूठे प्रेम में फँसा लिया।

आरोप है कि आरोपित कुछ दिन पहले उनकी बेटी को एक होटल में ले गया, जहाँ उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। बेहोशी की हालत में जाकिर ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और उसका वीडियो बना लिया। इसके बाद वह उसे ब्लैकमेल कर पिछले आठ महीने से उसके साथ दुष्कर्म कर रहा है। यही नहीं किशोरी को अपने जाल में फँसाने के लिए आरोपित ने हिंदू धर्म को बदनाम किया। उसने हाथ में कलावा बाँधकर तिलक भी लगाया, ताकि 13 साल की लड़की उसे हिंदू समझकर उसके करीब आ जाए।

इतना ही नहीं जाकिर ने अपनी पहचान उजागर होने के बाद छात्रा पर धर्म परिवर्तन करने का भी दबाव बनाया। पीड़िता ने जब अपनी आपबीती अपने परिजनों को बताई तो उन्होंने बिना देर किए जाकिर के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सोमवीर सिंह ने बताया कि आरोपित जाकिर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया है।

‘कितने दिन में बनाई?’: जब माँ की पेंटिंग देख रुक गई PM मोदी की गाड़ी… सिर पर हाथ रख हिमाचल की बेटी को दिया आशीर्वाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने केंद्र सरकार के 8 वर्ष पूरे होने पर मंगलवार (31 मई, 2022) को हिमाचल प्रदेश के शिमला में एक कार्यक्रम में शिरकत की। शिमला से लौटते हुए पीएम ने अचानक अपनी कार रोकी और एक बेटी से बात करने लगे। इनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि पीएम के हाथों में उनकी माँ हीराबेन की पेंटिंग है। यह पेंटिंग उसी लड़की ने बनाई है।

एक यूजर ने ट्विटर पर लिखा, “अद्भुत,अविस्मरणीय, स्वर्णिम पल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने शिमला में अपनी कार को रोककर एक बेटी द्वारा बनाई गई उनकी माताजी हीराबेन की पेंटिंग को सहस भाव से स्वीकार किया। ये है मोदी जी की सादगी और सरलता।”

दरअसल, रिज मैदान पर कार्यक्रम समाप्त होने के बाद पीएम जब मॉल रोड से अपनी कार में लौट रहे थे, तभी वह युवती उन्हें उनकी माँ की पेंटिंग लिए हुए खड़ी दिखाई। इस पर पीएम मोदी ने अपनी कार रोक ली और उसके पास पहुँच गए। पीएम ने लड़की से उसका नाम पूछा और साथ कहा कि आपने कितने दिन में यह पेंटिंग बनाई है। पीएम के सवाल का जवाब देते हुए लड़की ने कहा, “मेरा नाम अनु है। मैं शिमला की रहने वाली हूँ। मैंने एक दिन में इस पेंटिंग को बनाया है। इस दौरान युवती ने पीएम मोदी के पैर भी छुए। वहीं पीएम ने भी लड़की को आशीर्वाद दिया और वहाँ से चले गए।

बता दें कि अपनी सरकार के 8 वर्ष पूरे होने पर अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में रोड शो किया और कई विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ-साथ एक विशाल जनसभा को भी सम्बोधित किया। उन्होंने इस दौरान ‘किसान सम्मान निधि’ की 11वीं किश्त भी जारी की।

पीएम ने इसके बाद कहा कि उन्हें शिमला की धरती से देश के 10 करोड़ से भी ज्यादा किसानों के खाते में पैसे पहुँचाने का सौभाग्य मिला है। आज उनके जीवन में एक विशेष दिवस भी है, इस विशेष दिवस पर देवभूमि को प्रणाम करने का मौका मिले, इससे बड़ा सौभाग्य क्या हो सकता है। उन्होंने इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने आने के लिए जनता का आभार व्यक्त किया।

सीसीटीवी फुटेज में नाश्ता करते दिखे 7 संदिग्ध, एनकाउंटर के डर से कोर्ट पहुँचा लॉरेंस बिश्नोई: ट्रैक्टर पर निकली सिद्धू मूसेवाला की अंतिम यात्रा

फेमस पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के गाँव मूसेवाला में दुख का माहौल है। सिद्धू मूसेवाला का अंतिम संस्कार गाँव के श्मशान घाट के बजाए उनकी अपनी जमीन पर किया गया। अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर को उसी ट्रैक्टर पर ले जाया जाया गया है जिस पर वो अपने गानों में अक्सर टशन दिखाया करते थे। वहीं फैंस के ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं जहाँ लोगों ने बोला कि दो-दो दिनों से उनके घर खाना नहीं बना है।

सिद्धू मूसेवाला की मौत से हर कोई गमजदा है। लोगों में गुस्सा भी है। वहीं यह भी खबर आ रही है कि मूसेवाला के पालतू कुत्तों ने भी दो दिनों से खाना नहीं खाया है। कहा जा रहा है कि मूसेवाला खुद उन्हें सुबह और शाम में खाना खिलाया करते थे। ऐसे में उनके आने की उम्मीद में वो भी भूखे हैं।

जहाँ अंतिम संस्कार से पहले लाखों की भीड़ उन्हें आखिरी विदाई देने सड़कों पर उतर आई है। वहीं उनके पिता का एक वीडियो भी सामने आया है। जहाँ रो-रो कर बेहाल हो चुके पिता, अपने बेटे के शव के पास बैठे हैं और अंतिम समय में अपने बेटे की मूछों को ताव दे रहे हैं।

CCTV फुटेज में नजर आए संदिग्ध

पंजाब के मनसा जिले में 29 मई को दिन दहाड़े सिद्धू मूस वाला की हत्या में उनकी कथित संलिप्तता के लिए कुछ नाम सामने आए हैं। शीर्ष खुफिया सूत्रों हवाले से मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि, ये लोग या तो शामिल थे या उनके पास मूसेवाला को मारने की साजिश के बारे में पता था।

खुफिया सूत्रों के अनुसार हिसार (हरियाणा) का एक भोला, नारनौद (हरियाणा) का सतेंदर काला, सोनू काजल और बिट्टू, अजय गिल, अमित काजला, गोल्डी बराड़, लॉरेंस बिश्नोई, सचिन (पंजाबी गायक मनकीरत औलाक के प्रबंधक) और जग्गू भगवानपुरिया हैं।

पंजाब पुलिस द्वारा मनसा के भीखी रोड स्थित मनसुख ढाबा से जारी सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, सात संदिग्धों को हत्या से कुछ घंटे पहले 29 मई की सुबह एक साथ नाश्ता करते देखा जा सकता है। इनमें से दो की पहचान कुसा के मनप्रीत सिंह मन्नू और पंजाब के एक छोटे से गाँव जौरा के जगरूप सिंह रूपा के रूप में हुई है।

गोल्डी बरार को छोड़कर ज्यादातर संदिग्ध पंजाब और हरियाणा के हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कथित तौर पर इस अपराध की जिम्मेदारी ली थी। बरार ने यह भी कहा कि विक्की मिधुखेड़ा और गुरलाल बराड़ की मौत का बदला लेने के लिए वह और लॉरेंस बिश्नोई समूह ने हत्या की योजना बनाई। यहाँ तक कि सोशल मीडिया पोस्ट में वो जिम्मेदारी लेते भी नजर आए।

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को सता रहा एनकाउंटर का डर

वहीं पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को अब मौत का डर सता रहा है। बिश्नोई ने अपनी सुरक्षा पुख्ता करने और उसे दिल्ली की तिहाड़ जेल से बाहर नहीं भेजने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। हालाँकि, सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई से मना कर दिया था। इसके बाद आज लॉरेंस बिश्नोई के वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है।

याचिका में तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में पंजाब पुलिस को उसकी कस्टडी नहीं देने का निर्देश देने की माँग की है। लॉरेंस को डर है कि पंजाब पुलिस उसे फर्जी मुठभेड़ में मार सकती है।

गौरतलब है कि पंजाब पुलिस ने रविवार को कहा था कि गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या गिरोहों के बीच आपसी रंजिश का परिणाम है और इसमें लॉरेंस बिश्नोई गिरोह लिप्त है। बता दें कि मूसेवाला की रविवार (29 मई, 2022) को पंजाब के मानसा जिले में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उससे एक दिन पहले राज्य की भगवंत मान सरकार ने उसकी सुरक्षा कम कर दी थी।

केदारनाथ की साफ़-सफाई में जुटे पर्यटक, NGO और सरकारी एजेंसियाँ भी सक्रिय: PM मोदी की अपील का असर, स्वच्छता अभियान चालू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की अपील के बाद तीर्थयात्रियों, सरकारी और गैर-सरकारी एजेंसियों ने मंगलवार (31 मई, 2022) को केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) के पास स्वच्छता अभियान चलाया। पीएम मोदी ने इसको लेकर श्रद्धालुओं का आभार जताया है। उन्होंने ट्वीट किया कि श्रद्धालुओं की यह भावना तीर्थस्थलों की स्वच्छता के लिए हर किसी को प्रेरित करने वाली है। दरअसल, उत्तराखंड में चार-धाम यात्रा के दौरान कुछ तीर्थयात्रियों द्वारा फैलाई गई गंदगी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार (29 मई, 2022) को लोगों से तीर्थ स्थलों की गरिमा बनाए रखने की अपील की थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पर्यटकों ने गौरीकुंड, सोनप्रयाग और केदारनाथ के रास्ते में स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। सोनप्रयाग केदारनाथ के रास्ते में रुद्रप्रयाग और गौरीकुंड के बीच स्थित है। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के मुताबिक, प्रशासन कचरा प्रबंधन की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। नतीजतन केदारनाथ और आसपास के इलाकों में फैला कचरा अब साफ हो रहा है। मंगलवार की सुबह जिले के पर्यावरण संरक्षण पर काम करने वाली संस्था सुलभ इंटरनेशनल के प्रशासन और कर्मचारियों ने केदारनाथ क्षेत्र से टन कचरा एकत्र किया।

वहीं, गढ़वाल विश्वविद्यालय के पर्यटन विभाग के एक अधिकारी डॉ. सर्वेश उनियाल ने कहा, “इन दिनों, हम तीर्थ स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ देख रहे हैं। इसके बाद, पर्यावरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा प्रभावित होता है। लोग कूड़ा और प्लास्टिक को लापरवाही से इधर-उधर फेंक देते हैं।”

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 मई को ‘मन की बात कार्यक्रम‘ में कई सामाजिक मुद्दों पर बात की थी। इस दौरान उन्होंने चारधाम यात्रा का भी जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि केदारनाथ यात्रा में फैलाई जा रही गंदगी से बहुत दुखी हूँ। पीएम मोदी ने आने वाले तीर्थयात्रियों से अपील की थी कि हमें तीर्थ स्थलों की गरिमा को बनाए रखने की जरूरत है। चारधाम में हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं, लेकिन कुछ यात्रियों द्वारा केदारनाथ में गंदगी फैलाई जा रही है।

‘अभी सब मारे जाएँगे’ : कुलगाम में टीचर की निर्मम हत्या पर फारूक अब्दुल्ला का संवेदनहीन बयान, कश्मीरी हिंदुओं ने किया विरोध प्रदर्शन

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में स्कूल टीचर की दिन दहाड़े हत्या किए जाने के बाद प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला का इस मामले में विवादित बयान आया है। उन्होंने रजनी बाला नामक कश्मीरी हिंदू टीचर की हत्या पर कोई दुख प्रकट करने बजाय कहा है कि अभी सब मारे जाएँगे।

फारूक अब्दुल्ला के विवादित बयान की वीडियो सोशल मीडिया पर हर जगह पर वायरल है। वीडियो में वह मीडिया के बीच से गुजरते हुए आगे बढ़ रहे हैं। पत्रकार उनसे पूछते हैं कि कुलगाम में एक लेडी टीचर को गोली मारी गई है इस पर वह क्या कहेंगे। ये सुन कर फारूक अब्दुल्ला कहते हैं- ‘अभी मारे जाएँगे सब।’

इस वीडियो को देखने के बाद सामान्य जन में फारूक अब्दुल्ला के प्रति गुस्सा है। वहीं कश्मीरी हिंदू की हत्या से आहत लोगों ने श्रीनगर में प्रदर्शन शुरू कर दिया है। श्रीनगर की सड़के जाम करके इंसाफ की गुहार लगाई जा रही है। पिछले दिनों आतंकियों द्वारा शिकार बनाए गए राहुल भट के पिता ने इन हत्याओं को टार्गेट किलिंग बताया है। सड़क पर जोर-जोर से नारेबाजी करके हिंदू सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग कर रहे हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में इस्लामी आतंकियों ने हाई स्कूल गोपालपोरा की शिक्षिका रजनी को आज गोलियों से छलनी किया। वह कुलगाम जिल में 2010 से काम कर रही थीं और उनकी परिवार सांभा जिले में रहता था। घटना के बाद घायल रजनी बाला को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। उनकी हत्या की खबर सुनने के बाद उनके परिजनों के आँसू नहीं रुक रहे और दूसरी ओर कश्मीरी हिंदुओं पर फारुक अब्दुल्ला का ऐसा बयान आया है। अब्दुल्ला ने इससे पहले भी द कश्मीर फाइल्स को लेकर कहा था कि ये फिल्म बैन होनी चाहिए वरना हत्याएँ होती रहेंगी।

राहुल भट की हत्या

उल्लेखनीय है कि इससे पहले कश्मीर के ही बडगाम में दो-तीन हफ्ते पहले 12 मई 2022 को लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकियों ने एक सरकारी कार्यालय में घुस कर 35 वर्षीय राहुल भट की गोली मारकर हत्या कर दी थी। राहुल भट प्रवासी कश्मीरी हिंदुओं के रोजगार के लिए दिए गए विशेष पैकेज के लिए काम कर रहे थे। जिस समय दोनों आतंकियों ने कार्यालय में घुसकर भट की हत्या की थी, उस समय शाम के लगभग साढ़े चार बज रहे थे और तहसील कार्यालय कर्मचारियों से भरा हुआ था। आतंकी दुस्साहस दिखाते हुए भरी ऑफिस में घुस गए और राहुल भट को सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी।