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हिंदू युवक से शादी करने के लिए ‘शाहजीन’ बन गई ‘आरोही’, सुरक्षा माँगते हुए बोली- ‘मेरे घरवाले कट्टरपंथी हैं, हिंदुओं से नफरत करते हैं’

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक मुस्लिम लड़की ने हिन्दू धर्म स्वीकार किया है। लड़की का नाम पहले नाम लुबना शाहजीन था जो अब आरोही बन गई है। आरोही ने हिन्दू युवक बॉबी कश्यप से शादी कर के अपने परिवार से खतरा बता कर बरेली प्रशासन से सुरक्षा माँगी है। आरोही बनी शाहजीन ने अपने परिजनों को कट्टरपंथी बताया है। दोनों की शादी 21-22 मई की रात में सम्पन्न हुई है।

बरेली जिले के सिटी मजिस्ट्रेट को 21 मई 2022 (शनिवार) को भेजे गए एक पत्र में आरोही ने बताया, “मैं बालिग़ हूँ और हिन्दू युवक बॉबी कश्यप से प्यार करती हूँ। हम दोनों शादी करना चाहते हैं। इसका अधिकार हमें संविधान भी देता है। मैं मुस्लिम समुदाय से हूँ। मेरे घर वाले और रिश्तेदार धर्मांध और कट्टरपंथी विचारधारा के हैं। वो हिन्दू धर्म से बेहद नफरत करते हैं। मेरी हिन्दू धर्म में अटूट आस्था है। मैं सनानत को मानती हूँ और आचार्य पंडित के के शंखधर को अपना गुरु मानती हूँ। हमें प्रशासन सुरक्षा दे और हमारी शादी को बिना किसी रोकटोक के सम्पन्न करवाए।”

प्रशासन से सुरक्षा की माँग

लुवना शाहजीन के अब्बा का नाम ताहिर अली है। वो बरेली के कोतवाली क्षेत्र स्थित लाल मस्जिद के पास रहती हैं। उनका पति बॉबी कश्यप भी उसी मोहल्ले में शाहजीन के घर के आस ही रहता है। दोनों ने एक दूसरे से बचपन से जान-पहचान बताया है। लुवना शाहजीन ने प्रशासन से अपनी सुरक्षा की माँग का वीडियो भी जारी किया है।

शादी से पूर्व दिए गए शपथ पत्र में शाहजीन ने लिखा, “मैं बालिग हूँ और अपना भला-बुरा अच्छे से जानती हूँ। हिन्दू धर्म की मान्यता के मुताबिक विवाह से पहले मेरा शुद्धिकरण आवश्यक है। मेरे ऊपर किसी का कोई दबाव नहीं है। मैंने जो कहा वो सब सही कहा।”

संदिग्ध लोग कर रहे पुजारी का पीछा

ऑपइंडिया ने इस शाहजीन और बॉबी कश्यप की शादी करवाने वाले अगत्स्य मुनि आश्रम बरेली के महंत पुजारी पंडित के के शंखधर से बात की। उन्होंने बताया, “कुछ संदिग्ध लोग मेरा बाईक से पीछा कर रहे हैं। या तो वो लड़की की लोकेशन जानने का प्रयास कर रहे होंगे या वो मेरे खिलाफ कोई साजिश रच रहे होंगे। मैंने अपनी सुरक्षा की गुहार मुख्यमंत्री से लगाई तो स्थानीय प्रशासन ने उसे अनदेखा कर दिया। लड़की शाहजीन और उसके पति की सुरक्षा के लिए हम हाईकोर्ट जाएँगे। लड़की ने ये भी बताया है कि उसके घर वालों ने बाथरूम में एक थैले में गोला-बारूद भर के रखा हुआ है। मेरे आश्रम में शाहजीन बुर्के में आई लेकिन यहाँ उसने बुर्का उतार कर फेंकते हुए कहा कि वो इस से मुक्ति पाना चाहती है। लड़की को हिंदू संगठनों ने शादी के बाद आशीर्वाद भी दिया।”

ASI करेगी कुतुब मीनार परिसर में खुदाई, मूर्तियों की भी होगी जाँच: संस्कृति मंत्रालय ने कहा – ऐसा कोई भी निर्णय नहीं लिया गया

दिल्ली स्थित कुतुब मीनार (Qutub Minar) को लेकर दशकों से चली आ रही सच्चाई का पता लगाने की माँग अब मान ली गई है। कुतुब मीनार के इतिहास का पता लगाने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने परिसर की खुदाई और वहाँ स्थित मूर्तियों की Iconography कराने का निर्णय लिया है। इसको लेकर अधिकारियों ने परिसर का दौरा किया। खुदाई के बाद इसकी रिपोर्ट संस्कृति मंत्रालय (Culture Ministry) को सौंपी जाएगी।

ASI के अधिकारियों का कहना है कि कुतुब मीनार में साल 1991 के बाद से खुदाई नहीं हुई है। इसके अलावा कई रिसर्च भी पेंडिंग हैं, जिसकी वजह से यह फैसला लिया गया है। कुतुब मीनार के अलावा अनंगताल और लाल कोट किले में भी खुदाई होगी। माना जा रहा है कि कुतुब मीनार के दक्षिण में स्थित और मस्जिद से 15 मीटर दूर खुदाई का काम किया जा सकता है।

खुदाई के निर्णय से पहले संस्कृति मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन ने 12 लोगों की टीम के साथ परिसर का दौरा कर निरीक्षण किया। इस टीम में ASI के चार अधिकारी, 3 इतिहासकार और शोधार्थी शामिल थे। सचिव द्वारा निरीक्षण करने के बाद खुदाई का फैसला लिया गया है।

कुतुब मीनार परिसर में स्थित विवादित कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद पर लगीं हिंदू मूर्तियों के बारे में पर्यटकों को जानकारी देने के लिए नोटिस बोर्ड लगाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि इस जगह पर पहले क्या था और उसका प्रयोग किस काम के लिए होता था।

ऊपर के 4 पैराग्राफ इंडियाटूडे ग्रुप की खबर के अनुसार है। लेकिन सच्चाई इस मीडिया रिपोर्ट से परे है। इस रिपोर्ट को लेकर संस्कृति मंत्रालय तक को सफाई देनी पड़ गई।

केंद्रीय संस्कृति मंत्री जीके रेड्डी ने इस मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि ऐसा कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है।

कुतुब मीनार और विवाद

इस मस्जिद के परिसर में एक लौह स्तंभ है, जो चौथी शताब्दी का है और इसे विष्णु स्तंभ कहा जाता है। लोहे के इस स्तंभ पर आज तक जंग नहीं लगा। इसको लेकर वैज्ञानिक आज भी चकित हैं। इस स्तंभ को लेकर मान्यता है कि यदि इसे बाँहों में भर कुछ माँगी जाए, तो वह मनोकामना पूर्ण हो जाती है। हालाँकि, अब यहाँ तक पहुँचने की इजाजत नहीं है।

कुतुब मीनार को लेकर ASI के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक धर्मवीर शर्मा के कहा था कि कुतुब मीनार सूर्य स्तंभ नामक एक वेधशाला है। शर्मा ने बताया कि इसे इस्लामी आक्रांता कुतुबद्दीन ऐबक ने नहीं, बल्कि उसके आने से 700 साल पहले सम्राट चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने बनवाया था। इसे विष्णुपद पहाड़ी पर बनाया गया है और इसलिए झुकाया गया है कि सूर्य का अध्ययन किया जा सके।

शर्मा ने दावा किया था कि कुतुब मीनार को लेकर अभी शोध जारी है और इसके पूरा होने पर चौंकाने वाले नतीजे आएँगे। उनका कहना है कि यह पूरा परिसर एक हिंदू आर्किटेक्चर है और इसमें से एक भी चीज इस्लामिक नहीं है। इस्लामिक शासकों ने पत्थरों को रीयूज करके महिमामंडन के लिए अपना नाम चिपका दिया।

बता दें कि हाल ही में कुतुब मीनार परिसर (Qutub Minar complex) में कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद के रूप में जाने जाने वाले विवादित ढाँचे के एक खंभे में एक प्राचीन मूर्ति की पहचान हुई है। इसे वर्षों से पहचानने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन अब पुरातत्वविद धर्मवीर शर्मा ने इसकी पहचान नरसिंह भगवान और भक्त प्रह्लाद की मूर्ति के रूप में की है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के क्षेत्रीय निदेशक रहे धर्मवीर शर्मा (Dharamveer Sharma) का दावा है कि यह मूर्ति आठवीं-नौवीं सदी में प्रतिहार राजाओं के काल की है। सालों से इसकी पहचान करने की कोशिश की जा रही थी और काफी प्रयास के बाद अब पुरातत्वविद ने इस मूर्ति की पहचान कर ली है।

कहा जा रहा है कि यह मूर्ति 1200 साल पुरानी है और यह प्रतिहार राजाओं या राजा अनंगपाल के समय की है। प्रतिहार राजाओं में मिहिर भोज सबसे प्रतापी राजा हुए हैं। इस मूर्ति की तस्वीरें देश भर के विशेषज्ञ पुरातत्वविदों को विशेष अध्ययन के लिए भेजी गई हैं। उनका कहना है कि यह नरसिंह भगवान की दुर्लभ मूर्ति है, किसी और जगह इस तरह की मूर्ति नहीं मिलती है।

नोट: केंद्रीय संस्कृति मंत्री जीके रेड्डी के बयान के बाद इस खबर को अपडेट किया गया है। पहले यह इंडियाटूडे ग्रुप की खबर के अनुसार लिखी गई थी।

शराबी शफीकुल की मौत… 2000 हमलावरों ने थाने में लगाई आग, 2 पुलिसकर्मी घायल: असम पुलिस ने थाने में मृत्यु वाली बात नकारी

असम में भीड़ ने एक थाने में आग लगा दी। इस दौरान 2 पुलिसकर्मी भी घायल हुए। शफीकुल इस्लाम नाम के व्यक्ति की मौत थाने में हुई, भीड़ को यह शक था। यह घटना नौगाँव जिले के थाना बटाद्रवा की है। हमले के दौरान लगभग 2000 हमलावरों की भीड़ का अनुमान लगाया जा रहा है, जिसमें महिलाएँ भी शामिल थीं। घटना शनिवार (21 मई 2022) की है। अब तक 3 हमलावरों को हिरासत में भी लिया गया है।

घटना की जानकारी देते हुए असम पुलिस के DGP ने बताया, “20 मई 2022 को रात लगभग 9.30 पर पुलिस को सार्वजानिक सड़क पर एक व्यक्ति के शराब पी कर लेटे होने की सूचना मिली। इसी सूचना पर 39 साल के शफीकुल इस्लाम को बटाद्रवा थाने लाया गया था। उसे मेडिकल चेकअप के लिए भेजा गया। अगले दिन उसे उसकी पत्नी को सौंप कर छोड़ दिया गया। शफीकुल की पत्नी ने उसे खाना और पानी दिया। बाद में शफीकुल ने अपनी तबियत खराब होना बताया, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। दुर्भाग्य से वहाँ उसकी मौत हो गई।”

DGP ने आगे बताया, “हमने इस मौत को गंभीरता से लिया और थाने के OC को सस्पेंड कर दिया। थाने के अन्य स्टाफ पर भी कार्रवाई की गई है। अगर पुलिस की तरफ से कोई गलती हुई होगी तो उसकी जाँच करवा के दोषियों को सजा दी जाएगी।”

इसके बाद DGP ने बताया कि अगले दिन कुछ असामाजिक तत्वों ने कानून को अपने हाथों में लिया और थाने को जला दिया। उनके अनुसार इन असामाजिक तत्वों में युवा, महिला, पुरुष और वृद्ध भी शामिल थे। इनके द्वारा पुलिस पर सामूहिक हमला किया गया।

असम पुलिस के अनुसार थानों के हमलावरों को चिन्हित कर लिया गया है। पुलिस को पता चला है कि वो अपराधी तत्व थे, जिनके साथ मृतक के रिश्तेदार भी थाने पर हुए हमले में शामिल थे। हमले के बाद थाने में रखे रिकॉर्ड और अन्य जरूरी चीजें जल गई हैं।

DGP ने आगे कहा, “असम के शांतिप्रिय लोगों से हमारा वादा है कि हम न सिर्फ दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे बल्कि इसी के साथ उन असामाजिक तत्वों पर भी एक्शन लेंगे, जो सोचते हैं कि भारत का न्यायतंत्र थानों को जला कर चलेगा। इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अपराधियों को इसे हमारी पहली और अंतिम चेतावनी समझा जाए।”

वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक शफीकुल के परिजनों ने पुलिस पर रिश्वत माँगने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “शफीफुल मछली बेचने निकला था। बाद में पुलिस ने उसे पकड़ लिया। हमसे शफीकुल को छोड़ने की एवज में 10000 रुपए, एक बत्तख और चिकन की माँग की गई थी।” मृतक ढिंग थानाक्षेत्र के सलनबारी इलाके का रहने वाला था।

थाने पर हुए हमले के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में एक महिला थाने में आग लगाती दिखाई दे रही है। ट्वीट करने वाले @hgenocidewatch हैंडल ने महिला के मुस्लिम समुदाय से होने का दावा किया है।

वहीं एक अन्य वीडियो में थाने में घुसी भीड़ पुलिसकर्मियों को बुरी तरह से पीटती दिखाई दे रही है।

सलमान खान की अपकमिंग फिल्म से बाहर हुए जीजा आयुष शर्मा, ‘क्रिएटिव मतभेद’ बन गया बड़ी वजह

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान और उनके जीजा आयुष शर्मा के बीच मतभेद की खबर है। बताया जा रहा है कि सलमान ने अपनी आने वाली फिल्म ‘कभी ईद कभी दिवाली’ से आयुष को बाहर कर दिया है। आयुष शर्मा सलमान की बहन अर्पिता खान के पति हैं। सलमान और आयुष 2021 में रिलीज हुई फिल्म ‘अंतिम द फाइनल ट्रुथ’ में साथ देखे गए थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सलमान की फिल्म ‘कभी ईद कभी दिवाली’ इस साल आने वाली है। सलमान और उनके जीजा के बीच क्रिएटिव मतभेद होना बताया जा रहा है। आयुष शर्मा के फिल्म से बाहर होने के बाद लोगों की नजर इस बात पर लगी है कि फिल्म में उनकी जगह कौन लेगा। फ़िलहाल सलमान खान इस फिल्म की शूटिंग पूरी नहीं कर पाए हैं।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक सलमान की फिल्म के लिए अभिनेत्री भाग्यश्री के बेटे अभिमन्यु दसानी और जावेद जाफरी के बेटे मिनाज से बात चल रही थी लेकिन उन्होंने ने भी इस फिल्म को करने से मना कर दिया है। सलमान खान की फिल्म से आयुष के साथ ज़हीर इकबाल भी बाहर हुए हैं। इन दोनों ने इसकी वजह अपने फ़िल्मी करियर को बचाना बताया है। इस फिल्म के लिए इंकार करने वालों में श्रेयांस तलपड़े का भी नाम बताया जा रहा है।

इस फिल्म में पूजा हेगड़े, राघव जुयाल और तेलुगु एक्टर वेंकटेश दग्गुबाती भी अपना अभिनय दिखाएँगे। फिल्म की संभावित रिलीज डेट 31 दिसंबर बताई जा रही है। इसकी शूटिंग मुंबई के विले पार्ले में बनाए गए एक खास सेट पर शुरू की गई है। फिल्म के डायरेक्टर फरहाद सामजी हैं।

‘पोस्ट निंदनीय लेकिन घृणा को बढ़ावा नहीं’ – ज्ञानवापी शिवलिंग पर DU के ‘हिंदू’ प्रोफेसर को जमानत देने वाले जज ने खुद को भी कहा हिंदू

वाराणसी के विवादित ज्ञानवापी ढाँचे (Gyanvapi Controversial Structure, Varanasi) के वीडियोग्राफिक सर्वे में सामने आए शिवलिंग को लेकर अश्लील टिप्पणी करने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रतनलाल को जमानत मिल गई है। रतनलाल ने खुद को एक हिंदू बताया।

अपनी जमानत याचिका में प्रोफेसर ने खुद को हिंदू धर्म का अनुयायी बताया था। जमानत याचिका में कहा गया है, “यह आगे तर्क दिया जाता है कि आरोपी प्रतिष्ठित व्यक्ति है, जो खुद हिंदू धर्म का अनुयायी है और धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी पैदा करना नहीं चाहता है।”

रतनलाल को शनिवार (21 मई 2022) को तीस हजारी कोर्ट के मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ मलिक (Chief Metropolitan Magistrate Siddhartha Malik) की अदालत में पेश किया गया था। कोर्ट ने रतनलाल को शिवलिंग के बारे में कोई भी सोशल मीडिया पोस्ट या किसी भी तरह का साक्षात्कार देने से भी मना किया है।

जज मलिक ने अपने आदेश में कहा, “व्यक्तिगत जीवन में अधोहस्ताक्षरी (जज) खुद हिंदू धर्म का एक गौरवान्वित अनुयायी है और इस पोस्ट को विवादास्पद विषय पर की गई अरुचिकर और अनावश्यक टिप्पणी मानता है।”

कोर्ट के आदेश में आगे कहा गया है, “किसी अन्य व्यक्ति के लिए वही पोस्ट शर्मनाक प्रतीत हो सकता है लेकिन दूसरे समुदाय के प्रति घृणा की भावना को उत्तेजित नहीं कर सकता है। इसी तरह, अलग-अलग व्यक्ति इस पोस्ट को लेकर अगल-अलग तरह से गुस्सा व्यक्त कर सकते हैं और आरोपित के लिए खेद व्यक्त कर सकते हैं कि उसने नतीजों पर विचार किए बिना अवांछित टिप्पणी की है।”

कोर्ट ने आदेश में आगे कहा, “यह सच है कि अभियुक्त ने एक ऐसा कार्य किया है, जिससे उसके आसपास के व्यक्तियों और व्यापक रूप से जनता की संवेदनशीलता को देखते हुए बचा जा सकता था। फिर भी, यह पोस्ट निंदनीय होने के बावजूद समुदायों के बीच घृणा को बढ़ावा देने के प्रयास का संकेत नहीं देता है।”

बता दें कि रतनलाल ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा था, “यदि यह शिवलिंग है तो लगता है कि शायद शिव जी का भी खतना कर दिया गया था।” इसके साथ ही उन्होंने पोस्ट में चिढ़ाने वाला इमोजी ? भी लगाई थी। इस पोस्ट पर विरोध के बाद भी रतनलाल ने माफ़ी माँगने से इनकार कर दिया था।

प्रोफेसर रतनलाल ने अपनी बात कोर्ट में रखने का ऐलान किया था। इसके बाद आरोपित प्रोफेसर पर IPC की धारा 153-A, 295-A के तहत केस दर्ज हुआ था और केस दर्ज होने के बाद भी उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए बयानबाजी जारी रखी थी। दिल्ली पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था।

गौरतलब है कि वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर से सटे विवादित ज्ञानवापी ढाँचे में न्यायालय के आदेश के बाद सर्वे के दौरान वजूखाना में स्थित एक शिवलिंग मिला है। इसके बाद सिविल जज वाराणसी (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर ने 16 मई 2022 को विवादित ज्ञानवापी ढाँचे के उस स्थान को सील करने का आदेश दिया था।

ड्रोन से आया बम, पाकिस्तानी ISI और जर्मनी से कनेक्शन… 8वीं का लड़का खालिस्तानी आतंकियों का ‘दोस्त’: लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट में धराया मुख्य आरोपित

पंजाब के लुधियाना कोर्ट में 23 दिसंबर 2021 (गुरुवार) को हुए ब्लास्ट के मुख्य आरोपित को NIA ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान फिलहाल गुप्त रखी गई है। इस गिरफ्तारी को NIA ने पंजाब की स्पेशल टॉस्क फ़ोर्स (STF) के साथ मिल कर अंजाम दिया। गिरफ्तारी शनिवार (21 मई 2022) को की गई है। इस से पहले शुक्रवार को 5 अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था।

पंजाब पुलिस के DGP IPS वीके भावरा ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए लिखा, “ब्लास्ट के लिए IED ड्रोन के माध्यम से मँगाई गई थी। इसे पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI ने भेजा था। पंजाब पुलिस सीमावर्ती क्षेत्र की STF और केंद्रीय एजेंसियों ने मिल कर इस अभियान को सफल बनाया।”

आने वाले 6 जून को ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पंजाब पुलिस ने उस से पहले शुक्रवार पाकिस्तान की सीमा से सटे गाँवों में छापेमारी की है। इस कार्रवाई के दौरान हथियार, विस्फोटक सामग्री और हेरोइन बरामद हुई है। दबिश में 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें कक्षा 8 में पढ़ने वाला एक छात्र भी शामिल है।

आरोप है कि 8वीं के छात्र ने तस्करी में शामिल अन्य आरोपितों को फोन पर इंटरनेट दिया था। पंजाब पुलिस के अनुसार खालिस्तानी आतंकियों के लिए इसी 8वीं के बच्चे ने इंटरनेशल नंबर जनरेट करने जैसे काम भी करके उनकी मदद की। गिरफ्तार हुए अन्य आरोपितों के नाम हरप्रीत हैप्पी, दिलबाग सिंह और सविंदर भल्ला हैं।

इस गिरफ्तारी के बाद पंजाब पुलिस के IG मोहनीष चावला ने बताया, “आरोपित दिलबाग और सविंदर की गिरफ्तारी 18 मई को ही कर ली गई थी। इनसे हुई पूछताछ में पता चला कि इन्होंने हेरोइन की खेप पाकिस्तान के तस्कर हाजी अकरम से लिया था। यह खेप 12 मई को मँगाई गई थी। पुलिस ने हेरोइन को बरामद कर लिया है। अन्य आरोपित दिलबाग सिंह ने अपने पास 2 पाकिस्तानी सिम होने की जानकारी दी है। इसी सिम से वह पाकिस्तानी तस्करों से सम्पर्क करता था। पुलिस ने आरोपितों से नोकिया का मोबाइल फोन और 2 पाकिस्तानी सिम कार्ड बरामद किया है।”

पूछताछ के दौरान दिलबाग सिंह उर्फ़ बागो ने लुधियाना कोर्ट कैम्पस में 23 दिसंमबर 2021 को हुए ब्लास्ट में अपने शामिल होने की बात कबूली। उसने स्वीकार किया कि पाकिस्तान की सीमा से सटे गाँव बलड़वाल में ड्रोन के जरिए IED आई थी, जिसे उसी ने बरामद किया था। यहाँ से वो IED अमृतसर के सुरमुख उर्फ सम्मू को दी गई। बाद में सम्मू वही IED पंजाब पुलिस के बर्खास्त कर्मचारी गगनदीप सिंह को दी। गगनदीप इस विस्फोट में खुद मारा गया था। पुलिस ने IED ट्रांसपोर्ट में भूमिका निभाने वाले सुरमुख सिंह उर्फ़ सम्मो को भी गिरफ्तार कर लिया है।

गौरतलब है कि 23 दिसंबर 2021 को लुधियाना कोर्ट परिसर में हुए ब्लास्ट में 6 लोग घायल हुए थे। ब्लास्ट को करने आए हमलावर की मौत मौके पर ही हो गई थी। हमले का मास्टरमाइंड आतंकी जसविंदर सिंह मुल्तानी है, जो फिलहाल जर्मनी में बताया जा रहा है।

एंथनी अल्बनीज अब बनेंगे ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री… लेकिन अंडरवियर में वोट डालने क्यों गए लोग?

ऑस्ट्रेलिया में चुनाव संपन्न हो गए हैं और लेबर पार्टी (Labour Party) के नेता एंथनी अल्बनीज (Anthony Albanese) ने जीत हासिल की है। अल्बनीज अब ऑस्ट्रेलिया के नए पीएम होंगे। वहीं, प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन (Scott Morrison) ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए लिबरल पार्टी (Liberal Party) के नेता के रूप में इस्तीफा दे दिया है।

इस चुनाव में सिर्फ अंडरवियर पहनकर बड़ी संख्या में ऑस्ट्रेलियाई लोगों ने मतदान किया। दरअसल, एक कंपनी ने पेशकश की थी कि जो भी व्यक्ति सिर्फ अंडरवियर पहनकर मतदान करने जाएगा, उसे वह मुफ्त अंडरवियर देगी। इस घोषणा के बाद सैकड़ों लोग आगे आए। सोशल मीडिया पर भी इसे खूब साझा किया गया।

यह घोषणा स्वीमवियर बनाने वाली ऑस्ट्रेलिया की बड़ी कंपनियों में से एक ‘बजी स्मगलर’ (Budgy Smuggler) ने की थी। अपनी घोषणा में कंपनी ने कहा था, “बिना पैंट के वोट देने के अपने संवैधानिक अधिकार का जो भी व्यक्ति प्रयोग करेगा, उसे कंपनी अपने स्टॉक से एक जोड़ी मुफ्त अंडरवियर देगी।”

कंपनी के अनुसार, अंडरवियर का मुफ्त जोड़ी पाने के लिए मतदाताओं को बस अपने अंडरवियर में मतदान के लिए आना था और उसकी तस्वीर #SmugglersDecide हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर साझा करनी थी।

लोगों द्वारा जबरदस्त प्रतिक्रिया मिलने पर स्मगलर कंपनी के मालिक एडम लिनफोर्थ ने कहा, “हमने सोचा था कि शायद एक या दो लोग ऐसा करेंगे, लेकिन सैकड़ों लोग इसमें शामिल हुए। यह स्मगलर के लिए महंगा साबित होने वाला है।”

कंपनी ने कहा है कि जिन लोगों ने इसमें भाग लिया है, उन्हें सोमवार (23 मई 2022) से वाउचर भेजना शुरू कर दिया जाएगा। हालाँकि, यह कंपनी की मार्केटिंग स्ट्रैटजी हो सकती है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया में मतदान करने लिए अंडरवियर की बात किसी कानून या संविधान में नहीं लिखा है।

CM योगी के निर्देश पर धार्मिक स्थलों से उतारे गए लाउडस्पीकर स्कूलों को किए जा रहे दान: स्कूल के बच्चे इसमें गाएँगे प्रार्थना

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की अपील पर मस्जिदों एवं मंदिरों से उतारे गए लाउडस्पीकरों को प्रदेश के स्कूलों को दान कर दिया गया। अधिकारियों ने शनिवार (21 मई 2022) को बताया कि कई जिलों में इसकी शुरुआत हो गई है।

धार्मिक स्थलों से उतारे गए लाउडस्पीकरों को दान करने की शुरुआत गोरखपुर और प्रयागराज से हुई। वहीं, लखनऊ में यह प्रक्रिया आने वाले सप्ताह से शुरू हो जाएगी। गोरखपुर में भाजपा के लोकसभा सांसद रवि किशन ने दो लाउडस्पीकरों को प्राथमिक विद्यालयों को सौंपा।

इस दौरान जिलाधिकारी विजय किरण आनंद ने कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के अनुसार हमने धार्मिक स्थलों से हटाए गए लाउडस्पीकरों को नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गोरखनाथ कन्या को सौंप दिए हैं।

विजय किरण आनंद ने कहा कि इनका उपयोग स्कूल शैक्षिक उद्देश्यों, स्थानीय लोगों में जागरूकता फैलाने, बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित करने, सरकारी कल्याण कार्यक्रमों और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों से अवगत कराने आदि के लिए कर सकते हैं।

वहीं, प्रयागराज में शहर के महाशक्तिपीठ माँ कल्याणी देवी मंदिर से उतारे गए लाउडस्पीकर को दारागंज स्थित संस्कृत वेद विद्यालय को दान कर दिया गया। माँ कल्याणी देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष सुशील पाठक ने दो लाउडस्पीकरों को विद्यालय में दान किया। इसमें अब वेद ऋचाओं का सस्वर पाठ किया जाएगा।

प्रयागराज के ही बहादुरगंज मुहल्ले में स्थित शाही मस्जिद ने उतारे गए लाउडस्पीकरों को नूरजहाँ बालिका इंटर कॉलेज को दान कर दिया। इस दौरान बहादुरगंज शाही मस्जिद के पेश इमाम कॉलेज के प्रबंधक हाजी अशफाक को दो लाउडस्पीकर दान किया गया। ये दोनों लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल कॉलेज में प्रार्थना और अन्य आयोजनों के दौरान इस्तेमाल किए जाएँगे।

बता दें कि इससे पहले कोर्ट के आदेश के बाद सीएम योगी की पहल पर शहर के धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतार दिए गए थे। मंदिर और मस्जिद के मौलवियों और पुजारियों ने सीएम योगी की अपील के बाद स्वेच्छा से लाउडस्पीकर उतारे थे। इसके अलावा, धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर की आवाज कम कर दी गई है।

‘हमारे लिए हमेशा से जनता पहले’: पेट्रोल-डीजल की कीमतें घटने के बाद बोले PM मोदी, BJP ने कहा – अब विपक्ष शासित राज्य घटाएँ दाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार की ओर से पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती को विभिन्न क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव डालने वाला बताया। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे लिए हमेशा से लोग पहले होते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आज के फैसले, विशेष रूप से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट से संबंधित, विभिन्न क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव डालेंगे।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाने और गैस सब्सिडी देने के इस फैसले की जानकारी दी। जिसके बाद कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएँ दी हैं।

इस बीच भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक बयान में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की माँग है कि विपक्ष अपने शासित राज्यों में भी पेट्रोल-डीजल के दाम कम करे ताकि आम लोगों को महँगाई के बीच कुछ और राहत मिल सके।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस पर ट्वीट करते हुए लिखा, “इस चुनौतीपूर्ण वैश्विक स्थिति में भी पीएम नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर excise duty घटाकर व गैस सिलेंडर पर ₹200 की सब्सिडी देकर आम जनता को बहुत बड़ी राहत दी है। अन्य क्षेत्रों के लिए भी कई ऐसे कदम उठाए हैं जिससे उत्पादों के दाम में कमी आएगी।”

वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, “पीएम नरेंद्र के निर्देश पर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण जी द्वारा पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कमी करने की घोषणा से जनता को बहुत बड़ी राहत प्राप्त होगी। जनता की समस्या को ध्यान में रखते हुए कल्याणकारी निर्णय लेने के लिए प्रधानमंत्री जी के प्रति हृदय से आभार!”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। उन्होंने लिखा, “आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा जनहित में आज पेट्रोल पर ₹08 प्रति लीटर और डीजल पर ₹06 प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी की कमी की गई है। लोक-कल्याण को समर्पित इस निर्णय से समाज का हर वर्ग समान रूप से लाभान्वित होगा। हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी!”

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा पेट्रोल-डीजल की एक्साइज ड्यूटी कम करने के कारण पेट्रोल ₹9.50 एवं डीजल की दर में ₹7 की कटौती होगी। जिसका लाभ समाज के हर वर्ग को प्राप्त होगा। इस साहसिक एवं जनहितैषी निर्णय हेतु प्रधानमंत्री जी आपका हार्दिक आभार एवं धन्यवाद।”

बीजेपी नेता रवि शंकर प्रसाद ने लिखा, “पेट्रोल और डीजल पर टैक्स घटा कर आम लोगों को राहत दिलाने के लिए के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद और आभार। ये आम जनता के कल्याण के प्रति प्रधानमंत्री जी का समर्पण ही है जिसके कारण वैश्विक अस्थिरता के कारण बढ़ते तेल के दाम से राहत देने का साहसी निर्णय उन्होंने लिया।”

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लिखते हैं, “माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क रु. 8 और डीजल पर रु.6 प्रति लीटर कम करने की घोषणा की। इस जनहितकारी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री जी और वित्त मंत्री जी का प्रदेशवासियों की ओर से अभिनंदन करता हूँ।”

कैलाश विजयवर्गीय ने ट्विटर पर लिखा, “संवेदनशील मोदी सरकार का अहम फैसला !!! केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाई, पेट्रोल 9.5 रुपए, डीजल 7 रुपए सस्ता होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी का हार्दिक धन्यवाद।”

दिल्ली बीजेपी नेता आदेश गुप्ता लिखते हैं, “केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल में Excise Duty घटा कर जनता को राहत प्रदान करने का अहम कार्य किया है। इस निर्णय से पेट्रोल की कीमत 9.5 रुपए और डीजल की 7 रुपए घट जाएगी। जनकल्याण के प्रति लिए गए इस निर्णय हेतु PM नरेंद्र मोदी जी का हार्दिक आभार।”

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल पर एक्सिस ड्यूटी कम करने का फैसला लिया है, जिससे फ्यूल के दाम घट गए। ताज़ा घोषणा के बाद पेट्रोल के दाम देश भर में 9.5 रुपए और डीजल के दाम 7 रुपए प्रति लिटर कम हो गए हैं। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 8 रुपए प्रति लिटर और डीजल पर 6 रुपए प्रति लिटर घटाया है। इससे सरकारी खजाने पर एक वर्ष में 1 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

शाहिद ने हिन्दू नाबालिग लड़की को प्रेम जाल में फँसाया, करवा दिया इस्लामी धर्मांतरण: साजिश के तहत परिवार से बढ़ाई थी नजदीकी

संगम नगरी प्रयागराज से लव जिहाद की घटना सामने आई है, जहाँ मोहम्मद शाहिद नाम के युवक ने एक हिन्दू नाबालिग लड़की (16) को अपने झूठे प्रेम के जाल में फँसा कर उसका इस्लामी धर्मान्तरण करवा दिया। बाद में उससे निकाह कर लिया। लेकिन बालिग होते ही जब पीड़िता को उसके साथ किए गए धोखे का पता चला तो वो उससे अलग होकर रहने लगी।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना की शुरुआत मऊ जनपद से होती है। पीड़िता के पिता यहीं नौकरी करते थे तो वो भी अपने माता-पिता के साथ वहीं रहती थी। यहीं रहने के दौरान उसकी मुलाकात आदर्शनगर थाना मोहम्मदाबाद के रहने वाले मोहम्मद शाहिद से हुई थी। उसने एक बार पीड़िता को देख लिया था, जिसके बाद मन में दुर्भावना और कुटिल योजना के तहत उसने हिन्दू युवती के परिवार से धीरे-धीरे करीबियाँ बढ़ाई। समय के साथ वो उसके घर आने लगा।

इसी दौरान उसने मौका देखकर पीड़िता को भी फँसा लिया। उस वक्त उसकी उम्र केवल 16 साल की थी। लेकिन, उसने उसको अपने झूठे प्यार में इतना ही पागल कर दिया कि वो सही और गलत का फैसला नहीं ले सकी। आरोपित ने उसका इस्लामिक धर्मान्तरण कराने के बाद करीब तीन साल पहले उससे निकाह कर लिया।

इस बीच उसके पिता का ट्रांसफर प्रयागराज हो गया तो वो वहाँ आ गई। हालाँकि, शाहिद ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। पीड़िता को उसने इस्लामिक रीति-रिवाजों का पालन करने के लिए परेशान करना शुरू कर दिया। उसने उसे जबरन माँस खाने के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। उससे परेशान होकर वो अपने घर चली गई और करीब एक साल तक वहाँ रही, उसने सोचा कि शायद उसका टॉर्चर कम हो जाए। हालाँकि, वो उसे अपने साथ चलने के लिए परेशान करता रहे।

रोज-रोज के टॉर्चर से तंग आकर पीड़िता ने कीडगंज पुलिस स्टेशन में आरोपित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। पीड़िता की शिकायत मिलते ही एक्शन में आई पुलिस ने शनिवार (21 मई, 2022) को शाहिद को दबोचकर जेल भेज दिया। उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट, एससी/एसटी एक्ट और लिव जिहाद कानून के तहत केस दर्ज किया गया है।