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ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में विवेक अग्निहोत्री का इवेंट रद्द: कश्मीर फाइल्स के डायरेक्टर ने बताया हिंदूफोबिया, कहा- केस करूँगा

कश्मीर में हिंदुओं के नरसंहार पर बनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) के एक इवेंट को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने कैंसिल कर दिया है। डायरेक्टर ने ट्विटर पर यूनिवर्सिटी पर ‘हिंदूफोबिया’ फैलाने का आरोप लगाते हुए सपोर्ट की अपील की है।

विवेक अग्निहोत्री ने मंगलवार (31 मई 2022) को एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि ब्रिटेन में मौजूद पाकिस्तानियों के दबाव में ‘हिंदुओं की आवाज’ को दबाया जा रहा है। वह यूनिवर्सिटी के प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज कराएँगे। उन्होंने वीडियो के साथ लिखा, “हिंदूफोबिक ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने एक बार फिर हिंदुओं की आवाज को दबा दिया। उन्होंने मेरा इवेंट कैंसिल कर दिया। वास्तव में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) ने हिंदुओं के नरसंहार के बारे में बताए जाने वाले प्रो​ग्राम को कैंसिल कर दिया है, जहाँ हिंदू अल्पसंख्यक हैं। इस यूनिवर्सिटी का प्रेसिडेंट एक पाकिस्तानी है। प्लीज इसे शेयर करें और मुझे इस कठिन लड़ाई में सपोर्ट करें।”

विवेक अग्निहोत्री ने आगे कहा कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में आखिरी समय पर उनके प्रोग्राम को कैंसिल किया गया। उन्हें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की छात्र यूनियन ने काफी समय पहले 31 मई को इवेंट में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन कुछ घंटे पहले ही उन्हें बताया गया कि यह गलती से हुआ, वे वक्तव्य नहीं दे सकते हैं।

इसका कारण यह बताया गया कि उस दिन कोई और प्रोग्राम बुक है। इसके बाद उनसे पूछे बिना ही विवेक का प्रोग्राम 1 जुलाई के लिए रिशेड्यूल कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जिस समय के लिए यह प्रोग्राम रिशेड्यूल किया गया है, उस समय यूनिवर्सिटी में कोई छात्र नहीं होगा। ऐसे में वक्तव्य देने को कोई मतलब नहीं रह जाता। विवेक ने कहा, “मेरा प्रोग्राम कैंसल करना लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई भारत सरकार को खारिज करना है।” विवेक ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग उन्हें इस्लाम विरोधी साबित करना चाहते हैं।

विवेक ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की आलोचना करते हुए यह भी कहा कि जब यह यूनिवर्सिटी पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बेटे और कई अफ्रीकी इस्लामिक तानाशाहों को अपने यहाँ जगह दे सकती है तो उन्हें अपनी आवाज क्यों नहीं उठाने देती। विवेक के शब्दों में, “इस मुद्दे पर प्लीज मेरी मदद करें। मैं इनके खिलाफ एक केस करने वाला हूँ। मैं अपने हुए नुकसान की भरपाई करना चाहता हूँ। प्लीज मुझे सपोर्ट करें और मेरी मदद करें।”

इससे पहले कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के एक प्रोग्राम में विवेक अग्निहोत्री गए थे। वहाँ उन्हें उनके ही प्रोग्राम की वीडियो रिकॉर्डिंग करने की इजाजत नहीं मिली थी। इसके बाद विवेक ने दावा किया था कि उनके फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन को दबाया जा रहा है, क्योंकि कुछ पाकिस्तानी और कश्मीरी मुस्लिम इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

गौरतलब है कि विवेक अग्रिहोत्री के निर्देशन में कश्मीरी हिंदुओं पर बनी ‘द कश्मीर फाइल्स’ को दर्शकों का भरपूर मिला है। प्रधानमंत्री मोदी से लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस फिल्म की सराहना की है। बॉक्स आफॅिस पर भी फिल्म ने शानदार कमाई की है।

RSS संयोजक पर तलवार और सरियों से हमला, मौत के बाद हिंदू संगठनों का प्रदर्शन: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ की घटना, धारा 144 लागू

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संयोजक रत्न सोनी की मंगलवार (31 मई 2022) रात हत्या कर दी गई। इसके बाद हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया। तनाव देखते हुए शहर में धारा 144 लागू की गई है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार बाइक पर आए बदमाशों ने सरियों और तलवार से सोनी पर हमला किया। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर फरार हो गए। हमलावर समुदाय विशेष के बताए जा रहे हैं। सोनी को पहले जिला हॉस्पिटल ले जाया गया। बाद में उन्हें उदयपुर रेफर कर दिया गया। लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस रिपोर्ट के अनुसार सोनी बजरंग दल से जुड़े थे। उनके पिता पार्षद रह चुके हैं।

सोनी पर हमला चित्तौड़गढ़ के घटना कच्ची बस्ती क्षेत्र में हुआ। वे एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि सिर पर चोट लगने की वजह से उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद हिंदू संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता रात में ही सड़कों पर उतर आए और आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग करने लगे। शहर के सुभाष चौराहे पर प्रदर्शन किया गया। 

शहर में भारी पुलिसबल तैनात

माहौल को देखते हुए शहर में भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। पुलिस ने आरोपितों के परिजनों को हिरासत में लिया है और मामला दर्ज कर लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले की जाँच में लगी है और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश कर रही है। बता दें कि प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट चौराहे से कोतवाली थाने तक जाम लगा दिया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से कहा है कि वे शांति बनाए रखें, आरोपितों को पकड़ने की कार्रवाई चल रही है।

VHP नेता पर हुआ था हमला

गौरतलब है कि हाल ही में राजस्थान के हनुमानगढ़ में सांप्रदायिक तनाव की खबर सामने आई थी। यहाँ पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के साथानीय नेता सतवीर सहारण पर हमला हुआ था। बताया गया कि मंदिर के पास खड़ी लड़कियों से छेड़छाड़ से मना करने पर उनके ऊपर हमला किया गया था। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हमले के बाद लोगों में आक्रोश पैदा हो गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। इससे पहले करौली, भीलवाड़ा और जोधपुर में सांप्रदायिक तनाव की घटना सामने आई थी।

नमाज के लिए खुले हैदराबाद का चार मीनार: कॉन्ग्रेस नेता राशिद खान की माँग, पास में बने भाग्य लक्ष्मी मंदिर को कहा- ‘अवैध निर्माण’

तेलंगाना के कॉन्ग्रेस नेता राशिद खान ने हैदराबाद के चार मीनार पर नमाज पढ़ने देने के लिए अनमुति माँगी है। साथ ही इमारत के पास बने श्री भाग्य लक्ष्मी मंदिर को अवैध बताकर उसे बंद कराने की माँग उठाई है। राशिद खान ने कहा है कि या तो उनकी माँग पर सनुवाई हो वरना वह प्रदर्शन करेंगे।

मंगलवार (31 मई 2022) को राशिद खान ने दावा किया कि दो दशक पहले इस जगह नमाज होती थी लेकिन फिर यहाँ मुस्लिमों को यहाँ आने से रोक दिया गया। अब दोबारा से नमाज के लिए उन्होंने हस्ताक्षर अभियान चलाया है। ASI और टूरिज्म एंड कल्चर मिनिस्ट्री से अनुरोध किया है कि उन्हें अनुमति दी जाए। हालाँकि सांस्कृतिक मंत्रालय के किशन रेड्डी ने उन्हें कहा कि ऐसा करने पर कानून व्यवस्था की समस्या हो सकती है। अब खान इसी माँग को लेकर तेलंगाना मुख्यमंत्री के पास जाएँगे। वहाँ भी अगर उनकी सुनवाई नहीं हुई तो प्रगति भवन के पास प्रदर्शन होगा।

खान ने अपनी माँग मनवाने के साथ चार मीनार के पास बने श्री भाग्य लक्ष्मी मंदिर को अवैध कहा है। खान ने कहा कि देश भर में मस्जिदों के पास गलत परिसर बनाए गए। चार मीनार के पास भाग्य लक्ष्मी मंदिर की ओर इशारा करते हुए उसे अवैध बताया गया। राशिद खान ने कहा,

“हम गंगा जमुना तहजीब में विश्वास रखते हैं। अगर मंदिर में प्रार्थना होती है तो होने दो। लेकिन उसी जगह हमारे बंद पड़े मस्जिद को खोलो और हमें वहाँ नमाज पढ़ने की अनुमति दो।”

खान ने माँग उठाई कि अगर एएसआई ने मस्जिद बंद करवाया है तो मंदिर भी बंद हो। उनकी इस माँग के बाद समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए मौलाना अली कादरी ने बताया कि पहले लोग इकट्ठा होकर चार मीनार के पास नमाज पढ़ते थे, मगर जब से एक व्यक्ति ने इस जगह आत्महत्या की तब से यहाँ नमाज पढ़ने का सिलसिला बंद हो गया। वहीं भाजपा ने कॉन्ग्रेस नेता चलाए जा रहे अभियान पर कहा कि पार्टी का मकसद सिर्फ सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने का है।

भाजपा के पूर्व एमएलसी राम चंद्र राव ने कहा, “पार्टी हैदराबाद में सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है। वो शहर में अपनी जमीन खो चुके हैं। अब वह इस तरह तनाव बढ़ाकर अपनी जमीन पाना चाहते हैं… वहाँ एक मस्जिद है जो विरासत ढाँचा है और बंद है और एक मंदिर है जहाँ सालों से लोग पूजा करते आए हैं।” भाजपा नेता ने कहा कि दो मुद्दों को इस तरह जोड़ना सांप्रदायिक तनाव को बढ़ाना है। राज्य सरकार को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाना चाहिए और कॉन्ग्रेस नेता की गिरफ्तारी होनी चाहिए। राज्य की टीआरएस और कॉन्ग्रेस पार्टी सिर्फ अल्पसंख्यकों की भावनाओं को अपने फायदों के लिए भड़काती हैं।

KK के सिर और चेहरे पर मिले चोट के निशान, ‘अप्राकृतिक मौत’ का केस दर्ज: होटल से अस्पताल के बीच क्या हुआ, जानिए हर डिटेल

31 मई 2022 की रात गायक कृष्णकुमार कुन्नथ उर्फ केके (singer KK) की मौत की खबर आई। इसकी वजह हार्ट अटैक (Singer KK Heart Attack) बताई गई। लेकिन अब जो मीडिया रिपोर्टें सामने आ रही हैं, उसमें बताया गया है कि गायक (Singer Krishna Kumar Kunnath) के सिर और चेहरे पर चोट के निशान मिले हैं। कोलकाता पुलिस ने इस मामले में ‘अप्राकृतिक मौत’ (KK Unnatural Death) का केस दर्ज किया है। कोलकाता के SSKM हॉस्पिटल में ही उनका पोस्टमॉर्टम होना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके निधन पर दुख जताया है। पीएम ने ट्वीट कर कहा है, “केके के निधन से दुखी हूँ, उनके गानों से हर उम्र के लोग जुड़े हुए हैं। वो अपने गानों के जरिए हमारे दिल में हमेशा जिंदा रहेंगे। ईश्वर उनके परिवार को शक्ति दे।”

सिर और चेहरे पर चोट के निशान मिलने के बाद कोलकाता पुलिस ने न्यू मॉर्केट थाने में अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज किया है। पुलिस होटल के स्टाफ से पूछताछ करने में जुट गई है। बताया जा रहा है कि केके 2 दिन से कोलकाता में थे, इससे पहले वह पुणे में परफॉर्म कर रहे थे। केके ने कोलकाता में दो कॉलेज फेस्ट में परफॉर्म किया था। एक स्टूडेंट ने बताया कि केके शो-स्टॉपर थे। शुरुआती जानकारी में केके की मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई जा रही है। हालाँकि डॉक्टर्स अभी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। सिंगर केके एकदम फिट और फाइन थे और वह स्मोकिंग और ड्रिकिंग से भी दूर रहते थे। मीडिया में उनके अचानक निधन को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं।

खबरों के मुताबिक, गायक केके के परिजन कोलकाता पहुँच चुके हैं। अब से थोड़ी ही देर में एसएसकेएम अस्पताल में केके का पोस्टमार्टम होगा। इसके बाद ही उनकी मौत की वजह को लेकर स्थिति साफ होगी। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार (31 मई 2022) को कोलकाता में एक लाइव कॉन्सर्ट के बाद सिंगर का निधन हो गया। एक कॉलेज की तरफ से नजरुल मंच में एक समारोह का आयोजन किया गया था, वहाँ परफॉर्मेंस देने के बाद जब वह होटल पहुँचे तो अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें CMRI (कोलकाता मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट) अस्पताल ले जाया गया। यहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 53 वर्षीय सिंगर के निधन की खबर मिलते ही उनके फैंस में शोक की लहर दौड़ गई।

सोशल मीडिया पर सिंगर केके के अंतिम परफॉर्मेंस की कई झलकियाँ शेयर की जा रही हैं। कॉन्सर्ट के दौरान केके ने, “हम रहे या ना रहें कल, कल याद आएँगे ये पल, आशाएँ खिले दिल की, उम्मीदें हँसे दिल की, तू जो मिला तो हो गया सब हासिल… जैसे गाने गाए थे।”

केके ने बॉलीवुड फिल्म ‘काइट्स’ में जिंदगी दो पल की, ‘ओम शांति ओम’ फिल्म में आँखों में तेरी, फिल्म ‘बचना ऐ हसीनों’ में खुदा जाने, फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ में तड़प तड़प और ‘तू ही मेरी शब है’ जैसे तमाम गाने गाए थे। इसके अलावा उन्होंने हिंदी समेत तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और बंगाली भाषाओं में कई गाने भी रिकॉर्ड किए थे।

मालूम हो कि 23 अगस्त 1968 को दिल्ली में जन्मे मशहूर प्लेबैक सिंगर कृष्णकुमार कुन्नथ को ने फिल्मों में ब्रेक मिलने से पहले करीब 3500 जींगल्स गाए थे। केके ने फिल्म ‘माचिस’ के गाने ‘छोड़ आए हम वो दुनिया’ गाने से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ के गाने ‘तड़प तड़प’ से उन्हें इंडस्ट्री में बड़ा ब्रेक मिला था। साल 2000 में केके को ‘तड़प-तड़प’ गाने के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर के लिए गिल्ड फिल्म अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था। वर्ष 2008 में भी ‘ओम शांति ओम’ फिल्म के गाने ‘आँखों में तेरी’ और 2009 में ‘बचना ए हसीनो’ फिल्म के गाने ‘खुदा जाने’ के लिए उन्हें बेस्ट प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड मिला था।

मुंबई के बाद अब हैदराबाद में नुपूर शर्मा के खिलाफ केस दर्ज: BJP नेता की हत्या पर ₹1 करोड़ का इनाम रखने वाले AIMIM (इंकलाब) नेता पर पहली FIR

मुंबई के मुंब्रा पुलिस थाने के बाद अब हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मंगलवार (31 मई 2022) को भाजपा की नुपूर शर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। ये FIR भी पैगंबर मोहम्मद पर की गई टिप्पणी को लेकर है। उनके अलावा एक केस एआईएमआईएम के नेता पर भी हुई है जिसने उनकी हत्या पर 1 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया था।

साइबर क्राइम पुलिस ने नुपूर के विरुद्ध FIR आईपीसी की धारा 153 (ए), 504, 505(2) और 506 के तहत सब इंस्पेक्टर पी रविंदर द्वारा दर्ज करवाई गई है। शिकायत में कहा गया कि नुपूर शर्मा की टिप्पणी से मु्स्लिम समुदाय आहत है। इसके अलावा शिकायत में आरोप है कि नुपूर की टिप्पणी दो समुदायों में नफरत फैलाने के इरादे से दी गई। शिकायत में नुपूर के विरुद्ध व न्यूज चैनल के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की माँग है।

नुपूर शर्मा की हत्या के लिए AIMIM (इंकलाब) के नेता पर केस दर्ज

नुपूर के अलावा हैदराबाद पुलिस द्वारा एआईएमआईएम (इंकलाब) के पार्टी अध्यक्ष अब्बासी के विरुद्ध भी केस दर्ज किया है। अब्बासी पर नुपूर शर्मा को धमकाने का आरोप है। ये केस हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस थाने के पुलिस कॉन्सटेबल की शिकायत पर दर्ज हुई है। अब्बासी ने नुपूर शर्मा की हत्या करने वाले को 1 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया था। वायरल वीडियो वो कहता सुना गया था,

“जैसा कि आप जानते हैं, पैगंबर मुहम्मद का अपमान करने की सजा इस्लाम में मौत है। जो कोई भी ईशनिंदा करता है, हम उसे मारने के लिए ₹1 करोड़ का इनाम घोषित करते हैं। हमने पहले वसीम रिजवी के लिए भी इसी तरह की घोषणा की थी…मैं नूपुर शर्मा की हत्या के लिए 1 करोड़ रुपए के इनाम की घोषणा करता हूँ। नूपुर शर्मा, मैं तुम्हें ये बताना चाहता हूँ कि तुम्हारी सीता माता की उम्र क्या थी, जब उन्होंने भगवान राम से शादी की थी? 6 साल की थी। राजा दशरथ की कितनी पत्नियाँ थीं? 100 से ज्यादा। अगर हम तुम्हारे धर्म को उजागर करना शुरू कर दें, तो तुम सड़क पर आ जाओगे। तुम कुछ और नहीं बल्कि एक सफेदपोश वेश्या हो।”

नुपूर शर्मा के विरुद्ध मुंबई में दर्ज दो केस

इससे पहले नुपूर शर्मा के खिलाफ मुंबई के मुंब्रा पुलिस थाने में एक मदरसा टीचर मोहम्मद गुफरान ने दूसरी एफआईआर करवाई थी और पहली एफआईआर कई तरह की हिंसा में शामिल रजा अकादमी द्वारा कराई गई थी। मुंब्रा पुलिस ने जानकारी साझा करते हुए कहा था, “भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता नुपुर शर्मा के खिलाफ ठाणे के मुंब्रा पुलिस स्टेशन में एक और मामला दर्ज किया गया है। कथित तौर पर शत्रुता को बढ़ावा देने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए आईपीसी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।”

क्या है नुपूर शर्मा से जुड़ा विवाद

ज्ञानवापी शिवलिंग मामले में 26 मई 2022 की शाम को टाइम्स नाउ पर एक बहस के बाद AltNews के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने नुपूर शर्मा पर पैगंबर मुहम्मद का अपमान करने का आरोप लगाते हुए एक ऑनलाइन कैंपने चलाया था। इसके बाद कट्टरपंथी नुपूर को और उनके परिवार को जान से मारने और रेप की धमकियाँ देने लगे, जबकि हकीकत में डिबेट शो के दौरान नुपूर ने ज्ञानवापी के शिवलिंग पर बन रहे मजाक को आधार बनाकर पूछा था कि क्या जैसे उनके भगवान का मजाक उड़ रहा है वो भी दूसरे मजहब पर इस तरह बात रख सकती हैं?

मदरसों को न बनने दिया जाए सामान्य स्कूल: मो इमामुद्दीन ने असम सरकार के फैसले के खिलाफ SC का दरवाजा खटखटाया, HC के निर्णय को दी चुनौती

असम में मदरसों को स्कूलों में बदलने वाले फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। शीर्ष अदालत में गुवाहाटी हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें उन्होंने असम सरकार के फैसले को बरकरार रखा था। इस साल फरवरी में हाई कोर्ट ने असम रिपीलिंग एक्ट 2020 को बरकरार रखते हुए कहा था कि असम के सभी गवर्नमेंट-फंडेड मदरसे स्कूलों में बदले जाएँ। मोहम्मद इमादुद्दीन बरभुइया व अन्य लोगों ने अपनी याचिका में हाई कोर्ट के इसी आदेश पर रोक लगाने की माँग की है। याचिका में कहा गया है कि निरसन अधिनियम और उसके बाद के सरकारी आदेशों ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25, 26, 28 और 30 के तहत याचिकाकर्ताओं के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस याचिका में कहा गया है कि 2020 का निरसन अधिनियम मदरसा शिक्षा की वैधानिक मान्यता और संपत्ति को छीन रहा है। राज्यपाल का 12 फरवरी 2021 को जारी आदेश 1954 में बनाए गए असम राज्य मदरसा बोर्ड को भंग कर देता है। यह मदरसों को धार्मिक शिक्षा प्रदान करने से रोकने के लिए विधायी और कार्यकारी शक्तियों की मनमानी है।

गौरतलब है कि असम के गुवाहाटी हाई कोर्ट (Gauhati High Court Assam) ने 4 फरवरी को अपने फैसले में कहा था कि सरकार से फंड प्राप्त करने वाले शिक्षण संस्थान मजहबी शिक्षा नहीं दे सकते। हाई कोर्ट ने राज्य के वित्तपोषित सभी मदरसों को सामान्य स्कूलों में बदलने के असम सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए, मदरसों के लिए जमीन देने वाले 13 मुत्तवली (दानदाता) की याचिका को खारिज कर दिया था।

असम रिपीलिंग एक्ट-2020

राज्य सरकार ने विधानसभा में असम रिपीलिंग एक्ट-2020 पास करते हुए इस कानून के आधार पर सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों को विद्यालयों में बदलने का निर्णय लिया था। इस एक्ट के तहत मदरसा शिक्षा (प्रांतीयकरण) अधिनियम- 1995 और असम मदरसा शिक्षा (कर्मचारियों की सेवाओं का प्रांतीयकरण और मदरसा शैक्षिक संस्थानों का पुनर्गठन) अधिनियम- 2018 को खत्म कर दिया गया था।

बाघों वाले जंगल से होकर, 1 घंटे घड़ियालों के बीच तैरी बांग्लादेशी महिला: भारत में घुस प्रेमी से रचाई शादी, 3 दिन बाद गिरफ्तार

22 साल की बांग्लादेशी महिला सीमा की परवाह किए बिना केवल तैर कर भारत आई है। पूछताछ में उसने कहा है कि वो भारत अपने प्रेमी से शादी करने आई है। उसने बताया कि इस सफर में उसने सुंदरबन के घने जंगलों को पार किया और एक घंटा लगातार नदी में तैरकर अपने प्रेमी से मिलने भारत पहुँची।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, महिला की पहचान कृष्णा मंडल के तौर पर हुई है। वह बताती है कि उसे भारत में रहने वाले अभिक मंडल नाम के लड़के से प्यार था। उसकी मुलाकात अभिक से फेसबुक पर हुई और दोनों को प्यार हो गया। कृष्णा के पास पासपोर्ट नहीं था इसलिए वह अवैध रूप से सीमा में घुसी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, कृष्णा पहले सुंदरबन में घुसी जो बंगाल टाइगर्स के लिए जाना जाता है। इसके बाद वह करीब एक घंटे ऐसी नदी में तैरी जिसमें खतरनाक घड़ियाल होते है और इस तरह वह अपने प्रेमी के पास भारत आई।

बताया जा रहा है कि इसके बाद कृष्णा और अभिक ने कोलकाता के कालीघाट मंदिर में शादी की। लेकिन सोमवार को पुलिस ने अवैध ढंग से देश में घुसने के लिए उसे गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों का कहना है कि अब कृष्णा को बांग्लादेश हाई कमीशन को हैंडओवर किया जाएगा।

बता दें कि इससे पहले बांग्लादेश युवक नदी तैरकर सीमा में घुसा था और पूछताछ में उसने जवाब दिया था कि भारत में चॉकलेट लेने आया है। हालाँकि इमाम हुसैन नाम के उस युवक की सच्चाई पता लगाने के लिए उसे स्थानीय पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया था। इसके बाद वह कोर्ट में पेश हुआ और पूछताछ के लिए उसे 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में उत्तराखंड से पहली गिरफ्तारी: दिनदहाड़े चलाई गई ताबड़तोड़ गोलियों का Video आया सामने

पंजाबी गायक और कॉन्ग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला केपार्थिव शरीर का जहाँ आज अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं मूसेवाला हत्याकांड में पंजाब पुलिस ने उत्तराखंड से हिरासत में लिए गए मनप्रीत सिंह नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है। इस मामले में यह पहली गिरफ्तारी है। आज शाम को उसे अदालत में पेश किया गया जहाँ से उसे 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मनप्रीत सिंह ड्रग डीलर बताया जा रहा है। पंजाब पुलिस के हवाले से कहा जा रहा है कि मनप्रीत सिंह ने कातिलों को गाड़ी मुहैया करवाई थी। वहीं दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई को पाँच दिन की हिरासत में लिया है। वह फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है। स्पेशल सेल पंजाबी मूसेवाला की हत्या के सिलसिले में उससे भी पूछताछ करेगी। काला जठेड़ी और कला राणा से भी पूछताछ होने की बात सामने आई है।

इस मामले में पंजाब पुलिस, उत्तराखंड पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की मदद से देहरादून के 5 लोगों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने में कामयाब रही। उनमें से एक पर पुलिस को संदेह था, जिसे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य बताया जा रहा था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

बता दें कि कनाडा के गैंगस्टर गोल्डी बरार द्वारा हत्या की जिम्मेदारी लेने के बाद लॉरेंस बिश्नोई गिरोह पुलिस के रडार पर आ गया। जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी बरार ने दावा किया था कि उसने विक्की मिड्दुखेरा की मौत का बदला लेने के लिए गायक मूसेवाला की हत्या की।

सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद सामने आया वीडियो

इस केस से जुड़ी एक वीडियो भी सामने आई है। ये वीडियो घटना के समय की है जब सिद्धू की गाड़ी मोड़ से मुड़ी। वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे गाड़ी के मुड़ते ही ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज आने लगती है और सड़क पर खड़े लोग गिरते-पड़ते भागने लगते हैं।

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड

गौरतलब है कि पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की रविवार (29 मई, 2022) को पंजाब के मानसा जिले में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वहीं मूसेवाला का आज उनके पैतृक गाँव मूसा में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला कनाडा में पढ़ने के लिए गए थे, जिसके बाद जब वो पंजाब लौटे तो सिंगर बनकर लौटे थे। इसके साथ ही कॉन्ग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला कई विवादों से भी जुड़े रहे थे। पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा वापस लिए जाने के एक दिन बाद ही उनकी हत्या कर दी गई।

‘कॉन्ग्रेस खुद सुधरती नहीं, मेरा ट्रैक रिकॉर्ड भी खराब करवा दिया’ : प्रशांत किशोर ने निकाली भड़ास, सबसे पुरानी पार्टी को बताया- डूबती नाव

बिहार से जन सुराज यात्रा की शुरुआत कर चुके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला बोला है। जन सुराज यात्रा के तहत सोमवार (30 मई 2022) को वैशाली में पूर्व केंद्रीय मंत्री और समाजवादी नेता स्व. रघुवंश प्रसाद सिंह के पैतृक आवास पहुँचे प्रशांत किशोर ने कॉन्ग्रेस से नाराजगी जाहिर की।

किशोर ने कॉन्ग्रेस के लिए कहा, “मैं अब कभी कॉन्ग्रेस (Congress) के साथ काम नहीं करेंगे। यह एक ऐसी पार्टी है, जो खुद तो सुधरती नहीं है, मेरा भी ट्रैक रिकॉर्ड खराब कर दिया है।” प्रशांत ने आगे कहा, “2011 से 2021 तक मैं 11 चुनाव से जुड़ा रहा, जिसमें 2017 के एक ही चुनाव में हार का सामना करना पड़ा, जो यूपी में कॉन्ग्रेस के साथ था। इसके बाद मैंने तय कर लिया था कि अब मैं कॉन्ग्रेस के साथ काम नहीं करूँगा।”

प्रशांत किशोर ने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए देश की सबसे पुरानी पार्टी को एक डूबती हुई नाव बताया। उन्होंने क​हा, “मेरा कॉन्ग्रेस के प्रति बहुत सम्मान है, लेकिन मौजूदा हालत पार्टी के लिए सही नहीं हैं… मेरी केवल एक ही चुनाव में हार हुई, जिससे मैंने सबक ले लिया कि अब मुझे कॉन्ग्रेस के साथ काम नहीं करना है।”

उल्लेखनीय है कि इस महीने की शुरुआत में कॉन्ग्रेस के साथ चर्चा असफल होने के बाद प्रशांत किशोर ने अपनी नई सियासी पारी के संकेत दिए थे। उन्होंने 2 मई को ट्वीट के जरिए अपने एक दशक के अनुभव का जिक्र किया और बिहार से नई ‘शुरुआत’ करने की बात कही थी। वहीं अप्रैल में कॉन्ग्रेस में शामिल होने को लेकर चली लंबी बैठकों के बाद किशोर ने जानकारी दी थी कि उन्होंने पार्टी की पेशकश को ठुकरा दिया है।

गौरतलब है कि बीते दिनों प्रशांत किशोर ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ द्वार आयोजित ‘E. Adda’ में कहा था कि भाजपा चुनावी रूप से काफी मजबूत पार्टी हो गई है और भारत में एक बार आप 30% वोट सुरक्षित कर लेते हैं तो आप कई दशकों तक टिकते हैं।

ज्ञानवापी का सीलबंद सबूत वापस लेने से वाराणसी कोर्ट का इनकार, वकील विष्णु जैन ने कहा- हमारा केस बहुत मजबूत, लीक एक साजिश

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के मामले में लीक हुए वायरल वीडियो को लेकर अब नए सिरे से विवाद का दौर शुरू हो चुका है। कल से ही कुछ टीवी चैनलों पर ज्ञानवापी सर्वे के दौरान रिकार्ड किए गए वीडियो प्रसारित हो रहे हैं। जिससे ज्ञानवापी मामले में अब दोनों पक्षों के बीच तरह-तरह की चर्चाओं के साथ केस को कमजोर किए जाने की इसे साजिश भी बताया जा रहा है। वहीं, आज अदालत ने हिन्दू पक्ष द्वारा लौटाए जा रहे सील बंद लिफाफों को वापस लेने से इनकार कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को ही कोर्ट ने मामले की चारों वादी महिलाओं रेखा पाठक, सीता साहू, लक्ष्मी देवी और मंजू व्यास को वीडियो और फोटो का बंद लिफाफा सौंपा था। वहीं ज्ञानवापी सर्वे की वीडियो रिपोर्ट लीक होने के बाद मामले की चारों वादी महिलाओं ने सीलबंद लिफाफे को कोर्ट में सरेंडर करने की कोशिश की लेकिन जिला अदालत ने इसे वापस लेने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि 4 जुलाई को वीडियो लीक होने के मामले की भी सुनवाई की जाएगी।

वहीं इस पूरे मामले में वादी पक्ष के वकील विष्‍णु जैन ने कहा, “जहाँ तक ​​लीक हुए वीडियो का सवाल है, हमें शाम करीब 6.30 बजे कोर्ट के जरिए सीलबंद लिफाफे में प्रमाणित कॉपी मिली। हमने शाम सात बजे एक पीसी रखी और कहा कि यह अभी भी एक सीलबंद लिफाफे में है और हम इसे अदालत में वापस कर रहे हैं। हमारा मामला बहुत मजबूत है, हम अदालत के सामने साबित करेंगे कि मस्जिद को मंदिर तोड़कर बनाया गया था। हम अगली सुनवाई के लिए गुण-दोष तैयार कर रहे हैं। हमारे प्रतिवादी मुस्लिम पक्ष द्वारा उठाए गए हर बिंदु के लिए हम तैयार हैं। जहाँ तक ​​दीन मोहम्मद के फैसले का सवाल है, मेरा मानना ​​है कि यह हम पर लागू नहीं होता, क्योंकि हिंदू इसके पक्षकार नहीं थे।”

गौरतलब है कि कल सोमवार (30 मई, 2022) को कोर्ट से शपथपत्र के साथ वादी महिलाओं को सील बंद लिफाफा मिलने के कुछ ही देर बाद ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के अंदर का वीडियो लीक हो गया था। वीडियो में तहखाने दीवारों पर त्रिशूल जैसी आकृति दिख रही है। इसके अलावा वजूखाने के पानी में शिवलिंग जैसी आकृति का ऊपरी भाग दिख रहा है।

इसे ही जहाँ हिंदू पक्ष शिवलिंग बता रहा है, वहीं मुस्लिम पक्ष अपने दावों पर अड़ा है कि यह फव्वारा है। फ़िलहाल, यह शिवलिंग है या फव्वारा, इसका फैसला कोर्ट को करना था, लेकिन उससे पहले सर्वे की वीडियो रिपोर्ट मीडिया में लीक हो गई। जो देखते ही देखते थोड़ी देर में वायरल हो गई।

बता दें कि आज ज्ञानवापी प्रकरण में अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी ने न्यूज चैनल पर सर्वे का वीडियो वायरल होने की जाँच कराने की अदालत से अपील की है। इस बाबत जिला जज डा. अजय कृष्ण विश्वेश ने पक्षकारों की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र पर चार जुलाई को सुनवाई करने का मौखिक आदेश दिया है। वहीं मामले में सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय द्वारा पक्षकार बनाने की अपील पर जिला जज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जारी आदेश के तहत ही सुनवाई की जाएगी।