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हिमाचल में खालिस्तानी झंडे का AAP कनेक्शन: SFJ का खुलासा – CM केजरीवाल की रैली में गया था आरोपित, भगवंत मान को ₹46 Cr का डोनेशन

हिमाचल प्रदेश की विधानसभा के ऊपर खालिस्तान का झंडा लगाए जाने के मामले में प्रतिबंधित आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो के अनुसार, धर्मशाला में लगाया गया खालिस्तानी झंडा उस सिख कार्यकर्ता के माध्यम से भेजा गया था जो अरविन्द केजरीवाल की मंडी जिले में हुई सभा में शामिल हुआ था। बताया गया है कि वह कार्यकर्ता पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ जनसभा में शामिल हुआ था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अपने वीडियो में गुरपतवंत पन्नू ने कहा, “जब से अरविन्द केजरीवाल और भगवंत मान ने खालिस्तान समर्थकों को लुभाया है तब से उन्हें पंजाब चुनावों में $6 मिलियन (46.45 करोड़ रुपए) का डोनेशन गया है। सिख फॉर जस्टिस (SFJ) अपने उन कार्यकर्ताओं को खालिस्तान के जनमत संग्रह के लिए प्रयोग करेगी जो भगवंत मान के करीबियों में से हैं।’

इसी वीडियो में पन्नू ने कहा, “धर्मशाला से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को एक साफ संदेश गया है कि हिमाचल प्रदेश में भी खालिस्तान के जनमत संग्रह की माँग है। साथ ही एक बार फिर से यह पंजाब का हिस्सा होगा।” SFJ ने इसी साल जून के महीने में ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ की बरसी पर हिमाचल प्रदेश में खालिस्तान लिए के जनमत संग्रह करवाने की घोषणा की है।

गौरतलब है कि 8 मई, 2022 (रविवार) को हिमाचल प्रदेश की धर्मशाला स्थित विधानसभा के मुख्य द्वारा पर खालिस्तान के झंडे लटकाए गए थे। इसी के साथ वहाँ की दीवारों पर आपत्तिजनक नारे भी लिख दिए गए थे। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई का एलान किया था। इस केस में SIT का भी गठन कर दिया गया है।

इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश पुलिस ने आईपीसी के सेक्शन 153-A, 153-B और यूएपीए के सेक्शन 13 के तहत यह मामला दर्ज किया गया था। सीमाओं को सील कर के तमाम ऐसी जगहों पर छापेमारी शुरू कर दी गई है जहाँ खालिस्तानी समर्थकों के छिपने की संभावना हो। इस मामले में सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के जनरल काउंसिल गुरपतवंत सिंह पन्नू को मुख्य आरोपित बनाया गया है।”

अक्षय कुमार ने ‘पृथ्वीराज’ को बताया शिक्षाप्रद फिल्म, कहा – ‘इतने बड़े योद्धा थे, इतिहास की पुस्तकों ने एक पैराग्राफ में समेट दिया’

अक्षय कुमार की फिल्म ‘पृथ्वीराज’ का ट्रेलर ‘यश राज फिल्म्स (YRF)’ ने सोमवार (9 मई, 2022) को जारी कर दिया। इस फिल्म के साथ ही न सिर्फ YRF अपना 50वाँ साल मना रहा है, बल्कि अक्षय कुमार ने भी फिल्म इंडस्ट्री में 30 वर्ष पूरे कर लिए हैं। ये फिल्म दिल्ली के महान सम्राट पृथ्वीराज चौहान (राय पिथौरा) की गाथा को दर्शाता है, जो चाहमान राजवंश से ताल्लुक रखते थे। उन्होंने घूरिद सुल्तान मुहम्मद ग़ोरी को बुरी तरह हराया था।

हालाँकि, अगले युद्ध में मुहम्मद ग़ोरी जीत गया था, जिसके बाद भारत में इस्लामी शासन की नींव पड़ी थी। अकबर से पहले दिल्ली की गद्दी पर कुछ दिनों के लिए बैठने वाले हेमू (हेमचन्द्र विक्रमादित्य) को छोड़ दें तो पृथ्वीराज चौहान को दिल्ली का अंतिम हिन्दू शासक माना जाता है। ट्रेलर लॉन्च के मौके पर अक्षय कुमार ने बताया कि उन्हें वो दिन भी याद है जब वो डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी से मिले थे और उन्होंने ‘पृथ्वीराज’ फिल्म के बारे में बताया था।

बता दें कि नब्बे के दशक में ‘चाणक्य’ का किरदार निभा कर और दूरदर्शन पर आने वाले इस ऐतिहासिक धारावाहिक का निर्देशक कर के डॉ चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने ख्याति बटोरी थी। अक्षय कुमार ने बताया कि द्विवेदी ने उन्हें ‘पृथ्वीराज रासो’ पढ़ने के लिए दी थी, जिसे कवि चंदबरदाई ने लिखा है। अक्षय कुमार ने बताया कि इसके शब्द काफी कठिन थे, इसीलिए उन्हें इसे धीरे-धीरे पढ़ने के लिए बोला गया था। डॉ द्विवेदी उन्हें इसके कंटेंट्स बैठ कर समझाते थे।

अक्षय कुमार ने कहा, “आहिस्ते-आहिस्ते ‘पृथ्वीराज रासो’ पढ़ते-पढ़ते मुझे इस बात का एहसास हुआ कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान कितने बड़े योद्धा हैं। और जब हम इतिहास की पुस्तकों में पढ़ते हैं तो उनके बारे में सिर्फ एक पैराग्राफ आता था। आज मैं चाहूँगा कि इस फिल्म को देश ही नहीं, बल्कि दुनिया का हर बच्चा देखे। एक एक शिक्षाप्रद फिल्म है।” ये फिल्म हिंदी के अलावा तमिल और तेलुगू में भी रिलीज हो रही है। इसमें मानुषी छिल्लर, संजय दत्त और सोनू सूद भी हैं।

कभी रुकी थी जहाँ प्रभु श्रीराम की बारात, वहाँ अब बनेगा विश्व का सबसे विराट ‘रामायण मंदिर’ : 270 फीट होगी कुल ऊँचाई, 33 फीट का शिवलिंग भी होगा स्थापित

अयोध्या (Ayodhya) में भगवान राम (Ram Mandir) का भव्य मंदिर बनाने का काम बड़ी तेजी के साथ जारी है। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी ने भी अयोध्या जाकर मंदिर निर्माण के कार्य का जायजा लिया था। राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होने बाद अब वहाँ भी एक भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा, जहाँ आराध्य देव राम की बारात ठहरी थी। इस मंदिर का नाम ‘रामायण मंदिर’ (Ramayan Temple) होगा। ये बिहार के पूर्वी चंपारण (East Champaran) में बनाया जाएगा। मान्यता है कि माता सीता से विवाह के बाद जनकपुर (Janakpur) से लौटते समय भगवान राम की बारात यहीं पर रुकी थी।

दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर होगा

इस मंदिर इतना विशाल और भव्य बनाया जाएगा कि ये दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर होगा। जानकारी के मुताबिक यह विराट रामायण मंदिर 270 फीट ऊँचा होगा। इसकी लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट होगी। 270 फीट के इस विराट रामायण मंदिर के निर्माण के लिए 125 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित है। जानकारी के अनुसार इस मंदिर के लिए अब तक एक सौ एकड़ जमीन मंदिर को मिल चुकी है।

दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग होगा

इस मंदिर परिसर में ऊँचे शिखरों वाले 18 मंदिर होंगे और इस मंदिर के परिसर में एक शिव मंदिर का भी निर्माण किया जाएगा। जिसमें दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग होगा। पटना स्थित महावीर मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि शिवलिंग 33 फीट ऊँचा होगा। जानकारी के अनुसार विराट रामायण मंदिर कंबोडिया में विश्व प्रसिद्ध 12वीं शताब्दी के अंकोरवाट परिसर से भी ऊँचा होगा, जो 215 फीट ऊँचा है।

शिवलिंग में दिखेगी 8वीं शताब्दी की छवि

आचार्य किशोर कुणाल के अनुसार इस शिवलिंग का निर्माण सहस्त्रलिंगम की तरह होगा, यानी एक शिवलिंग में 1,008 शिवलिंग को बैठाया जाएगा। 8वीं सदी में इस तरह के शिवलिंग का निर्माण होता था। उन्होंने बताया कि इस शिवलिंग का निर्माण महाबलीपुरम में कराया जा रहा है। इसके निर्माण में ब्लैक ग्रेनाइट पत्थरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इस मंदिर निर्माण के प्रोजेक्ट को ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

मलयाली अभिनेता पर यौन शोषण का आरोप, जारी हुआ वारंट: पीड़िता ने बताया- कार में जबरन ओरल सेक्स कराया, कुछ बोल नहीं पाई

यौन उत्पीड़न के मामले में फरार चल रहे मलयालम अभिनेता-निर्माता विजय बाबू (Malayalam actor Vijay Babu) के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद केरल पुलिस ने उसकी (आरोपित) तलाश तेज कर दी है। मलयालम फिल्म इंडस्ट्री की एक अभिनेत्री ने विजय बाबू पर मारपीट और यौन शोषण का आरोप लगाया है।

मनोरमा की रिपोर्ट के अनुसार, एर्नाकुलम की एक स्थानीय अदालत ने रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) के तहत आरोपित के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। रेड कॉर्नर नोटिस वांछित अपराधियों को गिरफ्तार करने या उनकी गिरफ्तारी की माँग करने के लिए जारी किया जाता है। रेड कार्नर नोटिस की मदद से गिरफ्तार किए गए अपराधी को उस देश भेज दिया जाता है, जहाँ उसने अपराध किया होता है। वहीं उस पर उस देश के कानून के हिसाब से मुकदमा चलता है और सजा दिलाई जाती है। गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद अभिनेता विजय बाबू की तस्वीरें और जिस मामले में उन पर आरोप लगाए गए हैं, आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन (इंटरपोल) की वेबसाइट पर दिखाई देगी। रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद दुबई पुलिस कानूनी रूप से अभिनेता को हिरासत में लेकर उसे भारत भेज सकती है।

पुलिस के अनुसार, कोझीकोड की रहने वाली एक महिला ने 22 अप्रैल को एर्नाकुलम में विजय बाबू के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। उसने अपनी शिकायत में कहा था कि अभिनेता ने एर्नाकुलम के एक फ्लैट में 13 मार्च से 14 अप्रैल, 2022 तक उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया और उसे पीटा भी। महिला ने अभिनेता पर यौन शोषण से पहले नशा कराने का भी आरोप लगाया है। हालाँकि, 26 अप्रैल की रात को विजय बाबू ने फेसबुक पर लाइव होकर आरोप लगाया कि वह युवती उन्हें फँसा रही है। ‘असली पीड़ित’ तो वह खुद है। उन्होंने कहा, “मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। मैं पीड़ित हूँ। इस देश का कानून उसकी रक्षा कर रहा है और वह आराम से है, जबकि इस मामले में मुझे ही परेशान किया जा रहा है।”

बता दें कि अतिरिक्त सीजेएम अदालत ने रविवार (8 मई 2022) को विजय बाबू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। जाँच दल ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय जल्द ही इंटरपोल और दुबई पुलिस को गिरफ्तारी वारंट भेजेगा। वहीं बाबू ने फरार होने से पहले एक अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन केरल हाई कोर्ट ने उस पर कोई भरोसा नहीं किया। इस मामले को कोर्ट ने 18 मई तक के लिए आगे बढ़ा दिया है।

कर्नाटक: मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर के खिलाफ 1000 मंदिर में पढ़ी गई हनुमान चालीसा, हिंदू नेता बोले- CM योगी जैसी हिम्मत दिखाओ

श्रीराम सेना प्रमुख प्रमोद मुतालिक ने सोमवार (9 मई 2022) को कर्नाटक के मैसूर के मंदिरों में हनुमान चालीसा या भक्ति गीत बजाने के अभियान की शुरुआत की। सुबह 5 बजे से ही कर्नाटक के कई मंदिरों में हनुमान चालीसा या भक्ति गीत बजने लगे। हिंदू समर्थक संगठनों ने मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर के खिलाफ कार्रवाई करने की माँग को लेकर अभियान चला रखा है। सोमवार को विजयनगर, विजयपुर, मैसूर, बेलगावी जिलों में अभियान शुरू किया गया है।

श्री राम सेना प्रमुख प्रमोद मुतालिक ने 9 मई की सुबह से कर्नाटक के एक हजार से ज्यादा मंदिरों में हनुमान चालीसा पाठ और भजन बजाने का आह्वान किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मस्जिदों में लाउडस्पीकर लगाने के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम साबित हुई है। उन्होंने कहा कि आज सुबह 5 बजे से श्रीराम सेना के कार्यकर्ताओं ने राज्य भर के कई मंदिरों में हनुमान चालीसा या भक्ति गीत बजाना शुरू कर दिया है।

इससे पहले श्री राम सेना के प्रमुख प्रमोद मुथालिक ने रविवार को ऐलान किया था कि 9 मई से राज्य के 1000 से अधिक मंदिरों में सुबह पाँच बजे से हनुमान चालीसा का बजाई जाएगी। यह ऐलान मस्जिदों में लाउडस्पीकरों के खिलाफ किया गया था। 

मुतालिक ने कहा कि पहले चरण में सुबह पाँच बजे मंदिरों में हनुमान चालीसा/सुप्रभात/भक्ति गीत बजाने का अभियान श्रीराम सेना चलाएगी और अगले चरण में अजान के अन्य समय पर यह कदम उठाया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम यह सुबह कर रहे हैं, क्योंकि अदालत के फैसले के मुताबिक रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक माइक या स्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, लेकिन वे सुबह पाँच बजे इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए हम भी इस नियम का उल्लंघन करेंगे और सरकार को चेतावनी देंगे। हमारी लड़ाई मस्जिदों में अजान या नमाज अदा करने के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के खिलाफ है।” बेलगावी में श्रीराम सेना की जिला इकाई ने आज सुबह से इस अभियान की शुरुआत की। पुलिस ने मस्जिदों समेत जिलों के कई संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा कड़ी की है। पूरे राज्य में सुरक्षा बढ़ा दी गई है क्योंकि इस मुद्दे पर सांप्रदायिक झड़पें हो सकती हैं।

रविवार (8 मई 2022) को प्रमोद मुथालिक ने राज्य सरकार पर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार यहाँ मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रही है। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और राज्य के गृह मंत्री अरगा ज्ञानेंद्र को वैसी ही हिम्मत दिखानी चाहिए, जैसी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वहाँ दिखाई है। योगी आदित्यनाथ ने वहाँ धार्मिक स्थलों से अनधिकृत लाउडस्पीकरों के खिलाफ कार्रवाई की है और अन्य को अनुमति योग्य सीमा तक आवाज सीमित रखने का निर्देश दिया है। 

शाहीन बाग़ में नहीं हटा अतिक्रमण, लौटे बुलडोजर: सुप्रीम कोर्ट पहुँचा मामला, AAP विधायक अमानतुल्लाह ने कहा – मुझसे बात करे पुलिस

शाहीन बाग़ में अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए MCD (दिल्ली महानगरपालिका) के बुलडोजर तो पहुँचे, लेकिन वहाँ के स्थानीय लोग और खासकर महिलाएँ बुलडोजरों के सामने बैठ गईं। 2019 के अंत में और 2020 के शुरुआत में अहहीं बाग़ CAA-NRC के खिलाफ उपद्रव के लिए सुर्ख़ियों में आया था, जहाँ मुस्लिम महिलाओं ने महीनों जाम लगा कर लाखों लोगों को परेशान किया था।अब यही महिलाएँ बुलडोजरों पर चढ़ गईं, तो कई लोग इनके सामने ही लेट गए।

इसके बाद दोपहर के करीब साढ़े 12 बजे MCD के बुलडोजरों को वापस लौटना पड़ा। जैसा कि जहाँगीरपुरी मामले में हुआ था, सुप्रीम कोर्ट में MCD की कार्रवाई के खिलाफ याचिका पहुँच चुकी है और इस पर आज ही सुनवाई भी हो सकती है। जहाँगीरपुरी में हिन्दू विरोधी दंगे के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर कुछ ही घंटों में सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। इस दौरान लोगों ने जम कर हंगामा किया। पुलिस फोर्स भी शाहीन बाग़ में मौजूद है।

SDMC (दक्षिणी दिल्ली नगर निगम) की कार्रवाई ठीक से शुरू भी नहीं हो पाई थी कि उपद्रवी वहाँ पर जुट गए थे। ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ के विधायक अमानतुल्लाह खान भी वहाँ पर आ धमके और इस कार्रवाई का विरोध किया। कॉन्ग्रेस के कई नेताओं ने भी सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। अमानतुल्लाह खान का कहना है कि उन्होंने तीन दिन पहले यहाँ आकर लोगों को समझाया था, जिसके बाद उन्होंने खुद ही अवैध अतिक्रमण हटा लिए थे।

उन्होंने दावा किया कि मस्जिद के बाहर वजूखाना था, उसे भी हटा दिया गया है। AAP विधायक ने कहा कि सड़क PWD की है और यहाँ स्थानीय पुलिस भी हैं, ऐसे में लोग प्रशासन से बात करेंगे और वो लोग खुद बचा-खुचा अतिक्रमण हटा लेंगे। उन्होंने इसे एक राजनितिक कार्रवाई करार देते हुए कहा कि पुलिस उनसे बात करे। CRPF के कई जवान भी इलाके में तैनात हैं। कई उपद्रवियों को हिरासत में लेकर वहाँ से हटाया गया।

दोपहर के 2 बजे से शाहीन बाग़ मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। अब तक बुलडोजर से सिर्फ एक इमारत के आगे लोहे की रॉड को ही हटाया जा सका है। ये रॉड रेनोवेशन के काम के लिए लगाई गई थी। वहाँ के लोगों ने भी बुलडोजर के डर से खुद ही अतिक्रमण हटाने शुरू कर दिए। सुरक्षा बलों ने किसी भी अनियंत्रित परिस्थिति के लिए आँसू गैस के गोले भी तैयार रखे हैं। सुप्रीम कोर्ट में एक वकील ने इस कार्रवाई के खिलाफ याचिका दायर की है।

रेप की खबर वाले अखबार चुन-चुनकर तैयार किए गए हिंदू देवी-देवताओं के अपमानजनक चित्र: वडोदरा की यूनिवर्सिटी में कला के नाम पर हिंदूघृणा की प्रदर्शनी

गुजरात के वडोदरा स्थित महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी में फाइन आर्ट फैकेल्टी एक प्रदर्शनी के चलते विवादों में आ गई है। बताया जा रहा है कि इसमें कुछ छात्रों द्वारा लगाई गई हिन्दू देवी – देवताओं की तस्वीरें आपत्तिजनक थीं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) ने इसके विरोध में डीन के इस्तीफे की माँग की है। ABVP ने 5 मई 2022 को इस बावत एक पत्र भी लिखा है।

मिली सूचना के मुताबिक फाइन आर्ट फैकेल्टी की यह सालाना प्रदर्शनी थी। इस दौरान छात्रों ने विभिन्न विषयों पर अपनी तैयारियाँ की थीं। जिसमें कई छात्रों की प्रस्तुति रचनात्मक रही लेकिन कुछ ने इसे हिन्दू देवताओं के विरोध का माध्यम बना लिया। आरोप है कि प्रदर्शनी में हिन्दू देवी-देवताओं और भारत के कुछ राष्ट्रीय चिन्हों के चित्रों को रेप केसों से जोड़ा गया है। आरोप है कि हिन्दू देवी और देवताओं के चित्र बनाने के लिए उन अख़बारों का प्रयोग किया गया है जिन पर रेप की खबरें छपी हुई हैं।

इस पूरे मामले की जानकारी होते ही ABVP के छात्र मौके पर पहुँचे। उन्होंने डीन को हटाने की माँग के साथ नारेबाजी शुरू कर दी। ABVP के छात्र मामले की जाँच करवाते हुए आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की भी माँग कर रहे थे। इस माँग का एक प्रार्थना पत्र भी दिया गया है। कुलपति को दिए गए इस पत्र में ABVP ने लिखा, “बड़े शर्म की बात है कि हिन्दू देवताओं के चित्रों को को रेप जैसे मामलों में प्रयोग किया गया।”

ABVP द्वारा दी गई शिकायत

इस से पहले भी फाइन आर्ट फैकेल्टी हिन्दू भावनाओं को आहत कर चुका है। ऑपइंडिया से बात करते हुए ABVP नेता वज्र भट्ट ने कहा, “फाइन आर्ट फैकेल्टी के कुछ छात्रों ने हिन्दू देवताओं के चित्र बनाने के लिए रेप की क्लिपिंग वाले अख़बारों को चुना। रेप के मामले में बहस होनी चाहिए लेकिन इसके लिए हिन्दू देवी-देवताओं को क्यों चुना गया ? इसीलिए हमारी माँग है कि डीन को निकाला जाए। साथ ही यूनिवर्सिटी प्रशासन हमें निष्पक्ष जाँच का भरोसा दे।”

ABVP ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “रेप जैसे मामले में हिन्दू देवताओं के चित्र बनाना घृणित है। भारत के राष्ट्रीय सम्मान अशोक स्तम्भ को भी विकृत किया गया है। ऐसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।” गौरतबल है कि फैकेल्टी के डीन का नाम जयराम पोडवाल है। उन्होंने दावा किया कि वायरल हो रही तस्वीरें उस प्रदर्शनी की नहीं हैं और न ही उन्हें दिखाया गया है।”

यूपी के बाद जम्मू कश्मीर में भी चलेगा बुलडोजर, मस्जिद-मजार सहित वक़्फ़ बोर्ड की सम्पत्तियों को कराया जाएगा कब्ज़ा मुक्त

देश के कई राज्यों में बुलडोजर चलने के बाद अब जम्मू-कश्मीर में भी वक्फ बोर्ड की जमीनों को कब्ज़ा मुक्त कराने के लिए बुलडोजर चलाने की बात सामने आई है। इसकी घोषणा करते हुए जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष डॉ दरख्शां अंद्राबी ने रविवार (8 मई, 2022) को कहा कि जिन लोगों ने वक्फ की जमीन पर कब्जा किया है, जल्द ही केंद्र शासित प्रदेश में उन्हें बुलडोजर का सामना करना पड़ेगा।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, डॉ दरख्शां अंद्राबी यहाँ वक्फ बोर्ड के एक दिवसीय सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। प्रेस को सम्बोधित करते हुए उन्होंने उन सभी को चेतावनी दी जिन्होंने वक्फ बोर्ड की भूमि पर अतिक्रमण किया है और उस पर अवैध ढाँचे का निर्माण किया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही हम अतिक्रमणकारियों के अवैध कब्जे को हटाने और मस्जिद, मजार, मकान सहित वक्फ भूमि और संपत्ति के स्वामित्व को बहाल करने के लिए पूरे जम्मू-कश्मीर में एक तोड़-फोड़ अभियान शुरू करेंगे। वक्फ की जमीन और संपत्ति पर कब्जा करने वालों को जल्द ही बुलडोजर का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने आगे कहा कि यह मीडिया के माध्यम से वक्फ बोर्ड की मस्जिद, मजार या किसी प्रकार की संम्पत्ति पर कब्ज़ा करने वाले सभी अतिक्रमणकारियों को चेतावनी है कि वे हमारे पास आएँ और अपने अवैध कब्जे को सरेंडर कर दें अन्यथा उन्हें बुलडोजर का सामना करना पड़ेगा।

रिपोर्ट के अनुसार, वक्फ बोर्ड की एक दिवसीय सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ अंद्राबी ने की, जिसमें बोर्ड के सदस्य डॉ गुलाम नबी हलीम, सैयद मोहम्मद हुसैन, सीईओ जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड मुफ्ती फरीद, वक्फ प्रबंधित मजहबी स्थलों के सभी प्रशासक भी मौजूद थे।

अपने संबोधन के दौरान, डॉ अंद्राबी ने वक्फ बोर्ड में नए कार्य आदेश के लिए एक रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हमें अपनी बिखरी हुई व्यवस्था को पुनर्निर्मित करना होगा और राजस्व बढ़ाने के लिए संपत्ति और संपत्तियों के उपयोग में विविधता लानी होगी ताकि बिना किसी देरी के नई पहल की जा सके।”

डॉ दरख्शां अंद्राबी ने वक्फ के राजस्व को बढ़ाने के लिए कर्मचारियों के लिए एक लक्ष्य निर्धारित करने की बात कही ताकि नई परियोजनाओं को हाथ में लिया जा सके। उन्होंने मस्जिद, मजार या दूसरे मजहबी स्थलों पर आम लोगों द्वारा दान स्वरुप दिए गए धन की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उपायों पर भी चर्चा की, साथ ही कहा कि जल्द ही एक फुलप्रूफ प्रणाली लागू की जाएगी, जिसमें लोगों की सभी शिकायतों को पूरी तरह से निवारण किया जाएगा। साथ ही फंड-पारदर्शिता की कमी को दूर किया जाएगा।

शुगर को हानिकारक बताने वाली आलिया कर रहीं शुगर वाले उत्पादों का विज्ञापन: लोग बोले – बॉलीवुड वाले पैसे के लिए कुछ भी करेंगे

पहले अक्सर अपनी आईक्यू के कारण विवादों में रहने वाली आलिया भट्ट अब एक नई वजह से लोगों का निशाना बनी हैं। अब आलिया भट्ट शुगर ड्रिंक्स के विज्ञापनों को करने के लिए लोगों के निशाने पर आई हैं। जबकि, वो कह चुकी हैं कि खुद शुगर नहीं खातीं आलिया भट्ट का एक पहले का वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें वो कहती दिख रही हैं कि शुगर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है और वो इसका इस्तेमाल नहीं करती हैं।

जबकि आलिया विज्ञापनों में वो फ्रूटी जैसे उत्पाद का प्रचार करती हुई दिख रही हैं, जिसमें शुगर डाला जाता है। उनके दोहरे रवैये को लेकर लोग उन पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि रुपए के लिए के बॉलीवुड सेलेब्रिटी कुछ भी कर सकते हैं। ‘फ़िल्मी पुलाव’ नाम के एक ट्विटर पेज ने लिखा कि अपने बॉलीवुड आइकॉन्स को जानिए, जो खुद शुगर को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बता कर खाने में उसका इस्तेमाल नहीं करते, लेकिन विज्ञापनों के जरिए कमाई के लिए वो शुगर वाले प्रोडक्ट्स का प्रचार कर सकते हैं।

वर्कफ्रंट की बात करें तो आलिया भट्ट मल्टीस्टारर ‘ब्रह्मास्त्र’ में दिखने वाली हैं, जिसमें रणबीर कपूर, नागार्जुन और अमिताभ बच्चन जैसे बड़े अभिनेता भी हैं।’ब्रह्मास्त्र’ 9 सितंबर, 2022 को रिलीज होने वाली है।इसके अलावा वो ‘डार्लिंग्स’ नामक फिल्म का निर्माण भी कर रही हैं, जिसमें वो बतौर अभिनेत्री भी दिखेंगी। इसमें शेफाली शाह और विजय वर्मा भी मुख्य भूमिकाओं में होंगे। आलिया भट्ट ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ में भी दिखाई देंगी।

करण जौहर द्वारा निर्देशित इस फिल्म में उनके ऑपोजिट रणवीर सिंह होंगे, जबकि धर्मेंद्र, जया बच्चन और शबाना आजमी जैसी वरिष्ठ हस्तियाँ इस फिल्म का हिस्सा होंगी। हाल ही में आई आलिया भट्ट की फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ ने दुनिया भर में 196 करोड़ रुपए की कमाई की, जबकि भारत में इसका कलेक्शन 117 करोड़ रुपए नेट रहा। साथ ही वो तेलुगु फिल्म ‘RRR’ का भी हिस्सा थीं, जिसने अब तक 1125 करोड़ रुपए से भी अधिक की कमाई कर ली है।

लेखक नीलोत्पल मृणाल पर 10 साल तक रेप करने का आरोप, FIR दर्ज: पीड़िता ने कहा- पुलिस से भी दिलवाई जाती थी धमकी

लेखक और साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित नीलोत्पल मृणाल पर एक उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की रहने वाली 32 साल की महिला ने रेप का आरोप लगाया है। लेखक के खिलाफ दिल्ली के तिमारपुर पुलिस स्टेशन में बलात्कार का केस दर्ज हुआ है। महिला का आरोप है कि लेखक ने शादी का झाँसा देकर उससे 10 साल तक दुष्कर्म किया।

इस बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली पुलिस ने ANI से कहा कि एक महिला की शिकायत पर लेखक के खिलाफ तिमारपुर थाना क्षेत्र में दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ है। घटना की जाँच चल रही है। रेप का आरोप लगाने वाली महिला ने अपनी FIR में ये भी कहा है कि एक पुलिस अधिकारी ने भी उस लेखक पर केस दर्ज करने को लेकर धमकाया है। अधिकारी ने महिला और उसके पिता पर केस वापस लेने का दवाब भी बनाया था। उसने महिला के पिता से कहा कि अगर उसकी बेटी केस करेगी तो उस पर लेखक से पैसे के लिए ब्लैकमेल करने का आरोप लगा दिया जाएगा।

साल 2013 में लेखक से मिली थी महिला

बता दें कि महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि वो संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा की तैयारी करने के दौरान साल 2013 में लेखक से मिली थी और बाद में उनकी दोस्ती हो गई। इसके बाद लेखक ने उससे शादी का वादा करके उसका फायदा उठाया। वो दस सालों से दुष्कर्म की शिकार है। वहीं कोर्ट ने लेखक की गिरफ्तारी पर 31 मई तक रोक लगा दी है। दरअसल लेखक की तरफ से कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश पारित किया है।   

कौन है नीलोत्पल मृणाल?

मूलरूप से झारखंड निवासी नीलोत्पल मृणाल साहित्य जगत का जाना-माना नाम हैं। उन्हें साल 2016 में मशहूर बुक ‘डार्क हॉर्स’ के लिए साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। नीलोत्पल मृणाल का जन्म 25 दिसंबर 1984 में दुमुका में हुआ था। ‘डार्क हॉर्स’ के अलावा उनकी किताब ‘औघड़’ भी काफी चर्चा में रही है।