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शाहीन बाग में अवैध निर्माण को ढाहने पहुँचा बुलडोजर, सामने बैठ गए कॉन्ग्रेसी नेता और लोग: दिल्ली पुलिस और CRPF की तैनाती

दिल्ली के शाहीन बाग में आज अतिक्रमण विरोधी अभियान चलेगा। दिल्ली पुलिस ने दक्षिण दिल्ली नगर निगम को इस अभियान के लिए पुलिस बल देने का एलान किया है। इसी के साथ ही शाहीन बाग में बुलडोजर चलने संबंधी तमाम अटकलों पर विराम लग गया है। इलाके में पैरामिलिट्री भी तैनात कर दी गई है।

स्थानीय लोग कुछ नेताओं के सह पर अतिक्रमण हटाने आए बुलडोजर के सामने आकर बैठ गए हैं। आज तक की रिपोर्ट के अनुसार ये नेता खुद को कॉन्ग्रेस से जुड़ा बता रहे। इन नेताओं का कहना है कि गरीबों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है, जो नहीं होने दिया जाएगा। जबकि दक्षिण दिल्ली नगर निगम का स्पष्ट कहना है कि बुलडोजर वाली कार्रवाई सिर्फ अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर है।

CNN न्यूज़ 18 के मुताबिक अतिक्रमण विरोध अभियान 11.30 बजे शुरू हो सकता है। इलाके में भारी पुलिस बल दिखाई दे रहा है। बुलडोजर भी शाहीन बाग़ में पहुँच चुके हैं। इस बार दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने किसी भी वकील के लिए जहाँगीरपुरी की तरह कोर्ट से स्टे लेने के विकल्प नहीं छोड़े हैं। स्थानीय मेयर ने उन इलाकों का दौरा भी कर लिया है, जहाँ बुलडोजर चलने हैं।

SDMC सेंट्रल ज़ोन के चेयरमैन राजपाल ने कहा, “हमारे अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह से तैयार हैं। टीमों का गठन कर लिया गया है। जहाँ भी अतिक्रमण होगा, उसे हटाया जाएगा। यह अभियान तुगलकाबाद, संगम विहार, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी और शाहीन बाग में चलेगा।”

इस से पहले कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में शाहीन बाग में बुलडोजर चलने पर संदेह जताया गया था। इस संदेह के पीछे पर्याप्त पुलिस बल न होना कहा गया था। वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने इस बुलडोजर अभियान के खिलाफ अदालत में याचिका दाखिल की है।

CPI की सुप्रीम कोर्ट में डाली गई याचिका में कहा गया, “प्राधिकरण झुग्गी-बस्तियाँ ढहाने का प्लान बनाए हुए है। मई महीने के ही 4 तारीख को संगम विहार में गरीबों के घरों पर बुलडोजर चला था। सोमवार को यही काम शाहीन बाग में भी होना है। दक्षिण दिल्ली नगर निगम पुलिस बल के साथ मिल कर ओखला शाहीन बाग में भी यही करने जा रहा है। उन्हें ऐसा करने से रोका जाए।”

गौरतलब है कि दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने इसी माह शाहीन बाग से अतिक्रमण हटाने का फैसला किया था। इस बावत उन्होंने अतिक्रमण करने वालों को नोटिस दे दी थी। साथ ही सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस को भी सूचित कर दिया गया था।

विधानसभा भवन के बाहर खालिस्तानी झंडे: हिमाचल पुलिस ने SFJ के पन्नू पर लगाया UAPA, CM ठाकुर को दे चुका है धमकी

हिमाचल प्रदेश विधानसभा भवन में खालिस्तानी झंडे लगाने के मामले में अब पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। हिमाचल पुलिस ने इस मामले में सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के जनरल काउंसिल गुरपतवंत सिंह पन्नू को मुख्य आरोपित बनाया है। साथ ही एक एफआईआर भी दर्ज की गई है, जिसमें यूएपीए (UAPA) समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

सभी जिलों को दिए गए निर्देश 

हिमाचल प्रदेश पुलिस के मुताबिक, आईपीसी के सेक्शन 153-A, 153-B और यूएपीए के सेक्शन 13 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा आरोपितों को पकड़ने के लिए इंटरस्टेट बॉर्डरों को सील कर दिया गया है। इसके लिए हर जिले के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही तमाम ऐसी जगहों पर छापेमारी की जा रही है, जहाँ खालिस्तानी समर्थकों के छिपने की संभावना हो। 

क्या है पूरा मामला?

दरअसल हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मेन गेट पर खालिस्तान के झंडे लटकाए गए और इसकी दीवारों पर कुछ आपत्तिजनक नारे भी लिखे गए। विधानसभा परिसर के मेन गेट नंबर एक की बाहरी तरफ ये झंडे लटके मिले जिन्हें बाद में प्रशासन ने हटा दिया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जाँच शुरू की। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। उन्होंने कहा, “हिमाचल सौहार्दपूर्ण राज्य है और यहाँ शांति कायम रहनी चाहिए। धर्मशाला में हुई घटना के दोषी जहाँ भी होंगे उन्हें शीघ्र पकड़ा जाएगा। उन लोगों का यह कायरतापूर्ण दौर अब अधिक नहीं चलेगा। निश्चित तौर पर इस घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’ 

मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए लिखा, “धर्मशाला विधानसभा परिसर के गेट पर रात के अंधेरे में खालिस्तान के झंडे लगाने वाली कायरतापूर्ण घटना की मैं निंदा करता हूँ। इस विधानसभा में केवल शीतकालीन सत्र ही होता है इसलिए यहाँ अधिक सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता उसी दौरान रहती है। इसी का फायदा उठाकर यह कायरतापूर्ण घटना को अंजाम दिया गया है, लेकिन हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस घटना की त्वरित जाँच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। मैं उन लोगों को कहना चाहूँगा कि यदि हिम्मत है तो रात के अंधेरे में नहीं, दिन के उजाले में सामने आएँ।”

पन्नू ने दी थी सीएम जयराम ठाकुर को धमकी

उल्लेखनीय है कि अगस्त 2021 में SFJ आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू (Gurpatwant Singh Pannu) ने हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर को धमकी दी थी कि वह उन्हें 15 अगस्त को तिरंगा नहीं फहराने देगा। आडियो संदेश में ये भी कहा गया था कि पंजाब के बाद वे हिमाचल में भी कब्जा करेंगे, क्योंकि हिमाचल का कुछ क्षेत्र पहले पंजाब का हिस्सा था।

सेना में गए तो अपने बिरादरों को मारना पड़ेगा… केरल के अस्कर अली ने खोली कट्टरपंथी तालीम की पोल, कहा- इस्लाम ही असली फासीवाद है

इस्लाम छोड़ने का ऐलान वाले केरल के अस्कर अली पर 1 मई 2022 को कोल्लम में मुस्लिम भीड़ के हमले का शिकार होना पड़ा था। तब उनके अपहरण का भी प्रयास हुआ था। उन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान यौन शोषण होने का खुलासा किया था। अब अस्कर अली ने कई नए सनसनीखेज खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया है कि मुस्लिम रहने के दौरान उन्हें सेना तक में जाने से मना किया जाता था।

टाइम्स नाउ से बात करते हुए अस्कर अली ने कहा, “हमें दूसरे समुदायों से नफरत करना सिखाया जाता था। हमको सेना में भी जाने से मना किया जाता था। बोला जाता था कि सेना में अपने ही बिरादरी के लोगों को मारना पड़ेगा जो हमारे सिद्धांतों के खिलाफ है। जो भारत की सीमा में घुसपैठ करना चाहते हैं क्या वो मुस्लिम नहीं है ? सेना में हमें उन घुसपैठियों को मारने का दबाव बनाया जाएगा। हमारा मज़हब किसी और मुस्लिम को मारना नहीं सिखाता है।”

अस्कर अली ने आगे बताया, “मुझे मिल रही ये शिक्षा असल में बहुत ही खतरनाक है। ये बातें उन्होंने सिर्फ हमें नहीं बताईं बल्कि यही सोच वो हमारे समाज में फैला रहे हैं। किसी संगठन पर बैन लगाने का मतलब ये नहीं होगा कि उस सोच को खत्म कर दिया गया है। इस्लाम ठीक वैसे ही रहेगा। यह ही असली फासीवाद है।”

गौरतलब है कि अस्कर अली मल्ल्पुरम के रहने वाले हैं। उन्होंने वहीं के एक संस्थान से 12 साल का हुदावी कोर्स किया है। उनका कहना है, “मैंने इस्लाम छोड़ने से पहले इसका विस्तार से अध्ययन किया। (हुदावी) कोर्स के दौरान मैंने जो जो पढ़ा वो मुझे ऐसा करने पर मजबूर किया। जो लोग धर्म छोड़ते हैं उन्हें उनके परिवार के सदस्य नीच प्राणी के रूप में देखा जाता है। इस्लाम छोड़ने की घोषणा के बाद से ही मुझे अपने रिश्तेदारों और अन्य कट्टरपंथी तत्वों द्वारा जान से मारने जैसी धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।”

इस दौरान वो रविवार (1 मई, 2022) को ‘वैज्ञानिक सोच, मानवतावाद और समाज में सुधार की भावना’ को बढ़ावा देने वाले संगठन ‘एसेंस ग्लोबल’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में गए थे। यहाँ उन्हें इस्लामी अध्ययन के छात्र के रूप में अपने अनुभव को साझा करना था। अस्कर अली की शिकायत के मुताबिक, “मलप्पुरम में लोगों के एक समूह ने मेरे अपहरण की कोशिश की। मुझे कोल्लम समुद्र तट पर ले जा कर मेरे साथ मारपीट की गई। उन्होंने मेरा मोबाइल फोन तोड़ दिया गया और मेरे कपड़े फाड़ दिए गए थे। मुझे जबरन एक वाहन में ले जाने का प्रयास किया जा रहा था। स्थानीय लोगों के शोर मचाने पर पुलिस ने मुझे बचाया।”

द कश्मीर फाइल्स की तारीफ करना अक्षय कुमार की मजबूरी: विवेक अग्निहोत्री ने बताया- पीठ पीछे किसी ने नहीं किया सपोर्ट

बॉलीवुड डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री की हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स बॉक्स’ ऑफिस पर एक बहुत बड़ी हिट साबित हुई। कश्मीर से कश्मीरी पंडितों के पलायन और उन पर हुए अत्याचार पर बनी यह फिल्म रिलीज के बाद से लेकर अब तक एक हॉट टॉपिक बनी हुई है। इतना ही नहीं बॉलीवुड के अंदर चल रही गैंग को लेकर भी विवेक अग्निहोत्री ने खुलकर निशाना साधा है। 

वहीं अब विवेक अग्निहोत्री के इंटरव्यू की एक शॉर्ट क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें उन्होंने अक्षय कुमार के फिल्म को सपोर्ट करने पर अब अपना रिएक्शन दिया है। डायरेक्टर ने साफ कहा कि फिल्म की तारीफ करना अक्षय कुमार की मजबूरी थी। डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री दावा करते हैं कि कि इंडस्ट्री की तरफ से उन्हें कोई तारीफ या सपोर्ट नहीं मिला।

विवेक ने आगे कहा कि अक्षय कुमार की ‘बच्चन पांडे’ फ्लॉप हो गई थी जिसकी वजह से उन्हें मजबूरी में ‘द कश्मीर फाइल्स’ की तारीफ करनी पड़ी। विवेक अग्निहोत्री ने हाल में आरजे रौनक के साथ एक इंटरव्यू किया। इस दौरान आरजे रौनक कहते हैं, “बॉलीवुड के सारे लोगों ने आपकी फिल्म की सराहना की है।” तब विवेक अग्निहोत्री ने कहा, “जैसे… जैसे नाम बताओ।” आगे आरजे रौनक ने कहा, “अक्षय कुमार ने बोला।” विवेक जवाब देते हैं, “वो तो मजबूरी में, क्या बोलेगा आदमी जब सौ लोग सामने खड़े होके सवाल पूछेंगे कि कश्मीर फाइल्स चली आपकी फिल्म नहीं चली, मैं एक फंक्शन में था भोपाल में, तो उन्हें बोलना पड़ गया।” विवेक बताते हैं, “पीछे कोई तारीफ नहीं करता।”

बता दें कि अक्षय और विवेक रंजन अग्निहोत्री भोपाल में एक कार्यक्रम में एक साथ हिस्सा लेने पहुँचे थे। जहाँ अक्षय ने ‘कश्मीर फाइल्स’ का तारीफ करते हुए कहा था कि एक लहर बनकर आई जिसने सभी को झंझोर दिया और उनकी फिल्म को भी डुबो दिया। बता दें कि अक्षय की फिल्म ‘बच्चन पांडे’, ‘द कश्मीर फाइल्स’ के रिलीज के एक हफ्ते बाद रिलीज हुई थी, जो अपना कमाल नहीं कर पाई थी।

वहीं अक्षय कुमार की पत्नी ट्विंकल खन्ना ने तंज कसा था। उन्होंने इस तरह की फिल्म बनाने वाले फिल्म निर्माताओं को क्लर्क की संज्ञा दी थी। ट्विंकल खन्ना ने कहा था कि कश्मीर फाइल्स की सफलता के बाद फिल्म निर्माता ‘अंधेरी फाइल्स’, साउथ ‘बॉम्बे फाइल्स’ नाम पंजीकृत कराने के लिए भाग-दौड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बड़े शहरों के नाम पहले ही रजिस्टर्ड किए जा चुके हैं। इसलिए अब छोटे-छोटे मुहल्लों का विकल्प बचा है।

पाकिस्तान के 17 हिंदू शरणार्थियों को मिली भारत की नागरिकता: अहमदाबाद में शपथ पत्र लेकर कहा – सुरक्षित महसूस कर रहे

पाकिस्तान के 17 हिंदू शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिल गई है। इन सभी शरणार्थियों को अहमदाबाद के कलेक्टर संदीप सांग्ले ने शपथ पत्र दिया। सभी शरणार्थियों ने इसके लिए शुक्रिया अदा किया। इस दौरान कलेक्टर ने शरणार्थियों से बात भी की। बातचीत के क्रम में एक शरणार्थी ने बताया कि वो भारत में शांति और सुरक्षित महसूस करते हैं। इसलिए वो भारत की नागरिकता पाकर बेहद खुश हैं। 

नागरिकता अधिनियम के प्रावधानों के तहत, सात या अधिक वर्षों से भारत में रहने वाले विदेशी नागरिकों को संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करने के बाद नागरिकता मिलती है।

पाकिस्तानी नागरिकों को भारत की नागरिकता को लेकर एक खबर और है। इस खबर के अनुसार कई साल से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में रहने वाले 17 पाकिस्तानी नागरिकों को भी जल्द भारतीय नागरिकता मिल सकती है। ये सभी यहाँ पर बिना नागरिकता के ही रह रहे हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि अब इनका इंतजार जल्द खत्म हो सकता है।

केंद्र व प्रदेश सरकार ने बांग्लादेश, अफगानिस्तान व पाकिस्तान के रहने वाले लोगों की नागरिकता के आवेदनों में मिली कमियों को दूर करा कर उनका जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। अलीगढ़ शहर में रहने वाले हिंदू परिवारों के लोगों में से तीन को भारतीय नागरिकता मिल चुकी है, जबकि चार पाकिस्तानी मुस्लिम भी नागरिकता का इंतजार कर रहे हैं। पिछले साल दिसंबर 2019 में पाकिस्तान के सिंध से भाग कर आए 8 हिंदू शरणार्थियों को भारत की नागरिकता दी गई थी।

रात में कमरे में लेकर जाकर मुफ्ती करता है गलत काम: ईद पर घर लौटे बच्चे ने अब्बू से की शिकायत, बताई मदरसे में कुरान पढ़ाने वाले मौलवी की करतूत

UP के मेरठ जिले में एक मदरसे के मुफ़्ती पर बच्चे के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। आरोपित मुफ़्ती का नाम अब्दुल कलाम है। वह मदरसा दावातुल इस्लाम में बच्चों को कुरान पढ़ाता था और अन्य मज़हबी तालीम देता था। आरोप है कि मुफ़्ती कई अन्य बच्चों के साथ भी कुकर्म कर चुका है। पुलिस ने मामले में (7 मई 2022) को FIR दर्ज कर ली है। आरोपित मुफ़्ती फरार है।

एक वीडियो में थाने में बैठे बच्चे को कहते सुना गया, “मेरे साथ 19 – 20 बार गलत काम किया गया। मुफ़्ती रात को कमरे में से उठा कर ले जाता था। कमरे में 10 – 11 बच्चे थे। वो 3 और भी बच्चों के साथ ऐसा करते हैं। वो थोड़े बड़े बच्चों के साथ ये सब करता था। वो बच्चे भी नजफगढ़ के रहने वाले हैं। उन सभी ने अपने घर पर यह बात बताई है। मैं जब ईद पर अपने घर गया तब अब्बू को यह बात बताई थी।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सभी पीड़ित बच्चे सहरानपुर के निवासी हैं। मुफ़्ती उनके साथ 7 माह से कुकर्म कर रहा था। मदरसा मेरठ के इकराम नगर के फरीद कॉलोनी में स्थित है। बच्चे को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया गया है। पुलिस में शिकायत दर्ज होते ही आरोपित मुफ़्ती फरार हो गया है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस इस मामले में अभी अन्य बच्चों के भी बयान दर्ज करेगी जो ईद की छुट्टी से लौट कर नहीं आए हैं।

गौरतलब है कि इसी साल जनवरी माह में UP के ही हरदोई जिले में शाहाबाद इलाके में एक मदरसे में वहीं पढ़ने वाले 10 साल के बच्चे के साथ कुकर्म हुआ था। तब आरोप मदरसा जामिया सैयद उल अबरार में कस्बे के बलाईकोट मोहल्ले का रहने वाले अरबाज पर लगा था। वह हाफिजा का छात्र है। आरोप था कि अरबाज ने कुकर्म मदरसे के अंदर ही किया था। पुलिस ने आरोपित को पकड़ लिया था।

भगवान श्रीराम हो गए लड़ाकू रैंबो, हनुमान गुस्से के प्रतीक हैं: छत्तीसगढ़ CM बघेल की BJP-RSS पर टिप्पणी, बोले- राहुल गाँधी अकेले दमदार नेता

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार (मई 8, 2022) को भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय सेवक संघ को निशाना बनाने के चक्कर में भगवान श्रीराम और हनुमान पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। सीएम बघेल ने भाजपा-आरएसएस पर निशाना साधने की आड़ में भगवान श्रीराम को रैंबो कहा और हनुमान जी को क्रोध का प्रतीक। कॉन्ग्रेस नेता व प्रदेश सीएम ने इंडियन एक्सप्रेस को कहा कि भारत इस समय ‘भड़काऊ और आक्रमक राष्ट्रवाद’ के दौर से गुजर रहा है जहाँ किसी आपत्ति या असहमति के लिए कोई जगह नहीं है। इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ये दौर एक समय के बाद गुजर जाएगा और कॉन्ग्रेस की दोबारा सत्ता वापसी होगी।

श्रारीम और हनुमान पर CM बघेल की टिप्पणी

उन्होंने कहा, “राम हमारी संस्कृति में समाए हुए हैं। राम साकार और निराकार दोनों हैं… हमने राम को विभिन्न रूपों में स्वीकार किया है। हम कबीर के राम, तुलसी के राम और शबरी के राम को जानते हैं। राम हर भारतीय के दिल और दिमाग में रहते हैं। कार्यकर्ताओं ने राम को एक रूप में स्वीकार किया है, किसान उन्हें दूसरे रूप में देखते हैं, आदिवासी उनका एक और रूप देखते हैं, बुद्धिजीवी और भक्त उन्हें दूसरे रूप में देखते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “महात्मा गाँधी भी राम को मानते थे। उन्होंने आखिर शब्द ही ये कहा था- ‘हे राम’ थे। वे रघुपति राघव राजा राम का पाठ करते थे। लेकिन आज भाजपा और आरएसएस जिस तरह से राम को देखते हैं और जो एजेंडा तय कर रहे हैं, उन्होंने उन राम को बदल दिया है जो ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ थे और हर भक्त के दिलों में प्रेम के प्रतीक के रूप में रहते हैं। भाजपा-आरएसएस ने उन्हें लड़ाकू रैम्बो बना दिया है। इसी तरह हनुमान नम्रता, भक्ति और ज्ञान के प्रतीक हैं। लेकिन आज उनके पोस्टर आक्रमक हैं। यदि आप हनुमान जी के पुराने चित्रों को देखें, तो देखेंगे कि भगवान बहुत सुंदर थे, भक्ति और ध्यान मुद्रा में थे। मगर आज वह क्रोधित और आक्रामक हैं। जिस तरह से वे समाज की मानसिकता को स्थापित कर रहे हैं उन्होंने पहले राम के साथ ये किया (आक्रमक दिखाया) और अब हनुमान के साथ ऐसा कर रहे हैं। हमारा राम कबीर और तुलसी का है, आदिवासियों, किसानों और श्रमिकों के है राम- सौम्य राम जो सर्वव्यापी हैं।”

भाजपा का राष्ट्रवाद ‘मुसोलिनी’ से आया, कॉन्ग्रेस की होगी सत्ता में वापसी

भाजपा पर निशाना साधने के लिए सीएम बघेल ने कहा कि इस पार्टी के राष्ट्रवाद का विचार इम्पोर्ट किया हुआ है। बीएस मुंज का नाम लेते हुए उन्होंने पूछा, “मुसोलिनी से कौन मिला था, वह बीएस मुंज थे….ड्रम, टोपी, सब कुछ इम्पोर्ट किया हुआ है। इनके राष्ट्रवाद में असहमति और आपत्ति को जगह नहीं है। हमारा राष्ट्रवाद बिलकुल अलग था। हम शुरुआत से ही परंपराओं से जुड़े रहे जिसका विकास शंकराचार्य, कबीर, गुरु नानक, रामकृष्ण परमहंस द्वारा हुआ।”

पार्टी की सत्ता वापसी को लेकर सीएम बघेल ने कहा कि भारतीय समाज प्रेम, भाईचारा और सहिष्णुता चाहता है। यही देश की संस्कृति रही है। अंत में सिर्फ प्रेम और भाईचारा ही जीतेगा। कॉन्ग्रेस नेता उम्मीद करते हैं कि जिस दौर से देश गुजर रहा है उसका जल्द अंत होगा। लोग समझ चुके हैं कि अब हद्द हो गई है। हिंसा अलग अलग राज्यों में हो रही है। उन्होंने कहा, “मैं नाम नहीं लेना चाहता। लेकिन क्या ये हिंसा का नेतृत्व कोई कर रहा है। ये बिन सिर की है। अगर ऐसा एजेंडा तय होता है तो ये देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।”

सीएम बघेल के लिए राहुल गाँधी निर्भीक राजनेता

अपने इंटरव्यू में सीएम बघेल ने राहुल गाँधी को एकमात्र निर्भीक व दमदार राजनेता कहा जो भाजपा से नहीं डरते हैं और सीधे उन पर हमला करते हैं। सीएम बघले के अनुसार सिर्फ राहुल गाँधी ही ऐसे नेता हैं जो लोगों के कल्याण का सोचते हैं। चाहे वो महंगाई का मामला हो, बेरोजगारी का, जीएसटी या नोटबंदी का।

भूपेश बघेल के पिता पर भी है श्रीराम पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप

गौरतलब है कि केवल सीएम बघेल ने भाजपा के कंधे पर बंदूक रखकर हिंदू देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की। उनकी छवि पर सवाल नहीं उठाए बल्कि उनके पिता नंद कुमार बघेल पर भी भगवान राम के बारे में कथिततौर पर अपमानजनक टिप्पणी का आरोप लगा था। साल 2021 में उनके खिलाफ एफआईआर हुई थी क्योंकि उन्होंने ब्राह्मणों को लेकर कहा था कि वह ब्राह्मणों को गंगा से वोल्गा भेजेंगे। जैसे अंग्रेज आकर गए वैसे ही ब्राह्मण भी सुधर जाएँ वरना वोल्गा जाने को तैयार हों।

3 बच्चों के अब्बा के चंगुल से छूटी हिंदू छात्रा, कोर्ट ने भेजा माता-पिता के साथ: धर्मांतरण के बाद निकाह कर चुका था आरिफ

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में बीकॉम की छात्रा का अपहरण व उसका धर्मांतरण करवा कर निकाह करने वाला आरिफ गिरफ्तारी के बाद जेल भेज दिया गया। इस दौरान पीड़ित लड़की भी अदालत लाई गई। अदालत में लड़की ने साफ तौर पर आरिफ के साथ रहने से मना कर दिया। उसने वापस अपने माता-पिता के साथ लखीमपुर खीरी लौटने की इच्छा जताई और उनके साथ चली गई।

लड़की ने अपने बयान में बताया कि आरिफ उसे पहले कोर्ट मैरिज के लिए ले जा रहा था। मगर बीच रास्ते उसने उसका धर्मांतरण करवाया और फिर किसी को 27 हजार रुपए देकर उससे निकाह रचा लिया। पुलिस अब आरिफ पर लगे आरोपो की जाँच कर रही है। वहीं लड़की को उसके माता-पिता के साथ भेज दिया गया है।

बता दें कि पूरा मामला रसूलपुर थाना क्षेत्र का है। इस इलाके की रहने वाली एक हिंदू लड़की कॉलेज में बी.कॉम की पढ़ाई कर रही थी। लेकिन, 25 अप्रैल 2022 को वह अचानक गायब हो गई। परिजनों के बहुत ढूँढने पर भी जब छात्रा नहीं मिली तो अंत में उसके पिता ने थाने में जाकर पुलिस को तहरीर दी और आरिफ को नामजद किया। 30 वर्षीय आरिफ रामगढ़ थाना क्षेत्र के आकाशवाणी रोड का रहने वाला है। कुछ रिपोर्ट्स में उसे तीन बच्चों का अब्बा बताया जा रहा है।

शिकायत के बाद पुलिस आरिफ को गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश देने लगी, लेकिन वह कहीं हाथ नहीं आया। इसी दौरान गुरुवार (5 मई 2022) को पुलिस को मुखबिर से आरिफ के बारे में जानकारी मिली। सूचना के आधार पर पुलिस ने आरिफ को दखल की पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर छात्रा को भी बरामद कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरिफ से पूछताछ की। पूछताछ में आरिफ ने पुलिस को बताया कि वह छात्रा का धर्मांतरण कराने के बाद उससे निकाह कर चुका है। हालाँकि, धर्म परिवर्तन से संबंंधित उसने किसी तरह का कागजात नहीं दिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह लड़की से निकाह करके उसे देहरादून, हरिद्वार में भटका रहा था।

कॉन्ग्रेसी मंत्री के बेटे पर रेप का आरोप, बोली पीड़िता – नशीला ड्रिंक पिला कर कई बार किया बलात्कार, गर्भपात भी करवाया, शराब पीकर मारपीट

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में जलदाय मंत्री डॉ महेश जोशी का बेटा है रोहित जोशी। उस पर 23 साल की एक लड़की को शादी का झाँसा देकर रेप करने का आरोप लगा है। मामले में उत्तरी दिल्ली की पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामले को माधोपुर के एसपी को ट्रांसफर कर दिया है, क्योंकि पहली बार उसके साथ वहीं पर रेप किया गया था।

पीड़िता का आरोप है कि रोहित जोशी ने उसके साथ कई मौकों पर रेप किया। उसने उसकी माँग में सिंदूर भरकर कहा कि अब तुम मेरी पत्नी हो गई हो और हम जल्द ही शादी कर लेंगे। इसके बाद वो उसे हनीमून पर ले गया और उसके साथ रेप किया। आरोप है कि जब वो गर्भवती हो गई तो उसका गर्भपात भी करा दिया।

दिल्ली के सदर थाने में दर्ज एफआईआर में पेशे से पत्रकार पीड़िता ने की संगीन आरोप लगाए हैं। उसने पुलिस को बताया कि उनम दोनों की दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे जान-पहचान बढ़ी और दोनों करीब आ गए। पीड़िता के मुताबिक, पिछले साल 8 जनवरी, 2021 को रोहित उसे सवाई माधोपुर लेकर गया था, जहाँ उसने उसे नशीली चीजें खिलाकर उसका रेप किया। इस दौरान आरोपित ने उसकी नग्न तस्वीरें और वीडियो बना लिए। इसी के बल पर वो उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था।

प्रदेश कॉन्ग्रेस कमिटी का मेंबर है आरोपित

आरोप है कि उसके बाद वो पीड़ित पत्रकार को 20 अप्रैल, 2022 को अपने दोस्त के फार्म हाउस पर ले गया और वहाँ पर उसने पत्रकार की माँग में सिंदूर भरकर कहा कि अब वो उसकी पत्नी है और दोनों जल्द रिशेप्शन करेगा। इसके बाद हनीमून के लिए दोनों मनाली चले गए। लेकिन इसी बीच 11 अगस्त, 2021 को वो गर्भवती हो गई और जब उसने इसके बारे में आरोपित को बताया तो दोनों के बीच काफी झगड़ा हुआ। इसके अगले दिन आरोपित ने पीड़िता को एक बार फिर से अपने दोस्त अजय यादव के ऑफिस में बुलाया और उसके साथ मारपीट की।

उसने जबरन उसका गर्भपात भी करा दिया। इसके बाद भी वो नहीं रुका और 3-4 सितंबर 2021 को दिल्ली के होटल सम्राट में रेप किया और फिर पिछले महीने 17 अप्रैल 2022 को भी उसके साथ दरिंदगी की गई। पीड़िता ने पुलिस को बताया है कि रोहित आए दिन शराब पीकर जबरदस्ती उसका रेप और मारपीट करता था।

भंवरी देवी जैसे हश्र की देता है धमकी

पीड़िता के मुताबिक, रोहित अपने पिता के मंत्री होने की धौंस जमाता है। वो कहता है कि बदमाशों और माफियाओं से उसके कनेक्शन हैं। वो पुलिस नहीं डरता। आरोप है कि रोहित ने पीड़िता और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी भी दी और कहा, “मंत्री का बेटा हूँ मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”

Pak बर्बरता का शिकार हुए शरणार्थियों ने उठाई आवाज, बलिदानियों को श्रद्धांजलि दे कहा- जल्द भारत का हिस्सा होगा PoJK

पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर को वापस पाने के लिए स्वतंत्रता के बाद से अब तक कई लोग बलिदान हुए हैं। ऐसे में 8 मई 2022 को कई राजनीतिक व सामाजिक संगठनों ने जम्मू कश्मीर पीपुल्स फोरम के बैनर तले इन बलिदानियों को श्रद्धांजलि देते हुए एक रैली की।

‘पुण्यभूमि स्मरण’ के नाम से आयोजित यह रैली रविवार को सुबह 10:30 बजे जम्मू के गाँधी नगर स्थित पद्म सचदेव गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज फॉर विमेन में आयोजित की गई।

फोटो साभार: जम्मू कश्मीर नाऊ यूट्यूब चैनल

इसके ब्रोशर में रैली के आयोजकों ने कहा, “15 अगस्त, 1947 को महापुरुषों और नायकों के निरंतर संघर्ष, बलिदान और प्रयासों के बाद भारत आजाद हुआ था, लेकिन पाकिस्तान ने 22 अक्टूबर, 1947 को हमला कर हजारों लोगों को मार डाला। जम्मू-कश्मीर में हजारों लोगों को अपनी जन्मभूमि छोड़ना पड़ा। 1965 और 1971 में छंब क्षेत्र से कई लोगों का पलायन हुआ। आइए हम उस समय बलिदान देने वालों को श्रद्धांजलि देने और अपने पूर्वजों की पवित्र भूमि को याद करने के लिए आयोजित बैठक में भाग लें।”

फोटो साभार: जम्मू कश्मीर नाऊ यूट्यूब चैनल

इसमें इस बात का जिक्र किया गया है कि 1947 में आजादी के बाद 22 अक्टूबर को जम्मू और कश्मीर पर कब्जा करने के इरादे से हमला किया था। इसी के साथ उसने जम्मू-कश्मीर के हजारों वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र पर कब्जा कर लिया। इसी को पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर कहा जाता है और वहाँ के विस्थापितों को पीओजेके के शरणार्थी कहा जाता है।

फोटो साभार: ट्विटर हैंडल फर्रागो अब्दुल

ब्रोशर के मुताबिक, जम्मू और कश्मीर की तत्कालीन सरकार की नीतियों के कारण हजारों पीओजेके शरणार्थी जम्मू-कश्मीर के बाहर भटकने पर मजबूर हैं। सात दशकों से अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे लोगों को मौजूदा सरकार उनके अधिकार देने की कोशिश कर रही है।

फोटो साभार: ट्विटर हैंडल फर्रागो अब्दुल्ला

रैली के आयोजकों ने छंब से विस्थापित हुए कहा कि 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान पलायन करने पर मजबूर हुए छंब के लोगों को आज प्रवासी के तौर पर जाना जाता है।

फोटो साभार: ट्विटर हैंडल फर्रागो अब्दुल्ला

इसमें पीओजेके क्षेत्र के मूल हिंदुओं और सिखों पर किए गए अत्याचार का भी जिक्र किया गया है, जिसमें बताया गया कि उस दौरान हिंदुओं और सिखों की बेरहमी से हत्याओं के साथ महिलाओं का रेप और उनके परिवारों को जिंदा जला दिया गया था। नरसंहार के कारण हजारों हिंदू और सिख परिवारों को पलायन करना पड़ा। इस कारण से बिछड़ गए कई परिवारों का आज तक पता नहीं चल सका।

फोटो साभार: ट्विटर हैंडल फर्रागो अब्दुल्ला

पूर्व एमएलसी रमेश अरोड़ा ने कहा, “इस धरती के इतने बहादुर सपूत 1947 में शहीद हुए थे, जब 22 अक्टूबर 1947 को पीओजेके क्षेत्र में हमला हुआ था। चीन ने पाकिस्तान के साथ पीओजेके के कुछ हिस्सों पर भी कब्जा कर लिया है। चीन का दखल दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है। हाल ही में पाकिस्तान में एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया और कुछ चीनी नागरिकों को मार डाला। पाकिस्तानी सेना बलूच विद्रोहियों पर काफी सख्त है। हमारा कहना है कि पीओजेके के लोगों ने समय-समय पर कहा है कि वे भारत के साथ रहना चाहते हैं।”

फोटो साभार: ट्विटर हैंडल फर्रागो अब्दुल्ला

रमेश अरोड़ा आगे कहते हैं कि 1994 का हमारा संकल्प बहुत स्पष्ट है। इसमें कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच एकमात्र विवाद यह है कि हम पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले POJK को वापस लेना चाहते हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जल्द ही समय बदल जाएगा और POJK जल्द ही भारत का हिस्सा होगा।

इसी तरह से जम्मू के वार्ड नंबर 9 के नगरसेवक सुनीत रैना ने कहते हैं कि यह पहली घटना है जब 1947, 1965 और 1971 में पीओजेके से पलायन करने वाले लोग एक जगह इकट्ठा हो रहे हैं। इतिहास में पहली बार उनकी आवाज सुनी जा रही है।

फोटो साभार: ट्विटर हैंडल फर्रागो अब्दुल्ला

रैली के दौरान पीओजेके से आए लोगों की रक्षा में 1947-1948 के युद्ध में वीरगति पाने वाले भारतीय सेना के वीर जवानों और अधिकारियों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए परिसर में विभिन्न बैनर और पोस्टर का प्रदर्शन किया गया।

रैली में लगाए गए पोस्टरों और बैनरों में पाक अधिकृत कश्मीर के विभिन्न स्थानों और 1947 के हमले का विरोध करने वाले महत्वपूर्ण लोगों की कहानियों को भी प्रदर्शित किया गया था।