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हनुमान चालीसा की जो बात करें, उन्हें मत सुनो: मेघालय गवर्नर का लाउडस्पीकर विवाद पर बयान, बोले- देश विनाश की ओर जा रहा

अपने विवादित बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहने वाले मेघालय के गवर्नर सत्यपाल मलिक (Meghalaya Governor Satyapal Malik) ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “किसानों का आंदोलन खत्म कराने के लिए उनसे जो वादे किए गए थे, वो अब तक पूरे नहीं हुए हैं। किसानों को एमएसपी कानून देने की माँग को तुरंत मान लेना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अगर किसानों की बात नहीं सुनी गई तो मुझे डर है कि इन्हें कहीं दोबारा मैदान में न उतरना पड़े।”

दरअसल, मलिक रविवार (8 मई 2022) को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फर नगर पहुँचे थे। यहाँ उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा, “जिन सवालों का कोई मतलब नहीं है केवल उन पर बहस हो रही है। देश विनाश की ओर जा रहा है। आज सवाल महँगाई और बेरोजगारी पर होने चाहिए, लेकिन लोगों को यह ध्यान ही नहीं रहा। पेट्रोल और डीजल का हाल कोई नहीं पूछ रहा। टैक्स के बारे में कोई बात नहीं कर रहा।”

लाउडस्पीकर विवाद को लेकर उन्होंने कहा, “मैं हिंदू और मुस्लिम दोनों से अपील करता हूँ कि जो लोग हनुमान चालीसा के नाम पर आपको लड़ा रहे हैं। उनकी बातें मत सुनो। लड़ाई छोड़कर इकट्ठा रहो और अपनी रोजी-रोजगार के लिए लड़ना सीखो।”

अपने कार्यक्रम के बाद पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक के आवास पर पहुँचे सत्यपाल मलिक ने बुलडोजर की कार्रवाई पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “मेघालय में बुलडोजर नहीं चलता। यह यूपी सरकार को सूट करता है इसीलिए चलाया जाता है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि कोर्ट इस मामले पर संज्ञान जरूर लेगा।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर से राज्यपाल के तौर पर हटाकर गोवा और फिर मेघालय भेजे जाने के बाद से सत्यपाल मलिक अक्सर केंद्र सरकार की आलोचना करते नजर आते हैं। सत्यपाल मलिक ने 6 मार्च 2022 को जींद जिले के कंडेला गाँव की खाप और माजरा खाप की ओर से आयोजित कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करते हुए लाल किले में तिरंगे का अपमान करने वाले कथित किसानों का बचाव किया था।

उन्होंने किसानों को भड़काते हुए कहा था, “अगर आप इकट्ठा नहीं रहोगे, अपने सवालों को नहीं समझोगे तो यही होगा। लड़ने की आदत डालो। दो साल बाद चुनाव है। इकट्ठा होकर वोट करोगे तो ये सब दिल्ली से भाग जाएँगे। किसानों का राज होगा। किसी से कुछ माँगने की जरूरत नहीं होगी। यूपी के चुनाव का नतीजा भले नहीं आया पर मैं पश्चिमी यूपी घूमा हूँ और वहाँ का बता रहा हूँ। किसी गाँव में कोई मंत्री घुस नहीं पाया। स्मृति ईरानी को तो कई किलोमीटर दौड़ाया। मैं ये कहना चाहता हूँ कि राज बदलो, अपना राज बनाओ। लोग तुमसे भीख माँगेंगे, तुम्हें भीख माँगने की जरूरत नहीं होगी।” मलिक ने किसानों को कहा था कि लाल किले में अपना झंडा फहराओ।

आर्थिक संकट और हिंसक झड़पों के बीच श्रीलंका के PM राजपक्षे ने छोड़ी कुर्सी, पूरे देश में लगा कर्फ्यू: प्रदर्शनकारी बोले- राष्ट्रपति भी छोड़ें अपना पद

श्रीलंका में गंभीर आर्थिक संकट के बीच देश के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने सोमवार (9 मई 2022) को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को अपना इस्तीफा सौंपा। श्रीलंका की स्थानीय मीडिया के हवाले से इस खबर की पुष्टि की गई है।

महिंदा राजपक्षे के बाद उनके मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य मंत्री रहे प्रोफेसर चन्ना जयसुमना ने भी राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया। प्रधानमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा इस द्वीपीय देश में आर्थिक संकट को लेकर विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक झड़पों के बाद दिया है। सोमवार को राजधानी कोलंबो में आर्थिक संकट को लेकर विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी।

प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद महिंदा राजपक्षे ने आम जनता से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है, “जब भावनाएँ उच्च स्तर पर चल रही हैं, हमें ये याद रखना चाहिए कि हिंसा केवल हिंसा को जन्म देगी। हम जिस आर्थिक संकट में हैं, उसे एक आर्थिक समाधान की जरूरत है।”

महिंदा राजपक्षे ने कहा कि आर्थिक संकट के समाधान के लिए ये प्रशासन प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि आर्थिक संकट को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे विरोधियों और महिंदा राजपक्षे के समर्थकों के बीच सोमवार को हिंसक झड़प हो गई। महिंदा राजपक्षे के समर्थकों के हमले में 16 लोग घायल हो गए।

राजधानी कोलंबो में भड़की हिंसा के बाद शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है। दूसरी तरफ, विपक्षी दल भी लगातार पीएम के इस्तीफे और संयुक्त सरकार के गठन की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे पहले महिंदा राजपक्षे ने कहा था कि वे कोई भी बलिदान देने के लिए तैयार हैं। राजपक्षे के इस बयान के बाद से ही उनके इस्तीफे की अटकलें लगाई जाने लगी थीं। राजपक्षे ने यह बात प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास ‘टेम्पल ट्री’ में सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही थी। उनके आवास पर एकत्र हुए एसएलपीपी के सदस्यों ने इनसे इस्तीफा न देने को कहा था।

उनके छोटे भाई और राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे की आर्थिक संकट से घिरी सरकार पर देश को उबारने के लिए अंतरिम सरकार बनाने का दबाव बढ़ गया है। मौजूदा आर्थिक संकट निपटने तक वह अंतरिम सरकार के पक्ष में हैं। गोटाबाया राजपक्षे की अध्यक्षता में राष्ट्रपति भवन में एक विशेष कैबिनेट बैठक में महिंदा राजपक्षे ने श्रीलंका के प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा देने पर सहमति व्यक्त की है। अब प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति से भी इस्तीफा माँग रहे हैं।

मुनव्वर फारूकी ने डाली ‘गर्लफ्रेंड बब्बी’ के साथ तस्वीर तो लोगों ने पूछा – ‘अंजलि का क्या होगा?’

कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी को हाल ही में ‘MX Player’ और ‘ALT Balaji’ पर प्रेरित हुए एकता कपूर के शो ‘Lock Upp’ का विजेता चुना गया। इस शो की होस्ट अभिनेत्री कंगना रनौत थी। ‘लॉक अप’ की ट्रॉफी के साथ कॉमेडियन जब मुंबई के डोंगरी स्थित अपने घर पहुँचा, तब लोगों ने किसी हीरो की तरह उसका स्वागत किया। उसने दिल वाली इमोजी के साथ एक तस्वीर भी इंस्टाग्राम स्टोरी के माध्यम से शेयर की है, जिसमें उसके साथ दिख रही लड़की उसकी गर्लफ्रेंड बताई जा रही है।

कहा जा रहा है कि उस लड़की का नाम नाज़िल है। इस तस्वीर में दोनों एक-दूसरे का हाथ पकड़े हुए दिख रहे हैं। उसने ‘बब्बी बब्बी तेरा नी मैं’ के कैप्शन के साथ-साथ दिलजीत दोसाँझ के गाने ‘लवर’ को भी लगाया। मुनव्वर फारूकी ने हार्ट वाली इमोजी से लड़की का चेहरा हल्का छिपा लिया। हिन्दू देवी-देवताओं का मजाक बनाने वाले कॉमेडियन का नाम ‘Lock Upp’ शो की ही प्रतिभागी अंजलि अरोड़ा के साथ भी जुड़ा था।

अंजलि ने मुनव्वर फारूकी के बारे में बात करते हुए कहा भी था कि दोनों का बॉन्ड ‘सुपर स्पेशल’ है। हालाँकि, फारूकी ने शो में अपनी गर्लफ्रेंड होने का हिंट भी दिया था, जिसे वो ‘बब्बी’ कह कर पुकारता था। मुनव्वर और अंजलि को उनके फैंस साथ में ‘मुंजली’ बुलाने लगे थे। अब ये फैंस इस पोस्ट के बाद मुनव्वर फारूकी से अंजलि अरोड़ा के बारे में पूछ रहे हैं। जहाँ पायल रोहतगी इस शो की पहली रनर-अप रही थीं, दूसरी रनर-अप का ख़िताब अंजलि अरोड़ा को मिला था।

शो की एक अन्य प्रतिभागी सायशा शिंदे ने भी मुनव्वर फारूकी के लिए अपनी फीलिंग्स का इजहार किया था। सायशा शिंदे वही हैं, जिन्होंने खुलासा किया था कि बॉलीवुड में उन्हें एक प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर के साथ सेक्स करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। ‘लॉक अप’ शो की सक्सेस पार्टी भी हुई, जिसमें कंगना रनौत और एकता कपूर भी पहुँचीं। मुनव्वर फारूकी की नई गर्लफ्रेंड ‘नाज़िल’ के बारे में बताया जा रहा है कि वो सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं।

‘Lock Upp’ शो में ही ये भी खुलासा हुआ कि मुनव्वर फारूकी की शादी हो चुकी है और उनका एक बेटा भी है। हालाँकि, मियाँ-बीवी साथ नहीं रहते और दोनों का मामला कोर्ट में है। फारूकी का निकाह कम उम्र में ही हो गया था और पिछले 1.5 साल से दोनों अलग रह रहे हैं। शो में पूनम पांडेय ने कहा था, “ये मुनव्वर अपनी शादी छुपा के 21 साल की लड़की को पटा रहा है। ये फैक्ट है। ये सच है इसने तेरे को (सायशा को) अटका के रखा है।”

पटक-पटक कर इतना मारा…. 6 सेकेंड में मर गया कुत्ता: नशे में धुत शख्स की करतूत Video में कैद, बोला- मुझ पर भौंकता है, ऐसे ही मारूँगा

पालतू जानवरों को बेहरमी से पीटने और उन्हें मारने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब राजस्थान के भरतपुर से एक दिल दहलाने वाला वीडियो सामने आया है। यहाँ एक व्यक्ति ने मामूली सी बात पर पालतू कुत्ते को जमीन पर पटक-पटक कर बेहरमी से मार डाला। यह घटना कोतवाली थाना इलाके की है। कुत्ते के मालिक ने आरोपित के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाबूलाल गर्ग नाम के व्यक्ति का एक पालतू कुत्ता है। पड़ोस के मोहल्ले में रहने वाला अजय कोली जब भी उस रास्ते से गुजरता था, तभी वह कुत्ता उस पर भौंकने लग जाता था। अजय को यह बात बेहद बुरी लगती थी। एक रात को जब यह कुत्ता सड़क किनारे अपने घर के सामने बैठा था, तभी अजय कोली वहाँ से निकल रहा था। वह शराब के नशे में था और अपने साथ एक रस्सी भी लाया था। उसने पहले कुत्ते के गले में रस्सी बाँधी और फिर उसे जोर-जोर से जमीन पर पटकना शुरू कर दिया।

वह तब तक कुत्ते को जमीन पर पटक-पटक कर मारता रहा, जब तक बेजुबान जानवर की मौत नहीं हो गई। जब पड़ोसियों ने अजय से कुत्ते को मारने की वजह पूछी तो उसने कहा कि कुत्ता मोहल्ले में आते-जाते उस पर भौंकता था। वारदात के वक्त भी वह यही कह रहा था, “मुझ पर भौंकता है, इसे ऐसे ही मारूँगा।”

अजय को पड़ोसियों ने रोकना चाहा तो वह उनसे लड़ने को तैयार हो गया। उसने कहा, “अभी नहीं मरा है, इसे मार दूँगा, जिसे जो करना हो कर लेना। तभी वहीं मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया और वायरल कर दिया। कुत्ते की मौत के बाद बाबूलाल रात को कोतवाली थाने पहुँचे और आरोपित की शिकायत दर्ज कराई। वहीं, आरोपित अजय इस घटना के बाद से फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।”

बता दें कि सोशल मीडिया पर इससे पहले भी कई वीडियो वायरल हो चुके हैं, जिसमें बेजुबान जानवरों की निर्दयता पूर्ण हत्या कर दी गई। इसी साल जनवरी में ग्वालियर में एक युवक ने कुत्ते को पहले लाठी से पीटा और फिर पत्थर से कुचलकर उसे मार डाला।

SC में खारिज हुई ‘बुलडोजर अभियान’ के खिलाफ CPI की याचिका, कहा- HC के पास जाएँ, राजनीतिक एजेंडे को यहाँ अनुमति नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एमसीडी के ध्वस्तीकरण अभियान के खिलाफ कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शीर्ष अदालत ने सीपीएम की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि कोई भी प्रभावित पक्ष याचिका का हिस्सा नहीं है और यह पूरी तरह से राजनीतिक प्रकृति का है।

रिपोर्ट के अनुसार, SC ने CPM की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि शीर्ष अदालत किसी की भी या हर याचिका का जवाब नहीं दे सकती है, विशेष रूप से एक जो एक राजनीतिक दल द्वारा दायर की गई है। सीपीएम की ओर से पेश अधिवक्ता सुरेंद्र नाथ ने सुप्रीम कोर्ट से याचिका पर सुनवाई करने और विध्वंस के खिलाफ 2 दिन तक रोक लगाने की गुहार लगाई थी। हालाँकि, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव ने यह देखने के बाद कि कोई भी प्रभावित पक्ष याचिका का हिस्सा नहीं है, याचिकाकर्ता की खिंचाई की।

न्यायमूर्ति जे राव ने कहा, “हम लोगों को हर बार सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की अनुमति नहीं दे सकते, वह भी किसी राजनीतिक दल के इशारे पर। हाई कोर्ट इसे जरूर उठा सकता है, आपको सुप्रीम कोर्ट नहीं, हाई कोर्ट जाना चाहिए था। आप क्या चुनते हैं, या तो आप वापस ले लें या हम इसे खारिज कर देंगे।”

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, एसजी तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कहा कि कुछ दल और समूह ध्वस्तीकरण अभियान को एक समुदाय विशेष के खिलाफ टारगेटेड कार्रवाई के रूप में दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। हालाँकि, यह मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके पास उन लोगों की सूची है जिनके अवैध ढाँचे को ध्वस्त किया गया है।

अंत में, सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए सी.पी.एम. को फटकार लगाई कि सीधे सुप्रीम कोर्ट आना कुछ ज़्यादा ही है। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता को मामले पर पहले उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए कहा।

गौरतलब है कि शाहीन बाग के आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर राजनीतिक ड्रामा चल रहा है, जहाँ एमसीडी अवैध संरचनाओं के खिलाफ विध्वंस अभियान चलाने की कोशिश कर रही है। वहीं आप विधायक अमानतुल्ला खान और माजिद खान इलाके में हैं और लोगों से अभियान का विरोध करने को कह रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग बुलडोजर के रास्ते में खड़े नजर आए। दिल्ली पुलिस एमसीडी अधिकारियों और वाहनों को सुरक्षा मुहैया करा रही है।

संजय राउत पर चरित्र हनन का इल्जाम: BJP नेता किरीट सोमैया की पत्नी ने थाने में दी शिकायत, डराने-धमकाने का भी लगाया आरोप

महाराष्ट्र भाजपा नेता किरीट सोमैया की पत्नी ने शिवसेना के संजय राऊत के खिलाफ मुंबई पुलिस में शिकायत दी है। अपनी शिकायत में डॉ मेधा सोमैया ने संजय राऊत पर अपने खिलाफ मीडिया में दिए गए बयान को अनुचित और दुर्भावनापूर्ण बताया है। उन्होंने संजय राऊत के बयान को अपने चरित्र के हनन का प्रयास बताया है। इसी शिकायत में राऊत पर डराने और धमकाने का भी आरोप लगा है। यह शिकायत 9 मई 2022 (सोमवार) को दी गई है।

किरीट सोमैया की पत्नी की शिकयत में संजय राऊत पर धारा 503, 506 और 509 IPC के तहत कार्रवाई की माँग की गई है। शिकायत में उन्होंने लिखा, “मैं 20 वर्षों से भी अधिक समय से आर्गेनिक केमिस्ट्री की प्रोफेसर हूँ। 16 अप्रैल 2022 को संजय राऊत ने मेरे खिलाफ मीडिया में एक गलत बयान दिया है। यह बयान तमाम मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित हुआ है। साथ ही यह सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुआ।”

शिकायत

यह शिकायत मुलुंड थाने के सीनियर इंस्पेक्टर को दी गई है। इस शिकायत की घोषणा किरीट सोमैया ने एक दिन पहले ही कर दी थी। 8 मई 2022 (रविवार) को ही किरीट ने सुबह 10.49 पर लिखा था, “मेधा, नील और मैं कल 11 बजे मुलुंड ईस्ट पुलिस स्टेशन जाएँगे। वहाँ हम संजय राऊत के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाएँगे।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस से पहले भी मेघा सोमैया संजय राऊत को मानहानि का नोटिस भेज चुकी हैं। नोटिस में उन्होंने संजय राऊत से 48 घंटे में माफ़ी माँगने को कहा गया था। ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई की भी धमकी दी गई थी। गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही संजय राउत ने मेघा सोमैया पर सौ करोड़ रुपए के टॉयलेट घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया था। साथ ही राऊत ने नौसेना के बेटे से हट चुके एयरक्राफ्ट कैरियर पोत ‘विक्रांत’ घोटाले में भी किरीट सोमैया का नाम लिया था।

सोमैया और राऊत के बीच विवाद सांसद नवनीत राणा द्वारा मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने के बाद शुरू हुआ। तब किरीट राणा परिवार से मिलने ख़ास थाने गए थे। इस दौरान उन पर पत्थर फेंके गए थे जिसमें उन्हें चोटें आईं थीं। सोमैया ने उस हमले का आरोप शिवसेना पर लगाया था।

MP नवनीत राणा और पति MLA रवि राणा को फिर से कोर्ट का नोटिस, पूछा – क्यों न जारी हो गैर-जमानती वॉरंट? मुंबई पुलिस ने की है शिकायत

महाराष्ट्र के अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा (Navneet Rana) और उनके विधायक पति रवि राणा की मुश्किलें अब फिर बढ़ सकती हैं। मुंबई की सेशन कोर्ट ने दोनों को नोटिस जारी कर दिया है। नवनीत राणा और रवि राणा से सेशन कोर्ट ने पूछा है कि उन दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी क्यों नहीं किया जाए।

बता दें कि हनुमान चालीसा विवाद में नवनीत राणा और रवि राणा जमानत पर बाहर हैं। लेकिन इस बीच उनपर मुंबई पुलिस ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। मुंबई पुलिस ने कहा था कि नवनीत राणा और रवि राणा ने मीडिया से बात की है जो कि मिली जमानत की शर्तों का उल्लंघन है।

कोर्ट में क्या हुआ?

मुंबई पुलिस की तरफ से पेश वकील ने कहा कि नवनीत जेल के बाहर आने के बाद लगातार कोर्ट के ऑर्डर को चुनौती दे रही हैं। साथ ही पूछा कि क्या सीएम ने उनको जेल भेजकर अपनी शक्ति का गलत इस्तेमाल किया था? क्या उनका ऐसा बोलना ठीक है? 

पुलिस के वकील ने कहा कि यह जमानत ऑर्डर का उल्लंघन है, वह सीएम और शिवसेना के नेताओं को खुलेआम धमकी दे रही हैं। वकील ने कहा कि अगर सांसद को पुलिस या जेल से दिक्कत है तो वह कोर्ट का रुख करें, इसके लिए उनको मीडिया से बात करने की जरूरत नहीं थी। इसलिए उनकी जमानत खारिज होनी चाहिए। आगे गैर जमानती वारंट जारी करने की माँग हुई है।

बता दें कि रविवार (8 मई, 2022) को लीलावती अस्पताल से बाहर आने के बाद नवनीत राणा ने राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को उनके खिलाफ चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि भगवान राम नगर निकाय चुनावों में शिवसेना को सबक सिखा देंगे। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद रविवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वो उद्धव ठाकरे को सीधे निर्वाचित होने की चुनौती देती हैं। वो उनके खिलाफ चुनाव लडूेंगी और जीतेंगी भी। उन्होंने कहा, “मैंने ऐसा कौन सा अपराध किया था कि मुझे 14 दिनों तक जेल में रहना पड़ा। आप मुझे 14 साल के लिए जेल में डाल सकते हैं, लेकिन मैं भगवान राम और हनुमान का नाम लेना बंद नहीं करूँगी। मैं शिवसेना के भ्रष्ट शासन को खत्म करने के लिए राम भक्तों का समर्थन करती रहूँगी।”

नवनीत राणा और उनके पति को इन शर्तों पर मिली है बेल

  • राणा दंपति मामले से जुड़ी कोई भी बात मीडिया के सामने आकर नहीं कह सकते।
  • सबूतों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं कर सकते।
  • जिस मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई है वैसा कोई काम वह फिर से नहीं कर सकते हैं।
  • राणा दंपति को जाँच में सहयोग करना होगा।
  • अगर इंवेस्टिगेशन ऑफिसर (IO) पूछताछ के लिए बुलाता है तो जाना होगा, IO इसके लिए 24 घंटे पहले नोटिस देगा।

क्या है पूरा मामला

अमरावती से सांसद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा ने अपने समर्थकों के साथ मातोश्री (उद्धव ठाकरे का मुंबई स्थित घर) के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ का ऐलान करने के बाद 23 अप्रैल 2022 को खार पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। दोनों के खिलाफ धार्मिक भावनाएँ भड़काने और राजद्रोह का केस दर्ज किया गया था।

हिन्दू पक्ष वापस नहीं लेगा ज्ञानवापी ढाँचे वाला केस, किया नया ऐलान: VHP ने कहा – अयोध्या की तरह निकलेगा काशी का हल

हिन्दू पक्ष ने एक बार फिर से वाराणसी में स्थित ज्ञानवापी विभेदित ढाँचे के भीतर जाकर वीडियो सर्वे जारी रखने की माँग अदालत से की है। माँ श्रृंगार गौरी की पूजा-अर्चना से जुड़े इस मामले को लेकर पहले खबर आ रही थी कि हिन्दू पक्ष ने मामला वापस लेने का मन बना लिया है, लेकिन अब केस दायर करने वाली पाँचों महिलाओं ने साफ़ कर दिया है कि वो ये केस लड़ती रहेंगी। मस्जिद कमिटी को अदालत द्वारा नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर पर आपत्ति है।

मस्जिद कमिटी का कहना है कि एडवोकेट कमिश्नर निष्पक्ष तरीके से काम करने की बजाए एक पार्टी की तरह काम कर रहे हैं। एडवोकेट कमिश्नर का पक्ष सुनने का बाद अदालत फैसला सुनाएगी। मुस्लिम पक्ष उन्हें बदलने की माँग कर रहा है। वादिनी राखी सिंह ने भी स्पष्ट कर दिया है कि अन्य चार महिलाओं की तरह वो भी अपना केस वापस नहीं लेंगी। उनके अधिवक्ता शिवम गौड़ ने भी दीवानी कचहरी में इस बात को स्पष्ट किया है।

उधर ‘सनातन वैदिक संस्था’ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह बिसेन ने भी नया बयान जारी करते हुए केस वापस लेने की बात से इनकार किया है। बिसेन ने वाराणसी में मीडिया पर उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसी ने गलत अफवाह फैला दिया। हालाँकि, 24 घंटे तक उनसे किसी का संपर्क न हो पाने और मोबाइल फोन स्विच्ड ऑफ रहने पर उन्होंने कोई बयान नहीं दिया। इससे पहले मुस्लिम भीड़ ने उपद्रव कर के सर्वे का काम रुकवा दिया था।

उधर संगम नगरी प्रयागराज में ‘विश्व हिन्दू परिषद (VHP)’ की एक बैठक हुई, जिसमें संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय शंकर तिवारी ने कहा कि राम मंदिर के बाद ज्ञानवापी मामले पर विहिप की पूरी नजर है। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम का सूक्ष्म अवलोकन किया जा रहा है। हालाँकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि इसका हल ही अयोध्या की तरह ही संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से निकलेगा। उन्होंने कहा कि ‘ज्ञानवापी’ नाम ही सनातन परंपरा का द्योतक है और विवादित ढाँचे की दीवारों पर हिन्दू प्रतीक चिह्न हैं।

AMU प्रोफेसर असद पर तीन तलाक का केस दर्ज: M.Tech कराने का वादा कर किया निकाह, बाद में माँगने लगा ₹10 लाख दहेज, मारपीट भी की

उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के एक असिस्टेंट प्रोफेसर (AMU Assistant Professor Aligarh) के खिलाफ (Triple Talaq case) क्वार्सी थाने में दहेज उत्पीड़न और बीवी को तीन तलाक देने का मुकदमा दर्ज हुआ है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला का आरोप है कि उसके ससुरालियों ने निकाह से पहले उसे एमटेक कराने का वादा किया था, लेकिन निकाह के बाद उसे उच्च शिक्षा दिलाना तो दूर वे उसे दहेज (Dowry Case) के लिए प्रताड़ित करने लगे। जब यह मामला जब कोर्ट में पहुँचा तो, आरोपित शौहर उसे सड़क पर ही तीन बार तलाक बोल कर चला गया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने फरहीन इजहार के ससुरालियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

इकरा कॉलोनी पूल हाउस में रहने वाली फरहीन इजहार ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया कि उसका 9 नवंबर 2021 को अलीगढ़ मुस्लिम विश्विद्यालय (Aligarh Muslim University) के कंप्यूटर इंजीनियर संकाय के असिस्टेंट प्रोफेसर असद मोहम्मद से उसका निकाह हुआ था। निकाह से पूर्व ससुरालियों ने उसे एमटेक कराने का वादा किया था, लेकिन निकाह के बाद वे अपने वादे से मुकर गए और दहेज की माँग करने लगे। महिला ने यह भी बताया कि वे लोग उससे दहेज में दस लाख रुपए, जमीन और फ्लैट माँगने लगे। तरह-तरह के आरोप लगाकर उसे तंग किया जाने लगा और 14 फरवरी को दहेज की माँग पूरी न होने पर शौहर उसे मायके छोड़ गया।

मजबूरी में महिला ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और ससुराल वालों पर घरेलू हिंसा, दहेज के लिए प्रताड़ित करने का मामला दर्ज करवाया। जब इसका नोटिस ससुराल में पहुँचा, तो ससुराली और बिफर गए। इसके बाद छह मई की सुबह जब वह निजामी पुलिया के पास से अपनी बहन-बहनोई के साथ कहीं जा रही थी, तभी उसका शौहर उसे सरेराह तीन तलाक बोलकर चला गया। इस मामले में शौहर के अलावा जेठ आलम, ननदोई अनस, सास-ससुर पर भी मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने पीड़िता को फोन पर धमकाया। इंस्पेक्टर क्वार्सी ने बताया कि दहेज उत्पीड़न व मुस्लिम विवाह अधिनियम की धाराओं तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

मुंबई में दाऊद के सहयोगियों पर NIA की रेड, 20 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी: माहिम और हाजी अली दरगाह के ट्रस्टी सोहेल समेत 3 हिरासत में

मुंबई में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम गैंग से जुड़े हुए लोगों पर एनआईए (NIA) की छापेमारी जारी है। NIA ने बोरिवली, सांताक्रूज, बांद्रा, नागपाड़ा, गोरेगाँव, परेल के 20 ठिकानों पर छापे मारे हैं। इस छापेमारी में मुंबई की प्रसिद्ध माहिम दरगाह और हाजी अली दरगाह के ट्रस्टी सोहेल खंडवानी के घर पर भी छापेमारी की खबर सामने आई है। इसके अलावा 1993 मुंबई बम धमाकों से संबंधित लोगों के तीन ठिकानों पर भी रेड पड़ी है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, NIA ने जहाँ सोहेल खंडवानी को डिटेन किया है वहीं मुंबई के भिंडी बाजार इलाके से छोटा शकील के साथी सलीम कुरैशी और सलीम फ्रूट को भी कस्टडी में लिया है। NIA की यह रेड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के लिए बड़ी चोट मानी जा रही है।

जाँच एजेंसी NIA ने मुंबई के नागपाड़ा, भिंडी बाजार, मुंब्रा, भिवंडी, गोरेगाँव, बोरीवली सांताक्रुज समेत अन्य जगहों पर छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया है। कई रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि NIA को रेड के दौरान कई अहम दस्तावेज मिलें हैं। ।

रिपोर्ट के अनुसार, इसके पहले ED ने महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक को भी दाऊद से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। प्रवर्तन निदेशालय ने उनके खिलाफ टेरर फंडिंग और डी गैंग से जुड़े हुए लोगों से जमीन का सौदा करने का मामला दर्ज किया था। वहीं अब NIA ने मलिक सहयोगी सुहेल खंडवानी पर कार्रवाई की है। खंडवानी के माहिम स्थित घर पर छापेमारी की गई है। इसके दायरे में दाऊद का गुर्गा छोटा शकील, जावेद चिकना, टाइगर मेनन, इकबाल मिर्ची, दाऊद की बहन हसीना पारकर से जुड़े लोग और उसके रिश्तेदार भी शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुहैल खंडवानी टचवुड रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक हैं। वहीं नवाब मलिक के बेटे फराज मलिक भी 2006-2016 तक उसी फर्म में निदेशक थे। इस कंपनी में फराज के अलावा, फारूक और जकारिया दरवेश भी पार्टनर हैं। बता दें कि 150 करोड़ रुपए की बैंकिंग धोखाधड़ी के लिए सीबीआई द्वारा इस फर्म की भी जाँच की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, NIA की यह रेड दाऊद और उसके गिरोह के सदस्यों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की जा रही है। वही एफआईआर, जहाँ ED को जाँच में नवाब मलिक का कनेक्शन मिला था। बता दें कि D गैंग के खिलाफ पहले ही NIA एफआईआर दर्ज कर चुकी है।