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‘शराब के नशे में पायलट ने कराई ‘गरुड़’ की इमरजेंसी लैंडिंग’: इंडोनेशिया के फ्लाइट की वायरल वीडियो का FACT CHECK

सोशल मीडिया पर एक वीडियो खासा शेयर हो रहा है, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि ये इंडोनेशिया की फ्लाइट ‘गरुड़’ की इमरजेंसी लैंडिंग का है। ये वीडियो किस एयरपोर्ट का है, ये नहीं बताया जा रहा है। 9 जनवरी, 2022 को भी इस तरह का एक वीडियो शेयर किया गया था, जो 37 सेकेंड का है। खबर लिखे जाने तक लगभग 9500 लोग इस वीडियो को देख चुके थे। इस पर जहाँ 104 लाइक्स हैं, वहीं 200 से भी अधिक लोगों ने इसे आगे बढ़ाया है।

कुछ मीडिया संस्थानों ने भी इस वीडियो के आधार पर खबर तैयार कर के प्रकाशित किया। हालाँकि, ये पहली बार नहीं है जब ये वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा हो। ट्विटर पर कीवर्ड सर्च पर पता चला कि 17 सितंबर, 2021 को ‘@aki_re_su’ नाम के यूजर ने रात 9:11 बजे शेयर किया था। साथ ही कैप्शन में लिखा था, “आपको ‘गरुड़ इंडोनेशिया’ के साथ उड़ान भरने के लिए शुभकामनाएँ। आशा है कि आप हमारे साथ फिर से उड़ान भरेंगे।”

लोगों ने कमेंट्स में लिखा कि उन्हें फ्लाइट में बैठे यात्रियों से ज्यादा उस व्यक्ति की चिंता है, जिसने ये वीडियो बनाया। एक अन्य यूजर ने लिखा कि ये प्लेन काफी अच्छी है। यूट्यूब पर भी इसे शेयर किया गया:

उसी दिन ‘OttoHuang120’ नाम के ट्विटर हैंडल ने भी इस वीडियो को साझा किया था, जिसे अब तक 10.4 हजार से भी अधिक लोग देख चुके हैं:

अब आपको बताते हैं कि इस वीडियो की सच्चाई क्या है। दरअसल, ये शार्ट क्लिप जिस वीडियो का हिस्सा है उसे ‘Bopbibun’ नाम के YouTube चैनल ने ‘Most Crazy Emergency Landing By Drunk Pilot | X-Plane 11’ शीर्षक के साथ अपलोड किया था, जिसका अर्थ है – शराब पिए हुए एक पायलट द्वारा सबसे ज्यादा पागलपन भरी इमरजेंसी लैंडिंग’। इस वीडियो को 2 मई, 2020 को डाला गया था और इसे 53 लाख से भी अधिक लोग देख चुके हैं।

इसमें स्पष्ट बताया गया है कि ये कम्प्यूटर से बनाया गया वीडियो है। बताया गया है कि ये ‘फ्लाइट सिमुलेशन’ का वीडियो है, ये स्थिति वास्तविक नहीं है। कम्प्यूटर जनरेटेड इमेजरी के जरिए इसे बनाया गया है। उक्त यूट्यूब यूजर सिमुलेशन का इस्तेमाल कर के मनोरंजन के लिए अन्य वीडियोज भी बनाता है।

दिल्ली में कोरोना का कहर, 750 डॉक्टर्स सहित संसद और पुलिसकर्मी भी ओमिक्रोन की चपेट में: 24 घंटे में महाराष्ट्र में सबसे अधिक केस तो केरल में 44 मौतें

ओमिक्रॉन के खतरे के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में कोरोना की रफ्तार अब पूरी तरह से बेकाबू हो चुकी है। कोविड-19 की रोकथाम के लिए दिल्ली सरकार की तरफ से लगाए गए नाइट कर्फ्यू और वीकेंड कर्फ्यू के बाद भी इसकी रफ्तार पर कोई खास असर होता हुआ नहीं दिख रहा है। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने बताया कि पीआरओ और एडिशनल कमिश्नर चिन्मय बिस्वाल समेत 1000 से भी ज्यादा पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। सभी कोरोना संक्रमित पुलिसकर्मी क्वारंटाइन में हैं।

दिल्ली के 6 प्रमुख अस्पताल भी कोरोना की चपेट में 

पुलिसकर्मी के साथ ही कोरोना वॉरियर्स भी इस वायरस की चपेट में आ गए हैं। वर्तमान में दिल्ली के 6 प्रमुख अस्पतालों में कम से कम 750 डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ कोरोना से संक्रमित हैं। हालाँकि इनमें से अधिकांश को हल्के लक्षण हैं, जिसके बाद सभी ने खुद को होम आइसोलेट कर लिया है। एक साथ इतने मेडिकल स्टाफ के कोरोना संक्रमित होने से कामकाज प्रभावित हुआ है। अस्पतालों को नियमित क्लीनिक और सर्जरी को बंद करना पड़ा है।

‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जिसमें लगभग 350 रेजिडेंट डॉक्टर इस समय आइसोलेशन में हैं। अस्पताल के एक रेजिडेंट डॉक्टर ने कहा कि ये सिर्फ रेजिडेंट डॉक्टर हैं। कुछ फैकल्टी मेंबर्स और कई नर्स और पैरामेडिक्स भी कोविड पॉजिटिव हैं।

केंद्र सरकार द्वारा संचालित आरएमएल अस्पताल में कम से कम 90 डॉक्टर आइसोलेशन में हैं। अस्पताल के एक रेजिडेंट डॉक्टर ने कहा, “जो लोग पॉजिटिव नहीं हैं, वे अधिक शिफ्ट में काम कर रहे हैं, जिससे सेवाएँ बाधित न हों।” वहीं लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और इससे जुड़े दो अस्पतालों में करीब 100 रेजिडेंट डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव हैं। बताया जा रहा है कि लेडी हार्डिंग और आरएमएल दोनों में नियमित सर्जरी को रोका जा सकता है। गुरु तेग बहादुर अस्पताल में, 175 स्टाफ सदस्यों में वर्तमान में कोविड है, जिनमें से 125 डॉक्टर हैं।

संसद भवन के 400 कर्मचारी कोविड पॉजिटिव

संसद भवन में भी कोरोना तेजी से फैल चुका है। यहाँ पर करीब 400 कर्मचारी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि 4 से 8 जनवरी के बीच रेगुलर टेस्ट के दौरान ये कर्मचारी पॉजिटिव पाए गए हैं। ये आँकड़ा बहुत बड़ा है और ये चिंता इसलिए और भी बढ़ गई है क्योंकि कुछ ही दिनों में बजट सत्र भी शुरू होना है। 400 से ज्यादा लोगों के पॉजिटिव आने के बाद संक्रमितों के संपर्क में आने वाले कर्मचारी आइसोलेशन में चले गए हैं। कई अधिकारी भी आइसोलेशन में हैं।

राज्यसभाः बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्यसभा सचिवालय ने अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या सीमित कर दी है। जारी निर्देशों के मुताबिक, अंडर सेक्रेटरी स्तर से नीचे के करीब 50% कर्मचारियों को घर से ही काम करने को कहा गया है। गर्भवती महिलाओं और दिव्यांगों को ऑफिस आने को मना किया गया है। 

लोकसभाः यहाँ भी एक नया निर्देश जारी किया गया है। लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक, अंडर सेक्रेटरी स्तर से नीचे के 50 फीसदी कर्मचारी रोटेशन में ऑफिस आएँगे। ऐसे कर्मचारियों के ऑफिस आने का फैसला डायरेक्टर लेंगे। इसके अलावा सुबह 10 बजे से साढ़े 10 बजे तक ऑफिस आया जाएगा। इसी तरह जाने का भी एक समय तय कर दिया गया है। 

वहीं कोरोना के बढ़ते प्रकोप के देखते हुए देश में आज से एहतियाती खुराक (Precautionary Dose) लगना शुरू हो गई है। कोरोना वैक्सीन की यह तीसरी खुराक बूस्टर डोज के रूप में दी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने 25 दिसंबर को ही एहतियाती खुराक को लेकर ऐलान किया था। यह तीसरी खुराक फिलहाल हेल्थ वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ गंभीर बीमारियों से ग्रसित वरिष्ठ नागरिकों को ही दी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से साफ किया गया है कि एहतियाती खुराक के लिए किसी भी प्रकार के रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। पुराने रजिस्ट्रेशन के आधार पर ही उन्हें कोरोना वैक्सीन की तीसरी खुराक दी जाएगी। देश में 5.75 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्‍सीन की बूस्‍टर डोज लगाई जाएगी। इनमें से एक करोड़ स्‍वास्‍थ्‍यकर्मी, दो करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ 60 साल से अधिक उम्र के 2.75 करोड़ बुजुर्गों को भी वैक्‍सीन लगाई जानी है।

देश में कोरोना की मौजूदा स्थिति

भारत में कोरोना वायरस के पिछले 24 घंटे में 1,79,723 केस सामने आए हैं। सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र में 44,388 केस सामने आए हैं। इस दौरान कोरोना से 146 लोगों की मौत हुई है। भारत में सबसे संक्रमित राज्यों की बात करें, तो महाराष्ट्र सबसे ऊपर है। यहाँ पिछले 24 घंटे में 44,388 केस सामने आए हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में 24,287 केस, दिल्ली में 22,751, तमिलनाडु में 12,895 में, कर्नाटक में 12000 केस सामने आए हैं। 

भारत में रविवार (9 जनरी 2021) को मिले कुल केसों में 64.72% नए केस इन्हीं 5 राज्यों से मिले हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र में अकेले 24.7% केस मिले हैं। देश में पिछले 24 घंटे में 146 लोगों की मौत हुई है। अब तक कोरोना महामारी से भारत में 4,83,936 जान गँवा चुके हैं। पिछले 24 घंटे की बात करें, तो सबसे ज्यादा मौतें केरल (44) में हुईं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में कोरोना से 18 लोगों की जान गई। 

बिन सिर पैर के दावों पर द वायर ने गढ़ी आभासी ऐप ‘Tek Fog’: कहा- बीजेपी कर लेती है ट्विटर, वॉट्सऐप सब हैक

वामपंथी मीडिया पोर्टल ‘द वायर (The Wire)’ ने 6 जनवरी 2022 को एक रिपोर्ट पब्लिश करके दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी/भाजपा) ने ट्विटर पर ट्रेंड्स को मैनिपुलेट करने के लिए Tek Fog (टेक फॉग) नामक ऐप का इस्तेमाल किया। द वायर की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि इस ऐप को भाजपा नेता देवांग दवे के नेतृत्व में चलाया जा रहा था। रिपोर्ट कितनी प्रमाणिक है इसका अंदाजा इस बात से लगता है कि दवे ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को ईमेल के जरिए खारिज कर दिया और खुद वायर भी इतने प्रमाणिक सबूत नहीं दे पाया कि अपनी आभासी रिपोर्ट जस्टिफाई कर सकें।

वायर ने अपने पाठकों को बताया कि बीजेपी इस ऐप का इस्तेमाल ट्विटर ट्रेंड हाईजैक करने के लिए, कई वॉट्सऐप अकॉउंट चलाने के लिए और भाजपा विरोधी पत्रकारों का शोषण करने के लिए यूज करती थी। दिलचस्प बात ये है कि ये पूरा दावा किसी आरती शर्मा ने साल 2020 में एक ट्वीट में किया था। उनका कहना था कि वो आईटी सेल में 2014 से काम कर रही हैं और उन्हें सरकारी नौकरी का वादा किया गया था लेकिन जॉब न मिलने पर उन्होंने इस ‘शक्तिशाली’ ऐप जिससे ऑनलाइन कुछ भी हैक हो सकता था, उसका खुलासा किया। 

जब वायर ने इस ऐप के बारे में देवांग दवे से जाना तो उन्होंने साफ कहा कि पार्टी ऐसी चीजों में कभी नहीं पड़ती। संगठन को ऐसी ऐप की जरूरत ही नहीं है। रही बात इसके इस्तेमाल की तो संगठन ऐसी किसी ऐप के बारे में जानता तक नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारतीय जनता युवा मोर्चा और अन्य उल्लेखित वेबसाइटों का टेक फॉग ऐप से लेना-देना नहीं है।

वायर की रिपोर्ट से लिया गया स्क्रीनशॉट

ऑपइंडिया से भी बात करते हुए देवांग दवे ने कहा कि उनकी टीम तो इस ऐप के बारे में जानती भी नहीं है तो सवाल ही नहीं है कि उनका इससे कोई भी लिंक है। वह कहते हैं कि वायर के दावे सत्यापित नहीं है फिर भी उन्होंने तकनीकी शब्दजाल बुनकर इसे प्रकाशित किया। दवे ने किसी आरती शर्मा को जानने से भी इनकार किया, जिसके आधार पर द वायर ने पूरी रिपोर्ट गढ़ी और इसी पर अपनी जाँच शुरू की, फिर बिन किसी तथ्यात्मक जानकारी के सूत्रों के नाम लेकर उन्होंने रिपोर्ट पब्लिश की।

वायर की रिपोर्ट से लिया गया स्क्रीनशॉट

हैकिंग और ऑनलाइन शोषण मामले पर भी वायर ने सूत्रों के हवाले से कहा कि इस ऐप के जरिए कई पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा था। चुनिंदा लोगों के लिए ऑटो-रिप्लाई काम कर रहा था। अपनी बातों को साबित करने के लिए वामपंथी पोर्टल ने कुछ स्क्रीनशॉट लगाए, कुछ आईपी एड्रेस बताए। लेकिन तकनीकी रूप से अपने दावे नहीं स्पष्ट कर पाए। दवे के अतिरिक्त अन्य जितने लोगों का नाम रिपोर्ट में था सबने ऐसे दावों को खारिज किया। यहाँ तक शेयरचैट ने भी टेक फॉग से लिंक होने से मना कर दिया। इस रिपोर्ट में उन्होंने रिपब्लिक वर्ल्ड, ऑपइंडिया, एबीपी न्यूज और दैनिक जागरण का नाम भी जोड़ा। हालाँकि खुद ही स्पष्ट भी किया कि टेक फॉग का ऑपइंडिया से लेना-देना नहीं है। खुद को सही दिखाने के लिए उन्होंने कुछ आईपी एड्रेस दिया, जिस पर देवांग दवे ने कहा कि अगर कोई ऐप बीजेवाईएम की साइट को खोलती है तो इसका मतलब ये नहीं कि वो जुड़े हैं।

लोन नहीं मिला तो वसीम मुल्ला ने केनरा बैंक में ही लगा दी आग, चाकू से हमला करने की भी कोशिश: कर्नाटक की घटना

लोन नहीं मिलने से नाराज एक व्यक्ति ने कर्नाटक के हावेरी में बैंक में ही आग लगा दी। उसने चाकू से हमला करने की भी कोशिश की। उसे पकड़कर लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपित की पहचान 33 वर्षीय वसीम हजरतसाब मुल्ला (वसीम अकरम मुल्ला) के तौर पर हुई है। लोन एप्लीकेशन रिजेक्ट किए जाने से नाराज मुल्ला शनिवार (8 जनवरी 2022) की रात पेट्रोल डालकर केनरा बैंक की शाखा में आग लगा दी। इस घटना में बैंक का 12 लाख रुपए का सामान जलकर खाक हो गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, घटना हेदुगोंडा गाँव में स्थित केनरा बैंक के ब्रांच में घटी। जिले के ही रत्तीहाली टाउन के रहने वाले शख्स मुल्ला ने सिक्योर्ड लोन के लिए बैंक में अप्लाई किया था। लेकिन सिबिल स्कोर काफी कम होने के कारण बैंक ने उसके लोन एप्लीकेशन को रिजेक्ट कर दिया। इससे वह इतना नाराज हुआ कि बदला लेने के इरादे से शनिवार की देर रात वो पेट्रोल लेकर बैंक पहुँच गया।

आरोपित ने बैंक की खिड़की को तोड़कर उसके अंदर पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी। वहाँ से गुजर रहे कुछ लोगों ने बैंक से धुआँ उठता देख इसकी जानकारी पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। साथ ही बैंक में आग लगाकर भाग रहे मुल्ला को भी पकड़ लिया। इस दौरान उसने लोगों पर चाकू से हमले की कोशिश भी की।

इधर आग की खबर पाते ही दमकल विभाग मौके पर पहुँच गया। इसके बाद आग पर काबू पाया गया। इस घटना में बैंक के पाँच कम्प्यूटर, पंखे, लाइट्स, पासबुक प्रिटंर, नोट गिनने की मशीन व कागजात के साथ ही सीसीटीवी और कैश काउंटर जलकर खाक हो गया। पुलिस के मुताबिक, इस वारदात में 12 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। इस मामले में कगिनेले थाने में केस दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस घटना में बैंक का ही एक पूर्व अधिकारी भी शामिल है।

फेसबुक पर इस्लाम पर पोस्ट: तमिलनाडु पुलिस ने #ExMuslim अनीश जसी को भेजा जेल, इस्लामिक सिद्धांतों पर सवाल करना बना गुनाह

तमिलनाडु के कोयंबटूर में पुलिस ने फेसबुक पर इस्लाम के सिद्धांतों पर सवाल उठाने वाला पोस्ट शेयर करने के आरोप में खुद को एक्स मुस्लिम कहने वाले अनीश जसी को गिरफ्तार किया है। अनीश जसी एसटी (Aneesh Jasy ST) ने फेसबुक (Facebook) पर यह पोस्ट पिछले हफ्ते पोस्ट किया था।

अनीश तमिल के नास्तिक लोगों में काफी प्रसिद्ध हैं। वह तर्कसंगत, विज्ञान, जातिगत भेदभाव और अंधविश्वास पर चर्चा करने के लिए क्लब हाउस ऐप पर तमिल नास्तिक हाउस रूम की मेजबानी भी करते हैं। उन्होंने अपने कई फेसबुक पोस्ट में इस्लाम और उसके सिद्धांतों को लेकर सवाल उठाए हैं। अनीश अपनी हर फोटो, पोस्ट पर #ExMuslim लिखते हैं। इस हैशटैग से प्रतीत होता है कि वह जन्म से मुस्लिम हैं, लेकिन अब वह इस मजहब को पसंद नहीं करते हैं, इसलिए उन्होंने नास्तिक बनना स्वीकार किया है।

बीते हफ्ते 29 दिसंबर की देर रात अनीश को कुनियामुथुर थाने ले जाया गया। टीएनएम की रिपोर्ट के मुताबिक, उसके दोस्त ने आरोप लगाया है कि पुलिस के पास उसकी गिरफ्तारी का कोई वारंट नहीं था, इसके बावजूद उन्हें गिरफ्तार करके थाने लाया गया। यही नहीं पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है। दोस्त ने यह भी आरोप लगाया कि कुनियामुथुर थाने के सब-इंस्पेक्टर (एसआई) की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।

एसआई वी गणेश कुमार ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि अनीश ने अपनी फेसबुक पोस्ट में इस्लाम, पैगंबर और पवित्र कुरान का अपमान किया है। एसआई का कहना है कि उन्होंने आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट की जाँच की इसके बाद एफआईआर दर्ज की। उन्होंने बताया कि अनीश की एक पोस्ट में कहा गया है, “लोग एक किताब पर मगरमच्छ की तरह आँसू बहाते हैं कि वो पवित्र है।” उन्होंने आगे कहा कि उसने (अनीश) इसके साथ एक मीम भी बनाया है। मीम में एक्स मुस्लिम (ex-Muslim) कहता है कि जब वह हदीस पढ़ता है तो उसे शर्म आती है। एक अन्य पोस्ट में अनीश ने हँसते हुए मुसलमानों को ‘पाखंडी’ कहा था। वह कहता है कि भगवान और पैगंबर मुहम्मद के बीच कोई अंतर नहीं है।

फोटो साभार: अनीश का फेसबुक पेज

एसआई गणेश ने यह भी कहा है कि इन फेसबुक पोस्ट के प्रिंटआउट उनकी लिखित शिकायत के साथ संलग्न किए गए हैं। कुनियामुथुर पुलिस ने अनीश पर 295(ए) (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए जानबूझकर किया गया दुर्भावनापूर्ण कार्य), 153ए(1)(सी) (सभी धर्मों में, जन्म स्थान आदि को लेकर शत्रुता को बढ़ावा देना) और 505 (2) (सार्वजनिक रूप से इस तरह के पोस्ट करना) इन सम्बंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।

अनीश के दोस्त का कहना है कि उन्हें संदेह है कि अनीश को गिरफ्तार कराने में रूढ़िवादी मुस्लिमों का हाथ है, जो उसकी फेसबुक प्रोफाइल पर धमकी भरे कमेंट करते हैं। मैं हैरान हूँ कि शिकायतकर्ता के रूप में पुलिस ने उनका नाम सामने नहीं आने दिया और खुद अनीश की पोस्ट तलाश कर उसके खिलाफ शिकायत दर्ज की। अनीश जो कर रहा है, वह कोई नई बात नहीं है। विभिन्न धर्मों के लोग नास्तिक बन गए हैं और उन्होंने अनुभव के आधार पर अपने धर्म में मौजूद खामियों के बारे में लिखा है। पेरियार के समय से तमिलनाडु में ऐसा होता आ रहा है। वह केवल उस धर्म के भीतर छिपे पाखंड की आलोचना कर रहा था, जिसे उसने छोड़ दिया था।

दोस्त ने यह भी कहा कि गिरफ्तारी की रात अनीश ने करीब 10 बजे अपनी पत्नी को फोन करके कहा कि वह जल्द ही घर आ जाएगा। लेकिन, वह अभी भी जेल में है। अनीश को शुरू में पेरुंदुरई सब-जेल (Perundurai sub-jail) भेजा गया था, वहीं उनकी जमानत याचिका 5 जनवरी को खारिज कर दी गई थी। वह अब कोयंबटूर की सेंट्रल जेल में बंद है।

पनवेल का फार्महाउस.. ‘भाई की पार्टी’ और ‘शानदार शाम’: ‘नई गर्लफ्रेंड’ सामंथा ने सलमान खान को लेकर तोड़ी चुप्पी

अमेरिकी अभिनेत्री एवं मॉडल सामंथा लॉकवुड (Samantha Lockwood) को बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान (Salman Khan) की नई गर्लफ्रेंड (New Girlfriend) बताया जा रहा है। उन्होंने इस अटकल पर प्रतिक्रिया दी है। बता दें कि सामंथा लॉकवुड 2010 में आई फिल्म एक्शन-कॉमेडी फिल्म ‘शूट द हीरो’ से चर्चा में आई थीं। हालाँकि, उससे पहले वो ‘Return of the Outlaws (2007)’ और ‘X‑treme Fighter (2007) में भी अभिनय कर चुकी हैं। हाल ही में ‘विक्रम वेदा’ के रीमेक में वास्त हृतिक रौशन के साथ उनकी एक तस्वीर भी सामने आई थी।

हाल ही में वो सलमान खान की 56वीं सालगिरह (27 दिसंबर, 2021) की पार्टी में दिखी थीं, जिसके बाद मीडिया में सलमान खान से उनके पैचअप की खबरें चलने लगीं। फ़िलहाल वो भारत में ही रह रही हैं। हालाँकि, सामंथा लॉकवुड ने इन अफवाहों का खंडन किया है और साथ ही पूछा है कि लोग उनका नाम हृतिक रौशन से जोड़ते हुए चर्चाएँ क्यों नहीं कर रहे हैं? मुंबई दौरे में ही वो हृतिक से मिली थीं। हरे घास के ऊपर कैमरे के लिए पोज देते हुए इन दोनों की तस्वीर सामने आई थीं।

हाल ही में 39 वर्षीय सामंथा लॉकवुड ने मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में जाकर भगवान गणेश का भी दर्शन किया है। उन्होंने इसकी तस्वीरें भी अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर डाली थीं। सलमान खान ने हाल ही में पनवेल में अपने फार्महाउस पर जन्मदिन मनाया था, जहाँ संगीता बिजलानी और लूलिया वांतुर भी मौजूद थीं। इन दोनों के साथ भी कभी सलमान खान का नाम जुड़ चुका है। जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान भी सामंथा लॉकवुड को सलमान खान और शिल्पा शेट्टी के साथ देखा गया था।

इन अटकलों को लेकर अभिनेत्री ने कहा, “मुझे लगता है कि लोग कुछ ज्यादा ही बातें करते हैं। जो कुछ नहीं है, उसके बारे में भी लोग काफी कुछ कह सकते हैं। मैं सलमान खान से मिल चुकी हूँ और वो एक अच्छे व्यक्ति हैं। इस बारे में मुझे बस इतना ही कहना है। मुझे नहीं पता लोग इस तरह की बातें कहाँ से लेकर आ गए। मैं उनके अलावा हृतिक रौशन से भी मिली, लेकिन उन्हें लेकर लोग कुछ नहीं कह रहे। मुझे नहीं पता ये खबर कहाँ से आई, लेकिन ये स्पष्ट रूप से बात का बतंगड़ है।”

सलमान खान के जन्मदिन की पार्टी के बारे में उन्होंने बताया कि वहाँ उनके लिए हर कोई लगभग अनजान ही था, क्योंकि पहले से उनका किसी से परिचय नहीं था। उन्होंने बताया कि चूँकि वो पहले भी एकाध कर सलमान से मिल चुकी हैं, इसीलिए वो वहाँ अकेले ऐसे सेलेब्रिटी थे जिन्हें वो जानती थीं। इसके बाद कुछ अभिनेता-अभिनेत्रियों और निर्माता-निर्देशकों से उनकी मुलाकात हुई। उन्होंने इसे एक अच्छा अनुभव बताया। साथ ही कहा कि वो एक ‘सुंदर शाम’ था।

सपा के ‘बाहुबली’ गुड्डू पंडित की ‘लेडी सिंघम’ ने निकाली हेकड़ी, काफिला रोक झंडे-बैनर उतरवाए; फिर छोड़ा: वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में भारतीय निर्वाचन आयोग के चुनाव तारीखों की घोषणा करते ही में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसके बाद से सभी राज्यों में सख्ती बरती जा रही है। इसी क्रम में रविवार (9 जनवरी, 2022) की रात को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में समाजवादी पार्टी से विधायक रह चुके ‘दबंग’ छवि के ‘बाहुबली’ गुड्डू पंडित को पुलिस ने आचार संहिता का पाठ पढ़ाया।

सोशल मीडिया में ‘लेडी सिंघम’ कही जा रहीं सीओ वंदना सिंह ने डिबाई विधानसभा क्षेत्र में आचार संहिता का उल्लंघन करने पर सपा के बाहुबली नेता और पूर्व विधायक गुड्डू पंडित पर बड़ी कार्रवाई की। कार्रवाई करते हुए डीएसपी ने वाहनों के काफिले के साथ चल रहे सपा के संभावित उम्मीदवार गुड्डू पंडित के काफिले में शामिल वाहनों से सपा के झंडे और बैनर उतरवाए।

दरअसल ‘बाहुुबली’ गुुड्डू पंडित अपने काफिले के साथ पार्टी का चुनाव प्रचार करने निकले थे और सभी गाड़ियों पर पार्टी के झंडे लगाकर प्रचार किया जा रहा था। जिसकी सूचना CO डिबाई वंदना शर्मा व डिबाई कोतवाल सुभाष सिंह को मिली, जिसके बाद पुलिस बल के साथ दोनों अधिकारी मौके पर पहुँच गए और सभी गाड़ियों की एक-एक कर चेकिंग की। इसके साथ मौके पर ही पार्टी के झंडे को गाड़ियों से निकलवा दिया

इस दौरान डीएसपी ने काफिले में शामिल वाहनों की सघन तलाशी भी ली और कड़े शब्दों में सपा के पूर्व विधायक को चेतावनी देकर वाहनों को आगे जाने दिया। डीएसपी ने बताया कि आचार संहिता का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बताया कि पूर्व विधायक गुड्डू पंडित ने कल अपने काफिले के साथ डिबाई विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार किया था। बताया जा रहा है कि चुनाव प्रचार वाहनों की अनुमति नहीं थी और वाहनों पर बैनर लगाकर आचार संहिता का उल्लंघन किया जा रहा था।

वंदना सिंह ने इस कार्रवाई पर बयान देते हुए कहा, “माननीय चुनाव आयोग द्वारा आदर्श आचार संहिता लागू की गई है, जिसका पुलिस द्वारा पालन कराया जा रहा है। इसी क्रम में कल डिबाई पुलिस द्वारा रात्रि में चेकिंग की जा रही है थी, जिसमें हापुड़ से पूर्व विधायक गुड्डू पंडित की भी गाड़ियाँ थी, जिन पर झंडे व बैनर लगे हुए थे। उन्हें तत्काल मौके पर ही हटवाया गया एवं गाड़ियों की भी सघन चेकिंग की गई। सख्त निर्देश भी दिए गए। भविष्य में यदि किसी के भी द्वारा आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया जाता है, तो उनके विरूद्ध विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”

वहीं पूर्व विधायक गुड्डू पंडित का आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर उनके वाहनों पर कार्रवाई की। पुलिस को सिर्फ सपा के झंडे और सपा की कार दिख रही हैं। भाजपा के झंडे और भाजपा की वाहन नहीं दिख रहे हैं। इस घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

’20 करोड़ भारतीयों (मुस्लिमों) पर नरसंहार का खतरा, मिस्टर मोदी चुप क्यों’: जावेद अख्तर ने PM की सुरक्षा में चूक को बताया मनगढ़ंत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा चूक (Narendra Modi Security Breach) को लेकर भी अब गीतकार से ट्रोल बने जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने अपना प्रोपेगंडा फैलाना शुरू कर दिया है। उन्होंने ‘मुस्लिमों के नरसंहार’ (Muslims Genocide) की बात करते हुए डर का माहौल बनाने की कोशिश की। बता दें कि पंजाब के बठिंडा (Bathinda) स्थित हुसैनीवाला फ्लाईओवर (Hussainiwala Flyover) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गाड़ी किसान प्रदर्शनकारियों के कारण 20 मिनट तक फँसी रही और उन्हें फिरोजपुर की रैली रद्द करके वापस लौटना पड़ा। इसके बाद से ही पंजाब की कॉन्ग्रेस सरकार पर तरह-तरह के सवाल उठ रहे।

जावेद अख्तर ने सोमवार (10 जनवरी, 2022) को किए गए ट्वीट में लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद पर एक अस्पष्ट और कई लोगों द्वारा काल्पनिक बताए जा रहे खतरे पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की और इस पर विचार-विमर्श किया। वो एक LMGs (लाइट मशीनगन) से सुसज्जित बॉडीगार्ड्स के घेरे में बुलेटप्रूफ गाड़ी में बैठे हुए थे। लेकिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 करोड़ भारतीयों पर नरसंहार के खतरे पर एक शब्द भी नहीं कहा।”

इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री को ‘मिस्टर मोदी’ कह कर सम्बोधित करते हुए पूछा कि वो ऐसा क्यों कर रहे हैं? बता दें कि लंदन स्थित खालिस्तानी संस्था ‘सिख फॉर जस्टिस’ ने पंजाब के बठिंडा फ्लाईओवर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला रोके जाने की जिम्मेदारी ली है। संगठन ने अधिवक्ताओं को धमकी देते हुए कहा है कि इस मामले को वो सुप्रीम कोर्ट में न लड़ें। SFJ की तरफ से लगभग 50 वकीलों को फोन कॉल कर के धमकाया गया है। संगठन ने कहा कि 1984 सिख नरसंहार के पीड़ितों को अब तक न्याय नहीं मिला है, इसीलिए ये मामला अदालत में न चले।

उधर पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा चूक मामले की जाँच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक रिटायर्ड जज के नेतृत्व के समिति बनाने का निर्णय लिया है। कमिटी के गठन को लेकर सुप्रीम कोर्ट आज ही बाकी वीरान जारी करेगा। इस कमिटी में चंडीगढ़ के DGP, ‘नेशनल इंवेस्टिगेटिंग एजेंसी (NIA)’ के IG, पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल और पंजाब के ADGP (सिक्योरिटी) को शामिल किया जाएगा। ‘लॉयर्स वॉइस’ नाम के एक NGO ने इस मामले के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की माँग की थी।

कजाकिस्तान में मची मारकाट में हफ्ते भर में मारे गए 164, नेता की बेटी 2300 करोड़ रुपए लेकर गई विदेश; खरीदे आलीशान महल-लग्जरी जेट

कजाकिस्तान में पिछले एक हफ्ते से हिंसक विरोध-प्रदर्शन (Kazakhstan Violence) चल रहा है। हिंसा में अब तक 164 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 5800 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसी बीच खबर है देश के पूर्व राष्ट्रपति नूरसुल्तान नज़रबायेव (Nursultan Nazarbayev) की 41 वर्षीय बेटी आलिया नज़रबायेव (Aliya Nazarbayeva) लंदन में शिफ्ट होने जा रही हैं।

रिपोर्टों के अनुसार आलिया ने अपनी 300 मिलियन डॉलर (23 अरब रुपए से अधिक) की संपत्ति को कजाकिस्तान से बाहर ट्रांसफर कर लिया है। उसने ऐशोआराम की जिंदगी बसर करने के अपने लिए लंदन में आलीशान महल और प्राइवेट जेट जैसी लग्जरी चीजें खरीदी हैं। लग्जरी जेट (Luxury Jet) की कीमत 18 मिलियन पाउंड (130 करोड़ से अधिक) और आलीशान महल की कीमत 8.75 मिलियन पाउंड (60 करोड़) के करीब बताई जा रही है। ‘डेली मेल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, आलिया नज़रबायेव ने वर्ष 2006 में दुबई में भी 14 मिलियन डॉलर यानी एक अरब रुपए से अधिक की संपत्ति खरीदी थी।

द संडे टेलीग्राफ की रिपोर्ट के हवाले से डेली मेल में कहा गया है कि इसका खुलासा तब हुआ जब आलिया ने अपने दो वित्तीय सलाहकारों पर बेईमानी, पैसों की हेराफेरी, धोखाधड़ी की साजिश, आर्थिक कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उन्हें बाहर निकाल दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आलिया कजाकिस्तान के 28 साल तक राष्ट्रपति रहे 81 वर्षीय नूरसुल्तान नज़रबायेवा की सबसे छोटी बेटी हैं। नूरसुल्तान के बारे में कहा जाता है कि तीन साल पहले यानी 2019 में उनके पद छोड़ने के बाद भी उनके परिवार ने सत्ता पर अपनी मजबूत पकड़ को बरकरार रखा है।

बताया जाता है कि आलिया नज़रबायेव एक बिजनेस वुमन (Business Woman) हैं। आलिया को ज्वैलरी, मॉडलिंग, अपने कपड़ों के ब्रांड, ब्यूटी स्पा आदि के लिए जाना जाता है। उन्होंने कजाकिस्तान में भी एक सफल बिजनेस वुमन के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। ब्रिटेन से लंबे समय से नज़रबायेवा के परिवार का वित्तीय संबंध रहा है। नज़रबायेवा परिवार पर आय से अधिक संपत्ति होने के आरोप भी अक्सर लगते रहे हैं।

बता दें कि पिछले महीने (दिसंबर 2021) अपनी आजादी की 30वीं वर्षगाँठ मनाने वाले कजाकिस्तान में एक हफ्ते से हिंसा जारी है। कजाकिस्तान में यह प्रदर्शन गैस की कीमतों (Liquified Petroleum Gas) को लेकर किया जा रहा है। इसके चलते सरकार में शामिल कई दिग्गज लोगों को इस्तीफा देने पर मजबूर होना पड़ा है। प्रदर्शनकारियों का पुलिस के साथ संघर्ष लगातार जारी है। हालात पर काबू पाने के लिए यहाँ पर रूसी सेना को तैनात किया गया है।

‘सिद्धार्थ पर दर्ज करें FIR, फौरन अकाउंट ब्लॉक करे ट्विटर’: सायना नेहवाल पर आपत्तिजनक कमेंट को लेकर NCW सख्त, उद्धव की पुलिस सुस्त

भारत की बैडमिंटन स्टार सायना नेहवाल पर भद्दे कमेंट करने का मामला अब महिला आयोग पहुँच गया है। आयोग ने ट्विटर और महाराष्ट्र डीजीपी को इस संबंध में पत्र लिख कर कार्रवाई करने की माँग की है। आयोग अध्यक्ष रेखा शर्मा ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए डीजीपी से मामले में जाँच करके एफआईआर दर्ज करने को कहा है। अभद्र भाषा के उपयोग के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

इससे पहले रेखा शर्मा ने ट्विटर को टैग करके पूछा था कि आखिर इस इंसान का अकॉउंट अब तक चालू क्यों है। मामले को पुलिस में ले जाया जा रहा है। उन्होंने सिद्धार्थ के अकॉउंट को फौरन ब्लॉक करने के लिए भी ट्विटर को पत्र लिखा है। उन्होंने सिद्धार्थ की टिप्पणी को नारीविरोधी और अपमानजनक कहा है।

इसी मामले पर सायना नेहवाल ने सीएनएन से बातचीत में कहा, “मुझे नहीं पता कि सिद्धार्थ का क्या कहना था। मैं उसे एक्टर के तौर पर पसंद करती थी। लेकिन ये अच्छा नहीं था। वो अपनी बात को अच्छे शब्दों के साथ भी बता सकता था। मगर ये ट्विटर है मुझे लगता है कि यहाँ ऐसे शब्द और कमेंट से ही नोटिस होते हैं लोग। राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस संबंध में पुलिस और ट्विटर को नोटिस भेजा है।” सायना नेहवाल ने कहा कि अगर भारतीय प्रधानमंत्री की सुरक्षा एक मुद्दा है तो मुझे नहीं पता क्या चीज यहाँ सुरक्षित है।

बता दें कि सिद्धार्थ ने सायना नेहवाल के लिए किए गए अपने ट्वीट में सेक्सुअल टिप्पणी कर उनका मजाक उड़ाया था। पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सायना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के बाद अपने ट्विटर पर एक ट्वीट किया और घटना की निंदा की। इसी ट्वीट पर सिद्धार्थ ने उन्हें लिखा, “दुनिया की छोटी कॉक चैंपियन…ईश्वर का शुक्र है हमारे पास भारत के रक्षक हैं।” अब यहाँ मालूम हो कि ‘कॉक’ शब्द का प्रयोग अमूमन लिंग के लिए भी किया जाता है, बावजूद इसके सिद्धार्थ का इस शब्द को इस्तेमाल करना बताता है कि उनकी मंशा बदजबानी ही थी। उन्होंने कॉक शब्द का यूज नेहवाल के साथ उनके खेल का मजाक उड़ाने के लिए प्रयोग किया था। लेकिन जब मामले ने तूल पकड़ा तो उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि उनकी बातों का गलत मतलब निकाला गया और विवाद बढ़ाया गया। उन्होंने कुछ अपमानजनक न कहा और न ही किसी की ओर इशारा किया। उनका मतलब ‘कॉक एंड बुल’ से था

नेहवाल पर आपत्तिजनक बयान के बाद पारूपल्ली कश्यप ने कहा, “ये हमारे लिए निराश करने वाला है, अपनी राय दो लेकिन शब्द तो सही इस्तेमाल करो। मुझे लग रहा है कि तुम्हें लगा होगा ये कहना बहुत कूल है। लेकिन ये कूल नहीं अपमानजनक है सिद्धार्थ।”

इस मामले पर बुल्ली बाई मामले को उठाने वाली प्रियंका चतुर्वेदी का भी कमेंट आया है। उन्होंने सिद्धार्थ की भाषा को अस्वीकार्य करार देते हुए लिखा कि चाहे जो आपत्ति हो लेकिन बातचीत में सभ्यता रहनी चाहिए। सायना नेहवाल ने देश को खेल में गौरवान्वित किया है। उन्हें भी अपने राजनीतिक विचार रखने का उतना अधिकार है जितना राष्ट्र के अन्य लोगों को। तुम असहमत हो तो डिबेट करो। लेकिन बेइज्जत नहीं। अगर उसके विचार से आप बिलकुल सहमत नहीं है फिर भी नीचा न दिखाएँ। ये अनुदार दृष्टिकोण उदार बातचीच के लिए हानिकारक है।

बता दें कि राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा पत्र लिखे जाने के बावजूद भी अभी इस मामले में मुंबई पुलिस ने क्या कार्रवाई की है, इसका पता नहीं चला है। लोग हैरान इस बात पर है कि यही मुंबई पुलिस थी जो बुल्ली बाई केस में आरोपितों को पकड़ने के लिए बेंगलुरु और उत्तराखंड पहुँच गई थी, मगर इस मामले में अब तक कुछ नहीं कर रही।