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दिल्ली के मोहल्ला क्लिनिक में एक और बच्चे की डेक्सट्रोमेथोर्फ़न सिरप से बिगड़ी तबियत, भड़के परिजन: पहले भी 3 बच्चों की हुई थी मौत और 13 बीमार

दिल्ली (Delhi) में अरविंद केजरीवाल (Arvind kejriwal) सरकार द्वारा शुरू की गई मोहल्ला क्लीनिक (Mohalla clinic) एक बार फिर से विवादों में है। न्यू इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डेक्सट्रोमेथोर्फ़न सिरप दिए जाने के बाद एक बच्चे की तबियत खराब हो गई, जिस कारण से लोगों में आक्रोश है।

घटना गुरुवार (6 जनवरी 2022) की है। जब मोहल्ला क्लीनिक में बच्चे को दी गई दवा के सेवन से उसकी तबियत बिगड़ गई। इसके बाद उसे इलाज के लिए तुरंत कलावती सरन चिल्ड्रेन हॉस्पिटल ले जाया गया। हालाँकि, साँस लेने में दिक्कत महसूस होने के बाद उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।

फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद अब स्थानीय लोगों ने मोहल्ला क्लीनिक के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया, जिसने बच्चे को डेक्सट्रोमेथोर्फ़न सिरप दिया था, जिसके कारण उसे साँस लेने में दिक्कते होने लगी और उसकी जान पर बन आई।

कफ सिरप से हो चुकी है 3 बच्चों की मौत

केजरीवाल सरकार की मोहल्ला क्लीनिक योजना इससे पहले भी घातक इलाज के कारण विवादों में रही है। ऐसी ही एक घटना दिसंबर 2021 में भी हुई थी। मोहल्ला क्लिनिक से मिले एक कफ़ सिरप के साइड इफेक्ट की वजह से 16 बच्चे बीमार हुए और इनमें से 3 बच्चों की मौत हो गई थी। इन सभी को दिल्ली के कलावती शरण अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इस मामले की जाँच रिपोर्ट में डेक्सट्रोमेथोर्फ़न (Dextromethorphan) कफ सिरप का नाम सामने आया था।

इस मामले में केंद्र सरकार की जाँच से पता चला था कि बच्चों के लिए घातक दवा की खुराक केजरीवाल सरकार के मोहल्ला क्लीनिक से दिया गया था।

जाँच रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार के डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज (DGHS) ने दिल्ली सरकार के डीजीएचएस को निर्देश दिया था कि वह सभी मोहल्ला क्लीनिक और डिस्पेंसरी को नोटिस जारी कर बताए कि चार साल से कम उम्र के बच्चों को डेक्सट्रोमेथोर्फ़न सिरप प्रिसक्राइब नहीं करे। दवा के साइड इफ़ेक्ट को देखते हुए इसे वापस लेने के आदेश भी दिए गए थे। बता दें कि इस दवा का निर्माण ओमेगा फार्मास्युटिकल ने किया है।

एक वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ ने कहा था, “यह दवा कफ के लिए बनाई गई है। इसका साइड इफेक्ट बेहोशी के रूप में सामने आ रहा है। यह साइड इफेक्ट कई बच्चों में गंभीर नहीं पाया गया। संभव यह भी है कि दवा दूषित रही हो। कोई और कारण भी हो सकता है। इस पर गहन जाँच और उचित कार्रवाई की जरूरत है।”

केजरीवाल सरकार का हेल्थ मॉडल है मोहल्ला क्लीनिक

गौरतलब है कि दिल्ली की सत्ता पर आसीन होने के बाद केजरीवाल सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रमुख हेल्थ मॉडल के रूप में मोहल्ला क्लीनिक को लॉन्च किया था। एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी के मुताबिक, दिल्ली में एक समय में 500 से ज्यादा मोहल्ला क्लीनिक थे। एक मोहल्ला क्लिनिक में एक डॉक्टर, एक दाई व नर्स होते थे। यहाँ मरीजों का निःशुल्क दवाएँ दी जाती हैं।

रात में हिरोइन को उठाया, यौन शोषण; जाँच में शामिल पुलिस अधिकारियों की हत्या की भी साजिश: केरल के हीरो पर ‘विलेन’ होने के आरोप

मलयालम फिल्मों के अभिनेता दिलीप पर उन पुलिस अधिकारियों की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है, जो उनसे जुड़े यौन शोषण मामले की जाँच कर रहे हैं। 150 से भी अधिक फिल्मों में काम कर चुके 55 वर्षीय दिलीप केरल में एक जाना-पहचाना नाम हैं। यौन शोषण का मामला फरवरी 2017 का है। जून 2047 में इस सम्बन्ध में केरल पुलिस ने उनसे पूछताछ की थी। एक गिरोह ने भावना नामक अभिनेत्री का अपहरण करने के बाद यौन शोषण किया था।

अब केरल पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रविवार (9 जनवरी, 2022) को अभिनेता दिलीप के अलावा पाँच अन्य आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फिल्म निर्देशक बालाचंद्र कुमार ने इस सम्बन्ध में खुलासा किया था, जिसके बाद दिलीप पर पुलिस अधिकारियों की हत्या की साजिश रचने का मामला दर्ज किया गया। उनके द्वारा शेयर किए गए ऑडियो क्लिप में दिलीप कथित रूप से जाँच अधिकारी और उनकी टीम के सदस्यों को ‘मिटा देने’ की बात कर रहे हैं।

इस FIR में लिखा है, “दिलीप ने कोच्ची सिटी पुलिस कमिश्नर एवी जॉर्ज की तस्वीरों की तरफ इशारा करते हुए कहा ‘तुम पाँच पुलिस अधिकारी परिणाम भुगतने जा रहे हो’। सोजन, सुदर्शन, संध्या, बैजू पॉउलोसे, और फिर तुम (जॉर्ज)। सुदर्शन, जिसने मेरे साथ मारपीट की थी, उसके हाथ काट डाले जाने चाहिए।” दिलीप के दो रिश्तेदारों और दो अन्य सहयोगियों के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ है। छठा आरोपित अज्ञात है। यौन शोषण का मामला कोच्चि की एक स्पेशल अदालत में चल रहा है।

दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम करने वाली भावना ने आरोप लगाया था कि 17 फरवरी, 2017 की रात 4 लोगों ने गाड़ी में उनका अपहरण किया और उनका यौन शोषण किया। इसके बाद वो वहाँ से भाग निकले। कुछ लोगों ने अभिनेत्री को ब्लैकमेल करने के लिए इस घटना का वीडियो बना लिया। अभिनेता दिलीप पर व्यक्तिगत दुश्मनी में इस घटना को अंजाम दिलवाने के आरोप हैं। आरोप है कि दिलीप ने बदला लेने के लिए ऐसा करने के लिए रुपए दिए थे।

जुलाई 2017 में दिलीप को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन दो महीने बाद ही वो जमानत पर बाहर आने में कामयाब रहे थे। इस मामले में 10 आरोपित हैं, जिनमें से 7 को पुलिस ने 5 वर्षों में गिरफ्तार किया। बिंदु पनकेर, सिद्दीकी और भामा जैसे अभिनेताओं ने कोर्ट में गवाही दी, लेकिन बाद में पलट गए। 5 जनवरी, 2022 को केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से 6 महीने और समय माँगा था। वहीं भावना ने कहा है कि पीड़िता से सर्वाइवर की उनकी यात्रा काफी दर्द भरी है।

उन्होंने कहा कि वो जानती हैं कि इस लड़ाई में वो अकेली हैं, लेकिन दोषियों को सज़ा दिलाने तक वो अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि वो लड़ाई को अंजाम तक पहुँचा कर ये सुनिश्चित करेंगी कि किसी और को इस दर्द से न गुजरना पड़े। उन्होंने कहा कि 5 वर्षों में उनकी पहचान को इस मामले ने दबा दिया है। उन्होंने कहा कि वो पीड़िता हैं, फिर भी उलटा उन्हें ही चुप कराने और अकेला करने की कोशिश हुई। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हैं जो उनके साथ खड़े हैं और उनकी मदद कर रहे हैं, इसीलिए उनका वो धन्यवाद करती हैं।

हिंदू देवी-देवताओं को इन 6 YouTube चैनल पर दी जा रही गन्दी गालियाँ, लोगों के आक्रोश के बाद घंटे भर में दो चैनल डिलीट

यूट्यूब (YouTube) पर कई ऐसे चैनल मौजूद हैं जो लगातार हिंदू देवी-देवताओं का अपमान कर रहे हैं और हिंदू धर्म (Hindu religion) के खिलाफ नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं। इसी को लेकर शनिवार 8 जनवरी 2022 को नेटिजन्स ने ट्विटर से इन चैनलों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। इसके बाद त्वरित एक्शन लेते हुए यूट्यूब ने इनमें से दो चैनलों को दो घंटे के भीतर डिलीट कर दिया। इन चैनलों के नाम से ही स्पष्ट हो रहा था कि ये हिंदू देवी-देवताओं को गालियाँ दे रहे थे। इनमें से एक तो बांग्लादेश (Bangladesh) से संचालित किया जा रहा था।

इसी क्रम में ट्विटर यूजर और एनालिस्ट अंशुल सक्सेना ने ट्विटर पर कुछ चैनलों को टैग किया था। अंशुल ने जिन चैनलों को टैग किया था उसमें राम, हनुमान और सीता और काली जैसे हिंदू देवी-देवताओं को गाली दी जा रही थी। सोशल मीडिया पर लोगों की नाराजगी के बाद ट्वीट में जोड़े गए 6 में से दो चैनलों को यूट्यूब ने हटा दिया है। बाकी के तीन अभी भी चल रहे हैं।

जिन चैनलों के खिलाफ अभी तक यूट्यूब ने कार्रवाई नहीं की है, उन पर भी हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक और अश्लील कंटेंट परोसे गए हैं। एक चैनल में एक महिला को हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों और तस्वीरों को फेंकते हुए दिखाया गया है। एक अन्य वीडियो में देखा जा सकता है कि माँ काली एक गैर हिंदू के आदेश पर नाच रही हैं।

हिन्दुओं के खिलाफ नफ़रत फैलाने वाले यूट्यूब चैनलों को लेकर कोई यह कोई पहली बार खबर सामने नहीं है। इससे पहले भी ऐसी खबरें सामने आती रही हैं, लेकिन उन पर किसी का कोई ध्यान नहीं जाता। इसी कारण से उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। सितंबर 2020 में इसी तरह की घटना के खिलाफ कार्रवाई के लिए इस्कॉन (Iscon) के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने अपने YouTube चैनल के माध्यम से हिंदू धार्मिक भावनाओं को आहत करने और नफरत फैलाने के लिए दो व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत, दर्ज कराने के लिए कोलकाता के शेक्सपियर सारणी पुलिस स्टेशन पहुँचे थे।

उन्होंने अपने पत्र में यूट्यूब चैनल ‘द रियलिस्ट आजाद’ पर अपमानजनक, आपत्तिजनक और अश्लील कंटेंट चलाने के मामले में इसके संचालक सतीश के आज़ाद और शकील खान के एफआईआर दर्ज कराने का अनुरोध किया था। इसमें भगवान श्रीकृष्ण को बलात्कारी करार दिया गया था, जिसकी वजह से दुनिया भर में उनकी पूजा करने वाले हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुँची थी। राधारमण दास ने जानबूझकर हिंदू भावनाओं को भड़काने और समाज में नफरत फैलाने की कोशिश करने वाले इन दोनों व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की थी। शिकायत के बाद विवादित वीडियो को तो हटा लिया गया था, लेकिन चैनल पर हिंदुओं के खिलाफ अभी भी जहर उगला जा रहा है।

गौरतलब है कि ये चैनल तार्किकता और अंधविश्वास को खत्म करने के नाम पर हिंदू विरोधी कंटेंट को प्रसारित करते हैं।

शादी का झाँसा दे रेप, गर्भपात और इस्लाम कबूलने का डाला दबाव: हाई कोर्ट ने फरहान को जमानत देने से किया इनकार

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शादी का झूठा वादा कर एक महिला के साथ रेप और फिर जबरन धर्म परिवर्तन कराने के आरोपित को जमानत देने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति ओम प्रकाश त्रिपाठी की बेंच ने फरहान अहमद उर्फ शानू की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपित के खिलाफ आरोप गंभीर है। उसे जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता है। फरहान ने याचिका दायर करते हुए कहा था कि वह निर्दोष है। उसे ब्लैकमेल करने के उद्देश्य से मामले में झूठा फँसाया गया है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक पीड़िता फेसबुक के माध्यम से आरोपित के संपर्क में आई। दोनों के बीच बातचीत होने लगी। आरोपित ने खुद को नगर निगम गोरखपुर में टैक्स इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत बताया था। बातचीत के दौरान पीड़िता ने अहमद के सामने शादी का प्रस्ताव रखा था। अहमद ने पीड़िता को शादी का आश्वासन दिया। इसके बाद उसने पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाया। जब वह गर्भवती हो गई तो आरोपित ने उस पर गर्भ गिराने के लिए दबाव डाला। इतना ही नहीं, जब पीड़िता ने शादी करने के लिए कहा तो उसने इस्लाम स्वीकारने की शर्त रख दी। उसने कहा कि जब तक वह इस्लाम स्वीकार नहीं कर लेती, वह उससे शादी नहीं करेगा। 

उसने पीड़िता के साथ अपमानजनक व्यवहार किया और इस्लाम कबूलने का दवाब डाला। उससे कहा कि धर्म बदले बिना न तो वह उससे शादी करेगा और न ही वह उसे स्वीकार करेगा। साथ ही मार डालने की धमकी भी दी। इसके बाद पीड़िता ने आरोपित के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 504, 506 और यूपी में गैरकानूनी धर्मांतरण का निषेध अधिनियम, 2020 की धारा 3/5 (1) के तहत FIR दर्ज कराई।

आरोपित के वकील का तर्क था कि यह आपसी सहमति का मामला है। दोनों पक्षकार बालिग हैं और गर्भपात का कोई सबूत नहीं है। हालाँकि कोर्ट ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए फरहान को जमानत देने से इनकार कर दिया।

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गे इकबाल मिर्ची की जब्त की गई इमारत में शिफ्ट होगा ईडी का नया दफ्तर

प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के खास गुर्गे इकबाल मिर्ची की मौत के कई सालों बाद महाराष्ट्र के वर्ली में स्थित उसकी इमारत में अपना नया दफ्तर शिफ्ट करने वाला है। एक समय यह इमारत ड्रग्स तस्कर इकबाल मेमन उर्फ इकबाल मिर्ची की प्रॉपर्टी थी।

इकबाल मिर्ची (Iqbal Mirchi) डीएचएफएल (DHFL) मामले की जाँच कर रही ईडी का जोनल ऑफिस मुंबई की प्राइम लोकेशन वर्ली के सीजे हाउस (Ceejay House) के दो फ्लोर में शिफ्ट हो रहा है। प्रीमियम रियल एस्टेट का निर्माण राकांपा (NCP) नेता प्रफुल्ल पटेल की कंपनी ने किया था और उन्होंने उस जमीन का एक हिस्सा लिया था, जहाँ मिर्ची का पब स्थित था।

मिर्ची और उसके परिवार को इस इमारत की दो मंजिलें दी गई थीं, जिसमें एक मंजिल 9,000 वर्ग फुट में और दूसरी 5,000 वर्ग फुट में फैली हुई है। मिर्ची, उसकी बीवी हाजरा और दोनों बेटे आसिफ और जुनैद मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल थे। पिछले साल फरवरी में इन्हें ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम 2018 कानून’ के तहत ‘भगोड़े आर्थिक अपराधी’ घोषित किया गया था। आदेश के बाद ईडी के अधिकारियों ने मिर्ची की 15 संपत्तियों को जब्त करने के लिए अदालत का रुख किया था।

ईडी के अधिकारियों ने अब सीजे हाउस को अपने कब्जे में ले लिया है। वर्तमान में ईडी के दो जोनल ऑफिस बैलार्ड एस्टेट में कैसर ए हिंद भवन (Kaiser E Hind) में स्थित हैं। ईडी ने इस मामले में मिर्ची के सहयोगियों और डीएचएफएल कपिल वधावन के प्रमोटरों सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया था। संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले मिर्ची के बेटे और बीवी हाजरा यूनाइटेड किंगडम में शिफ्ट हो गए थे और कई सम्मन के बावजूद जाँच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए हैं।

बता दें कि मई 1986 में इकबाल मिर्ची पहली बार ठाणे के एक फार्म हाउस से 9 करोड़ रुपए कीमत की 600 किलो हेरोइन के साथ रेवेन्यू इंटेलिजेंस के हत्थे चढ़ा था, लेकिन वह इस मामले से बच गया था। इसके बाद उसे लंदन में अप्रैल 1995 में इंटरपोल ने गिरफ्तार किया था। हालाँकि, ब्रिटेन में ठोस सबूतों के अभाव में उसे बरी कर दिया गया था। वर्ष 2001 में उसे वहाँ रेजिडेंसी परमिट भी मिल गया था। बता दें कि इकबाल मिर्ची की वर्ष 2013 में लंदन में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी।

‘जब विराट कोहली ब्रांड एम्बेसडर हैं तो पत्नी को गुजारा भत्ता देना ही होगा’: कोर्ट ने नहीं मानी ‘कंपनी कंगाल’ वाली दलील

दिल्ली (Delhi) के साकेत अदालत (Saket Court) ने एक व्यक्ति को अपनी पत्नी (Wife) को गुजरा-भत्ता के लिए रुपए देने का आदेश दिया, क्योंकि वो जिस कंपनी में काम करता है उसके ब्रांड एम्बेसडर विराट कोहली (Virat Kohli) हैं। उक्त व्यक्ति ने मेंटेनेंस (Maintenance) देने में सक्षम न होने की बात कहते हुए याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने रद्द कर दिया। उक्त व्यक्ति का कहना था कि उसके पास आय का स्रोत नहीं है। कोर्ट ने पाया कि वो जिस कंपनी में डायरेक्टर के पद पर था, उसके ब्रांड एम्बेसडर (Brand Ambassador) भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली हैं।

दिल्ली की अदालत का मानना है कि ये दिखाता है कि उक्त व्यक्ति साधन संपन्न है। एडिशनल सेशन जज अनुज अग्रवाल इस मामले की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें उस व्यक्ति ने अपनी पत्नी को 30,000 रुपए दिए मेंटेनेंस दिए जाने के खिलाफ याचिका दायर की थी। उक्त व्यक्ति का कहना है कि उसकी आय शून्य है और वो चैरिटी पर रह रहा है। लेकिन, कोर्ट ने पाया कि वो एक ऐसी कंपनी में कार्यरत है, जिसके द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट्स को एकर क्रिकेटर प्रमोट करता है।

जज अनुज अग्रवाल ने कहा, “ये अदालत इस तथ्य का न्यायिक नोटिस ले सकती है कि उक्त ब्रांड के एम्बेसडर विराट कोहली हैं, जो भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम के कप्तान हैं। इसीलिए, ये असंभव है कि एक कंपनी जो काफी घाटे में चल रही हो (जैसा कि याचिकाकर्ता ने दावा किया है), वो इस स्थिति में हो कि इस स्तर के एक सेलिब्रिटी को अपने उत्पाद के प्रचार के लिए ला सके।” याचिकाकर्ता की पत्नी के वकील ने उक्त प्रोडक्ट के रैपर को कोर्ट में पेश किया था।

इसी कारण अदालत ने पाया कि उस व्यक्ति का एक बड़ा कारोबार है लेकिन वो अपनी अलग रह रही पत्नी को कानूनी मेंटेनेंस देने से बचने के लिए खुद को कंगाल दिखा रहा है। पत्नी ने घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए कहा कि वो अलग रह रही हैं और उनके पास आय का कोई साधन नहीं है। ट्रायल कोर्ट ने पाया कि पति की आय 1 लाख रुपए प्रति महीने है। पति का कहना था कि महिला ने उसके कारोबार से काफी रुपए कमाए हैं और आय कमाने लायक वो शिक्षित है।

जबकि महिला का कहना है कि उसके पति की आय दसियों लाख में है। महिला ने आरोप लगाया कि खुद को कंगाल दिखाने के लिए उसके पति ने गड़बड़झाला किया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में असली आय छिपाने का एक चलन रहा है। कोर्ट ने कहा कि ये मानने लायक नहीं है कि शादी और फिर खर्च चलाने में सक्षम व्यक्ति अचानक से कंगाल हो जाए। इसीलिए, 30,000 रुपए का अंतरिम मेंटेनेंस न दिया जाना अन्ययपूर्ण होगा। इसके बाद याचिका रद्द कर दी गई।

केरल के इब्राहिम ने 168 पाकिस्तानियों से कनेक्शन कबूला, हवाला से मिलते थे पैसे: अवैध टेलीफोन एक्सचेंज से चीन को भी लाइन

समानांतर टेलीफोन एक्सचेंज मामले (Parallel Telephone exchange case) में केरल के एक प्रमुख साजिशकर्ता ने पाकिस्तानी, बांग्लादेशी और दो चीनी नागरिकों को कॉल रूट बेचे, जिन्होंने कई महीनों तक भारत में अवैध रूप से अपना सिस्टम संचालित किया। कोझिकोड पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में कदमपुझा (Kadampuzha) का मूल निवासी इब्राहिम पुलाटिल (Ibrahim Pullatil) पकड़ा गया था। जिसने इस मामले में जाँच कर रही क्राइम ब्रांच के सामने कबूल किया था कि वह 168 पाक नागरिकों के संपर्क में था। जाँच में अकेले कोझीकोड शहर में 7 जगहों पर समानांतर टेलीफोन एक्सचेंज की जानकारी हुई थी।

बता दें कि अवैध कॉल रूटिंग, इंटरनेट के माध्यम से या कई लाइनों के साथ एक पीएबीएक्स (PABX) के जरिए उन देशों में लाइसेंस प्राप्त दूरसंचार ऑपरेटरों से बचता है जहाँ कॉल शुरू और समाप्त होती हैं। अब कोझिकोड पुलिस की क्राइम ब्रान्च ने अपनी जाँच में कई खुलासे किए हैं। आरोपित इब्राहिम (Ibrahim Pullatil) ने केरल पुलिस के आगे पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन को कॉल रूट बेचना कबूल किया है। इब्राहिम ने क्राइम ब्रांच को बताया कि उसे पाकिस्तानी मोहम्मद रहीम और बांग्लादेशी साहिर से क्रमश: 20 लाख रुपए और 15 लाख रुपए (कुल 35 लाख) हवाला के रूप में कोडुवल्ली से मिले थे। इस मामले में शामिल चीन की महिला का नाम उसने फ्लाई और ली बताए।

पाकिस्तान के निवासी रहीम का नंबर खाड़ी देशों में दर्ज नहीं है। भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ (RAW) को शक है कि यह तरीका पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI का होता है। भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियों की रहीम के भारत में अन्य कनेक्शन पर भी नजर है। क्राइम ब्रान्च ने केरल हाईकोर्ट में एक अन्य आरोपित अब्दुल गफूर की जमानत का विरोध करते हुए यह रिपोर्ट दाखिल की है। अब्दुल गफूर ने उस पर चल रहे केस को खत्म करने की अर्जी दाखिल की थी जिसे अदालत ने ख़ारिज कर दिया है।

गौरतलब है कि इस पूरे मामले का खुलासा अगस्त 2021 में हुआ था। तब तिरुवनंतपुरम पुलिस क्राइम ब्रांच सोने की तस्करी करने वाले व्यक्ति हनीफा के अपहरण मामले की जाँच कर रही थी। इसी जाँच के दौरान पुलिस ने पाया कि कोयिलैंडी (Koyilandy) में सोने के तस्कर का अपहरण करने के लिए पैरलेल टेलीफोन प्रणाली (parallel telephone system) का प्रयोग हुआ था। जाँच के दौरान सामने आया था कि तस्करी के लिए 1 हजार से ज्यादा अवैध टेलीफोन एक्सचेंज सक्रिय थे। रिपोर्ट में यह बी कहा गया है, “राज्य भर में कई पोक्सो मामलों में शामिल फोन नंबर भी समानांतर एक्सचेंजों के जरिए ही आए हैं।”

तिरुवनंतपुरम पुलिस ने जानकारी कोझिकोड पुलिस से साझा की। कोझिकोड पुलिस की क्राइम ब्रान्च टीम ने भी आरोपित इब्रहिम से पूछताछ की। इस दौरान नए खुलासे हुए। केरल पुलिस ने जाँच में बेंगलुरु पुलिस की भी मदद ली थी। जाँच के दौरान पता चला था कि पूरे देश में फैले तमाम पैरलल टेलीफोन एक्सचेंज का आपस में संबंध है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपित अवैध रूप से कॉल रूटिंग इंटरनेट या कई लाइनों वाले PABX के माध्यम से करते थे। फरवरी 2020 में ही 114 सिम बॉक्स हांगकांग से दिल्ली लाए गए थे। हाल ही में बेंगलुरु, मेरठ, पटना, मुंबई, नई दिल्ली, कटक, तिरुपति, कोझीकोड, एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम और पलक्कड़, और तेलंगाना में रिपोर्ट किए गए समानांतर दूरसंचार एक्सचेंज मामलों में जब्त किए गए उपकरणों और संचालन का तरीका भी समान पाया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन अवैध कार्यों में इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड से खरीदे गए थे।

कोझिकोड क्राइम ब्रान्च के असिस्टेंट कमिश्नर टी पी श्रीजीत ने कहा, “यह सिर्फ टेलीफोन उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को सीधे तौर पर खतरा है।” बता दें कि इब्राहिम को जून 2021 में सेना की ख़ुफ़िया एजेंसी और बेंगलुरु पुलिस की ATS यूनिट ने गिरफ्तार किया था। उस पर पाकिस्तानी जासूसों को अवैध फोन एक्सचेंज से भारतीय सेना की ख़ुफ़िया जानकारियाँ देने का आरोप भी है। आरोपित इब्राहिम पर सेना के अधिकारियों की फोन कॉल को ट्रेस करने का भी आरोप लगा था।

गौरतलब है कि मार्च 2017 में मध्य प्रदेश के गृहमंत्री ने स्वीकार किया था कि पैरलल टेलीफोन एक्सचेंज के चलते टेलिकॉम कंपनियों को लगभग 3000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। इसी के साथ उन्होंने इसके पीछे पाकिस्तान के जासूस होने की भी बात कही थी। उस समय मध्य प्रदेश ATS ने 15 आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इसका संचालन चाइनीज सिमबॉक्स के जरिए किया जाता था।

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में अब नंगे पैर नहीं करनी होगी सेवा, कर्मचारियों-जवानों के लिए PM मोदी ने भेजा जूट का जूता

समूचे उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। ऐसे में नंगे पाँव काम करने वालों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी क्रम में वाराणसी (Varanasi) स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi vishvanath) के प्रांगण में काम करने वाले लोगों को भी नंगे पाँव अपनी ड्यूटी करनी पड़ती है। उनकी दिक्कतों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने काशी विश्वनाथ धाम के कर्मचारियों और वहाँ तैनात जवानों के लिए 100 जोड़ी जूट के जूते भिजवाए हैं।

इससे अब इन कर्मचारियों को कड़ाके की ठंड में काफी राहत मिलेगी। एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीधे-सीधे शामिल हैं और वो वाराणसी के विकास से जुड़े सभी आयामों पर करीब से नजर बनाए हुए हैं। पीएम मोदी को निर्देश के बाद दिल्ली से जूट के 100 जूते कर्मचारियों के लिए भेजे गए हैं। दिल्ली से आने के बाद रविवार (9 जनवरी 2022) को मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने मंदिर में काम करने वाले शास्त्री, पुजारी, सीआरपीएफ जवानों, पुलिसकर्मियों, सेवादारों और सफाईकर्मियों को जूते का वितरण किया। जोनल कमिश्नर के मुताबिक, दिल्ली से और भी जूते आएँगे।

एक अधिकारी ने कहा कि ये कहने की जरूरत नहीं है कि काशी विश्वनाथ धाम में काम करने वाले लोग इससे काफी खुश हैं। साथ ही ये इस बात का एक और उदाहरण है कि प्रधानमंत्री छोटी से छोटी बातों का कितना ध्यान रखते हैं। उल्लेखनीय है कि मंदिर परिसर में चमड़े या रबर से बने जूते-चप्पलों के पहनने पर प्रतिबंध है। इसका एक विकल्प खड़ाऊँ है। लेकिन अधिकारियों के मुताबिक खड़ाऊँ पहन पाना सभी के लिए मुमकिन नहीं है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 दिसंबर 2021 को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन किया था। इसे जनता को समर्पित करते हुए पीएम ने कहा था, “विश्वनाथ धाम का ये पूरा नया परिसर एक भव्य भवन भर नहीं है, ये प्रतीक है, हमारे भारत की सनातन संस्कृति का! ये प्रतीक है, हमारी आध्यात्मिक आत्मा का! ये प्रतीक है, भारत की प्राचीनता का, परम्पराओं का! भारत की ऊर्जा का, गतिशीलता का।”

BJP सरकार की बस, मोदी सरकार की उज्जवला: चुनावी वादों में भी कॉन्ग्रेस की हेराफेरी, चोरी पकड़ी गई तो ट्वीट किया डिलीट

कॉन्ग्रेस पार्टी का धीरे-धीरे अस्तित्व खत्म होता जा रहा है। यही कारण है कि इस पार्टी ने अपने प्रचार में जरा भी मेहनत करनी छोड़ दी है और जो प्रचार व वादे किए जा रहे हैं वो कहीं न कहीं से कॉपी पेस्ट हैं। ताजा वादा ही देखिए। कॉन्ग्रेस ने यूपी की सत्ता में आने के लिए तीन सिलेंडर मुफ्त देने का वादा किया और तस्वीर जिस परिवार की इस्तेमाल की उसका प्रयोग प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में हो रखा है। हास्यास्पद बात ये है कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना ने जब 7 करोड़ सिलेंडर बाँटे जाने का बड़ा आँकड़ा छुआ था तब ये तस्वीर पोस्टर में छपी थी।

साल 2019 में बीजेपी द्वारा शेयर तस्वीर और कॉन्ग्रेस द्वारा अब किए गए वादे की फोटो

ये अकेला उदाहरण नहीं है जब कॉन्ग्रेस ने प्रचार के नाम पर अपनी जगहँसाई करवाई हो। सिलेंडर के अलावा बस की तस्वीरों पर भी ये घपला सामने आया है। हाल में कॉन्ग्रेस पार्टी ने लड़कियों को समर्पित बस की तस्वीर दिखाने के लिए एक फोटो शेयर की थी। लेकिन हकीकत में ये तस्वीर भाजपा शासित प्रदेश असम में शुरू हुई पिंक बस सर्विस के लॉन्च की है जिसे कॉन्ग्रेस ने पहले थोड़ी एडिटिंग के साथ साझा किया, मगर बाद में जब पता चला कि यूजर्स ने इसका पता लगा लिया है तो फजीहत से बचने के लिए इसे डिलीट कर दिया।

इस ट्वीट में कॉन्ग्रेस ने लिखा था, “महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा लाएँगे, महिलाओं को मुफ्त, सुलभ और सुरक्षित बस सेवा मुहैया करवाएँ।” इस ट्वीट के साथ जो हैशटैग इस्तेमाल हुआ उसमें कॉन्ग्रेस ने ‘आएगी कॉन्ग्रेस’ लिखा था।

हालाँकि, ट्विटर यूजर पहले ही इस ट्वीट का स्क्रीनशॉट लेकर बता चुके थे कि जो तस्वीर कॉन्ग्रेस ने शेयर की वो पिछले साल असम में सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई पिंक बस सर्विस की है। यानी जो कार्य भाजपा शासित प्रदेशों में पहले से किया जा रहा है कॉन्ग्रेस पार्टी इन चुनावों में उनके वादे कर रही है। असम में ये योजना ‘भ्रमण सारथी’ के नाम से चल रही है और जिस चीज को कॉन्ग्रेस ने अपने प्रचार में छिपाया है वो असम स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन का लोगो है।

SFJ ने ली PM मोदी का काफिला रोकने की जिम्मेदारी, सुप्रीम कोर्ट के लगभग 50 वकीलों को धमकी: कहा- 84 का हिसाब अभी नहीं हुआ पूरा

लंदन स्थित खालिस्तानी संस्था ‘सिख फॉर जस्टिस’ ने पंजाब के बठिंडा फ्लाईओवर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला रोके जाने की जिम्मेदारी ली है। साथ ही इस संगठन ने फोन कॉल कर के सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को धमकाया भी है। संगठन ने अधिवक्ताओं को धमकी देते हुए कहा है कि इस मामले को वो सुप्रीम कोर्ट में न लड़ें। साथ ही उसने दावा किया कि हुसैनवाला फ्लाईओवर पर 5 जनवरी, 2022 को उसने ही पीएम मोदी के काफिले को 20 मिनट तक रोका था।

SFJ की तरफ से लगभग 50 वकीलों को फोन कॉल कर के धमकाया गया है। जबकि उधर पंजाब सरकार कहती रही है कि पीएम मोदी की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं था। प्रतिबंधित संगठन के दावे से पंजाब की कॉन्ग्रेस सरकार पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के वकील राहुल कौशिक ने बताया कि उन्हें भी फोन पर धमकी मिली है। वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल के समक्ष भी अपनी बात रखी है। 2007 में बने SFJ को भारत सरकार ने प्रतिबंधित कर रखा है।

पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI से सम्बन्ध रखने वाले इस संगठन का मुखिया गुरपतवंत सिंह पन्नू है, जो पंजाब के सिखों को भड़काने के लिए अक्सर वीडियो जारी करता रहता है। ये अलगाववादी संगठन भारत को खंडित करने की मंशा रखता है। कर्नल RSN सिंह ने कहा कि इस स्थिति को कमतर कर के नहीं देखा जाना चाहिए, खालिस्तान अभियान का ये पूरा का पूरा नेटवर्क और गंभीर हो गया है। उत्तर प्रदेश के पूर्व DGP विक्रम सिंह ने कहा कि इन वकीलों की शिकायत पर मामला दर्ज किया जा सकता है।

वरिष्ठ पत्रकार महेश जेठमलानी ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के रिकार्ड्स में शामिल सभी नहीं तो बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं को धमकी भरे फोन कॉल्स गए हैं। एसोसिएशन को इस सम्बन्ध में संज्ञान लेना चाहिए। यूके के टेलीफोन नंबर से फोन कॉल्स किए जा रहे हैं। इसमें कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई न करे। फोन कॉल पर कहा जा रहा है कि 1984 सिख नरसंहार के पीड़ितों को अब तक न्याय नहीं मिला है, इसीलिए ये मामला अदालत में न चले।”

उधर पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा चूक मामले की जाँच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक रिटायर्ड जज के नेतृत्व के समिति बनाने का निर्णय लिया है। कमिटी के गठन को लेकर सुप्रीम कोर्ट आज ही बाकी वीरान जारी करेगा। इस कमिटी में चंडीगढ़ के DGP, ‘नेशनल इंवेस्टिगेटिंग एजेंसी (NIA)’ के IG, पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल और पंजाब के ADGP (सिक्योरिटी) को शामिल किया जाएगा। ‘लॉयर्स वॉइस’ नाम के एक NGO ने इस मामले के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की माँग की थी।