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इंसान के शरीर में धड़का सूअर का दिल: विज्ञान का कमाल, 9 घंटे की सर्जरी के बाद हार्ट ट्रांसप्लांट सफल

विज्ञान ने प्रगति की राह पर चलते-चलते आज एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है कि इंसानी जिस्म में सूअर का दिल भी धड़क सकता है। जी हाँ, ये कोई विज्ञान का उपहास नहीं है बल्कि मैरीलैंड में घटित घटना की हकीकत है। वहाँ दिल की बीमारी से जूझ रहे एक आदमी के दिल में सूअर का दिल लगाया गया है और खास बात ये है कि शुक्रवार को हुए इस हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद 57 वर्षीय व्यक्ति जीवित भी है।

कथिततौर पर मेडिकल के इतिहास में ये पहली बार हुआ है कि सर्जनों ने इस तरह अंग ट्रांसप्लांट के बाद सफलता पाई हो। अब अनुमान है कि इस विकास से आने वाले समय में अंगदान करने वालों की कमी से निपटा जा सकेगा। इस केस में सूअर को एक अंग दाता के तौर प र इस्तेमाल किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, डेविड बेनेट/दवे बेनेट नामक शख्स पर ये प्रयोग हुआ। सर्जरी के बाद उनके बेटे ने कहा, “ये किसी चमत्कार से कम नहीं है। यही तो मेरे पिता को चाहिए था और यही मुझे लगता है कि मेरे पिता को मिल गया है।”

बता दें कि ये सर्जरी 9 घंटे में पूरी की गई। डॉक्टरों ने मरीज के दिल को 1 साल के  सूअर के दिल के साथ रिप्लेस किया, जिसका वजन 240 पाउंड था और उसके जीन एडिट किए गए थे। बेनेट इस सूअर का दिल पाकर अब बिन वेंटिलेटर के सांस ले पा रहे हैं। हालाँकि कुछ समय उन्हें ईसीएमओ मशीन पर रखा गया है। डॉक्टर  धीरे-धीरे उन्हें इस मशीन से हटाएँगे।

उल्लेखनीय है कि वैज्ञानिक लंबे समय से इस विषय पर जाँच कर रहे थे कि कैसे जानवरों के अंगों की मदद से इंसानी जीवन बचाया जा सके। मैरीलैंड निवासी डेविड कहते हैं, “मेरे पास दो ही विकल्प थे, या तो मरूँ या फिर यह ट्रांसप्लांट करवाऊँ। मैं जीना चाहता हूँ। मैं जानता हूँ कि यह अंधेरे में तीर चलाने जैसा है, लेकिन यह मेरी आखिरी इच्छा है।” पिछले कई महीनों से हार्ट-लंग बाईपास मशीन के सहारे बिस्तर पर पड़े बेनेट ने कहा, “मैं ठीक होने के बाद बिस्तर से बाहर निकलने के लिए उत्सुक हूँ।”

इस नई तरह की सर्जरी के बारे में पता हो कि इसके लिए मंजूरी न्यू ईयर ईव पर अमेरिकी प्रशासन ने दी थी, जिसके सफल होने पर इसे करने वाले डॉक्टर बार्टले ग्रिफिथ ने कहा कि यह एक सफल सर्जरी थी। अब अंगों की कमी से निपटने के लिए हम एक कदम और आगे बढ़ गए हैं। मालूम हो कि इस प्रयास से पूर्व एक कोशिश Montogomery में सितंबर में भी हुई थी उस समय भी सूअर का दिल ट्रांसप्लांट के लिए इस्तेमाल हुआ था, हालाँकि वो सर्जरी सफल नहीं थी और व्यक्ति का ब्रेन डैमेज हो गया था।

लव, लैंड, जिहाद… आपने सुना है, पूजा ने भोगा है: सूरत-मुंबई-कटिहार हर जगह दिलशाद के मददगार, पर हिंदू लड़की का कौन

गुजरात के दो शहरों अहमदाबाद और सूरत के बीच की दूरी करीब 230 किलोमीटर है। हीरे और कपड़े के कारोबार के लिए प्रसिद्ध सूरत राज्य के उन शहरों में है जहाँ दूसरे प्रांतों से आए लोग भी बहुतायत हैं। इसी सूरत के बाहरी इलाके में स्थित ‘सचिन औद्योगिक क्षेत्र’ में 15 साल से पूजा (बदला हुआ नाम) का भी परिवार रहता है। साल था 2015। 17 साल की पूजा अक्सर उस गारमेंट फैक्ट्री में जाती थी जहाँ उसकी माँ और बहन काम करती थी। यहीं वह दिलशाद से मिली।

पूजा बताती है कि फैक्ट्ररी में काम के दौरान दिलशाद उसके बगल में आकर बैठ जाता और पहचान बढ़ाने की कोशिश करता। एक दिन चाय ब्रेक के दौरान दिलशाद ने उसका फोन लेकर अपने नंबर पर डायल किया, जिससे पूजा का फोन नंबर उसे मिल गया। कुछ दिनों बाद, उस साल की शिवरात्रि से दो दिन पहले उसने कॉल किया। पूजा बताती है, “मुझे एक अनजान नंबर से फोन आया। मैंने फोन उठाया तो कॉल करने वाले ने अपना नाम दिलशाद बताया।”

नाबालिग पूजा को दिलशाद ने कहा कि वह उससे प्यार करता है और मिलना चाहता है। पूजा ने यह कहते हुए उसके प्रस्ताव को ठुकरा दिया कि पिता घर पर हैं और वह मिलने नहीं आ सकती। उसने यह भी कहा कि वह उसे पसंद नहीं करती है। इसके बावजूद दिलशाद उसे फोन करता रहा। जब उसने नंबर ब्लॉक कर दिया तो वह दूसरे नंबर से कॉल करने लगा। बार-बार फोन आने से पूजा बहुत परेशान रहती थी। उसने बताया कि जब एक दिन पापा ने पूछा कि किसका फोन आता है तो वह और भी डर गई।

पूजा बताती है कि एक दिन दिलशाद ने उसे दूसरे नंबर से फोन कर मिलने को कहा। कहा कि यदि वह एक बार उससे मिल लेती है तो वह ​फिर कभी फोन और मैसेज नहीं करेगा। उस दिन घर पर पूजा अकेली थी। वह दिलशाद से मिलने गई, जहाँ उसके साथ कई लोग थे, जिन्होंने उसे अगवा कर लिया।

अगवा कर बिहार के कटिहार के एक गाँव में पूजा को ले गए

पूजा ने अपनी आपबीती साझा करते हुए ऑपइंडिया को बताया, “सोचा था मिलकर उसे कहूँगी कि मैं तुमसे प्यार नहीं करती। लेकिन जब मैं मिलने पहुॅंची तो मुझे बहुत बड़ा झटका मिला। वहाँ 2-3 लोग थे जो मुझे उठाकर ले गए। पहले सचिन के पास साईनाथ नामक स्थान पर ले जाया गया। यहाँ पर कुछ दिन तक रखा।” इस दौरान घर में पूजा के ना मिलने पर उसके माता-पिता और बहन को शक हुआ। उन्होंने दिलशाद से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन उसने कभी भी पूजा को उसके परिवार से बात नहीं करने दी। वे उसे साईनाथ से सीधा मुंबई ले गए। पूजा ने बताया कि मुंबई में दिलशाद के परिवार का एक सदस्य और एक दोस्त रहता था। यहाँ उसे एक दिन रखा गया। इसके बाद बिहार ले जाया गया। इस दौरान वह बहुत रोई, लेकिन उन लोगों को उस पर बिल्कुल भी दया नहीं आई।

“मैं तुमसे निकाह करना चाहता हूँ”

पूजा के अनुसार बिहार में दिलशाद ने उससे कहा कि वह निकाह करना चाहता है। उसने अपने परिजनों और ग्रामीणों से कहा कि निकाह करने के लिए वह उसे लेकर आया है। पूजा निकाह को तैयार नहीं थी। बावजूद लोगों ने दिलशाद का साथ दिया। शादी का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 10 ​हजार रुपए दिए गए। निकाह के लिए एक मौलाना बुलाया गया। पूजा केा डराया, धमकाया गया। दिलशाद के साथ सूरत की कंपनी में काम करने वाला उसके एक ग्रामीण ने भी पूजा को धमकाया। कहा निकाह नहीं करने पर वे उसके परिवार को जान से मार देंगे। डर से पूजा को निकाह करना पड़ा।

पूजा ने बताया, “मेरे परिवार के सदस्य फोन करते रहे लेकिन वे मुझे धमकाते रहे। जो लोग निकाह में शामिल होने के लिए आए थे वे सभी जानते थे कि मैं इससे खुश नहीं हूँ। यह बात शादी का रजिस्ट्रेशन करने वाले भी जानते थे, लेकिन उन सभी ने निकाह के लिए पैसे लिए थे।”

पूजा ने खुलासा किया कि निकाह के बाद उसका नाम बदल दिया गया। उसके बाल काट दिए गए। बुर्का पहनने का दबाव डाला गया। बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई। दिलशाद उसे मारता भी था। वह कहती है, “उसके पास बार-बार मेरी मम्मी का फोन आ रहा था। मैंने सोचा कि अगर मैं इन लोगों के हिसाब से रहूँ और जैसा ये मुझसे करने को कहते हैं वैसा करूँ, तो वे मुझे अपने परिवार से बात करने दे सकते हैं। फिर एक दिन मेरे पापा का फोन आया, लेकिन उसने मुझे बात नहीं करने दी। मैंने दिलशाद से कहा कि अब तो ठीक से रह रही हूँ मुझे करने दो उन लोगों से बात। फिर जाकर उसने मुझे मेरे परिवार वालों से बात करने दी। पापा ने मुझे बताया कि मम्मी बहुत बीमार हैं।”

पूजा ने बताया कि रात में सोने के वक्त दिलशाद की अम्मी उसके बिस्तर के पास कुछ छिड़कती थी। व​ह कहती है, “मैंने उनसे पूछा कि आप ये क्या करती हैं, तो उन्होंने कहा कि ये हमारे परिवार के लिए है। मैं 15 से 20 दिनों तक दिलशाद के यहाँ रही। मैंने उसे मौलवी से बात करते हुए भी सुना था, जो निकाह कराने के लिए आया था। उन्हें हिंदू लड़की से निकाह करने पर पैसे मिलते हैं।”

घर वापसी

एक दिन दिलशाद ने पूजा को उसके पिता से बात करने दी। फोन पर पूजा के पिता ने बताया कि उसकी माँ गंभीर रूप से बीमार है। पूजा ने बताया कि मेरे पिता को नहीं पता था कि मैं कहाँ हूँ। पूजा ने तब दिलशाद से अनुरोध किया कि वह उसे जाने दे और एक बार उसे माँ से मिलने दे। लेकिन दिलशाद ने साफ मना कर दिया। जान से मारने की धमकी दी। साथ ही कहा कि अगर उसके घर वाले पुलिस के साथ उसे बचाने के लिए गाँव आए तो वो उन लोगों को भी जान से मार देगा।

पूजा ने खुलासा किया कि उसे बचाने के लिए उसके भाई ने अपने ट्यूशन वाले सर अमित माथुर की मदद ली। एक दिन दिलशाद नहाने गया था और अपना फोन भूल गया था। पूजा ने मौका पाकर उसका फोन उठाया और अपने पिता को जगह के बारे में बताया। लेकिन दिलशाद को यह पता चल गया कि उसके पिता आने वाले हैं। इस बात को लेकर उसने पूजा को बहुत पीटा। फिर दिलशाद के सामने उसने अपने पापा को फोन कर आने से मना किया। वह कहती है, “मैंने उन्हें (पिता) समझाने की कोशिश की कि मैं वापस आ जाऊँगी। मैं दिलशाद के यहाँ अच्छे से रही ताकि उन्हें अपने विश्वास में ले सकूँ। मुझे यह करना पड़ा और कुछ दिनों के लिए मैं वहीं रुक गई। जब मेरे पाप मुझसे मिलने आए, तो दिलशाद ने पहले कुछ लोगों को यह देखने के लिए भेजा कि वह अकेले हैं या उनके साथ पुलिस है और उसके बाद ही मुझे उनसे मिलने दिया गया।”

उसने बताया, “मेरे पापा मुझे देखकर बहुत रोए।” पूजा को दिलशाद और उसकी अम्मी ने ‘विवाह प्रमाण-पत्र’ की कॉपी देने से इनकार कर दिया। लेकिन वह चोरी छिपे एक कॉपी अपने पिता के साथ लेकर आने में कामयाब रही।

पूजा को मंदिर ले जाया गया

पूजा ने जब अपनी माँ को अस्पताल में देखा तो वह आईसीयू में थी। वह​ कहती है, “परिवार के सदस्यों ने बताया कि मैं रात में नींद से उठकर नमाज पढ़ने लगती हूँ, जबकि मुझे इसके बारे में पता भी नहीं था।” उसने बताया, “एक दिन मैं बहुत बुरा महसूस कर रही थी। मैं यहाँ रहना नहीं चाहती थी। पिता ने उससे रुकने को कहा, लेकिन उसे अच्छा नहीं लग रहा था क्योंकि पड़ोस के लोग उसके साथ हुई घटना के बारे में जानते थे और उस पर समाज का बहुत दबाव था।” अपने आँसू पोछते हुए पूजा ने बताया कि इस स्थिति में एक दिन उसने दिलशाद के पास कटिहार लौटने का फैसला किया।

इसके बाद उसकी बहन ने गिरिश अहीर भाई से संपर्क किया जिन्होंने पूजा को घर लाने में मदद की थी। गिरीश अहीर और उनकी टीम ने पूजा को रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन में देखा और उसे ट्रेन से उतारा। बाद में वो उसे दीपिका भावसार से मिलाने ले गए, जो पूजा जैसी महिलाओं के लिए मसीहा मानी जाती हैं। पूजा ने कहा कि भावसार ने उन्हें हिंदू ग्रंथों और नियमित प्रार्थनाओं के बारे में बताया और पढ़ाया। इससे मैं पहले से खुद को बेहतर महसूस करने लगी। गिरीश अहीर सूरत महानगर के हिंदू जागरण मंच के सचिव हैं।

पूजा कहती है, “अगर उसे बचाने वाले नहीं होते, तो उसका आत्मविश्वास अब तक दम तोड़ चुका होता। मैं अभी तक जीवित नहीं होती।” उसने बताया कि इन लोगों ने दिलशाद और ​उसके परिवार वालों के खिलाफ मामला दर्ज कराने में उसे मदद की। एक पंडित ने पूजा को बताया कि दरगाह ले जाकर उस पर काला जादू किया गया था, जिसके कारण वह नींद से उठकर नमाज पढ़ना शुरू कर देती थी।

ऑपइंडिया से बात करते हुए, गिरीश अहीर ने कहा कि पूजा का मामला सबसे सफल मामलों में से एक रहा है। अब इस बात को 6 साल से अधिक हो गए हैं और लड़की भी बालिग हो गई है। उसका परिवार अब उसकी शादी करना चाहते हैं। अहीर ने वर्ष 2016 में एक अन्य मामले के बारे में बताया जब शीतल (बदला हुआ नाम) को न्याय दिलाने में मदद की थी। उस समय नौवीं कक्षा की छात्रा रही शाीतल को भी एक मुस्लिम युवक लेकर भाग गसा था। इस मामले में आरोपित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। बाद में शीतल की शादी हिंदू रीति-रिवाजों के साथ एक हिंदू लड़के से की गई।

गुजरात में ‘लव जिहाद’ का पहला मामला सूरत से

गुजरात में धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत ‘लव जिहाद’ का पहला मामला पिछले साल अगस्त में सूरत के डिंडोली इलाके में दर्ज किया गया था। एक 50 वर्षीय मुस्लिम व्यक्ति पर फर्जी पहचान बताकर एक युवा हिंदू लड़की को अपने जाल में फँसाने और उसे गर्भवती करने का आरोप लगाया गया था। 50 साल के शेख मोहम्मद अख्तर ने 22 साल की एक हिंदू लड़की से नाम बदलकर पहले दोस्ती की और फिर उससे निकाह कर लिया। बाद में उसे इस्लामिक रीति-रिवाजों के अनुसार बुर्का पहनने और नमाज पढ़ने के लिए दबाव बनाने लगा। जब लड़की ने ऐसा नहीं किया तो उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।

नोट: मूल रूप से अंग्रेजी में लिखी गई निरवा मेहता की इस रिपोर्ट को आप यहाँ क्लिक कर पढ़ कसते हैं। गोपनीयता की वजह से इस रिपोर्ट में कुछ लोगों के नाम बदल दिए गए हैं।

पहलवान सागर धनखड़ की हत्या से पहले सुशील कुमार ने कुत्तों पर की थी फायरिंग, कहा था- इस एरिया का गुंडा मैं हूँ…

पहलवान सागर धनखड़ की हत्या मामले में दिल्ली पुलिस ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट फाइल कर दी है। इसमें कहा गया है कि सुशील कुमार जब छत्रसाल स्टेडियम पहुँचे तो कुछ कुत्ते भौंकने लगे। इसके बाद सुशील कुमार ने उन पर गोली चला दी। इसके बाद स्टेडियम में मौजूद एथलीटों को बंदूक की नोंक पर धमकाया और उन्हें स्टेडियम छोड़कर जाने को कहा।

दिल्‍ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सुशील के खिलाफ जो सप्‍लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है, वह सुशील के बॉडीगार्ड अनिल धीमान और अन्‍य आरोपितों के बयानों के आधार पर बनाई गई है। यह घटना 05 मई 2021 की है। धीमान ने पुलिस को दिए स्‍टेटमेंट में बताया कि वह 2019 से सुशील कुमार के साथ काम कर रहा था। वह सुशील के प्राइवेट और ऑफिशियल दोनों काम देखता था। धीमान ने बताया कि 4-5 मई 2021 की दरम्‍यानी रात को वह भी सुशील के साथ था। उस दिन सुशील ने कई लोगों को बास्‍केटबॉल ग्राउंड पर यह कहते हुए बुलाया था कि उसे ‘कुछ लोगों को सबक सिखाना है’।

दिल्‍ली पुलिस की चार्जशीट में जूनियर रेसलर सागर धनखड़ की हत्‍या मामले में सुशील के साथ राहुल को भी आरोपित बनाया गया है। राहुल ने स्‍टेटमेंट में बताया है, “सुशील और मेरे साथ एक और साथी था। हम लोग जब स्‍टेडियम पहुँचे तो देखा कि वहाँ कुछ कोच और पहलवान मौजूद हैं। जैसे हम आए कुछ कुत्ते सुशील को देख भौंकने लगे। सुशील उस वक्‍त बेहद गुस्‍से में था, उसने कुत्‍तों पर गोलियाँ चला दी। इसके बाद सुशील ने पहलवानों को वहाँ से निकलने के लिए बोला तो विकास नाम के एक रेसलर ने उससे पूछा- पहलवान जी क्‍या हुआ? इसके बाद सुशील ने विकास पर हमला किया और उसका फोन छीनकर उसके पीछा भागा।”

विकास को भगाने के बाद सुशील बोला, “मैं कहाँ जाता हूँ, किससे मिलता हूँ, क्‍या खाता हूँ… ये सागर और सोनू महल लीक करते हैं।” विकास के अलावा दो और पहलवानों को सुशील इसी तरह से भगा चुका था। इसके बाद सुशील ने वहाँ मौजूद एक चौथे पहलवान से उसका फोन माँगा, जब उसने फोन देने से इनकार किया तो सुशील ने अपनी पिस्‍टल से उसके माथे पर मारा।

धीमान ने अपने बयान में कहा है कि उसी रात को वह, सुशील और अन्‍य साथी शलीमार बाग गए और उन्होंने 11.30 बजे के करीब अमित, रविंदर (सागर के साथ इनको भी पीटा गया था) को उठाया और उन्‍हें छत्रसाल स्‍टेडियम लेकर आ गए। धीमान ने बताया कि इन दोनों को सुशील के कहने पर ही पीटा गया था। स्‍टेडियम में उन्होंने उन्‍हें बहुत बुरी तरह पीटा, इसके बाद वो मॉडल टाउन वाले फ्लैट पर गए और सागर, जय भगवान के साथ सोनू को उठाकर स्‍टेडियम लेकर आए।

चार्जशीट के मुताबिक, सुशील ने कहा था, “इसे बेरहमी से पीटो। इसे जिंदा नहीं छोड़ना है।” चार्जशीट में प्रवीण को भी आरोपित बनाया गया है। हत्‍या समेत अन्‍य जघन्‍य अपराधों में शामिल रहे प्रवीण ने बताया, सुशील कह रहा था, ”इस एरिया का गुंडा मैं हूँ, तू कैसे मेरे फ्लैट पर कब्‍जा कर सकता है।” सुशील उन्‍हें लाठी से मारते हुए ये बात बोल रहा था।

धीमान ने बताया, “हमने उन्‍हें लाठी, डंडे, हॉकी स्टिक और बेसबॉल बैट से पीटा। हम सागर और जयभगवान को मारना चाहते थे, क्‍योंकि सुशील ने हमसे ऐसा ही करने को कहा था। सुशील को डर था कि सागर और जयभगवान उसके खिलाफ काम कर रहे हैं, वे सुशील के बारे में जानकारी जुटा रहे थे, क्‍योंकि वह सुशील के लिए खतरा पैदा कर रहे थे, इसलिए वह उन्‍हें मारना चाहता था।”

गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली पुलिस ने छत्रसाल स्टेडियम में पहलवान सागर धनखड़ हत्याकांड में 170 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें सुशील कुमार को मुख्य आरोपित बनाया गया था। इससे पहले पहलवान और भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) के अधिकारी सुशील कुमार को रेलवे की नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया था।

‘धर्म भी अंधविश्वास होता है’: जिनके सपने में आए ‘श्रीकृष्ण’ उस अखिलेश यादव ने बताया- योगी PM पद के दावेदार बन जाएँगे

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कल (जनवरी 10, 2022) ‘पंचायत आजतक’ में अंजना ओम कश्यप से बात करते हुए योगी सरकार को घेरने की फिराक में खुद का भी मजाक जमकर उड़वाया। अब उनके इसी इंटरव्यू की तमाम वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस इंटरव्यू में उन्होंने नोएडा को लेकर पाले गए उनके अंधविश्वास पर भी बात की।

अंजना ओम कश्यप ने जब उनसे पूछा कि आखिर वो मुख्यमंत्री रहते हुए कभी नोएडा क्यों नहीं आए तो इस पर उन्होंने कहा कि वहाँ जो भी जाता है वो फिर कभी मुख्यमंत्री नहीं बनता। अपनी इसी बात को कहने के बाद वो ये कहकर हँसे, “हमारे बाबा भी नोएडा गए थे। वे इस बार मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे।” इस अंधविश्वास पर सवाल किए जाने पर अखिलेश यादव ने कहा कि धर्म भी एक तरह का अंधविश्वास होता है।

साक्षात्कार में अखिलेश यादव से जब सवाल किया गया कि योगी सरकार दावा करती है कि उनकी सरकार में कोई दंगे नहीं हुए और लाल टोपी खतरे का निशाना है, इस पर अखिलेश यादव ने जवाब देते हुए प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एनसीआरबी का आँकड़ा देखिए, सबसे ज्यादा दंगे किसकी सरकार में हुए हैं।

अखिलेश यादव ने साक्षात्कार में बार-बार अंजना ओम कश्यप पर ईमानदार पत्रकार का नाम ले लेकर तंज कसा और दावा किया कि श्रीकृष्ण उनके सपने में इसलिए आए क्योंकि वो उनके कुलदेवता हैं। उन्होंने कहा इस दफा यूपी की जनता बीजेपी को राधे-राधे कर देगी। जब उनसे पूछा गया कि अगर दोबारा प्रदेश में योगी सरकार बन गई फिर? इस पर सपा नेता ने कहा कि दोबारा चुनाव जीतने पर योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री पद के दावेदार हो जाएँगे, जबकि अभी से ही डबल इंजन टकरा रहा है। भाजपा को इस विषय में सोचना चाहिए।

अपने इंटरव्यू में उन्होंने पीएम मोदी के ‘UPYOGI’ वाले बयान की काट करते हुए यूपी में योगी सरकार को ‘अनुपयोगी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी किसानों के वादों पर खरी नहीं उतर पाई। डीजल, कीटनाशक, बीज, रसायनिक खाद के महंगे हो जाने के कारण किसानों के लिए अपनी आय को दोगुना और पैदावार को बढ़ाना दूभर हो चुका है। अपनी बातचीत में अखिलेश यादव ने दावा किया कि जब उनकी सरकार आएगी तो लोगों को यहाँ 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी। उनका आरोप है कि योगी सरकार ने बिजली कारखाने नहीं लगने दिए वरना उनकी सरकार इसके लिए प्रयासरत थी।

फिरोज पप्पू मर्डर केस: टिकट दिलाने के लिए सपा के पूर्व सांसद रिजवान जहीर ने ही बेटी-दामाद संग मिल करवाई हत्या, यूपी पुलिस ने किया गिरफ्तार

समाजवादी पार्टी के नेता फिरोज पप्पू की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस ने खुलासा किया है कि फिरोज पप्पू की हत्या बलरामपुर से सपा के दो बार सांसद रहे रिजवान जहीर ने करवाया है। इस मामले में रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा औऱ जमाई रमीज को गिरफ्तार किया गया है।

करीब दो महीने पहले रिजवान जहीर ने फिर से सपा की सदस्यता ली थी, जिसके बाद से तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रहे फिरोज पप्पू के बीच गुटबाजी शुरू हो गई थी। दोनों एक दूसरे को पीछे कर सियासत में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए संघर्ष कर रहे थे। इस घटना का खुलासा करते हुए बलरामपुर के एसपी हेमंत कुटियाल ने कहा कि फिरोज अहमद उर्फ फिरोज पप्पू की लगातार बढ़ती लोकप्रियता रिजवान जहीर के लिए बड़ा खतरा थी। दरअसल, फिरोज पप्पू तुलसीपुर विधानसभा सीट से सपा के कैंडिडेट के लिए तगड़े दावेदार थे, लेकिन पूर्व सांसद अपनी बेटी जेबा को टिकट दिलाना चाहते थे।

लेकिन जब उन्हें लगा कि उनकी दाल नहीं गलने वाली तो रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा, जमाई रमीज और शकील ने आपस में मिलकर फिरोज पप्पू की हत्या का षणयंत्र रचा। हत्या की जिम्मेदारी मेहराज और महफूज को दी गई। इसके बाद नए साल में 4 जनवरी 2022 को फिरोज पप्पू की हत्या कर दी गई। यूपी पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।

यूपी पुलिस ने किया 6 को गिरफ्तार

कैसे दिया वारदात को अंजाम

जिले के पुलिस अधीक्षक हेमंत कुटियाल के मुताबिक, 4 जनवरी 2022 की रात 10:20 बजे के करीब फिरोज पप्पू अपने घर जा रहा था उसी दौरान मेराजुल हक उर्फ मामा और महफूज ने उस पर लोहे की रॉड और से अटैक किया। जैसे ही महफूज ने लोहे की रॉड से फिरोज के सिर पर मारा तो वो गिर गया। इसके बाद मेहराज ने चाकू से उसके गले को रेत दिया। करीब एक माह पहले ही हत्या की साजिश बनी थी। इस बीच तीन बार फिरोज को मारने की कोशिश की गई थी, लेकिन सफल नहीं हो सके थे।

इस हाई प्रोफाइल केस को सॉल्व करने वाली पुलिस टीम को राज्य के अपर गृह सचिव ने एक लाख रुपए का ईनाम देने का भी ऐलान किया था। एसपी हेमंत कुटियाल के मुताबिक, यह हत्या राजनीतिक वर्चस्व और बाहुबल साबित करने के लिए की गई है।

‘करोड़ों लेकर बेचे जा रहे टिकट’: पंजाब में AAP नेताओं ने ही खोल दी अपनी पार्टी की पोल, SAD ने कहा – केजरीवाल के पास जा रहा पैसा

पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) पर विधानसभा चुनाव के टिकट करोड़ों में बेचने के आरोप लग रहे हैं। आरोप लगाने वाला विपक्ष नहीं, AAP के ही कार्यकर्ता हैं। चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के AAP कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व पर करोड़ों में टिकट बेचने के आरोप लगाए। साथ ही माँग की कि पार्टी को अब इस नीति को खत्म करना चाहिए। पार्टी के मोहाली जिला के युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गुरतेज सिंह पन्नू और उपाध्यक्ष शीरा भाणबौरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के अपनी बात रखी।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल फ़िलहाल कोरोना से पीड़ित हैं और हाल ही में उन्होंने चंडीगढ़ में नगरपालिका चुनाव में अच्छे प्रदर्शन बनने के बाद वहाँ विजय यात्रा निकाली थी। आरोप लगे थे कि कोरोना के लक्षण आने के बावजूद उन्होंने रैलियाँ की और लोगों से मिलते-जुलते रहे। अब उनकी ही पार्टी के कार्यकर्ता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के अपनी ही पार्टी की पोल खोल रहे हैं। करोड़ो रुपए लेकर टिकट बेचने के आरोप लगाए जा रहे हैं। यही है उनकी ‘बदलाव’ वाली राजनीति?

चंडीगढ़ में AAP से कम सीटें होने के बावजूद भाजपा अपना मेयर बनाने में कामयाब रही, जिसके लिए भी AAP कार्यकर्ता पार्टी के अंदरूनी कलह को दोषी ठहरा रहे हैं। ‘शिरोमणि अकाली दल (SAD)’ ने भी AAP पर टिकट बेचने के आरोप लगाए हैं। पार्टी के प्रवक्ता दिलजीत सिंह चीमा ने कहा कि चुनाव आयोग को इस मामलों का संज्ञान लेकर मामला दर्ज करने का आदेश देना चाहिए। AAP ने अपने पैम्प्लेट्स में अन्य दलों से पैसे लेकर उसे वोट देने की सलाह लोगों को दी है।

चीमा ने कहा, “ये स्पष्ट है कि पार्टी के टिकट्स बेच कर अरविन्द केजरीवाल खुद को अमीर बना रहे हैं। AAP यही मॉडल हर जगह फॉलो कर रही है, इसीलिए जहाँ-जहाँ वो चुनाव लड़ रही है वहाँ टिकट्स बेचे जा रहे हैं। विपक्षी नेताओं के खिलाफ झूठे आरोप लगाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये करोड़ों रुपए का घोटाला है, जिसकी पोल उच्च-स्तरीय जाँच के बाद ही खुल सकती है। वो चुनाव में अमीरों पर दाँव लगा रहे हैं। उनका दिल्ली मॉडल पूर्णरूपेण फ्लॉप है, इसीलिए पंजाब की जनता को दिखाने के लिए उनके पास कुछ नहीं है।”

बता दें कि हाल ही में प्रेस क्लब में राघव चड्ढा (Raghav chaddha) की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कॉन्ग्रेस के पूर्व पार्षद दिनेश ढल को पार्टी में शामिल करवाया जाना था, लेकिन टिकट बँटवारे को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान पंजाब के सह-प्रभारी के खिलाफ ‘राघव चड्ढा चोर है’ के नारे लगाए गए। बात यहीं तक रहती तो गनीमत होती, लेकिन मामला इतना बढ़ गया कि लोगों के बीच जमकर मारपीट भी हो गई। टिकट बँटवारे को लेकर करीब 45-50 मिनट हुए बवाल के बाद राघव चड्ढा को पिछले दरवाजे से बाहर भागना पड़ा।

50 साल पहले माता-पिता बने थे ईसाई, अब पूरे परिवार ने अपनाया हिन्दू धर्म: कर्नाटक के यादगीर में हुई घरवापसी

कर्नाटक (Karnatka) के यादगीर जिले से घर वापसी (Ghar wapsi) हुई है। यहाँ 50 साल पहले टिमोथी होसमानी नाम के व्यक्ति के परिजनों ने धर्मान्तरण कर ईसाई धर्म को अपना लिया था। उस वक्त होसमानी बहुत ही छोटे थे, लेकिन अब 50 साल बीतने के बाद 55 वर्षीय टिमोथी होसमानी ने हिंदू धर्म में घर वापसी की है।

रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरू से करीब 500 किलोमीटर दूर स्थित गुरमिटकल तहसील के कनिकल गाँव के रहने वाले टिमोथी ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि उन्हें ये तो नहीं पता कि उनके माता-पिता ज्ञानमित्र और सौभाग्य ने किन परिस्थितियों में ईसाईयत को अपनाया था। लेकिन अब वो अपने धर्म में फिर से घर वापसी कर रहे हैं।

होसमानी के मुताबिक, 10 साल पहले उनके पिता और 6 साल पहले उनकी माँ की मृत्यु हो गई थी। शख्स ने बताया कि वो और उसका परिवार एससी समुदाय से आते थे। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी शारदम्मा (50), बेटा अभिषेक, ज्ञानमित्र और नील आर्मस्ट्रॉंग बीते कई साल से हिंदू धर्म और हिंदू परंपराओं को करीब से देख रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि उनका बड़ा बेटा बेंगलुरू में श्रमिक के तौर पर काम करता है, जबकि दो अन्य अभी पढ़ाई कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टिमोथी होसमानी के माता-पिता उसके हिंदू धर्म अपनाने के खिलाफ थे। लेकिन अब परिवार कानूनी तौर पर भी हिंदू धर्म में घर वापसी की तैयारी कर रहा है।

कर्नाटक में कई परिवार घर वापसी पर विचार कर रहे

रिपोर्ट के मुताबिक, कर्नाटक में ऐसी कई घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। जिनसे ये पता चलता है कि कर्नाटक में कई परिवार घर वापसी की तैयारी कर रहे हैं। हाल के वर्षों में यादगीर में ये अपनी तरह का पहला मामला है। गौरतलब है कि कर्नाटक सरकार राज्य में ईसाई धर्मान्तरण को रोकने के लिए धर्मान्तरण विरोधी बिल लेकर आई है, जिसे विधानसभा में पास करा लिया गया है। लेकिन, कॉन्ग्रेस और कई चर्च इसका लगातार विरोध कर रहे हैं।

‘जिन्ना ने मुस्लिमों के पैर पर कुल्हाड़ी चलाई… अखिलेश यादव ने की बेवकूफी’: बोले मौलाना महमूद मदनी, तौकीर रजा के हिंदुओं को धमकी का किया बचाव

उत्तर प्रदेश (Uttar pradesh) में सात चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसको लेकर सियासत काफी तेज है। प्रदेश के 20 फीसदी मुस्लिम वोटों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। ऐसे में मुस्लिम किसे वोट करेगा इसको लेकर जमीयत उलेमा ए हिन्द के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी (Maulana Mahmood Madani) ने बयान दिया है। मदनी ने अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) कि जिन्ना वाले बयान पर अपनी असहमति जताते हुए कहा कि आजकल हर जगह हमारे नबी (पैगंबर मुहम्मद) को हर जगह गाली दी जा रही है, लेकिन सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

आजतक के पंचायत शो में मदनी ने कहा कि जिन्ना को मुस्लिमों ने अस्वीकर करके इंडिया को चुना था। इस्लामिक नेता के मुताबिक, जिन्ना ने मुस्लिमों के पैर पर कुल्हाड़ी चलाई थी। उनका मानना है कि मुस्लिमों को जिन्ना के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। अखिलेश यादव के जिन्ना वाले बयान पर मदनी ने बैलेंसिक के तरीके से बयान दिया और कहा कि हो सकता है कि सपा अध्यक्ष को जिन्ना की कुछ बातें अच्छी लगी हों। इस्लामिक नेता का कहना था कि अखिलेश यादव ने आउट ऑफ कॉन्टेस्ट में ये बात कही है, जो कि बेवकूफी भरा है।

त्रिपुरा की घटना का जिक्र करते हुए ने कहा कि त्रिपुरा में बकायदा जुलूस निकालकर हमारे नबी को गाली दी गई। इस मामले को लेकर हम लोगों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। जबकि हकीकत ये है कि त्रिपुरा पुलिस इस घटना को लेकर स्पष्ट कर चुकी है कि वो खबरें फेक थीं।

हालाँकि, मौलाना तौकीर रजा के विवादित बयान का मदनी ने बचाव किया और कहा कि तौकीर रजा के बयान को अभद्र भाषा के तौर पर नहीं जोड़ा जाना चाहिए। क्योंकि उन्होंने किसी महापुरुष को गाली नहीं दी थी। बता दें कि बरेली में ‘धर्म संसद’ आयोजित कर मुस्लिम धर्म गुरु और आईएमसी के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने हिंदुओं को धमकी देते हुए कहा था कि जिस दिन मुस्लिम कानून हाथ में ले लेंगे, उस दिन हिंदुओं को पूरे देश में कहीं पनाह नहीं मिलेगा।

मुस्लिमों के वोट को लेकर मदनी का कहना है कि मुस्लिमों को जहाँ सही लगे, उन्हें वहाँ जाना चाहिए। अगर असदुद्दीन ओवैसी के कैंडिडेट अच्छे हैं तो उन्हें वोट दिया जाना चाहिए।

भीड़ जुटाई, अचार संहिता और कोरोना गाइडलाइंस की उड़ाई धज्जियाँ: ‘PM मोदी के टुकड़े-टुकड़े’ करने की धमकी देने वाले इमरान मसूद पर FIR

उत्तर प्रदेश की सहरानपुर पुलिस ने कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व विधायक इमरान मसूद पर FIR दर्ज की है। यह FIR कोविड नियमों का पालन न करने और आचार संहिता के उल्लंघन को ले कर की गई है। यह केस 10 जनवरी (सोमवार) को दर्ज हुआ है। सहारनपुर पुलिस के SP सिटी राजेश कुमार ने इसकी पुष्टि की है।

राजेश कुमार ने कहा, “इमरान मसूद द्वारा आज अंबाला रोड स्थित अपने आवास पर अपने समर्थकों की मीटिंग बुलाई गई थी। इसमें भारी भीड़ हो गई थी। उनके द्वारा इस मीटिंग के आयोजन की पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। जबकि पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू है। इसके अलावा COVID – 19 की गाइडलाइंस का भी पालन नहीं किया जा रहा था। लोगों ने मास्क नहीं लगाए थे। सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा था। इसको देखते हुए SHO कुतुबशेर द्वारा थाना कुतुबशेर पर इमरान मसूद सहित 10 लोगों को नामजद करते हुए कुल 300 अन्य अज्ञात समर्थकों पर IPC और महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।’

इस प्रकरण में ऑपइंडिया ने सहारनपुर पुलिस के SSP आईपीएस आकाश तोमर से बात की। उन्होंने बताया, ‘घटना आज दोपहर 1.30 बजे की है। इमरान मसूद और उनके समर्थकों पर धारा 188, 171 – H, 269, 270 व महामारी अधिनियम की धारा 3 व 4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में शिकायतकर्ता खुद थाना प्रभारी कुतुबशेर पियूष दीक्षित हैं। मामले की जाँच की जा रही है। जाँच के उपरान्त नियमानुसर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।’

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले विवादित छवि वाले इमरान मसूद (Imran Masood) के समाजवादी पार्टी में जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। ऐसी संभावना तब जताई जाने लगी जब इमरान मसूद ने एक बयान देते हुए कहा, “यूपी में यदि बीजेपी को हराना है तो समाजवादी पार्टी के साथ ही आना होगा। सपा ही उत्तर प्रदेश में भाजपा (BJP) को टक्कर दे सकती है।”

कैप्टन अमरिंदर सिंह के ‘पंजाब लोक कॉन्ग्रेस’ को मिला ‘हॉकी स्टिक और गेंद’ चुनाव चिन्ह: बीजेपी, अकाली और ढींढसा के साथ होंगे मैदान में

पंजाब (Punjab) में होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly election) के ऐलान के बाद अब राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amrinder singh) की पार्टी ‘पंजाब लोक कॉन्ग्रेस’ (punjab lok congress) को चुनाव आयोग ने चुनाव चिन्ह प्रदान कर दिया है। कैप्टन की पार्टी का चुनाव चिन्ह हॉकी स्टिक और गेंद है। राज्य में 14 फरवरी को विधानसभा चुनावों के लिए मतदान होंगे। जबकि, चुनाव परिणाम 10 मार्च 2022 को घोषित होंगे।

कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले ही इस बात का संकेत दे चुके हैं कि राज्य विधानसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। उल्लेखनीय है कि 6 दिसंबर 2021 को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बीजेपी के साथ चुनाव लड़ने का ऐलान किया था।

उन्होंने चंडीगढ़ में अपनी पार्टी का दफ्तर खोलने के बाद कहा था, “हमारा उद्देश्य पंजाब विधानसभा चुनाव जीतना है और हम जीतेंगे।” कैप्टन का कहना था कि व्यक्ति को हमेशा विजेताओं को चुनना चाहिए और उन्हीं उम्मीदवारों का समर्थन भी करना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने टकसाली नेता ढींढसा के साथ भी गठबंधन की बात कही थी।

गौरतलब है कि राज्य के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot singh siddhu) के साथ लंबे समय तक चले सियासी घमासान के बाद 2 नवंबर 2021 को पत्र लिखकर सोनिया गाँधी (Sonia Gandhi) को अपना इस्तीफा भेज दिया था। इसी के साथ ही कैप्टन ने अपनी नई पार्टी ‘पंजाब लोक कॉन्ग्रेस’ का भी ऐलान किया था।

नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने पर उन्होंने कहा था कि एक दिन पार्टी को अपने निर्णय के लिए पछताना पड़ेगा। कैप्टन ने पाकिस्तान के प्रति सॉफ्ट कॉर्नर रखने वाले नवजोत सिंह को संरक्षण देने का आऱोप राहुल गाँधी और प्रियंका वाड्रा पर लगाया था। कैप्टन का कहना था कि नवजोत सिंह सिद्धू एक अस्थिर व्यक्ति हैं।

बहरहाल, राज्य में चुनाव का ऐलान हो गया है। लेकिन अभी तक कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान नहीं किया है।