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‘कलंक है तू कलंक… हे माँ माता जी’: टप्पू के इश्क में बबीता जी, जेठालाल के नेटिजन्स ले रहे मजे

लोकप्रिय टीवी सीरियल ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में बबीता का रोल अदा करने वाली मुनमुन दत्ता और टप्पू यानी कि राज अनादकट के बीच डेटिंग की खबरें मीडिया में उछलने के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई है। सुबह से कभी मुनमुन दत्ता और टप्पू ट्रेंड करते हैं तो कभी जेठालाल ट्रेंड में ऊपर आ जाता है।

बेहद फनी मीम्स के साथ नेटिजन्स इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। किसी में दिखाया जा रहा है कि इस खबर को सुनने के बाद जेठालाल के दिल पर क्या गुजरेगी तो कोई बता रहा है कि जेठालाल की प्रतिक्रिया क्या होगी। आइए इनमें कुछ चुनिंदा और मजेदार मीम्स को देखें।

हिमांशु भाटी लिखते हैं, “मैं कल्पना भी नहीं कर सकता कि क्या होता होगा अगर एक बेटा आपका क्रश ले उड़े। तुम्हें शक्ति मिले जेठा भाई। स्टे स्ट्रॉन्ग।”

विभोर जैन लिखते हैं, “जेठालाल ने टप्पू और बबीता जी की न्यूज सुनने के बाद कहा- हमें तो अपनों ने लूटा गैरों में कहा दम था।” दूसरे यूजर ने लिखा, “हर कोई जेठालाल पर बात कर रहा है लेकिन कोई भी अय्यर के बारे में नहीं सोच रहा।”

एक मीम को शेयर करके कहा जा रहा कि ये खबर सुन कर चंपक चाचा कहते हैं, “तेरे वजह से मेरा आत्महत्या करने का टाइम आ गया है।”

वरुण, जेठालाल का मीम शेयर करके कहते हैं कि ये खबर सुनने के बाद वो टप्पू को कहेंगे, “कलंक है तू कलंक।”

उल्लेखनीय है कि अभी हाल ही में खबर आई है कि तारक मेहता का उल्टा चश्मा की एक्टर मुनमुन दत्ता, जो सीरियल में बबीता जी की भूमिका निभाती हैं और राज अनादकट, जो जेठालाल के बेटे, टप्पू की भूमिका में होते हैं, एक रिपोर्ट के अनुसार, रील से हटकर अपने रियल लाइफ में कपल हैं।

वैसे धारावाहिक में, टप्पू के पिता, मध्यम आयु वर्ग के जेठालाल का चरित्र का अपने पड़ोसी बबीता जी पर क्रश है, जिसकी शादी एक दूसरे कैरेक्टर अय्यर से हुई है। मुनमुन दत्ता, राज अनादकट से उम्र में 9 साल बड़ी हैं, लेकिन उम्र का ये फासला उनकी खुश जोड़ी के आड़े नहीं आया। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों अभिनेताओं के परिवार के सदस्य भी दोनों के बीच इस रोमांस से अवगत हैं और उनके निर्णय के साथ-साथ उनकी गोपनीयता का भी सम्मान करते हैं।

अलीगढ़ की रिहाना ने फर्रुखाबाद के विकास संग देवी मंदिर में लिए फेरे, फिर परिवार से बचाने की गुहार लगाते थाने पहुँची

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में एक प्रेमी जोड़े ने मंदिर में शादी रचा ली। अलीगढ़ की रिहाना ने कई वर्षों के प्रेम-प्रसंग के बाद विकास राजपूत संग फेरे लिए। इसके बाद परिवार से जान का खतरा बता थाने पहुँची और पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। पुलिस ने ​पहले रिहाना के परिजनों से संपर्क किया और फिर उसे विकास के साथ घर भेज दिया।

विकास और रिहाना के बीच की प्रेम नोएडा की एक बल्ब फैक्ट्री में काम करते पनपा। अब दोनों ने शादी कर ली है। शादी के बाद रिहाना ने अपना नाम बदलकर रेनू रख लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, नोएडा की बल्ब बनाने वाली फैक्ट्री में काम करते दोनों में नजदीकियाँ बढ़ी। तीन-चार साल तक दोनों रिलेशन में रहे। अब घसिया चिलौली स्थित बड़ी देवी मंदिर में दोनों ने शादी की है। इस दौरान दोनों के परिवार का कोई भी मौजूद नहीं था। बता दें कि रिहाना (अब रेनू) अलीगढ़ के लोधा थाना क्षेत्र की रहने वाली है औऱ विकास फर्रुखाबाद के कायमगंज स्थित सलेमपुर टिलियाँ गाँव का रहने वाला है।

पति के साथ रिहाना बुधवार (8 सितंबर 2021) को तहसील पहुँची औऱ वहाँ स्थानीय हिंजाम नेता प्रदीप सक्सेना की मदद से शादी का रजिस्ट्रेशन करवाया।इसके बाद दोनों थाने गए और वहाँ एसआई नीतू को अपने बालिग होने के सबूत पेश किया। इस बीच एसआई नीतू ने लोधा पुलिस से संपर्क कर लड़की के परिजनों से बात की। परिजनों ने कहा कि वो घर से चली गई इसलिए वे भी उसे भूल गए हैं। अब उनका उससे कोई लेना-देना नहीं है। इसके बाद पुलिस ने युवती को विकास के साथ जाने दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, लड़की का परिवार तो इस शादी से नाखुश है, लेकिन लड़के परिवार ने बहू को सहर्ष स्वीकार किया। मुँह दिखाई के लिए गाँव में निमंत्रण भी दिया गया है।

धनबाद जज ‘मर्डर’ मामले में CBI ने दर्ज की दो और FIR, ‘सड़क हादसे’ के वीडियो ने उठाए थे कई सवाल

धनबाद के जज उत्तम आनंद की हत्या के मामले में केंद्रीय जाँच ब्‍यूरो (CBI) की नई दिल्ली स्थित विशेष अपराध शाखा ने दो और FIR दर्ज की है। एक प्राथमिकी ऑटो चोरी के मामले में दर्ज की गई है, जिस ऑटो से जज उत्तम आनंद की हत्या की घटना को अंजाम देने का आरोप है। वहीं, दूसरी प्राथमिकी मोबाइल चोरी के मामले में दर्ज की गई है।

केंद्रीय जाँच एजेंसी ने दोनों मामलों की जाँच झारखंड पुलिस से अपने हाथ में ले ली है क्योंकि दोनों मामले जज की हत्या के मामले से जुड़े हुए मालूम पड़ते हैं। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई ने सच्चाई की तह तक जाने के लिए उनका नार्को टेस्ट भी कराया है।

इसके अलावा, एजेंसी ने इस हत्या के मामले में सही जानकारी देने वाले के लिए नकद इनाम को पाँच लाख रुपए से बढ़ा कर 10 लाख रुपए कर दिया है। इस मामले में अभी तक सीबीआई को कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है। झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डॉ रवि रंजन की पीठ जाँच की निगरानी कर रही है। अब सीबीआई के एएसपी विजय कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में स्पेशल क्राइम यूनिट II की 20 सदस्यीय स्पेशल टास्क फोर्स तीन मामलों की जाँच होनी है।

पहली और मुख्य प्राथमिकी (आरसी 04/2021) 4 अगस्त को दर्ज की गई थी, जबकि दो अन्य प्राथमिकी 7 सितंबर की तारीख को एक ऑटो रिक्शा की चोरी और घर तोड़ने के संबंध में दर्ज की गई थी।

गौरतलब है कि 28 जुलाई की सुबह धनबाद में तेज रफ्तार ऑटो रिक्शा की चपेट में आने से जज गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जब वह मॉर्निंग वॉक के बाद अपने घर जा रहे थे। बाद में, पुलिस ने ऑटो रिक्शा का पता लगाया और उसे चला रहे लखन वर्मा और राहुल वर्मा को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने दावा किया कि वे नशे में थे जब उन्होंने गलती से जज को टक्कर मार दी और भाग गए।

आगे की जाँच में पता चला कि अपराध में इस्तेमाल किया गया ऑटो रिक्शा (JH 10R 0461) आरोपित द्वारा चुराया गया था। धनबाद के पाथरडीह थाना क्षेत्र के भौरी खटाल की रहने वाली सुगनी देवी ने पाथरडीह थाने में 29 जुलाई को अज्ञात के विरुद्ध ऑटो चोरी के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया था कि 27 जुलाई की रात 11 बजे से तीन बजे के बीच अज्ञात चोरों ने उनके ऑटो की चोरी कर ली थी, जिसका नंबर जेएच-10आर-0461 है। बहुत खोजबीन के बाद जब पता नहीं चला, तो उसने 29 जुलाई को पाथरडीह थाने में अज्ञात के विरुद्ध ऑटो चारी की प्राथमिकी दर्ज कराई।

हालाँकि एजेंसी को यह बात अटपटी लगी कि ऑटो रिक्शा 17 जुलाई की रात को चोरी हुई और प्राथमिकी 29 जुलाई को दर्ज की गई थी। बाद में धनबाद के एसएसपी संजीव कुमार ने प्राथमिकी दर्ज करने में देरी के आरोप में पथरडीह थाना प्रभारी उमेश मांझी को निलंबित कर दिया। पुलिस की प्राथमिकी और लिखित शिकायत में काफी अंतर है। FIR में कहा गया है कि 17 जुलाई की रात को ऑटो चोरी हो गया था जबकि लिखित शिकायत में चोरी की तारीख 27 जुलाई बताई गई है।

उल्लेखनीय है कि यह चोरी का साधारण मामला नहीं था क्योंकि जाँच में खुलासा हुआ कि सुगनी देवी के पति रामदेव लोहारा ने लखन वर्मा और राहुल वर्मा के साथ मिलकर बीमा क्लेम करने के लिए ऑटो के खो जाने की साजिश रची थी।

दूसरी प्राथमिकी पूर्णेंदु विश्वकर्मा ने धनबाद से 13 अगस्त को आरोपित राहुल कुमार वर्मा के खिलाफ दर्ज कराई थी। धनबाद में संत अंथोनी चर्च के समीप हिल कॉलोनी निवासी पूर्णेंदू विश्वकर्मा ने 13 अगस्त को धनबाद थाने में मोबाइल चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि 28 जुलाई की रात वे घर का दरवाजा सटाकर सोए हुए थे, तभी चोरों ने उनके घर का दरवाजा खोलकर उनका तीन मोबाइल चोरी कर ली थी। मोबाइल महँगा नहीं हाेने के चलते और व्यस्तता की वजह से उन्होंने थाने में इसकी शिकायत नहीं की थी।

उन्होंने तीनों मोबाइल के सिम कार्ड को बंद करा दिया और नया सिम कार्ड ले लिया। मोबाइल गुम होने के एक सप्ताह के बाद उन्होंने थाने में मोबाइल लापता होने की शिकायत की थी। इसी बीच 10 अगस्त को धनबाद थाने की पुलिस ने बताया कि उनका मोबाइल राहुल कुमार वर्मा के पास से बरामद हुआ है। इसके बाद उन्होंने 13 अगस्त को धनबाद थाने में राहुल कुमार वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज कराई। दोनों मामलों में जो असामान्य है वह है अपराध और FIR दर्ज कराने का समय। आरोपित कथित रूप से न्यायाधीश को मारने में भी शामिल थे। अब तक ऑटो रिक्शा हत्या का मुख्य हथियार है।

जज की मौत ने पूरे देश की न्यायपालिका को तब स्तब्ध कर दिया जब हादसे का सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ। झारखंड पुलिस ने मृतक की विधवा कीर्ति सिन्हा की लिखित शिकायत के आधार पर जाँच शुरू की, सुप्रीम कोर्ट ने भी जजों की सुरक्षा के मुद्दों पर सुनवाई कर रहा है।

लव ही नहीं, नार्कोटिक जिहाद की शिकार भी बनाई जा रही हिंदू और ईसाई लड़कियाँ: केरल के बिशप ने चेताया

केरल के कोट्टयम में सायरो मालाबार चर्च पाला धर्मप्रांत के ‘मार जोसेफ कल्लारंगट’ नामक एक बिशप ने अपने बयान में कहा कि केरल में कैथोलिक लड़कियाँ अब ‘लव और नार्कोटिक जिहाद’ की शिकार हो रही हैं। उन्होंने यह बात कोट्टायम जिले के कुरुविलंगाडु में एक चर्च समारोह में बोली, जो उनके सूबे के अंतर्गत आता है।

कुरुविलंगाडु चर्च के यूट्यूब चैनल पर 8 सितंबर को पब्लिश हुई एक वीडियो में, बिशप ने चेतावनी दी कि कट्टरपंथी ऐसे तरीकों का इस्तेमाल उन जगहों पर कर रहे हैं जहाँ हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है और कैथोलिक परिवारों को इस संबंध में सावधान रहना चाहिए।

वह बताते हैं कि केरल में एक खास ग्रुप है जो विभिन्न इलाकों में कैथोलिक और हिंदू युवाओं को ड्रग व अन्य नशों का आदी बना रहे हैं। ऐसे लोगों का मकसद दूसरे धर्म को भ्रष्ट करने का है। लव जिहाद और नार्कोटिक्स जिहाद दो चीजें हैं जिन पर ध्यान दिया जाना चाहिए। पूर्व डीजीपी ने भी कहा था कि केरल आतंकियों का भर्ती केंद्र बनता जा रहा है। इधर आतंकियों के स्लीपिंग सेल्स हैं।

उन्होंने कहा कि केरल में ‘लव जिहाद’ होने से इनकार करने का कोई भी प्रयास सच्चाई से मुँह मोड़ लेने जैसा है। बिशप ने कहा कि मुस्लिम विचारों को जबरदस्ती लाने की योजना चल रही है। सभी कैथोलिकों को इसके बारे में पता होना चाहिए और सतर्क रहना चाहिए

बिशप कहते हैं कि कुछ लोग ये कहकर चरमपंथ को बढ़ावा दे रहे हैं कि न्याय, शांति और इस्लाम के लिए युद्ध और संघर्ष जरूरी है। कुछ जिहादी चरमपंथी विश्व भर में हैं जो नस्लवाद, नफरत और घृणा को बढ़ावा दे रहे हैं। इसमें उनका स्वार्थ है। कई प्रयास हुए हैं कि मुस्लिम विचारधारा को लागू किया जा सके। हलाल विवाद इसका उदाहरण है।

बुर्का पहन अस्पताल में घूम रहा था रईस, लोगों ने पकड़कर पहले कूटा फिर पुलिस को सौंप दिया

उत्तर प्रदेश के अकबरपुर जिला अस्पताल में एक युवक को लोगों ने बुर्का पहनकर घूमते पकड़ा। लोगों की नजर में आने के बाद उसने भागने की कोशिश की। लेकिन लोगों ने पकड़कर पहले उसकी पिटाई की और फिर पुलिस को सौंप दिया।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार आरोपित की पहचान कानपुर के चमनगंज निवासी जमील के बेटे रईस के तौर पर हुई है। वह अस्पताल की ही एक डॉक्टर गजाला अंजुम की कार चलाता है। घटना बुधवार (8 सितंबर 2021) की है।

बुर्का पहनकर घूम रहे रईस की चाल पर कुछ महिलाओं को शक हुआ तो उन्होंने इसकी जानकारी अस्पताल के कर्मचारियों को दी। सखी केंद्र की निधि सचान ने जब कर्मियों के साथ उसे रोकने की कोशिश की तो वह भागने लगा। पहले वह इमरजेंसी वार्ड में घुसा। फिर बाउंड्री वाल को फाँदने की कोशिश की। लोगों ने आतंकी समझकर शोर मचाया। इससे पहले कि वो भाग पाता कर्मचारियों ने उसे पकड़ लिया औऱ उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद यूपी 112 पर सूचना दी गई और मौके पुलिस पहुँची। उसे कोतवाली लाया गया।

थाने में सीओ अरुण कुमार सिंह और इंस्पेक्टर तुलसीराम पांडेय ने उससे पूछताछ की तो उसने अपना नाम रईस बताया। शुरुआत में चमनगंज का पता बताया फिर कहने लगा कि वह फहीमाबाद में हलीम मुस्लिम इंटर कॉलेज के पास रहता है। बुर्का पहनकर घूमने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। सीओ अरुण कुमार ने अमर उजाला को बताया कि उसके परिजनों को थाने बुलाया गया। फोन पर परिजनों ने उसके सिरफिरा होने की जानकारी दी। पुलिस गंभीरता से मामले की छानबीन में जुटी है।

रियल लाइफ में जेठालाल के बेटे से चल रहा ‘बबीता जी’ का अफेयर: मुनमुन दत्ता से 9 साल छोटा है ‘टप्पू’

लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिक तारक मेहता का उल्टा चश्मा की एक्टर मुनमुन दत्ता, जो सीरियल में बबीता जी की भूमिका निभाती हैं और राज अनादकट, जो जेठालाल के बेटे, टप्पू की भूमिका में होते हैं, एक रिपोर्ट के अनुसार, रील से हटकर अपने रियल लाइफ में कपल हैं। वैसे धारावाहिक में, टप्पू के पिता, मध्यम आयु वर्ग के जेठालाल का चरित्र का अपने पड़ोसी बबीता जी पर क्रश है, जिसकी शादी एक दूसरे कैरेक्टर अय्यर से हुई है।

मुनमुन दत्ता, राज अनादकट से उम्र में 9 साल बड़ी हैं, लेकिन उम्र का ये फासला उनकी खुश जोड़ी के आड़े नहीं आया। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों अभिनेताओं के परिवार के सदस्य भी दोनों के बीच इस रोमांस से अवगत हैं और उनके निर्णय के साथ-साथ उनकी गोपनीयता का भी सम्मान करते हैं।

एक सूत्र का हवाला देते हुए, मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है, “उनके संबंधित परिवार भी इस रिश्ते से अंधेरे में नहीं हैं। कोई उन्हें चिढ़ाता नहीं; यही वजह है वे एक दूसरे से छिपकर मिलने के बहाने नहीं ढूँढते। वैसे ये प्रेम कहानी नई नहीं है, फिर भी लोग इस बात से आश्चर्य में है कि यह आज तक सामने कैसे नहीं आई।”

इससे पहले, प्रशंसकों के बीच अटकलें इस बात को लेकर तेज हो गई थीं, जब उन्होंने दोनों अभिनेताओं को एक-दूसरे के इंस्टाग्राम पोस्ट पर दिलचस्प इमोजी से रिएक्ट करते हुए देखा था।

बता दें कि तारक मेहता का उल्टा चश्मा, एक गुजराती हास्य से प्रेरित धारावाहिक है, जो लम्बे समय से लोगों की पसंद बना हुआ है। स्तंभकार तारक मेहता का व्यंग्य कॉलम ‘दुनिया ने उन्धा चश्मा’ लगभग 13 वर्षों से प्रसारित हो रहा है। हालाँकि, मूल गुजराती कॉलम शो से थोड़े अलग थे और साप्ताहिक पत्रिका चित्रलेखा में छपते थे।

ओबामा ने जिन 4 आतंकियों को छोड़ा वे तालिबान के टॉप कमांडर: 9/11 की बरसी से पहले पीड़ितों के जख्म हरे

अफगानिस्तान में तालिबान ने जो अंतरिम सरकार बनाई है उसमें दहशतगर्दों की भरमार है। तालिबान के 4 टॉप कमांडर तो वे हैं जो कभी खतरनाक ग्‍वांतनामो बे जेल में कैद थे। साल 2014 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन से हक्कानी नेटवर्क से सौदा करते हुए इन चारों आतंकियों को छोड़ा था। सौदा भगोड़े अमेरिकी सैनिक बोवे बर्गडाहल के बदले किया गया था।

मंगलवार (सितंबर 7, 2021) को तालिबान ने कार्यवाहक खुफिया निदेशक (Acting Director of Intelligence) के तौर पर अब्दुल हक वसीक, कार्यवाहक सीमा और जनजातीय मामलों (Acting Minister of Borders and Tribal Affairs) के मंत्री नोरुल्लाह नूरी, उप रक्षा मंत्री (Deputy Defense Minister) मोहम्मद फजल और सूचना एवं संस्कृति ( Acting Minister of Information and Culture) के कार्यवाहक मंत्री खैरुल्ला खैरखाह की नियुक्ति की घोषणा की।

ये चारों 13 साल यूएस की कैद में थे। मगर, 2014 में यूएस ने 2009 से 2014 में गायब रहे अपने सैनिक के बदले इन्हें रिहा कर दिया। इसके बाद इन लोगों ने पिछले वर्ष यूएस से दोहा सम्मेलन में सीधी बातचीत में भी भाग लिया था।

तालिबान के इस फैसले के बाद अफगानिस्तान में काम कर चुके रिपब्लिकन पार्टी के प्रतिनिधि माइक वॉल्ट्स ने कहा है कि क्यूबा की ग्वांतनामो बे जेल के कैदी अब सरकार में हैं। उन्होंने बायडेन प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि वो जानते हैं कि यही वो राष्ट्रीय सुरक्षा की टीम है जो उस समय देशद्रोही बोवे बर्गडाहल के लिए ऐसे खूँखार आतंकियों की अदला-बदली करती थी। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने बर्गडाहल की खोज में नेतृत्व किया था और कई इकाइयों के सैनिकों ने अपनी जान गँवा दी थी।

वह कहते हैं कि इस तरह कैदियों को आतंकवादी राज्य की सत्ता में देखना एक तमांचा है जो हर दिग्गज और 9/11 के पीड़ित के मुँह पर मारा गया है। बायडेन प्रशान की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि अभी भी यह चीजें सीखना बाकी है कि राष्ट्रीय सुरक्षा में तुष्टिकरण के गंभीर परिणाम हो सकते हैं और उनकी इस खतरनाक वापसी के परिणामस्वरूप अब हम असुरक्षित हैं।

बता दें कि जिन चार पूर्व कैदियों को सत्ता में टॉप का पद मिलने पर सवाल उठ रहे हैं, उनमें एक मुल्ला मोहम्मद फजल है जिसपर तमाम शिया लोगों की हत्या का आरोप है। इसी प्रकार नूरी पर भी 1998 में मजार-ए-शरीफ में शिया हाजरा, ताजिक और उज्बेक समुदाय के लोगों के नरसंहार का आदेश देने का आरोप है।

जिसका अब्बा था भारतीय विमान अपहरण का मास्टरमाइंड, वह तालिबान का रक्षा मंत्री: चीन ने खोला खजाना, फौजी भी भेज सकता है

अफगानिस्तान में तालिबान ने जो अंतरिम सरकार का गठन किया है उसमें रक्षा मंत्री मुल्‍ला मोहम्‍मद याकूब को बनाया है। वह तालिबान के संस्थापक मुल्‍ला उमर का बेटा है। 1999 में भारतीय विमान को अगवा कर कंधार ले जाया गया था। इसका मास्टरमाइंड मुल्ला उमर ही था। दूसरी ओर तालिबानी राज के लिए चीन ने अपना खजाना खोल दिया है। उसने 31 मिलियन डॉलर की मदद का ऐलान किया है। साथ ही कभी अमेरिका के नियंत्रण में रहे बगराम एयरबेस पर अपने फौजियों की तैनाती पर भी विचार कर रहा है।

मुल्ला याकूब को रक्षा मंत्री बनाने के बाद तालिबान ने उसकी पहली तस्वीर भी सार्वजनिक की है। उसके आतंकी संगठनों लश्‍कर और जैश से बेहद करीबी संबंध हैं। उसे पाकिस्तान का भी पूर्ण समर्थन बताया जाता है। तालिबान के सैन्य अभियानों के प्रमुख रहे याकूब को इतना महत्वपूर्ण मंत्रालय आईएसआई के हस्तक्षेप के बाद ही मिलने की भी बात कही जा रही।

गौरतलब है कि 24 दिसंबर 1999 को पाकिस्तानी आतंकवादियों ने इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 को जैश-ए-मोहम्मद के सरगना आतंकी मसूद अजहर, अल उमर मुजाहिदीन का मुश्ताक अहमद जरगर और अलकायदा के अहमद उमर सईद शेख की रिहाई के लिए हाईजैक कर लिया गया था। तीनों आतंकी भारतीय जेल में बंद थे। 

आईसी 814 विमान काठमांडू से दिल्ली के लिए उड़ा था जिसे आतंकवादियों ने हाइजैक कर लिया था। इसके बाद वह विमान को कंधार लेकर गए थे। इस घटना के वक्त विमान में 176 यात्री और 15 क्रू के सदस्य मौजूद थे, जिन्हें हाईजैकर्स ने 7 दिनों तक बंधक बनाए रखा था। मुल्ला उमर इस ऑपरेशन का मास्टरमाइंड था।

इधर अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार बनते ही चीन ने बुधवार (सितंबर 8, 2021) को 31 मिलियन अमेरिकी डॉलर की मदद का ऐलान किया। चीन ने कहा कि यह अराजकता खत्म करने और व्यवस्था बहाल करने के लिए जरूरी है। अफगानिस्तान के हालात पर पड़ोसी देशों के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक में चीन की विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि चीन, अफगानिस्तान को 200 मिलियन यूआन (31 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की मदद के तहत अनाज, सर्दी के सामान, कोरोना के टीके और जरूरत की दवाएँ देगा।

पाकिस्तान की अध्यक्षता में हुई बैठक में ईरान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने शिरकत की। हालाँकि पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की मेजबानी में आयोजित इस बैठक में रूस ने भाग नहीं लिया। वांग यी ने कहा कि पहली खेप में चीन ने अफगानिस्तान को 30 लाख टीके देने का फैसला किया है।

बताया जा रहा है कि चीन बगराम हवाई क्षेत्र में सैन्य कर्मियों और आर्थिक विकास अधिकारियों को तैनात करने पर विचार कर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, चीन वर्तमान में बगराम में आर्थिक विकास कार्यक्रम बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के लिए श्रमिकों को भेजने पर स्टडी कर रहा है। हालाँकि, चीनी विदेश मंत्रालय ने ऐसी किसी योजना से इनकार किया है। यह एयरबेस काबुल से लगभग एक घंटे की दूरी पर है।

19 पदक जीतकर इतिहास रचने वाले पैरालिंपियंस के सम्मान में पीएम मोदी ने आयोजित की पार्टी: गदगद नजर आए भारतीय खिलाड़ी

टोक्यो पैरालिंपिक 2020 में पाँच स्वर्ण, आठ रजत और छह कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचने वाले भारतीय पैरालिंपियंस से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (9 सितंबर 2021) को औपचारिक मुलाकात की। टोक्यो पैरालिंपिक 2020 से पहले भारत ने पिछले सभी पैरालिंपिक में संयुक्त रूप से 12 पदक (प्रत्येक रंग के 4 पदक) जीते थे।

प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित पार्टी ठीक वैसी ही थी जैसा कि उन्होंने भारतीय ओलंपिक टीम के एथिलीटों के सम्मान में बीते 16 अगस्त को अपने आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर आयोजित थी।

पैरालंपियन के सम्मान में आयोजित इस यादगार आयोजन की तस्वीरें पीएम नरेंद्र मोदी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी साझा की गई। एक तस्वीर में प्राइम मिनिस्टर पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी रजत पदक विजेता और आईएएस अधिकारी सुहास एलवाई की पीठ थपथपाकर उनका उत्साहवर्धन करते नजर आए।

पीएम मोदी ने पैरालंपियन और आईएएस अधिकारी सुहास एलवाई की पीठ थपथपाई (साभार:narendramodi.in)

“मेडल पे चर्चा विद कृष्णा नागर” शीर्षक वाली एक अन्य तस्वीर में पीएम मोदी को कृष्णा नागर सहित पैरालंपिक प्रतिभागियों के एक समूह के साथ बातचीत करते हुए देखा गया, जिन्होंने टोक्यो पैरालिंपिक 2020 में पुरुष एकल SH6 बैडमिंटन में स्वर्ण पदक जीता था।

बैडमिटन खिलाड़ी कृष्णा नागर से बातचीत करते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (साभार:narendramodi.in)

हाल ही में टोक्य़ो पैरालंपिक 2021 के लिए क्वालिफाई करने वाली जालंधर की पैरा-शटलर स्टार पलक कोहली की प्रेरणादायक यात्रा को पीएम मोदी को उत्सुकता से सुनते देखा गया। पलक ने पैरालिंपिक 2021 के लिए क्वालीफाई करने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया है।

पलक कोहली से बात करते हुए पीएम मोदी (साभार:narendramodi.in)

कार्यक्रम की कई अन्य तस्वीरें नरेंद्र मोदी की आधिकारिक वेबसाइट पर साझा की गईं।

वेट लिफ्टर शकीना खातून से बात करते पीएम नरेंद्र मोदी (साभार:narendramodi.in)
शकीना खातून और उनके कोच फरमान बाशा से बातचीत (साभार:narendramodi.in)
पैरालंपियंस के साथ ऐतिहासिक सफलता का जश्न मनाते पीएण मोदी (साभार:narendramodi.in)

इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने टोक्यो पैरालंपिक 2020 के प्रतिभागियों के ऑटोग्राफ वाले स्टॉल को भी स्वीकार किया। पैरालिंपियनों द्वारा प्रधानमंत्री को स्टॉल प्रदान करने की तस्वीर को भी वेबसाइट पर शेयर किया गया है। इसका शीर्षक था, “ऑटोग्राफ्ड स्टॉल फ्रॉम विनर्स टू द लीडर हू इंस्पायर देम।”

साभार: narendramodi.in

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पैरालंपियनों की मेजबानी किए जाने को लेकर केंद्रीय युवा मामलों और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि खेलों में समावेशी भागीदारी के लिए पीएम मोदी का हमेशा एक ‘दृष्टिकोण’ रहा है, इसलिए उनकी योजना में विशेष रूप से दिव्यांग एथलीटों के लिए अधिक अवसर पैदा करना शामिल रहा था।

टोक्यो पैरालिंपियन ने मोदी सरकार को धन्यवाद दिया

टोक्यो पैरालिंपिक 2020 में दमदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय पैरा-एथलीटों ने मोदी सरकार से मिले समर्थन को लेकर उसका धन्यवाद किया। टाइम्स नाउ ने 2020 पैरालिंपिक में चार पदक विजेताओं से बात की। टोक्यो खेलों में हाई जंप टी 63 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाले शरद कुमार ने खुलासा किया कि अन्य देशों के एथलीटों ने भी पैरा-एथलीटों को सहायता प्रदान करने के भारत सरकार के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो सम्मान और प्रयास किया है, वह एथलीटों के लिए किसी भी पदक से कहीं ज्यादा बड़ा है।

शरद ने भारत सरकार के प्रयासों की सराहना की, क्योंकि सरकार सभी एथलीटों को समान स्तर पर लाने की कोशिश कर रही है। सरकार देख रही है कि एथलीटों को सुविधाओं या उपकरणों के मामले में क्या चाहिए और उसी के अनुसार उन्हें अनुमति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्रेरणा से एथलीटों को पेशेवर रूप से चीजों को देखने में मदद मिलती है, जिससे पैरा-स्पोर्ट्स में बहुत बड़ा बदलाव आया है।

मेडल की संख्या

टोक्यो पैरालिंपिक में भारत ने इस साल 19 पदक जीते हैं, जो खेलों के एकल संस्करण में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत ने पाँच स्वर्ण, आठ रजत और छह कांस्य पदक जीते हैं। इसी के साथ देश खेलों के मामले में 24वें स्थान पर रहा। पिछले खेलों में भारत केवल 19 एथलीटों को भेजने में सक्षम था, जिन्होंने चार पदक जीते थे। लेकिन इस बार, भारत ने पैरा-एथलीटों की 54 खिलाड़ियों की मजबूत टीम भेजी, जो उम्मीदों पर खरी उतरी और पहले से कहीं ज़्यादा पदक जीते।

कौन हैं प्रियंका टिबरेवाल, क्या ममता बनर्जी को रोकने का है उनमें दमखम: भवानीपुर के मैदान में उतरने की अटकलें

पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा की काली छाया लिए सीएम ममता बनर्जी शुक्रवार (10 सितम्बर 2021) को भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगी। वहीं बीजेपी उन्हें काँटे की टक्कर देने के लिए तेजतर्रार वकील प्रियंका टिबरेवाल के नाम की घोषणा आज कर सकती है। जबकि माकपा ने इस सीट से श्रीजीत विश्वास को उम्मीदवार बनाया है। वहीं राजनीतिक जमीन खोती जा रही कॉन्ग्रेस ने पहले ही भवानीपुर से उम्मीदवार घोषित न करने की बात कहकर आत्मसमर्पण कर दिया है।

ऐसे में अब जब मुकाबला ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री मोदी को अपना आदर्श मानने वालीं बीजेपी की संभावित उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल के बीच है तो आइए जान लेते हैं कि कौन हैं बीजेपी की धाकड़ उम्मीदवार जानी-मानी वकील प्रियंका टिबरेवाल।

बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद से ही लगातार हिंसा, बलात्कार, धमकी और लूटपाट का खेल चला और अभी सीबीआई जाँच जारी है। इस बीच सैकड़ों बीजेपी कार्यकर्ताओं को जान से हाथ धोना पड़ा। बंगाल में उन्हें बेरहमी से मार दिया गया और प्रशासन मूकदर्शक बनी रही। ऐसे में चुनाव बाद हिंसा के मामले में प्रियंका लगातार अदालत में ममता सरकार को घेरती रही हैं। वह बीजेपी नेता बाबुल सुप्रियो की कानूनी सलाहकार रह चुकी हैं और सुप्रियो की सलाह पर ही अगस्त 2014 में बीजेपी में शामिल हुईं।

साल 2015 में, उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार के रूप में वार्ड संख्या 58 (एंटली) से कोलकाता नगर परिषद का चुनाव लड़ा, लेकिन तृणमूल कॉन्ग्रेस के स्वपन समदार से हार गई थीं। बीजेपी में अपने छह साल के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्य किए और अगस्त 2020 में, उन्हें पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का उपाध्यक्ष बनाया गया। इस साल उन्होंने एंटली से विधानसभा चुनाव भी लड़ा, लेकिन टीएमसी के स्वर्ण कमल साहा से 58,257 मतों के अंतर से हार गईं।

न्यूज़ 18 से बात करते हुए प्रियंका टिबरेवाल ने कहा, “पार्टी ने मुझसे सलाह ली है और मेरी राय पूछी है कि मैं भवानीपुर से चुनाव लड़ना चाहती हूँ या नहीं? कई नाम हैं और मुझे अभी पता नहीं है कि उम्मीदवार कौन होगा? इतने सालों में मेरा साथ देने के लिए मैं अपने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को धन्यवाद देना चाहती हूँ। अगर मेरी पार्टी ने मुझे ममता बनर्जी के खिलाफ भवानीपुर से मैदान में उतारा, तो मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दूँगी और मुझे उम्मीद है कि लोग न्याय बनाम अन्याय की इस लड़ाई में मेरा समर्थन करेंगे। मुझे यकीन है कि लोग सत्तारूढ़ टीएमसी के कुशासन के खिलाफ मतदान करेंगे। यह चुनाव के बाद की हिंसा और बंगाल में लोगों की पीड़ा के खिलाफ हमारी लड़ाई है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं चुनाव बाद हिंसा में बंगाल के तमाम पीड़ितों के साथ खड़ी रही। अदालत में कई केस भी फाइल किए। एंटली के लोग जो TMC के गुंडों के कारण घर छोड़कर चले गए थे उनको वापस घर लाई हूँ। मैं TMC से कहना चाहती हूँ कि बंगाल में ‘खूनी खेला बंद करो।’ मैं भवानीपुर के लोगों से अनुरोध करती हूँ कि वे निर्णय करें कि किसे चुनना चाहते हैं बीजेपी या ममता बनर्जी। एक जो केवल जीतकर कुर्सी बचाना चाहती हैं या दूसरी जो बंगाल में इस अलोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है।”

बता दें कि प्रियंका टिबरेवाल का जन्म 7 जुलाई 1981 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा वेलैंड गॉल्डस्मिथ स्कूल से पूरी की और दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उसके बाद, साल 2007 में उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय के अधीनस्थ हाजरा लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री हासिल कीं। उन्होंने थाईलैंड अनुमान विश्वविद्यालय (Thailand Assumption University) से एमबीए भी किया है।

गौरतलब है कि भवानीपुर के साथ ही मुर्शिदाबाद में विधानसभा की दो सीटों- समशेरगंज और जांगीपुर पर 30 सितंबर को उपचुनाव कराया जाएगा। इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों की मृत्यु के कारण इन दोनों सीटों पर मतदान रद्द कर दिया गया था।