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पादरी ने 10 साल की बच्ची का किया यौन शोषण, फिर ₹50 का नोट पकड़ा चुप रहने को कहा

आंध्र प्रदेश के काकीनाडा स्थित सर्पवरम में पादरी द्वारा 10 साल की नाबालिग बच्ची का यौन शोषण करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने 46 वर्षीय पादरी अलावला सुधाकर को गिरफ्तार कर लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपित काकीनाडा क्षेत्र के एक गाँव में पादरी है।

रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि आरोपित पादरी ने 22 जून 2021 को यौन शोषण करने के साथ ही पीड़िता से मारपीट भी की थी। बच्ची की माँ को जैसे ही इस घटना के बारे में पता चला तो उसने सर्पवरम थाने में पादरी के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। पादरी के खिलाफ POCSO एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया गया। आरोपित को कोर्ट में पेश किया गया था, जहाँ से अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

सर्पवरम सर्किल के इंस्पेक्टर बी राजशेखर ने कहा, “काकीनाडा के रहने वाले पादरी की पहचान अलवला सुधाकर के तौर पर हुई है। 22 जून 2021 को वह शहर में हुए एक समारोह में वह शामिल हुआ था। इसी दौरान आरोपित ने कथित तौर पर लड़की को पास की एक झोपड़ी में ले जाकर उसके साथ दुर्व्यवहार किया।”

एक स्थानीय समाचार की रिपोर्ट में बताया गया है कि 22 जून को आरोपित पादरी एक समारोह में शामिल हुआ था। वहीं पर 10 वर्षीय बच्ची भी आई हुई थी। आरोपित सुधाकर बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ चर्च से दूर ले गया और दुर्व्यवहार किया।

मदद के लिए गुहार लगाने पर आरोपित ने बच्ची को 50 रुपए का का नोट पकड़ाकर इसके बारे में किसी से कुछ नहीं बताने को कहा। हालाँकि, ग्रामीणों और परिजनों के बार-बार पूछने पर पीड़िता ने अपने साथ हुई घटना के बारे में सबकुछ बयाँ कर दिया। इसके बाद पीड़िता की माँ ने आरोपित पादरी के खिलाफ पुलिस में शिकायत की। जिसके आधार पर पादरी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पादरियों द्वारा नाबालिगों का यौन शोषण लंबे समय से एक ज्वलंत मुद्दा रहा है, जिसे चर्च प्रशासन ने हमेशा से छुपाने की कोशिश की है। हाल ही में पोलैंड स्थित एक कैथोलिक चर्च के पादरियों पर नाबालिगों के साथ हुए यौन अपराधों के मामलों को दबाने का आरोप लगा था। एक रिपोर्ट के मुताबिक 1958 से वर्ष 2020 तक 292 पादरियों ने 300 बच्चों का यौन शोषण किया था। मामले में बवाल मचने के बाद कैथोलिक चर्च ने इस बात को स्वीकार किया था कि उसे पिछले तीन वर्षों में 368 लड़कों और लड़कियों के यौन शोषण की शिकायतें मिली थीं। इस मामले को दबाए जाने की बात को मानते हुए पोलिश चर्च के आर्कबिशप वोजशिक पोलाक ने पीड़ितों से माफी माँगी थी।

Co-operation: मोदी कैबिनेट के विस्तार से पहले नया मंत्रालय, जानिए किनको मिल सकता है मौका; क्या हैं समीकरण

कई मीडिया संस्थानों ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया है कि बुधवार (जुलाई 7, 2021) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार होगा, जिसमें कई आने चेहरों को शामिल किया जाएगा। 73 वर्षीय केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ठौर चंद गहलोत को पहले ही कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया जा चुका है। वो राज्यसभा में ‘लीडर ऑफ द हाउस’ भी थे। ऐसे में दो रिक्तियाँ हैं, जिसे भरी जानी है।

मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सहकारिता (Cooperation) विभाग का गठन किया गया है, जो नया मंत्रालय भी होगा। सरकार ने ‘सहकार से समृद्धि’ लक्ष्य के तहत ऐसा निर्णय लिया है। सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए अलग प्रशासनिक, कानूनी, नीतिगत ढाँचा उपलब्ध कराया जाएगा। सहकारी मंत्रालय सहकारिता के लिए कारोबार को आसान बनाएगा। सभी राज्यों में सहकारी समितियों का विकास होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में ये उनका पहला मंत्रिमंडल विस्तार हो रहा है। कुछ मीडिया सूत्रों का कहना है कि युवा चेहरों को मौका दिया जा सकता है और ये अब तक का सबसे युवा मंत्रिमंडल होगा। साथ ही महिलाओं को बड़ी भूमिका दी जाएगी और प्रशासनिक अनुभव वाले सांसदों को भी खास तरजीह मिलेगी। पिछड़ों को मोदी मंत्रिमंडल में विशेष तवज्जोह मिलेगी। लगभग दो दर्जन OBC मंत्री हो सकते हैं।

साथ ही Ph.D, MBA और पोस्ट ग्रेजुएट डिग्रीधारी सांसदों को भी खुशखबरी मिल सकती है क्योंकि उच्च-शिक्षित लोगों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। देश के सभी राज्यों एवं प्रदेशों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अगले साल 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने है और 2024 में लोकसभा चुनाव होगा, ऐसे में भाजपा की नजर इस पर भी होगी। ग्वालियर राजपरिवार के ज्योतिरादित्य सिंधिया, पीलीभीत से सांसद वरुण गाँधी, LJP के पशुपति कुमार पारस, असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम नारायण राणे दिल्ली पहुँच चुके हैं।

मंगलवार को दिल्ली पहुँचने से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया को उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंत्री में पूजा करते भी देखा गया। सर्बानंद सोनोवाल का केंद्रीय मंत्री बनना तय माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड के बावजूद असम की कमान फायरब्रांड नेता हिमत बिस्वा सरमा को दी गई है। पशुपति कुमार पारस को एक कपड़े की दुकान में कुर्ते खरीदते हुए देखा। उन्होंने ‘राज़ को राज़ ही रहने दो’ वाला बयान देकर बिहार का पारा बढ़ा दिया है।

थावरचंद गहलोत का राज्यसभा कार्यकाल 2024 तक था, लेकिन राज्यपाल बनने के कारण उन्हें भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा देना पड़ेगा। इसीलिए, किसी ऐसे व्यक्ति को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है जो किसी भी सदन का हिस्सा न हो। फिर उसे गहलोत की जगह राज्यसभा भेजा जा सकता है। दिनेश त्रिवेदी और जतिन प्रसाद हाल के दिनों में भाजपा में आए ऐसे नेता हैं।

‘अपना दल’ की अनुप्रिया पटेल, पंकज चौधरी, रीता बहुगुणा जोशी, रामशंकर कठेरिया, लल्लन सिंह और राहुल कासवान भी दिल्ली में कैम्प कर रहे हैं। कोरोना काल में प्रदर्शन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा भी की है। मंगलवार को उनकी भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक भी हुई। जदयू और लोजपा को जगह मिल सकती है। जदयू अध्यक्ष RCP सिंह के दिल्ली पहुँचने की संभावना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई मंत्रियों और चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर के भी चर्चाएँ की हैं। 545 सदस्यीय लोकसभा में अधिकतम 81 मंत्री बनाए जा सकते हैं। वर्तमान सरकार में 53 मंत्री हैं, ऐसे में 28 नए मंत्रियों के लिए जगह खाली है। एक नाम बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार का भी है, जिनका लंबा प्रशासनिक और संगठनात्मक अनुभव है। जिन्हें मंत्री बनाया जाना है, उन्हें पहले ही दिल्ली पहुँचने की सूचना दी जा चुकी है।

कुल मिला कर मंत्रिमंडल विस्तार में इन नामों के शामिल किए जाने की संभावना है – ज्योतिरादित्य सिंधिया, कैलाश विजयवर्गीय, सर्वानंद सोनोवाल, नारायण राणे, प्रीतम मुंडे, मीनाक्षी लेखी, पशुपति कुमार पारस, रामचंद्र प्रसाद सिंह, राजीव सिंह लल्लन, सुशील कुमार मोदी, वरुण गाँधी, अनुप्रिया पटेल, स्वतंत्र देव सिंह, भूपेंद्र यादव और दिनेश त्रिवेदी। इनमें इनमें 4 बिहार से, 3 यूपी से और दो-दो महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश से हैं।

अभिनेता दिलीप कुमार का निधन, 98 की उम्र में बॉलीवुड के ‘ट्रेजेडी किंग’ ने ली अंतिम साँस

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता दिलीप कुमार का 98 की उम्र में निधन हो गया है। वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे और पिछले कुछ दिनों में उन्हें कई बार मुंबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बुधवार (जुलाई 7, 2021) को सुबह साढ़े 7 बजे अंतिम साँस ली। मुंबई के ही खार हिंदुजा अस्पताल में उनका निधन हुआ। उनके इलाज कर रहे अस्पताल के डॉक्टर पार्कर ने दिलीप कुमार के निधन की पुष्टि की है।

पिछले 1 महीने में उन्हें 2 बार अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 5 जुलाई, 2021 को उनके आधिकारिक ट्विटर हैंडल से जारी किए गए अपडेट में उनकी पत्नी सायरा बानो ने बताया था कि उनकी हालत में सुधार हो रहा है। 11 दिसंबर, 1922 को ब्रिटिश इंडिया के पेशावर (अब पाकिस्तान में) में जन्मे दिलीप कुमार का असली नाम मोहम्मद यूसुफ खान था। 1944 में मात्र 22 की उम्र में ‘ज्वार-भाटा’ से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा था।

40 के दशक के लोकप्रिय अभिनेता अशोक कुमार ने उन्हें ‘नेचुरल एक्टिंग’ करने की सलाह दी थी। उनसे प्रभावित होकर दिलीप कुमार ने अभिनय की दुनिया में कदम आगे बढ़ाए। उर्दू में दक्षता के कारण पहले उन्होंने फिल्मों की स्क्र्रिप्ट और डायलॉग लिखने में भागीदारी की। अभिनेत्री देविका रानी के कहने पर उन्होंने अपना नाम दिलीप कुमार रखा। ‘जुगनू (1947)’, ‘शहीद (1948)’ और ‘मेला (1948)’ के साथ उन्होंने करियर की शुरुआत में ही कई हिट दिए।

इसके बाद 50 के दशक में बॉलीवुड में उनका ही डंका बजने लगा और उन्होंने हिट फिल्मों की झड़ी लगा दी। 1950 के दशक में 30 सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में 9 अकेले उनकी ही थी। लेकिन, उन्हें करियर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर 1960 में ‘मुगले आजम’ के रूप में मिली। इस फिल्म ने इतनी कमाई की कि अगले 11 वर्षों तक इसका रिकॉर्ड कोई नहीं तोड़ पाया। इन्फ्लेशन को ध्यान में रखें तो 2011 तक इस फिल्म का रिकॉर्ड नहीं टूट पाया था। अब अभिनेता दिलीप कुमार का निधन हो गया है।

जहाँ माँ दुर्गा को देते हैं गन सैल्यूट, जो है माता शक्ति का स्थायी निवास: मेघालय का नर्तियांग मंदिर

जब भी मंदिरों की बात होती है तो अक्सर हम दक्षिण भारत के मंदिरों की भव्यता एवं वास्तुकला की बात करते हैं। लेकिन भारत के कई ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ स्थित मंदिरों का महत्व उस स्थान में निवास करने वाले हिंदुओं के लिए बहुत ज्यादा है। इनमें से कई मंदिर तो ऐसे हैं जिनकी जानकारी देश के अधिकांश लोगों को नहीं होती है। ऐसा ही एक मंदिर मेघालय के पश्चिम जयंतिया हिल्स जिले में स्थित है। मेघालय का यह मंदिर नर्तियांग दुर्गा मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। जयंतिया पहाड़ी के हिन्दू इस मंदिर को माँ दुर्गा का स्थायी निवास मानते हैं।

इतिहास

यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है अतः इस मंदिर का इतिहास भी युगों पहले राजा दक्ष के यज्ञ से जुड़ा हुआ है। जब राजा दक्ष के यज्ञ में भगवान शिव का अपमान हुआ तो माता सती यज्ञ कुंड में प्रवेश कर गईं और अपने प्राण त्याग दिए। इससे क्रोधित होकर भगवान शिव ने माता सती की मृत देह को लेकर भयानक तांडव करना शुरू कर दिया। उन्हें शांत करने के लिए भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से माता सती की मृत देह को की भागों में विभक्त कर दिया। इस दौरान माता सती की बाईं जंघा जयंतिया पहाड़ी के नर्तियांग में गिरी थी, अतः यहाँ शक्ति पीठ स्थापित हुआ।

नर्तियांग के इस दुर्गा मंदिर में माँ दुर्गा जयंतेश्वरी के नाम से जानी जाती हैं। मंदिर की स्थापना के विषय में उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसकी स्थापना लगभग 600 वर्ष पूर्व हुई थी। उस समय जयंतिया साम्राज्य के शासक राजा धन मानिक हुआ करते थे। उन्होंने नर्तियांग को जयंतिया शासनकाल की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया था। कहा जाता है कि एक रात राजा को स्वप्न हुआ। इस स्वप्न में स्वयं माँ दुर्गा ने राजा को नर्तियांग क्षेत्र के महत्व के बारे में बताया और कहा कि राजा इस क्षेत्र में एक मंदिर का निर्माण करें। माँ दुर्गा की आज्ञा पाकर राजा ने नर्तियांग में माँ दुर्गा के मंदिर का निर्माण कराया जो जयंतेश्वरी मंदिर के नाम से जाना गया।

परंपरा

जहाँ भी शक्ति पीठ स्थापित हैं वहाँ माता शक्ति के साथ पुरुष रूप में कालभैरव भी विराजमान हैं। नर्तियांग दुर्गा मंदिर में भी माँ दुर्गा के साथ कालभैरव उपस्थित हैं। मंदिर में माता शक्ति को जहाँ जयंती के नाम से नहीं जाना जाता है वहीं कालभैरव भी कामदीश्वर के रूप में पूजे जाते हैं। यह मंदिर मेघालय के हिन्दू जनजाति समुदाय के लिए अत्यंत महत्व का है क्योंकि यह मंदिर न केवल उनके लिए एक देव स्थान है, बल्कि यह उनकी संस्कृति, स्थानीय पहचान और रीति-रिवाजों का प्रतीक भी है।

नर्तियांग दुर्गा मंदिर में मनाए जाने वाले उत्सव भारत के दूसरे हिस्सों में मनाए जाने वाले दुर्गा मंदिरों से कहीं अलग हैं। मंदिर में दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान केले के पेड़ को सजाया जाता है और उसी की पूजा माँ दुर्गा के रूप में की जाती है। 4 दिनों तक चलने वाले इस त्योहार के अंत में इस केले के पेड़ को मेघालय की मिंट्डू नदी में प्रवाहित कर दिया जाता है। इसके अलावा इस अवसर पर माँ दुर्गा को गन सैल्यूट भी दिया जाता है।

कैसे पहुँचे?

चूँकि मेघालय का पश्चिम जयंतिया हिल्स जिला एक लैंडलॉक स्थान है अतः यहाँ रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डा मौजूद नहीं है। हालाँकि मेघालय की राजधानी शिलांग में हवाई अड्डा स्थित है जो राजधानी क्षेत्र से 30 किमी की दूरी पर उमरोई में स्थित है। नर्तियांग स्थित जयंती शक्तिपीठ से उमरोई स्थित हवाई अड्डे की दूरी लगभग 67 किमी है। यहाँ से कोलकाता और गुवाहाटी के लिए हवाई सेवा उपलब्ध है। इसके अलावा मेघालय के मेंदीपाथर में रेलवे स्टेशन स्थित है जहाँ से गुवाहाटी के लिए ट्रेन उपलब्ध है। इन सभी स्थानों से सड़क मार्ग का उपयोग करके नर्तियांग पहुँचा जा सकता है।

ओमान में शेख के चंगुल से छूटने के लिए यूपी पुलिस से महिलाओं ने लगाई गुहार, ऑडियो संदेश भेजकर माँगी मदद

मानव तस्करी का शिकार हुई यूपी की महिलाएँ अब ओमान से डीसीपी को व्हॉट्सएप पर ऑडियो मैसेज भेज कर मदद माँग रही हैं। पिछले दिनों मदद के ऐसे मैसेज डीसीपी के पास आए जिनमें पीड़िताओं ने कहा था कि उन्हें बचा लिया जाए वरना वह मर जाएँगी। इन संदेशों के मिलने के बाद क्राइम ब्रांच एक्शन में आई और ओमान से महिलाओं को घर लाने की कोशिश तेज हो गई।

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं ने डीसीपी को अपने संदेश में बताया है कि ओमान में उनके साथ किस तरह गंदा व्यवहार किया जाता है और अगर ये सब ज्यादा दिन तक चलता रहा तो वह जिंदा नहीं बच पाएँगी। महिलाओं की शिकायत के बाद शेख के चंगुल से छुड़ाने के प्रयासों में तेजी कर दी गई है। महिलाएँ भारतीय दूतावास के अलावा पुलिस अधिकारियों के भी संपर्क में हैं। गोवा पुलिस के अधिकारियों ने भी महिलाओं से संपर्क करने की कोशिश की है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले यूपी की क्राइम ब्रांच ने ओमान में फँसी उन्नाव की एक और पंजाब की दो महिलाओं को एक शेख के चंगुल से छुड़ाया था। मगर, उनके बाद उक्त दोनों महिलाएँ ने भी डीसीपी के पास मदद के मैसेज भेज दिए। पीड़िताओं ने अपील की है कि जैसे पुलिस ने पहले तीन महिलाओं को मुक्त कराया है वैसे ही उन दोनों को भी छुड़ा लिया जाए।

अभी मामले की जाँच चल रही है। पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि दोनों महिलाओं में से एक पीड़िता भारतीय दूतावास में रह रही है और उसकी कोरोना टेस्टिंग हो चुकी है। अब दूतावास उसके लिए फ्लाइट की टिकत आदि का इंतजाम करने में लगी है। संभव है वह जल्द भारत लौटे।

इस पूरे मामले में क्राइम ब्रांच के सम्पर्क में गोवा के कई अधिकारी भी आ गए हैं जिन्होंने क्राइम ब्राँच से ईमेल आईडी समेत अन्य जानकारी माँगी है ताकि वह अपने यहाँ की पीड़िता को भी जल्द से जल्द वापस बुला सकें।

बता दें कि यूपी से आए मानव तस्करी के इन मामलों की जाँच में पिछले दिनों दो आरोपित मुजम्मिल और अतिउर्रहमान व बंगलूरू से अमीन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामले की तफ्तीश की ही जा रही थी कि ये अन्य मामले फिर पुलिस के पास आ गए।

गालीबाज एक्टर एजाज खान की जमानत याचिका को मुंबई की अदालत ने किया खारिज, ड्रग्स मामले में अप्रैल से ही है कैद

मुंबई की एक अदालत ने मंगलवार (6 जुलाई 2021) को बॉलीवुड एक्टर एजाज खान की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। ड्रग्स के मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एजाज को अप्रैल 2021 में गिरफ्तार किया था। तभी से वह जेल में है। हालाँकि, इससे पहले भी एजाज ने जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन उसे भी खारिज कर दिया गया था।

गौरतलब है कि रिएलिटी शो ‘बिग बॉस’ के एक्स कंटेस्टेंट के लोखंडवाला घर पर एनसीबी ने छापा मारा था, जहाँ से उन्हें ड्रग्स बरामद हुई थी। 8 घंटे की पूछताछ के बाद उसे बुधवार (मार्च 31, 2021) को मुंबई की NDPS कोर्ट में पेश किया गया था। एनसीबी अधिकारियों ने कहा था कि घर की तलाशी के दौरान उन्हें 4.5 ग्राम अल्प्रोजोल टेबलेट मिली थीं। एक्टर से पूछताछ के बाद एनसीबी ने नवी मुंबई और जोगेश्वरी में भी छापामारी की थी। इसके बाद एजाज को 3 अप्रैल तक एनसीबी की हिरासत में भेज दिया गया था।

एजाज पर NCB के अधिकारियों ने बटाटा गैंग का हिस्सा होने का आरोप लगाया था। साल 2018 में, एजाज खान को नवी मुंबई पुलिस ने एक ड्रग मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद अप्रैल 2020 में फेसबुक लाइव वीडियो में सांप्रदायिक टिप्पणी को लेकर भी उसे मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस वीडियो में एजाज खान ने कहा था, “अगर एक चींटी मर जाती है, तो एक मुसलमान जिम्मेदार होता है, अगर एक हाथी मर जाता है, तो एक मुसलमान जिम्मेदार होता है। अगर दिल्ली में भूकंप आता है, तो एक मुसलमान जिम्मेदार होता है, यानी किसी भी घटना के लिए मुसलमान जिम्मेदार होता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस साजिश के लिए कौन जिम्मेदार है?”

बता दें कि रिएलिटी शो बिग बॉस-7 में भी एजाज खान अपने गर्म-मिजाज को लेकर खासा विवादों में रहे थे। वहीं, बॉलीवुड करियर की बात करें कुछ खास नहीं है। वह आखिरी बार फिल्म गुल मकई में नजर आए थे।

सपा कार्यकर्ताओं ने यूपी सरकार के मंत्री को धमकाया, गाली-गलौज की; 90 साल की माँ और बेटियों को भी बनाया निशाना: 5 गिरफ्तार

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का शनिवार (3 जुलाई 2021) को जिला परिषद चुनाव परिणाम के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया तेजी से वायरल हुआ था। इसमें वे उत्तर प्रदेश के मंत्री उपेंद्र तिवारी और उनके परिवार को गाली देते हुए नजर आए थे। वायरल वीडियो में सपा कार्यकर्ता जीत के नारे लगा रहे थे, जो बाद में तिवारी के खिलाफ अश्लील नारे लगाने लगे। इसके बाद उन्होंने उनकी 90 वर्षीय माँ, पत्नी और बेटियों के खिलाफ भी अश्लील नारे लगाए।

‘समाज और लोकतंत्र के लिए शर्म की बात’

एएनआई को दिए एक बयान में उपेंद्र तिवारी ने कहा, ”मेरी 90 वर्षीय माँ, बहन, पत्नी और बेटियों को नारे के रूप में गाली दी गई। इसकी योजना अंबिका चौधरी और नारद राय ने बनाई थी।” यूपी के खेल, युवा कल्याण और पंचायती राज मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तिवारी ने कहा कि उन्होंने मुझे गाली देकर, समाज और लोकतंत्र को शर्मसार करने की योजना बनाकर अपनी हताशा के ​संकेत दिए हैं।

सपा कार्यकर्ताओं द्वारा निशाना बनाई जा रहीं तिवारी की पत्नी ने सवाल किया कि नेताओं के परिवारों को राजनीति में क्यों घसीटा जाता है। उन्होंने कहा, ”चाहे आप किसी भी पार्टी से क्यों न हों, परिवार को राजनीति में नहीं घसीटा जाना चाहिए। यह बेहद निंदनीय है। मैं अखिलेश यादव, डिंपल यादव से पूछना चाहती हूँ कि उनके कार्यकर्ताओं को इतनी आजादी कैसे मिली।”

‘लोग इन ‘लाल टोपी’ वालों को गुंडे कहते हैं’

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने इस घटना की निंदा की है। उन्होंने ट्वीट किया, ”समाजवादी पार्टी के ये कार्यकर्ता खुलेआम ब्राह्मणों और भाजपा नेताओं की माँ-बहनों को गालियाँ दे रहे हैं। वे इस बात से नाराज हैं कि वे चुनाव कैसे हार गए। ये यूपी के समाजवादियों की चाल, ये है इनका चेहरा और ये है इनका चरित्र। लोग ऐसे ही इन्हें लाल टोपी वाले गुंडे नहीं कहते हैं।” उन्होंने इसके साथ एक वीडियो भी शेयर किया है।

उन्होंने एक और ट्वीट किया कि कैसे विपक्षी दल ट्विटर पर ब्राह्मण विरोधी हैशटैग ट्रेंड कर रहे थे। उन्होंने कहा, ”चुनाव हारने का रोष देखिए, बलिया में ब्राह्मणों को गाली देने वाले अराजकतावादी आज घृणास्पद हैशटैग का प्रचार कर रहे हैं। यह आश्चर्यजनक है कि ट्विटर इंडिया और मनीष माहेश्वरी ने इसमें कुछ भी गलत नहीं देखा।”

बलिया पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में पाँच एसपी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।

बलिया के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय कुमार यादव ने कहा, “सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ लोगों ने अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। बलिया थाने में 4 जुलाई को भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 149, 342, 500, 504 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर में दस लोगों के नाम थे, जिनमें से 5 को पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

उन्होंने आगे कहा कि वीडियो में कई अज्ञात व्यक्ति भी थे, जो नारे लगा रहे थे। पुलिस इनकी शिनाख्त करने का प्रयास कर रही है। मामले की जाँच जारी है।

PM मोदी ने फैन को बर्थडे विश कर चौंकाया, साथ ही तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा को जन्मदिन की शुभकामनाएँ दे चीन को चिढ़ाया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (6 जुलाई, 2021) को अपने एक ट्वीट से अपनी फैन को खुश कर दिया। दरअसल, सोशल मीडिया पर @dextrocardiac नाम की एक यूजर आईडी ने अपने दोस्तों से बात करते हुए इच्छा जाहिर की थी कि प्रधानमंत्री उसे जन्मदिन की शुभकामनाएँ दें। इसके लिए यूजर ने अपने फ्रेंड से रिक्वेस्ट भी की। बाद में यही रिक्वेस्ट पीएम तक पहुँची और उन्होंने यूजर को जन्मदिन पर विशेष शुभकामना दी।

यूजर ने अपने दोस्त से मजाक में ये बात कही थी कि वो पीएम से कहे कि उसे वह मुबारकबाद दें। लेकिन कुछ देर में ये मजाक सच हो गया। प्रधानमंत्री ने ट्वीट में लिखा, “हैप्पी बर्थडे या जैसा कि आप बता रहे हैं डेक्सट्रोदिवस….”

इस ट्वीट के बाद तो जैसे फैन के पाँव जमीन पर टिके ही नहीं। यूजर ने खुशी खुशी में ट्वीट शेयर करते हुए खुद को सबसे ज्यादा खुशकिस्तमत जिंदा इंसान बताया।

ऑपइंडिया से बात करते हुए यूजर ने कहा, “मै सातवें आसमान पर हूँ। अब भी खुद को चुटकी काट रही हूँ कि मुझे प्रधानमंत्री ने शुभकामना दी, साथ ही उन्होंने इसे डेक्स्ट्रोदिवस कहा, बिलकुल अविश्वसनीय।” बता दें कि यूजर एक 25 वर्षीय डॉक्टर हैं जो सरकारी अस्पताल में काम करती हैं। उन्होंने अपना नाम गुमनाम रखने का निर्णय लिया है। हम उन्हें उनके जन्मदिवस पर शुभकामनाएँ देते हैं।

बता दें कि पीएम मोदी ने अपने फैन को हैप्पी बर्थडे बोलने के अलावा तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा को भी बधाई दी। पीएम ने दलाई लामा के 86वें जन्मदिन पर उनके साथ टेलीफोन पर बातचीत की और उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की। इस बारे में उन्होंने खुद ट्वीट कर बताया। जिसके बाद कई तिब्बती बेहद खुश नजर आए। उनका मानना है कि इससे चीन को कड़ा संदेश जाएगा।

‘ISI को भेजे 900 टॉप सीक्रेट डॉक्यूमेंट’: सेना के 2 जवानों को जासूसी के आरोप में पंजाब पुलिस ने किया गिरफ्तार

पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने वाले सेना के 2 जवानों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस को अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिनकर गुप्ता ने इस संबंध में मंगलवार (6 जुलाई 2021) को यह जानकारी दी। 

उन्होंने कहा, “पाकिस्तान की ISI के लिए जासूसी और उन्हें जानकारी लीक करने के आरोप में पंजाब पुलिस ने सेना के 2 जवानों को गिरफ्तार किया है। भारतीय सेना के कामकाज और तैनाती से संबंधित गोपनीय दस्तावेज उनके पास से बरामद किए गए हैं। आरोपितों ने आईएसआई के साथ 900 गोपनीय दस्तावेज साझा किए।”

कौन है 2 सेना के जवान

रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तार किए गए जवानों में से एक की पहचान सिपाही हरप्रीत सिंह (23) के रूप में हुई है। वह अमृतसर के चीचा गाँव का रहने वाला है और अनंतनाग में तैनात था। वह 2017 में भारतीय सेना में शामिल हुआ था और 19 राष्ट्रीय राइफल्स से जुड़ा था। 

इसके अलावा दूसरा आरोपित तरनतारन के पुनियान गाँव का रहने वाला है। उसकी पहचान सिपाही गुरभेज सिंह (23) के तौर पर हुई है। वह 18 सिख लाइट इन्फैंट्री से ताल्लुक रखता है और कारगिल में क्लर्क के पद पर कार्यरत था। वह 2015 में भारतीय सेना में शामिल हुआ था ।

पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि दोनों आरोपितों (सेना के जवानों) ने फरवरी और मई 2021 के बीच, सिर्फ 4 महीने की अवधि में सीमा पार से ड्रग तस्कर रणवीर सिंह को देश की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित 900 से अधिक वर्गीकृत दस्तावेजों की तस्वीरें पहले ही साझा कर दी थीं। आगे उन्हें पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों को सौंप दिया गया।

सेना के जवान कैसे बने ISI के जासूस

जानकारी साझा करते हुए, पंजाब के पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता ने कहा कि एसएसपी नवीन सिंगला के नेतृत्व में जालंधर ग्रामीण पुलिस ने एनडीपीएस मामले की जाँच करते हुए सीमा पार ड्रग तस्कर रणवीर सिंह से भारतीय सेना के कामकाज और तैनाती से संबंधित गोपनीय और गुप्त दस्तावेज बरामद किए थे, जिसे 24 मई 2021 को 70 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा, पूछताछ के दौरान रणवीर ने खुलासा किया कि उन्हें ये दस्तावेज सिपाही हरप्रीत सिंह से मिले थे, जो उसका दोस्त था और वे दोनों एक ही गाँव के हैं।

डीजीपी दिनकर गुप्ता ने कहा, “रणवीर ने सिपाही हरप्रीत सिंह को रक्षा संबंधी गोपनीय दस्तावेजों को उसके साथ साझा करने के लिए पैसों का लालच देकर उकसाया, जिसके बाद उसने अपने दोस्त सिपाही गुरभेज को इस राष्ट्र विरोधी जासूसी गतिविधियों में शामिल कर लिया। चूँकि कारगिल में वह 121 इन्फैंट्री ब्रिगेड मुख्यालय में क्लर्क था तो, भारतीय सेना से संबंधित रणनीतिक और सामरिक दोनों तरह की जानकारी वाले दस्तावेजों तक आसानी से प्राप्त कर सकता था।”

डीजीपी ने यह भी बताया कि हरप्रीत से दस्तावेज लेकर रणवीर आगे इन्हें सीधे पाकिस्तान आईएसआई को देता था या फिर उन्हें गोपी के माध्यम से भेजता था। गोपी के बारे में बता दें वह अमृतसर के गाँव डौके का रहने वाला है और उसकी पहचान मुख्य ड्रग तस्कर के रूप में हुई है। उसके पाकिस्तान स्थित ड्रग-तस्करी सिंडिकेट और आईएसआई अधिकारियों से संबंध हैं। जो हमेशा एक दूसरे के साथ मिलकर काम करते हैं।

रणवीर के खुलासे के बाद, पुलिस ने गोपी को भी गिरफ्तार किया है। जहाँ उसने गोपनीय दस्तावेज हस्तांतरित करने की बात कबूल की है। शुरुआती जाँच के अनुसार डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि हरप्रीत सिंह और गुरभेज सिंह को गोपनीय जानकारी साझा करने के लिए पैसे का लालच दिया गया था। इनमें  रणवीर सिंह पहले हरप्रीत सिंह को पैसे देता था और बाद में ये पैसे हरप्रीत गुरभेज के खाते में ट्रांस्फर करता था।

मामले में एसएसपी नवीन सिंगला का कहना है कि सेना के अधिकारियों ने दोनों आरोपित सैन्यकर्मियों को जालंधर ग्रामीण पुलिस को सौंप दिया है। किसी अन्य आरोपित व्यक्ति की संलिप्तता का पता लगाने के लिए आगे की जाँच की जा रही है। इस बीच, आरोपितों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 124-ए और 120-बी और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा 3, 5 और 9 के तहत मामला जोड़ा गया है। इस केस में 24 मई को रणवीर के विरुद्ध जालंधर ग्रामीण के पुलिस स्टेशन महतपुर में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 (बी) / 61/85 के तहत सबसे पहले एफआईआर हुई थी।

सीएम योगी का खौफ: अफसरून, कय्यूम, राशिद, सलीम और हारून जैसे 5 खूंखार अपराधियों ने किया पुलिस के सामने सरेंडर

पिछले कई दिनों से फरार चल रहे उत्तर प्रदेश के 5 कुख्यात अपराधियों ने सीएम योगी आदित्यनाथ के डर से सोमवार (5 जुलाई 2021) को शामली जिले में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार कैराना कोतवाली के एसएचओ प्रेमवीर राणा ने कहा कि आरोपित हाथ उठाकर थाने आए थे। पुलिस के सामने आने से पहले अपराधियों ने कहा कि वे सभी आपराधिक गतिविधियों को छोड़ना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने आत्मसमर्पण करने का फैसला किया है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गाँव रामडा के निवासी अफसरून, कय्यूम, राशिद उर्फ भूरा, सलीम और हारून के रूप में पहचाने गए सभी 5 अपराधियों पर रंगदारी और हत्या के कई मामले दर्ज थे। उन पर हाल ही में गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था, तब से वे फरार थे।

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार (4 जुलाई) को महबूब नाम का एक अन्य अपराधी भी मुजफ्फरनगर के शाहपुर पुलिस स्टेशन पहुँचा और अपराध नहीं करने का संकल्प लिया। एसएचओ शापुर ने बताया कि आपराधिक रिकॉर्ड के चलते महबूब को हर महीने थाने में हाजिर होने को कहा गया है।

योगी ने जनता से पूछा, क्या वे अपराधियों के खिलाफ राज्य सरकार की कार्रवाई को मंजूरी दे रहे हैं?

गौरतलब है कि सोमवार को राप्ती नदी के मलौनी बाँध पर स्थित तारकुलानी रेगुलेटर पर पम्पिंग स्टेशन के उद्घाटन समारोह के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोगों को संबोधित किया था। इस दौरान सीएम ने राज्य में अपराध और अपराधियों के प्रति अपनी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर जनता की राय माँगी थी। उन्होंने पूछा कि क्या उत्तर प्रदेश के लोग राज्य सरकार द्वारा अपराधियों के खिलाफ शुरू की गई चौतरफा कार्रवाई को मंजूरी दे रहे हैं, जिस पर उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी।

उन्होंने पूछा कि क्या सरकार को अपराधियों को रौंदने के लिए बुलडोजर चलाना जारी रखना चाहिए या नहीं? जय श्रीराम के जयकारों के बीच जनता ने हाँ में जवाब दिया था। उन्होंने आगे बताया कि राज्य सरकार अपने ‘मिशन क्लीन-अप’ के तहत माफियाओं और कट्टर अपराधियों की अवैध संपत्तियों को जब्त व ध्वस्त कर रही है। वह इसका इस्तेमाल जनता की भलाई के लिए कर रही है। उन्होंने फिर पूछा कि क्या उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की गई इस कार्रवाई को राज्य की जनता स्वीकृति दे रही है या नहीं। इस बार भी भीड़ ने एक स्वर में हाँ का जवाब दिया।

पिछले 4 वर्षों में सकारात्मक परिणाम दिखा रही उत्तर प्रदेश सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस नीति’

रिपोर्ट्स के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ की अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति ने पिछले चार वर्षों में सकारात्मक परिणाम दिए हैं। उत्तर प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था के आरोपों पर विपक्षी दलों पर पलटवार करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने मार्च 2021 में बड़ा खुलासा किया था। उन्होंने अपनी सरकार के चार साल पूरे होने पर एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था, ”जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम यह रहा है कि 2016 के आँकड़ों की तुलना में 2017 में डकैती के मामलों में 65.72% की कमी आई है। वहीं, लूट में 66.15 %, यूपी में हत्या में 19.80 फीसदी और रेप में 45.43 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा कि पहले कोई भी डर से इस राज्य में नहीं आना चाहता था, लेकिन अब यहाँ कोई डर नहीं है। हमारी सरकार ने पेशेवर अपराधियों, माफिया तत्वों और शांति भंग करने वाले अन्य लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की है। इसने देश में एक आदर्श भी स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए अपराधी अपराधी होता है। फिर चाहे वह किसी भी जाति या समुदाय का हो।

बता दें कि उत्तर प्रदेश की पुलिस का खौफ अपराधियों पर इस कदर छाया हुआ है कि वो खुद थाने में आकर आत्मसमर्पण कर रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं किसी एनकाउंटर में उनका नंबर न लग जाए। रिपोर्ट के मुताबिक, शामली के रामडा गाँव के रहने वाले अरशद, दानिश उर्फ काला और परवेज के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

कैराना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक प्रेमवीर सिंह राणा के मुताबिक, तीनों पर बलवा, हत्या की कोशिश समेत कई केस दर्ज हैं। गुरुवार (1 जुलाई 2021) को तीनों आरोपित गिड़गिड़ाते हुए थाने पहुँचे और आत्मसमर्पण कर दिया। इन्होंने दोबारा से भविष्य में क्राइम नहीं करने का वादा भी किया है। खबर के अनुसार इसी साल फरवरी, 2021 में कैराना में विधायक नाहिद हुसैन और उनकी माँ पूर्व सांसद तबस्सुम हसन समेत 40 लोगों के खिलाफ शामली पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।