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कलकत्ता HC का ममता सरकार को आदेश, बहाल करें शुभेंदु अधिकारी की सुरक्षा: 18 मई को राज्य ने ली थी वापस

कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को यह आदेशित किया है कि भाजपा विधायक और राज्य विधानसभा में प्रमुख नेता प्रतिपक्ष शुभेन्दु अधिकारी की सुरक्षा बहाल की जाए। राज्य सरकार ने 18 मई 2021 को अधिकारी को प्रदान की गई सुरक्षा वापस ले ली थी।

कलकत्ता हाई कोर्ट की जस्टिस शिवकांत प्रसाद की एकल पीठ ने शुभेन्दु अधिकारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अधिकारी पर कोई खतरा न आने पाए यह राज्य की जिम्मेदारी है अन्यथा दोष राज्य सरकार का ही माना जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि चूँकि अधिकारी को पहले से ही Z-कैटेगरी की सुरक्षा प्राप्त है इसलिए राज्य को अतिरिक्त कार्य करने की जरूरत नही है बस जो सुरक्षा हटाई गई है उसे ही बहाल किया जाए।

नंदीग्राम से भाजपा विधायक शुभेन्दु अधिकारी राज्य सरकार द्वारा अपनी सुरक्षा हटाए जाने के निर्णय के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट गए थे। अधिकारी का यह कहना था कि भले ही उन्हें केन्द्रीय सुरक्षा प्राप्त है लेकिन पायलट कार, रूट लाइनिंग और सार्वजनिक सभाओं के दौरान विभिन्न स्थानों के निरीक्षण के लिए उन्हें राज्य की सहायता की भी आवश्यकता है।

इससे पहले भी कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल प्रशासन के सुरक्षा निदेशक को नोटिस जारी करके जवाब माँगा था। कोर्ट ने पूछा था कि इस संबंध में कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की जाए कि शुभेन्दु अधिकारी की सुरक्षा को वापस क्यों लिया गया। हालाँकि इस बारे में राज्य प्रशासन ने अपना जवाब दाखिल करते हुए कहा था कि अधिकारी की सुरक्षा के लिए ‘येलो बुक’ की गाइडलाइंस के अनुसार पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।

ज्ञात हो कि शुभेन्दु अधिकारी विधानसभा चुनावों के पहले तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे और उन्होंने नंदीग्राम से टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था। इस हाई प्रोफाइल मुकाबले में शुभेन्दु अधिकारी विजयी रहे थे।  

शादाब ने पहले रेप किया, फिर लगातार दे रहा था धमकी: तंग आकर किशोरी ने की आत्महत्या, जाँच में जुटी यूपी पुलिस

उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक रेप पीड़िता किशोरी ने हजार खाकर आत्महत्या कर ली है। आरोप है कि शादाब ने शादी का झाँसा देकर उसका बलात्कार किया था। आरोपित लगातार अपने साथियों के साथ उसे धमकी दे रहा था और साथ ही छेड़खानी भी कर रहा था, जिससे तंग आकर किशोरी ने मौत को गले लगा लिया। आनन-फानन में उसे अस्पताल ज़रूर ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी।

किशोरी की मौत के बाद हंगामा करते हुए आक्रोशित परिजनों ने पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाया। ये घटना परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के खजूरी गाँव की है। शादाब पर आरोप था कि उसने जबरन किशोरी के साथ जबरन शारीरिक सम्बन्ध बनाए और जब पीड़िता ने परिजनों को इसकी जानकारी देने को कहा तो वो मुकर गया। उसने शादी से भी इनकार कर दिया। शादाब ने अपने दोस्त गुलशेर के साथ मिल कर उसका रेप किया था।

इस मामले की तहरीर थाने में भी दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने मुकदमा ज़रूर दर्ज किया था, लेकिन बलात्कार की धाराएँ नहीं लगाई गई थीं। आरोपित लगातार पीड़िता और उसके परिजनों को डरा-धमका रहे थे। पीड़िता अब भी शादाब से शादी करने को तैयार थी, लेकिन शादाब राजी नहीं था। पुलिस अधिकारी एसपी देहात केशव कुमार ने जानकारी दी है कि मामले में पीड़िता ने मुकदमा दर्ज कराया था।

साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि आज की घटना के बाद इस मामले में परिजन की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ फिर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस केस के जाँच अधिकारी के खिलाफ भी जाँच के आदेश दे दिए गए हैं और उसकी लापरवाही सामने आने पर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और लापरवाह अधिकारियों पर गाज गिरेगी।

ट्विटर ने संसदीय समिति को भी किया दरकिनार, 48 घंटे का समय मिलने पर भी नहीं दिया जवाब: IT मंत्री का हैंडल किया था ब्लॉक

ट्विटर इंडिया, सूचना और प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति द्वारा भेजे गए नोटिस का जवाब देने में विफल रही। न्यूज 18 ने इसकी जानकारी दी। माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट को आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद और कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर के अकाउंट को लॉक करने के बारे में लिखित में जवाब देने के लिए 48 घंटे की अवधि दी गई थी। 

ट्विटर ने रविशंकर प्रसाद को किया था ब्लॉक

25 जून को, माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर केंद्रीय कानून और न्याय, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद को संयुक्त राज्य अमेरिका के कॉपीराइट अधिनियम का उल्लंघन करने की बात कहते हुए ब्लॉक करने के लिए  फिर से जाँच के घेरे में आ गया था। उनके खिलाफ कार्रवाई एक वीडियो के संबंध में की गई थी जिसे उन्होंने 2017 में विजय दिवस पर पोस्ट किया था और कथित तौर पर कॉपीराइट संगीत ‘माँ तुझे सलाम’ का इस्तेमाल किया था।

16 दिसंबर 2017 को जब भारत विजय दिवस मना रहा था तब रविशंकर प्रसाद ने एक वीडियो पोस्ट किया था जो 1971 के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वालों के लिए एक श्रद्धांजलि थी। इस युद्ध में भारत ने पाकिस्तान को हराया और बांग्लादेश एक स्वतंत्र देश के रूप में अस्तित्व में आया था। उस वीडियो के बैकग्राउंड म्यूजिक में ‘माँ तुझे सलाम’ था जिसे एआर रहमान ने गाया था और सोनी म्यूजिक ने प्रोड्यूस किया था।

यह जानकारी तब सामने आई जब ट्विटर ने लुमेन डेटा प्रकाशित किया जहाँ यह स्पष्ट रूप से बताया गया कि इसी पोस्ट के कारण रविशंकर प्रसाद के ट्विटर हैंडल को ब्लॉक कर दिया गया था। रविशंकर प्रसाद की पोस्ट, जिसमें बैकग्राउंड म्यूजिक के रूप में माँ तुझे सलाम का इस्तेमाल किया गया था, को इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ फोनोग्राफिक इंडस्ट्री (आईएफपीआई) द्वारा कॉपीराइट उल्लंघन के रूप में चिह्नित किया गया था, जैसा कि डीएमसीए नोटिस पर ‘सेंडर’ की जानकारी से देखा जा सकता है।

संसदीय समिति ने ट्विटर की खिंचाई की

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर की अध्यक्षता में आईटी के संसदीय पैनल ने सचिवालय को निर्देश दिया था कि वह आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद और शशि थरूर के अकाउंट को बंद करने के संबंध में ट्विटर से लिखित में स्पष्टीकरण माँगे। ट्विटर को दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया। ट्विटर से संतोषजनक जवाब न मिलने पर समिति कंपनी के किसी अधिकारी को तलब कर सकती है।

शशि थरूर ने कहा, “सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में, मैं कह सकता हूँ कि हम @TwitterIndia से @rsprasads और मेरे अकाउंट को बंद करने और भारत में संचालन के दौरान उनके द्वारा पालन किए जाने वाले नियमों और प्रक्रियाओं के लिए स्पष्टीकरण माँगेंगे। ” सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 के पारित होने के बाद से ट्विटर एक कठिन समय से गुजर रहा है। भारतीय कानूनों का पालन करने से इनकार करने के बाद, इसने अपनी मध्यस्थ स्थिति खो दी है। इसके बाद प्लेटफॉर्म के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की गई हैं।

कंगना रनौत का पासपोर्ट रिन्यूअल रोकने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट पहुँचे जावेद अख्तर, लगाया तथ्य छिपाने का आरोप

बॉलीवुड के जाने-माने गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने शुक्रवार (जुलाई 2, 2021) को बॉम्बे हाई कोर्ट में एक हस्तक्षेप याचिका दायर कर दावा किया कि बॉलीवुड ऐक्ट्रेस कंगना रनौत ने अपने पासपोर्ट के तेजी से रिन्यू के अनुरोध वाली याचिका में कोर्ट से कुछ तथ्य छिपाए हैं। जावेद अख्तर ने कंगना रनौत द्वारा दायर याचिका में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है जिन्होंने लेखक के कॉपीराइट के कथित तौर पर उल्लंघन के लिए अपने खिलाफ दर्ज FIR को चुनौती दी है।

बता दें कि पिछले महीने कंगना रनौत ने भी एक अंतरिम याचिका दायर कर अनुरोध किया था कि क्षेत्रीय पासपोर्ट प्राधिकरण को उनका पासपोर्ट रिन्यू करने का निर्देश दिया जाए, यह उनके एक फिल्म की शूट के लिए बुडापेस्ट, हंगरी तक जाने के लिए जरूरी है। इस याचिका पर 28 जून को सुनवाई के दौरान पासपोर्ट प्राधिकरण की तरफ से अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल अनिल सिंह ने कोर्ट को बताया था कि कंगना रनौत की याचिका अस्पष्ट है और इसमें यह साफ नहीं है कि उनके खिलाफ कौन सी आपराधिक कार्यवाही लंबित है।

कंगना रनौत के वकील रिजवान सिद्दीकी ने जज एसएस शिंदे की पीठ को बताया कि ऐक्ट्रेस के खिलाफ केवल दो FIR दर्ज थी लेकिन इन प्राथमिकियों में ऐक्ट्रेस के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं हुई है। वकील ने बताया कि बांद्रा पुलिस ने अपने ट्वीट के जरिए धार्मिक शत्रुता को बढ़ावा देने के लिए पिछले साल अक्टूबर में पहली प्राथमिकी दर्ज की थी। दूसरी प्राथमिकी इस साल मार्च में पुस्तक ‘दिद्दा : वॉरियर क्वीन ऑफ कश्मीर’ के लेखक की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी जिन्होंने आरोप लगाया था कि कंगना रनौत ने उनकी इजाजत के बिना किताब के विषय पर फिल्म की घोषणा की थी।

अपनी हस्तक्षेप याचिका में जावेद अख्तर ने कहा कि उन्होंने ऐक्ट्रेस द्वारा एक टीवी साक्षात्कार में उनके खिलाफ टिप्पणी करने पर नवंबर 2020 में कंगना रनौत के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी और इस मामले में आपराधिक कार्यवाही लंबित है। उन्होंने कहा कि कंगना रनौत कोर्ट के समक्ष इसका खुलासा करने में विफल रहीं हैं।

अख्तर के आवेदन में कहा गया है, “मजिस्ट्रेट की अदालत, अंधेरी के समक्ष लंबित आपराधिक मामले (अख्तर की शिकायत) की जानकारी के बावजूद, याचिकाकर्ता नंबर 1 (रनौत) जानबूझकर इसका खुलासा करने में विफल रहीं। इसके पीछे उनका इरादा गुमराह करने और अनुकूल आदेश प्राप्त करना था।”

दिलचस्प बात यह है कि कंगना रनौत के पासपोर्ट आवेदन के खिलाफ जावेद अख्तर की हस्तक्षेप याचिका अभिनेत्री द्वारा महा विकास अघाड़ी सरकार पर जानबूझकर उनके पासपोर्ट रिन्यूअल में देरी करने का आरोप लगाने के कुछ सप्ताह बाद आई है।

एक इंस्टाग्राम पोस्ट में, कंगना रनौत ने महाराष्ट्र सरकार को ‘महाविनाशकारी सरकार’ के रूप में संदर्भित करते हुए कहा था कि कॉन्ग्रेस-शिवसेना-एनसीपी के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ अपनी राय रखने के लिए उन्हें फिर से अप्रत्यक्ष उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।

कंगना रनौत इस समय अपनी अपकमिंग फिल्म ‘धाकड़’ की शूटिंग के लिए बुडापोस्ट पहुँची हुई हैं। कंगना ने बीते 28 जून को अपने पासपोर्ट रिन्यूअल की सुनवाई के दौरान कहा था कि उनके खिलाफ कोई क्रिमिनल केस पेंडिंग नहीं है। पासपोर्ट रिन्यू न होने की वजह से कंगना देर से पहुँची जबकि फिल्म के क्रू मेंबर पहले ही पहुँच गए थे। फिलहाल कंगना फिल्म की शूटिंग कर रही हैं।

रजनीश रैजी घई के निर्देशन में बन रही ‘धाकड़’ एक स्पाई थ्रिलर फिल्म है। इस फिल्म में कंगना के साथ अर्जुन रामपाल लीड रोल में हैं। फिल्म 1 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है। इसके अलावा कंगना रनौत ‘थलाइवी’ और ‘तेजस’ फिल्म में भी नजर आएँगी।

आमिर खान और किरण राव ने लिया तलाक: 15 सालों की शादी का ‘द एन्ड’, बताया जीवन का नया अध्याय

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान और किरण राव ने अपनी 15 साल की शादी को ख़त्म करने का फैसला लिया है। किरण राव आमिर खान की दूसरी पत्नी हैं। इससे पहले रीना दत्त से आमिर खान ने शादी की थी। 1986 में हुई वो शादी 2002 में ख़त्म हो गई थी। इसके बाद 2005 में आमिर खान ने किरण राव से शादी की। अब आमिर खान और किरण राव ने भी तलाक की घोषणा कर दी है, जिससे उनकी 15 वर्षों की शादी ख़त्म हो गई है।

आमिर खान और किरण राव ने संयुक्त बयान भी जारी किया है, जिसमें दोनों ने कहा है कि ये 15 वर्ष इतने अच्छे बीते कि हमने इस दौरान आजीवन साथ रहने वाले अनुभव एक-दूसरे के साथ साझा किया। उन्होंने कहा, “हम साथ में खुश रहे, हँसे। हमारा रिश्ता विश्वास, प्यार और सम्मान के मामले में लगातार बढ़ता ही रहा। अब हमने निर्णय लिया है कि अब हम जीवन के नए अध्याय की शुरुआत करेंगे, लेकिन पति-पत्नी के रूप में नहीं।”

बकौल आमिर खान और किरण राव, उनका ये नया जीवन अपने बेटे आज़ाद के अभिभावक के रूप में होगा, एक परिवार के रूप में होगा। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पहले ही उन्होंने अलग होने की योजना पर काम करना शुरू कर दिया था, अब वो इसे अंतिम रूप देने में सहज हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग रहते हुए भी दोनों एक दूसरे के साथ एक ‘एक्सटेंडेड फैमिली’ की तरह अपना जीवन साझा करेंगे।

आमिर खान और किरण राव ने अपने संयुक्त बयान में कहा, “हम साथ मिल कर फ़िल्में भी बनाते रहेंगे। ‘पानी फाउंडेशन’ के माध्यम से हम उन कहानियों को परदे पर उतारेंगे, जो हमारे दिल के करीब होगा। हम अपने बेटे आज़ाद को लेकर सजग हैं और एक माता-पिता के रूप में उसे पूरा प्यार देंगे। हमारे इस रिश्ते में हमारा साथ देने के लिए सभी मित्रों एवं परिवार का आभार। उनके बिना हम आगे बढ़ने और ये निर्णय लेने में सहज नहीं हो पाते।”

बता दें कि आमिर खान और उनकी पतली पत्नी रीना दत्ता का एक बेटा जुनैद खान और एक बेटी भी है, जिनका नाम इरा खान है। वो सोशल मीडिया पर खासी लोकप्रिय हैं। वहीं किरण राव के साथ आमिर खान की पहली मुलाकात ‘लगान’ दिलम की शूटिंग के दौरान हुई थी, जहाँ वो बतौर ‘असिस्टेंट डायरेक्टर’ काम कर रही थीं। दिसंबर 28, 2005 को दोनों ने शादी कर ली। रीना दत्ता के साथ आमिर की शादी भी 16 साल चली थी।

घर से भाग जाने के शक में विवाहित बहन को भाइयों और पिता ने पेड़ से लटकाया, लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटते रहे: वीडियो वायरल

मध्य प्रदेश के अलीराजपुर में एक महिला को घर से भाग कर जाने के शक में ऐसी सज़ा दी गई कि किसी की भी रूह काँप जाए। महिला के साथ ये दरिंदगी किसी और ने नहीं, बल्कि उसके ही भाइयों ने की। उसे पेड़ से लटका कर चारों तरफ से घेर कर डंडों से पीटा गया। वो युवती घर से भागी भी नहीं थी, बल्कि अपने मामा के यहाँ गई थी। आरोपितों ने उसे जमीन पर पटक कर भी लाठी-डंडों से मारा।

इस दौरान पीड़िता लगातार न पीटने की मिन्नतें करती रहीं, लेकिन आरोपितों ने कोई रहमदिली नहीं दिखाई। आरोप है कई इस घटना की शिकायत के बाद पुलिस ने सक्रियता नहीं दिखाई और जमानती धाराएँ लगा कर पल्ला झाड़ लिया। ये घटना फुटतालाब गाँव की है, जो अलीराजपुर शहर से 50 किलोमीटर की दूरी पर है। ये इलाका बोरी थाने में पड़ता है। 19 वर्षीय नानसी की शादी बगल के ही गाँव भूरछेवड़ी में की गई थी।

कुछ दिनों पहले उसका पति मजदूरी करने गुजरात चला गया था और उसे घर पर ही छोड़ गया था। इससे नाराज़ होकर वो अपने ननिहाल चली गई, जो पास के ही आम्बी गाँव में पड़ता है। ये बात जब उसके मायके वालों को पता चली तो वो नाराज़ हुए और उन्हें शक हुआ कि वो घर से भाग गई है। बुधवार (28 जून, 2021) को वो उसे फुटतालाब ले आए और फिर बेरहमी से उसकी पिटाई की। इस दौरान अधिकतर लोग खड़े होकर सिर्फ तमाशा देखते रहे।

नानसी के भाई कारम, दिनेश, उदय और पिता केलसिंह निनामा ने उसे कमरे से निकाल कर पीटा। घर से मारते-मारते उसे खेत पर ले जाया गया और वहाँ पेड़ से लटका कर पिटाई की गई। पेड़ से उतार कर जमीन पर लिटा कर भी मारा गया। पुलिस का कहना है कि आरोपितों को जेल भेज दिया गया है। इसी तरह फरवरी 2020 में सोंडवा थाने में एक लड़की के भाग जाने के शक में उसकी पिटाई की गई थी।

‘KRK एक फिल्म की नेगेटिव पब्लिसिटी न करने के लेते हैं ₹25 लाख’: कथित ऑडियो लीक, तापसी को बताया ‘C ग्रेड एक्टर’

बॉलीवुड के तथाकथित समीक्षक कमाल आर खान ने तापसी पन्नू की नेटफ्लिक्स पर आई फिल्म ‘हसीन दिलरुबा’ की समीक्षा नहीं की है। साथ ही उन्होंने तापसी पन्नू को ‘सी ग्रेड एक्टर’ भी बताया है। खुद को नंबर वन क्रिटिक बताने वाले KRK ने कहा कि उनसे लोग सवाल पूछ रहे हैं कि उन्होंने ‘हसीन दिलरुबा’ की समीक्षा क्यों नहीं की, जिसका जवाब है कि वो ‘सी ग्रेड एक्टर्स की सी ग्रेड फिल्मों’ का रिव्यू नहीं करते।

KRK ने कहा कि उन्हें यहाँ तक पता नहीं है कि ये फिल्म कब रिलीज हुई और कहाँ पर। उन्होंने कहा कि वो बॉलीवुड के नंबर वन क्रिटिक हैं। पिछले महीने उन्होंने विद्या बालन की फिल्म ‘शेरनी’ की समीक्षा करने से भी इनकार कर दिया था। तब उन्होंने कहा था कि वो न तो ‘छोटी फ़िल्में’ देखते हैं और न ही उनकी समीक्षा करते हैं। हाल ही में उन्होंने हृतिक रोशन और वरुण धवन जैसे अभिनेताओं को अपनी फिल्म में काम करने की अपील की थी।

उन्होंने चेताया था कि उन्हें कोई धमकी देकर या फिर कोर्ट में केस कर के किसी फिल्म की समीक्षा करने से नहीं रोक सकता है, बल्कि उनसे निवेदन करने और उन्हें नंबर-1 क्रिटिक के रूप में स्वीकार करने से ही वो किसी फिल्म का रिव्यू नहीं करेंगे। उधर KRK पर आरोप लगा है कि वो किसी की नेगेटिव पब्लिसिटी न करने के लिए 25 लाख रुपए लेते हैं। एक वायरल ऑडियो के आधार पर ये दावा किया गया है।

कहा गया है कि इस ऑडियो में केआरके किसी फिल्म निर्माता से बात कर रहे हैं। रोहित चौधरी नाम के फिल्म प्रॉड्यूसर ने इस ऑडियो को जारी करते हुए कहा कि वो लोगों को KRK का असली चेहरा दिखाना चाहते हैं। उन्होंने कमाल राशिद खान को एक बहुत बड़ा ब्लैकमेलर बताते हुए कहा कि वो इंडस्ट्री के लोगों को ब्लैकमेल कर के रुपए वसूलते हैं। उन्होंने दावा किया कि किसी फिल्म की नेगेटिव पब्लिसिटी न करने के लिए वो 25 लाख रुपए लेते हैं।

इस ऑडियो में KRK कथित रूप से कहते सुने जा सकते हैं, “25 लाख ही मेरा रेट है। यही हमारा काम है। हमारे पास भी स्टाफ है। उन्हें हमें पगार देनी होती है।” हम इस ऑडियो रिकॉर्डिंग की पुष्टि नहीं करते। लोगों ने ट्विटर पर ‘केआरके ब्लैकमेलर’ भी ट्रेंड कराया। रोहित चौधरी ने उन्हें ‘सिनेमा जगत का सबसे बड़ा ब्लैकमेलर’ करार दिया। हाल ही में सलमान खान से विवाद में केआरके का नाम उछला था।

पावर कट पर पंजाब सरकार को घेरने वाले सिद्धू ने खुद नहीं भरा 9 महीने से बिजली का बिल, 8 लाख से ज्यादा बकाया

पंजाब में बिजली की स्थिति पर शुक्रवार (जुलाई 2, 2021) को चिंता जा​हिर करने वाले कॉन्ग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू पर प्रदेश की बिजली कंपनी का आठ लाख रुपए से अधिक का बकाया है। पंजाब राज्य विद्युत् निगम लिमिटेड (PSPCL) की वेबसाइट के अनुसार, अमृतसर स्थित सिद्धू के घर का बिजली बिल 9 महीने से नहीं भरा गया है और कुल बिल 8,67,540 हो गया है जो अब तक जमा नहीं किया गया है।

पंजाब में बिजली की किल्लत के बीच सत्तारूढ़ कॉन्ग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार के दौरान किए गए बिजली खरीद समझौते (PPA) को रद्द करने के लिए नया कानून लाने का शुक्रवार को आग्रह किया। परोक्ष रूप से मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर निशाना साधते हुए सिद्धू ने कहा कि अगर राज्य ‘सही दिशा में’ काम करता है, तो पंजाब में बिजली कटौती या कार्यालय के समय को विनियमित करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी।

बिजली के मुद्दे पर सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए पूर्व मंत्री सिद्धू ने कहा कि पीपीए राज्य की जनता के हित में नहीं हैं और उन्हें रद्द करने का आह्वान किया। सिद्धू ने कहा, ‘‘बिजली की लागत, कटौती, बिजली खरीद समझौतों की सच्चाई और पंजाब के लोगों को मुफ्त और 24 घंटे बिजली दें। पंजाब में बिजली कटौती की कोई आवश्यकता नहीं है या मुख्यमंत्री को कार्यालय के समय या आम लोगों के ‘एसी’ के उपयोग को विनियमित करने की आवश्यकता नहीं है। अगर हम सही दिशा में कार्य करते हैं।’’

पंजाब कॉन्ग्रेस में जारी गतिरोध के बीच सिद्धू ने इस सप्ताह कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी से मुलाकात की। राज्य सरकार ने राज्य सरकार के कार्यालयों के समय में शुक्रवार से कटौती करने और ज्यादा ऊर्जा खपत करने वाले उद्योगों को बिजली आपूर्ति में कटौती करने का आदेश दिया था। मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी कार्यालयों से बिजली का उचित इस्तेमाल करने की भी अपील करते हुए कहा कि स्थिति काफी गंभीर है क्योंकि राज्य में बिजली की माँग 14,500 मेगावाट पर पहुँच गई हैं।

पूर्ववर्ती सरकार द्वारा मंजूर पीपीए के संबंध में सिद्धू ने कहा, ‘‘पंजाब, ‘नेशनल ग्रिड’ से बहुत सस्ती दरों पर बिजली खरीद सकता है, लेकिन शिरोमणि अकाली दल और भाजपा की सरकार के दौरान हस्ताक्षरित पीपीए पंजाब के हित के खिलाफ काम कर रहे हैं। माननीय न्यायालयों से कानूनी संरक्षण प्राप्त होने के कारण पंजाब इन पीपीए पर फिर से बातचीत करने में सक्षम नहीं है, लेकिन आगे एक रास्ता है।’’

उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा किसी भी समय ‘नेशनल पावर एक्सचेंज’ पर उपलब्ध कीमतों पर बिजली खरीद लागत को सीमित करने के लिए पूर्व प्रभाव से नया कानून ला सकती है। सिद्धू ने कहा, ‘‘इस प्रकार, कानून में संशोधन करके ये समझौते खत्म हो जाएँगे और पंजाब के लोगों के पैसे भी बचेंगे।’’

इन बैकों में है खाता

2017 पंजाब चुनाव के भरे गए हलफनामे के मुताबिक नवजोत सिंह सिद्धू का अकाउंट देश के 7 बड़े बैंकों में है। इसमें एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी बैंक,ओबीसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और सिटी बैंक और स्टेट बैंक ऑफ पटियाला शामिल है। बैकों में जमा रकम की बात की जाए तो नवजोत सिंह सिद्बू के इन खातों में करीब 1,84,54,497 रुपए की रकम जमा है।

शेयर और बॉन्ड्स में है निवेश

निवेश की बात करें तो नवजोत सिंह सिद्धू ने करीब 13.77 लाख रुपए का निवेश शेयर, डिवेंचर और बॉन्ड्स के माध्यम से किया हुआ है। बॉन्ड्स में करीब 2 लाख रुपए का निवेश दिखाया गया है। जबकि रेलीगेयर फंड में 2.35 लाख रुपए की रकम दिखाई गई है। एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक नवजोत सिंह सिद्दू ने शेयर के जरिए करीब 8.42 लाख रुपए का निवेश किया हुआ है। वही नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट और पोस्टल सेविंग स्कीम्स में 3.75 लाख रुपए जमा किए हुए हैं।

करोड़ों की है गाड़ियाँ

नवजोत सिंह सिद्धू के 2017 पंजाब चुनाव के दौरान भरे गए हलफनामे के मुताबिक इनके पास करीब 1.56 करोड़ रुपए की गाड़ियाँ हैं। इनमें टोटोटा लैंज क्रूजर, मिनी कूपर, फार्चुनर जैसी गाडियाँ शामिल है। गोल्ड की बात करें तो गोल्ड रिंग, ज्वैलरी और घड़ियों के जरिए सिद्दू ने करीब 95 लाख रुपए का निवेश किया हुआ है।

स्टर्लिंग बायोटेक धोखाधड़ी मामला: ED ने कुर्क की डीनो मोरिया, संजय खान, कॉन्ग्रेस नेता अहमद पटेल के दामाद की संपत्ति

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार (जुलाई 2, 2021) को गुजरात स्थित दवा कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक समूह से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अभिनेता डिनो मोरिया, संजय खान, डीजे अकील और दिवंगत कॉन्ग्रेस नेता अहमद पटेल के दामाद की संपत्ति कुर्क की है।

प्रवर्तन निदेशालय के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट ने इसकी जानकारी दी। इसने कहा कि संदेसरा समूह मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत 8.79 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की गई है। मामले में अब तक कुल 14,521.80 करोड़ रुपए की कुर्की की जा चुकी है।

केंद्रीय जाँच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि इसमें से खान की कुर्क की जाने वाली संपत्ति तीन करोड़ रुपए मूल्य की है, डीनो मोरिया की संपत्ति 1.4 करोड़ रुपए की है और डीजे अकील के नाम से लोकप्रिय अकील अब्दुलखलील बचूअली की संपत्ति 1.98 करोड़ रुपए की है, जबकि पटेल के दामाद इरफान अहमद सिद्दिकी की संपत्ति 2.41 करोड़ रुपए की है।

ईडी ने कहा कि स्टर्लिंग बायोटेक समूह के भगोड़े प्रवर्तक नितिन संदेसरा और चेतन संदेसरा ने अपराध से अर्जित धन को चारों लोगों को दिया। एजेंसी ने कहा कि प्रवर्तक बंधु नितिन संदेसरा, चेतन संदेसरा, चेतन की पत्नी दीप्ति संदेसरा और हितेश पटेल को एक विशेष अदालत ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया है। ईडी ने यह भी कहा कि इन चारों ने स्टर्लिंग बायोटेक ग्रुप के भगोड़े नितिन संदेशरा और चेतन संदेशरा के पैसे को डाइवर्ट किया हैl

इससे पहले, ईडी ने एसबीएल के प्रमोटरों की कुल 9000 करोड़ से अधिक की संपत्तियों को कुर्क किया था। इससे पहले, ईडी ने दिसंबर 2018 में स्टर्लिंग बायोटेक से संबंधित 4700 करोड़ रुपए की संपत्ति को कुर्क किया था, जिसके बाद कुल कुर्क की गई संपत्ति लगभग 13000 करोड़ रुपए हो गई। 

ईडी ने दिवंगत कॉन्ग्रेस नेता अहमद पटेल से भी मामले के संबंध में पूछताछ की थी, क्योंकि ईडी ने स्टर्लिंग समूह के अहमद पटेल के साथ संबंध पाए थे। मामले के संबंध में ईडी द्वारा पूछताछ किए गए कई लोगों ने घोटाले में अहमद पटेल, उनके बेटे फैसल पटेल और उनके दामाद इरफान सिद्दीकी की संलिप्तता का खुलासा किया था।

1.5 करोड़ रुपए के फॉरेक्स उल्लंघन पर ED ने यामी गौतम को तलब किया

एक अन्य मामले में, अभिनेत्री यामी गौतम को प्रवर्तन निदेशालय ने 1.5 करोड़ रुपए से अधिक के विदेशी मुद्रा उल्लंघन के आरोप में तलब किया था। एजेंसी को कथित तौर पर उसके बैंक खाते में ₹ 1.5 करोड़ के विदेशी मुद्रा लेनदेन का पता चला था। खबरों के मुताबिक, यामी गौतम को पहले भी तलब किया गया था, लेकिन वह एजेंसी के सामने पेश नहीं हो सकीं।

मुंगेर में ‘लव जिहाद’ के आरोप: दूसरी बार लड़के के साथ भागी लड़की, विधायक और पुलिस की पहल के बाद बरामद

अब बिहार के मुंगेर से ‘लव जिहाद’ का मामला सामने आया है। ये घटना कासिम बाजार थाना क्षेत्र के मिर्जापुर की है। गुरुवार (जून 1, 2021) को एक लड़का और एक लड़की घर से निकल कर फरार हो गए। लड़का और लड़की के अलग धर्म से होने के कारण मामला संवेदनशील हो गया। स्थानीय लोगों ने इसे ‘लव जिहाद’ का मामला करार दिया। दोनों पक्षों में तनाव को सुलझाने के लिए कई अधिकारियों-नेताओं को पहुँचना पड़ा।

शुक्रवार को विधायक प्रणव कुमार, SDPO नंदजी प्रसाद सहित कई थानों की पुलिस ने वहाँ पहुँच कर दोनों पक्षों को समझा-बुझा कर मामला शांत कराया। मुंगेर में ‘लव जिहाद’ के आरोपों के बीच लड़की को बरामद कर के पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में ले लिया है। ‘न्यूज़ 18’ की खबर के अनुसार, उक्त लड़की उसी मोहल्ले के एक लड़के के साथ भागी थी। जिस लड़के के साथ वो गई थी, वो मूल रूप से बेगूसराय के बालिया का निवासी हैं।

लड़के के पिता रेलवे में नौकरी करते थे। उनकी मृत्यु होने के बाद लड़के को अपने ननिहाल भेज दिया गया, जो मुंगेर के मिर्जापुर में है। वहाँ वो किराए के मकान में रहता था। बताया जा रहा है कि पिछले 4 वर्षों से दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इससे पहले भी एक बार दोनों घर छोड़ कर भाग गए थे। लड़की के परिजन इस बार से नाराज थे कि लड़का-लड़की का एक अश्लील वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

पुलिस को जब इसकी सूचना मिली तो उसने लड़के के परिवार वालों पर दबाव बनाया, जिसके बाद लड़की को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। थाना ले जाकर लड़की से पूछताछ की गई और उसका बयान दर्ज किया गया। SDPO का कहना है कि लड़का-लड़की बालिग़ हैं। लड़की की काउंसिलिंग की जा रही है, जिसके बाद ही आगे कुछ पता चल पाएगा। स्थिति पूर्ति तरह नियंत्रण में ले लिया गया है।