Home Blog Page 3640

₹25,000 करोड़ के घोटाले में डिप्टी सीएम अजीत पवार पर कसा शिकंजा: ED ने 65 करोड़ की चीनी मिल को किया सीज

महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के केस में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने राज्य के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार की 65 करोड़ रुपए कीमत की शुगर मिल को अटैच कर लिया है। यह कंपनी पवार की पत्नी सुनेत्रा अजीत पवार की है। अजीत पवार एनसीपी चीफ शरद पवार के भतीजे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, अजीत पवार की यह कंपनी महाराष्ट्र के सातारा में है, जिसका नाम जरांदेश्वर सहकारी चीनी कारखाना (जरंदेश्वर एसएसके) है।

ईडी ने अपनी जाँच में खुलासा किया है कि जरांदेश्वर एसएसके को गुरू कमोडिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड ने वर्ष 2010 में 65.75 करोड़ रुपए में खरीदा था और तुरंत ही उसे जरांदेश्वर शुगर मिल को बेच दिया। खास बात यह है कि इस कंपनी की ज्यादातर हिस्सेदारी अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार की कंपनी स्पार्कलिंग सॉयल प्राइवेट लिमिटेड के पास है। जाँच एजेंसी के मुताबिक, गुरू कमोडिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड केवल एक डमी कंपनी है, जिसे जरांदेश्वर एसएसके को खरीदने के लिए बनाया गया था।

सितंबर 2019 में राज्य के विधानसभा चुनावों से पहले ही प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक स्कैम (MSCB) में 25,000 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में अजीत पवार के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज किया था। मामले की छानबीन करते हुए ईडी को पता चला कि एमएससीबी ने 2010 में जरांदेश्वर एसएसके को एक नीलामी में उचित मूल्य से कम कीमत पर बेचा था।

चीनी मिल की नीलामी में सरफेसी अधिनियम का उल्लंघन हुआ

प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी जाँच में ईडी ने महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक पर सहकारी शुगर कारखाने की नीलामी में सरफेसी अधिनियम के सभी नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। जाँच एजेंसी के मुताबिक, नियमों को ताक पर रखकर एमएससीबी ने निदेशकों और निजी लोगों को मिल को औने-पौने दामों पर बेचा दिया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, जिस वक्त ये घोटाला हुआ था, उस दौरान एनसीपी नेता अजीत पवार उस समय बैंक के बोर्ड में थे। ईडी ने कहा है कि जरंदेश्वर एसएसके को जरंदेश्वर चीनी मिल द्वारा पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक और दूसरे बैंकों से 2010 से अब तक 700 करोड़ रुपए का लोन लिया गया था, जो कि अब भी बरकरार है।

सऊदी से लौटे अफसार खान ने MP के मुस्लिम बहुल गाँव को फेसबुक पर बताया ‘मिनी पाकिस्तान’: गिरफ्तार

मध्य प्रदेश में रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र में सऊदी अरब से लौटा एक व्यक्ति फेसबुक पर अपने गाँव को ‘मिनी पाकिस्तान’ बताने के कारण पुलिस की गिरफ्त में है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने उसके विरुद्ध आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। युवक की पहचान अफसार खान (कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक अबरार खान) के तौर पर हुई है।

पूरा मामला प्रदेश की राजधानी भोपाल से करीब 500 किलोमीटर दूर रीवा जिले के अमरेती गाँव का है। पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह का कहना है कि 32 वर्षीय आरोपित ने अपने गाँव की तस्वीर अपने फेसबुक अकाउंट पर डाली और लिखा, “अमेरती – एक मिनी पाकिस्तान।”

बाद में इस मामले पर सामाजिक संगठनों ने शिकायत थाने में दर्ज कराई और फिर आईटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार रीवा जिले के अमरेती ग्राम पंचायत में मुस्लिमों की आबादी ज्यादा है और वहाँ ग्राम पंचायत की आबादी 7 हजार है, जिसमें करीब 70 फीसदी मुसलमान हैं। ऐसे में अफसार खान पर आरोप लगा कि उसने अपने फेसबुक अकाउंट पर देश के खिलाफ गलत शब्द लिखे और उसे सोशल मीडिया में वायरल भी किया।

पुलिस ने बताया है कि आरोपित सऊदी में रहता हैं और कुछ दिनों पहले अपने गाँव लौटा। यहाँ उसने अपने ही गाँव को छोटा पाकिस्तान बताया। जिसके बाद उसका पासपोर्ट और वीजा जब्त कर लिया गया है। मामले में पहले आरोपित के फरार होने के बात कही जा रही थी, लेकिन अब पता चला है कि पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

पूछताछ में उसने बताया है कि उसने कैजुअली ऐसा पोस्ट डाला था। उसके मुताबिक चूँकि उसके गाँव में मुस्लिम आबादी ज्यादा है तो उसके आसपास के गाँव जगह को मिनी पाकिस्तान कहते हैं। मामले में अफसार खान पर आईपीसी की धारा 153 और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है। 

पुलिस अधीक्षक ने इस संबंध में बताया, “हम उनकी भी जानकारी जुटा रहे हैं जिन्होंने इस पोस्ट को लाइक किया है। हम गाँव वालों को इस संबंध में चेतावनी भी जारी करेंगे कि वो इस तरह की एक्टिविटी में शामिल ना रहें।” अब तक की पूछताछ में पता चला है कि अबरार खान ओमान में काम करता है और लॉकडाउन की वजह से गाँव में आया था।

मुनव्वर राणा के बेटे तबरेज पर हमला निकला फर्जी: देर रात तलाशी के लिए घर में घुसी यूपी पुलिस, बेटी ने बताया- बदले की कार्रवाई

उत्तर प्रदेश पुलिस लखनऊ में हुसैनगंज के लालकुआँ स्थित एफआई टावर ढींगरा अपार्टमेंट में गुरुवार (1 जुलाई 2021) देर रात 2 बजे शायर मुनव्वर राणा के घर तलाशी ली। पुलिस शायर के बेटे तबरेज राणा को ढूँढने के लिए गई थी। हालाँकि, वो वहाँ नहीं मिला। पुलिस के औचक सर्च ऑपरेशन को लेकर शायर मुनव्वर राणा की बेटी फौजिया राणा ने प्रशासन पर बदले की कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए पुलिस पर परिवार को डराने और धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन उनके अब्बू और उऩसे बदला ले रहा है।

हालाँकि, रायबरेली सदर कोतवाल ने बताया कि 28 जून 2021 को शायर मुनव्वर राणा के बेटे तबरेज राणा पर हुआ जानलेवा हमला फर्जी था, जिसे उसने अपने विरोधियों को फँसाने के लिए करवाया था। अब इस मामले में यूपी पुलिस ने उसे ही मुलजिम बना दिया है। इसी को लेकर तलाशी की गई थी।

गौरतलब है कि रायबरेली जिले में मुनव्वर राणा के बेटे तबरेज राणा पर बाइक सवार नकाबपोशों ने हमला कर दिया था ऐसा दावा किया। उन्होंने बताया था कि उनकी कार पर कई राउंड गोलियाँ चलाई गई। हमले में वे बाल-बाल बच गए, लेकिन उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई थी। तबरेज राणा ने इस मामले में अपने ही परिवार के पाँच लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर दी थी। देर रात पुलिस ने उसके चाचा समेत पाँचों आरोपितों इस्माइल राणा, राफे राणा, जमील राणा, शकील राणा (सभी चाचा) और यासर राणा (चचेरे भाई) के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। सपा नेता राफे राणा आजम खान के करीबी माने जाते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में एक वीडियो के जरिए फौजिया ने यूपी सरकार पर परेशान करने का आरोप लगाते हुए सभी से मदद करने की अपील की। शायर की बेटी ने बिना सर्च वारंट के घर में घुसने और उनकी 16 वर्षीय बेटी का फोन जब्त करने का आरोप लगाया। साथ ही दावा किया कि उनकी बेटी के फोन में कई पर्सनल चीजें थीं। पुलिस ऐसे कैसे मोबाइल फोन जब्त कर सकती है।

फौजिया राणा ने अपने ट्विटर हैंडल पर यूपी पुलिस की तलाशी का वीडियो शेयर किया है। इसमें वह पुलिस वालों पर रौब झाड़ते हुए कहती हैं, “अंदर कैसे आए आप, किससे परमीशन ली। अंदर महिलाएँ हैं, कम से कम घंटी बजाकर आना था। ये कोई तरीका है अंदर आने का। कोई भी कैसे भी लेटा हो सकता है। किसी के घर में कुछ भी हो रहा होता है और आप अंदर चले आए। हू द हेल यू आर।”

मुनव्वर राणा को घर के बाहर बैठा दिया

फौजिया राणा ने उत्तर प्रदेश पुलिस पर जबरदस्ती उनके पिता (मुनव्वर राणा) को घर के बैठाने का आरोप लगाया है। इस मामले में शायर ने अपनी प्रतिक्रिया में पुलिस पर ही गुंडागर्दी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “मैंने पुलिसवालों को रोका तो उन्होंने कहा कि आप हटिए, इससे आप का कोई लेना-देना नहीं है।”

शायर राणा ने कहा कि मैं उसका बाप हूँ, मेरी यही गलती है कि मैंने उसे पैदा किया है, ऐसे कैसे रास्ता छोड़ दूँ। शायर के मुताबिक, उन्होंने भी पुलिसवालों से सर्च वारंट के बारे में पूछा था, लेकिन कुछ बताने के बजाय वो जबरन घर में घुस आए। मीडिया और वकीलों को भी अंदर नहीं आने दिया।

मुनव्वर राणा ने पुलिस की इस कार्रवाई को बिकरू कांड करार दिया और कहा कि इन पुलिसवालों में से कोई भी उनकी हत्या कर सकता था। अगर हत्या नहीं करते तो भी वो खुद ही मर जाते, जिसकी जिम्मेदार पुलिस होती। बता दें कि शायर की बेटी फौजिया राणा बिहार कॉन्ग्रेस की नेता हैं।

इमरान खान ने उइगर मुस्लिमों के ‘नरसंहार’ को किया दरकिनार: स्वीकारा ‘चीन का झूठ’, मीडिया रिपोर्टिंग को ही बता डाला पाखंड

चीन के शिनजियांग में उइगर मुस्लिमों के साथ होते अत्याचार की बात जब से सामने आई है तभी से ये सवाल उठता रहा है कि आखिर पाकिस्तान इस पर कुछ प्रतिक्रिया क्यों नहीं देता। अब लंबे समय के बाद इस मामले पर पाकिस्तान की ओर से जवाब आया है जिसमें प्रधानमंत्री इमरान खान ने उइगर मुस्लिमों पर किए जा रहे चीन के तमाम अत्याचारों को दरकिनार करते हुए ‘चीन के झूठ को स्वीकार’ लिया है।

इमरान खान ने कहा है कि उनकी सरकार उइगर मुस्लिम के साथ व्यवहार संबंधी आरोपों पर चीन के बयानों का समर्थन करती है। इस्लामाबाद के चीन के साथ करीबी संबंधों का हवाला देते हुए खान ने यह बात कही। इमरान का कहना है कि पश्चिमी मीडिया इस मसले को बिल्कुल अलग तरह से उछाल रहा है। यह पाखंड है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मानवाधिकारों का जघन्य उल्लंघन हो रहा है लेकिन पश्चिमी मीडिया इन पर टिप्पणी नहीं करता है। इसके साथ ही इमरान ने उइगर मुस्लिमों और हॉन्गकॉन्ग मसले पर रिपोर्टिंग के लिए पश्चिमी मीडिया की निंदा की।

साथ ही चीन के कसीदे पढ़ने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। इमरान ने कहा कि पाकिस्तान जब कभी राजनीतिक या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुसीबत में आया तो चीन ने उसका साथ दिया है। पाकिस्तान और चीन के बीच संबंध का भारत से कोई लेना-देना नहीं है। दोनों मुल्‍कों के बीच रिश्‍ते द्विपक्षीय और बेहद मजबूत हैं।

उल्लेखनीय है कि चीन में सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के 100 साल पूरे होने के मौके पर चीन के पत्रकारों से बात करते हुए खान ने अपनी राय रखी। वहीं पाकिस्तान और चीन के बीच आर्थिक संबंधों पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वह संबंधों को आगे बढ़ता हुआ देखते हैं। उन्होंने कहा “चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) का अगला चरण पाकिस्तान के लिए बहुत रोमांचक है। हम विशेष आर्थिक क्षेत्रों के लिए चीनी निवेश को आकर्षित करने की योजना बना रहे हैं क्योंकि हमारे यहाँ मजदूरी सस्ती है।”

बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की चीन के साथ सहमति उस मामले पर सामने आई है जिस पर कई देश चीन पर सवाल खड़ा कर चुके हैं। अनुमान है कि चीन ने डिटेंशन सेंटर में करीब 10 लाख उइगर मुस्लिमों को बंद किया हुआ है। जहाँ उन्हें तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाता है। साथ ही उनके मजहब का अनुसरण करने से भी उनको रोका जाता है और महिलाओं का रेप, गर्भपात वहाँ आम बात है।

सनातन और जनजातीय संस्कृति का अनूठा संगम: शक्तिपीठों में से एक दंतेश्वरी माता मंदिर, जिसके नाम से प्रसिद्ध हुआ एक जिला

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में स्थित है, दंतेश्वरी माता मंदिर। कहा जाता है कि यहाँ माता सती का दाँत गिरा था। यही कारण है कि इस जिले का नाम भी दंतेवाड़ा हो गया। बस्तर क्षेत्र की सबसे पूज्य और सम्मानित देवी हैं दंतेश्वरी माता। यह मंदिर छत्तीसगढ़ के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है जो हिंदुओं और विशेष तौर पर छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

दंतेश्वरी माता मंदिर का इतिहास :

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जब भगवान विष्णु ने भगवान शिव के प्रचंड क्रोध को शांत करने के लिए माता सती की मृत देह को कई भागों में विभाजित कर दिया था। इसी कारण जहाँ भी माता सती की देह के हिस्से गिरे वहाँ स्थापित हुए शक्ति पीठ। दंतेवाड़ा का दंतेश्वरी माता मंदिर भी उन्हीं शक्ति पीठों में से एक माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार यहाँ माता सती के दाँत गिरे थे।

देवी दंतेश्वरी बस्तर क्षेत्र के चालुक्य राजाओं की कुल देवी थीं। इसी कारण उन्होंने इस मंदिर की स्थापना की थी। यह प्राचीन मंदिर डाकिनी और शाकिनी नदी के संगम पर स्थित है। मंदिर का कई बार निर्माण हो चुका है लेकिन मंदिर का गर्भगृह लगभग 800 वर्षों से भी पुराना है।

मंदिर की संरचना और माता दंतेश्वरी की प्रतिमा :

पूरे बस्तर क्षेत्र में सर्वाधिक महत्व रखने वाला यह मंदिर 4 भागों में विभाजित है। चालुक्य राजाओं ने मंदिर का निर्माण द्रविड़ शैली में कराया था। इस मंदिर के अवयवों में गर्भगृह, महा मंडप, मुख्य मंडप और सभा मंडप शामिल हैं। गर्भगृह और महामंडप का निर्माण पत्थरों से किया गया है।  

मंदिर में माता दंतेश्वरी की ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित काले रंग की प्रतिमा स्थापित है। प्रतिमा 6 भुजाओं वाली है। इनमें से दाईं ओर की भुजाओं में देवी ने शंख, खड्ग और त्रिशूल धारण कर रखे हैं जबकि बाईं ओर देवी के हाथों में घंटी, पद्म और राक्षसों के बाल हैं। प्रतिमा नक्काशीयुक्त है जिसके ऊपरी भाग में भगवान नरसिंह अंकित हैं। इसके अलावा देवी की प्रतिमा के ऊपर चाँदी का एक छत्र है।

होली से पहले यहाँ नौ दिवसीय फाल्गुन मड़ई नामक त्यौहार का आयोजन होता है। यह त्यौहार पूर्ण रूप से आदिवासी संस्कृति और जनजातीय विरासत से सुसज्जित त्यौहार है। इस त्यौहार के दौरान हर दिन माता दंतेश्वरी की डोली लगभग 250 देवी-देवताओं के साथ नगर भ्रमण पर निकलती हैं। आदिवासी समुदाय नृत्य आदि के द्वारा इस त्यौहार को धूमधाम से मनाते हैं। हर साल नवरात्रि के दौरान पंचमी तिथि को यहाँ गुप्त पूजा का आयोजन किया जाता है। इस अनुष्ठान में मात्र मंदिर के पुजारी और उनके सहयोगी ही उपस्थित रहते हैं। आम लोगों को इस दौरान मंदिर में प्रवेश की मनाही होती है।

कैसे पहुँचे?

रायपुर और विशाखापट्टनम, सबसे नजदीक स्थित प्रमुख हवाईअड्डे हैं जो सड़क मार्ग से दंतेवाड़ा से क्रमशः लगभग 350 किमी और 400 किमी की दूरी पर स्थित हैं। इसके अलावा जगदलपुर (लगभग 85 किमी) निकटतम मिनी हवाईअड्डा है जहाँ से रायपुर और विशाखापट्टनम के लिए उड़ान उपलब्ध हो जाती है। दंतेवाड़ा में रेलवे स्टेशन स्थित है जहाँ से विशाखापट्टनम और अन्य शहरों के लिए ट्रेनें उपलब्ध हैं। इसके अलावा सड़क मार्ग से दंतेवाड़ा पहुँचा जा सकता है। रायपुर, जगदलपुर और बिलासपुर जैसे शहरों से दंतेवाड़ा के लिए नियमित तौर पर बस सेवाएँ उपलब्ध हैं।

डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर ने भरी उड़ान, अलीगढ़ में 19 कंपनियों को जमीन आवंटित: ₹1245 करोड़ का आएगा निवेश

उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत तय किए गए 6 नोड्स में से सबसे पहले अलीगढ़ जिले ने जमीन आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। अलीगढ़ में डिफेंस कॉरिडोर प्रोजेक्ट की नोडल एजेंसी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) ने रक्षा क्षेत्र से जुड़ी 19 कंपनियों को लगभग 55.4 हेक्टेयर से अधिक जमीन आवंटित कर दी है। ये कंपनियाँ 1245 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शीघ्र ही इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का शिलान्यास करेंगे।

यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने पुष्टि की है कि अलीगढ़ में 10.21 करोड़ रुपए की लागत से इस प्रोजेक्ट के लिए चारदीवारी, बिजलीघर और 4 लेन की सड़क बनाने का काम शुरू हो चुका है।

देश का पहला जिला बना

डेली पायनियर की रिपोर्ट के मुताबिक, अलीगढ़ के एलेन एंड एल्वोन प्राइवेट लिमिटेड (ड्रोन निर्माता कंपनी) को जमीन लीज पर देने का पहला समझौता किया गया है। खैर तहसील में यूपीडा के अधिकारियों ने कंपनी को 30 साल के लिए लीज पर जमीन का पट्टा सौंपा।

इसके अलावा रक्षा और एयरोस्पेस इंडस्ट्री की कंपनी एंकर रिसर्च लैब (एलएलपी) को अलीगढ़ में 10 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। कंपनी जिले में 550 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। अगस्त 2018 में अलीगढ़ में यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजनाओं की घोषणा की गई थी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के खैर ब्लॉक के आँडला गाँव में जमीन सुरक्षित की गई थी।

महत्वाकांक्षी परियोजना

रक्षा क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहन देने और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की मँजूरी के बाद, भाजपा सरकार ने 2018-2019 के राष्ट्रीय बजट के दौरान दो डिफेंस इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन कॉरिडोर्स की स्थापना की घोषणा की थी। स्वदेशी रक्षा निर्माण पीएम मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में से एक है। एक डिफेंस प्रोडक्शन कॉरिडोर तमिलनाडु में और दूसरा उत्तर प्रदेश में स्थापित करने की योजना है। तमिलनाडु डिफेंस क्वाड नाम का यह कॉरिडोर चेन्नई, होसुर, कोयंबटूर, सेलम और तिरुचिरापल्ली में स्थापित होगा।

दूसरे डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की घोषणा करते हुए पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर समिट 2018 में कहा था कि राज्य के बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रस्तावित यह कॉरिडोर राज्य में लगभग 20,000 करोड़ रुपए का निवेश और 2.5 लाख लोगों के लिए रोजगार लेकर आएगा।

इस परियोजना में रक्षा कंपनियों के लिए राज्य में छह नोड्स में उत्पादन संयंत्र स्थापित करने के लिए लैंड बैंक बनाने का निर्णय लिया गया है। ये 6 नोड्स हैं, लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट। इन सभी नोड्स को एक्सप्रेसवे के माध्यम से जोड़ा जाएगा जो बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

photo source : upeida.up.gov.in
photo source : upeida.up.gov.in

घोषणा के बाद से ही यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार इस प्रोजेक्ट को शीघ्रता से प्रारंभ करने के लिए पूरा प्रयास कर रही है। ज्ञात हो कि भाजपा सरकार के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के द्वारा अब तक लगभग 50,000 करोड़ रुपए के निवेश की संभावना बन चुकी है।

‘लंदन में मेरे नाम से अकाउंट, पर पैसा मेरा नहीं’: नीरव मोदी की बहन ने भारत सरकार को ट्रांसफर किए ₹17.25 करोड़

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार (01 जुलाई 2021) को बताया कि पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के आरोपित नीरव मोदी की बहन ने यूके के एक बैंक खाते से भारत सरकार के खाते में लगभग 17.25 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए हैं। नीरव मोदी की बहन पूर्वी मोदी को पीएनबी फ्रॉड केस में सहायता करने के एवज में आपराधिक कार्रवाई से छूट दी गई थी।

बीते 24 जून को पूर्वी ने ईडी को सूचित किया कि उन्हें लंदन में एक ऐसे खाते की जानकारी प्राप्त हुई है जो उनके नाम से खोला गया था। लेकिन इस खाते में जमा रकम उनका नहीं है। पूर्वी ने बताया कि खाता उनके भाई नीरव मोदी के कहने पर खोला गया था।

ईडी ने बताया कि पूर्वी को इस शर्त पर आपराधिक कार्रवाई से छूट प्रदान की गई थी कि वह पीएनबी घोटाले से संबंधित पूरी और सही जानकारी उपलब्ध कराएँगी। इसी क्रम में उन्होंने यूके के अपने बैंक खाते से 23,16,889 अमेरिकी डॉलर (लगभग 17.25 करोड़ रुपए) भारत सरकार के खाते में ट्रांसफर कर दिए।

ज्ञात हो कि पीएनबी घोटाला मामले में भगोड़े नीरव मोदी की बहन पूर्वी मोदी और उनके पति मयंक मेहता सरकारी गवाह बन गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूर्वी और उनके पति मयंक ने मुंबई के विशेष पीएमएलए कोर्ट के समक्ष एक अर्जी दायर करते हुए अदालत से सीआरपीसी की धारा 306 और 307 के तहत माफी माँगी थी। पूर्व में ईडी बता चुकी है कि पूर्वी और मयंक ने बैंक धोखाधड़ी के मामले में नीरव मोदी की 579 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त करने में मदद की थी। इसमें न्यूयॉर्क में दो फ्लैट, लंदन और मुंबई में 1-1 फ्लैट, दो स्विस बैंक खाते और मुंबई में एक खाता शामिल थे। इसके बाद दोनों ने सरकारी गवाह बनने की अनुमति माँगी थी।

आपको बता दें कि ईडी की लगातार कार्रवाई का नतीजा यह हुआ है कि सरकारी बैंकों को हजारों करोड़ का चूना लगाकर देश छोड़ भागे विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की 18,170.02 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। इनके द्वारा की गई लूट का यह करीब 80 फीसदी हिस्सा है। जब्त की गई संपत्तियों में से 9,371.17 करोड़ रुपए के एसेट्स बैंकों और केंद्र सरकार को ईडी ने ट्रांसफर भी कर दिए हैं। माल्या, मोदी और चोकसी ने अपनी कंपनियों के जरिए पैसों की हेराफेरी कर बैंकों को लगभग कुल 22,585.83 करोड़ रुपए का नुकसान पहुँचाया था।

UP कॉन्ग्रेस अध्यक्ष लल्लू, प्रियंका गाँधी के निजी सचिव समेत कई पर FIR: पार्टी के पूर्व प्रवक्ता ने कहा- पीटा, सांप्रदायिक गालियाँ दी

कॉन्ग्रेस के निष्कासित नेता कोणार्क दीक्षित की शिकायत पर लखनऊ पुलिस ने पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, प्रियंका गाँधी वाड्रा के निजी सचिव संदीप सिंह, अनीस अख्तर, मोहम्मद शोएब, मोहम्मद तारिक समेत 100-150 अन्य के खिलाफ 30 जून 2021 को एफआईआर दर्ज की। इसकी एक प्रति दीक्षित ने ट्विटर पर शेयर भी की है। अपने ट्वीट में उन्होंने ‘जय कॉन्ग्रेस’ लिखा है।

प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष और उनके सहयोगियों के खिलाफ हुसैनगंज थाने में दंगा भड़काने, जान-बूझकर अपमान करने, आपराधिक धमकी देने और दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोप में आईपीसी की धारा 147, 323, 504, 506 और 153ए के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

शिकायत में पार्टी के पूर्व प्रवक्ता दीक्षित ने कहा है कि 29 जून को वे लखनऊ के हजरतगंज स्थित कॉन्ग्रेस मुख्यालय नेहरू भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान दोपहर के करीब 3-4 बजे आरोपितों ने उन पर पथराव किया।  एफआईआर में कोणार्क दीक्षित ने बताया है कि जब वे कॉन्ग्रेस मुख्यालय के बाहर पत्रकारों से बात कर रहे थे, तो अनीश अख्तर, मोहम्मद शोएब, मोहम्मद तारिक के नेतृत्व में लगभग 100-150 लोग लाठी, लोहे की छड़ और पत्थरों के साथ उनके पास पहुँचे और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। 

एफआईआर की कॉपी
एफआईआर की कॉपी

भीड़ ने कथित तौर पर दीक्षित और उनके लोगों से कहा कि वे राज्य कॉन्ग्रेस प्रमुख अजय कुमार लल्लू, संदीप सिंह और यूपी के तत्कालीन AICC सचिव- जुबैर खान के अपमान का बदला लेने आए थे। दीक्षित ने अपनी शिकायत में आगे बताया कि भीड़ ने उन्हें गालियाँ दीं और सार्वजनिक रूप से उनकी पिटाई की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर जातिवादी और सांप्रदायिक गालियाँ देने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि आरोपित और उनके साथी उनके (दीक्षित) जीवन के लिए खतरा हैं। कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व प्रवक्ता कोणार्क दीक्षित ने लखनऊ पुलिस से कॉन्ग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया। उनकी शिकायत के आधार पर अब एक प्राथमिकी दर्ज की गई और लखनऊ पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी।

बता दें कि इस हमले के बाद, इंडिया टुडे से बात करते हुए, कोणार्क ने कहा था, “मुझ पर हमला किया गया, जिसके बाद मैंने शिकायत दर्ज करने के लिए 112 डायल किया। मेरे पास विरोध करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था क्योंकि ये दोनों कॉन्ग्रेस पार्टी को खत्म कर रहे हैं, जिसे हम किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर सकते।” राज्य के कॉन्ग्रेस मुख्यालय को दीक्षित ने ‘वामपंथी’ कार्यालय करार दिया।

मालूम हो कि कोणार्क दीक्षित को एक अन्य कॉन्ग्रेस नेता गौरव दीक्षित के साथ, कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में, पिछले साल अप्रैल में 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। इन दोनों ने उत्तर प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी (यूपीसीसी) के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के खिलाफ सवर्ण विरोधी नीतियों को आगे बढ़ाने का आरोप लगाते हुए एक अभियान शुरू किया था।

अगवा कर जबरन इस्लामी धर्मांतरण में भाई गया जेल, बहन बोली- सिख लड़की के साथ उसके रिश्ते नहीं थे कबूल

श्रीनगर के रैनावारी में सिख लड़की के अपहरण और इस्लामिक धर्मांतरण के मामले में जेल में बंद आरोपित शाहिद नजीर भट्ट के परिवार के सदस्यों ने बताया है कि वो कभी भी एक सिख लड़की के साथ शाहिद के संबंधों के हिमायती थे ही नहीं।

शाहिद के परिवार वालों ने बताया कि 21 जून को वह घर से किसी का फोन आने पर निकल गया, लेकिन वापस नहीं लौटा। दो दिन बाद पुलिस उसकी सूचना लेकर आई और बताया कि शाहिद किसी सिख लड़की के साथ भाग गया है और उस लड़की के परिवार ने शाहिद के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है।

शाहिद की बड़ी बहन रुकैया भट्ट ने बताया कि शाहिद का तलाक हो चुका है और उसकी 6 साल की एक बेटी है, जो शाहिद के परिवार वालों के साथ रहती है। शाहिद और उसकी बीवी के बीच निकाह के 2 साल बाद ही तलाक हो गया था। रुकैया ने बताया कि वह खुद और उसके परिवार वाले शाहिद की उस सिख लड़की के साथ दोस्ती से नाखुश थे। रुकैया ने यह भी बताया कि उसने लड़की के परिवार वालों से शाहिद के शादीशुदा जीवन और उसकी बेटी के बारे में बताया था।

रुकैया का कहना है कि उसका परिवार शाहिद और सिख लड़की के निकाह से अनजान थे। शाहिद के घर से चले जाने के बाद परिवार के सदस्यों का उससे कोई सम्पर्क नहीं था, बल्कि पुलिस से शाहिद के बारे में जानकारी मिली जब पुलिस ने शाहिद की गिरफ्तारी के बारे में बताया।

हालाँकि, जिस सिख लड़की के अपहरण और धर्मांतरण का आरोप शाहिद पर लगाया गया है, वह अपने घर लौट आई और एक सिख लड़के से शादी कर ली है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल की दिल्ली इकाई के परमजीत सिंह ने शाहिद के साथ सिख लड़की के निकाह की खबर का खंडन किया है। सिंह ने बताया कि वह लड़की के परिवार से मिले हैं और अब सब कुछ ठीक है।

इसके विपरीत, अकाली दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनजिंदर सिंह सिरसा ने सिख लड़कियों के धर्मांतरण और जबरन निकाह का आरोप लगाते हुए गृह मंत्री अमित शाह से माँग की थी कि जम्मू और कश्मीर में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की तरह धर्मांतरण कानून लागू किया जाए।

वामपंथी दुकान ‘द हिंदू’ में चीन का फुल पेज प्रशंसा पत्र: 100 साल की हुई चीनी कम्युनिस्ट पार्टी, न्यूज की शक्ल में विज्ञापन

वुहान से निकला वायरस पूरी दुनिया में कहर बरपा रहा है। इस बीच ‘कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना’ (CPC) 1 जुलाई को अपनी स्थापना के 100वें वर्ष का जश्न मना रही है। इसे सेलिब्रेट करने के लिए CPC ने काफी संसाधन खर्च किए हैं।

हालाँकि, चीन को वुहान लैब में कथित कोरोना वायरस के प्रयोगों और उसके बाद महामारी की उत्पत्ति एवं उसके प्रसार के बारे में गलत सूचना फैलाने तथा एलएसी एवं कई अन्य मुद्दों पर आक्रामकता के लिए वैश्विक निंदा का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, ‘द हिंदू’ ने कम्युनिस्ट चीन की प्रोपेगंडा मेटेरियल को बढ़ावा देकर अपने कॉमर्शियल और वैचारिक हितों को आगे बढ़ाने का विकल्प चुना।

1 जुलाई को ‘द हिंदू’ ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की शताब्दी की वर्षगाँठ पर चीन द्वारा भुगतान किए गए पूरे पृष्ठ का विज्ञापन प्रकाशित किया। यह पेड कंटेंट समाचार पत्र के तीसरे पेज पर है। दिलचस्प बात यह है कि चीन द्वारा जो पेड कंटेंट प्रकाशित किया गया है, वह नियमित रिपोर्ट की तरह ही दिखाई देता है, लेकिन बारीकी से देखने पर पता चलता है कि यह चीन द्वारा पेड कंटेंट है।

The Hindu newspaper carrying out China ads

विडंबना यह है कि विज्ञापन में भारत में चीनी राजदूत का एक संदेश है, जिसमें कहा गया कि कैसे चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने नए युग में खुद को विकसित किया है और वैश्विक उत्थान में योगदान दिया है। अगर विज्ञापन के दाहिने कोने को करीब से देखेंगे तो छोटे काले अक्षरों में ‘विज्ञापन’ लिखा हुआ देखा जा सकता है, जो कि आसानी से दिखाई नहीं देता है।

Paid content of Communist Party of China carried by The Hindu

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के शताब्दी समारोह पर ‘द हिंदू’ का उत्साह केवल एक विज्ञापन तक ही सीमित नहीं है। हिंदू और इसकी संपादकीय टीम सीपीसी की स्थापना के 100 साल पूरे करने को लेकर बेहद उत्साहित भी दिख रही है और इस समारोह का महिमामंडन करने के लिए आक्रामक रूप से रिपोर्टिंग कर रही है।

दो दिनों से भी कम समय में ‘द हिंदू’ ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और उसके सर्वोच्च नेता शी जिनपिंग की प्रशंसा वाले दो संपादकीय प्रकाशित किए गए हैं। इसमें से एक आर्टिकल जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के चीनी मामलों के विशेषज्ञ अलका आचार्य द्वारा लिखा गया है, जिसे 1 जुलाई को ‘द हिंदू’ ने प्रकाशित किया है।

नीचे दिए गए लेख में चीनी मामलों की ‘विशेषज्ञ’ अलका आचार्य ने शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को ‘कियांग कि लाई’ यानी एक मजबूत शक्ति होने के लिए बधाई दी है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला है कि शी ने नेतृत्व में कैसे सीपीसी ने बाहरी और आंतरिक दोनों संकटों से लड़ा है और हाल के दिनों में मजबूत हुआ है।

Image Source: The Hindu

ऐसा लगता है कि ‘द हिंदू’ ने पिछले सप्ताह से ही शताब्दी समारोह से संबंधित लेख प्रकाशित करके वास्तविक उत्सव से एक सप्ताह पहले ही शताब्दी समारोह मनाना शुरू कर दिया था। 26 जून को एक लेख प्रकाशित किया गया था जिसमें दावा किया गया था कि कैसे चीन की सत्तारूढ़ पार्टी – कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना डेंग शियाओपिंग के सामूहिक नेतृत्व के युग से आगे बढ़ते हुए शी जिनपिंग के नेतृत्व में माओ-प्रेरित मजबूत राजनीति की ओर चली गई। यह लेख अनंत कृष्णन द्वारा लिखा गया है।

इतना ही नहीं, हिंदू ने सीपीसी के उदय और उसके भविष्य पर चर्चा करने के लिए वर्षगाँठ के अवसर पर एक पॉडकास्ट भी प्रकाशित किया है। हिंदू से जुड़े चीन के ‘विशेषज्ञ’ अनंत कृष्णन ने यूनाइटेड किंगडम के एक अन्य चीनी मामलों के ‘विशेषज्ञ’ से बात की, जिसने खुद को राणा मित्तर बताया।

हालाँकि, यह कोई नहीं बता सकता कि इस आयोजन को लेकर चीनी आबादी कितनी उत्साहित है। फिर भी, कोई यह निष्कर्ष निकाल सकता है कि वामपंथी मीडिया आउटलेट ‘द हिंदू’ निश्चित रूप से समारोहों को लेकर बहुत रोमांचित है, क्योंकि यह इसकी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।