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‘अपनी मर्जी से मंतोष सहनी के साथ गई, कोई जबरदस्ती नहीं’ – फजीलत खातून ने मधुबनी अपहरण मामले पर लगाया विराम

बिहार के मधुबनी जिले के बिस्फी थाना क्षेत्र के बलहा घाट निवासी फजीलत खातून के कथित अपहरण मामले में नया मोड़ आया है। फजीलत खातून ने इस मामले में वीडियो जारी कर बताया कि वो अपनी मर्जी से दलित लड़के मंतोष सहनी के साथ भागी है।

वीडियो में फजीलत ने बयान देते हुए कहा, “मैं अपनी और अपनी मम्मी-पापा की मर्जी से मंतोष सहनी के साथ भागी हूँ। मेरे साथ कोई जोर-जबरदस्ती नहीं की गई। मुझे किसी ने अपहरण नहीं किया है। मेरे मम्मी-पापा हमेशा मुझे डाँटते रहते थे और कहते थे कि मंतोष सहनी के साथ भाग जा। वह बहुत पैसा वाला है, तुझे बहुत खुश रखेगा। मेरी मम्मी लोगों के बहकावे में आकर केस की है। वह मुझे फँसाना चाहती है, ताकि किसी भी तरह से मेरा घर बर्बाद हो और मैं उससे अलग हो जाऊँ।”

फजीलत ने आगे बताया, “मैं दो बार घर से भागी थी। पहली बार मंतोष मुझे वापस घर-परिवार के पास छोड़ गया। इसके बाद मम्मी मुझे टॉर्चर करने लगी कि क्यों आई घर पर। नहीं ले गया तुझे? फिर से भाग जा। इसके बाद वह मुझे मारने-पीटने लगी, गालियाँ देने लगी। बोलने लगी कि चली जा, क्यों आई है। फिर मैंने मंतोष सहनी को चलने के लिए बोला। वो नहीं आ रहे थे, फिर भी मैं उनको जबरदस्ती लेकर आई। पुलिस प्रशासन से निवेदन है कि वह मंतोष सहनी के घर-परिवार पर कोई कार्रवाई न करें। मैं अपनी म्ममी-पापा और चाचा-चाची के कहने पर आई हूँ। अब मैं वापस नहीं जाऊँगी, जाएगी तो लाश ही।”

उल्लेखनीय है कि आरोप लगाया जा रहा है कि मंतोष सहनी सहित कुल 4 लड़कों ने फजीलत खातून का अपहरण कर लिया। इस मामले में मजलिस मधुबनी बिस्फी की टीम  ने ‘पीड़ित’ परिवार से मिल कर परिवार को न्याय दिलाने और परिवार के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही AIMIM बिहार के स्थानीय नेता लड़की के परिवार से मिल कर सख्त कार्रवाई की माँग की।

AIMIM ने इस बाबत प्रेस कॉन्फ्रेंस भी किया। हालाँकि अब फजीलत के बयान से पूरा मामला साफ होता नजर आ रहा है कि उसके साथ साथ किसी तरह की जोर-जबरदस्ती नहीं की गई। वो अपने परिवार की मर्जी से मंतोष सहनी के साथ गई। 

चित्रकूट का पर्वत जो श्री राम के वरदान से बना कामदगिरि, यहाँ विराजमान कामतानाथ करते हैं भक्तों की हर इच्छा पूरी

भगवान राम ने अपने वनवास के दौरान लगभग 11 वर्ष मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित चित्रकूट में गुजारे। इस दौरान उनके साथ अनेकों साधु-संतों ने चित्रकूट को ही अपनी साधना स्थली बना लिया। यही कारण है कि चित्रकूट एक प्रमुख तीर्थ स्थल माना जाता है, विशेषकर भगवान राम से जुड़े हुए तीर्थ स्थानों में। हालाँकि चित्रकूट सबसे अधिक अपने उस विशेष मंदिर के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ भगवान राम के ही स्वरूप कामतानाथ विराजमान हैं और जहाँ भक्तों की सभी इच्छाएँ पूरी होती हैं। चित्रकूट का यह प्रसिद्ध मंदिर स्थित है कामदगिरि पर्वत की तलहटी में, जिसकी परिक्रमा करने के लिए देश के कोने-कोने से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं का आना-जाना होता रहता है।

कामदगिरि की परिक्रमा की शुरुआत होती है, चित्रकूट के प्रसिद्ध रामघाट में स्नान के साथ। रामघाट, मंदाकिनी और पयस्वनी नदी के संगम पर स्थित है। यह वही घाट है, जहाँ भगवान राम ने अपने पिता राजा दशरथ का पिंडदान किया था। श्रद्धालु इसी घाट पर स्नान करके कामतानाथ मंदिर में भगवान के दर्शन करते हैं और कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा प्रारंभ करते हैं। यह परिक्रमा 5 किलोमीटर की है, जिसे पूरा करने में लगभग डेढ़ से दो घंटे का समय लगता है।

पर्वत को मिला था भगवान राम से आशीर्वाद

त्रेतायुग में जब भगवान राम, माता सीता और अनुज लक्ष्मण सहित वनवास के लिए गए तो उन्होंने अपने 14 वर्षों के वनवास में लगभग साढ़े 11 वर्ष चित्रकूट में व्यतीत किए। इस दौरान चित्रकूट साधु-संतों और ऋषि-मुनियों की पसंदीदा जगह बन गया। इसके बाद भगवान राम ने चित्रकूट छोड़ने का निर्णय लिया।

उनके इस निर्णय से चित्रकूट पर्वत दुःखी हो गया और भगवान राम से कहा कि जब तक वो वनवास के दौरान यहाँ रहे, तब तक यह भूमि अत्यंत पवित्र मानी जाती रही लेकिन उनके जाने के बाद इस भूमि को कौन पूछेगा? इस पर भगवान राम ने पर्वत को वरदान दिया और कहा, “अब आप कामद हो जाएँगे और जो भी आपकी परिक्रमा करेगा उसकी सारी मनोकामनाएँ पूरी हो जाएँगी और हमारी कृपा भी उस पर बनी रहेगी।“ इसी कारण इसे पर्वत कामदगिरि कहा जाने लगा और वहाँ विराजमान हुए कामतानाथ भगवान राम के ही स्वरूप हैं। कामदगिरि की एक विशेषता है कि इसे कहीं से भी देखने पर इसका आकार धनुष की भाँति ही दिखाई देता है।

परिक्रमा मार्ग पर हैं अनेक प्राचीन मंदिर

कामदगिरि पर्वत के परिक्रमा मार्ग में कई प्रसिद्ध मंदिर भी स्थित हैं। उनमें से एक है चरण-पादुका मंदिर या भरत मिलाप मंदिर। यह वही स्थान है, जहाँ भगवान राम के छोटे भाई भरत उन्हें अयोध्या वापस ले जाने के लिए आए थे लेकिन भगवान राम ने वनवास पूरा करना ही स्वीकार किया। इस पर भरत ने भगवान राम की चरण पादुकाएँ माँग ली थी और यह घोषणा की थी भगवान राम की अनुपस्थिति में राजसिंहासन पर ये चरण पादुकाएँ ही सुशोभित होंगी।

इसके अलावा परिक्रमा मार्ग में राम-मुहल्ला, साक्षी गोपाल मंदिर, पीली कोठी और मुखारबिंदु भी स्थित हैं। परिक्रमा मार्ग में कई प्रकार की वस्तुओं और खाने-पीने की दुकानें भी स्थित हैं। कामदगिरि पर्वत की प्रमुख विशेषता है कि यहाँ चार दिशाओं में कामदगिरि के घने जंगल से बाहर निकालने के लिए चार अलग-अलग द्वार बनाए गए हैं। 

कामदगिरि पर्वत और कामतानाथ मंदिर के अलावा चित्रकूट में सती अनुसुईया, लक्ष्मण पहाड़ी, हनुमान धारा, सीता रसोई और गुप्त गोदावरी जैसे पवित्र स्थान भी स्थित हैं। कामदगिरि का परिक्रमा मार्ग उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित है या यूँ कहें कि परिक्रमा का आधा हिस्सा यूपी में आता है और आधा एमपी में।

कैसे पहुँचे?

कामदगिरि पहुँचने के लिए सबसे नजदीकी हवाईअड्डा खजुराहो है, जिसकी दूरी मंदिर से लगभग 175 किमी है। खजुराहो से बस अथवा टैक्सी के माध्यम से कामदगिरि पहुँचा जा सकता है। ट्रेन से कामदगिरि पहुँचने के दो माध्यम हैं, पहला है चित्रकूट का कर्वी स्टेशन जिसकी मंदिर से दूरी लगभग 12 किमी है और दूसरा है सतना जंक्शन जो मंदिर से लगभग 77 किमी की दूरी पर स्थित है। सड़क मार्ग से भी चित्रकूट पहुँचना काफी आसान है। एमपी में सतना जिला (जहाँ चित्रकूट स्थित है) सभी प्रमुख बड़े शहरों से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। साथ ही यूपी के हिस्से का चित्रकूट भी सड़क मार्ग से प्रयागराज, कानपुर और दूसरे शहरों से सड़क के माध्यम से जुड़ा हुआ है।

तीसरा निकाह करना चाहता था मस्जिद का मौलवी, पहली बीवी ने छूरी से गुप्तांग पर किया हमला; मौत

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक मौलवी को तीसरी बीवी की चाहत कुछ ऐसी हुई कि उसकी जान ही चली गई। निकाह की जिद करने पर पहली बीवी ने मौलवी के प्राइवेट पार्ट पर छूरी से हमला कर दिया, जिससे मौलवी की मौत हो गई। पुलिस ने हत्या के आरोप में मौलवी की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना मुजफ्फरनगर के भौराकला थाना क्षेत्र के शिकारपुर गाँव की है। भौराकला थानाध्यक्ष जीतेंद्र तेवतिया ने घटना की जानकारी देते हुए कहा कि बुधवार (23 जून 2021) को यह जानकारी मिली कि एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। उसे उसके परिवार के सदस्य दफनाने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस ने वहाँ पहुँचकर मृत व्यक्ति की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जहाँ उसके शरीर पर चोट के निशान और प्राइवेट पार्ट में गंभीर घाव की जानकारी सामने आई। मृतक की पहचान वकील अहमद के रूप में हुई जो भौरा खुर्द गाँव की एक मस्जिद में मौलवी था।

पुलिस ने मृतक की पहली पत्नी हाजरा से पूछताछ की, जिसने हत्या की बात कबूल कर ली। हाजरा ने पुलिस को बताया कि मृतक मौलवी वकील अहमद ने पहले ही दो निकाह कर रखे थे। पहली पत्नी हाजरा ही थी। दोनों की 5 बेटियाँ थीं, जिनमें से एक बेटी अविवाहित थी। मौलवी ने दूसरा निकाह भी कर लिया, लेकिन दूसरी पत्नी 6 महीने में ही उसे छोड़ गई। हाजरा ने पुलिस को बताया कि मौलवी तीसरा निकाह करने की बात कर रहा था, जबकि हाजरा चाहती थी कि उसकी अविवाहित बेटी का निकाह पहले हो।

इसी बात पर दोनों के बीच बुधवार को झगड़ा हो गया। हाजरा ने पुलिस के सामने मौलवी के साथ मारपीट करने और उसके प्राइवेट पार्ट पर छूरी से हमला करने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने हाजरा को हत्या में इस्तेमाल की गई छूरी के साथ गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया है।  

फतेहपुर के अंग्रेजी मीडियम स्कूल में हिंदू बच्चे पढ़ते थे नमाज: महिला टीचर ने खोली मौलाना उमर गौतम के धर्मांतरण गैंग की पोल

उत्तर प्रदेश ATS ने जबसे मूक-बधिर बच्चों और महिलाओं का धर्मांतरण करने वाले गैंग का पर्दाफाश कर गिरफ्तारी की है लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। गिरफ्तार किए गए मौलाना में से एक मोहम्मद उमर गौतम को लेकर फतेहपुर के एक स्कूल में अंग्रेजी की टीचर रही कल्पना सिंह ने नया खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि उन पर भी धर्मांतरण का दबाव बनाया गया था। हिंदू बच्चों को उर्दू और अरबी पढ़ाने का विरोध करने पर उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया था।

फतेहपुर की कल्पना सिंह के अनुसार वह नूरुल हुदा इंग्लिश मीडियम स्कूल अंग्रेजी की टीचर थीं। उन्होंने बताया कि उनके स्कूल में भी उमर गौतम का आना-जाना लगा रहता था। फरवरी 2020 में भी वह स्कूल आया था। उसके साथ 20-25 अन्य मौलाना भी थे। उन मौलानाओं ने कल्पना पर भी धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया था।

कल्पना ने बताया कि मौलानाओं ने कहा था, “आप लोग हमारे धर्म में आ जाइए, आपको बेटर फील होगा। आपको अंधविश्वास में रखा गया है। एक वन-वन भटकने वाले को भगवान बना दिया है। राम एक साधारण इंसान था जिसे भगवान बना दिया गया है।” कल्पना से यह भी कहा गया यदि वह इस्लाम कबूल करने के लिए राजी हो जाती हैं तो उनकी पूरी आर्थिक सहायता की जाएगी।

इसके अलावा कल्पना ने जानकारी दी कि स्कूल में हिन्दू बच्चों को उर्दू और अरबी पढ़ाई जा रही थी जिसका उन्होंने विरोध किया। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने उन्हें बाहर निकाल दिया। उन्होंने यह भी दावा किया है कि स्कूल में मुस्लिम बच्चों के साथ हिन्दू बच्चों को भी नमाज पढ़वाई जाती थी। इसका विरोध करने पर स्कूल प्रबंधन के द्वारा उनकी बेइज्जती की गई थी।

कल्पना ने 19 मार्च 2021 को सदर कोतवाली थाने में स्कूल प्रशासन के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में कल्पना ने बताया था कि हिन्दू बच्चों को उर्दू और अरबी पढ़ाने का विरोध करने पर नूरुल हुदा स्कूल के प्रबंधक शरीफ मौलाना और उसके बेटे उमर शरीफ ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायत में यह भी बताया था कि उनका साल भर का 72,000 रुपए वेतन भी नहीं दिया गया और उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया। कल्पना सिंह ने आईपीसी की धारा 406, 504 और 506 के तहत शिकायत दर्ज कराई थी।

कल्पना सिंह की शिकायत पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर
कल्पना सिंह की शिकायत पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर

ज्ञात हो कि यूपी ATS ने मूक बाधिर छात्रों व कमजोर आय वर्ग के गरीबों-असहायों को धन, नौकरी व शादी करवाने का प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने वाले एक बड़े गिरोह के दो मौलानाओं को गिरफ्तार किया था। इन दोनों पर अब तक करीब 1000 मूक बधिर, महिलाएँ और बच्चों को निशाना बनाकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है। यही नहीं, इस मामले में यूपी पुलिस ने आईएसआई और विदेशी फंडिंग होने का शक भी जताया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये इस्लामी गिरोह ब्रेनवाश के जरिए हिंदुओं का धर्मांतरण कराते थे। गिरफ्तार आरोपितों में मुफ्ती काजी जहाँगीर आलम कासमी और मोहम्मद उमर गौतम शामिल हैं। उमर गौतम का खुद इस्लामीकरण हुआ था।

इजरायल दूतावास ब्लास्ट: दिल्ली पुलिस ने कारगिल के 4 युवकों को किया गिरफ्तार, स्पेशल सेल कर रही पूछताछ

राष्ट्रीय राजधानी स्थित इजरायल दूतावास के बाहर ब्लास्ट के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के कारगिल से चार युवकों को गिरफ्तार किया है। इन्हें कारगिल से ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इजरायल दूतावास के बाहर हुए विस्फोट के सिलसिले में चार छात्रों से पूछताछ कर रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने इन चार लोगों को बुधवार (23 जून 2021) को गिरफ्तार किया। इनकी उम्र 21 से 25 साल के बीच है। ये सभी मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं और कॉलेज के छात्र हैं। स्पेशल सेल के बाद एनआईए भी इनसे पूछताछ कर सकती है। 

इससे पहले इस मामले की जाँच कर रही राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने 15 जून 2021 को दो संदिग्धों का सीसीटीवी फुटेज जारी किया था। इसमें दो संदिग्ध दूतावास के बाहर जाते हुए दिखाई दिए थे। एनआईए ने इन संदिग्धों की पहचान बताने वालों को 10 लाख रुपए का इनाम देने घोषणा की थी।

NIA ने ट्वीट कर कहा था, “इन व्यक्तियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जानकारी देने पर 10 लाख रुपए (प्रत्येक के लिए) की नकद राशि इनाम में दी जाएगी। अगर आप किसी को पहचानते हैं तो [email protected], [email protected] या 011-24368800 और 9654447345 पर जानकारी दें।” NIA ने आरोपितों के वीडियो और फोटो के लिए गूगल ड्राइव का लिंक भी शेयर किया था।

गौरतलब है कि लुटियंस दिल्ली में 29 जनवरी 2021 की शाम को इजरायल के दूतावास के बाहर बम विस्फोट हुआ था। इसके बाद पूरी दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया था। खासकर, एयरपोर्ट्स और सरकारी इमारतों की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। पेवमेंट के निकट हाई-सिक्योरिटी जोन में हुए इस धमाके में आसपास खड़ी गाड़ियों के शीशे फूट गए थे। CISF (केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) ने महत्वपूर्ण स्थलों पर सुरक्षा कड़ी कर दी थी।

घटना के समय यहाँ से कुछ ही दूरी पर राजपथ पर स्थित एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी चल रही थी। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत कई वीवीआईपी धमाके वाली जगह से महज 2 किलोमीटर दूर मौजूद थे। एक गमले में डाले गए IED को सड़क पर रख दिया गया, जिसे धमाके का कारण माना गया था। बता दें कि इजरायल ने इसे आतंकी हमला माना था। हालाँकि, धमाके में कोई हताहत नहीं हुआ था। भारत में इजरायल के राजदूत रॉन मलका ने कहा था कि इस हमले को अंजाम देने वाले अपराधियों और उनका मकसद पता लगाने के लिए हम भारतीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

‘सत्यनारायण और भागवत कथा फालतू, हिजड़ों की तरह बजाते हैं ताली’: AAP नेता का वीडियो वायरल

आम आदमी पार्टी (AAP) की गुजरात इकाई के नेता गोपाल इटालिया का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें उन्हें ब्राह्मणों और हिन्दू परंपराओं का अपमान करते हुए देखा जा सकता है।

वायरल वीडियो में AAP नेता कह रहे हैं, “मैं जो कहता हूँ अगर वो आपको सही नहीं लगे तो मुझे ब्लॉक कर दो क्योंकि मुझे आपकी जरूरत नहीं। लोग सत्यनारायण कथा और भागवत कथा जैसी अवैज्ञानिक और फालतू की चीजों पर पैसा और समय बर्बाद कर देते हैं। इसके बाद भी लोगों को यह नहीं पता चलता कि उन्हें ऐसा करके क्या हासिल हुआ। वे दूसरों का समय भी बर्बाद कर देते हैं। अगर हम 5 पैसे भी ऐसी फालतू चीजों पर खर्च कर देते हैं तो हमें मनुष्य की तरह जीने का अधिकार भी नहीं है।”

हिन्दू मान्यताओं का अपमान करते हुए इटालिया ने कहा कि जो इन सत्संग और कथा में शामिल होते हैं वो हिजड़ों के जैसे तालियाँ बजाते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे ऐसे लोगों पर शर्म आती है। जो मैं कहता हूँ वह आपको अगर अच्छा न लगे तो मुझे ब्लॉक कर दीजिए। लेकिन हमें उनकी जरूरत नहीं है जो संस्कृति और प्रथाओं के नाम पर हिजड़ों की तरह ताली बजाते हैं। कुछ साधु स्टेज से फालतू बातें करेंगे और हम हिंजड़ों की तरह ताली बजाएँगे।”

हिंदू परंपराओं को अपमानित करने का एक और वीडियो

इटालिया का एक और वीडियो वायरल हुआ है जहाँ उसके द्वारा हिन्दू परंपराओं के बारे में अनाप-शनाप बातें कही जा रही हैं। इटालिया ने दावा किया कि अमीर व्यापारी कथा और सत्संग के नाम पर लोगों से पैसे लूटते हैं। इटालिया ने कहा, “ये कथाकार सिर्फ सूरत में ही कथाएं क्यों करते हैं? अगर तुम इतने ही बड़े हो तो जाकर सीमा पर कथा करो। पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमा पर जाकर कथा करो लेकिन यहाँ के लोगों को छोड़ दो।”

अभी तक इटालिया की इन वीडियो पर प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन यह पहली बार नहीं है जब AAP नेता ने हिन्दू मान्यताओं का अपमान किया हो। AAP सुप्रीमो अरविन्द केजरीवाल का एक ट्वीट भी वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने हिंदुओं के पवित्र चिह्न का अपमान किया था। केजरीवाल ने एक फोटो पोस्ट किया था जिसमें यह दिखाया गया था कि हिंदुओं के पवित्र चिह्न स्वास्तिक जैसे एक निशान के पीछे एक आदमी झाड़ू लेकर दौड़ रहा है।

इसके अलावा केजरीवाल ने ही एक कार्टून पोस्ट किया था जिसमें हनुमान जी का भी अपमान किया गया था। इस पोस्ट में दिखाया गया था कि पूँछ में आग लगाए हुए एक व्यक्ति पीएम मोदी से कह रहा है, “डन सर, सारा ध्यान जेएनयू की तरफ है।” कार्टून के जरिए यह बताने की कोशिश की गई थी कि वह व्यक्ति जेएनयू में आग लगाकर आ रहा है।   

जम्मू-कश्मीर: PM मोदी का ग्रासरूट डेमोक्रेसी पर जोर, जानिए राज्य का दर्जा और विधानसभा चुनाव कब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज (24 जून 2021) को जम्मू-कश्मीर पर एक बैठक हुई। इसमें आठ दलों के 14 नेताओं ने शिरकत की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी बैठक में मौजूद थे। इस दौरान प्रधानमंत्री ने केंद्र शासित प्रदेश में लोकतंत्र की मजबूती और सर्वांगीण विकास पर जोर दिया। बैठक के दौरान राज्य का दर्जा देने और विधानसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई।

करीब तीन घंटे चली बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि आपसी चर्चा करना ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने कहा कि वे ‘दिल्ली की दूरी’ और ‘दिल की दूरी’ को मिटाना चाहते हैं।जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विधानसभा चुनाव कराना उनकी प्राथमिकता में है।

उन्होंने कहा, “मैंने सभी नेताओं को कहा है कि यह जम्मू और कश्मीर के लोग ही हैं जिन्हें वहाँ का राजनैतिक नेतृत्व प्रदान किया जाना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उनकी महत्वाकांक्षाएँ पूरी हों।” पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू और कश्मीर में लोकतंत्र की बहाली सबसे पहली प्राथमिकता है। यह सुनिश्चित किया जाए कि परिसीमन की प्रक्रिया तेजी से पूर्ण हो जिससे चुनाव संपन्न हो सकें और जम्मू-कश्मीर को एक निर्वाचित सरकार मिल सके।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम सभी जम्मू और कश्मीर के बेहतर भविष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं और बैठक में सभी ने लोकतंत्र और संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने यह भी कहा कि जैसा कि संसद में यह वादा किया गया था कि जम्मू और कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान किया जाएगा, यह तभी संभव है जब केंद्र शासित प्रदेश में परिसीमन और शांतिपूर्ण चुनाव की प्रक्रिया संपन्न हो सके।

कॉन्ग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने बैठक समाप्त होने के बाद कहा कि लगभग 80% पार्टियों ने अनुच्छेद 370 के बारे में चर्चा की लेकिन यह मुद्दा न्यायालय में है। उन्होंने कहा कि उनकी माँग यह है कि जम्मू-कश्मीर में चुनावों के माध्यम से लोकतंत्र की बहाली हो और जम्मू -कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कश्मीरी पंडितों का पुनर्वास हो और सभी राजनैतिक कैदी रिहा किए जाएँ।

हालाँकि अपने स्वभाव के अनुसार पीडीपी की महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला ने अनुच्छेद 370 हटाने का विरोध किया। उन्होंने बैठक के बाद मीडिया से चर्च करते हुए अनुच्छेद 370 पर अपनी बात रखी। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि 5 अगस्त 2019 को जो हुआ वो अस्वीकार्य है और वो कोर्ट में इसकी लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा पीएम मोदी को बता दिया गया है कि लड़ाई जारी रहेगी। कुछ ऐसे निर्णय हैं जो जम्मू -कश्मीर के हित में नहीं हैं और उन्हें पलटने की जरूरत है।

वहीं महबूबा मुफ्ती ने कहा कि 5 अगस्त 2019 के बाद से जम्मू-कश्मीर के लोग बहुत मुश्किल में हैं। जिस असंवैधानिक और गैर-कानूनी तरीके से अनुच्छेद 370 को हटाया गया है, जम्मू-कश्मीर के लोग कभी भी उसका समर्थन नहीं करेंगे। मुफ्ती ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर की शांति के लिए उन्हें (पीएम मोदी) पाकिस्तान से बात करनी चाहिए और पाकिस्तान के साथ व्यापार शुरू करने का भी प्रयास करना चाहिए।

अन्य नेताओं ने भी बैठक में अपने-अपने विचार रखे। सभी ने जम्मू और कश्मीर में शांति और लोकतंत्र की बहाली सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की। गौरतलब है कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र ने जम्मू-कश्मीर का स्पेशल स्टेट्स खत्म कर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया था। इसके बाद विभिन्न दलों के साथ केंद्र सरकार की इस तरह की यह पहली बैठक थी जिसमें जम्मू-कश्मीर के चार पूर्व मुख्यमंत्री ने शिरकत की। 

दुबई एयरपोर्ट पर नौकरी, मोटी सैलरी का लालच: रिटायर्ड फौजी की बेटी रेणु बन गई आयशा अल्वी

उत्तर प्रदेश में इस्लामी धर्मांतरण के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद शाहजहाँपुर से धर्म परिवर्तन का एक अनोखा मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाहजहाँपुर जिले के तिलहर तहसील क्षेत्र के एक गाँव के रिटायर फौजी की बेटी ने दुबई एयरपोर्ट पर ज्यादा सैलरी के लालच में इस्लाम अपना लिया।

रेणु गंगवार से आयशा अल्वी बनी युवती रिटायर फौजी की तीन बेटियों में सबसे बड़ी है। उसने बीए पास करने के बाद दिल्ली में एयर होस्टेस का कोर्स किया था, लेकिन यहाँ उसे एयर होस्टेस की नौकरी नहीं मिल सकी। युवती ने बताया कि वह करीब दो साल से दिल्ली एयरपोर्ट पर टिकट रूम में नौकरी कर रही थी। दुबई में जॉब करने के लिए उसने धर्म परिवर्तन कराया। उसका कहना है कि मुस्लिम होने पर दुबई में एडवांटेज मिलता है। इसके साथ ही उसने कहा कि भारत में कम सैलरी है, जबकि दुबई के एयरपोर्ट में नौकरी करने पर अधिक सैलरी मिलती है।

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक जब युवती दिल्ली एयरपोर्ट के टिकट रूम में जॉब कर रही थी, उस दौरान वहाँ काम करने वाले एक मुस्लिम युवक ने उसे अपनी बातों में फँसाना शुरू कर दिया था। उसे बताया गया कि दुबई एयरपोर्ट पर मुस्लिम लड़कियों को बहुत सुविधाएँ दी जाती हैं, साथ ही मोटी सैलरी भी दी जाती है। इसके वजह से वह मुस्लिम बनने को तैयार हो गई। युवती को 27 मई 2021 को दिल्ली में इस्लाम धर्म कबूल करवाया गया। इस्लाम कबूल करने के बाद युवती ने अपना नाम बदल कर आयशा अल्वी रख लिया।

फिलहाल, युवती के इस बयान पर किसी को भी यकीन नहीं हो रहा है कि वह दुबई में जॉब करने के लिए हिंदू से मुस्लिम बन गई। युवती का कहना है कि उसे इस बात का कोई पछतावा नहीं है। बताया जा रहा है कि पिछले महीने ही उसकी शादी हिंदू लड़के से हुई थी, जो मुंबई में नौकरी कर रहा है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश एटीएस ने सोमवार (21 जून 2021) को मूक-बधिर छात्रों व कमजोर आय वर्ग के गरीबों-असहायों को धन, नौकरी व शादी करवाने का प्रलोभन देकर धर्मान्तरण कराने वाले एक बड़े गिरोह के दो मौलानाओं मोहम्मद उमर गौतम और जहाँगीर कासिम को गिरफ्तार किया था। इन दोनों पर अब तक करीब 1,000 मूक-बधिर, महिलाएँ और बच्चों को निशाना बनाकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है। इस मामले में यूपी पुलिस ने आईएसआई और विदेशी फंडिंग होने का शक भी जताया था।

कुत्ते को ईंट मार फिरोज ने खड़ा किया फसाद: बागपत के गाँव में हिंसा, पुलिस तैनात

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के एक गाँव में कुत्ते को ईंट मारने से शुरू हुआ विवाद दो पक्षों के बीच संघर्ष में तब्दील हो गया। इस दौरान हथियार भी लहराए गए। इसमें दो महिला समेत चार लोग घायल हो गए। तनाव को देखते हुए गाँव में पुलिस की तैनाती की गई है।

घटना बुधवार (23 जून 2021) की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बागपत जिले के बालैनी थानाक्षेत्र के दत्तनगर गाँव में हुए संघर्ष के दौरान दोनों ओर से पथराव किया गया। धारदार हथियारों का भी इस्तेमाल हुआ। दोनों पक्षों ने बालैनी थाने पर शिकायत दर्ज कराई है।

एक पक्ष का आरोप है कि दूसरे वर्ग के लोगों ने तलवार व तमंचे लहराए और धार्मिक व भड़काऊ नारे लगाए। मामला दो समुदायों का होने से गाँव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने इस मामले में एक पक्ष से जोगेंद्र और दूसरे पक्ष से अल्ताफ व फिरोज को गिरफ्तार कर शांतिभंग की धारा में चालान किया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार (23 जून 2021) की सुबह दत्तनगर गाँव में जोगेंद्र गिरी के मकान के सामने बैठे कुत्ते को पास के रहने वाले फिरोज ने ईंट मार दी। ईंट गिरी के मकान के अंदर जा गिरी। इसको लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई, जो कुछ देर बाद मारपीट में बदल गई। शोर-शराबा सुनकर दोनों पक्षों के दर्जनों लोग मौके पर दौड़ पड़े और दोनों ओर से पथराव किया जाने लगा।

आरोप है कि फिरोज के पक्ष के कुछ युवकों ने धारदार हथियार से दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया, जिससे वहाँ चीख-पुकार मच गई। इसमें जोगेंद्र पक्ष की महिला यशोदा, सविता, सागर व अनिल गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। अन्य लोग भी चोटिल हुए हैं और कई लोगों ने तो भागकर अपनी जान बचाई। ​इन सभी को पुलिस ने पिलाना सीएचसी में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने के चलते उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।

बालैनी थाना प्रभारी नरेश कुमार का कहना है कि इस मामले में जोगेंद्र की तहरीर पर एनसीआर दर्ज की गई है। एक पक्ष से जोगेंद्र व दूसरे पक्ष से अल्ताफ व फिरोज को गिरफ्तार कर शांतिभंग में चालान किया गया है। एहतियातन गाँव में पुलिस बल तैनात है।

बच्चों के खेलने को लेकर दो पक्षों में मारपीट

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, उसी दिन या​नी बुधवार (23 जून) को ही चाँदीनगर थानाक्षेत्र के खट्टा प्रहलादपुर गाँव में बच्चों के खेलने को लेकर दो पक्षों में मारपीट हो गई। यामीन के बच्चे सरकारी नल के निकट खेल रहे थे, जिसका टिंकू पक्ष ने विरोध किया। इसको लेकर पहले दोनों पक्षों में पहले कहासुनी हुई और बाद में यह मारपीट में बदल गई। इसके बाद दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले, जिसमें दोनों पक्षों की ओर से यामीन, खलील और टिंकू घायल हो गए।

शबाना आजमी से ऑनलाइन ठगी: पैसा भी ले लिया और शराब भी नहीं दिया, अब फोन भी नहीं उठा रहे

बॉलीवुड अभिनेत्री शबाना आजमी ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गई हैं। उन्होंने शराब की डिलिवरी करने वाली एक जानी-मानी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के नाम पर ऑर्डर किया। एडवांस में पेमेंट भी कर दिया। लेकिन, उन्हें डिलिवरी नहीं मिली। धोखाधड़ी का अहसास होने पर आजमी ने ट्वीट कर पूरे मामले की जानकारी दीहै और मुंबई पुलिस से कार्रवाई की माँग की।

ट्वीट में बताया है कि उन्होंने Living Liquidz से कुछ सामान ऑर्डर किया था। उसका एडवांस में पेमेंट भी कर दिया। जब सामान की डिलीवरी नहीं हुई तो उन्होंने फोन किया। लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं किया जा रहा है।

ट्वीट में आजमी ने पेटीएम पेमेंट बैंक के उस एकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड की जानकारी दी जिस पर पैसा भेजा था। साथ ही फैंस से ऐसे धोखेबाजों से सावधान रहने को भी कहा है। आजमी ने यह नहीं बताया है कि उन्होंने कितना भुगतान किया है। कई यूजर्स ने उन्हें पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है। उन्हें बताया है कि अक्सर शराब स्टोर्स के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले अपना कॉन्टैक्ट नंबर दर्ज कर देते हैं जिससे लोग धोखाधड़ी के शिकार हो जाते हैं।

बाद में ट्वीट कर उन्होंने बताया कि उनकी Living Liquidz के मालिक से बात हुई है। उन्होंने बताया है कि उनके साथ फ्रॉड करने वालों का Living Liquidz से कोई लेना-देना नहीं है।  

ज्ञात हो कि जिस Living Liquidz की बात शबाना आजमी कर रही हैं वह मुंबई का एक प्रसिद्ध एल्कोहल डिलीवरी प्लेटफॉर्म है। यहाँ खरीददार स्पिरिट, वाइन, बियर, आरटीडी और मिक्सर जैसी वस्तुओं का ऑर्डर से सकते हैं।